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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 21 April 2023

Published 21 April 2023

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2023-04-21.341
Languages
English, Hindi

(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध

;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध

1 1945 ;0द्ध

(0 341) ए ;बपकरू272द्धए 21 ;बपकरू292द्ध 2023

सं0-ए/उग्रवादियों का प्रत्यर्पण (51)-01/2019/4046-A गृह विभाग (विषेष शाखा) ——— ladYi 31 ekpZ 2023

विषयः-वामपंथी उग्रवादियों के समर्पण सह-पुनर्वासन (Surrender-cum-Rehabilitation) के लिए नीति निर्धारण के संबंध में।

वामपंथी उग्रवादियों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए संकल्प ज्ञापांक-2705, दिनांक-23.11.2001 के माध्यम से वामपंथी उग्रवादियों के समर्पण-सह-पुनर्वास हेतु नीति का निर्धारण किया गया। कालान्तर में उक्त नीति को गृह मंत्रालय, भारत सरकार की वामपंथी उग्रवादियों के समर्पण-सह-पुनर्वास योजना की मार्गदर्षिका के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11144, दिनांक-12.12.2013 के द्वारा प्रतिस्थापित किया गया, जो दिनांक-01.04.2013 से दिनांक-31.03.2016 तक प्रभावी थी। तत्पष्चात्‌ राज्य सरकार ने अपने संसाधन से वामपंथी उग्रवादियों के लिए समर्पण-सह-पुनर्वास योजना दिनांक-01.04.2016 से लागू की, जो विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10228, दिनांक-28.11.2017 द्वारा संसूचित है। पुनः वर्श 2017 में गृह मंत्रालय, भारत सरकार की सुरक्षा संबंधी व्यय योजना की मार्गदर्षिका के आलोक में विभागीय संकल्प संख्या-10228, दिनांक-28.11.2017 की कंडिका-5 (i) एवं 5 (iii) में देय वित्तीय लाभ का पुनर्निर्धारण विभागीय संकल्प संख्या-6062, दिनांक-02.07.2018 के माध्यम से किया गया।

2. उक्त संबंध में भारत सरकार, गृह मंत्रालय के पत्रांक-II-18015/12/2022-LWE-III दिनांक-29.08.2022 द्वारा पुनः प्राप्त दिषा-निदेष के आलोक मेें राज्य में सम्प्रति प्रभावी नीतियों को भारत सरकार के वामपंथी उग्रवादियों के प्रत्यर्पण-सह-पुनर्वास योजना से प्रतिस्थापित करने की आवष्यकता है।

3. इस योजना का उद्देष्य उन वामपंथी उग्रवादियों की सहायता करना है, जो हिंसा का त्याग कर आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ना चाहते है। यह योजना एक बहुउद्देष्यीय रणनीति का अंग है, जिसका कार्यान्वयन हिंसा करने वाले तवों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के समानान्तर किया जाएगा। यह योजना वामपंथी उग्रवाद से विमुख लोगों को रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करने से संबंधित है, जिससे वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें एवं पुनः वामपंथी उग्रवाद गतिविधियों में शामिल न हों।

4. तदालोक में वामपंथी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वासन योजना अन्तर्गत निम्नांकित उद्देष्यों की पूर्ति को ध्यान में रखा जाएगा :-

(i) वामपंथी उग्रवाद में फँसा महसूस कर रहे उग्रवादियों को वामपंथी उग्रवाद गतिविधियों से अलग करना।2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 21 ;बपकरू292द्ध 2023 (ii) इसे सुनिष्चित करना कि आत्मसमर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी पुनः वामपंथी आन्दोलन की ओर आकृश्ट न हों।

नोटः- सुनियोजित रणनीति के तहत आत्मसमर्पण कर इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक उग्रवादियों को आत्मसमर्पण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

5. पात्रता :-

(i) यह योजना उन वामपंथी उग्रवादियों पर प्रभावी होगी जो शस्त्र सहित/रहित समर्पण करते हैं। (ii) इस योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा गठित समर्पण-सह-पुनर्वासन समिति यथोचित जाँच कर पात्रता निर्धारित करेगी।

(iii) यह योजना लागू होने के पूर्व समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादियों पर प्रभावी नहीं होगी।

6. योजनान्तर्गत लाभ :-

(i) उच्च स्तरीय वामपंथी उग्रवादियों जैसे- (क) राज्य समिति के सदस्य, (ख) क्षेत्रीय समिति के सदस्य, (ग) केन्द्रीय समिति के सदस्य, (घ) पोलित ब्यूरो के सदस्य के समर्पण करने पर तात्कालिक सहायता के रुप में `5,00,000 (रुपये पाँच लाख मात्र) एवं मध्यम/निम्नस्तरीय वामपंथी उग्रवादियों जैसे- (क) एरिया कमान्डर, (ख) उपक्षेत्रीय कमान्डर, (ग) क्षेत्रीय कमान्डर, (घ) जाँच-सह-पुनर्वासन समिति द्वारा इंगित अन्य हार्डकोर वामपंथी उग्रवादी को `2,50,000 (रुपये दो लाख पचास हजार) देय होगी। इस राषि को आत्मसमर्पित के नाम से सावधि जमा के रुप में बैंक में रखा जायेगा, जो आत्मसमर्पण करने की तिथि से 3 (तीन) साल पूरा करने पर देय होगा, बषर्ते उसके अच्छे व्यवहार के लिए पुलिस महानिदेषक द्वारा राज्य सरकार से अनुषंसा की गयी हो।  किसी विषिश्ट गुणवता के समर्पण के मामले में जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक राषि देने पर विचार किया जाना है, के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार को अलग से प्रस्ताव भेजा जाएगा।

क्र0 हथियार प्रोत्साहन राषि
1 एल0एम0जी0/जी0पी0एम0जी0/पीका/आर0पी0जी0/स्नाइपर रायफल/रॉकेट प्रक्षेपक/ समानांतर हथियार `35,000 प्रत्येक हथियार
2 ए0के0 47/56/74 रायफल `25,000 प्रत्येक हथियार
3 पिस्टल/रिवाल्वर/एस0एल0आर0/कार्बाइन/स्टेनगन/.303 `10,000 प्रत्येक हथियार
4 रॉकेट `1,000 प्रत्येक हथियार
5 ग्रेनेड/हैंड ग्रेनेड/स्टिक ग्रेनेड `500 प्रत्येक हथियार
6 रिमोट कंट्रोल उपकरण `3,000 प्रत्येक उपकरण
7 एम्यूनिषन सभी प्रकार के `3 प्रत्येक
8 आई0ई0डी0 (Improvised Explosive Device) `1,000 प्रत्येक
9 माइन्स `3,000 प्रत्येक
10 विस्फोटक सामग्री `1,000 प्रति किलोग्राम
11 वायरलेस सेट (अ) कम रेंज (ब) ज्यादा रेंज `1,000 प्रति सेट `5,000 प्रति सेट
12 सेटेलाईट फोन `10,000 प्रति सेट
13 वी0एच0एफ0/एच0एफ0 कम्यूनिकेषन सेट `5,000 प्रति सेट
14 इलेक्ट्रोनिक डेटोनेटर्स अन्य डेटोनेटर्स `50 प्रत्येक `10 प्रत्येक

साल बाद देय होगी, बषर्ते उसके अच्छे व्यवहार के लिए पुलिस महानिदेषक द्वारा अनुमोदन किया गया हो।

(iii) इस योजना के अंतर्गत पात्रता रखनेवाले को उसकी रुचि के अनुसार रोजगारोन्मुखी प्रषिक्षण दिया जायेगा। उन्हें अधिकतम 36 माह तक `10,000 प्रति माह भाा (Stipend) देय होगा। यदि आत्मसमर्पित को कोई सरकारी नौकरी/रोजगार प्राप्त हो जाती है तो उसका प्रतिमाह देय भाा बंद कर दिया जाएगा। 7. हथियारों की देख-रेख :-वामपंथी उग्रवादियों द्वारा समर्पित हथियारों एवं गोला बारुद को सुरक्षित रखने की व्यवस्था पुलिस महानिदेषक द्वारा की जाएगी।

8. पुनर्वासन हेतु उग्रवादियों के पहचान का तरीका :-

(i) वामपंथी उग्रवादियों के समर्पण हेतु पहचान के लिए समर्पण एवं पुनर्वासन की पात्रता हेतु राज्य स्तरीय समर्पण-सह-पुनर्वासन समिति निम्न प्रकार गठित की जाएगी :-

3 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 21 ;बपकरू292द्ध 2023

(क) इस योजना के अन्तर्गत अपर पुलिस महानिदेषक (विषेश शाखा) ''समर्पण-सह-पुनर्वासन पदाधिकारी (एस0एण्ड0आर0 पदाधिकारी)'' के रुप में कार्य करेंगे और वे समिति के अध्यक्ष भी होंगे ;

(ख) विषेश सचिव गृह विभाग (विषेश शाखा), जो भारतीय पुलिस सेवा के हों - सदस्य ; (ग) पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), बिहार, पटना - सदस्य ; (घ) निदेषक (नियोजन एवं प्रषिक्षण), श्रम संसाधन विभाग - सदस्य ; (ड़) पुलिस महानिरीक्षक/उप महानिरीक्षक (केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल) - सदस्य;एवं (च) पुलिस महानिरीक्षक/उप महानिरीक्षक (सषस्त्र सीमा बल) - सदस्य।

(ii) वामपंथी उग्रवादी सी0ए0पी0एफ0 के किसी यूनिट, जिला दण्डाधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक, प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) या राज्य सरकार द्वारा अन्य नामित पदाधिकारी के साथ-साथ सेना के किसी यूनिट अथवा राज्य के बाहर सी0ए0पी0एफ0 के किसी यूनिट के समक्ष समर्पण कर सकता है।

(iii) वामपंथी उग्रवादी ने जिस पदाधिकारी के समक्ष समर्पण किया है, उसे समर्पित वामपंथी उग्रवादी को सुरक्षा प्रदान करना होगा तथा उसकी सभी आवष्यक जानकारी विहित प्रपत्र में भरने के पष्चात उसे समर्पण-सह-पुनर्वासन पदाधिकारी द्वारा चलाए जाने वाले अस्थायी षिविर में भेज देना होगा। समर्पित उग्रवादी के संबंध में 15 दिनों के भीतर उसके समर्पण के संबंध में निर्णय लेने की अनिवार्यता होगी।

(iv) वामपंथी उग्रवादियों के पुनर्वासन के लिए राज्य स्तरीय समर्पण-सह-पुनर्वासन समिति के सहयोग हेतु जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग समिति होगी, जिसमें जिला पुलिस अधीक्षक एवं विषेश शाखा के प्रतिनिधि सदस्य होंगे।

(v) आत्मसमर्पित उग्रवादियों की जाँच प्रक्रिया हेतु मानक :-

(क) वैसे वामपंथी उग्रवादी जिन्होने आत्मसमर्पण किया है, उन्हे कंडिका-6 (i) में परिभाशित वामपंथी उग्रवादी कैडर का होना चाहिए तथा उसका समर्पण राज्य सरकार द्वारा संचालित व्यापक समर्पण-सह-पुनर्वास योजना के अनुरुप होना चाहिए।

(ख) राज्य सरकार द्वारा इस आषय के लिए निर्दिश्ट समर्पण-सह-पुनर्वासन पदाधिकारी को पूर्ण समाधान होना चाहिए कि समर्पित उग्रवादी सही मायने में वामपंथी उग्रवादी कैडर का है। समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडर द्वारा आत्मस्वीकृति (confession) किया जाना चाहिए, जिसमें उसके द्वारा किए गए सभी आपराधिक कृत्यों के साथ-साथ शड्‌यंत्र का नाम, अन्य भागीदार, विापोशकों का नाम, शरणदाताओं, संदेषवाहकों, वामपंथी उग्रवादी संगठन से संबंधित विस्तृत ब्योरा हथियार/गोला-बारुद एवं वामपंथी उग्रवादी कैडर द्वारा लूटी गई/बाँटी गई/व्ययनित सम्पाि के साथ-साथ जिस वामपंथी उग्रवादी कैडर से वह संबंधित है, उसकी पूर्ण जानकारी दी जाएगी।

(vi) समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडर से संबंधित सदस्यों की गतिविधि की जानकारी संबंधित प्राधिकार/संगठन से प्राप्त होते ही समर्पण-सह-पुनर्वासन पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति समर्पण के संबंध में निर्णय लेगी तथा स्वीकार योग्य होने पर उसे पुनर्वास हेतु चयनित कर लेगी।

(vii) पुनर्वास हेतु चयनित वामपंथी उग्रवादियों को उनकी इच्छा/अभिरुचि के अनुरुप व्यवसाय/वोकेषनल प्रषिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार समर्पण-सह-पुनर्वासन पदाधिकारी को मासिक छात्रवृाि प्रदान करने हेतु आवष्यक निधि उपलब्ध कराएगी, ताकि प्रत्येक महीने भुगतान किया जा सके।

9. न्यायालय संबंधी मामले :-समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडर के सदस्यों द्वारा किये गए गंभीर आपराधिक कृत्यों का विचारण सक्षम न्यायालय में जारी रहेगा। राज्य सरकार समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडर के सदस्यों के पूर्व आपराधिक इतिहास/व्यक्तिगत आपराधिक कृत्यों को दृश्टिगत रखते हुए विभिन्न मामलों मे अभियोजन वापसी के संबंध में भी आवष्यक विचार करेगी। लघु अपराधों में राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकार द्वारा स्वविवेक से Plea bargaining की अनुमति दी जा सकेगी। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित माप दण्डों के आधार पर समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडर के सदस्यों को निःषुल्क विधिक सेवा/अधिवक्ता प्रदान की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार समर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडर के सदस्यों के मामले में त्वरित न्यायालयों का गठन त्वरित विचारण हेतु आवष्यकतानुसार कर सकेगी।

10. पुनर्वासन प्रक्रिया :-समर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास हेतु राज्य सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव/सचिव पुनर्वास पदाधिकारी के रुप में निर्दिश्ट किये जाते हैं। यदि आवष्यक हो तो योजना के तहत प्रदान की गयी अनुदान की राषि (पाँच लाख रुपये/दो लाख पचास हजार रुपये) मात्र के उपयोग से आत्मसमर्पितों के पुनर्वास के लिए रोजगार/स्वरोजगार हेतु पुनर्वास पदाधिकारी राज्य के सभी विभागों के बीच समन्वय करेंगे।

11. पुनर्वासन पर व्यय की गयी राषि की प्रतिपूर्ति :-आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास पर राज्य द्वारा किए गए व्यय जिसकी अधिकतम सीमा उच्च रैंक वाले एल0डब्लू0ई0 कैडर के लिए रू0 5.00 लाख एवं निचले स्तर के कैडर के लिए रू0 2.50 लाख और हथियार और गोला-बारूद के लिए उपर्युक्त पारा-6(ii) के अनुसार या राज्य द्वारा किए गए वास्तविक व्यय में से जो भी कम हो, की 60% की प्रतिपूर्ति सुरक्षा संबंधी व्यय योजना के तहत भारत सरकार द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रषिक्षण पा रहे उग्रवादियों को अधिकतम 36 माह तक रू0 10,000/- (दस हजार) मात्र प्रति माह की मासिक भत्ता (Stipend) देय होगी, जिसकी प्रतिपूर्ति भी सुरक्षा संबंधी व्यय योजना के तहत भारत सरकार द्वारा की जाएगी।4 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 21 ;बपकरू292द्ध 2023 इस मद में राज्य द्वारा अधिकतम सीमा के अधीन व्यय की गयी राषि की प्रतिपूर्ति वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा संबंधी व्यय योजना के अनुसार 60 ( केन्द्र) : 40 (राज्य) निधि साझा के पद्धति पर की जाएगी। तद्‌नुसार केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिश्ट सीमा के अन्तर्गत 60% राषि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

12. भारत सरकार द्वारा पुनर्वास केन्द्रों एवं अभिलेखों का निरीक्षण :-भारत सरकार को उग्रवादियों के पुनर्वासन हेतु संचालित कार्यों के निरीक्षण तथा अभिलेखों की जाँच का अधिकार होगा।

13. योजना के प्रभावी होने की तिथि :-यह योजना वित्तीय वर्श 2022-23 से वित्तीय वर्श 2025-26 तक के लिए प्रभावी होगी। 14. दिषा-निर्देषों का प्रभावी मूल्यांकन ः-भारत सरकार इन दिषा-निर्देषों की सावधिक समीक्षा राज्य सरकार से सलाह से करेगी तथा आवष्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कार्रवाई करेगी। आदेश :-आदेष दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी हेतु इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित कराया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, के0 सुहिता अनुपम, सरकार के विषेश सचिव।

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;बपकरू162द्धए ;बपकरू289द्धए

;बपकरू464द्धए ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध ;बपकरू464द्ध;बपकरू289द्ध

;बपकरू464द्ध ;द्ध 341.571़10.0;बपकरू547द्ध00

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 21 April 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2023-04-21.341/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2023-04-21.341.