िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
10 (cid:302)ावण 1945 (श0)
(सं0 पटना 652) पटना, मंगलवार, 1 अग(cid:232)त 2023 लघु जल संसाधन विभाग ———
सं0सं0- ल0ज0सं0/रा0न0यो0-वि0न0को0-35/2022 -271(न॰को॰) प्रेषक, डॉ॰ आशिमा जैन, भा0प्र0से0 सरकार के विशेष सचिव, लघु जल संसाधन विभाग । सेवा में, महालेखाकार, बिहार, पटना । द्वाराः- आंतरिक वित्तीय सलाहकार ।
पटना, दिनांक 31 जुलाई, 2023 विषयः- लघु जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार के अन्तर्गत ''मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना'' हेतु कुल 30,000 निजी नलकूपों के अधिष्ठापन के लिए ₹22200.00 लाख (रूपये दो सौ बाईस करोड़) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति एवं योजना से संबंधित कार्यान्वयन अनुदेश की स्वीकृति के संबंध में ।
आदेशः-स्वीकृत ।
महाशय, निदेशानुसार उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा दिनांक-25.07.2023 को संपन्न बैठक में मद् संख्या-31 के रूप में सम्मिलित लघु जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार के अन्तर्गत ''मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना'' हेतु कुल 30,000 निजी नलकूपों के अधिष्ठापन के लिए ₹22200.00 लाख (रूपये दो सौ बाईस करोड़) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति एवं योजना से संबंधित कार्यान्वयन अनुदेश को स्वीकृति प्रदान की गयी है ।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 अग(cid:232)त, 2023 2. ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' योजना के तहत असिंचित क्षेत्रों में निजी नलकूप हेतु चिन्हित लगभग 18,747 स्थलों पर निजी नलकूप के अधिष्ठापन के अतिरिक्त अन्य असिंचित क्षेत्रों में विभागीय पोर्टल पर आवेदन प्राप्त कर 11,253 निजी नलकूपों का अधिष्ठापन किया जाना है । यदि पूर्व में सर्वेक्षित 18,747 स्थलों में कुछ को किन्हीं कारणों से निरस्त किया जाता है तो इसकी शेष संख्या को पोर्टल से प्राप्त आवेदनों में से लेते हुए कुल 30,000 नलकूपों का अधिष्ठापन किया जाना है ।
3. यह योजना केन्द्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा चिन्हित अतिदोहित एवं संकटपूर्ण प्रखण्ड/ पंचायतों को छोड़कर असिंचित क्षेत्रों में उस भूमि पर लागू होगी जो भूमि निजी नलकूप अधिष्ठापन के लिए सात निश्चय-2 ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' योजना के अन्तर्गत तकनीकी सर्वेक्षण में चिन्हित हो अथवा संलग्न कार्यान्वयन अनुदेश के अनुरूप उपयुक्त हो ।
4. योजना का विवरण -
(i) योजना की मुख्य विशेषता - प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत कम (शैलो) एवं मध्यम गहराई (न्यूनतम 15 मी0 एवं अधिकतम 70 मी0 तक) के निजी नलकूपों एवं मोटर पम्प के लिए अनुदान का प्रावधान है । (ii) योजना के मुख्य अवयव -
(क) 4-6 इंच व्यास का कम (शैलो) एवं मध्यम गहराई का नलकूप (ख) 2-5 अश्वशक्ति का सबमर्सिबल मोटर पम्प/सेन्ट्रीफ्यूगल मोटर पम्प (iii) अनुदान हेतु पात्रता -
सात निश्चय-2 ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' अन्तर्गत संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण के उपरांत चिन्हि्त स्थलों के व अन्य असिंचित क्षेत्रों के वैसे प्रगतिशील एवं इच्छुक कृषक, जिनके पास न्यूनतम 0.40 एकड़ (40 डिसमिल) का भू-खण्ड हो एवं जिन्होंने बोरिंग हेतु पूर्व में लघु जल संसाधन विभाग या अन्य विभाग/संस्था से वित्तीय सहायता प्राप्त न की हो, ही इस योजना अन्तर्गत अनुदान हेतु पात्र होंगे । एक कृषक को एक ही बोरिंग एवं मोटर पम्प सेट के लिए अनुदान मान्य होगा ।
| क्र0 सं0 | अवयव | लागत रूपये (प्रति मी0) | अनुदान की दर प्रति मीटर (अधिकतम 70 मी0 तक) | ||
| सामान्य वर्ग (50 प्रतिशत) | पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग (70 प्रतिशत) | अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग (80 प्रतिशत) | |||
| 1 | नलकूप छिद्रण हेतु | ₹ 1,200 | ₹ 600 | ₹ 840 | ₹ 960 |
| क्र0 सं0 | अवयव | लागत रूपये (प्रति मोटर पम्प) | अनुदान की दर प्रति मोटर पम्प सेट | ||
| सामान्य वर्ग (50 प्रतिशत) | पिछड़ा/ अति पिछड़ा वर्ग (70 प्रतिशत) | ||||
| 1 | मोटर पम्प सेट/ सबमर्सिबल सेट | 2 H.P | ₹ 20,000 | ₹ 10,000 | ₹ 14,000 |
| 3 H.P | ₹ 25,000 | ₹ 12,500 | ₹ 17,500 | ||
| 5 H.P | ₹ 30,000 | ₹ 15,000 | ₹ 21,000 |
(ख) अनुदान भुगतान की प्रणाली :- प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण (डी0बी0टी0) के माध्यम से सीधे लाभुकों/कृषकों के आधार युक्त खाते में अनुदान की राशि निम्नलिखित दो चरणों में अन्तरित की जायेगी -
(i) बोरिंग करके पानी का जलस्राव निकालने पर । (ii) मोटर पम्प सेट क्रय करने के बाद (अधिष्ठापित कर चलाने पर) 5. उक्त योजना पर होने वाला व्यय मांग संख्या-50 के राज्य योजना अंतर्गत मुख्य शीर्ष-2702-लघु सिंचाई, उपमुख्य शीर्ष- 02- भूजल लघु शीर्ष-016-आर्थिक सहायता, उपशीर्ष- 0102, मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना, विपत्र कोड- 50-2702020160102, विस्तृत/विषय शीर्ष-33.01-सब्सिडी मुख्य शीर्ष-2702-लघु सिंचाई, उप मुख्य शीर्ष- 02-भू-जल, लघु शीर्ष- 789-अनुसूचित जातियों के लिये विशेष घटक योजना, उपशीर्ष-0107- मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना, विपत्र कोड- 50-2702027890107, विस्तृत/विषय शीर्ष-33.01- सब्सिडी एवं मुख्य शीर्ष-2702-लघु सिंचाई, उप मुख्य शीर्ष-02-भू-जल, लघु शीर्ष- 796-जनजातीय क्षेत्र उप योजना, उपशीर्ष-0107-मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना, विपत्र कोड-50-2702027960107, विस्तृत/विषय शीर्ष-33.01- सब्सिडी के अंतर्गत निर्धारित बजट उपबंध से भारित होगा ।
6. योजना के क्रियान्वयन में बिहार लोक निर्माण संहिता, बिहार लोक निर्माण लेखा संहिता, बिहार वित्तीय नियमावली एवं बिहार कोषागार संहिता के सुसंगत नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा ।
7. योजना से संबंधित प्रशासनिक स्वीकृति एवं कार्यान्वयन अनुदेश लोक वित्त समिति द्वारा अनुशंसित है ।
8. संचिका संख्या- ल0ज0सं0/रा0न0यो0-वि0न0को0-35/2022 के पृ0-67/टि0 पर सक्षम प्राधिकार (मंत्रिपरिषद्) की स्वीकृति प्राप्त है ।
9. उक्त संचिका के पृ0-..../टि0 पर आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति प्राप्त है । 10. वित्त विभाग के पत्रांक- 7355 दिनांक 05.10.07 के आलोक में महालेखाकार, बिहार, पटना के प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं है ।
अनुलग्नकः- कार्यान्वयन अनुदेश ।
विश्वासभाजन,
डॉ॰ आशिमा जैन, सरकार के विशेष सचिव ।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 अग(cid:232)त, 2023 (Scope) बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसकी अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर है तथा कृषि के लिए सिंचाई एक मुख्य कारक है। इस संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा असिंचित क्षेत्रों के लिए कृषकों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सात निश्चय-2 अन्तर्गत ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' योजना क्रियान्वित करायी जा रही है। ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' योजना के तहत पांच विभागों द्वारा संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया गया है, जिसमें असिंचित क्षेत्रों में 21274 स्थलों का चयन किया गया है। इस सर्वेक्षण के उपरांत निजी नलकूप हेतु 18747, सामुदायिक नलकूपों की मरम्मति हेतु 1646 एवं डगवेल हेतु 881 स्थल चिन्हित किये गये हैं। प्रस्तावित योजना में 18747 चिन्हित स्थलों पर निजी नलकूप लगाने के साथ अन्य असिंचित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुरूप नलकूप लगाते हुए कुल-30000 निजी नलकूप लगाने का प्रस्ताव है। यदि पूर्व में सर्वेक्षित 18747 स्थलों में कुछ को किन्ही कारणों से निरस्त किया जाता है तो इसकी शेष संख्या को पोर्टल से प्राप्त आवेदनों में से लेते हुए कुल 30000 प्रस्तावित संख्या को पूर्ण करने का प्रस्ताव है। यह योजना केन्द्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा चिन्हित अतिदोहित एवं संकटपूर्ण (Over Exploited and Critical) प्रखंड/पंचायत को छोड़कर असिंचित क्षेत्रों में उस भूमि पर लागू होगी जो भूमि निजी नलकूप अधिष्ठापन के लिए सात निश्चय-2 ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' अन्तर्गत तकनीकी सर्वेक्षण में चिन्हित हो अथवा अनुदेश के अनुरूप उपयुक्त हो। (i) प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत कम (शैलो) एवं मध्यम गहराई के 70 मी0 तक के निजी नलकूपों एवं मोटर पम्प के लिए अनुदान का प्रावधान है। (ii) योजना के मुख्य अवयव निम्नलिखित हैं :-
➢ 4-6 इंच व्यास का कम (शैलो) एवं मध्यम गहराई का नलकूप ➢ 2-5 अश्वशक्ति का सबमर्सिबल मोटर पम्प/सेन्ट्रीफ्यूगल मोटर पम्प
➢ सात निश्चय-2 ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' अन्तर्गत संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण के उपरांत चिन्हित स्थलों के व अन्य असिंचित क्षेत्रों के कृषक इसके पात्र होंगे। ➢ केन्द्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा चिन्हित अतिदोहित एवं संकटपूर्ण (Over Exploited and Critical) प्रखंड/पंचायतों से प्राप्त आवेदनों को या इनमें चिन्हित स्थलों को नलकूप अधिष्ठापन हेतु विचार नहीं किया जायेगा। ➢ वैसे प्रगतिशील एवं इच्छुक कृषक जिनके पास कम से कम 0.40 एकड़ (40 डिसमिल) का भू-खण्ड हो इसके पात्र होंगे, जिसमें लघु व सीमांत कृषकों को प्रथमिकता दी जायेगी। ➢ उक्त स्थल पर पूर्व से बोरिंग न हो तथा उक्त स्थल पर बोरिंग हेतु पूर्व में कृषि विभाग से अनुदान या अन्य संस्था/विभाग से वित्तीय सहायता न ली हो, इस संदर्भ में आवश्यक घोषणा पत्र कृषक से लिया जायेगा। ➢ एक कृषक को एक ही बोरिंग एवं मोटर पम्प सेट के लिये अनुदान मान्य होगा। न्यूनतम 15 मीटर गहराई तक बोरिंग करने पर ही अनुदान मान्य होगा। 3(a)
अनुदान दो चरणों में दिया जायेगा :-
(i) बोरिंग करके पानी का जलस्राव निकालने पर (ii) मोटर पम्प सेट क्रय करने के बाद (अधिष्ठापित कर चलाने पर)
| क्र0 | अवयव | लागत रूपये (प्रति मी0) | अनुदान की दर प्रति मीटर (अधिकतम 70 मी0 तक) | ||
| सामान्य वर्ग (50 प्रतिशत) | पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग (70 प्रतिशत) | अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग (80 प्रतिशत) | |||
| 1 | नलकूप हेतु बोरिंग | ₹ 1200 | ₹ 600 | ₹ 840 | ₹ 960 |
| क्र0 | अवयव | लागत रूपये (प्रति मोटर पम्प) | अनुदान की दर प्रति मोटर पम्प सेट | ||
| सामान्य वर्ग (50 प्रतिशत) | पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग (70 प्रतिशत) | अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग (80 प्रतिशत) | |||
| 1 | मोटर पम्प सेट/ सबमर्सिबल सेट | 2 H.P | ₹ 20000 | ₹ 10000 | ₹ 14000 |
| 3 H.P | ₹ 25000 | ₹ 12500 | ₹ 17500 | ||
| 5 H.P | ₹ 30000 | ₹ 15000 | ₹ 21000 |
(a) विभागीय मोबाईल एप व वेब पोर्टल पर सात निश्चय-2 ''हर खेत तक सिंचाई का पानी'' अन्तर्गत तकनीकी दल द्वारा सर्वेक्षित स्थल हेतु आवेदन लघु जल संसाघन विभाग के कनीय अभियंता/सहायक अभियंता द्वारा चिन्हित स्थल पर प्राप्त किया जायेगा, जिसमें विहित प्रपत्र में कृषक के निजी विवरण के साथ फोटो एवं वांछित अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने हेतु लिये जायेंगे। (b) अन्य असिंचित क्षेत्र हेतु कृषक विभागीय पोर्टल पर आवेदन स्वीकृति हेतु स्वयं अपलोड करेंगे। उन्हे भी वांछित विवरण की प्रविष्टि करनी होगी एवं वांछित अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। (c) (i) उक्त स्थल पर पूर्व से बोरिंग न हो तथा उक्त स्थल पर बोरिंग हेतु पूर्व में कृषि विभाग से अनुदान या अन्य संस्था/विभाग से वित्तीय सहायता न ली हो। इस संदर्भ में आवश्यक घोषणा पत्र कृषक को देना होगा।
(ii) आधार (भुगतान आधार आधारित होगा) (iii) भू-धारकता प्रमाण पत्र (iv) सक्षम प्राधिकार से निर्गत जाति प्रमाण पत्र (v) फोटोग्राफ (सर्वेक्षित स्थल पर अक्षांश एवं देशांतर के साथ) जिसमें कनीय अभियंता/सहायक अभियंता कृषि सलाहकार/कृषि समन्वयक/संबंधित लाभुक कृषक एवं उपस्थित ग्रामीण को सम्मिलित किया जाय।
(d) पूर्व से सर्वेक्षित स्थलों पर आवेदन लेने के लिए जाने वाले कनीय अभियंता/सहायक अभियंता स्थल निरीक्षण एवं आवेदन की जांच की प्रक्रिया करेंगे। अन्य प्राप्त आवेदनों पर कार्यपालक अभियंता अपने कनीय अभियंता/सहायक अभियंता से प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण एवं आवेदन की जांच करायेंगे। कनीय अभियंता/सहायक अभियंता जो निरीक्षण व जांच करेंगे उसमें पहले आने वाले आवेदन को प्राथमिकता दी जायेगी तथा प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। (e) (i) उक्त स्थल पर कोई अन्य सिंचाई के साधन का विकल्प तो नहीं है। (ii) उक्त स्थल पर या सटे हुए भाग में पूर्व से कोई बोरिंग तो नहीं किया हुआ है। (iii) कृषक द्वारा पूर्व में अनुदान/वित्तीय सहायता न लेने संबंधी घोषणा पत्र की वास्तविकता की जांच।
(iv) आधार का ऑनलाईन सत्यापन। (v) भू-धारकता प्रमाण पत्र में इस अनुदेश के अनुरूप उपलब्ध/उपयुक्त भूमि। (vi) जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन। (vii) पूर्व से सर्वेक्षित स्थलों के लिए अक्षांश एवं देशांतर से संबंधित मिलान। (viii) अन्य बिन्दू जो जांच पदाधिकारी को आवश्यक लगें। ➢ कार्यपालक अभियंता अपने कनीय अभियंता/ सहायक अभियंता से प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण व आवेदन की जाँच करायेंगे।
➢ सहायक अभियंता किसान के आवेदन पत्र को कनीय अभियंता की अनुशंसा के आलोक में पोर्टल पर अग्रसारित या अस्वीकृत करेंगे। पूर्व से चिन्हित/सर्वेक्षित क्षेत्रों में अस्वीकृति की स्थिति में सहायक अभियंता स्थल का अवश्य निरीक्षण करेंगे।
➢ कार्यपालक अभियंता द्वारा कनीय अभिंयता एवं सहायक अभियंता की अनुशंसा के आलोक में आवेदन की स्वीकृति के उपरांत किसान को System Generated SMS एवं कार्यालय के द्वारा दूरभाष के माध्यम से सूचना दी जायेगी। स्वीकृति पत्र विहित प्रपत्र में कम्प्यूटर द्वारा स्व-जनित होगा। अस्वीकृति की स्थिति में कार्यपालक अभियंता पूर्णतः संतुष्ट हो लेंगे तथा पूर्व6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 अग(cid:232)त, 2023 से चिन्हित/सर्वेक्षित क्षेत्रों में अस्वीकृति की स्थिति में सहायक अभियंता द्वारा स्थल का निरीक्षण अनिवार्य होगा। ➢ विभाग द्वारा चिन्हित स्थल पर ही बोरिंग किया जायेगा। ➢ स्वीकृति के पश्चात् 60 दिवस के अंदर कृषक को बोरिंग गाड़ कर अनुदान का दावा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि के अंदर नलकूप नहीं गाड़ने पर आवेदक को पोर्टल पर स्पष्ट कारण अंकित करते हुए इसकी सूचना देनी होगी। अन्यथा आवेदन/दावा स्वतः रद्द माना जायेगा। यदि आवेदक द्वारा दिये गये कारण पर कार्यपालक अभियंता सहमत होते हैं तो उन्हें कार्य पूर्ण करने हेतु अधिकतम एक माह का अवधि विस्तार दिया जा सकेगा।
➢ निर्माण सामग्रियों का क्रय कृषक स्वयं अपनी स्वेच्छा से करेंगे परन्तु सामग्रियों की विशिष्टि भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप एवं सामग्रियों का देश में निर्मित होना आवश्यक होगा। निर्धारित अवधि में नलकूप गाड़ने के उपरांत लाभुक किसान पाईप एवं मोटर पम्प का प्रमाणक जिसमें जी0एस0टी0 संख्या एवं आई0एस0आई0/आई0एस0ओ0 मार्का का उल्लेख हो उसके साथ अनुदान का दावा विहित प्रपत्र में पोर्टल पर अपलोड करेंगे। लाभुक कृषक बोरिंग एवं मोटर पम्प का दावा अपनी सुविधानुसार निर्धारित अवधि में अलग-अलग तिथि को या एक ही तिथि को कर सकेंगे। बोरिंग गाड़ने के पूर्व, गाड़ने के दौरान एवं गाड़ने के बाद जलस्राव होते हुए कृषक स्थल का फोटोग्राफ लेंगे जिसे दावा समर्पण के समय वेब पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार मोटर पम्प अधिष्ठापन करते हुए एवं पम्प अधिष्ठापन के उपरांत जलस्राव होते हुए का फोटो भी अपलोड करना आवश्यक होगा। विभाग के प्रतिनिधियों के साथ भौतिक सत्यापन व गहराई मापने के पश्चात् ही कृषक द्वारा मोटर अधिष्ठापन का कार्य कराया जायेगा व फोटो पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। कनीय अभियंता कार्य स्थल पर बोरिंग एवं मोटर पम्प का भौतिक सत्यापन कर वांछित प्रपत्र भरकर अनुदान हेतु अनुशंसा सहायक अभियंता को पोर्टल पर अग्रसारित करेंगे। भौतिक सत्यापन दो चरणों में करना अनिवार्य होगा, बोरिंग के पश्चात् गहराई मापने एवं जलस्राव देखने हेतु एवं मोटर का अधिष्ठापन करते हुए अश्वशक्ति जानने हेतु एवं उसके उपरांत जलस्राव देखने के लिए। प्रत्येक चरण के भौतिक सत्यापन के उपरांत स्थल का फोटो (अक्षांश एवं देशांतर सहित) कृषक व अन्य संबंधितो के साथ अवश्य ही अपलोड करेंगे। संबंधित कार्य के भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन पर कृषक एवं सत्यापन करने वाले अभियंता द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किया जायेगा तथा इस प्रतिवेदन को भी पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। स्थापित कुल नलकूपों के 10 प्रतिशत का निरीक्षण/सत्यापन लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, 50 प्रतिशत सहायक अभियंता एवं शत्-प्रतिशत कनीय अभियंता के द्वारा किया जायेगा। संबंधित कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप भौतिक सत्यापन हेतु स्थलों की सूची पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करायी जायेगी। कार्यपालक अभियंता द्वारा अनुदान भुगतान हेतु सभी अभिलेखों की यथोचित जाँच कर सही पाये जाने पर अनुदान हेतु अनुमोदित कर संबंधित अधीक्षण अभियंता को पोर्टल के माध्यम से अग्रसारित किया जायेगा। अधीक्षण अभियंता पोर्टल के माध्यम से ही मुख्य अभियंता को अग्रसारित करेंगे। मुख्य अभियंता, विभागीय नोडल पदाधिकारी को भुगतान हेतु पोर्टल के माध्यम से अनुशंसा करेंगे। उसके पश्चात् भुगतान की कार्रवाई विभाग द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभुक के आधार युक्त खाते में की जायेगी। अतः भुगतान आधार आधारित होगा। अनुदान की स्वीकृति के उपरांत संबंधित कृषक को System Generated SMS/दूरभाष के माध्यम से सूचना दी जायेगी। अनुदान अस्वीकृत होने की परिस्थिति में कृषक एक पक्ष के भीतर अस्वीकृति का कारण सुधारते हुए पुनः एक बार अपना दावा अपलोड कर सकेंगे। वरीय पदाधिकारी को कनीय पदाधिकारी के निर्णय की समीक्षा करने का अधिकार होगा। ➢ योजना का अनुश्रवण विभागीय मुख्यालय, मुख्य अभियंता के स्तर पर सतत रूप से किया जायेगा। इस संबंध में मुख्य अभियंता स्तर पर एक अनुश्रवण कोषांग का भी गठन किया जायेगा।
➢ योजना का अनुश्रवण जिला स्तर पर करने हेतु एक समन्वय समिति का गठन निम्न प्रकार किया जायेगा :-
7 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 अग(cid:232)त, 2023(क) उप विकास आयुक्त - अध्यक्ष (ख) लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता - सदस्य सचिव (ग) जिले के विभागीय सभी सहायक अभियंता/कनीय अभियंता - सदस्य (घ) अनुमंडल पदाधिकारी - सदस्य (ड) जिला कृषि पदाधिकारी - सदस्य (च) जिले के नोडल बैंक के शाखा प्रबंधक - सदस्य
उक्त समिति का मुख्य दायित्व होगा कि योजना के सफल व सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराये एवं संपूर्ण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का संपादन गुणवत्तापूर्ण रूप से करते हुए सभी संभव प्रयास करे। ➢ संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त व जिला पदाधिकारी इस योजना के निर्बाध संचालन हेतु सतत् अनुश्रवण करेंगे जिसके लिए उन्हे वेब पोर्टल पर योजना की अद्यतन स्थिति/प्रगति का अवलोकन करने के लिए प्राधिकृत किया जायेगा। हर खेत तक सिंचाई का पानी अन्तर्गत ''मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना'' का क्रियान्वयन हेतु लघु जल संसाधन विभाग द्वारा समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किये जा सकेंगे।
| 1 | पी0वी0सी0 केसिंग पाईप | आई0एस0 : 12818/1992 |
| 2 | पी0वी0सी0 स्क्रीन पाईप | आई0एस0 : 12818/1992 |
| 3 | सेन्ट्रीफ्यूगल मोटरपम्प | आई0एस0 : 6595(पार्ट-I)/2018 आई0एस0 : 9079/2018 |
| 4 | सबमर्सिबल मोटर पम्पसेट | आई0एस0 : 8034/2018 |
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त ।
(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 652-571+50-डी0ट(cid:547)0पी0 । Website: http://egazette.bih.nic.in