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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 August 2023

Published 02 August 2023

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2023-08-02.31
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

(cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 11 श्रावण 1945 (श0) सं(cid:201)या 31 पटना, बुधवार, ———————— 2 अगस्त 2023 (ई0)

विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-7 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---

भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 8-8 पूरक

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पूरक-क 9-222 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

21 जुलाई 2023

सं0 6/सं0-04-01/2017-2552/(वा0कर)--बिहार वित्त सेवा के तृतीय सीमित बैच के श्री ज्ञानी दास, राज्य-कर उपायुक्त (अपने वेतनमान में), औरंगाबाद अंचल, औरंगाबाद (पुनरीक्षित वेतनमान्‌ लेवल-09 रू0-53,100-1,67,800) को उक्त पद पर उनके नाम के सामने कॉलम-5 में अंकित तिथि से सेवा सम्पुष्ट किया जाता है :-

क्र0 स 0 ं पदाधिकारी का नाम ग ह जिला ृ जन्म तिथि/योगदान की तिथि सम्पुष्टि की तिथि
1 2 3 4 5
1 श्री ज्ञानी दास, राज्य-कर उपायुक्त, (अपने वेतनमान में) औरंगाबाद अंचल, औरंगाबाद। गया 17.01.1969/ 09.05.2014 25.01.2018

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रूबी, संयुक्त सचिव।

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(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग

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अधिसूचनाएं

21 जुलाई 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-504/9/2023-Sec-14-RDD-RDD (COM-235316)-1927017--(cid:302)ीमती नीलम, अ(cid:876)धसू(cid:876)चत (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), घोसवर(cid:547), पटना के विरुद्ध (cid:874)वभाग (cid:232)तर से आरोप प(cid:287) ग(cid:465)ठत (cid:873)कया गया। आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ीमती नीलम के विरुद्ध (cid:292)खंड घोसवर(cid:547) (पटना) म(cid:581) (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547) के पद पर योगदान सम(cid:874)प(cid:91)त नह(cid:547)ं करने का आरोप (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत है।

उ(cid:200)त (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप पर (cid:302)ीमती (cid:467)नलम से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया । (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण म(cid:581) यह उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क अ(cid:876)धसू(cid:876)चत (cid:292)खंड म(cid:581) योगदान नह(cid:547)ं करने के संबंध म(cid:581) कहना है (cid:873)क म(cid:583) वष(cid:607) से इनफ(cid:465)ट(cid:91)(cid:871)लट(cid:547) क(cid:551) सम(cid:232)या से (cid:274)(cid:871)सत थी, काफ(cid:551) ईलाज के प(cid:230)चात मुझे संतान क(cid:551) (cid:292)ाि(cid:220)त हुई। िजस समय (cid:874)वभागीय अ(cid:876)धसूचना के आलोक म(cid:581) मेरा पद(cid:232)थापन घोसवर(cid:547), पटना म(cid:581) (cid:873)कया गया उस समय म(cid:583) सात माह क(cid:551) गभ(cid:91)वती थी । यह मेर(cid:547) तीसर(cid:547) गभा(cid:91)व(cid:232)था थी। मेर(cid:547) पहले क(cid:551) दोनो गभा(cid:91)व(cid:232)था Pre-mature Delivery क(cid:551) थी। वत(cid:91)मान म(cid:581) (cid:876)च(cid:873)क(cid:215)सक द्वारा पुन: Pre- mature Delivery क(cid:551) संभावना बतलाई गयी थी । इसे High Risk Pregnancy बतलाया गया । उ(cid:200)त ि(cid:232)थ(cid:467)त म(cid:581) मुझे Delivery तक पूण(cid:91) बेड रे(cid:232)ट क(cid:551) सलाह द(cid:547) गई थी । (cid:873)कसी भी (cid:292)कार का तनाव और भागदौड़ मेरे व मेरे गभ(cid:91)(cid:232)थ (cid:871)शशु के (cid:871)लए घातक सिद्ध हो सकता था । िजसके कारण म(cid:583) अ(cid:876)धसू(cid:876)चत (cid:292)खंड म(cid:581) योगदान करने म(cid:581) असमथ(cid:91) रह(cid:547)ं । (cid:302)ीमती नीलम के विरुद्ध (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी। समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक 1324826 (cid:465)दनांक-21.10;2022 द्वारा नवअ(cid:876)धसू(cid:876)चत (cid:292)खंड म(cid:581) योगदान नह(cid:547)ं करने के संबंध म(cid:581) (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी थी तथा प(cid:287) (cid:292)ाि(cid:220)त के 24 घंटे के अंदर (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण सम(cid:874)प(cid:91)त करने का (cid:467)नदेश (cid:465)दया गया था, परंतु (cid:302)ीमती नीलम द्वारा ससमय (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण सम(cid:874)प(cid:91)त नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया है।3 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 अतएव स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ीमती नीलम, अ(cid:876)धसू(cid:876)चत (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), घोसवर(cid:547), पटना स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)ती(cid:162)ारत को भ(cid:874)व(cid:231)य के (cid:871)लए सचे(cid:231)ट (cid:873)कया जाता है।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:--आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:873)कशोर साह, संयु(cid:200)त स(cid:876)चव ।

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12 जुलाई 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14((cid:874)व(cid:874)वध)-03/2021-1903809—(cid:302)ी सुनील कु मार चांद, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)ख(cid:214)ड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), चकाई, जमुई स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), कौआकोल (नवादा) के विरुद्ध समाज क(cid:227)याण (cid:874)वभाग के प(cid:287)ांक- 622 (cid:465)दनांक-09.02.2021 एवं (cid:466)बहार (cid:292)शास(cid:467)नक सुधार (cid:871)मशन सोसाईट(cid:547) (सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग) के (cid:163)ापांक - 51 (cid:465)दनांक-08.01.2021 द्वारा आरोप (cid:292)ा(cid:220)त है। आरोप म(cid:581) लोक (cid:871)शकायत (cid:467)नवारण अ(cid:876)धकार अ(cid:876)ध(cid:467)नयम के अंतग(cid:91)त दायर प(cid:464)रवाद क(cid:551) सुनवाईय(cid:585) म(cid:581) अनुपि(cid:232)थत रहने का आरोप (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत है । उ(cid:200)त आरोप पर (cid:302)ी चांद से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी ।

उनके द्वारा सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण म(cid:581) यह उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क प(cid:464)रवाद(cid:547) रो(cid:465)हत पा(cid:214)डेय, (cid:874)पता- इ(cid:219)(cid:289)देव पा(cid:214)डेय, (cid:274)ाम- भलुआ के अनुमंडल(cid:547)य लोक (cid:871)शकायत (cid:467)नवारण, जमई के अन(cid:219)य सं(cid:201)या-999990129082018045 एवं 99999012901290820158047 के प(cid:464)रवाद के सुनवाई म(cid:581) (cid:292)खंड काया(cid:91)लय चकाई के प(cid:287)ांक- 1294 (cid:465)दनांक- 23.12.2020 के द्वारा (cid:292)(cid:467)तवेदन भेजा गया था । ले(cid:873)कन को(cid:874)वड-19 चरम अव(cid:232)था म(cid:581) रहने के कारण (cid:874)व(cid:876)ध (cid:229)यव(cid:232)था का संधारण उनके द्वारा (cid:873)कया जा रहा था । िजसके कारण (cid:465)दनांक-03.12.2020, 10.12.2020 एवं 16.12.2020 को वे उपि(cid:232)थत नह(cid:547)ं हो सका ।

(cid:302)ी चांद के विरुद्ध (cid:466)बहार (cid:292)शास(cid:467)नक सुधार (cid:871)मशन सोसाईट(cid:547) (सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग) द्वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी। समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क वाद क(cid:551) सुनवाई म(cid:581) (cid:465)दनांक- 03.12.2020, 10.12.2020 एवं 16.12.2020 को उपि(cid:232)थत नह(cid:547)ं हो सके , अतएव (cid:302)ी चांद का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:232)वीकार यो(cid:202)य नह(cid:547)ं है ।

अत: (cid:302)ी सुनील कु मार चांद, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)ख(cid:214)ड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), चकाई, जमुई स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), कौआकोल (नवादा) को भ(cid:874)व(cid:231)य के (cid:871)लए सचे(cid:231)ट (cid:873)कया जाता है।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:--आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:873)कशोर साह, संयु(cid:200)त स(cid:876)चव ।

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समाज कल्याण विभाग

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अधिसूचना

26 जुलाई 2023

सं0 10/म00िनि0(विविध)-01/2023-1567--राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए बिहार राज्य महिला सशक्तिकरण नीति 2015 लागू की गई है। साथ ही राज्य के सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत की क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान लागू है। विगत वर्षों में सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाआें में महिलाओं के नियोजन में उतरोत्तर वृद्धि हुई है।

2. जिला स्तर पर आवासीय सुविधाओं की कमी के कारण कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवासन की सुविधा उपलब्ध कराया जाना समीचीन प्रतीत होता है।4 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 3. वर्णित परिस्थिति में राज्य सरकार के अनुमोदन के आलोक में मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना अंतर्गत राज्य के 5 प्रमण्डलीय मुख्यालयों यथा पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर एवं मुजफ्फरपुर में कामकाजी महिला छात्रावास संचालित करने की स्वीकृति दी जाती है। कामकाजी महिला छात्रावास के संचालनार्थ प्रतिवर्ष आवर्तक मद में ₹65,11,800 (पैसठ लाख ग्यारह हजार आठ सौ) प्रति वर्ष एवं अनावर्तक मद में ₹28,26,500 (अट्ठाइस लाख छब्बीस हजार पांच सौ) अर्थात कुल ₹93,38,300 (तिरानवे लाख अड़तीस हजार तीन सौ) के दर से व्यय करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

4. मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना अंतर्गत कामकाजी महिला छात्रावास का संचालन महिला एवं बाल विकास निगम के माध्यम से किया जायेगा।

5. इस योजना पर होेने वाले व्यय का वहन राज्य योजना मद अन्तर्गत मांग संख्या-51, मुख्य शीर्ष 2235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण-02-समाज कल्याण-103/789-महिला कल्याण/अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना-0108/0110-मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना विपत्र कोड-51-2235021030110 एवं 51-2235027890108 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।

6. प्रस्ताव में संचिका सं0-10/म00िनि0(विविध)-01/2023 के टिप्पणी पृ0 33/टि0 पर दिनांक-25.07.2023 को मंत्रिपरिषद्‌ द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है।

विश्वासभाजन, कुमारी सीमा, उप-सचिव।

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बिहार विधन सभा सचिवालय

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अध्सिूचनाएं

7 जुलाई 2023

सं0 2स्था-03/2021-1629/विस।--प्रधन महालेखाकार ;लेखा एवं हकदारीद्ध का कार्यालय, बिहार, पटना से प्राप्त पत्राांक-LR: 150620231200331, LR NO: 0166/2023-2024 के आलोक में श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह, वरीय प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248 ;कद्ध के तहत दिनांक-22.05.2023 से 26.05.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने के साथ-साथ उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-27.05.2023 एवं 28.05.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की भी अनुमति दी जाती है । इनके उपार्जित अवकाश कोष में शेष 295 दिनों का अवकाश संग्रहित रहेगा ।

आदेश से,

उमा शंकर यादव, अवर सचिव।

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11 जुलाई 2023

सं0 2स्था-40/2019-1646/विस।--श्री छोटे पासवान, अवर सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना के पत्राांक-1806;22द्ध, दिनांक-26.06.2023 तथा बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248;कद्ध के अनुसरण में दिनांक-22.05.2023 से 02.06.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-03.06.2023 एवं 04.06.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । इसके पश्चात्‌ इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-288 दिनों का अवकाश शेष है ।

आदेश से,

उमा शंकर यादव, अवर सचिव।

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11 जुलाई 2023

सं0 2स्था-223/2017-1651/विस।--श्री सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना के पत्राांक-1792 ;22द्ध, दिनांक-26.06.2023 तथा बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248;कद्ध के अनुसरण में दिनांक-08.05.2023 से 19.05.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-20.05.2023 एवं 21.05.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । इसके पश्चात्‌ इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-288 दिनों का अवकाश शेष है ।

आदेश से,

उमा शंकर यादव, अवर सचिव।5 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023

11 जुलाई 2023

सं0 2स्था-267/2017-1656/विस।--श्री संजय कुमार, अवर सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना के पत्राांक-1805 ;22द्ध, दिनांक-26.06.2023 तथा बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248;कद्ध के अनुसरण में दिनांक-02.05.2023 से 19.05.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-20.05.2023 एवं 21.05.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । इसके पश्चात्‌ इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-282 दिनों का अवकाश शेष है ।

आदेश से,

उमा शंकर यादव, अवर सचिव।

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25 जुलाई 2023

सं0 2स्था-226/2021-1809/विस।--श्री सौरभ प्रकाश, प्रशाखा पदाध्किारी, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना के पत्राांक-1832;22द्ध, दिनांक-03.07.2023 तथा बिहार सेवा संहिता के नियम-230, 240 ;कद्ध एवं 248;कद्ध के अनुसरण में दिनांक-19.06.2023 से 23.06.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-24.06.2023 एवं 25.06.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । इसके पश्चात्‌ इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-49 दिनों का अवकाश शेष है ।

आदेश से,

उमा शंकर यादव, अवर सचिव।

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31 जुलाई 2023

सं0 2स्था-15/2023-1929/विस।--वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त पत्राांक-1899;22द्ध, दिनांक-13.07.2023 के आलोक में श्री राहुल कुमार यादव, प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248 ;कद्ध के तहत दिनांक-15.05.2023 से 26.05.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है। साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-27.05.2023एवं 28.05.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति दी जाती है। अवकाश उपभोग के उपरांत इनके उपार्जित अवकाश कोष में 06 दिनों का अवकाश शेष है।

आदेश से,

उमा शंकर यादव, अवर सचिव।

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कृषि विभाग

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अधिसूचना

24 जुलाई 2023

सं0 2 (गो0)सी0-2-103/2022-400--पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-3257 दिनांक-01.12.2022 द्वारा सूचित किया गया है कि श्री मनोज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, बक्सर के विरूद्ध 90,19,483/- (नब्बे लाख उन्नीस हजार चार सौ तेरासी रूपये) प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या-62/2022, दिनांक-25.11.2022 धारा-13(2) सह-पठित 13 (1) (बी) भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 (संशोधित अधिनियम-2018) दर्ज किया गया है।

पुलिस उपाधीक्षक-सह-अनुसंधानकर्ता, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना का पत्रांक 6656 दिनांक 21.06.2023 द्वारा सूचित किया गया कि श्री कुमार से उनके चल एवं अचल सम्पति की जानकारी विहित प्रपत्र में मांग की गयी, परन्तु उनके द्वारा वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। स्पष्ट रूप से ब्यूरो द्वारा किये जा रहे अनुसंधान में श्री मनोज कुमार द्वारा असहयोग कर अनुसंधान में व्यवधान उत्पन्न कर रहे है।6 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 अतः समीक्षोपरांत मामले की गम्भीरता को देखते हुए सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-19 (6) के आलोक में श्री मनोज कुमार को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। तदनुसार उक्त निर्णय के आलोक में श्री मनोज कुमार, (बिहार कृषि सेवा कोटि-1 (शष्य), वर्ग-1) जिला कृषि पदाधिकारी, बक्सर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

2. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कृषि निदेशालय, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है।

3. निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

4. विभागीय कार्यवाही का संकल्प अलग से निर्गत किया जाएगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बिपिन कुमार सिंह, अवर सचिव।

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जल संसाधन विभाग

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अधिसूचना

19 जुलाई 2023

सं0 7/आई0-05-1009/2021-1213--लोक निर्माण विभाग के परिपत्र संख्या-11380 दिनांक-31.05.1971 के अनुसरण में जल संसाधन विभाग के लिए गठित परीक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन कार्यरत निम्नांकित सहायक अभियन्ता (याँंत्रिक) को दिनांक-10.12.2022 से दिनांक-13.12.2022 तक आयोजित प्रथम अर्द्धवार्षिक व्यवसायिक परीक्षा 2022-2023 का परीक्षाफल घोषित किया जाता हैः-

क्र0सं0 परीक्षार्थी का नाम अनुक्रमांक वर्तमान पदस्थापन परीक्षाफल
1 2 3 4 5
1 उमा भारती 01 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, पटना। उाीर्ण
2 नम्रता सिंह 02 अवर प्रमंडल पदाधिकारी, लघु सिंचाई अनुमंडल, दरभंगा। उाीर्ण
3 श्री रवीन्द्र कुमार साह 03 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, अररिया। उाीर्ण
4 निष्ठा सिंह 04 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, नालन्दा। उाीर्ण
5 श्री राकेश कुमार 05 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, कैमूर। उाीर्ण
6 श्री नितेश 06 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, सीतामढ़ी। उाीर्ण
7 श्री अभिषेक कुमार 07 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, औरंगाबाद। उाीर्ण
8 श्री नीतीश कुमार 08 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, गोपालगंज। उाीर्ण
9 तनूजा कुमारी 10 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हाजीपुर। उाीर्ण
10 श्री सुजीत कुमार 11 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, रोहतास। उाीर्ण
11 मो0 माशूक फैजी 12 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, मधुबनी। उाीर्ण
12 श्री पंकज कुमार 13 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, मुंगेर। उाीर्ण
13 मीनाक्षी भारती 14 अवर प्रमंडल पदाधिकारी, सिंचाई अनुमंडल, समस्तीपुर। उाीर्ण
14 श्री अशोक कुमार 15 अवर प्रमंडल पदाधिकारी, लघु सिंचाई अनुमंडल, गायघाट (मुजफ्‌फरपुर)। उाीर्ण
15 श्री राजीव कुमार सिंह 16 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, मधेपुरा। उाीर्ण
16 श्री अनुराग कुमार 17 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, भागलपुर। उाीर्ण
17 नगमा जमाल 18 प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, बेगूसराय। उाीर्ण
7 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गुंजन कुमार, अवर सचिव (प्रबंधन)।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 20—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

8 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------

सं0 909-- मैं अस्मिता कुमारी (ASMITHA KUMARI), पिता- मिथलेश पटेल, निवास-डेहरी ऑन सोन, मोहन बिगहा, थाना-डेहरी, पो॰-डालमियानगर, जिला-रोहतास (बिहार) मेरे आधार कार्ड में पता अद्यतन कराने के क्रम में स्मिता कुमारी (SMITA KUMARI) गलत मुद्रित हो गया है मेरा सही नाम अस्मिता कुमारी (ASMITHA KUMARI) है। शपथ पत्र सं॰ 6120, दिनांक 05.07.2023.

अस्मिता कुमारी।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 20—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

9 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 2/आरोप-01-58/2014-सा0प्र0-9032

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

12 मई 2023

श्री फैयाज अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 887/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 3496 दिनांक 29.04.2015 के माध्यम से बिहार स्टेट फूड एण्ड सिविल कॉरपोरेशन लि0, पटना के पत्रांक 10061 दिनांक 17.09.2014 द्वारा प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा के पदस्थापन अवधि में अधिप्राप्ति धान को क्षतिग्रस्त कराने, निगम को आर्थिक हानि पहुंचाने, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने, जनहित-निगमहित के विरूद्ध कार्य करने तथा अपने र्काव्यों के प्रति उदासीनता बरतने एवं आवंटित कार्यों के सम्पादन में लापरवाही बरतने संबंधी आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 231 दिनांक 11.01.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।

उल्लेखनीय है कि श्री अख्तर दिनांक 30.04.2023 को सेवानिवृा हो चुके हैं किन्तु विभागीय कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

अतः श्री फैयाज अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 887/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-54/2014-सा0प्र0-8901

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10 मई 2023

श्री जय किशोर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 777/08, तत्कालीन नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, सिवान के विरूद्ध नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2232 दिनांक 25.07.2014 द्वारा साक्ष्यों सहित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध साक्ष्य/अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

श्री प्रसाद के विरूद्ध आरोप है कि :- 1. आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के विशेष कार्य पदाधिकारी का पत्रांक 320 दिनांक 09.12.2011 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में अंकित है कि सिवान नगर परिषद्‌ की सामान्य बैठक दिनांक 07.04.2011 को हुई, जिसमें यह निर्णय हुआ कि वर्ष 2011-12 के लिए मजहरूल हक बस पड़ाव का डाक सुरक्षित जमा से 10 प्रतिशत कम करके करायी जाय, लेकिन इसकी सूचना 35 दिनों के बाद पत्रांक 688 दिनांक 13.05.2011 द्वारा दिनांक 28.05.2011 को करायी गयी, जिसके कारण लगभग 35,000/-रू0 प्रतिदिन राजस्व की हानि हुई। इस प्रकार कुल 12,00,000/-रू0 की क्षति हुई।10 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 2. आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के विशेष कार्य पदाधिकारी का पत्रांक 320 दिनांक 09.12.2011 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में यह प्रतिवेदित है कि श्री प्रेम कुमार गुप्ता, प्रधान सहायक, लेखापाल, नगर परिषद्‌, सिवान की 40 वर्ष की सेवा अवधि के बाद भी सेवानिवृा नहीं किया गया तथा लाखों की नाजायज निकासी की गई।

श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर विभागीय पत्रांक 13628 दिनांक 29.09.2014 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री प्रसाद के पत्र दिनांक 25.10.2014 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 17109 दिनांक 12.12. 2014 द्वारा श्री प्रसाद के स्पष्टीकरण पर नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 2602 दिनांक 13.08.2021 द्वारा श्री प्रसाद के स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री प्रसाद के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके स्पष्टीकरण तथा नगर विकास एवं आवास विभाग से प्राप्त मंतव्य की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त आरोप की गंभीरता तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के मंतव्य के आलोक में गठित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों की विस्तृत जाँच हेतु बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के प्रावधानों के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10397 दिनांक 13.09.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा के पत्रांक 2284 दिनांक 01.12.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

विभागीय पत्रांक 22795 दिनांक 19.12.2022 द्वारा श्री प्रसाद से प्रमाणित आरोपों के लिए बचाव अभ्यावेदन की मांग की गया। श्री प्रसाद के पत्र दिनांक 11.01.2023 द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री प्रसाद का कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में उनकी बातों को शामिल किये बिना मंतव्य प्रेषित किया गया है। उनके विरूद्ध दुर्भावना से प्रेषित होकर आरोप गठित किया गया है।

श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके बचाव अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा :- 1. बस पड़ाव के बन्दोवस्ती में अनियमितता बरती गयी। 2. श्री प्रेम कुमार गुप्ता, प्रधान सहायक, लेखापाल, नगर परिषद्‌, सिवान को सेवानिवृाि की निर्धारित अवधि से दो वर्ष अधिक कार्य लिये जाने के संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री प्रसाद को कार्यालय प्रधान होने के नाते पर्याप्त सजगता नहीं बरते जाने का उल्लेख किया गया है। कार्यालय प्रधान होने के नाते श्री प्रसाद को सेवानिवृाि से संबंधित सरकारी नियमावली की जानकारी अपेक्षित थी।

3. नगर विकास एवं आवास विभाग से ससमय मार्गदर्शन प्राप्त नहीं होने के कारण श्री गुप्ता को ससमय सेवानिवृा नहीं कराया जा सका, एक वरीय पदाधिकारी होने के नाते श्री प्रसाद का यह कथन उनके लापरवाही को दर्शाता है। 4. श्री प्रसाद द्वारा पर्यवेक्षण एवं सजगता बरती जाती, तो श्री प्रेम कुमार गुप्ता दो वर्ष अधिक सरकारी सेवा में नहीं बने रहते।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोपों पर संचालन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि श्री प्रसाद का यह आचरण लापरवाही एवं र्काव्यहीनता का द्योतक है एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों का उल्लंघन है। अतः श्री प्रसाद से प्राप्त बचाव अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''पेंशन से पाँच प्रतिशत (5%) की राशि दो वर्षों तक कटौती'' का दंड विनिश्चित किया गया।

उपर्युक्त उल्लेखित विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 4457 दिनांक 03.03.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक 392 दिनांक 25.04.2023 द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री जय किशोर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 777/08, तत्कालीन नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, सिवान सम्प्रति सेवानिवृा को बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''पेंशन से पाँच प्रतिशत (5%) की राशि दो वर्षों तक कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/सी0-1047/2010-सा0प्र0-6896

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11 अप्रील 2023

श्री जैनेन्द्र कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 582/11, तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1066/रा0 दिनांक 15.06.2010 द्वारा गठित आरोप-पत्र/पूरक आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया। उक्त आरोपों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध आरोप है कि :-

11 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023

1. मौजा-अररिया संग्राम में 170 एवं मौजा पिपरौलिया में 126 भू-धारियों को मुआवजा का भुगतान नहीं किया गया है। श्री कुमार द्वारा भू-धारियों को मुआवजा के भुगतान में लापरवाही बरती गयी है।

2. जिला पदाधिकारी, मधुबनी एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ स्थल जाँच करने पर यह पाया गया कि मौजा अररिया संग्राम में एन0एच0 के दोनों तरफ दुकान एवं बाजार है, जबकि समिति के जाँच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि भूमि पर एन0एच0 सड़क बना हुआ है और आस-पास फसल लगी हुई है। स्पष्ट है कि मुआवजा राशि भू-धारियों को कम वितरित किया गया। श्री कुमार द्वारा आपाि के निराकरण में अनियमितता बरती गयी है।

3. निदेशक, भू-अर्जन, बिहार द्वारा दिनांक 28.04.2010 को किये गये स्थल जाँच के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार द्वारा भूमि को गलत प्रकार का उल्लेख किया गया है।

4. स्थल जांच के क्रम में कतिपय रैयतों द्वारा यह शिकायत की गयी कि अधिक रकवा का अर्जन हुआ है परंतु मुआवजा का भुगतान कम रकवा का किया गया है।

5. स्थल जांच के दौरान रैयतों द्वारा यह भी शिकायत की गयी कि जिला भू अर्जन पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा उनकी कोई बात/परिवाद ठीक ढंग से नहीं सुनी गयी और न तो कोई आवेदन/परिवाद-पत्र लिया गया।

विभागीय पत्रांक 11831 दिनांक 14.07.2022 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्र दिनांक 01.08.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार द्वारा प्रतिवेदित आरोपों से इन्कार किया गया है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों की विस्तृत जाँच हेतु बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी0) के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया जाता है, जिसमें आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारेी नियुक्त किया जाता है।

जिला पदाधिकारी, मधुबनी को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।

श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-02/2021-सा0प्र0-10665

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6 जून 2023

श्री जनक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1193/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, मधुबनी के विरूद्ध एन0एच0-104 एवं इन्डोनेपाल सड़क में मुआवजा के भुगतान में 3% एवं 8% रूपये लिये जाने संबंधी प्राप्त परिवाद-पत्र की संयुक्त जाँच सामाहरणालय, मधुबनी के आदेश ज्ञापांक 238/जि0गो0 दिनांक 30.01.2017 द्वारा अपर समाहर्त्ता, मधुबनी के नेतृत्व में संबंधित क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी, फुलपरास एवं भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, झंझारपुर-सह-भूमि सुधार समाहर्त्ता, फुलपरास से कराई गई। स्थलीय जाँचोपरान्त त्रि-सदस्यीय जाँच दल द्वारा पत्र संख्या 199/रा0गो0 दिनांक 12.06.2017 के माध्यम से संयुक्त जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, ''जिसमें श्री कुमार द्वारा —षि योग्य भूमि को आवासीय दर पर मुआवजा का भुगतान करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया,'' जो सेवा नियम एवं शर्तें (बिहार सेवा संहिता) 2.5.1 का स्पष्ट उल्लंघन है।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों/कागजातों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक 1854 दिनांक 10.02.2021 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7176 दिनांक 16.07. 2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 516 दिनांक 13.10.2022 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

विभागीय पत्रांक 21946 दिनांक 08.12.2022 एवं अन्य पत्रों द्वारा श्री कुमार से पूर्णतः प्रमाणित एवं प्रमाणित आरोपों के लिए बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक 1315 दिनांक 23.12.2022 द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष से असहमति व्यक्त करते हुए प्रतिवेदित आरोपों से इंकार किया गया।12 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, इनसे प्राप्त बचाव अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि एन0एच0 104 हेतु अर्जित की गई भूमि के NH Act की धारा-3A में अंकित भूधारी के भूमि के किस्म को आरोपित पदाधिकारी द्वारा किस्म सुधार हेतु पारित आपत्ति को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित छः सदस्यीय समिति की अनुशंसा के आलोक में किस्म सुधार कर धारा-3D के तहत इसका प्रकाशन कराना चाहिए था, परंतु श्री कुमार द्वारा ऐसा नहीं किया गया। खेसरा सं0-3974 का किस्म NH Act की धारा-3D के तहत प्रकाशित गजट में भीठ दर्ज है तथा अमीन द्वारा तैयार खेसरा पंजी में भी भीठ दर्ज किया गया, इसके बावजूद भी आरोपित पदाधिकारी द्वारा प्राप्त आपत्ति को सुनवाई के उपरांत उक्त भूमि के किस्म को बिना स्थलीय जाँच एवं छः सदस्यीय समिति की अनुशंसा के ही किस्म परिवर्तित कर आवासीय कर दिया गया एवं भू-धारी को आर्थिक लाभ पहुँचाया गया। साथ ही श्री कुमार द्वारा स्थलीय जाँच के बिना ही —षि योग्य भूमि को आवासीय दर पर भू-धारियों को भुगतान किया गया एवं छः सदस्यीय समिति की अनुशंसा के बिना ही कतिपय अर्जित भूमि के किस्म को संशोधित किया गया। स्पष्टतः श्री कुमार का यह —त्य भू-अर्जन अधिनियम अन्तर्गत आच्छादित प्रावधान का उल्लंघन है, जिससे विाीय अनियमितता एवं सरकारी राशि का दुरूपयोग हुआ।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री कुमार के लिखित अभिकथन को अस्वी—त किया गया एवं इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18) एवं (ii) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक की शास्ति अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार के विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 4424 दिनांक 03.03.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक 728 दिनांक 23.05.2023 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।

अतः उपर्युक्त वर्णित स्थिति में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री जनक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1193/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, मधुबनी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।

(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18), (ii) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक।

आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-30/2022-सा0प्र0-11658

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19 जून 2023

श्री जनार्दन प्रसाद अग्रवाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1166/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा के विरूद्ध विभागीय अनुरोध के उपरान्त राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2050 दिनांक 28.12.2022 द्वारा आरोप-पत्र गठित कर उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री अग्रवाल के विरूद्ध आरोप है कि :-

''अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा के पदस्थापन अवधि में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 4448/2018 मो0 जमाल अहमद बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 29.07.2022 को पारित आदेश के आलोक में श्री सुनील कुमार वर्मा, तत्कालीन अंचल अधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा के विरूद्ध विहित प्रपत्र में आरोप-पत्र विलम्ब से उपलब्ध कराया गया। सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 4448/2018 में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश/आदेशों के अनुपालन की कार्रवाई में जिला स्तर पर लगभग 04 (चार) वर्षों की विलम्ब हुई, इस अवधि में श्री अग्रवाल, अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा के प्रभार में रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी के विरूद्ध आरोप-पत्र गठन हेतु पत्र अंचलाधिकारी को दिया गया, जो नियमानुकूल नहीं है। इस मामले में अनुमंडल स्तर से खानापूरी की गई और मामले को सही रूप से Follow नहीं किया गया तथा माननीय उच्च न्यायालय के पारित आदेश/आदेशों के अनुपालन के बिन्दु पर संवेदनहीनता तथा लापरवाही बरती गयी।''

विभागीय पत्रांक 1308 दिनांक 18.01.2023 द्वारा श्री अग्रवाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री अग्रवाल के पत्रांक 111/आ0 दिनांक 30.01.2023 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री अग्रवाल द्वारा अपने स्पष्टीकरण में प्रतिवेदित आरोपों से इनकार किया गया है। उनका कहना है कि उनके द्वारा अपने र्काव्यों का पालन भली-भांति किया गया है। उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में ससमय तत्कालीन अंचलाधिकारी, बिहारशरीफ के विरूद्ध आरोप-पत्र तैयार किया गया था, किन्तु कतिपय कारणों से संशोधित आरोप-पत्र के संबंध में आवश्यक अभिलेखों की मांग अंचलाधिकारी से की गयी थी। उनके द्वारा कार्यों के व्यस्तता के कारण संशोधित आरोप-पत्र को प्रेेषित नहीं किया जा सका। इसके आलोक में श्री अग्रवाल द्वारा आरोप से मुक्त किये जाने का अनुरोध किया गया है।13 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 श्री अग्रवाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनके स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 4448/2018 में दिनांक 18.07.2018 को दिये गये आदेश के आलोक में अतिक्रमण वाद की कार्रवाई का अनुपालन में विलम्ब के लिए संबंधित अंचलाधिकारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने संबंधी आदेश पारित किया गया था। इसके आलोक में श्री अग्रवाल द्वारा श्री सुनील कुमार वर्मा, तत्कालीन अंचल अधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा के विरूद्ध विहित प्रपत्र में आरोप-पत्र विलम्ब से उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 4448/2018 में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश/आदेशों के अनुपालन की कार्रवाई में जिला स्तर पर लगभग 04 (चार) वर्षों की विलम्ब हुई। इस अवधि में श्री अग्रवाल, अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा के प्रभार में रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी के विरूद्ध आरोप-पत्र गठन हेतु पत्र अंचलाधिकारी को दिया गया, जो नियमानुकूल नहीं है। इस मामले में अनुमंडल स्तर से खानापूरी की गई और मामले को सही रूप से Follow नहीं किया गया तथा माननीय उच्च न्यायालय के पारित आदेश/आदेशों के अनुपालन के बिन्दु पर संवेदनहीनता तथा लापरवाही बरती गयी।

श्री अग्रवाल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अवहेलना के कारण से सरकार को माननीय न्यायालय के समक्ष विपरीत परिस्थिति का सामना करना पड़ा।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यो के आलोक में श्री अग्रवाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इनके स्पष्टीकरण को अस्वीकार किया जाता है एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''निन्दन (आरोप वर्ष 2018-19)'' का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री जनार्दन प्रसाद अग्रवाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1166/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा सम्प्रति जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2018-19)।

आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-10/2019-सा0प्र0-12009

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22 जून 2023

श्री दिलीप कुमार अग्रवाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 959/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी, वाहन कोषांग, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध निर्वाचन विभाग के पत्रांक 5070 दिनांक 20.05.2019 द्वारा गठित आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप-पत्र एवं साक्ष्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

श्री अग्रवाल के विरूद्ध आरोप है कि :- 1. लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अवसर पर जिला समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी, पूर्वी चम्पारण के अनुसार इस जिला से अन्य जिलों को गमनागमन के लिए ईधन सहित वाहन की अधियाचना किए जाने के बावजूद श्री अग्रवाल द्वारा वाहनों में ईंधन उपलब्ध कराने हेतु लगातार अनावश्यक टालमटोल किए जाने तथा ईंधन सहित वाहन उपलब्ध नहीं कराने के कारण प्रथम चरण के चुनाव में गया प्रतिनियुक्ति हेतु गृहरक्षकों को रेलवे वारंट, पुलिस केन्द्र, मोतिहारी के द्वारा प्राप्त कर गृहरक्षकों को गया प्रस्थान कराया गया। इससे निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में व्यवधान हुआ। साथ द्वितीय चरण के जिलों में निर्वाचन हेतु गृह रक्षक बलों को वाह्‌य जिले में प्रतिनियुक्ति के लिए ससमय ईंधन सहित वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे निर्वाचन संबंधी कार्यों में व्यवधान हुआ।

2. लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अंतर्गत प्रथम चरण के चुनाव हेतु इस जिले से पुलिस बल को विभिन्न जिले में भेजने के क्रम में गया जिला को भेजे जाने वाले वाहन में ईंधन उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिए जाने के बावजूद श्री अग्रवाल द्वारा अनावष्यक रूप से वाहन में ईंधन उपलब्ध कराने में विलंब किया गया, जिससे निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में व्यवधान हुआ।

3. लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अंतर्गत प्रेक्षक कोषांग द्वारा अनुरोध किए जाने के बावजूद श्री अग्रवाल द्वारा प्रेक्षकगणों के उपयोग हेतु ससमय उपयुक्त वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों मे व्यवधान उत्पन्न हुआ।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनके स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12494 दिनांक 24.12.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।14 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं श्री अग्रवाल से प्राप्त बचाव अभ्यावेदन के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8621 दिनांक 08.05.2023 द्वारा श्री अग्रवाल को ''एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए असंचयी प्र्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' की शास्ति अधिरोपित की गयी।

श्री अग्रवाल द्वारा उक्त दंडादेश के आलोक में पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि :-

श्री अग्रवाल द्वारा उल्लेखित बिन्दुओं को विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में रखा जाना चाहिए था। विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में उन्हें पूर्ण मौका दिया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री अग्रवाल के पक्ष के आलोक में प्रतिवेदित आरोप, साक्ष्य एवं संबंधित अभिलेखों के आधार पर जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। श्री अग्रवाल के द्वारा जिला पदाधिकारी को ही आरोपों के लिए जिम्मेवार ठहराया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री अग्रवाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप जांच के क्रम में प्रमाणित पाया गया है। श्री अग्रवाल द्वारा अपने अभ्यावेदन में पूर्व में दिये गये स्पष्टीकरण के बिन्दुओं का ही उल्लेख किया गया है।

उनके द्वारा लोक सभा आम चुनाव, 2019 के अवसर पर दिये गये दायित्वों का पालन नहीं किया गया है। आम चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8621 दिनांक 08.05.2023 द्वारा श्री अग्रवाल को ''एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए असंचयी प्र्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' की शास्ति अधिरोपित की गयी है।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री दिलीप कुमार अग्रवाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 959/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी, वाहन कोषांग, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी सम्प्रति अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जहानाबाद के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8621 दिनांक 08.05. 2023 द्वारा ''एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए असंचयी प्र्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' के अधिरोपित दंड को पूर्वव्‌त बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री दिलीप कुमार अग्रवाल (बि0प्र0से0), अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जहानाबाद के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ निम्नलिखित शास्ति पूर्ववत्‌ बरकरार रखा जाता है :-

(i) एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए असंचयी प्र्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-10/2019-सा0प्र0-8621

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8 मई 2023

श्री दिलीप कुमार अग्रवाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 959/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी, वाहन कोषांग, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध निर्वाचन विभाग के पत्रांक 5070 दिनांक 20.05.2019 द्वारा गठित आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप-पत्र एवं साक्ष्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

श्री अग्रवाल के विरूद्ध आरोप है कि :- 1. लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अवसर पर जिला समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी, पूर्वी चम्पारण के अनुसार इस जिला से अन्य जिलों को गमनागमन के लिए ईधन सहित वाहन की अधियाचना किए जाने के बावजूद श्री अग्रवाल द्वारा वाहनों में ईंधन उपलब्ध कराने हेतु लगातार अनावश्यक टालमटोल किए जाने तथा ईंधन सहित वाहन उपलब्ध नहीं कराने के कारण प्रथम चरण के चुनाव में गया प्रतिनियुक्ति हेतु गृहरक्षकों को रेलवे वारंट, पुलिस केन्द्र, मोतिहारी के द्वारा प्राप्त कर गृहरक्षकों को गया प्रस्थान कराया गया। इससे निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में व्यवधान हुआ। साथ द्वितीय चरण के जिलों में निर्वाचन हेतु गृह रक्षक बलों को वाह्‌य जिले में प्रतिनियुक्ति के लिए ससमय ईंधन सहित वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे निर्वाचन संबंधी कार्यों में व्यवधान हुआ।

2. लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अंतर्गत प्रथम चरण के चुनाव हेतु इस जिले से पुलिस बल को विभिन्न जिले में भेजने के क्रम में गया जिला को भेजे जाने वाले वाहन में ईंधन उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिए जाने के बावजूद श्री अग्रवाल द्वारा अनावश्यक रूप से वाहन में ईंधन उपलब्ध कराने में विलंब किया गया, जिससे निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में व्यवधान हुआ।

3. लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अंतर्गत प्रेक्षक कोषांग द्वारा अनुरोध किए जाने के बावजूद श्री अग्रवाल द्वारा प्रेक्षकगणों के उपयोग हेतु ससमय उपयुक्त वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों मे व्यवधान उत्पन्न हुआ।15 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 8134 दिनांक 10.09.2020 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक-शून्य दिनांक 25.09.2020 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनके स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12494 दिनांक 24.12.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा के पत्रांक 249 दिनांक 01.02.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 5527 दिनांक 21.03.2023 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर श्री अग्रवाल से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री अग्रवाल के पत्रांक 650 दिनांक 31.03.2023 द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री अग्रवाल के द्वारा संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति व्यक्त किया गया है। उनके द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में अंकित उनके पक्षों में की गई टिप्पणी का ही उल्लेख किया गया है।

प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं श्री अग्रवाल से प्राप्त बचाव अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि :-

''लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के अवसर पर पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी से अन्य जिलों को आवागमन के लिए आवश्यकतानुसार ईंधन आपूर्ति में विलम्ब की गयी। निर्वाचन से संबंधित कार्याें की महाा को देखते हुए श्री अग्रवाल द्वारा ईधन आपूर्ति को सुचारू रूप से किया जाना चाहिए था।

प्रथम चरण के चुनाव हेतु गया जिले को भेजे जाने वाले वाहनों में ईंधन उपलब्ध कराये जाने हेतु निदेश दिये जाने के बावजूद भी ईंधन उपलब्ध कराने में विलम्ब किया गया। श्री अग्रवाल द्वारा निर्वाचन जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्यों हेतु परिस्थितिजन्‌य आवश्यकता के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन किया जाना चाहिए था।

लोक सभा आम निर्वाचन, 2019 के तहत प्रेक्षकगणों के उपयोग हेतु ससमय उपर्युक्त वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ।''

प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर श्री अग्रवाल के बचाव अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए असंचयी प्र्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री दिलीप कुमार अग्रवाल (बि0प्र0से0), तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी, वाहन कोषांग, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी सम्प्रति अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जहानाबाद के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए असंचयी प्र्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-08/2023-सा0प्र0-9033

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12 मई 2023

श्री चितरंजन प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1075/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, सीतामढ़ी सम्प्रति जिला परिवहन पदाधिकारी, भोजपुर के विरूद्ध जिला पदाधिकारी द्वारा छापेमारी में परिवहन कार्यालय के आसपास के दुकानों में पाई गई परिवहन कार्यालय से संबंधित अवैध सामग्रियों/कागजातों के आलोक में निदेश के बावजूद भी कार्रवाई नहीं करने, ओवरलोड वाहनों/निजी वाहनों से अवैध वसूली, परिवहन से संबंधित कार्यों को नियमानुकूल नहीं करने, वरीय पदाधिकारियों द्वारा दिये गये निदेशों का अवहेलना करने के आरोपों के लिए परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1272 दिनांक 23.02.2023 द्वारा गठित आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया। परिवहन विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र (साक्ष्यों/अभिलेखों) के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। विभागीय पत्रांक 6295 दिनांक 03.04.2023 द्वारा प्रतिवेदित अरोपों पर श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री प्रसाद के पत्रांक 618 दिनांक 12.04.2023 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनसेे प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त आरोपों की गंभीरता के आलोक में इनके स्पष्टीकरण को अस्वीकार किया गया तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के संगत प्रावधानों के तहत आरोपों की बृहद जाँच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया।16 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 अतः श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता की वृहद जाँच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित किया जाता है, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना से अनुरोध किया जाता है कि विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर इसकी सूचना संचालन पदाधिकारी एवं सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना को देंगे।

श्री प्रसाद को निदेश दिया जाता है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/नि0था0-11-03/2015-सा0प्र0-11516

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16 जून 2023

श्री चंदन कुमार मंडल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 797/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, बायसी, पूर्णियां को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के धावादल द्वारा परिवादी मो0 रजी अहमद से 10,000/-(दस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे-हाथ गिरफ्तार करने के उपरान्त निगरानी थाना कांड संख्या 069/2015 दिनांक 21.08.2015 दर्ज किये जाने की सूचना जिला पदाधिकारी, पूर्णियां के पत्रांक 2019 दिनांक 21.08.2015 द्वारा दी गयी। उक्त सूचना के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1338 दिनांक 27.01.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।

उल्लेखनीय है कि श्री मंडल दिनांक 31.05.2023 को सेवानिवृा हो चुके हैं। इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

अतः श्री चंदन कुमार मंडल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 797/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, बायसी, पूर्णियां सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-20/2021-सा0प्र0-7770

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24 अप्रील 2023

श्री अरविन्द कुमार मिश्र (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 719/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, कैमूर के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4950 दिनांक 23.11.2021 द्वारा उपलब्ध कराये गये कागजात/अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

श्री मिश्र के विरूद्ध आरोप है कि :- ''खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में 09 राइस मिलरों को एकरारनामा के समय जमा किये गये डीड ऑफ प्लेज से अधिक राशि का धान निर्गत किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 अंतर्गत प्रमादी मिलरों से कुल 58,15,81,392.62 रू0 राशि वसूली हेतु शेष है।

इस प्रकार उपर्युक्त मामले में श्री मिश्र के विरूद्ध प्रशासनिक विफलता एवं निगम मुख्यालय के निदेर्शाें की अवहेलना का आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित होता है।''

विभागीय पत्रांक 4962 दिनांक 31.03.2022 द्वारा आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों पर श्री मिश्र से स्पष्टीकरण की गयी। श्री मिश्र के पत्र दिनांक 19.09.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 17911 दिनांक 30.09.2022 एवं पत्रांक 19493 दिनांक 03.11.2022 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 349 दिनांक 25.01.2023 द्वारा उपलब्ध कराये गये मंतव्य में श्री मिश्र के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं प्रतिवेदित किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग कहना है कि श्री मिश्र द्वारा अपने पदस्थापन अवधि में खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में राइस मिलरों के साथ एकरारनामा किया गया था। श्री मिश्र द्वारा निगम मुख्यालय के निदेश के आलोक में एकरारनामा नहीं करने के कारण निगम को आर्थिक क्षति हुई है। खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में कुल 09 राईस मिलरों के साथ एकरारनामा के समय प्राप्त की गई डीड ऑफ प्लेज की राशि से मिलरों को अधिक धान दिया गया है। आरोपी पदाधिकारी द्वारा एकरारनामा के कंडिका-2 एवं 4 का पूर्णतः पालन नहीं करते हुए मिलरों17 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 को दिये गये धान के समानुपातिक बैंक गारंटी/ डीड ऑफ प्लेज नहीं लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 अन्तर्गत अधिप्राप्ति धान की मिलिंग हेतु एकरारनामा एवं डीड ऑफ प्लेज प्राप्त करने हेतु निगम के पत्रांक 435 दिनांक 13.01.2014 के द्वारा डीड ऑफ प्लेज प्राप्त करने संबंधी दिशा-निर्देश एवं अधिप्राप्ति वर्ष 2013-14 अन्तर्गत निगम मुख्यालय के पत्रांक 11067 दिनांक 12.12.2013 के द्वारा कार्ययोजना एवं मार्ग निर्देश निर्गत है, के आलोक में आरोपी द्वारा कार्रवाई नहीं की गयी। अगर आरोपी द्वारा निर्गत विभिन्न दिशा-निदेशाें का अनुपालन किया जाता तो अनियमितता करने वाले मिलरों के विरूद्ध नियमानुकूल विधिक कार्रवाई की जाती एवं सरकार को भारी आर्थिक क्षति नहीं उठानी पड़ती।

प्रतिवेदित आरोप, आरोपी का स्पष्टीकरण एवं विभागीय मंतव्य की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री मिश्र द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में 09 राईस मिलरों को एकरारनामा के समय जमा किये गये डीड ऑफ प्लेज की राशि से अधिक राशि का धान निर्गत किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में 41 प्रमादी मिलरों से कुल 58,15,81,392.62 रू0 राशि वसूली हेतु शेष है। इस प्रकार उपर्युक्त मामले में श्री मिश्र के विरूद्ध प्रशासनिक विफलता एवं निगम मुख्यालय के निर्देशों की अवहेलना का आरोप प्रमाणित होता है।

यहाँ उल्लेखनीय है कि श्री मिश्र के विरूद्ध पूर्व में शास्ति अधिरोपित की गयी है, जिसके तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11447 दिनांक 07.08.15 द्वारा ''असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक'' एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6411 दिनांक 01.07.20 द्वारा ''अनिवार्य सेवानिवृाि'' का दंड अधिरोपित है, जबकि दो निम्नलिखित मामलों में अनुशासनिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है :-

(i) विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14348 दिनांक 01.11.18 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है एवं (ii) प्रखंड विकास पदाधिकारी, लखनौर, मधुबनी के पदस्थापन अवधि में वर्ष 2007-08 में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत 14वीं लोकसभा के माननीय सांसद श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव, झंझारपुर संसदीय क्षेत्र की अनुशंसा के अनुसार स्वी—त योजना को ससमय पूर्ण कराये जाने में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने संबंधी आरोप की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि आरोप बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत्‌ कालबाधित है। अत्यधिक विलंब से कार्रवाई करने के लिए संबंधित कर्मचारी/पदाधिकारियों का उारदायित्व निर्धारित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु ग्रामीण विकास विभाग से अनुरोध किया गया है।

विदित हो कि बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139(ग) निम्न प्रकार है :- ''अधीनस्थ पदाधिकारियों द्वारा अपने नियंत्रणाधीन पारित पेंशन स्वी—ति संबंधित आदेश को पुनरीक्षण करने की शक्ति राज्य सरकार को है यदि सरकार का यह समाधान हो जाए की सम्बद्ध सरकारी सेवक के विरूद्ध कार्यरत अवधि में घोर कदाचार का पर्याप्त सबूत है तथा उसका कार्य पूर्ण असंतोषप्रद रहा है। लेकिन इस शक्ति का प्रयोग सिर्फ संबंधित पेंशनर को उचित जवाब देने का अवसर प्रदान करने और उससे जवाब प्राप्त करने के पश्चात ही किया जाना चाहिए, पर इस शक्ति का प्रयोग प्रथम पेंशन स्वी—ति की तिथि से तीन साल के बाद नहीं की जाएगी।''

वर्णित तथ्यों के आलोक में पूर्व के वृहत दंड एवं प्रक्रियाधीन अनुशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट है कि श्री मिश्र के विरूद्ध कार्यरत अवधि में घोर कदाचार का पर्याप्त सबूत है तथा उनका कार्यकाल पूर्ण असंतोषप्रद रहा है।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त विभागीय मंतव्य से सहमत होते हुए श्री मिश्र के विरूद्ध आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।

अतएव समीक्षोपरान्त लिए गये निर्णय के आलोक में श्री अरविन्द कुमार मिश्र (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 719/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, कैमूर सम्प्रति अनिवार्य सेवानिवृत्त को ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-01/2020-सा0प्र0-10213

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31 मई 2023

श्री अरविन्द कुमार झा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 591/11, तत्कालीन उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, मधुबनी के विरूद्ध राष्ट्रीय विकास एवं समाज कल्याण परिषद (RVESKP) द्वारा संचालित विशेष दाक ग्रहण केन्द्र मधुबनी को जून, 2017 में डॉ0 आशा दास के मकान से श्रीमती रीता झा के मकान में स्थानांतरित किया गया। TISS की टीम द्वारा विशेष दाक ग्रहण केन्द्र में दिनांक 04.11.2017 को किये गये निरीक्षण में पाया गया कि यह भवन उसमें रहने वालों के लिए खतरनाक, अनुपयुक्त तथा अस्वास्थ्यकर था। साथ हीं जाँच एजेंसी ने अपने जाँच में इस भवन को अस्वास्थ्यकर प्रतिवेदित किया। श्री झा द्वारा विशेष दाक ग्रहण संस्थान भवन को स्थानांतरित करने के पूर्व उस भवन का निरीक्षण नहीं किया गया तथा जानबूझकर गलत उद्देश्यों से 14 सूत्री जाँच प्रपत्र बिना भरे उस अनुपयुक्त भवन में विशेष दाक ग्रहण को स्थानांतरित करने की स्वी—ति दी गयी।18 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 उक्त आरोपों की वृहत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11643 दिनांक 08.12.2020 द्वारा श्री झा के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री झा के दिनांक 31.01.2023 को सेवानिवृा हो जाने के कारण इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2680 दिनांक 08.02.2023 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया।

जाँच आयुक्त-सह-प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 94 दिनांक 15.12.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरान्त जाँच प्रतिवेदन के विश्लेषण एवं निष्र्कष से असहमति जताते हुए असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 1460 दिनांक 19.01.2023 द्वारा श्री झा से लिखित अभिकथन समर्पित करने का अनुरोध किया गया। श्री झा के पत्रांक 12 दिनांक 21.01.2023 द्वारा असहमति के बिन्दु पर लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। श्री झा द्वारा असहमति के बिन्दु से असहमत होते हुए अपने उपर लगाये गये आरोपों से इन्कार किया गया।

श्री झा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनके द्वारा असहमति के बिन्दु पर समर्पित लिखित अभिकथन तथा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि मधुबनी जिले में बाल संरक्षण पदाधिकारी के रूप में श्री संगीत ठाकुर पदस्थापित थे और श्री झा उनसेे एक स्तर ऊपर के पदाधिकारी थे और विशिष्ट दाक ग्रहण केन्द्र के पर्यवेक्षण, उसके रख-रखाव एवं सूचारू संचालन की जिम्मेवारी श्री झा की थी, जो इनके द्वारा नहीं किया गया। प्रभारी निदेशक होने के नाते उक्त भवन के निरीक्षण एवं बच्चों के न्यूनतम सुख सुविधा से अवगत होकर आश्वस्त होने के बाद भवन का स्थानान्तरण किया जाना चाहिए था। श्री झा के द्वारा 14 सूत्री जाँच प्रपत्र भरे बिना उस अनुपयुक्त भवन में विषेष दाक ग्रहण केन्द्र को स्थानान्तरित करने की स्वी—ति दी गयी। इस प्रकार श्री झा द्वारा वरीय पदाधिकारी के रूप में कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता बरती गयी है।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री झा के लिखित अभिकथन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''पेंशन से 5% (पाँच प्रतिशत) राशि कटौती 3 (तीन) वर्ष के लिए'' की शास्ति अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से विभागीय पत्रांक 6717 दिनांक 14.03.2023 द्वारा सहमति/परामर्श उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। उक्त के आलोक में आयोग के पत्रांक 695 दिनांक 19.05.2023 द्वारा श्री झा के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी है।

अतएव उपर्युक्त वर्णित स्थिति में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री अरविन्द कुमार झा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 591/11, तत्कालीन उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी निदेषक, जिला बाल संरक्षण इकाई, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''पेंशन से 5% (पाँच प्रतिशत) राशि कटौती 3 (तीन) वर्ष के लिए'' की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-01/2019-सा0प्र0-7506

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20 अप्रील 2023

श्री अपूर्व कुमार मधुकर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 451/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, मेसकौर, नवादा के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, मेसकौर के पदस्थापन अवधि में सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना 30% की योजना संख्या 02, 03, 04, 06, 07 एवं 32/2005-06 में दिए गए अग्रिम एवं खाद्यान्न आपूर्ति के दुर्विनियोग संबंधी बरती गयी अनियमितता के लिए प्राप्त आरोप की वृहत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3279 दिनांक 09.03.2018 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही में आयुक्त के सचिव, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक 2285 दिनांक 21.10.2019 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री मधुकर से प्राप्त बचाव अभ्यावेदन दिनांक 05.01.2020 एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त मंतव्य के समीक्षोपरान्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7434 दिनांक 27.08.2020 द्वारा ''संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।

श्री मधुकर दिनांक 31.12.2021 को सेवानिवृाि हो गये हैं, जिसके कारण इनके विरूद्ध अधिरोपित दंड पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पा रहा है।

अतएव श्री मधुकर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पुनः समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7434 दिनांक 27.08.2020 द्वारा ''संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' के दंड को प्रतिस्थापित करते हुए ''दो वर्षों से अनधिक अवधि के लिए संचयी प्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अपूर्व कुमार मधुकर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 451/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, मेसकौर, नवादा सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7434 दिनांक 27.08.202019 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 द्वारा अधिरोपित एवं संसूचित दंड ''संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' को निम्नलिखित दंड में प्रतिस्थापित किया जाता है :-

(i) दो वर्षोंं से अनधिक अवधि के लिए संचयी प्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-19/2021-सा0प्र0-9774

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25 मई 2023

श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1148/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, बक्सर सम्प्रति अनिवार्य सेवानिवृत्त के विरूद्ध खरीफ विपणन वर्ष 2012-13 के अन्तर्गत अधिप्राप्ति धान के मिलिंग हेतु संबंद्ध मिलरों के साथ किये जाने वाले एकरारनामा के साथ नियमानुकूल Deed of Pledge प्राप्त नहीं करने के कारण निगम को 37,41,45,564.94 (सैतीस करोड़ एकतालिस लाख पैतालिस हजार पाँच सौ चौसठ रूपये एवं चौरान्वे पैसे) रू0 की आर्थिक क्षति पहुंचाने संबंधी आरोप के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया।

विभागीय पत्रांक 8728 दिनांक 01.06.2022 एवं स्मार पत्रांक 10835 दिनांक 30.06.2022 द्वारा आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों पर श्री कुमार से स्पष्टीकरण की गयी। श्री कुमार के पत्र दिनांक 09.08.2021 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 16590 दिनांक 13.09.2022 द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 491 दिनांक 03.02.2023 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री कुमार के स्पष्टीकरण को अस्वीकार योग्य प्रतिवेदित किया गया।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके स्पष्टीकरण एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त विभागीय मंतव्य की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री कुमार द्वारा अधिप्राप्ति वर्ष 2012-13 अन्तर्गत निगम मुख्यालय के कार्ययोजना एवं मार्ग निर्देष के आलोक में कार्य नहीं किया गया। श्री कुमार के पदस्थापन काल में कुल 53 मिलरों से एकरारनामा किया गया, परन्तु सरकार के निदेशिका के अनुसार कार्य नहीं किये जाने के कारण मिलरों द्वारा ससमय चावल/सी0एम0आर0 वापस नहीं किया गया। इस प्रकार निगम को 37,41,45,564.94 (सैंतीस करोड़ एकतालिस लाख पैंतालिस हजार पाँच सौ चौसठ रूपये एवं चौरान्वे पैसे) की अर्थिक क्षति हुई है।

उल्लेखनीय है कि श्री कुमार को जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगमम, बक्सर के पदस्थापन काल के एक अन्य गंभीर आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6374 दिनांक 30.06.2020 द्वारा ''अनिर्वाय सेवानिवृाि'' की शास्ति अधिरोपित की गयी है। इसके अतिरिक्त श्री कुमार के विरूद्ध बक्सर (मुफ्फसिल) थाना कांड संख्या 306/2015 दिनांक 03.11.2015 में विधि विभाग के आदेश संख्या-एस0पी0-26/2019-137/जे0 दिनांक 18.02.2021 द्वारा अभियोजन स्वी—त है। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त विभागीय मंतव्य से सहमति जताया गया। श्री कुमार के विरूद्ध उपर्युक्त अधिरोपित वृहत दंड एवं अभियोजन स्वी—त्यादेश से स्पष्ट है कि इनके विरूद्ध कार्यरत अवधि में घोर कदाचार का पर्याप्त सबूत है तथा उनका कार्यकाल पूर्ण असंतोषप्रद रहा है।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकर द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5357 दिनांक 20.03.2023 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।

उक्त दंडादेश पर विचार हेतु श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें इनके द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कुछ न्यायनिर्णय का अंश का उद्धरण देते हुए आरोप से मुक्त करने का अनुरोध किया गया। श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त विभागीय मंतव्य, संचिका में उपलब्ध अभिलेख एवं इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी श्री कुमार द्वारा अपने पदस्थापन काल में 53 मिलरों के साथ एकरारनामा किया गया। नियमानुसार एकरारनामा नहीं करने के कारण मिलरों द्वारा धान प्राप्त कर इसके बदले चावल/सी0एम0आर0 निगम को वापस नहीं की गयी, जिसके कारण कुल 37,41,45,564.94 (सैंतीस करोड़ एकतालिस लाख पैंतालिस हजार पाँच सौ चौसठ रूपये एवं चौरान्वे पैसे) रू0 निगम की आर्थिक क्षति हुई है।

उल्लेखनीय है कि अधिप्राप्ति वर्ष 2012-13 अन्तर्गत मिलरों से डीड ऑफ प्लेज/एकरारनामा करने के संबंध में निगम मुख्यालय के पत्रांक 9914 दिनांक 29.12.2012 द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्गत किया गया, जिसमें अंकित है कि "Therefore request you to keep the said Title Deeds/khatian (with the Land possession certificate issued20 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 by the competent authority) of acquired/inherited but unencumbered immovable property in his name or the certified copies of the said Title Deeds khatian and the ownership paper(s) of the mill in his name/possession which are being pledge by him by way of security."

इसी प्रकार अधिप्राप्ति वर्ष 2012-13 अन्तर्गत निगम मुख्यालय के पत्रांक 9404 दिनांक 08.12.2012 द्वारा कार्ययोजना एवं मार्ग निर्देश निर्गत है, जिसके कंडिका-ग के बिन्दु 02 में स्पष्ट निदेश दिया गया था कि ''मिलरों से एकरारनामा करते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखा जाय कि संबंधित मिलर को सुपुर्द किये जाने वाली धान की मात्रा/मिलिंग क्षमता के अनुपात में ही बैंक गारंटी मिलरों से ली जाय, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी/गबन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई/वसूली में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो। साथ ही मिलर के साथ पी0डी0आर0 एक्ट के तहत एकरारनामा किया जाय'' तथा बिन्दु 04 में अंकित है कि ''अधिप्राप्ति धान की मिलिंग के लिए टैंग/चयनित स्वच्छ एवं सत्यापित मिलरों को उतनी ही मात्रा में धान कुटाई के लिए उपलब्ध कराया जायेगा जितनी राशि की जमानत राशि एवं बैंक गारंटी उनसे प्राप्त की गयी हो'' तथा बिन्दु 05 में अंकित है कि ''जिला प्रबंधक की यह जिम्मेवारी होगी कि मिल का मिलिंग हेतु उपलब्ध कराये गये धान के विरूद्ध सी0एम0आर0 निर्धारित मात्रा एवं गुणवता/नमी के अनुसार प्राप्त होने के उपरांत ही धान के दूसरी किस्त उन्हें कुटाई के लिए उपलब्ध कराया जाय।''

आरोपी पदाधिकारी श्री कुमार द्वारा निगम मुख्यालय के पत्रांक 9914 दिनांक 29.12.2012 एवं पत्रांक 9404 दिनांक 08.12.2012 का अनुपालन नहीं किया गया। इनके द्वारा मिलरों के साथ एकरारनामा करते समय मिलरों से उनके स्वयं की सम्पत्ति का निगम के नाम निबंधित प्लेज नहीं कराया गया तथा समानुपातिक रूप से धान निर्गत नहीं किया गया। फलस्वरूप मिलरों द्वारा निगम को चावल वापस नहीं करने की स्थिति में सम्पत्ति को जब्त कर निलाम नहीं कराया जा सका। फलतः निगम को भारी आर्थिक क्षति हुई है। श्री कुमार द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कुछ न्यायनिर्णय का अंश का उद्धरण दिया गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अन्य मामले में पारित न्यायादेष की व्याख्या बिना किसी तथ्य के श्री कुमार द्वारा अपने हित में किया गया है।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5357 दिनांक 20.03.2023 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1148/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, बक्सर सम्प्रति अनिवार्य सेवानिवृत्त के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5357 दिनांक 20.03.2023 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दंड को पूर्ववत्‌ बरकरार रखा जाता है।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-28/2018-सा0प्र0-3405

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17 फरवरी 2023

श्री अखिलेश्वर प्रसाद सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 703/11, तत्कालीन अपर नगर आयुक्त (स्थापना), नगर निगम, पटना (दिनांक 31.01.2019 को सेवानिवृा) के विरूद्ध राज्य सूचना आयोग, बिहार, पटना के द्वारा पारित आदेशों की अवहेलना करने एवं समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने संबंधी आरोप के लिए प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय स्तर पर पुनर्गठित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों के लिए स्पष्टीकरण की गयी। उक्त के आलोक में श्री सिंह के पत्रांक 1133 दिनांक 30.01.2019 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं साक्ष्यों तथा प्राप्त स्पष्टीकरण की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त श्री सिंह के स्पष्टीकरण को अस्वी—त करते हुए आरोपों की वृहत जाँच के लिए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6130 दिनांक 21.04.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 182 दिनांक 13.12.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री सिंह के विरूद्ध आरोप-पत्र में गठित आरोप अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।

श्री सिंह के विरूद्ध राज्य सूचना आयोग द्वारा प्रतिवेदित आरोप एवं संचालित पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह को राज्य सूचना आयोग द्वारा पारित आदेश ज्ञापांक 540221 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 दिनांक 06.09.2017 उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण राज्य सूचना आयोग की सुनवाई में वे निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं हुए। अतएव उनके विरूद्ध राज्य सूचना आयोग द्वारा पारित आदेश के उल्लंघन का आरोप प्रमाणित नहीं होता है।

श्री सिंह के विरूद्ध विाीय अनियमितता से संबंधित कोई गंभीर अनुशासनिक चूक का मामला प्रतिवेदित नहीं है। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को संचिकास्त किये जाने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अखिलेश्वर प्रसाद सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 703/11, तत्कालीन अपर नगर आयुक्त (स्थापना), नगर निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृाि के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को संचिकास्त किया जाता है।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/परि0-06-10/2021-सा0प्र0-11209

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14 जून 2023

श्री अखिलेश कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1270/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया के विरूद्ध श्री राजकुमार सर्राफ, भागलपुर द्वारा समर्पित परिवाद-पत्र में रूपया उधार लेने एवं वापस नहीं करने तथा भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया।

प्राप्त परिवाद-पत्र की जाँच जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा कराई गई। जिला पदाधिकारी, भागलपुर से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध आरोप की वृहद्‌ जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14822 दिनांक 10.12.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

संयुक्त आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 322 दिनांक 11.05.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसके निष्कर्ष में अंकित किया गया है कि :-

1. आरोप, आरोपी पदाधिकारी का बचाव-बयान, उपस्थापन पदाधिकारी का लिखित पक्ष एवं अन्य संलग्न कागजातों के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आरोपी पदाधिकारी एवं परिवादी श्री राज कुमार सर्राफ (किरासन तेल हॉलसेलर), नवगछिया के बीच आरोपी पदाधिकारी के अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया में पहले पदस्थापन अवधि (दिनांक 10.04.2013 से 07.12.2015 तक) से ही घनिष्ठ संबंध थे।

2. आरोपी पदाधिकारी के दूसरे पदस्थापन काल में आरोपी पदाधिकारी द्वारा श्री राज कुमार सर्राफ के किरासन तेल हॉलसेलर के अनुज्ञप्ति को रद्‌द करने हेतु प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, जिसके आलोक में जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा श्री सर्राफ के किरासन तेल अनुज्ञप्ति को रद्‌द कर दिया गया।

3. श्री सर्राफ के द्वारा दिनांक 07.07.2021 को परिवाद दिया गया है कि आरोपी पदाधिकारी को उनके द्वारा 56 लाख रूपया इस शर्त के साथ दिया गया था कि वे 06 महीने में लौटा देंगे, जो उन्हें अबतक अप्राप्त है।

4. संचालन पदाधिकारी द्वारा उल्लेख किया गया है कि श्री सर्राफ के परिवाद पत्र के अनुसार 56 लाख रूपया लिये जाने संबंधी आरोप का कोई भी लिखित प्रमाण/साक्ष्य नहीं है। इसका एक मात्र गवाह अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया के सरकारी वाहन के चालक श्री मुनेश्वर पासवान है।

5. साक्ष्य के अभाव में परिवादी श्री राज कुमार सर्राफ एवं आरोपी पदाधिकारी के बीच संदेहास्पद लेन-देन संबंधी आरोप प्रमाणित नहीं होता है।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं संचिका में संधारित अन्य संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री सर्राफ द्वारा समर्पित परिवाद-पत्र एवं परिवाद-पत्र पर जिला पदाधिकारी, भागलपुर के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सर्राफ द्वारा लगाये गये आरोपों के संदर्भ में साक्ष्य के अभाव में आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। आरोपों के संदर्भ में मात्र एक स्वतंत्र गवाह सरकारी चालक श्री मुनेश्वर पासवान हैं जिनके द्वारा कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं उपलब्ध कराया गया। उनका बयान मात्र मौखिक कथन पर आधारित है।22 (cid:464)बहार गजट, 2 अगस्त 2023 यहाँ उल्लेखनीय है कि परिवाद-पत्र की जाँच जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा तीन-सदस्यीय दल द्वारा करायी गयी थी। जाँच दल द्वारा भी उल्लेख किया गया है कि परिवाद में पैसे की लेन-देन की बात वर्ष 2014 की है, जबकि श्री सर्राफ द्वारा अपना परिवाद-पत्र वर्ष 2021 में समर्पित किया गया है। परिवादी द्वारा इतने लम्बे समय तक इस विषय को नहीं उठाया गया। आरोपी पदाधिकारी के दूसरे पदस्थापन काल में परिवादी के किरासन तेल हॉलसेलर की अनुज्ञप्ति को रद्‌द करने हेतु प्रतिवेदित करने के उपरान्त उनके द्वारा अपना परिवाद-पत्र समर्पित किया गया। इस प्रकार परिवादी एवं आरोपी पदाधिकारी के बीच संदेहास्पद लेन-देन संबंधी आरोप प्रमाणित प्रतीत नहीं होता है।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए विभागीय कार्यवाही को समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गय।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अखिलेश कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1270/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

------ सं0 04/वी0मु0-20-54/2020-3966/एम0 खान एवं भूतत्व विभाग ----- संकल्प 31 जुलाई 2023 नवादा जिलान्तर्गत मौजा-रजौली के पत्थर भूखण्ड संख्या-1 एवं 2 का पट्‌टा निष्पादन दिनांक 18.09.2017 को किया गया था, जिसका द्वितीय किस्त दिनांक 31.01.2018 को देय था। बिहार लघु खनिज समनुदान नियमावली, 1972 के नियम-52(5) के तहत निर्धारित अवधि के पूर्व बंदोबस्ती के किस्त का भुगतान नहीं होने की स्थिति में दो माह तक 24 प्रतिशत साधारण ब्याज अधिरोपित करने तथा उसके बाद पट्‌टा रद्द करने का प्रावधान है। श्री प्रमोद कुमार (सेवानिवृत्त खनिज विकास पदाधिकारी), तत्कालीन प्रभारी सहायक निदेशक, जिला खनन कार्यालय, नवादा द्वारा अपने पदस्थापन अवधि में सही ब्याज की गणना कर बंदोबस्तधारी मेसर्स महादेव इन्क्लेव प्रा0लि0 से वसूली की कार्रवाई नहीं की गई और न ही मुख्यालय को सही तथ्यों से अवगत कराया गया। उनका यह कृत्य राजस्वहित के विरूद्ध तथा पट्‌टाधारी से मिलीभगत का परिचायक है।

2. श्री प्रमोद कुमार के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 5322 दिनांक 20.10.2022 से उनसे लिखित अभिकथन की माँग की गयी। श्री कुमार द्वारा लिखित अभिकथन समर्पित नहीं किया गया।

3. श्री प्रमोद कुमार (सेवानिवृत्त खनिज विकास पदाधिकारी), तत्कालीन प्रभारी सहायक निदेशक, जिला खनन कार्यालय, नवादा द्वारा अपने पदस्थापन अवधि में सही ब्याज की गणना कर बंदोबस्तधारी मेसर्स महादेव इन्क्लेव प्रा0लि0 से वसूली की कार्रवाई नहीं की गई और न ही मुख्यालय को सही तथ्यों से अवगत कराया गया। श्री कुमार प्रथम दृष्टतया दोषी प्रतीत पाये गये हैं। श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इसकी वृहद जाँच की आवश्यकता प्रतीत होती है।

4. अतएव श्री कुमार के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, मगध प्रमंडल, गया तथा प्रस्तुतीकरण/ उपस्थापन पदाधिकारी, श्री मुकेश कुमार, खनिज विकास पदाधिकारी, नवादा को नियुक्त किया जाता है।

5. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपना बचाव/पक्ष संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखेंगे एवं जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दे, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 मोईज उद्दीन, संयुक्त सचिव।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 20—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 August 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2023-08-02.31/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2023-08-02.31.