(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 26 (cid:302)ावण 1945 (श0)
(सं0 पटना 683) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 17 अग(cid:232)त 2023 सं॰ Subway-16-01/2023-4053 नगर विकास एवं आवास विभाग ——— संकल्प 12 vxLr 2023 बिहार संग्रहालय एवं पटना संग्रहालय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के दो महत्वपूर्ण स्थल है। इनके बीच सड़क मार्ग से आवागमन में व्यस्त यातायात के कारण पर्यटकों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सब-वे के निर्माण होने से बिहार संग्रहालय एवं पटना संग्रहालय के बीच विष्व स्तरीय आधुनिक भूमिगत सम्पर्कता प्रदान की जा सकेगी, जिससे इन दोनो महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण में लोगों को सुविधा होगी साथ ही बिहार की कला-संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत से लोग सुविधाजनक ढंग से परिचित हो सकेगें। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1974 दिनांक-02.05.2022 के द्वारा पटना संग्रहालय से बिहार संग्रहालय तक टनल सब-वे निर्माण योजना की प्रषासनिक स्वीकृति रू0 373,00,00,000/- (तीन सौ तिहत्तर करोड़ रू0 मात्र) पर दी गयी थी। तत्पश्चात् योजना के क्रियान्वयन हेतु दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन के साथ दिनांक-07.01.2023 को द्विपक्षीय एकरारनामा संपादित किया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ सम्पादित एकरारनामा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन को इस कार्य के निविदा निष्पादन हेतु पूर्ण स्वत्रंता प्रदान की गयी है। एकरारनामा के पश्चात् दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में निहित सिविल कार्यों में निविदा योग्य कार्यों, जिसके लिए सन्निहित राषि रू॰ 300,54,00,000/- (तीन सौ करोड़ चौवन लाख रू0 मात्र) थी, के लिए दिनांक-23.02.2023 को निविदा प्रकाशित की गयी। निविदा की प्री-बीड बैठक में कुल सात निविदादाता उपस्थित हुए थे परन्तु केवल एक निविदादाता द्वारा निविदा समर्पित की गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन, भारत सरकार एवं केन्द्रीय सतर्कता आयोग के निदेशाें के तहत निविदा निष्पादन का कार्य करता है। इस मामले में प्राप्त एकल निविदा को तकनीकी मूल्यांकन में सफल पाया गया, जिसके कारण इसके विाीय निविदा को खोला गया। विाीय निविदा खोलने पर यह पाया गया कि निविदादाता द्वारा डाली गई निविदा निर्धारित मूल्य से 44.56% अधिक थी। अतः निविदा समिति द्वारा इस पर अंतिम निर्णय हेतु2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 17 अग(cid:232)त 2023 दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन के सक्षम प्राधिकार, प्रबंध निदेशक, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को इसे निर्णयार्थ भेजा गया। प्रबंध निदेशक, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन नेे अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्राप्त एकल निविदा को निम्नांकित कारणों से रद्द करते हुए पुनः नये सिरे से राषि आकलन करते हुए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने तथा सिविल एवं अन्य कार्यो के लिए पुनः आकलित कर आवश्यक अग्रेार कार्रवाई करने का निदेश दिया :-
(i) सब-वे निर्माण योजना हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन वर्ष 2022 में तैयार किया गया था जो दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा पूर्व से किये जा रहे पटना मेट्रो के लिए स्वीकृत/अनुमोदित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन जो वर्ष 2018 का था, के आधार-मूल्य पर तैयार किया गया था। सिविल कार्यो हेतु की गयी निविदा में तीन वर्षो का कोरोना काल होने के कारण दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन द्वारा बाजार दर में वृद्धि का सही-सही आकलन नहीं किया जा सका था। (ii) 8 मीटर व्यास के सुरंग की खुदाई का पूर्व अनुभव नहीं होने के कारण इस परियोजना हेतु टनल निर्माण के लिए निर्धारित 8 मीटर व्यास में प्रयोग किये जाने वाले टनल बोरिंग मशीन के बाजार दर से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन पूर्णतः अनभिज्ञ था, जिस कारण तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में इस हेतु निर्धारित राषि अपेक्षाकृत कम रह गयी थी। साथ ही 8 मी॰ व्यास के टनल सब-वे निर्माण के लिए विशेष प्रकार के टनल बोरिंग मशीन एवं उसके आवश्यक पाटर््स की आवश्यकता होती है जिसे ऑर्डर पर प्राप्त किया जाना आवष्यक है।
(iii) टनल बोरिंग मशीन की क्षमता सामान्यतः 5 से 6 किलोमीटर खुदाई करने की होती है, परन्तु इस टनल की लम्बाई लगभग 1.5 किलोमीटर है जिसमें मशीन की क्षमता का मात्र 25% ही उपयोग में आयेगा। इसके कारण निविदादाता के लिए प्रकाषित निविदा में निर्धारित राशि काफी कम थी। फलतः प्राप्त एकल निविदा में यह 44.56% अधिक था। वर्णित टनल सब-वे की चौड़ाई 6.1 मीटर रखने के प्रावधान के आलोक में 8 मीटर बाहरी व्यास के टनल बोरिंग मशीन अनुभाग की आवष्यकता थी। यह मेट्रो कार्य में उपयोग की जाने वाली टनल बोरिंग मशीन सुरंग का सामान्य खण्ड नहीं होने के कारण इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन द्वारा सुरंग कायों में अनुभव रखने वाली विभिन्न एजेंसियों से सम्पर्क किया गया, जिसमें M/s L & T, M/s HCC, M/s Herren Knecht और M/s CRCHI से 8 मीटर व्यास वाली सुरंग की दरें प्राप्त की गई। प्राप्त दरों के आधार पर टनल बोरिंग मशीन के औसत मूल्य पर पुनः पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार करने की आवश्यकता महसूस की गयी, तद्नुसार रू॰ 542,00,00,000/- (पाँच सौ बयालीस करोड़ रू0 मात्र) के अनुमानित मूल्य का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर उपलब्ध कराया गया। योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के परियोजना निदेषक द्वारा तकनीकी अनुमोदन प्रदान किया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन से बिहार संग्रहालय एवं पटना संग्रहालय के बीच विष्व स्तरीय आधुनिक भूमिगत सम्पर्कता प्रदान की जा सकेगी।
(8) योजना के लिए स्वीकृत राशि का प्रबंध राज्य योजना मद से किया जायेगा। राशि की प्रस्तावित व्यय विवरणी निम्नवत् है -
| 1 | 2023-24 | 100,00,00,000/- |
| 2 | 2024-25 | 221,00,00,000/- |
| 3 | 2025-26 | 221,00,00,000/- |
| 542,00,00,000/- |
अतः सम्यक विचारोपरांत बिहार संग्रहालय से पटना संग्रहालय को जोड़ने वाले सब-वे निर्माण योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन रू0 542,00,00,000/- (पाँच सौ बयालीस करोड़ रू0 मात्र) की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 17 अग(cid:232)त 2023 उक्त प्रस्ताव पर दिनांक-08.08.2023 को सम्पन्न राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के मद संख्या- 09 के रूप में स्वीकृति प्राप्त है। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी अपर मुख्य सचिव/सभी प्रधान सचिव/सभी सचिव/सभी प्रमण्डलीय आयुक्तों/जिला पदाधिकारियों/महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,