असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
26 (cid:302)ावण 1945 (श0)
(सं0 पटना 685) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 17 अग(cid:232)त 2023
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श्रीमती रेणु कुमारी, बि0प्र0से0, काटि क्र0-1242/11 तत्का0 जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, कैमूर के विरूद्ध समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3632 दिनांक 23.09.2020 द्वारा आरोप पत्र इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। आरोप पत्र में श्रीमती कुमारी के विरूद्ध प्रतिवेदित किया गया है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कैमूर के रूप में अपनी पदस्थापन अवधि दिनांक 05.06.2014 से 06.04.2015 के बीच इनके द्वारा अल्पावास गृह, कैमूर का एक बार भी समीक्षा एवं पर्यवेक्षण नहीं किया गया, जिससे अल्पावास गृह में कई प्रकार की अनियमितताएं प्रकाश में नहीं आ सकीं।
प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति साक्ष्य अभिलेखो सहित विभागीय पत्रांक-9343 दिनांक-09.06.2022 द्वारा भेजते हुए श्रीमती कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्रीमती रेणु कुमारी, विशेष कार्य पदाधिकारी स्वास्थ्य विभाग के पत्र दिनांक-09.02. 2023 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 17 अग(cid:232)त, 2023 उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्रीमती कुमारी द्वारा एक पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 09.05.2023 समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि इनकी पदस्थापन अवधि के काफी बाद वर्ष 2016, सितम्बर, 2017 एवं अप्रैल, 2018 में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जांच के दौरान अल्पावास गृह में यौन उत्पीड़न की शिकायत पायी गयी। किन्तु इनके पदस्थापन अवधि में इस प्रकार का कोई शिकायत नहीं की गयी। श्रीमती कुमारी का कहना है कि वर्ष 2013 की मार्गदर्शिका की कंडिका-6 अल्पावास गृह में भर्ती की नीति एवं प्रक्रिया से संबंधित है, जिसकी कंडिका (X) के अनुसार अल्पावास गृह के लिए विहित समीक्षा समिति का कार्य केवल अल्पावास गृह में संवासिनों की भर्ती और उनकी प्रवास अवधि के विस्तार की समीक्षा का था। इस समिति का अल्पावास गृह के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण से कोई संबंध नहीं था। कंडिका-6 के खंड (X) में ''पर्यवेक्षण'' शब्द का उल्लेख तक नहीं है। इस प्रकार श्रीमती कुमारी द्वारा आरोपों का प्रतिवाद करते हुए खुद पर लगाये गये आरोपों से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। श्रीमती कुमारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं उनके द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि महिला विकास निगम की मार्गदर्शिका की कंडिका (X) में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि अल्पावास गृह के लिए एक समीक्षा समिति होगी जो इसमें प्रवास कर रहे संवासिनों के मामले की प्रतिमाह के प्रथम सप्ताह में समीक्षा करेगी। समीक्षा के दौरान गत माह में संवासिनो के रख-रखाव, खान-पान, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास आदि की समीक्षा की जायेगी। इस समिति के अध्यक्ष जिला प्रोग्राम पदाधिकारी होते हैं। अध्यक्ष के नाते श्रीमती कुमारी का दायित्व था कि वे नियमित रूप से अल्पावास गृह की समीक्षा करती। श्रीमती कुमारी द्वारा अपने पदस्थापन काल में अल्पावास गृह का समीक्षा नहीं किया गया। इस कारणवश अल्पावास गृह में बच्चों के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, वित्तीय अनियमितता, जर्जर भवन में संचालन जैसी अनियमितता का निराकरण नहीं हो पाया। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्रीमती कुमारी के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत किये जाने की शास्ति यथावत रखने का विनिश्चिय किया गया है।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड के आलोक में श्रीमती रेणु कुमारी, बि0प्र0से0, काटि क्र0-1242/11 तत्का0 जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, कैमूर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत
किये जाने की शास्ति को यथावत रखा जाता है।
उप सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,