असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
2 भा(cid:289) 1945 (श0)
(सं0 पटना 702) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 24 अग(cid:232)त 2023
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श्री उदय प्रताप ंिसंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-51/2019 (01/2023) तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, पटना के पत्रांक-192 दिनांक 13.02.2017 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना को आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की गयी एवं इसकी प्रतिलिपि विभाग को भी उपलब्ध करायी गयी। प्राप्त आरोप पत्र में श्री सिंह के विरूद्ध राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के क्रियान्वयन में शिथिलता, लापरवाही बरतने तथा अपने विभागीय कार्यो एवं दायित्वों का निर्वहन नहीं करनेे का आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2 प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय पत्रांक 2817 दिनांक 08.03.2017 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। परन्तु श्री सिंह का स्पष्टीकरण विभाग को प्राप्त नहीं हुआ। कालान्तर में श्री सिंह के स्पष्टीकरण पर महाप्रबंधक (सामान्य प्रशासन) राज्य खाद्य आपूर्ति निगम, पटना का मंतव्य अपर सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना को बिहार स्टेट फुड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लि0 के पत्रांक 10678 दिनांक 12.10.2018 द्वारा उपलब्ध कराते हुए इसकी प्रतिलिपि विभाग को भी उपलब्ध करायी गयी।
3 तत्पश्चात विभागीय पत्रांक 9980 दिनांक 25.07.2019 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा गठित आरोप पत्र एवं श्री सिंह के स्पष्टीकरण पर निगम के मंतव्य पर विस्तृत समीक्षा प्रतिवेदन की मांग खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से की गयी। विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन में श्री सिंह के स्पष्टीकरण को जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा संतोषजनक नहीं/स्वीकार योग्य नहीं प्रतिवेदित किया गया है, जबकि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा स्वीकार योग्य प्रतीत होता है, प्रतिवेदित किया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 24 अग(cid:232)त, 2023 संख्या-01, 02 एवं 06 को आंशिक प्रमाणित, आरोप संख्या-05 को प्रमाणित एवं आरोप संख्या-03, 04 एवं 07 को अप्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए आंशिक रूप से प्रमाणित/प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 9016 दिनांक 15.05.2023 द्वारा श्री सिंह से लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन की मांग की गयी।
6. श्री सिंह का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन (पत्रांक 485 दिनांक 01.06.2023) प्राप्त हुआ। जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से अनाज के कम उठाव के लिए विभिन्न कारणों को बताते हुए इसे परिस्थितिजन्य बताया गया तथा उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के साथ संलग्न साक्ष्य एवं राज्य खाद्य निगम के मंतव्य को बिना जांच किये जिला पदाधिकारी, पटना के मंतव्य को सत्य मान लिया गया। उनके द्वारा संबंधित सहायक प्रबंधक के निलंबन हेतु मुख्यालय को भेजे गये अनुरोध के आलोक में सहायक प्रबंधक को निलंबित किया गया एवं आरोप पत्र गठित कर दंडित किया गया। खाद्यान्न उठाव के पश्चात गंतव्य स्थान की जवाबदेही परिवहन अभिकर्त्ता की होती है। संबंधित घटना रात्रि की है। रात्रि में वाहन पर नियंत्रण रखने का कोई साधन जिला प्रबंधक के पास नहीं है।
7. श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक पदाधिकार के स्तर पर की गयी एवं पाया गया कि पटना जिला में खाद्यान्न उठाव की प्रक्रिया में धीमी गति तो हुई किन्तु इसके लिए सिर्फ जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना ही जिम्मेवार नहीं थे, बल्कि परिस्थितिजन्य कारणों से खाद्यान्न उठाव में विलंब हुआ। फिर भी धीमी गति से खाद्याान्न उठाव के लिए जिला स्तर से प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होने के कारण जिला प्रबंधक की जिम्मेदारी बनती थी कि उनके द्वारा समुचित कार्रवाई की जाती।
8. वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री उदय प्रताप ंिसंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-51/2019 (01/2023) तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति संयुक्त सचिव, संसदीय कार्य विभाग, बिहार, पटना का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए आंशिक प्रमाणित/प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 19 के संगत प्रावधानों के तहत नियम-14 में उल्लेखित "
अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,