(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 14 भा(cid:289) 1945 (श0)
(सं0 पटना 727) पटना, मंगलवार, 5 िसत(cid:224)बर 2023 सं॰ - सहकारिता विभाग ——— संकल्प 27 twu 2023
विषय :- मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना अंतर्गत पूर्व में प्रावधानित राशि के अवशेष भाग का उपयोग अहर्त्ता पूरी करने वाले प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) बिहार में कृषि उपज को बढ़ाने एवं कृषकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य के कृषकों को पैक्स के माध्यम से भाड़े पर कृषि संयंत्रों को उपलब्ध कराने हेतु पूर्व में "मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना" को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक द्वारा स्वीकृति प्राप्त है। इस योजनान्तर्गत पैक्सों को अधिकतम 15 लाख (पन्द्रह लाख) रुपये, जिसमें 50% अनुदान एवं 50% ऋण की राशि है, की लागत के अंतर्गत आवश्यकतानुसार कृषि संयंत्र बैंक स्थापित किए जाने का प्रावधान है।
2. राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना अंतर्गत राज्य के प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति (पैक्स) के अतिरिक्त बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत निबंधित/गठित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को पैक्स के लिए निर्धारित शर्त्तो पर शामिल करने एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की स्वीकृति की जाती है।
3. राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के आलोक में योजना का कार्यान्वयन 2024-25 तक किया जायेगा। 4. इस योजना के कार्यान्वयन से ग्रामीण स्तर पर सब्जी उत्पादक कृषकों को सब्जी की खेती में सुविधा होगी एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के नियमित आय का स्त्रोत भी विकसित होगा।
5. बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजनान्तर्गत निबंधित/गठित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को आवश्यकतानुसार सब्जी की खेती में प्रयुक्त होने वाले कृषि संयंत्र बैंक स्थापित करने हेतु पैक्सों के समान शर्त्तो पर मो॰ 15.00 लाख रुपये प्रति प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) उपलब्ध कराया जायेगा। योजनान्तर्गत विभाग के द्वारा निर्धारित अर्हताओं को पूरा करने वाले चयनित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) में सब्जी की खेती में प्रयुक्त होने वाले कृषि संयंत्र बैंक की स्थापना की जायेगी, जिससे समिति के सब्जी उत्पादक सदस्यों/किसानों को उचित किराये2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 5 (cid:871)सत(cid:224)बर 2023 पर सब्जी की खेती में प्रयुक्त होने वाले कृषि संयंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इससे प्राप्त आय से प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के द्वारा राज्य सरकार को ऋण की वापसी हो सकेगी। यह योजना कृषि प्रधान बिहार राज्य के विकास में सहायक होगा।
(I) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से राज्य सरकार को प्राप्त राशि एवं राज्य सरकार से निगम को राशि की वापसी :-
(क) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से योजना के लिए प्राप्त मो॰ 439.05 करोड़ रुपये की राशि में से अवशेष राशि का उपयोग प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) में कृषि संयंत्र बैंक स्थापित करने के लिए किया जायेगा। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से 75% ऋण एवं 25% अनुदान के आधार पर राशि प्राप्त किया गया है।
(ख) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से राज्य सरकार को प्राप्त उक्त अग्रिम राशि अंतर्गत ऋण की अवधि 8 वर्ष की है, जिसमें मूलधन की स्थगन अवधि एक वर्ष है। निगम द्वारा राज्य सरकार को दिए जाने वाले ऋण पर निधियों की वास्तविक विमुक्ति के समय प्रचलित व्याज दरे लागू होगी। ब्याज की गणना मासिक चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर प्रत्येक माह की अंतिम तिथि को की जानी है एवं ब्याज का भुगतान अर्द्धवार्षिक किया जाना है। साथ ही किस्त की वापसी भुगतान देय तिथि अथवा देय तिथि के पूर्व करने पर ब्याज दर 10.36% प्रभावी किया गया है। परन्तु किस्त की वापसी भुगतान देय तिथि को या उससे पूर्व नहीं करने पर सामान्य ब्याज दर यथा 11.36% प्रभावी किया गया है। ऋण अतिदेय होने पर सामान्य ब्याज दर से 2.5% दंड ब्याज का भी प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार के द्वारा निगम को प्रत्येक वर्ष 5 जनवरी को ऋण किश्त एवं ब्याज का भुगतान किया जाना है।
(ग) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली से प्राप्त कुल 439.05 करोड़ रुपये (75% ऋण एवं 25% अनुदान) को रुपांतरित कर प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को 50% ऋण के रुप में तथा 50% अनुदान के रुप में रुप में उपलब्ध कराया जाना है। यह वित्तीय व्यवस्था योजना की पूरी अवधि के लिए प्रभावी होगा। (ii) राज्य सरकार से प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को वित्तीय सहायता एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) द्वारा राज्य सरकार को ऋण वापसी राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से प्राप्त राशि कुल 439.05 करोड़ रुपये में से अवशेष बची राशि से राज्य के चयनित 100 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को प्रति PVCS मो॰ 15.00 लाख रुपये की दर से सब्जी की खेती में प्रयुक्त होने वाले कृषि संयंत्र की खरीदगी हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को दी जाने वाली वित्तीय सहायता 50% ऋण एवं 50% अनुदान के रुप में दी जायेगी अर्थात् योजनाधीन प्रत्येक प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को 7.50 लाख रुपये ऋण एवं 7.50 लाख रुपये अनुदान के रुप में उपलब्ध कराया जायेगा। इस प्रकार 100 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के लिए राज्य सरकार से 50% ऋण के रुप में 7.50 करोड़ रुपये तथा 50% अनुदान के रुप में 7.50 करोड़ रुपये उपलब्ध करायी जायेगी।
राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को दी जाने वाली उक्त ऋण पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा निर्धारित ब्याज दर/दंड ब्याज प्रभावी होगा। प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के द्वारा राज्य सरकार को ऋण की वापसी, योजना कार्यान्वयन के अगले वर्ष से 5 वर्षो में 10 अर्द्धवार्षिक समान किस्तों में की जायेगी। इसके निमित इस योजनान्तर्गत चयनित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक/बिहार राज्य सहकारी बैंक की शाखाओं के बीच में एक वैधानिक एकरारनामा किया जायेगा, जिसके द्वारा चयनित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS), बैंक को ऋण की राशि अपने बचत खाता से निकाल कर ट्रेजरी चालान के माध्यम से जमा करने के लिए अधिकृत करेंगे। इससे संबंधित दिशा-निर्देश अलग से निर्गत किया जायेगा। प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को दिया गया ऋण लोक मांग के रुप में मानी जायेगी तथा बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के अंतर्गत वसूलनीय होगी। जिला सहकारिता पदाधिकारी का दायित्व होगा कि ऋण राषि की वसूली सुनिश्चित करेंगे तथा प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को प्राप्त वित्तीय सहायता के पूर्ण अभिलेख एवं ऋण/अनुदान का पूर्ण लेखा जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय में संधारित होगा। जिला सहकारिता पदाधिकारी खाते में ऋण राषि हस्तान्तरित करते समय ही समिति को3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 5 (cid:871)सत(cid:224)बर 2023 क्रेडिट नोट देंगे जिसमें निर्धारित किश्त एवं किश्त वापसी की तिथि का उल्लेख होगा। वे समिति को यथा समय मांग-पत्र (Demand) भेजेंगे, ऋण राशि की वसूली के लिए ससमय स्मारित करेंगे तथा वसूली हेतु जिला पदाधिकारी से प्रशासनिक सहयोग लेना भी सुनिश्चित करेंगे। चूक की स्थिति में समिति को नोटिश निर्गत करेंगे। यदि फिर भी वसूली नहीं होती है तो उनके विरूद्ध नीलाम पत्र की कार्रवाई करेंगे। ऋण के रुप में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को उपलब्ध करायी गई राषि की वसूली का अनुश्रवण निदेशालय स्तर पर निबंधक सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना (Nodal Officer) द्वारा किया जायेगा। निबंधक, सहयोग समितियाँ, कार्यालय में ऋण की वसूली का रिकार्ड रखा जायेगा। जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रत्येक माह में ऋण राषि की वसूली की समीक्षा करेंगे तथा प्रगति प्रतिवेदन निबंधक, सहयोग समितियाँ/सरकार (विभाग) को भेजेंगे। ऋण वापस नहीं करने वाले प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) पर प्रबंध निदेषक, जिला केन्द्रीय सहकारी अधिकोष/शाखा प्रबंधक, बिहार राज्य सहकारी बैंक नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। निबंधक, सहयोग समितियाँ, ऋण राषि की वसूली का अनुश्रवण करेंगे एवं समय-समय पर प्रबंध निदेषक, जिला केन्द्रीय सहकारी अधिकोष/शाखा प्रबंधक, बिहार राज्य सहकारी बैंक को इस संबंध में आवष्यक दिषा-निदेष देंगे ताकि ऋण की वसूली ससमय सुनिश्चित की जा सके। योजना का कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण ।- इस योजना के कार्यान्वयन हेतु निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार नोडल पदाधिकारी होंगे तथा योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लि॰ के माध्यम से सुनिश्चित करायेंगे। योजना कार्यान्वयन हेतु निर्गत विभागीय संकल्प संख्या 2325 दिनांक 17.09.2020 के अनुरुप प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों का चयन एवं राशि विमुक्त किया जायेगा। योजनान्तर्गत प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के चयन हेतु योग्यता का निर्धारण निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के द्वारा किया जायेगा। (i) योजना राशि के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी ।- योजना अंतर्गत स्वीकृत राशि के आलोक में यथा आवश्यक आवंटन संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया जायेगा, जो इस राशि के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे। निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी उपलब्ध आवंटनानुसार विपत्र तैयार कर चयन समिति द्वारा चयनित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) की सूची के साथ संबंधित कोषागार में विपत्र प्रस्तुत करेंगे तथा कोषागार द्वारा आहरित राशि को NEFT/RTGS के माध्यम से चयनित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक के संबंधित शाखा में संधारित समिति के विशेष बचत खाता में हस्तांतरित किया जायेगा। इसके लिए महालेखाकार से प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
(ii) इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली वित्तीय सहायता एवं योजना के क्रियान्वयन का Real Time अनुश्रवण सुनिश्चित करने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा एक Dash Board विकसित किया जायेगा, ताकि योजना का प्रभावी अनुश्रवण हो सके एवं सभी हितधारकों को प्रासंगिक जानकारी आवश्यकतानुसार प्राप्त हो सके।
(iii) योजना में निवेषित होने वाली ऋण राषि की वसूली की जबाबदेही संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी की होगी। नोडल पदाधिकारी (निबंधक, सहयोग समितियाँ) राषियों का उपयोगिता प्रमाण पत्र, लाभान्वितों पर योजना के लाभों के प्रभाव की समीक्षा प्रतिवेदन-सरकार (विभाग) /एन॰सी॰डी॰सी॰/योजना विभाग/वित्त विभाग तथा महालेखाकार को भेजेंगे। योजना के अनुश्रवण के लिए निबंधक सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के नियंत्रणाधीन गठित बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन कोषांग, इस योजना का अनुश्रवण करेगी।
(iv) योजना के लिए प्रशासी विभाग, सहकारिता विभाग है, अतः योजना के कार्यान्वयन का मार्गदर्शन, समय-समय पर आने वाली कठिनाईयों एवं समस्याओं के समाधान हेतु विभाग द्वारा प्रधान सचिव/सचिव के अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) का गठन निम्न प्रकार किया जायेगा :-
1. अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना - अध्यक्ष 2. प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लि॰- सदस्य सचिव
3. निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना - सदस्य 4. निदेशक, बागवानी निदेशालय, बिहार - सदस्य 5. वित्त विभाग, बिहार, पटना के प्रतिनिधि - सदस्य 6. कृषि विभाग, बिहार के तकनीकी प्रतिनिधि - सदस्य 7. उद्योग विभाग, बिहार के प्रतिनिधि - सदस्य4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 5 (cid:871)सत(cid:224)बर 2023 8. प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य सहकारी बैंक, पटना - सदस्य
9. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रतिनिधि - सदस्य
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि संयुक्त सचिव स्तर से अन्यून होंगे।
इस योजना के कार्यान्वयन हेतु निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार नोडल पदाधिकारी होंगे तथा योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन कोषांग के माध्यम से सुनिश्चित करायेंगे।
(v) जिला स्तरीय समन्वय समिति ।- जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) का गठन निम्नवत किया जाता है -
1. जिला पदाधिकारी - अध्यक्ष 2. उप विकास आयुक्त 3. जिला सहकारिता पदाधिकारी -सह- उप मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी - सदस्य सचिव 4. क्षेत्रीय निदेषक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, पटना 5. प्रबंध निदेषक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक - सदस्य
(जिस जिले में केन्द्रीय सहकारी बैंक नहीं हैं, वहाँ बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रतिनिधि) 6. जिला कृषि पदाधिकारी - सदस्य 7. जिला अंकेक्षण पदाधिकारी - सदस्य 8. जिला उद्योग पदाधिकारी - सदस्य
जिला स्तरीय समन्वय समिति इस योजना के कार्यान्वयन हेतु निर्गत निदेशों के अनुपालन में यथा आवश्यक कार्य करेगी। योजनान्तर्गत प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) का चयन विभाग के द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरुप जिला स्तरीय समन्वय समिति के द्वारा किया जायेगा।
(vi) प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) द्वारा कृषि संयंत्र का चयन ।- कृषि विभाग, बिहार सरकार के तत्वाधान में कृषि उपकरण बैंक स्थापित करने हेतु चलाई जा रही योजना के तर्ज पर मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना को क्रियान्वित किया जायेगा। कृषि विभाग के द्वारा बिहार की कृषि एवं भौगोलिक आवश्यकताओं तथा पर्यावरण संबंधी प्रतिबद्यताओं के संदर्भ में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) स्तर पर कृषि उपकरण बैंक स्थापित करने हेतु आवश्यक कृषि संयंत्रों की सूची तकनीकी विशिष्टताओं के साथ सहकारिता विभाग को उपलब्ध करायी जायेगी।
चयनित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) अपनी स्थानीय आवश्यकताओं एवं उपयोगिता के आधार पर सब्जी की खेती में प्रयुक्त होने वाले चयनित कृषि उपकरणों की सूची जिला सहकारिता पदाधिकारी को समर्पित करेंगे। समर्पित सूची की जाँच हेतु जिला स्तर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी की अध्यक्षता एवं जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) एवं संबंधित प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) अध्यक्ष की सदस्यता के साथ एक स्क्रीनिंग कमिटी का गठन किया जायेगा, जो कृषि उपकरणों के क्षेत्रीय आवश्यकताओं के संदर्भ में उपादेयता पर अपना स्पष्ट मत देगा कि संबंधित कृषि उपकरण स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरुप हैं या नहीं।
उपरोक्त वर्णित स्क्रीनिंग कमिटी की अनुशंसा/निर्णय के आलोक में प्रति प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के लिए 15.00 लाख रुपये की अधिसीमा में कृषि संयंत्रों का चयन भारत सरकार एवं बिहार सरकार के कृषि विभागों द्वारा संचालित कृषि यांत्रिकरण योजना के लिए संधारित विभिन्न कृषि संयंत्रों के Make और Model में से की जायेगी। (vii) कृषि संयंत्रों का प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) द्वारा क्रय योजनान्तर्गत सिर्फ वैसे कृषि उपकरणों का क्रय प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के द्वारा GeM Portal के माध्यम से किया जायेगा, जिनके Make एवं Model, तकनीकी गुणवत्ता एवं विशिष्टियों इत्यादि को भारत सरकार एवं बिहार सरकार के कृषि मंत्रालय/विभाग के द्वारा अधिकृत एजेंसी/समिति के द्वारा सत्यापित एवं अभिप्रमाणित किया गया हो। साथ ही कृषि विभाग के द्वारा विभिन्न कृषि संयंत्रों के Make एवं Model से संबंधित Specification सहित जानकारी सूचीबद्ध आपूर्त्तिकर्त्ताओं के पैनल को सहकारिता विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा एवं जिससे प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के द्वारा GeM Portal के माध्यम से क्रय किया जायेगा।
(viii) प्राप्त कृषि संयंत्रों का सत्यापन एवं आपूर्त्तिकर्त्ताओं को भुगतान ।- कृषि संयंत्रों के क्रय एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को कृषि यंत्रों की आपूर्त्ति के उपरांत प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) स्तर पर उक्त संयंत्रों का तकनीकी विशिष्टताओं (Technical Specifications) का जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण), कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रुप से सत्यापन किया जायेगा। उक्त सत्यापन प्राथमिक सब्जी5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 5 (cid:871)सत(cid:224)बर 2023 उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के प्रबंधकारिणी के पारित प्रस्ताव के आलोक में किया जायेगा। उपरोक्त सत्यापन प्रतिवेदन एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के प्रबंधकारिणी के पारित प्रस्ताव के आलोक में जिला सहकारिता पदाधिकारी की अनुशंसा पर संबंधित प्रबंध निदेशक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक/शाखा प्रबंधक, बिहार राज्य सहकारी बैंक द्वारा NEFT / RTGS के माध्यम से संबंधित संयंत्र आपूर्त्तिकर्त्ता को भुगतान किया जायेगा। (ix) कृषि संयंत्रों का प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) द्वारा क्रियान्वयन।- योजना के नोडल पदाधिकारी (निबंधक, सहयोग समितियाँ) के स्तर से राज्य स्तरीय समन्वय समिति द्वारा यथा अनुमोदित कृषि संयंत्रों का प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के द्वारा क्रियान्वयन हेतु एक विस्तृत मार्गदर्शिका निर्गत की जायेगी। योजना के कार्यान्वयन हेतु बजट शीर्ष उपलब्ध है, जो निम्नवत है :-
(i) ऋण मद :- मांग संख्या- 09, मुख्य शीर्ष - 6425-सहकारिता के लिए कर्ज, उपमुख्य शीर्ष - 00, लघु शीर्ष-108-अन्य सहकारी समितियों को कर्ज, उपशीर्ष- 0419-प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्सों) में कृषि संयंत्र बैंक की स्थापना, विपत्र कोड-09-6425001080419, विस्तृत शीर्ष-55-ऋण एवं अग्रिम, विषय शीर्ष - 01-ऋण एवं अग्रिम, समूह शीर्ष-केन्द्रीय क्षेत्र स्कीम (ii) अनुदान मद ः- मांग संख्या- 09, मुख्य शीर्ष - 2425-सहकारिता, उपमुख्य शीर्ष - 00, लघु शीर्ष-108-अन्य सहकारी समितियों को सहायता, उपशीर्ष- 0419-प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्सों) में कृषि संयंत्र बैंक की स्थापना, विपत्र कोड-09-2425001080419, विस्तृत शीर्ष- 31-सहायता अनुदान, विषय शीर्ष- 05-सहायक अनुदान-परिसम्पत्तियों के निर्माण, समूह शीर्ष- केन्द्रीय क्षेत्र स्कीम
इस योजना के संबंध में विभागीय स्वीकृति पत्र एवं विभागीय दिषा-निर्देष लागू होगा। 10. दिनांक 13.06.2023 को मंत्रिपरिषद की संपन्न बैठक के मद संख्या 03 में इस योजना की स्वीकृति प्राप्त है।
11. यह संकल्प तत्काल प्रभाव से राज्य में प्रभावी समझा जायेगा।
आदेश : आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में सर्व साधारण के सूचनार्थ प्रकाषित किया जाय। ————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,