िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 15 भाद्र 1945 (श0) सं(cid:201)या 36 पटना, बुधवार, ———————— 6 सितम्बर 2023 (ई0) विषय-सूची i`"B भाग-1— नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-113 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;{kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA 114-188 पूरक
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पूरक-क
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2 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
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पटना उच्च न्यायालय
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अधिसूचनाएं
9 मई 2023
सं0 202 नि0ः--निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित पदाधिकारियों को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देषित स्थान एवं स्तम्भ 4 में दी गयी स्थानान्तरण श्रृंखला के अन्तर्गत जिला एवं सत्र न्यायाधीष के रूप में कार्य हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | स्थान का नाम जहाँ पदाधिकारी स्थानान्तरित किए गए | स्थानान्तरण श्रृखला |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | श्री मनोज कुमार-II अध्यक्ष, बिहार राज्य परिवहन अपीलीय प्राधिकरण, पटना | समस्तीपुर | रिक्त |
| 2. | श्री मनोज कुमार सिंह, निबंधक (निगरानी) | मुजफ्फरपुर | श्री मनोज कुमार सिन्हा के स्थान जो निबंधक (निगरानी), पटना उच्च न्यायालय, पटना के रूप में स्थानान्तरण एवं पदस्थापन हेतु आदेषित है। |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023
No. 202 A: --The following officers named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as District and Sessions Judges at the stations mentioned in column no. 3 of the table against their respective names and in chain as indicated in column no. 4 of the table given below:
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting. | Name of the station where the officer has been transferred | Chain of Transfer |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | Sri Manoj Kumar II, Chairman, Bihar State Transport Appellate Tribunal, Patna | Samastipur | SinceVacant |
| 2. | Sri Manoj Kumar Singh, Reistrar (Vigilance) Patna High Court, Patna | Muzaffarpur | Vice Sri Manoj Kumar Sinha, who is under orders of transfer and posting as Registrar (Vigilance), Patna High Court, Patna. |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
3 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 20239 मई 2023 सं0 203 नि0 :--निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य करने हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित | अ) नए स्थान का पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरित किये गये हैं । |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री अखिलेष कुमार झा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सिवान (सिवान) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 2. | श्री गुरूवेन्द्र सिंह मलहोत्रा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 3. | श्री भरत भुशण भसीन विशेष कार्य पदाधिकारी, पटना उच्च न्यायालय ,पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) भभुआ स) कैमुर |
| 4. | श्री रणवीर सिंह सदस्य सचिव, बी.एस.सी.एम.एस., पटना उच्च न्यायालय, पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) लखीसराय स) लखीसराय |
| 5. | श्री सुनील कुमार वर्मा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बेगुसराय (बेगुसराय) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) सासाराम स) रोहतास |
| 6. | श्री रामाकांत विशेष कार्य पदाधिकारी, (जांच पदाधिकारी) पटना उच्च न्यायालय, पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 7. | श्री नलिन कुमार पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, छपरा (सारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) गया स) गया |
| 8. | श्री मनोज कुमार तिवारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, आरा (भोजपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) अररिया स) अररिया |
| 9. | श्री निरज कुमार -2 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, कटिहार (कटिहार) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 10. ` | सुश्री नमिता सिंह संयुक्त निबंधक (स्थापना) पटना उच्च न्यायालय, पटना । | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 11. | श्री मनकामेष्वर प्रसाद चौबे पीठासीन अधिकारी, विषेष न्यायालय, पेसू एरिया, पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बक्सर स) बक्सर |
| 12. | श्री भुपेन्द्र सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सीतामढ़ी (सीतामढ़ी) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दानापुर स) पटना |
| 13. | श्री मो0 रूस्तम विशेष कार्य पदाधिकारी, पटना उच्च न्यायालय, पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 14. | श्री अभिजीत कुमार विशेष कार्य पदाधिकारी, (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पटना उच्च न्यायालय, पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 15. | श्री अवधेष कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दानापुर (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण |
| 16. | श्री ब्रजेष कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दानापुर (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद |
| 17. | श्री उमेष कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पूर्णियॉ (पूर्णियॉ) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर |
| 18. | श्री सुमन कुमार दिवाकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, छपरा (सारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 19. | श्री शषिकान्त राय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, अररिया (अररिया) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दलसिंहसराय स) समस्तीपुर |
| 20. | श्री रविषंकर कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 21. | श्री संतोष कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बिहारषरीफ (नालंदा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) सिवान स) सिवान |
| 22. | श्री कुमार अमित मनु अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पूर्णियॉ (पूर्णियॉ) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 23. | सुश्री सीमा भारतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण |
| 24. | श्री मुकुन्द कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फपुर (मुजफ्फरपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण |
| 25. | श्री दुषयंत कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, आरा (भोजपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण |
| 26. | सुश्री मीतु सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद |
| 27. | सुश्री परोतिमा परिहार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, हाजीपुर (वैषाली) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 28. | श्री अंकुर गुप्ता विशेष कार्य पदाधिकारी, न्यायिक पदाधिकारी मुख्य न्यायाधीष सचिवालय, पटना उच्च न्यायालय, पटना | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 29. | श्री षैलेन्द्र कुमार-1 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, समस्तीपुर (समस्तीपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 30. | श्री मनीष द्धिवेदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) नवादा स) नवादा |
| 31. | सुश्री मधु अग्रवाल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दानापुर (दानापुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) षेखपुरा स) शेखपुरा |
| 32. | श्री ब्रजेष कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, समस्तीपुर (समस्तीपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पष्चिमी चम्पारण |
| 33. | श्री विनय शंकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दरभंगा (दरभंगा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) हिलसा स) नालन्दा |
| 34. | श्री सुनील कुमार-2 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सासाराम (रोहतास) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 35. | श्री शैलेन्द्र कुमार-2 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दलसिंहसराय (समस्तीपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) खगड़िया स) खगड़िया |
| 36. | श्री उमेषमणि ़त्रिपाठी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सुपौल (सुपौल) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बेतिया स) पष्चिमी चम्पारण |
| 37. | श्री राकेष कुमार सिंह-3 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बेगुसराय स) बेगुसराय |
| 38. | श्री निरज किषोर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) आरा स) भोजपुर |
| 39. | श्री बिरेन्द्र कुमार चौबे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, आरा (भोजपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मधेपुरा स) मधेपुरा |
| 40. | श्री ब्रजेष कुमार पाठक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, औरंगाबाद (औरंगाबाद) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 41. | श्री आषुतोष कुमार 2 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बिहारषरीफ (नालन्दा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मधेपुरा स) मधेपुरा |
| 42. | श्री राहुल कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 43. | श्री कुमार ऋषिकेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बेगुसराय (बेगुसराय) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मधेपुरा स) मधेपुरा |
| 44. | श्री रविन्द्र कुमार राय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सीतामढ़ी (सीतामढ़ी) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर |
| 45. | श्री संजीव कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दरभंगा (दरभंगा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बिहारषरीफ स) नालंदा |
| 46. | श्री प्रभात कृष्ण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दरभंगा (दरभंगा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 47. | श्री देवेन्द्र मिश्रा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मधेपुरा (मधेपुरा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) आरा स) भोजपुर |
| 48. | श्री आषुतोष कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बक्सर (बक्सर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) भभुआ स) कैमुर |
| 49. | श्री आदित्य सुमन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, खगड़िया (खगड़िया) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) आरा स) भोजपुर |
| 50. | श्री सुनील कुमार सिंह-2 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, आरा (भोजपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) नवगछिया स) भागलपुर |
| 51. | श्री अमित कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, औरंगाबाद (औरंगाबाद) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 52. | श्री राजेन्द्र कुमार पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, गोपालगंज (गोपालगंज) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बेतिया स) पष्चिमी चम्पारण |
| 53. | श्री नरेन्द्र पाल सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, नवगछिया (भागलपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 54. | श्री सुनील कुमार चौबे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, भभुआ (कैमुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बेगुसराय स) बेगुसराय |
| 55. | श्री अखौरी अभिषेक सहाय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, नवगछिया (भागलपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बिहारषरीफ स) नालन्दा |
| 56. | सुश्री सुलेखा झा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पूणियॉ (पूर्णियॉ) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 57. | श्री उमेष कुमार पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 58. | श्री राजेष कुमार वर्मा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, भभुआ (कैमुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) जहानाबाद स) जहानाबाद |
| 59. | श्री प्रषांत कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुंगेर (मु गेर) ं | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 60. | श्री षरद चन्द्र श्रीवास्तव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, भागलपुर (भागलपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 61. | श्री रंजन कुमार मिश्रा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पूर्णियॉ (पूर्णियॉ) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 62. | श्री आषुतोष कुमार राय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिवान | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर |
| 63. | श्री सुनील कुमार-3 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मसोैढ़ी (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) सुपौल स) सुपौल |
| 64. | श्री राज कुमार चौधरी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, भागलपुर (भागलपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बाढ़ स) पटना |
| 65. | श्री दिपक कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, गोपालगंज (गोपालगंज) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) भागलपुर स) भागलपुर |
| 66. | श्री संजय सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, शेखपुरा (षेखपुरा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बिहारषरीफ स) नालंदा |
| 67. | श्री राजेन्द्र कुमार सिन्हा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, कटिहार (कटिहार) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 68. | श्री चन्द्रवीर सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सिवान (सिवान) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 69. | श्री अमित कुमार पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, नवादा (नवादा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) हिलसा स) नालंदा |
| 70. | श्री शरद चन्द्र कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, खगड़िया (खगड़िया) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 71. | श्री श्रीराम झा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, लखीसराय (लखीसराय) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दरभंगा स) दरभंगा |
| 72. | श्री संजीव कुमार-1 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मधेपुरा (मधेपुरा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मसो ैढ़ी स) पटना |
| 73. | श्री संतोष कुमार गुप्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बिहारषरीफ (नालंदा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) अररिया स) अररिया |
| 74. | श्री आलोक कुमार पाण्डेय-2 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सासाराम (रोहतास) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 75. | श्री राजेष पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सितामढ़ी (सितामढ़ी) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) जहानाबाद स) जहानाबाद |
| 76. | श्री अजय कुमार-1 सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जहानाबाद (जहानाबाद) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) अररिया स) अररिया |
| 77. | श्री मुकेष कुमार-1 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) कटिहार स) कटिहार |
| 78. | श्री जितेष कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छपरा, सारण | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पूणियॉ स) पूणियॉ |
| 79. | श्री रजनीष रंजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किषनगंज (किषनगंज) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) दानापुर स) पटना |
| 80. | सुश्री आकांक्षा कष्यप सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समस्तीपुर (समस्तीपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पूणियॉ स) पूणियॉ |
| 81. | श्री प्रवीण कुमार सिंह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नवादा (नवादा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 82. | श्री अनवर शमीम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बांका (बांका) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 83. | श्री धिरज कुमार भास्कर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पूर्णियॉ | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बिहारषरीफ स) नालन्दा |
| 84. | श्री विपिन बिहारी राय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुंगेर (मु गेर) ं | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 85. | श्री मधुकर सिंह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भभुआ, कैमुर | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 86. | श्री धर्मेन्द्र कुमार तिवारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बक्सर, बक्सर | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) भभुआ स) कैमुर |
| 87. | श्री अजय कुमार मल सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 88. | श्री अभय श्रीवास्तव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सहरसा (सहरसा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 89. | श्री सतीष कुमार झा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेगुसराय (बेगुसराय) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पूर्णियॉ स) पूर्णियॉ |
| 90. | श्री उमां शंकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सासाराम (रोहतास) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 91. | श्री अभिषेक रंजन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पूर्णियॉ स) पूर्णियॉ |
| 92. | श्री संदीप अग्निहोत्री सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) सुपौल स) सुपौल |
| 93. | श्री रवि कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) अररिया स) अररिया |
| 94. | श्री दीपक कुमार-2 सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दरभंगा (दरभंगा) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 95. | श्री प्रतिम कुमार रतन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मधुबनी (मधुबनी) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) छपरा स) सारण |
| 96. | श्री धिरेन्द्र कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अररिया (अररिया) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बिहारषरीफ स) नालंदा |
| 97. | श्री सदन लाल प्रियदर्षी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, सितामढ़ी (सितामढ़ी) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) बेगुसराय स) बेगुसराय |
| 98. | श्री छेदी राम सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सासाराम (रोहतास) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
| 99. | श्री मिथिलेष कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आरा (भोजपुर) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर |
| 100. | श्री कुमार धिरेन्द्र राजाजी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेतिया (पष्चिमी चम्पारण) | अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) पटना स) पटना |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023
No. 203 A :---The Additional District and Sessions Judges, named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table against their respective names :
10 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting with Judgeship. | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which posted on transfer |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Sri Akhilesh Kumar Jha A.D.J., Siwan. (Siwan) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 2. | Sri Guruvinder Singh Malhotra A.D.J., Patna. (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 3. | Sri Bharat Bhushan Bhasin O.S.D. , Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Bhabhua c) Kaimur |
| 4. | Sri Ranvir Singh Member Secretary, Bihar State Court Management System, Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Lakhisari c) Lakhisari |
| 5. | Sri Sunil Kumar Verma A.D.J., Begusarai. (Begusarai) | a) Additional District and Sessions Judge b) Sasaram c) Rohtas |
| 6. | Sri Ramakant O.S.D. (Enquiry Officer), Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 7. | Sri Nalin Kumar Pandey A.D.J., Chapra. (Saran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Gaya c) Gaya |
| 8. | Sri Manoj Kumar Tiwari A.D.J., Ara. (Bhojpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Araria c) Araria |
| 9. | Sri Neeraj Kumar II A.D.J., Katihar. (Katihar) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 10. Ms. Namita Singh | Joint Registrar (Establishment), Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 11. Sri Man Kameshwar Prasad Choubey Presiding Officer, Special Court, PESU Area, Patna. | a) Additional District and Sessions Judge b) Buxar c) Buxar | |
| 12. Sri Bhupendra Singh | A.D.J., Sitamarhi (Sitamarhi) | a) Additional District and Sessions Judge b) Danapur c) Patna |
| 13. Sri Md. Rustam | O.S.D., Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 14. Sri Abhijit Kumar | O.S.D., (Infrastructure), Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 15. Sri Awdesh Kumar | A.D.J., Danapur. (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran |
| 16. Sri Brajesh Kumar Singh | A.D.J., Danapur (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Aurangabad c) Aurangabad |
| 17. Sri Umesh Kumar | A.D.J., Purnea (Purnea) | a) Additional District and Sessions Judge b) Rosera c) Samastipur |
| 18. Sri Suman Kumar Divakar A.D.J., Chapra (Saran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga | |
| 19. Sri Shashikant Roy | A.D.J., Araria (Araria) | a) Additional District and Sessions Judge b) Dalsingsarai c) Samastipur |
| 20. Sri Ravishankar Kumar | A.D.J., Muzaffarpur (Muzaffarpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 21. Sri Santosh Kumar | A.D.J., Biharsharif (Nalanda) | a) Additional District and Sessions Judge b) Siwan c) Siwan |
| 22. Kumar Amit Manu | A.D.J., Purnea (Purnea) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 23. Ms. Seema Bhartiya | A.D.J., Patna (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran |
| 24. Sri Mukund Kumar | A.D.J., Muzaffarpur (Muzaffarpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran |
| 25. Sri Dushyant Kumar | A.D.J., Ara (Bhojpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran |
| 26. Ms. Meetu Singh | A.D.J., Patna (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Aurangabad c) Aurangabad |
| 27. Ms. Protima Parihar | A.D.J., Hajipur (Vaishali) | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 28. Sri Ankur Gupta | O.S.D. (Judicial Officer), Chief Justice Secretariat, Patna High Court, Patna | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 29. Sri Shailendra Kumar I | A.D.J., Samastipur (Samastipur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 30. Sri Manish Dwivedi | A.D.J., Patna (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Nawadah c) Nawadah |
| 31. Ms. Madhu Agrawal | A.D.J., Danapur. (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Sheikhpura c) Sheikhpura |
| 32. Sri Brajesh Kumar | A.D.J., Samastipur (Samastipur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran |
| 33. Sri Binay Shankar | A.D.J., Darbhanga (Darbhanga) | a) Additional District and Sessions Judge b) Hilsa c) Nalanda |
| 34. Sri Sunil Kumar II | A.D.J., Sasaram (Rohtas) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 35. Sri Shailendra Kumar II | A.D.J., Dalsingsarai (Samastipur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Khagaria c) Khagaria |
| 36. Sri Umesh Mani Tripathi | A.D.J., Supaul (Supaul) | a) Additional District and Sessions Judge b) Bettiah c) West Champaran |
| 37. Sri Rakesh Kumar Singh III A.D.J., Motihari (East Champaran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Begusarai c) Begusarai | |
| 38. Sri Neeraj Kishore | A.D.J., Motihari (East Champaran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Ara c) Bhojpur |
| 39. Sri Virendra Kumar Choubey A.D.J., Ara (Bhojpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Madhepura c) Madhepura | |
| 40. Sri Brajesh Kumar Pathak A.D.J., Aurangabad (Aurangabad) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna | |
| 41. Sri Ashutosh Kumar II | A.D.J., Biharsharif (Nalanda) | a) Additional District and Sessions Judge b) Madhepura c) Madhepura |
| 42. Sri Rahul Kumar | A.D.J., Motihari (East Champaran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 43. Sri Kumar Rishikesh | A.D.J., Begusarai (Begusarai) | a) Additional District and Sessions Judge b) Madhepura c) Madhepura |
| 44. | Sri Ravindra Kumar Ray A.D.J., Sitamarhi (Sitamarhi) | a) Additional District and Sessions Judge b) Samastipur c) Samastipur |
| 45. Sri Sanjeev Kumar Singh A.D.J., Darbhanga (Darbhanga) | a) Additional District and Sessions Judge b) Biharsharif c) Nalanda | |
| 46. Sri Prabhat Krishna | A.D.J., Darbhanga (Darbhanga) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 47. Sri Devanand Mishra | A.D.J., Madhepura (Madhepura) | a) Additional District and Sessions Judge b) Ara c) Bhojpur |
| 48. Sri Ashutosh Kumar Singh A.D.J., Buxar (Buxar) | a) Additional District and Sessions Judge b) Bhabhua c) Kaimur | |
| 49. Sri Aditya Suman | A.D.J., Khagaria (Khagaria) | a) Additional District and Sessions Judge b) Ara c) Bhojpur |
| 50. Sri Sunil Kumar Singh II | A.D.J., Ara (Bhojpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Naugachia c) Bhagalpur |
| 51. Sri Amit Kumar Singh | A.D.J., Aurangabad (Aurangabad) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 52. Sri Rajendra Kumar Pandey A.D.J., Gopalganj (Gopalganj) | a) Additional District and Sessions Judge b) Bettiah c) West Champaran | |
| 53. Sri Narendra Pal Singh | A.D.J., Naugachia (Bhagalpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 54. Sri Sunil Kumar Choubey | A.D.J., Bhabhua (Kaimur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Begusarai c) Begusarai |
| 55. Sri Akhauri Abhishek Sahay A.D.J., Naugachia (Bhagalpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Biharshairf c) Nalanda | |
| 56. Ms. Sulekha Jha | A.D.J., Purnea (Purnea) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 57. Sri Umesh Kumar Pandey A.D.J., Motihari (East Champaran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna | |
| 58. Sri Rajesh Kumar Verma A.D.J., Bhabhua (Kaimur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Jehanabad c) Jehanabad | |
| 59. Sri Prashant Kumar | A.D.J., Munger (Munger) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 60. Sri Sharad Chandra Srivastava A.D.J., Bhagalpur (Bhagalpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna | |
| 61. Sri Ranjan Kumar Mishra A.D.J., Purnea (Purnea) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna | |
| 62. Sri Ashutosh Kumar Rai | Secretary, D.L.S.A., Siwan (Siwan) | a) Additional District and Sessions Judge b) Samastipur c) Samastipur |
| 63. Sri Sunil Kumar III | A.D.J., Masaurhi (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Supaul c) Supaul |
| 64. Sri Raj Kumar Choudhary A.D.J., Bhagalpur (Bhagalpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Barh c) Patna | |
| 65. Sri Deepak Kumar | A.D.J., Gopalganj (Gopalganj) | a) Additional District and Sessions Judge b) Bhagalpur c) Bhagalpur |
| 66. Sri Sanjay Singh | A.D.J., Sheikhpura (Sheikhpura) | a) Additional District and Sessions Judge b) Biharsharif c) Nalanda |
| 67. Sri Rajendra Kumar Sinha A.D.J., Katihar (Katihar) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna | |
| 68. Sri Chandra Bir Singh | A.D.J., Siwan (Siwan) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 69. Sri Amit Kumar Pandey | A.D.J., Nawadah (Nawadah) | a) Additional District and Sessions Judge b) Hilsa c) Nalanda |
| 70. Sri Sharad Chandra Kumar A.D.J., Khagaria (Khagaria) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur | |
| 71. Sri Shree Ram Jha | A.D.J., Lakhisarai (Lakhisarai) | a) Additional District and Sessions Judge b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 72. Sri Sanjeev Kumar I | A.D.J., Madhepura (Madhepura) | a) Additional District and Sessions Judge b) Masaurhi c) Patna |
| 73. Sri Santosh Kumar Gupta A.D.J., Biharsharif (Nalanda) | a) Additional District and Sessions Judge b) Araria c) Araria | |
| 74. Sri Alok Kumar Pandey II A.D.J., Sasaram (Rohtas) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur | |
| 75. Sri Rajesh Pandey | A.D.J., Sitamarhi (Sitamarhi) | a) Additional District and Sessions Judge b) Jehanabad c) Jehanabad |
| 76. Sri Ajay Kumar I | Secretary, D.L.S.A., Jehanabad (Jehanabad) | a) Additional District and Sessions Judge b) Araria c) Araria |
| 77. Sri Mukesh Kumar I | A.D.J., Muzaffarpur (Muzaffarpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Katihar c) Katihar |
| 78. Sri Jitesh Kumar | Secretary, D.L.S.A., Chapra (Saran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Purnea c) Purnea |
| 79. Sri Rajnish Ranjan | Secretary, D.L.S.A., Kishanganj. (Kishanganj) | a) Additional District and Sessions Judge b) Danapur c) Patna |
| 80. Ms. Akansha Kashyap | Secretary, D.L.S.A., Samastipur. (Samastipur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Purnea c) Purnea |
| 81. Sri Praveen Kumar Singh Secretary, D.L.S.A., Nawadah. (Nawadah) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur | |
| 82. Sri Anwar Shamim | A.D.J., Banka (Banka) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 83. Sri Dhiraj Kumar Bhaskar Secretary, D.L.S.A., Purnea (Purnea) | a) Additional District and Sessions Judge b) Biharsharif c) Nalanda | |
| 84. Sri Bipin Bihari Rai | A.D.J., Munger (Munger) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 85. Sri Madhukar Singh | Secretary, D.L.S.A., Bhabhua. (Kaimur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 86. Sri Dharmendra Kumar Tiwari Secretary, D.L.S.A., Buxar (Buxar) | a) Additional District and Sessions Judge b) Bhabhua c) Kaimur | |
| 87. Sri Ajay Kumar Mall | Secretary, D.L.S.A., Motihari (East Champaran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 88. Sri Abhay Srivastava | A.D.J., Saharsa (Saharsa) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 89. Sri Satish Kumar Jha | Secretary, D.L.S.A., Begusarai (Begusarai) | a) Additional District and Sessions Judge b) Purnea c) Purnea |
| 90. Sri Uma Shankar | A.D.J., Sasaram (Rohtas) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 91. Sri Abhishek Ranjan | A.D.J., Patna. (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Purnea c) Purnea |
| 92. Sri Sandeep Agnihotri | Secretary, D.L.S.A., Muzaffarpur (Muzaffarpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Supaul c) Supaul |
| 93. Sri Ravi Kumar | A.D.J., Patna (Patna) | a) Additional District and Sessions Judge b) Araria c) Araria |
| 94. Sri Deepak Kumar II | Secretary, D.L.S.A., Darbhanga. (Darbhanga) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 95. Sri Pritam Kumar Ratan | Secretary, D.L.S.A., Madhubani. (Madhubani) | a) Additional District and Sessions Judge b) Chapra c) Saran |
| 96. Sri Dhirendra Kumar | Secretary, D.L.S.A., Araria (Araria) | a) Additional District and Sessions Judge b) Biharsharif c) Nalanda |
| 97. Sri Sadan Lal Priyadarshi A.D.J., Sitamarhi (Sitamarhi) | a) Additional District and Sessions Judge b) Begusarai c) Begusarai | |
| 98. Sri Chhedi Ram | Secretary, D.L.S.A., Sasaram. (Rohtas) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
| 99. Sri Mithilesh Kumar | Secretary, D.L.S.A., Ara. (Bhojpur) | a) Additional District and Sessions Judge b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur |
| 100. Sri Kumar Dhirendra Rajaji | Secretary, D.L.S.A., Bettiah. (West Champaran) | a) Additional District and Sessions Judge b) Patna c) Patna |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------ 16 मई 2023
सं0 218 नि0ः--उच्च न्यायालय के अधिसूचना सं0 203 नि0 दिनांक- 09 मई, 2023 जो ज्ञाप सं0- 29798-29851 दिनांक 09 मई, 2023 के तहत निर्गत है जहाँ तक इसका संबंध श्री कुमार अमित मनु, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पूर्णियॉ को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फरपुर के रूप में स्थानान्तरित एवं पदस्थापित को एतद् द्वारा वापस समझा जाए। उपरोक्त अधिसूचना को उक्त हद तक संषोधित समझा जाय।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 16th May 2023
No. 218A:--Court's Notification no. 203A dated 09th May, 2023 issued under memo no. 29798-29851 dated 09th May, 2023 so far as it relates to the transfer and posting of Sri Kumar Amit Manu, Additional District and Sessions Judge, Purnea as Additional District and Sessions Judge of Muzaffarpur stands recalled.
Court's aforesaid notification stood modified to the above extent.
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------ 9 मई 2023
सं0 204 नि0ः--निम्न तालिका के स्तभ्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को उसी तालिका के स्तभ्भ-3 में क्रमशः उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँं पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे अवर न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया जाता है।
तदोपरान्त, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को स्तम्भ-4 में उनके नाम के सामने निर्देशित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान किया जाता है।
साथ ही, उपर्युक्त संहिता की धारा 12 की उपधारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त पदाधिकारियों को तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जिला के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भी नियुक्त किया जाता है और दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 9 की उपधारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित न्यायिक पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने स्तम्भ-4 में अंकित सत्र प्रमण्डल के लिए सहायक सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है।20 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023
| क्रम सं0 | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरान्त नियुक्त किये जाते हैं | जिला एवं सत्र प्रमण्डल का नाम |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | श्री श्री प्रकाश अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) पटना स) पटना | पटना |
| 2. | श्री विजय किशोर सिंह अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) गया स) गया | गया |
| 3. | श्री जितेन्द्र कुमार I अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, किशनगंज | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर |
| 4. | श्री संजीव कुमार II अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 5. | श्री ओम शंकर अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, खगड़िया | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) किशनगंज स) किशनगंज | किशनगंज |
| 6. | श्री प्रदीप कुमार चौधरी अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सुपौल | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 7. | श्री अजय कुमार II अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा (भोजपुर) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023 No. 204A :--The Judicial officers of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below, are transferred as Subordinate Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned against their names in column no. 3 of the table.
Further, in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974), the High Court is pleased to confer upon the Civil Judges (Senior Division) named in the column no. 2 of the table the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the District noted against their respective names in column no. 4 of the table.
Furthermore, in exercise of the powers conferred under Sub Section (1) of Section (12) of the said Criminal Procedure Code, the officers are also appointed as Chief Judicial Magistrate for the District noted against their respective names in column no. 4 of the table and in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of21 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 Section (9) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is also pleased to appoint the Judicial Officers named in column no. 2 of the table as Assistant Sessions Judge for the Sessions Division noted against their respective names in column no. 4 of the table.
| Sl. No. | Name of the officer, designation and present place of posting (with Judgeship) | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer | Name of the District and Sessions Division |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| (a) Sri Shree Prakash | Sub Judge-cum-C.J.M., Bettiah (West Champaran) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Patna c) Patna | Patna |
| (b) Sri Bijay Kishor Singh | Sub Judge-cum-C.J.M., Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Gaya c) Gaya | Gaya |
| (c) Sri Jitendra Kumar I | Sub Judge-cum-C.J.M., Kishanganj | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Ara c) Bhojpur | Bhojpur |
| (d) Sri Sanjeev Kumar II | Sub Judge-cum-C.J.M., Araria | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Jamui c) Jamui | Jamui |
| (e) Sri Om Shankar | Sub Judge-cum-C.J.M., Khagaria | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Kishanganj c) Kishanganj | Kishanganj |
| (f) | Sri Pradeep Kumar Choudhary Sub Judge-cum-C.J.M., Supaul | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Munger c) Munger | Munger |
| (g) Sri Ajay Kumar II | Sub Judge-cum-C.J.M., Ara (Bhojpur) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Gopalganj c) Gopalganj | Gopalganj |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------
09 मई, 2023
सं0 205नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जाता है। पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रदान किया जाता है, बशर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो।22 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023
| क्रम सं0 | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किये जाते हैं। |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | श्री विकाश मिश्रा अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मुजफ्फरपुर-पश्चिमी (मुजफ्फरपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीवान (स) सीवान |
| 2. | श्री अनंत कुमार अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गया (स) गया |
| 3. | श्री आदि देव अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दरभंगा (स) दरभंगा |
| 4. | श्री राकेश कुमार पाण्डेय अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा (भोजपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीवान (स) सीवान |
| 5. | श्री राघवेन्द्र नारायण सिंह अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सासाराम (रोहतास) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुंगेर (स) मुंगेर |
| 6. | श्री आनंद भूषण अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, टेकारी (गया) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) औरंगाबाद (स) औरंगाबाद |
| 7. | श्री अतुल सिन्हा अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) जमुई (स) जमुई |
| 8. | सुश्री सबा आलम अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, [वर्त्तमान में विशेष कार्य पदाधिकारी (कम्प्यूटराईजेशन), पटना उच्च न्यायालय, पटना के पद पर प्रतिनियुक्त] | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पटना (स) पटना |
| 9. | श्री अमित आनंद अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बेनीपुर (दरभंगा) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पटना (स) पटना |
| 10. | श्री कुमार कार्तिकेय शाही अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) समस्तीपुर (स) समस्तीपुर |
| 11. | श्री नागेश प्रताप सिंह अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा (भोजपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दरभंगा (स) दरभंगा |
| 12. | सुश्री किरण चतुर्वेदी अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बेगूसराय | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सासाराम (स) रोहतास |
| 13. | श्री उमेश प्रसाद पीठासीन पदाधिकारी, श्रम न्यायालय, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) भागलपुर (स) भागलपुर |
| 14. | श्री स्वर्ण प्रभात अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, औरंगाबाद [वर्त्तमान में विशेष कार्य पदाधिकारी (प्रस्तुतकर्त्ता अधिकारी), पटना उच्च न्यायालय, पटना के रूप में में कार्यरत] | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दानापुर (स) पटना |
| 15. | श्री ब्रजेश कुमार अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) छपरा (स) सारण |
| 16. | श्री प्रणव कुमार भारती निबंधक, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनस्र्थापन प्राधिकरण, दरभंगा | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) भागलपुर (स) भागलपुर |
| 17. | श्री प्रकाश कुमार राय निबंधक, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनस्र्थापन प्राधिकरण, गया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) भागलपुर (स) भागलपुर |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023 No. 205A:--The Judicial officers of the cadre of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M. in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table.
Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Officers named below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.
| Sl. No. | Name of the officer, designation and present place of posting (with Judgeship) | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which transferred |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Sri Vikash Mishra Sub Judge-cum-A.C.J.M., Muzaffarpur –West (Muzaffarpur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Siwan c) Siwan |
| 2. | Sri Anant Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Patna | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gaya c) Gaya |
| 3. | Sri Aadi Dev Sub Judge-cum-A.C.J.M., Patna | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 4. | Sri Rakesh Kumar Pandey, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Ara (Bhojpur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Siwan c) Siwan |
| 5. | Sri Raghwendra Narayan Singh, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sasaram (Rohtas) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Munger c) Munger |
| 6. | Sri Anand Bhushan Sub Judge-cum-A.C.J.M., Tekari (Gaya) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Aurangabad c) Aurangabad |
| 7. | Sri Atul Sinha Sub Judge-cum-A.C.J.M., Gaya | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Jamui c) Jamui |
| 8. | Ms. Saba Alam, Sub Judge-cum-A.C.J.M., [Presently posted on deputation as O.S.D. (Computerization), Patna High Court, Patna] | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Patna c) Patna |
| 9. | Sri Amit Anand Sub Judge-cum-A.C.J.M., Benipur (Darbhanga) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Patna c) Patna |
| 10. | Sri Kumar Kartikey Shahi Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bettiah (West Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Samastipur c) Samastipur |
| 11. | Sri Nagesh Pratap Singh Sub Judge-cum-A.C.J.M., Ara (Bhojpur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 12. | Ms. Kiran Chaturvedi Sub Judge-cum-A.C.J.M., Begusarai | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sasaram c) Rohtas |
| 13. | Sri Umesh Prasad Presiding Officer, Labour Court, Motihari (East Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bhagalpur c) Bhagalpur |
| 14. | Sri Swarn Prabhat Sub Judge-cum-A.C.J.M., Aurangabad [Presently working as O.S.D. (Presenting Officer), Patna High Court, Patna] | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Danapur c) Patna |
| 15. | Sri Brajesh Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bettiah (West Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Chapra c) Saran |
| 16. | Sri Pranav Kumar Bharti Registrar , Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Authority, Darbhanga | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bhagalpur c) Bhagalpur |
| 17. | Sri Prakash Kumar Roy Registrar , Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Authority, Gaya | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bhagalpur c) Bhagalpur |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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9 मई 2023
सं0 206नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित न्यायिक पदाधिकारियों को असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) से असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) में पदोन्नत करते हुए उसी तालिका के स्तम्भ-3 में दर्शाए गए तरीके से अस्थायी तौर पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।
पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा (11) की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित न्यायिक पदाधिकारियों को जो अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य25 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किये जाते हैं। |
| I | II | III |
| 1. | श्री राजेश कुमार-V न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, किशनगंज | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 2. | श्री लाल बिहारी पासवान मुंसिफ, मुंगेर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुंगेर (स) मुंगेर |
| 3. | श्री अश्वनी कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, दरभंगा | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) भागलपुर (स) भागलपुर |
| 4. | श्री विजय कुमार मिश्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, भागलपुर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पूर्णिया (स) पूर्णिया |
| 5. | सुश्री भारती कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, जमुई | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेतिया (स) पश्चिमी चम्पारण |
| 6. | सुश्री स्वाति सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, समस्तीपुर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) समस्तीपुर (स) समस्तीपुर |
| 7. | श्री आनंद कुमार त्रिपाठी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नवादा | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गोपालगंज (स) गोपालगंज |
| 8. | श्री सचिन कुमार मिश्रा अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, मोहनिया (कैमूर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सासाराम (स) रोहतास |
| 9. | सुश्री कविता कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, पूर्णिया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दलसिंहसराय (स) समस्तीपुर |
| 10. | श्री शैलेन्द्र कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मधुबनी | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) छपरा (स) सारण |
| 11. | सुश्री राधा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सुपौल | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पूर्णिया (स) पूर्णिया |
| 12. | श्री प्रमोद कुमार महथा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गोपालगंज (स) गोपालगंज |
| 13. | श्री राजेश सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बक्सर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) औरंगाबाद (स) औरंगाबाद |
| 14. | श्रीमति तनवीर कौर अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, लखीसराय | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेगूसराय (स) बेगूसराय |
| 15. | श्री राज कपूर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) (स) मुजफ्फरपुर |
| 16. | श्री मुक्तेश मनोहर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुंगेर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुंगेर (स) मुंगेर |
| 17. | सुश्री अनुपमा अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, छपरा (सारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) छपरा (स) सारण |
| 18. | श्री मनीष कुमार पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, औरंगाबाद | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) औरंगाबाद (स) औरंगाबाद |
| 19. | सुश्री विभा रानी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, खगड़िया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) खगड़िया (स) खगड़िया |
| 20. | सुश्री रोमी कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, जहानाबाद | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गया (स) गया |
| 21. | श्री जूनेद आलम मुंसिफ, महनार (हाजीपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 22. | श्री आशीष कुमार अग्निहोत्री मुंसिफ, डुमरॉव (बक्सर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गया (स) गया |
| 23. | श्री पुनित कुमार तिवारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, शेखपुरा | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) शेखपुरा (स) शेखपुरा |
| 24. | सुश्री नूतन कुमारी मुंसिफ, टेकारी (गया) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गया (स) गया |
| 25. | श्री प्रतिक आनंद द्विवेदी मुंसिफ, मोहनिया (कैमूर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेतिया (स) पश्चिमी चम्पारण |
| 26. | श्री राकेश मणि तिवारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, गोपालगंज | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) खगड़िया (स) खगड़िया |
| 27. | श्री राजेश कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बांका | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बांका (स) बांका |
| 28. | श्री अभिमन्यु कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सहरसा (स) सहरसा |
| 29. | श्री पुष्पम किशोर मुंसिफ, हाजीपुर (वैशाली) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 30. | श्री कुमुद रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, आरा (भोजपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) आरा (स) भोजपुर |
| 31. | श्री राकेश कुमार-V न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सासाराम (रोहतास) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सासाराम (स) रोहतास |
| 32. | श्री भूपेन्द्र नाथ त्रिपाठी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सीतामढ़ी | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीतामढ़ी (स) सीतामढ़ी |
| 33. | श्री गौतम कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, अररिया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) आरा (स) भोजपुर |
| 34. | श्री धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, छपरा (सारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) छपरा (स) सारण |
| 35. | सुश्री प्रिया शेखर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सीवान | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीवान (स) सीवान |
| 36. | श्री पंकज कुमार तिवारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मोतिहारी (स) पूर्वी चम्पारण |
| 37. | श्री प्रवीण कुमार मालवीय अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, कटिहार | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) कटिहार (स) कटिहार |
| 38. | श्री विवेक चन्द्र वर्मा अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, पूर्णिया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दलसिंहसराय (स) समस्तीपुर |
| 39. | श्री अमरेन्द्र कुमार राज अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, जमुई | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेतिया (स) पश्चिमी चम्पारण |
| 40. | श्री सतीश मणि त्रिपाठी मुंसिफ, खगड़िया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मधुबनी (स) मधुबनी |
| 41. | सुश्री सुरभि श्रीवास्तव मुंसिफ, सासाराम (रोहतास) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सासाराम (स) रोहतास |
| 42. | सुश्री अंकिता जायसवाल अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, हाजीपुर (वैशाली) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 43. | श्री विवेक कुमार मिश्रा अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना सिटी (पटना) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पटना सिटी (स) पटना |
| 44. | सुश्री अमृता सिंह मुंसिफ, भभुआ (कैमूर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) आरा (स) भोजपुर |
| 45. | श्री अभिषेक कुमार अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, दलसिंहसराय (समस्तीपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीवान (स) सीवान |
| 46. | सुश्री हेना मुस्तफा अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, सीवान | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) छपरा (स) सारण |
| 47. | सुश्री जयश्री कुमारी अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, हिलसा (नालन्दा) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) (स) मुजफ्फरपुर |
| 48. | श्री प्रमोद कुमार अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, बगहा (पश्चिमी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बगहा (स) पश्चिमी चम्पारण |
| 49. | श्री रोशन कुमार अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, दानापुर (पटना) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दानापुर (स) पटना |
| 50. | श्री रवि रंजन अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, नौगछिया (भागलपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) भागलपुर (स) भागलपुर |
| 51. | श्री रंजन कुमार अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, सिकरहाना (पूर्वी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मोतिहारी (स) पूर्वी चम्पारण |
| 52. | श्री तेज कुमार प्रसाद रेलवे दंडाधिकारी, खगड़िया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मधुबनी (स) मधुबनी |
| 53. | श्री रंजन देव अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, बिरौल (दरभंगा) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दरभंगा (स) दरभंगा |
| 54. | सुश्री श्वेता ग्रेवाल अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, सुपौल | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) झंझारपुर (स) मधुबनी |
| 55. | श्री बिमलेश कुमार अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, मुंगेर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 56. | श्री राधे श्याम मुंसिफ, सीतामढ़ी | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीतामढ़ी (स) सीतामढ़ी |
| 57. | सुश्री प्रीति कुमारी अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, मधुबनी | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मधुबनी (स) मधुबनी |
| 58. | श्री शैलेश कुमार राम अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, भागलपुर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मधुबनी (स) मधुबनी |
| 59. | श्री सोनू कुमार मुंसिफ-सह-न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बगहा (पश्चिमी चम्पारण) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 60. | सुश्री मंजूश्री कुमारी अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, बेगूसराय | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेगूसराय (स) बेगूसराय |
| 61. | श्री कुमार पंकज अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, खगड़िया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) खगड़िया (स) खगड़िया |
| 62. | श्री शैलेन्द्र कुमार अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, सीतामढ़ी | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) आरा (स) भोजपुर |
| 63. | श्री राकेश रंजन अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, शेरघाटी (गया) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) जमुई (स) जमुई |
| 64. | सुश्री सिम्मी कुजूर अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, जहानाबाद | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) (स) मुजफ्फरपुर |
| 65. | श्री अमित वैभव अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पटना (स) पटना |
| 66. | श्री चन्द्र भूषण राम अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, रोसड़ा (समस्तीपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गोपालगंज (स) गोपालगंज |
| 67. | श्री राजेश कुमार VI अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, बांका | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) (स) मुजफ्फरपुर |
| 68. | श्री मनीष कुमार III मुंसिफ-सह-न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, शिवहर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सोनुपर (स) सारण |
| 69. | श्री सिकन्दर पासवान अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, मुजफ्फरपुर-पश्चिमी (मुजफ्फरपुर) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) (स) मुजफ्फरपुर |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023
No. 206A :---The Judicial officers of the cadre of Civil Judge (Junior Division), named in column no. 2 of the table given below have been promoted to the cadre of Civil Judge (Senior Division) and on promotion they are appointed and temporarily posted till further orders in the manner as indicated in column no. 3 of the table.
Further, in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Judicial Officers named below, who have been appointed as Sub- Judge-cum- A.C.J.M., the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.
31 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023| Sl. No. | Name of the officers, designation and present place of posting (with Judgeship) | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which appointed on promotion |
| I | II | III |
| 1. | Sri Rajesh Kumar V J.M.1st Class, Kishanganj | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali at Hajipur |
| 2. | Sri Lal Biharee Paswan Munsif, Munger | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Munger c) Munger |
| 3. | Sri Ashwani Kumar J.M.1st Class-cum-Addl. Munsif, Darbhanga | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bhagalpur c) Bhagalpur |
| 4. | Sri Vijay Kumar Mishra Judicial Magistrate 1st Class, Bhagalpur | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Purnea c) Purnea |
| 5. | Smt. Bharti Kumari J.M.1st Class-cum-Addl. Munsif, Jamui | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bettiah c) West Champaran |
| 6. | Ms. Swati Singh Judicial Magistrate 1st Class, Samastipur | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Samastipur c) Samastipur |
| 7. | Sri Anand Kumar Tripathi Judicial Magistrate 1st Class, Nawadah | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gopalganj c) Gopalganj |
| 8. | Sri Sachin Kumar Mishra S.D.J.M., Mohania (Kaimur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sasaram c) Rohtas |
| 9. | Ms. Kavita Kumari J.M.1st-cum-Addl. Munsif, Purnea | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Dalsingsarai c) Samastipur |
| 10. Sri Sailendra Kumar | J.M., 1st Class, Madhubani | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Chapra c) Saran |
| 11. Ms. Radha Kumari | Judicial Magistrate 1st Class, Supaul | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Purnea c) Purnea |
| 12. Sri Pramod Kumar Mahtha | J.M.1st Class, Muzaffarpur | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gopalganj c) Gopalganj |
| 13. Sri Rajesh Singh | J.M. 1st Class, Buxar | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Aurangabad c) Aurangabad |
| 14. Smt. Tanveer Kaur | S.D.J.M., Lakhisarai | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Begusarai c) Begusarai |
| 15. Sri Raj Kapoor | J.M.1st-cum-Addl. Munsif, Bettiah (West Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Muzaffarpur (East) c) Muzaffarpur |
| 16. Sri Muktesh Manohar | J.M.1st Class, Munger | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Munger c) Munger |
| 17. Ms. Anupama | S.D.J.M., Chapra (Saran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Chapra c) Saran |
| 18. Sri Maneesh Kumar Pandey Judicial Magistrate 1st Class, Aurangabad | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Aurangabad c) Aurangabad | |
| 19. Ms. Vibha Rani | Judicial Magistrate 1st Class, Khagaria | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Khagaria c) Khagaria |
| 20. Ms. Romi Kumari | Judicial Magistrate 1st Class, Jehanabad | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gaya c) Gaya |
| 21. Sri Juned Alam | Munsif, Mahnar (Hajipur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali |
| 22. Sri Ashish Kumar Agnihotri Munsif, Dumaron (Buxar) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gaya c) Gaya | |
| 23. Sri Punit Kumar Tiwari | Judicial Magistrate 1st Class, Sheikhpura | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sheikhpura c) Sheikhpura |
| 24. Ms. Nutan Kumari | Munsif, Tekari (Gaya) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gaya c) Gaya |
| 25. Sri Prateek Anand Dwivedi | Munsif, Mohania (Kaimur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bettiah c) West Champaran |
| 26. Sri Rakesh Mani Tiwari | J.M.1st Class-cum-Addl. Munsif, Gopalganj | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Khagaria c) Khagaria |
| 27. Sri Rajesh Kumar Singh | Judicial Magistrate 1st Class, Banka | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Banka c) Banka |
| 28. Sri Abhimanyu Kumar | J.M. 1st Class, Saharsa | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Saharsa c) Saharsa |
| 29. Sri Pushpam Kishore | Munsif, Hajipur (Vaishali) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali |
| 30. Sri Kumud Ranjan | J.M.1st Class, Ara (Bhojpur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Ara c) Bhojpur |
| 31. Sri Rakesh Kumar V | Judicial Magistrate 1st Class, Sasaram (Rohtas) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sasaram c) Rohtas |
| 32. Sri Bhupendra Nath Tripathi Judicial Magistrate 1st Class, Sitamarhi | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sitamarhi c) Sitamarhi | |
| 33. Sri Gautam Kumar | J.M.1st Class, Araria | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Ara c) Bhojpur |
| 34. Sri Dharmendra Kumar Pandey J.M.1st Class, Chapra (Saran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Chapra c) Saran | |
| 35. Ms. Priya Shekhar | Judicial Magistrate 1st Class, Siwan | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Siwan c) Siwan |
| 36. Sri Pankaj Kumar Tiwari | Judicial Magistrate 1st Class, Motihari (East Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Motihari c) East Champaran |
| 37. Sri Praveen Kumar Malviya S.D.J.M., Katihar | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Katihar c) Katihar | |
| 38. Sri Vivek Chandra Verma | S.D.J.M., Purnea | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Dalsingsarai c) Samastipur |
| 39. Sri Amrendra Kumar Raj | S.D.J.M., Jamui | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bettiah c) West Champaran |
| 40. Sri Satish Mani Tripathi | Munsif, Khagaria | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Madhubani c) Madhubani |
| 41. Ms. Surabhi Srivastava | Munsif, Sasaram (Rohtas) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sasaram c) Rohtas |
| 42. Ms. Ankita Jaiswal | S.D.J.M., Hajipur (Vaishali) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali |
| 43. Sri Vivek Kumar Mishra | S.D.J.M., Patna City (Patna) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Patna City c) Patna |
| 44. Ms. Amrita Singh | Munsif, Bhabhua (Kaimur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Ara c) Bhojpur |
| 45. Sri Abhishek Kumar | S.D.J.M., Dalsingsarai (Samastipur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Siwan c) Siwan |
| 46. Ms. Hena Mustafa | S.D.J.M., Siwan | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Chapra c) Saran |
| 47. Ms. Jayshri Kumari | S.D.J.M., Hilsa (Nalanda) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Muzaffarpur (East) c) Muzaffarpur |
| 48. Sri Pramod Kumar | S.D.J.M., Bagaha (West Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bagaha c) West Champaran |
| 49. Sri Roshan Kumar | S.D.J.M., Danapur (Patna) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Danapur c) Patna |
| 50. Sri Ravi Ranjan | S.D.J.M., Naugachia (Bhagalpur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Bhagalpur c) Bhagalpur |
| 51. Sri Ranjan Kumar | S.D.J.M., Sikrahana (East Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Motihari c) East Champaran |
| 52. Sri Tej Kumar Prasad | Railway Magistrate, Khagaria | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Madhubani c) Madhubani |
| 53. Sri Ranjan Deo | S.D.J.M., Biraul (Darbhanga) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 54. Ms. Shweta Grewal | S.D.J.M., Supaul | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Jhanjharpur c) Madhubani |
| 55. Sri Bimlesh Kumar | S.D.J.M., Munger | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali |
| 56. Sri Radhe Shyam | Munsif, Sitamarhi | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sitamarhi c) Sitamarhi |
| 57. Ms. Priti Kumari | S.D.J.M., Madhubani | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Madhubani c) Madhubani |
| 58. Sri Shailesh Kumar Ram | S.D.J.M., Bhagalpur | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Madhubani c) Madhubani |
| 59. Sri Sonu Kumar | Munsif-cum-J.M.1st Class, Bagaha (West Champaran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali |
| 60. Ms. Manjushree Kumari | S.D.J.M., Begusarai | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Begusarai c) Begusarai |
| 61. Sri Kumar Pankaj | S.D.J.M., Khagaria | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Khagaria c) Khagaria |
| 62. Sri Shailendra Kumar | S.D.J.M., Sitamarhi | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Ara c) Bhojpur |
| 63. Sri Rakesh Ranjan | S.D.J.M., Sherghati (Gaya) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Jamui c) Jamui |
| 64. Ms. Simmi Kujur | S.D.J.M., Jehanabad | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Muzaffarpur (West) c) Muzaffarpur |
| 65. Sri Amit Baibhav | S.D.J.M., Araria | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Patna c) Patna |
| 66. Sri Chandra Bhushan Ram S.D.J.M., Rosera (Samastipur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gopalganj c) Gopalganj | |
| 67. Sri Rajesh Kumar VI | S.D.J.M., Banka | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Muzaffarpur (East) c) Muzaffarpur |
| 68. Sri Manish Kumar III | Munsif-cum-J.M. 1st Class, Sheohar | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sonepur c) Saran |
69. Sri Sikandar Paswan
S.D.J.M., Muzaffarpur-West (Muzaffarpur)
a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Muzaffarpur (West) c) Muzaffarpur
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------
9 मई 2023
सं0 207 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी, असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को उसी तालिका स्तम्भ-3 में क्रमशः उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। पुनः दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा-11 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्नलिखित न्यायिक दंडाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को निम्न तालिका के स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती है, और
| क्रम सं0 | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किए गये हैं। | जिला का नाम | अनुमंडल का नाम |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. |
| 1. | श्री कुमार प्रभाकर, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई | जमुई |
| 2. | सपना रानी, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, मसौढ़ी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना | पटना सिटी |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023
No. 207 A:--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are hereby appointed as Judicial Magistrate in the Judgeships to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table.
Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officers named below, the powers of a Judicial Magistrate 1st Class for the District noted against their names in column no.4 of the table, and
In exercise of the powers conferred under Sub Section (3) (a) of Section 12 of the said Criminal Procedure Code, the Officers are designated as the Sub-Divisional Judicial Magistrate for the Sub-Division noted against their names in column no.5 of the said table.
37 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023| Sl. No. | Name of the Officers, designation and place of present posting. | (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Name of the District | Name of the Sub- Division |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. |
| 1. | Sri Kumar Prabhakar, S.D.J.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui | Jamui |
| 2. | Ms. Sapna Rani, S.D.J.M., Masaurhi. | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna | Patna City |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------ 9 मई 2023 सं0 208 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर मुंसिफ एवं उच्च न्यायालय द्वारा दंडाधिकारी की आवश्यक शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है। पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-2013 (ऐक्ट XIV, 2014) द्वारा संबोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा 19 की उपधारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-4 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है। सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-4 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। स्तम्भ-5 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में अधिसूचित न हो जायें।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहा नियुक्त किए गये हैं | नये स्थान पर अधिकारियों को प्रदान की गयी विशेष शक्तियाँ अ) बंगाल, आगरा एण्ड आसाम सिविल कोर्ट ऐक्ट के अंतर्गत (साधारण प्रक्रिया) ब) प्रोविन्सिीयल स्मॉल कॉजेज कोर्टस ऐक्ट 1987 के अंतर्गत |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | प्रिया वर्णवाल न्यायिक दंडाधिकारी-सह- अपर मुंसिफ, छपरा | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) डुमराव स) बक्सर | अ) डुमराव मु सिफी की स्थानीय सीमाओं ं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) डुमराव मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 2. | श्री संदीप साहिल न्यायिक दंडाधिकारी-सह-अपर मुंसिफ, किशनगंज | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) महनार स) वैशाली | अ) महनार मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) महनार मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 3. | श्री संजीव कुमार न्यायिक दंडाधिकारी-सह-अपर मुंसिफ, जमुई | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) नरकटियागंज स) पश्चिमी चम्पारण | अ) नरकटियागंज मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) नरकटियागंज मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 4. | श्री विक्की कुमार न्यायिक दंडाधिकारी-सह-अपर मुंसिफ, समस्तीपुर | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) टेकारी स) गया | अ) टेकारी मु सिफी की स्थानीय सीमाओं ं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) टेकारी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023
No. 208 A:---The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Munsif in the judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table.
As mentioned in column no. 4, the officers are also vested with the powers under Sub-Section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Bihar Amendment Act, 2013 (Act 14 of 2014) to try under ordinary procedure original suits of Pecuniary and Territorial Jurisdiction.
As further mentioned in column no. 4, the officers are also vested with powers of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary Pecuniary and Territorial Jurisdiction.
The powers vested as per column no. 4, should not be exercised by the officers
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Special Power with which the Officer is vested at the new station (a) Under the Bengal, Agra and Assam Civil Court Acts (under ordinary procedure). (b) Under the provincial small causes Courts Act, 1987. |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. Ms. Priya Baranwal J.M. 1st Class-cum- A.M., Chapra | (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Dumraon (c) Buxar | (a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Dumraon Munsifi. (b) S.C.C. Powers of Rs. I000/- within the local limits of Dumraon Munsifi. | |
| 2. Sri Sandeep Sahil J.M. 1st Class-cum- A.M., Kishanganj | (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Mahnar (c) Vaishali | (a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Mahnar Munsifi. | |
| (b) S.C.C. Powers of Rs. I000/- within the local limits of Mahnar Munsifi. | |||
| 3. Sri Sanjeev Kumar J.M. 1st Class-cum- A.M., Jamui | (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Narkatiyaganj (c) West Champaran | (a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Narkatiyaganj Munsifi. ( b) S.C.C. Powers of Rs. I000/- within the local limits of Narkatiyaganj Munsifi. | |
| 4. Sri Vicky Kumar J.M. 1st Class-cum- A.M., Samastipur | (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Tekari (c) Gaya | (a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Tekari Munsifi. (b) S.C.C. Powers of Rs. I000/- within the local limits of Tekari Munsifi. |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------
9 मई 2023
सं0 209 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
पुनः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किए गये हैं। | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | श्री सुनील कुमार मिश्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मधेपुरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 2. | श्री जय प्रकाश किस्कू न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 3. | श्री आशिष रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 4. | श्री नरेश महतो न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, लखीसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 5. | श्री प्रदूमन कुमार मुुंसिफ, सहरसा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बांका स) बांका | बांका |
| 6. | संगीता कुमारी मुुंसिफ, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 7. | श्री दिवाकर कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 8. | वंदना मुुंसिफ, सुपौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 9. | सिया श्रुति मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 10. | श्री शशांक शेखर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बांका स) बांका | बांका |
| 11. | श्री गौरव मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 12. | श्री प्रभात कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | सीतामढ़ी |
| 13. | रंजना दूबे न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 14. | श्री रजत दीप न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) डेहरी स) रोहतास | रोहतास |
| 15. | विष्णु प्रिया मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 16. | सनम हयात न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दानापुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 17. | श्री रोहित सिन्हा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 18. | श्री सुमन कांत झा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 19. | कोमल शांडिल्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 20. | सुरभि सिंघानिया न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 21. | श्री सुशील दत्त न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अरवल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 22. | गेसू न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 23. | विशुद्धा प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दानापुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 24. | पियुष पायल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 25. | सिप्रा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 26. | श्री शिवम कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 27. | श्री आशुतोष अभिमन्यु न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 28. | श्री सत्यम न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, डेहरी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 29. | श्री विवके कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 30. | श्री पार्थ न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 31. | महविश फातमा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 32. | नीधि जायसवाल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 33. | श्री सुरभित सहाय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बाढ़ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 34. | श्वेता चौधरी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेखपुरा स) शेखपुरा | शेखपुरा |
| 35. | श्वेता शारदा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सहरसा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 36. | श्री ऋषभ श्रीवास्तव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बाढ़ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 37. | श्री राजेश बर्नवाल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बाढ़ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 38. | शुभम त्रिपाठी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हाजीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 39. | श्री मुकेश कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हाजीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 40. | स्वाति सुमन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हाजीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 41. | स्वास्ति यादव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 42. | श्री अभिषेक कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हाजीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नौगछिया स) भागलपुर | भागलपुर |
| 43. | श्री विकास कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 44. | श्री अनुराग तिवारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 45. | नीधि नवनीत न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 46. | श्री जन्मेजय चौधरी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, जहानाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 47. | श्री आलोक कुमार चतुर्वेदी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, जहानाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 48. | श्री अमित दयाल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 49. | श्री प्रियांशु राज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिरौल स) दरभंगा | दरभंगा |
| 50. | नंदिनी सुमन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 51. | काजल सोनवाला न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 52. | आरति उपाध्याय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भभुआ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 53. | श्री प्रतिक सागर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 54. | रिचा कश्यप न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, जहानाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 55. | श्री शोभित सौरभ न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 56. | अनामिका कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 57. | श्री मनीष राय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हिलसा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 58. | सोनल सरोहा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 59. | श्री निलेश भारद्वाज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हिलसा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 60. | कुमारी कनिका यादव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 61. | रिचा राज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 62. | श्री सुधांशु शेखर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, हिलसा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 63. | कुमारी अनुष्का चतुर्वेदी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधुबनी स) मधुबनी | मधुबनी |
| 64. | श्री अनुज कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | सीतामढ़ी |
| 65. | अदिती झा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 66. | अर्चना कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिहारशरीफ | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 67. | त्रिशा राय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 68. | अल्का पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 69. | श्री शैलेश कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 70. | जूही शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 71. | श्री पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भभुआ स) कैमूर | कैमूर |
| 72. | अर्पिता दूबे न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 73. | श्री महादेव मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिक्रमगंज स) रोहतास | रोहतास |
| 74. | श्री कुमार शिवम मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेरघाटी स) गया | गया |
| 75. | श्री विवेक कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सिकरहना स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 76. | श्री शिव कुमार सिंटू न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 77. | श्री आदित्य गर्ग न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिक्रमगंज स) रोहतास | रोहतास |
| 78. | गरिमा सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 79. | नेहा त्रिपाठी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 80. | अर्पिता न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 81. | श्री गौरव कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 82. | श्री स्वेताभ सांडिल्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दाउदनगर स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 83. | श्री आशिष कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दाउदनगर स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 84. | कृति न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 85. | श्री प्रतिक मिश्रा मुुंसिफ, दलसिंगसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 86. | श्री स्कंद राज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दलसिंगसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 87. | श्री ओम प्रकाश नारायण सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दलसिंगसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 88. | श्री श्री निवास शर्मा मुुंसिफ, रोसड़ा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 89. | श्री उदय वीर सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रोसड़ा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 90. | स्वाति प्रियदर्शिनी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 91. | श्री अमित कुमार पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रोसड़ा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सासाराम स) रोहतास | रोहतास |
| 92. | श्री अभिषेक कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रोसड़ा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेरघाटी स) गया | गया |
| 93. | कविता अग्रहरी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 94. | श्री अनुराग वर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रोसड़ा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 95. | श्री कुमार सौरभ भानु न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | सीतामढ़ी |
| 96. | श्री अनूप कुमार मिश्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | सीतामढ़ी |
| 97. | निष्ठा उपाध्याय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 98. | मो0 अफजल खान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सहरसा स) सहरसा | सहरसा |
| 99. | दिप्ती सिंह चौहान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 100. | श्री शशि कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 101. | श्री निशांत कुमार ओझा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 102. | शिखा पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भभुआ स) कैमूर | कैमूर |
| 103. | श्री शिवम ंिसंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रक्सौल, मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 104. | श्री सुचित वाजपेयी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 105. | मो0 शारिक हैदर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 106. | श्री कुमार शुभम न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दानापुर स) पटना | पटना |
| 107. | प्रियांस्वी सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 108. | श्री अनूप रावत न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 109. | प्रज्ञा मानस न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 110. | श्री कमलेश कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 111. | श्री सुशील कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 112. | अंजिता सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, समस्तीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सहरसा स) सहरसा | सहरसा |
| 113. | श्री प्रवीण कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) डेहरी स) रोहतास | रोहतास |
| 114. | श्री प्रभात कुमार रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 115. | श्री तुषार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नौगछिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 116. | विनीता शंकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, समस्तीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधेपुरा स) मधेपुरा | मधेपुरा |
| 117. | श्री सुभाष चंद्र निषाद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नौगछिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 118. | नाजिया खान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 119. | गरिमा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, समस्तीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 120. | स्नेहा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, समस्तीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 121. | प्रज्ञा मिश्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, समस्तीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 122. | शांभवी शंकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शिवहर स) शिवहर | शिवहर |
| 123. | आस्था भारती न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नवगछिया स) भागलपुर | भागलपुर |
| 124. | श्री अभय सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बांका | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 125. | श्री प्रफुल्ल कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बांका | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 126. | प्रेरणा सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 127. | ज्योत्सना ज्योति न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 128. | श्री धनंजय पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बांका | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 129. | श्री अजय कुमार मिश्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 130. | श्री विकास कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 131. | श्री विनीत कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मंझौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सिकरहना स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 132. | स्वाति सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) लखीसराय स) लखीसराय | लखीसराय |
| 133. | अंकिता नेहा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 134. | कृतिका द्विवेदी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भभुआ स) कैमूर | कैमूर |
| 135. | हिमानी शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 136. | गीतिका त्रिपाठी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, छपरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सासाराम स) रोहतास | रोहतास |
| 137. | श्री हिमांशु भार्गव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोहनिया स) कैमूर | कैमूर |
| 138. | श्री रत्नेश कुमार द्विवेदी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 139. | श्री सुदीप पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, औरंगाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोहनिया स) कैमूर | कैमूर |
| 140. | प्रियांशु शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 141. | वर्तिका न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 142. | श्रृष्टि मांगलिक न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 143. | श्री सचिन कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, औरंगाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 144. | अर्चना न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दानापुर स) पटना | पटना |
| 145. | श्री कांवर विरेन्द्र सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 146. | श्री स्पर्श अग्रवाल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दलसिंगसराय स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 147. | श्वेता शुक्ला न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 148. | प्रज्ञा एश्वर्या न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पटना सिटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेरघाटी स) गया | गया |
| 149. | श्री भवानी प्रसाद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सहरसा स) सहरसा | सहरसा |
| 150. | सुधा रानी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बाढ़ स) पटना | पटना |
| 151. | श्री आशिष कुमार पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 152. | श्री दिनेश मणि त्रिपाठी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिरौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधेपुरा स) मधेपुरा | मधेपुरा |
| 153. | प्रियंका कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 154. | श्री अमित कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दरभंगा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सहरसा स) सहरसा | सहरसा |
| 155. | श्री राहुल प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 156. | गजाला शबिहा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) लखीसराय स) लखीसराय | लखीसराय |
| 157. | कुमारी डिम्पी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 158. | रीतिका ऋषि न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 159. | पल्लवी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 160. | श्री सुमित कुमार मुुंसिफ, नरकटियागंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 161. | किरण कुमारी चौरसिया न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 162. | कविता कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 163. | श्री रवि रंजन कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 164. | सोनम कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुंगेर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बांका स) बांका | बांका |
| 165. | श्री आनंद प्रसाद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 166. | श्री अंकित रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 167. | मोनिका मेहता न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुंगेर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 168. | भाविका सिन्हा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 169. | श्री रोहित कुमार गुप्ता न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रक्सौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 170. | श्री प्रतिक रंजन चौरसिया न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रक्सौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधुबनी स) मधुबनी | मधुबनी |
| 171. | नेहा नय्यर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रक्सौल, मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 172. | श्री बादल कुमार गुप्ता न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, रक्सौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 173. | श्री नजिम अहमद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बगहा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 174. | मोहिनी कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 175. | कल्पना भारती न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेरघाटी स) गया | गया |
| 176. | शबनम जवी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेगूसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेरघाटी स) गया | गया |
| 177. | अमृतांशा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 178. | नीहारिका सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 179. | मोनिका कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सहरसा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 180. | नेहा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, औरंगाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 181. | श्री प्रमोद कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बगहा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 182. | कनिका शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, औरंगाबाद | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 183. | श्री प्रिंस भारती न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बगहा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 184. | सुमन चन्द्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | सीतामढ़ी |
| 185. | निभा आनंद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दलसिंगसराय स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 186. | कुमारी सावित्री न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 187. | श्री राजन कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 188. | श्री कुमार अभिजीत राय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बगहा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हिलसा स) नालन्दा | नालन्दा |
| 189. | श्री विनय कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बगहा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 190. | श्री रवि प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बगहा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 191. | श्री अनुराग मिश्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 192. | श्रृटि सिन्हा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 193. | अंजली सिन्हा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 194. | श्री कुशान कुणाल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 195. | सुगम कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 196. | ईशा राज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 197. | करिशमा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 198. | श्री सुरज प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 199. | श्री अमन कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 200. | रिचा रानी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 201. | श्री राजीव शंकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीतामढ़ी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 202. | श्री अभिषेक कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीतामढ़ी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 203. | प्रियंका यादव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 204. | मो0 शुएब न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सीतामढ़ी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधुबनी स) मधुबनी | मधुबनी |
| 205. | श्री शत्रुंजय कुशवाहा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मधुबनी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 206. | श्री गौतम न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मधुबनी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर |
| 207. | प्रतिमा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 208. | श्री आलोक कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपट्टी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 209. | श्री राकेश रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपट्टी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 210. | श्री अनुराग गौरव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपट्टी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 211. | श्री अजीत कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपट्टी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 212. | आयुषी चौधरी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सुपौल स) सुपौल | सुपौल |
| 213. | मनिषा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दरभंगा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर |
| 214. | वंदना मधुकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दरभंगा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हिलसा स) नालन्दा | नालन्दा |
| 215. | मासूम खनम न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 216. | स्निग्धा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मुजफ्फरपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 217. | श्री सफदर सलाह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपट्टी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 218. | मो0 फहद हुसैन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) लखीसराय स) लखीसराय | लखीसराय |
| 219. | श्री राजू कुमार साह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, लखीसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिरौल स) दरभंगा | दरभंगा |
| 220. | श्री पप्पू कुमार पंडित न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, लखीसराय | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिरौल स) दरभंगा | दरभंगा |
| 221. | नेहा निहारिका न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दरभंगा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 222. | श्री जय प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेनीपट्टी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 223. | मो0 गुलाम रसूल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 224. | श्री आशिष नारायण न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सुपौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हिलसा स) नालन्दा | नालन्दा |
| 225. | प्रतिभा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 226. | श्री इंजमामूल हक न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, खगड़िया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) किशनगंज स) किशनगंज | किशनगंज |
| 227. | श्री संतोष कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, डेहरी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 228. | श्री सोनू सौरभ न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दाउदनगर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 229. | श्री रोहित कुमार वर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 230. | सुधा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर |
| 231. | अमृता नुपूर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर |
| 232. | श्री प्रशांत कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 233. | शबा शकील न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 234. | पूजा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 235. | श्री किशोर गौरव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पुपरी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 236. | श्री मनीष चन्द्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मधेपुरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 237. | श्री रोहित कुमार गौरव न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, किशनगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 238. | श्री संजय कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दानापुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेरघाटी स) गया | गया |
| 239. | मोहम्मद सरवर अंसारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, खगड़िया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 240. | श्री आदित्य प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, खगड़िया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सुपौल स) सुपौल | सुपौल |
| 241. | रितु कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 242. | सुनीता कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 243. | ज्योति कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 244. | श्री अनुराग न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, खगड़िया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 245. | श्री उदय कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, खगड़िया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 246. | नैंसी कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 247. | श्री राजा साह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, झंझारपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 248. | श्री विनीत कुमार साह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, झंझारपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दानापुर स) पटना | पटना |
| 249. | महजवी नाज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) लखीसराय स) लखीसराय | लखीसराय |
| 250. | सौम्या सुमन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 251. | सुजाता कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 252. | श्री अनंत कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, जमुई | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 253. | सोनम रानी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, डेहरी (रोहतास) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 254. | उर्मिला आर्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अरवल स) जहानाबाद | अरवल |
| 255. | श्री गजेन्द्र कुमार चौरसिया न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, जमुई | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 256. | श्री आशिष आनंद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, जमुई | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 257. | श्री रणधीर कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, डेहरी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) किशनगंज स) किशनगंज | किशनगंज |
| 258. | श्री रवि शेखर वार्शी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दाउदनगर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 259. | श्री विकास कुमार रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दाउदनगर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 260. | कुमारी प्रिंकी प्रियंका न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 261. | अंकिता राज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 262. | श्री प्रणव कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, वीरपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 263. | श्री कुमार शशि न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिरौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 264. | श्री संतोष कुमार साह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिक्रमगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 265. | गीतांजलि न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 266. | श्री आदित्य कुमार शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिक्रमगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 267. | वर्षा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 268. | कुमारी मिठू रानी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 269. | श्री सुधीर कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिक्रमगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सुपौल स) सुपौल | सुपौल |
| 270. | श्री अविनाश चन्द्रा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, बिक्रमगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 271. | श्री रोहित रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सुपौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 272. | लतिका भारती न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 273. | अनुराधा कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 274. | श्री सरोज कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सुपौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हिलसा स) नालन्दा | नालन्दा |
| 275. | कंचन रानी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 276. | कुमारी सुलोचना न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दरभंगा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 277. | श्री चंदन पासवान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सुपौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 278. | श्री रवि शंकर पासवान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, सासाराम | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 279. | मेधा मनिषा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, पूर्णिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 280. | प्रियंका कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 281. | पिंकी कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना सिटी स) पटना | पटना |
| 282. | श्री जितेन्द्र कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, शेखपुरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 283. | श्री शैलेन्द्र कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 284. | श्री विशाल सिन्हा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 285. | किरण कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 286. | श्री पवन कुमार चौधरी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दानापुर स) पटना | पटना |
| 287. | श्री ज्ञान प्रकाश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 288. | श्री नवीन कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
| 289. | श्री प्रदीप कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, अररिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 290. | खुशबू आनंद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नवादा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बाढ़ स) पटना | पटना |
| 291. | श्री अजय कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अपर मुुंसिफ, दानापुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 9th May 2023
No. 209 A:--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no.2 of the table given below are appointed as Judicial Magistrate in the Judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no.3 of the table.
Further in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to57 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 confer upon the officers named below, the powers of Judicial Magistrate 1st Class for the district noted against their names in column no.4 of the table.
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Name of the District |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Sri Sunil Kumar Mishra J.M. 1st Class-cum-Addl. Munsif, Madhepura, | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 2. | Sri Jai Prakash Kisku Judicial Magistrate 1st Class, Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 3. | Sri Ashish Ranjan J.M.1st Class-cum-Addl. Munsif, Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Nawada (c) Nawada | Nawada |
| 4. | Sri Naresh Mahto J.M.1st Class, Lakhisarai | (a) Judicial Magistrate (b) Darbhanga (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 5. | Sri Praduman Kumar Munsif, Saharsa | (a) Judicial Magistrate (b) Banka (c) Banka | Banka |
| 6. Ms. Sangita Kumari Munsif, Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui | |
| 7. | Sri Diwakar Kumar J.M.1st Class-cum-Addl. Munsif, Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui |
| 8. Ms. Vandana | Munsif, Supaul | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 9. Ms. Siya Shruti | Munsif, Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Nawada (c) Nawada | Nawada |
| 10. Sri Shashank Sheakhar J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Banka (c) Banka | Banka | |
| 11. Sri Gaurav | Munsif, Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 12. Sri Prabhat Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi | Sitamarhi |
| 13. Ms.Ranjana Dubey | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar |
| 14. Sri Rajat Deep | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Dehri (c) Rohtas | Rohtas |
| 15. Ms. Vishnu Priya | Munsif, Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar |
| 16. Ms. Sanam Hayat | J.M. 1st Class-cum-A.M., Danapur | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 17. Sri Rohit Sinha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 18. Sri Suman Kant Jha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 19. Ms. Komal Shandilya J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan | |
| 20. Ms. Surbhi Singhania J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan | |
| 21. Sri Sushil Dutt | J.M. 1st Class-cum-A.M., Arwal | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 22. Ms. Gesu | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 23. Ms. Vishudha Prakash J.M. 1st Class-cum-A.M., Danapur | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya | |
| 24. Ms. Peeyush Payal | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Gopalganj (c) Gopalganj | Gopalganj |
| 25. Ms. Sipra Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 26. Sri Shivam Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 27. Sri Ashutosh Abhimannyu J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan | |
| 28. Sri Satyam | J.M. 1st Class-cum-A.M., Dehri | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui |
| 29. Sri Vivek Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 30. Sri Parth | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 31. Ms. Mahvish Fatma | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 32. Ms. Nidhi Jaiswal | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Aurangabad (c) Aurangabad | Aurangabad |
| 33. Sri Surbhit Sahai | J.M. 1st Class-cum-A.M., Barh | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 34. Ms. Shweta Choudhary J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Shekhpura (c) Shekhpura | Shekhpura | |
| 35. Ms. Shweta Sharda | J.M. 1st Class-cum-A.M., Saharsa | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 36. Sri Rishabh Srivastava J.M. 1st Class-cum-A.M., Barh | (a) Judicial Magistrate (b) Gopalganj (c) Gopalganj | Gopalganj | |
| 37. Sri Rajesh Barnwal | J.M. 1st Class-cum-A.M., Barh | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 38. Ms. Shubham Tripathi J.M. 1st Class-cum-A.M., Hajipur | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar | |
| 39. Sri Mukesh Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Hajipur | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 40. Ms. Swati Suman | J.M. 1st Class-cum-A.M., Hajipur | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 41. Ms. Svasti Yadav | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar | Katihar |
| 42. Sri Abhishek Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Hajipur | (a) Judicial Magistrate (b) Naugachia (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 43. Sri Vikas Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Gopalganj (c) Gopalganj | Gopalganj |
| 44. Sri Anurag Tiwari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Darbhanga (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 45. Ms. Nidhi Navneet | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 46. Sri Janmejay Chaudhary J.M. 1st Class-cum-A.M., Jehanabad | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan | |
| 47. Sri Alok Kumar Chaturvedi J.M. 1st Class-cum-A.M., Jehanabad | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan | |
| 48. Sri Amit Dayal | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 49. Sri Priyanshu Raj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Biraul (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 50. Ms. Nandini Suman | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 51. Ms. Kajal Sonawala | J.M. 1st Class-cum-A.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Darbhanga (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 52. Ms. Arti Upadhyay | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhabhua | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 53. Sri Pratik Sagar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Nawada (c) Nawada | Nawada |
| 54. Ms. Richa Kashyap | J.M. 1st Class-cum-A.M., Jehanabad | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 55. Sri Shobhit Sourav | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Aurangabad (c) Aurangabad | Aurangabad |
| 56. Ms. Anamika Kumari J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Nawada (c) Nawada | Nawada | |
| 57. Sri Manish Rai | J.M. 1st Class-cum-A.M., Hilsa | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 58. Ms. Sonal Saroha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Nawada (c) Nawada | Nawada |
| 59. Sri Nilesh Bhardwaj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Hilsa | (a) Judicial Magistrate (b) Gopalganj (c) Gopalganj | Gopalganj |
| 60. Ms. Kumari Kanika Yadav J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Darbhanga (c) Darbhanga | Darbhanga | |
| 61. Ms. Richa Raj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Nawada (c) Nawada | Nawada |
| 62. Sri Sudhanshu Shekhar J.M. 1st Class-cum-A.M., Hilsa | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran | |
| 63. Ms. Kumari Anushka Chaturvedi J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Madhubani (c) Madhubani | Madhubani | |
| 64. Sri Anuj Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (East) | (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi | Sitamarhi |
| 65. Ms. Aditi Jha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 66. Ms. Archana Kumari J.M. 1st Class-cum-A.M., Biharsharif | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran | |
| 67. Ms. Trisha Roy | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (West) | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 68. Ms. Alka Pandey | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (East) | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 69. Sri Shailesh Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (West) | (a) Judicial Magistrate (b) Gopalganj (c) Gopalganj | Gopalganj |
| 70. Ms. Juhi Sharma | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (East) | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 71. Sri Pushpendra Kumar Sharma J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (w) | (a) Judicial Magistrate (b) Bhabhua (c) Kaimur | Kaimur | |
| 72. Ms. Arpita Dubey | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 73. Sri Mahadev | Munsif, Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Bikramganj (c) Rohtas | Rohtas |
| 74. Sri Kumar Shivam | Munsif, Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Sherghati (c) Gaya | Gaya |
| 75. Sri Vivek Kumar Upadhya J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Sikrahna (c) East Champaran | East Champaran | |
| 76. Sri Shiv Kumar Sintu J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria | |
| 77. Sri Aditya Garg | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Bikramganj (c) Rohtas | Rohtas |
| 78. Ms. Garima Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur (W) | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria |
| 79. Ms. Neha Tripathi | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur(E) | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar |
| 80. Ms. Arpita | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 81. Sri Gaurav Kumar Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar | |
| 82. Sri Swetabh Shandilya J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Daudnagar (c) Aurangabad | Aurangabad | |
| 83. Sri Ashish Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Daudnagar (c) Aurangabad | Aurangabad |
| 84. Ms. Kriti | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 85. Sri Prateek Mishra | Munsif, Dalsingsarai | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar |
| 86. Sri Skand Raj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Dalsingsarai | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria |
| 87. Sri Om Prakash Narayan Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Dalsingsarai | (a) Judicial Magistrate (b) Aurangabad (c) Aurangabad | Aurangabad | |
| 88. Sri Sri Nivas Sharma Munsif, Rosera | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran | |
| 89. Sri Uday Veer Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Rosera | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria | |
| 90. Ms. Swati Priyadarshni J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran | |
| 91. Sri Amit Kumar Pandey J.M. 1st Class-cum-A.M., Rosera | (a) Judicial Magistrate (b) Sasaram (c) Rohtas | Rohtas | |
| 92. Sri Abhishek Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Rosera | (a) Judicial Magistrate (b) Sherghati (c) Gaya | Gaya |
| 93. Ms. Kavita Agrahari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Munger (c) Munger | Munger |
| 94. Sri Anurag Verma | J.M. 1st Class-cum-A.M., Rosera | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 95. Sri Kumar Saurabh Bhanu J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi | Sitamarhi | |
| 96. Sri Anup Kumar Mishra J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi | Sitamarhi | |
| 97. Ms. Nishtha Upadhyay J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran | |
| 98. Md. Afzal Khan | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Saharsa (c) Saharsa | Saharsa |
| 99. Ms. Dipti Singh Chauhan J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya | |
| 100. Sri Shashi Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 101. Sri Nishant Kumar Ojha J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur | |
| 102. Ms. Shikha Pandey | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Bhabhua (c) Kaimur | Kaimur |
| 103. Sri Shivam Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Raxaul at Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 104. Sri Suchit Bajpai | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 105. Md. Sharique Haider | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria |
| 106. Sri Kumar Shubham | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Danapur (c) Patna | Patna |
| 107. Ms. Priyansvi Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 108. Sri Anup Rawat | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 109. Ms. Pragya Manas | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Munger (c) Munger | Munger |
| 110. Sri Kamlesh Kumar Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria | |
| 111. Sri Sushil Kumar Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria | |
| 112. Ms. Anjita Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Samastipur | (a) Judicial Magistrate (b) Saharsa (c) Saharsa | Saharsa |
| 113. Sri Praveen Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Dehri (c) Rohtas | Rohtas |
| 114. Sri Prabhat Kumar Ranjan J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea | |
| 115. Sri Tushar Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Naugachai | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 116. Ms. Binita Shankar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Samastipur | (a) Judicial Magistrate (b) Madhepura (c) Madhepura | Madhepura |
| 117. Sri Subhash Chandra Nisad J.M. 1st Class-cum-A.M., Naugachia | (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar | Katihar | |
| 118. Ms. Nazia Khan | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui |
| 119. Ms. Garima Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Samastipur | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 120. Ms. Sneha Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Samastipur | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 121. Ms. Pragya Mishra | J.M. 1st Class-cum-A.M., Samastipur | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 122. Ms. Shambhavi Shankar J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Sheohar (c) Sheohar | Sheohar | |
| 123. Ms. Astha Bharti | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Naugachia (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 124. Sri Abhay Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Banka | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 125. Sri Prafull Kumar Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Banka | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna | |
| 126. Ms. Prerna Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Jehanabad (c) Jehanabad | Jehanabad |
| 127. Ms. Jyotsana Jyoti | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria |
| 128. Sri Dhananjay Pandey | J.M. 1st Class-cum-A.M., Banka | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 129. Sri Ajay Kumar Mishra | J.M. 1st Class-cum-A.M., Begusarai | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 130. Sri Vikas Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Begusarai | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria |
| 131. Sri Vineet Kumar Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Manjhaul | (a) Judicial Magistrate (b) Sikrahana (c) East Champaran | East Champaran | |
| 132. Ms. Swati Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Lakhisarai (c) Lakhisarai | Lakhisarai |
| 133. Ms. Ankita Neha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 134. Ms. Kritika Dwivedi | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Bhabhua (c) Kaimur | Kaimur |
| 135. Ms. Himani Sharma | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 136. Ms. Gitika Tripathi | J.M. 1st Class-cum-A.M., Chapra | (a) Judicial Magistrate (b) Sasaram (c) Rohtas | Rohtas |
| 137. Sri Himanshu Bhargav J.M. 1st Class-cum-A.M., Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Mohania (c) Kaimur | Kaimur | |
| 138. Sri Ratnesh Kumar Dwivedi J.M. 1st Class-cum-A.M., Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Munger (c) Munger | Munger | |
| 139. Sri Sudeep Pandey | J.M. 1st Class-cum-A.M., Aurangabad | (a) Judicial Magistrate (b) Mohania (c) Kaimur | Kaimur |
| 140. Ms. Priyanshu Sharma J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran | |
| 141. Ms. Vartika | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Munger (c) Munger | Munger |
| 142. Ms. Srishti Manglik | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 143. Sri Sachin Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Aurangabad | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 144. Ms. Archana | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Danapur (c) Patna | Patna |
| 145. Sri Kanwar Virender Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Rosera (c) Samastipur | Samastipur | |
| 146. Sri Sparsh Agarwal | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Dalsinghsarai (c) Samastipur | Samastipur |
| 147. Ms. Shweta Shukla | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 148. Ms. Pragya Aishwarya | J.M. 1st Class-cum-A.M., Patna City | (a) Judicial Magistrate (b) Sherghati (c) Gaya | Gaya |
| 149. Sri Bhawanee Prasad | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Saharsa (c) Saharsa | Saharsa |
| 150. Ms. Sudha Rani | J.M. 1st Class-cum-A.M., Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Barh (c) Patna | Patna |
| 151. Sri Ashish Kumar Pandey J.M. 1st Class-cum-A.M., Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria | |
| 152. Sri Dinesh Mani Tripathi J.M. 1st Class-cum-A.M., Biraul | (a) Judicial Magistrate (b) Madhepura (c) Madhepura | Madhepura | |
| 153. Ms. Priyanka Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria |
| 154. Sri Amit Kumar Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Darbhanga | (a) Judicial Magistrate (b) Saharsa (c) Saharsa | Saharsa |
| 155. Sri Rahul Prakash | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 156. Ms. Ghazala Shabiha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Lakhisarai (c) Lakhisarai | Lakhisarai |
| 157. Ms. Kumari Dimpy | J.M. 1st Class-cum-A.M., Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Jehanabad (c) Jehanabad | Jehanabad |
| 158. Ms. Ritika Rishi | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 159. Ms. Pallavi | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 160. Sri Sumit Kumar | Munsif, Narkatiyaganj | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 161. Ms. Kiran Kumari Chourasia J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran | West Champaran | |
| 162. Ms. Kavita Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar | Katihar |
| 163. Sri Ravi Ranjan Kumar J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran | |
| 164. Ms. Sonam Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Munger | (a) Judicial Magistrate (b) Banka (c) Banka | Banka |
| 165. Sri Anand Prasad | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 166. Sri Ankit Rajan | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 167. Ms. Monika Mehta | J.M. 1st Class-cum-A.M., Munger | (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar | Katihar |
| 168. Ms. Bhavika Sinha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Begusarai | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui |
| 169. Sri Rohit Kumar Gupta J.M. 1st Class-cum-A.M., Raxaul | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali | |
| 170. Sri Prateek Ranjan Chaurasia J.M. 1st Class-cum-A.M., Raxaul | (a) Judicial Magistrate (b) Madhubani (c) Madhubani | Madhubani | |
| 171. Ms. Neha Nayyar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Begusarai | (a) Judicial Magistrate (b) Raxaul at Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 172. Sri Badal Kumar Gupta J.M. 1st Class-cum-A.M., Raxaul | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran | |
| 173. Sri Nazim Ahmed | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bagaha | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 174. Ms. Mohini Kumari | Begusarai | (a) Judicial Magistrate J.M. 1st Class-cum-A.M., (b) Darbhanga (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 175. Ms. Kalpana Bharati | J.M. I-cum-A.M., Begusarai | (a) Judicial Magistrate (b) Sherghati (c) Gaya | Gaya |
| 176. Ms. Shabnam Zabi | J.M. I-cum-A.M., Begusarai | (a) Judicial Magistrate (b) Sherghati (c) Gaya | Gaya |
| 177. Ms. Amritansha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 178. Ms. Niharika Singh | J.M. 1st Class-cum-A.M., Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Jamui (c) Jamui | Jamui |
| 179. Ms. Monika Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Saharsa | (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar | Katihar |
| 180. Ms. Neha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Aurangabad | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 181. Sri Pramod Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bagaha | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 182. Ms. Kanika Sharma | J.M. 1st Class-cum-A.M., Aurangabad | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 183. Sri Prince Bharti | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bagaha | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 184. Ms. Suman Chandra | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi | Sitamarhi |
| 185. Ms. Nibha Anand | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Dalsigsarai (c) Samastipur | Samastipur |
| 186. Ms. Kumari Savitri | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 187. Sri Rajan Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria |
| 188. Sri Kumar Abhijit Rai | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bagaha | (a) Judicial Magistrate (b) Hilsa (c) Nalanda | Nalanda |
| 189. Sri Vinay Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bagaha | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 190. Sri Ravi Prakash | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bagaha | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 191. Sri Anurag Misra | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 192. Ms. Srishti Sinha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 193. Ms. Anjali Sinha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 194. Sri Kushan Kunal | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 195. Ms. Sugam Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 196. Ms. Isha Raj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 197. Ms. Karishma Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 198. Sri Suraj Prakash | J.M. 1st Class-cum-A.M., Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 199. Sri Aman Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 200. Ms. Richa Rani | J.M. 1st Class-cum-A.M., Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 201. Sri Rajeev Shankar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sitamarhi | (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran | West Champaran |
| 202. Sri Abhishek Kumar Singh J.M. 1st Class-cum-A.M., Sitamarhi | (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran | West Champaran | |
| 203. Ms. Priyanka Yadav | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 204. Md. Shuaib | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sitamarhi | (a) Judicial Magistrate (b) Madhubani (c) Madhubani | Madhubani |
| 205. Sri Shatrunjay Kushwaha J.M. 1st Class-cum-A.M., Madhubani | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda | |
| 206. Sri Gautam | J.M. 1st Class-cum-A.M., Madhubani | (a) Judicial Magistrate (b) Ara (c) Bhojpur | Bhojpur |
| 207. Ms. Pratima Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 208. Sri Alok Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipatti | (a) Judicial Magistrate (b) Jehanabad (c) Jehanabad | Jehanabad |
| 209. Sri Rakesh Ranjan | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipatti | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 210. Sri Anurag Gaurav | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipatti | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 211. Sri Ajit Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipatti | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 212. Ms. Aayushi Chaudhary J.M. 1st Class-cum-A.M., Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Supaul (c) Supaul | Supaul | |
| 213. Ms. Manisha Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Darbhanga | (a) Judicial Magistrate (b) Ara (c) Bhojpur | Bhojpur |
| 214. Ms. Vandana Madhukar J.M. 1st Class-cum-A.M., Darbhanga | (a) Judicial Magistrate (b) Hilsa (c) Nalanda | Nalanda | |
| 215. Ms. Masoom Khanam | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 216. Ms. Snigdha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Muzaffarpur | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 217. Sri Safder Salah | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipatti | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 218. Md. Fahad Hussain | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipur | (a) Judicial Magistrate (b) Lakhisarai (c) Lakhisarai | Lakhisarai |
| 219. Sri Raju Kumar Sah | J.M. 1st Class-cum-A.M., Lakhisarai | (a) Judicial Magistrate (b) Biraul (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 220. Sri Pappu Kumar Pandit J.M. 1st Class-cum-A.M., Lakhisarai | (a) Judicial Magistrate (b) Biraul (c) Darbhanga | Darbhanga | |
| 221. Ms. Neha Niharika | J.M. 1st Class-cum-A.M., Darbhanga | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 222. Sri Jay Prakash | J.M. 1st Class-cum-A.M., Benipatti | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 223. Md. Gulam Rasul | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 224. Sri Ashish Narain | J.M. 1st Class-cum-A.M., Supaul | (a) Judicial Magistrate (b) Hilsa (c) Nalanda | Nalanda |
| 225. Ms. Pratibha Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 226. Sri Inzmamul Haque | J.M. 1st Class-cum-A.M., Khagaria | (a) Judicial Magistrate (b) Kishanganj (c) Kishanganj | Kishanganj |
| 227. Sri Santosh Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Dehri | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 228. Sri Sonu Sawrav | J.M. 1st Class-cum-A.M., Daudnagar | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 229. Sri Rohit Kumar Verma | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 230. Ms. Sudha Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Ara (c) Bhojpur | Bhojpur |
| 231. Ms. Amrita Nupur | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Ara (c) Bhojpur | Bhojpur |
| 232. Sri Prashant Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 233. Ms. Saba Shakeel | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 234. Ms. Pooja Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 235. Sri Kishore Gaurav | J.M. 1st Class-cum-A.M., Poopri | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 236. Sri Manish Chandra | J.M. 1st Class-cum-A.M., Madhepura | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 237. Sri Rohit Kumar Gaurav J.M. 1st Class-cum-A.M., Kishanganj | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai | |
| 238. Sri Sanjay Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Danapur | (a) Judicial Magistrate (b) Sherghati (c) Gaya | Gaya |
| 239. Mohammed Sarvar Ansari J.M. 1st Class-cum-A.M., Khagaria | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran | |
| 240. Sri Aditya Prakash | J.M. 1st Class-cum-A.M., Khagaria | (a) Judicial Magistrate (b) Supaul (c) Supaul | Supaul |
| 241. Ms. Ritu Kumari | J.M. I-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 242. Ms. Sunita Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 243. Ms. Jyoti Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 244. Sri Anurag | J.M. 1st Class-cum-A.M., Khagaria | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 245. Sri Uday Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Khagaria | (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran | West Champaran |
| 246. Ms. Nancy Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 247. Sri Raja Sah | J.M. 1st Class-cum-A.M., Jhanjharpur | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 248. Sri Vinit Kumar Sah | J.M. 1st Class-cum-A.M., Jhanjharpur | (a) Judicial Magistrate (b) Danapur (c) Patna | Patna |
| 249. Ms. Mahzavi Naj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Lakhisarai (c) Lakhisarai | Lakhisarai |
| 250. Ms. Somya Suman | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 251. Ms. Sujata Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 252. Sri Anant Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Jamui | (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran | West Champaran |
| 253. Ms. Sonam Rani | J.M. 1st Class-cum-A.M., Dehri (Rohtas) | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 254. Ms. Urmila Arya | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Arwal (c) Jehanabad | Arwal |
| 255. Sri Gajendra Kumar Chaurasiya J.M. 1st Class-cum-A.M., Jamui | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria | |
| 256. Sri Ashish Anand | J.M. 1st Class-cum-A.M., Jamui | (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria | Araria |
| 257. Sri Randhir Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Dehri | (a) Judicial Magistrate (b) Kishanganj (c) Kishanganj | Kishanganj |
| 258. Sri Ravi Shekhar Varshi J.M. 1st Class-cum-A.M., Daudnagar | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna | |
| 259. Sri Vikash Kumar Ranjan J.M. 1st Class-cum-A.M., Daudnagar | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran | |
| 260. Ms. Kumari Prinki Priyanka J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna | |
| 261. Ms. Ankita Raj | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 262. Sri Pranav Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Birpur | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 263. Sri Kumar Shashi | J.M. 1st Class-cum-A.M., Biraul | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 264. Sri Santosh Kumar Sah J.M. 1st Class-cum-A.M., Bikramganj | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur | |
| 265. Ms. Geetanjali | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 266. Sri Aditya Kumar Sharma J.M. 1st Class-cum-A.M., Bikramganj | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran | |
| 267. Ms. Varsha Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 268. Ms. Kumari Mithu Rani J.M. 1st Class-cum-A.M., Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai | |
| 269. Sri Sudhir Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bikramganj | (a) Judicial Magistrate (b) Supaul (c) Supaul | Supaul |
| 270. Sri Avinash Chandra | J.M. 1st Class-cum-A.M., Bikramganj | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 271. Sri Rohit Ranjan | J.M. 1st Class-cum-A.M., Supaul | (a) Judicial Magistrate (b) Rosera (c) Samastipur | Samastipur |
| 272. Ms. Latika Bharti | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 273. Ms. Anuradha Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 274. Sri Saroj Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Supaul | (a) Judicial Magistrate (b) Hilsa (c) Nalanda | Nalanda |
| 275. Ms. Kanchan Rani | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 276. Ms. Kumari Sulochana | J.M. 1st Class-cum-A.M., Darbhanga | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 277. Sri Chandan Paswan | J.M. 1st Class-cum-A.M., Supaul | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 278. Sri Ravi Shankar Paswan J.M. 1st Class-cum-A.M., Sasaram | (a) Judicial Magistrate (b) Rosera (c) Samastipur | Samastipur | |
| 279. Ms. Medha Manisha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Purnea | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 280. Ms. Priyanka Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 281. Ms. Pinki Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Patna City (c) Patna | Patna |
| 282. Sri Jeetendra Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Sheikhpura | (a) Judicial Magistrate (b) Rosera (c) Samastipur | Samastipur |
| 283. Sri Shailendra Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 284. Sri Vishal Sinha | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 285. Ms. Kiran Kumari | J.M. 1st Class-cum-A.M., Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 286. Sri Pawan Kumar Chaudhary J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Danapur (c) Patna | Patna | |
| 287. Sri Gyan Prakash | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 288. Sri Navin Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
| 289. Sri Paradip Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Araria | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 290. Ms. Khushboo Anand | J.M. 1st Class, Nawadah | (a) Judicial Magistrate (b) Barh (c) Patna | Patna |
| 291. Sri Ajay Kumar | J.M. 1st Class-cum-A.M., Danapur | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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10 मई 2023
सं0 211 नि॰ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री अंजनी कुमार सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बक्सर की सेवायें अध्यक्ष, वाणिज्य कर न्यायाधिकरण, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है, जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि, अधिकतम तीन वर्षों की होगी।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 10th May 2023
No. 211 A:--On being relieved of his present assignment, the services of Sri Anjani Kumar Singh, District and Sessions Judge, Buxar are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna for his appointment as Chairman, Commercial Taxes Tribunal, Patna, on deputation basis for a maximum period of three years.
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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19 मई 2023
सं0 226 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित न्यायिक पदाधिकारियों को असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) से असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) में पदोन्नत करते हुए उसी तालिका के स्तम्भ-3 में दर्शाए गए तरीके से अस्थायी तौर पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।
पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा (11) की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित न्यायिक पदाधिकारियों को जो अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के पद पर नियुक्त किए गए हैं, उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रदान किया जाता है, बशर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत पदस्थापित किये जाते हैं। |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री नीरज कुमार पाण्डेय मुंसिफ, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सुपौल (स) सुपौल |
| 2. | श्री रोहित कुमार- II इजरायल मुंसिफ, मुजफ्फरपुर | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) (स) मुजफ्फरपुर |
| 3. | सुश्री श्वेता ग्रेवाल अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, सुपौल | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सुपौल (स) सुपौल |
| 4. | श्री बिभूति भूषण मुंसिफ, | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी |
| जहानाबाद | (ब) अरवल (स) जहानाबाद |
05.2023 को सुश्री श्वेता ग्रेवाल के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के संबंध में उक्त हद तक संशोधित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 19th May 2023
No. 226A :--The Judicial officers of the cadre of Civil Judge (Junior Division), named in column no. 2 of the table given below have been promoted to the cadre of Civil Judge (Senior Division) and on promotion they are appointed and temporarily posted till further orders in the manner as indicated in column no. 3 of the table.
Further, in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Judicial Officers named below, who have been appointed as Sub- Judge-cum- A.C.J.M., the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matters must be in the ratio of 30:70.
| Sl. No. | Name of the officers, designation and present place of posting (with Judgeship) | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which appointed on promotion |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | Sri Neeraj Kumar Pandey Munsif, Simri Bakhtiyarpur (Saharsa) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Supaul c) Supaul |
| 5. | Sri Rohit Kumar-II Execution Munsif, Muzaffarpur | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Muzaffarpur (East) c) Muzaffarpur |
| 6. | Ms. Shweta Grewal S.D.J.M., Supaul | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Supaul c) Supaul |
| 7. | Sri Bibhuti Bhushan Munsif, Jehanabad | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Arwal c) Jehanabad |
The Court's Notification No.-206 A dated 09.05.2023 issued vide Memo No. 29728 - 29796 dated 09.05.2023 so far as it relates to transfer and posting of Ms. Shweta Grewal stands modified to the above extent.
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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10 मई 2023
सं0 210 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है।80 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 पुनः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किए गये हैं। | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | शोभना त्रिपाठी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सीतामढ़ी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
अधिसूचना सं0 189नि0 दिनांक 28.04.2023 जो ज्ञापांक 27365-27390 दिनांक 28.04.2023 के तहत अधिसूचित सुश्री नेहा सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, कटिहार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, पटना के रूप में स्थानांतरण के उपरांत पदस्थापना को एतद् द्वारा वापस लिया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 10th May 2023
| Sl. No. | Name of the Officer with designation and present place of posting | a) Designation at the new station b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at. c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Name of the District |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Ms. Shobhana Tripathi, Judicial Magistrate 1st Class, Sitamarhi | Judicial Magistrate Patna Patna | Patna |
No. 210 A :--The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is appointed as Judicial Magistrate in the Judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table. Further in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officer named below, the powers of Judicial Magistrate 1st Class for the district noted against her name in column no. 4 of the table. Sl. No.
The transfer and posting of Ms. Neha Singh, Judicial Magistrate 1st Class, Katihar as Judicial Magistrate 1st Class, Patna notified vide Court's Notification no. 189A dated 28.04.2023 issued vide memo no. 27365-27390 dated 28.04.2023 is hereby recalled.
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------- 19 मई 2023 सं0 227 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर मुंसिफ/इजराय मुंसिफ एवं उच्च न्यायालय द्वारा दंडाधिकारी की आवश्यक शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है।81 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-2013 (ऐक्ट XIV, 2014) द्वारा संबोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा 19 की उपधारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-4 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है। सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-4 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। स्तम्भ-4 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में अधिसूचित न हो जायें।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किए गए हैं | नये स्थान पर अधिकारी को प्रदान की गयी विशेष शक्तियाँ अ) बंगाल, आगरा एण्ड आसाम सिविल कोर्ट एक्ट के अंतर्गत (साधारण प्रक्रिया) ब) प्रोविन्सिीयल स्मॉल कॉजेज कोर्टस एक्ट 1987 के अंतर्गत |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. श्री रंजीत कुमार I | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, शिवहर | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) शिवहर स) शिवहर | अ) शिवहर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) शिवहर म ुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 2. श्री आशिष रंजन | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, नवादा | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) नवादा स) नवादा | अ) नवादा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) नवादा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 3. श्री सुभाष कुमार | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मोहनिया | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) मोहनिया स) कैमूर | अ) मोहनिया मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) मोहनिया मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 4. | निवेदिता कुमारी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, सासाराम | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) सासाराम स) रोहतास | अ) सासाराम मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सासाराम मु सिफी की ं स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 5. श्री राकेश कुमार पाण्डेय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, सीतामढ़ी | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | अ) सीतामढ़ी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सीतामढ़ी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ | |
| 6. गजाला तसनीम | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, हाजीपुर | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) हाजीपुर स) वैशाली | अ) हाजीपुर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) हाजीपुर मु सिफी की ं स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 7. पल्लवी मौर्य | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुंगेर | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) मुंगेर स) मुंगेर | अ) मुंगेर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) मु गेर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं ं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 8. शैला शुक्ला | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) सहरसा स) सहरसा | अ) सहरसा म सिफी की ं ु स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सहरसा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 9. श्री मृत्युंजय सिंह | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) | अ) इजराय मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर | अ) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 10. श्री नसीम नजर | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, बगहा (पश्चिमी चम्पारण) | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) बगहा स) पश्चिमी चम्पारण | अ) बगहा मु सिफी की स्थानीय सीमाओं ं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) बगहा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 11. वंदना | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, पटना | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) पटना स) पटना | अ) पटना मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) पटना मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 12. श्री स्वयं श्रीवास्तव | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, पटना | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) पटना स) पटना | अ) पटना मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) पटना मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 13. श्री पुष्पेंद्र कुमार शर्मा | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, भभुआ | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) भभुआ स) कैमूर | अ) भभुआ मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) भभुआ मु सिफी की स्थानीय सीमाओं ं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 14. श्री विवेक कुमार उपाध्याय | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, सिकरहना | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) सिकरहना स) पूर्वी चम्पारण | अ) सिकरहना मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सिकरहना मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 15. गरिमा सिंह | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, खगड़िया | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) खगड़िया स) खगड़िया | अ) खगड़िया मु सिफी की ं स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) खगड़िया मु सिफी की ं स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 16. श्री शशि कुमार | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, पटना सिटी | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) पटना सिटी | अ) पटना सिटी मु सिफी की स्थानीय ं सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक |
| स) पटना | ब) पटना सिटी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ | ||
| 17. श्री अनूप रावत | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, छपरा | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) छपरा स) सारण | अ) छपरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) छपरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 18. प्रेरणा सिंह | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, जहानाबाद | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | अ) जहानाबाद मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) जहानाबाद मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 19. | हिमानी शर्मा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, छपरा | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) छपरा स) सारण | अ) छपरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) छपरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 20. श्री कानवार विरेन्द्र सिंह | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, रोसड़ा | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर | अ) रोसड़ा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) रोसड़ा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 21. श्री स्पर्श अग्रवाल | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, दलसिंहसराय | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) दलसिंहसराय स) समस्तीपुर | अ) दलसिंहसराय मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) दलसिंहसराय मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
| 22. आयुषी चौधरी | न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, सुपौल | अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) ब) सुपौल स) सुपौल | अ) सुपौल मु सिफी की ं स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सुपौल मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 19th May 2023
No. 227 A:--The judicial officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Munsif/Execution Munsif in the judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table.
As mentioned in column no. 4, the officers are also vested with the powers under Sub-section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Bihar Amendment Act, 2013 (Act 14 of 2014) to try under ordinary procedure original suits of Pecuniary and Territorial Jurisdiction.
As further mentioned in column no. 4, the officers are also vested with powers of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary Pecuniary and Territorial Jurisdiction.
84(cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 The powers vested as per column no. 4, should not be exercised by the officers concerned unless it is published in the Bihar Gazette or in the District Gazette.
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Special Power with which the Officer is vested at the new station (a) Under the Bengal, Agra and Assam Civil Court Acts (under ordinary procedure). (b) Under the provincial small causes Courts Act,1987. |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Sri Ranjit Kumar I J.M. 1st Class, Sheohar | (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Sheohar (c) Sheohar | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Sheohar Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Sheohar Munsifi. |
| 2. | Sri Ashish Ranjan J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Nawadah | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Nawadah c) Nawadah | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Nawadah Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Nawadah Munsifi. |
| 3. | Sri Subhash Kumar J.M. 1st Class, Mohania | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Mohania c) Kaimur | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Mohania Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Mohania Munsifi. |
| 4. | Ms. Nivedita Kumari J.M. 1st Class, Sasaram | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Sasaram c) Rohtas | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Sasaram Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Sasaram Munsifi. |
| 5. | Sri Rakesh Kumar Pandey J.M. 1st Class, Sitamarhi | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Sitamarhi c) Sitamarhi | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Sitamarhi Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Sitamarhi Munsifi. |
| 6. | Ms. Ghazala Tasneem J.M. 1st Class, Hajipur | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Hajipur c) Vaishali | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Hajipur Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Hajipur Munsifi. |
| 7. | Ms. Pallavi Maurya J.M. 1st Class, Munger | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Munger c) Munger | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Munger Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Munger Munsifi. |
| 8. | Ms. Shaila Shukla J.M. 1st Class, Saharsa | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Saharsa c) Saharsa | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Saharsa Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Saharsa Munsifi. |
| 9. | Sri Mrityunjay Singh J.M. 1st Class, Muzaffarpur (E) | a) Execution Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Muzaffarpur (East) c) Muzaffarpur | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Muzaffarpur (East) Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Muzaffarpur (East) Munsifi. |
| 10. | Sri Nasim Nazar, J.M. 1st Class, Bagaha (West Champaran) | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Bagaha c) West Champaran | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Bagaha Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Bagaha Munsifi. |
| 11. | Ms. Vandana J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Patna | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Patna c) Patna | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Patna Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Patna Munsifi. |
| 12. | Sri Swayam Shrivastava J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Patna | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Patna c) Patna | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Patna Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Patna Munsifi. |
| 13. | Sri Pushpendra Kumar Sharma J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Bhabhua | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Bhabhua c) Kaimur | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Bhabhua Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Bhabhua Munsifi. |
| 14. | Sri Vivek Kumar Upadhya J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Sikrahna | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Sikrahna c) East Champaran | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Sikrahna Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Sikrahna Munsifi. |
| 15. | Ms. Garima Singh J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Khagaria | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Khagaria c) Khagaria | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Khagaria Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Khagaria Munsifi. |
| 16. | Sri Shashi Kumar J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Patna City | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Patna City c) Patna | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Patna City Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Patna City Munsifi. |
| 17. | Sri Anup Rawat J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Chapra | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Chapra c) Saran | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Chapra Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Chapra Munsifi. |
| 18. | Sri Prerna Singh J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Jehanabad | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Jehanabad c) Jehanabad | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Jehanabad Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Jehanabad Munsifi. |
| 19. | Ms. Himani Sharma J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Chapra | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Chapra c) Saran | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Chapra Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Chapra Munsifi. |
| 20. | Sri Kanwar Virender Singh J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Rosera | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Rosera c) Samastipur | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Rosera Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Rosera Munsifi. |
| 21. | Sri Sparsh Agarwal J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Dalsingsarai | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Dalsingsarai d) Samastipur | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Dalsingsarai Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Dalsingsarai Munsifi. |
| 22. | Ms. Aayushi Chaudhary J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Supaul | a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) b) Supaul c) Supaul | a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Supaul Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Supaul Munsifi. |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------ 13 जुलाई 2023 सं0 267 नि0ः--बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या- 7/स्था0-05-02/2022 सा0प्र0 11859 दिनांक 21.06.2023 द्वारा परीक्ष्यमान रूप से असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में नियुक्त तालिका के स्तम्भ II में उल्लिखित व्यक्ति को तालिका के स्तम्भ III में उल्लिखित स्थान एवं न्यायमंडल में अस्थायी असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में पदस्थापित किया जाता है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम | पदस्थापना का स्थान |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | राखी कुमारी | वैशाली, हाजीपुर |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 13th July 2023
No. 267 A :--The person named in column no. 2 of the table given below who has been appointed on probation as Civil Judge (Junior Division) under notification No. 7/Stha.-05-02/2022 Sa. Pra. 11859 dated 21.06.2023 of the Department of General Administration, Government of Bihar, Patna is posted as temporary Civil Judge (Junior Division) at the station mentioned below in column no. 3 of the table against her name.
| Sl. No. | Name of the Officer | Place of posting |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Ms. Rakhi Kumari | Vaishali at Hajipur |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
88(cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 13 जुलाई 2023 सं0 268 नि0ः--बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या- 7/मुक0-08-07/2023 सा0प्र0 11591 दिनांक 19.06.2023 द्वारा परीक्ष्यमान रूप से असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में नियुक्त तालिका के स्तम्भ II में उल्लिखित व्यक्ति को तालिका के स्तम्भ III में उल्लिखित स्थान एवं न्यायमंडल में अस्थायी असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में पदस्थापित किया जाता है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम | पदस्थापना का स्थान |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | श्री आकाश कुमार | गया |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 13th July 2023
No. 268 A: --The person named in column no. 2 of the table given below who has been appointed on probation as Civil Judge (Junior Division) under notification No. 7/Muk.-08-07/2023 Sa. Pra. 11591 dated 19.06.2023 of the Department of General Administration, Government of Bihar, Patna is posted as temporary Civil Judge (Junior Division) at the station mentioned below in column no. 3 of the table against his name.
| Sl. No. | Name of the Officer | Place of posting |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Sri Akash Kumar | Gaya |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------
14 जुलाई 2023
सं0 287 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संवर्ग पदाधिकारी को, तालिका के स्तभ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य करने हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित। | अ) नए स्थान का पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ स्थानांतरित किये गये हैं। |
| 1. | श्री संदीप कुमार मिश्र, ए.डी.जे. सचिव, जिला विधि प्राधिकार, समस्तीपुर (समस्तीपुर) | (अ) अवर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ब) भोजपुर (स) आरा |
| 2. | श्री संतोष कुमार झा, ए.डी.जे. सचिव, जिला विधि प्राधिकार, पटना (पटना) | (अ) अवर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ब) समस्तीपुर (स) समस्तीपुर |
| 3. | श्री घनश्याम सिंह, ए.डी.जे. सचिव, जिला विधि प्राधिकार, मधुबनी (मधुबनी) | (अ) अवर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ब) झंझारपुर (स) मधुबनी |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 14th July 2023
No. 287 A :--The Additional District and Sessions Judge rank officers, named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table against their respective names:
89 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023| Sl. No. | Name of the officers with designation and present place of posting with Judgeship. | a) Designation at the new station b) Place where the officer is to be stationed at c) Name of the Judgeship in which posted on transfer |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Sri Sandeep Kumar Mishra, A.D.J. Secretary, District Legal Services Authority, Samastipur (Samastipur) | (a) Additional District & Sessions Judge (b) Bhojpur (c) Ara |
| 2. | Sri Santosh Kumar Jha, A.D.J. Secretary, District Legal Services Authority, Patna (Patna) | (a) Additional District & Sessions Judge (b) Samastipur (c) Samastipur |
| 3. | Sri Ghanshyam Singh, A.D.J. Secretary, District Legal Services Authority, Madhubani (Madhubani) | (a) Additional District & Sessions Judge (b) Jhanjharpur (c) Madhubani |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------
14 जुलाई 2023
सं0 291 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जाता है। पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान किया जाता है, बशर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो। क्रम संख्या
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत पदस्थापित किये जाते हैं। |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री मनीष कुमार शाही अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बेलसंड (सीतामढ़ी)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह- अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सीतामढ़ी (स) सीतामढ़ी |
| 2. | श्री राधे श्याम अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सीतामढ़ी। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह- अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेलसंड (सीतामढ़ी) (स) सीतामढ़ी |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 14th July 2023
No. 291 A :--The Judicial officers of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M. in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table.
Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 197 4) the High Court is pleased to90 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 confer upon the Officers named below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.
| Sl. No. | Name of the officer, designation and present place of posting (With Judgeship) | a) Designation at the new station b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily c) Name of the Judgeship in which transferred |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Sri Manish Kumar Shahi Sub Judge-cum-A.C.J.M., Belsand (Sitamarhi) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sitamarhi c) Sitamarhi |
| 2. | Sri Radhe Shyam Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sitamarhi | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Belsand (Sitamarhi) c) Sitamarhi |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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27 जुलाई 2023
सं0 350 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारी को उनके अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद सेवा में पुनर्बहाली के परिणामस्वरूप उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगी, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जाता है।
पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्नलिखित न्यायिक पदाधिकारी को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रदान किया जाता है, बशर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो। क्रम संख्या
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत पदस्थापित किये जाते हैं। |
| 1. | श्रीमति संगीता रानी तत्कालीन अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मंझौल (बेगूसराय)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेनीपुर (स) दरभंगा |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 27th July 2023
No. 350 A :--Consequent upon her reinstatement in service vide Notification No.13383 dated 14.07.2023 issued by the Department of General Administration, Government of Bihar, Patna after compulsory retirement, the Judicial officer of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below is posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M. in the Judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table.
Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 197 4) the High Court is pleased to confer upon the Officer named below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned District, provided that she shall work in such a way that her disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.
91 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023| Sl. No. | Name of the officer, designation and present place of posting (with Judgeship) | (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which transferred |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | Smt. Sangeeta Rani the then Sub Judge-cum-A.C.J.M., Manjhaul (Begusarai) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Benipur c) Darbhanga |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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15 जुलाई 2023
सं0 292 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर साधारणतः न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है। पुनः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | अ) नए स्थान का पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किए गये हैं। | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 01. | श्री संगम कुमार अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 02. | सोनाक्षी वर्मा अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 03. | अकांक्षा अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, आरा | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर |
| 04. | श्री राम मनोहर चौधरी रेलवे दंडाधिकारी, कटिहार | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 05. | श्री मोहम्मद जिसान चांद रेलवे दंडाधिकारी, सोनपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा |
| 06. | श्री प्रसेंजीत सिंह रेलवे दंडाधिकारी, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 07. | श्री राजीव पाण्डेय रेलवे दंडाधिकारी, नरकटियागंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण |
| 08. | श्री गौरी शंकर रेलवे दंडाधिकारी, समस्तीपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 09. | श्रेया मिश्रा रेलवे दंडाधिकारी, किउल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) लखीसराय स) लखीसराय | लखीसराय |
| 10. | रंजिता कुमारी रेलवे दंडाधिकारी, बरौनी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
| 11. | चांदनी गुप्ता मुंसिफ, मोतिहारी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण |
| 12. | शारदा मुंसिफ, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 13. | निवेदिता कुमारी मुंसिफ, सासाराम | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 14. | स्वाति दूबे मुंसिफ, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 15. | श्री मनीष मिश्रा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मोहनिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भभुआ स) कैमूर | कैमूर |
| 16. | श्री भोला सिंह मुंसिफ, मुंगेर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 17. | श्री कुमारेश मुंसिफ, मधुबनी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधुबनी स) मधुबनी | मधुबनी |
| 18. | पूजा कुमारी मुंसिफ, सीवान | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली |
| 19. | श्री बृ्रजनाथ मुंसिफ, बिरौल | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 20. | श्री राकेश कुमार पाण्डेय मुंसिफ, सीतामढ़ी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण | सारण |
| 21. | श्री कुदूस अंसारी मुंसिफ, गोगरी (खगड़िया) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 22. | श्री मनोज कुमार पाठक मुंसिफ, बेतिया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधेपुरा स) मधेपुरा | मधेपुरा |
| 23. | श्री अरविंद मिश्रा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मधुबनी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सुपौल स) सुपौल | सुपौल |
| 24. | श्री मनोज कुमार न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, भागलपुर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सहरसा स) सहरसा | सहरसा |
| 25. | किरण ओझा सहायक निबंधक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) शेखपुरा स) शेखपुरा | शेखपुरा |
| 26. | श्री संजय कुमार सरोज न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, बक्सर | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णिया स) पूर्णिया | पूर्णिया |
| 27. | श्री महेन्द्र मिश्रा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 28. | श्री संदीप चैतन्या मुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया | गया |
| 29. | श्री अश्विनी कुमार मुंसिफ, बांका | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बांका स) बांका | बांका |
| 30. | श्री अनिश कुमार न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, गया | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 31. | श्री अभिषेक कुमार न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, शेरघाटी | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पटना स) पटना | पटना |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 15th July 2023
No. 292 A:--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no.2 of the table given below are appointed as Judicial Magistrate in the Judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no.3 of the table.
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting | a) Designation at the new station b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at. c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Name of the District |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Sri Sangam Kumar S.D.J.M., Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Aurangabad (c) Aurangabad | Aurangabad |
| 2. Ms. Sonakshi Verma S.D.J.M., Muzaffarpur (East) | (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (c) Muzaffarpur | Muzaffarpur | |
| 3. Ms. Akanksha | S.D.J.M., Ara | (a) Judicial Magistrate (b) Ara (c) Bhojpur | Bhojpur |
Further in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officers named below, the powers of Judicial Magistrate 1st Class for the district noted against their names in column no.4 of the table. Sl. No.
94 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023| 4. | Sri Ram Manohar Choudhary Railway Magistrate, Katihar | (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar | Katihar |
| 5. | Sri Mohammed Zeeshan Chand, Railway Magistrate, Sonepur | (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda | Nalanda |
| 6. | Sri Prasenjit Singh Railway Magistrate, Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 7. | Sri Rajeev Pandey Railway Magistrate, Narkatiyaganj | (a) Judicial Magistrate (b) Bettiah (c) West Champaran | West Champaran |
| 8. | Sri Gauri Shankar Railway Magistrate, Samastipur | (a) Judicial Magistrate (b) Samastipur (c) Samastipur | Samastipur |
| 9. Ms. Shreya Mishra Railway Magistrate, Kiul | (a) Judicial Magistrate (b) Lakhisarai (c) Lakhisarai | Lakhisarai | |
| 10. Ms. Ranjeeta Kumari | Railway Magistrate, Barauni | (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai | Begusarai |
| 11. Ms. Chandani Gupta | Munsif, Motihari | (a) Judicial Magistrate (b) Motihari (c) East Champaran | East Champaran |
| 12. Ms. Sharda | Munsif, Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Buxar |
| 13. Ms. Nivedita Kumari | Munsif, Sasaram | (a) Judicial Magistrate (b) Jehanabad (c) Jehanabad | Jehanabad |
| 14. Ms. Swati Dubey | Munsif, Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Gopalganj (c) Gopalganj | Gopalganj |
| 15. | Sri Manish Mishra J.M. 1st Class, Mohania | (a) Judicial Magistrate (b) Bhabhua (c) Kaimur | Kaimur |
| 16. | Sri Bhola Singh Munsif, Munger | (a) Judicial Magistrate (b) Munger (c) Munger | Munger |
| 17. | Sri Kumaresh Munsif, Madhubani | (a) Judicial Magistrate (b) Madhubani (c) Madhubani | Madhubani |
| 18. Ms. Puja Kumari | Munsif, Siwan | (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali | Vaishali |
| 19. | Sri Brijnath Munsif, Biraul | (a) Judicial Magistrate (b) Darbhanga (c) Darbhanga | Darbhanga |
| 20. | Sri Rakesh Kumar Pandey Munsif, Sitamarhi | (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran | Saran |
| 21. | Sri Kudus Ansari Munsif, Gogari (Khagaria) | (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria | Khagaria |
| 22. | Sri Manoj Kumar Pathak Munsif, Bettiah | (a) Judicial Magistrate (b) Madhepura (c) Madhepura | Madhepura |
| 23. | Sri Arvind Mishra J.M. 1st Class, Madhubani | (a) Judicial Magistrate (b) Supaul (c) Supaul | Supaul |
| 24. | Sri Manoj Kumar J.M. 1st Class, Bhagalpur | (a) Judicial Magistrate (b) Saharsa (c) Saharsa | Saharsa |
| 25. Ms. Kiran Ojha | Assistant Registrar, Bihar State Legal Services Authority, Patna | (a) Judicial Magistrate (b) Sheikhpura (c) Sheikhpura | Sheikhpura |
| 26. | Sri Sanjay Kumar Saroj J.M. 1st Class, Buxar | (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea | Purnea |
| 27. | Sri Mahendra Mishra J.M. 1st Class, Gopalganj | (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan | Siwan |
| 28. | Sri Sandeep Chaitanya Munsif, Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya | Gaya |
| 29. | Sri Ashwini Kumar Munsif, Banka | (a) Judicial Magistrate (b) Banka (c) Banka | Banka |
| 30. | Sri Anish Kumar J.M. 1st Class-cum-A.M., Gaya | (a) Judicial Magistrate (b) Jehanabad (c) Jehanabad | Jehanabad |
| 31. | Sri Abhishek Kumar J.M. 1st Class-cum-Addl. Munsif, Sherghati | (a) Judicial Magistrate (b) Patna (c) Patna | Patna |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
------ 19 जुलाई 2023 सं0 303 नि0 ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित पदाधिकारियों को, तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित स्थान एवं स्तम्भ-4 में दी गयी स्थानान्तरण श्रृंखला के अन्तर्गत जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।96 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान। | स्थान का नाम जहाँ पदाधिकारी स्थानान्तरित किए गए। | स्थानान्तरण श्रृंखला |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | श्री निखलेश कुमार त्रिपाठी, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मधुबनी | बांका | रिक्त |
| 2. | श्री प्रजेश कुमार प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सिवान | मुंगेर | रिक्त |
| 3. | श्री त्रिलोकी दुबे प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी | पश्चिमी चम्पारण स्थित बेतिया | रिक्त |
| 4. | श्री आनन्द नन्दन सिंह प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, अररिया | बक्सर | रिक्त |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 19th July 2023
No. 303 A :--The following Officers named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as District and Sessions Judges at the stations mentioned in column no. 3 of the table against their respective names and in chain as indicated in column no. 4 of the table given below:
| Sl. No . | Name of the Officers with designation and present place of posting. | Name of the station where the officer has been transferred. | Chain of Transfer |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | Sri Nikhilesh Kumar Tripathi, Principal Judge, Family Court, Madhubani. | Banka | Since Vacant |
| 2. | Sri Prajesh Kumar, Principal Judge, Family Court, Siwan. | Munger | Since Vacant |
| 3. | Sri Triloki Dubey, Principal Judge, Family Court, East Champaran at Motihari. | West Champaran at Bettiah | Since Vacant |
| 4. | Sri Anand Nandan Singh, Principal Judge, Family Court, Araria | Buxar | Since Vacant |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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19 जुलाई 2023
सं0 304नि॰ :--निम्न तालिका के स्तभ्भ-2 में नामित अवर न्यायाधीश श्रेणी के वरीय कोटि के असैनिक न्यायाधीशों को न्यायिक पदाधिकारियाें (असैनिक न्यायाधीश, वरीय कोटि) को उसी तालिका के स्तभ्भ-3 में क्रमशः उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँं पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे अवर न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है।
तदोपरान्त, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित वरीय कोटि के अवर न्यायाधीशों को स्तम्भ-4 में उनके नाम के सामने निर्देशित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।97 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 साथ ही उपर्युक्त संहिता की धारा 12 की उपधारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त पदाधिकारियों को तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जिला के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भी नियुक्त किया जाता है और दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 9 की उपधारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने स्तम्भ-4 में अंकित सत्र प्रमण्डल के लिए सहायक सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। क्रम सं0
| क्रम सं0 | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत नियुक्त किये जाते हैं | जिला एवं सत्र प्रमण्डल का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | श्री श्यामल कुमार अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, धमदाहा ( पूर्णियाँ) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) पूर्णियाँ स) पूर्णियाँ | पूर्णियाँ |
| 2. | श्री आदित्य पाण्डेय प्रशासी अधिकारी, बिहार न्यायिक अकादमी, पटना | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) हाजीपुर स) वैशाली | वैशाली (हाजीपुर) |
| 3. | श्री विशाल कुमार निबंधक, भू-सम्पदा अपीलीय प्राधिकरण, पटना | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) अरवल स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 4. | श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, डुमराँव (बक्सर) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) पटना स) पटना | पटना |
| 5. | श्रीमति खुशबू श्रीवास्तव अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मुंगेर | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) मुंगेर स) मुंगेर | मुंगेर |
| 6. | श्री विकाश मिश्रा अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सीवान | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) मधेपुरा स) मधेपुरा | मधेपुरा |
| 7. | श्री संतोष कुमार I अवर न्यायाधीश I-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बक्सर | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) सासाराम स) रोहतास | रोहतास (सासाराम) |
| 8. | श्री अनंत कुमार अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गया | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) कटिहार स) कटिहार | कटिहार |
| 9. | श्री मनोज कुमार IV अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, झंझारपुर (मधुबनी) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) मधुबनी स) मधुबनी | मधुबनी |
| 10 | श्रीमति क्षिप्रचला अंजली अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बक्सर | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) भभुआ स) कैमूर | कैमूर (भभुआ) |
| 11 | श्री मो0 इनाम खान अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गया | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) गया स) गया | गया |
| 12 | श्रीमति सीमा कुमारी अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बक्सर। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) |
| 13 | श्री सुनील कुमार त्रिपाठी अवर न्यायाधीश, महनार (वैशाली)। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) छपरा स) सारण | सारण (छपरा) |
| 14 | श्री आदि देव अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दरभंगा। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) दरभंगा स) दरभंगा | दरभंगा |
| 15 | श्री विकाश झा अवर सचिव-सह-उप विधि परामर्शी, विधि विभाग, बिहार सरकार, पटना। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) जहानाबाद स) जहानाबाद | जहानाबाद |
| 16 | श्री गौतम कुमार यादव अवर सचिव-सह-उप विधि परामर्शी, विधि विभाग, बिहार सरकार, पटना। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) सुपौल स) सुपौल | सुपौल |
| 17 | श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) अररिया स) अररिया | अररिया |
| 18 | श्री राकेश कुमार पाण्डेय अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सीवान। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) सीवान स) सीवान | सीवान |
| 19 | श्री संतोष कुमार-II अवर न्यायाधीश, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा)। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) सहरसा स) सहरसा | सहरसा |
| 20 | श्री सिद्धार्थ पाण्डेय अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, शिवहर। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी | सीतामढ़ी |
| 21 | श्री कन्हैया लाल यादव अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बिहारशरीफ (नालन्दा)। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा | नालन्दा (बिहारशरीफ) |
| 22 | श्री देव राज अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बलिया (बेगूसराय)। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) बक्सर स) बक्सर | बक्सर |
| 23 | श्री सौरभ कुमार वर्मा निबंधक, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन प्राधिकरण, मुंगेर। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) खगड़िया स) खगड़िया | खगड़िया |
| 24 | श्री पंकज कुमार लाल अनुसंधान अधिकारी, किशोर न्याय सचिवालय, पटना उच्च न्यायालय, पटना। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) मुजफ्फरपुर स) मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर |
| 25 | श्री नरेन्द्र कुमार यादव अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, वयसी (पूर्णियाँ)। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) लखीसराय स) लखीसराय | लखीसराय |
| 26 | श्री मो0 फिरोज अकरम अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नौगछिया (भागलपुर)। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) भागलपुर स) भागलपुर | भागलपुर |
| 27 | श्री कुमार अविनाश अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सहरसा। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) शेखपुरा स) शेखपुरा | शेखपुरा |
| 28 | श्री राघवेन्द्र नारायण सिंह अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मुंगेर। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) किशनगंज स) किशनगंज | किशनगंज |
| 29 | श्री कुमार सुधांशु अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अरेराज (पूर्वी चम्पारण) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) शिवहर स) शिवहर | शिवहर |
| 30 | श्री मनोरंजन कुमार झा अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) आरा स) भोजपुर | भोजपुर (आरा) |
| 31 | श्री विमले दु कुमार ं अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, शेरघाटी (गया) | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) बेतिया स) पश्चिमी चम्पारण | पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) |
| 32 | श्री मानवेन्द्र मिश्रा अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गोपालगंज। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) गोपालगंज स) गोपालगंज | गोपालगंज |
| 33 | श्री आनंद भूषण अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, औरंगाबाद। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद | औरंगाबाद |
| 34 | डॉ0 किशोर कुणाल सहायक निदेशक, (शोध और प्रशिक्षण), बिहार न्यायिक अकादमी, पटना। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) समस्तीपुर स) समस्तीपुर | समस्तीपुर |
| 35 | श्री विनीत कुमार सिंह अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गोपालगंज। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) बांका स) बांका | बांका |
| 36 | श्री अतुल सिन्हा अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जमुई। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) जमुई स) जमुई | जमुई |
| 37 | श्री चंदन कुमार अवर न्यायाधीश।-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नवादा। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) नवादा स) नवादा | नवादा |
| 38 | श्रीमति सबा आलम विशेष कार्य पदाधिकारी (कम्प्यूटराईजेशन), पटना उच्च न्यायालय, पटना। | अ) अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ब) बेगूसराय स) बेगूसराय | बेगूसराय |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 19th July 2023
No. 304 A:--The Judicial officers of the rank of Sub Judge (Civil Judge, Senior Division), named in column no. 2 of the table given below are transferred as Subordinate Judge in the Judgeships to be stationed ordinarily at the places mentioned against their respective name in Column No. 3 of the table.
Further, in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act-2 of 1974), the High Court is pleased to confer upon the Civil Judges (Senior Division) named in column no. 2 of the table, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the District noted against their respective names in column no. 4 of the table.
Furthermore, in exercise of the powers conferred under Sub Section (1) of Section 12 of the said Criminal Procedure Code the officers are also appointed as Chief Judicial Magistrate for the District noted against their respective names in column no. 4 of the table and in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section 9 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is also pleased to appoint the Judicial Officers named in column-2 of the table as Assistant Sessions Judge for the Sessions Division noted against their respective names in column-4 of the table.
| Sl. No. | Name of the officer with designation and present place of posting (with Judgeship) | (a) Designation at the new station/place (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer | Name of the District and Sessions Division |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Sri Shyamal Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Dhamdaha (Purnea) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Purnea c) Purnea | Purnea |
| 2. | Sri Aditya Pandey, Administrative Officer, Bihar Judicial Academy, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali | Vaishali at Hajipur |
| 3. | Sri Vishal Kumar Registrar, Real Estate Appellate Tribunal, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Arwal c) Jehanabad | Jehanabad |
| 4. | Sri Akhilesh Kumar Pandey Sub Judge-cum-A.C.J.M., Dumraon (Buxar) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Patna c) Patna | Patna |
| 5. | Ms. Khushboo Srivastava Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Munger | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Munger c) Munger | Munger |
| 6. | Sri Vikash Mishra Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Siwan | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Madhepura c) Madhepura | Madhepura |
| 7. | Sri Santosh Kumar I Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Buxar | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Sasaram c) Rohtas | Rohtas at Sasaram |
| 8. | Sri Anant Kumar Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Gaya | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Katihar c) Katihar | Katihar |
| 9. | Sri Manoj Kumar VI Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Jhanjharpur (Madhubani) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Madhubani c) Madhubani | Madhubani |
| 10 Ms. Kshiprachala Anjalee Sub Judge-cum-A.C.J.M., Buxar | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Bhabhua c) Kaimur | Kaimur at Bhabhua | |
| 11 | Sri Md. Inam Khan Sub Judge-cum-A.C.J.M., Gaya | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Gaya c) Gaya | Gaya |
| 12 Ms. Seema Kumari | Sub Judge-cum-A.C.J.M., Buxar | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Motihari c) East Champaran | East Champaran at Motihari |
| 13 | Sri Sunil Kumar Tripathi Sub Judge, Mahnar (Vaishali) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Chapra c) Saran | Saran at Chapra |
| 14 | Sri Aadi Dev Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Darbhanga | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Darbhanga c) Darbhanga | Darbhanga |
| 15 | Sri Vikash Jha Under Secretary-cum- Deputy Legal Remembrancer, Law Department, Govt. of Bihar, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Jehanabad c) Jehanabad | Jehanabad |
| 16 | Sri Gautam Kumar Yadav Under Secretary-cum- Deputy Legal Remembrancer, Law Department, Govt. of Bihar, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Supaul c) Supaul | Supaul |
| 17 | Sri Shailendra Kumar Singh Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Araria | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Araria c) Araria | Araria |
| 18 | Sri Rakesh Kumar Pandey, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Siwan | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Siwan c) Siwan | Siwan |
| 19 | Sri Santosh Kumar II Sub Judge, Simri Bakhtiyarpur (Saharsa) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Saharsa c) Saharsa | Saharsa |
| 20 | Sri Sidharth Pandey Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Sheohar | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Sitamarhi c) Sitamarhi | Sitamarhi |
| 21 | Sri Kanhaiya Lal Yadav Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Biharsharif (Nalanda) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Biharsharif c) Nalanda | Nalanda at Biharsharif |
| 22 | Sri Dev Raj Sub Judge-cum-A.C.J.M., Ballia (Beguarai) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Buxar c) Buxar | Buxar |
| 23 | Sri Saurav Kumar Verma Registrar , Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Authority, Munger | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Khagaria c) Khagaria | Khagaria |
| 24 | Sri Pankaj Kumar Lal Research Officer, Juvenile Justice Secretariat, Patna High Court, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Muzaffarpur c) Muzaffarpur | Muzaffarpur |
| 25 | Sri Narendra Kumar Yadav Sub Judge-cum-A.C.J.M., Vaisi (Purnea) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Lakhisarai c) Lakhisarai | Lakhisarai |
| 26 | Sri Md. Firoz Akram Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Naugachia (Bhagalpur) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Bhagalpur c) Bhagalpur | Bhagalpur |
| 27 | Sri Kumar Avinash Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Saharsa | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Sheikhpura c) Sheikhpura | Sheikhpura |
| 28 | Sri Raghwendra Narayan Singh, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Munger | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Kishanganj c) Kishanganj | Kishanganj |
| 29 | Sri Kumar Sudhansu Sub Judge-cum-A.C.J.M., Areraj (East Champaran) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Sheohar c) Sheohar | Sheohar |
| 30 | Sri Manoranjan Kumar Jha Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Ara c) Bhojpur | Bhojpur at Ara |
| 31. Sri Vimlendu Kumar | Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sherghati (Gaya) | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Bettiah c) West Champaran | West Champaran at Bettiah |
| 32. | Sri Manvendra Mishra Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Gopalganj | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Gopalganj c) Gopalganj | Gopalganj |
| 33. | Sri Anand Bhushan Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Aurangabad | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Aurangabad c) Aurangabad | Aurangabad |
| 34. Dr. Kishor Kunal | Assistant Director (Research & Training), Bihar Judicial Academy, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Samastipur c) Samastipur | Samastipur |
| 35. | Sri Vineet Kumar Singh Sub Judge-cum-A.C.J.M., Gopalganj | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Banka c) Banka | Banka |
| 36. | Sri Atul Sinha Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Jamui | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Jamui c) Jamui | Jamui |
| 37. | Sri Chandan Kumar Sub Judge-I-cum-A.C.J.M., Nawadah | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Nawada c) Nawada | Nawada |
| 38. Ms. Saba Alam | O.S.D. (Computerization) Patna High Court, Patna | a) Sub Judge-cum-C.J.M. b) Begusarai c) Begusarai | Begusarai |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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20 जुलाई 2023
सं0 306 नि0 :--दिनांक 30.07.2023 को मंझौल में स्थापित होने वाले अपन जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय के लिए श्री शिवा चन्द, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बेगुसराय को दिनांक 30.07.2023 के प्रभाव से मंझौल के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 20th July 2023
No. 306 A:--Sri Shiva Chand, Additional District and Sessions Judge. Begusarai is transferred and posted as Additional District and Sessions Judge, Manjhaul (Begusarai), on, establishment of the Cour1 of Additional District and Sessions Judge at Manjhaul on 30.07.2023.
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
104 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 20 जुलाई 2023सं0 307 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जाता है। पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रदान किया जाता है, बशर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान (जजी सहित) | अ) नये स्थान पर पदनाम ब) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी का नाम जहाँ स्थानांतरण के उपरांत पदस्थापित किये जाते हैं। |
| 1. | श्री राकेश कुमार-II अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, छपरा (सारण)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) छपरा (स) सारण |
| 2. | श्री चन्द्र मणि कुमार अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, हाजीपुर (वैशाली)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) हाजीपुर (स) वैशाली |
| 3. | श्री जितेन्द्र कुमार-I अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा (भोजपुर)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) आरा (स) भोजपुर |
| 4. | श्री रंजीत कुमार अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जहानाबाद। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) जहानाबाद (स) जहानाबाद |
| 5. | श्री निशांत कुमार प्रियदर्शी अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पूर्णियाँ। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पूर्णियाँ (स) पूर्णियाँ |
| 6. | श्रीमति सरोज कृति अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नवादा। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) नवादा (स) नवादा |
| 7. | श्री रंधीर कुमार अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अरवल (जहानाबाद)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) अरवल (स) जहानाबाद |
| 8. | श्री शक्तिधर भारती अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सासाराम (रोहतास)। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सासाराम (स) रोहतास |
| 9. | श्री सुकुल राम अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, औरंगाबाद। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) औरंगाबाद (स) औरंगाबाद |
| 10. | श्री दीपक कुमार-III अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बांका। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बांका (स) बांका |
| 11. | श्री मनोज कुमार-V अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दरभंगा। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) दरभंगा (स) दरभंगा |
| 12. | श्री ओम शंकर अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, किशनगंज। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) किशनगंज (स) किशनगंज |
| 13. | श्री अजय कुमार-II अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गोपालगंज। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) गोपालगंज (स) गोपालगंज |
| 14. | श्री अंजनी कुमार गौंड अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मधुबनी। | (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मधुबनी (स) मधुबनी |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।
The 20th July 2023
No. 307 A :--The Judicial officers of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M. in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table.
Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Officers named below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.
| Sl. No. | Name of the officer, designation and present place of posting (with Judgeship) | a) Designation at the new station b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily c) Name of the Judgeship in which transferred |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | Sri Rakesh Kumar-II Sub Judge-cum-C.J.M., Chapra (Saran) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Chapra c) Saran |
| 2. | Sri Chandra Mani Kumar Sub Judge-cum-C.J.M., Hajipur (Vaishali) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Hajipur c) Vaishali |
| 3. | Sri Jitendra Kumar-I Sub Judge-cum-C.J.M., Ara (Bhojpur) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Ara c) Bhojpur |
| 4. | Sri Ranjeet Kumar Sub Judge-cum-C.J.M., Jehanabad | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Jehanabad c) Jehanabad |
| 5. | Sri Nishant Kumar Priyadarshi Sub Judge-cum-C.J.M., Purnea | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Purnea c) Purnea |
| 6. | Ms. Saroj Kirti Sub Judge-cum-C.J.M., Nawada | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Nawada c) Nawada |
| 7. | Sri Randhir Kumar Sub Judge-cum-C.J.M., Arwal (Jehanabad) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Arwal c) Jehanabad |
| 8. | Sri Shaktidhar Bharti Sub Judge-cum-C.J.M., Sasaram (Rohtas) | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sasaram c) Rohtas |
| 9. | Sri Sukul Ram Sub Judge-cum-C.J.M., Aurangabad | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Aurangabad c) Aurangabad |
| 10. | Sri Deepak Kumar-III Sub Judge-cum-C.J.M., Banka | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Banka c) Banka |
| 11. | Sri Manoj Kumar-V Sub Judge-cum-C.J.M., Darbhanga | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Darbhanga c) Darbhanga |
| 12. | Sri Om Shankar Sub Judge-cum-C.J.M., Kishanganj | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Kishanganj c) Kishanganj |
| 13. | Sri Ajay Kumar-II Sub Judge-cum-C.J.M., Gopalganj | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Gopalganj c) Gopalganj |
| 14. | Sri Anjani Kumar Gond Sub Judge-cum-C.J.M., Madhubani | a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Madhubani c) Madhubani |
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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26 जुलाई 2023
सं0 345 नि0ः--माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, श्रीमति दिव्या मिता, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, गोपालगंज को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से, श्री पंकज कुमार लाल के स्थान पर, अनुसंधान पदाधिकारी, किशोर न्याय सचिवालय, पटना उच्च न्यायालय, पटना नियुक्त किया जाता है।
माननीय मुख्य न्यायाधीश आदेश से, रूद्र प्रकाश मिश्र, महानिबंधक।
The 26th July 2023
No. 345 A:--Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint Ms. Divya Mita, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Gopalganj as Research Officer, Juvenile Justice Secretariat, Patna High Court, Patna with effect from the date she assumes charge of her office vice Sri Pankaj Kumar Lal.
By order of Hon'ble the Chief Justice, R.P. Mishra, Registrar General.
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27 जुलाई 2023
सं0 351 नि0ः--उच्च न्यायालय के अधिसूचना सं0 292 नि0 दिनांक 15.07.2023 जो ज्ञाप सं0- 44781-44840 दिनांक 15.07.2023 के तहत निर्गत है जिसका संबंध श्री संगम कुमार, अनुमंडल न्यायिक पदाधिकारी, पटना को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, औरंगाबाद एवं श्री मोहम्मद जीषान चांद, रेलवे दंडाधिकारी, सोनपुर को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, बिहारषरीफ के रूप में स्थानान्तरित एवं पदस्थापित से है को एतद् द्वारा वापस लिया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूद्र प्रकाष मिश्र, महानिबंधक।107 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 The 27th July 2023
No. 351 A:--The transfer and posting of Sri Sangam Kumar, S.D.J.M., Patna as Judicial Magistrate 1st Class, Aurangabad and Sri Mohammed Zeeshan Chand, Railway Magistrate, Sonepur as Judicial Magistrate 1st Class, Biharsharif notified vide Court's notification no. 292A dated 15.07.2023 issued vide Memo. No. 44781-44840 dated 15.07.2023 is hereby recalled.
By order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.
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बिहार विधन सभा सचिवालय
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अध्सिूचनाएं
10 अगस्त 2023
सं0 2स्था-32/2022-2053/विस।--श्री हर्ष प्रताप सिंह, प्रशाखा पदाध्किारी, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना जो वेतन स्तर-09 में प्रतिमाह अंके-53,100/-रूपये वेतन पाते हैं, कोे वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना के पत्राांक-1739 ;22द्ध, दिनांक-19.06.2023 तथा बिहार सेवा संहिता के नियम-230, 240;कद्ध एवं 248;कद्ध के अनुसरण में दिनांक-18.07.2023 से दिनांक-28.07.2023 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-29.07.2023 एवं 30.07.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । इसके पश्चात् इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-42 दिनों का अवकाश शेष है ।
आदेश से,
उमा शंकर यादव, अवर सचिव।
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11 अगस्त 2023
सं0 2स्था-214/2021-2065/ विस।--श्रीमती महिमा प्रभाकर, प्रशाखा पदाध्किारी, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना जो वेतन स्तर-09 में प्रतिमाह अंके-54,700/- रूपये वेतन पाती हैं को बिहार सेवा संहिता के नियम-220 के उपनियम ;खद्ध के तहत दिनांक-07.08.2023 से 02.02.2024 तक ;कुल-180 दिनद्ध मातृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है । साथ ही उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-03.02.2024 एवं 04.02.2024 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग की अुनमति दी जाती है ।
आदेश से,
उमा शंकर यादव, अवर सचिव।
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25 अगस्त 2023
सं0 2स्था-440/2020-2236/विस।--श्री पवन कुमार सिन्हा, निदेशक, बिहार विधन सभा, जो वेतन स्तर-12 में प्रति माह अंके-1,12,400/- रूपये वेतन पाते हैं, को बिहार राज्य सरकारी सेवक एलटीसी नियमावली, 1986 तथा इस संबंध् में वित्त विभाग, बिहार सरकार के संकल्प संख्या-8043, दिनांक-11.10.2017 की कंडिका-G के अंतर्गत ब्लॉक वर्ष 2022-25 में एलटीसी सुविध के तहत दिनांक-30.09.2023 से 07.10.2023 तक देश के अन्दर पटना से अहमदाबाद ;गुजरातद्ध एवं अहमदाबाद ;गुजरातद्ध से पटना वापसी की यात्राा के निमित दिनांक-03.10.2023 से 06.10.2023 तक आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक-30.09.2023, 01.10.2023, 02.10.2023 एवं 07.10.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । साथ ही दिनांक-30.09.2023 से 07.10.2023 तक मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति प्रदान की जाती है । उमा शंकर यादव, अवर सचिव।108 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023
25 अगस्त 2023
सं0 2स्था-84/2023-2238/विस।--श्री श्रीरमण सिंह, मुख्य प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा, जो वेतन स्तर-13 में प्रतिमाह अंके-1,47,000/- रूपये वेतन पाते हैं, को बिहार राज्य सरकारी सेवक एलटीसी नियमावली, 1986 तथा इस संबंध् में वित्त विभाग, बिहार सरकार के संकल्प संख्या-8043, दिनांक-11.10.2017 की कंडिका-G के अंतर्गत ब्लॉक वर्ष 2022-25 में एलटीसी सुविध के तहत दिनांक-30.09.2023 से 07.10.2023 तक पटना से भेंट द्वारिका ;गुजरातद्ध एवं भेंट द्वारिका ;गुजरातद्ध से पटना तक की यात्राा के निमित्त दिनांक-03.10.2023 से 06.10.2023 तक आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक-30.09.2023 , 01.10.2023, 02.10.2023 एवं 07.10.2023 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । साथ ही दिनांक-30.09.2023 से 07.10.2023 तक मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति प्रदान की जाती है । उमा शंकर यादव, अवर सचिव।
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अध्सिूचनाएं
29 अगस्त 2023
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29 अगस्त 2023
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-M-362/20/2022-SECTION 14-RDD-RDD(COM-219986)-2036815--(cid:302)ीमती वीणा पा(cid:872)ण, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), सूय(cid:91)पूरा, रोहतास के विरुद्ध वाद सं(cid:201)या-A 6349/2022 (cid:302)ी पवन कु मार दूबे एवं (cid:302)ी सिद्धनाथ चौर(cid:871)सया बनाम ् (cid:292)थम अपील(cid:547)य (cid:292)ा(cid:876)धकार, पंचायती राज (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना/लोक सूचना पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह- िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), रोहतास, सासाराम- 821115 म(cid:581) (cid:465)दनांक- 04.08.2022 का पा(cid:464)रत आदेश िजसम(cid:581) अपीलाथ(cid:568) को सूचनाओं को (cid:292)दान करने म(cid:581) लगभग दो माह का (cid:874)वलंब के आरोप पर रा(cid:207)य सूचना आयोग के (cid:163)ापांक-5382 (cid:465)दनांक- 08.09.2020 द्वारा आरोप (cid:292)ा(cid:220)त हुआ ।
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न(cid:219)द (cid:873)कशोर साह, संयु(cid:200)त स(cid:876)चव।
------ समाहरणालय, रोहतास (सासाराम) (स्थापना शाखा) ------ आदेश 10 अप्रील 2023
सं0 05/22-23--प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला के पत्रांक 1050, दिनांक 31.07.2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि दिनांक 30.07.2018 को अकोढ़ी गोला थाना द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर प्रखंड नाजीर श्री संतोश कुमार सिंह को लगभग 01ः00 बजे के आसपास शराब सेवन के आरोप में गिरफ्तार किया गया। शाम 07ः38 PM बजे थानाध्यक्ष, अकोढ़ी गोला द्वारा दूरभाश पर अल्कोहल जॉच पॉजीटीव की सूचना दी गयी। इस कार्यालय के पत्रांक 689/स्था0, दिनांक 07.08.2018 द्वारा श्री संतोश कुमार सिंह, प्रखंड नाजीर अकोढ़ी गोला द्वारा मद्यपान (षराब) के सेवन में गिरफ्तारी के संबंध में गिरफ्तारी के पष्चात दर्ज हुयी प्राथमिकी की प्रति एवं चिकित्सीय जॉच की प्रति की मांग की गयी। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला के पत्रांक 1113, दिनांक 11.08.2018 द्वारा सूचित किया कि श्री संतोश कुमार सिंह (नाजीर) दिनांक 30.07.2018 को शराब पी कर काम करने के आरोप में गिरफ्तार हुए जिन्होने बेल पर रिहा होने के पष्चात दिनांक 11.08.2018 को योगदान प्रखंड कार्यालय, अकोढ़ी गोला में दिया है। इस संदर्भ में श्री सिंह के योगदान स्वीकार अथवा अस्वीकार करते हुए क्या कार्रवाई की जाए पर मार्गदर्षन की मांग की गयी। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला के पत्रांक 1138, दिनांक 20.08.2018 द्वारा श्री संतोश कुमार सिंह के गिरफ्तारी के पष्चात दर्ज हुयी प्राथमिकी की प्रति एवं चिकित्सीय जॉच की प्रति उपलब्ध कराया गया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में इस कार्यालय के आदेष संख्या 52/18-19, संसूचित ज्ञापांक 805/स्था0, दिनांक 08.09.2018 से श्री सिंह, प्रखंड नाजीर अकोढ़ीगोला को बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के नियम 4 (i)(iii) एवं (iv) के उल्लंघन के आरोप में तत्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया तथा जिला राजस्व प्रषाखा, रोहतास, सासाराम में मुख्यालय बनाया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला को श्री सिंह के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में गठित कर एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराने का निदेष दिया गया। पुनः इस कार्यालय के पत्रांक 832/स्था0, दिनांक 20.09.2018 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' की मांग बिहार सरकारी सेवकों के विरूद्ध आरोप पत्र का गठन विनियमावली, 2017 के तहत विहित प्रपत्र में साक्ष्य सहित तीन प्रतियों में मांग हेतु स्मारित किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला के पत्रांक 1245, दिनांक 12.09.2018 द्वारा श्री संतोश कुमार सिंह, प्रखंड नाजीर के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में गठित कर प्राप्त हुआ, जिसे अनुमोदित करते हुए इस कार्यालय के आदेष संख्या- 60/18-19, संसूचित ज्ञापांक 914/स्था0, दिनांक 09.10.2018 के द्वारा अपर समाहर्त्ता, रोहतास, सासाराम को संचालन पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ीगोला को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त कर विभागीय कार्यवाही संचालन करने हेतु भेजा गया।
अपर समाहर्त्ता (विभागीय जॉच) -सह- संचालन पदाधिंकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक 08 (मु0)/वि0जॉच, दिनांक 14.02.2019 से विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात मंतव्य प्राप्त हुआ। श्री संतोश कुमार सिंह, तत्कालिन लिपिक -सह- नाजीर, प्रखंड कार्यालय, अकोढ़ी गोला सम्प्रति प्रखंड कार्यालय, कोचस के विरूद्ध गठित आरोप, आरोपी द्वारा समर्पित स्पश्टीकरण, संचालन पदाधिकारी का मंतव्य का विवरण निम्नवत हैः-
श्री संतोश कुमार सिंह, निलंबित लिपिक-सह- नाजीर, प्रखंड कार्यालय, अकोढ़ी गोला मुख्यालय जिला राजस्व प्रषाखा, रोहतास, सासाराम पर निम्न आरोप है :-
110(cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 1. दिनांक 30.07.2018 को अकोढ़ी गोला प्रखंड कार्यालय में कार्य अवधि में गुप्त सूचना के आधार पर अकोढ़ीगोला थाना द्वारा 01ः00 बजे के आसपास शराब के सेवन के आरोप में गिरफ्तार किया गया एवं 07ः38 बजे थानाध्यक्ष अकोढ़ी गोला द्वारा दूरभाष पर अल्कोहल जॉच पॉजीटिव की सूचना दी गयी जो अपने कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक है।
2. श्री संतोश कुमार सिंह, प्रखंड नाजीर द्वारा उपरोक्त कंडिका-1 में वर्णित अनियमितता के आरोप में गिरफ्तार हुए जिनपर अकोढ़ी गोला थाना काण्ड संख्या- 174/18, दिनांक 30.07.2018 उत्पाद एवं मद्य निशेध अधिनियम, 2016 के नियम 37 (6)(C) दर्ज कर न्यायिक हिरासत में लिये गये।
3. इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री संतोष कुमार सिंह, प्रखंड नाजीर, अकोढ़ी गोला द्वारा उपरोक्त कंडिका- 1 में वर्णित अनियमितता एवं अपने कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही का द्योतक है। इस संदर्भ में आरोपित कर्मी द्वारा स्पश्टीकरण प्राप्त है, जो निम्नवत है :- मुझसे आरोप प्रपत्र 'क' में निम्नांकित 03 (तीन) कंडिकाओं पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी है, जिसमे निम्न बाते श्रीमान् के समक्ष सादर अनुरोध पूर्वक कहना है किः-
1. दिनांक 30.07.2018 को अकोढ़ी गोला प्रखंड कार्यालय में कार्य अवधि के उपरान्त अल्कोहल नहीं लिया गया था। थानाध्यक्ष (प्रभारी) द्वारा मुझ पर झुठा मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 2. जिला पदाधिकारी महोदय रोहतास (सासाराम) के संसूचित आदेष संख्या- 52/18-19, संसूचित ज्ञापांक 805/स्था0, दिनांक 08.09. 2018 के द्वारा मुझे उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के नियम 36(6) (C) के आलोक में निलंबित किया गया है। उक्त दोेनो पत्रों में विरोधामाष प्रतीत होता है। इससे स्पष्ट होता है कि मेरे उपर लगाये गये आरोप बेबुनियाद एवं झुठा है।
3. इस प्रकार मेरे द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता एवं अपने कर्त्तव्य के प्रति कोई लापरवाही नही बरती गयी है और ना ही बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के नियम 4 (i) (iii) एवं (iv) का उल्लंघन ही किया गया है।
अतः श्रीमान् से अनुरोध है कि मुझे विभागीय कार्यवाही एवं निलंबन से मुक्त करने की कृपा की जाय। इस संदर्भ में उपस्थापन पदाधिकारी -सह- प्रखंड विकास पदाधिकारी, अकोढ़ी गोला का मंतव्य प्राप्त है, जो निम्नवत है :- संतोश कुमार सिंह, लिपिक जो अकोढ़ी गोला थाना काण्ड संख्या 174/18 में शराब पीकर कार्यालय में कार्य करने के आरोपी है तथा जिनपर विभागीय कार्यवाही भवदीय न्यायालय में 09/18 चल रही है पर पूर्व से किसी भी प्रकार के दोश, अनियमितता, भ्रश्टाचार आदि का आरोप नहीं है। श्री सिंह एक शांतचित, आज्ञाकारी एवं कर्त्तव्यनिश्ट कर्मी है। इन्हे अपने उपर लगाये गये आरोपों के प्रति आत्मग्लानि है एवं भविश्य में किसी भी प्रकार की षिकायत का मौका नहीं देने का सकारात्मक आष्वासन देते है।
संचालन पदाधिकारी का मंतव्य
आरोपी श्री संतोष कुमार सिंह, लिपिक, प्रखंड कार्यालय, अकोढ़ी गोला पर गठित प्रपत्र 'क' में उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के नियम 37 (6)(C) अंकित है, जबकि जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के आदेश संख्या 58/18-19 ज्ञापांक 805/स्था0, दिनांक 08.09.2018 में उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम 36 (6)(C) अंकित है, जिसमे भिन्नता है। यह एक लिपिकीय भूल है और इसी के आधार पर आरोपी ने उपर लगाये गए आरोप को बेबुनियाद एवं झुठा बताया है। अपने उपर लगाए गए आरोप के विरूद्ध अपने पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य आरोपी ने प्रस्तुत नहीं किया है।
अभिलेख में संलग्न कागजात यथा एफ0आई0आर0 तथा पुलिस अवर निरीक्षक, अकोढ़ी गोला थाना के जॉच प्रतिवेदन दिनांक 30.07. 2018 एवं उन्ही के द्वारा चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल, सासाराम को प्रेषित पत्र के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आरोपी ने शराब का सेवन, कार्यालय अवधि में किया है, जो अपने कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही का द्योतक है। आरोपी पर प्रपत्र 'क' में लगाया गया आरोप सत्य है। लिपिकों की कमी और आगामी पंचायत निर्वाचन में कार्य की अधिकता को देखते हुए प्रषासनिक हित में अनुषासनात्मक कार्रवाई पर बिना कोई प्रभाव डाले आरोपी श्री संतोश कुमार सिंह, निलंबित लिपिक को इस कार्यालय के आदेष संख्या 41/21-22, संसूचित ज्ञापांक 883/स्था0, दिनांक 16.07.2021 से विभागीय कार्यवाही के अधीन रखते हुए निलंबन से मुक्त किया गया तथा प्रखंड कार्यालय, कोचस में पदस्थापन किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य के आलोक में आरोपी कर्मी से इस कार्यालय के ज्ञापांक 10/स्था0, दिनांक 04.01.2022 से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी।
आरोपी कर्मी के विरूद्ध अपर समाहर्त्ता (विभागीय जॉच) -सह- संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम का अधिगम/अभिमत एवं आरोपी कर्मी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा से स्पश्ट है कि इनका जबाब तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है। श्री संतोश कुमार सिंह, लिपिक द्वारा अपने द्वितीय कारण-पृच्छा में कोई ऐसा तथ्य/साक्ष्य नहीं दिया गया है कि वे अपने आपको निर्दोश साबित कर सके। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 4 (i) (iii) एवं (iv) से स्पश्ट है कि (i) जिस समय कर्त्तव्य पर रहे, किसी मादक पेय या औषध के नशे से इस हद तक प्रभावित न रहेगा जिससे कि वह अपने कर्त्तव्यों को ठीक-ठीक और दक्षतापूर्वक निभाने में असमर्थ हो जाए। (iii) सार्वजनिक स्थान में नशे की अवस्था में उपस्थित न होगा, और (iv) सार्वजनिक स्थान में किसी मादक पेय या औषध का सेवन न करेगा।
बिहार सरकार द्वारा दिनांक 01.04.2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू किया गया है, परंतु आरोपी कर्मी द्वारा सरकार के आदेष का उल्लंघन किया गया है। अतः श्री संतोश कुमार सिंह, तत्कालीन लिपिक, प्रखंड कार्यालय अकोढ़ी गोला सम्प्रति प्रखंड कार्यालय, कोचस के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के समेकित विवेचना करने पर परिलक्षित होता है कि इनके विरूद्ध वृहद शास्तियाँ अधिरोपित की जाय।
अतः मैं धर्मेन्द्र कुमार, भा0प्र0से0, जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथासंषोधित) के नियम 14 (ix) के तहत श्री संतोश कुमार सिंह, तत्कालीन लिपिक प्रखंड कार्यालय, अकोढ़ी गोला सम्प्रति प्रखंड कार्यालय, कोचस को आदेष निर्गत की तिथि से बृहतर दंड स्वरूप अनिवार्य सेवानिवृति (Compulsory Retirement)111 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 का दंड अधिरोपित करता हूॅ। इस आषय की प्रविश्टि श्री संतोश कुमार सिंह के सेवा पुस्त में लाल सियाही से अंकित की जायेगी। साथ ही विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया समाप्त की जाती है। श्री संतोश कुमार सिंह, तत्कालीन लिपिक प्रखंड कार्यालय, अकोढ़ी गोला सम्प्रति प्रखंड कार्यालय, कोचस से संबंधित पूर्ण विवरण निम्न प्रकार है :-
1. नाम ः- श्री संतोश कुमार सिंह 2. पिता का नाम ः- स्व0 रामजी सिंह 3. पदनाम ः- लिपिक 4. जन्म तिथि ः- 01-01-1974 5. नियुक्ति की तिथि :- 28-10-1994 6. कार्यालय का नाम :- प्रखंड कार्यालय, कोचस 7. वेतनमान ः- वेतन स्तर- 4 (पे मैट्रिक्स 25500-81100) 8. स्थायी पता ः- ग्राम- पकड़िहार, पो0- मुठानी, थाना- मोहनिया, जिला- कैमूर (भभुआ)
आदेश, (ह0) अस्पष्ट, जिला पदाधिकारी।
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12 अगस्त 2023
सं0 70/2023-24--अंचल अधिकारी, नोखा के पत्रांक 585, दिनांक 12.09.2015 से श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण प्रपत्र 'क' गठित कर प्राप्त हुआ। आरोप पत्र को इस कार्यालय के आदेष संख्या- 79/15-16, संसूचित ज्ञापांक 1203/स्था0, दिनांक 30.12.2015 से अनुमोदित करते हुए भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सासाराम को संचालन पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी, नोखा को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सासाराम -सह- संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात पत्रांक 710, दिनांक 13.08.2016 से मंतव्य प्राप्त हुआ। श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा के विरूद्ध गठित आरोप, आरोपी का जबाब/स्पश्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य का संक्षिप्त विवरण निम्नवत है :-
| क्र0 | आरोप | आरोप का विवरण | आरोपी का जबाब/स्पष्टीकरण | संचालन पदाधिकारी का मंतव्य |
| 1 | अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित | आप माह अगस्त 2014 से दिसम्बर 2014 एवं जनवरी 2015 से फरवरी 01. 01.2015 से 24.01.2015 तक मार्च 30. 03.2015 से अप्रैल 1, 4, 7, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 18, 19, 20, 21, 25, 28, 29, 30.04.2015 एवं मई 2015, जून 2015, जुलाई 2015, अगस्त 2015, सितम्बर 2015 एवं अक्टूबर 2015 तक अनाधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहे। इस प्रकार स्पष्ट है कि आप कर्त्तव्य के प्रति लापरवाह एवं अनाधिकृत रूप से बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने के आदि है। | आरोपी कर्मी विभागीय कार्यवाही के दौरान कई बार स्मारित करने के बावजूद भी उपस्थित नहीं हुए और न हीं अपना कोई जबाब/स्पश्टीकरण दिया। | अधोहस्ताक्षरी ने बिहार सरकारी सेवक (नियंत्रण, वर्गीकरण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत नियमो के ं तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए आरोपी श्री अनिल कुमार गो ं ड को नोटिस निर्गत किया गया, जिसका पत्रांक 36, दिनांक 12.01.2016 है, जिसमें कार्यालय में पदस्थापित अनुसेवक मुन्ना कुमार के द्वारा लिखित दिया गया कि आरोपी से मुलाकात नहीं हुई, उनके पिता से मुलाकात हुई उन्होने कहा कि आरोपी श्री अनिल कुमार गो ड कहा रहता है हमको मालूम ं नहीं है। आरोपी द्वारा न्यायालय मे ं हाजिर नहीं होने पर पुनः पत्रांक 109, दिनांक 25.01.2016 के द्वारा अंचलाधिकारी, नोखा को नोटिस तामिला अपने स्तर से कराने हेतु स्मारित किया |
| 2 | स्वेच्छाचारिता | अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण आपसे कार्यालय पत्रांक 680, दिनांक 28.11.2014 एवं पत्रांक 709, दिनांक 08.12.2014, पत्रांक 12, दिनांक 05.01.2015 एवं 72, दिनांक 02.02.2015 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी, जिसका कोई जबाब आपके द्वारा अभी तक नहीं दिया गया। यह कृत्य आपके स्वेच्छाचारिता का द्योतक है | गया। इसी पत्र से अंचल अनुसेवक श्री द्वारिका प्रसाद ने नोटिस का तामिला वास्ते भोला प्रसाद को दिनांक 08.02. 2016 को कराया। जिसका जबाब अंचलाधिकारी, नोखा अपने पत्रांक 189, दिनांक 14.02.2016 के द्वारा अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराया गया है। आरोपी श्री अनिल कुमार गोंड बार-बार नोटिस भेजने के पश्चात न्यायालय में अपने या अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित नहीं हुए। अंत में दिनांक 01.03.2016 को पंजीकृत डाक से नोटिस पत्रांक 300, दिनांक 02.03. 2016 के द्वारा आरोपी श्री अनिल कुमार गो ड के स्थायी पता- अनिल कुमार ं गो ड, ं पिता- स्व0 सुर्यमल प्रसाद, मुहल्ला- प्रतपागंज (बौलिया रोड), पो0- सासारााम, थाना- सासाराम, जिला- रोहतास, पिन कोड- 821115 पर भेजा गया इसके बावजूद भी आरोपी उपस्थित नहीं हुए। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी श्री अनिल कुमार गोंड अपना पक्ष रखना नहीं चाहते है या उनके पास कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं जिससे वे अपने आप को निर्दाेष साबित कर सके। अतः श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा के विरूद्ध कार्यालय मे अनाधिकृत रूप ं से अनुपस्थित रहने, स्वेच्छाचारिता एवं अपने नियं त्री पदाधिकारी के आदेश का ं अनुपालन करने में लापरवाही का आरोप स्वतः प्रमाणित होता है। | |
| 3 | आदेश का अनुपालन मे लापरवाही | आपको आदेश/संसूचित ज्ञापांक 191, दिनांक 01.03.2014 से निलाम वाद अभिलेख का निष्पदन हेतु प्रभार सौंपे गये थे। परंतु आपके सरकारी कार्य में उदासीनता एवं लापरवाही के कारण अभिलेख को दिमक चाट गये, जिससे कार्य बाधित रहा। |
संचालन पदाधिकारी के मंतव्य के आलोक में आरोपी कर्मी से द्वितीय कारण पृच्छा इस कार्यालय के ज्ञापांक 876/स्था0, दिनांक 30.09. 2016 से पूछा गया। आरोपी कर्मी द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का कोई जबाब नहीं दिया गया । इस कार्यालय के पत्रांक 764/स्था0, दिनांक 19.06. 2021 से अंचल अधिकारी, नोखा से श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा के उपस्थित/अनुपस्थित रहने के संदर्भ में विस्तृत प्रतिवेदन की मांग की गयी। अंचल अधिकारी, नोखा के पत्रांक 586, दिनांक 04.07.2022 द्वारा विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया, जिसमे प्रतिवेदित किया गया कि पूर्व में संधारित उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया गया तो पाया कि नवम्बर- 15 से जुलाई 2016 तक उक्त लिपिक का नाम उपस्थिति पंजी में दर्ज है, जिसमे अनुपस्थित दर्षाया गया है। अगस्त- 2016 के बाद उक्त लिपिक का नाम उपस्थिति पंजी में दर्ज नहीं है। श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक के लगातार अनुपस्थित रहने एवं विभागीय कार्यवाही के निश्पादन के क्रम में उपस्थित नहीं होने, द्वितीय कारण-पृच्छा का जबाब नहीं देने के कारण दैनिक सामाचार पत्र में विज्ञापन के माध्यम से सूचित किया गया कि ''अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में आपके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित अधिगम में आरोप को स्वतः प्रमाणित का मंतव्य दिया गया। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आपको अंतिम रूप से निदेषित किया गया कि आपके अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में कारण पृच्छा एक पक्ष के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिष्चित करें। निर्धारित अवधि तक स्पश्टीकरण/प्रतिक्रिया अप्राप्त रहने पर समझा जायेगा कि आपको कुछ नहीं कहना है तथा संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में समुचित निर्णय लिया जायेगा।'' यह विज्ञापन दिनांक 27.08.2022 के प्रभात खबर दैनिक सामाचार पत्र में छपा। विज्ञापन प्रकाषन के एक पक्ष के बाद भी श्री गोंड द्वारा कोई स्पश्टीकरण/प्रतिक्रिया नहीं दिया गया।
निष्कर्श :- श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा के विरूद्ध माह अगस्त- 2014 से अक्टूबर 2015 तक विभिन्न तिथियों एवं अवधि में कार्यालय में बिना पूर्वानुमति के अनुपस्थित रहने के कारण आरोप पत्र गठित किया गया था। संचालन पदाधिकारी -सह- भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सासाराम द्वारा अपने मंतव्य में प्रतिवेदित किया गया है कि श्री गोंड द्वारा विभागीय कार्यवाही में कई बार स्मारित किए जाने के बावजूद भी अपने या अपने अधिवक्ता द्वारा उपस्थित नहीं हुए। संचालन पदाधिकारी द्वारा113 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री गोंड से द्वितीय कारण-पृच्छा भी किया गया, जिसका जबाब सम्प्रति अप्राप्त है। अभिलेख से स्पश्ट है कि श्री गोंड लगभग विगत 08 (आठ) वर्शों से लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है। श्री गोंड के नवम्बर- 2015 से लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के संबंध में कारण-पृच्छा समर्पित करने हेतु दिनांक 27.08. 2022 को प्रेस विज्ञप्ति भी जारी किया गया। प्रेस विज्ञप्ति के पष्चात भी उनके द्वारा अपना पक्ष समर्पित नहीं किया गया। बिहार सेवा संहिता के नियम- 76 में वर्णित है कि ''जबतक कि किसी मामले की खास परिस्थितियों को देखते हुए, राज्य सरकार अन्यथा निर्धारित न करें, सरकारी सेवक, भारत में बाह्य-सेवा को छोड़कर अन्यत्र छुट्टी के साथ या बिना छुट्टी के, कर्त्तव्य से पॉच वर्श तक लगातार अनुपस्थित के बाद, सरकारी-नियोजन में नहीं रह जाता है।'' अतः उपरोक्त तथ्यों एवं संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के आलोक में प्रमाणित आरोपों के लिए मैं धर्मेन्द्र कुमार, भा0प्र0से0, जिला दण्डाधिकारी एवं समाहर्त्ता, रोहतास, सासाराम बिहार सेवा संहित के नियम- 76 के आलोक में श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा को आदेष निर्गत की तिथि से सरकारी सेवा से सेवामुक्त करने का दण्ड अधिरोपित करता हूूँ। इस आषय की प्रविश्टि श्री अनिल कुमार गोंड के सेवा पुस्त में लाल सियाही से अंकित की जायेगी। साथ ही विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया समाप्त की जाती है। भविश्य में यदि श्री गोंड कार्यालय में सषरीर उपस्थित होकर अपने सेवा अवधि में वेतन मद से कटौती की गयी राषि की पावती की मांग करते है तो इस पर नियमानुसार विचार किया जायेगा।
श्री अनिल कुमार गोंड, निम्न वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय, नोखा से संबंधित विवरणी निम्न प्रकार हैः- 1. नाम ः- श्री अनिल कुमार गोंड 2. पिता का नाम ः- स्व0 सुर्यमल प्रसाद 3. पदनाम ः- निम्न वर्गीय लिपिक 4. जन्म तिथि ः- 25.11.1983 5. नियुक्ति की तिथि ः- 12.04.2013 6. कार्यालय का नाम ः- अंचल कार्यालय, नोखा 7. वेतनमान ः- वेतनमान 5200-20200 (ग्रेड पे- 1900/-) 7. स्थायी पता ः- मुहल्ला- प्रतापगंज (बौलिया रोड), पो0- सासाराम, थाना-
सासाराम, जिला- रोहतास, पिन- 821115
आदेश, (ह0) अस्पष्ट, जिला पदाधिकारी।
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ऊर्जा विभाग
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पत्रांक प्र01/विविध (का0स्था0)-57/2013-3498
प्रेषक,
अनिल कुमार, सरकार के उप सचिव।
सेवा में, सरकार के सभी विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव।
सरकार के सभी विभागाध्यक्ष। सभी प्रमंडलीय आयुक्त। सभी जिलाधिकारी, बिहार। महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, पटना। मुख्य डाकपाल/डाक अधीक्षक, जी0पी0ओ0, पटना।
दिनांक 31 अगस्त 2023 विषयः- ऊर्जा विभाग, बिहार, पटना के कार्यालय स्थानान्तरण के संबंध में। महाशय,
निदेशानुसार ऊर्जा विभाग, 08. दारोगा राय पथ, पटना स्थित ऊर्जा विभाग के कार्यालय का स्थानान्तरण विद्युत भवन-II, प्रथम तल, बेली रोड, पटना में दिनांक-21.08.2023 से किया गया है।
अतः भविष्य में किसी भी तरह का विभागीय पत्राचार ऊर्जा विभाग, विद्युत भवन-II, प्रथम तल, बेली रोड, पटना के नाम से करने की —पा की जाय।
विश्वासभाजन, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 25—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
114 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
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सूचना -------
No. 1010---I, Md. Shadab Anwar (षादाब अनवर) S/O Md Farrukh sear R/O 2/25 Station Road, Near Church, New millat colony, sector-2 P.O+P.S-Phulwarisharif, Patna Bihar, declare vide executive magistrate Patna Sadar, affidavit no. 6396, dated 27/07/23. That I shall be known as Shadab Anwar (षादाब अनवर) for all future purposes.
Md. Shadab Anwar (षादाब अनवर)।
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No. 1011---I, Sambhav Singh S/O Sanoj Kumar Singh R/O Sarda Sadan, House no.-31, Road no.-9A, Shivmandir road, Indrapuri, Patna, Pin-800024 declare that vide Affidavit no.-30 on dated 24.06.23. My name in 10th document has been wrongly mentioned as Shambhav and my correct name is Sambhav Singh which are mentioned in all other document. From today onwards instead of Shambhav. I shall be known as Sambhav Singh in Future.
Sambhav Singh.
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No. 1012---I, Suchitra Kumari W/o Manoj Kumar, R/o Rupaspur, D.P.S More, Danapur, Patna-801503 declare vide Affidavit No. 12869 dated 12-07-2023 that My Daughter Manya will be known as Manya Sharma for all purposes.
Suchitra Kumari.
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No. 1013---I, Suchitra Kumari W/o Manoj Kumar, R/o Rupaspur, D.P.S More, Danapur, Patna-801503 declare vide Affidavit No. 12871 dated 12-07-2023 that My Daughter Navya will be known as Navya Sharma for all purposes.
Suchitra Kumari.
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No. 1014--I, Rashmi D/o Satish Kumar R/O Ward no.-3, vill-karhari, P.O.– Phulwari sharif, Patna- 801505 declared vide affidavit no. 4214 dated 23-05-2023 that I will be known as Rashmi Roy for all purposes.
Rashmi.
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No. 1015--I, Sudha Singh, W/o Anil Kumar Singh, R/o Village+P.O-Khalpura, Goldenganj, P.S- Chapra, Mufassil Distt–Chapra, Bihar-841211 do hereby solemnly affirm declare as per Aff. No.- 11085 dated 14.06.23 That now I will be known KM SUDHA SINGH for all future purposes.
Sudha Singh.
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No. 1018--I, Rishav S/o Binod Kumar Nagbanshi, R/o Langartoli More Opp. Gold House, Bankipur, P.S. Kadamkuan, Sampatchak, Patna (Bihar) 800004 do hereby Solemnly115 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 Affirm and declare as per aff. No-2274 dt. 21-07-2023 that my name is written in all documents and above Aadhar Card No-6906 0486 0923 as Rishav from now I will be known as Rishav Kumar Singh for all future Purposes.
Rishav.
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सं0 1019--मैं शबीस्ता खानम (Shabista Khanam) पति- मो॰ अफाक खान, निवासी जमा बक्स लेन, छोटी इमामबाड़ा भीखनपुुर, बिहार, गुमटी नं॰-03, इशाकचक, भागलपुर शपथ पत्र सं॰ 8757 दिनांक 24.07.2023 द्वारा यह घोषणा करती हूं कि मेरे पुत्र अनस खान (Anas Khan) का माध्यमिक बोर्ड 2022 से उत्तीर्ण प्रमाण पत्र जिसका रॉल नं॰- 22114966 है, में मेरा नाम भूलवश शबीस्ता खान ( Shabista Khan) अंकित हो गया है जो कि गलत है जबकि मेरे पुत्र के सारे कागजात जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण पत्र में मेरा नाम शबीस्ता खानम है जो कि सही है। मैं Shabista Khanam (शबीस्ता खानम) के नाम से जानी एवं पहचानी जाती हूं।
शबीस्ता खानम (Shabista Khanam)।
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No. 1020--I, Satyendra Kumar Singh S/o Late Baikunth Singh R/o Village- Turti, P.O- Munji, P.S- Bikramganj, District- Rohtas Bihar Declare that Vide Affidavit No-359 Dated 19- 07-2023 My Son's Name is Wrongly Mentioned is Singh Amit Satyend in place of My son's correct name is Singh Amit Satyendra.
Satyendra Kumar Singh.
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सं0 1021--मैं अनुपमा कुमारी पति-राजेष कुमार, निवास ग्राम-खरोज, थाना-सूर्यपूरा, जिला-रोहतास श्षपथ संख्या 27142, दिनांक 21.07.2023 के अनुसार घोषणा करती हूँ कि मेरी पुत्री स्नेहा कुमारी के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र में मेरा नाम अनुपमा पाण्डेय अंकित हो गया है जो गलत है मेरा सही नाम अनुपमा कुमारी है।
अनुपमा कुमारी।
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No. 1023--I Arun Kumar Pandey S/o Sri Virendra Pandey res. Of Shanti Nagar, ward no 24, opposite of Motani petrol pump, Post & PS Bettiah, West Champaran. In all my documents, my name has been written as Arun Kumar Pandey, but inadvertently, in my daughter Riya Kumari ' s CBSE matriculation certificate my name is written as Arun Pandey. I declare that my correct name is Arun Kumar Pandey. Aff no 12380/06.07.23.
Arun Kumar Pandey.
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No. 1024--I, Pushpa Kumari W/o Manoj Kumar R/o Shiv Ram Kunj, House No.-6 Road No.-9 Near Gandhi Murti, East Patel Nagar, PS- Shastri Nagar Patna Vide Afd. No. 2904 Dt.- 20.07.23 My Son Avinash Ranjan Passing Certificate/Marksheet My Name Wrongly Mentioned as Pushpa Gupta Instead of Pushpa Kumari.
Pushpa Kumari.
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No. 1025-- I Murli Prasad Gupta, S/o Late Harihar Prasad Gupta, R/o ward no. 28, Haat Bazaar Road, Near MahabirAsthan, Araria-854311 declare vide affidavit No. 436 dated 07/06/2023 that I am also Known as Murli Prasad Bhagat. That Murli Prasad Bhagat&Murli Prasad Gupta are the names of same person. Although I shall only be known as Murli Prasad Gupta instead of Murli Prasad Bhagat for all documents & for all purposes.
Murli Prasad Gupta.
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सं0 1026--मैं KM RANJANA YADAV पुत्री रामबिलास यादव ग्राम चौमुखा पोस्ट व थाना विजयीपुर जिला गोपालगंज बिहार की निवासी हूं। शपथ पत्र संख्या 11310 दिनांक 24.06.2023 द्वारा घोषणा करती हूं कि मेरा नाम KM RANJANA YADAV हैें लेकिन NIOS D-EL-ED (2017-19) के अंकपत्र एंव प्रमाण पत्र में गलती से KM116 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 RANJANA KUMARI हो गया है जो गलत है। जबकि अन्य सभी प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड में KM RANJANA YADAV हैं जो सही हैं। मैं KM RANJANA YADAV नाम से जानी पहचानी जाती हूं।
KM RANJANA YADAV.
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No. 1028--I Daya Shankar Pandey S/o late Bhuwaneshwar Pandey R/o-Vill. Marahan P.o sinha opp Gazipur High School marahan sinha Bhojpur Bihar 802316 do hereby solemnly affirm and declare as per aff . no 3002 Dt. 30.05.23 My Name is mentioned in my PPO NO 09/97/B/S/01349/1994 as Daya Shankar Panday which is wrong as per service discharge book and aadhar no 524341942301 my name is Daya Shankar Pandey which is correct and from no I will be known as Daya Shankar Pandey for all future purpose.
Daya Shankar Pandey.
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No. 1029--I, UPENDRA SAHU R/o Flat no. 101, Om Nilay Apartment, Khaitan Gali, behind petrol pump, West Boring Canal Road, Patna-1 declare Vide Affdvt. No.- 665, Dt.- 30/06/2023. That now onwards my son PRINCE shall be known as PRINCE ARYA for all future purposes.
UPENDRA SAHU.
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सं0 1030--मैं लक्ष्मण कुमार भारती LAKSHMAN KUMAR BHARTI पिता- स्व0 रामदेव भारती निवासी ग्राम+पोस्ट-नरहाँ, पानापुर थाना- राजेपुर जिला- पूर्वी चम्पारण पिन कोड- 845430 बिहार शपथ पत्र संख्या 518 दिनांक - 04/08/2023 द्वारा सूचित करता हूँ कि मेरे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा निर्गत अंक प्रमाण पत्र में मेेरा नाम लक्ष्मण कुमार भारती LAKSHMAN KUMAR BHARATI दर्ज हो गया है जो गलत है आधार कार्ड में दर्ज नाम लक्ष्मण कुमार भारती LAKSHMAN KUMAR BHARTI सही है।
लक्ष्मण कुमार भारती।
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No. 1031--I, Neta Lal Azad S/o Late Anandi Pd. yadav, R/o Vill.- Hasanganj P.o.- Safiyabad, P.S.-Kasi Bazar, Distt.-Munger do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No- 3353 dt.12-06-2023 that my name is written in my son's Sanoj Kumar CBSE Board Admit Card and Marksheet Bearing Roll No-7131352 year 2014 as Neta Lal which is Wrong As per my Aadhar Card My Correct Name is Neta Lal Azad and from now, I will be known as Neta Lal Azad for All Future Purposes.
Neta Lal Azad.
------- बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् विद्यापति मार्ग, पटना - 800001 ------ अधिसूचनाएं 27 मई 2023
सं0 668--श्री राम जानकी मंदिर, (माई जी की कुटिया),मोती नगर, सुअरा, जिला-रोहतास,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-3547 है। उक्त मंदिर में लगभग 12 बीघा से अधिक भूमि है। उक्त मंदिर की देखभाल हेतु समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। पूर्व के न्यासधारियों द्वारा अवैध रूप से मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण कराया गया। पर्षद के आदेष दिनांक- 09/11/2002 द्वारा 09 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। तदोपरान्त पुनः नवीन न्यास समिति का गठन दिनांक- 15/07/2008 को किया गया था, जिसके अध्यक्ष के रूप में श्री रविन्द्र सिंह थे। संचिका से स्पष्ट होता है कि उक्त मंदिर की कुछ भूमि थाना सं0-164, खाता सं0-65, ग्राम-सुअरा में है, परन्तु संचिका से स्पष्ट होता है कि उक्त न्यास समिति द्वारा भी न तो पर्षद से कभी कोई पत्राचार किया गया और न हीं अधिनियम की धारा-59, 60 और 70 का पालन किया गया। न्यास समिति के एकमात्र सदस्य श्री रामषीष दास जो कि समिति के सचिव थे, उनके द्वारा मंदिर की भूमि का अतिक्रमण या मंदिर की भूमि पर स्थित पेड़ आदि का अवैध रूप से कटाई करने की सूचना पर्षद को कभी-कभी दी गयी।117 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 इसी बीच पर्षद को जानकारी हुई कि मंदिर की जो भूमि अधिग्रहित की गयी है, उस संबंध में कुछ व्यक्तियों के द्वारा भू-अर्जन कार्यालय से षड्यंत्र करके मुआवजा की राषि की निकासी की जा रही है। उक्त सूचना प्राप्त होने पर पर्षद के पत्रांक- 923, दिनांक- 17/08/2022 द्वारा भू-अर्जन पदाधिकारी को मंदिर की भूमि के संबंध में मुआवजा राषि का भुगतान नहीं करने के संबंध में निबंधित डाक द्वारा पत्र भेजा गया और पुरानी समिति की निष्क्रियता के कारण पर्षद द्वारा अनुभव किया गया कि एक नयी न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक है। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी को निबंधित डाक द्वारा दिनांक- 25/02/2022 को पत्र भेजा गया।
इसी बीच दिनांक- 21/04/2022 को वर्ष 2002 में गठित न्यास समिति के सचिव- श्री महेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा पूर्व में लेटर पैड का दुरूपयोग करते हुए पर्षद को पत्र लिखा गया कि श्री रामाषीष दास द्वारा बहुत सी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करा दिया गया है और शीषम के पेड़ काट कर बेच दिया है तथा भू-अर्जन से एक करोड़ रूपये (1,00,00,000/-रू0) की राषि जो मुआवजे में प्राप्त होना था, वह प्रार्थी के प्रयास से रोका गया और अपने प्रार्थना-पत्र में 11 व्यक्तियों के नामों का उल्लेख कर न्यास समिति गठित किये जाने की प्रार्थना की, परन्तु उक्त प्रस्तावित नामों में न तो पिता का नाम है और न हीं कोई पता है।
इसी बीच स्थानीय नागरिक श्री रवि कुमार द्वारा दिनांक- 21/02/2023 को पर्षद में एक प्रार्थना-पत्र दिया गया कि उक्त मंदिर और मंदिर के विकास आदि की उचित व्यवस्था हेतु ग्रामीणों की एक आम बैठक दिनांक- 10/11/2022 एवं दिनांक- 17/01/2023 को की गयी, जिसमें 11 व्यक्तियों की न्यास समिति बनाये जाने का प्रस्ताव पास किया गया। अपने प्रार्थना-पत्र के साथ उपरोक्त बैठक की फोटोप्रति दाखिल की है। उक्त सूची अनुमंडल पदाधिकारी को भेजते हुए उनसे उनका मंतव्य और यदि कुछ नामों को जोड़ना या हटाना चाहते हों, तो इस संदर्भ में भी अपना प्रतिवेदन पर्षद में उपलब्ध कराने हेतु पत्र लिखा गया, परन्तु उनके द्वारा कोई भी प्रतिवेदन /सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उपरोक्त सभी परिस्थितियों से स्पष्ट होता है कि वर्ष 2002 से लगातार न्यास समिति का कुषल संचालन नहीं होने के कारण अधिकांष भूमि अतिक्रमित हो गयी है, जिसमें बहुत सी लापरवाही वर्ष 2002 और 2008 में गठित न्यास समिति के कार्याें से भी प्रदर्षित होती है और उपरोक्त न्यास समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है। ऐसी स्थिति में न्यास समिति का गठन किये जाने के संबंध में मामले को लंबित रखना उचित प्रतीत नहीं होता है।
श्री गौतम संजय कुमार एवं श्री रवि कुमार आज पर्षद में उपस्थित हैं और उनसे विमर्ष के उपरान्त उनका कथन है कि श्री महेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा जो प्रस्ताव दिनांक- 21/04/2022 को भेजा गया है, परन्तु उनके द्वारा स्वयं मंदिर के संबंध में किसी प्रकार का कोई उचित कार्य नहीं किया गया। इसीलिए वर्ष 2008 की समिति में उन्हें नहीं रखा गया, परन्तु श्री महेन्द्र प्रताप द्वारा प्रस्तावित सूचि से दो नाम क्रमषः श्री जितेन्द्र सिंह एवं श्री अमरनाथ के नाम पर उनकी सहमति है। अतः उक्त दोनों नामों को भी शामिल करते हुए तथा आमसभा के प्रस्ताव दिनांक 17/01/2023 में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त मंदिर के दैनिक रागभोग, पूजा-पाठ, भूमि की सुरक्षा, बंदोबस्ती तथा अवैध रूप से जो कब्जे में भूमि हो गयी है, उस भूमि को न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अतिक्रमण मुक्त के संबंध में एक योजना का निरूपण करते हुए अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-24/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी मंदिर, (माई जी की कुटिया), मोती नगर, सुअरा, जिला- रोहतास के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री राम जानकी मंदिर, (माई जी की कुटिया) न्यास योजना, मोती नगर, सुअरा, जिला- रोहतास'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री राम जानकी मंदिर, (माई जी की कुटिया) न्यास समिति, मोती नगर, सुअरा, जिला- रोहतास''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।118 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष हेतु गठित की जाती हैः-
1. श्री रवि कुमार, पिता-स्व0 दुर्गा सिंह- अध्यक्ष 2. श्री गौतम संजय कुमार, पिता-परमसोत सिंह- सचिव 3. श्री राम एकबाल मिश्रा- कोषाध्यक्ष 4. श्री अमरनाथ सिंह उप सचिव 5. श्री घनष्याम सिंह पिता-स्व0 कृष्णा सिंह- सदस्य 6. श्री जितेन्द्र सिंह- सदस्य 7. श्री अरविन्द कुमार पिता-स्व0 मुरलीधर सिंह- सदस्य 8. श्री रिषिमुनी पांडे- सदस्य 9. श्री कमलेष तिवारी, पिता-विष्वनाथ तिवारी- सदस्य 10 श्री राधाकृष्ण मिश्रा (सुरदास बाबा)- सदस्य 11. श्री राहुल कुमार सिंह, अधिवक्ता, अनुमंडल डिहरी- सदस्य
पता-श्री राम जानकी मंदिर (माई जी की कुटिया), मोती नगर, सुअरा, जिला-रोहतास।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री राम जानकी मंदिर, (माई जी की कुटिया), मोती नगर, सुअरा, जिला-रोहतास'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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17 जून 2023
सं0 855--श्री देव सूर्य मंदिर, ग्रामपोस्टथाना- देव, जिला-औरंगाबाद, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3247 है।
यह एक पौराणिक एवं ऐतिहासिक मन्दिर जहाँ प्रतिदिन अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु दर्षन हेतु आते हैं। वार्षिक त्योहारों पर बहुत अधिक भीड़ होती है। उक्त मन्दिर की व्यवस्था हेतु वर्ष 2007 में एक न्यास समिति का गठन किया गया119 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 था। पुनः दिनांक- 27/04/2015 को 11 सदस्यीय समिति का गठन किया था, जिसके अध्यक्ष अनुमण्डल पदाधिकारी, औरंगाबाद हैं। उक्त मन्दिर का औचक निरीक्षण पर्षद के माननीय सदस्य द्वारा दिनांक- 14/02/2022 को किया गया। इस मंदिर के व्यवस्था, यथा- मन्दिर में गंदगी, श्रद्धालुओं से जबरदस्ती पैसा बसूल, श्रद्धालुओं से पैसा दानपेटी में नहीं लेकर परिसर में पंडा द्वारा जबरदस्ती लिया जा रहा था। इस संबंध में न्यास समिति से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उसके आलोक में अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा अपने पत्र दिनांक- 18/02/2021 में समिति द्वारा लिये गये निर्णय का उल्लेख करते हुए यह सूचना दी गयी कि लगभग 01 करोड़ खर्च करके धर्मषाला का निर्माण, 05 दुकान, मन्दिर में 80 फीट का बरामदा का निर्माण करवाया गया है। नया जेनरेटर आदि का क्रय किया गया। आगे उल्लेख किया कि सचिव, कृष्णा चौधरी का 14 वर्ष का किया गया कार्य सराहनीय है। सीढ़ी की मरम्मति, स्टील के दरवाजे आदि का कार्य किया गया। गंदगी के संबंध में स्पष्टीकरण दिया। मन्दिर में प्रतिदिन प्रातः 4ः00 बजे साफ-सफाई होती है। तद्नुसार श्रद्धालु की भीड़ से गंदगी होती है, जिसे भीड़ के कम होने पर सफाई कर दी जाती है। एक अन्य तथ्य प्रकाष में आया था कि न्यास समिति के अधीन लगभग 10 लाख रुपये से अधिक नकद है, जो 1, 2, 5 रुपये के सिक्के के रूप में है। काफी प्रयास के बाद कुल 4-5 लाख के सिक्का बैंक द्वारा लिया गया है। वर्त्तमान में 9-10 लाख रुपये के सिक्के मन्दिर के पास है। कार्यरत न्यास समिति का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा कार्यरत न्यास समिति को ही अवधि विस्तार दिये जाने की अनुषंसा की गयी। इसी बीच ग्रामीणों द्वारा दिनांक- 17/07/2022 डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद के हस्ताक्षर से 11 व्यक्तियों की सूची प्राप्त हुई।
एक अन्य सूची आम सभा दिनांक-17/01/2023 एवं दिनांक-18/01/2023 द्वारा भी 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव प्राप्त कराया गया। सभी पक्षों को सुनने के पष्चात् पर्षद के आदेष दिनांक- 30/01/2022 द्वारा आदेष दिया गया था कि सभी सदस्य एक-दुसरे के साथ सहयोग से 11 व्यक्तियों के नाम के प्रस्ताव सहमति पर दें। अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा पुनः पूर्व के पत्रों पर विचार करते हुए 13 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिनांक-20/04/2023 को उपलब्ध कराया है। उपरोक्त सभी साक्ष्यों पर विचार करते हुए तथा सभी स्थानीय लोगों के बीच आपस में सामंजस्य बना रहे और पूर्व न्यास समिति का कार्य भी काफी संतोषजनक रहा है तथा माननीय सदस्योंं, धार्मिक न्यास पर्षद से विचार-विमर्ष भी किया गया।सभी तथ्यों पर विचार करते हुए श्रीमति मंजरी सिंह, सदस्य नगर परिषद्, औरंगाबाद को संरक्षक नामित करते हुये एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से करने का निर्णय लिया जाता है। अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-12/05/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री देव सूर्य मंदिर, ग्रामपोस्टथाना- देव, जिला-औरंगाबाद के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री देव सूर्य मंदिर न्यास योजना, ग्रामपोस्टथाना- देव, जिला-औरंगाबाद''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री देव सूर्य मंदिर न्यास समिति, ग्रामपोस्टथाना- देव, जिला-औरंगाबाद''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. बैंक खाते का संचालन अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।120 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।
14. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
15. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
16. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- श्रीमति मंजरी सिंह, सदस्य नगर परिषद्, औरंगाबाद - संरक्षक 1. अनुमण्डल पदाधिकारी, औरंगाबाद - अध्यक्ष 2. श्री अमिताभ सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, नावाडीह, औरंगाबाद - उपाध्यक्ष 3. श्रीमति ममता सिंह पति- श्री राजन कुमार सिंह, ग्रा॰- सुदी बिगहा, पो॰था॰- देव - उपाध्यक्ष 4. श्री विष्वजीत कुमार राय पिता- श्री विष्वनाथ राय, बरई बिगहा, देव, औरंगाबाद - सचिव 5. श्री रामचन्द्र चौरसिया, ग्रा॰- बरई बिगहा, देव, औरंगाबाद - सह-सचिव 6. श्री सुधीर सिंह पिता- मोहन सिंह, ग्रा॰- जंगी मुहल्ला, था॰- देव, औरंगाबाद - कोषाध्यक्ष 7. श्री कृष्णा चौधरी, देव गोदाम पर, पो॰था॰- देव, औरंगाबाद - सह-कोषाध्यक्ष 8. श्री लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता पिता- श्री मदन प्रसाद गुप्ता, श्री देव सूर्य मंदिर के सामने - सदस्य 9. श्री गंगा भास्कर पिता- श्री विष्णु दयाल, ग्रा॰- देव, मलहा टोली, औरंगाबाद - सदस्य 10. श्री सुनील सिंह पिता- श्री राम प्रवेष सिंह, ग्रा॰- सुदी बिगहा, पो॰था॰- देव - सदस्य 11. श्री योगेन्द्र सिंह पिता- स्व॰ सिद्धेष्वर सिंह, ग्रा॰- देव सड़क पर, था॰पो॰- देव - सदस्य
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री देव सूर्य मंदिर, ग्रामपोस्टथाना- देव, जिला-औरंगाबाद'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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24 मई 2023
सं0 617--श्री सतवाहिनी मंदिर, चिल्हकी, अम्बा, जिला-औरंगाबाद,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-3522 है।
उक्त मंदिर की नियमित व्यवस्था, बंदोबस्ती आदि के लिए 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन दिनांक- 08/01/2010 को करके अधिसूचना निर्गत की गयी। तदोपरान्त उक्त समिति का कार्यकाल संतोषजनक पाते हुए पर्षद के आदेष दिनांक- 29/12/2017 द्वारा तीन वर्ष के लिए विस्तारित कर दिया गया था।
न्यास समिति द्वारा किये गये विकास के संबंध में दिनांक- 21/12/2020 एवं दिनांक- 08/06/2021 को प्रार्थना-पत्र दिया गया, जिसमें उल्लेख किया है कि पूर्व में उक्त मंदिर एक झोपड़ीनुमा थी, जो वर्ष 2011 में तुफान से ध्वस्त हो गया था, जिसका जीर्णोद्धार करके एक विषाल मंदिर का रूप दिया गया है। मंदिर के सौन्द्रर्यीकरण हेतु चारों तरफ गे्रनाईट के पत्थर लगाया गया। मंदिर के षिखर पर स्वर्ण कलष का स्थापना कराया गया। मंदिर का आर्किटेक्ट कलकत्ता के कारीगरों द्वारा कराया गया है। मंदिर की आय से सामुहिक आर्दष विवाह, बच्चों केअध्ययन आदि पर व्यय किया जाता है। आगे यह उल्लेख किया गया कि मंदिर निर्माण में लगभग 1 करोड़ रू0 की राषि व्ययकी गयी। समिति द्वारा समर्पित आय-व्यय विवरणी से भी स्पष्ट है कि मंदिर में विकास कार्य दिन-प्रतिदिन किया जा रहा है तथा मंदिर की आय भी उसी अनुपात में बढ़ी है।121 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 न्यास समिति का कार्यकाल समाप्त होने के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी से मंतव्य की मांग की गयी। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा कार्यरत न्यास समिति में से कुछ सदस्यों के स्थान पर नये सदस्यों के नाम अंकित करते हुए न्यास समिति गठित किये जाने की अनुषंसा की है।
उपरोक्त परिस्थिति में अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद की अनुषंसा के आलोक में मंदिर की व्यवस्था एवं पुजा-पाठ, राग-भोग हेतु एक योजना का निरूपण करते हुए इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति गठन का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-28/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री सतवाहिनी मंदिर, चिल्हकी, अम्बा, जिला- औरंगाबाद के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री सतवाहिनी मंदिर न्यास योजना, चिल्हकी, अम्बा, जिला- औरंगाबाद'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री सतवाहिनी मंदिर न्यास समिति, चिल्हकी, अम्बा, जिला- औरंगाबाद'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
12. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 13. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
14. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
15. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
16. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।122 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष हेतु गठित की जाती हैः-
1. अनुमंडल पदाधिकारी पदेन अध्यक्ष 2. श्री अरविन्द कुमार सिंह उपाध्यक्ष 3. श्री सिद्धेष्वर विद्यार्थी, वरीय अधिवक्ता सचिव 4. श्री षिवषंकर पाण्डेय कोषाध्यक्ष 5. श्री ओम प्रकाष शर्मा सदस्य 6. श्री देवराज राम सदस्य 7. श्री मिथिलेष मेहता सदस्य 8. श्री अवध बिहारी दास, सदस्य 9. श्री नरसिंह पाण्डेय सदस्य 10. श्री दिलीप कुमार सिंह सदस्य 11. श्री युगेष सिंह सदस्य
पता-श्री सतवाहिनी मंदिर, चिल्हकी, अम्बा, जिला- औरंगाबाद।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री सतवाहिनी मंदिर, चिल्हकी, अम्बा, जिला- औरंगाबाद'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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24 मई 2023
सं0 605--श्री नागा बाबा की ठाकुरबाड़ी, कदमकुआं, जिला-पटना,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-644 है।
पुर्व में उक्त ठाकुरबाड़ी का प्रबंधन न्यासधारी, श्री राम भजन दासजी द्वारा की जाती थी। दिनांक- 13/03/1986 को श्री राम भजन दासजी द्वारा पर्षद में एक लिखित प्रार्थना-पत्र देकर ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया, जिसमें अध्यक्ष के रूप में श्री नारायण दासजी भक्तमाली, को नामित किया था।
पर्षद द्वारा उक्त समिति की मान्यता अपने आदेष दिनांक- 19/06/1986 द्वारा प्रदान की गयी। इसी बीच पर्षद को सूचना दी गयी कि न्यास समिति के अध्यक्ष एवं सचिव का स्वर्गवास हो गया है। उक्त सूचना के उपरांत पर्षदीय आदेष दिनांक- 30/06/2008 द्वारा अध्यक्ष के रूप में श्री रामचन्द्र खां को मान्यता प्रदान की गयी। तदोपरांत पांच अन्य सदस्यों सम्मिलित करते हुये, नौ सदस्यीय न्यास समिति की सूचना पर्षद को प्रदान की गयी, जिस पर विचारोपरांत पर्षदीय आदेष दिनांक- 30/03/2010 द्वारा अध्यक्ष, श्री खां द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया अर्थात् उक्त न्यास समिति को मान्यता प्रदान की गयी। कार्यरत न्यास समिति को नियमित रूप से 08-10 पत्र, अधिनियम की धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करने हेतु प्रेषित किया गया, परंतु न्यास समिति द्वारा कभी भी पर्षदीय आदेषों का अनुपालन नहीं किया गया। इस बीच अध्यक्ष, श्री रामचन्द्र खां के स्वर्गवास दिनांक- 20/04/2022 होने की सूचना पर्षद को प्राप्त हुयी, जिस पर न्यास समिति के सदस्यों को नोटित निर्गत की गयी, तब इस बात की जानकारी पर्षद को हुयी, कि मात्र न्यास समिति के तीन सदस्य ही जीवित हैं, जो स्पष्ट करता है कि उक्त न्यास समिति, गणपूर्ति से भी कम संख्या में रह गयी है। इस बीच पर्षद में श्री राजा राम शरण द्वारा मंदिर में स्वयं को न्यासधारी नियुक्त करने हेतु प्रार्थना-पत्र, विभिन्न दस्तावेजों के साथ दिनांक- 22/04/2022 एवं दिनांक- 03/05/2022 द्वारा समर्पित किया गया।
उक्त पर न्यास समिति के सदस्यों द्वारा आपत्ति प्रकट किया गया। दोनों पक्षों को विभिन्न तिथियों पर पर्षद में विस्तारपुर्वक सूना गया। चूंकि उक्त संस्था एक धार्मिक संस्था है तथा पर्षद आषा करती है कि सभी सदस्य, एक-दुसरे का सहयोग करके मंदिर के विकास का कार्य करें, जिससे पुर्व में जो त्रुटि हुयी है, वह भविष्य मेें न हो।
उपरोक्त परिस्थिति पर विचारोपरांत मंदिर के कुषल संचालन हेतु एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया जाता है।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-12/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री नागा बाबा की ठाकुरबाड़ी, कदमकुआं, जिला- पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।123 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री नागा बाबा की ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, कदमकुआं, जिला- पटना''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री नागा बाबा की ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, कदमकुआं, जिला- पटना''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. उक्त मंदिर के नाम, पुर्व में जो बैंक खाता, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नाला रोड में संचालित है, उस खाता का संचालन, पुर्व अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त से किया जाता था। उसी प्रकार आगे इस खाता का संचालन नवगठित न्यास समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर द्वारा किया जायेगा। इसमें कोषाध्यक्ष के साथ, उक्त दो सदस्यों में एक का हस्ताक्षर आवष्यक है। न्यास समिति को यह भी निर्देष दिया जाता है, कि विगत वर्ष में मंदिर को जो आय प्राप्त हुयी है, उसका एक अनुमानित आय-व्यय विवरण, यथाषीघ्र समर्पित करें। तदुनसार पर्षद शुल्क का भुगतान भी करें। भविष्य में मंदिर के संबंध में कोई निर्णय और विकास कार्य किया जाना हो, तो उसकी पुर्वानुमति प्राप्त करें तथा यदि कोई स्थायी निर्माण किया जायेगा, तो उसकी सूचना प्रत्येक तीन पर पर्षद को देनी होगी कि क्या व्यय किया जायेगा, क्या निर्माण किया? पर्षद के संज्ञान में अवष्य लाया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-124 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 1. श्री राजा राम शरण दास, श्री नागा बाबा ठाकुरबाड़ी, कदमकुआं, पटना- अध्यक्ष
2. श्री विनोद कुमार शुक्ल -उपाध्यक्ष पता- अ॰प्रा॰ न्यायाधीष, 1/डी॰, गोविन्द इन्क्लेव, राम गोविन्द सिंह पथ, कंकड़बाग, पटना- 20
3. श्री अषोक कुमार, लोहानीपुर, कदमकुआं, पटना - सचिव 4. श्री दयाषंकर तिवारी, बेली रोड, शेखपुरा, पटना- 14 - उप- सचिव 5. श्री रतन लाल अग्रवाल पिता- स्व॰ सागरमल अग्रवाल - कोषाध्यक्ष पता- ई/1ए, चित्रगुप्त नगर, कंकड़बाग, पटना- 20
6. श्री राजेन्द्र दास, श्री मलूक पीठ, वंषीवट वृंदावन, मथुरा (उ॰प्र॰) - सदस्य 7. श्री विजय सचदेवा, शांति विहार, पार्क रोड, कदमकुआं, पटना - सदस्य 8. श्री वैद्यनाथ मिश्र पिता- श्री बिहारी शरण, एम॰पी॰ सिन्हा रोड, कदमकुआं, पटना - सदस्य 9. श्रीमति सुषीला देवी शर्मा, आनन्द विहार कॉलोनी, बेली रोड, पटना- 1 - सदस्य 10. श्री तुहीन शंकर (अधिवक्ता, उ॰ न्या॰, पटना) - सदस्य 11. श्री परेष सक्सेना (आई॰पी॰एस॰) - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री नागा बाबा की ठाकुरबाड़ी, कदमकुआं, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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16 मई 2023
सं0 519--श्री नारायण षिव-षक्ति मंदिर, ग्राम- न्यू ब्रह्मपुर, आदर्ष कॉलोनी, मार्ग संख्या- 04, रामकृष्ण नगर, पोस्ट- न्यू जगनपुरा, अंचलप्रखंड- संपतचक, अनुमंडल- सदर, जिला- पटना, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-4667/22 है।
इस न्यास के संबंध में पर्षद को स्थानीय जनता के एक आवेदन आम सभा की बैठक दिनांक- 25/12/2022 द्वारा प्राप्त हुआ। प्राप्त आवेदन में आम सभा चयनित व्यक्तियों के चरित्र-सत्यापन हेतु पत्र, पर्षदीय पत्रांक- 3732, दिनांक- 30/01/2023 को प्रेषित किया गया। परंतु इसी बीच प्रस्तावित व्यक्तियों द्वारा पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से चरित्र-सत्यापन कर पर्षद में उपलब्ध कराया गया। प्रस्तावित नामों पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार की कोई आपत्ति या प्रतिरोध नहीं किया गया है।
उपरोक्त परिस्थिति मेंश्री नारायण षिव-षक्ति मंदिर की व्यवस्था के लिए एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया जाता है। समिति को निर्देष दिया जाता है कि शीघ्र मंदिर के नाम से बैंक में खाता खोला जाय, जिसका संचालन आम सभा की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-11/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री नारायण षिव-षक्ति मंदिर, ग्राम- न्यू ब्रह्मपुर, आदर्ष कॉलोनी, मार्ग संख्या- 04, रामकृष्ण नगर, पोस्ट- न्यू जगनपुरा, अंचलप्रखंड- संपतचक, अनुमंडल- सदर, जिला- पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री नारायण षिव-षक्ति मंदिर न्यास योजना, ग्राम- न्यू ब्रह्मपुर, आदर्ष कॉलोनी, मार्ग संख्या- 04, रामकृष्ण नगर, पोस्ट- न्यू जगनपुरा, अंचलप्रखंड- संपतचक, अनुमंडल- सदर, जिला- पटना''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री नारायण षिव-षक्ति मंदिर न्यास समिति, ग्राम- न्यू ब्रह्मपुर, आदर्ष कॉलोनी, मार्ग संख्या- 04, रामकृष्ण नगर, पोस्ट- न्यू जगनपुरा, अंचलप्रखंड- संपतचक, अनुमंडल- सदर, जिला- पटना''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।125 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री सहजानंद शर्मा (मा॰ जिला न्यायाधीष, सेवानिवृत) -अध्यक्ष पिता- बजरंगी सिंह, आदर्ष कॉलोनी, रोड नं॰-03, पो॰-जगनपुरा, था॰-रामकृष्ण नगर, पटना। 2. श्री विजय कुमार सिंह पिता- सुरेन्द्र प्रसाद सिंह -उपाध्यक्ष पता-आर्दष कॉलोनी, रोड नं॰-4डी, नियर मेडिसिन, फैक्ट्ररी, पो॰-जगनपुरा, रामकृष्ण नगर, पटना। 3. श्री उदयकांत सिन्हा पिता- रामनन्दन शर्मा -सचिव पता- आर्दष कॉलोनी, रोड नं॰- 03, खेमनीचक, संपतचक, जगनपुरा, रामकृष्ण नगर, पटना। 4. श्री सीताराम प्रसाद सिंह पिता- रामेष्वर सिंह - कोषाध्यक्ष पता- फ्लैट- 401, महावीर कॉम्प्लेक्स, रोर्ड नं॰-2, आदर्ष कॉलोनी, जगनपुरा, रामकृष्ण नगर, पटना। 5. श्री संजय कुमार शर्मा पिता- राजेन्द्र प्रसाद शर्मा - सदस्य पता- आर्दष कॉलोनी, रोड नं॰- 03, खेमनीचक, संपतचक, जगनपुरा, रामकृष्ण नगर, पटना। 6. श्री नन्द किषोर सिंह पिता- नथुनी सिंह - सदस्य पता-निवासी, 3 गोकुल धाम सोसायटी, नई ब्रह्मपुर, जगनपुरा, रामकृष्णा नगर, पटना। 7. श्री विरेन्द्र प्रसाद शर्मा पिता- रामानंद प्रसाद शर्मा - सदस्य पता- नई ब्रह्मपुर, आर्दष कॉलोनी, रोड नं॰- 3/बी,जगनपुरा, रामकृष्ण नगर, पटना। 8. श्री राजेष कुमार पिता- रामानुज शर्मा - सदस्य पता- पो॰- खेमनीचक, थाना- रामकृष्णा नगर, जिला- पटना।
9. श्री अमित कुमार पिता- नंद किषोर सिंह - सदस्य पता-ऑप उपकार पब्लिक स्कूल, आर्दष कॉलोनी, रोड नं॰- 3, खेमनीचक, जगनपुरा, पटना। 10. श्री निर्भय शंकर शर्मा पिता- विजय शंकर शर्मा - सदस्य126 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 पता- शंकर भवन, नई ब्रह्मपुर, खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णा नगर, पटना।
11. श्री विजय शर्मा पिता- गनौरी शर्मा - सदस्य पता- त्रिलोक भवन, आर्दष कॉलोनी, ब्रह्मपुर, संपतचक, जगनपुरा, रामकृष्ण नगर, पटना।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री नारायण षिव-षक्ति मंदिर, ग्राम- न्यू ब्रह्मपुर, आदर्ष कॉलोनी, मार्ग संख्या- 04, रामकृष्ण नगर, पोस्ट- न्यू जगनपुरा, अंचलप्रखंड- संपतचक, अनुमंडल- सदर, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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19 मई 2023
सं0 563--श्री गोपालजी मंदिर, ग्राम- रानीगंज, पोस्टथाना- ईमामगंज, जिला-गया,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-2015/67 है। उक्त मंदिर में 02.57 एकड़ (04 बीघा 16 कट्ठा 06 धूर) भूमि है। इसकी पुर्व में प्रबंधन स्व॰ काली पाठक द्वारा की जाती थी। तत्पश्चात उनकी एक मात्र सुपुत्री जानकी देवी एवं उनके स्वर्गवास के पश्चात उनकी एकमात्र मालती देवी द्वारा की जाती रही। सभी पक्षों को सुनने के उपरांत दिनांक- 22/10/2021 को सुनवायी के उपरांत यह पाया गया कि जनसामान्य के चंदा आदि के माध्यम से हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमा का निर्माण और मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। परंतु इसी बीच मंदिर में विषेष जाति-संप्रदाय की प्रतिमा के कारण विवाद हुआ, जिस पर किसी जाति विषेष की प्रतिमा स्थापित किये जाने पर रोक लगायी गयी एवं दोनों पक्षों का मिलकर एक-दुसरे के सहयोग से कार्य करने तथा मंदिर के विकास की परामर्ष दी गयी। दोनों पक्षों का यह निर्देष दिया गया कि मिलकर ग्यारह व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव पर्षद को उपलब्ध करायें, ताकि एक न्यास समिति का गठन किया जा चके।
उपरोक्त परिस्थिति पर विचारोपरांत ग्रामीणों की एक बैठक दिनांक- 24/05/2022 में प्रस्तावित नामों में कुछ संषोधन के साथ एक योजना का निरूपण करते हुये इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन अस्थायी से एक वर्ष के लिए किया जाता है।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-17/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री गोपालजी मंदिर, ग्राम- रानीगंज, पोस्टथाना- ईमामगंज, जिला- गया के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री गोपालजी मंदिर न्यास योजना, ग्राम- रानीगंज, पोस्टथाना- ईमामगंज, जिला- गया'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री गोपालजी मंदिर न्यास समिति, ग्राम- रानीगंज, पोस्टथाना- ईमामगंज, जिला- गया'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।127 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री संतोष कुमार -अध्यक्ष 2. श्री रंजीत कुमार -उपाध्यक्ष 3. श्री मनोज कुमार पिता- लक्ष्मी प्रसाद (सेवायत परिवार) - सचिव 4. श्री मनोज कुमार तिवारी - उप-सचिव 5. श्री भूदेव कुमार सिंह - कोषाध्यक्ष 6. श्री परमानंद कुमार - सदस्य 7. श्री कमलु पासवान - सदस्य 8. श्री अषोक रजक - सदस्य 9. श्री अजय कुमार वर्मा - सदस्य 10. श्री राकेष कुमार - सदस्य 11. श्री पप्पु सिंह - सदस्य
सभी का पता-श्री गोपालजी मंदिर, ग्राम- रानीगंज, पोस्टथाना- ईमामगंज, जिला- गया।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री गोपालजी मंदिर, ग्राम- रानीगंज, पोस्टथाना- ईमामगंज, जिला- गया'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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24 मई 2023
सं0 609--बाबा बिटेष्वरनाथ मंदिर, (षिव मंदिर, बिहटा), बिहटा, जिला-पटना, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-290 है। पुर्व में मंदिर में 68.84 एकड़ भूमि थी। परंतु भू-हदबंदी कार्रवाई के उपरांत, मंदिर को एक युनिट कुल 18.64 एकड़ भूमि प्राप्त हुयी। इसमें से लगभग 01 बीघा भूमि पुर्व महंत द्वारा कन्या विद्यालय हेतु दान दी गयी थी। मंदिर में राग-भोग, पुजा-पाठ एवं व्यवस्था हेतु दिनांक- 12/01/2007 को ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया। न्यास समिति गठन के उपरांत, न्यास की वस्तुस्थिति, आय-व्यय, विकास आदि की जानकारी पर्षद को नहीं दी गयी। पर्षद द्वारा लगातार पत्राचार किया जाता रहा। न्यास समिति के कार्यकाल समाप्त होने के कारण अंचलाधिकारी से नये नामों की मांग दिनांक- 01/10/2016 को की गयी। इसी बीच न्यास समिति द्वारा मंदिर के संबंध मेें जीर्णोद्धार संबंधी कुछ फोटोग्राफ समर्पित करते128 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 हुये, आय-व्यय विवरणी एवं पर्षद शुल्क जमा किया गया। न्यास समिति के उपाध्यक्ष, श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिनांक- 09/01/2023 को दिया गया कि सचिव, प्रवीण कुमार का स्वर्गवास होने के पश्चात बैंक के खाता का संचालन अवरूद्ध है। श्री अजीत झा द्वारा दिनांक- 10/02/2023 को प्रार्थना-पत्र उपलब्ध कराया गया तथा ग्यारह व्यक्तियों के न्यास समिति गठन का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही बैठक दिनांक- 20/01/23 तथा दिनांक- 05/02/2023 की प्रति भी समर्पित की गयी। वर्ष 2011 से 2022-23 तक की आय-व्यय विवरणी, विकास कार्यों का फोटोग्राफ भी समर्पित किया गया।
उपरोक्त दस्तावेज से स्पष्ट होता है कि न्यास समिति, निष्ठा एवं लगन से कार्य कर रही है। स्थानीय लोगों की बैठक दिनांक- 05/02/2023 द्वारा दिये गये प्रस्तावित नाम, जिस पर किसी प्रकार की कोई आपत्ति, पर्षद को आजतक प्राप्त नहीं हुयी है।
तदनुसार मा॰ सदस्य द्वारा प्रस्तावित नाम पर विचारोपरांत एक योजना का निरूपण करते हुये उक्त मंदिर की व्यवस्था, संपत्ति के प्रबंधन, सुरक्षा-व्यवस्था आदि के अस्थायी रूप से न्यास समिति गठित की जाती है एवं चरित्र-सत्यापन प्राप्त होने तथा कार्य संतोषजनक पाये जाने पर आगे समय विस्तार किया जायेगा।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-13/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए बाबा बिटेष्वर नाथ मंदिर, (षिव मंदिर, बिहटा), बिहटा, जिला-पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''बाबा बिटेष्वर नाथ मंदिर, (षिव मंदिर, बिहटा) न्यास योजना, बिहटा, जिला- पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''बाबा बिटेष्वर नाथ मंदिर, (षिव मंदिर, बिहटा) न्यास समिति, बिहटा, जिला- पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाता का संचालन न्यास समिति के दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों129 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह, विषनपुरा, बिहटा, पटना - अध्यक्ष 2. श्रीमति डॉ॰ श्वेता विष्वास पति- मनोज कुमार (सदस्य, जिला परिषद्, पटना) - उपाध्यक्ष पता- ग्रामपोस्ट- मसौढ़ा, पालीगंज, जिला- पटना।
3. श्री रत्नेष कुमार, बिहटा, पटना -सचिव 4. श्री अजीत झा, बिहटा, पटना -कोषाध्यक्ष 5. श्री रणधीर कुमार, दिलावरपुर, पटना - सदस्य 6. श्री अरविन्द कुमार, बिहटा, पटना - सदस्य 7. श्री महेन्द्र सिंह, विषनपुरा, बिहटा, पटना - सदस्य 8. श्री सुरेष गुप्ता, बिहटा, पटना - सदस्य 9. श्री मिथिलेष यादव, अलहनपुरा, बिहटा, पटना - सदस्य 10. श्री राम प्यारे पासवान, बिहटा, पटना - सदस्य 11. श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह, बिहटा, पटना - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''बाबा बिटेष्वर नाथ मंदिर, (षिव मंदिर, बिहटा), बिहटा, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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16 मई 2023
सं0 517--श्री रामजी दास मामराज धर्मषाला,मोलदियार टोला, मोकामा, जिला- पटना,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-4673/22 है। उक्त धर्मषाला का निर्माण 90 वर्ष पुर्व स्व॰ सुन्दर लालजी ने अपनी पत्नी अन्नपूर्णा देवी के नाम से करवाया था, जो आज रामजी दास मामराज धर्मषाला के नाम से प्रसिद्ध है। धर्मषाला, आम जनता के विवाह-संस्कार एवं अन्य कार्यों में प्रयोग होता है तथा इसमें एक विद्यालय, आनन्द मार्ग प्राइमरी स्कूल के नाम से संचालित है। धर्मषाला, वार्ड नं॰- 11, पुराना- 06, हो॰ सं॰- 257 पर अवस्थित है।न्यास, खेसरा- 4079, 4080, कुल 20 डी॰ भूमि, बड़ी बाजार का निबंधन किया गया। निबंधन के पश्चात आम सभा की बैठक कर, न्यास समिति गठन हेतु प्रस्ताव, दिनांक- 05/01/2023 में दिया गया तथा प्रस्तावित नामों का चरित्र-सत्यापन, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से निर्गत चरित्र-सत्यापन का फोटोप्रति समर्पित की गयी।
उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरांत धर्मषाला की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-17/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुएश्री रामजी दास मामराज धर्मषाला, मोलदियार टोला, मोकामा, जिला- पटनाके सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री रामजी दास मामराज धर्मषाला न्यास योजना, मोलदियार टोला, मोकामा, जिला- पटना''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री रामजी दास मामराज धर्मषाला न्यास समिति, मोलदियार टोला, मोकामा, जिला- पटना''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।130 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़, जिला- पटना -पदेन अध्यक्ष 2. श्री प्रेम प्रकाष ''अधिवक्ता'' -सचिव पता-पिता- स्व॰ रामस्वरूप सिंह, मोलदियार, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
3. श्री भूपेन्द्र नारायण सिंह -कोषाध्यक्ष पता-पिता- स्व॰ रामेष्वर प्रसाद सिंह, मोलदियार, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
4. श्री पवन कुमार -सदस्य पता-पिता-स्व॰ सूर्यनारायण प्रसाद ठठेरा, सकरबार टोला, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
5. श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह - सदस्य पता- पिता-स्व॰ अम्बिका सिंह, सकरबार टोला, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
6. श्री अनिल प्रसाद सिंह - सदस्य पता-पिता- स्व॰ ब्रह्मदेव सिंह, मोलदियार, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
7. श्री अषोकर कुमार सिंह - सदस्य पता-पिता- स्व॰ कृष्णनंदन सिंह, मोलदियार, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
8. श्री अरूण सिंह - सदस्य पता- पिता- स्व॰ दामोदर सिंह,मोलदियार, पो॰था॰- मोकामा, पटना।
9. श्री आलोक कुमार सिंह, पता- मोलदियार, पो॰था॰- मोकामा, पटना। - सदस्य131 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री रामजी दास मामराज धर्मषाला, मोलदियार टोला, मोकामा, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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24 मई 2023
सं0 613--श्री दढ़ियल बाबा की ठाकुरबाड़ी (श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी), पुरानी गोदाम, जिला-गया,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-637 है।
उक्त ठाकुरबाड़ी के प्रबंधन हेतु 07 सदस्यीय समिति का गठन दिनांक- 19/08/1948 को किया गया था। उक्त ट्रस्ट वसीका की कंडिका- 4 में उल्लेख था कि बाबा संत दास आजीवन महंत रहेंगे और उसके उपरांत उनके चेला श्री राम चरण दास महंत होंगे। आगे यह भी उल्लेख था कि यदि कोई ट्रस्टी, जिसका स्वर्गवास हो जाय या निष्क्रिय हो, तो उनके स्थान पर दुसरे ट्रस्टी का चयन, शेष बचे ट्रस्टी द्वारा बहुमत से किया जायेगा। उनके अनुसार वर्ष 1990 में उपरोक्त ट्रस्ट डीड के आलोक में 07 सदस्यीय न्यास समिति, महंत श्री रामचरण दास, श्री पुरन चंद, श्री माणिकचंद खंडेलवाल, श्री सज्जन सुल्तानियां, श्री षिव नारायण मिश्र, श्री बद्री दास डालमिया एवं श्री प्रभू दयाल सुल्तानियां थे। कालांतर में उपरोक्त 07 सदस्यों में से 06 सदस्यों का स्वर्गवास हो गया, परंतु उनके द्वारा ट्रस्ट डीड की शर्त्तों के अनुसार, न तो अन्य सदस्यों की नियुक्ति की गयी और न हीं कोई न्यास न्यासधारी नियुक्त किया गया।
वर्त्तमान मेें श्री सज्जन सुल्तानियां, अकेले उक्त मठ का प्रबंधन कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर की व्यवस्था एवं विभिन्न वादों के निष्पादन हेतु न्यास समिति गठित की जाय, क्योंकि वे स्वयं भी काफी वृद्ध हो गये हैं तथा अकेले मंदिर की भूमि की सुरक्षा, राग-भोग, अन्य क्रिया-कलाप उनसे संभव नहीं हो पा रहा है। उनके द्वारा 07 सदस्यीय न्यास समिति गठित किये जाने का प्रस्ताव दिया गया। सभी सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति भी संलग्न है। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कोई आपत्ति या कोई अन्य नाम पर्षद को प्राप्त नहीं हुआ है।
उपरोक्त परिस्थिति पर विचारोपरांत श्री सज्जन कुमार सुल्तानिया द्वारा प्रस्तावित नामों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए गठित की जाती है और कार्य संतोषजनक तथा थाना से चरित्र-सत्यापन होने के उपरांत नियमित किये जाने पर विचार किया जायेगा।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-21/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री दढ़ियल बाबा की ठाकुरबाड़ी (श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी), पुरानी गोदाम, जिला-गया के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री दढ़ियल बाबा की ठाकुरबाड़ी (श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी) न्यास योजना, पुरानी गोदाम, जिला- गया'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री दढ़ियल बाबा की ठाकुरबाड़ी (श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी) न्यास समिति, पुरानी गोदाम, जिला- गया''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन, दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।132 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री सज्जन कुमार सुल्तानिया पिता- स्व॰ दुर्गादत्त सुल्तानिया - अध्यक्ष पता- के॰पी॰ रोड, पुरानी गोदाम, हरि हलवाई के सामने, गया- 823001, मो॰- 938681115 2. श्री विपिन कुमार केजरीवाल पिता- श्री ओमप्रकाष केजरीवाल - सचिव पता- 4/ए/12/923, टेकारी रोड, गोसाईं बाग, गया- 823001, मो॰- 9431271061
3. श्री श्याम सुन्दर पोद्दार पिता- श्री जयकिषन पोद्दार - कोषाध्यक्ष पता- निकट अतिथि होटल गली, गुरूद्वारा रोड, आर॰एस॰- गया- 823001, मो॰-9431264501 4. श्री रोहित कुमार सरावगी पिता- श्री राजेन्द्र प्रसाद सरावगी - सदस्य पता-12, के॰पी॰ रोड, बैंक रोड, धामी टोला, पी॰एन॰बी॰ बैंक, गया-823001, मो॰-9334150773 5. श्री दीपक कुमार पिता- श्री प्रभाव कुमार सिंघानिया - सदस्य पता- के॰पी॰ रोड, पुरानी गोदाम, जिला- गया- 823001, मो॰- 9134020711
6. श्री प्रदीप कुमार धानुक पिता- श्री श्याम लाल धानुक - सदस्य पता- मिडल स्कूल, पुरानी गोदाम गया- 823001, मो॰- 9994238751
7. श्री गोपाल शर्मा पिता- स्व॰ राधेष्याम शर्मा - सदस्य पता- गया कॉलेज, रामपुर, जिला- गया- 823001, मो॰- 9934019595
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री दढ़ियल बाबा की ठाकुरबाड़ी (श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी), पुरानी गोदाम, जिला-गया'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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12 जून 2023
सं0 788--श्री राम जानकी बड़ा गादी ठाकुरबाड़ी,औंटा, मोकामा, जिला-पटना,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-4 है।133 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 उक्त ठाकुरबाड़ी की व्यवस्था हेतु वर्ष 1987 में प्रस्ताव के अनुसार 09 सदस्यीय न्यास समिति को मान्यता दी गयी थी। पुर्व में मंदिर के अधीन 59.95 एकड़ भूमि थी, जो भू-हदबंदी में सरकार द्वारा अधिग्रहण की गयी। लगभग 25 बीघा भूमि अधिग्रहण के पश्चात, मंदिर की व्यवस्था एवं राग-भोग, पूजा-पाठ हेतु शेष बची। पुर्व में ठाकुरबाड़ी का प्रबंधन, श्री चंद्रकला दास चेला स्व॰ रूक्मणी दास द्वारा की जाती रही। उनके द्वारा निबंधित विलेख दिनांक- 20/04/1987 द्वारा 09 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था, जिसमें कई शर्त्तें थी। वर्ष 1987 की समिति के अधिकांष सदस्यों का निधन हो चुका है। मात्र श्री सतीष सिंह एवं श्री वाल्मीकि सिंह जीवित हैं।
विलेख के शर्त्त के अनुसार अध्यक्ष, सचिव, सदस्य के स्वर्गवास होने के उपरांत उस स्थान को भरने का प्रावधान किया गया है, परंतु उसकी किसी प्रकार की सूचना पर्षद को नहीं दी गयी। अधिनियम की धारा- 59, 60 एवं 70 का भी नियमित रूप से पालन नहीं किया गया। श्री वाल्मीकि प्रसाद ने आवेदन देकर सूचित किया कि लगभग 35 लाख रूपया व्यय करके मंदिर का जीर्णोद्धार, मार्बल युक्त फर्ष, गे्रनाईट का द्वार, मंदिर के प्रांगण में टाइल्स आदि, पुजारी तथा अन्य साधुओं के निवास हेतु कई कक्षों का निर्माण किया गया है। विकास किये गये कार्यों की फोटोप्रति भी समर्पित की गयी। फोटोग्राफ से स्पष्ट होता है कि मंदिर में संतोषजनक निर्माण किया गया है। मंदिर में साफ-सफाई भी है। एक पुस्तकालय का भी संचालन किया जाता है। ग्रामीणों द्वारा एक आम सभा दिनांक- 03/01/2022 को आहुत कर नामों का चयन कर न्यास समिति गठन हेतु प्रस्ताव दिया गया है।
उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरांत अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए मंदिर के कुषल संचालन हेतु एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया जाता है। अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-13/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी बड़ा गादी ठाकुरबाड़ी, औंटा, मोकामा, जिला-पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी बड़ा गादी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, औंटा, मोकामा, जिला- पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी बड़ा गादी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, औंटा, मोकामा, जिला- पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाता का संचालन न्यास समिति के दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।134 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री राम प्रभात सिंह पिता- स्व॰ राजेन्द्र प्रसाद सिंह, औंटा, मोकामा, पटना - अध्यक्ष 2. श्री वाल्मीकि प्रसाद सिंह पिता- स्व॰ राधेष्याम सिंह, औंटा, मोकामा, पटना -सचिव 3. श्री सुबोध कुमार पिता- स्व॰ सोने लाल सिंह, औंटा, मोकामा, पटना -कोषाध्यक्ष 4. श्री रमेष चंद्र सिन्हा पिता- स्व॰ षिवनंदन प्रसाद सिंह, औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य 5. श्री वीरेन्द्र कुमार (पुर्व विधायक, वि॰वि॰स॰), औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य 6. श्री प्रभाकर सिंह पिता- स्व॰ चाणक्य सिंह, औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य 7. श्री सुबोध कुमार पिता- स्व॰ रामाश्रय सिंह (मुखिया), औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य 8. श्री संजय कुमार पिता- स्व॰ सारंगधर सिन्हा, औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य 9. श्री अंगेस कुमार अभियंता पिता- स्व॰ शेषेष्वर सिंह, औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य 10. श्री कृष्णनंदन शर्मा पिता-स्व॰ सच्चिदानंद शर्मा, औंटा हिसातर, मोकामा, पटना - सदस्य
(मो॰- 9508698063)
11. श्री प्रभात कुमार (अधिवक्ता) पिता- स्व॰ लक्ष्मी साव, औंटा, मोकामा, पटना - सदस्य
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री राम जानकी बड़ा गादी ठाकुरबाड़ी, औंटा, मोकामा, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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3 जून 2023
सं0 727--सूर्य मंदिर एवं सूर्य पोखर मानपुर, जिला- गया, पर्षद के अन्र्तगत निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4565 है। इस न्यास में लगभग 11 ए0 33 डी0 जमीन है। उक्त मंदिर तथा मंदिर की व्यवस्था, प्रबंधन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी से न्यास समिति गठित किए जाने हेतु नामों की मांग की गई, परन्तु प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। इस बीच ग्रामीणों द्वारा एक आम सभा कर 11 व्यक्तियों के नाम का प्रस्ताव पर्षद में कुछ जनप्रतिनिधियों के अनुषंसा के साथ उपलब्ध कराया गया, जिस पर पुनः अनुमंडल पदाधिकारी से मंतव्य की मांग की गई तदोपरान्त अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा पत्रांक- 1593, दिनांक- 28/10/2022 के द्वारा प्राप्त सूची में कुछ नाम को जोड़ते हुए अपना प्रस्ताव दिनांक- 14/11/2022 को उपलब्ध कराया।आम सभा द्वारा प्राप्त प्रस्ताव का चरित्र सत्यापन हेतु भी संबंधित थाने को पत्र भेजा गया, परन्तु चरित्र सत्यापन अप्राप्त है, अतः मामले को अत ज्यादा लंबित रखना उचित नहीं पाते हुए आम सभा व अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्राप्त नामों पर विचारोपरान्त एक योजना का निरूपण करते हुए निम्न न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए करने का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक- 24/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए''सूर्य मंदिर एवं सूर्य पोखर मानपुर, जिला- गया''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''सूर्य मंदिर एवं सूर्य पोखर न्यास योजना, मानपुर, जिला- गया''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''सूर्य मंदिर एवं सूर्य पोखर न्यास समिति, मानपुर, जिला- गया''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।135 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. बैंक खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव/कोषाध्यक्ष में से कोषाध्यक्ष को अनिवार्य रूप से रखते हुए अध्यक्ष एवं सचिव में से किसी एक के द्वारा सयुंक्त हस्ताक्षर से संचालित किया जाएगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 01. अनुमंडल पदाधिकारी, गया - पदेन अध्यक्ष 02. श्री इन्द्र देव विद्रोही, (पूर्व पार्षद), पिता- स्व0 रामषरण महतो, मानपुर, गया -कार्यकारी अध्यक्ष (मो॰- 9508927083) 03. श्री कृष्ण मांझी, पिता- श्री रामअवतार मांझी, मानपुर, गया - उपाध्यक्ष 04. श्री मुन्ना कुमार, पिता-चिंतामणी प्रसाद, मानपुर, पटवा टोली, गया (9801917200) -उपाध्यक्ष 05. श्री अवध बिहारी कुमार, सुरहरी भदेजा, मानपुर, गया (मो॰-9097389311) -सचिव 06. श्री राकेष कुमार पांडे पिता- स्व॰ रामनारायण पांडे (मो॰- 9852857027) -कोषाध्यक्ष 07. श्री मनोज कुमार (पार्षद) पिता- स्व॰ महेन्द्र साव, सुढ़ी टोला, गया (मो॰- 9430034759) -सदस्य 08. श्री धर्मेन्द्र कुमार, उप प्रमुख, मानपुर, गया (मो॰- 9708228124) -सदस्य 09. श्री वीरेन्द्र कुमार, लखीबाग, मानपुर, गया (मो॰- 9955080924) - सदस्य 10. श्री प्रकाष राम, पिता- स्व0 चमारी राम (मो॰- 9852200244) - सदस्य 11. एस॰डी॰पी॰ओ॰, मानपुर, गया - सदस्य136 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''सूर्य मंदिर एवं सूर्य पोखर मानपुर, जिला- गया'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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7 अप्रील 2022
सं0 69--श्री राम जानकी ठाकुरबाडी, शेरपर बरबीघा, जिला-शेखपुरा एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में पर्षद से निबंधित न्यास है जिसकी निबंधन सं0-2214 है। इस न्यास की व्यवस्था हेतु 9 सदस्यीय न्यास समिति का गठन वर्ष 2003 में दिनांक-16/08/2003 को किया गया था। वर्ष 2012 तक समिति ठीक-ठाक काम करती रही और उस समय आय-व्यय विवरणी संबंधी रजीस्टर दाखिल करते हुए यह कथन किया गया कि 1,00,000 रू० मंदिर के नाम से संचालित बैंक के (खाता सं0-15424, पंजाब नेशलन बैंक) में जमा था. इसी बीच तत्कालिन न्यास समिति के सचिव श्री नवल किसोर सिंह द्वारा पासबुक वगैरह अपने कब्जे में लेकर सभी प्रकार के बंदोबस्ती आदि स्वयं अकेले करने लगे और उससे वसूली भी नकद रूप में प्राप्त करने लगे और उसे समिति के समक्ष कभी नहीं रखा गया। इस संबंध में शिकायत-पत्र भी पर्षद में दाखिल किया था, वर्तमान में पूर्व न्यास समिति के 3 सदस्य क्रमशः श्री विनय कुमार, श्रीमती निर्मला देवी, एवं चमरू पासवान जो सचिव के साथ सहयोग करते थे उनलोगों ने न्यास समिति से इस्तिफा दे दिया है तथा सचिव नवल किशोर सिंह का भी स्वर्गवास वर्ष 2020 में हो चुका है तथा एक अन्य सदस्य श्री अजय कुमार सिंह का भी स्वर्गवास हो गया है। संचिका पर तत्कालिन सचिव द्वारा दाखिल आय-व्यय विवरणी पूर्ण रूप से अस्पष्ट है। आय की स्पष्ट राशि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जो स्पष्ट करता है कि मंदिर की भूमि तथा मंदिर से होनेवाली आय का दुरूपयोग किया गया परन्तु चूंकि तत्कालिन सचिव का स्वर्गवास हो चुका है। इसलिए कोई कार्रवाई उनके विरूद्ध किया जाना सही नहीं है। उपरोक्त स्थिति स्पष्ट करती है कि उक्त न्यास समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है और कार्य समिति भी अल्पमत में है चूंकि 9 में से 3 सदस्य त्याग-पत्र दे चुके हैं. और 2 सदस्यों का स्वर्गवास हो चुका है और न्यास समिति बनाये जाने हेतु पर्षद के पत्र के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अपने पत्रांक 689, दिनांक 12/08/2021 द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भेजा गया है और उक्त प्रस्तावित नामों का चरित्र सत्यापन भी संबंधित थाने से दिनांक 29/01/2022 को प्राप्त हो चुका है, परन्तु सूची से स्पष्ट होता है। कि कुछ सदस्य सगे भाई हैं जो श्री महेश्वर सिंह के पुत्र हैं एवं रामानुग्रह सिंह के पुत्र है और एक ही परिवार के 2 सदस्यों को समिति में रखा जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। अतः मंदिर संचालन हेतु एक समिति का गठन करते हुये योजना का निरूपण किया जाता है।
योजना
1. श्री राम जानकी ठाकुरबाडी, ग्राम-शेरपर, बरबीघा, जिला-शेखपुरा न्यास में निहित सम्पतियों के बेहतर प्रबंधन के लिए निरूपित योजना का नाम श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, शेरपर, बरबीघा होगा और इसके कार्यान्वयन के लिए गठित न्यास समिति का नाम श्री राम जानकी ठाकुर बाड़ी न्यास समिति, शेरपर, बरबीघा होगा, जिसमें ठाकुरबाड़ी न्यास की समग्र चल-अचल सम्पतियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा। इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य होगा कि श्री राम जानकी का पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव-समैया आदि समुचित ढंग से सम्पादित करेंगें।
2. न्यास की आय - व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्शिता रखना न्यास समिति की असली परख होगी। 3. मन्दिर से प्राप्त होनेवाली समग्र राशि का लेखा संघारण किया जायेगा। न्यास समिति किसी राष्ट्रीय—त बैंक में खाता खोलकर न्यास की आय संधारित करेगी। न्यास के खाते का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या उपाध्यक्ष दोनों में से कोई एक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। कोषाध्यक्ष न्यास के आय व्यय के लेखा के संधारण के लिए उत्तरदायी होगें।
4. न्यास समिति न्यास की हस्तांतरित/अवक्रमित भूमि यदि कोई हो तो उसकी वापसी के लिए सही नियमानुकूल कार्रवाई करेगी।
5. न्यास समिति, अधिनियम एवं उपविधि मेंवर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास की आय-व्यय की विवरणी बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्रवृत, न्यास शुल्क सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से या अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक साल में कम से कम 4 बार अवश्य होगी। बैठक का कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति के कोई सदस्य अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो उनके सदस्य रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।
8. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संशोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।137 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 9. न्यास समिति का कोई सदस्य यदि अपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे या न्यास के प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभ उठाते पाये जायेंगे तो उनकी सदस्यता समाप्त हो जायेगी।
9. मंदिर में आने वाले भक्तों का विशेष कर महिला भक्तों की सुविधा का ख्याल समिति द्वारा रखा जायेगा। 10. न्यास समिति को न्यास की भूमि भू-सम्पतियों के किसी भी प्रकार के अन्तरण का अधिकार नहीं होगा। उक्त योजना को मुर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित न्यास समिति 05 वर्ष के लिए कार्यरत होगी-
1. अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा अध्यक्ष 2. श्री रामाशीष सिंह पिता स्व०उपेन्द्र सिंह उपाध्यक्ष 3. श्री धर्मेन्द्र कुमार पिता स्व० रामानुग्रह सिंह सचिव 4. श्री अजय कुमार सिंह, पिता श्री महेश्वर सिंह कोषाध्यक्ष 5. श्री सुनिल कुमार सिंह, पिता-श्री गणेश सिंह सदस्य 6. श्रीमती शोभा देवी, पति-श्री शिबु रविदास सदस्य 7. श्री चंद्रभानु शर्मा, पिता-श्री अर्जुन शर्मा सदस्य सभी का पता ग्राम- शेरपर, बरबीघा, जिला- शेखपुरा। समिति को निर्देश दिया जाता है कि मंदिर के नाम से जो पुराना खाता था उसको शीघ्र चालू करें और खाते से किसी प्रकार की निकासी कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या उपाध्यक्ष दोनों में से कोई एक के संयुक्त हस्ताक्षर से ही ंकिया जायेगा। उपरोक्त संस्था में गांव नारायणपुर मौजा में 6.73 डी० जमीन है और शेरपुर में 87 डिसमिल जमीन है। उपरोक्त सभी भूमि की बंदोबस्ती करने का एकमात्र अधिकार न्यास समिति को होगा और उक्त बंदोबस्ती अधिक से अधिक 2 वर्ष के लिए की जा सकती है। बंदोबस्ती की राशि सचिव या कोषाध्यक्ष को देकर रसीद प्राप्त की जायेगी और मंदिर के नाम बैंक के खाते मे ंपैसा जमा करेंगे। मंदिर से संबंधित यदि कोई दावा न्यायालय में दाखिल करना है या चल रहा है तो समिति आपस में बैठक कर निर्णय लेगी की समिति की तरफ से उस मुकदमें में कौन सदस्य उपस्थित होंगे और वही समिति की तरफ से वकालतनामा दाखिल कर मुकदमें आदि की पैरवी करेंगे तथा समिति को मंदिर की भूमि के संबंध में किसी प्रकार का विक्रय करने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक की पर्षद से कोई अनुमति प्राप्त न कर ली जाए।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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18 मार्च 2023
सं0 4335--परमहंस लक्ष्मीनारायण मंदिर (सेवा न्यास), ग्रामपोस्टथाना- वनगाँव, जिला-सहरसा, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4114/11है।
परमहंस लक्ष्मी नारायण मन्दिर, वनगाँव की स्थापना गोस्वामी लक्ष्मीनाथ परमहंसजी द्वारा की गयी थी। उक्त मन्दिर की व्यवस्था हेतु दिनांक- 16/05/2010 को एक न्यास समिति का गठन किया गया, जिसका नाम परमहंस लक्ष्मी गोसाई सेवा न्यास रखा गया। लिखित दस्तावेज द्वारा न्यास पत्र तैयार किया गया। ग्रामीणों द्वारा उक्त मन्दिर की सूचना पर्षद को दी गयी, जिसको सार्वजनिक धार्मिक न्यास पाते हुए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित किया गया, जिसकी निबंधन संख्या- 4114/11 है। उक्त मन्दिर की व्यवस्था हेतु दिनांक- 21/07/2011 को ग्रामीणों के प्रस्ताव पर 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया, परन्तु तत्कालीन अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के भ्रमण के क्रम में गठित न्यास समिति के विरूद्ध ग्रामीणों में काफी रोष पाया गया, जिसपर सभी पक्षों को सुनकर उनकी उपस्थिति में पर्षदीय आदेष दिनांक- 07/02/2012 द्वारा उक्त न्यास समिति से संबंधित अधिसूचना को निरस्त किया गया। तदोपरांत श्री अरविन्द झा को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया और पुनः नये सिरे से न्यास समिति गठन किये जाने का निर्देष दिया गया है, परन्तु विषम परिस्थितिवष कोई आदेष नहीं पारित हो सका और न अस्थायी न्यासधारी द्वारा कोई पत्राचार किया गया।
दिनांक- 16/11/2021 को श्री अरविन्द खां द्वारा अपने प्रार्थना-पत्र के साथ दिनांक- 18/09/2021 को आयोजित आमसभा में उपस्थित ग्रामीणों तथा उक्त बैठक में लिये गये प्रस्ताव जिसमें 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव न्यास समिति गठन किये जाने हेतु भेजा गया है। उक्त नामों को चरित्र-सत्यापन हेतु संबंधित थाना को दिनांक- 24/12/2021, दिनांक- 23/12/2021, दिनांक- 04/04/2022 एवं दिनांक- 15/06/2022 को पत्र व स्मार-पत्र भेजा गया। उक्त पत्र के आलोक में थानाध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित नामों का चरित्र-सत्यापन दिनांक- 16/01/2023 को भेजा गया। उक्त प्रतिवेदन में 06 व्यक्ति क्रमषः श्री कुमोद चौधरी, श्री शम्भू नाथ मिश्र, श्री मोहन जी खां, श्री अरविन्द खां, श्री अष्विनी कुमार झा, एवं श्री हिरेन्द्र कुमार झा को सही पाया तथा उनके विरूद्ध कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं पायी गयी।
साथ ही श्री भोलानाथ खां की अध्यक्षता में दिनांक- 07/05/2022 को बैठक आहुत की गयी। उक्त बैठक में प्रस्तावित 12 नामों पर स्वमेव चरित्र-सत्यापन कराके, प्रस्तावित नामोंका चरित्र-सत्यापन प्रतिवेदन भेज गया। पूर्व में जो अरविन्द खां की अध्यक्षता में बैठक की गयी, उनके द्वारा पर्षद में उपस्थित होकर दिनांक-13/02/2023 को आम-सभा की बैठक दिनांक-07/05/2022 को स्वयं-भू न्यास समिति तथा आमंत्रित सदस्यों की बैठक संबंधी प्रस्ताव की प्रति, मौजा-वनगाँव के खतियान की फोटोप्रति, जिसमें खाता संख्या-1406 के 10 खेसरा, जो गैरमजरूआ और अंतिम कॉलम में138 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 बकब्जे श्री लक्ष्मी नारायण ठाकुर जी बेलगान के साथ दिनांक-26/02/1895 को निरषुल झा द्वारा 07 क0 03 धुर भूमि का खेसरा संख्या-9506, 9508, श्री जागेष्वर प्रसाद झा के पक्ष में विक्रयनामा की प्रति समर्पित की गयी और निवेदन किया गया कि प्रस्तावित नामों की न्यास समिति गठित की जाए, जिससे मन्दिर की सुव्यवस्था एवंसंपत्ति की देख-रेख, पूजा-पाठ नियमित रूप से हो सके।
उपरोक्त प्रस्ताव पर किसी व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार की आपत्ति पर्षद में प्राप्त नहीं है। चूंकि विगत 10 वर्षों में किसी न्यास समिति का गठन नहीं होने के कारण मन्दिर के संबंध में कोई जानकारी पर्षद को नहीं प्राप्त हो रही थी तथा मन्दिर से प्राप्त होने वाली राषि और मन्दिर में क्या विकास आदि का कार्य किया गया है, इस कारण पर्षद के निरीक्षक द्वारा दिनांक-17/02/2011 को निरीक्षण किया गया था, जिसमें यह पाया गया था कि मन्दिर के बाहर एक बड़ा गेट है, इसमें सभी दानदाता के नाम का उल्लेख है और बहुत सी दुकान है। मन्दिर लगभग 51 फीट ऊँचा तथा 100x100 वर्गफीट में विस्तृत है। मन्दिर का कार्य पुरा हो चुका है और नक्कासी का कार्य बाकी है। पूरब की तरफ बाबा की कुटी, संस्कृत उच्च विद्यालय, फुस की कुटियानुमा सिमेन्टेड कुटिया है तथा एक सांस्कृतिक मंचनुमा कक्ष निर्मित है। एक ओर संग्रहालय और दुसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। मन्दिर को चंदा, पोखर में मछली पालन का ठेका, हाट-बाजार, तथा कैम्पस में स्थित दुकान किराया आदि से लगभग 05 लाख से अधिक की आय होती है।
उपरोक्त सभी परिस्थितियों पर विचारोपरान्त मन्दिर की सुरक्षा, व्यवस्था हेतु एक योजना को निरूपण करते हुए अस्थायी रूप से प्रस्तावित नामों की न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया जाता है।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-14/02/2023 के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए परमहंस लक्ष्मीनारायण मंदिर सेवा न्यास, ग्रामपोस्टथाना- वनगाँव, जिला-सहरसा की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''परमहंस लक्ष्मीनारायण मंदिर सेवा न्यास योजना, ग्रामपोस्टथाना- वनगाँव, जिला- सहरसा'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''परमहंस लक्ष्मीनारायण मंदिर सेवा न्यास समिति, ग्रामपोस्टथाना- वनगाँव, जिला-सहरसा'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिरकी गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की सरकारी कार्यों में व्यस्तता होने पर उपाध्यक्ष बैठक आहुत करेंगे तथा बैठक की अध्यक्षता करने का अधिकार होगा, परंतु शर्त्त यह होगी कि उसके पुर्व अध्यक्ष को बैठक की सूचना एवं बैठक में लिये जाने वाले निर्णयों की सूचना समय-समय पर लिखित रूप से अवष्य दी जायेगी।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।139 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है।न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की एक न्यास समिति अस्थायी रूप सेगठित की जाती है। कार्य संतोषजनक पाये जाने पर नियमित किया जायेगाः-
1. जिला पदाधिकारी, सहरसा - अध्यक्ष 2. श्री भोलानाथ खाँ पिता- स्व॰ सत्यनारायण खाँ - उपाध्यक्ष 3. श्री मोहन जी खाँ पिता- श्री उदय शंकर खाँ - उपाध्यक्ष 4. प्रो0 कुमोद चौधरी पिता- स्व॰ रामचन्द्र चौधरी - सचिव 5. श्री हिरेन्द्र कुमार झा उर्फ मून्ना जी पिता- स्व॰ ललितेष्वर झा - कोषाध्यक्ष 6. श्री अष्विनी कुमार झा पिता- स्व॰ गौरीषंकर झा - सदस्य 7. श्री अरविन्द खाँ पिता- श्री अनिरूद्ध खाँ - सदस्य 8. श्री शम्भूनाथ मिश्र पिता- स्व॰ जीवनाथ मिश्र - सदस्य 9. श्री जवाहर मिश्र पिता- स्व॰ लाल बहादुर मिश्र - सदस्य 10. श्री रूपेष कुमार झा पिता- श्री शंभूनाथ झा - सदस्य 11. श्री लक्ष्मण खाँ पिता- स्व॰ घनानन्द खाँ - सदस्य
सभी का पता-ग्रामपोस्टथाना- वनगाँव, जिला- सहरसा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''परमहंस लक्ष्मीनारायण मंदिर सेवा न्यास, ग्रामपोस्टथाना- वनगाँव, जिला- सहरसा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन / विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य,अप्रभावी वो क्षेत्राधिकार से बाहर होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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21 फरवरी 2023
सं0 3989--श्री षिव-षक्ति मंदिर,ग्राम-चिल्कीपुर, पोस्ट-फरीद, थाना-रहुई, जिला-नालंदा,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं॰-4635/22 है।
उक्त मंदिर का जीर्णोद्धार वहां के स्थानीय लोगों द्वारा आपसी सहयोग, चंदा आदि की राषि से प्रारंभ किया गया, जो पुर्ण हो चुका है। मंदिर में प्रतिमा भी स्थापित की जा चुकी है। स्थानीय जनता द्वारा 11 व्यक्तियों की न्यास समिति गठित किये जाने हेतु प्रस्ताव दिनांक- 26/03/2022 को पर्षद में समर्पित किया गया। उक्त प्रस्तावित नामों की सूची अनुमंडल पदाधिकारी को पर्षदीय पत्रांक- 1385, दिनांक- 19/07/2022 द्वारा प्रेषित करते हुये, उनसे मंतव्य की मांग की गयी, परंतु कोई प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। पुनः स्मार-पत्र दिनांक- 22/11/2022 द्वारा प्रेषित किया गया, परंतु उसका प्रतिउत्तर भी अप्राप्त है।
प्रस्तावित नामों का चरित्र-सत्यापन संबंधित थाना से करवाया गया, जिसके आलोक में थानाध्यक्ष का प्रतिवेदन दिनांक- 17/10/2022, दिनांक- 14/12/2022 एवं दिनांक- 16/12/2022 द्वारा पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित नमों में से किसी के प्रति कोई षिकायत नहीं है तथा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भी प्रस्तावित नामों के संबंध में किसी प्रकार की कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गयी है।
उपरोक्त परिस्थिति पर विचार करते हुये उक्त मंदिर में राग-भोग एवं पुजा-पाठ आदि की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु प्रस्तावित नामों की न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-17/01/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री षिव-षक्ति मंदिर, ग्राम-चिल्कीपुर, पोस्ट-फरीद, थाना-रहुई,140 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 जिला-नालंदा की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री षिव-षक्ति मंदिर न्यास योजना, ग्राम- चिल्कीपुर, पोस्ट- फरीद, थाना- रहुई, जिला-नालंदा'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री षिव-षक्ति मंदिर न्यास समिति, ग्राम- चिल्कीपुर, पोस्ट- फरीद, थाना- रहुई, जिला-नालंदा'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन तीन सदस्यों (अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा, जिसमें एक सदस्य के रूप में कोषाध्यक्ष रहेगें तथा अध्यक्ष या सचिव में से कोई एक सदस्य के संयुक्त हस्ताक्षर से किसी भी राषि की निकाषी की जा सकेगी।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिरकी गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण प्रतिवर्ष करेगी।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी। 12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में अध्यक्ष के सभी दायित्व का निर्वहन उपाध्यक्ष सम्पादित करेंगे।
14. न्यास में अवस्थित सभी दुकानों, किरायेदारों तथा शाखा मठ, विद्यालय का किराया/आय की संग्रह का दायित्व सचिव एवं सह-सचिवों का होगा। ये न्यास की आय को संकलन कर कोषाध्यक्ष को हस्तगत करायेगें तथा कोषाध्यक्ष उपरोक्त राषि को न्यास के खाते में जमा करेगें। इस कार्य में पुरी पारदर्षिता स्थापित की जायेगी। 15. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
16. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- श्री संजीव कुमार सिंह पिता- स्व॰ महेष्वर सिंह- संरक्षक 1. श्री अषोक कुमार पिता- स्व॰ कृष्णा प्रसाद- अध्यक्ष 2. श्री कुमार मंगलम पिता- श्री योगेन्द्र सिंह- उपाध्यक्ष 3. श्रीमति अर्चना सिंह पति- श्री संजीव कुमार सिंह- सचिव 4. श्री अरूण कुमार पिता- बिलट राय- कोषाध्यक्ष 5. श्री कौषलेन्द्र कुमार सिंह पिता-श्री देवेन्द्र नाथ सिंह- सदस्य 6. श्री सुधीर कुमार पिता-श्री श्रद्धा सिंह- सदस्य 7. श्री जैकी कुमार पिता- श्री संतोष कुमार सिंह- सदस्य 8. श्री सुषांत कुमार सिंह पिता-श्री नवीन कुमार सिंह- सदस्य 9. श्री प्रह्लाद कुमार पिता-श्री मसुदन पासवान- सदस्य 10. श्री रंजन बिंद पिता- श्री जगलाल बिंद- सदस्य141 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 उपरोक्त सभी का पता-ग्राम- चिल्कीपुर, पोस्ट- फरीद, थाना- रहुई, जिला-नालंदा।
उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री षिव-षक्ति मंदिर, ग्राम- चिल्कीपुर, पोस्ट- फरीद, थाना- रहुई, जिला-नालंदा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन / विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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7 जून 2023
सं0 757--श्री ठाकुर जी लक्ष्मीनारायण मंदिर (अतिमीगंज मंदिर), अतिमिगंज, जिला- रोहतास,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-1249/63 है।
पूर्व में उक्त मंदिर की देख-भाल न्यासधारी गोविन्द दास द्वारा की जाती थी, जिनका स्वर्गवास वर्ष 1989 में हो गया था। तदोपरान्त अंचलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी बनाया गया। उक्त मंदिर में 12 ए0 भूमि है। तदोपरान्त उक्त मंदिर की देख-भाल कर रहे साधू श्री कुरेषचार्य को दिनांक- 24/05/1990 को अस्थायी न्यासधारी बनाया गया, परन्तु आदेष का पालन नहीं करने के कारण उन्हें भी वर्ष 1994 में अपसारित करते हुए पुनः अंचलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी बनाया गया है और इस दौरान कुरेषाचार्य मंदिर में ही रह कर अपना जीवन-यापन करते थे। दिनांक 01/03/2016 को पर्षद में उपस्थित होकर कुरेषाचार्य द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि वर्ष 2003 से मंदिर को छोड़कर तीर्थाटन पर गये थे। 12 वर्ष पश्चात् लौटने पर उन्हें जानकारी प्राप्त हुई कि मंदिर के खाता संख्या- 196, प्लॉट संख्या- 1873 की भूमि अधिग्रहण की गयी है, जिसका मुआवजा राषि लगभग 71 लाख है, एक षडयंत्र के तहत प्राप्त करने का प्रयास एक फर्जी व्यक्ति ''रामेष्वराचार्य'' द्वारा किया जा रहा है। उक्त सूचना पर पत्रांक- 644, दिनांक- 07/11/2017 द्वारा भू-अर्जन पदाधिकारी को मुआवजा भुगतान पर रोक लगाया गया और उसकी सूचना उन्हें दी गयी तथा उक्त फर्जी व्यक्ति रामेष्वराचार्य के विरूद्ध लिखित षिकायत की गयी कि वह अपराधिक व्यक्ति है, वह दिनारा थाना काण्ड संख्या-49/2001 में हत्या का अभियुक्त भी है और उक्त व्यक्ति के द्वारा राजस्व कार्यालय से षडयंत्र के तहत भूमि को अपने नाम सेवायत के रूप में इन्द्राज करा लिया गया है। जबकि उक्त रामेष्वराचार्य को कभी भी पर्षद द्वारा साधू/महंत/न्यासधारी या किसी पद के लिए कोई मान्यता नहीं दी गयी है। न उनके द्वारा पर्षद में आजतक कोई कागजात पर्षद में अपने महंती के संबंध में दाखिल किया गया। पर्षद के रोक के बावजूद भी वह राषि भू-अर्जन कार्यालय के षडयंत्र के तहत कन्सोलिटेड बाउचर के माध्यम से भुगतान कर दिया गया है। नियमानुसार उक्त भुगतान बैंक खाता में भी नहीं किया गया है और न पर्षद को इसकी कोई जानकारी दी गयी। पर्षद के पत्र द्वारा उक्त फर्जी रामेष्वराचार्य को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर भुगतान प्राप्त करने के अधिकार के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की गयी। परन्तु यह कभी पर्षद में उपस्थित नहीं हुए और फर्जी निकासी के संबंध में पर्षद के आदेष दिनांक- 20/06/2022 द्वारा गृह विभाग, बिहार सरकार को एवं प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, बिहार सरकार को भेजी गयी, परन्तु खेद की बात है कि किसी अधिकार के पास कोई रिपोर्ट या कार्रवाई के संबंध में कोई सूचना पर्षद को नहीं दी गयी।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक- 25/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात्, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में एवं जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है , का प्रयोग करते हुए ''श्री ठाकुर जी लक्ष्मीनारायण मंदिर (अतिमीगंज मंदिर), अतिमीगंज, जिला- रोहतास''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री ठाकुर जी लक्ष्मीनारायण मंदिर (अतिमीगंज मंदिर) न्यास योजना, अतिमीगंज, जिला- रोहतास''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ठाकुर जी लक्ष्मीनारायण मंदिर (अतिमीगंज मंदिर) न्यास समिति, अतिमीगंज, जिला- रोहतास'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।142 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 12. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष, आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचलाधिकारी, नासरीगंज -पदेन अध्यक्ष। 2. श्री प्रयाग राम, पिता- स्व0 छठु राम -कार्य वाहक अध्यक्ष। 3. श्री त्रिलोकी नाथ तिवारी, पिता- स्व0 वषिष्ठ तिवारी -उपाध्यक्ष। 4. श्री रंजीत कुमार सिंह, पिता- स्व0 हरिहर सिंह -सचिव। 5. श्री अवधेष साह, पिता- स्व0 जदु साह -कोषाध्यक्ष। 6. श्री सुरेष विष्वकर्मा, पिता- स्व0 राम एकबाल विष्वकर्मा -सदस्य। 7. श्री अनिल राम, पिता- श्री मुन्द्रिका राम -सदस्य। 8. श्रीमति रेणू देवी, पिता- स्व0 जानकी सिंह -सदस्य। 9. श्री बैजनाथ चौधरी, पिता- स्व0 फेंका चौधरी -सदस्य। 10. श्री काषी चन्द्रवंषी, पिता- श्री कामेष्वर राम -सदस्य। 11. थानाध्यक्ष, नासरीगंज़ -सदस्य। सभी का पता-ग्राम- अतिमीगंज, पो0- महादेवा, थाना- नासरीगंज, जिला- रोहतास।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री ठाकुर जी लक्ष्मीनारायण मंदिर (अतिमीगंज मंदिर) न्यास योजना, अतिमीगंज, जिला-रोहतास'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगातथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।143 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023
7 जून 2023
सं0 759--श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी, ग्राम- सेनारी, पो0- खटाँगी, जिला- अरवल, जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4577/21है।
उक्त मंदिर में 09 दान-पत्र के माध्यम से तथा कुछ क्रय दस्तावेज के आधार पर 03 ए0 से अधिक भूमि मंदिर के नाम से है। साथ ही 15 धुर जमीन मौजा- उपाहरा, जिला- औरंगाबाद, जो अरवल की सीमा पर है, जिसका थाना- संख्या- 243, तौजी नं0- 2741, खाता संख्या- 54, प्लॉट संख्या- 238 एवं जिला- अयोध्या (फैजाबाद) उत्तर प्रदेष में थाना नं0- 243, नजुल- 506, मि0-5-18-8 के चेक नं0-03 कुल एरिया-1233 वर्गफीट पर दो मंजिला मकान, जो वर्तमान मठ का ही भाग है। उक्त मंंदिर का संचालन पूर्व तत्कालीन महंत द्वारा दिनांक- 13/01/1995 को गठित न्यास समिति द्वारा की जाती रही है, परन्तु वर्तमान में न्यास समिति के 04 सदस्यों का स्वर्गवास हो चुका है और दो सदस्य काफी वृद्ध और शारीरिक रूप से असक्षम हो गये है। उक्त न्यास समिति के एक मात्र सदस्य के रूप में रमेष शर्मा जी हैं, जो आज पर्षद के समक्ष उपस्थित है। न्यास समिति बनाये जाने हेतु अंचलाधिकारी से नामों की मांग की गयी थी, परन्तु अंचलाधिकारी के द्वारा किसी प्रकार का प्रस्ताव नहीं दिया गया। इस बीच ग्रामीणों द्वारा पूर्व में की गयी आम सभा दिनांक- 26/03/2017 एवं दिनांक-09/06/2019 को की गयी। दिनांक-09/06/2019 को 09 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव न्यास समिति गठन किये जाने हेतु दिया गया। जो पर्षद में दिनांक- 07/10/2020 को प्राप्त कराया गया है और उक्त प्रस्तावित समिति के बारे में किसी प्रकार की कोई आपत्ति किसी स्थानीय नागरिक द्वारा नहीं दाखिल की गयी है। पूर्व न्यास समिति के एक मात्र सदस्य रमेष शर्मा का भी मंतव्य है कि प्रस्तावित न्यास समिति में से ही न्यास समिति का गठन किया जाय।
उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर विचारोपरान्त अंचलाधिकारी द्वारा प्रस्ताव नहीं भेजे जोने के कारण आमसभा द्वारा प्रस्तावित नामों की ही न्यास समिति गठन किये जाने का एक मात्र आधार है।
उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण करते हुए इसके कार्यान्वयन हेतुएक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से किया जाता है। चरित्र सत्यापन प्राप्त होने पर व कार्य संतोषजनक पाये जाने पर विचार किया जायेगा।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक- 27/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में एवं जो बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी, ग्राम- सेनारी, पो0- खटाँगी, जिला- अरवल'', के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्राम- सेनारी, पो0- खटाँगी, जिला- अरवल'',होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्राम- सेनारी, पो0- खटाँगी, जिला- अरवल'', होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।144 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 12. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष, आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री रमेष शर्मा, पिता- स्व0 सकलदेव सिंह अध्यक्ष 2. श्री राधेमोहन शर्मा, पिता- स्व0 रामरतन शर्मा उपाध्यक्ष 3. श्री पंकज कुमार वत्स, पिता- स्व0 ललन शर्मा सचिव 4. श्री अंजनी कुमार, पिता- स्व0 रत्नेष्वर शर्मा कोषाध्यक्ष 5. श्री विनोद कुमार, पिता- स्व0 दीनानाथ सिंह सदस्य 6. श्री योगेष शर्मा, पिता- स्व0 ईष्वरी प्र0 सिंह सदस्य 7. श्री अकलु राम, पिता- स्व0 घोंच राम सदस्य 8. श्री कारू यादव, पिता- स्व0 चन्द्रदेव यादव सदस्य 9. थानाध्यक्ष, सेनारी सदस्य
सभी का पता-ग्राम- सेनारी, पो0- खटाँगी, जिला- अरवल।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी, ग्राम- सेनारी, पो0- खटाँगी, जिला-अरवल'',के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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12 जून 2023
सं0 783--श्री राम लला ठाकुरबाड़ी, कोनी कुटी, जिला-अरवल,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-1332 है।
उक्त मंदिर से निबंधित समर्पणनामा, दिनांक- 22/02/1899 द्वारा 84.68 एकड़ भूमि श्री हीरा सिंह द्वारा दान की गयी थी। उक्त मंदिर पर्षद में वर्ष 1967 से निबंधित है। दानदाता के वंषजों द्वारा अवैध रूप से बहुत-सी भूमि का स्थानान्तरण कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अवैध विक्रय को निरस्त करने हेतु स्वत्व वाद सं॰- 14/95 एवं 31/95 समर्पित किया गया, जिसमें दिनांक- 24/04/2022 को डिक्री हुआ तथा कोनी कुटी के खाता- 77, 70, 94, 177, 211 के विभिन्न खेसरा की 12.5 एकड़ भूमि से संबंधित विक्रय-पत्र निरस्त किया गया और यह भूमि मंदिर की संपत्ति घोषित की गयी।
पर्षद में दानदाता परिवार के डॉ॰ हेमंत कुमार द्वारा दिनांक- 10/04/2022 एवं दिनांक- 17/04/2022 को प्रार्थना-पत्र समर्पित किया कि न्यास समिति का गठन किया जाय। प्रार्थी द्वारा प्रार्थना किया गया कि वे स्वयं भी राषि व्यय कर, मंदिर के जीर्णोद्धार करने के इच्छुक हैं, परंतु स्थानीय ग्रामीणों की आपत्ति डॉ॰ हेमेंत कुमार द्वारा उपरोक्त स्वत्व वाद में निर्णय के विरूद्ध अपील वाद में पैरवी की जाती है। इस संबंध में प्रार्थी से स्पष्टीकरण की मांग भी की गयी थी, किंतु उनके द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं समर्पित किया गया है।145 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 ग्रामीणों द्वारा समर्पित खतियान के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि खाता- 3 एवं 61 में 12 एकड़ भूमि खाता संख्या- 70 में 17, 18 एकड़, खाता- 94 में 46त्र9 एकड़, कुल- 84.68 एकड़ भूमि ठाकुरबाड़ी के नाम का इन्द्राज है। इस संबंध में अंचलाधिकारी द्वारा दिनांक- 31/08/1995 को प्रतिवेदन समर्पित किया गया। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि लगभग 26.18 एकड़ भूमि पर 29 व्यक्तियों के नाम डिमान्ड खोल दिया गया है तथा खाता- 3 की 80 डी॰ भूमि पर Duplicate खतियान के आधार पर डिमांड खोला गया है।
पर्षदीय आदेष दिनांक- 18/01/2023 द्वारा उपरोक्त भूमि पर यथास्थिति बनाये रखने अर्थात उक्त भूमि के क्रय-विक्रय, स्थायी, अस्थायी निर्माण पर रोक लगायी गयी है। ग्रामीणों द्वारा जमाबंदी वाद संख्या- 75/ए॰सी॰/2022, 125 व्यक्तियों के विरूद्ध लाया गया है तथा प्रथम अपील वाद सं॰- 06/2021 भी लाया गया। उनका कहना है कि शीघ्र न्यास समिति का गठन किया जाय, ताकि न्यास समिति उपरोक्त दोनों विचाराधीन वादों में समुचित रूप से पैरवी कर मंदिर की भूमि को सुरक्षित कर सके।
उपरोक्त संदर्भ में ग्रामीणों द्वारा दिनांक- 14/02/2023 को आम बैठक आहुत कर 10 नामों का चयन तथा बैठक की फोटो समर्पित की गयी हैं।
उपरोक्त परिस्थिति में मंदिर की भूमि से संबंधित वादों में पैरवी करने, स्वत्व वाद द्वारा 12.5 एकड़ भूमि की सुरक्षा तथा बंदोवस्ती तथा मंदिर के नियमित राग-भोग, पूजा-पाठ हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
तदनुसार मा॰ सदस्य द्वारा प्रस्तावित नाम पर विचारोपरांत एक योजना का निरूपण करते हुये उक्त मंदिर की व्यवस्था, संपत्ति के प्रबंधन, सुरक्षा-व्यवस्था आदि के अस्थायी रूप से न्यास समिति गठित की जाती है एवं चरित्र-सत्यापन प्राप्त होने तथा कार्य संतोषजनक पाये जाने पर आगे समय विस्तार किया जायेगा।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-13/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री राम लला ठाकुरबाड़ी, कोनी कुटी, जिला- अरवल के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री राम लला ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, कोनी कुटी, जिला- अरवल''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री राम लला ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, कोनी कुटी, जिला- अरवल''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाता का संचालन न्यास समिति के दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दान-दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।146 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
17. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचलाधिकारी, कलेर, जिला- अरवल -पदेन अध्यक्ष 2. श्री हरेराम विद्यार्थी पिता-स्व॰ अर्जुन राम -सचिव 3. श्री राम ईष्वर सिंह पिता- स्व॰ रामदेनी यादव -कोषाध्यक्ष 4. श्री कृष्णा रजवार पिता- स्व॰ भीखर रजवार -सदस्य 5. श्री लाल मोहन यादव पिता- स्व॰ गोवर्द्धन यादव - सदस्य 6. श्री लछुमण यादव पिता- स्व॰ रामप्रवेष यादव - सदस्य 7. श्री नंदकिषोर यादव पिता- स्व॰ सीताराम यादव - सदस्य 8. श्री भोला रजवार पिता- स्व॰ राम राज रजवार - सदस्य 9. श्री राकेष ठाकुर पिता- श्री राजेन्द्र ठाकुर - सदस्य 10. श्री सुरेष साव पिता- स्व॰ रगुन साव - सदस्य सभी का पता-श्री राम लला ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, कोनी कुटी, जिला- अरवल। न्यास समिति को यह भी निर्देष दिया जाता है कि आपस में बैठक कर 02 व्यक्तियों का चुनाव कर मंदिर की भूमि से संबंधित वाद में नियमित रूप से पैरवी करेंगे तथा आवष्यकतानुसार संबंधित अधिकारी और न्यायालय में प्रार्थना-पत्र तथा स्वत्व वाद में पारित निर्णय दिनांक- 14/04/2012 के आलोक में जो भूमि का विक्रय-पत्र निरस्त करते हुये मंदिर की घोषित की गयी है, उसकी बंदोवस्ती न्यास समिति करेगी एवं उसमें अवरोध करने का किसी भी व्यक्ति को कोई अधिकार नहीं होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री राम लला ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, कोनी कुटी, जिला- अरवल''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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3 अप्रील 2023
सं0 34--श्री दुर्गा मंदिर, कुरहा, जिला- बेगुसराय, पर्षद से निबंधित न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3271 है। इस सार्वजनिक मंदिर के संचालन, व्यवस्था, रागभोग, पूजा-पाठ, व मंदिर की भूमि पर स्थित दुकान आदि के संबंध में व्यवस्था हेतु एक न्यास समिति का गठन वर्ष 2005 में किया गया था। उक्त समिति में से 04 सदस्य निस्क्रीय हो गये है, अतः नयी न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक है, इस संबंध में कार्यरत न्यास समिति के द्वारा 12 व्यक्तियों के नामो का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे अंचल अधिकारी द्वारा भी अपने पत्र पत्रांक- 1015, दिनांक- 07.12.2021 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को तथा अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्र 16.12.2021 द्वारा पर्षद को उपलब्ध कराया। इस बीच ग्रामीणों द्वारा पूर्व न्यास समिति के अनेक तरह के आरोप लगाये जा रहे थे, इनका मुख्य आरोप था कि मंदिर की आय पूर्व रूप से छुपाया जा रहा है। इनके द्वारा भी एक आम सभा करके 11 व्यक्तियों की नयी न्यास समिति का प्रस्ताव पर्षद को दिनांक 23.11.2022 को दाखिल किया गया। पूर्व न्यास समिति द्वारा अपने कार्यकाल में किये गये कार्यो की सूची पर्षद में दिनांक 27.12.2021 को दाखिल की गयी तथा कुछ फोटोग्राफ भी दाखिल किये गये थें। फोटोग्राफ से मंदिर की स्थिति काफी स्वच्छ और अच्छी प्रतीत होती है तथा दुकान आदि का निर्माण भी किया गया है, कुछ और अन्य छोटे-मोटे कार्य किये गये है, इसका कोई विवरण नहीं दिया गया है। न्यास समिति के कार्य में पारदर्षिता नहीं है, फिर भी चूंकि न्यास समिति ने अपने प्रयास से मंदिर को एक विषाल147 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 स्वच्छ रूप दिया है, अतः पूर्व न्यास समिति के कुछ सदस्यों को तथा ग्रामीणों द्वारा प्रस्तावित कुछ नामों को मिला कर उक्त मंदिर की व्यवस्था एवं संचालन हेतु एक योजना का निरूपण करते हुए निम्न न्यास समिति का गठन अस्थायी रूपसे 01 वर्ष के लिए किया जाता है और संतोषजनक पाये जाने पर कार्यकाल आगे विस्तार किये जाने पर विचार किया जायेगा । मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री दुर्गा मंदिर, कुरहा, जिला- बेगुसराय,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री दुर्गा मंदिर, कुरहा, जिला- बेगुसराय,''योजनाहोगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का ''श्री दुर्गा मंदिर, कुरहा, जिला- बेगुसराय,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति, न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग,साधु सत्संग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों
के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा। 5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति कर सकेंगे एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और दान, पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए प्रत्येक वर्ष न्यास की बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे (अध्यक्ष की अनुपतिस्थति में उपाध्यक्ष करेंगे) और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री मोहन यादव, पिता- आनंदी यादव - अध्यक्ष। 2. श्री उपेन्द्र प्र0 यादव, पिता- स्व0 रामखेलावन यादव - उपाध्यक्ष।148 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 3. श्री कुषो तांती, पिता- राम तांती - सचिव।
4. श्री मनीष कुमार, पिता- संजय कुमार - कोषाध्यक्ष। 5. श्री जवाहर लाल ठाकुर, पिता- कलेष्वर ठाकुर - सदस्य। 6. श्री ऋषिदेव यादव, पिता- रामेष्वर यादव - सदस्य। 7. श्री रामाषीष पोद्दार, पिता- महेन्द्र पोद्दार - सदस्य। 8. श्री मुकेष कुमार, पिता- उदय शंकर प्रसाद - सदस्य। 9. श्री राकेष कुमार, पिता- स्व0 ब्रहमदेव यादव - सदस्य। 10. श्री नंदकिषोर साह, पिता- बहादुर साह - सदस्य। 11. थानाध्यक्ष, साहपुर कमाल - सदस्य। सभी का पता- ग्राम- कुरहा, पो0- साहेबपुर कमाल, थाना- साहेबपुर कमाल, जिला- बेगुसराय, पिन- 851217 पूर्व न्यास समिति के अध्यक्ष, श्री उपेन्द्र प्र0 यादव के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी से रिपोर्ट की मांग की गयी है कि क्या उनके द्वारा निर्मित मकान मंदिर की भूमि पर है या कहीं अन्य है, उसकी स्थल जाँच कर रिपोर्ट समर्पित करें और यदि रिपोर्ट में यह पाया जाता है कि उनके द्वारा भी मंदिर की भूमि पर निर्माण किया गया है तो फिर शीघ्र बिना किसी और नोटिस के न्यास समिति से उनको हटा दिया जायेगा। मनीष कुमार काउन्टर केष जो प्रथम सूचना रिपोर्ट जो दर्ज करायी है उसकी प्रति दाखिल करें तदोपरान्त उस पर निर्णय लिया जायेगा।
न्यास समिति किसी भी व्यक्ति को मंदिर से संबंधित भूमि, दुकान किराये आदि पर देते है तो उसकी सूचना शीघ्र पर्षद को दे, चूंकि पूर्व न्यास समिति के द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया है, जिसके कारण उन पर कोई गंभीर आरोप आर्थिक मामले के संबंध में लगाया गया है।
न्यास समिति को ही मठ की सम्पूर्ण भूमि को बंदोबस्ती करने का अधिकार रहेगा तथा जो अतिक्रमण में भूमि है उसको मुक्त कराने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों और न्यायालयों में प्रार्थना-पत्र और मुकदमा दाखिल करने के लिए अधिकृत किया जाता हैं।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मठ/मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा। शेष सदस्यों का चरित्र सत्यापन प्राप्त होने पर एवं न्यास समिति का कार्य संतोषजनक पाये जाने पर आगे विचार किया जायेगा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि '' श्री दुर्गा मंदिर, कुरहा, जिला- बेगुसराय,''के नाम से ही रहेगा, इसमें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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6 अप्रील 2023
सं0 65--श्री गिद्धेष्वरनाथ मंदिर, खैरा, जिला- जमुइर्, जो पर्षद में वर्ष 1985 से सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में निबंधित है, जिसकी निबंधन सं0- 2806 है। उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। पूर्व न्यास समिति का गठन दिनांक- 21.09.2016 को किया गया था। समिति के कार्यरत रहने के दौरान कोषाध्यक्ष द्वारा त्याग-पत्र दे दिया गया था तथा सचिव का स्वर्गवास हो गया था। न्यास समिति के अध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अपने पत्र दिनांक- 02.10. 2019 के माध्यम से 03 व्यक्तियों को समिति में रखे जाने हेतु प्रस्ताव दिया था, जिसे पर्षद द्वारा अपने आदेष दिनांक- 04. 08.2020 द्वारा अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी थी। उक्त न्यास समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा न्यास समिति गठन किये जाने हेतु पुनः 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया, जिसमेें अध्यक्ष के रूप में जिला पदाधिकारी, जमुई को रखा गया है, परन्तु चूंकि जिला पदाधिकारी के पास प्रषासनिक व अन्य बहुत से कार्य होते है, जिस कारण वह पर्याप्त रूप से समय मंदिर में नहीं दे पाते है। इसलिए अनुमंडल पदाधिकारी को अध्यक्ष के रूप में मान्यता देते हुए पर्षद के आदेष दिनांक 24.02.2023 के आलोक में निम्न न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से किया जाता है, तथा एक योजना का निरूपण किया जाता है।
मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री गिद्धेष्वरनाथ मंदिर, खैरा, जिला- जमुई,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री गिद्धेष्वरनाथ मंदिर, खैरा, जिला- जमुई,''योजनाहोगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास149 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 समिति का ''श्री गिद्धेष्वरनाथ मंदिर, खैरा, जिला- जमुई,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति, न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग,साधु सत्संग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसी में) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति कर सकेंगे एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और दान, पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए प्रत्येक वर्ष न्यास की बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे (अध्यक्ष की अनुपतिस्थति में उपाध्यक्ष करेंगे) और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, जमुई - अध्यक्ष। 2. अंचलाधिकारी, जमुई - उपाध्यक्ष। 3. श्री श्री वीरो यादव, पिता- स्व0 खुषी यादव - सचिव।
पता- ग्रामपो0- बड़ीबाग।
4. श्री श्री महादेव सिंह, पिता- स्व0 मथुरा सिंह, - कोषध्यक्ष।
पता-ग्रामपो0- केवाला फारियता।
5. श्री रमेष साह, पिता- स्व0 बेचन साह - सदस्य
पता-ग्राम- पकरी, पो0- भौड़।
6. श्री दयानंद पाण्डेय, पिता- श्री नथुनी पाण्डेय - सदस्य।
पता- ग्राम- फतेहपुर, पो0-बड़ीबाग।
7. श्री गिरधारी यादव, पिता- स्व0 पारो यादव - सदस्य।
पता- ग्राम-मेडियातरी, पो0- चन्द्रषैली।
8. श्री शंकर पासवान, पिता- स्व. केषो पासवान, - सदस्य।
पता-ग्राम- मीमाईन, पो0- चन्द्रषैली।150 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 9. श्री आसीस तांती, पिता- स्व0 सरयुग तांती, - सदस्य।
पता- ग्राम- हरणी, पो0-खेलारी।
10. श्री रंजीत श्रीवास्तव, पिता- सत्यप्रकाष ना0 सिंह - सदस्य।
पता- ग्रामपो0-चन्द्रषैली।
11. श्री पंकज सिंह, पिता- स्व0 योगेन्द्र सिंह, - सदस्य।
पता- ग्रामपो0- बड़ाबाँध।
सभी का जिला- जमुई। न्यास समिति को ही मठ की सम्पूर्ण भूमि को बंदोबस्ती करने का अधिकार रहेगा तथा जो अतिक्रमण में भूमि है उसको मुक्त कराने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों और न्यायालयों में प्रार्थना-पत्र और मुकदमा दाखिल करने के लिए अधिकृत किया जाता हैं।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मठ/मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा। शेष सदस्यों का चरित्र सत्यापन प्राप्त होने पर एवं न्यास समिति का कार्य संतोषजनक पाये जाने पर आगे विचार किया जायेगा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि '' जमुई जिलान्तर्गत श्री गिद्धेष्वरनाथ मंदिर, खैरा, जिला-जमुई,''के नाम से ही रहेगा, इसमें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 282--प्राचीन शंकर जी मंदिर, भांगर, सिसवन, जिला-सिवान,पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4676 है।
इस न्यास से संबंधित संचिका पर्षद में वर्ष 1987 के पूर्व से विचाराधीन है। पर्षद को सूचना प्राप्त हुई थी कि श्री कृष्ण भारती द्वारा मठ की सम्पति को बेचा जा रहा है, अतः इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग उनसे वर्ष 1987 में की गयी थी, परन्तु न तो वह उपस्थित हुए और न हीं उनके द्वारा कोई स्पष्टीकरण दाखिल किया गया और बार-बार स्मार-पत्र दिये जाने के पष्चात भी वह उपस्थित नहीं हुए। संचिका से स्पष्ट होता है कि उक्त मंदिर में लगभग 133 बीघा जमीन थी। वर्ष 1972 में तत्कालिन महंत द्वारा जो आय-व्यय विवरणी दी गयी थी उसमें उल्लेख किया गया था कि लगभग 88 बीघा जमीन दियारा में है, परन्तु मठ से संबंधित किसी व्यक्ति के उपस्थित नहीं होने के कारण व कार्यालय की लापरवाही से संचिका वर्ष 2006 के बाद कभी उपस्थापित नहीं की गयी। दिनांक 15/07/2021 को उक्त मंदिर की व्यवस्था के संबंध में श्री भीमल यादव व लगभग 400 व्यक्तियों के हस्ताक्षर से एक प्रार्थना-पत्र दिया गया, जिसमें उल्लेख किया है कि सर्वे 1917 के अनुसार उक्त मठ की देखभाल पूर्व में महंत रामचंद्र भारती करते थें और उनके अति वृद्ध हो जाने पर उनके षिष्य रामदयाल भारती बने जो बाल-ब्रह्मचारी थें, और उनके स्वर्गवास के पष्चात उनके षिष्य जीतन भारती बने और वह भी बाल-ब्रह्मचारी थें, जो स्पष्ट करता है कि मंदिर में बाल-ब्रह्मचारी की परम्परा से महंत बनते थें। समय-समय पर मंदिर मरम्मत, यज्ञ आदि का आयोजन किया जाता रहा, जिसमें जनता भी बड़ी संख्या में भाग लेती रही है। जीतन भारती अपने शिष्य के यहां चम्पारण गये और वहीं उनका स्वर्गवास हो गया। ग्रामीणों द्वारा वहां से उनके शव को सिवान लाया गया और वहीं उनका अंतिम संस्कार ग्रामीणों द्वारा किया गया। इसी बीच कृष्णकांत भारती जो नाबालिक 13-14 वर्ष की उम्र के थें भिक्षाटन करते हुए गांव में आये, अतः ग्रामीणों द्वारा उन्हें मंदिर में पूजा-पाठ के लिए रखा गया और मंदिर की भूमि को ग्रामीणों द्वारा जोत-बो कर मंदिर का खर्च आदि चलाया जाता रहा। कुद वर्षों के बाद उक्त कृष्णकांत भारती ने अवैध रूप से राशि लेकर के मंदिर की भूमि पर कब्जा कराना प्रारंभ कर दिया और गांव से एक लड़की को लेकर के भाग गयें और वर्तमान में उन्हें 04 पुत्र और 01 पुत्री है। ग्रामीणों के प्रार्थना-पत्र पर अंचल अधिकारी से भी मंदिर की व्यवस्था के संबंध में रिपोर्ट की मांग की गयी। जिसमें अंचल अधिकारी के द्वारा अपने रिपोर्ट पत्रांक 276 दिनांक 14/03/2022 द्वारा यह उल्लेख किया कि खतियान में थाना सं0-507, खाता सं0-1222 तथा खाता सं0-171, 172 की कुल 08 बीघा 12 कट्ठा 18 धुर एवं 04 बीघा 08 कट्ठा 15 धुर भूमि वर्तमान महंत/न्यासधारी रामचंद्र भारती चेला राम दयाल भारती के नाम इन्द्राज है। आगे उल्लेख किया है कि उक्त भूमि में से लगभग 09 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से कुछ व्यक्तियों द्वारा कब्जा करा लिया गया है। जबकि ग्रामीणों के द्वारा खतियान की प्रति दाखिल की गयी है, जिससे स्पष्ट होता है कि थाना सं0-507 के खाता सं0-1222 पर शंकर जी ब्रह्मस्थान महंत रामचंद्र भारती कुल 15 खेसरा में कुल 18 बीघा 10 कट्ठा 10 धुर खाता सं0-170, जिसमें मालिक का नाम महाराज गुरू महादेव तथा असामी के कॉलम में रामकिशुन पांडे, खेसरा सं0-15, 16 का 01 बीघा 18 कट्ठा 04 धुर तथा खाता सं0-171, खेसरा सं0-33 एवं 33/3010 कुल 08 बीघा 12 कट्ठा 18 धुर महंत रामचंद्र भारती चेला रामदयाल भारती खाता सं0-172 में 06 खेसरा की कुल 04 बीघा 08 कट्ठा 15 धुर में रामचंद्र भारती एवं उसी थाना नं0 507 में खाता सं0-960 के 05 खेसरा में कुल 03 बीघा 01 कट्ठ 11 धुर की भूमि रामचंद्र भारती चेला रामदयाल भारती एवं खाता151 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 सं0-1154, खेसरा सं0-100 कुल 0.0.11 कट्ठा एवं खाता सं0-1199 के दो खेसरा 35 एवं 33/3046 कुल एरिया 0.9.8 कट्ठा महंत रामचंद्र भारती चेला-रामदयाल भारती के नाम से इन्द्राज है, जो स्पष्ट करता है कि अंचल अधिकारी के द्वारा अपनी रिपोर्ट में खाता सं0-1199, 1154, 960 का कोई उल्लेख नहीं किया गया है और यह भी एक स्वीकृत तथ्य है कि उक्त रामचंद्र भारती का स्वर्गवास लगभग 80 वर्ष पूर्व हो चुका है और किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा उक्त भूमि पर अपना कोई दावा भी नहीं किया गया है और वर्षों पूर्व जिस व्यक्ति का स्वर्गवास हो चुका है, उसके नाम को खतियान में इन्द्राज रखना उचित नहीं है और यह भी स्वीकृत तथ्य है कि उक्त रामचंद्र भारती उपरोक्त प्राचीन शंकरजी धाखड़ मठ के न्यासधारी/महंत थें, जैसा कि खाता सं0-1222 का इन्द्राज हीं स्पष्ट करता है । पिछले लगभग 40 वर्षों से उक्त मंदिर की भूमि और उससे होने वाली आय का बंदरबांट न्यासधारी द्वारा या ग्रामीण द्वारा किया जाता रहा है। उपरोक्त परिस्थितियों में ग्रामिणों द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 22.02.2023 को मंदिर के सम्पूर्ण विकास, भूमि की सुरक्षा हेतु अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। चरित्र सत्यापन प्राप्त होने तथा कार्य संतोषजनक पाये जाने पर समिति का आगे समय विस्तार भी किया जा सकता है।
अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''प्राचीन शंकर जी मंदिर, भांगर, सिसवन, जिला-सिवान,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''प्राचीन शंकर जी मंदिर, भांगर, सिसवन, जिला-सिवान,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''प्राचीन शंकर जी मंदिर, भांगर, सिसवन, जिला-सिवान,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने152 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचल अधिकारी- सिसवन, सीवान - अध्यक्ष 2. श्री भीमल यादव, पिता-स्व0 रामसकल यादव कार्यवाहक अध्यक्ष 3. श्री ललन यादव, पिता-बांके यादव उपाध्यक्ष 4. श्री बच्चा लाल सेठ, पिता-शिवनन्दन सेठ कोषाध्यक्ष 5. श्री राजदेव यादव, पिता-स्व0 गोपीचन्द यादव सचिव 6. श्री उमेश भगत, पिता-स्व0 रामदेव भगत सदस्य 7. श्री बलिराम महतो, पिता-स्व0 बकसर महतो सदस्य 8. श्री जगलाल शर्मा, पिता'-स्व0 गणेश शर्मा सदस्य 9. श्री हरिशंकर प्रसाद, पिता-स्व0 मनन प्रसाद सदस्य 10. श्री उदय शंकर राम, पिता-स्व0 चन्द्रमा राम सदस्य 11. श्री राम ईश्वर सिंह, पिता-स्व0 सत्यनारायण सिंह सदस्य
सभी का पता- ग्रामपो0- भांगर, थाना- सिसवन, जिला-सीवान। न्यास समिति को निर्देश दिया जाता है कि शीघ्र प्रकाशन के उपरान्त मंदिर के नाम से बैंक खाता खोला जाए और जिसका संचालन सचिव और कोषाध्यक्ष के माध्यम से संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा और मंदिर की सभी भूमि की बंदोबस्ती खुले डाक द्वारा की जायेगी, जो व्यक्ति पहले से मंदिर की भूमि की बंदोबस्ती करते हैं, अगर बाजार मूल्य पर बंदोबस्ती करने के लिए तैयार हैं तो उन्हें प्राथमिकता दी जाए। यह भी निर्देश दिया जाता है कि मंदिर की किसी भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया है, उस संबंध में विस्तृत सूचना दें, जिससे कि उनके खिलाफ कार्यवाई की जा सके।
अध्यक्ष, अंचल अधिकारी सरकारी कर्मी है, अतः उनकी अनुपस्थिति में बैठक आदि का आयोजन करने का अधिकार उपाध्यक्ष को रहेगा, परन्तु शर्त यह रहेगी कि बैठक की पूर्व सूचना अंचल अधिकारी, अध्यक्ष को अवश्य दे देंगें तथा बैठक के उपरान्त जो प्रस्ताव पर निर्णय लिया जायेगा, उसकी भी प्रति अंचल अधिकारी को अवश्य उपलब्ध करा देंगे।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''प्राचीन शंकर जी मंदिर, भांगर, सिसवन, जिला-सिवान,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 265--श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, अभयपुर, जिला- लखीसराय, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2880 है।
उक्त मठ में निबंधित समर्पणनामा के आलोक में कुल 79 बी0 13 क0 10 धुर जमीन है, जो मौजा राजपुरा, मौजा-कुमरपुर वर्त्तमान जिला-मूंगेर, मौजा-खुदीवन, कस्बा, लोसघानी टाल, चौकरा जिला-लखीसराय में है। उपरोक्त सभी मौजा दोनों जिला के बाउण्ड्री पर स्थित है। उक्त मन्दिर और मन्दिर के संबंध में भूमि का दान वर्ष 1925 में काली सिंह, कुलदीप सिंह और पोखन सिंह द्वारा किया गया था। जिसमें काली सिंह दानकर्त्ता मन्दिर और भूमि का प्रबंधन आदि का कार्य करते थे। काली सिंह के स्वर्गवास के पष्चात् रामस्वरूप सिंह जो उनके परिवार से आते थे, उनके द्वारा मन्दिर का प्रबंधन और देख-भाल किया जाता था। तदोपरान्त रासबिहारी सिंह, धरनीधर सिंह द्वारा उक्त कार्य राग-भोग आदि किया जाता था। पर्षद द्वारा धरनीधर सिंह को निबंधन के समय न्यासधारी/सेवायत के रूप में मान्यता दी गयी थी। इस संबंध में अंचलाधिकारी द्वारा अपने पत्रांक-3924 दिनांक-02.12.1988 द्वारा ठाकुरबाड़ी की जमीन के संबंध में अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसमें उल्लेख किया था कि ठाकुरबाड़ी के नाम से जमाबन्दी 75 चलता है। जिसमें मौजा कसबा में थाना नं0-63 खाता नं0-23 कुल 10 खेसरा में कुल मिलाकर 10 बी0 01 क0 10 धुर जमीन है तथा मौजा-चौकरा, लोसघानी टाल में थाना नं0-75 खाता नं0-275, 236 की 05 खेसरा में कुल 22 बी0 08 क0 जमीन है तथा धरनीधर सिंह द्वारा पर्षद में दिनांक-04.02.1989 को एक प्रार्थना-पत्र दिया गया था कि मौजा राजपुर में 33 बी0 04 क0 भूमि ठाकुरबाड़ी की है, परन्तु उसपर अवैध लोगों का कब्जा है। जिस संबंध में स्वत्व वाद 39/1968 विचाराधीन है। मौजा कुमरपुर की भूमि पहाड़ से घिरी153 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 हुई है, जिसमें रैयत वस गया है। उपजाऊ भूमि के रूप में 01 बी0 10 क0 भूमि है। प्रियवत्त सिंह द्वारा पत्र दिनांक-02.09. 1992 द्वारा पर्षद को यह जानकारी दी गयी थी कि इनके पिता धरनीधर सिंह का स्वर्गवास दिनांक-23.11.1991 को हो गया है। पर्षद द्वारा उक्त प्रियवत्त सिंह को पत्र लिखकर मन्दिर और मन्दिर की भूमि की व्यवस्था धरनीधर सिंह के बार किस व्यक्ति द्वारा की जा रही है, इस बात की सूचना मांगी गयी और जबतक अंचलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी पर्षद के आदेष दिनांक-19.07.1993 के आलोक में पत्रांक-1476 दिनांक-10.09.1993 द्वारा नियुक्त किया गया। परन्तु इसके पूर्व दिनांक-18.04.1992 को अजय कुमार नामक व्यक्ति द्वारा आय-व्यय विवरणी दाखिल की गयी थी। जिस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण की मांग पर्षद के पत्र दिनांक-18.05.1994 द्वारा की गयी। पुनः दिनांक-15.04.1995 को पत्र लिखा गया कि दिनांक-25.05.1995 को पर्षद में उपस्थित होकर रषिद आमदनी खर्च आदि का दस्तावेज लेकर उपस्थित हो। पुनः पर्षद द्वारा दिनांक-23.09.1997 को अजय कुमार को पत्र लिखा गया, जिस संदर्भ में दिनांक-29.09.1997 को पर्षद में उपस्थित होकर 1000/- रुपये पर्षद शुल्क के रूप में जमा करते हुए वर्ष 1994-95 से 1996-97 तक की आय-व्यय विवरणी दाखिल की गयी। उसके बाद अजय कुमार द्वारा नियमित तरीके से वर्ष के अन्तराल के बाद एकाध वर्ष की आय-व्यय विवरणी और पर्षद शुल्क जमा कर औपचारिकता पुर्ण कर दी गयी, परन्तु संचिका पर उन्हें न्यासधारी बनाये जाने का कोई आदेष नहीं है और चूंकि उनके द्वारा आय-व्यय विवरण दाखिल की जा रही है। अतः उन्हें आय-व्यय विवरण नहीं दाखिल करने के संबंध में दिनांक-20.04.2000 को अधिनियम की धारा 28 (2) के तहत न्यासधारी के पद से अपसारित करने की मांग की गयी। पर्षद द्वारा अजय कुमार को समय-समय पर अधिनियम की धारा 59, 60, 70 के तहत पालन करने संबंधी पत्राचार किया जाता रहा है और अजय कुमार द्वारा उपरोक्त पत्राचार के आलोक में कभी पर्षद में उपस्थित होकर पर्षद शुल्क के रूप में कुछ राषि जमा कर दी जाती रही, परन्तु नियमित रूप से उक्त कार्य नहीं किया जाता रहा। इसी बीच पर्षद को जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त अजय कुमार द्वारा ठाकुरबाड़ी की बहुत सी भूमि का बिक्रय किया जा रहा है और जिस संबंध में बिक्रय विलेख दिनांक-06.08.2020 की प्रति भी दाखिल की गयी और समर्पणनामा में भी स्पष्ट प्रावधान था कि मन्दिर की भूमि को सेवायत का बेचने का अधिकार नहीं है। यदि ऐसा करते है तो उन्हें हटाया जा सकता है। अतः उन्हें निबंधित डाक द्वारा लगाये गये आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग पर्षद द्वारा की गयी, परन्तु वह न तो कभी उपस्थित हुए और न स्पष्टीकरण दाखिल किया। अतः पर्षद के आदेष दिनांक-23.08.2021 द्वारा अजय कुमार को मन्दिर की सभी प्रकार के कार्य भूमि आदि की बन्दोबस्ती पर रोक लगाया गया तथा उनके द्वारा किये गये बिक्रय-पत्रको शुन्य माना गया और अंचलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त करते हुए मन्दिर की भूमि के संबंध में किसी भी प्रकार के दाखिल-खारिज बिना क्षेत्राधिकार के आधार पर किये गये बिक्रय-पत्र के आधार पर नहीं करने संबंधी पत्र लिखा गया। चूंकि उक्त अजय कुमार मन्दिर की भूमि को बेचने के संबंध में किसी प्रकार की कोई अनुमति जो अधिनियम की धारा 44 के तहत आवष्यक शर्त है, नहीं जारी की गयी। इसी बीच ग्रामीणों तथा समर्पणकर्त्ता के परिवार के वंषजों द्वारा आमसभा कर दिनांक-18.11.2020 को न्यास समिति बनाये जाने के संबंध में प्रस्ताव दिया तथा अजय कुमार सिंह को पुनः निबंधित डाक द्वारा दिनांक-24.11.2021 को उपस्थित होने की नोटिस जारी की गयी, परन्तु वह पुनः दिनांक-24.11.2021 को न तो उपस्थित हुए और न किसी प्रकार का कोई स्पष्टीकरण दाखिल किया तथा ग्रामीणों द्वारा दिये गये प्रस्ताव को अंचलाधिकारी को भेजकर उसपर उनका मंतव्य या कुछ अन्य नाम जोड़ना या हटाना चाहते हो तो उस संबंध में पत्र लिखा गया तथा दिनांक-17.02.2022 को समर्पणनामा के आलोक में समर्णनामा में उल्लेखित भूमि के संबंध में संबंधित अपर जिला पदाधिकारी, राजस्व एवं अंचलाधिकारी को पत्र लिखा गया कि उक्त भूमि की किसी प्रकार से दाखिल-खारिज नहीं किया जाए। चूंकि पर्षद द्वारा कोई अनुमति किसी व्यक्ति को बिक्रय करने का नहीं दिया गया है तथा प्रस्तावित नामों को चरित्र सत्यापन हेतु थाना को भेजे जाने का निर्देष दिया गया तथा भूमि पर होने वाले निर्माण पर रोक लगा दी गयी।
पर्षद के उपरोक्त आदेष के आलोक में यह स्पष्ट होता है कि अजय कुमार को पर्याप्त सूचना उनके विरूद्ध लगाये गये आरोपों की और उस संबंध में स्पष्टीकरण दाखिल करने के लिए दी गयी, परन्तु वह पर्षद में कभी उपस्थित नहीं हुए और न वर्ष 2019-20 से आजतक किसी प्रकार की कोई मन्दिर की आय-व्यय, बजट, शुल्क दाखिल किया गया और प्रस्तावित नामों का सत्यापन रिपोर्ट थाना के माध्यम से प्राप्त हो चुका है।
उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 16.02.2023 को उक्त मन्दिर और मन्दिर की व्यवस्था, विकास, बन्दोबस्ती हेतु एक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया।
अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, अभयपुर, जिला- लखीसराय,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, अभयपुर, जिला- लखीसराय,,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, अभयपुर, जिला- लखीसराय,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।154 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री पंकज कुमार सिंह - अध्यक्ष। 2. श्री सुधांषू हलधर - उपाध्यक्ष। 3. श्री सुजीत कुमार (वंषज दाता परिवार) - सचिव 4. श्री अभिनव कुमार - कोषाध्यक्ष 5. श्री मनीष कुमार - सदस्य 6. श्री प्रभाकर सिंह - सदस्य 7. श्री राजीव रंजन - सदस्य 8. श्री संजय कुमार - सदस्य 9. श्री कुणाल कुमार - सदस्य 10. श्री प्रभाकर कुमार - सदस्य सभी का पता- ग्रामपो0- अभयपुर, थाना- पीरी बाजार, जिला- लखीसराय। न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, अभयपुर, जिला- लखीसराय,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।155 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
25 अप्रील 2023
सं0 267--श्री राम जानकी मन्दिर, लाल दियारा, जिला-लखीसराय, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3778 है।
उक्त मन्दिर में लगभग 20 बी0 भूमि है। इस न्यास के संचालन हेतु पूर्व में दिनांक-27.06.2013 को अनुमण्डल पदाधिकारी की अध्यक्षता में न्यास समिति का गठन किया गया था, परन्तु बिडम्बना है कि मन्दिर के नाम की भूमि में बन्दोबस्ती काफी कम दर पर की जाती थी और वह पैसा भी या तो नजारत में जमा कर दिया जाता था या उनका कोई हिसाब-किताब नहीं संलग्न किया जाता था, जिसे पर्षद द्वारा लगभग 20 पत्र भेजे जाने के पष्चात् पहली बार अनुमण्डल पदाधिकारी के द्वारा अपने पत्रांक-170 दिनांक-06.04.2021 द्वारा पर्षद को जानकारी दी गयी है कि मन्दिर के नाम से खाता ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में खोला गया है, जिसका खाता नं0-18562191006678 है। अनुमण्डल पदाधिकारी ने ज्ञापांक-763, दिनांक-28.06.2022 द्वारा यह जानकारी दी की वर्ष 2022-23 की बन्दोबस्ती लगभग 3,58000/-(तीन लाख अंठावन हजार) रु0 में की गयी है, परन्तु पुनः वही गलती दोहराते हुए उक्त राषि को नजारत मेें जमा कर दिया गया है। जबकि मन्दिर के नाम बैंक खाता है तब नजारत में जमा किये जाने का क्या औचित्य है। जबकि यह सर्वविदित है कि सरकारी खजाने में एक बार पैसा जमा हो जाने के वाद उसकी निकासी के लिए काफी लम्बी प्रक्रिया है। दिनांक 16.02.2023 को पर्षद की सूनवाई में उपस्थित ग्रामीण आकाष कुमार, राजकमार महतो, सूनील सिंह, नवीन कुमार, शैलेष कुमार द्वारा मन्दिर का फोटोग्राफ पर्षद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, उन फोटो को देखने से पर्षद सदस्य को मन में बड़ी वेदना हुई कि जिस मन्दिर में 19-20 बी0 जमीन हो और उस मन्दिर की स्थिति क्या है, उस मन्दिर पर एक ध्वज भी नहीं है और मन्दिर की दिवार पर अधिकांष संख्या में पेड़, झाड़ी-झंझार लगे गया है, जो मन्दिर को पुर्ण रूप से ध्वस्त करने के लिए काफी है और यह स्थिति मन्दिर की चाहरदिवारी तथा आस-पास के वातावरण की है। पूर्व में न्यास समिति का कार्यकाल पुर्ण रूप से असंतोषजनक रहा है। चूंकि मन्दिर के विकास और जीर्णोद्धार का किसी प्रकार की कोई कार्य नहीं हुआ, जबकि उस न्यास समिति के अध्यक्ष, अनुमण्डल पदाधिकारी स्वयं थे। अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा पत्रांक-1175, दिनांक-24.11.2022 द्वारा न्यास समिति गठन हेतु नामों का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्तावित नामों में एक नाम शषिकान्त कुमार का है, जिनके द्वारा मन्दिर की भूमि की बन्दोबस्ती ली गयी है। अतः इन्हें सदस्य के रूप में रखा जाना उचित प्रतीत नहीं होता है और प्रस्ताव भी 13 व्यक्तियों का है, जबकि न्यास समिति अधिक से अधिक 11 व्यक्तियों की बनायी जा सकती है। उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 16.02.2023 को उक्त मन्दिर और मन्दिर की व्यवस्था,जीर्णोद्वार, विकास, हेतु एक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया। कार्य संतोषजनक होने पर आगे विचार किया जायेगा।
अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मन्दिर, लाल दियारा, जिला-लखीसराय,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मन्दिर, लाल दियारा, जिला-लखीसराय,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मन्दिर, लाल दियारा, जिला-लखीसराय,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।156 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमण्डल पदाधिकारी, लखीसराय - अध्यक्ष 2. श्री शैलेन्द्र सिंह पिता- श्रीकान्त सिंह - उपाध्यक्ष 3. श्री आकाष कुमार पिता- इन्द्रदेव प्रसाद सिंह - सचिव 4. श्री सुनील सिंह, पे0-स्व0 रामकृपा सिंह - कोषाध्यक्ष 5. श्री राज कुमार महतो, पे0- स्व0 गणेष महतो - सदस्य 6. श्री गुड्डू सिंह, पे0- स्व0 रामनरेष सिंह - सदस्य 7. श्री विनय सिंह पे0- स्व0 नवल सिंह - सदस्य 8. श्री नवीन सिंह पे0- सियाषरण सिंह - सदस्य 9. श्री नन्दलाल यादव पे0- स्व0 धनिक यादव - सदस्य 10. श्री रौषन सिंह पे0- स्व0 जुगेष्वर सिंह - सदस्य 11. थानाध्यक्ष, पीपरिया - सदस्य
सभी का पता-ग्राम- लाल दियारा पूर्वी, पो0- खुटहा, थाना- पिपरिया, जिला- लखीसराय। मन्दिर में पूजा-पाठ, राग-भोग आदि का कार्य के लिए मुरारी सिंह व बृजनंदन सिंह को मान्यता दी जाती है। तथा समिति को निर्देष दिया जाता है कि समिति का प्रकाषन होने के शीघ्र बाद मन्दिर के नाम से राष्ट्र्रीयकृत बैंक में या मन्दिर के आस-पास जो बैंक हो उसमें खाता खोला जाए, जिसका संचालन दो व्यक्ति के संयुक्त हस्ताक्षर अध्यक्ष/सचिव में से एक और कोषाध्यक्ष से किया जायेगा और पूर्व में जो मन्दिर के नाम से जो खाता ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्ष में संचालित है, उसमें मन्दिर से संबंधित राषि जमा हो जाने के पष्चात् उस खाते को बन्द कर उस खाते की राषि मन्दिर के नाम से खोले जाने वाले नये खाते में जमा की जायेगी क्योंकि उक्त बैंक राष्ट्र्रीयकृत नहीं है।
अध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी सरकारी कर्मी है, अतः उनकी अनुपस्थिति में बैठक आदि का आयोजन करने का अधिकार उपाध्यक्ष को रहेगा, परन्तु शर्त यह रहेगी कि बैठक की पूर्व सूचना अनुमंडल पदाधिकारी, अध्यक्ष को अवष्य दे देंगें तथा बैठक के उपरान्त जो प्रस्ताव पर निर्णय लिया जायेगा, उसकी भी प्रति अनुमंडल पदाधिकारी को अवष्य उपलब्ध करा देंगे।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी मन्दिर, लाल दियारा, जिला-लखीसराय,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।157 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 271--चंडी स्थान, मूंगेर, जिला-मूंगेर, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2502 है।
समय-समय पर उक्त मन्दिर की पूजा-पाठ, राग-भोग, व्यवस्था के लिए न्यास समिति का गठन किया जा रहा है। पर्षद के आदेष दिनांक-31.10.2016 ज्ञापांक-2178 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। उक्त समिति के कोषाध्यक्ष की वर्ष 2020 में स्वर्गवास हो गया, परन्तु विषयम परिस्थितिवष किसी कोषाध्यक्ष की नियुक्ति न्यास समिति द्वारा नहीं की गयी। इसी बीच नंदन बाबा द्वारा समिति के विरूद्ध आरोप लगाते हुए प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। जिसके संबंध में समिति से स्पष्टीकरण की मांग की गयी और जिसकी सुनवाई दिनांक-18.02.2022 को की गयी। उक्त तिथि को न्यास समिति के सचिव तथा पुजारी पंडा समाज की ओर से संजय बाबा, चंदन कुमार, देव पंडा उपस्थित थे। उन सभी के द्वारा षिकायतकर्त्ता नंदन बाबा के विरूद्ध ही मन्दिर की चाँदी की पादुका को उठाकर ले जाने की बात कही गयी, जिसे सरकारी दबाब पड़ने पर उनके द्वारा वापस किया गया और दुकान के निर्माण में भी 03 सदस्यीय समिति जिसमें एक दुकानदार, एक पंडा तथा एक सेवादार सदस्य की देख-रेख में निर्माण किया गया और यह भी कथन किया गया कि मन्दिर में पूजा-पाठ, राग-भोग, नियमित रूप से बहुत सुन्दर ढंग से होता है और कार्यरत न्यास समिति ने पिछले 05 वर्षो में काफी विकास का कार्य किया है और लगाये गये आरोप द्वेष की भावना से किया गया है।
अतः षिकायत में बल नहीं पाते हुए, उसे निरस्त कर दिया गया और इसी बीच चूंकि न्यास समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो गया था, अतः जिला पदाधिकारी से न्यास समिति गठन किये जाने हेतु नामों के प्रस्ताव की मांग पत्र दिनांक-08.07.2022 द्वारा की गयी, जिसके आलोक में जिला पदाधिकारी द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव अपने पत्रांक-1404, दिनांक-18.08.2022 द्वारा पर्षद को उपलब्ध कराया गया। साथ ही दिनांक-02.05.2022 को समिति की बैठक उसमें लिये गये प्रस्ताव की प्रति भी संलग्न कर भेजा गया। जिसमें कुछ संषोधन करते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा नामों का प्रस्ताव भेजा गया।
उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 02.03.2023 को इस न्यास की सुव्यवस्था हेतु एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।
अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''चंडी स्थान, मूंगेर, जिला-मूंगेर,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''चंडी स्थान, मूंगेर, जिला-मूंगेर,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''चंडी स्थान, मूंगेर, जिला-मूंगेर,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।158 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. जिला पदाधिकारी-मुंगेर - अध्यक्ष (पदेन) 2. अपर समाहर्त्ता -मुंगेर - उपाध्यक्ष (पदेन) 3. अनुमण्डल पदाधिकारी- सदर मुंगेर - सदस्य (पदेन) 4. श्री सौरभ निधि-चण्डीस्थान, मुंगेर - सचिव 5. श्री कृष्ण कुमार अग्रवाल -चण्डीस्थान, मुंगेर - कोषाध्यक्ष 6. श्री षिव कुमार रूँगटा-चण्डीस्थान, मुंगेर - सदस्य 7. श्री संजय कुमार, अधिवक्ता-चण्डीस्थान, मुंगेर - सदस्य 8. श्री अमर कुमार सिंह, ग्राम-मिल्की थाना-गंगटा, जिला-मुंगेर - सदस्य 9. श्री अनिल कुमार सिंह, दलहट्टा पूल, लाल दरवाजा, जिला- मुंगेर - सदस्य 10. थानाध्यक्ष, वासुदेवपुर ओ0पी0 मुंगेर - सदस्य 11. मुखिया, ग्राम पंचायत, महुली, मुंगेर - सदस्य
ज्ञात हो कि पूर्व में न्यास के खाते का संचालन पूर्व सचिव, निर्मल कुमार जालान तदोपरान्त सागर यादव एवं कोषाध्यक्ष, षिव कुमार रूँँगटा के संयुक्त हस्ताक्षर से होता था, परन्तु वर्त्तमान समिति में उक्त दोनों व्यक्तियों के स्थान पर सचिव, सौरभ निधि और कोषाध्यक्ष, कृष्ण कुमार अग्रवाल को नियुक्त किया गया है। अतः न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि न्यास के खाता में उपरोक्त संषोधन करवाते हुए उपरोक्त व्यक्तियों के माध्यम से खाता का संचालन भविष्य में करेेंगे। परन्तु 10,000/- रुपये से अधिक की कोई भी राषि की निकासी करने के पूर्व उसकी लिखित सूचना अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी को न्यास समिति अवष्य देंगी। न्यास समिति को यह भी निर्देष दिया जाता है कि वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 की आय-व्यय विवरणी तथा पर्षद शुल्क शीघ्र पर्षद में जमा कराये। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''चंडी स्थान, मूंगेर, जिला-मूंगेर,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 275--श्री ढ़ेरनाथ महादेव मठ, शरमा, जिला-लखीसराय, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 50 है।
उक्त मठ की व्यवस्था हेतु समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है, अंतिम बार दिनांक 28/05/2015 को न्यास समिति का गठन किया गया था। उक्त न्यास समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है तथा159 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 न्यास समिति के सदस्यों के बीच आपस में भी सामंजस्य नहीं था, अतः सभी पक्षों को सुनने के उपरान्त दिनांक 24/11/2021 को नयी न्यास समिति बनाये जाने का निर्णय लिया गया और नयी न्यास समिति गठन किये जाने तक अंचल अधिकारी को अस्थायी रूप से न्यासधारी बनाया गया था तथा अंचल अधिकारी से न्यास समिति गठन किये जाने हेतु नामों के प्रस्ताव की मांग भी की गयी। ग्रामीणों द्वारा एक बैठक कर अंचल अधिकारी की अध्यक्षता में 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव अपने पत्रांक 549 दिनांक 09/06/2022 को पर्षद में उपलब्ध कराया, जिसका चरित्र सत्यापन हेतु प्रस्तावित नामों को संबंधित थाने को भेजा गया और थाने के द्वारा प्रस्तावित नामों में से धर्मवीर कुमार, पिता-स्व0 आदित्य सिंह, तेतरघाट थाना कांड सं0-86/21 अन्तर्गत धारा 307 व अन्य धाराओं में दर्ज होने की सूचना दी। अतः पर्षद द्वारा निर्णय लिया गया कि धर्मवीर कुमार के प्रस्तावित नामों पर विचार किया जाना उचित नहीं है। उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरांत पर्षद की सूनवाई दिनांक 16.02.2023 को उक्त मंदिर की व्यवस्था तथा मंदिर की भूमि के प्रबंधन व मंदिर के विकास आदि के लिए एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।
अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''ढ़ेरनाथ महादेव मठ, शरमा, जिला-लखीसराय,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री ढ़ेरनाथ महादेव मठ, शरमा, जिला-लखीसराय,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ढ़ेरनाथ महादेव मठ, शरमा, जिला-लखीसराय,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।160 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचल अधिकारी अध्यक्ष 2. श्री शंभू सिंह, पिता-स्व0 बालगोविन्द सिंह उपाध्यक्ष 3. श्री अर्जुन सिंह, पिता-स्व0 खोपड़ी सिंह सचिव 4. श्री सत्येन्द्र कुमार, पिता-कृष्णनंदन सिंह कोषाध्यक्ष 5. श्री सचिन देव वर्मन सिंह, पिता-साधु सिंह सह कोषाध्यक्ष 6. श्री मुकेश कुमार, पिता-नुनु लाल सिहं सदस्य 7. श्री गुलशन कुमार, पिता-फुलन सिंह सदस्य 8. श्री रामदेव सिंह, पिता-विशो सिंह सदस्य 9. श्री बबन कुमार, पिता-रामकरण सिंह सदस्य 10. श्री जितेन्द्र महतो, पिता-दासो महतो सदस्य 11. श्री मसुदन मांझी, पिता-वेगन मांझी सदस्य
सभी का पता- ग्रामपो0- शरमा, थाना- तेतरहाट, जिला- लखीसराय, पिन- 811311
गठित न्यास समिति को निर्देश दिया जाता है कि मंदिर के नाम से जो बैंक खाते का संचालन किया जा रहा है, उसका संचालन वर्तमान में नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री शंभू सिंह एवं कोषाध्यक्ष श्री सत्येन्द्र कुमार के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा, इस संबंध में पत्र बैंक को भी लिखा जाए तथा न्यास समिति को निर्देश दिया जाता है कि पूर्व न्यास समिति द्वारा जो वर्ष 2019-20 तक की आय-व्यय विवरणी दाखिल की गयी थी, उसमें पर्षद के बकाया शुल्क के रूप में जो राषि थी, जिस संबंध में पत्र भी जारी किया गया था उसे शीघ्र जमा करायी जाए, 40,946/-रू0 तथा वर्ष 2020-21 से 2021-22 की आय-व्यय विवरणी भी दाखिल की जाए, तद्नुसार पर्षद शुल्क भी जमा की जाए। अध्यक्ष, अंचल अधिकारी सरकारी कर्मी है, अतः उनकी अनुपस्थिति में बैठक आदि का आयोजन करने का अधिकार उपाध्यक्ष को रहेगा, परन्तु शर्त यह रहेगी कि बैठक की पूर्व सूचना अंचल अधिकारी, अध्यक्ष को अवष्य दे देंगें तथा बैठक के उपरान्त जो प्रस्ताव पर निर्णय लिया जायेगा, उसकी भी प्रति अंचल अधिकारी को अवष्य उपलब्ध करा देंगे। न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री ढ़ेरनाथ महादेव मठ, शरमा, जिला-लखीसराय,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 278--मोतीराम पालीराम असरगंज धर्मषाला, असरगंज, जिला- मुंगेर, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक पूर्त न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4637 है। उक्त धर्मषाला की सम्पत्ति निंबधित समर्पणनामा दिनांक- 03.01.1942 एवं 25.01.1947 द्वारा सार्वजनिक पूर्त प्र्रयोजन के लिए समर्पित की गई थी, जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा उक्त भूमि को अवैध रूप से हड़पने के उद्देष्य से षडयंत्र के तहत कुछ दस्तावेजों का निस्पादन भी कर लिया गया था, जिसपर विस्तार पूर्वक सुनवाई उपरान्त पर्षद के आदेष दिनांक- 30.06. 2022 द्वारा इनके दावे को निरस्त करते हुए सम्पत्ति को सार्वजनिक घोषित की जा चूकी है और उक्त धर्मषाला का निबंधन भी किया जा चुका है, जिसकी निबंधन सं0- 4637 है। उक्त धर्मषाला की व्यवस्था हेतु ग्रामीणों द्वारा एक आम सभा दिनांक- 27.08.2022 को आयोजित की गर्ई, जिसमें लगभग 150 से अधिक व्यक्ति उपस्थित हुए और उक्त बैठक सेवानिवृत्त अभीयंता सीताराम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उक्त बैठक में 11 व्यक्तियों की न्यास समिति उक्त धर्मषाला की व्यवस्था हेतु प्रस्तावित की गई, बैठक तथा प्रस्ताव की प्रति पर्षद मे ंदिनांक- 03.09.2022 को दाखिल की गई, जिस पर प्रस्तावित नामों का चरित्र सत्यापन कराया गया, चरित्र सत्यापन रिपोर्ट भी पर्षद में दिनांक- 15.10.2022 को प्राप्त हो चूकी है। उक्त नामों के संबंध मेें किसी प्रकार की कोई अन्य आपत्ति पर्षद में आज तक दाखिल नहीं की गई है।
उपरोक्त परिस्थितियों में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 20.02.2023 को इस न्यास की सुव्यवस्था हेतु एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।
अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''मोतीराम पालीराम असरगंज धर्मषाला, असरगंज, जिला-मुंगेर,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा161 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''मोतीराम पालीराम असरगंज धर्मषाला, असरगंज, जिला-मुंगेर,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''मोतीराम पालीराम असरगंज धर्मषाला, असरगंज, जिला- मुंगेर,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री वकील प्रसाद साह, पिता-स्व0 केसो साह-असरगंज - अध्यक्ष 2. श्री केदार प्रसाद साह, पिता-स्व0 मोहन प्रसाद साह-असरगंज - उपाध्यक्ष 3. डा0 राकेष कुमार, पिता-श्री महेन्द्र प्रसाद मंडल-असरगंज - सचिव 4. श्री आनन्द सिंधानियाँँ, पिता-स्व० सीता राम सिंधानियाँँ -सुजागंज,भागलपुर- उपसचिव 5. श्री कैलाष पंजियार, पिता-स्व0 दीप नारायण पंजियार-असरगंज - कोषाध्यक्ष 6. श्री गोपाल प्रसाद, पिता-स्व0 राम पाण्डे-असरगंज - सदस्य 7. श्री कोकाय प्रसाद साह, पिता-स्व0 ओहारी साह-असरगंज - सदस्य 8. श्री सुभाष कुमार, पिता-श्री नरेष साह-असरगंज - सदस्य 9. डा0 श्याम सुन्दर पोद्धार, पिता-स्व0 कालेष्वर पोद्धार-असरगंज - सदस्य162 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 10. श्री राम सेवक चौधरी, पिता-श्री कमल चौधरी-रहमतपुर बाँसा - सदस्य 11. श्री सुमन, पिता-श्री गंगा रजक-बिक्रमपुर - सदस्य सभी का पता- सा0पो0थाना- असरगंज, जिला- मुंगेर। न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि धर्मषाला तथा धर्मषाले की आयोजन हेतु जो खाते की भूमि है उसकी बंदोबस्ती आदि से प्राप्त आय को बैंक में धर्मषाले के नाम से खाता खोलकर जमा की जाएगी और उस खाते का संचालन अध्यक्ष या सचिव में से एक व्यक्ति जैसा न्यास समिति निर्णय ले तथा दूसरा व्यक्ति कोषाध्यक्ष के रूप में सयुंक्त हस्ताक्षर से संचालित करेंगे, तथा समिति को धर्मषाला और धर्मषालें मे आयोजन हेतु समर्पित भूमि को किसी प्रकार से क्रय-विक्रय करने का कोई अधिकार नहीं होगा। वह अधिक से अधिक कृषि भूमि को 02 वर्ष तक के लिए अधिकृत रहेगी तथा धर्मषाले आदि की व्यवस्था हेतु सुचारू रूप से चले और उसके जिर्णोद्धार आदि में पर्षद से अनुमति लेकर राषि खर्च करेगें और धर्मषाले मेें भी रजिस्टर का सधांरण करेंगे की धर्मषाले का उपयोग किन व्यक्तियों के द्वारा और कितनी राषि और किन तिथि को कि गई उसका स्पष्ट विवरण होना चाहिए।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''मोतीराम पालीराम असरगंज धर्मषाला, असरगंज, जिला- मुंगेर,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगातथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 273--श्री राम जानकी मंदिर, तरवारा मठ, जिला-सिवान,पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधिन सं0-2747 है।
उक्त मठ की व्यवस्था हेतु समय-समय पर न्यासधारियों की नियुक्ति तथा उनको मान्यता पर्षद द्वारा दी जाती रही है। पूर्व महंत रघुनाथ दास को निबंधित डाक द्वारा पर्षद के समक्ष उपस्थित होने, आय का विवरण, बजट, पर्षद शुल्क जमा करने हेतु लगातार पत्र पर्षद के द्वारा जारी किया जाता रहा, परन्तु न तो वह कभी उपस्थित हुए और न हीं कभी आय-व्यय विवरणी दाखिल की गयी। समाहर्ता, सिवान द्वारा भी अपने पत्रांक 912 दिनांक 15/02/2011 द्वारा यह सूचना दी गयी कि राम जानकी मंदिर की सम्पति पुजारी के द्वारा दुरूपयोग की जा रही है, इस संबंध में ग्रामीण श्री रामरतन पासवान व अन्य के द्वारा शिकायत की गयी, जिसका निरीक्षण भी अंचल अधिकारी से दिनांक 16/05/2010 को कराया गया है, जिसमें यह पाया गया कि मंदिर की भूमि आवास, दुकान और खेती के रूप में 59 व्यक्तियों का कब्जा है और न्यास में कुल लगभग (4. 10.18) जमीन है तथा वर्तमान में महेश जी तिवारी द्वारा अवैध रूप से मठाधीष बनकर दुरूपयोग किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी के उपरोक्त पत्र के आलोक में महेश जी तिवारी से स्पष्टीकरण की मांग पर्षद के आदेश दिनांक 31/03/2011 के आलोक में की गयी। महेश जी तिवारी द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित करते हुए कथन किया कि वह महंत रघुनाथ दास के चेले हैं और उन्होंने लगाये गये आरोपों में से कुछ को स्वीकार किया और कुछ को अस्वीकार किया और कथन किया गया कि जानकारी नहीं होने के कारण पर्षद में उन्होंने कोई आय-व्यय विवरणी या पर्षद शुल्क नहीं दाखिल किया है और कथन किया कि मोख्तारनामा बनाकर रघुनाथ दास ने प्रार्थी को चेला बनाया है और उनके गुरू के स्वर्गवास के पष्चात स्थानीय संतो द्वारा चादर, पगड़ी देकर न्यासी नियुक्त किया गया तथा उल्लेख किया कि महंत रघुनाथ दास का स्वर्गवास वर्ष 1994 में हो गया है, जबकि उनके पक्ष में निस्पादित मोख्तारनामा से यह स्पष्ट पाया गया कि उन्हें केवल मंदिर का किराया वसूली और मुकदमें में देख-रेख करने हेतु मोख्तारनामा निस्पादित किया गया है और चूंकि निस्पादनकर्ता का स्वर्गवास हो चुका है, लिहाजा उस मोख्तारनामा का भी आस्तित्व समाप्त हो गया है और उक्त मंदिर विरक्त बैरागी सम्प्रदाय का स्थान है, जबकि महेश जी तिवारी गृहस्थ और पत्नी परिवार वाले व्यक्ति हैं। उक्त आधार पर उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए अस्वीकृत कर दिया गया और एक न्यास समिति का गठन किया गया था। महेश जी तिवारी ने जिला न्यायाधीश, सिवान के यहां मिस0 केश नं0-13/13 और मिस0 केश नं0-12/13 दाखिल किया जो सुनवाई के उपरान्त दिनांक 22/02/2020 को प्रार्थी वादी को न्यासधारी पाया गया और पर्षद के आदेश दिनांक 27/02/2012 को निरस्त किया गया। पर्षद द्वारा उक्त आदेश के विरूद्ध मा0 उच्च न्यायालय में विविध अपील सं0- 483/21 दाखिल किया गया जो अभी वर्तमान में विचाराधीन है। यह स्वीकृत तथ्य है कि उक्त मंदिर शहर के बीचों-बीच स्थित है और यहां बार-बार पर्षद को शिकायत प्राप्त हो रही थी, कि पूर्व में न्यास समिति और न्यासधारियों का दावा करने वालों के बीच विवाद के कारण पूरा मंदिर जीर्णशीर्ण स्थिति में हो गया और मंदिर की भूमि पर जो 59 किरायेदार थे, उनके द्वारा भी किसी प्रकार का कोई किराया का भुगतान नहीं किया गया और अधिकांश लोगों के द्वारा दो-दो, चार-चार मंजिल तक का दुकान/मकान बना कर प्रयोग किया जा रहा है। उपरोक्त शिकायत पर पर्षद के आदेश के परिपेक्ष्य में निरीक्षक द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया।163 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 निरीक्षक द्वारा अपनी रिपोर्ट दिनांक 21/10/2022 को समर्पित की गयी और उसके साथ कुछ फोटोग्राफ भी दाखिल किये गये हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि मंदिर पूर्ण रूप से गिर चुका है, केवल खंडहर के रूप में बचा है और भगवान की मुर्ति को एक टीन के शेड में रखा गया है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि 04 बीघा भूमि पर लगभग 60 व्यक्तियों के द्वारा कब्जा कर उस पर दुकान/मकान बनाकर अपने कब्जे में लेकर उपयोग कर रहे हैं और 18 कट्ठा भूमि खेती की है, जिस पर भी कुछ लोगों के द्वारा कब्जा कर खेती की जा रही है और न्यासी का दावा करने वाले महेश जी तिवारी द्वारा स्वीकार किया गया कि चार दुकाने उनकी भी मंदिर के प्रांगण में है। यह भी तथ्य आया कि कुछ किरायेदारों द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को उक्त भूमि, दुकान किराये पर देकर के बड़ी राशि किराये के रूप में ली जा रही है, इस संबंध में महेश जी तिवारी को निबंधित डाक द्वारा नोटिस जारी कर आज की तिथि निर्धारित करते हुए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। यहां यह भी उल्लेख करना आवश्यक है कि मंदिर की भ्ूामि पर जी.बी. थाना भी स्थित है, इस संबंध में स्थल निरीक्षण के समय यह पाया गया कि पूर्व महंत द्वारा मात्र 02 कट्ठा जमीन थाने के लिए दिया गया था (यद्यपि कि उक्त भूमि देने के संबंध में पर्षद से अधिनियम की धारा-44 के अन्तर्गत कोई अनुमति नहीं ली गयी थी) परन्तु थाने द्वारा भी लगभग 09-10 कट्ठा भूमि पर कब्जा कर लिया गया है, अर्थात् जो अवैध रूप से वाहन वगैरह पकड़े जाते हैं, उनको भी उसी प्रागंण में रखा गया है
उपरोक्त परिस्थितियां यह स्पष्ट करती है कि उपस्थित किरायेदारों द्वारा दाखिल किये गये पट्टे संबंधी विलेख पूर्ण रूप से अप्रभावी और शुन्य है। उक्त विलेख के आधार पर किसी प्रकार का कोई अधिकार किरायेदारी या कब्जा करने का अधिकार उनको नहीं है। उपरोक्त परिस्थितियों में न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश एवं न्यासी द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र तथा अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 23.02.2023 को इस न्यास की सुव्यवस्था हेतु अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिये एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त होने एवं कार्य संतोषजनक पाये जाने पर समिति का आगे समय विस्तार पर विचार किया जायेगा।
अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मंदिर, तरवारा मठ, जिला-सिवान,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम श्री राम जानकी मंदिर, तरवारा मठ, जिला-सिवान,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर, तरवारा मठ, जिला-सिवान,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी।164 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री महेश जी तिवारी - अध्यक्ष
2. अंचल अधिकारी - पंचरूखी, सीवान - उपाध्यक्ष 3. श्री विजेन्द्र कुमार सिंह - सचिव 4. श्री अनील कुमार, पिता-स्व0 छोटे लाल साह - कोषाध्यक्ष 5. श्री शंभू राम, पिता-स्व0 जयनारायण राम - सदस्य 6. श्री राकेश कुमार मांझी, पिता-नन्दकिशोर मांझी - सदस्य 7. श्री दुर्गेश कुमार पासवान - सदस्य 8. श्री कृष्णा साह, पिता-प्रेमी साह - सदस्य 9. श्री योगेन्द्र प्रसाद, पिता-श्री भरत साह - सदस्य 10. श्री महेश कुमार साह, पिता-स्व0 भगवान साह - सदस्य
सभी का पता- ग्रामपो0- तरबारा, थाना- जी0वी0 नगर, जिला- सीवान। न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सेे शीघ्र मंदिर के पास स्थित अन्य दुकान, निवास स्थान आदि के किराये का दर (वर्तमान स्का0 फिट) या धुर जो निर्धारित हो, उसकी प्रति प्राप्त करें और प्रापत कर उसी आलोक में अधिनियम की धारा-51 के अन्तर्गत न्यासी व महंत को यह निर्देष दिया जाता है कि नये सिरे से बाजार मूल्य के आधार पर किरायेदारी फिक्स करते हुए सभी किरायेदारों को नोटिस जारी कर किराये का भुगतान न्यास समिति के कोषाध्यक्ष/सचिव को करें या सभी मंदिर के नाम से खोले जाने वाले खाते में जमा करें तथा न्यासी को निर्देष दिया जाता है कि जो खेती की भूमि है उसकी बंदोबस्ती खुले डाक द्वारा नये सिरे से करें और पूर्व के जिन व्यक्तियों के द्वारा बंदोबस्ती पर ली गयी है उनको भी अधिकार होगा कि वह डाक में शामिल होकर के अपना डाक बोले और जो अधिकांश बोली बंदोस्ती के रूप में देगा उसी को डाक दिया जाए।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी मंदिर, तरवारा मठ, जिला-सिवान,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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25 अप्रील 2023
सं0 280--श्री महावीर जी मंदिर, राजनगर, जिला-मधुबनी, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3892 हैं।
पूर्व में स्वयंभू समिति मंदिर की देखभाल, भूमि का प्रबंधन आदि का कार्य करती थी, परन्तु समिति द्वारा किसी प्रकार का कोई पत्राचार मंदिर की आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क अधिनियम की धारा 59, 60 और 70 का कोई पालन नहीं किया गया, अतः न्यास समिति गठन हेतु अचंल अधिकारी से 11 व्यक्तियों के नामों के प्रस्ताव की मांग की गयी थी और उक्त के आलोक में दिनांक 18/04/2022 को एक बैठक आयोजित कर 09 व्यक्तियों के नाम पर प्रस्ताव ग्राम पंचायत मुखिया की अध्यक्षता में की गयी, जिसकी प्रति संलगन करते हुए अंचल अधिकारी द्वारा अनुमोदन हेतु अपने ज्ञापांक 694 दिनांक 17/06/2022 द्वारा नामों का प्रस्ताव दिया गया तथा उक्त प्रस्तावित नामों का चरित्र सत्यापन रिपोर्ट भी संबंधित थाने से करायी गयी और जो 11 नामों का प्रस्ताव है उस प्रस्तावित नामों पर किसी प्रकार की कोई आपत्ति किसी165 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 भी ग्रामीण द्वारा नहीं दाखिल की गयी है। संचिका पर महंत नकु दास द्वारा दिनांक 30/09/1937 को निस्पादित समर्पणनामा की प्रति जो कैथी भाषा में है उपलब्ध है। उपरोक्त परिस्थितियों में प्रस्तावित नामों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई दिनांक 20.02.2023 को मंदिर की व्यवस्था रागभोग, पूजा-पाठ आदि हेतु अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिये एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। समिति का कार्य यदि संतोषजनक पाया गया तो आगे कार्यकाल बढ़ाये जाने पर विचार किया जा सकता है। अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री महावीर जी मंदिर, राजनगर, जिला-मधुबनी,'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री महावीर जी मंदिर, राजनगर, जिला-मधुबनी,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री महावीर जी मंदिर, राजनगर, जिला-मधुबनी,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।न्यास के खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उनके साथ सचिव या अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री राम लखन राय, पिता-श्याम राय- गाँधी चौक - अध्यक्ष 2. श्री पंकज कुमार महतो, पिता-सुदिष्ट महतो- नेहरू चौक - सचिव166 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 3. श्री मृत्युंजय कुमार कुंदन, पिता-स्व0 कपील राय-केशव नगर - कोषाध्यक्ष 4. श्री श्रवण कुमार साह, पिता-स्व0 राधे साह-गाँधी चौक - सदस्य 5. श्री दयानंद गुप्ता, पिता-स्व0 लक्ष्मी प्र0 गुप्ता -राजनगर - सदस्य 6. श्री सविता कुमारी (वर्तमान मुखिया)- मिर्जापुर - सदस्य 7. श्री विश्वनाथ राय, पिता-स्व0 महावीर राय- मिर्जापुर - सदस्य 8. श्री मिथिलेश नायक, पिता-स्व0 रामचंद्र नायक- गाँधी चौक - सदस्य 9. श्री मनोहर साफी, पिता-सत्यनारायण साफी- लेहरी बाजार - सदस्य
सभी का पता- सा0पो0थाना- राजनगर, जिला- मधुबनी। न्यास समिति को निर्देश दिया जाता है कि मंदिर के समर्पणनामे की प्रति हिन्दी टाईप करा कर दाखिल करें तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा मंदिर में दान की गयी भूमि है, उसे भी संचिका पर उपलब्ध करायें, जिससे स्पष्ट उल्लेख किया जा सके कि मंदिर में कुल कितनी भूमि है।
न्यास समिति को निर्देश दिया जाता है कि शीघ्र समिति का प्रकाशन के पश्चात बैंक में मंदिर के नाम से खाता खोली जाए, जिसका संचालन अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा, (अध्यक्ष या सचिव में से कोई एक जैसा न्यास समिति आपस में निर्णय करे)।
न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित अस्थायी न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01 वर्ष का होगा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री महावीर जी मंदिर, राजनगर, जिला-मधुबनी,''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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संशोधित अधिसूचना
18 मार्च 2023
सं0 4341--श्री श्री 108 राम जानकी ठाकुरवाड़ी, ग्रामपो0- अकबरपुर, अंचल- कहलगाँव, जिला- भागलपुर, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 892 है।
इस मंदिर के सुप्रबंधन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 3158, दि0- 14.12.2022 द्वारा 07 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था, परन्तु टंकण भूल के कारण प्रस्तावित नाम श्री नवनीत कुमार सिंन्हा, पिता- विजय प्रसाद राम के स्थान पर श्री समीर कुमार सिंन्हा टंकण हो गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि श्री समीर कुमार सिंन्हा जो मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती लिए है और उन पर बन्दोबस्ती की राषि भी बकाया है, उनके नाम को क्रम सं0- 03 पर टंकित कर दिया गया है, जबकि न तो श्री समीर कुमार सिंन्हा का नाम अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित किया गया है और न ही दिनांक 09. 11.2022 को वह स्वंय उपस्थित थें, और न ही उनके नाम पर विचार किये जाने का कोई औचित्य या प्रस्ताव है। इस संबंध में श्री नवनीत कुमार सिंन्हा द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिनांक- 02.01.2023 दिया गया। अतः उपरोक्त के आलोक में पर्षद के आदेष दिनांक- 09.11.2022 में क्रम सं0- 03 पर श्री समीर कुमार सिंन्हा के स्थान पर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित नाम श्री नवनीत कुमार सिंन्हा का सुधार किया गया। तदनुसार पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 3158, दिनांक- 14.12.2022 में क्रम सं0- 03 पर टंकित श्री समीर कुमार सिंन्हा के स्थान पर सुधार करते हुए श्री नवनीत कुमार सिंन्हा, पिता- श्री विजय प्रसाद राम के रूप में संषोधित किया जाता हैं।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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अधिसूचनाएं
26 जून 2023
सं0 971--श्री श्री माँ भगवती देवी मंदिर, ग्रामपो0-मदनपुर, थाना- नौरंगिया, जिला-पष्चिम चम्पारण जो पर्षद में सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में वर्ष 2008 से निबंधित है जिसकी निबंधन संख्या- 3885 है। राजस्व कार्यालय के कर्मी द्वारा दिनांक-20.03.2023 को पर्षद में उपस्थित होकर खाता सं0- 53, खेसरा सं0- 222 रकवा- 02 डि0 जमीन गैर मजरूआ आम है, पर मंदिर स्थित बताया जबकि पूर्व न्यासधारी द्वारा निबंधित समर्पणनामा में खाता सं0-49, 51, 53 में कुल 02 एकड़ 13 डि0 जमीन देवोत्तर भूमि के रूप में बताया है। श्री ललन दास द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि श्री हरीचरण दास ने प्रार्थी को अपना षिष्य माना है और उनका स्वर्गवास दिनांक 15/05/2010 को हो गया है और उनका श्राद्ध-कर्म उनके द्वारा किया गया है। ललन दास लगभग 12 वर्षों तक उक्त मंदिर के संबंध में न्यासधारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। जबकि श्री ललन दास द्वारा कभी पर्षद में उपस्थित होकर न तो किसी प्रकार का कोई पत्राचार किया गया या कोई आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क आदि जमा किया गया और न हीं किसी प्रकार के मंदिर में विकास के संबंध में क्या167 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 कार्यवाही की गयी। दिनांक 17/06/2022 को श्री ललन दास द्वारा उपस्थित होकर कुछ कागजात दाखिल किया गया, जिस पर विचारोपरान्त कुछ शर्तों के साथ उन्हें अस्थायी न्यासधारी के रूप में मान्यता दी गयी तथा श्री ललन दास द्वारा दिनांक 17/08/2022 को पहली बार मंदिर की आय 2,00,000/-रू0 दिखाते हुए विवरणी दाखिल की गयी। पर्षदीय आदेष के आलोकमें निरीक्षक द्वारा दिनांक 31/12/2022 को उक्त मंदिर का स्थल निरीक्षण किया गया और जांच प्रतिवेदन के अनुसार मंदिर में दुव्र्यवस्था व्याप्त है और इसके निरीक्षण के समय निरीक्षक के समक्ष श्रीमति अर्पणा सिंह, मुखिया, श्री अरविंद राम, एवं श्री उपेन्द्र यादव द्वारा भी मंदिर की स्थिति के बारे में अवगत कराया गया।वर्णित सभी व्यक्तियाें को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर मंदिर की व्यवस्था व दुव्र्यवस्था के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु नोटिस जारी की गयी, जिस पर दिनांक 20/03/2023 को सभी पक्षों को विस्तारपूर्वक सुना गया। दिनांक-23.05.2023 को सुनवाई के दौरान श्री ललन दास द्वारा यह आरोप लगाया गया कि उनके साथ श्री प्रषांत चौबे व श्री कन्हैया लाल मिश्र तथा कुछ अन्य ग्रामीणों, जिसमें मुखिया, श्री अरविंद राम की सहभागिता थी, द्वारा मार-पीट की गयी और ग्रामीणों का कथन था कि मंदिर से होने वाली आय का दोहण लगातार निजी हित में किया जा रहा है और किसी प्रकार का कोई विकास का कार्य नहीं किया गया है। ग्रामीणों द्वारा यह भी बताया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देष में पिछले 08 माह से मंदिर में दान-पेटी, मंदिर के मेले में लगने वाले दुकानों से किराया आदि से संबंधित पंजी पर्षद के समक्ष उपस्थापित की गयी, जिससे स्पष्ट होता है कि मंदिर की वार्षिक आय 5,00,000/-रू0 से अधिक की है, परन्तु उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हीं मंदिर में कोई विकास का कार्य नहीं किया गया और इसीलिए न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक है, जैसा कि वसीयत में भी उल्लेख है। उक्त तिथि पर उपस्थित श्रीमति अर्पणा सिंह द्वारा यह कथन किया गया कि वह दान-दाता परिवार की वंषज हैं और मंदिर के अधिकांष भाग को वन-विभाग के द्वारा अपने अधिपत्य में ले लिया गया है। उसी तिथि को पर्षद द्वारा यह मत व्यक्त किया गया कि दोनों पक्ष पांच-पांच व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दें, जिससे कि 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया जा सके। अगली तिथि 27.03.2023 निर्धारित थी। उक्त तिथि पर ग्रामीणों के द्वारा एक आमसभा की बैठक दिनांक 20/03/2023 को करके 05 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया तथा ललन दास की तरफ से श्रीमति अर्पणा सिंह के हस्ताक्षर से एक लिखित प्रार्थना-पत्र में 06 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव न्यास समिति गठन किये जाने हेतु दिया गया और उक्त दोनों सूची को अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा को पर्षदीय पत्रांक- 143 दिनांक- 13.04.2023 भेजते हुए यह निर्देष दिया गया कि दोनों सूचियों में से 10 व्यक्तियों के नामों का चयन करके पर्षद को भेजें और यदि उनके ध्यान में यदि कोई अन्य धार्मिक एवं अच्छे चरित्र के व्यक्ति हों तो उनका नाम भी जोड़ा जा सकता है, जिस आलोक में दिनांक- 23.05.2023 निर्धारित की गयी और अस्थायी न्यासधारी श्री ललन दास की तरफ से उनके अधिवक्ता श्री नरेषचंद्र वर्मा, श्री नटराज वर्मा एवं श्री अरूण कुमार लाल ने वकालतनामा दाखिल किया तथा एक प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया, जिसमें उल्लेख किया है कि उक्त भूमि को लेकर के पक्षों के बीच में 107 द0 प्र0 सं0 की कार्यवाई चली है तथा नौरंगिया थाना कांड सं0-81/22 अन्तर्गत धारा 379 व अन्य धाराओं में दर्ज किया गया है, जो ग्रामीणों के द्वारा प्रस्तावित नामों में 03 व्यक्ति उक्त मामले में अभियुक्त हैैं। श्रीमती अपर्णा सिंह द्वारा एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया कि पूर्व में जो 06 नामाेंं की सूची पर्षद को दी गयी थी, उनमें से 02 (दो) व्यक्ति क्रम सं0-03 एवं 06 के स्थान पर क्रमषः श्री सुधीर चौधरी एवं श्री सोनू केवट को रखे जाने का प्रस्ताव दिया गया। अतः वर्णित तथ्यों पर विचार करते बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43(द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए आदेष दिनांक- 23.05.2023 द्वारा मंदिर में नियमित पूजा-पाठ, राग-भोग की व्यवस्था, आय के दुरूपयोग से बचाने एवं उसकी सम्पत्तियों सुरक्षा और समुचित विकास हेतु एक योजना का निरूपण किया जाता है।
योजना
01. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री माँ भगवती देवी मंदिर, ग्रामपो0- मदनपुर, थाना- नौरंगिया, जिला- पष्चिम चम्पारण'' न्यास योजना होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री माँ भगवती देवी मंदिर, ग्रामपो0- मदनपुर, थाना- नौरंगिया, जिला- पष्चिम चम्पारण'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।
02. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
03. न्यास परिसर में जगह-जगह दान-पात्र रखें जायेगें और निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष दान-पेटी खोल कर राषि की गणना की जायेगी और उस राषि और किराये आदि मद से प्राप्त सभी प्रकार की राषि (न्यास की समग्र आय) को न्यास के बचत खाता में जमा की जायेगी।
04. न्यास का बचत खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में खोला जायेगा। और खाता का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 10,000/-रूपयें या उससे अधिक का व्यय का भुगतान चेक द्वारा किया जायेगा एवं अन्य व्यय भी मंदिर के खाते से निकासी कर ही किया जायेगा।
05. न्यास समिति यदि किसी प्रकार का काई धार्मिक आयोजन/निर्माण/विकास आदि का कार्य करता है और उसमें 05 लाख से अधिक राषि व्यय होने का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति प्राप्त करना आवष्यक होगाऔर यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अंदर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जायेगी ।168 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 06. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास का आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्कआदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
07. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक का कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
08. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जाएगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
09. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
11. न्यास समिति के किसी भी सदस्य को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नहीं कर लिया जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संंबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
13. गोवंष एवं अन्य पषुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पषु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1990 (पी0सी0ए0) की धारा-11, भारतीय दंड संहिता (I.P.C) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः न्यास/मठ/ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के पषुओं (गोवंष/गोधन) कोबेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नही देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, जिसका उद्देष्य ''पषु की क्रुरता एवं वध'' होता हो या उक्त कार्यो का बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्याें द्वारा नहीं किया जायेगा।
श्री ललन दास मंदिर के संरक्षक/पुजारी के रूप में कार्य करते रहेंगे और समिति उनको सभी प्रकार के धार्मिक कार्याे के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग समय-समय पर देती रहगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किया जाता है :- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, प0 चम्पारण - पदेन अध्यक्ष 2. श्रीमति अर्पणा सिंह, ''बहुरानी'', पति-श्री करूनेन्द्र कुमार सिंह उपाध्यक्ष डुमरिया फार्म हाउस, ग्राम- मेंहुडा, थाना-बगहा 1, जिला- प0 चम्पारण। 3. श्री मुलायम कुमार, सचिव ग्राम-गोबरहिया, थाना- लौकरिया 4. श्री सुधीर चौधरी, पिता-श्री सीताराम चौधरी कोषाध्यक्ष 5. श्री गम्हा सहनी सदस्य 6. श्री सोनु केवट, पिता-स्व0 कुष केवट सदस्य 7. थानाध्यक्ष, नौरंगिया सदस्य
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/ बदलैन/विक्रय/पट्टा/लिज आदि पर देने या किसी भी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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23 जून 2023
सं0 919--मॉ भगवती मंदिर, ग्राम- बड़गॉव, पोस्ट- बिन्जी, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार पर्षद में सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में 60 वर्ष पूर्व से निबंधित है जिसकी निबंधन संख्या- 629 है। जिसकी व्यवस्था हेतु समय-समय पर पर्षद द्वारा न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। वर्ष 2007 में में जो न्यास समिति का गठन किया गया था, उसका कार्यकाल पुनः 05 वर्षो के लिए पर्षद के आदेष दिनांक-01.09.2011 द्वारा विस्तारित किया गया । पुनः उन्ही नामो को अगले 05 वर्ष के लिए 02 सदस्यों की मृत्यु होने के उपरांत 02 अन्य सदस्य श्री चंदन कुमार एवं श्री अषोक उरांव को जोड़ते हुए न्यास समिति का गठन दिनांक-17.11.2016 को किया गया। वर्तमान में इस न्यास समिति के अध्यक्ष द्वारा त्याग-पत्र दिया गया है और सचिव का स्वर्गवाष हो चुका है । कोषाध्यक्ष पर्षद के समक्ष उपस्थित हैं और उनसे पृच्छा किये जाने पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जा रहा है। उक्त न्यास समिति के विरूद्ध ग्रामीणों द्वारा काफी गंभीर आरोप लगाया गया है, इस संबंध में अंचलअधिकारी से न्यास समिति गठन हेतु नामों की मांग की गयी थी। अंचल अधिकारी ने पत्रांक- 732 दिनांक- 09.04.2021 द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया, उन प्रस्तावित नामों में भी कुछ व्यक्तियों के विरूद्ध ग्रामीणों के द्वारा आरोप लगाया गया। दिनांक-22.05.2023 को पर्षद के समक्ष स्थानीय श्री राजीव कुमार सिंह, न्यास समिति के कोषाध्यक्ष तथा प्रस्तावति न्यास समिति के तीन सदस्य एवं पर्षद के नोटिस के आलोक में न्यास भूमि पर व्यवसाय कर रहे 10 व्यवसायियों तथा मंदिर की भूमि लीज पर खेती कर रहें 10 व्यक्तियों को नोटिस जारी की गयी थी, के आलोक में 07 व्यवसायी आज उपस्थित है169 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 और इनलोगों के द्वारा पूर्व में जो राषि जमा की गयी थी, उसकी रसीद दाखिल की गयी है, जिससे स्पष्ट होता है कि सभी दुकानदारों के विरूद्ध 05 माह से लेकर 08 माह तक के किराये की राषि बकाया है, इस संबंध में सभी दुकानदारों को निर्देष दिया गया कि बकाया राषि को दिनांक-15.06.2023 के पूर्व मंदिर के बैंक खाते में जमा कर रसीद अपने पास सुरक्षित रखें और न्यास समिति गठनोंपरांत रसीद कोषाध्यक्ष को उपलब्ध करावें। न्यास समिति का कार्यकाल संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है, यद्यपि उनके द्वारा वर्ष 2020-21 तक की आय-व्यय विवरणी एवं बकाया शुल्क दाखिल किया गया है। कोषाध्यक्ष पर भी न्यास भूमि को अतिक्रमण कर रखने और खेती करने का आरोप आ रहा है। इसके विपरीत श्री लालबाबू सिंह, कोषाध्यक्ष द्वारा कथन किया गया कि उनके पास कोई भूमि नहीं है। इस संबंध में उन्हें शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देष दिया गया है। मंदिर में लगभग 22 ए0 65 डि0 जमीन है। पूर्व में समिति के द्वारा कुछ फोटोग्राफ दाखिल किये गये थे और उनका कथन है कि पूर्व में मंदिर काफी जर्जर और प्राचीन थी, जिसे पुनर्निर्माण कर बनाया गया है और जिसका गुम्बद का निर्माण होना बाकी है। स्थानीय लोगों के द्वारा कुछ नामों का प्रस्ताव दिया गया है और अंचल अधिकारी के द्वारा जो नामों का प्रस्ताव आया है, उनमें से कुछ के विरूद्ध आपराधिक इतिहास है, उन नामो ंपर विचार किया जाना उचित नहीं है।
अतः उपरोक्त वर्णित तथ्यों पर विचार करते बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए आदेष दिनांक- 22.05.2023 द्वारा मंदिर का प्रबंधन, उसकी सम्पत्तियों सुरक्षा और समुचित विकास हेतु एक योजना का निरूपण किया जाता है।
योजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''मॉभगवती मंदिर, ग्राम- बड़गॉव, पो0- बिन्जी, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार'' न्यास योजना होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''मॉभगवती मंदिर, ग्राम- बड़गॉव, पो0- बिन्जी, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार''होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास परिसर में जगह-जगह दान-पात्र रखें जायेगें और निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष दान-पेटी खोल कर राषि की गणना की जायेगी और उस राषि और किराये आदि से प्राप्त सभी राषि को न्यास के बचत खाता में जमा की जायेगी।
04. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। न्यास की समग्र आय इस बचत खाता में जमा की जायेगी।
05. न्यास समिति यदि किसी प्रकार का काई धार्मिक आयोजन/निर्माण/विकास आदि का कार्य करता है और उसमें 05 लाख से अधिक राषि व्यय होने का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति प्राप्त करना आवष्यक होगाऔर यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अंदर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जायेगी ।
06. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास का आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 07. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक का कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
08. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जोगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
09. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
11. न्यास समिति के किसी भी सदस्य को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नहीं कर लिया जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संंबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
13.गोवंष एवं अन्य पषुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पषु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1990 (पी0सी0ए0) की धारा-11, भारतीय दंड संहिता (I.P.C) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः न्यास/मठ/ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के पषुओं (गोवंष/गोधन) कोबेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नही देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, जिसका उद्देष्य ''पषु की क्रुरता एवं वध'' होता हो या उक्त कार्यो का बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्याें द्वारा नहीं किया जायेगा।170 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किया जाता है :-
01. श्री सुरेष राम, पिता- श्री अर्जुन राम - अध्यक्ष 02. श्री लाल बाबु सिंह, पिता- स्व0 बिहारी सिंह (निवर्तमान) - उपाध्यक्ष 03. श्री राजीव कुमार सिंह, पिता-स्व0 महेन्द्र प्र0 सिंह - सचिव 04. श्री महेन्द्र प्रसाद, पिता-स्व0 परमेष्वर प्रसाद साह - कोषाध्यक्ष 05. श्री संजय सिंह, पिता- श्री भोला सिंह - सदस्य 06. श्री अषोक कुमार सिंह, पिता-श्री हरिनारायण सिंह - सदस्य 07. श्री प्रेमलाल मुण्डा, पिता- श्री गोरख मुण्डा - सदस्य 08. श्री मनीष कुमार, पिता- श्री धर्मेन्द्र कुमार - सदस्य 09. श्री मुन्ना सहनी, पिता- श्री उपेन्द्र सहनी - सदस्य 10. श्री नवीन मिश्रा, पिता- श्री अजयकांत मिश्रा - सदस्य 11. श्री सियाराम सिंह, पिता- श्री जोगेष्वर सिंह - सदस्य सभी ग्राम- बड़गॉव, पोस्ट- बिन्जी, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/बदलैन/विक्रय/पट्टा/लिज आदि पर देने या किसी भी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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26 जून 2023
सं0 973--श्री शंकर भगवान जी धर्मषाला, पुस्तकालय, (भीमल महतो का मंदिर) नोनिया टोली, लाल बाजार, ग्रामपो0- बेतिया जिला- पष्चिम चम्पारण पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में निबंधित है, जिसकी निबंधन संख्या-3119 है। समर्पणनामा दिनांक-18.6.1962 द्वारा भिमल महतो ने श्री शंकर भगवान जी धर्मषाला, पुस्तकालय के नाम 02क0 05 धुर अराजी अर्पित की थी तथा उस समर्पणनामा के माध्यम से ही स्वयं को शामिल करते हुए 07 सदस्यी न्यास समिति का भी गठन किया था, जो उक्त मंदिर, धर्मषाला एवं पुस्ताकलय का देखभाल करती थी। विलेख में उल्लेखित अधिकांष सदस्यों के स्वर्गवाष हो जाने तथा उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पर्षद के आदेष द्वारा 05 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया जिसका प्रकाषन जिला गजट में दिनांक-16.05.1988 को प्रकाषित किया गया जिसमें अंचलाधिकारी को अध्यक्ष रखते हुए अन्य 04 सदस्यों को समिति में रखा गया था। अचंल अधिकारी ने पत्रांक- 1389 दिनांक- 10.12.91 द्वारा पर्षद को सूचित किया कि भीमल महतो के स्वर्गवास के पश्चात् श्री लक्ष्मण प्रसाद श्री षिवजी प्रसाद, श्री भिखारी प्रसाद एवं श्री जगरनाथ प्रसाद उसकी व्यवस्था देखते थें। जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा बिहारी प्रसाद को दिनांक-25.06.1987 को व्यवस्थापक के पद से हटाकर श्री भोला प्रसाद को व्यवस्थापक के रूप में रखा गया। उक्त भोला प्रसाद ने अपने प्रार्थना पत्र दिनांक-20.01.1991 में यह स्वीकार किया कि वर्ष 1988 से उनकी देखरेख में मंदिर पुस्तकालय, धर्मषाला एव ंदुकान है और वर्ष 1989 में 9000/- रूपयें खर्च करके धर्मषाला का जीर्णोद्धार किया गया और चंदा लेकर दुकान को पक्का बनाया गया, परंतु पूर्व का हिसाब का कोई लेखा-जोखा नहीं है। बिहारी लाल प्रसाद द्वारा दिनांक-03.10. 1991 को एक प्रार्थना पत्र दिया गया कि प्रार्थी को पर्षद द्वारा उक्त ट्रस्ट का व्यवस्थापक नियुक्त किया गया । समय-समय पर पर्षद द्वारा बिहारी लाल प्रसाद एवं गोपाल महतो से मंदिर की आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क आदि के संबंध मे ंनोटिस जारी की जाती रही परंतु उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई प्र्रत्युत्तर नहीं दाखिल किया गया। एक लंबेअंतराल के बाद दिनांक- 01.11.2022 को श्री शंभू प्रसाद द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया कि वह दानकर्त्ता परिवार के वंषज हैं। दानकर्त्ता भीमल महतो के भाई सरयुग महतों थें और सरयुग महतों की पुत्री गेना देवी और पुत्र गुलवचन महतो ओर गुलवचन महतो की एक पुत्री मीना देवी तथा एक पुत्र (प्रार्थी) शंभु प्रसाद महतो हैं और वर्ष 1962 के वक्फनामा द्वारा 2.5 (दो कट्ठा पॉच धुर) जमीन, जिसका तौजी सं0- 951, थाना नं0- 128, वार्ड नं0- 01, हो0 नं0- 134, 776, खेसरा सं0- 6076, 6077 व 6005 है। वर्तमान में उक्त मंदिर पर पूर्ण रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है। अपने प्रार्थना पत्र के साथ वंषावली, समर्पणनामा की छायाप्रति तथा हिन्दी प्रति दाखिल की है, जिस पर अंचलाधिकारी से एक रिपोर्ट की मांग पर्षदीय पत्रांक-3472 दिनांक- 07.01.2023 द्वारा की गयी। प्रार्थी शंभू प्रसाद द्वारा दिनांक-27.03.2023 मंदिर के कुछ फोटोग्राफ दाखिल किये गये थे, जिससे स्पष्ट होता है कि मंदिर, धर्मषाला जर्जर अवस्था में है और कभी भी धाराषायी हो सकता है। दिनांक-24.05.2023 को श्री शंभु महतो अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित होकर एक प्रार्थना पत्र दिया कि उक्त मंदिर के प्रांगण में 06 व्यक्ति द्वारा व्यवसाय किया जा रहा है उनके द्वारा किसी प्रकार का कोई राषि नहीं दी जाती है जिससे की मंदिर का विकास किया जा सके। साथ ही उनके द्वारा 06 व्यक्तियाें के नामों का प्रस्ताव न्यास समिति बनाये जाने हेतु दिया गया। उपरोक्त वर्णित तथ्यों से स्पष्ट होता है कि निबंधन के पश्चात् मंदिर की व्यवस्था पूर्ण रूप से अस्त-व्यस्त हो गयी है और न्यास समिति के द्वारा भी उसका दुरूपयोग किया गया और किसी भी प्रकार अधिनियम की धारा 59, 60, 70 का पालन नहीं किया गया।171 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 अतःवर्णित तथ्यों पर विचार करते बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए आदेष दिनांक- 24.05.2023 द्वारा मंदिर में नियमित पूजा-पाठ, राग-भोग की व्यवस्था, आय के दुरूपयोग से बचाने एवं उसकी सम्पत्तियों सुरक्षा और समुचित विकास हेतु एक योजना का निरूपण किया जाता है।
योजना
01. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' श्री शंकर भगवान जी धर्मषाला, पुस्तकालय, (भीमल महतो का मंदिर) नोनिया टोली, लाल बाजार, ग्रामपो0- बेतिया जिला- पष्चिम चम्पारण'' न्यास योजना होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री शंकर भगवान जी धर्मषाला, पुस्तकालय, (भीमल महतो का मंदिर) नोनिया टोली, लाल बाजार, ग्रामपो0- बेतिया जिला- पष्चिम चम्पारण'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।
02. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
03. न्यास परिसर में जगह-जगह दान-पात्र रखें जायेगें और निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष दान-पेटी खोल कर राषि की गणना की जायेगी और उस राषि और किराये आदि से प्राप्त सभी राषि को न्यास के बचत खाता में जमा की जायेगी।
04. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। न्यास की समग्र आय इस बचत खाता में जमा की जायेगी।
05. न्यास समिति यदि किसी प्रकार का काई धार्मिक आयोजन/निर्माण/विकास आदि का कार्य करता है और उसमें 05 लाख से अधिक राषि व्यय होने का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति प्राप्त करना आवष्यक होगाऔर यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अंदर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जायेगी ।
06. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास का आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 07. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक का कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
08. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जाएगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी। 09. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
11. न्यास समिति के किसी भी सदस्य को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नहीं कर लिया जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संंबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
13.गोवंष एवं अन्य पषुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पषु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1990 (पी0सी0ए0) की धारा-11, भारतीय दंड संहिता (I.P.C) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः न्यास/मठ/ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के पषुओं (गोवंष/गोधन) कोबेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नही देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, जिसका उद्देष्य ''पषु की क्रुरता एवं वध'' होता हो या उक्त कार्यो का बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्याें द्वारा नहीं किया जायेगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किया जाता है :-
01. अंचल अधिकारी, बेतिया,जिला-पष्चिम चम्पारण - पदेन अध्यक्ष 02. श्री शंभू प्रसाद महतो, पिता-स्व0 गुलवचन महतो - सचिव 03. श्री रामज्ञा महतो,पिता- श्री सहदेव महतो पता- वार्ड नं0-33, लाल बाजार, नोनिया टोली - कोषाध्यक्ष 04. श्री रंगी महतो, पिता-स्व0 बिगा महतो - सदस्य संत माईकल स्कूल के पास, कमलनाथ नगर 05. श्री रजा महतो, पिता-श्रीविष्वनाथ महतो - सदस्य पता- वार्ड नं0-33, लाल बाजार, गुरू़द्वारा रोड 06. श्री राकेष कुमार, पिता-श्री रामजी महतो - सदस्य लाल बाजार, नोनिया टोली172 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 सभी पो0थाना- बेतिया, जिला- प0 चम्पारण, पिनकोड-845438.
नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/बदलैन/ विक्रय/पट्टा/लिज आदि पर देने या किसी भी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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17 जून 2023
सं0 851--श्री कबीर मठ, ग्रामपोस्ट-रतनपट्टी, अंचलथाना-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-3802/07 है। पूर्व में उक्त मठ की देखभाल कबीर मठ के सन्यासी द्वारा की जाती थी, परन्तु पर्षद में किसी भी प्रकार का कोई पत्राचार, आय-व्यय विवरणी, बजट नहीं समर्पित किया जाता है। दिनांक- 11/12/2008 को श्री विद्यानंद गोस्वामी को अध्यक्ष नियुक्त करते हुए ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया, परन्तु विद्यानंद गोस्वामी द्वारा षड्यंत्र के तहत पूर्व से मठ की भूमि जो रैयत के रूप में सदगुरू कबीर के नाम से इन्द्राज थी, उस भूमि का इन्द्राज विद्यानंद गोस्वामी द्वारा अपने नाम करा लिया। मठ की खाता सं0- 813 की बहुत सी भूमि को विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय और दान करना प्रारंभ कर दिया, जो पूर्ण रूप से शुन्य दस्तावेज है, क्योंकि अधिनियम की धारा- 44 के अन्र्तगत बिना पर्षद की अनुमति के किया गया कार्य था।उक्त आरोपों के संबंध में श्री विद्यानंद गोस्वामी से स्पष्टीकरण की मांग की गई, उनके द्वारा लिखित कथन किया गया कि विक्रय-पत्र वापस लिया जा चुका है, परन्तु उक्त कथन के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य की प्रति प्रस्तुत नहीं की गई। अंचलाधिकारी को भी पूर्व की भांति रैयत के रूप में सदगुरू कबीर के नाम का इन्द्राज करने का निर्देष दिया गया, क्योंकि श्री विद्यानंद गोस्वामी रैयत के रूप में इन्द्राज पूर्ण रूप से क्षेत्राधिकार के बाहर और अवैध है।न्यासधारी (महंत) जी के विरूद्ध यह भी षिकायत प्राप्त हुयी कि वह मठ पर नहीं रहते हैं। ग्रामीणों द्वारा एक बैठक करके 11 व्यक्तियों की एक न्यास समिति का गठन, महंत जी के साथ मिलकर कार्य करने हेतु प्रस्तावित की गई, जिसकी प्रति संलग्न करते हुए न्यासधारी से उनके मतंव्य की मांगी की गई, परन्तु न्यासधारी श्री विद्यानंद गोस्वामी द्वारा आजतक किसी प्रकार का कोई मंतव्य पर्षद को उपलब्ध नहीं कराया गया।रैयत के इन्द्राज और संषोधन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी को भी दिनांक- 10/03/2023 को पत्र लिखा गया, परन्तु किसी प्रकार की कोई कार्यवाई की सूचना पर्षद को अभी तक नहीं प्राप्त हुई है।विगत 01 वर्ष से मंदिर की भूमि की बंदोबस्ती की राषि ग्रामीणों द्वारा स्थानीय न्यास समिति को दी जा रही है। उक्त राषि से मठ को सुरक्षित करने हेतु चहारदिवारी का निर्माण और एक पानी का मोटर तथा कबीर सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें 01 लाख रु0 से अधिक की राषि व्यय की गई है।आम सभा की बैठक दिनांक- 27/02/2022 द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचार करते हुये अतिक्रमणकारियों व भू-माफियाओं से मठ की भूमि को सुरक्षित करने हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
उपरोक्त परिस्थिति में आम सभा की बैठक दिनांक- 27/02/2022 द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचार करते हुए मठ की व्यवस्था एवं पुजा-पाठ, राग-भोग हेतु एक योजना का निरूपण करते हुए इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति गठन का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-18/05/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चात बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री कबीर मठ, ग्रामपोस्ट-रतनपट्टी, अंचलथाना-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री कबीर मठ न्यास योजना, ग्रामपोस्ट-रतनपट्टी, अंचलथाना-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री कबीर मठ न्यास समिति, ग्रामपोस्ट-रतनपट्टी, अंचलथाना-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।173 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ/मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
12. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 13. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
14. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
15. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
16. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष हेतु गठित की जाती हैः-
01. अंचल पदाधिकारी, मुरलीगंज - अध्यक्ष 02. श्री विद्यानंद गोस्वामी - उपाध्यक्ष 03. श्री रामदेव मंडल - उपाध्यक्ष 04. श्री अमोल मंडल - सचिव 05. श्री शषिभूषण दास - कोषाध्यक्ष 06. श्री मनोज मंडल - सदस्य 07. श्री चन्दन मंडल - सदस्य 08. श्री दिनेष मंडल - सदस्य 09. श्री लड्डू ठाकुर - सदस्य 10. श्री देवनारायण साह - सदस्य 11. श्री योगेन्द्र मंडल - सदस्य पता-''श्री कबीर मठ, ग्रामपोस्ट- रतनपट्टी, अंचलथाना- मुरलीगंज, जिला- मधेपुरा''। उक्त आदेष के आलोक मेेंराजस्व अभिलेख में ''श्री कबीर मठ, ग्रामपोस्ट-रतनपट्टी, अंचलथाना-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि को एक वर्ष से अधिक बंदोवस्ती के अतिरिक्त हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / बंधक / दान / लीज आदिपर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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13 जून 2023
सं0 795--श्री राम जानकी मन्दिर, ग्रामपो0-मुरली, थाना-भपटियाही, अंचल-सरायगढ़-भपटियाही जिला-सुपौल बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन संख्या-4659 है।174 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 उक्त मन्दिर के संबंध में ग्रामीणों द्वारा तथा अंचलाधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट दी गयी थी। पूर्व में मन्दिर को ध्वस्त करके मन्दिर में पूजा-पाठ करने वाले अनंत लाल मुखिया द्वारा अपने मकान का निर्माण किया जा रहा है। उक्त अनंत लाल मुखिया को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने हेतु सूचना दी गयी एवं निर्माण कार्य पर पुर्ण रूप से रोक लगाते हुए यथास्थिति कायम करने का निर्देष दिया गया। पर्षद में दाखिल दस्तावेज से यह स्वीकृत तथ्य है कि उक्त मन्दिर खाता संख्या-110 खेसरा संख्या-2 का कुल 01 ए0 89 डी0 जमीन समर्पणनामा द्वारा भगवान राम जानकी को समर्पित की गयी थी,जिसपर अनंत लाल मुखिया पर्षद के समक्ष उपस्थित हुए और कथन किया कि उक्त मन्दिर में लगभग 03 बी0 जमीन है, परन्तु कागजात उनके पास उपलब्ध नहीं है, जिसमें षिकायतकर्त्ता द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है और कथन करते है कि उक्त मन्दिर की खाता संख्या-110 की भूमि पर भी मन्दिर का निर्माण कर रहे है और वह कोई अपना निवास स्थान नहीं बना रहे है। इस संबंध में उन्हें निर्देष दिया गया है कि एक शपथ-पत्र दाखिल करें कि मन्दिर के नाम जो उपरोक्त खाते की भूमि है, उसमें किसी प्रकार का पक्का स्थायी निवास नहीं बनायेगे और यदि मन्दिर का निर्माण करते है तो उसमें सभी ग्रामीणो से सहयोग लेकर निर्माण करें तथा उक्त मन्दिर की भूमि की सुरक्षा हेतु अंचलाधिकारी को निर्देष दिया गया है कि मापी करके पोल तथा कटिले तार लगाकर उसकी घेराबन्दी करा ली जाए, जिससे किसी प्रकार का कोई निवास स्थान किसी भी व्यक्ति का नहीं बनाया जा सके। उक्त मन्दिर के निर्माण हेतु ग्रामीणों द्वारा दिनांक-15.11.2022 को बैठक कर 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया, जिसमें 03 ऐसा नाम है जो एक ही परिवार से आते है, बाप, बेटा या कुछ अन्य व्यक्ति है, जिनका आचरण उचित नहीं है तथा अनंत लाल मुखिया द्वारा भी सूची के कुछ व्यक्तियों का प्रस्ताव दिया।
अतः ग्रामीणों द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचार करते हुए मन्दिर के विकास, सुव्यवस्था हेतु पर्षदीय आदेष दिनांक-12.05.2023 के आलोक बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मन्दिर, ग्रामपो0-मुरली, अंचल-सरायगढ़-भपटियाही, थाना-भपटियाही, जिला-सुपौल'' की सम्पत्तियोंं कीे सुरक्षा, सम्यक प्रबंधन हेतू नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है।
योजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मन्दिर, ग्रामपो0-मुरली, अंचल-सरायगढ़-भपटियाही, थाना-भपटियाही,जिला-सुपौल'' न्यास योजना होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' श्री राम जानकी मन्दिर, ग्रामपो0-मुरली, अंचल-सरायगढ़-भपटियाही, थाना-भपटियाही,जिला-सुपौल न्यास समिति'' होगा जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास परिसर में जगह-जगह दान-पात्र रखें जायेगें और निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष दान-पेटी खोल कर राषि की गणना की जायेगी और उस राषि का न्यास के बचत खाता में जमा की जायेगी। न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्, संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा और आवष्यकतानुसार राषि की निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव में से एक एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। न्यास की समग्र आय इस बचत खाता में जमा की जायेगी।
5. न्यास समिति यदि किसी प्रकार का काई धार्मिक आयोजन/निर्माण/विकास आदि का कार्य करता है और उसमें 05 लाख से अधिक राषि व्यय होने का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति प्राप्त करना आवष्यक होगा और यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अंदर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जायेगी।
6. न्यास समिति चाहे तो मेला का आयोजन के संबंध में कार्यकारिणी समिति के रूप में कुछ व्यक्तियों को नियुक्त कर मेले का आयोजन करने हेतु स्वतंत्र रहेगी, लेकिन मेला के आयोजन से प्राप्त आय को पारदर्षिता पूर्वक और पूरी ईमानदारी/सत्यता के साथ जो बचत होगी उसे न्यास के बैंक खाता में जमा की जायेगी और प्रत्येक वर्ष का हिसाब मंदिर के प्रांगण में भी प्रदर्षित किया जायेगा कि कितनी आय हुयी और कितना खर्च हुआ और उसकी एक प्रति पर्षद को भी भेजी जायेगी।
7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास का आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
8. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक का कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
09. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 11. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।175 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 12. कार्यकारणी समिति के किसी भी सदस्य को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नहीं कर लिया जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संंबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. गोवंष एवं अन्य पषुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पषु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1990 (पी0सी0ए0) की धारा-11, भारतीय दंड संहिता (I.P.C) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः न्यास/मठ/ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के पषुओं (गोवंष/गोधन) कोबेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नही देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, जिसका उद्देष्य ''पषु की क्रुरता एवं वध'' होता हो या उक्त कार्यो का बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्याें द्वारा नहीं किया जायेगा।
15. समिति आपस में मिलकर शीघ्र मन्दिर का निर्माण का कार्य प्रारम्भ करें। मुखिया का सहयोग लेकर मन्दिर निर्माण का करायेगे। उपरोक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित न्यास समिति का गठन 01 वर्ष के लिए अस्थायी रूप से किया जाता हैं :-
1. श्री महेन्द्र मुखिया, पिता-स्व0 गर्भू मुखिया - अध्यक्ष 2. श्री अनंत लाल मुखिया, पिता-स्व0 लक्ष्मी मुखिया - उपाध्यक्ष 3. श्री रामषरण पाण्डे - सचिव 4. श्री रमेष मुखिया, पिता- स्व0 गोपाली मुखिया - कोषाध्यक्ष 5. श्री कमल नारायण, पूर्व सरपंच - सदस्य 6. श्री सुबोध कुमार यादव, पिता-श्री योगेन्द्र यादव - सदस्य 7. श्री वासुदेव मेहता पिता-स्व0 राजाराम मेहता - सदस्य
सभी ग्रामपो0-मुरली, थाना-भपटियाही, जिला-सुपौल नोटः-1़. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/बदलैन/विक्रय/पट्टा/लिज आदि पर देने या किसी भी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
2. उक्त आदेष के आलोक में राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी मन्दिर, ग्रामपो0-मुरली, अंचल-सरायगढ़-भपटियाही, थाना-भपटियाही,जिला-सुपौल'' के नाम में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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13 जून 2023
सं0 792--श्रीश्री 108 तिल्हेष्वर स्थान, ग्रामपो0-सुखपुर जिला-सुपौल बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन संख्या-3849 है।
निबंधन के पष्चात कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्वयं-भू समिति बनाकर मन्दिर का संचालन कर, उसकी आय को निजी रूप से प्रयोग किया जा रहा है। पर्षद में कभी भी अधिनियम की धारा 59, 60, 70 के प्रावधानों का कभी पालन नहीं किया गया। प्रषासनिक पदाधिकारी से भी नयी समिति बनाये जाने हेतु नामों की मांग की जाती रही, लेकिन कोई प्रस्ताव नहीं प्राप्त हुआ। दिनांक-27.05.2021 को लगभग 20 से अधिक व्यक्तियों के हस्ताक्षर से एक प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ। स्वयं भू न्यास समिति के कार्यो से असंतुष्ट होकर आमसभा दिनांक-29.03.2021 को की गयी, जिसमें 04 व्यक्तियों को मन्दिर की देख-भाल हेतु नियुक्त किया गया। उक्त चारों व्यक्ति द्वारा पर्षद में पहली बार 04 माह (अप्रैल, मई, जून, जूलाई) मन्दिर और भक्तों से प्राप्त आय 1,11,409/- रुपये मन्दिर से प्राप्त हुआ और यह कथन किया कि मन्दिर की आय कम से कम 05 लाख रुपये है, जिससे विकास समिति सारी आय को बंदरबाँट कर लेती है। दिनांक-06.08.2021 को पर्षद की सुनवाई के समय यह मामला उठाया गया कि स्वयं-भू न्यास समिति पिछले 10 वर्षो से मन्दिर की आय के संबंध में रजिस्टर, बजट, आय-व्यय विवरण कभी नहीं दाखिल किया है, जो उनकी कार्यवाही पर प्रष्नचिन्ह खड़ा करता है। पुनः दिनांक-08.11.2021 को सभी पक्षों को सुनने के पष्चात् निर्देष दिया गया कि दोनों पक्ष अंचलाधिकारी की अध्यक्षता में उपस्थित होकर सर्वसम्मति से 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव पर्षद को भेजे तथा पूर्व न्यास समिति द्वारा कथन किया गया कि 04 प्रभारी सदस्य पूर्व सभी रजिस्टर दस्तावेज अपने आधिपत्य में ले लिया है, जिससे पूर्व की आय-व्यय, बजट दाखिल करने में असमर्थ है। उन्हें निर्देष दिया गया कि एक लिखित प्रार्थना-पत्र देकर जो कागजात प्राप्त करना चाहते है प्रभारी कमिटी से प्राप्त करें या उसकी फोटोप्रति पूर्व स्वयं-भू न्यास समिति को उपलब्ध करा दें। इसी बीच प्रभारी 04 सदस्यीय कमिटी ने अप्रैल, 2021 से दिसम्बर, 2021 तक कोरोना होने के कारण 2,45,960/- रुपये आय दर्षित की तथा यह भी उल्लेख किया कि उस राषि से 02 कमरे, 01 हॉल, लगभग 2.5 लाख रुपये निर्माण में खर्च किया गया तथा पिछले 08 वर्षो में मन्दिर के विकास के रूप में किये गये कार्य का उल्लेख करते हुए, उसका फोटो भी176 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 दाखिल किया और अंचलाधिकारी से दुरभाष पर बात होने पर उनके द्वारा आष्वासन दिया गया कि शीघ्र एक प्रस्ताव समिति हेतु भेज देंगे। दिनांक-28.10.2022 को समिति द्वारा पर्षद के संज्ञान में लाया गया कि स्वयं-भू न्यास समिति द्वारा जो रजिस्टर संधारित किया था, राजिस्टर अप्रैल, 2017 से जुलाई 2019 तक लगभग 3.5 लाख रुपये और अगस्त, 2019 से फरवरी, 2019 तक 03 लाख रुपये प्र्रदर्षित किया। उपरोक्त के आलोक में स्वयं-भू न्यास समिति के सचिव को पत्र भेजकर उक्त राषि के संबंध में तद्नुसार लेखा-जोखा की मांग की गयी। दिनांक-02.02.2023 को दोनों पक्षों को सुना गया। पूर्व न्यास समिति के कुछ सदस्य उपस्थित थे। उनके द्वारा पुनः वही प्रार्थना की गयी उनके पास उनके द्वारा संधारित रजिस्टर वगैरह नहीं है। प्रभारी समिति को निर्देष दिया गया कि दिनांक-05.02.2023 को स्वयं-भू न्यास समिति के सदस्यों को जो पूर्व के रजिस्टर है, उन्हें उपलब्ध करा दें और उन्हें अंतिम अवसर दिया गया कि पिछले 07 वर्षो की आय-व्यय, विकास आदि के कार्य के संबंध में लिखित प्रार्थना-पत्र, विकास कार्यो का फोटो आदि दाखिल करें।
उपरोक्त आदेष का पालन करने हेतु दिनांक-12.05.2023 की तिथि निर्धारित की गयी थी। निर्धारित तिथि को स्वयं-भू न्यास समिति का कोई भी सदस्य न तो उपस्थित हुए और न उनके द्वारा पिछले 07 वर्षो का आय-व्यय, खर्च राषि कहाँ है, इस संबंध में कोई भी प्रत्योत्तर नहीं दाखिल किया। इसी बीच अनुमण्डल पदाधिकारी के द्वारा 13 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव पर्षद को दिनांक-02.02.2023 को प्राप्त हुआ। जिस संबंध में 04 सदस्यीय प्रभारी समिति के द्वारा तथा कुछ ग्रामीणों के द्वारा दिनांक-04.03.2023 के प्रस्ताव समिति के विरूद्ध आरोप दाखिल कर, उसमें आरोपित किया है कि पूर्व स्वयं-भू न्यास समिति के सचिव, अरूण कुमार झा, मुन्ना द्वारा पिछले 07 वर्षो की आय-व्यय का निजी हित में प्रयोग कर आजतक हिसाब नहीं दाखिल किया तथा प्रस्तावित सूची में 04 सदस्यीय प्रभारी समिति में से मात्र एक व्यक्ति दुर्गेष महतो को ही स्थान दिया, जबकि ग्रामीणों द्वारा 04 सदस्यीय समिति को प्रभार दिया गया है, उनका कार्य पुर्ण रूप से सराहनीय है, क्योकि उनके द्वारा वर्ष 2021-22 में लगभग 04 लाख रुपये की आय तथा वर्ष 2022-23 में 8.5 लाख रुपये की आय विभिन्न स्त्रोतों से मन्दिर के संबंध में दस्तावेज के साथ अपना पत्र दाखिल किया है। यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष मन्दिर के सामने काफी गडढ़ा को, पोखर, सीढ़ी आदि की व्यवस्था के लिए सिमेन्ट, बालू गिट्टी तथा दानपेटी, स्टील का गेट मन्दिर के चारो तरफ विकास संबंधी कार्य किया गया, परन्तु उपरोक्त 04 प्रभारी समिति के सदस्यों के नाम अनुमण्डल पदाधिकारी के प्रस्ताव में नहीं रखे जाने का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है।
अतः अनुमण्डल पदाधिकारी के प्रस्ताव तथा ग्रामीणों द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचार करते हुए मन्दिर के विकास, सुव्यवस्था हेतु पर्षदीय आदेष दिनांक-12.05.2023 के आलोक बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री श्री 108 तिल्हेष्वर स्थान, ग्रामपो0-सुखपुर जिला-सुपौल '' की सम्पत्तियोंं कीे सुरक्षा, सम्यक प्रबंधन हेतू नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है।
योजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 तिल्हेष्वर स्थान, ग्रामपो0-सुखपुर जिला-सुपौल'' न्यास योजना होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 तिल्हेष्वर स्थान, ग्रामपो0-सुखपुर जिला-सुपौल न्यास समिति'' होगा जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास परिसर में जगह-जगह दान-पात्र रखें जायेगें और निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष दान-पेटी खोल कर राषि की गणना की जायेगी और उस राषि का न्यास केबचत खाता में जमा की जायेगी। न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्, संधारण किया जायेगाऔर समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा और आवष्यकतानुसार राषि की निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव में से एक एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। न्यास की समग्र आय इस बचत खाता में जमा की जायेगी।
5. न्यास समिति यदि किसी प्रकार का काई धार्मिक आयोजन/निर्माण/विकास आदि का कार्य करता है और उसमें 05 लाख से अधिक राषि व्यय होने का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति प्राप्त करना आवष्यक होगा और यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अंदर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जायेगी।
6. न्यास समिति चाहे तो मेला का आयोजन के संबंध में कार्यकारिणी समिति के रूप में कुछ व्यक्तियों को नियुक्त कर मेले का आयोजन करने हेतु स्वतंत्र रहेगी, लेकिन मेला के आयोजन से प्राप्त आय को पारदर्षिता पूर्वक और पूरी ईमानदारी/सत्यता के साथ जो बचत होगी उसे न्यास के बैंक खाता में जमा की जायेगी और प्रत्येक वर्ष का हिसाब मंदिर के प्रांगण में भी प्रदर्षित किया जायेगा कि कितनी आय हुयी और कितना खर्च हुआ और उसकी एक प्रति पर्षद को भी भेजी जायेगी।
7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास का आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।177 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 8. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक का कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
09. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जाऐगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 11. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
12. कार्यकारणी समिति के किसी भी सदस्य को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नहीं कर लिया जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संंबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. गोवंष एवं अन्य पषुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पषु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1990 (पी0सी0ए0) की धारा-11, भारतीय दंड संहिता (I.P.C) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः न्यास/मठ/ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के पषुओं (गोवंष/गोधन) कोबेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नही देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, जिसका उद्देष्य ''पषु की क्रुरता एवं वध'' होता हो या उक्त कार्यो का बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्याें द्वारा नहीं किया जायेगा।
15. न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि शीघ्र बैंक खाता खोलकर सभी राषि जो पिछले 02 वर्षो में बचत हुई है, उसे बैंक में जमा कराये। 10000/- से अधिक की राषि चेक के माध्यम से ही भुगतान किया जायेगा। बैंक खाता का संचालन कोषाध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष या सचिव में से किसी एक व्यक्ति के संयुक्त हस्ताक्षर से ही किया जायेगा।
16. न्यास समिति को यह अधिकार रहेगा कि मंदिर में पूजा-पाठ आदि के लिए वह किसी व्यक्ति को रख सकती है और उसके लिए एक निर्धारित राषि मासिक के रूप में उसको भुगतान की जायेगी, उसके अलावा नियुक्त पुजारी को किसी प्रकार का कोई अधिकार मंदिर के चढ़ावा, दान-पेटी, भूमि की आय से कोई संबंध नहीं रहेगा। उपरोक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित न्यास समिति का गठन 01 वर्ष के लिएअस्थायी रूप से किया जाता हैं :-
1. अनुमण्डल पदाधिकारी, सुपौल - अध्यक्ष 2. अंचलाधिकारी, सुपौल - उपाध्यक्ष 3. श्री वंषमणि सिंह - सचिव 4. श्री मनू कुमार झा पुत्र-रविकान्त झा - कोषाध्यक्ष 5. श्री विजय मंडल - सदस्य 6. श्री सुबोध कुमार झा - सदस्य 7. श्री रविन्दर पाण्डे - सदस्य 8. श्री रामाषंकर सिंह उर्फ गोपाल सिंह - सदस्य 9. श्री अमरेन्द्र सिंह - सदस्य 10. श्री धीरेन्द्र कामत - सदस्य 11. श्री रामचन्द्र चौधरी - सदस्य
सभी ग्रामीण ग्रामपो0-सुखपुर जिला-सुपौल। नोटः-1़. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/बदलैन/विक्रय/पट्टा/लिज आदि पर देने या किसी भी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
2. उक्त आदेष के आलोक में राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि '' श्री श्री 108 तिल्हेष्वर स्थान, ग्रामपो0-सुखपुर जिला-सुपौल '' के नाम में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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16 जून 2023
सं0 823--श्री श्री 108शिव पार्वती मंदिर, ग्राम- इसराइनपुर, पो0- यदुआपट्टी, अचंल- कुमारखंड, जिला- मधेपुरा, पर्षद के अन्र्तगत अधिनियम की धारा-34 के तहत एक निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4660 है।178 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 इस न्यास के संबंध में निबंधित समर्पणनामा दिनांक- 05.08.1972 तथा वर्तमान में मंदिर की फोटोग्राफ दाखिल किया गया। दान-पात्र से स्पष्ट है कि मौजा इसराईन में श़िव पार्वती का एक मंदिर है और दानकर्त्ता ने अपने 08 ए0 71 डी0 पुराना खाता सं0- 222, नया खाता सं0- 352, खेसरा सं0- 1311 जो मौजा गुड़िया में स्थित है, उसकी राग-भोग, पूजा-पाठ के लिए दान किया। उक्त विलेख के द्वारा ही सीताराम सिंह, पिता- स्व0 सूर्य नारायण प्रसाद सिंह को मंदिर की व्यवस्था हेतु सेवायत नियुक्त किया और उक्त सेवायत सीताराम सिंह का स्वर्गवास वर्ष- 2000 के आस-पास हो चुका है। ग्रामीणों द्वारा सूचित किया गया है कि ग्रामीणों के आपसी सहयोग चंदे तथा दान से मौजा गुड़िया में खाता सं0- 352, खेसरा सं0- 1311, 1419, 1433 पर भी मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आगे यह भी सूचित किया गया है कि इसराईन में स्थित मंदिर में पूजा-पाठ नारायण शेखर झा द्वारा किया जाता है और चूॅकि गुड़िया की भूमि फर्जी व्यक्तियों के द्वारा क्रय-विक्रय किया जा रहा था, जिस संबंध में एक ह0 वाद- 394/2021 की ग्रामीणों के द्वारा उक्त पंजी क्रेता-विक्रेता को पत्रकार बनाते हुए दाखिल किया गया है। विक्रय पत्र के क्रेता शशि भूषण सिंह द्वारा विक्रय निर्गत किया गया है, जबकि शषि भूषण सिंह न तो दानकर्त्ता परिवार से आते है और न ही सेवायत परिवार से आते है। ग्रामीणों के एक आम बैठक दिनांक- 15.01.2023 को की गई और उक्त बैठक में लगभग 200 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति में 11 व्यक्तियों का चयन किया गया, परन्तु उक्त प्रस्ताव में दानकर्त्ता श्रीमती सीता देवी के पुत्रगण कालु सिंह व शेखर सिंह के नाम पर विचार नहीं किया गया है अतः समपर्णकर्त्ता के बड़े पुत्र कालु सिंह को सदस्य के रूप में मान्यता दिया जाना आवश्यक है, साथ ही इसराईन में स्थित शिव पार्वती मंदिर की देखभाल पुजारी नारायण शेखर झा द्वारा किया जाना स्वीकृत है। उनको भी न्यास समिति में रखा जाना उचित होगा। अतः उक्त दोनों नामों पर विचार करतेहुए मन्दिर के विकास, सुव्यवस्था हेतु पर्षदीय आदेष दिनांक-18.05.2023 के आलोक बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए '' श्री श्री 108शिव पार्वती मंदिर, ग्राम- इसराइनपुर, पो0- यदुआपट्टी, अचंल- कुमारखंड, जिला- मधेपुरा'' की सम्पत्तियोंं कीे सुरक्षा, सम्यक प्रबंधन हेतू नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है।
योजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108शिव पार्वती मंदिर, ग्राम- इसराइनपुर, पो0- यदुआपट्टी, अचंल- कुमारखंड, जिला-मधेपुरा '' न्यास योजना होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108शिव पार्वती मंदिर, ग्राम- इसराइनपुर, पो0- यदुआपट्टी, अचंल- कुमारखंड, जिला- मधेपुरा न्यास समिति '' होगा जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास परिसर में जगह-जगह दान-पात्र रखें जायेगें और निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष दान-पेटी खोल कर राषि की गणना की जायेगी और उस राषि का न्यास के बचत खाता में जमा की जायेगी। न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्, संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा और आवष्यकतानुसार राषि की निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव में से एक एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। न्यास की समग्र आय इस बचत खाता में जमा की जायेगी।
5. न्यास समिति यदि किसी प्रकार का काई धार्मिक आयोजन/निर्माण/विकास आदि का कार्य करता है और उसमें 05 लाख से अधिक राषि व्यय होने का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति प्राप्त करना आवष्यक होगा और यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अंदर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जायेगी।
6. न्यास समिति चाहे तो मेला का आयोजन के संबंध में कार्यकारिणी समिति के रूप में कुछ व्यक्तियों को नियुक्त कर मेले का आयोजन करने हेतु स्वतंत्र रहेगी, लेकिन मेला के आयोजन से प्राप्त आय को पारदर्षिता पूर्वक और पूरी ईमानदारी/सत्यता के साथ जो बचत होगी उसे न्यास के बैंक खाता में जमा की जायेगी और प्रत्येक वर्ष का हिसाब मंदिर के प्रांगण में भी प्रदर्षित किया जायेगा कि कितनी आय हुयी और कितना खर्च हुआ और उसकी एक प्रति पर्षद को भी भेजी जायेगी।
7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास का आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
8. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक का कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष के अनुपलब्ध रहने की स्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
09. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जोगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा।179 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 11. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
12. कार्यकारणी समिति के किसी भी सदस्य को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नहीं कर लिया जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संंबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि मंदिर की भूमि पर जिनके द्वारा अवैध रूप से क्रय-बिक्रय या अतिक्रमण किया गया है, उन सभी के विरूद्ध बिहार हिन्दू धार्मिक न्यायाधिकरण में शीघ्र वाद दायर करें।
15. गोवंष एवं अन्य पषुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पषु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1990 (पी0सी0ए0) की धारा-11, भारतीय दंड संहिता (I.P.C) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः न्यास/मठ/ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के पषुओं (गोवंष/गोधन) कोबेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नही देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, जिसका उद्देष्य ''पषु की क्रुरता एवं वध'' होता हो या उक्त कार्यो का बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्याें द्वारा नहीं किया जायेगा।
16. न्यास समिति के सचिव को जो मंदिर की भूमि के संबंध में वाद और मुकदमें है, उसमें पैरवी करने के लिए अधिकृत किया जाता है । उपरोक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से किया जाता है :-
01. श्री जीवनेश्वर मंडल - अध्यक्ष
02. श्री कालू सिंह - उपाध्यक्ष 03. श्री राजेन्द्र यादव - उपाध्यक्ष (2) 04. श्री जर्नांदन मंडल - सचिव 05. श्री मनोज कुमार - कोषाध्यक्ष 06. श्री अरविन्द यादव - उप सचिव 07. श्री लक्ष्मण मंडल - सदस्य 08. श्री ललित नाथ मंडल उर्फ पूरण मंडल - सदस्य 09. श्री शंकर मंडल - सदस्य 10. श्री बद्री पासवान - सदस्य 11. श्री नारायण शेखर झा - सदस्य (सह पुजारी) सभी निवासी-ग्राम-गुड़िया, पो0-कुमारखण्ड, अंचल-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा। नोटः-1़. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/बदलैन/विक्रय/पट्टा/लिज आदि पर देने या किसी भी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
2. उक्त आदेष के आलोक में राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि '' श्री श्री 108शिव पार्वती मंदिर, ग्राम- इसराइनपुर, पो0- यदुआपट्टी, अचंल- कुमारखंड, जिला- मधेपुरा '' के नाम में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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24 मई 2023
सं0 619--श्री श्री उदासीन संगत,ग्राम-तारापुर, पोस्टथाना-एकंगरसराय, जिला-नालंदा,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-3911/09 है। पूर्व में उक्त मठ की देखभाल न्यासधारी श्री द्वारिका दास द्वारा की जाती रही है। पर्षद द्वारा दिनांक- 24/11/1980 को श्री द्वारिका दास को उक्त मठ का न्यासधारी नियुक्त किया गया और महंती प्रमाण-पत्र भी निर्गत किया गया। तत्पष्चात् श्री मौनी दास को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया।श्री मौनी दास द्वारा प्रार्थना-पत्र समर्पित किया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि वह काफी वृद्ध हो गये हैं और जमीन का अतिक्रमण किया जा रहा है। उनके अनुरोध पर 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन दिनांक- 21/05/2009 को किया गया। उक्त मठ में पुर्व में लगभग 62 बीघा भूमि निबंधन के समय थी। लेकिन तत्कालिन कुछ महंतों द्वारा बिना पर्षद की अनुमति के अवैध रूप से बहुत सी भूमि हस्तनान्तरित कर दी गयी। स्थानीय लोगों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में उक्त मठ की लगभग 26 एकड़ भूमि मठ के आधिपत्य में है। पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति भी पूर्ण रूप से निष्क्रिय रही। इसी बीच दिनांक- 30/09/2015 को श्री मौनी दास के स्वर्गवास के पष्चात् श्री सागर दास नामक व्यक्ति ने दिनांक- 16/10/2015 को एक प्रार्थना-पत्र दिया। एक अन्य व्यक्ति श्री नित्यानंद द्वारा भी उक्त मठ में स्वयं को न्यासधारी/महंत नियुक्त किये जाने हेतु एक प्रार्थना-पत्र दिया180 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 गया। दोनों पक्षों को विस्तारपूर्वक दिनांक- 01/02/2021 को सुना गया। दोनों पक्षों के द्वारा अपने-अपने दावा के समर्थन में कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किये गये जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 के अन्तर्गत महंत के विषय में निर्णय लेने का अधिकार पर्षद को नहीं है। तदनुसार दोनों पक्षों को निर्देष दिया गया कि अपने विवाद के संबंध में सक्षम न्यायालय में मुकदमा दाखिलकर सकते हैं। चूंकि उक्त संगत में महंत/न्यासधारी का दावा कर रहे श्री सागर दास द्वारा अवैध रूप से जमीन का विक्रय प्रारंभ कर दिया था तथा जमीन को राजस्व कर्मचारी के मेल से अपने नाम भी करा लिया जो उनकी मानसिक स्थिति स्पष्ट करता है। तत्पष्चात् उक्त संगत की सुरक्षा हेतु न्यास समिति गठित किये जाने का निर्णय लिया गया। न्यास समिति गठन हेतु अंचलाधिकारी से 10 धार्मिक अच्छे चरित्र के व्यक्तियों के नामों की मांग की गयी। साथ ही उदासीन बड़ी पंचायत, इलाहाबाद को भी पत्र भेज कर किसी अच्छे साधु के नाम की मांग की गयी, परन्तु खेद की बात है कि बार-बार पत्र जारी किये जाने के पष्चात् भी अचंलाधिकारी के द्वारा कोई भी नाम का प्रस्ताव नहीं दिया गया और न ही पंचायती अखाड़ा, इलाहाबाद का कोई पत्र प्राप्त हुआ। ऐसी असमंजस की स्थिति का लाभलेकर श्री सागर दास द्वारा लगातार संगत की भूमि को दुरूपयोग करने की षिकायत प्राप्त हो रही है।
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दिनांक- 16/04/2023 को एक आम सभा कर 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है तथा ई-मेल के माध्यम से भी एक आम सभा दिनांक- 25/03/2023 को 10 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव पर्षद में प्राप्त हुआ है।प्राप्त दोनों सूची में से विचारोपरान्त उक्त संगत के सुगम व्यवस्था, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन व भूमि की सुरक्षा व बंदोबस्ती के उद्देष्य से एक योजना का निरूपण करते हुए श्री राकेष कुमार रौषन, स0वि0स0, बिहार को संरक्षक के रूप में मनोनित करते हुये न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किया जाता है।
उपरोक्त परिस्थिति में मंदिर की व्यवस्था नियमित रागभोग, पूजा-पाठ हेतु एक योजना का निरूपण करते हुये इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए किया जाता है।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-26/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुएश्री श्री उदासीन संगत, ग्राम-तारापुर, पोस्टथाना-एकंगरसराय, जिला-नालंदाके सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री श्री उदासीन संगत न्यास योजना, ग्राम-तारापुर, पोस्टथाना-एकंगरसराय, जिला-नालंदा''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री श्री उदासीन संगत न्यास समिति, ग्राम-तारापुर, पोस्टथाना-एकंगरसराय, जिला-नालंदा''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
12. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।181 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 13. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
14. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
15. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
16. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष हेतु गठित की जाती हैः-
श्री राकेष कुमार रौषन, स0वि0स0, - संरक्षक 1. अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा, नालंदा - पदेन अध्यक्ष 2. श्री आजाद कुमार, पिता- जनार्दन प्रसाद - कार्यकारी अध्यक्ष 3. श्री ललन कुमार, पिता- कामनन्दन प्रसाद - सचिव 4. श्री सुरज कुमार, पिता- इन्द्रदेव प्रसाद - कोषाध्यक्ष 5. श्री महेष प्रसाद, पिता- स्व0 वालदेव राउत - सदस्य 6. श्री कुमार चंद्रकांत सिंह, पिता- स्व0 चन्द्रषेखर सिंह - सदस्य 7. श्री कुमार प्रभाकर, पिता- स्व0 रामाषीष सिन्हा - सदस्य 8. श्री दिलीप चौहान, पिता- स्व0 रामविलास सिन्हा - सदस्य 9. श्री उदय कुमार, पिता- देवनन्दन प्रसाद - सदस्य 10. श्रीमती रीता कुमारी, पिता/पति- देवनन्दन प्रसाद - सदस्य पता-श्री श्री उदासीन संगत, ग्राम- तारापुर, पोस्टथाना- एकंगरसराय, जिला- नालंदा । उक्त आदेष के आलोक मेेंराजस्व अभिलेख में ''श्री श्री उदासीन संगत, ग्राम-तारापुर, पोस्टथाना-एकंगरसराय, जिला-नालंदा''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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27 मई 2023
सं0 652--श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, (षिवगंज कुटिया),ग्राम-शिवगंज, पोस्ट-डिहरी-ऑन- सोन, थाना-डिहरी, जिला-रोहतास, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-2033 है।
उक्त मंदिर में लगभग 09 एकड़ भूमि है, परन्तु समिति का कहना है कि 6.52 एकड़ भूमिश्री जगदीष यादव और 02 एकड़ भूमि श्री षिवपूजन सिंह द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके रखा हुआ है और कोई राषि का भुगतान नहीं किया जाता है। इस संबंध में निबंधित डाक द्वारा नोटिस भेज कर श्री जगदीष यादव से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री जगदीष यादव द्वारा दिनांक- 23/06/2022 को अपना स्पष्टीकरण/प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया, जिसमें उल्लेख किया है कि यदि समिति के पास प्रार्थी को बंदोबस्ती 6,000/-रू0 प्रति बीघा देने का हिसाब हो, तो समर्पित करें। यह भी अवगत कराते हैं कि उनके पास मात्र 4.10 एकड़ जमीन अधिपत्य में है और 12,200/-रू0 बंदोबस्ती देते हैं और वर्ष 2012-13 तक लगान दे दिया है तथाशेष जो बचा है, उसे जोड़ कर तीन-चार किस्तो में दे देंगे, परन्तु न तो वह कभी पर्षद के समक्ष उपस्थित हुए और न हीं किसी प्रकार का कोई दस्तावेज दाखिल किया गया और न हीं उनके द्वारा स्वयं स्वीकृत राषि जमा की गयी तथा समिति पर प्रष्न उठाते हैं कि बंदोबस्ती संबंधी कोई कागज हो तो दें।पूर्व में किसी न्यासधारी द्वारा उनको जमीन दी गयी थी, तो वह मात्र 03 वर्ष से अधिक के लिए नहीं दी जा सकती है। उनके द्वारा स्वीकृति यह स्पष्ट करती है कि पूर्ण रूप से अतिक्रमण करके मंदिर की भ्ूामि से होने वाली आय को निजी उपयोग कर रहे हैं। कभी पर्षद के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि उक्त भूमि की बंदोबस्ती खुली डाक द्वारा अपने स्तर से करायी जाए। न्यास समिति द्वारा मंदिर का कुछ फोटोग्राफ भी दाखिल किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मंदिर वर्तमान में182 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 साफ-सुथरा और आकर्षक है। मंदिर के प्रांगण में एक कोचिंग संस्थान भी चलता है,जिसके द्वारा 1,500/-रू0 प्रतिमाह किराया का भुगतान किया जाता है।
मंदिरमें कुछ दान-चढ़ावा भी आता है, जो मंदिर का रागभोग, पूजा-पाठ और सफाई वगैरह में व्ययकिया जाता है। न्यास समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। कुछ सदस्यों को स्वर्गवास भी हो गया है। नवीन न्यास समिति के गठन हेतु दिनांक- 01/03/2023 को आम सभा का प्रस्ताव पर्षद में उपलब्ध कराया गया, जबकि इसी संबंध में श्री चंद्रगुप्त मेहरा द्वारा वर्तमान न्यास समिति के विरूद्ध कुछ आरोप लगाते हुए 07 सदस्यीय नामों का प्रस्ताव दिया गया, जिसमें 13 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं, जबकि पर्षदीय आदेष दिनांक- 25/09/2012 द्वारा श्री मनोहर दास को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था, जो वर्तमान में वर्ष 2014 में गठित न्यास समिति के कोषाध्यक्ष हैं।दिनांक- 31/03/2023 को श्री अषोक कुमार मौर्य के हस्ताक्षर से प्राप्त प्रस्ताव में कुछ ऐसे व्यक्ति हैं जो वर्ष 1996 में समिति के सदस्य थे। वर्तमान समिति के विरूद्ध जो आरोप लगाये गये थे, उस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है। समिति द्वारा समय-समय पर आय-व्यय विवरणी जमा की जाती है, बैंक का खाता भी खोला गया है जिसका खाता सं0-460210110011628, बैंक ऑफ इण्डिया में मंदिर के नाम से संचालित है। किसी स्थानीय महिला के द्वारा न्यास समिति के विरूद्ध कोई आरोप पर्षद में आज तक नहीं दिया गया है। मंदिर की अधिकांष भूमि लगभग 8.50 एकड़ जो अवैध रूप से अधिपत्य में है, उसके उपरांत भी मंदिर में केवल कोचिंग के किराया और चढ़ावे आदि से प्राप्त आय से मंदिर की जो व्यवस्था, जैसा कि फोटोग्राफ से स्पष्ट होता है कि समिति के प्रयास से हीं किया जा रहा है।
उपरोक्त परिस्थिति में कार्यरत न्यास समिति तथा दिनांक- 12/03/2023 को प्रस्तावित नामों तथा समिति में से और श्री अषोक कुमार मौर्य द्वारा प्रस्तावित नामों में से विचारोपरांत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतुएक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष हेतु करने का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-24/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुएश्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, (षिवगंज कुटिया), ग्राम-शिवगंज, पोस्ट-डिहरी-ऑन- सोन, थाना-डिहरी, जिला- रोहतासके सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, (षिवगंज कुटिया) न्यास योजना, ग्राम-शिवगंज, पोस्ट-डिहरी-ऑन- सोन, थाना-डिहरी, जिला- रोहतास''होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, (षिवगंज कुटिया) न्यास समिति, ग्राम-शिवगंज, पोस्ट-डिहरी-ऑन- सोन, थाना-डिहरी, जिला- रोहतास''जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास समिति एक बैंक खाता मंदिर के नाम से खोले, जिसका संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ/मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।183 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 12. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 13. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
14. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
15. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
16. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष हेतु गठित की जाती हैः-
1. अंचल अधिकारी पदेन अध्यक्ष 2. श्री चितरंजन मिश्र कार्यकारी अध्यक्ष 3. श्री रामदेव चौधरी सचिव 4. श्री चन्द्रगुप्त मेहरा उप सचिव 5. महंत मनोहर दास कोषाध्यक्ष 6. श्री कामेष्वर पटेल सदस्य 7. श्री दीपक यादव सदस्य 8. श्री राकेष दास सदस्य 9. श्री रवि कुमार सदस्य 10. श्री चंद्रमौली पाण्डेय, अधिवक्ता सदस्य पता-श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, (षिवगंज कुटिया), ग्राम- शिवगंज, पोस्ट- डीहरी-ऑन- सोन, थाना-डिहरी, जिला- रोहतास।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, (षिवगंज कुटिया), ग्राम-शिवगंज, पोस्ट-डीहरी-ऑन- सोन, थाना-डिहरी, जिला- रोहतास''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय/ पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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5 जून 2023
सं0 733--श्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर, जमुआंव,जिला-औरंगाबाद,बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-2121 है।
पूर्व में उक्त मंदिर की स्थापना श्री मथुरा प्रसाद द्वारा की गयी थी। उनके स्वर्गवास के पष्चात उनके परिवार द्वारा न्यासी के रूप में मंदिर की देखभाल की जा रही है। कालान्तर में उनके वंषजों क्रमषः 1. श्री रामनन्दन प्र0 सिंह 2. श्री वैदेही बल्लभ प्र0 सिंह 3. श्री शषांक कुमार सिंह 4. श्री किषोर सिंह द्वारा पर्षद को प्रार्थना-पत्र दिया गया कि मंदिर की व्यवस्था अपने स्तर से करायी जाये क्योंकि उक्त व्यक्ति बाहर रहते हैं। उनके प्रार्थना-पत्र पर विचारोपरांत पर्षद के ज्ञापांक- 2915, दिनांक- 14/08/2001 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को धारा- 33 के अन्तर्गत अस्थायी रूप से न्यासधारी नियुक्त किया गया। उक्त मंदिर में कुल 09.28 एकड़ भूमि है।
दिनांक- 02/04/2002 को श्री त्रिवेणी मिश्र द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिया गया कि दानदाता की पत्नी रामदुलारी कुंअर द्वारा दिनांक- 17/11/1952 को प्रार्थी श्री त्रिवेणी मिश्र, पिता-स्व0 षिवषरण मिश्र को उक्त मंदिर की देखभाल, पूजा-पाठ करने हेतु सेवायत के रूप में नियुक्त किया। खतियान की प्रति भी दाखिल की गयी, जिससे भी स्पष्ट होता है कि उक्त श्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर के सेवायत के रूप में श्री त्रिवेणी मिश्र पिता-षिवषरण मिश्र के नाम का इन्द्राज है। तत्कालिन मुखिया द्वारा भी दिनांक- 02/03/2002 को एक पत्र उपलब्ध कराया गया कि अंचलाधिकारी के पत्र के आलोक में कमिटि का गठन कर अंचलाधिकारी से अनुरोध किया गया है, परन्तु दिनांक- 17/11/1952 को दानदाता की पत्नी के184 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 द्वारा बनाये गये दस्तावेज के आधार पर सेवायत के रूप में श्री त्रिवेणी मिश्र के नाम का इन्द्राज खतियान में भी है। उपरोक्त पत्रों पर विचारोपरान्त पर्षद के पत्रांक- 823, दिनांक- 13/05/2002 द्वारा श्री त्रिवेणी मिश्र को उक्त मंदिर में पूजा-पाठ, रागभोग आदि हेतु अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। पर्षद के पत्रांक- 822, दिनांक- 13/05/2002 द्वारा अस्थायी न्यासधारी से संबंधित आदेष दिनांक- 14/08/2001 को वापस लिया गया। तत्पष्चात उक्त न्यासधारी श्री त्रिवेणी मिश्र के द्वारा नियमानुसार आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क आदि समय-समय पर जमा किया जाता रहा है।
दिनांक- 08/07/2002 को श्री विषुनधारी यादव द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिया गया कि अंचलाधिकारी के द्वारा जांचोपरान्त जो न्यास समिति गठित की गयी है, उसे मान्यता दी जाए। अंचलाधिकारी नेप्रतिवेदन दिनांक- 09/04/2002 समर्पित करते हुये उल्लेख किया है कि अनुमंडल पदाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए अद्योहस्ताक्षरी (अंचलाधिकारी) को प्राधिकृत किया और उनके द्वारा अपनेप्रतिवेदन में छः सदस्यीय न्यास समिति के गठन का प्रस्ताव दिया। उक्त प्रस्ताव में अनुमंडल पदाधिकारी तथा अंचल पदाधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं अनिल मिश्र, पुजारी तथा विषुनधारी यादव बराहील, श्री लोकेष कुमार का उल्लेख है। यहां यह स्पष्ट करना आवष्यक है कि उपरोक्त प्रस्ताव को अभी तक पर्षद द्वारा मान्यता नहीं दी गयी है। चूंकि अनुमंडल पदाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी, दिनांक- 14/08/2001 को नियुक्त किया गया था, उसे पर्षदीय आदेष दिनांक- 13/05/2002 द्वारा वापस लिया जा चुका है। इस कारण अंचलाधिकारी को उपरोक्त प्रतिवेदन का न तो कोई प्रभाव है और न हीं वह कभी प्रभाव में आया। इसी बीच लगातार श्री त्रिवेणी मिश्र द्वारा मंदिर की रागभोग, पूजा-पाठ व्यवस्था हेतु कार्य करता रहा गया और अपनी आय-व्यय विवरणी भी दाखिल करते रहें।दिनांक- 30/09/2013 को श्री विषुनधारी यादव द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिया गया कि मंदिर की स्थापना एवं सेवायत मो0 बहुरिया रामदुलारी कुंअर के स्वर्गवास के पष्चात उनके वारिसान उसकी व्यवस्था करते रहें, परन्तु कालान्तर में संस्थापक न्यासधारी के स्वर्गवास के पष्चात उनके वारिसान विभिन्न महानगर में निवास करने लगे, जिससे व्यवस्था में कठिनाई होने लगी। तब गांव के श्री विषुनधारी यादव प्रार्थी के नेतृत्व में मंदिर की रागभोग, रख-रखाव हेतु नियमित रूप से कार्य करने लगे। इस संबंध में उन्होंने वर्ष 1994 में भी आवेदन दिया है। अंचल अधिकारी के द्वारा उक्त भूमि का बराहील बनाया गया और समिति का भी गठन किया गया है, परन्तु श्री त्रिवेणी मिश्र, प्रार्थी को काम नहीं करने दे रहे हैं। अपने प्रार्थना-पत्र के साथ अंचलाधिकारी की पूर्व प्रतिवेदन दिनांक- 09/04/2002 संलग्न किया और प्रार्थना किया कि जांच कर बराहील (व्यवस्थापक) को वहां रहने की इजाजत दी जाए। इसी बीच दिनांक- 16/06/2014 को मंदिर की व्यवस्था कर रहे श्री अषोक कुमार मिश्र द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि श्री विषुनधारी यादव व कुछ अन्य अपराधिक प्रवृति के व्यक्ति सम्पति को हड़पने के उद्देष्य से साजिष रच रहे हैं।आज दोनों पक्ष उपस्थित हैं और श्री विषुनधारी यादव के पुत्र श्री तारकेष्वर यादव उपस्थित हैं और उनके उक्त मंदिर में बराहील के रूप में दावा करने का दो अधिकार है।(1) अंचलाधिकारी की रिपोर्ट दिनांक- 09/04/2002, जो विविध वाद सं0-12/02 में दाखिल की गयी है तथा (2) अनुमंडल पदाधिकारी, दाउदनगर के यहां विविध वाद सं0-1727/14 में पारित आदेष दिनांक- 21/04/2015, जहां तक प्रष्न अंचलाधिकारी के उपरोक्त रिपोर्ट दिनांक- 09/04/2002 का संबंध है, जिसमें उपर ही विचार कर यह निर्णय दिया जा चुका है कि अंचल अधिकारी ने उक्त रिपोर्ट अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्राधिकृत किये जाने पर समर्पित की थी और यह प्रार्थना की थी कि बि0 हि0 धा0 पर्षद के अनुमोदनार्थ भेजा जा सकता है, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी के पद को हीं पर्षद द्वारा उपरोक्त आदेष द्वारा वापस ले लिया गया था, अतः उक्त रिपोर्ट का कोई प्रभाव नहीं है और न हीं उक्त प्रस्ताव पर कोई अनुमति पर्षद द्वारा कभी दी गयी है।
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्णित वाद सं0-1727/14, दिनांक- 21/04/2015 में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा पर्षद के उसी आदेष दिनांक- 14/08/2001, जिसके द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था और उनके द्वारा अंचल अधिकारी को प्राधिकृत करने पर जांच रिपोर्ट दी गयी है, जिस पर विचार कर पारित किया गया, अर्थात अनुमंडल पदाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया गया कि अंचल अधिकारी की रिपोर्ट पर पर्षद द्वारा कभी अनुमति नहीं दी गयी और अनुमंडल पदाधिकारी को हीं पर्षद के ज्ञापांक- 822, दिनांक- 13/05/2002 द्वारा अस्थायी न्यासधारी नियुक्ति संबंधी पत्र वापस लेते हुए श्री त्रिवेणी मिश्र को अस्थायी न्यासधारी की मान्यता दी जा चुकी थी, अतः उक्त आदेष का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। श्री विषुनधारी यादव व अन्य द्वारा मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा करने के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी के यहां न्यासधारी त्रिवेणी मिश्र द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया, जिस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी से रिपोर्ट की मांग की। अंचलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट दिनांक- 14/07/2014 समर्पित की, जिसमें उल्लेख किया है कि मंदिर की भूमि पर विषुनदेव यादव, पिता- भिखारी यादव व उनके पुत्रों द्वारा अवैध रूप से उपरोक्त भूमि जोत-बो रहे हैं तथा मंदिर की भूमि को हड़पने एवं दखल-कब्जा करने के आरोप में नियमानुसार कार्यवाई करने हेतु प्रतिवेदन समर्पित की। पर्षद में दिनांक- 30/03/2017 को श्री विषुनधारी यादव द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि मंदिर के पुजारी त्रिवेणी मिश्र का स्वर्गवास हो चुका है और वर्तमान में उनके पुत्र श्री अषोक कुमार मिश्र बिना किसी अधिकार के कब्जा किये हुए हैं और निजी उपयोग कर रहे हैं, जिस संबंध में श्री अषोक मिश्र को नोटिस जारी की गयी। उनके द्वारा दिनांक- 13/06/2017 को एक प्रार्थना-पत्र दिया गया कि उक्त मंदिर की स्थापना फाल्गुन वर्ष 1318 फसली में किया गया था और दानदाता बहुरिया रामदुलारी कुअंर द्वारा प्रार्थी के पिता श्री त्रिवेणी मिश्र को दिनांक- 17/11/1952 में सेवायत नियुक्त किया गया और पर्षद द्वारा भी उन्हें मान्यता दी गयी थी। नियमानुसार वह वर्ष 2014 तक आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क जमा करते रहे हैं। श्री विषुनधारी वह उनके अन्य पुत्रों द्वारा मंदिर की भूमि को हड़पने के उद्देष्य से अवैध रूप से कब्जा बना लिया है और प्रार्थी को परेषान कर रहे हैं। वह पर्षद के सभी निमय-कानून का पालन करने के लिए तैयार हैं। मंदिर में 9.28 एकड़ जमीन है, जो अवैध रूप से कब्जा कर ली गयी है और निजी प्रयोग में ले रहे हैं। पर्षद में गलत सूचना उनके द्वारा दी जा रही है, जिसकी जांच करायी जाए और श्री विषुनधारी यादव का अवैध कब्जा वहां से हटाया जाए, जिस185 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 अंचल अधिकारी द्वारा अपनी रिपोर्ट समर्पित की गयी है, जिसमें वर्णित है कि मंदिर के पुजारी श्री आदित्य मिश्र की मुत्यु हो गयी है और उनके बाद उनके पुत्र अनिल मिश्र पूजा-पाठ करते हैं और श्री अषोक मिश्र का मंदिर की भूमि पर कब्जा नहीं है।
श्री विषुनधारी यादव द्वारा वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 की आय-व्यय विवरणी दिनांक- 07/12/2018 को दाखिल की है तथा वर्ष 2018-19 से वर्ष 2019-20, 2020-21 का दिनांक- 08/07/2021 को दाखिल की है और दिनांक- 08/03/2022 को प्रार्थना-पत्र दिया गया कि वह काफी वृद्ध हो गये हैं, उनका पुत्र तारकेष्वर यादव सहयोग करता है। उपरोक्त सभी दस्तावेजों पर विचारोपरान्त यह स्पष्ट होता है कि दानकर्ता द्वारा निबंधित विलेख द्वारा श्री त्रिवेणी मिश्र को मंदिर का रागभोग, पूजा-पाठ आदि हेतु नियुक्त किया गया था। पर्षद द्वारा भी इनको वर्ष 2002 में न्यासधारी के रूप में मान्यता दी गयी है और वर्ष 2014 तक वह नियमित रूप से कार्य करते रहे हैं और आय-व्यय विवरणी भी दाखिल करते रहें है। इसी बीच अंचलाधिकारी की रिपोर्ट दिनांक- 09/04/2002 जिसको कभी पर्षद द्वारा मान्यता नहीं दी गयी है, उसी आधार पर श्री विषुनधारी यादव व उनके पुत्रों द्वारा मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जो उन्होंने स्वयं भी किया है, परन्तु श्री विषुनधारी यादव को भी पर्षद द्वारा या दाता परिवार के द्वारा कभी कोई मान्यता न्यासी/पुजारी/पुरोहित के रूप में नहीं दी गयी है और श्री त्रिवेणी मिश्र का भी स्वर्गवास हो गया है।
मंदिर में नियमित रागभोग, पूजा-पाठ तथा व्यवस्था हेतु एक न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक प्रतीत हुआ। इस संबंध में ग्रामीणों ने एक प्रस्ताव बैठक दिनांक- 21/12/2022 द्वारा पर्षद को प्राप्त कराया गया, तदनुसार मंदिर की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण करते हुए न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से करने का निर्णय लिया गया। उपरोक्त परिस्थिति में उक्त न्यास की सुव्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक- 28/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुएश्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर, जमुआंव,जिला- औरंगाबाद के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना
1. अधिनिम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर न्यास योजना, जमुआंव,जिला- औरंगाबाद'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर न्यास समिति, जमुआंव,जिला- औरंगाबाद'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।186 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचल अधिकारी, दाउदनगर, जिला- औरंगाबाद अध्यक्ष 2. श्री षिवपुजन यादव, पिता-स्व0 षिवदेनी यादव उपाध्यक्ष 3. श्री अषोक कुमार मिश्र, पिता-स्व0 त्रिवेणी मिश्र सचिव 4. श्री चन्दन कुमार, पिता-मीरचंद राम कोषाध्यक्ष 5. श्री सियाराम साव, पिता-स्व0 रघुनंदन साव सदस्य 6. श्री रामजी यादव, पिता-श्री चन्द्रदेव यादव सदस्य 7. श्री उदय राम, पिता-श्री सुगेष्वर राम सदस्य 8. श्री कृष्ण साव, पिता-श्री कईल साव सदस्य 9. श्री राम प्रसाद यादव, पिता-स्व0 भुसन यादव सदस्य 10. श्री तारकेष्वर यादव सदस्य 11. श्री रामप्रवेष यादव, पिता-श्री रामबली यादव सदस्य सभी का पता-श्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर, जमुआंव,जिला- औरंगाबाद। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री नर्मदेष्वर महादेव मंदिर, जमुआंव,जिला- औरंगाबाद'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण / बदलैन / विक्रय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य, अप्रभावी एवं क्षेत्राधिकार से बाहर होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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8 जून 2023
सं0 761--श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (पिरोजा मठ), ग्राम- पिरोजा, थानापोस्ट-एकंगरसराय, बिहारषरीफ, जिला-नालंदा, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-286 है।
पूर्व में उक्त मठ की देखभाल महंतों /न्यासियों द्वारा की जाती रही, परन्तु शिकायत प्राप्त होने पर वर्ष 1987 में अंचलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था। पर्षद के आदेश दिनांक- 25/04/1994 के द्वारा 07 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष के रूप में श्री मुंशी दास थे। पर्षद के निरीक्षक को उक्त ठाकुरबाड़ी का स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया। पुनः दिनांक- 23/11/1998 के पत्र द्वारा 09 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष-श्री मुंशी प्र0 सिंह एवं सचिव- श्री बैकुण्ठ सिंह थे। संचिका से स्पष्ट होता है कि न्यास समिति ने नियमित रूप से न तो आय-व्यय विवरणी, बजट दाखिल किया गया और न हीं मंदिर के विकास के संबंध में किसी प्रकार की कोई सूचना पर्षद को दी। पर्षद द्वारा बारम्बार पत्राचार के उपरान्त वर्ष 2005-06 से लेकर के वर्ष 2016-17 तक की आय-व्यय विवरणी दिनांक- 14/09/2017 को समर्पित करते हुए पर्षद शुल्क वर्ष 2022 में जमा किया गया। नई न्यास समिति गठन किए जाने के संबंध में कार्यरत न्यास समिति के सचिव द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया। अपने प्रार्थना-पत्र के साथ वर्ष 2016-17 से वर्ष 2021-22 तक की आय-व्यय विवरणी भी समर्पित की गयी। उपरोक्त आय-व्यय विवरणी दाखिल करने में भी सचिव द्वारा पूर्ण रूप से लापरवाही की गई है, क्योंकि आय-व्यय विवरणी स्पष्ट नहीं है, बल्कि अनुमान के आधार पर आय उल्लेख कर दिया गया। पर्षद शुल्क का भुगतान भी नियमानुसार नहीं किया गया। मंदिर के भूमि के संबंध में खतियान की प्रति समर्पित की है। खाता सं0- 186 के खतियान की प्रति समर्पित की है, जिसमें कुल 11 खाता और कुल भूमि 7 एकड़़ 70 डी॰ है, जो अभिलेख में रैयत के रूप मेें राम जानकी187 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 ठाकुरबाड़ी के नाम से इन्द्राज है, जो गाँव फिरोजा, मौजा- दनियावां, जिसका कुल एरिया 7.17 ए0 अंंिकत किया गया है। मौजा रक्सा में थाना सं0- 117, खाता- 116 एरिया 1.50 ए0 भूमि का खतियान भी समर्पित किया गया।
उक्त मंदिर केप्रबंधन हेतु ग्रामीणों के द्वारा वर्तमान न्यास समिति के विरूद्ध असंतोष व्यक्त करते हुए एक बैठक दिनांक- 29/01/2023 को की गई, जिसके प्रस्ताव सं0- 02 में उल्लेख है कि कार्यरत न्यास समिति के अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों द्वारा विगत वर्षों मेंमंदिर की भूमि की आय का गबन कर निजी स्वार्थ में प्रयोग किया जाता है। मंदिर में विकास कार्य नहीं किया गया है। उक्त सभी व्यक्ति गाँव दनियावां के रहने वाले हैं। प्रस्ताव सं0- 03 में उल्लेख है कि पूजा-पाठ में उनका कोई लगाव नहीं है और ग्रामीणों को मंदिर में प्रवेष से रोका जाता है। न्यास समिति द्वारा वर्ष 2013-17 और 2017-23 तक की भुगतान भी पर्षद में नहीं किया गया।उक्त बैठक में 12 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव चयन कर भेजा गया। उक्त प्रस्ताव तथा प्रार्थना-पत्र दिनांक- 31/01/2023 को पर्षद में उपलब्ध कराया गया। उक्त प्राप्त सूची को अनुमंडल पदाधिकारी के यहाँ उनके मंतव्य या कुछ नामों को जोड़ने या कुछ नामों को हटाने के संबंध में पत्र दिनांक- 27/12/2022 को भेजा गया, परन्तु कोई प्रतिउत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
ऐसी परिस्थिति में उक्त विषय और लंबित रखना उचित प्रतीत नहीं होता है, क्योंकि वर्ष 1998 में गठित न्यास समिति का कार्य भी पूर्ण रूप से असंतोषजनक रहा है क्याेंकि न तो विकास के संबंध में कोई सूचना और न हीं किसी प्रकार का कोई फोटोग्राफ या क्या राशि खर्च की गई, की कोई जानकारी नहीं दी गई तथा वर्ष 2016-17 से आय-व्यय विवरणी भी अस्पष्ट है और उसका पर्षद शुल्क भी नहीं जमा है, क्योंकि पूर्व में वर्ष 2005-06 से वर्ष 2016-17 तक की आय-व्यय विवरणी एक दिन में दाखिल कर दी है, जो स्पष्ट करता है कि न्यास समिति अधिनियम के प्रावधानों का पालन भी नहीं कर रही है।
उपरोक्त परिस्थिति में प्राप्त दोनों सूची, आम-सभा बैठक दिनांक- 29/01/2023 एवं पूर्व न्यास समिति के सचिव द्वारा प्रस्तुत सूची दिनांक- 20/08/2022 पर विचारोपरान्त उक्त मंदिर, उसकी भूमि की सुरक्षा, पूजा-पाठ, राग-भोग आदि के लिए एक योजना का निरूपण करते हुए उसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से करने का निर्णय गठन लिया गया।
अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-26/04/2023 द्वारा अनुमोदन के पश्चातबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (पिरोजा मठ), ग्राम- पिरोजा, थानापोस्ट- एकंगरसराय, बिहारषरीफ,जिला- नालंदा''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठनकिया जाता है।
योजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (पिरोजा मठ) न्यास योजना, ग्राम- पिरोजा, थानापोस्ट- एकंगरसराय, बिहारषरीफ, जिला- नालंदा'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (पिरोजा मठ) न्यास समिति, ग्राम- पिरोजा, थानापोस्ट- एकंगरसराय, बिहारषरीफ,जिला- नालंदा'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।188 (cid:464)बहार गजट, 6 सितम्बर 2023 12. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उनके दायित्वों का निर्वहन उपाध्यक्ष करेंगे।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा-11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ/मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।
17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
18. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती हैः-
1. श्री महादेव चौधरी, पिता-स्व0 रामप्यारे चौधरी - अध्यक्ष 2. डॉ0 मृत्युजंय कुमार, पिता-श्री बिरेन्द्र कुमार - उपाध्यक्ष 3. श्री धर्मदेव कुमार, पिता-श्री हरिजन प्रसाद - कोषाध्यक्ष 4. श्री माधव जी, पिता-स्व0 अषोक कुमार - सचिव 5. श्री धर्मेन्द्र चौहान, पिता-श्री हरीचरण चौधरी - सदस्य 6. श्री जितेन्द्र कुमार, पिता-श्री गौरीषंकर सिंह - सदस्य 7. श्री विदेशी चौहान, पिता-श्री राजदेव चौहान - सदस्य 8. श्री राजकुमार साह - सदस्य 9. श्री ओम प्रकाश, पिता-श्री धीर गोप - सदस्य 10. थानाध्यक्ष, एकंगरसराय - सदस्य क्रमांक-1-9 का पता-ग्राम-पिरोजा, पोस्ट-एकंगरसराय, थाना-बिहार शरीफ, जिला-नालंदा। न्यास समिति मठ की सुरक्षा करेगी तथा उसकी बंदोवस्ती खुले डाक द्वारा अधिकतम 01 वर्ष के लिए करेगी और पर्षद को भी सूचित करेगी। यदि मठ की भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण हो, तो उसकी जानकारी नाम-पता के साथ दी जाय, जिससे उनके विरूद्ध कार्रवाई की जा सके।
उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (पिरोजा मठ), ग्राम-पिरोजा, थानापोस्ट-एकंगरसराय, बिहारषरीफ, जिला-नालंदा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति / भूमि का हस्तान्तरण /बदलैन/विक्रय/ पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।