िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
19 आि(cid:435)न 1945 (श0)
(सं0 पटना 821) पटना, बुधवार, 11 अ(cid:416)ूबर 2023
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श्री सुरेन्द्र प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-816/11 अपर समाहर्त्ता, भोजपुर के विरूद्ध आयुक्त, पटना प्रमंडल पटना, के पत्रांक-175 दिनांक 02.04.2018 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की गयी। प्राप्त आरोप पत्र में श्री प्रसाद के विरूद्ध तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, भोजपुर के पदस्थापनकाल में कैसरे हिन्द (मैथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया-अश्वरोही सैन्य पुलिस, आरा परिसर) जमीन को अवैध रूप से निजी व्यक्ति को रजिस्ट्री किये जाने के मामले में अपने अधिकार क्षे़त्र से बाहर जा कर काम करने तथा उक्त (सरकारी) भूमि रजिस्ट्री के मामले में उनके द्वारा जिला अवर निबंधक, भोजपुर के प्रस्ताव पर समाहर्त्ता, भोजपुर से अनुमोदन प्राप्त नहीं करने आदि अनियमितता बरतने का आरोप प्रतिवेदित किया गया।
आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुर्नगठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक-11265 दिनांक 21.08.2018 द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री प्रसाद ने अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक-421 दिनांक 11.10.2018 एवं पत्रांक-529 दिनांक 17.12.2018) समर्पित किया। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-1227 दिनांक 29.01.2019, द्वारा आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना से मंतव्य की मागं की गयी। आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-528 दिनांक 03.08.2019 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें श्री प्रसाद के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य/संतोषजनक नहीं पाया गया।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 11 अ(cid:200)तूबर, 2023 तत्पश्चात श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए संकल्प ज्ञापांक 14306 दिनांक 18.10.2019 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। कालान्तर में श्री प्रसाद के दिनांक 31.07.2022 को सेवानिवृत होने के फलस्वरूप संकल्प ज्ञापांक 14898 दिनांक 25.08.2022 द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी0) में सम्परिवर्तित किया गया।
विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी प्रधान सचिव-सह-जांच आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 149 दिनांक 28.06.2022 द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री प्रसाद के विरूद्ध आरोपो को प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 12042 दिनांक 18.07.2022 द्वारा श्री प्रसाद से अभ्यावेदन/लिखित अभिकथन की मांग की गयी। उक्त क्रम में श्री प्रसाद द्वारा अपना लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन (दिनांक 07.11.2022 एवं दिनांक 24.11.2022) समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए जांच प्रतिवेदन को पूर्वाग्रह से ग्रसित एवं पक्षतापूर्ण बताया गया।
श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं उक्त जांच प्रतिवेदन पर श्री प्रसाद से प्राप्त लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा अपने लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन में जिन बातों/तथ्यों का उल्लेख किया गया है, वह पूर्व में भी उनके द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित लिखित बचाव बयान में भी किया गया था, जिसके समक्षोपरांत ही संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को प्रमाणित पाया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा निष्कर्ष स्वरूप अंकित किया गया है कि -
"अभिलेखीय साक्ष्य साक्षियों के परीक्षण/प्रतिपरीक्षण के आधार पर आरोपी पदाधिकारी श्री प्रसाद द्वारा अपने कार्य काल में कैसरे हिन्द (मैथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया अश्वारोही सैन्य पुलिस, आरा परिसर) जमीन को अवैध रूप से निजी व्यक्ति को रजिस्ट्री किये जाने के मामले में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दिनांक 04.10.2016 का पत्र निर्गत किया गया है। उपरोक्त मामले में श्री सुरेन्द्र प्रसाद, अपर समाहर्त्ता, भोजपुर द्वारा द्वारा उक्त (सरकारी) भूमि रजिस्ट्री के मामले में जिला अवर निबंधक, भोजपुर के प्रस्ताव पर समाहर्त्ता, भोजपुर से अनुमोदन प्राप्त नहीं किया गया। वस्तुतः श्री प्रसाद द्वारा समाहर्त्ता, भोजपुर की शक्ति का अनाधि—त उपयोग कर पत्र निर्गत करने के कारण सरकारी सम्पत्ति की अवैध बिक्री की स्थिति उत्पन्न हुई। इस तरह उन्होंने समाहर्त्ता, जो जिला के जिला निबंधक भी होते हैं, के कार्यक्षेत्र को इस मामले में सीमित करने का कार्य किया है।
उपरोक्त उल्लिखित तथ्यों एवं साक्ष्यों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि श्री सुरेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, भोजपुर पर जिला निबंधक के कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर एवं समाहर्त्ता (जिला निबंधक) से बिना अनुमोदन प्राप्त किये ही पत्र निर्गत करना, समाहर्त्ता सह जिला निबंधक, भोजपुर की शक्तियों का अनाधि—त उपयोग किये जाने का आरोप पत्र में अंकित आरोप प्रमाणित होता है।''
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री प्रसाद का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित आरोपों की प्रकृति एवं गम्भीरता को देखते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी0) के प्रावधानों के तहत विनिश्चित किया गया।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 11 अ(cid:200)तूबर, 2023 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 4634 दिनांक 07.03.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग की दिनांक 12.05. 2023 को आहूत पूर्ण पीठ की बैठक में श्री प्रसाद के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव (यथा
) पर सहमति व्यक्त किया गया। उक्त मंतव्य/सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-725 दिनांक 23.05.2023 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया।
उक्त के आलोक में श्री प्रसाद को प्रमाणित आरोपो के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन से 50 (पचास) प्रतिशत राशि की कटौती स्थायी रूप से करने का दंड अधिरोपित/संसूचित किया गया।
श्री प्रसाद द्वारा पेंशन से 50 (पचास) प्रतिशत राशि की कटौती स्थायी रूप से करने संबंधी अधिरोपित/संसूचित दंड के विरूद्ध पुनर्विचार अभ्यावेदन (दिनांक 20.07.2023) समर्पित किया गया।
श्री प्रसाद द्वारा पुनर्विचार हेतु समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा की गयी एवं पाया गया कि उनके द्वारा अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में जो तथ्य अंकित किये गये है, उसका उल्लेख उनके द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित लिखित अभिकथन/बचाव बयान में भी किया गया था। उनके द्वारा अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई नये तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया है। अतएव श्री प्रसाद का पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10880 दिनांक 08.06.2023 द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध ''पेंशन से 50 (पचास) प्रतिशत राशि की कटौती स्थायी रूप से करने संबंधी'' अधिरोपित/संसूचित दंड को पूर्ववत् बरकरार रखा जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सरकार के संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,