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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 October 2023

Published 26 October 2023

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2023-10-26.885
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

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(सं0 पटना 885) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 26 अ(cid:200)तूबर 2023

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vf/klwpuk 20 vDrwcj 2023 सं॰ 06/विविध (दु0 मु0)-44/2022(पार्ट-1) —मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-165 सह पठित धारा-176 के तहत राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल निम्नलिखित नियम बनाते हैं, जिसका उक्त अधिनियम की धारा-212 के अधीन अपेक्षित प्रारूप का पूर्व प्रकाशन अधिसूचना सं0-7181, दिनांक-20.09.2023 द्वारा करते हुए प्राप्त आपत्ति/सुझाव का निष्पादन किया जा चुका है। (i) यह नियमावली "बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (गठन एवं सेवाशर्त्त) नियमावली, 2023" कही जा सकेगी।

(ii) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (iii) यह अधिसूचना के बिहार गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी। (i) इस नियमावली में जब तक विषय या संदर्भ के विरूद्ध अन्यथा अपेक्षित न होः- (क) से अभिप्रेत है, मोटरयान (यथा संशोधित, 2019) अधिनियम, 1988; (ख) से अभिप्रेत है, बिहार सरकार; (ग) से अभिप्रेत है, वैसी दुर्घटना जो मोटरवाहन द्वारा सार्वजनिक स्थल पर हुआ हो; (घ) से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा-165 के तहत गठित मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण;

(ड.) से अभिप्रेत है, वैसी बीमा कम्पनी जिससे दुर्घटनाग्रस्त मोटरवाहन का दुर्घटना की तिथि को बीमित हो;

(च) से अभिप्रेत है, मोटर वाहन दुर्घटना क्षेत्राधिकार से संबंधित पुलिस स्टेशन (PS)के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO)एवं अन्य अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारी जिन्हें वाद का जाँच पड़ताल सौंपा गया हो;

2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 अ(cid:200)तूबर 2023

(छ) से अभिप्रेत है, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) की धारा-2 के खंड-11 में यथा परिभाषित;

(ज) से अभिप्रेत है, बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (गठन एवं

सेवाशर्त) नियमावली, 2023;

(झ) से अभिप्रेत है, परिवहन विभाग; (ञ) से अभिप्रेत है, मोटरयान अधिनियम, 1988 के अध्याय-XII के अन्तर्गत धारा-165 की उपधारा-3 के अधीन नियुक्त मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का अध्यक्ष; (त) से अभिप्रेत है, राज्य सरकार द्वारा गठित मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का सचिव;

(थ) से अभिप्रेत है, मोटरयान अधिनियम, 1988 के अध्याय-XII के अन्तर्गत धारा-173 के अधीन यथा परिभाषित अपीलीय प्राधिकार;

(ii) सभी अन्य शब्द एवं अभिव्यक्ति जो व्यवहार में लाये गये हैं लेकिन परिभाषित नहीं हैं, का अर्थ क्रमशः मोटरयान अधिनियम, 1988 या बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण नियमावली, 2023 के अनुरूप होगा। (i) मोटरवाहन अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित) की धारा-165 के उप खंड-3 के अधीन पटना, गया, सारण, मुजफ्फरपुर एवं दरंभगा प्रमंडल हेतु एक-एक तथा भागलपुर एवं मुंगेर प्रमंडल (मुख्यालय भागलपुर) के लिए संयुक्त रूप से एक तथा पूर्णियाँ एवं सहरसा प्रमंडल (मुख्यालय पूर्णियाँ) के लिए संयुक्त रूप से एक मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण राज्य सरकार गठित करेगी, जिसकी अध्यक्षता एक सदस्यीय ''अध्यक्ष'' करेंगे तथा इस अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर कार्य का निष्पादन करेंगे।

(ii) पटना, गया, सारण, मुजफ्फरपुर एवं दरंभगा प्रमंडल हेतु एक-एक तथा भागलपुर एवं मुंगेर प्रमंडल (मुख्यालय भागलपुर) के लिए संयुक्त रूप से एक तथा पूर्णियाँ एवं सहरसा प्रमंडल (मुख्यालय पूर्णियाँ) के लिए संयुक्त रूप से एक मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का गठन किया जाएगा, जिसका क्षेत्राधिकार उस प्रमंडल/उन प्रमंडलों के अन्तर्गत सभी जिलों का भौगोलिक क्षेत्र होगा अथवा जैसा राज्य सरकार विनिर्दिष्ट करे।

(iii) दुर्घटना मुआवजा वादों की संख्या में वृद्धि अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से राज्य सरकार द्वारा किसी प्रमंडल में एक से अधिक दावा न्यायाधिकरण भी स्थापित किया जा सकेगा। एक प्रमंडल में एक से अधिक दावा न्यायाधिकरण होने की स्थिति में उन दावा न्यायाधिकरणों के लिए क्षेत्राधिकार का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जा सकेगा।

(iv) परिवहन विभाग द्वारा मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के सचिव की नियुक्ति की जाएगी जो मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के त्वरित गति से वाद निष्पादन एवं सुचारू रूप से कार्य करने में सहयोग करेंगे, विभाग एवं न्यायाधिकरण के बीच समन्वय स्थापित करेंगे तथा विभाग द्वारा यथा निदेशित सभी अभिलेखों को सुरक्षित रखेंगे।

(v) मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण कार्यालय की स्थापना हेतु परिवहन विभाग समुचित स्थान/परिसर की व्यवस्था करेगी। मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के द्वारा मोटरवाहन अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित, 2019) की धारा-165 से 174 एवं बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 के नियम-226 से 249 तक निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विहित रीति से मोटरवाहन दुर्घटना मुआवजा दावा वादों का निष्पादन किया जाएगा। कोई व्यक्ति तब किसी मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष अथवा प्रमंडल मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के रूप में मनोनयन/नियुक्ति के लिए अर्हित होगा, जब वहः- (i) माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के रूप में कार्यरत हो या रहा हो, अथवा (ii) किसी जिला में जिला न्यायाधीश हो या रहा हो, अथवा (iii) माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति या जिला न्यायाधीश में नियुक्ति की योग्यता रखता हो।

अध्यक्ष, प्रमंडल मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, योगदान की तिथि से पाँच वर्ष अथवा 70 वर्ष की आय तक, दोनों में से जो कम हो, के लिए अपना पद धारित करेंगे।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 अ(cid:200)तूबर 2023

(i) परिवहन विभाग के सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा पर माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के अनुमोदन से प्रमंडल स्तर पर मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। अध्यक्ष पद के चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया का निर्धारण परिवहन विभाग करेगा।

(क) सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना - अध्यक्ष
(ख) सचिव, विधि विभाग, बिहार, पटना - सदस्य
(ग) सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा मनोनीत पदाधिकारी - सदस्य
(घ) उप सचिव/विशेष कार्य पदाधिकारी, परिवहन विभाग, बिहार, पटना - स दस्य सचिव

(i) मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष परिवहन विभाग को संबोधित स्वहस्त लिखित सूचना द्वारा अपना पद त्याग कर सकेगा, परन्तु अध्यक्ष को जब-तक परिवहन विभाग द्वारा उसे अपना पद छोड़ने की अनुमति न दी जाए अथवा ऐसी सूचना की प्राप्ति की तिथि के तीन माह की समाप्ति न हो जाए अथवा उसके उत्तराधिकारी के रूप में सम्यक्‌ रूप से नियुक्त कोई व्यक्ति पदभार ग्रहण न कर ले अथवा जब तक उसका कार्यधारण समाप्त न हो जाय, जो भी पहले हो, तबतक वह अपने पद पर बने रहेंगे।

(ii) परिवहन विभाग मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष को दुव्र्यवहार, कार्य असमर्थता, कर्त्तव्यों के निर्वहन में शिथिलता, सरकार द्वारा प्रवृत नियमों के विरूद्ध आदेश पारित करने अथवा किसी अन्य पद को धारित करते हुए वेतन पर अन्य नियोजन में होने के कारण पद से हटा सकेगी, किन्तु पद से हटाने के पूर्व उन्हें सुनवाई या अपना पक्ष रखने का युक्तियुक्त अवसर दिया जायेगा।

अध्यक्ष को वही वेतन भत्ते की राशि, जो सेवानिवृति के समय प्राप्त थी, से पेंशन की रूपांतरित राशि सहित प्राप्त पेंशन आदि को घटाकर प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश को अनुमान्य भत्ते प्राप्त होंगे।

न्यायाधिकरण के कृत्यों के निर्वहन में सहयोग हेतु एक अपर जिला परिवहन पदाधिकारी अथवा समकक्ष पदाधिकारी न्यायाधिकरण के सचिव के रूप में कार्य करेंगे। न्यायाधिकरण के सचिव ही न्यायाधिकरण कार्यालय के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे।

(i) न्यायाधिकरण के कृत्यों के निर्वहन में सहयोग हेतु निम्न कर्मी होंगेः-

(क) उच्च वर्गीय लिपिक (ख) आशुलिपिक (ग) निम्नवर्गीय लिपिक

(ii) न्यायाधिकरण के लिए कर्मियों की संख्या परिवहन विभाग अवधारित करेगा एवं ऐसे कर्मचारी की सेवा जिन्हें उचित समझे, न्यायाधिकरण को उपलब्ध कराएगा। कार्यालय परिचारी एवं डाटा इंट्री ऑपरेटर, आउटसोर्सिंग के माध्यम से, विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा ।

(iii) न्यायाधिकरण के कर्मचारियों के वेतन भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें वही होगी, जो विभाग द्वारा समय-समय पर विहित की जायेगी।

(iv) न्यायाधिकरण के कर्मचारी सचिव के निदेशानुसार अध्यक्ष के सामान्य अधीक्षण के अधीन अपने कृत्यों का निर्वहन करेंगे।

वित्तीय वर्षवार न्यायाधिकरण के संचालन हेतु परिवहन

विभाग द्वारा आवश्यक राशि का बजटीय उपबंध किया जायेगा।

न्यायाधिकरण का अपना बैंक खाता एवं मुहर होगा। बैंक खाता का संचालन

परिवहन विभाग के निदेश के अनुसार किया जायेगा।

मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (गठन एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2023 के तहत यथा आवश्यक प्रावधानों को व्याख्यायित करने का अधिकार परिवहन विभाग को होगा।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 अ(cid:200)तूबर 2023

(i) इस अधिसूचना के बिहार गजट में प्रकाशन के उपरान्त इस नियमावली के अनुसार प्रमंडल स्तर पर दावा न्यायाधिकरण के गठन एवं क्रियान्वयन प्रारंभ होने तक बिहार दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण नियमावली, 1961 के तहत जिलों में पूर्व से गठित दावा न्यायाधिकरण दायर दावा वादों को निष्पादित करेंगे।

(ii) इस अधिसूचना के बिहार गजट में प्रकाशन की तिथि से बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के माध्यम से अंतःस्थापित नियम-225(A) से 225(F), अंतः स्थापित/प्रतिस्थापित प्रपत्र तथा नियम-226 से नियम-247 में किए गए संशोधन तथा बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (संशोधन) नियमावली, 2021 के माध्यम से बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण नियमावली, 1961 में किए गए संशोधन विलोपित समझे जाएँगे।

(iii) परिवहन विभाग द्वारा निर्गत अधिसूचना संख्या-4047, दिनांक-29.05.2023 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्व में की गयी कोई भी कार्रवाई इस नियम के अधीन कार्रवाई मानी जायेगी। बिहार गजट में पूर्व में प्रकाषित त्रुटिपूर्ण अधिसूचना सं0-7987, दिनांक- 20.10.2023 को अधिसूचना निर्गमन की तिथि से रद्‌द किया जाता है।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण)885-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 October 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2023-10-26.885/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2023-10-26.885.