िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 10 1945 (श0) सं(cid:201)या 44 पटना, बुधवार, ————————
1 2023 (ई0) विषय-सूची i`"B भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-30 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
---
भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 31-32 पूरक
---
पूरक-क 33-372 (cid:464)बहार गजट, 1 2023
भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत
सूचनाएं। —————
सं॰ एम-4-08/2020-9474/वि॰--भारतीय संविधान के अनुच्छेद 283(2) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल बिहार वित्त नियमावली, 1950 (समय-समय पर यथा संशोधित) में संशोधन हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ- (1) यह नियमावली बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली, 2023 कही जा सकेगी । (2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा । (3) यह तुरंत प्रवृत होगी । 2. सामान्य वित्तीय नियमावली, 2017 के नियम-144(xi) में किये गये संशोधन के आलोक में बिहार वित्त नियमावली, 1950 के नियम-30 के उपनियम-(xxii) को निम्नवत संशोधित किया जाता हैें :-
"इन नियमों में उल्लेखित प्रावधानों के रहते हुए राज्य सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपने राज्य के अधीन, किसी देश या देशों या देश-समूहों के बोलीदाताओं/निविदादाताओं से अधिप्राप्ति संबंधित निविदा प्रक्रिया के संदर्भ में आवश्यक शर्त्त/प्रतिबंध/बंधेज यथा पूर्व निबंधन और/या स्क्रीनिंग सहित अन्य शर्त्त लगाये जाने के संबंध में आवश्यक आदेश/दिशा-निर्देश लिखित रुप से निर्गत कर सकेगी; इस तरह के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर कोई अधिप्राप्ति नहीं की जायेगी।"
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सचिव (संसाधन)। The 20th October 2023
No.-M-4-08/2020-9474/F.--In exercise of the powers conferred under Article 283(2) of the Constitution of India, the Governor of Bihar is pleased to make the following Rules to amend the Bihar Financial Rules, 1950 (as amended from time to time):-
1. Short title, extent and commencement.- (1) These rules may be called The Bihar Financial (Amendment) Rules, 2023. (2) It shall extend to the whole of the State of Bihar. (3) It shall come into force at once. 2. In light of amendment to Rule-144(xi) of the General Financial Rules (GFRs), 2017 The subrule (xxii) of the Rule-30 of the Bihar Finanacial Rules, 1950 is amendent as follows:-
"Notwithstanding anything contained in these Rules, State Government may, by order in writing, impose restrictions, including prior registration and/or screening, on procurement from bidders from, or bidders having commercial arrangements with an entity from, a country or countries, or a class of countries, on grounds of defence of India, or matters directly or indirectly related thereto including national security; no procurement shall be made in violation of such restrictions."
By order of the Governor of Bihar, Lokesh Kumar Singh, Secretary (Resource).
3 (cid:464)बहार गजट, 1 2023शिक्षा विभाग -------
सं0 15/ए 2-02/2016 (अंश 3)-3925--बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग अधिनियम, 2017 (बिहार अधिनियम 21, 2017) की धारा 09 के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या 227 दिनांक 25.01.2019 द्वारा प्रख्यापित बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति एवं सेवा शर्त्तें) नियमावली, 2019 की धारा 03 में प्रदत शक्तियों के तहत डॉ0 गिरीश कुमार चौधरी, Vice-Chancellor, Patna University, Patna-Cum-Professor of Electrical Engineering NIT, Patna-800005 को बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाता है।
2. डॉ0 चौधरी अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से तीन वर्षों के कार्यकाल अथवा 72 वर्ष की आयु पूरी होने (इनमें से जो भी पहले हो) तक के लिए अध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहेंगे।
3. अध्यक्ष को वेतन, भत्ते तथा अन्य सेवा शर्त्तें बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति एवं सेवा शर्त्तें) नियमावली, 2019 के प्रावधानों के अनुसार अनुमान्य होंगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार, अपर सचिव।
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सं0 6(स0) विविध (रसायन निगम)-22/2019-6189--श्री रंजन कुमार सिन्हा, उप निदेशक (तक0), तकनीकी विकास निदेशालय, बिहार, पटना को श्री प्रकाश टोप्पो, अपर निदेशक (तक0), तकनीकी विकास निदेशालय, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के सेवानिवृत्ति के फलस्वरूप अपने कार्यो के अतिरिक्त बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लि0 (BSIDC), पटना में लेखा नियंत्रक-सह-न्यास पर्षद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में अगले आदेश तक मनोनित किया जाता है।
(2) प्रस्ताव पर माननीय मंत्री, उद्योग का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राज कुमार यादव, उप-सचिव।
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सं0 2/प्रो07-01/2023-1168--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारियों को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-4, ग्रेड पे0-8700/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-13 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री सुनील दत्त त्रिपाठी, 3220/23 भोजपुर, आरा | संयुक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा | मूल कोटि |
| 2 | श्री कुन्दन कुमार, 3228/23 मुंगेर | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, भागलपुर प्रमण्डल, भागलपुर | मूल कोटि |
| 3 | श्री अमर कुमार, 3245/23 पटना | संयुक्त निदेशक, प्राथमिक शिक्षा | मूल कोटि |
| 4 | श्री कपिल देव सिंह, 3356/23 बांका | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, कोशी प्रमण्डल, सहरसा | मूल कोटि |
| 5 | मो॰ मिम्शाद, 3370/23 पटना | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना प्रमण्डल, पटना | मूल कोटि |
| 6 | शुभ्रो सन्याल, 3371/23 सारण, छपरा | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, मुंगेर प्रमण्डल, मुंगेर | मूल कोटि |
| 7 | श्री ब्रज भूषण पाण्डेय, 3379/23 सीवान | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा | मूल कोटि |
| 8 | डॉ0 देवेन्द्र कुमार, 3387/23 नालन्दा | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर | मूल कोटि |
| 9 | श्रीमती सुगन्धा, 3393/23 पटना | बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्, पटना | मूल कोटि |
| 10 | श्री विनय कुमार सिंह, 3396/23 औरंगाबाद | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, सारण प्रमण्डल, छपरा | मूल कोटि |
| 11 | श्री अरविन्द कुमार, 3403/23 मुंगेर | उप निदेशक, बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना | मूल कोटि |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव। -------
सं0 2/प्रो07-01/2023-1169--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारियों को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-3, ग्रेड पे0-7600/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-12 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री रंजन सिंह, 3420/23 भोजपुर, आरा | बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्, पटना | मूल कोटि |
| 2 | डॉ॰ सत्येन्द्र नारायण सिन्हा, 3440/23 भोजपुर, आरा | उप निदेशक, शोध एवं प्रशिक्षण | मूल कोटि |
| 3 | श्री सुनील कुमार पाण्डेय, 3453/23 पटना | उप निदेशक, माध्यमिक शिक्षा | मूल कोटि |
| 4 | श्री बृज किशोर सिंह, 3459/23 रोहतास, सासाराम | उप निदेशक, प्राथमिक शिक्षा | मूल कोटि |
| 5 | डॉ॰ नरेश कुमार झा, 3504/23 मधुबनी | उप निदेशक, बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना | मूल कोटि |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव। -------
सं0 2/प्रो07-01/2023-1170--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारियों को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-3, ग्रेड पे0-7600/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-12 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री चन्द्रशेखर प्रसाद शर्मा 261/16 नालन्दा | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णियॉं प्रमण्डल, पूर्णिया | वेतन स्तर-11 |
| 2 | श्रीमती पूनम कुमारी 268/16 पटना | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, मगध प्रमण्डल, गया | वेतन स्तर-11 |
| 3 | श्री सचिन्द्र कुमार 270/16 पू0 चम्पारण | विशेष निदेशक (माध्यमिक शिक्षा)-अतिरिक्त प्रभार निदेशक, पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्र निदेशालय, बिहार, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 4 | श्री दीपक कुमार सिंह 276/16 कटिहार | उप निदेषक, उच्च षिक्षा | वेतन स्तर-11 |
| 5 | श्री अनिल कुमार 278/16 नवादा | उप सचिव, बिहार राज्य विष्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 6 | श्री अहसन 280/16 प0 चम्पारण | जिला शिक्षा पदाधिकारी, भोजपुर, आरा | वेतन स्तर-11 |
| 7 | श्री नसीम अहमद 281/16 पूर्णियाँ | उप निदेशक, उच्च शिक्षा | वेतन स्तर-11 |
| 8 | श्री कौशल किशोर 282/16 भागलपुर | जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण, छपरा | वेतन स्तर-11 |
| 9 | श्रीमती रौषन आरा 282B/16 गया | जिला षिक्षा पदाधिकारी, जहानाबाद | वेतन स्तर-11 |
| 10 | श्री जयशंकर प्रसाद ठाकुर 283/16 मुजफ्फरपुर | जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधेपुरा | वेतन स्तर-11 |
| 11 | श्री अनिल कुमार द्विवेदी 286B/16 सिवान | जिला शिक्षा पदाधिकारी, बक्सर | वेतन स्तर-11 |
| 12 | श्री ओम प्रकाष सिंह 287C/16 भोजपुर | जिला शिक्षा पदाधिकारी, शेखपुरा | वेतन स्तर-11 |
| 13 | श्री चन्द्रभूषण लाल 288/16 रोहतास, सासाराम | अवकाष रक्षित पदाधिकारी, जिला षिक्षा पदाधिकारी, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 14 | श्री कपिलदेव तिवारी 291G/16 पू0 चम्पारण (मोतिहारी) | जिला षिक्षा पदाधिकारी, जमुई | वेतन स्तर-11 |
| 15 | श्री समर बहादुर सिंह 292/16 खगड़ियॉं | जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा | वेतन स्तर-11 |
| 16 | श्री दिलीप कुमार सिंह 292B/16 भोजपुर, आरा | जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सारण, छपरा | वेतन स्तर-11 |
| 17 | श्रीमती शर्मिला राय 292C/16 वैषाली | जिला शिक्षा पदाधिकारी, बेगूसराय | मूल कोटि |
| 18 | श्री मो0 सईद अंसारी, 293/16 झारखण्ड | सचिव, बिहार राज्य मदरसा षिक्षा बोर्ड, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 19 | श्री संजय कुमार चौधरी, 294/16 दरभंगा | उप निदेशक, प्राथमिक शिक्षा | वेतन स्तर-11 |
| 20 | श्री अजय कुमार सिंह 295/16 बेगूसराय | जिला षिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर | वेतन स्तर-11 |
| 21 | श्री बीरेन्द्र नारायण 297/16 अररिया | जिला शिक्षा पदाधिकारी, वैशाली | मूल कोटि |
| 22 | श्री रवि कुमार सिंह, 298/16 पटना | उप निदेशक, शोध एवं प्रशिक्षण | मूल कोटि |
| 23 | श्री सुभाष कुमार गुप्ता, 299/16 पूर्णियॉं | जिला षिक्षा पदाधिकारी, किषनगंज | वेतन स्तर-11 |
| 24 | श्री शैलेन्द्र कुमार 301/16 षिवहर | बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना-सम्प्रति बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना मे प्रतिनियुक्त ं | वेतन स्तर-11 |
| 25 | श्री राज कुमार, 302/16 मोतिहारी | जिला षिक्षा पदाधिकारी, अररिया | वेतन स्तर-11 |
| 26 | श्री कुन्दन कुमार, 303/16 सहरसा | बिहार षिक्षा परियोजना परिषद्, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 27 | श्रीमती उर्मिला कुमारी, 304/16 बेगूसराय | उप निदेषक, प्राथमिक षिक्षा | वेतन स्तर-11 |
| 28 | श्री संजीव कुमार 305/16 नालन्दा | जिला षिक्षा पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम | वेतन स्तर-11 |
| 29 | श्री मो0 असगर अली, 307/16 पू0 चम्पारण | बिहार षिक्षा परियोजना परिषद्, पटना | मूल कोटि |
| 30 | श्री राजदेव राम, 309/16 भोजपुर | जिला षिक्षा पदाधिकारी, गया | वेतन स्तर-11 |
| 31 | डॉ0 ओम प्रकाश, 310/16 पटना | जिला षिक्षा पदाधिकारी, षिवहर | वेतन स्तर-11 |
| 32 | श्री अमित कुमार 311/16 समस्तीपुर | जिला षिक्षा पदाधिकारी, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 33 | श्री रजनीकान्त प्रवीण 312/16 नालन्दा | जिला शिक्षा पदाधिकारी, प0 चम्पारण (बेतिया) | वेतन स्तर-11 |
| 34 | श्री संजय कुमार-2 313/16 भोजपुर | बिहार मुक्त विद्यालयी षिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना | मूल कोटि |
| 35 | श्री सुरेन्द्र कुमार, 314/16 नवादा | जिला षिक्षा पदाधिकारी, सुपौल | वेतन स्तर-11 |
| 36 | श्रीमती लालिमा, 316/16 धनबाद | बिहार षिक्षा परियोजना परिषद्, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 37 | श्री दिवेश कुमार चौधरी, 317/16 नालन्दा | उप निदेषक, उच्च षिक्षा | वेतन स्तर-11 |
| 38 | श्री राजेश कुमार, 318/16 पटना | सचिव, बिहार संस्कृत षिक्षा बोर्ड, पटना | वेतन स्तर-11 |
| 39 | श्रीमती रश्मि रेखा 319/16 नालन्दा | बिहार षिक्षा परियोजना परिषद्, पटना | वेतन स्तर-11 |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव। -------
सं0 2/प्रो07-01/2023-1171--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारियों को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-3, ग्रेड पे0-6600/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-11 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | मो0 मोतीउर रहमान 323/16 समस्तीपुर | उप निदेषक, मध्याह्न भोजन योजना | मूल कोटि |
| 2 | श्री कृष्ण मोहन ठाकुर 336D/16 मुजफ्फरपुर | जिला षिक्षा पदाधिकारी, खगड़िया | मूल कोटि |
| 3 | श्री मिथिलेष कुमार 345/16 बक्सर | जिला षिक्षा पदाधिकारी, सीवान | मूल कोटि |
| 4 | श्री धु्रव नारायण प्रसाद 349/16 मधुबनी | उप निदेषक, जन षिक्षा | मूल कोटि |
| 5 | श्री पवन कुमार 374/16 मुंगेर | जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका | मूल कोटि |
| 6 | श्रीमती पुष्पा कुमारी पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) | बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना | मूल कोटि |
| 7 | श्री जियाउल होदा खॉं 413/16 मधुबनी | जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सहरसा | मूल कोटि |
| 8 | श्री सुनील कुमार गुप्ता 418/16 रोहतास | जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वैशाली | मूल कोटि |
| 9 | श्री राहुल चन्द्र चौधरी 429/16 खगड़ियॉं | जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सुपौल | मूल कोटि |
| 10 | श्री दुर्गा यादव 431/16 उ0 प्र0 | जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, गया | मूल कोटि |
| 11 | श्री मुकेश कुमार 437/16 पटना | उप सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना | मूल कोटि |
| 12 | श्री निशांत किरण 441/16 समस्तीपुर | जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वैशाली | मूल कोटि |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव। -------
सं0 2/प्रो07-01/2023-1172--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (शिक्षण उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारियों को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-4, ग्रेड पे0-8700/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-13 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री चन्द्रदीप सिंह यादव, 3233/23 पटना | प्राचार्य, राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर, पटना | मूल कोटि |
| 2 | श्री बिरेन्द्र कुमार, 3244/23 औरंगाबाद | प्राचार्य, राजकीय उच्च विद्यालय (बालक), पटना सिटी, पटना | मूल कोटि |
| 3 | अफजल सआदत हुसैन, 3394/23 गया | प्राचार्य, पटना कॉलेजियट स्कूल, पटना | मूल कोटि |
| 4 | श्री रमेन्द्र कुमार पाण्डेय, 3406/23 भोजपुर | प्राचार्य, पटना हाईस्कूल, गर्दनीबाग, पटना | मूल कोटि |
| 5 | श्रीमती नीना कुमारी 3860/16 पटना | वरीय व्याख्याता, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, बोरिंग रोड, पटना-सम्प्रति प्रभारी प्राचार्य | मूल कोटि |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव। -------
सं0 2/प्रो07-01/2023-1173--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (एकाकी उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारी को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-3, ग्रेड पे0-7600/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-12 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्रीमती (डॉ॰) मंजुबाला | व्याख्याता-सह-प्रभारी निदेशक, प्राकृत जैनषास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान, वैषाली | मूल कोटि |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव। -------
सं0 2/प्रो07-01/2023-1174--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अधीन अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार शिक्षा सेवा (एकाकी उप संवर्ग) में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारी को अपुनरीक्षित पे बैन्ड पी0बी0-3, ग्रेड पे0-7600/-, पुनरीक्षित वेतन स्तर-12 का कार्यकारी प्रभार वेतनमान सहित निम्नवत् प्रदान किया जाता है :-
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | डॉं0 मो0 एजाज अहमद | प्रभारी निदेषक, अरबी एवं फारसी शोध संस्थान, महेन्दू्र, पटना | मूल कोटि |
2. यह माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य संबंद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होने की शर्त्त पर औपबंधिक रुप से प्रदान की जा रही है।
3. उक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
4. इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर इसे संशोधित किया जा सकेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
निदेषक (प्रषासन)-सह-अपर सचिव।10 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
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सं0 1/स्था01-04/2023- --श्रीमती सीमा त्रिपाठी, भा0प्र0से0, विशेष सचिव-सह-निदेशक, छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना वर्त्तमान में उपार्जित अवकाश में है।
2. श्रीमती त्रिपाठी के अवकाश अवधि तक के लिए निदेशक, छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय का प्रभार कार्यहित में अपने कार्यों के अतिरिक्त श्रीमती रूबी, भा0प्र0से0, संयुक्त सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को सौंपा जाता है। 3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, पुण्या तरू, विशेष कार्य पदाधिकारी।
------- Office of The Commissioner, Magadh Division, Gaya ------ Office Order The 18th October 2023
No. XI-C-रा0-06/2019-4451--In the light of proposal received from District Magistrate, Jehanabad vide letter no.- 644, dated- 12.09.2023 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.
| Sl. No. | Officers Name | Designation | Remarks |
| 1 | Smt Vandana Kumari | DSO, Jehanabad | District Level |
| 2 | Sri Avinash Kumar | SDO, Jehanabad Sadar | Subdivisional Level |
By Order, Sd/-Illegible, Secretary to Commissioner.
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गृह विभाग
(विषेष शाखा)
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आदेश
16 अक्तूबर 2023
सं॰ एल/एच॰जी॰-14-06/2020-12298--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-2195, दिनांक-02.06.2020 तथा पत्रांक-5561, दिनांक-10.08.2023 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव एवं विा विभाग के परामर्श के आलोक में श्री रवि कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी की पूर्व की सेवा से तकनीकी त्यागपत्र की स्वीकृति की तिथि (30.11.2019) तथा वर्तमान सेवा में योगदान देने (30.12.2019) के बीच की अवधि को मात्र सेवा में निरंतरता हेतु पदग्रहण काल के रूप में अवैतनिक स्वीकृति प्रदान की जाती है।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदेश से, नन्द किशोर, अवर सचिव।
------
16 अक्तूबर 2023
सं॰ एल/एच॰जी॰-1505/2005-12299--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-3843, दिनांक-07.09.2018 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा11 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 दिए गए परामर्श के आलोक में श्री अनुज कुमार की गृह रक्षा वाहिनी में सेवा उनके प्रथम योगदान की तिथि 02.05.1997 से ही लगातार (बिहार प्रशासनिक सेवा में की गयी सेवा अवधि सहित) माने जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है। इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदेश से, नन्द किशोर, अवर सचिव।
------ समाहरणालय, रोहतास (सासाराम) (स्थापना शाखा) ------
अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 1918/स्था0, दिनांक 20.10.2022 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि श्री ओम प्रकाष कुमार, नाजीर, अनुमंडल कार्यालय, सासाराम बिक्रमगंज थाना काण्ड संख्या- 128/22, दिनांक 06.04.2022, धारा 420/406/120 बी0 भा0द0वि0 एन0आई0टी0 एक्ट के तहत प्राथमिकी अभियुक्त श्री ओम प्रकाष कुमार जो अनुमंडल कार्यालय, सासाराम में नाजीर के पद पर कार्यरत है, इनके विरूद्ध प्रासंगिक काण्ड सत्य पाया गया है, जिसमे दिनांक 17.10.2022 को इन्हे गिरफ्तार किया गया एवं दिनांक 18.10.2022 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम से प्राप्त उक्त प्रतिवेदन के आलोक में इस कार्यालय के आदेष संख्या- 76/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 1207/स्था0, दिनांक 20.10.2022 द्वारा गिरफ्तारी की तिथि 17.10.2022 के प्रभाव से श्री कुमार को निलंबित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 2022/स्था0, दिनांक 07.11.2022 से श्री ओम प्रकाष कुमार के गिरफ्तारी के कारण अनुमंडल कार्यालय, सासाराम के नजारत का प्रभार स्थानीय व्यवस्था के तहत दिलाने हेतु दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्त कर नजारत का ताला तोड़ते हुए जब्ती सूची (Inventory List) तैयार करने हेतु अनुरोध किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के उक्त अनुरोध के आलोक में इस कार्यालय के आदेष संख्या 41/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 1268/स्था0, दिनांक 08.11.2022 द्वारा श्री चन्द्रमा राम कार्यपालक दण्डाधिकारी, सासाराम को दण्डाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त कर पुलिस पदाधिकारी की देख-रेख में विडियोग्राफी कराते हुए अनुमंडल नजारत का वस्तु सूची (Inventory List) तैयार कर संबंधित कर्मी को वस्तु सूची (Inventory List) के माध्यम से प्रभार दिलाने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम को निदेषित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 2206/स्था0, दिनांक 05.12.2022 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि श्री अतुल कुमार, लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, सासाराम को वस्तु सूची (Inventory List) के माध्यम से अनुमंडल नजारत, बाजार समिति, सासाराम एवं बाजार समिति, नोखा का प्रभार हस्तगत करा दिया गया है।
अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 2216/स्था0, दिनांक 06.12.2022 द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम तथा जिला कोशागार, सासाराम, रोहतास से प्राप्त सत्यापन प्रतिवेदन के आलोक में तत्कालीन नाजीर श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा फर्जी एवं जालसाजी कर मो0 2,18,45,712.00 (दो करोड़ अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह) रूपये के राषि गबन किया गया है। साथ ही यह भी प्रतिवेदित है कि श्री ओम प्रकाष कुमार के विरूद्ध नगर थाना, सासाराम में प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जिसका थाना काण्ड संख्या 1054/2022, दिनांक 05.12.2022 है। श्री कुमार द्वारा किये गये फर्जीवाड़ा एवं जालसाजी तथा गबन के संबंध में इस कार्यालय के पत्रांक 1364/स्था0, दिनांक 12.12.2022 से सूचना अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना को दी गयी। कार्यालय आदेष संख्या- 102/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 1382/स्था0, दिनांक 19.12.2022 से अनुमंडल कार्यालय, सासाराम के नजारत का विधिवत्त जॉच हेतु उच्च स्तरीय जाँच कमिटी का गठन अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0) -सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारीे , रोहतास, सासाराम की अध्यक्षता में कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम एवं जिला लेखा पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के रूप में किया गया। कार्यालय पत्रांक 1388/स्था0, दिनांक 19.12.2022 द्वारा श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, सासाराम द्वारा फर्जी एवं जालसाजी कर किये गये लगभग 2,18,45,712.00 (दो करोड़ अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह) रूपये की गबनित राषि की वसूली हेतु निलाम पत्र वाद दायर कर वसूली की कार्रवाई प्रारंभ करने का निदेष अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम को दिया गया। कार्यालय आदेष संख्या- 103/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 1389/स्था0, दिनांक 19.12.2022 द्वारा श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक -सह- नाजीर के निलंबन को बरकरार (Continue) रखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम से श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु ''बिहार सरकारी सेवकों के विरूद्ध आरोप पत्र का गठन विनियमावली, 2017'' के तहत आरोप पत्र गठित कर साक्ष्य सहित मांग की गयी।
अनुमण्डल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 2216/स्था0, दिनांक 06.12.2022 द्वारा तत्कालीन नाजीर श्री ओम प्रकाष कुमार के सेवाकाल में प्रथम योगदान की तिथि से सभी पदस्थापन कार्यालय में इनके कार्यकलापों की उच्च स्तरीय जॉच कराने हेतु अनुरोध किया गया। तदोपरान्त इस कार्यालय के पत्रांक 1363/स्था0, दिनांक 12.12.2022 से अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज से श्री ओम प्रकाष कुमार के बिक्रमगंज अनुमंडल में पदस्थापन/प्रतिनियुक्त अवधि में किये गये कार्यों का पूर्ण ब्योरा उपलब्ध कराने की मांग की गयी। कार्यालय पत्रांक 1383/स्था0, दिनांक 19.12.2022 से श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक के दीपक सदन (राज गैस एजेन्सी के पीछे) न्यू कॉलोनी, आरा रोड, बिक्रमगंज एवं दीपक सदन, पड़रियॉ रोड आनंद नगर, वार्ड नं0- 05 नियर चर्च, बिक्रमगंज के दोनो पते के चल-अचल सम्पति की विवरणी की मांग अंचल अधिकारी, बिक्रमगंज से की गयी। कार्यालय पत्रांक 1384/स्था0, दिनांक 19.12.2022 से श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक के पूर्व पदस्थापन कार्यालय में किये गये वित्तीय कार्यों का पूर्ण व्योरा/इतिहास की मांग अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज/सासाराम, प्रखंड विकास पदाधिकारी, संझौली, दिनारा, अंचल अधिकारी, रोहतास/नासरीगंज से की गयी। कार्यालय पत्रांक 1386/स्था0, दिनांक 19.12.2022 से श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक के बिक्रमगंज अनुमंडल में पदस्थापन/प्रतिनियुक्त अवधि में किये गये कार्यों की विस्तृत जॉच कर प्रतिवेदन की मांग अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज से की गयी।12 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0) -सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक 21/लो0षि0नि0, दिनांक 19.01.2023 द्वारा त्रिसदस्यीय जॉच टीम में दो अन्य लेखा के जानकार पदाधिकारी एवं तीन कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति करने का अनुरोध किया गया। उक्त अनुरोध के आलोक में इस कार्यालय के आदेष संख्या- 114/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 80/स्था0, दिनांक 19.01.2023 द्वारा श्री विकास कुमार चौरसिया, सहायक कोशागार पदाधिकारी, सासाराम, श्री उदय कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त, कार्यालय राज्य कर संयुक्त आयुक्त, सासाराम अंचल, श्री बिनोद कुमार सिंह, प्रभारी प्रधान लिपिक, जिला विधि प्रषाखा, रोहतास, सासाराम एवं श्री कृश्ण विजय सिंह, लिपिक -सह- नाजीर, कोशागार कार्यालय, सासाराम को त्रिसदस्यीय जॉच समिति के आवष्यक सहयोग हेतु प्रतिनियुक्त किया गया। तदोपरान्त अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0) -सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक 84/लो0षि0, दिनांक 25.02.2023 द्वारा अनुमंडल कार्यालय, सासाराम के नजारत से संबंधित संयुक्त जॉच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमे प्रतिवेदित है कि मो0 2,22,17,712.00 (दो करोड़ बाईस लाख सतरह हजार सात सौ बारह) रूपये के सरकारी राषि का गबन प्रथम दृश्टया श्री कुमार द्वारा किया गया है।
अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 2355/स्था0, दिनांक 30.12.2022 द्वारा श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन लिपिक -सह- नाजीर, अनुमंडल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' का गठन कर प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप पत्र को इस कार्यालय के आदेष संख्या- 126/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 199/स्था0, दिनांक 08.02.2023 से अनुमोदित करते हुए श्री संजय कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0) -सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम को संचालन पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
दूसरी तरफ इस कार्यालय के पत्रांक 1363/स्था0, दिनांक 12.12.2022 से अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज से श्री ओम प्रकाष कुमार के बिक्रमगंज अनुमण्डल में पदस्थापन/प्रतिनियुक्ति अवधि में किये गये कार्यो का पूर्ण ब्यौरा की मांग की गयी थी, जिसके आलोक में अनुमण्डल पदाधिकारी, बिक्रमगंज के पत्रांक 489, दिनांक 10.03.2023 से श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, बिक्रमगंज सम्प्रति निलंबित लिपिक के बिक्रमगंज अनुमंडल में पदस्थापन/प्रतिनियुक्त अवधि में नजारत संबंधित किये गये कार्यों का विस्तृत जॉच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जॉच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित है कि श्री कुमार द्वारा फर्जी बैंक विवरणी, फर्जी चालान की प्रति एवं रोकड़ बही में गलत प्रविश्टि तथा वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए प्रथम दृश्टया कुल मो0 1,83,84,248.17 (एक करोड़ तिरासी लाख चौरासी हजार दो सौ अड़तालिस रूपया सतरह पैसा) मात्र सरकारी राषि का गबन, विचलन एवं फर्जीवाड़ा करने तथा इनके विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। तद्नुसार कार्यालय पत्रांक 408/स्था0, दिनांक 28.03.2023 द्वारा श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, बिक्रमगंज सम्प्रति निलंबित लिपिक-सह-नाजीर अनुमंडल कार्यालय, सासाराम द्वारा सासाराम अनुमंडल में कुल 2,22,17,712.00 (दो करोड़ बाईस लाख सतरह हजार सात सौ बारह) रूपये तथा बिक्रमगंज अनुमंडल में कुल 1,83,84,248.17 (एक करोड़ तिरासी लाख चौरासी हजार दो सौ अड़तालिस रूपया सतरह पैसा) कुल मो0 4,06,01,960.17 (चार करोड़ छः लाख एक हजार नौ सौ साठ रूपया सतरह पैसा) रूपये गबन की सूचना अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना को दी गयी। साथ ही श्री कुमार के पूर्व पदस्थापन कार्यालयों यथा अंचल कार्यालय, रोहतास, प्रखंड कार्यालय, संझौली, अनुमंडल कार्यालय, बिक्रमगंज, प्रखंड कार्यालय, दिनारा, अंचल कार्यालय, नासरीगंज तथा अनुमंडल कार्यालय, सासाराम का विषेश अंकेक्षण कराने का अनुरोध किया गया। कार्यालय पत्रांक 409/स्था0, दिनांक 28.03.2023 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध सरकारी राषि का गबन करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने साथ ही आरोपी कर्मी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु प्रपत्र 'क' गठित कर साक्ष्य सहित मांग की गयी। कार्यालय पत्रांक 411/स्था0, दिनांक 28.03.2023 से श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक के विरूद्ध गबन की गयी राषि की वसूली हेतु निलाम पत्र वाद दायर कर वसूली की कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम एवं बिक्रमगंज को निदेषित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज के पत्रांक 674/सा0, दिनांक 05.04.2023 से श्री ओम प्रकाष कुमार, पूर्व नाजीर, अनुमंडल कार्यालय, बिक्रमगंज के विरूद्ध प्राप्त आरोप पत्र को अनुमोदित करते हुए इस कार्यालय के आदेष संख्या- 16/2023-24, संसूचित ज्ञापांक 559/स्था0, दिनांक 13.05.2023 से श्री संजय कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0) -सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम को संचालन पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। श्री कुमार, निलंबित लिपिक के विरूद्ध बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय से संबंधित संचालित आरोप पत्र पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस कार्यालय के पत्रांक 421/स्था0, दिनांक 01.04.2023 से सासाराम नगर थाना काण्ड संख्या- 1054/2022, दिनांक 05.12.2022 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री ओम प्रकाष कुमार की गिरफ्तारी हेतु विषेश टास्क फोर्स गठन कर विधि-सम्मत कार्रवाई करने हेतु पुलिस अधीक्षक, रोहतास को संसूचित किया गया। इस कार्यालय के आदेष संख्या- 126/2022-23, संसूचित ज्ञापांक 199/स्था0, दिनांक 08.02.2023 से श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन लिपिक -सह- नाजीर, अनुमंडल कार्यालय, सासाराम सम्प्रति निलंबित लिपिक के विरूद्ध गठित प्रपत्र - 'क' के संचालन हेतु अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0)-सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। उक्त के संदर्भ में अपर समाहर्त्ता (लो0षि0नि0)-सह- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्र संख्या- 620/लो0षि0नि0, दिनांक 04.08.2023 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध सासाराम अनुमंडल कार्यालय से संबंधित संचालित विभागीय कार्यवाही का मंतव्य प्राप्त हुआ।
संचालित विभागीय कार्यवाही का विवरण :-
(i) दिनांक- 25.02.2023 एवं दिनांक- 06.03.2023 - विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में आरोपी कर्मी से जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 113/लो॰षि॰नि॰, 114/लो॰षि॰नि॰, 115/लो॰षि॰नि॰, दिनांक 06.03.2023 से उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराये गये तीनों आवासीय पतो पर सूचना भेजते हुए दिनांक- 15.03.2023 को संचालित विभागीय कार्यवाही में उपस्थित होकर प्रपत्र- 'क' में गठित आरोप के विरूद्ध अपना स्थिति स्पश्ट करने का निदेष दिया गया। साथ ही उपस्थापन पदाधिकारी को भी निदेष दिया गया कि श्री ओम प्रकाष कुमार को अपने स्तर से भी सूचित करते हुए उक्त विभागीय कार्यवाही के निर्धारित तिथि 15.03. 2023 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे।13 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 (ii) दिनांक- 15.03.2023- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 113/लो॰षि॰नि॰, 114/लो॰षि॰नि॰, 115/लो॰षि॰नि॰, दिनांक- 06.03.2023 तथा उपस्थापन पदाधिकारी के ज्ञापांक- 375/स्था, 376/स्था॰ एवं 377/स्था॰, दिनांक- 07.03.2023 के आलोक में आरोपी कर्मी श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा दिनांक 15.03.2023 को आवेदन के माध्यम से प्रेशित किया गया कि ''आपके द्वारा निर्गत ज्ञापांक-114, दिनांक 06.03. 2023 के संदर्भ में आग्रह करना है कि प्रपत्र- 'क' में गठित आरोप की जानकारी मुझे नहीं है, जिसके कारण मैं अपना स्पश्टीकरण देने में सक्षम नहीं हो सका एवं मेरे विरूद्ध सासाराम (नगर) काण्ड संख्या- 128/2022 लंबित है, जिसके बाद मेरी गिरफ्तारी हेतु पुलिस तलाष कर ही है, जिस कारण मै व्यक्तिगत रूप से मैं श्रीमान् के समर्थ उपस्थित होने में लाचार हूँ। अतः श्रीमान से प्रार्थना है कि प्रपत्र-क में गठित आरोप की जानकारी उपलब्ध कराने की कृपा की जाय एवं अगली तिथि निदेषित करने की कृपा करें, ताकि मैं हर बिन्दु पर अपना स्पश्टीकरण दाखिल कर सकू।'' तामिला प्रतिवेदन से स्पश्ट है कि आरोपी कर्मी को जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 113/लो॰षि॰नि॰, 114/लो॰षि॰नि॰, 115/लो॰षि॰नि॰, दिनांक- 06.03.2023 तथा उपस्थापन पदाधिकारी के ज्ञापांक- 375/स्था, 376/स्था॰ एवं 377/स्था॰, दिनांक- 07.03.2023 द्वारा प्रेशित पत्रों की जानकारी उनको प्राप्त है। उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अनुमण्डल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक- 615/स्था॰, दिनांक- 03.04.2023 के अवलोकन से स्पश्ट है कि आरोपी कर्मी को अपने विरूद्ध लगे आरोप का बिन्दुवार विवरणी प्रपत्र- 'क' प्राप्त है।
(iii) दिनांक- 31.03.2023- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 129/लो॰षि॰नि॰, 130/लो॰षि॰नि॰ एवं 131/लो॰षि॰नि॰, दिनांक- 15.03.2023 के माध्यम से आरोपी कर्मी के पते पर पुनः सूचना भेजते हुए उपस्थापन पदाधिकारी को भी आरोपी कर्मी के विरूद्ध चल रहे विभागीय कार्यवाही में आगामी निर्धारित तिथि 31.03.2023 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु निदेषित किया गया, जिसके आलोक में अनुमण्डल कार्यालय के पत्रांक- 529/स्था॰ 530/स्था॰ एवं 531/स्था॰, दिनांक- 23.03.2023 द्वारा पुनः आरोपी कर्मी के आवेदन दिनांक- 15.03.2023 के अलोक में आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') संलग्न कर आरोपी कर्मी के पते पर डाक एवं विषेश दूत के माध्यम से अरोपी कर्मी को भेजा गया, जिसका तामिला प्राप्त है। साथ ही अनुमण्डल कार्यालय के पत्रांक- 529/स्था॰ एवं 530/स्था॰, दिनांक- 23.03.2023 का नोटिस का भी तामिला प्राप्त है।
जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 152/लो॰षि॰नि॰, दिनांक- 24.03.2023 द्वारा सूचित किया गया कि श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा प्रपत्र 'क' की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उक्त के आलोक में उपस्थापन पदाधिकारी के ज्ञापांक- 615/स्था॰, दिनांक- 05.04.2023 द्वारा आरोपी कर्मी के पता पर आरोप पत्र (प्रपत्र - 'क') पुनः संलग्न (कुल 10 पन्ने) करते हुए भेजा गया, जिसका नोटिस तामिला दिनांक 10.04.2023 को प्राप्त है।
(iv) दिनांक- 08.04.2023 एवं दिनांक- 21.04.2023- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 189/लो॰षि॰नि॰, दिनांक- 08.04.2023 से श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा निबंधित डाक संख्या- EF519533098IN के माध्यम से प्राप्त आवेदन को उपस्थापन पदाधिकारी को भेजते हुए उक्त के संदर्भ में अपना अभिकथन/मंत्तव्य देने का निदेष दिया गया, जिसके अनुपालन में उपस्थापन पदाधिकारी के कार्यालय पत्रांक- 709/स्था॰, दिनांक- 19.04.2023 द्वारा अभिकथन/मंत्तव्य प्राप्त हुआ।
(v) दिनांक- 03.05.2023 - आरोपी कर्मी के दिनांक- 08.04.2023 के आवेदन तथा उपस्थापन पदाधिकारी से प्राप्त अभिकथन/मंतव्य के परिषीलन से स्पश्ट है कि :-
i. श्री ओम प्रकाष कुमार के द्वारा इस कार्यालय से भेजी गयी नोटिस उन्हे प्राप्त है। नोटिस के साथ भेजे गए प्रपत्र- 'क' के साथ से वे अपने विरूद्ध लगाये गए आरोप से आरोपित अवगत है, जो उनके द्वारा दिए गए आवेदन दिनांक 03.04.2023 से भी स्पश्ट है।
ii. श्री प्रकाष का यह दावा की कारण-पृच्छा में प्रपत्र 'क' का गठन विधि विरूद्ध है - श्री प्रकाष के विरूद्ध गठित आरोप की प्रकृति एवं गंभीरता के मद्देनजर स्वीकार नहीं हो सकता है। साथ ही विभागीय कार्यवाही में श्री प्रकाष को अपने बचाव में अपना पक्ष/साक्ष्य रखने का पर्याप्त अवसर है।
iii. विभागीय कार्यवाही तथा क्रिमिनल कार्यवाही दो अलग-अलग विशय वस्तु है और दोनों का अपना-अपना अलग उदेष्य है। ऐसी परिस्थिति में क्रिमिनल कार्यवाही के आलोक में विभागीय कार्यवाही नहीं रोकी जा सकती है। iv. विभागीय कार्यवाही के निश्पादन हेतु 90 दिनों का अधिकतम सीमा तय की गई है। पूर्व में श्री प्रकाष को काफी अवसर दिया जा चुका है और क्रिमिनल कार्यवाही एवं अग्रिम जमानत के नाम पर वाद को अनिष्चित काल के स्थगित नहीं किया जा सकता है और न ही विभागीय कार्यवाही के मार्गदर्षिका में इस निमित ऐसा कोई प्रावधान है। उपस्थापन पदाधिकारी दिनांक 29.03.2023 के आवेदन के आलोक में लिखित अभिकथन पर अपना मंतव्य दिये हैः-
a) Further, it is crystal clear from the application of Sri Om Prakash Kumar that he is having full knowledge of this Departmental Proceeding. But he is intentionally and knowingly not filing his explanation/reply. Further filing of Anticipatory Bail Application (A.B.A) does not give any liberty under Law to him to not to appear before Enquiry officer (EO). The Departmental Proceeding is a semi judicial proceeding in which he must follow the procedures of Law prescribed for14 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 Departmental Proceeding. He is absconding and not co-operating in Departmental Proceeding and unauthorizedly absent.
b) Further Criminal Proceeding and Departmental proceedings are two different and distinct proceedings and pendency of criminal proceeding does not prohibit beginning of Departmental proceedings against delinquent rather both criminal and departmental proceedings for the allegations can be proceeded with simultaneously and this is the settled Principle of Law and there are several decisions of Hon'ble Supreme Court and High Court's on this issue.
उक्त के आलोक में आरोपी कर्मी श्री कुमार के आवेदन को अस्वीकृत किया गया है। साथ ही संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोपी कर्मी को सदेह उपस्थित होने हेतु नोटिस निर्गत करने के साथ ही समाचार पत्रों में भी सूचना प्रकाषित किया गया तद्नोपरान्त दिनांक 05.05.2023 को समाचार पत्र दैनिक जागरण एवं हिन्दुस्तान में सूचना प्रकाषित कर श्री प्रकाष से अगली निर्धारित तिथि 15.05.2023 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया। आरोपी कर्मी श्री कुमार द्वारा उक्त निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं हुए।
(vi) दिनांक- 15.05.2023 एवं दिनांक- 22.05.2023 - जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 287/लो॰षि॰नि॰, दिनांक-03.05.2023, 290/लो॰षि॰नि॰ एवं 291/लो॰षि॰नि॰, दिनांक-04.05.2023 जो आरोपी कर्मी के पता पर भेजते हुए दिनांक- 15.05.2023 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया गया। साथ ही दिनांक- 15.05.2023 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु हिन्दुस्तान एवं दैनिक समाचार पत्र में आम सूचना प्रकाषन कर श्री कुमार को सूचित किया गया कि दिनांक- 15.05.2023 को अवष्य उपस्थित हो, अन्यथा यह माना जाएगा कि अपना बचाव में कुछ नही कहना है। तत्पष्चात विभागीय कार्यवाही में श्री कुमार के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही प्रारम्भ कर निर्णय लिया जाएगा। उपस्थापन पदाधिकारी को भी आरोपी कर्मी को अपने स्तर से सूचित करने हेतु निदेषित किया गया, जिसके आलोक में अनुमण्डल कार्यालय के पत्रांक- 808/स्था॰, 809/स्था॰ एवं 810/स्था॰, दिनांक- 04.05.2023 द्वारा आरोपी कर्मी के पते पर भेजा गया। तीनों पत्र विषेश दूत के माध्यम से भेजा गया, जिसका नोटिस तामिला दिनांक-11.05.23 को प्राप्त है।
उक्त के आलोक में आरोपी कर्मी स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखते हुए वजरिय निबंधित डाक संख्या- EF519533098IN आवेदन के माध्यम से सूचित किया गया (जो इस कार्यालय को दिनांक- 16.05.2023 को प्राप्त है।) कि मेरे उपर गठित प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संख्या- 01/2023 तथा सासाराम नगर काण्ड संख्या- 1054/22 एवं बिक्रमगंज थाना काण्ड संख्या- 184/2023 लंबित है, जिसमें मेरी गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा तलाष की जा रही है, जिसके कारण मैं उक्त तिथि को व्यक्तिगत रूप से श्रीमान् के समक्ष उपस्थित होने में असमर्थ हूँ।
मामले की गंभीरता के दृश्टिगत श्री ओम प्रकाष कुमार के आवेदन को स्वीकृत करना समीचीन प्रतीत नहीं होता है और न ही बिहार सरकारी सेवकों के विरूद्ध आरोप पत्र का गठन नियमावली 2017 के तहत इस तरह का कोई प्रावधान अंकित करना है। उक्त के आलोक में आरोपी कर्मी के आवेदन को अस्वीकृत किया गया। अतः प्रस्तुत मामले में एकपक्षीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी।
(vii) दिनांक- 30.05.2023 - जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 367/लो॰षि॰नि॰, दिनांक-23.05.2023 द्वारा उपस्थापन पदाधिकारी को निदेषित किया गया कि श्री ओम प्रकाष कुमार को दिनांक- 15.05.2023 को अंतिम नोटिस देकर उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया गया, तत्पष्चात भी आरोपी कर्मी श्री कुमार उपस्थित नहीं हुए।
स्पश्ट है कि आरोपी कर्मी के विरूद्ध पूर्व में प्रेशित लिखित सूचना, जिसका तामिला होने के बावजूद तथा समाचार पत्रों में भी अत्यावष्यक सूचना प्रकाषित होने के बावजूद उपस्थित नहीं हुए और न ही उन्होने अपने आरोप के बचाव में कुछ कहा और न ही इसका खण्डन किया गया। अतः इस आलोक में संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही में एक पक्षीय सुनवाई प्रारम्भ की गई तथा उपस्थापन पदाधिकारी को दिनांक- 30.05.2023 को उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने का निदेष दिया गया।
उपस्थापन पदाधिकारी के पत्रांक-1056/स्था॰, दिनांक-27.05.2023 द्वारा अनुरोध किया गया है कि दिनांक- 30.05.2023 को राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना के वाद संख्या- 104/2022 की सुनवाई में उपस्थित होना है। अतः सुनवाई की आगामी तिथि निर्धारित की जाय, जिसके आलोक में दिनांक- 08.06.2023 को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गयी।
(viii) दिनांक- 08.06.2023- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 381/लो॰षि॰नि॰, दिनांक-01.06.2023 द्वारा उपस्थापन पदाधिकारी को निदेषित किया गया कि निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर अपना साक्ष्य/गवाह प्रस्तुत करें। साथ ही आरोप बिन्दु के संबंध में अपना अभिलिखित मंतव्य एवं साक्ष्य प्रस्तुत करे, जिसके अनुपालन में उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा लिखित रूप से प्रतिवेदित किया गया है कि आरोपी के विरूद्ध गठित प्रपत्र- 'क' के साथ चतुर्थ भाग- (क) पर दस्तावेजों की सूची के साथ-साथ साक्षियों की सूची अंकित है। उक्त सूची के अंकित दस्तावेजों एवं साक्षियों से संबंधित पत्रों, दस्तावेजों के साथ साक्ष्य हेतु प्रस्तुत किया जाना है।15 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 उक्त गठित आरोप पत्र (प्रपत्र- 'क') साक्ष्य के साथ भेजा गया है, जो जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के द्वारा अनुमोदित है, में साक्षी के रूप में श्री चन्द्रमा राम, कार्यपालक दण्डाधिकारी, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम, श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रधान लिपिक, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम, श्री अतुल कुमार, नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम, मो॰ इम्तियाज अली अंसारी, लिपिक (उर्दू), मो॰ तसलीम अंसारी, उर्दू अनुवादक, जिला कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम, शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम, श्री प्रहलाद सिंह, संविदा परिचारी, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम एवं श्री प्रभात चन्द्र प्रभाकर, कार्यपालक सहायक, प्रतिनियुक्त अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम का नाम अंकित है। आरोपित कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप तथा साक्षी के रूप में दर्ज पदाधिकारी/कर्मी के गवाही उपरान्त भवदीय (संचालन पदाधिकारी) द्वारा विभागीय कार्यवाही की सुनवाई तथा उपलब्ध कागजातों के परिषीलन उपरान्त अग्रेतर कार्रवाई किया जायेगा। विदित है कि आरोपी कर्मी श्री ओम प्रकाष कुमार के विरूद्ध आरोप पत्र का गठन करते समय सुसंगत कागजात, जिनके आधार पर आरोपों को इस विभागीय कार्यवाही में सिद्ध किया जाना प्रस्तावित है, को उल्लेख आरोप पत्र के चतुर्थ भाग- (क) दस्तावेजों की सूची में स्पश्ट रूप से कर दिया जायगा। अतः कृपया साक्ष्य अंकित कराने की अनुमति प्रदान कर इनका साक्ष्य दर्ज किया जाय दिनांक- 17.06.2023- जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकरी-सह-संचालन पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम कार्यालय के ज्ञापांक- 458/लो॰षि॰नि॰, दिनांक-14.06.2023 के आलोक में उपस्थापन पदाधिकारी को निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर अपना साक्ष्य/गवाह प्रस्तुत करने का निदेष दिया गया। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा दिनांक- 17.06.2023 को उपस्थित होकर साक्षी श्री चन्द्रमा राम, कार्यपालक दण्डाधिकारी तथा श्री अतुल कुमार, नाजिर को साक्षी के रूप में परीक्षण कराया गया। आरोपित कर्मी के उपस्थित नही रहने एवं एकपक्षीय कार्यवाही संचालित होने के कारण साक्षी को बिना प्रतिपरीक्षण के उन्मुक्त किया गया।
(ix) दिनांक-23.06.2023- उपस्थापन पदाधिकारी के पत्रांक-1232/स्था॰, दिनांक-21.06.2023 द्वारा कोशागार पदाधिकारी, रोहतास एवं मुख्य प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम को चल रही विभागीय कार्यवाही में दिनांक-23.06.2023 को पूर्वाहन 11ः00 बजे संचालन पदाधिकारी के समक्ष साक्षी के रूप में परीक्षण हेतु उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया। उक्त के आलोक में साक्षी के रूप में श्री राम प्रवेष यादव, वरीय कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम, श्री राम प्रवेष रविदास, गवर्नमेन्ट इनचार्ज, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम, मो॰ इम्तियाज अली अंसारी, लिपिक (उर्दू), मो॰ तसलीम अंसारी, उर्दू अनुवादक तथा श्री प्रहलाद सिंह, संविदा परिचारी को साक्षी के रूप में परीक्षण कराया गया। आरोपित कर्मी के उपस्थित नही रहने एवं एकपक्षीय कार्यवाही संचालित होने के कारण साक्षी को बिना प्रतिपरीक्षण के उन्मुक्त किया गया।
(x) दिनांक- 28.06.2023- श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रधान लिपिक तथा श्री प्रभात चन्द्र प्रभाकर, कार्यपालक सहायक का परीक्षण दिनांक-28.06.2023 को कराया गया। आरोपित कर्मी के उपस्थित नही रहने एवं एकपक्षीय कार्यवाही संचालित होने के कारण साक्षी को बिना प्रतिपरीक्षण के उन्मुक्त किया गया।
इसी क्रम में उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा कार्यालय पत्रांक-1274/स्था॰, दिनांक- 28.06.23 से संसूचित किया गया कि अनुमण्डल कार्यालय, बिक्रमगंज का कुछ और मामले/तथ्य आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रकाष में आये है। उन्होने उन दस्तावेजों को (List of Document) के साथ अभिलेख पर लाने हेतु अनुरोध किया गया है, जिसे अभिलेख/दस्तावेज में शामिल किया गया। विदित है कि आरोप कर्मी श्री कुमार ने अपने आवेदन (जो कार्यालय में दिनांक- 18.05.2023 को प्राप्त है) मे अपने उपर सासाराम नगर थाना काण्ड संख्या- 1054/22 के साथ ही बिक्रमंगज थाना काण्ड संख्या- 184/2023 का भी जिक्र किया है।
उपस्थापन पदाधिकारी को प्रत्येक आरोप बिन्दुओं पर अपना स्पश्ट एवं विस्तृत लिखित अभिकथन/मंतव्य आगामी सुनवाई की तिथि 14.07.2023 तक उपलब्ध कराने का निदेष दिया गया।
(xi) दिनांक- 14.07.2023- उपस्थापन पदाधिकारी उपस्थित होकर प्रत्येक आरोप बिन्दुओं पर लिखित अभिकथन/मंतव्य प्रस्तुत किया। अतः प्रस्तुत विभागीय कार्यवाही की कार्रवाई पूर्ण होने के कारण आदेषार्थ रखा गया।
(xii) जिला कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक- 1871/को॰, दिनांक- 05.12.2022 तथा भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के पत्रांक- 88, दिनांक-06.12.22 एवं पत्रांक- DBM/ 2022-23/13, दिनांक- 24.01.2023 द्वारा सत्यापन प्रतिवेदन ("Only one Govt. cash receipt Challan dt. 30.03.2022 for Rs. 7900/- stands genuine and rest remaining 17 Govt. Cash receipt Challans of total amounting Rs. 1,91,00,055/- stand fabricated/fraudulent. Further, I do not observe the involvement of16 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 any staff/official of Sasaram Branch in this case".) से स्पश्ट होता है कि श्री कुमार द्वारा सरकारी राषि रू॰ 2,18,45,712=00 को बैंक में जमा नहीं किया गया है। यह राषि जिला स्तरीय जॉच टीम के संयुक्त जॉच प्रतिवेदन में उक्त राषि बढ़कर रू॰ 2,22,17,712=00 (रू॰ दो करोड़ बाईस लाख सतरह हजार सात सौ बारह मात्र) पाया गया। श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक के विरूद्ध सासाराम अनुमंडल से संबंधित गठित आरोप, आरोपी का जबाब/स्पश्टीकरण, उपस्थापन पदाधिकारी का अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य का संक्षिप्त विवरण निम्नवत है :-
| क्र॰ सं॰ | आरोप का विस्तृत व्यौरा (प्रपत्र- 'क' के अनुसार) | आरोपी कर्मी का उत्तर | उपस्थापन पदाधिकारी का अभिकथन | संचालन पदाधिकारी का निश्कर्श |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर द्वारा अपराधिक काण्ड ल बित ं रहने की सूचना नियंत्री पदाधिकारी/ अनुषासनिक पदाधिकारी को नहीं देना। कारा संसीमन की सूचना अपने वरीय पदाधिकारी को तत्समय या पश्चात् भी नहीं देना। जेल Authority के माध्यम से सूचना नियंत्री पदाधिकारी को नहीं भेजवाया गया। | आरोपी कर्मी लगातार अनुपस्थित। इनके विरूद्ध एकपक्षीय विभागीय कार्यवाही चल रही है। तत्कालीन नाजिर श्री ओम प्रकाष कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में कार्यालय द्वारा सुनवाई हेतु दिनांक-15.03. 2023 एवं दिनांक- 31.03. 2023 की तिथि निर्धारित की गई थी, जिसकी सूचना/नोटिस प्राप्त करने के पश्चात् भी इनके द्वारा अपना जबाव या उत्तर नहीं दिया गया। अतः नैसर्गिक न्याय के तहत दिनांक 05. 05.2023 को दो समाचार पत्रों में आवष्यक सूचना प्रकाषन कराये जाने के बावजूद भी आरोप के संबंध में न ही इन्होने अपने बचाव में स्पश्टीकरण दाखिल किये, न ही खण्डन किये और न ही उपस्थित हुए। अपितू उनके द्वारा भिन्न-भिन्न तिथियों को निबंधित डाक संख्या यथा EF519511883IN दिनांक- 16.03.2023 तथा EF519533098IN दिनांक-01.04.2023 एवं EF5598101217IN दिनांक-16.05.2023 के माध्यम से आवेदन देकर विभागीय कार्यवाही में उपस्थित होने में अपनी असमर्थता व्यक्त की गई है। निबंधित डाक संख्या यथा EF519511883IN दिनांक- 16.03.2023 के अपने दिए गए आवेदन में | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष पु॰नि॰-सह-थानाध्यक्ष, बिक्रमगंज थाना का ज्ञापांक- 3765/2022, दिनांक-19.10.2022 की छायाप्रति (प्रदर्ष-1) प्रस्तुत करते हुए अंकित किया गया है कि श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर-सह- लिपिक रू॰ 20 लाख का चेक बाउन्स के मामले मे बिक्रमगंज ं थाना काण्ड स ख्या-128/22, ं दिनांक- 06.04.2022 धारा- 420/406/120 बी भा॰द॰वि॰ एवं 138 एन॰आई॰ एक्ट के तहत अंकित प्राथमिकी में काण्ड सत्य पाये जाने पर दिनांक-17.10.2022 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जिसकी जानकारी/सूचना नियंत्री पदाधिकारी/ अनुषासनिक पदाधिकारी को नहीं दिया जाना एक महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने का गंभीर मामला है तथा नियम विरूद्ध है। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 में भी प्रावधानित है कि कोई भी सरकारी सेवक अपना निजी कामकाज इस तरह चलाएगा कि उनके सामने आभ्यासिक ऋणग्रस्तता (कर्जखारी) या दिवाले की स्थिति न आने पाव यदि किसी सरकारी सेवक पर लिए गए किसी ऋण की वसूली या दिवाले के लिए कोई विधिक कार्यवाही चलाई जाय, तो वह अविलम्ब इस संबंध मे पूरी बाते ं नियंत्री पदाधिकारी/ अनुषासनिक पदाधिकारी को सूचित करेंगे। | बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 (समय-समय पर यथासंषोधित) के भाग- IV के नियम 09 (2) (क) में स्पश्ट रूप से प्रावधानित है कि कोई सरकारी सेवक नियुक्ति प्राधिकार के किसी आदेष द्वारा निम्नलिखित तिथि के प्रभाव से निलंबित किया गया समझा जायेगा जब (क) ''उसके कारा-निरोध की तिथि से, वह यह तो आपराधिक आरोप पर या अन्यथा अड़तालिस घंटो से अधिक अवधि के लिये, अभिरक्षा में निरूद्ध किया गया हो'' उपलब्ध प्रदर्ष, उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों के परिषीलन से स्पश्ट है कि श्री कुमार बिक्रमगंज थाना का ज्ञापांक- 3765/2022, दिनांक- 06.04.2022 में दिनांक- 17.10. 2022 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में लिये गये और तदोपरान्त वे बिक्रमगंज कारा में संसीमित रहे। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष- 1) |
| 2 | श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर द्वारा अनाधिकृत रूप से अनुमण्डल कार्यालय, | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष जिला स्थापना प्रषाखा, रोहतास, | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदित आरोप के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्यो/अभिलेखों/दस्तावेजो ं के |
| सासाराम से लगातार अनुपस्थित रहना, जो इनके अनुषासनहीनता, कर्त्तव्यहीनता एवं स्वेच्छा से कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहना, इनके स्वेच्छारिता का परिचायक है। साथ ही, बिहार सेवा संहिता एवं सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रतिकूल है। | उनके द्वारा अभिलिखित किया गया है कि ''आपके द्वारा निर्गत ज्ञापांक-114, दिनांक-06.03.2023 के संदर्भ में आग्रह करना है कि प्रपत्र- 'क' में गठित आरोप की जानकारी मुझे नहीं है, जिसके कारण मैं अपना स्पश्टीकरण देने में सक्षम नहीं हो सका एवं मेरे विरूद्ध सासाराम (नगर) काण्ड संख्या- 128/2022 लंबित है, जिसके बाद मेरी गिरफ्तारी हेतु पुलिस तलाष कर ही है, जिस कारण मै व्यक्तिगत रूप से मैं श्रीमान् के समर्थ उपस्थित होने में लाचार हूँ। अतः श्रीमान से प्रार्थना है कि प्रपत्र-क मे ं गठित आरोप की जानकारी उपलब्ध कराने की कृपा की जाय एवं अगली तिथि निदेषित करने की कृपा करें, ताकि मैं हर बिन्दु पर अपना स्पश्टीकरण दाखिल कर सकू।'' विभागीय कार्रवाई में उपस्थित नहीं होने मे अपनी असमर्थता ं व्यक्त की है। निबंधित डाक संख्या EF519533098IN दिनांक- 01.04.2023 के द्वारा अपने दिए गए आवेदन में उनके द्वारा अभिलिखित किया गया है कि 1) That without the knowledge or without getting any show-cause any further allegationform ing Form-A (प्रपत्र-क) against the Government employee is against the rule of Service Code. 2) That, it is | सासाराम के आदेष संख्या- 103/2022-23 संसूचित ज्ञापांक-1389/ स्था॰, दिनांक- 19.12.22 एवं कार्यालय में संधारित उपस्थिति पंजी की छायाप्रति (प्रदर्ष-2 एवं 3) प्रस्तुत किया गया है। उनके द्वारा अपने अभिकथन में स्पश्ट किया गया है कि आरोपी कर्मी दिनांक- 17.10. 2022 को गिरफ्तारी एवं कारा संसीमन होने तथा कारा संसीमन से रिहा होने के बावजूद भी इनका कार्यालय में योगदान नहीं करना एवं अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना स्वेच्छारिता का परिचालक है। उनके द्वारा आगे अभिलिखित किया गया है कि प्रत्येक सरकारी सेवक से अपेक्षा की जाती है कि वह असीम असंदिग्ध ईमानदारी (Absoulet intergrity) तथा कर्तब्य प्रति निश्ठा (Devotion to Duty) का निर्वाह करेंगा। साथ ही वह ऐसा कोई काम न करेंगा, जो सरकारी सेवक के लिए अषोभनीय of a (Unbecoming Government Servent) हो। श्री कुमार द्वारा अनाधिकृत रूप से अपने कार्यालय से अनुपस्थित रहने को कृत्य सरकारी कर्मी के सुव्यवस्थित आचरण एवं व्यवहार के प्रतिकूल है और यह कदाचार (Missconduct) को क्षेत्र में आता है। सरकारी सेवकों के अधिकार एवं कर्तव्य निर्धारित है। उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने उत्तर दायित्वों एवं कार्यों का निश्पादन ईमानदारी एवं दक्षता के साथ निर्धारित नियमों का अनुसरण करते हुए करेंगे, परन्तु श्री कुमार ने गलत आचरण/कार्य नियम और अनाधिकृत रूप से अपने कार्यालय से अनुपस्थित रहे, जो उपस्थिति पंजी से भी साबित हो जाता है, जिसके आलोक में श्री कुमार का आचरण बिहार सेवा संहिता एवं सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रतिकूल है। | आधार पर स्पश्ट है कि श्री ओम प्रकाष कुमार बिक्रमगंज थाना काण्ड संख्या- 128/22 में दिनांक- 03.12.2022 को कारा से विमुक्ति के उपरान्त कार्यालय में योगदान नहीं दिए। कारा संसीमन से विमुक्ति के बावजूद भी कार्यालय में योगदान नहीं करना, ना ही उसकी सूचना देना, उनकी हटधर्मिता एवं सरकारी कर्मचारी के रूप में कर्तब्य निर्वहन के प्रति घोर उपेक्षा को प्रतिबिम्बित करता है, जो सरकारी सेवक अचार नियमावली 1976 के प्रावधानो के ं प्रतिकूल एवं दण्डनीय है। (प्रदर्ष- 2 एवं 3) अतः उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति मे ं प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। | |
| 3 | जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के आदेष | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध |
| संख्या- 76/2022-23 संसूचित ज्ञापांक- 1207/स्था॰, दिनांक- 20. 10.2022 के द्वारा बिक्रमगंज थाना काण्ड स ख्या- ं 128/22, दिनांक-06.04. 2022 धारा- 420/406/120बी भा॰द॰वि॰ एवं 138 एन॰आई॰ एक्ट के विरूद्ध अनुमण्डल नाजिर, श्री ओम प्रकाष कुमार को दिनांक- 17.10.2022 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के उपरान्त जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के आदेष संख्या- 41/22-23 संसूचित ज्ञापांक 1268/स्था॰, दिनांक- 08. 11.2022 के आलोक में श्री चन्द्रमा राम, कार्यपालक दण्डाधिकारी, सासाराम के नेतृत्व मे ं अनुमण्डल नजारत का वस्तु सूची (Inventory List) तैयार कर दिनांक- 03. 12.2022 को समर्पित किया गया, साथ ही श्री अतुल कुमार, लिपिक को अनुमण्डल नजारत, सासाराम का प्रभार हस्तगत कराया गया। | settled law that any case is pending in investigation and even trial has not been initiated then the person is deemed to be innocent until and unless he has not found guilty by the court. So, at this stage formation of is प्रपत्र-''क'' against the spirit of law. 3) That, since the criminal case is going on and anticipatory bail application on his behalf is pending, So he is unable to attend in the proceeding physically as he is being searched by the police. 4) That, the proceeding which is initiated is not in the accordance with law. 5) That, he undertakes that he will appear physically in the proceeding when he will | दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष जिला पदाधिकारी, रोहतास के आदेष- 41/22-23 संसूचित ज्ञापांक 1268/स्था॰, दिनांक- 08.11.2022 की छायाप्रति (प्रदर्ष-4) प्रस्तुत किया गया है, जिससे स्पश्ट किया गया है कि बिक्रमगंज थाना काण्ड संख्या- 128/2022 अन्तर्गत धारा 420, 406, 120बी भा॰द॰वि॰ एवं धारा 138 एन॰आई॰टी॰ एक्ट के तहत दिनांक- 17.10.2022 को गिरफ्तारी एवं कारा संसीमन होने के पश्चात् इनके कार्यालय में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण, कार्यालय कार्याें में पड़ रहे व्यवधानों से जिला पदाधिकारी, रोहतास के आदेष- 41/22-23 संसूचित ज्ञापांक 1268/स्था॰, दिनांक- 08.11. 2022 द्वारा अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के वस्तु सूची तैयार कर नजारत का सम्पूर्ण प्रभार हस्तगत कराने हेतु श्री चन्द्रमा राम, कार्यपालक दण्डाधिकारी, सासाराम को प्रतिनियुक्त किया गया और निदेष दिया गया कि अनुमण्डल नजारत का वस्तु सूची तैयार कराकर अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के संबधित कर्मी को वस्तु सूची के माध्यम से प्रभार दिलाना सुनिष्चित करेंगे। उक्त के आलोक में अनुमण्डल नजारत, सासाराम का वस्तु सूची (Inventory List) तैयार कराकर वस्तु सूची के माध्यम से दिनांक- 03.12.2022 को लिपिक श्री अतुल कुमार को प्रभार हस्तगत करा दिया गया। साथ ही कार्यालय ज्ञापांक- 2203, दिनांक- 03.12.2022 द्वारा जिला पदाधिकारी, रोहतास को संसूचित किया गया। | प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-4) | |
| 4 | उपलब्ध कराये गये वस्तु सूची (Invertory List) में अंकित सारी प्रविश्टियो के आलोक में ं विस्तृत जॉच/मिलान करके प्रतिवेदित करने हेतु कार्यालय ज्ञापांक- 2203 (A), दिनांक- 05.12.2022 द्वारा अनुमण्डल स्तरीय श्री चन्द्रमा राम, कार्यपालक | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष संयुक्त जॉच प्रतिवेदन की छायाप्रति एवं प्राथमिकी दर्ज की छायाप्रति (प्रदर्ष-5 एवं 6) प्रस्तुत करते हुए अंकित किया गया है कि अनुमण्डल कार्यालय के आदेष ज्ञापांक- 2203 (A), दिनांक- 05.12.2022 द्वारा श्री चन्द्रमा राम, | उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा प्रस्तुत आरोप बिन्दु के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्य/अभिकथन एवं अनुमण्डल स्तरीय गठित जॉच दल एवं जिला स्तरीय गठित टीम के प्रतिवेदन स्वतः स्पश्ट है। बैंक एवं कोशागार से प्राप्त सत्यापन प्रतिवेदन एवं उपस्थापन पदाधिकारी के लिखित अभिकथन के अवलोकन से स्पश्ट है कि श्री कुमार द्वारा सरकारी मद |
| दण्डाधिकारी के नेतृत्व में 4 सदस्यीय जॉच टीम का गठन किया गया कि अनुमण्डल नजारत में किसी प्रकार का कोई वित्तीय अनियमितता/विचलन तो नही है। अनुमण्डल स्तर पर 4 सदस्यीय जॉच टीम के पत्रांक- 2215, दिनांक- 06.12.2022 द्वारा संयुक्त जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया, जिसमें पाया गया कि श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर द्वारा अपने कार्यकाल की अवधि में वाहन नीलामी एवं वाहन विमुक्ति, बाजार समिति, सासाराम, बाजार समिति, नोखा से किराया वसूल की गई राषि, बिहार इन्टरमीडिएट परीक्षा- 2021 एवं सिपाही भर्त्ती परीक्षा के अर्थदण्ड से प्राप्त राषि, नगरपालिका निर्वाचन- 2022 (नगर परिशद्, नोखा) के अभ्यर्थियों से प्राप्त राषि का जालसाजी/फर्जीवाड़ा करके रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) राषि का गबन किया गया पाया गया है, जिसके आलोक मे ं तत्कालीन नाजीर श्री ओम प्रकाष कुमार के विरूद्ध अनुमण्डल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक-2210, दिनांक-05.12.2022 द्वारा नगर थाना, सासाराम में थाना कांड सं॰- 1054/2022, दिनांक-05. 12.2022 से प्राथमिकी दर्ज किया गया तथा पुनः कार्यालय पत्रांक-2218/स्था॰, दिनांक- 06.12.2022 द्वारा थानाध्यक्ष, नगर थाना, सासाराम को सूचित करते हुये संयुक्त जाँच टीम द्वारा जाँच में आये तथ्यों को अनुसंधान में लाने हेतु | be free from the criminal case. निबंधित डाक संख्या EF5598101217IN दिनांक- 16.05.2023 में अपने दिए गए आवेदन में उनके द्वारा अभिलिखित किया गया है कि मेरे उपर गठित प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संख्या- 01/2023 तथा सासाराम नगर काण्ड संख्या- 1054/22 एवं बिक्रमगंज थाना काण्ड संख्या- 184/2023 ल बित ं ह ै, जिसमें मेरी गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा तलाष की जा रही है, जिसके कारण मैं उक्त तिथि को व्यक्तिगत रूप से श्रीमान् के समक्ष उपस्थित होने में असमर्थ हूँ। श्री प्रकाष का यह दावा की कारण-पृच्छा में प्रपत्र 'क' का गठन विधि विरूद्ध है - श्री प्रकाष के विरूद्ध गठित आरोप की प्रकृति एवं गंभीरता के मद्देनजर स्वीकार नहीं हो सकता है। साथ ही विभागीय कार्यवाही में श्री प्रकाष को अपने बचाव मे ं अपना पक्ष/साक्ष्य रखने का पर्याप्त अवसर है। विभागीय कार्यवाही तथा क्रिमिनल कार्यवाही दो अलग-अलग विशय वस्तु है और दोनों का अपना-अपना अलग उदेष्य ह ै। ए सी े परिस्थिति में क्रिमिनल कार्यवाही के आलोक मे ं विभागीय कार्यवाही नहीं रोकी जा सकती है। विभागीय कार्यवाही के निश्पादन हेतु 90 दिनों का अधिकतम सीमा तय की गई है। पूर्व में श्री प्रकाष को काफी अवसर दिया जा चुका है और क्रिमिनल कार्यवाही एवं अग्रिम | कार्यपालक दण्डाधिकारी, सासाराम के नेतृत्व में अनुमण्डल स्तर पर 4 सदस्यीय जॉच टीम का गठन किया गया। पत्रांक- 2215, दिनांक- 06.12.2022 से 4 सदस्यीय जॉच टीम द्वारा प्रतिवेदन समर्पित किया गया कि ''वस्तु सूची में अंकित सारी प्रविश्टियों तथा अनुमण्डल नजारत कार्यालय में उपलब्ध सभी संबंधित कागजात/अभिलेख/सभी पंजी/ सहायक पंजी/रोकड़ पंजी/अभिश्रव/नाजिर रसीद/ बैंक खाता एवं अन्य वित्तीय कागजात आदि की विस्तृत जॉच एवं मिलान किया गया, जिसमें तत्कालीन नाजिर श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा राषि का चालान संबंधित शीर्श/बैंक में जमा नहीं किया गया है। तत्कालीन नाजिर द्वारा आरोप पत्र में अंकित राषि रेमिटान्स रजिस्टर (चालान जमा पंजी) एवं रोकड़ बही में प्रविश्टि की गई है परन्तु वास्विक रूप मे ं बैंक/षीर्श में जमा नहीं किया तथा फर्जी हस्ताक्षर एवं बैंक मुहर वाले कुटरचित चालान की प्रति रेमिटान्स रजिस्टर (चालान जमा पंजी) प्रविश्ट करते हुए लेखापालक के सत्यापन उपरान्त पदाधिकारी का हस्ताक्षर प्राप्त किया गया, जिससे स्पश्ट रूप से प्रमाणित होता है कि श्री कुमार के द्वारा सरकारी राषि को सरकारी शीर्श कोश में जमा नही ंकर इस आषय को सरकारी अभिलेखों में इसका छद्म अभिलेखन किया गया ताकि सामान्य व्यवहार में कोई त्रुटी दृश्टिगोचर नही हो। उपस्थापन पदाधिकारी अपने लिखित अभिकथन में आगे स्पश्ट करते है कि तत्कालिन नाजिर श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा फर्जी/जालसाजी करके लगभग रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) राषि का प्रथम दृश्टया गबन किया गया प्रतीत होता है, जिसकी सम्पुश्टि कोशागार कार्यालय, रोहतास एवं भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के सत्यापन प्रतिवेदन ("Only one Govt. cash | में प्राप्त राषि को संबंधित सरकारी शीर्श में जमा नहीं कर, उक्त आषय को छद्म प्रविश्टि संबंधित अभिलेखों मे की ं गयी ताकि अभिलेखों के अवलोकन से सामान्य व्यवहार म ं े कोई भी त्रुटि/अनियमितता पता न चल सके। (प्रदर्ष-5 एवं 6) अतः उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति मे ं प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। |
| प्रतिवेदित किया गया है (संयुक्त जॉच प्रतिवेदन की छायाप्रति एवं प्राथमिकी दर्ज की छायाप्रति संलग्न)। संयुक्त जॉच टीम क े प्रतिवेदन में गबन की गई राषि की विवरणी निम्नवत् दर्षायी गई है :- | जमानत के नाम पर वाद को अनिष्चित काल के स्थगित नहीं किया जा सकता है और न ही विभागीय कार्यवाही के मार्गदर्षिका में इस निमित ऐसा कोई प्रावधान है। तदालोक में विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ होने से अंकित रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु आरोपी कर्मी को पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया, परन्तु आरोपी कर्मी उपस्थित नहीं होकर अपने विरूद्ध लगे आरोपों का खण्डन नहीं किया गया। अतः एकपक्षीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। | receipt Challan dt. 30.03.2022 for Rs. 7900/- stands genuine and rest remaining 17 Govt. Cash receipt Challans of total amounting Rs. 1,91,00,055/- stand fabricated/ fraudulent. Further, I do not observe the involvement of any staff/official of Sasaram Branch in this case") से भी होती है कि उक्त राषि बैंक के संबंधित शीर्श में जमा नहीं है। उक्त मामले के आलोक मे तत्कालीन नाजीर श्री ं ओम प्रकाष कुमार के विरूद्ध अनुमण्डल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक-2210, दिनांक-05.12. 2022 द्वारा नगर थाना, सासाराम में थाना कांड सं॰- 1054/2022, दिनांक-05.12.2022 से प्राथमिकी दर्ज किया गया तथा प नः ु कार्यालय पत्रांक-2218/स्था॰, दिनांक-06.12.2022 द्वारा थानाध्यक्ष, नगर थाना, सासाराम को सूचित करते हुये संयुक्त जाँच टीम द्वारा जाँच में आये तथ्यों को अनुसंधान में लाने हेतु प्रतिवेदित किया गया है। साथ ही कार्यालय पत्रांक- 2216, दिनांक- 06.12. 2022 द्वारा सम्पूर्ण मामले को जिला पदाधिकारी, रोहतास के संज्ञान में देते हुए जिला स्तरीय उच्च जॉच कराये जाने का अनुरोध किया गया। उपस्थापन पदाधिकारी अपने अभिकथन में आगे अंकित करते है कि जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के आदेष संख्या- 102/22-23 संसूचित ज्ञापांक- 1382/स्था॰, दिनांक- 19.12.2022 के आलोक में जिला स्तरीय जॉच टीम ने भी मो॰ 2,22,17,712/- रू॰ सरकारी राषि के गबन में श्री ओम प्रकाष कुमार की संलिप्तता पायी गयी। | ||
| i | मद्य निशेध अधिनियम- 2022 के तहत बीमा कृत मूल्य का 50 प्रतिषत पर | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रस्तुत प्रतिवेदित आरोप एवं उनके |
| विमुक्त वाहनो से ं प्राप्त राषि 28,18,456=00 (अठाईस लाख अठारह हजार चार सौ छप्पन मात्र) पंजी से मिलान के पश्चात् चलान प्राप्त है परन्तु बैंक एवं कोशागार में राषि जमा नहीं किया गया है। उक्त विमुक्त वाहन से शेश प्राप्त राषि 1,84,588=00 (एक लाख चौरासी हजार पॉच सौ अठासी मात्र) का नाजीर रसीद निर्गत किया गया है, परन्तु चलान पंजी में जमा से संबंधित राषि अंकित नहीं है। साथ ही रसीद अप्राप्त है। | चालान पंजी/चालान संख्या- 0054/14.08.22 रू॰ 15,66,454. 50 एवं 014/29.08.22 रू॰ 12,51,992.00 तथा नाजीर रसीद नं॰ 863951 से 863989 का छायाप्रति (प्रदर्ष-7, 8 एवं 9) प्रस्तुत करते हुए स्पश्ट किया गया है कि मद्य निशेध अधिनियम- 2022 के तहत बीमा कृत मूल्य का 50 प्रतिषत पर विमुक्त वाहनों से प्राप्त राषि 28,18,456=00 (अठाईस लाख अठारह हजार चार सौ छप्पन मात्र) पंजी से मिलान के पश्चात् चालान प्राप्त है परन्तु संबंधित शीर्श मे राषि जमा नहीं ं किया गया है। विमुक्त वाहनों से शेश प्राप्त राषि 1,84,588=00 (एक लाख चौरासी हजार पॉच सौ अठासी मात्र) का नाजीर रसीद निर्गत किया गया है, परन्तु चालान पंजी में जमा से संबंधित राषि अंकित नहीं है एवं नाजिर रसीद अप्राप्त है। उक्त राषि को जमा करने का आदेष संचिका पर प्राप्त करने के बावजूद भी उक्त राषि संबंधित शीर्श में जमा नहीं किया गया, जिसकी सम्पुश्टि कोशागार कार्यालय, रोहतास, सासाराम तथा भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के सत्यापन प्रतिवेदन से होती है कि उक्त राषि बैंक में जमा नहीं है। | समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-7, 8 एवं 9) | ||
| ii | वाहन नीलामी से प्राप्त राषि 1,71,71,964=00 (एक करोड़ एकहत्तर लाख एकहत्तर हजार नौ सौ चौसठ रू॰ मात्र) का चालान पंजी से मिलान करने के बाद चालान प्राप्त है परन्तु बैंक एवं कोशागार में जमा नहीं किया गया है। जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक- 1737/म॰नि॰, दिनांक-29. 11.21 के आलोक में दिनांक 20.12.2021, पत्रांक- 404/म॰नि॰, दिनांक- 03.03.2022 के आलोक मे दिनांक 01.04. ं 2022 एवं जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक- 1806/म॰नि॰, दिनांक- 15.09.2022 के | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष चालान संख्या- 00002/16.09.22 रू॰ 10,78,600, 00003/16.09.22 रू॰ 9,91,700, 00008/16.10.21 रू॰ 9,65,600, 0007/21.01.22 रू॰ 13,31,000, 14/28.02.22 रू॰ 15,82,400, 04/29.03.22 रू॰ 13,89,300 का चालान/चालान पंजी एवं रू॰ 37,13,600, 15,29,100 एवं 59,300 का चालान पंजी एवं जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक-1737/म॰नि॰, दिनांक- 29.11.2021, पत्रांक-404/म॰नि॰, दिनांक- 03.03.2022 एवं पत्रांक-1806/ म॰नि॰, दिनांक-15.09.2022 की छायाप्रति (प्रदर्ष-10-15 एवं 15-17) प्रस्तुत किया गया है। | उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा प्रस्तुत आरोप बिन्दु के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्य/अभिकथन एवं परिषीलन से स्पश्ट होता है कि अनुमण्डल नाजिर के रूप में वाहन नीलामी मद में प्राप्त राषि को प्राप्त कर अनुमण्डल नजारत एवं संबंधित शीर्श में जमा करने का दायित्व नाजिर के रूप में श्री कुमार का था। श्री कुमार द्वारा राषि प्राप्त की गयी एवं उक्त राषि को संबंधित शीर्श में जमा करने का आदेष भी निकास एवं व्ययन पदाधिकारी से प्राप्त की गयी। परन्तु वास्तविक रूप मे उक्त ं सरकारी राषि को संबंधित शीर्श में जमा नहीं किया गया, जैसे की कोशागार या बैंक के सत्यापन प्रतिवेदन के परिषीलन से स्पश्ट होता है। (प्रदर्ष-10-15 एवं |
| आलोक मे दिनांक 28.09. ं 2022 को क्रमषः रू॰ 2,74,500, 3,80,500 एवं 3,97,064 अर्थात कुल रू॰ 10,52,064 का नीलामी की राषि का चालान एवं चालान पंजी में जमा करने से संबंधित कोई भी साक्ष्य नहीं है। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा अपने लिखित अभिकथन में अंकित किये है कि वर्त्तमान नाजिर श्री अतुल कुमार ने दिनांक- 05. 12.2022 को अद्योहस्ताक्षरी द्वारा अधिग्रहित वाहनो की नीलामी से ं प्राप्त राषि को संबंधित शीर्श में जमा करने संबंधित कुछ चालानों की तीनों प्रति नजारत कार्यालय में ही होने की बात संज्ञान में लायी गयी। चालान के माध्यम से किसी भी शीर्श में राषि जमा करने हेतु चालान की तीन प्रति निर्मित होती है, जिसमें 2 प्रति बैंक एवं एक प्रति अनुमण्डल नजारत मे ं रक्षित होती है। चालान की तीनों प्रति नजारत मे पाये जाने की सूचना ं पर तत्कालीन नाजिर श्री ओम प्रकाष कुमार पर तथ्य छुपाने की शंका होने पर अद्योहस्ताक्षरी द्वारा अबिलम्ब श्री कुमार के पदस्थापन अवधि का चालान का सत्यापन प्रतिवेदन हेतु पत्रांक-2204, दिनांक-05.12.2022 के द्वारा 18 चालानों की विवरणी अंकित करते हुए बैंक प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम को भेजते हुए उसकी एक प्रति कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम को भेजी गई। कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम एवं भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि अंकित 18 चालानों मे से ं मात्र एक चालान रू॰ 7900/- की राषि ही जमा की गई है। उपस्थापन पदाधिकारी स्पश्ट रूप से आगे अंकित करते है कि नीलामी से प्राप्त राषि 1,71,71,964=00 (एक करोड़ एकहत्तर लाख एकहत्तर हजार नौ सौ चौसठ रू॰ मात्र) रू॰ संबंधित शीर्श में जमा नहीं किया गया है तथा शराबबंदी अभियान के तहत जब्त वाहनों की नीलामी विभिन्न तिथियों को की गई थी, जो आरोप (प्रपत्र- क) में अंकित है। श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर द्वारा नीलामी से प्राप्त कुल राषि रू॰ 10,52,064=00 को न हीं चालान के माध्यम से संबंधित शीर्श में जमा किया गया है, जिसकी सम्पुश्टि अनुमण्डल स्तरीय जॉच टीम का जॉच प्रतिवेदन, | 15-17) अतः उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। |
| कोशागार पदाधिकारी, रोहतास एवं भारतीय स्टेट बैक, मुख्य शाखा, सासाराम से प्राप्त सत्यापन "Only one प्रतिवेदन Govt. cash receipt Challan dt. 30.03.2022 for Rs. 7900/- stands genuine and rest remaining 17 Govt. Cash receipt Challans of total amounting Rs. 1,91,00,055/- stand fabricated/fraudulent. Further, I do not observe the involvement of any staff/official of Sasaram Branch in this case" से स्पश्ट होती है। | ||||
| iii | बाजार समिति, तकिया, सासाराम एवं बाजार समिति, नोखा से किराया मद में तत्कालीन नाजिर श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा नाजिर रसीद (NR) के माध्यम से किराया की वसूली क्रमषः रू॰ 12,12,984=00 एवं रू॰ 2,40,720=00 अर्थात कुल रू॰ 14,53,704=00 राषि का वसूली कर किराया संग्रहन पंजी में दर्ज किया गया है, परन्तु उक्त राषि को बैंक/कोशागार में जमा नहीं किया गया है। इस तथ्य को छुपाते हुए रोकड़ बही में इसकी प्रविश्टि यथासमय यथास्थान पर नहीं की गई है, जबकि इसके बाद की (18.07. 2022 तक) प्रविश्टि संबंधित रोकड़ बही में कर दी गई है। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष नाजीर रसीद संख्या- 649851 से 649975 (बाजार समिति, सासाराम), नाजीर रसीद संख्या- 489060 से 489061 (बाजार समिति, नोखा), किराया संग्रहण पंजी एवं रोकड़ बही की छायाप्रति (प्रदर्ष-18 एवं 19) प्रस्तुत करते हुए स्पश्ट किया गया है कि बाजार समिति, तकिया, सासाराम के भिन्न दुकानदारो से किराया मद में 12,12,984/- रू॰ एवं बाजार समिति, नोखा रू॰ 2,40,720/- रू॰ कुल 14,53,704=00 रू॰ की वसूली की गई। की गई वसूली की विवरणी किराया संग्रहण पंजी में दर्षाया गया है, जिसपर DDO/लेखापाल का हस्ताक्षर भी नहीं है तथा उक्त राषि को रोकड़ पंजी में प्रविश्ट यथासमय यथास्थान पर नहीं की गई है, जबकि इसके बाद की (18.07. 2022 तक) प्रविश्टि संबंधित रोकड़ बही में कर दी गई है। इससे स्पश्ट होता है कि श्री ओम प्रकाष कुमार तत्कालीन नाजीर द्वारा उक्त प्राप्तियो को छुपाते हुए जान ं बुझकर DDO के संज्ञान में नहीं लाया गया है, ताकि राषि का गबन किया जा सके। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रस्तुत प्रतिवेदित आरोप एवं उनके समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-18 एवं 19) |
| iv | नगरपालिका आम निर्वाचन- 2022 (नगर परिशद, नोखा) के चुनाव में नाम निर्देषन हेतु अभ्यर्थियों से प्राप्त कुल राषि 1,55,000=00 (एक लाख पचपन हजार मात्र) जो नाजीर रसीद के माध्यम से प्राप्त की गई है परन्तु रोकड़ पंजी मे दर्ज नहीं है ं और न ही कही जमा करने का प्रमाण कार्यालय में मिला है। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष नाजीर रसीद संख्या- 863106 से 863300 की छायाप्रति (प्रदर्ष-20) प्रस्तुत करते हुए अंकित किया गया कि नाजिर रसीद (NR) के माध्यम से राषि प्राप्त की गई और श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर द्वारा NR के माध्यम से प्राप्त कुल राषि रू॰ 1,55,000=00 को चालान के माध्यम से बैंक के संबंधित शीर्श में जमा नहीं किया गया और इसकी प्रविश्टि भी संबंधित रोकड़ बही एवं चालान पंजी में दर्ज की नहीं किया गया, जिससे स्पश्ट होता है कि उक्त राषि का गबन श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा कर लिया गया है। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजो ं एवं उपस्थापन पदाधिकारी के लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-20) | |
| V | बिहार इन्टरमीडिएट परीक्षा, 2021 के दौरान कदाचार में अर्थदण्ड से प्राप्त राषि 46,000=00 (छियालिस हजार मात्र) एवं सिपाही भर्त्ती परीक्षा के दौरान कदाचार में प्राप्त अर्थदण्ड से प्राप्त राषि 16,000 (सोलह हजार मात्र) कुल राषि 62,000=00 (बासठ हजार मात्र) चालान पंजी में दर्ज किया गया परन्तु राषि बैंक में जमा नहीं की गई है और नही इसकी चालान की प्रति कार्यालय में नहीं पायी गयी। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष चालान पंजी की छायाप्रति (प्रदर्ष-21) प्रस्तुत करते हुए स्पश्ट किया गया कि बिहार इन्टरमीडिएट परीक्षा, 2021 के दौरान कदाचार मे अर्थदण्ड से ं प्राप्त राषि 46,000=00 (छियालिस हजार मात्र) एवं सिपाही भर्त्ती परीक्षा के दौरान कदाचार में प्राप्त अर्थदण्ड से प्राप्त राषि 16,000 (सोलह हजार मात्र) कुल राषि 62,000=00 (बासठ हजार मात्र) चालान पंजी में दर्ज किया गया, जिसपर बैंक का मुहर भी है। साथ ही उक्त राषि से संबंधित चालान की तीनों प्रति अनुमण्डल नजारत में रक्षित पायी गई अर्थात इसे बैंक में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। वास्विक रूप से उक्त राषि बैंक के संबंधित में जमा नहीं पाया गया। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख/दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-21) | |
| 5 | तत्कालीन नाजीर श्री ओम प्रकाष कुमार के कार्य अवधि में जमा राषि के 18 चालान का सत्यापन हेतु इस कार्यालय के पत्रांक/ज्ञापांक- 2204, दिनांक- 05.12.2022 द्वारा बैंक एवं कोशागार को भेजा गया था। उक्त के आलोक में जिला कोशागार, सासाराम, रोहतास के | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम का पत्रांक- 2204/स्था, दिनांक- 05. 12.2022, जिला कोशागार, सासाराम, रोहतास के पत्रांक- 1871/को॰, दिनांक- 05.12.2022 एवं मुख्य शाखा, भारतीय स्टेट बै क, सासाराम के पत्रांक- 88, ं दिनांक- 06.12.2022 की छायाप्रति | विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में गवाह के रूप में श्री राम प्रवेष यादव, वरीय कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम एवं श्री राम प्रवेष रविदास गर्वरमेन्ट इनचार्ज, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम का परीक्षण कराया गया और प्रदर्ष के रूप में आरोप के सहमति में दिये गये साक्ष्य की सम्पुश्टि करायी गई (संलग्न)। |
| पत्रांक- 1871/को॰, दिनांक- 05.12.2022 एवं मुख्य शाखा, भारतीय स्टेट बैंक, सासाराम के पत्रांक- 88, दिनांक- 06.12.2022 द्वारा 18 चालान में से मात्र 1 चालान (7900=00 मात्र) का जमा होना बताया गया। इससे स्पश्ट होता है कि बैंक चालान पर बैंक का फर्जी मुहर एवं हस्ताक्षर बनाकर फर्जीवाड़ा/जालसाजी कर कुल रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) राषि का गबन कर लिया गया। | (प्रदर्ष-22, 23 एवं 24) प्रस्तुत करते हुए स्पश्ट किया गया कि अनुमण्डल पदाधिकारी, सासाराम द्वारा उत्पाद नीलामी/मद्य निशेध अधिनियम- 2022 के तहत बीमाकृत मूल्य का 50 प्रतिषत पर विमुक्त वाहनों से प्राप्त राषि से संबंधित चालान की तीनों प्रति अनुमण्डल नजारत में अलग-अलग स्थानो पर रखे पाये ं जाने की जानकारी श्री अतुल कुमार, नाजीर द्वारा दी गई (जबकि उक्त चालान की एक प्रति बैंक में तथा एक प्रति बैंक के माध्यम से कोशागार में होनी चाहिए था)। तत्पश्चात् अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा तत्कालीन नाजिर के अनुमण्डल नजारत के प्रभार के समय का प्राप्त नकद राषि को संबंधित शीर्श में किये गये जमा चालान/चालान पंजी (कुल 18 चालान की छायाप्रति, जिसपर बैंक का मुहर/बैंक कर्मी का हस्ताक्षर आदि था) के सत्यापन हेतु अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम पत्रांक/ज्ञापांक-2204, दिनांक-05.12.2022 द्वारा कोशागार पदाधिकारी, रोहतास एवं भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम से पत्राचार किया गया। जिला कोशागार, सासाराम, रोहतास के पत्रांक- 1871/को॰, दिनांक- 05.12.2022 एवं मुख्य शाखा, भारतीय स्टेट बैंक, सासाराम के पत्रांक- 88, दिनांक- 06.12.2022 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि 18 चालान में से मात्र 1 चालान (7900=00 रू॰) का ही बैंक के संबंधित शीर्श में जमा है, जिससे स्पश्ट होता है कि बैंक चालान पर बैंक का फर्जी मुहर एवं हस्ताक्षर बनाकर फर्जीवाड़ा/जालसाजी कर कुल रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) राषि का गबन किया गया, जिसकी सम्पुश्टि भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के पत्रांक- DBM/2022-23/13, दिनांक- 24.01.2023 के सत्यापन one प्रतिवेदन ("Only Govt. cash receipt | अतः उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति मे ं प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-22, 23 एवं 24) |
| Challan dt. 30.03.2022 for Rs. 7900/- stands genuine and rest remaining 17 Govt. Cash receipt Challans of total amounting Rs. 1,91,00,055/- stand fabricated/fraudulent. Further, I do not observe the involvement of any staff/official of Sasaram Branch in this case".) से होती है। श्री कुमार द्वारा राषि को बैंक के संबंधित शीर्श में जमा नहीं कर चालान पंजी एवं चालान पर कुटरचना कर बैंक का मुहर तथा बैंक कर्मी का हस्ताक्षर अंकित करते हुए वास्तविक तथ्यो के ं विरूद्ध ऐसा साबित किया गया कि संबंधित राषि संबंधित बैंक में जमा कर दी गयी है। उपस्थापन पदाधिकारी आगे अंकित किया गया है कि जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के आदेष संख्या- 102/22-23 संसूचित ज्ञापांक- 1382/स्था॰, दिनांक- 19.12. 2022 के आलोक में जिला स्तरीय जॉच टीम ने भी मो॰ 2,22,17,712/- रू॰ सरकारी राषि के गबन में श्री ओम प्रकाष कुमार की संलिप्तता पायी गयी। | ||||
| 6 | श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा उपरोक्त कंडिका- 4 में वर्णित अनियमितता करते हुए सरकारी राषि का गबन किया गया है। श्री कुमार द्वारा किया गया उक्त कार्य मार्गदर्षिका के अनुरूप नहीं है तथा उनके द्वारा उक्त अनियमितता के क्रम में बिहार वित्त नियमावली के नियम- 4 के प्रावधानों का भी उल्लंधन किया गया है। उनका यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3(1) का उल्लंधन है। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 (1) की छायाप्रति (प्रदर्ष-25) प्रस्तुत करते हुए अंकित किया गया है कि श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालीन नाजिर द्वारा कुटरचित बैंक चालान जिसपर पदाधिकारी एवं बैंक कर्मी का फर्जी हस्ताक्षर एवं मुहर का प्रयोग करते हुए फर्जी प्रविश्टी अंकित कर तथ्यों को छुपाते हुए लेखापाल/पदाधिकारी को विष्वास मेें लेकर गलत तरीके से हस्ताक्षर प्राप्त करते हुए उक्त सरकारी राषि का गबन किया गया। वे आगे अंकित करते है कि श्री | उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा प्रस्तुत आरोप बिन्दु के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्य एवं उपस्थापन पदाधिकारी के अभिकथन के परिषीलन से स्पश्ट होता है कि सभी वित्तीय कार्याे समव्यवहारों, प्राप्त एवं जमा किये गये राषि का जमा-खर्च किये गये राषि का बैंकों/कोशागार से सत्यापन कराना, आय-व्यय अकाड़ों का संधारण का मुख्य दायित्व नाजिर का होता है। कोशागार पदाधिकारी तथा संबंधित बैंक के द्वारा दिए गए सत्यापन प्रतिवेदन एवं उनके परीक्षण एवं उपस्थापन पदाधिकारी के अभिकथन से स्पश्ट है कि सरकारी मद प्राप्त राषि को |
| कुमार द्वारा किया गया उक्त कार्य मार्गदर्षिका के अनुरूप नहीं है तथा उनके द्वारा उक्त अनियमितता के क्रम में बिहार वित्त नियमावली के नियम- 4 के प्रावधानों तथा आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3(1) का उल्लंधन किया गया है। | संबंधित शीर्श में जमा नहीं कर सरकारी दस्तावेजों में छद्म अभिलेखन किया गया है। उपस्थापन पदाधिकारी के अभिकथन से स्पश्ट है कि श्री कुमार का यह कृत्य बिहार सेवक आचार नियमावली, 1976 में निहित प्रावधानों तथा बिहार वित्त नियमावली में निहित प्रावधानों का उल्लंघन है। अतः उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख/दस्तावेजो ं एवं उपस्थापन पदाधिकारी के लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-25) | |||
| 7 | श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा कागजात पर जालसाजी कर सरकारी राषि का गबन हेतु जाली रसीद प्रस्तुत करना तथा उक्त राषि को बैंक में जमा नहीं करना अर्थात जाली रसीद प्रस्तुत कर उक्त राषि रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) गबन किया गया। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के पत्रांक- 88, दिनांक- 06.12.2022 एवं पत्रांक- DBM/ 2022-23/13, दिनांक- 24.01.2023 के सत्यापन प्रतिवेदन की छायाप्रति (प्रदर्ष- 26) प्रस्तुत करते हुए अंकित किया गया है कि श्री ओम प्रकाष कुमार द्वारा कागजात पर जालसाजी कर सरकारी राषि का गबन हेतु जाली रसीद (चालान) प्रस्तुत करना तथा उक्त राषि को बैंक के संबंधित शीर्श में जमा करने का पावती (चालान/चालान पंजी) पर बैंक का फर्जी मुहर, बै क ं के कर्मी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक के संबंधित शीर्श में राषि जमा नहीं करना अर्थात जाली रसीद (चालान) प्रस्तुत कर उक्त राषि रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) गबन कर लिया गया है। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके समर्थन में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। | |
| 8 | बैंक में राषि जमा का पावती चालान/चालान पंजी पर बैंक का फर्जी | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावाजी साक्ष्य के रूप में प्रदर्ष | बैंक के सत्यापन प्रतिवेदन से स्पश्ट रूप से अंकित है कि "Only one Govt. |
| मुहर, बैंक के कर्मी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उक्त सरकारी राषि का गबन किया जाना एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करना। | रंगीन चालान/चालान पंजी की छायाप्रति (प्रदर्ष-27) प्रस्तुत करते हुए स्पश्ट किया गया है कि बैंक में जमा का पावती चालान/चालान पंजी पर बैंक का फर्जी मुहर, बैंक के कर्मी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक में राषि जमा नहीं किया गया एवं जाली रसीद (चालान) प्रस्तुत कर उक्त राषि रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) गबन कर लिया गया। जिसकी पुश्टि कोशागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक- 1871/को॰, दिनांक- 05.12.2022 तथा भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के पत्रांक- 88, दिनांक-06.12.22 एवं पत्रांक- DBM/ 2022-23/13, दिनांक- 24.01. 2023 के सत्यापन प्रतिवेदन से होती है। | cash receipt Challan dt. 30.03.2022 for Rs. 7900/- stands genuine and rest remaining 17 Govt. Cash receipt Challans of total amounting Rs. 1,91,00,055/- stand fabricated/fraudulent. Further, I do not observe the involvement of any staff/official of Sasaram Branch in this case". जिसके आलेाक में प्रस्तुत आरोप की पुश्टि होती है। अतः उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति मे ं प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। (प्रदर्ष-26) | ||
| 9 | सरकारी राषि के गबन के राषि को छूपाने हेतु जाली रसीद प्रस्तुत कर कार्यालय को धोखा देना। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य के रूप म ं े भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, सासाराम के पत्रांक- 88, दिनांक- 06.12.2022 एवं पत्रांक DBM/ 2022-23/13, दिनांक- 24.01. 2023 की छायाप्रति (प्रदर्ष- 28) एवं जिला कोशागार पदाधिकारी, रोहतास का सत्यापन प्रतिवेदन पत्रांक 1871/को॰, दिनांक- 05. 12.2022 की छायाप्रति (प्रदर्ष- 29) प्रस्तुत करते हुए स्पश्ट किया गया है कि पावती चालान/चालान पंजी पर बैंक का फर्जी मुहर, बैंक के कर्मी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर, फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक में राषि जमा नहीं किया गया अर्थात वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए फर्जी तरीके से रोकड़ बही, चेक पंजी में प्रविश्टि करते हुए यथा- अभिश्रव, बैंक | बैंक के सत्यापन प्रतिवेदन से स्पश्ट रूप से अंकित है कि "Only one Govt. cash receipt Challan dt. 30.03.2022 for Rs. 7900/- stands genuine and rest remaining 17 Govt. Cash receipt Challans of total amounting Rs. 1,91,00,055/- stand fabricated/fraudulent. Further, I do not observe the involvement of any staff/official of Sasaram Branch in this case". जिसके आलेाक में प्राप्त राषि का बैंक में नहीं जमा होने की पुश्टि होती है। अतः उपस्थापन |
| चालान आदि के माध्यम से राषि रू॰ 2,18,45,712=00 (दो करोड अठारह लाख पैतालिस हजार सात सौ बारह रू॰ मात्र) गबन कर लिया गया। | पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति मे ं प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। | |||
| 10 | लेखा का समुचित संधारण नहीं करके और पंजी मेें अनेक प्रविश्टियॉ गलत करना। साथ ही अभिलेख एवं रोकड़ बही का वित्त हस्तक के अनुरूप उचित ढंग से संधारण नहीं करना ़ और लेखा नियंत्रण का पालन नहीं किया जाना। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप के समर्थन में अपने लिखित प्रतिवेदन में अंकित किया गया है कि नाजिर नजारत से संबंधित सभी पंजी, अभिश्रव इत्यादि वित्तीय अभिलेखों का अभिरक्षक होता है एवं नजारत से संबंधित सभी वित्तीय संव्यवहारों का लेखन/संधारण/ रख-रखाव नाजिर का होता है। नाजिर के रूप में सभी वित्तीय समव्यवहारो ं को रोकड़ पंजी में समयक प्रविश्टि, उसका मिलान कर लेखापाल से सत्यापन कराकर उपस्थापित कराने का दायित्व नाजिर का था। वर्णित परिस्थितियों में ऐसा स्पश्ट है कि श्री ओम प्रकाष कुमार राषि का गबन करने एवं तथ्यों को छुपाने से उदेष्य से जानबुझकर राषि को नियमानूकूल समयक् प्रविश्टि रोकड़ पंजी में नहीं किया गया। अर्थात श्री कुमार द्वारा उक्त राषि का गबन कर लिया गया है। वे आगे स्पश्ट करते है कि कुमार द्वारा कुटरचित बैंक चालान, पदाधिकारी एवं बैंक कर्मी का फर्जी हस्ताक्षर एवं मुहर का प्रयोग करते हुए रोकड़ बही में फर्जी प्रविश्टि अंकित कर तथ्यों को छुपाते हुए लेखापाल के माध्यम से सत्यापन उपरान्त पदाधिकारी का हस्ताक्षर प्राप्त किया। | उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके सहमति में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ अभिलेख /दस्तावेजों एवं उनके लिखित अभिकथनों आदि के आधार पर श्री ओम प्रकाष कुमार, लिपिक-सह- नाजिर, अनुमण्डल कार्यालय, सासाराम के विरूद्ध प्रस्तुत आरोप बिन्दु सम्पुश्ट होना पाया गया है। इस तरह यह आरोप आरोपी के विरूद्ध सिद्ध होता है। |
सभी आरोपों को पूर्ण रूपेण प्रमाणित पाया है।
अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 1552/स्था0, दिनांक 18.08.2023 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि सासाराम नगर थाना काण्ड संख्या- 1054/2022, दिनांक 05.12.2022, धारा 409/420 भा0द0वि0 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री ओम प्रकाष कुमार, उम्र 43 वर्श, पिता- स्व0 विष्वनाथ सिंह, ग्रामपो0- कुरमुरी, थाना- सिकरहटा, जिला- भोजपुर वर्त्तमान पता- पड़रिया रोड, आनंद नगर, वार्ड- 05, नियर चर्च बिक्रमगंज थाना- बिक्रमगंज, जिला- रोहतास को पटना रेलवे जंक्षन के प्लेटफॉर्म नं0- 10 से राज्य छोड़कर भागते समय गिरफ्तार किया गया है, जिसे माननीय न्यायालय में उपस्थापन के पष्चात दिनांक 05.07.2023 को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है, जो वर्त्तमान में मंडल कारा, सासाराम में बन्द है।30 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध लगाये गये आरोपों को प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप इस कार्यालय के ज्ञापांक 968/स्था0, दिनांक 11.08.2023 से श्री कुमार को अंतिम सूचना भेजते हुए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पर संचालन पदाधिकारी द्वारा दिये गये मंतव्य के आलोक में पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर द्वितीय कारण-पृच्छा समर्पित करने का निदेष दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, सासाराम के पत्रांक 1529/स्था0, दिनांक 11.08.2023 से आरोपी कर्मी को उपलब्ध कराये गये द्वितीय-कारण पृच्छा का तामिला प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसे उपाधीक्षक, मंडल कारा, सासाराम द्वारा अभिप्रमाणित किया गया है।
श्री कुमार के अधिवक्ता सपना कुमारी के द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा का प्रत्युतर समर्पित किया गया है जिसपर आरोपी कर्मी का हस्ताक्षर नहीं है। अतः यह स्वीकारयोग्य नहीं है। प्रस्तुत प्रत्युत्तर के किसी भी पृश्ठ में आरोपी कर्मी का हस्ताक्षर नहीं होने से इसकी सत्यतता संदेहास्पद प्रतीत होती है।
श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के क्रम में संचालन पदाधिकारी द्वारा इन्हें अपना पक्ष रखने हेतु कई बार नोटिस निर्गत किया गया, परंतु ये अनुपस्थित रहें। साथ ही संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी कर्मी को सदेह उपस्थित होने हेतु नोटिस निर्गत करने के साथ ही समाचार पत्रों में भी सूचना प्रकाषित किया गया तद्ोपरान्त दिनांक 05.05.2023 को समाचार पत्र '' दैनिक जागरण एवं हिन्दुस्तान '' में सूचना प्रकाषित कर श्री प्रकाष से अगली निर्धारित तिथि 15.05.2023 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया। आरोपी कर्मी श्री कुमार उक्त निर्धारित तिथि को संचालन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में अधोहस्ताक्षरी द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अनुमण्डल पदाधिकारी, सासाराम द्वारा प्रतिवेदित आरोप तदालोक में जिला स्तरीय जॉच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपी कर्मी द्वारा बैंक चालान पर बैंक का फर्जी मुहर एवं हस्ताक्षर बनाकर फर्जीवाड़ा/जालसाजी कर सासाराम अनुमंडल कार्यालय का लगभग मो0 2,22,17,712.00 (दो करोड बाईस लाख सतरह हजार सात सौ बारह) रूपये के सरकारी राषि का गबन, विचलन एवं फर्जीवाड़ा किया गया है। जिसे संचालन पदाधिकारी द्वारा भी प्रमाणित पाया गया।
निष्कर्श :-
श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक के विरूद्ध गठित आरोप, उक्त गठित आरोप पत्र पर उनके द्वारा समर्पित स्पश्टीकरण, समर्पित स्पश्टीकरण पर उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य तथा वर्णित मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालनोपरान्त समर्पित अभिलेखबद्ध जॉच प्रतिवेदन के परिषीलन एवं समीक्षा से यह बात पूर्णतः स्पश्ट है कि श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में लगाये गये आरोप प्रमाणित है। श्री ओम प्रकाष कुमार, तत्कालिन नाजीर -सह- लिपिक, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के समेकित विवेचना करने पर परिलक्षित होता है कि इनके विरूद्ध आरोप गंभीर प्रकृति के है और इनके द्वारा अपने पद का गलत उपयोग कर इतनी बड़ी लोक राषि का गबन किया गया है। श्री कुमार के विरूद्ध प्रमाणित आरोप अत्यन्त गंभीर श्रेणी में आता है। इनके सेवा में रहने से अन्य सरकारी कर्मियों के कार्यप्रणाली पर दुश्प्रभाव पड़ सकता है एवं सरकारी कर्मियों के बीच गलत संदेष जायेगा।
अतः मैं धर्मेन्द्र कुमार, भा0प्र0से0, जिला दण्डाधिकारी एवं समाहर्त्ता, रोहतास, सासाराम बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील), नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम- 14 (xi) में वर्णित नियम के अधीन श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, सासाराम को आदेष निर्गत होने की तिथि से सेवा से बर्खास्तगी (Dismissal from Service) का दण्ड अधिरोपित करता हूॅ, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविश्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी। इन्हे निलंबन अवधि के लिए नियमानुसार मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इस आषय की प्रविश्टि श्री ओम प्रकाष कुमार के सेवा पुस्त में लाल स्याही से अंकित की जायेगी।
श्री ओम प्रकाष कुमार, निलंबित लिपिक से संबंधित विवरणी निम्न प्रकार हैः-
ः- श्री ओम प्रकाष कुमार
ः- वेतनमान 5200-20200 (ग्रेड पे- 1900/-) वेतन स्तर- 02
1. नाम 2. पिता का नाम ः- स्व0 विष्वनाथ सिंह, ः- निम्न वर्गीय लिपिक 3. पदनाम 4. जन्म तिथि ः- 30.09.1980 5. नियुक्ति की तिथि ः- 04.06.2001 6. कार्यालय का नाम ः- अनुमंडल कार्यालय, सासाराम 7. वेतनमान 8. स्थायी पता ः- ग्रामपो0- कुरमुरी, थाना- सिकरहटा, जिला- भोजपुर (आरा) 9. वर्त्तमान पता ः- दीपक सदन, पड़रिया रोड, आनंद नगर, वार्ड- 05, नियर चर्च,
बिक्रमगंज, रोहतास (बिहार)
आदेष से, (ह0) अस्पश्ट, जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 33—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
31 (cid:464)बहार गजट, 1 2023भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
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सूचना -------
No. 1260--I, HUSHN Aara W/o- Mohammad Najmuddin R/o Vill- Agthu, P.S.- Belaganj, Dist.- Gaya (Bihar) in my son Md Fardeen Khan matriculation Certificate my name wrongly mention as Husana Ara Khatoon. My correct name Hushn Aara vide affid. no. 22615 dt. 14.08.23.
HUSHN Aara.
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No. 1261-- I, SHAISTA, D/O NOORUL BASAR, W/O SHAFIQUE ALAM resident of Choudhary Hotel Lane, North-West Devi Sthan, Samanpura, Raja Bazar, P.O.: B. V. Collage, Patna 800014, vide affidavit no 2559 dated 14-07-2023 declare that I shall be known as SHAISTA ALAM for all future purposes.
SHAISTA.
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No. 1262--I Sheo Kumari Pathak W/O Umapati Pathak R/O village Bichla Telpa,P.S- Town, District-Saran(Bihar) solemnly affirm and declare that in my Aadhar Number 524878369452 by name Shio Kumari Pandey is wrong,My correct name is Sheo Kumari Pathak mentioned in my voter id and all other documents.I am known only by the name of Sheo Kumari Pathak. Affidavit Number 12190 Dated 14/07/2023.
Sheo Kumari Pathak.
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सं0 1263--मैं सुप्रिया (Supriya) पिता-स्व. संजय कुमार, माता-श्रीमती पूनम देवी, निवासी-फ्लैट नं. 303, सोनल अपार्टमेंट, कवि रमण पथ, नागेष्वर कोलोनी, बोरिंग रोड, पो.-जी.पी.ओ., थाना-बुद्धा कॉलोनी, पटना- बिहार 1. मेरे सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र में मेरा नाम सुप्रिया (Supriya) है। 2. मैं अपने नाम में Kumari Deo जोड़ना चाहती हॅूं। 3. अब मेरा नाम Supriya से Supriya Kumari Deo से जानी एवं पहचानी जाउॅंगी। शपथ पत्र सं. 6533 दिनांक 17.08.2023 के आलोक में यह सभी कार्य में मान्य होगा।
सुप्रिया (Supriya).
No. 1263--I, SUPRIYA D/o Late Sanjay Kumar, Mother-Punam Devi, R/o Flat no. 303 Sonal Apartment, Kavi Raman Path, Nageshwar Colony, Boring Road, Patna- 800001 (Bihar) do hereby solemnly affirm and declare that my name will be known as SUPRIYA KUMARI DEO Affidavit no. 6533 dated 17.08.2023 for all purposes.
SUPRIYA.
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सं0 1264--32 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 No. 1265--I Parbhjot Kaur D/o Joginder Singh R/o Room No.-11, Modi Khana Gurudwara Chowk, Patna City, Patna, Bihar-800008 Do hereby Solemnly affirm and declare as per aff. No. 408 dt. 12.09.23 That my name is mentioned in my Aadhar No.- 531699701907 as Prabhjot Kaur which is wrong. As per my BSEB 10th marksheet (Roll-0189) my correct name is PARBHJOT KAUR. Now I will be known as PARBHJOT KAUR for all future purposes.
Parbhjot Kaur.
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No. 1266--I, Manish Kumar S/O Sudhir Kumar Sharma, R/O 266, Alka Colony P.O.- Mahendru P.S.- Bahadurpur, Patna-6 vide affidavit no-754 dated-28/07/2023 declare that my name has been wrongly mentioned as Manish Kumar Sharma in my daughters (Vartika Sharma's) CBSE std- 12th Marksheet. My name as per my adhar card-6597 3285 7883 is Manish Kumar and in future also I shall be known as Manish Kumar.
Manish Kumar.
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No. 1267--Baby Kumari D/o Sri Chakradhar Tiwari, W/ o Avinash Kumar Mishra, R/o Village- Pakari Panchbhidiya, P.O.- Jasauli, Pakari, P.S.- Baruraj, Distt.- Muzaffarpur 843141 Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per affidavit No-4937 dt. 11-09-23 that my name is written in my Aadhar card No-7125 6346 8477 as Beby Kumari which is wrong and as per my voter I.D. NQA0622779 and Educational Certificate my name is written as Baby Kumari which is correct now I will be known as baby Kumari for all future purposes.
Baby Kumari.
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सं0 1268--म(cid:583) पूजा कु मार(cid:547) जयसवाल पित अनु(cid:465)द(cid:215)य कु मार िम(cid:302)ा, िनवास-(cid:274)ाम-िसलव(cid:465)टया बड़गो, पो.-
ं (cid:465)क रामनगर, थाना-रामनगर, (cid:468)जला- प(cid:468)(cid:433)मी च(cid:224)पारण शपथ प(cid:287) सं. 155 ता. 13.07.2023 (cid:430)ारा यह घोषणा करती हू अब म(cid:583) पूजा कु मार(cid:547) (POOJA KUMARI) के नाम से जानी एवं पहचानी जाऊं गी I
पूजा कु मार(cid:547) जयसवाल I
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No. 1269--I, Anil kumar Son of Sri Uma Shankar Sah, R/o-Babhan Toli, PO- Mahendru P.S- Sultanganj Distt-Patna-800006(Bihar) do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No- 319 dt. 01.09.2023 that Nitin Shaurya is my son that by mistake his name spelling wrongly mentioned in his registration slip. as Nitin Saurya that his correct name is Nitin Shaurya.
Anil kumar.
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No. 1270--Mohammad Najmuddin S/o- Mohammad Nayeemuddin Khan R/o - Vill – Agthu, P.S. – Belaganj, Dist – Gaya (Bihar) do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 22614 dt. 14.08.2023 that in my Son's MD Fardeen Khan Matruculation Certificate my name is wrongly mentioned as Md Najmuddin Khan. My Correct name is Mohammad Najmuddin.
Mohammad Najmuddin.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 33—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
33 (cid:464)बहार गजट, 1 2023बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 सी॰एस॰-1/ए॰-1-1012/93(खंड)- मंत्रिमंडल सचिवालय -----
3 जुलाई 1993
कार्यपालिका नियमावली के नियम 32-क एवं 53.1-ग में संषोधन।
(Amendment to Rules 32(a) and 53(1)(c) of the Rules of Executive Business 1979, (as amended upto 01.08. 1992). वर्तमान में प्रषासी विभाग एवं विधि विभाग में अभियोजन के प्रष्न पर मतान्तर होने पर जो कार्यपालिका नियमावली में प्रावधान है, वे बहुधा स्पष्ट मार्ग-दर्षन नहीं देते। फलस्वरूप बहुधा नियमों के व्यख्यान में मतान्तर हो जाता है और नियम व्यवहारिक अथवा प्रभावकारी नहीं हो पाता । 2. उक्त अनुभव के आधार पर सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे विषयों पर प्रषासन के उच्चतम स्तर पर विचार होना चाहिए। इसके आलोक में कार्यपालिका नियमावली के निम्नांकित नियमों में नीचे अंकित संषोधन किया जाता है : - (1) नियम 32-क में एक नया उप-नियम xix इस प्रकार प्रतिस्थापित किया गया, यथा, ''नियम-53.1 'ग' के अंतर्गत सभी प्रकार की अनुषंसाएं''
(2) वर्तमान नियम 53.1 'ग' की ''टिप्पणी'' को पूर्णतः विलोपित कर निम्नांकित नई टिप्पणी प्रतिस्थापित किया गया : -
''अभियोजन संबंधी सभी प्रकार के आदेष विधि (न्याय) विभाग द्वारा नियम-32-क xix के अंतर्गत आदेष प्राप्त कर निर्गत किये जायेंगे।''
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(i) A new Sub-Rule has been inserted in Rule 32 (a) as Sub rule (xix) which reads : "All recommendations of the Law (Judicial) Deptt. under Rule 53(1)(c)." (ii) The extant NOTE to Rule 53(1)(c) has been deleted and substituted by the following 'NOTE' : -
"All kinds of orders regarding prosecution shall be issued by the Law (Judicial) Deptt. after orders have been obtained in accordance with Rule 32(a)(xix)." मंत्रिपरिषद् द्वारा इस संकल्प को गृहित होने के फलस्वरूप कार्यपालिका नियमावली, 1979, (यथा दि0 1.8.1992 तक संषोधित) उक्त अंष तक संषोधित समझा जायगा। आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार गजट में अविलंब प्रकाषित कराया जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
, अपर सचिव।34 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 सं॰एम-4-05/2022--9470/वि॰
वित्त विभाग ------- संकल्प 20 अक्तूबर 2023 विषयः-स्कीम स्क्रीनिंग समिति के स्तर पर नई स्कीमों की स्वीकृति के संबंध में । राज्य में क्रियान्वयन हेतु प्रस्तावित नई स्कीमों की समीक्षा हेतु विभागीय संकल्प संख्या-9391 दिनांक 25.11.2019 द्वारा विकास आयुक्त, बिहार की अध्यक्षता में स्कीम स्क्रीनिंग समिति गठित है, जिसका कार्यकाल विभागीय संकल्प संख्या-3168 दिनांक 03.04.2023 द्वारा दिनांक 31.03.2024 तक विस्तारित है । 2. संदर्भित संकल्प (यथा, संख्या-3168 दिनांक 03.04.2023) की कंडिका-5 के अनुसार उक्त संकल्प की कंडिका-4 में अंकित कतिपय विषय से संबंधित स्कीम को छोड़कर अन्य सभी नई स्कीम, जिसकी अनुमानित लागत 1.00 करोड़ से ऊपर और 15.00 करोड़ तक हो की स्वीकृति हेतु स्कीम स्क्रीनिंग समिति के अनुशंसा की आवश्यकता का प्रावधान है। 3. सम्यक विचारोपरान्त उपर्युक्त कंडिका-5 को निम्नवत् संशोधित किया जाता हैः- ''इस प्रकार उपर्युक्त कंडिका-4 में वर्णित विषय/स्कीम को छोड़कर अन्य सभी नई स्कीम जिसकी अनुमानित लागत 5.00 करोड़ से ऊपर और 15.00 करोड़ तक हो की स्वीकृति हेतु स्कीम स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा आवश्यक होगी। 5.00 करोड़ तक के स्कीम की स्वीकृति के लिए स्कीम स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा की आवश्यकता नहीं होगी ।''
4. वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3168 दिनांक 03.04.2023 के अन्य प्रावधान यथावत् रहेंगे । 5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है ।
आदेश से, लोकेश कुमार सिंह, सचिव (संसाधन)। मो0 शाहिद खाँ, तत्कालीन कानूनगो, बन्दोबस्त कार्यालय, नालन्दा के विरूद्ध निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप, बिहार, पटना के पत्रांक-1579, दिनांक-26.08.2015 द्वारा इनके कर्त्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने जैसे प्रतिवेदित आरोपों के लिए बन्दोबस्त पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-248-II दिनांक-13.03.2013 से गठित आरोप प्रपत्र 'क' विभाग को उपलब्ध कराया गया। आरोप प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों यथा- अनाधिकृत रूप से दिनांक-30.11.2012 से लगातार अवकाश में रहने, कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोपों के लिए विभागीय आदेश सं0-1384(नि0को0), दिनांक-10.12.2015 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 की कंडिका-1 के प्रावधानों के तहत मो0 खाँ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय- प्रमण्डलीय आयुक्त का कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना निर्धारित किया गया।
2. तदोपरान्त आरोप पत्र में अंकित आरोपों की सम्यक् जाँच हेतु विभागीय संकल्प सं0-28(नि0को0), दिनांक-12.
01.2016 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस विभागीय कार्यवाही में अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच), नालन्दा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3. अपर समाहर्त्ता-सह-संचालन पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-04/वि0जाँच, दिनांक-24.01.2020 द्वारा आरोपी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालनोपरान्त जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों के संबंध में अपना निष्कर्ष निम्नवत् अंकित किया गया है :-
- आरोपित दिनांक-29.11.2012 को बन्दोबस्त कार्यालय, नालन्दा में योगदान देने के बाद योगदान की तिथि को ही दिनांक-30.11.2012 से दिनांक-04.12.2012 तक आकस्मिक अवकाश का आवेदन देकर बिना स्वीकृत कराये ही मुख्यालय से प्रस्थान कर गये एवं अबतक अनुपस्थित है। - आरोपित दिनांक-29.11.2012 को बन्दोवस्त कार्यालय, नालन्दा में योगदान करने के बाद दिनांक-30.11.2012 से अबतक अनुपस्थित हैं। निलंबन अवधि में निर्धारित मुख्यालय में भी बिना योगदान किए अबतक अनुपस्थित हैं। अनुपस्थिति के संबंध में आरोपित का कहना है कि वह स्पाईनल कोड में इंफेक्शन की बीमारी से ग्रसित हैं। परन्तु अपने बीमारी के संबंध में इनके द्वारा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इनके द्वारा विभागीय कार्यवाही की सुनवाई में भी कभी उपस्थित होकर अपने बीमारी के पुष्टि से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। दिनांक-35 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 30.11.2012 से इतनी लंबी अवधि तक अनुपस्थित रहना एवं बीमारी से संबंधित ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने से लगाये गये आरोप की पुष्टि होती है। 4. जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में विभागीय आदेश सं0-731(15), दिनांक-02.06.2020 द्वारा मो0 खाँ से अभ्यावेदन की मांग की गयी, जो इन्हें हस्तगत न होकर इस विभाग को पुनः वापस आ गया। तदोपरान्त वांछित अभ्यावेदन हेतु विभागीय पत्रांक-1000(15), दिनांक-10.08.2020 द्वारा प्रेस विज्ञप्ति का प्रकाशन राज्य के दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में किया गया। साथ ही विभागीय पत्रांक-1020(15), दिनांक-17.08.2020 द्वारा आरोपी के निर्धारित मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना एवं इनके स्थायी पत्राचार के पते पर पत्र प्रेषित करते हुए अभ्यावेदन की मांग की गयी। आरोपी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के आलोक में अभ्यावेदन दिनांक-शून्य की छायाप्रति समर्पित की गयी, जिसमें इनके द्वारा तबियत बहुत खराब हो जाने के कारण कार्यालय में छुट्टी का अभ्यावेदन देकर ईलाज हेतु कार्यालय से प्रस्थान किये जाने का उल्लेख किया गया, साथ ही आरोपों से मुक्त करने हेतु अनुरोध किया गया।
5. आरोपी पदाधिकारी द्वारा किसी भी स्तर पर कोई ऐसा साक्ष्य या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि ये चिकित्सकीय कारण से कार्यालय/निलंबन के पश्चात निर्धारित मुख्यालय में आने में असमर्थ थें। संचालन पदाधिकारी स्तर से भी हरेक प्रयास के बावजूद सुनवाई के दौरान स्वयं अनुपस्थित रहें तथा इनका कोई प्रतिनिधि या ऐसा प्रमाण पत्र संचालन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थापित नहीं किया गया, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि वास्तव में चिकित्सकीय कारण से वे लगातार किसी हॉस्पीटल में भर्ती हैं। संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके विरुद्ध दोनों आरोपों को प्रमाणित पाया गया तथा डाक के माध्यम से मो खाँ द्वारा जो भी पत्र भेजे गए उसे स्वी—ति योग्य नहीं पाया गया। आरोपी पदाधिकारी द्वारा मनगढंत एवं बेबुनियाद बातें समय-समय पर रखने का प्रयास किया गया, परन्तु इसमें कोई ऐसा साक्ष्य संलग्न नहीं किया है, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि वास्तव में वे बीमार हैं।
6. क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी-सह-निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-342, दिनांक-07.04.2021 द्वारा सूचना दिया गया कि मो0 खाँ द्वारा अबतक इस कार्यालय में योगदान समर्पित नहीं किया गया है। उक्त पत्र के आलोक में विभागीय पत्रांक-764(14), दिनांक-08.10.2021 द्वारा आरोपी के स्थायी पता से पुनः पत्राचार किया गया, जिसमें इनके द्वारा सेवा में बने रहने हेतु इच्छुक हैं अथवा अन्य कार्य/व्यवसाय में संलिप्त हैं, के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय पत्रांक-930(15), दिनांक-08.07.2022 द्वारा प्रेस विज्ञप्ति का प्रकाशन राज्य के दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में किया गया। आरोपी का स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा एवं इनके द्वारा निलंबन अवधि में निर्धारित मुख्यालय में योगदान नहीं किया गया।
7. उल्लेखनीय है कि बिहार सेवा संहिता के नियम-76 में वर्णित प्रावधान के अनुसार ''जबतक कि किसी मामले की खास परिस्थितियों को देखते हुए, राज्य सरकार अन्यथा निर्धारित न करे, सरकारी सेवक, भारत में बाह्य-सेवा को छोड़कर अन्यन्त्र छुट्टी के साथ या बिना छुट्टी के कर्तव्य से पाँच वर्ष तक लगातार अनुपस्थिति के बाद, सरकारी-नियोजन में नहीं रह जाता है। मो0 शाहिद खाँ दिनांक-30.11.2012 (10 वर्ष 07 माह) से अबतक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं। 8. सम्यक् विचारोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मो0 खाँ के विरूद्ध , जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी, का दण्ड विनिश्चित किया गया। 9. मो0 शाहिद खाँ, तत्कालीन कानूनगो, बन्दोबस्त कार्यालय, नालन्दा सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड , जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'' संबंधी संलेख '' विभागीय ज्ञापांक-1532(15), दिनांक-04.08.2023 द्वारा मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति हेतु भेजा गया। मंत्रिपरिषद् की दिनांक-25. 09.2023 को सम्पन्न बैठक में मद सं0-03 के रूप में इसे सम्मिलित करते हुए उक्त संलेख में निहित दण्ड प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी। 10. उक्त स्वीकृति के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (xi) के प्रावधानों के तहत मो0 शाहिद खाँ, तत्कालीन कानूनगो, बन्दोबस्त कार्यालय, नालन्दा सम्प्रति निलम्बित मुख्यालय - आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना को , का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। 1. नाम ः- मो0 शाहिद खाँ 2. पिता का नाम ः- मो0 बसीर खाँ 2. पदनाम ः- तत्कालीन कानूनगो, बन्दोबस्त कार्यालय, नालन्दा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय - प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना । 3. जन्म तिथि ः- 17.01.1969 4. सेवानिवृति की तिथि ः- 30.01.2029
5. स्थाई पता ः- ग्रामपोस्ट-चान्हो, जिला-राँची, झारखण्ड-835214
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
निदेशक, भू-अर्जन-सह-अपर सचिव।36 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 श्री अश्विनी कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कतरीसराय, नालन्दा सम्प्रति निलंबित को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावादल द्वारा दिनांक-20.03.2018 को रु0 10,000/-दस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायाधीश, निगरानी-1, पटना के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से श्री कुमार को न्यायिक हिरासत में आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना भेजा गया। आरोपी के विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-011/2018, दिनांक-20.03.2018 दर्ज किया गया, जिसकी सूचना पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-1230/अप0शा0, दिनांक-06.04.2018 से विभाग को प्राप्त हुआ। तदोपरान्त विभागीय संकल्प सं0-422(नि0को0), दिनांक-24.05.2018 द्वारा श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 की कंडिका-1 की उप कंडिका-'क' एवं 'ग' तथा कंडिका-2 की उप कंडिका 'क' में अन्तर्निहित प्रावधानों के आलोक में गिरफ्तार किये जाने की तिथि-20.03.2018 के प्रभाव से निलम्बित किया गया तथा न्यायिक हिरासत से जमानत पर रिहा होने के उपरान्त निलंबन अवधि के लिए इनका मुख्यालय - प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना निर्धारित किया गया। पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना का पत्रांक-1655/अप0शा0, दिनांक-14.05.2018 से अभियोजन स्वीकृति हेतु किये गये अनुरोध के आलोक में विभागीय पत्रांक-462(नि0को0), दिनांक-04.06.2018 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई।
2. समाहर्त्ता, नालन्दा के पत्रांक-1911/रा0, दिनांक-01.09.2020 द्वारा उक्त निगरानी थाना कांड के अधीन प्राथमिकी दर्ज होने एवं न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के निमित्त विहित प्रपत्र में आरोप पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। आरोप पत्र में अंकित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-12(15), दिनांक-05.01.2021 द्वारा आरोपी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इसी बीच आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-1171/स्था0, दिनांक-25.07. 2018 द्वारा श्री कुमार के जमानत पर रिहा होकर दिनांक-11.07.2018 को आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना में योगदान दिये जाने की सूचना दी गयी। आरोपी द्वारा अपना स्पष्टीकरण दिनांक-19.01.2021 विभाग में समर्पित किया गया। 3. आरोपी से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त गठित आरोप पत्र में अंकित आरोपों की सम्यक् जाँच हेतु अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प सं0-409(15), दिनांक-02.07.2021 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस विभागीय कार्यवाही में अपर समाहर्त्ता, नालन्दा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। समाहर्त्ता, नालन्दा के आदेश ज्ञापांक-2288/रा0, दिनांक-03.08.2021 से प्राप्त सूचनानुसार इस विभागीय कार्यवाही में प्रभारी पदाधिकारी, जिला राजस्व शाखा, नालन्दा को उपस्थापन पदाधिकारी नामित किया गया।
4. अपर समाहर्त्ता-सह-संचालन पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-6513/रा0, दिनांक-31.12.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालनोपरान्त जाँच प्रतिवेदन मंतव्य सहित विभाग को उपलब्ध कराया। जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा अपना मंतव्य अंकित किया गया कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा गठित धावा दल ने आरोपित कर्मी श्री अश्विनी कुमार को परिवादी श्री सुभाष चन्द्र से रु010,000/- (दस हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया एवं एतद् संबंधी प्राथमिकी निगरानी थाना में दर्ज की गयी। दर्ज प्राथमिकी से संबंधित मामला सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा गठित धावा दल ने आरोपित कर्मी श्री अश्विनी कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कतरीसराय, नालन्दा के विरूद्ध काण्ड संख्या-011/2018, दिनांक-20.03.2018 दर्ज किये जाने के कारण सरकार की छवि धूमिल हुई है। इस प्रकार आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध गठित आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित सिद्ध होता है। 5. जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के आलोक में विभागीय पत्रांक-497(15), दिनांक-13.03.2023एवं संशोधित पत्रांक-707(15), दिनांक-19.04.2023 से द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन की मांग आरोपी से की गयी। आरोपी द्वारा अपना द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन दिनांक-31.03.2023 को विभाग में समर्पित किया गया है, जिसमें अपने ऊपर लगाये गये आरोपों को अस्वीकार अंकित किया गया है।
6. श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध प्रक्रियाओं के पालन करने के पश्चात संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध गठित किए गए आरोप बिल्कुल प्रमाणित है। आरोपी पदाधिकारी द्वारा वास्तव में जान बूझकर सुविधा शुल्क के नाम पर नाजायज राशि वसूली हेतु प्रयास किया गया है। सूचना मिलने पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा मामले की सत्यापन के पश्चात आरोपी पदाधिकारी को गठित धावा दल द्वारा रंगे हाथ राशि लेते पकड़ा गया है। निगरानी/धावा दल द्वारा प्रक्रिया पूर्ण कर आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पदाधिकारी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
7. श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी के स्तर से द्वितीय कारण पृच्छा के एवज में मांगे गये अन्यान्य साक्ष्य दस्तावेज बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम के अधीन नहीं है। संचालन पदाधिकारी द्वारा अपनायी गई प्रक्रिया पूर्ण है तथा आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप पत्र में अंकित सभी आरोपों को सही माना गया है। आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध विशिष्ठ आरोप यथा-रु0 10,000/- (दस हजार रूपये मात्र) रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने का आरोप प्रमाणित है। यह भी प्रमाणित है कि आरोपी पदाधिकारी के स्तर37 (cid:464)बहार गजट, 1 2023 से अपनायी गई चूक बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3(i) का घोर उल्लंघन है। स्पष्टतः आरोपी का द्वितीय कारण पृच्छा/अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है।
8. सम्यक् विचारोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध , जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी, का दण्ड विनिश्चित किया गया।
9. श्री अश्विनी कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कतरीसराय, नालन्दा सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड , जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'' संबंधी संलेख '' विभागीय ज्ञापांक-1660(15), दिनांक-05.09.2023 द्वारा मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति हेतु भेजा गया। मंत्रिपरिषद् की दिनांक- 25.09.2023 को सम्पन्न बैठक में मद सं0-04 के रूप में इसे सम्मिलित करते हुए उक्त संलेख में निहित दण्ड प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी। 10. उक्त स्वीकृति के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (xi) के प्रावधानों के तहत श्री अश्विनी कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कतरीसराय, नालन्दा सम्प्रति निलम्बित मुख्यालय - आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना को , का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। 1. नाम ः- श्री अश्विनी कुमार,
2. पिता का नाम ः- स्व0 रामेश्वर प्रसाद, 2. पदनाम ः- तत्कालीन अंचल अधिकारी, कतरीसराय, नालन्दा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय - प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना। 3. जन्म तिथि ः- 03.04.1966 4. सेवानिवृति की तिथि ः- 30.04.2026
5. स्थाई पता ः- एम0एम0टी0 ग्राउंड के पीछे, माउंट लेट्रा स्कूल के समीप, गोलारोड बाजारा टाड़, जिला-रामगढ़, राज्य-झारखण्ड, पिन-829122 बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
निदेशक, भू-अर्जन-सह-अपर सचिव। ————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय