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सं॰-04/नि॰अधि॰(कैष-क्रेडिट) प्रबंधकीय अनुदान-09/2022/2881
सहकारिता विभाग ——— संकल्प 12 अक्तूबर 2023 विषयः- राज्य में अधिप्राप्ति कार्य में संलग्न सहकारी संस्थाओं पैक्स/व्यापार मंडलों को CMR (चावल) की आपूर्ति के आधार पर पूर्व से देय प्रबंधकीय अनुदान की राषि को खरीफ विपणन मौसम, 2022-23 से रू0 10/- प्रति क्विंटल से बढ़ाकर प्रोत्साहन स्वरूप 30 जून तक शतप्रतिषत आपूर्ति करने पर रू0 30/- प्रति क्विंटल, 31 जुलाई तक शतप्रतिषत आपूर्ति करने पर रू0 25/- प्रति क्विंटल एवं उसके बाद शतप्रतिषत CMR (चावल) आपूर्ति करने पर रू0 20/- प्रति क्विंटल की दर से प्रबंधकीय अनुदान की राषि की भुगतान की स्वीकृति के संबंध में। राज्य में किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ एवं सशक्त करने, उनके कृषि उत्पाद का लाभकारी मूल्य प्रदान करने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराने हेतु अधिप्राप्ति कार्य में संलग्न सहकारी संस्थाओं पैक्स/व्यापार मंडलों/जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक को राज्य खाद्य निगम से प्राप्त भुगतान में विलम्ब एवं अतिरिक्त ब्याज देयता की कठिनाईयों को दृष्टिगत रखते हुए खरीफ विपणन मौसम, 2017-18 से राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की गई CMR (चावल) के अनुरूप 10/- (दस) रुपये प्रति क्विंटल की दर से पैक्स/व्यापारमंडलों को, 5/- (पाँच) रुपये प्रति क्विंटल की दर से जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकाें को तथा 0.50/- (पचास पैसा) रुपये प्रति क्विंटल की दर से राज्य सहकारी बैंक को प्रंधकीय अनुदान की राशि राज्य योजना मद से दी जा रही है।
2. प्रबंधकीय अनुदान की राषि के नियमित रूप से भुगतान के बावजूद राज्य खाद्य निगम से भुगतान प्राप्ति में विलम्ब, परिवहन मद में कई वर्षों से राषि की वृद्धि नहीं होने, उसना राईस मिलों की संख्या पर्याप्त नहीं होने के कारण मानक दूरी से अधिक दूरी के राईस मिलों के साथ संबद्धता, भंडारण हेतु अतिरिक्त गोदाम किराये पर लिये जाने, लक्ष्य में वृद्धि के कारण कैष क्रैडिट की बड़ी राषि पर ब्याज का भुगतान आदि कारणों से पैक्स/व्यापारमंडलों को अधिप्राप्ति कार्य में हानि का सामना करना पड़ रहा है। ;बपकरू464द्ध ;द्ध 9 ;बपकरू224द्ध 2023 2 25/- (पच्चीस) रुपये प्रति क्विंटल एवं उसके बाद षतप्रतिषत CMR (चावल) आपूर्ति करने पर 20/- (बीस) रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि का भुगतान किया जाना है। 4. इस व्यवस्था से पैक्स/व्यापारमंडलों को दिये गये कैश-क्रेडिट ऋण (सरकारी राशि) की वसूली ससमय हो पायेगी तथा पैक्स/व्यापार मंडलों में त्वरित गति से राज्य खाद्य निगम को CMR (चावल) आपूर्ति करने का प्रोत्साहन प्राप्त होगा। साथ ही पैक्स/व्यापारमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास होगा जिससे उनकी कार्य क्षमता में पर्याप्त वृद्धि एवं कार्यषैली में सकारात्मक सुधार होगा। इससे उनके अतिरिक्त ब्याज देयता में कमी के फलस्वरूप पैक्स/व्यापारमंडलों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण होगा।
5. पैक्स/व्यापारमंडलों द्वारा बिहार राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की गई CMR (चावल) की मात्रा 99.5 प्रतिषत या उससे अधिक को शत्प्रतिषत माना जायेगा।़
6. जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों को 5/- रुपये प्रति क्विंटल एवं राज्य सहकारी बैंक को 0.50/- रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रबंधकीय अनुदान की राषि पूर्व की तरह देय होगा।
7. इस व्यवस्था के लागू होने से प्रस्तावित नये दर पर 30 जून तक शत-प्रतिशत सी॰एम॰आर॰ की आपूर्ति कर दिये जाने के फलस्वरूप भुगतान योग्य राशि 90.45 करोड़ अनुमानित होगी। इसी प्रकार यदि शत-प्रतिशत सी॰एम॰आर॰ की आपूर्ति 31 जुलाई के बाद की जाती है तो अनुमानित भुगतान योग्य राशि 60.30 करोड़ होगी। उक्त के आलोक मेंं पैक्स/व्यापारमंडलों को दी जाने वाली प्रबंधकीय सहायता अनुदान की राशि में एक वर्ष में पूर्व में प्रदान की जाने वाली राशि के अतिरिक्त देयता में वृद्वि लगभग 30 करोड़ रूपये से अधिकतम 60 करोड़ रूपये अनुमानित होगी।
8. राशि का व्यय राज्य योजना शीर्ष से की जायेगी। योजनांतर्गत प्रत्येक वर्ष के लिए उदव्यय का निर्धारण धान अधिप्राप्ति की उपलब्धि की मात्रा के अनुरूप किया जायेगा। इस योजना के संबंध में विभागीय स्वीकृति एवं योजना हेतु विभागीय दिशा-निर्देश लागू होगा।
9. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 10.10.2023 में मद सं0- 09 के रूप में (संचिका सं0-04/नि॰अधि॰(कैश-क्रेडिट) प्रबंधकीय अनुदान- 09/2022, पृ0 40/टि॰) स्वीकृति प्रदान की गयी है। 10. प्रत्येक जिले के लिए कुल वितरित राशि का जिलावार/समितिवार विस्तृत प्रतिवेदन कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना द्वारा नियमित रूप से मुख्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा। सावधिक रूप से व्यवहृत राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना द्वारा मुख्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा।
11. प्रबंधकीय अनुदान की राशि के समुचित वितरण एवं क्रियान्वयन की समीक्षा की जबाबदेही संबंधित प्रमंडलीय संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां की होगी, जो नियमित रूप से इसकी समीक्षा कर यथावांछित निदेश संसूचित करेंगे।
12. इस योजना के संबंध में विभागीय स्वीकृति पत्र एवं विभागीय दिशा-निर्देश लागू होगा। यह संकल्प तत्काल प्रभाव से राज्य में प्रभावी समझा जायेगा। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव।