(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 19 काित(cid:91)क 1945 (श0)
(सं0 पटना 952) पटना, शु(cid:272)वार, 10 नव(cid:224)बर 2023 बिहार विधान सभा सचिवालय ——— अधिसूचना 9 नवम्बर 2023
सं॰ वि॰स॰वि॰-11/2023-3400/वि॰स॰।—''बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2023'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक 9 नवम्बर 2023 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।
आदेष से, राज कुमार, सचिव।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 10 नव(cid:224)बर 2023 [विúसúविú-10/2023º भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- -
(1) यह अधिनियम बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2023 कहा जा सकेगा। (2) यह अधिनियम दिनांक 01 अक्टूबर 2023 से प्रभावी होगा।
- बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे इसमें इसके पश्चात् मूल
अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 में,- (क) खंड (80) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्ः-
'(80क) ''ऑनलाइन गेम खेलना'' से इंटरनेट या इलैक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर गेम की प्रस्थापना अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत ऑनलाइन धनीय गेम खेलना भी है :
(80ख) ''ऑनलाइन धनीय गेम खेलना'' से ऐसा ऑनलाईन गेम खेलना अभिप्रेत है, जिसमें खिलाड़ी किसी आयोजन में, जिसमें गेम, स्कीम, प्रतिस्पर्धा या कोई अन्य क्रियाकलाप या प्रक्रिया भी है, धन या धन के मूल्य, जिसके अंतर्गत आभासी डिजिटल आस्तियां भी है, को जीतने की प्रत्याशा में, धन या धन के मूल्य का संदाय या जमा करता है, जिसके अंतर्गत आभासी डिजिटल आस्तियां भी है, चाहे इसका परिणाम या निष्पादन कौशल, अवसर या दोनों पर आधारित हो या नहीं, तथा चाहे वह तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन अनुज्ञेय हो या नहीं ;'
(ख) खंड (102) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
'(102क) ''विनिर्दिष्ट अनुयोज्य दावे'' से,-
(i) दांव लगाने ; (ii) कैसिनो ; (iii) द्यूतक्रीडा ; (iv) घुड़दौड ; (v) लाटरी ; या (vi) ऑनलाइन धनीय गेम खेलना,
में अंतर्वलित या उनके माध्यम से अनुयोज्य दावा अभिप्रेत है।';
(ग) खंड (105) में, अंत में, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थातः-
''परंतु कोई व्यक्ति, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, विनिर्दिष्ट अनुयोज्य दावों की पूर्ति की व्यवस्था या ठहराव करता है, जिसके अंतर्गत वह व्यक्ति भी है, जो ऐसी पूर्ति के लिए डिजिटल या इलैक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म का स्वामी है या उसका प्रचालन या प्रबंधन करता है, ऐसे अनुयोज्य दावों का पूर्तिकार समझा जाएगा, चाहे ऐसे अनुयोज्य दावे, उसके द्वारा या उसके माध्यम से पूर्ति किए जाते हों और चाहे ऐेसे अनुयोज्य दावों की पूर्ति के लिए धन या धन के मूल्य, जिसके अंतर्गत आभासी डिजिटल आस्तियां भी है, में प्रतिफल, उसको या उसके माध्यम से संदत्त या सूचित किए जाते हैं या किसी भी रीति में उसको दिए जाते हैं, और इस विधेयक के सभी उपबंध विनिर्दिष्ट अनुयोज्य दावों के ऐसे पूर्तिकार को लागू होंगे, मानो वह ऐसे अनुयोज्य दावों की पूर्ति करने के संबंध में कर का संदाय करने के लिए दायी पूर्तिकार हो।'';
(घ) खंड (117) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
'(117 क) ''आभासी डिजिटल आस्ति'' का वही अर्थ होगा, जो आय-कर अधिनियम, 1961 की
धारा 2 के खंड (47क) में उसका है;'। - मूल अधिनियम की धारा 24 में,-
(क) खंड (xi) में, अंत में, ''और'' शब्द का लोप किया जाएगा; (ख) खंड (xi) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''(xi क) भारत से बाहर किसी स्थान से, भारत में किसी व्यक्ति को ऑनलाइन धनीय गेम खेलने की पूर्ति करने वाला प्रत्येक व्यक्ति; और''। - मूल अधिनियम की अनुसूची 3 के पैरा 6 में, ''लाटरी, दांव और द्यूत'' शब्दों
के स्थान पर, ''विनिर्दिष्ट अनुयोज्य दावों'' शब्द रखे जाएंगे।
- इस विधेयक के अधीन किए गए संषोधन, दांव लगाने, कैसिनो, द्यूतक्रीड़ा, घुड़दौड़, लाटरी या ऑनलाइन गेम खेलने को प्रतिषिद्ध, निर्बंधित या विनियमित करने का उपबंध करने वाली तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेंगे।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 10 नव(cid:224)बर 2023 (i) बिहार माल और सेवा कर (संषोधन) अध्यादेष, 2023 (बिहार अध्यादेष संख्या-01, 2023) इसके द्वारा निरसित किया जाता है।
(ii) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त अध्यादेष के द्वारा या के अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग के किया गया कोई कार्य या की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के द्वारा या के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया या की गई समझी जायेगी, मानों यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था, जिस दिन ऐसा कार्य किया गया था या ऐसी कार्रवाई की गई थी।
प्रस्तावित बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2023 में राज्य की संचित निधि से कोई आवर्ती या गैर-आवर्ती व्यय शामिल नहीं है। विधेयक के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है। दिनांक 01 जुलाई, 2017 से पूरे देश में माल और सेवा कर प्रणाली लागू है। तद्नुसार राज्य में भी बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 प्रख्यापित किया गया है।
जीएसटी परिषद् की 50वीं बैठक में कैसिनो और ऑनलाईन गेमिंग पर कर की दरों के संबंध में निर्णय लिया गया तो परिषद् की 51वीं बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ कि इन मामलों में आपूर्ति के किस मूल्य पर कर का निर्धारण होगा। इस हेतु परिषद् द्वारा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में कतिपय संशोधन करने की सिफारिश की गयी। उक्त अनुशंसाओं के आलोक में संसद द्वारा संशोधन अधिनियम पारित किया जा चुका है तथा भारत के राजपत्र में दिनांक 18 अगस्त, 2023 को यह प्रकाशित भी किया जा चुका है। चूंकि केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम तथा राज्य माल और सेवा कर अधिनियम एक दूसरे के प्रतिबिंब (Mirror Image) हैं। अतः केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम में किये गये किसी भी संशोधन के आलोक में बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन किया जाना वांछनीय है। प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से बिहार माल और सेवा कर अधिनियम की पारिभाषिक धारा 2, धारा 24 एवं अधिनियम के साथ संलग्न अनुसूची-III में संशोधन किया गया है। साथ ही, इस हेतु संक्रमणकालीन प्रावधान भी रखे गये हैं। बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन कराना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है, जिसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का मुख्य अभीष्ट है। ¼ ½ Hkkj&lk/kd lnL; A पटना दिनांक 09.11.2023
राज कुमार, सचिव, बिहार विधान सभा।
Bihar,
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,