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परिवहन विभाग
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अधिसूचना
23 नवम्बर 2023
सं॰ 03/योजना-02/2023/परि0 8803—राज्य में प्रखंडों एवं सुदूर पंचायत को जिला मुख्यालय से जोड़ने हेतु परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना" लागू की जाती है। 1. संक्षिप्त नाम, आरंभ एवं विस्तार।-
(i) योजना का नाम-"मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना" होगा। (ii) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (iii) यह तुरंत प्रवृत होगी।
2. इस योजना के तहत जिला मुख्यालय के प्रखंडों को छोड़कर शेष 496 प्रखंडों में इस योजना का लाभ दिया जाएगा। प्रति प्रखंड अधिकतम सात लाभुकों को बस के क्रय पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा एवं लाभुक को प्रति बस 5,00,000/- (पाँच लाख) रू0 अनुदान का भुगतान किया जाएगा। जिस प्रखंड में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 1000 से ज्यादा होगी उस प्रखंड में एक अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति के कोटि में भी योजना का लाभ दिया जाएगा। सात लाभुकों मेंः- (i) दो अनुसूचित जाति वर्ग से (ii) दो अत्यंत पिछड़ा वर्ग से (iii) एक पिछड़ा वर्ग से (iv) एक अल्पसंख्यक समुदाय से होंगे। अल्पसंख्यक समुदाय के आवेदक केवल इसी कोटि में आवेदन कर सकेंगे।
(v) एक लाभुक सामान्य वर्ग से होंगे, जो उपर्युक्त किसी कोटि में नहीं आते हों।
3. वाहन को पाँच वर्ष तक बिना अनुमंडल पदाधिकारी की लिखित स्वीकृति के बिना विक्रय नहीं किया जाएगा। बस पारिवारिक उत्तराधिकार के तहत हस्तांतरित हो सकेगा। यदि बस की खरीद किसी वित्तीय संस्थान से ऋण लेकर किया गया है तो अनुदान की राशि का उपयोग आवेदक द्वारा ऋण के भुगतान में ही किया जाएगा। ;बपकरू464द्ध ;द्ध 24 ;बपकरू224द्ध 2023 2 हेतु लाभुक को उस प्रखण्ड का निवासी होना चाहिए। सुयोग्य श्रेणी से एक से अधिक लाभुक संयुक्त रूप से भी आवेदन कर सकेंगे। 5. योजना के तहत आवेदन ऑनलाईन माध्यम से प्राप्त किया जाएगा, जिस हेतु लिंक परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। आवेदक को आवेदन के साथ निम्न कागजात उपलब्ध कराने होंगेः- (क) जाति प्रमाण-पत्र, (ख) आवासीय प्रमाण-पत्र, (ग) मैट्रिक योग्यता का प्रमाण-पत्र, (घ) आधार कार्ड, (ड़) चालन अनुज्ञप्ति। प्रत्येक ऑनलाईन आवेदन के लिए एक यूनिक नंबर system द्वारा generate किया जाएगा, जिसे आवेदक द्वारा पावती रसीद के रूप में भविष्य के पत्राचार हेतु रखा जाएगा।
6. योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को जिला परिवहन कार्यालय में डाउनलोड कर प्रखंडवार एवं कोटिवार वरीयता सूची का निर्माण किया जाएगा। वरीयता का आधार निम्न होगाः- (क) मैट्रिक की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अधिकतम अंक। (ख) समान अंक होने पर अधिक उम्रवाले को वरीयता दी जाएगी। (ग) तैयार वरीयता सूची के आधार पर लाभुक का चयन निम्न चयन समिति के द्वारा किया जाएगाः- (a) जिला पदाधिकारी-अध्यक्ष। (b) उप विकास आयुक्त-सदस्य। (c) जिला परिवहन पदाधिकारी-सदस्य सचिव।
(घ) रिक्ति एवं योग्यता के अनुसार प्रखंडवार लाभुक के चयन की स्वीकृति दी जाएगी। स्वीकृत लाभुक के अतिरिक्त अन्य आवेदनों की योग्यता के आधार पर घटते क्रम में एक प्रतीक्षा सूची बनायी जाएगी। स्वीकृत लाभुकों की सूची एवं प्रतीक्षा सूची को संबंधित जिला परिवहन कार्यालय में प्रकाशित करते हुए तीन दिनों की समय-सीमा में आपत्ति आमंत्रित की जाएगी। उपर्युक्त समिति द्वारा आपत्ति निराकरण के पश्चात् अंतिम चयन सूची प्रकाशित की जाएगी।
7. चयनित आवेदकों द्वारा स्वेच्छा से बस का क्रय किया जाएगा। वाहन क्रय के पश्चात् वाहन क्रय से संबंधित कागजात एवं अन्य वांछित कागजात के साथ लाभुक द्वारा अनुदान हेतु जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
8. आवश्यक जाँचोंपरांत जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा CFMS के माध्यम से लाभुक के खाते में राशि अंतरित की जाएगी।
9. योजना के अन्तर्गत राशि का प्रावधान परिवहन विभाग के योजना मद से किया जाएगा। इस हेतु परिवहन विभाग द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी को योजना मद में आंवटन उपलब्ध कराया जाएगा।
10. योजना के तहत क्रय वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर सक्षम प्राधिकार द्वारा परमिट निर्गत किया जाएगा। 11. योजना का अनुश्रवण राज्य स्तर पर विशेष सचिव/संयुक्त सचिव द्वारा एवं जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
12. विभाग इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में एक पारदर्शी मार्गदर्शिका निर्गत करेगा। योजना का संचालन वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक किया जाएगा। योजना की अवधि विस्तार की आवश्यकता की स्थिति में सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के पश्चात् ही अवधि विस्तार किया जा सकेगा। इस योजना के अन्तर्गत प्रखंडों को जिला मुख्यालय से जोड़ने हेतु मिनी बस को प्राथमिकता दी जाएगी।
13. अनुषंगी विषयों पर परिवहन विभाग अपने स्तर से निर्णय लेते हुए निदेश जारी कर सकेगा। विभिन्न मामलों में अनुदान भुगतान की प्रक्रिया (Process) के संबंध में विभाग स्तर से दिशा-निर्देश जारी किए जाएँगे। इस योजना की कंडिका के विवेचन हेतु परिवहन विभाग, बिहार सक्षम प्राधिकार होगा।