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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 06 December 2023

Published 06 December 2023

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2023-12-06.49
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 15 1945 (श0) सं(cid:201)या 49 पटना, बुधवार, ————————

6 2023 (ई0) विषय-सूची i`"B भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-65 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

---

भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 66-67 पूरक

---

पूरक-क 68-802 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

भाग-1

िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत

सूचनाएं। —————

ः--उच्च न्यायालय, श्री अभय सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, बिहारषरीफ एवं श्री सूरज प्रकाष, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, बिहारषरीफ को मलमास मेला के अवसर पर राजगीर में कैम्प कोर्ट करने के लिए क्रमषः दिनांक 28.07.2023 से 06.08.2023 एवं 07.08.2023 से 16.08.2023 तक के लिए प्रतिनियुक्त करता है।

इन्हें दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 260 के अन्तर्गत वर्णित वादों के संक्षिप्त विचारण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी को दी जाने वाली षक्तियॉ भी प्रदान की जाती है।

इन्हें मेला स्थल पर, जिसका निष्पादन करने के लिए प्राधिकृत किया गया है, संज्ञान लेने की षक्तियॉ भी प्रदान की जाती है। The 3rd August 2023

No. 363 A :--The High Court have been pleased to depute Sri Abhay Singh, Judicial Magistrate 1st Class, Biharsharif and Sri Suraj Prakash, Judicial Magistrate 1st Class, Biharsharif for holding Camp Court during the Malmas Mela at Rajgir for the periods from 28.07.2023 to 06.08.2023 and 07.08.2023 to 16.08.2023 respectively. They are also vested with the powers conferrable on a Judicial Magistrate of 1st Class to try summarily the cases, as are covered under Section 260 of the Code of Criminal Procedure, 1973. They are also conferred with the powers to take cognizance of such cases which they are authorized to try during the Mela spot.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देषित जजी एवं स्थान पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

पुनः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की षक्तियाँ प्रदान की जाती हैं।

1 अस्मा अदिती रेलवे दण्डाधिकारी, गया। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारषरीफ स) नालन्दा नालन्दा
3 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
2. श्री सोनू सौरभ न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुुंसिफ, छपरा। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी सीतामढ़ी

The 5th August 2023

No. 372 A :--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no.2 of the table given below are appointed as Judicial Magistrate in the Judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no.3 of the table.

Further in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officers named below, the powers of Judicial Magistrate 1st Class for the district noted against their names in column no.4 of the table.

Sl.No. Name of the Officer with designation and present place of posting (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be ordinarily stationed. (c) Name of the Judgeship in which posted. Name of the District
1 2 3 4
1. Ms. Asma Aditi Railway Magistrate, Gaya (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda Nalanda
2. Sri Sonu Sawrav J.M. 1st Class-cum-Addl. Munsif, Chapra (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi Sitamarhi

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर मुंसिफ एवं उच्च न्यायालय द्वारा दंडाधिकारी की आवश्यक शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-2013 (ऐक्ट XIV, 2014) द्वारा संबोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा 19 की उपधारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-4 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।

सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-4 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। स्तम्भ-4 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में अधिसूचित न हो जायें।4 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

1. षिव श्रुतिका न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा। अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) ब) सिमरी बख्तियारपुर स) सहरसा अ) सिमरी बख्तियारपुर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सिमरी बख्तियारपुर मुंसिफी की स्थानी सीमाओ के अंतर्गत ं 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ

The 5th August 2023

No. 373 A :--The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is transferred and posted as Munsif in the judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table.

As mentioned in column no. 4, the officer is also vested with the powers under Sub-section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Bihar Amendment Act, 2013 (Act 14 of 2014) to try under ordinary procedure original suits of Pecuniary and Territorial Jurisdiction.

As further mentioned in column no. 4, the officer is also vested with powers of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary Pecuniary and Territorial Jurisdiction.

The powers vested as per column no. 4, should not be exercised by the officer concerned unless it is published in the Bihar Gazette or in the District Gazette.

5 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
Sl. No. Name of the Officer with designation and present place of posting 1. Designation at the new station 2. Place where the officer is to be ordinarily stationed at. 3. Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Special Power with which the Officer is vested at the new station 1. Under the Bengal, Agra and Assam Civil Court Acts (under ordinary procedure). 2. Under the provincial small causes Courts Act, 1987.
1 2 3 4
1 Ms. Shiv Shrutika, J.M. 1st Class, Saharsa (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Simri Bakhtiyarpur at Saharsa (c) Saharsa a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Simari Bakhtiyarpur Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Simari Bakhtiyarpur Munsifi.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों, असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को उसी तालिका स्तम्भ-3 में क्रमषः उनके नाम के सामने निर्देषित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। पुनः दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा-11 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्नलिखित न्यायिक दंडाधिकारियों असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को निम्न तालिका के स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की षक्तियाँ प्रदान की जाती हैं, और

पुनः उसी दण्ड प्रक्रिया की धारा 12 की उपधारा (3) (अ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन पदाधिकारियों को इसी तालिका के स्तंभ-5 में उनके नाम के सामने उल्लिखित अनुमंडल के लिए अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी भी पदांकित किया जाता है।

1. श्री जय प्रकाष किस्कू न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, समस्तीपुर। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर समस्तीपुर रोसड़ा
2. श्री अखिलेष कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बेगूसराय। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बेगूसराय स) बेगूसराय बेगूसराय बेगूसराय
6 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
3. श्री नरेष महतो न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, दरभंगा। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिरौल स) दरभंगा दरभंगा बिरौल
4. श्री दिवाकर कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी- सह-अपर मुंसिफ, जमुई। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) आरा स) भोजपुर भोजपुर आरा
5. श्री प्रमोद कुमार षर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, छपरा। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) छपरा स) सारण सारण छपरा
6. नेहा सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, कटिहार। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) कटिहार स) कटिहार कटिहार कटिहार
7. बबिता सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीवान स) सीवान सीवान सीवान
8. श्री गुरूदत्त षिरोमणी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मधुबनी। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सुपौल स) सुपौल सुपौल सुपौल
9. श्री महेष्वर नाथ पाण्डेय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, भागलपुर। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) भागलपुर स) भागलपुर भागलपुर भागलपुर
10. श्री आलोक रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पष्चिमी चम्पारण पष्चिमी चम्पारण बगहा
11. श्री अनूप कुमार उपाध्याय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुंगेर। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुंगेर स) मुंगेर मुंगेर मुंगेर
12. पल्लवी आनंद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, पूर्णियाँ। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पूर्णियाँ स) पूर्णियाँ पूर्णियाँ पूर्णियाँ
13. श्री अवनिंद्रा प्रकाष न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सीतामढ़ी। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सीतामढ़ी स) सीतामढ़ी सीतामढ़ी सीतामढ़ी
14. श्री अखिलेष प्रताप सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सीतामढ़ी। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दलसिंहसराय स) समस्तीपुर समस्तीपुर दलसिंहसराय
15. श्री योगेन्द्र कुमार षुक्ला न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, उदा-किषुनगंज (मधेपुरा)। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हिलसा स) नालन्दा नालन्दा हिलसा
16. श्री चंदन कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बांका। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) नौगछिया स) भागलपुर भागलपुर नौगछिया
17. श्री गौतम कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) खगड़िया स) खगड़िया खगड़िया खगड़िया
18. प्रियंका कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) दानापुर स) पटना पटना दानापुर
19. तान्या पटेल न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर (पूर्वी)। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) स) मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर (पूर्वी)
7 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
20. श्री अविनाष कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बाढ़ (पटना)। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मसौढ़ी स) पटना पटना मसौढ़ी
21. अदिती कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) जहानाबाद स) जहानाबाद जहानाबाद जहानाबाद
22. कुमारी विजया षांति न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बांका। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बांका स) बांका बांका बांका
23. ज्योति चंदन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मोतिहारी। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) सिकरहना स) पूर्वी चम्पारण पूर्वी चम्पारण सिकरहना
24. पूजा कुमारी षाह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गया। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया गया गया
25. श्री षंभू कुमार गुप्ता न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोहनिया स) कैमूर कैमूर मोहनिया
26. रूपा राज न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर (पष्चिमी)। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैषाली वैषाली हाजीपुर
27. अपूर्वा नायक न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, किषनगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) अररिया स) अररिया अररिया अररिया
28. श्री संदीप कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर (पूर्वी)। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मुजफ्फरपुर (पष्चिमी) स) मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर (पष्चिमी)
29. अंजली नाग न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, बिक्रमगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) षेरघाटी स) गया गया षेरघाटी
30. श्री राजू कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, दरभंगा। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) लखीसराय स) लखीसराय लखीसराय लखीसराय
31. स्वाति सुरेन्द्र न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मधुबनी। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधुबनी स) मधुबनी मधुबनी मधुबनी

The 5th August 2023

No. 374 A :--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are hereby appointed as Judicial Magistrate in the Judgeships to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table.

Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officers named below, the powers of a Judicial Magistrate 1st Class for the District noted against their names in column no. 4 of the table, and

In exercise of the powers conferred under Sub Section (3) (a) of Section 12 of the said Criminal Procedure Code, the Officers are designated as the Sub-Divisional Judicial Magistrate for the Sub-Division noted against their names in column no. 5 of the said table.

8 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
Sl. No. Name of the Officer, designation and place of present posting (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Name of the District Name of the Sub- Division
1. 2. 3. 4. 5.
1. Sri Jai Prakash Kisku J.M. 1st Class-cum-Addl. Munsif, Samastipur (a) Judicial Magistrate (b) Rosera (c) Samastipur Samastipur Rosera
2. Sri Akhilesh Kumar J.M. 1st Class, Begusarai (a) Judicial Magistrate (b) Begusarai (c) Begusarai Begusarai Begusarai
3. Sri Naresh Mahto J.M. 1st Class-cum-Addl. Munsif, Darbhanga (a) Judicial Magistrate (b) Biraul (c) Darbhanga Darbhanga Biraul
4. Sri Diwakar Kumar J.M. 1st Class-cum-Addl. Munsif, Jamui (a) Judicial Magistrate (b) Ara (c) Bhojpur Bhojpur Ara
5. Sri Pramod Kumar Sharma J.M. 1st Class, Chapra (a) Judicial Magistrate (b) Chapra (c) Saran Saran Chapra
6. Ms. Neha Singh J.M. 1st Class, Katihar (a) Judicial Magistrate (b) Katihar (c) Katihar Katihar Katihar
7. Ms. Babita Singh J.M. 1st Class, Gopalganj (a) Judicial Magistrate (b) Siwan (c) Siwan Siwan Siwan
8. Sri Gurudatt Shiromani J.M. 1st Class, Madhubani (a) Judicial Magistrate (b) Supaul (c) Supaul Supaul Supaul
9. Sri Maheshwar Nath Pandey J.M. 1st Class, Bhagalpur (a) Judicial Magistrate (b) Bhagalpur (c) Bhagalpur Bhagalpur Bhagalpur
9 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
10. Sri Alok Ranjan J.M. 1st Class, Gopalganj (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran West Champaran Bagaha
11. Sri Anoop Kumar Upadhyay J.M. 1st Class, Munger (a) Judicial Magistrate (b) Munger (c) Munger Munger Munger
12. Ms. Pallavi Anand J.M. 1st Class, Purnea (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea Purnea Purnea
13. Sri Awanindra Prakash J.M. 1st Class, Sitamarhi (a) Judicial Magistrate (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi Sitamarhi Sitamarhi
14. Sri Akhilesh Pratap Singh J.M. 1st Class, Sitamarhi (a) Judicial Magistrate (b) Dalsingsarai (c) Samastipur Samastipur Dalsingsarai
15. Sri Yogendra Kumar Shukla J.M. 1st Class, Uda-Kishunganj (Madhepura) (a) Judicial Magistrate (b) Hilsa (c) Nalanda Nalanda Hilsa
16. Sri Chandan Kumar J.M. 1st Class, Banka (a) Judicial Magistrate (b) Naugachia (c) Bhagalpur Bhagalpur Naugachia
17. Sri Gautam Kumar J.M. 1st Class, Saharsa (a) Judicial Magistrate (b) Khagaria (c) Khagaria Khagaria Khagaria
18. Ms. Priyanka Kumari J.M. 1st Class, Gopalganj (a) Judicial Magistrate (b) Danapur (c) Patna Patna Danapur
19. Ms. Tanya Patel J.M. 1st Class, Muzaffarpur (East) (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (East) (c) Muzaffarpur Muzaffarpur Muzaffarpur (East)
20. Sri Awinash Kumar J.M. 1st Class, Barh (Patna) (a) Judicial Magistrate (b) Masaurhi (c) Patna Patna Masaurhi
21. Ms. Aditi Kumari J.M. 1st Class, Saharsa (a) Judicial Magistrate (b) Jehanabad (c) Jehanabad Jehanabad Jehanabad
10 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
22. Ms. Kumari Vijaya Shanti J.M. 1st Class, Banka (a) Judicial Magistrate (b) Banka (c) Banka Banka Banka
23. Ms. Jyoti Chandan J.M. 1st Class, Motihari (a) Judicial Magistrate (b) Sikrahana (c) East Champaran East Champaran Sikrahana
24. Ms. Puja Kumari Shah J.M. 1st Class, Gaya (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya Gaya Gaya
25. Sri Shambhu Kumar Gupta J.M. 1st Class, Gopalganj (a) Judicial Magistrate (b) Mohania (c) Kaimur Kaimur Mohania
26. Ms. Rupa Raj J.M. 1st Class, Muzaffarpur (West) (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali Vaishali Hajipur
27. Ms. Apurva Nayak J.M. 1st Class, Kishanganj (a) Judicial Magistrate (b) Araria (c) Araria Araria Araria
28. Sri Sandeep Kumar Singh J.M. 1st Class, Muzaffarpur (E) (a) Judicial Magistrate (b) Muzaffarpur (West) (c) Muzaffarpur Muzaffarpur Muzaffarpur (West)
29. Ms. Anjali Nag J.M. 1st Class, Bikramganj (a) Judicial Magistrate (b) Sheghati (c) Gaya Gaya Sheghati
30. Sri Raju Kumar J.M. 1st Class, Darbhanga (a) Judicial Magistrate (b) Lakhisarai (c) Lakhisarai Lakhisarai Lakhisarai
31. Ms. Swati Surendra J.M. 1st Class, Madhubani (a) Judicial Magistrate (b) Madhubani (c) Madhubani Madhubani Madhubani

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) को भारतीय रेलवे अधिनियमों के अंतर्गत, उन वादों को जिन्हें वे दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम-2ए 1974) के अंतर्गत क्षमतापूर्वक निष्पादित कर सकते हैं, के निष्पादन हेतु तालिका स्तम्भ-4 में निहित रेलवे न्यायालय में न्यायिक दंडाधिकारी (रेलवे) नियुक्त किया जाता है।

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय, निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में निहित न्यायिक दंडाधिकारी को उनके अपने क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की षक्तियाँ प्रदान करता है।

उन्हें उक्त संहिता की धारा 260 के अंतर्गत भारतीय रेलवे अधिनियम में वर्णित वादों के संक्षिप्त विचारण के लिये प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की षक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।

उन्हें अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ऐसे वादों में जिनका निष्पादन करने के लिए उन्हें प्राधिकृत किया गया है, संज्ञान लेने की षक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।11 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

1. श्री विकास कुमार सिंह न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, कटिहार। कोषी, दरभंगा, तिरहुत और भागलपुर प्रमंडल कटिहार
2. जिनत मंजूर न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, मोतिहारी। पूर्वी और पष्चिम चम्पारण जिला। नरकटियागंज
3. रिंकी कुमारी न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, झंझारपुर। भागलपुर प्रमंडल भागलपुर
4. श्री काजीव कुमार न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, दरभंगा। कोषी, दरभंगा, तिरहुत प्रमंडल और भागलपुर प्रमंडल के गंगा नदी के उतरी भाग का हिस्सा। खगड़िया
5. लीला न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, मोतिहारी। कोषी, दरभंगा, तिरहुत प्रमंडल और भागलपुर प्रमंडल के गंगा नदी के उत्तरी भाग का क्षेत्र और पटना प्रमंडल। बरौनी
6. श्री सुषांत सागर न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, बेनीपट्‌टी (मधुबनी)। पटना और मगध प्रमंडल गया
7. श्री कुंदन कुमार गुप्ता न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, बेगूसराय। पटना, मगध एवं भागलपुर प्रमंडल किउल
8. श्री चन्द्र भूषण भारती न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, समस्तीपुर। कोषी, दरभंगा, तिरहुत प्रमंडल और भागलपुर प्रमंडल के गंगा नदी के उत्तरी भाग का क्षेत्र। समस्तीपुर

The 5th August 2023

No. 375 A :--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are appointed as Judicial Magistrate, Railway to try cases under the Indian Railways Act at the Railway Court mentioned in column no. 4 within the territorial Jurisdiction mentioned against their names in column no. 3 of the table, which they are competent to try under the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974). In exercise of Powers conferred under Sub Section 3 of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973, the High Court are pleased to confer upon the Judicial Officers named below the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the territorial Jurisdictions mentioned against their names in column no. 3 of the table. They are also vested with the powers conferrable on a Judicial Magistrate of the 1st Class to try summarily the cases under the Indian Railways Act, as are covered under Section 260 of the Code of Criminal Procedure, 1973. They are also conferred with the powers to take cognizance of such case as they are authorized to try within their territorial Jurisdiction.

12 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
Sl. No. Name of the Officers, designation and place of posting. Jurisdiction for which power is being vested Name of the station to be posted as in the court of Railway
1. 2. 3. 4.
1. Sri Vikash Kumar Singh J.M. 1st Class, Katihar Kosi, Darbhanga, Tirhut and Bhagalpur Division. Katihar
2. Ms. Zeenat Manzoor J.M. 1st Class, Motihari East and West Champaran Districts. Narkatiyaganj
3. Ms. Rinki Kumari J.M. 1st Class, Jhanjharpur Bhagalpur Division. Bhagalpur
4. Sri Kajeev Kumar J.M. 1st Class, Darbhanga Kosi, Darbhanga, Tirhut Division and part of Bhagalpur north of Gangas. Khagaria
5. Ms. Leela J.M. 1st Class, Motihari Koshi, Darbhanga, Tirhut Division, part of Bhagalpur Division lying north of Gangas and Patna Division. Barauni
6. Sri Sushant Sagar J.M. 1st Class, Benipatti (Madhubani) Patna and Magadh Division. Gaya
7. Sri Kundan Kumar Gupta J.M. 1st Class, Begusarai Patna, Magadh and Bhagalpur Division. Kiul
8. Sri Chandra Bhushan Bharti J.M. 1st Class, Samastipur Kosi, Darbhanga, Tirhut Divisions and part of Bhagalpur Division lying north of the Gangas. Samastipur

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--उच्च न्यायालय निम्न तालिका के स्तंभ-II में उल्लिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष स्तंभ- III में उल्लिखित क्षेत्राधिकार के लिए विधि विभाग के ज्ञाप सं0- 1806/जे. दिनांक 13.04.1992 तथा 1604/जे.

दिनांक 21.04.1999 में उल्लिखित अधिनियमों के अधीन वादों के निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपुर्द करने के लिए आवष्यक षक्तियाँ प्रदान की जाती है।

इन्हें अपने-अपने क्षेत्राधिकारों के अंतर्गत वादों में जिसका निष्पादन करने के लिए इन्हें प्राधिकृत किया गया है, संज्ञान लेने की षक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।

इन्हें विधि विभाग के उपरोक्त ज्ञाप सं0 में उल्लिखित आर्थिक अपराधों से संबंधित मुकदमों के निष्पादन हेतु स्थापित विषेष न्यायालयों, जिसका क्षेत्राधिकार स्तंभ- III में उल्लिखित है, और जिसका मुख्यालय स्तंभ- IV, में उल्लिखित है, के पीठासीन पदाधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए भी नियुक्त किया जाता है।13 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

I II III IV
1. श्री अमित आनंद, अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, पटना पटना, नालंदा, रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, भागलपुर, बांका, मु गेर, जमुई एवं ं खगड़िया पटना
2. श्री महेन्द्र प्रसाद यादव, अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैषाली, पूर्वी चम्पारण, पष्चिमी चम्पारण, सारण, सिवान, गोपालगंज, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी एवं बेगुसराय। मुजफ्फरपुर
3. सुश्री राधा कुमारी, अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, पूर्णिया पूर्णिया, अररिया, किषनगंज, कटिहार, सहरसा, सुपौल एवं मधेपुरा पूर्णिया

The 5th August 2023

No. 389 A :--The High Court have been pleased to confer upon the officers named in column no. II of the table given below, the powers for trial or to commit for trial of cases with respect to offences under the acts as mentioned in law Department memo Nos. 1806/J. Dated 13.04.1992 and 1604/J. Dated 21.04.1999 for the territorial Jurisdiction mentioned against their names in column No. III of the given table. The Court are further pleased to confer upon the officers named in column no. II, powers to take cognizance of such cases, as they have been authorized to try. These officers are also appointed to act as Presiding Officer of Special Court established with headquarters as mentioned in column no. IV of the table, having Jurisdiction as mentioned in column no. III, for trial of cases relating to Economic Offences under the Acts mentioned in the Law Department's aforesaid memos.

Sl. No. Name of the Officers with designation and place of posting Territorial Jurisdiction Headquarter of the Court
I II III IV
1. Sri Amit Anand, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Patna Patna, Nalanda, Rohtas, Bhabhua, Bhojpur, Buxar, Gaya, Jehanabad, Aurangabad, Nawadah, Bhagalpur, Banka, Munger, Jamui and Khagaria Patna
2. Sri Mahendra Prasad Yadav, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Muzaffarpur (E) Muzaffarpur, Sitamarhi, Vaishali, East Champaran, West Champaran, Saran, Siwan, Gopalganj, Darbhanga, Samastipur, Madhubani and Begusarai Muzaffarpur
14 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
3. Ms. Radha Kumari, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Purnea Purnea, Araria, Kishanganj, Katihar, Saharsa, Supaul and Madhepura Purnea

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्रीमति तनवीर कौर, अवर न्यायाधीष-सह-सहायक मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बेगुसराय की सेवाये प्रषासनिक पदाधिकारी, बिहार ज्यूडिसियल एकाडमी, गायघाट, पटना के पद पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है, जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि तीन वर्षों की होगी । The 18th August 2023 No. 430 A :--On being relieved of her present assignment, the services of Smt. Tanveer Kaur, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Begusarai are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna on her appointment as Administrative Officer, Bihar Judicial Academy, Patna on deputation basis for a maximum period of three years.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--श्री बसंत कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, षेखपुरा को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, समस्तीपुर के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है। The 19th August 2023

No. 441 A :--Sri Basant Kumar, Additional District and Sessions Judge, Sheikhpura is transferred and posted as Additional District and Sessions Judge, Samastipur.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--श्री सदन लाल प्रियदर्षी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बेगुसराय को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटनासिटी के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है। The 19th August 2023

No. 451 A :--Sri Sadan Lal Priyadarshi, Additional District and Sessions Judge- cum-Secretary, District Legal Services Authority, Begusarai is transferred and posted as Additional District and Sessions Judge, Patna-city.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

15 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

ः--माननीय मुख्य न्यायाधीष के आदेषानुसार, श्री नर्वदेष्वर पाण्डेय, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गोपालगंज को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से, श्री रणवीर सिंह के स्थान पर, सदस्य सचिव, बिहार स्टेट कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम कमेटी, पटना उच्च न्यायालय, पटना नियुक्त किया जाता है। The 19th August 2023

No. 452 A :--Hon'ble Court have been pleased to appoint Sri Narvadeshwar Pandey, Secretary, DLSA, Gopalganj as Member Secretary, Bihar State Court Management System Committee, Patna High Court, Patna with effect from the date he assumes charge of his office vice Sri Ranvir Singh since transferred.

By Order of the Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में साधारणतः निर्देषित जजी एवं स्थान पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है। पुनः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की षक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।

उसी दण्ड प्रक्रिया की धारा 12 की उपधारा (3) (अ) के अंतर्गत प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए इन पदाधिकारियों को इसी तालिका के स्तंभ-5 में उनके नाम के सामने उल्लिखित अनुमंडल के लिए अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी भी पदांकित किया जाता है।

1. श्री आलोक रंजन न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज। अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मोहनिया स) कैमूर कैमूर मोहनिया
2. श्री षम्भु कुमार गुप्ता न्यायिक दण्डाधिकारी प ्रथम श्रेणी, गोपालगंज। ( ) अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बगहा स) पष्चिमी चम्पारण पष्चिमी चम्पारण बगहा

न्यायालय के अधिसूचना सं0 374नि0 दिनांक 05.08.2023 जो ज्ञाप सं0 51823-51882 दिनांक 05.08.2023 के तहत निर्गत किया गया है, के द्वारा श्री आलोक रंजन, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज को अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, बगहा एवं श्री शंभू कुमार गुप्ता, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, गोपालगंज को अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, मोहनिया के रूप में स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया गया है को एतद्‌ द्वारा वापस लिया जाता है।

The 28th August 2023

No. 481 A:--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are hereby appointed as Judicial Magistrate in the Judgeships to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table.

16

(cid:464)बहार गजट, 6 2023 Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officers named below, the powers of a Judicial Magistrate 1st Class for the District noted against their names in column no.4 of the table, and

Sl. No. Name of the Officers, designation and place of present posting. (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be stationed at ordinarily. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Name of the District Name of the Sub- Division
1. 2. 3. 4. 5.
1. Sri Alok Ranjan J.M. 1st Class, Gopalganj (a) Judicial Magistrate (b) Mohania (c) Kaimur Kaimur Mohania
2. Sri Shambhu Kumar Gupta J.M. 1st Class, Gopalganj (Under orders of transfer and posting as S.D.J.M., Mohania.) (a) Judicial Magistrate (b) Bagaha (c) West Champaran West Champaran Bagaha

In exercise of the powers conferred under Sub Section (3) (a) of Section 12 of the said Criminal Procedure Code, the Officers are designated as the Sub-Divisional Judicial Magistrate for the Sub-Division noted against their names in column no.5 of the said table. Sl. No.

The transfer and posting of Sri Alok Ranjan, J.M. 1st Class, Gopalganj as Sub Divisional Judicial Magistrate, Bagaha and Sri Shambhu Kumar Gupta, J.M. 1st Class, Gopalganj as Sub Divisional Judicial Magistrate, Mohania notified vide Court's notification no. 374A dated 05.08.2023 issued vide Memo. No. 51823- 51882 dated 05.08.2023 is hereby recalled.

By Order of the Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--बिहार सरकार के सामान्य प्रषासन विभाग की अधिसूचना संख्या- 7/स्था0-05-02/2022 सा0प्र0 15459 दिनांक 11.08.2023 द्वारा परीक्ष्यमान रूप से असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) के रूप में निम्न तालिका के स्तम्भ II में उल्लिखित व्यक्ति को तालिका के स्तम्भ III में उल्लिखित स्थान एवं न्यायमंडल में अस्थायी असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) के रूप में पदस्थापित किया जाता है।

1. अंकिता आरा, भोजपुर
17 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

The 15th September 2023

No. 536 A:--The persons named in column no. 2 of the table given below who has been appointed on probation as Civil Judge (Junior Division) under notification no. 7/Stha-05-02/2022 Sa. Pra. 15459 dated 11.08.2023 of the Department of General Administration, Government of Bihar, Patna is posted as temporary Civil Judge (Junior Division) at the station mentioned in column no. 3 of the table against her name.

Sl. No. Name of the Officer Place of posting
1. 2. 3.
1. Ms. Ankia Bhojpur at Ara

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर मुंसिफ एवं उच्च न्यायालय द्वारा दंडाधिकारी की आवश्यक शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है। पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-2013 (ऐक्ट XIV, 2014) द्वारा संबोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा 19 की उपधारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-4 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है। सम्बन्धित पदाधिकारियों को उसी स्तम्भ-4 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। स्तम्भ-4 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में अधिसूचित न हो जायें।

1. श्री प्रदूमन कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, बांका। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) बांका (स) बांका अ) बांका मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) बांका मु सिफी की स्थानीय सीमाओ ं ं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
2. श्री ब्रज किषोर चौधरी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुंगेर। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) मुंगेर (स) मुंगेर अ) मुंगेर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओ ं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) मु गेर मुंसिफी की स्थानीय सीमाओ ं ं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
3. श्री गौरव, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, गया। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) गया (स) गया अ) गया मुंसिफी की स्थानीय सीमाओ ं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) गया मुंसिफी की स्थानीय सीमाओ ं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
18 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
4. श्री प्रभात कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, सीतामढ़ी। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) सीतामढ़ी (स) सीतामढ़ी अ) सीतामढ़ी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सीतामढ़ी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
5. कोमल सांडिल्य, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, सीवान। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) सीवान (स) सीवान अ) सीवान मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सीवान मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
6. पियुष पायल न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, गोपालगंज। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) गोपालगंज (स) गोपालगंज अ) गोपालगंज मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) गोपालगंज मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
7. महविष फातमा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, बेतिया। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) बेतिया (स) पष्चिमी चम्पारण अ) बेतिया मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) ब तिया े मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
8. कुमारी अनुष्का चतुर्वेदी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, मधुबनी। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) मधुबनी (स) मधुबनी अ) मधुबनी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) मधुबनी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
9. हिमषिखा मिश्रा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, सासाराम। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) सासाराम (स) रोहतास अ) सासाराम मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) सासाराम मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
10. श्री मो0 षारिक हैदर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, खगड़िया। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) गोगरी (स) खगड़िया अ) गोगरी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) गोगरी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
11. प्रियांषु शर्मा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, छपरा। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) छपरा (स) सारण अ) छपरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) छपरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ
19 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

The 4th October 2023 No. 569 A :--The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Munsif in the judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table.

As mentioned in column no. 4, the officers are also vested with the powers under Sub-section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Bihar Amendment Act, 2013 (Act 14 of 2014) to try under ordinary procedure original suits of Pecuniary and Territorial Jurisdiction.

As further mentioned in column no. 4, the officers are also vested with powers of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary Pecuniary and Territorial Jurisdiction.

The powers vested as per column no. 4, should not be exercised by the officers

Sl. N o . Name of the Officers with designation and present place of posting 1. Designation at the new station 2. Place where the officer is to be ordinarily stationed at. 3. Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Special Power with which the Officer is vested at the new station 1. Under the Bengal, Agra and Assam Civil Court Acts (under ordinary procedure). 2. Under the provincial small causes Courts Act, 1887.
1 2 3 4
1. Sri Praduman Kumar, J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Banka (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Banka (c) Banka a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Banka Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Banka Munsifi.
2. Sri Braj Kishore Choudhary, J.M. 1st Class, Munger (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Munger (c) Munger a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Munger Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Munger Munsifi.
3. Sri Gaurav, J.M. 1st Class-cum- Addl. Munsif, Gaya (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Gaya (c) Gaya a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Gaya Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Gaya Munsifi.
20 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
4. Sri Prabhat Kumar, J.M. 1st Class-cum- A.M., Sitamarhi (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Sitamarhi (c) Sitamarhi a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Sitamarhi Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Sitamarhi Munsifi.
5. Ms. Komal Shandilya, J.M. 1st Class-cum- A.M., Siwan (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Siwan (c) Siwan a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Siwan Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Siwan Munsifi.
6. Ms. Peeyush Payal, J.M. 1st Class-cum- A.M., Gopalganj (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Gopalganj (c) Gopalganj a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Gopalganj Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Gopalganj Munsifi.
7. Ms. Mahvish Fatma, J.M. 1st Class-cum- A.M., Bettiah (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Bettiah (c) West Champaran a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Bettiah Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Bettiah Munsifi.
8. Ms. Kumari Anushka Chaturvedi, J.M. 1st Class-cum- A.M., Madhubani (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Madhubani (c) Madhubani a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Madhubani Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Madhubani Munsifi.
9. Ms. Himshikha Mishra, J.M. 1st Class-cum- A.M., Sasaram (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Sasaram (c) Rohtas a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Sasaram Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Sasaram Munsifi.
10. Sri Md. Sharique Haider, J.M. 1st Class-cum- A.M., Khagaria (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Gogari (c) Khagaria a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Gogari Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Gogari Munsifi.
21 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
11. Ms. Priyanshu Sharma, J.M. 1st Class-cum- A.M., Chapra (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Chapra (c) Saran a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Chapra Munsifi. b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Chapra Munsifi.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी असैनिक न्यायाधीष (कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देषित जजी एवं स्थान पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

पुनः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) को स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की षक्तियाँ प्रदान की जाती हैं।

1 श्री सुषील प्रसाद सिंह, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा। (अ) न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) औरंगाबाद (स) औरंगाबाद औरंगाबाद

The 16th October 2023

No. 597A :--The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is appointed as Judicial Magistrate in the Judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in column no. 3 of the table.

Further in exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officer named below, the powers of Judicial Magistrate 1st Class for the district noted against his name in column no. 4 of the table.

22 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
Sl. No. Name of the Officer with designation and present place of posting a) Designation at the new station b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at. c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Name of the District
1 2 3 4
1. Sri Sushil Prasad Singh, Judicial Magistrate 1st Class, Saharsa (a) Judicial Magistrate (b) Aurangabad (c) Aurangabad Aurangabad

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर मुंसिफ एवं उच्च न्यायालय द्वारा दंडाधिकारी की आवश्यक शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है। पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-2013 (ऐक्ट XIV, 2014) द्वारा संबोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा 19 की उपधारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-4 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है। सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-4 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। स्तम्भ-4 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में अधिसूचित न हो जायें।

1. श्री षिव कुमार सिंटू, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, अररिया। (अ) मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीष, कनीय कोटि) (ब) फारबीसगंज (स) अररिया अ) फारबीसगंज मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 150000 रूपये तक ब) फारबीसगंज मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ

The 18th October 2023

No. 599A :--The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is transferred and posted as Munsif in23 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 the judgeship to be stationed ordinarily at the place mentioned in the column no. 3 of the table.

As mentioned in column no. 4, the officer is also vested with the powers under Sub-Section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Bihar Amendment Act, 2013 (Act 14 of 2014) to try under ordinary procedure original suits of Pecuniary and Territorial Jurisdiction.

As further mentioned in column no. 4, the officer is also vested with powers of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary Pecuniary and Territorial Jurisdiction.

The powers vested as per column no. 4, should not be exercised by the officer

Sl. No. Name of the Officer with designation and present place of posting 1. Designation at the new station 2. Place where the officer is to be ordinarily stationed at. 3. Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Special Power with which the Officer is vested at the new station 1. Under the Bengal, Agra and Assam Civil Court Acts (under ordinary procedure). 2. Under the provincial small causes Courts Act,1887.
1 2 3 4
1 Sri Shiv Kumar Sintu, J.M. I-cum-A.M., Araria (a) Munsif (Civil Judge, Jr. Div.) (b) Forbesganj (c) Araria (a) Rs.1,50,000/- within the local limits of Forbesganj Munsifi. (b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Forbesganj Munsifi.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर सुश्री अंजु सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना की सेवायें संयुक्त सचिव (विधि), निगरानी विभाग, बिहार सरकार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रषासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है, जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्षों की होगी।24 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 The 13th October 2023 No. 593A :--On being relieved of her present assignment the services of Ms. Anju Singh, Additional District and Sessions Judge, Patna are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna for her appointment as Joint Secretary (Law), Vigilance Department, Government of Bihar, Patna on deputation basis for a maximum period of three years.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--अपने वर्त्तमान कर्त्तव्यों से विरमित होने पर सुश्री विभा द्विवेदी, सब जज-सह-ए.सी.जे.एम., बेतिया, पष्चिमी चम्पारण की सेवायें निबंधक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु अधिकतम तीन वर्षों के लिए बिहार सरकार के सामान्य प्रषासन विभाग, पटना के अन्तर्गत सौंपी जाती है। The 13th October 2023 No. 594 A :--On being relieved of her present assignment, the services of Ms. Vibha Dwivedi, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bettiah, West Champaran are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna for her appointment as Registrar, Bihar State Legal Services Authority, Patna, on deputation basis, for a maximum period of three years.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--सभी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी जो इस रूप में कम-से-कम तीन साल की सेवा पूरी कर चुके है और जो व्यवहार न्यायालय में आगामी दुर्गापूजा अवकाष में कार्यरत रहेगें उन्हें उस अवधि के लिए इसके द्वारा आवष्यक वस्तु (संषोधित) अधिनियम, 1964 (47, 1964) द्वारा यथा संषोधित आवष्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत उनके अपने-अपने जिलों/अनुमंडलों में उक्त अधिनियम की धारा-3 के अधीन बने किसी ऐसे आदेष जिसे राजपत्र अधिसूचित आदेष द्वारा उस संबंध में उल्लेखित है, के उल्लंघन के संबंध में हुए अपराधों के विषय में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 260(1) (सी) के अधीन संक्षिप्त विचारण करने की षक्तियाँ अस्थायी रूप से प्रदान की जाती है। The 13th October 2023 No. 595 A :--All the Chief Judicial Magistrate, Additional Chief Judicial Magistrate and Judicial Magistrate, 1st Class who have completed at least three years of service as such and who are detained during ensuing Civil Court's Durga Puja Vacation are hereby vested temporarily, for this period only, with the power u/s 260(1)(c) of the code of Criminal Procedure 1973 (Act 2 of 1974) for the summary trial of offenses arising generally within their respective Districts/Sub-Divisions relating to the contravention of any order made under sections 3 of the Essential Commodities Act as amended by Essential Commodities (Amendment) Act 1964 (no. 47 of 1964) and duly notified in the official Gazette as laid down in section 12A of the Essential Commodities Act 1955.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

25 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीष (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देषित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे, अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जाता है। पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित असैनिक न्यायाधीष (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की षक्तियां प्रदान किया जाता है, बषर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो।

1. 2. 3.
1. श्री संदीप पटेल अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा (भोजपुर) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) षिवहर (स) षिवहर
2. श्री कुमार पंकज अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, खगड़िया (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मुंगेर (स) मुंगेर

The 13th October 2023 No. 596 A :--The Judicial officers of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M. in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table.

Further, in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Officers named below who have been transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M., the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.

Sl. No. Name of the officer, designation and present place of posting (with Judgeship) (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which transferred
1 2 3
3. Sri Sandip Patel Sub Judge-cum-A.C.J.M., Ara (Bhojpur) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sheohar c) Sheohar
4. Sri Kumar Pankaj Sub Judge-cum-A.C.J.M., Khagaria a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Munger c) Munger

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

26 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीष (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारी को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देषित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगी अवर न्यायाधीष के रूप में पदस्थापित किया जाता है।

1 2 3
1. श्रीमति रितु कुमारी अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया (अ) अवर न्यायाधीष (ब) फारबिसगंज (स) अररिया

The 19th October 2023 No. 605A :--The Judicial officer of the cadre of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below is transferred and posted as Sub Judge in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table. Sl. No.

Sl. No. Name of the officer, designation and present place of posting with Judgeship (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which transferred
1 2 3
5. Ms. Ritu Kumari Sub Judge-cum-A.C.J.M., Araria. a) Sub Judge b) Forbesganj c) Araria

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष संवर्ग पदाधिकारी को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देषित जजी एवं स्थान पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष के रूप में कार्य करने हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

1. श्री दिनेष कुमार प्रधान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) मंझौल स) बेगुसराय
2. श्री अनिल कुमार ठाकुर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) भभुआ स) कैमूर
3. श्री उमां शंकर, ए.डी.जे. सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) सिवान स) सिवान
27 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
4. श्री शषि भूषण कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मुजफ्फरपुर (मुजफ्फरपुर) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) सिवान स) सिवान

The 28th October 2023

No. 476 A :--The Additional District and Sessions Judges, named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table against their respective names :

Sl. No. Name of the Officers with designation and present place of posting with Judgeship. (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which posted on transfer
1. 2. 3.
1. Sri Dinesh Kumar Pradhan Additional District & Sessions Judge, Muzaffarpur (Muzaffarpur) (a) Additional District & Sessions Judge (b) Manjhaul (c) Begusarai
2. Sri Anil Kumar Thakur Additional District & Sessions Judge, Muzaffarpur (Muzaffarpur) (a) Additional District & Sessions Judge (b) Bhabhua (c) Kaimur
3. Sri Uma Shankar, A.D.J. Secretary, District Legal Services Authority, Muzaffarpur (Muzaffarpur) (a) Additional District & Sessions Judge (b) Siwan (c) Siwan
4. Sri Shashi Bhushan Kumar Additional District & Sessions Judge, Muzaffarpur (Muzaffarpur) (a) Additional District & Sessions Judge (b) Siwan (c) Siwan

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 के द्वारा प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय निम्न तालिका के स्तम्भ- 2 में नामित अवर न्यायाधीष को उसी तालिका के स्तम्भ 4 में वर्णित क्षेत्राधिकार के लिए, अन्न्य न्यायालय पटना जिसका मुख्यालय स्तम्भ -3 में नियत स्थान होगा को दिल्ली स्पेषल पुलिस इस्टेवलिसमेन्ट ऐक्ट 1946 की धारा 3 के अन्तर्गत डी0 एस0 पी0 ई0 पटना शाखा के अलावे अन्य षाखाओं द्वारा जाँच किये गये वादों के निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपूर्द करने के शक्तियाँ प्रदान करता है।

उच्च न्यायालय उक्त दण्डाधिकारी को दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 190 की उप धारा (1) के खण्ड (ब) के अधीन डी0एस0पी0ई0, पटना शाखा द्वारा जाँच किये गये वैसे वादों जिसका निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपूर्द करने में वे सक्षम है, संज्ञान लेने की शक्तियाँ भी प्रदान करता है।28 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

1. श्री हर्षबर्द्धन सिंह, न्यायिक दण्डािधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, पटना पटना पटना, नालन्दा, भोजपुर, बक्सर, भभुआ, रोहतास, गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भागलपुर, बांका, मुंगेर, षेखपुरा, जमुई, खगड़िया, लखीसराय, ब गूसराय, े सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, किषनगंज, अररिया, कटिहार तथा पूर्णिया

The 29th August 2023

No. 482 A :--In exercise of powers conferred under section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974), the Court have been pleased to appoint the Sub Judge named in column no. 2 of the table given below, as Exclusive Magistrate for the area of jurisdiction given below against his name in column no. 4 with headquarter mention in column no. 3 to try and if necessary to commit for trial the cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of other branches also besides the Patna Branch with respect to the offences covered under section 3 of the Delhi Special Police Establishment Act, 1946 for the area mention in column no. 4 of the table.

The Court have further been pleased to confer upon the said Magistrate the powers to take cognizance of such cases investigated by the Delhi Special Police Establishment, Patna Branch, under Sub-Section (1) (b) of Section 190 of the Criminal Procedure Code, 1973 and to try or commit for trial of the cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of the Patna Branch.

Sl. No. Name, Designation and Place of Posting of the Officer Headquarter District under Jurisdiction
1. Sri Harshvardhan Singh, Judicial Magistrate 1st Class- Addl. Munsif, Patna Patna Patna, Nalanda, Bhojpur, Buxar, Bhabhua, Rohtas, Gaya, Aurangabad, Nawadah, Jehanabad, Bhagalpur, Banka, Munger, Sheikhpura, Jamui, Khagaria, Lakhisarai, Begusarai, Supaul, Saharsa, Madhepura, Kishanganj, Araria, Katihar and Purnea

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय षिखा षर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर/विषेष न्यायाधीष सी0बी0आई0, मुजफ्फरपुर को छपरा, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैषाली, षिवहर, पूर्वी चम्पारण पष्चिम चम्पारण, दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिला क्षेत्रों के लिए जिसका मुख्यालय मुजफ्फरपुर रहेगा, को विधि विभाग के अधिसूचना संख्या- 2218/जे0, दिनांक 01.07.2005 द्वारा स्थापित न्यायिक दण्डाधिकारी के मुजफ्फरपुर में स्थित एक अतिरिक्त विषेष न्यायालय का दण्डाधिकारी-सह-पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त करता है और दिल्ली स्पेषल पुलिस इस्टेबलिसमेन्ट ऐक्ट 1946 की धारा-3 के अन्तर्गत डी0एस0पी0ई0 मुजफ्फरपुर षाखा के द्वारा जाँच किये गये वादों के निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपुर्द करने की षक्तियाँ प्रदान करता है।29 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 इन्हें उक्त संहिता की धारा 190 की उपधारा (1) के खण्ड (ब) के अधीन डी0एस0पी0ई0 मुजफ्फरपुर षाखा के द्वारा उपरोक्त जिला क्षेत्रों में जाँच किए गए वैसे वादों को जिसका निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपुर्द करने में वे सक्षम है, संज्ञान लेने की षक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।

षिखा षर्मा अनन्य रूप से सप्ताह में सिर्फ दो दिन विषेष न्यायिक दण्डाधिकारी, सी0बी0आई0 कोर्ट, मुजफ्फरपुर के रूप में कार्य करेंगे और दीवानी तथा अपराधिक मुकदमों का निष्पादन करेंगे। The 29th August 2023 No. 483 A :--In exercise of powers conferred under section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974), the Court have been pleased to appoint Ms. Shikha Sharma, Judicial Magistrate 1st Class, Muzaffarpur, as the Special Magistrate-cum-P.O. of the Additional Special Court of Judicial Magistrate at Muzaffarpur established vide Law Department Notification No. 2218/J dated 01.07.2005 for the entire state of Bihar with Headquarters at Muzaffarpur to try and if necessary to commit for trial the cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of other branches also besides the Muzaffarpur Branch, with respect to the offences covered under section 3 of the Delhi Special Police Establishment Act, 1946 for the area of jurisdiction of the Districts of Chapra, Siwan, Gopalganj, Muzaffarpur, Sitamarhi, Vaishali, Sheohar, East Champaran, West Champaran, Darbhanga, Madhubani and Samastipur as mentioned in law (J) Deptt. Notification No. 1534/J dated 13.05.2006. The Court have further been pleased to confer upon the said Magistrate the powers to take cognizance of such cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of the Muzaffarpur Branch, under Sub-Section (1) (b) of Section 190 of the Criminal Procedure Code, 1973 and to try or commit for trial of the cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of the Muzaffarpur Branch. Ms. Shikha Sharma, Judicial Magistrate 1st Class, Muzaffarpur would be designated as C.B.I. Judicial Magistrate-cum-Special Judge, C.B.I. Court, Muzaffarpur for two days exclusively in the week and the rest of the days he would function as Judicial Magistrate-I Class, Muzaffarpur and shall take up othe Criminal and Civil cases within his jurisdiction.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--अपने वर्त्तमान कर्त्तव्यों से विरमित होने पर सुश्री नेहा निहारिका, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुंसिफ, सारण, छपरा की सेवायें सहायक निबंधक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु अधिकतम तीन वर्षों के लिए बिहार सरकार के सामान्य प्रषासन विभाग, पटना के अन्तर्गत सौंपी जाती है। The 29th August 2023 No. 484 A:--On being relieved of her present assignment, the services of Ms. Neha Niharika, Judicial Magistrate 1st Class-cum-Addl. Munsif, Saran at Chapra are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna for her appointment as Assistant Registrar, Bihar State Legal Services Authority, Patna, on deputation basis, for a maximum period of three years. By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

30 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

:--निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष संवर्ग पदाधिकारी को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देषित जजी एवं स्थान पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष के रूप में कार्य करने हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

1. श्री सत्यनारायण षिवहरे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, दानापुर (पटना) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) जमुई स) जमुई
2. श्री कमला प्रसाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) जमुई स) जमुई
3. श्री संजय कुमार-IV, ए.डी.जे. सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लखीसराय (लखीसराय) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, ब) गया स) गया

The 4th September 2023

No. 498 A :--The Additional District and Sessions Judges, named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table against their respective names :

Sl. No. Name of the Officers with designation and present place of posting with Judgeship. (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which posted on transfer
1. 2. 3.
1. Sri Satyanarayan Sheohare Additional District & Sessions Judge, Danapur (Patna) (a) Additional District & Sessions Judge (b) Jamui (c) Jamui
2. Sri Kamla Prasad Additional District & Sessions Judge, Patna (Patna) a) Additional District & Sessions Judge b) Jamui c) Jamui
3. Sri Sanjay Kumar-IV, A.D.J. Secretary, District Legal Services Authority, Lakhisarai (Lakhisarai) a) Additional District & Sessions Judge b) Gaya c) Gaya

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष संवर्ग पदाधिकारी को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देषित जजी एवं स्थान पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष के रूप में कार्य करने हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।31 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

1. श्रीमति रेषमा वर्मा, ए.डी.जे. सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सीतामढ़ी (सीतामढ़ी) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण
2. श्री राकेष कुमार तिवारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण
3. श्री राजविजय सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना (पटना) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण

The 15th September 2023

No. 535 A :--The Additional District and Sessions Judges, named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table against their respective names :

Sl. No. Name of the Officers with designation and present place of posting with Judgeship. (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which posted on transfer
1. 2. 3.
1. Smt. Reshma Verma, A.D.J. Secretary, District Legal Services Authority, Sitamarhi (Sitamarhi) (a) Additional District & Sessions Judge (b) Motihari (c) East Champaran
2. Sri Rakesh Kumar Tiwary Additional District & Sessions Judge, Patna (Patna) a) Additional District & Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran
3. Sri Rajvijay Singh Additional District & Sessions Judge, Patna (Patna) a) Additional District & Sessions Judge b) Motihari c) East Champaran

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--न्यायालय की अधिसूचना सं0-205नि0 दिनांक 09.05.2023 जो कि श्रीमति सबा आलम, तत्कालीन विषेष कार्य पदाधिकारी (कम्प्यूटराईजेषन), पटना उच्च न्यायालय, पटना (उक्त अधिसूचना में क्रम सं0 08 पर अंकित) के अवर न्यायाधीष-सह-अवर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना के रूप में स्थानांतरण एवं पदस्थापन के संबंध में प्रभाव में नहीं आ सका, को एतद्‌ द्वारा वापस लिया जाता है।

उपर्युक्त अधिसूचना की षेष प्रविष्टियाँ यथावत्‌ रहेंगी।32 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 The 23rd September 2023 No. 552 A :--The Court's Notification No. 205 A dated 09.05.2023 which has not been given effect to so far as it relates to transfer and posting of Ms. Saba Alam, the then O.S.D. (Computerization), Patna High Court, Patna as Sub Judge-cum-A.C.J.M., Patna (mentioned at Sl. No. 08 therein) stands hereby recalled to the aforesaid extent only.

The other entries in the aforesaid Notification shall remain intact.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीष (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देषित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे, अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अवर न्यायाधीष के रूप में पदस्थापित किया जाता है।

पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित असैनिक न्यायाधीष (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारियों को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की षक्तियां प्रदान किया जाता है, बषर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो।

1. 2. 3.
1. श्री रंधीर कुमार अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अरवल (जहानाबाद) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बलिया (स) बेगूसराय
2. श्री दीपक कुमार III अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बांका (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) नौगछिया (स) भागलपुर
3. श्री रोहित कुमार-I निबंधक, बिहार राज्य विधि सेवा प्राधिकार, पटना (अ) अवर न्यायाधीष (ब) महनार (स) वैषाली
4. श्री सितेष कुमार अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दरभंगा (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) षेखपुरा (स) षेखपुरा
5. श्री राकेष कुमार यादव अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना सिटी (पटना) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सोनपुर (स) सारण
6. श्री रमेष कुमार अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, भागलपुर (अ) अवर न्यायाधीष (ब) सिमरी बख्तियारपुर (स) सहरसा
7. श्री सुनिल कुमार सिंह V अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दरभंगा (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बक्सर (स) बक्सर
33 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
8. श्री रवि पाण्डेय अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दलसिंहसराय (समस्तीपुर) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) पालीगंज (स) पटना
9. श्री नवीन कुमार श्रीवास्तव अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दानापुर (पटना) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बेगूसराय (स) बेगूसराय
10. श्री विपीन लवानिया अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सासाराम (रोहतास) (अ) अवर न्यायाधीष (ब) टेकारी (स) गया
11. श्री अभिषेक कुमार मिश्रा अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दानापुर (पटना) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) लखीसराय (स) लखीसराय
12. श्री रंजन कुमार रैना अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बगहा (पष्चिमी चम्पारण) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) वयसी (स) पूर्णियाँ
13. श्री मनोज कुमार VII अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, भभुआ (कैमूर) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) मोहनिया (स) कैमूर
14. श्री देवेष कुमार अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सासाराम (रोहतास) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बक्सर (स) बक्सर
15. श्री कुलदीप अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जहानाबाद (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बिहारषरीफ (स) नालन्दा
16. श्री अमरेन्द्र प्रसाद अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सुपौल (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) अररिया (स) अररिया
17. श्री राम चन्द्र प्रसाद अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सासाराम (रोहतास) (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बक्सर (स) बक्सर
18. श्री अष्विनी कुमार अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, भागलपुर (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) सहरसा (स) सहरसा
19. श्री विजय कुमार मिश्रा अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पूर्णियाँ (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) झंझारपुर (स) मधुबनी
20. श्री नीरज कुमार पाण्डेय अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सुपौल (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) अररिया (स) अररिया
34 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
21. श्री मनीष कुमार पाण्डेय अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, औरंगाबाद (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) अरेराज (स) पूर्वी चम्पारण
22. श्री सतीष मणि त्रिपाठी अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मधुबनी (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बनमंखी (स) पूर्णियाँ
23. श्रीमति प्रीति कुमारी अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मधुबनी (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) षेरघाटी (स) गया
24. श्री षैलेष कुमार राम अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मधुबनी (अ) अवर न्यायाधीष-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) धमदाहा (स) पूर्णियाँ

The 23rd September 2023

No. 551A :--The Judicial officers of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below are transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M./Sub Judge in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table.

Further, in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Officers named below who have been transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M., the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned Districts, provided that they shall work in such a way that their disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.

Sl. No. Name of the officer, designation and present place of posting (with Judgeship) (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which transferred
1 2 3
1. Sri Randhir Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Arwal (Jehanabad) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Balia c) Begusarai
2. Sri Deepak Kumar III Sub Judge-cum-A.C.J.M., Banka a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Naugachhia c) Bhagalpur
3. Sri Rohit Kumar-I Registrar, Bihar State Legal Services Authority, Patna a) Sub Judge b) Mahnar c) Vaishali
4. Sri Sitesh Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Darbhanga a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sheikhpura c) Sheikhpura
35 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
5. Sri Rakesh Kumar Yadav Sub Judge-cum-A.C.J.M., Patna City (Patna) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sonepur c) Saran
6. Sri Ramesh Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bhagalpur a) Sub Judge b) Simri Bakhtiyarpur c) Saharsa
7. Sri Sunil Kumar Singh V Sub Judge-cum-A.C.J.M., Darbhanga a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Buxar c) Buxar
8. Sri Ravi Pandey Sub Judge-cum-A.C.J.M., Dalsingsarai (Samastipur) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Paliganj c) Patna
9. Sri Navin Kumar Srivastava Sub Judge-cum-A.C.J.M., Danapur (Patna) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Begusarai c) Begusarai
10. Sri Vipin Lavania Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sasaram (Rohtas) a) Sub Judge b) Tekari c) Gaya
11. Sri Abhishek Kumar Mishra Sub Judge-cum-A.C.J.M., Danapur (Patna) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Lakhisarai c) Lakhisarai
12. Sri Ranjan Kumar Raina Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bagaha (West Champaran) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Vaisi c) Purnea
13. Sri Manoj Kumar VII Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bhabhua (Kaimur) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Mohania c) Kaimur
14. Sri Devesh Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sasaram (Rohtas) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Buxar c) Buxar
15. Sri Kuldeep Sub Judge-cum-A.C.J.M., Jehanabad a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Biharsharif c) Nalanda
16. Sri Amrendra Prasad Sub Judge-cum-A.C.J.M., Supaul a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Araria c) Araria
17. Sri Ram Chandra Prasad Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sasaram (Rohtas) a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Buxar c) Buxar
18. Sri Ashwani Kumar Sub Judge-cum-A.C.J.M., Bhagalpur a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Saharsa c) Saharsa
19. Sri Vijay Kumar Mishra Sub Judge-cum-A.C.J.M., Purnea a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Jhanjharpur c) Madhubani
20. Sri Neeraj Kumar Pandey Sub Judge-cum-A.C.J.M., Supaul a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Araria c) Araria
36 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
21. Sri Maneesh Kumar Pandey Sub Judge-cum-A.C.J.M., Aurangabad a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Areraj c) East Champaran
22. Sri Satish Mani Tripathi Sub Judge-cum-A.C.J.M., Madhubani a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Banmankhi c) Purnea
23. Ms. Priti Kumari Sub Judge-cum-A.C.J.M., Madhubani a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Sherghati c) Gaya
24. Sri Shailesh Kumar Ram Sub Judge-cum-A.C.J.M., Madhubani a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Dhamdaha c) Purnea

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

:--दिनांक 30.09.2023 को सेवानिवृत हो रहे श्री राजीव रंजन के स्थान पर श्री रूपेष देव, जिला एवं सत्र न्यायाधीष, भागलपुर को पटना के जिला एवं सत्र न्यायाधीष के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है। The 23rd September 2023 No. 549 A :--Sri Rupesh Deo, District and Sessions Judge, Bhagalpur is transferred and posted as District and Sessions Judge, Patna vice Sri Rajiv Ranjan, who is going to superannuate on 30.09.2023.

By Order of the High Court, R.P. Mishra, Registrar General.

सं0 1/स्था0 (2) 09/2023- सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-06.11.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार मत्स्य सेवा अंतर्गत निम्नांकित कनीय अभियंता (असैनिक) को सहायक अभियंता (असैनिक) में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-9) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

क्र0 सं0 कनीय अभियंता का नाम मूल पद
1 2 3
1. श्री अशोक कुमार सिंह, कनीय अभियंता (सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे सहायक अभियंता, मत्स्य निदेशालय, ं बिहार, पटना) कनीय अभिंयता (असैनिक)
2. श्री विनोद कुमार, कनीय अभियंता (सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे सहायक अभियंता, उप मत्स्य ं निदेशक कार्यालय, दरभंगा परिक्षेत्र, दरभंगा) कनीय अभिंयता (असैनिक)

कनीय अभियंता (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में सहायक अभियंता, उप मत्स्य निदेशक कार्यालय, दरभंगा परिक्षेत्र, दरभंगा) 2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।37 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।

5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।

6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक सहायक अभियंता (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-9) में उत्क्रमित किया जाता है।

7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से सहायक अभियंता के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमंजय कुमार, अवर सचिव। ------ 17 नवम्बर 2023 सं0 1/स्था0 (2) 06/2023 (खंड)- सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-06.11.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार मत्स्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित मत्स्य प्रसार/मत्स्य निरीक्षक पदाधिकारियों को जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-9) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

क्र॰ पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम मूल पद
1 2 3
1. श्री शंभु कुमार राय मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, सहरसा) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
2. श्री मनोरंजन कुमार मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, गोपालगंज) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
3. श्री कृष्ण कुमार सिन्हा मत्स्य निरीक्षक (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, वैशाली) मत्स्य निरीक्षक
4. श्री शैलेश कुमार सिंह मत्स्य निरीक्षक (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में सहायक मत्स्य निदेशक, अनुसंधान, मीठापुर, पटना) मत्स्य निरीक्षक
5. श्री रजनीश कुमार सिन्हा मत्स्य निरीक्षक (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, शिवहर) मत्स्य निरीक्षक
6. श्री जयशंकर ओझा मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, मधेपुरा) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
7. श्री सुभाषचन्द्र यादव मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, नालन्दा) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
8. श्री अंजनी कुमार मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, खगड़िया) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
9. श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, पटना) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
10. श्रीमती अनिता कुमारी मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी सहायक मत्स्य निदेशक, योजना, मत्स्य निदेशालय, पटना) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
38 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
11. श्रीमती नूतन मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
12. श्री प्रदीप कुमार मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, सारण मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
13. श्री टुनटुन सिंह मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में व्याख्याता, मत्स्य प्रशिक्षण केन्द्र, मीठापुर, पटना) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
14. श्री प्रमोद भगत मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, मत्स्य निदेशालय, पटना मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
15. श्री सनत कुमार सिंह मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, अरवल) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
16. श्री भारतेन्दु जयसवाल मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में व्याख्याता, मत्स्य प्रशिक्षण केन्द्र, मीठापुर, पटना) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
17. श्री कृष्ण कन्हैया मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, भागलपुर) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी
18. श्री लाल बहादुर साफी मत्स्य निरीक्षक (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, पूर्णिया) मत्स्य निरीक्षक
19. श्री गणेश राम मत्स्य निरीक्षक (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, प॰ चम्पारण) मत्स्य निरीक्षक
20. श्री ज्ञानशंकर सहनी मत्स्य निरीक्षक (सम्प्रति अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला मत्स्य पदाधिकारी, गया) मत्स्य निरीक्षक

2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।

4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।

5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।

6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक जिला मत्स्य पदाधिकारी- सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-9) में उत्क्रमित किया जाता है।

7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमंजय कुमार, अवर सचिव।

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(cid:274)ामीण (cid:466)वकास (cid:466)वभाग ------

अिधसूचना

30 नवम्बर 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:466)व0-R-503/31/2022-Section-14-RDD-RDD-2326073--(cid:302)ी शिश (cid:292)काश, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), िसंहवाड़ा, दरभंगा स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), कटरा, मुज(cid:221)फरपुर के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) पंचायत आम39 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 िनवा(cid:91)चन, 2016 म(cid:581) उदासीनता, (cid:232)वे(cid:205)छाचा(cid:464)रता, गैर (cid:468)ज(cid:224)मेदार आचरण, (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक आचार िनयमावली- 1976 एवं (cid:466)बहार पंचायत िनवा(cid:91)चन िनयमावली- 2006 के (cid:292)ावधान(cid:585) के (cid:292)ितकू ल काय(cid:91) करने के आरोप(cid:585) पर उप सिचव, रा(cid:207)य िनवा(cid:91)चन आयोग, (cid:466)बहार, पटना के प(cid:287)ांक-791 (cid:465)दनांक-25.02.2022 (cid:430)ारा (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), दरभंगा के प(cid:287)ांक-318 (cid:465)दनांक- 10.02.2022 से ग(cid:465)ठत आरोप प(cid:287) (cid:466)वभाग को उपल(cid:222)ध कराया गया ।

(cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) पर (cid:466)वभागीय प(cid:287)ांक- 1035753 (cid:465)दनांक- 28.06.2022 के (cid:430)ारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी ।

(cid:302)ी शिश (cid:292)काश के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) धा(cid:464)रत आरोप(cid:585) क(cid:551) वृहत जॉंच हेतु (cid:466)वभागीय संक(cid:227)प (cid:163)ापांक-83/सी0 (cid:465)दनांक'03.08.2022 (cid:430)ारा इ(cid:219)ह(cid:581) िनलं(cid:466)बत करते हुए इनके (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:466)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचािलत क(cid:551) गयी । (cid:302)ी शिश (cid:292)काश (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त अ(cid:223)यावेदन (cid:465)दनांक-02.09.2022 के समी(cid:162)ोपरांत (cid:466)वभाग (cid:430)ारा (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण िनयं(cid:287)ण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-9 (6)(ग) के तहत (cid:466)वभागीय संक(cid:227)प (cid:163)ापांक सं0-1402193 (cid:465)दनांक-29.11.2022 (cid:430)ारा इ(cid:219)ह(cid:581) (cid:466)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के अधीन रखते हुए िनलंबन से मु(cid:200)त (cid:465)कया गया। (cid:302)ी (cid:292)काश के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) संचािलत (cid:466)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) म(cid:581) संचालन पदािधकार(cid:547) के प(cid:287)ांक-1403861 (cid:465)दनांक- 29.11.2022 (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त जॉंच (cid:292)ितवेदन म(cid:581) (cid:302)ी (cid:292)काश के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) आरोप को (cid:292)मा(cid:468)णत (cid:292)ितवे(cid:465)दत (cid:465)कया गया। (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण िनयं(cid:287)ण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-18(3) के तहत (cid:466)वभागीय प(cid:287)ांक- 143874 (cid:465)दनांक-14.12.2022 (cid:430)ारा (cid:302)ी (cid:292)काश को संचालन पदािधकार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त जॉंच (cid:292)ितवेदन क(cid:551) छाया(cid:292)ित उपल(cid:222)ध कराते हुए उनसे िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी।

त(cid:215)संबंध म(cid:581) (cid:302)ी शिश (cid:292)काश (cid:430)ारा आवेदन (cid:465)दनांक-16.01.2023 (cid:430)ारा िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया।

(cid:302)ी शिश (cid:292)काश के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) आरोप, संचालन पदािधकार(cid:547) का मंत(cid:229)य एवं आरो(cid:466)पत पदािधकार(cid:547) के िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा से पंचायत चुनाव 2016 म(cid:581) अरई (cid:466)वरद(cid:547)पुर पंचायत के वाड(cid:91) सं0-02 के पंच एवं वाड(cid:91) सद(cid:232)य पद पर (cid:302)ी (cid:292)काश (cid:430)ारा एक-एक नामांकन मान कर िन(cid:466)व(cid:91)रोध प(cid:464)रणाम घो(cid:466)षत करने क(cid:551) अिनयिमतता (cid:292)मा(cid:468)णत पाई गई ।

(cid:466)वभागीय अिधसूचना (cid:163)ापांक-1851500 (cid:465)दनांक-20.06.2023 (cid:430)ारा (cid:302)ी शिश (cid:292)काश, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), िसंहवाड़ा, दरभंगा स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), कटरा, मुज(cid:221)फरपुर को उनके (cid:430)ारा पंचायत आम िनवा(cid:91)चन-2016 म(cid:581) बरती गयी उ(cid:200)त अिनयिमतता के िलए इनके (cid:466)व(cid:510)(cid:424)"वेतन म(cid:581) िन(cid:224)नतर (cid:292)(cid:272)म पर पॉंच वष(cid:91) क(cid:551) अविध के िलए अवनित का दंड । ऐसी अविध के दौरान सरकार(cid:547) सेवक वेतन वृ(cid:466)(cid:424) अ(cid:468)ज(cid:91)त नह(cid:547)ं करेगा। शा(cid:468)(cid:232)त क(cid:551) अविध क(cid:551) समाि(cid:431) के बाद भ(cid:466)व(cid:231)य क(cid:551) वेतन वृ(cid:466)(cid:424)यॉं तभी अनुमा(cid:219)य होगी जब इस अविध म(cid:581) इनका गोपनीय अ(cid:223)यु(cid:466)(cid:416) उ(cid:215)कृ (cid:231)ट को(cid:465)ट का रहेगा ।"क(cid:551) शा(cid:468)(cid:232)त अिधरो(cid:466)पत क(cid:551) गयी ।

उ(cid:200)त अिधरो(cid:466)पत शा(cid:468)(cid:232)त के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:302)ी शिश (cid:292)काश के (cid:292)खंड काया(cid:91)लय कटरा, मुज(cid:221)फरपुर के प(cid:287)ांक-116 (cid:465)दनांक-10.10.2023 (cid:430)ारा पुन(cid:466)व(cid:91)चार अ(cid:223)यावेदन सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया है।

(cid:466)वभाग (cid:430)ारा इनके पुन(cid:466)व(cid:91)चार/पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन आवेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा के (cid:272)म म(cid:581) कोई ऐसा मह(cid:215)वपूण(cid:91) सा(cid:234)य या त(cid:216)य नह(cid:547)ं पाया गया (cid:468)जससे (cid:465)क पूव(cid:91) म(cid:581) पा(cid:464)रत आदेश का संशोधन (cid:465)कया जाय।

अतएव इनके पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन को अ(cid:232)वीकृ त (cid:465)कया जाता है।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क अिधसूचना क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

अर(cid:466)बंद मंडल, अपर सिचव।40 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार

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अधिसूचनाएं

29 नवम्बर 2023

सं0 1/संवि.4-03/2022-987--मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-434, दिनांक-01.

11.2007के प्रावधानों के आलोक में श्री शिवकुमार मिश्र, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष को स्थानांतरित करते हुए उनके नाम के सामने अंकित कार्यालय में पदस्थापित करते हुए अतिरिक्त प्रभार दिया जाता हैः-

क्र.सं. नाम/पदनाम पदस्थापन अतिरिक्त प्रभार
1. श्री शिवकुमार मिश्र, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, बक्सर बाबू वीर कुॅवर सिंह स्मृति संग्रहालय, जगदीशपुर भोजपुर, बेगूसराय संग्रहालय, बेगूसराय

आदेश से, रूबी, संयुक्त सचिव।

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29 नवम्बर 2023

सं0 1/संवि.4-03/2022-.988--सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-10000, दिनांक-10.07.2015 में निहित प्रावधान एवं शर्ताें के तहत तथा प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित विभाग स्तरीय चयन समिति की संपन्न बैठक की कार्यवाही जो ज्ञापांक-19152, दिनांक-11.10.2023 द्वारा संसूचित है, द्वारा की गयी अनुशंसा के आलोक में श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अरविन्द महाजन एवं श्री शम्स अब्रार, सेवानिवृत सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, संग्रहालय निदेषालय, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को संग्रहालय निदेषालय अंतर्गत सहायक संग्रहालयाध्यक्ष के रिक्त पद पर कार्यहित में संविदा पर निम्नांकित शर्ताें के साथ नियोजित करते हुए निम्न विवरणी के अनुसार पदस्थापित करते हुए अतिरिक्त प्रभार दिया जाता हैः-

क्र.सं. नाम/पदनाम पदस्थापन अतिरिक्त प्रभार
1. श्री सुधीर कुमार यादव, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय, जमुई लखीसराय संग्रहालय, लखीसराय
2. श्री अरविन्द महाजन, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, गया संग्रहालय, गया नारदः संग्रहालय, नवादा, बिहार शरीफ संग्रहालय, बिहार शरीफ
3. श्री शम्स अब्रार, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, भागलपुर संग्रहालय, भागलपुर मुंगेर संग्रहालय, मुंगेर बाबा कारू खिरहर संग्रहालय, सहरसा

2. संविदा के आधार पर नियोजन सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-10,000, दिनांक- 10.07.2015 की कंडिका-3 (2) (क) (V) तथा 3 (2) (ख) (V) के तहत प्रावधानित अवधि के लिए अथवा उक्त पद पर नियमित नियुक्ति/प्रोन्नति होने तक के लिए होगा तथा अधिकतम निर्धारित उम्र तक आवष्यकतानुसार एक-एक साल के लिए उनकी सेवा विस्तार उनके कार्यों की समीक्षा के उपरांत किया जा सकेगा और कार्य संतोषजनक नहीं होने पर श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अरविन्द महाजन एवं श्री शम्स अब्रार, सेवानिवृत सहायक संग्रहालयाध्यक्ष का संविदा रद्‌द की जा सकेगी। विषेष परिस्थिति में विभाग द्वारा संविदा विस्तार सामान्य प्रषासन विभाग से निर्गत संकल्प ज्ञापांक-3978, दिनांक-23.03.2018 की कंडिका-5 के आलोक में विभाग स्तरीय चयन समिति की सहमति से संकल्प के तहत निर्धारित उम्र तक किया जा सकेगा। 3. संविदा पर नियोजित श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अरविन्द महाजन एवं श्री शम्स अब्रार, सेवानिवृत सहायक संग्रहालयाध्यक्षों को सभी पदीय शक्तियाँ प्राप्त रहेंगी।

4. संविदा नियोजन आदेष के आलोक में श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अरविन्द महाजन एवं श्री शम्स अब्रार, सेवानिवृत सहायक संग्रहालयाध्यक्षों के द्वारा पद पर योगदान करने की तिथि से संविदा नियोजन/संविदा अवधि-विस्तार प्रभावी होगा।

5. अनुबन्ध के आधार पर नियोजित सहायक संग्रहालयाध्यक्ष न तो सरकारी सेवा में माने जायेंगे और न ही सरकारी सेवकों को अनुमान्य किसी सुविधा के अधिकारी होंगे।

6. नियोजित सहायक संग्रहालयाध्यक्ष के नियोजन के पश्चात सरकारी सेवा में नियमितीकरण का दावा मान्य नहीं होगा।

7. अनुबन्ध की अवधि समाप्ति के पूर्व यदि नियोजित सहायक संग्रहालयाध्यक्ष का पुनः नियोजन नहीं होता है तो वैसी स्थिति में निर्धारित तिथि को उनका अनुबन्ध स्वतः समाप्त माना जायेगा और इसके लिए किसी आदेश का निर्गत किया जाना अपेक्षित नहीं होगा।

8. श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अरविन्द महाजन एवं श्री शम्स अब्रार संविदा पर नियोजित सहायक संग्रहालयाध्यक्षों को देय मासिक मानदेय का निर्धारण सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-10000, दिनांक-10.07.2015 की कंडिका-(3) (6) (i) तथा (3) (7) (iii) के आलोक में किया जायेगा तथा अन्य सेवा शर्तों का निर्धारण संकल्प के प्रावधानों के आलोक में किया जायेगा। इस प्रकार निर्धारित मानदेय संविदा अवधि में स्थिर रहेगा।41 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 9. नियोजन के पश्चात्‌ यदि उनकी सेवा संतोषप्रद नहीं पायी जाती है अथवा उनके विरूद्ध किसी प्रकार के आरोप की सूचना प्राप्त होती है तो उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया जायेगा।

10. श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अरविन्द महाजन एवं श्री शम्स अब्रार, सेवानिवृत सहायक संग्रहालयाध्यक्षों के पारिश्रमिक/मानदेय का भुगतान संगत ''बजट शीर्ष 2802-संविदा सेवाएँ'' से होगा।

11. योगदान के समय सरकारी कार्य हेतु स्वस्थ होने के संबंध में असैनिक शल्य चिकित्सक -सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र समर्पित करना अनिवार्य होगा। 12. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, रूबी, संयुक्त सचिव।

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S श्री देवकान्त कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, छपरा सम्प्रति कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, छपरा के पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-101 के कि॰मी॰ 45.00 से 65.00 पथांश में (Job No.-101-BR-2016-17-1547) कराये गये PR कार्य में बिटुमिन की जाँच कराये बगैर ही कार्य में उपयोग की अनुमति देने एवं कार्य से संबंधित प्रथम एवं द्वितीय विपत्र पारित कर भुगतान हेतु प्रस्तुत करने संबंधी बरती गयी अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5512 (एस) अनु॰ दिनांक-16.11.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप पत्र के तहत्‌ कुल 03 (तीन) आरोप निम्नवत गठित किये गये है :-

(i) मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-532 अनु॰ सह-पठित ज्ञापांक- 532 दिनांक- 23.02.2017 की कंडिका-10 से अंकित है कि कार्य से संबंधित सामग्रियों की आपूर्त्ति/कार्य की गुणवत्ता से संबंधित जाँच में किसी तरह के त्रुटि/त्रुटियों के लिए संबंधित कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता दोषी होंगे।

विभागीय निदेश के बावजूद सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, छपरा के रूप में श्री कुमार द्वारा संवेदक के समर्पित पेपर की जाँच किये बगैर संवेदक के प्रथम एवं द्वितीय विपत्र को पारित कर भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया। (ii) कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, छपरा के पत्रांक-896 दिनांक-04.12.2017 एवं पत्रांक-812 दिनांक-28.11.2019 के परिप्रेक्ष्य में बिटुमिन चालानों का सत्यापन कराये जानेे के क्रम में IOCL, Patna के पत्रांक- शून्य दिनांक-08.12.2017 एवं पत्रांक- शून्य दिनांक-29.11.2019 द्वारा बिटुमिन उठाव के संबंध में संवेदक के 31 चालानों में से सिर्फ 10 चालानों को ही सही पाया गया एवं शेष 21 चालानों को फर्जी पाया गया। इससे स्पष्ट है कि बिना बिटुमिन Procurement की जाँच कराये फर्जी चालानों पर किये गये बिटुमिन उठाव को कार्य में लाया गया।

(iii) Procured Bitumen की प्राप्ति के 07 दिनों के अन्दर I.S.-73 के अनुसार जाँच से संतुष्ट होने के उपरान्त ही बिटुमिन को व्यवहार में लाने का निर्देश है, जिसका अनुपालन श्री कुमार के द्वारा नहीं किया गया तथा Bituminous कार्य कराया गया।

2. मुख्य अभियंता, दक्षिण सह-संचालन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1221 अनु॰ दिनांक-28.05.2022 द्वारा उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित जाँच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन के तहत्‌ निष्कर्ष के रूप में श्री कुमार के विरूद्ध प्रपत्र-'क' के तहत्‌ गठित कुल 03 (तीन) आरोपों में से आरोप संख्या-(i) एवं (iii) को आंशिक रूप से तथा आरोप संख्या-(ii) को पूर्ण रूप से प्रमाणित होने का निष्कर्ष गठित किया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री कुमार से विभागीय पत्रांक-6268 (एस) अनु॰ दिनांक-22.12.2022 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के रूप में लिखित अभिकथन की मांग की गयी। 3. श्री देवकान्त कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रति कार्यपालक अभियंता के द्वारा अपने पत्रांक-शून्य दिनांक-27.01.2023 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर के तहत्‌ मुख्य रूप से निम्नलिखित तथ्य/तर्क अंकित किये गये है :- (क) आरोप संख्या-01 एवं आरोप संख्या-02 बिटुमिन की चालान (पेपर) तथा बिटुिमन के Procurement के पेपर की जाँच से संबंधित है। वस्तुतः दोनों आरोप एक ही है। अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, मुजफ्फरपुर द्वारा अपने पत्रांक-314 (अनु॰) दिनांक-26.03.2018 के कंडिका-02 तथा कंडिका-07 में स्पष्ट किया है कि कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, छपरा द्वारा बिना Bitumen Paper की जाँच कराये संवेदक का प्रथम एवं द्वितीय का भुगतान कर दिया गया। किसी भी कार्य के लिए कार्यपालक अभियंता ही Engineer-in-Charge होते हैं। किसी कार्य को कराने या रोकने का अधिकार सिर्फ कार्यपालक अभियंता में निहित है। कार्य में पदस्थापित सहायक अभियंता के रूप में मेरा यह दायित्व था कि गुणवत्तापूर्ण एवं प्राक्कलन के अनुसार किए गए कार्य का कनीय अभियंता द्वारा प्रस्तुत विपत्र को जाँचोपरान्त42 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 अग्रेतर कार्रवाई हेतु कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना, जो मेरे द्वारा किया गया। ऐसा नहीं किए जाने की स्थिति में कार्य की प्रगति बाधित होती। कार्यहित तथा जनहित में समय-समय पर विभागीय समीक्षा बैठक में कार्य जल्द पूर्ण कराने का निदेश के अनुपालन में तथा पथ की जर्जर स्थिति का देखते हुए 05 महीने की कार्य अवधि में 20 कि॰मी॰ लम्बे पथांश का कार्य वर्षा ऋतु आरम्भ होने से पहले सम्पन्न कराया जाना आवश्यक था। साथ ही साथ प्रथम विपत्र प्रस्तुत करने के पूर्व मैंने बिटुमिन पेपर के सत्यापन के लिए कार्यपालक अभियंता से अनुरोध भी किया। सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता का कार्यक्षेत्र का एक Limitation है, जो प्रमंडल से बाहर सीधे पत्राचार नहीं कर सकता, उन्हें कार्यपालक अभियंता के माध्यम से पत्राचार करना होता है। बिटुिमन चालान (पेपर) की सत्यता की जाँच की जिम्मेवारी प्रमंडलीय कार्यालय तथा कार्यपालक अभियंता, एकाउन्टेंट, बिल कलर्क, कैशियर आदि की हाती है। जैसा कि सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-09/अल॰-05-03/03-8320(एस) अनु॰ दिनांक-21.07.2011 द्वारा पूर्व में ही कार्यपालक अभियंता को पेपर इत्यादि का जाँच कराने की जिम्मेवारी दी गयी थी। मैंने सहायक अभियंता के रूप में अपनी जिम्मेवारी को निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा से एवं ईमानदारी पूर्वक किया है। अतः संवेदक से मिली-भगत एवं गलत मानसिकता का तथाकथिप आरोप आधारहीन है। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-01 को आंशिक तथा आरोप संख्या-02 को पूर्ण प्रतिवेदित किया गया है। यह उनके द्वारा अतिमहत्वकांक्षा की पूरी नहीं होने के कारण किया गया है, क्योंकि जो कार्य सहायक अभियंता के रूप में मुझसे संबंधित ही नहीं है, उस कार्य के लिए मैं कही से दोषी नहीं हूँ। किसी कार्यालय में पदस्थापित होने से उस कार्यालय के सभी कर्मी किसी कार्य के लिए दोषी नहीं हो सकते। (ख) मेरा मूल पदस्थापन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल संख्या-03 के रूप में था। इसके अलावे मुझे सहायक अभियंता के कमी के कारण राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल संख्या-02 एवं गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल का प्रभार भी दिया गया था। विदित हो कि आलोच्य कार्य का प्रारम्भ बिन्दु प्रमंडलीय कार्यालय से लगभग 50 कि॰मी॰ तथा कार्यस्थल की औसत दूरी 60 कि॰मी॰ था। कार्य प्रारम्भ करने की तिथि-16.01.2017 एवं कार्य समाप्ति की तिथि-15.06.2017 थी। इस प्रकार 20 कि॰मी॰ लम्बाई के पथांश में मात्र पाँच महीने के अंदर कार्य को पूर्ण कराने का अत्यधिक दबाव था। मेरे अलावे गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल में कोई भी पदाधिकारी अथवा कर्मचारी पदस्थापित नहीं था (यथा सहायक शोध पदाधिकारी, शोध सहायक, लैब सहायक, लैब खलासी इत्यादि)। सामग्रियों को कार्य स्थल से प्रमंडल कार्यालय स्थित प्रयोगशाला लाने के लिए अथक प्रयास के बावजूद कोई चार चक्का वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। विषम परिस्थितियों में मैं बस, ऑटो एवं रिक्सा से निर्माण सामग्री लाकर जो जाँच संभव हो सका मेरे द्वारा किया गया यथा Gradation test, AIV, Bitumen Content Test इत्यादि. Bitument के Quality से संबंधित जाँच यथा Viscosity, Softening Point, Fire Point, Flash Point, Penetration Test, Ductility जाँच कर्मियों एवं समुचित उपकरणों के अभाव में प्रमंडलीय प्रयोगशाला में व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। कार्य शुरू करने से पहले बिटुमीन की Solubility Test (IS:73 के अंतर्गत शुद्धता जाँच के लिए) किया गया था, जो सही पाया गया था। अधीक्षण अभियंता महोदय द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि उपर्युक्त वर्णित कार्य का दोबारा उड़नदस्ता द्वारा जाँच की गयी थी। उक्त के आलोक में कहना है कि दोनों बार बिटुमिनस कार्य के Sample का जाँच TTRI में किया गया। उनके द्वारा बिटुमीन गुणवत्ता के संबंध में कोई प्रतिकूल टिप्पणी एकबार भी नहीं किया गया है। निर्गत DO के आधार पर बिटुमेन का उठाव राष्ट्रीयकृत तेल कम्पनी IOCL द्वारा किया जाना था, जो स्वयं एक ISO Certified एवं भारत सरकार का नवरत्न कम्पनी है तथा उसके प्रत्येक उत्पाद समस्त गुणवत्ता मानकों के जाँच के उपरान्त ही निर्गत किये जाते हैं। ऐसी पस्थिति में प्रमंडल में समुचित उपकरण तथा प्रशिक्षित कर्मी नहीं होने की वजह से उक्त जाँच नहीं किये गये। अतः यह व्यवस्थाजनित दोष है। इसमें मैं कहीं से दोषी नहीं हूँ। संचालन पदाधिकारी द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रसित, जल्दीवाजी में एकपक्षीय कार्रवाई की गयी है। संचालन पदाधिकारी द्वारा सेवानिवृति की तिथि-31.05.2022 के बाद सारी प्रक्रिया पूरी की गयी थी तथा मुख्यालय में जाँच प्रतिवेदन दिनांक-17. 06.2022 को समप्रित किया गया। अधीक्षण अभियंता के पत्र में कहा गया है कि IOCL द्वारा दिनांक-08.12.2017 को अलकतरा के पेपर के संबंध में प्रतिवेदित किया गया है। कार्यहित में यदि उक्त तिथि तक कार्य नहीं कराया गया होता तो पथ की स्थिति वर्षा मौसम में अत्यंत ही जर्जर हो जाती। इस प्रकार उपलब्ध अलकतरा के साथ कार्य को पूर्ण कराया गया। अलकतरा पेपर सत्यापन में त्रुटि के कारण संवेदक का लगभग 02 (दो) करोड़ रूपये का भुगतान रोक दिया गया, जो आजतक लम्बित है। इस प्रकार लगभग आधे खर्च में कार्य को पूर्ण करा लिया गया। अतः संवेदक से मिलीभगत एवं गलत मानसिकता का यदि जरा भी मंशा रहता तो संवेदक का पूर्ण भुगतान होता लेकिन जैसे ही पेपर सत्यापन में त्रुटि पायी गयी संवेदक का भुगतान रोक दिया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-03 को आंशिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है, जो पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर लिखा गया है। यदि उनके प्रतिवेदन को मान भी लिया जाय तो पूरे कार्य में कुल-31 बार अलकतरा की आपूर्ति की गयी थी। उनके अनुसार किसी दूसरे संस्थान से अलकतरा की गुणवत्ता जाँच करायी जाती, जो उनके द्वारा प्रतिवेदित किया है। इस कार्य में सामान्यतः एक बार अलकतरा के सभी जाँच के लिए कम से कम दस दिन का समय अनिवार्य रूप से लगता। इस प्रकार कुल-310 दिन अलकतरा जाँच में ही समय व्यतीत होता, जबकि इस कार्य की कार्यावधि कुल-05 माह थी। अतः यह जाँच प्रतिवेदन कहीं से व्यवहारिक एवं न्यायोचित नहीं है। 4. श्री देवकान्त कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता के द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर एवं समर्पित साक्ष्य के विश्लेषण से ज्ञात होता है कि आरोप सं॰-01 एवं 02 के संबंध में समेकित रूप से स्पष्टीकरण उत्तर दिया गया है। विदित43 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 हो कि आरोपी के विरूद्ध आरोप का मूल बिन्दु विभागीय निदेश के बावजूद संवेदक के समर्पित बिटुमिन पेपर की जाँच किये बगैर संवेदक को प्रथम एवं द्वितीय विपत्र के भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया। इन दोनों आरोपों के संबंध में आरोपी द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हुए उल्लेखित किया है कि इसके लिए कार्यपालक अभियंता ही जिम्मेवार है। इस संबंध में आरोपी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पूर्णतः तर्कहीन है, क्योंकि मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग के पत्रांक-532, दिनांक-23.02. 2017 की कंडिका-10 में दिये गये यह निदेश कि सामग्रियों की आपूर्ति/कार्य की गुणवत्ता से संबंधित जाँच में किसी तरह की त्रुटि/त्रुटियों के लिए संबंधित कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता दोषी होगें - का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया गया है। उनके द्वारा प्रस्तुत इस तरह के तर्क एक जिम्मेवार सहायक अभियंता स्तर के सरकारी पदाधिकारी से अपेक्षित नहीं है। जबकि उनके पास कोई विपत्र प्रस्तुत किया गया तो पूर्णरूपेण जाँच कर उसकी वैधता एवं सत्यता से संतुष्ट होने के पश्चात ही उन्हें वरीय पदाधिकारी के समक्ष अग्रसारित किया जाना चाहिए। इनके द्वारा यह कहना कि सत्यापन हेतु अनुरोध करने का दायित्व इनका नहीं है ग्राह्‌य नहीं है क्योंकि आरोपी पदाधिकारियों की पदीय जिम्मेवारी थी नियमानुसार विपत्र की सत्यता एवं वैधता की पूर्णरूपेण जाँचोपरान्त ही उपस्थापित/अग्रसारित किया जाना चाहिए था। अतः इस आरोप के संबंध में इनका उत्तर स्वीकार योग्य नहीं है। इन आरोपों के लिए श्री कुमार दोषी है। आरोप सं॰-03 यथा- Procured bitumen की प्राप्ति के 07 दिनों के अंदर I.S.-73 के अनुसार जाँच से संतुष्ट होने के उपरांत ही बिटुमिन को व्यवहार में लाने का निर्देश है, जिसका अनुपालन श्री कुमार के द्वारा नहीं किया गया तथा bituminous कार्य कराया गया- के संबंध में श्री कुमार द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, बल्कि संचालन पदाधिकारी के समक्ष दिये गये बचाव-बयान के लगभग समरूप तथ्य ही प्रस्तुत किया गया है। इसलिए यह आरोप भी श्री कुमार के विरूद्ध प्रमाणित होता है। 5. उपर्युक्त के आलोक में समीक्षोपरान्त पाया गया है कि के द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में कोई नया तथ्य/तर्क अंकित नहीं किया गया है, बल्कि विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखे गये बचाव-बयान के रूप में रखे तथ्यों की पुनरावृति है। अतः इनके द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए सम्यक विचारोपरांत उनके विहित समानुपातिक दायित्व को दृष्टिपथ में रखते हुए सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (V) के तहत निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i . प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। S श्री प्रभाशंकर कोकिल, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, पूर्णियाँ सम्प्रति सेवानिवृत के राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, पूर्णियाँ के पदस्थापन काल के दौरान राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, पूर्णियाँ अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-131A के कि॰मी॰ 55.12 से कि॰मी॰ 70 तक चल रहे IRQP कार्यों की जाँच उड़नदस्ता प्रमण्डल, संख्या-4 द्वारा किया गया। उड़नदस्ता प्रमण्डल संख्या-4 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त पायी गयी 01 (एक) त्रुटि/अनियमितता के संबंध में विभागीय पत्रांक-9951 (एस) अनु॰ दिनांक-30.10.2017 द्वारा श्री कोकिल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। 2. श्री कोकिल के पत्रांक-749 दिनांक-24.11.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। प्राप्त स्पष्टीकरण की तकनीकी समीक्षा में पथ में BC Grade-II कार्य के अन्तर्गत अलकतरा की औसत मात्रा 4.07 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान 5.4 प्रतिशत तथा विभागीय टॉलरेन्स लिमिट 4.19 प्रतिशत से कम है। उक्त पायी गयी कमी के संबंध में श्री कोकिल के द्वारा कोई ठोस एवं खंडनयुक्त तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके फलस्वरूप विभागीय तकनीकी समीति की दिनांक-27.07.2018 की आहूत बैठक में समीक्षोपरान्त श्री कोकिल का दायित्व निर्धारित किया गया।

उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री प्रभाशंकर कोकिल, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, पूर्णियाँ सम्प्रति सेवानिवृत के स्पष्टीकरण को अस्वी—त करते हुए सरकार के निर्णयानुसार सम्यक्‌ विचारोपरान्त इनके विहित समानुपातिक दायित्व का दृष्टिपथ में रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14 (v) के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-8408(एस) सहपठित ज्ञापांक-8409(एस) दिनांक-05. 11.2018 द्वारा ''

का दण्ड संसूचित किया गया है। 3. उक्त संसूचित दण्डादेश के विरूद्ध श्री कोकिल के पत्रांक-2373 अनु॰ दिनांक-03.12.2018 के द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री कोकिल के द्वारा अपने पुनर्विलोकन अर्जी में मुख्य रूप से विषयांकित मामले में ही संबंधित संवेदक के विरूद्ध दो वर्षों के लिए निलंबित किये जाने एवं कम मात्रा में उपयोग किये गये अलकतरा की राशि की वसूली किये जाने का दण्ड अधिरोपित किये जाने के पश्चात संवेदक द्वारा इसके विरूद्ध समर्पित अपील अभ्यावेदन पर विभागीय आदेश संख्या-4555 दिनांक-04.07.2018 द्वारा संवेदक के निलंबन आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए44 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमण्डल संख्या-04, पथ निर्माण विभाग को विषयांकित पथ के प्रत्येक दो कि॰मी॰ पर संवेदक के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बिटुमिन की मात्रा की जाँच कर तत्संबंधी प्रतिवेदन उपलब्ध कराये जाने के निदेश को अपने बचाव का आधार बनाया गया है। इसी क्रम में श्री कोकिल के द्वारा एक अन्य अभ्यावेदन दिनांक-19.09.2022 विभाग को समर्पित किया गया है, जिसमें उड़नदस्ता प्रमण्डल संख्या-04 के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर संवेदक के विरूद्ध अन्तिम रूप से लिये गये निर्णय को आधार बनाते हुए उनके विरूद्ध संसूचित लघु दण्ड से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। 4. श्री कोकिल द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। अभियंता प्रमुख के द्वारा उड़नदस्ता प्रमण्डल संख्या-04 के दिनांक-01.08.2018 को जाँचोपरान्त उपलब्ध कराये गये गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदन को आधार बनाते हुए श्री कोकिल के समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की विवेचना की गयी है, जिसमें कोकिल के अभ्यावेदन को स्वीकार योग्य नहीं पाये जाने का मंतव्य इस आधार पर दिया गया है कि टी॰टी॰आर॰आई॰ द्वारा विभाग के सभी प्रमंडलों के संपादित कार्यों का गुणवत्ता जाँच किया जाता है। संदर्भित मामले में जिस प्रमंडल द्वारा कार्य का संपादन कराया गया ह,ै उसी प्रमंडल यथा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ अधीनस्थ गुण नियंत्रण प्रयोगशाला द्वारा द्वितीय गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदित किया गया है, जो टी॰टी॰आर॰आई॰ द्वारा किये गये जाँच के कि॰मी॰ पथांश से अलग लोकेशन एवं भिन्न पथांश हैं। साथ ही श्री कोकिल द्वारा दिनांक-24.11.2017 को समर्पित स्पष्टीकरण में स्वयं स्वीकार किया गया है कि अलकतरा विभागीय टॉलरेंस मानक से कम है। उक्त वर्णित स्थिति में श्री प्रभाशंकर कोकिल तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति सेवानिवृत के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-2373 अनु॰ दिनांक-03.12.2018 को अस्वीकृत किया जाता है।

. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। S श्री अमलेश्वर प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर सम्प्रति : सेवा से बर्खास्त के विरूद्ध सारण पथ अंचल, हाजीपुर के पदस्थापन काल में भ्रष्ट क्रिया-कलापों द्वारा आय के ज्ञात श्रोतों से रु0 3,24,28,136/- (तीन करोड़ चौबीस लाख अठाईस हजार एक सौ छतीस रूपये) की अधिक परिसम्पत्ति अर्जित करने संबंधी आरोप के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा निगरानी थाना कांड संख्या-50/2014 दिनांक-14.08.2014 धारा-13(2)-सहपठित धारा-13(1)(ई) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अन्तर्गत दर्ज किये जाने की सूचना विभाग को उपलब्ध कराये जाने के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-8539 (एस) सहपठित ज्ञापांक-8540(एस) दिनांक-04.09.2014 द्वारा श्री सिंह को निलंबित किया गया तथा इनके विरूद्ध प्रपत्र-'क' के तहत आरोप गठित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10006 (एस) अनु॰ दिनांक-17.10.2014 द्वारा विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के अधीन विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. सचिव-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-651 (अनु॰)/अ॰वि॰जां॰आ॰, दिनांक-20.01.2016 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित एक मात्र आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। 3. प्रश्नगत मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोंपरांत असहमत होते हुए जाँच प्रतिवेदन को अस्वीकृत कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7287(S)We दिनांक-07.09.2016 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(1) के आलोक में पुनः नये सिरे से जाँच करने हेतु विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10006(S)We दिनांक-17.10.2014 की शेष शर्ते यथावत रखे जाने का निर्णय संसूचित किया गया। 4. विभागीय जाँच आयुक्त के ज्ञापांक-771 अनु॰ दिनांक-29.11.2016 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(1) में नये सिरे से जाँच का प्रावधान नहीं रहने के कारण जाँच नहीं करते हुए मूल अभिलेख विभाग को वापस कर दिया गया। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग का परामर्श प्राप्त किया गया, जिसमें यह परामर्श दिया गया कि विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7287(S)We दिनांक-07.09.2016 को समान आरोप के बिन्दु पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के प्रतिकूल बताते हुए निरस्त किया जाय एवं नियमानुसार विहित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए अंतिम निष्कर्ष तक पहुँचाया जाय। 5. सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में सम्पूर्ण मामले की सम्य्‌क समीक्षोपरांत निर्गत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7287(S)We दिनांक-07.09.2016 को सरकार के निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना संख्या-8545(S) दिनांक-04.10.2017 द्वारा निरस्त किया गया। 6. प्रश्नगत मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत उत्पन्न असहमति के बिन्दुओं पर विभागीय पत्रांक-8554 (एस) अनु॰ दिनांक-04.10.2017 द्वारा श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री सिंह के पत्रांक-शून्य दिनांक-18.12.17 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की सम्यक्‌ समीक्षा में श्री सिंह द्वारा प्रस्तुत किये गये तर्क को सुसंगत तथ्यों एवं साक्ष्यों पर आधारित नहीं पाया गया। फलतः इनके विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन का आरोप प्रमाणित पाये जाने की स्थिति में श्री सिंह के द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को विचारणीय नहीं पाते हुए अस्वीकृत कर45 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 दिया गया एवं गंभीर कदाचार का दोषी पाते हुए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14 (xi) के तहत "सेवा से बर्खास्तगीे" के दंड प्रस्ताव पर सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार के रूप में माननीय मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त किया गया। 7. सरकार का उक्त निर्णय वृहद दंड की श्रेणी में होने की स्थिति में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(7) के आलोक में एतद्‌संबंधी अनुमोदित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-7480 (एस) दिनांक-27.09.2018, द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अपने पत्रांक-548 दिनांक-07.06.2019 द्वारा श्री सिंह को सेवा से बर्खास्त करने संबंधी विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त किया गया। 8. तदालोक में श्री अमलेश्वर प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर के विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन संबंधी आरोपों के प्रमाणित पाये जाने के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14 (xi) में निहित प्रावधानों के अनुसार इन्हें "सेवा से बर्खास्त" करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति प्राप्त की गयी। उक्त स्वीकृति के आलोक में श्री अमलेश्वर प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर को उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-7559(एस)- सह-पठित ज्ञापांक-7560(एस) दिनांक-20.08.2019 के द्वारा ''तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त'' का दंड संसूचित किया गया। 9. श्री सिंह के द्वारा उक्त संसूचित दंड के विरूद्ध पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक- 08.09.2022 एवं अन्य समर्पित किया गया, जिसमें श्री सिंह के द्वारा सूचित किया गया कि इनके विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन संबंधी दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-50/2014 से संबंधित विशेष वाद संख्या-56/2014 में दिनांक-01.02.2021 को विशेष न्यायाधीश (निगरानी), पटना द्वारा निम्नवत आदेश पारित किया गया हैः- "Heard the prosecution on the point of cognizance and perused the case record. From perusal of the same it appears that the informant Md. Zamiruddin has filed this case against the accused Amleshwar Prasad Singh. The case was registered and Sri Zamiruddin himself took the charge of investigation. After investigation the IO has submitted final report showing lack of evidence against the accused. Final report was submitted on dated 04.12.2019 and the informant neither filed any protest nor appeared to explain any cause inspite of issuance of notice twice. Hence, it is crystal clear that the informant has lost his interest in this case. Giving more opportunities would result in wastage of the court's precise time and absolutely there is no material available on record for proceeding further with this case. Accordingly, the final report submitted by the IO is, hereby, accepted and this case is accordingly disposed off. OC is directed to deposit this record in the record room." श्री सिंह के द्वारा मुख्य रुप से समर्पित किया गया कि आलोच्य मामले में इनकेे विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड में साक्ष्य के अभाव में आरोप पत्र समर्पित नहीं किया गया एवं निगरानी न्यायालय द्वारा उक्त तथ्यों पर विचार करते हुये संबंधित वाद को बंद कर दिया गया है। इस प्रकार आपराधिक मामले में साक्ष्य के अभाव में मुक्त किये जाने तथा उसी मामले में विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन से असहमत होते हुए सेवा से बर्खास्तगी संबंधी विभागीय अधिसूचना संख्या-7559(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-7560(एस) दिनांक-20.08.2019 निर्गत किया गया है। तदालोक में संसूचित दंडादेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया। 10. आलोच्य मामले में श्री सिंह के द्वारा रखे गये तथ्यों/तर्कों के समीक्षोपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना से परामर्श प्राप्त किया गया। इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के द्वारा निम्न परामर्श दिया गया हैः- ''विचाराधीन मामले में आय से अधिक सम्पत्ति से संबंधित आपराधिक मामले में श्री सिंह को न्यायालय द्वारा साक्ष्य की कमी के आधार पर दोषमुक्त किया गया है। अतः यदि अनुशासनिक कार्रवाई में गठित आरोप पत्र में आरोप वही है, जिन आरोपों के लिए आपराधिक कार्रवाई चलाई गयी थी, तब आपराधिक कार्रवाई के निर्णय के आलोक में अनुशासनिक कार्रवाई में लिये गये निर्णय पर पुनर्विचार अपेक्षित हो जाता है। परन्तु यदि अनुशासनिक कार्रवाई में आरोप प्रशासनिक चूकों के संदर्भ में जाँच कर गठित किया गया हो और आपराधिक और अनुशासनिक मामलों के आरोप पत्र में भिन्नता हो, तब आपराधिक कार्रवाई के निर्णय के आलोक में अनुशासनिक कार्रवाई में लिये गये निर्णय पर पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं होगी।'' 11. प्रश्नगत्‌ मामले में विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त विधिक परामर्श निम्नवत्‌ हैः- "If charge in disciplinary proceeding and criminal case is same and criminal case results in acquittal beyond reasonable doubt, the authorities may have to look into the disciplinary proceeding. It is not the mandate that acquittal in criminal case would ipso facto result in46 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 exoneration in disciplinary proceeding. However, the disciplinary authority may have to examine the charge and materials to substantiate the same. If evidence to prove charges are same which is subject matter of criminal case, then disciplinary authority may have to revisit the punishment. Reference in this regard has been made to judicial pronouncement referred to in the note of Ld GA 13 on page 194 N." 12. अतएव सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना एवं विधिक परामर्श के आलोक में आलोच्य मामले की समीक्षा की गयी। उक्त समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही में गठित आरोप पत्र श्री सिंह के विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-50/2014 दिनांक-14.08.2014 पर आधारित है। इस मामले में निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो), बिहार, पटना के पत्रांक-2111 दिनांक-21.08.2014 के द्वारा प्रतिवेदित साक्ष्यों के आधार पर ही विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस प्रकार श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का आधार एवं साक्ष्य इनके विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-50/2014 है। ऐसी स्थिति में विभागीय समीक्षोपरांत श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के उपरान्त तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किये जाने संबंधी संसूचित विभागीय अधिसूचना संख्या-7559(एस) -सह-पठित ज्ञापांक-7560(एस) दिनांक-20.08.2019 को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। 13. श्री सिंह की जन्म तिथि 15.01.1966 तथा सेवानिवृति की तिथि 31.01.2026 है।

14. निगरानी थाना कांड संख्या-50/2014 से संबंधित विशेष वाद संख्या-56/2014 में दिनांक-01.02.2021 को पारित आदेश के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना एवं विद्वान महाधिवक्ता, बिहार, पटना से प्राप्त परामर्श के आधार पर विभागीय समीक्षोपरांत श्री अमलेश्वर प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने संबंधी विभागीय अधिसूचना संख्या-7559(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-7560(एस) दिनांक-20.08.2019 को निरस्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति प्राप्त की गयी।

उक्त स्वीकृति के आलोक में श्री अमलेश्वर प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने संबंधी विभागीय अधिसूचना संख्या-7559(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-7560(एस) दिनांक-20.08.2019 को निरस्त किया जाता है। S पथ प्रमंडल, समस्तीपुर अन्तर्गत OPRMC-II के पैकेज संख्या- 10A के तहत्‌ संधारित 15 पथों के सेवा स्तर की जाँच विशेष निरीक्षण दल के द्वारा दिनांक- 29.10.2020 से 31.10.2020 तक की अवधि में किया गया। विशेष निरीक्षण दल का जाँच प्रतिवेदन पत्रांक- शून्य दिनांक- 15.11.2020 द्वारा मुख्य अभियंता, पथ संधारण उपभाग को समर्पित किया गया। जाँच प्रतिवेदन एवं आलोच्य पथों के दिनांक- 01.10.2020 से 28.10.2020 तक क्षेत्रीय अभियंताओं के द्वारा समर्पित Non-Compliance की Online Reporting की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में निरीक्षित पथों के सेवा स्तर में गंभीर त्रुटियाँ पायी गयी, जैसे कि निरीक्षित कुल 101.67 कि॰मी॰ पथांश में से 4.00 कि॰मी॰ में Pot holes, 16.00 कि॰मी॰ में Crust में अन्य Defect, 44.00 कि॰मी॰ में Road Marking, 16.00 कि॰मी॰ में Sinage तथा 34.00 कि॰मी॰ में Painting से संबंधित गंभीर Defect पाये गये। साथ ही तथ्य के विपरीत Online Reporting, पथों के संधारण में OPRMC के अन्तर्गत संविदा प्रबंधन के सुसंगत नियमों का पालन नहीं किये जाने, नियमानुसार पथों के सेवा स्तर का नियमित अनुश्रवण तथा Contractual Defaults पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं किये जाने इत्यादि संबंधी अनियमितता भी पायी गयी। 2. उक्त के आलोक में पायी गयी त्रुटियों/अनियमितताओं में से श्री दीपक कुमार मिश्रा, तदेन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, समस्तीपुर से उनके प्रभाराधीन 06 (छः) पथों के संबंध में आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक- 3019 (एस) अनु॰ दिनांक- 29.06.2021 के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया, जिसमें उत्तर समर्पित करने हेतु उन्हें 15 दिनों का अवसर दिया गया। श्री मिश्रा का उत्तर अप्राप्त रहने की स्थिति में उन्हें पत्रांक- 4485(एस) दिनांक-07.09.2021 द्वारा 07 दिनों का अवसर देते हुए पुनः स्मारित किया गया। परन्तु इनका उत्तर निर्धारित अवधि में अप्राप्त रहा।

3. उक्त से स्पष्ट है कि श्री मिश्रा के द्वारा स्वेच्छाचारिता अपनाते हुए विभागीय निदेश की अवहेलना की गयी एवं स्पष्टीकरण उत्तर स्मारोपरांत निर्धारित अवधि में समर्पित नहीं किया गया, जो इनके प्रभाराधीन पथों में पायी गयी त्रुटियों सहित इनके द्वारा OPRMC के तहत्‌ संधारित पथों के संधारण में OPRMC के अन्तर्गत तथ्य के विपरीत Online Reporting करने, पथों के सेवा स्तर का नियमानुसार नियमित अनुश्रवण तथा Contractual Defaults पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं किये जाने एवं संविदा प्रबंधन के सुसंगत नियमों का पालन नहीं किये जाने संबंधी गठित आरोप की पुष्टि करता है। यह भी स्पष्ट है कि इनके द्वारा Defects को Application Table (C4.1.1 से C4.7.1) समय सारणी के अनुरूप Reporting Time में पूरा नहीं करने के कारण नियमानुसार GC Clause 33.2 के अनुरूप समुचित कार्रवाई नहीं की गयी, जो श्री मिश्रा के कर्त्तव्यहीनता, विभागीय निदेश की अवहेलना एवं उदासीनता का द्योतक है।

4. अतः आलोच्य मामले में प्रमाणित आरोपों के लिये श्री दीपक कुमार मिश्रा, तदेन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, समस्तीपुर को समानुपातिक रूप से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-47 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 14(v) के तहत्‌ विभागीय अधिसूचना सं॰-3973(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-3974(एस) दिनांक-29.07.2022 के द्वारा निम्न लघु दंड संसूचित किया गयाः- i 5. उक्त संसूचित दंड के विरूद्ध श्री मिश्रा के पत्रांक-शून्य दिनांक-12.09.2022 के द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें मुख्य रूप से अंकित किया गया कि इनके पत्रांक-शून्य दिनांक-11.01.2022 के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर बिना विचार किये ही दंड संसूचित किया गया। इसके अतिरिक्त श्री मिश्रा द्वारा यह भी कहा गया कि इनके द्वारा आलोच्य मामले में OPRMC के संविदा प्रबंधन के नियमों/प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई किया गया है।

6. श्री मिश्रा द्वारा अंकित सभी तथ्यों/तर्कों की समीक्षा की गयी। उक्त में पाया गया कि आलोच्य मामले में विशेष निरीक्षण दल की जाँच में विभिन्न प्रकार की त्रुटियाँ पायी गयी थी, जिससे स्पष्ट है कि पथों के उचित संधारण/रख-रखाव में चूक बरती गयी। इसके अतिरिक्त श्री मिश्रा के द्वारा पथों के नियमित अनुश्रवण/ऑनलाईन रिपोर्टिंग में भी पर्यवेक्षकीय दायित्वों के निर्वहन में चूक पायी गयी। इस प्रकार श्री मिश्रा द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। अतएव उपर्युक्त के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त श्री दीपक कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक-12.09.2022 को अस्वीकृत किया जाता है। प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। S पथ प्रमंडल, समस्तीपुर अन्तर्गत OPRMC-II के पैकेज संख्या-10A के तहत्‌ संधारित 15 पथों के सेवा स्तर की जाँच विशेष निरीक्षण दल के द्वारा दिनांक-29.10.2020 से 31.10.2020 तक की अवधि में किया गया। विशेष निरीक्षण दल का जाँच प्रतिवेदन पत्रांक- शून्य दिनांक-15.11.2020 द्वारा मुख्य अभियंता, पथ संधारण उपभाग को समर्पित किया गया। जाँच प्रतिवेदन एवं आलोच्य पथों के दिनांक-01.10.2020 से 28.10.2020 तक क्षेत्रीय अभियंताओं के द्वारा समर्पित Non-Compliance की Online Reporting की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में निरीक्षित पथों के सेवा स्तर में गंभीर त्रुटियाँ पायी गयी, जैसे कि निरीक्षित कुल 101.67 कि॰मी॰ पथांश में से 4.00 कि॰मी॰ में Pot holes, 16.00 कि॰मी॰ में Crust में अन्य Defect, 44.00 कि॰मी॰ में Road Marking, 16.00 कि॰मी॰ में Sinage तथा 34.00 कि॰मी॰ में Painting से संबंधित गंभीर Defect पाये गये। साथ ही तथ्य के विपरीत Online Reporting, पथों के संधारण में OPRMC के अन्तर्गत संविदा प्रबंधन के सुसंगत नियमों का पालन नहीं किये जाने, नियमानुसार पथों के सेवा स्तर का नियमित अनुश्रवण तथा Contractual Defaults पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं किये जाने इत्यादि संबंधी अनियमितता भी पायी गयी। 2. उक्त के आलोक में पायी गयी त्रुटियों/अनियमितताओं में से श्री प्रभुनाथ, तदेन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, समस्तीपुर सम्प्रति सेवानिवृत से उनके प्रभाराधीन 09 (नौ) पथों के संबंध में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139(सी) के तहत विभागीय पत्रांक-5253(एस)अनु0 दिनांक-18.10.2022 के द्वारा कारण पृच्छा किया गया। उक्त के संबंध में श्री प्रभुनाथ के पत्रांक-शून्य दिनांक-31.12.2022 द्वारा कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया, जिसमें मुख्य रुप से श्री प्रभुनाथ के द्वारा आलोच्य मामले में OPRMC के संविदा प्रबंधन के नियमों/प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई किये जाने तथा तथ्य के विपरीत ऑनलाईन रिपोर्टिंग नही किये जाने का उल्लेख किया गया।

3. श्री प्रभुनाथ द्वारा अंकित सभी तथ्यों/तर्कों की समीक्षा की गयी। उक्त में पाया गया कि आलोच्य मामले में विशेष निरीक्षण दल की जाँच में विभिन्न प्रकार की त्रुटियाँ पायी गयी थी, जिससे स्पष्ट है कि पथों के उचित संधारण/रख-रखाव में चूक बरती गयी। इसके अतिरिक्त श्री प्रभुनाथ के द्वारा पथों के नियमित अनुश्रवण/ऑनलाईन रिपोर्टिंग में भी पर्यवेक्षकीय दायित्वों के निर्वहन में चूक पायी गयी। इस प्रकार श्री प्रभुनाथ द्वारा समर्पित कारण पृच्छा उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। अतएव उपर्युक्त के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त श्री प्रभुनाथ, तदेन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, समस्तीपुर सम्प्रति सेवानिवृत के द्वारा समर्पित कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए प्रमाणित आरोपों के समानुपातिक इनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(c) के तहत निम्न दण्ड अधिरोपित किया जाता हैः- (i) 4. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।48 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 S पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद अन्तर्गत बंधुगंज-हबलीपुर-चंधरिया-मसौढ़ी पथ में कराये गये/कराये जा रहे कार्यो की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-02, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 13.07.2017 को की गयी। उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-02 द्वारा जाँचोपरांत प्रारंभिक एवं अन्तिम (गुणवत्ता) जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसकी विभागीय समीक्षोपरांत परिलक्षित निम्नलिखित त्रुटियों के लिए श्री समलदेव कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण) पथ प्रमंडल, बेतिया से विभागीय पत्रांक-442 (एस) अनु॰, दिनांक 15.01.2018 के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी :- (i) पथ के 15वें कि॰मी॰ में कराये गये SDBC Gr-2 का FDD-2.11 gm/cc पाया गया जो प्राक्कलन में प्रावधानित 2.30 प्रतिशत से कम है। (ii) पथ के 15वें कि॰मी॰ में कराये गये SDBC Gr-2 कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 3.90 प्रतिशत पाया गया, जो प्राक्कलन में प्रावधानित मात्रा 5.00 प्रतिशत से कम है। 2. स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय पत्रांक-2688 (एस) दिनांक 04.04.2018, पत्रांक-4861 (एस) दिनांक 26.06.2018, पत्रांक-3376 (एस) दिनांक 15.03.2019, पत्रांक-4676 (एस) दिनांक 10.05.2019, पत्रांक-7193 (एस) दिनांक 05.08.2019 एवं पत्रांक-898 (एस) दिनांक 04.02.2020 द्वारा स्मारित किया गया, परन्तु श्री कुमार द्वारा स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित नहीं किया गया। स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किये जाने हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान किये जाने के बावजूद स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित नहीं किया गया। स्पष्टीकरण उत्तर अप्राप्त रहने की स्थिति में सम्यक समीक्षोपरांत श्री समलदेव कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण) पथ प्रमंडल, बेतिया के विरूद्ध गठित आरोप/त्रुटि प्रमाणित मानते हुए समानुपातिक रूप से इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (v) के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-5349 (एस) दिनांक-20.10. 2022 सहपठित ज्ञापांक-5350 (एस) दिनांक-20.10.2022 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गया :-

3. श्री कुमार के द्वारा उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 15.11.2022 समर्पित किया गया। समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन के विभागीय समीक्षोपरांत पाया गया कि आलोच्य मामले में ही संबंधित संवेदक के निबंधन को 10 (दस) वर्ष के लिए कालीकृत किया गया था, जिसके विरूद्ध संवेदक द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन के पूर्ण समीक्षोपरांत निबंधन को कालीकृत किये जाने संबंधित पूर्व के आदेश को संशोधित करते हुए निबंधन को बहाल कर दिया गया। समीक्षा के क्रम में प्रधान सचिव द्वारा यह अभिलिखित किया गया है कि पथों के संधारण में त्रुटि परिस्थितिजन्य भी रहा है। अतः उक्त विवेचन को दृष्टिगत रखते हुए श्री समलदेव कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण) पथ प्रमंडल, बेतिया के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना संख्या-5349 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-5350 (एस), दिनांक 20.10.2022 द्वारा संसूचित दण्ड को निम्नलिखित रूप में परिवर्त्तित किया जाता है :-

निग/सारा-(लघु जल) आरोप-76/2020 S श्री शिवदानी कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हाजीपुर के द्वारा लघु सिंचाई प्रमंडल, हाजीपुर के पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता के लिए इनके विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर लघु जल संसाधन विभाग के पत्रांक-2756 दिनांक-09.07.2020 द्वारा कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया, जिसके विभागीय समीक्षोपरान्त निम्न त्रुटियाँ/अनियमितता पायी गयी :-

(i) लघु जल संसाधन विभाग के आदेश संख्या-539-सहपठित ज्ञापांक-7636 दिनांक-23.10.2019 द्वारा श्री शिवदानी कुमार, सहायक अभियंता को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ''जल जीवन हरियाली'' अभियान हेतु प्राक्कलन पदाधिकारी-सह-सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हाजीपुर के पद पर पदस्थापित किया गया, जिसके क्रम में श्री कुमार द्वारा दिनांक-25.10.2019 को प्रमंडलीय कार्यालय में योगदान समर्पित किया गया परन्तु कई बार निदेशित किये जाने के दो माह बाद इनके द्वारा दिनांक-08. 01.2020 को प्राक्कलन पदाधिकारी के पद पर फॉर्म-202 के माध्यम से स्वतः प्रभार ग्रहण किया गया। योगदान के उपरांत भी इनके द्वारा विभागीय कार्य में कोई अभिरूचि नहीं ली गयी। ''जल जीवन हरियाली'' अभियान जैसी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को ससमय पूर्ण किये जाने के निमित ही श्री कुमार की सेवा पथ निर्माण विभाग द्वारा लघु जल संसाधन विभाग को उपलब्ध करायी गयी थी, परन्तु श्री कुमार द्वारा उक्त कार्य में किसी प्रकार की रूचि नहीं लेना, बिना अनुमति के अनुपस्थित रहना, वरीय पदाधिकारियों के निदेशों की अवहेलना करना, उनकी कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता को दर्शाता है।49 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 2. वर्णित पायी गयी उक्त त्रुटियों के संबंध में विभागीय पत्रांक-7004 (एस) अनु॰ दिनांक-18.12.2020 द्वारा श्री शिवदानी कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हाजीपुर से स्पष्टीकरण कि मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक-शून्य दिनांक-24.12.2020 द्वारा उत्तर समर्पित किया गया, जिसको विभागीय समीक्षा में स्वीकार्य योग्य नहीं पाया गया। 3. तद्‌ालोक में श्री शिवदानी कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रतिः सेवानिवृत के विरूद्ध उक्त त्रुटियों के लिए आरोप गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4111 (एस) अनु0 दिनांक- 17.08.2021 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-41 अनु॰/गो०, दिनांक-21.02.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप को अप्रमाणित होने का निष्कर्ष दिया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा इस आधार पर आरोप को अप्रमाणित होने का निष्कर्ष दिया गया कि लघु जल संसाधन विभाग के पत्रांक-539 दिनांक-23.10.2019 द्वारा श्री कुमार का पदस्थापन करने के पश्चात इनके द्वारा दिनांक-25.10.2019 को योगदान किया गया, लेकिन इनके योगदान को कार्यपालक अभियंता द्वारा अक्षम घोषित करते हुए अस्वीकृत कर दिया गया। लघु जल संसाधन विभाग के पत्रांक-8007 दिनांक-15.11.2019 द्वारा दिये गये आदेश पर जब श्री कुमार द्वारा पुनः दिनांक-08.01.2020 को स्वतः प्रभार ग्रहण किया गया तो श्री कुमार के आग्रह के बावजूद उनसे कोई कार्य नहीं लिया गया। श्री कुमार से बिना कार्य कराये ही इनकी सेवा दिनांक-28.10.2019 को मात्र 03 दिन में लघु जल संसाधन विभाग में वापस कर देना तथा वापस करने वाले पत्रांक-1671 दिनांक-28.10.2019 को कभी भी निरस्त नहीं करना श्री कुमार के लिए असमंजस की स्थिति पैदा की गयी। 4. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में सम्य्‌क विचारोपरांत संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री शिवदानी कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हाजीपुर सम्प्रतिः सेवानिवृत सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को आरोप मुक्त किया जाता है।

प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। S नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-736 दिनांक 10.02.2020 में उल्लेख है कि गृह विभाग, बिहार सरकार के पत्रांक-1073, दिनांक-31.01.2020 द्वारा पटना शहर में जल-जमाव के लिए गठित उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन के आलोक में दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई करने हेतु पत्र प्राप्त हुआ। इस उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन में पथ निर्माण विभाग से बुडको में प्रतिनियुक्त श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना एवं अन्य अभियंताआें के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। नगर विकास एवं आवास विभाग के उक्त पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री योगेन्द्र कुमार के विरूद्ध निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही करने का निदेश सक्षम प्राधिकार द्वारा प्राप्त है। 2. तद्‌्‌ालोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-1242 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-1243 (एस), दिनांक 14.02.2020 द्वारा श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। 3. श्री कुमार के आवेदन दिनांक 06.10.2020 में अनुरोध किया गया कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में चूंकि उनका निलंबन 07 माह से अधिक हो गया है एवं आरोप-पत्र गठित नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें निलंबन मुक्त किया जाय। श्री कुमार के अनुरोध पर समीक्षोंपरांत विचार किया गया कि उन्हें निलंबित किये हुए 10 माह से अधिक हो चुका है एवं नगर विकास एवं आवास विभाग से उनके विरूद्ध संशोधित आरोप-पत्र प्राप्त होने में विलम्ब हो जाने के कारण आरोप-पत्र के गठन में विलम्ब हुआ है। 4. अतः सम्यक विचारोपरांत उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-573-सहपठित ज्ञापांक-574, दिनांक 27.01.2021 के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। इसका इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडे़गा। साथ ही श्री कुमार के निलंबन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान अनुमान्य होगा और निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा-का निर्णय संसूचित किया गया। 5. उक्त संसूचित निर्णय के विरूद्ध श्री कुमार के द्वारा मान्‌नीय उच्च न्यायालय में (CWJC No-8478/2020 से उद्‌भूत) I.A No-01/2021 दायर किया गया, जिसमें इनके द्वारा मान्‌नीय उच्च न्यायालय, पटना के तीन न्यायाधीशों के खण्डपीठ द्वारा CWJC No-1562/2009 एवं LPA No-778/2009 में दिनांक 16.09.2009 को पारित संयुक्त आदेश [2009 (4)PLJR 272; 2010 (1) BBCJ 261 द्वारा Reported] के संदर्भ में निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन भुगतान का दावा किया गया। श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता द्वारा CWJC No-8478/2020 में दायर I.A50 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 No-01/2021 में दिनांक 18.02.2021 को पारित न्यायादेश संलग्न करते हुए उक्त अंकित PLJR 272 का संदर्भ देते हुए विभाग में निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन भत्ता सहित भुगतान हेतु आवेदन दिनांक 03.03.2021 को समर्पित किया गया। CWJC No-8478/2020 में दायर I.A No-01/2021 योगेन्द्र कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 18.02. 2021 को पारित न्यायादेश का कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :- ''Considering the facts and circumstances of the case and without going into the merits of this Case, this writ application is disposed of with a direction to the concerned/authority that if the petitioner files a representation along with a copy of this order before him, the same shall be considered in accordance with law and he would be obliged to pass a reasoned and speaking order within a period of three months from the date of filing of such representation. The concerned authority would be solely responsible for non-compliance of this order within the stipulated period, as aforesaid. With the aforesaid direction, this writ application stands disposed of". 6. श्री कुमार के द्वारा समर्पित आवेदन एवं उसके साथ संलग्न न्यायादेश की गहन विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में श्री रघुनाथ प्रसाद, कार्यपालक अभियंता के समरूप मामले में CWJC No-2313/2012 में दिनांक 05. 03.2012 को पारित न्यायादेश संज्ञान में आया है, जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :- ''But, that does not detract from the legal position that charges have admittedly not been framed against the petitioner within a period of seven months from the date of suspension, 06.08.2008. Charges were required to be framed by 05.03.2009. It has been framed on 25.06.2009. The suspension therefore stands revoked after seven months as discussed in Paragraph-20 (e) of Gyan Kumar Ram (supra). The petitioner is held entitled to salary. In what manner the period of suspension has to be treated is for the disciplinary authority to decide". 7. उक्त पारित न्यायादेश पर कार्रवाई हेतु विधि विभाग के माध्यम से विद्वान महाधिवक्ता का परामर्श प्राप्त किया गया था, जो प्रासंगिक मामले में निम्नवत्‌ है :- ''I have perused the noted order of Hon'ble Court kept at C-508 to 505 whereby, relying on Paragraph 20 (e) of the Full Bench judgement passed in State of Bihar Vs. Gyan Kumar Ram (2009 (4) PLJR 272), the Hon'ble Single Bench has held that, if charges have not been framed within a period of 7 months from date of suspension it would automatically stand revoked after 7 months. This proposition of law is on the basis of interpretation of the proviso to Rule 9 (7) of the Bihar Government Servant (C.C.A) Rules 2005 made by the said Full Bench. Thus, in accordance with the aforesaid settled law, the Single Bench had held by it's order dated 05.03.2012 that petitioner Sr. Raghu Nath Prasad was suspended by order dated 06.08.2008 and no charge sheet was framed till expiry of 7 months on 05.03.2009 and therefore his suspension stood automatically revoked as on that date 05.03.2009, by operation of law as per para 20 (e) of the Full Bench judgment. Thus the court held the petitioner to be entitled for salary thereafter. The Court further held, 'in what manner the period of suspension to be treated is for the disciplinary authority to decide.' Therefore the formal issuance of order of revocation of suspension dated 16.09.2009 cannot deprive the petitioner from salary w.e.f. 05.03.2009 on which date order of suspension stood revoked by operation of law. Hence the arrear of salary is directed to be paid to the petitioner''. 8. उक्त न्यायादेश एवं प्राप्त परामर्श के आलोक में श्री रघुनाथ प्रसाद का निलंबन की तिथि से 07 माह की तिथि तक आरोप पत्र गठित नहीं हो सकने की स्थिति में निलंबन मुक्त किया गया। इस 07 माह की निलंबन अवधि का विनियमन का निर्णय उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिये जाने का निर्णय लिया गया। 07 माह के अतिरिक्त निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन भत्ता के भुगतान की स्वीकृति दी गई । 9. अतएव उक्त अंकित तथ्योें के आलोक में सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय सकारण मुखर आदेश संख्या-941(एस) दिनांक-22.02.2023 के द्वारा श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता के संबंध में निम्न निर्णय लिया गया :-

51 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

(i) विभागीय अधिसूचना संख्या-573 (एस), दिनांक 27.01.2021 को पुनरीक्षित करते हुए श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता के निलंबन की तिथि 14.02.2020 से 07 माह की अवधि पूरा होने के बाद की तिथि 14.09.2020 (जिस दौरान आरोप-पत्र का गठन नहीं हो सका) के प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए इस निलंबित अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता अनुमान्य होगा तथा इस अवधि का विनियमन इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा। (ii) निलंबन की तिथि से 07 माह पूरा होने की तिथि के पश्चात्‌ अतिरिक्त निलंबन की अवधि (15.09.2020 से 26.01.2021 ) तक पूर्ण वेतन भत्ते का भुगतान जीवन निर्वाह भत्ता को समायोजित करते हुए अनुमान्य किया जाता है। 10. कालान्तर में आलोच्य मामले में ही एक अन्य आरोपी पदाधिकारी श्री सूर्यकान्त, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा उनके निलंबन अवधि के 07 (सात) माह के अन्दर आरोप-पत्र गठित नहीं होने के कारण नियमानुसार निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया है। साथ ही उनके द्वारा समरूप मामले CWJC N0- 4138/2020 सुरेश राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में मान्‌नीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-06.04.2021 को पारित आदेश की छायाप्रति संलग्न करते हुए उक्त न्याय निर्णय के आलोक में उनके निलंबन अवधि दिनांक-14.02.2020 से दिनांक-27.01.2021 तक की अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया गया है। CWJC N0- 4138/2020 में पारित आदेश का कार्यशील अंश निम्नवत्‌ है :-

It is the case of the respondents that on expiry of the period of three months of the order suspension which fell on 16.10.2019 no order renewing the suspension, as contemplated under Rule 9(7) of the Rules, was passed by the respondents. In any case of the matter on expiry of a further period of four months (with effect from 16.10.2019) i.e on 16.2.2020, in view of the proviso to Rule 9(7) of the Rules read with paragraph no. 20(e) of the judgment in the case of Gyan Kumar Ram (supra) the order of suspension of the petitioner stood revoked on 16.2.2020, even without passing of any formal order. In terms of the Full Bench judgment the authorities at this stage were required to pass appropriate orders posting the petitioner who was entitled to get full salary. No such order was passed and the petitioner retired from service on 29.2.2020. Thus this Court is of the opinion that the petitioner is entitled for the arrears of difference of salary for the period from 16.7.2019 i.e date that he was placed under suspension till the date of his retirement on 29.2.2020 after deducting the amount of the suspension allowance and/or any other amount which may have been paid to the petitioner for the said period.

11. श्री योगेन्द्र कुमार के निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय लेने के क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग से भी परामर्श प्राप्त किया गया था, जिसके आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग ने LPA No-778/2009 में दिनांक 16.09.2009 को पारित आदेश की व्याख्या करते हुए निम्नलिखित परामर्श दिये :-

12. CWJC No-4138/2020 में पारित न्यायादेश एवं सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय सकारण मुखर आदेश सं॰-941 (एस) दिनांक 22.02.2023 द्वारा लिये गये निर्णय की पुनः समीक्षा करते हुए श्री योगेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति निलंबित के संबंध में निम्नलिखित निर्णय लिये जाते है :-

विभागीय अधिसूचना संख्या-573 (एस), दिनांक 27.01.2021 एवं विभागीय सकारण मुखर आदेश संख्या-941 (एस), दिनांक 22.02.2023 को पुनरीक्षित करते हुए श्री योगेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता के निलंबन अवधि दिनांक 14.02.2020 से 26.01.2021 को कर्त्तव्य अवधि के रूप में पूर्ण वेतन एवं भत्तों के साथ विनियमित किया जाता है। इस क्रम में श्री कुमार को पूर्व में भुगतेय जीवन निर्वाह भत्ता का समायोजन किया जा सकेगा। S श्री अशोक कुमार, तत्कालीन मुख्य अभियंता के सचिव (प्रा॰) सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के विरूद्ध अनाधिकृत अनुपस्थिति के52 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 मामले में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4966 (एस) दिनांक 01.10.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप के बिन्दु निम्नवत्‌ है :-

(i) श्री अशोक कुमार, तत्कालीन मुख्य अभियंता के सचिव (प्रा॰), अग्रिम योजना उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना उक्त पदस्थापन अवधि में दिनांक 14.11.2019 से 13.12.2019 तक के अवधि के लिए उपार्जित अवकाश का आवेदन देकर इसे बिना स्वीकृत कराये प्रस्थान कर गये और तब से लगातार अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थित है। विभागीय पत्रांक-411 (एस), दिनांक 16.01.2020 एवं विभागीय पत्रांक-836 (एस), दिनांक 03.02.2020 के आलोक में मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का पत्र ज्ञापांक-55, दिनांक 05.03.2020 एवं विभागीय स्मार पत्रांक-3790 (एस), दिनांक 19.06.2020 के द्वारा इस हेतु श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार ने पत्र दिनांक 24.09.2020 के द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया, जो मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना उपभाग के पत्रांक-259 अनु॰, दिनांक 29.09.2020 के द्वारा प्राप्त हुआ। इसमें मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि 14.11.2019 को रीढ़ में अत्यधिक दर्द होने के कारण वे उपार्जित अवकाश का आवेदन देकर चले गये तथा चिकित्सक द्वारा कार्यालय जाकर कार्य करने का परामर्श नहीं दिया गया है। लेकिन श्री कुमार ने अपने स्पष्टीकरण पत्र में अपने अस्वस्थता के संबंध में किसी तरह का अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीें किया।

(ii) श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षा के क्रम में उनके अस्वस्थता से संबंधित जाँच के लिए विभागीय पत्रांक-533 (एस), दिनांक 27.01.2021 के द्वारा स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया गया, तदालोक में स्वास्थ्य विभाग के आदेश ज्ञापांक-488 (14), दिनांक 24.02.2021 के द्वारा Medical Boardगठित की गयी तथा दिनांक 02.03.2021 को इसकी बैठक निर्धारित की गयी। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्री कुमार को भी दी गयी। साथ ही विभागीय पत्रांक-1244 (एस), दिनांक 26.02.2021 जो श्री कुमार के पत्राचार पते पर भेजा गया, में उन्हें निदेश दिया गया कि वह समस्त अभिलेखों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर Medical Boardके समक्ष उपस्थित हो। श्री कुमार उक्त Medical Board के समक्ष निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं हुये। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के पत्रांक-591 (14), दिनांक 04.03.2021 से होती है। (iii) उक्त के अतिरिक्त विभागीय अधिसूचना संख्या-7225 (एस) दि॰ 30.12.2020 के द्वारा श्री कुमार की सेवा बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना में पदस्थापन हेतु गृह विशेष विभाग को सौंपी गयी, जहाँ श्री कुमार ने योगदान समर्पित नहीं किया, जिसकी पुष्टि बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के पत्रांक-1272, दिनांक 15.04.2021 एवं गृह विभाग आरक्षी शाखा के पत्रांक-3716, दिनांक 11.06.2021 से होता है।

2. संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-2909 अनु॰, दिनांक 06.12.2022 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध गठित सभी आरोपों को अप्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष दिया गया। जाँच प्रतिवेदन के विभागीय समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक-3261 (एस), दिनांक 06.06.2023 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। असहमति के बिन्दु को निम्नवत्‌ रेखांकित किया गया है :-

(i) विभागीय कार्यवाही से संबंधित संलग्न फोल्डर में रक्षित डॉ॰ विनोद कुमार सिंह के दिनांक 25.11.2019 के पूर्जा से स्पस्ट होता है कि डॉ॰ के द्वारा एक महीना का बेड रेस्ट का सलाह दिया गया था, किन्तु लगभग चार माह (मार्च, 2020 में लागू लॉकडाउन से पहले तक) के बीत जाने के बावजूद श्री कुमार के द्वारा कार्यालय नहीं आये और न ही इस अवधि में इनके द्वारा किसी प्रकार का अभ्यावेदन समर्पित किया गया। इस प्रकार आरोपी श्री कुमार का कथन औचित्यपूर्ण प्रतीत नहीं होता है। (ii) श्री कुमार के द्वारा Medical Board के समक्ष स्वास्थ्य की जाँच हेतु दिनांक 02.03.2021 को निर्धारित बैठक में उपस्थित नहीं होने के बिन्दु पर इनके द्वारा तर्क दिया गया है कि वे मेदान्ता अस्पताल (गुरूग्राम) से ईलाज कराकर दिनांक 03.03.2021 को संध्या में पटना लौटे थे। उक्त संबंध में जानकारी होने पर पुनः Medical Board की तिथि निर्धारित करने हेतु दिनांक 04.03.2021 को स्वास्थ्य विभाग पहुँचने पर उन्हें बताया गया कि उनका मामला पथ निर्माण विभाग को वापस कर दिया गया हैं, किन्तु श्री कुमार द्वारा दिनांक 03.03.2021 को ही संध्या में पटना लौटे थे, के संबंध में किसी प्रकार का साक्ष्य अर्थात यात्रा संबंधी टिकट वगैरह संलग्न नहीं किया गया है। यह भी कि श्री कुमार को जब स्वास्थ्य विभाग के द्वारा यह जानकारी दी गयी कि उनके मामले को पथ निर्माण विभाग को वापस कर दी गयी है, तो उन्हें इस आशय की जानकारी पथ निर्माण विभाग को मौखिक अथवा लिखित रूप से दिया जाना अपेक्षित था, जो नहीं दिया गया। ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग दोनो बेली रोड के आमने-सामने अवस्थित है, किन्तु श्री कुमार द्वारा मात्र स्वास्थ्य विभाग जाने की बात कही जा रही है। इस प्रकार श्री कुमार का कथन विश्वासनीय एवं तर्कसंगत नहीं है। (iii) श्री कुमार के द्वारा April, 2021 में स्वंय को कोरोना से ग्रसित होना बताया गया है, परन्तु इस संबंध में किसी प्रकार का साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है। इसलिए श्री कुमार के कथन की साक्ष्यगत पुष्टि नहीं होती है। (iv) विभागीय कार्यवाही से संबंधित संलग्न फोल्डर में रक्षित श्री कुमार का बचाव-बयान दिनांक 13.10.2022 का है और इसके साथ संलग्न मेदान्ता अस्पताल में ईलाज कराये जाने से संबंधित एक मात्र पूर्जा दिनांक 18.05.2022 का है एवं वर्ष 2022 में डॉ॰ का एक मात्र पूर्जा दिनांक 18.05.2022 का है एवं वर्ष 2022 में श्री कुमार के द्वारा विभागीय कार्यवाही की सुनवाई के क्रम में दिनांक 22.06.2022, 06.07.2022, 28.07.2022, 02.09.2022, 16.09.2022, 13.10.2022 एवं 03.11.2022 को उपस्थित हुए है, इसके बावजूद भी श्री कुमार के द्वारा न तो विभाग में योगदान दिया गया और न ही अपने बीमारी एवं53 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 अवकाश के संबंध में कोई अभ्यावेदन समर्पित किया गया। इस प्रकार श्री कुमार के द्वारा अपने कर्त्तव्यों के प्रति उदासीन होना परिलक्षित होता है। (v) श्री कुमार के बचाव-बयान एवं बीमारी के संबंध मेंं संलग्न किये गये डॉ का समस्त पूर्जा से प्रथम द्रष्टया इतना तो प्रतीत होता है कि वे अस्वस्थ थे, किन्तु श्री कुमार के द्वारा स्वास्थ्य जाँच हेतु Medical Board के समक्ष उपस्थित नहीं होना एवं श्री कुमार के अभ्यावेदन के अनुसार उनके द्वारा तीन वर्षो से अधिक अवधि तक लगातार अनुपस्थित रहना और इस अवधि में विभाग के समक्ष किसी प्रकार का अभ्यावेदन समर्पित नहीं करने सहित विभागीय कार्यवाही में दिनांक 22.06.2022, 06.07.2022, 28.07.2022, 02.09.2022, 16.09.2022, 13.10.2022 एवं 03.11.2022 को उपस्थित होना-उक्त दोनों तथ्य एक दूसरे को Justify नहीं करता है।

3. श्री कुमार द्वारा पत्रांक-शून्य, दिनांक 17.06.2023 के माध्यम से अपना द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया। श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर के विभागीय समीक्षोंपरांत पाया गया कि-

(i) संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा के उपरांत उत्पन्न असहमति के बिन्दु कि डॉ॰ विनोद कुमार सिंह के दिनांक 25.11.2019 के पूर्जा के अनुसार आरोपी को एक महीना का बेड रेस्ट का सलाह दिया गया था, किन्तु लगभग चार माह (मार्च, 2020 में लागू लॉकडाडन से पहले तक) के बीच जाने के बावजूद भी वे कार्यालय नहीं आये और न ही इस अवधि में इनके द्वारा किसी प्रकार का अभ्यावेदन समर्पित किया गया-इस संबंध में आरोपी श्री कुमार द्वारा उल्लेख किया गया है कि स्वंय के गहण चिकित्सा मेंं रहेने एवं उनके घर में पत्नी के अलावे किसी अन्य पारिवारिक सदस्य के नहीं रहने के कारण ही विभाग में अभ्यावेदन समर्पित नहीं किया जा सका। श्री कुमार का यह कथन विश्वसनीय प्रतीत नहीं होता है क्योंकि उक्त स्थिति में उनके द्वारा किसी अन्य माध्यम यथा-मोबाईल अथवा ई-मेल के माध्यम से भी बीमार होने की सूचना विभाग को दे सकते थे, जो नहीं दिया गया है। यह भी की श्री कुमार द्वारा तीन वर्षो से अधिक अवधि तक बिना किसी सूचना के लगातार अनुपस्थिति रहे, जबकि इस बीच की अवधि में दिनांक 222.06.2022, 06.07.2022,. 28.07. 2022, 02.09.2022, 16.09.2022, 13.10.2022 एवं 03.11.2022 को विभागीय कार्यवाही में उपस्थित भी हुए। यदि वे चाहते तो इस अवधि में विभाग को अभ्यावेदन/सूचना दे सकते थे। ऐसी स्थिति में उकने उक्त कथन पर विश्वास नहीं करने को बल प्रदान करता है।

(ii) विभाग द्वारा यह भी असहमति व्यक्त किया गया कि श्री कुमार के स्वास्थ्य की जाँच हेतु गठित मेडिकल बोर्ड के निर्धारित तिथि 02.03.2021 को उपस्थित नहीं होने के बिन्दु पर श्री कुमार द्वारा यह तर्क दिया गया कि वे उक्त तिथि को पटना में नहीं थे और अगले दिन पटना लौटने पर दिनांक 04.03.2021 को स्वास्थ्य विभाग जाँच हेतु गये थे, किन्तु उन्हें बताया गया कि उनके मामले को पथ निर्माण विभाग को वापस कर दिया गया है। श्री कुमार के उक्त कथन पर असहमत होने का अधार यह था कि चूंकि स्वास्थ्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग दोनाें बेली रोड के सामने अवस्थित है, ऐसी स्थिति में यदि वे स्वास्थ्य विभाग जा सकते थे तो पथ निर्माण विभाग में भी उक्त आशय की सूचना लिखित/मौखिक रूप से दे सकते थे , जो नहीं दिया गयां श्री कुमार द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में भी उक्त असहमति के बिन्दुओं के संबंध में कोई तथ्य/तर्क नहीं दिया गया है। इस प्रकार श्री कुमार द्वारा असहमति के बिन्दुओं का खण्डन नहीं किया गया है। अतएव आरोप प्रमाणित प्रतीत होते है।

(iii) श्री कुमार के द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में अंकित तथ्यों के अनुसार उनके बीमारी के कारण गहण चिकित्सा में रहने के फलस्वरूप वे लगभग 03 वर्षो तक कार्यालय में योगदान नहीं किये और अवकाश बढ़ोतरी के संबंध में कोई अभ्यावेदन नहीं दिया गया, जबकि इस बीच श्री कुमार विभिन्न अवसरों पर यथा-मेडिकल बोर्ड के निर्धारित तिथि के बाद दिनांक 04.03.2021 को स्वास्थ्य विभाग एवं विभागीय कार्यवाही की सुनवाई में विभिन्न तिथियों को उपस्थित हुए। यदि श्री कुमार अन्यत्र उपस्थित हो सकते है, तो अपने बीमारी के संबंध में विभाग को भी सूचना दे सकते थे, परन्तु उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया। इस प्रकार श्री कुमार का कथन परस्पर विरोधाभाषी है।

4. श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री कुमार गंभीर बीमारी से ग्रसित थे तथा बीमारी का ईलाज कराने के कारण कार्यालय से अनुपस्थित थे परन्तु इसकी सूचना उन्हें कार्यालय को दी जानी चाहिए थी, जो उनके द्वारा नहीं दी गयी। इस हद तक श्री कुमार का द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर स्वीकार्य योग्य नही है। अतः सम्यक विचारोपरांत श्री अशोक कुमार, तत्कालीन मुख्य अभियंता के सचिव (प्रा॰) सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोप के लिए निम्न दण्ड संसूचित किया जाता है :-

S नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-736 दिनांक 10.02.2020 में उल्लेख है कि गृह विभाग, बिहार सरकार के पत्रांक-1073, दिनांक-31.01.2020 द्वारा पटना शहर में जल-जमाव के लिए गठित उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन के आलोक में दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई करने हेतु पत्र प्राप्त हुआ। इस उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन में पथ निर्माण विभाग से बुडको में प्रतिनियुक्त श्री ओमप्रकाश सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना एवं अन्य अभियंताआें54 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गयी । नगर विकास एवं आवास विभाग के उक्त पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री ओमप्रकाश सिंह के विरूद्ध निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही करने का निदेश सक्षम प्राधिकार द्वारा प्राप्त है। 2. तद्‌्‌ालोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-1238 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-1239 (एस), दिनांक 14.02.2020 द्वारा श्री ओमप्रकाश सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। 3. श्री सिंह को निलंबित किये हुए 10 माह से अधिक हो चुका है एवं नगर विकास एवं आवास विभाग से उनके विरूद्ध संशोधित आरोप-पत्र प्राप्त होने में विलम्ब हो जाने के कारण आरोप-पत्र के गठन में विलम्ब हुआ है। 4. अतः सम्यक विचारोपरांत उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री ओमप्रकाश ंिसंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-569-सहपठित ज्ञापांक-570, दिनांक 27.01.2021 के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। इसका इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडे़गा। साथ ही श्री सिंह के निलंबन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान अनुमान्य होगा और निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा-का निर्णय संसूचित किया गया। 5. आलोच्य मामले में ही एक अन्य आरोपी श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के द्वारा समरूप मामले CWJC N0- 4138/2020 सुरेश राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में मान्‌नीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-06.04.2021 को पारित आदेश की छायाप्रति संलग्न करते हुए उक्त न्याय निर्णय के आलोक में उनके निलंबन अवधि दिनांक-14.02.2020 से दिनांक-27.01.2021 तक की अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया गया है। CWJC N0- 4138/2020 में पारित आदेश का कार्यशील अंश निम्नवत्‌ है :-

It is the case of the respondents that on expiry of the period of three months of the order suspension which fell on 16.10.2019 no order renewing the suspension, as contemplated under Rule 9(7) of the Rules, was passed by the respondents. In any case of the matter on expiry of a further period of four months (with effect from 16.10.2019) i.e on 16.2.2020, in view of the proviso to Rule 9(7) of the Rules read with paragraph no. 20(e) of the judgment in the case of Gyan Kumar Ram (supra) the order of suspension of the petitioner stood revoked on 16.2.2020, even without passing of any formal order. In terms of the Full Bench judgment the authorities at this stage were required to pass appropriate orders posting the petitioner who was entitled to get full salary. No such order was passed and the petitioner retired from service on 29.2.2020. Thus this Court is of the opinion that the petitioner is entitled for the arrears of difference of salary for the period from 16.7.2019 i.e date that he was placed under suspension till the date of his retirement on 29.2.2020 after deducting the amount of the suspension allowance and/or any other amount which may have been paid to the petitioner for the said period.

6. आलोच्य मामले में ही एक अन्य आरोपी श्री योगेन्द्र कुमार के निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय लेने के क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग से भी परामर्श प्राप्त किया गया था, जिसके आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग ने LPA No-778/2009 में दिनांक 16.09.2009 को पारित आदेश की व्याख्या करते हुए निम्नलिखित परामर्श दिये :-

7. CWJC No-4138/2020 में पारित न्यायादेश एवं सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में सम्यक समीक्षोपरांत श्री ओमप्रकाश सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के संबंध में निम्नलिखित निर्णय लिये जाते है :-

विभागीय अधिसूचना संख्या-569 (एस), दिनांक 27.01.2021 को पुनरीक्षित करते हुए श्री ओमप्रकाश सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के निलंबन अवधि दिनांक 14.02. 2020 से 26.01.2021 को कर्त्तव्य अवधि के रूप में पूर्ण वेतन एवं भत्तों के साथ विनियमित किया जाता है। इस क्रम में श्री ओमप्रकाश सिंह को पूर्व में भुगतेय जीवन निर्वाह भत्ता का समायोजन किया जा सकेगा।55 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 S नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-736 दिनांक 10.02.2020 में उल्लेख है कि गृह विभाग, बिहार सरकार के पत्रांक-1073, दिनांक-31.01.2020 द्वारा पटना शहर में जल-जमाव के लिए गठित उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन के आलोक में दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई करने हेतु पत्र प्राप्त हुआ। इस उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन में पथ निर्माण विभाग से बुडको में प्रतिनियुक्त श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता-सह-प्रभारी अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना एवं अन्य अभियंताआें के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। नगर विकास एवं आवास विभाग के उक्त पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री सूर्यकान्त के विरूद्ध निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही करने का निदेश सक्षम प्राधिकार द्वारा प्राप्त है। 2. तद्‌्‌ालोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-1244 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-1245 (एस), दिनांक 14.02.2020 द्वारा श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता-सह-प्रभारी अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। 3. श्री सूर्यकान्त के आवेदन दिनांक 06.10.2020 में अनुरोध किया गया कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में चूंकि उनका निलंबन 07 माह से अधिक हो गया है एवं आरोप-पत्र गठित नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें निलंबन मुक्त किया जाय। श्री सूर्यकान्त के अनुरोध पर समीक्षोंपरांत विचार किया गया कि उन्हें निलंबित किये हुए 10 माह से अधिक हो चुका है एवं नगर विकास एवं आवास विभाग से उनके विरूद्ध संशोधित आरोप-पत्र प्राप्त होने में विलम्ब हो जाने के कारण आरोप-पत्र के गठन में विलम्ब हुआ है। 4. अतः सम्यक विचारोपरांत उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता -सह-प्रभारी अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-571-सहपठित ज्ञापांक-572, दिनांक 27.01.2021 के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। इसका इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडे़गा। साथ ही श्री सूर्यकान्त के निलंबन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान अनुमान्य होगा और निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा-का निर्णय संसूचित किया गया। 5. श्री सूर्यकान्त, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा उनके निलंबन अवधि के 07 (सात) माह के अन्दर आरोप-पत्र गठित नहीं होने के कारण नियमानुसार निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया है। साथ ही उनके द्वारा समरूप मामले CWJC N0- 4138/2020 सुरेश राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में मान्‌नीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-06.04.2021 को पारित आदेश की छायाप्रति संलग्न करते हुए उक्त न्याय निर्णय के आलोक में उनके निलंबन अवधि दिनांक-14.02.2020 से दिनांक-27.01.2021 तक की अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया गया है। CWJC N0- 4138/2020 में पारित आदेश का कार्यशील अंश निम्नवत्‌ है :-

It is the case of the respondents that on expiry of the period of three months of the order suspension which fell on 16.10.2019 no order renewing the suspension, as contemplated under Rule 9(7) of the Rules, was passed by the respondents. In any case of the matter on expiry of a further period of four months (with effect from 16.10.2019) i.e on 16.2.2020, in view of the proviso to Rule 9(7) of the Rules read with paragraph no. 20(e) of the judgment in the case of Gyan Kumar Ram (supra) the order of suspension of the petitioner stood revoked on 16.2.2020, even without passing of any formal order. In terms of the Full Bench judgment the authorities at this stage were required to pass appropriate orders posting the petitioner who was entitled to get full salary. No such order was passed and the petitioner retired from service on 29.2.2020. Thus this Court is of the opinion that the petitioner is entitled for the arrears of difference of salary for the period from 16.7.2019 i.e date that he was placed under suspension till the date of his retirement on 29.2.2020 after deducting the amount of the suspension allowance and/or any other amount which may have been paid to the petitioner for the said period.

6. आलोच्य मामले में ही एक अन्य आरोपी श्री योगेन्द्र कुमार के निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय लेने के क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग से भी परामर्श प्राप्त किया गया था, जिसके आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग ने LPA No-778/2009 में दिनांक 16.09.2009 को पारित आदेश की व्याख्या करते हुए निम्नलिखित परामर्श दिये :-

56

(cid:464)बहार गजट, 6 2023 7. CWJC No-4138/2020 में पारित न्यायादेश एवं सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में सम्यक समीक्षोपरांत श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता-सह-प्रभारी अधीक्षण अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के संबंध में निम्नलिखित निर्णय लिये जाते है :-

विभागीय अधिसूचना संख्या-571 (एस), दिनांक 27.01.2021 को पुनरीक्षित करते हुए श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता-सह-प्रभारी अधीक्षण अभियंता के निलंबन अवधि दिनांक 14.02.2020 से 26.01.2021 को कर्त्तव्य अवधि के रूप में पूर्ण वेतन एवं भत्तों के साथ विनियमित किया जाता है। इस क्रम में श्री कुमार को पूर्व में भुगतेय जीवन निर्वाह भत्ता का समायोजन किया जा सकेगा। S नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-736 दिनांक 10.02.2020 में उल्लेख है कि गृह विभाग, बिहार सरकार के पत्रांक-1073, दिनांक-31.01.2020 द्वारा पटना शहर में जल-जमाव के लिए गठित उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन के आलोक में दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई करने हेतु पत्र प्राप्त हुआ। इस उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन में पथ निर्माण विभाग से बुडको में प्रतिनियुक्त श्री संजीव चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना एवं अन्य अभियंताआें के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गयी । नगर विकास एवं आवास विभाग के उक्त पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री संजीव चौधरी के विरूद्ध निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही करने का निदेश सक्षम प्राधिकार द्वारा प्राप्त है। 2. तद्‌्‌ालोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-1246 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-1247 (एस), दिनांक 14.02.2020 द्वारा श्री संजीव चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। 3. श्री संजीव चौधरी के आवेदन दिनांक 06.10.2020 में अनुरोध किया गया कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 का नियम-9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में चूंकि उनका निलंबन 07 माह से अधिक हो गया है एवं आरोप-पत्र गठित नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें निलंबन मुक्त किया जाय। श्री संजीव चौधरी के अनुरोध पर समीक्षोंपरांत विचार किया गया कि उन्हें निलंबित किये हुए 10 माह से अधिक हो चुका है एवं नगर विकास एवं आवास विभाग से उनके विरूद्ध संशोधित आरोप-पत्र प्राप्त होने में विलम्ब हो जाने के कारण आरोप-पत्र के गठन में विलम्ब हुआ है। 4. अतः सम्यक विचारोपरांत उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री संजीव चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (7) में निहित प्रावधान के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-575-सहपठित ज्ञापांक-576, दिनांक 27.01.2021 के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। इसका इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडे़गा। साथ ही श्री चौधरी के निलंबन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान अनुमान्य होगा और निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय इनके विरूद्ध संचालित किये जाने वाले विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा-का निर्णय संसूचित किया गया। 5. श्री चौधरी, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा उनके निलंबन अवधि के 07 (सात) माह के अन्दर आरोप-पत्र गठित नहीं होने के कारण नियमानुसार निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया है। साथ ही आलोच्य मामले में ही एक अन्य आरोपी श्री सूर्यकान्त, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के द्वारा समरूप मामले CWJC N0- 4138/2020 सुरेश राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में मान्‌नीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-06.04.2021 को पारित आदेश की छायाप्रति संलग्न करते हुए उक्त न्याय निर्णय के आलोक में उनके निलंबन अवधि दिनांक-14.02.2020 से दिनांक-27.01.2021 तक की अवधि का पूर्ण वेतन एवं भत्ता का भुगतान करने का अनुरोध किया गया है। CWJC N0- 4138/2020 में पारित आदेश का कार्यशील अंश निम्नवत्‌ है :-

It is the case of the respondents that on expiry of the period of three months of the order suspension which fell on 16.10.2019 no order renewing the suspension, as contemplated under Rule 9(7) of the Rules, was passed by the respondents. In any case of the matter on expiry of a further period of four months (with effect from 16.10.2019) i.e on 16.2.2020, in view of the proviso to Rule 9(7) of the Rules read with paragraph no. 20(e) of the judgment in the case of Gyan Kumar Ram (supra) the order of suspension of the petitioner stood revoked on 16.2.2020, even without passing of any formal order. In terms of the Full Bench judgment the authorities at this stage were required to pass appropriate orders posting the petitioner who was entitled to get full salary. No such order was passed and the petitioner retired from service57 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 on 29.2.2020. Thus this Court is of the opinion that the petitioner is entitled for the arrears of difference of salary for the period from 16.7.2019 i.e date that he was placed under suspension till the date of his retirement on 29.2.2020 after deducting the amount of the suspension allowance and/or any other amount which may have been paid to the petitioner for the said period.

6. आलोच्य मामले में ही एक अन्य आरोपी श्री योगेन्द्र कुमार के निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में निर्णय लेने के क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग से भी परामर्श प्राप्त किया गया था, जिसके आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग ने LPA No-778/2009 में दिनांक 16.09.2009 को पारित आदेश की व्याख्या करते हुए निम्नलिखित परामर्श दिये :-

7. CWJC No-4138/2020 में पारित न्यायादेश एवं सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में सम्यक समीक्षोपरांत श्री संजीव चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बुडको, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के संबंध में निम्नलिखित निर्णय लिये जाते है :-

विभागीय अधिसूचना संख्या-575 (एस), दिनांक 27.01.2021 को पुनरीक्षित करते हुए श्री संजीव चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के निलंबन अवधि दिनांक 14.02.2020 से 26.01.2021 को कर्त्तव्य अवधि के रूप में पूर्ण वेतन एवं भत्तों के साथ विनियमित किया जाता है। इस क्रम में श्री चौधरी को पूर्व में भुगतेय जीवन निर्वाह भत्ता का समायोजन किया जा सकेगा। निग/सारा-9 (आरोप)-96/2010 S श्री राधा —ष्ण प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमण्डल, हजारीबाग (झारखण्ड) सम्प्रतिः सेवानिवृत सहायक अभियंता के द्वारा पथ प्रमण्डल, हजारीबाग के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के विरूद्ध दर्ज सी॰बी॰आई॰ काण्ड संख्या-आर॰सी॰-13(ए)/09 (आर॰) एवं केस संख्या-आर॰सी॰-11(ए)/09 (आर) में विशेष न्यायाधीश, राँची द्वारा उपस्थित होने हेतु निर्गत सम्मन आदेश के बावजूद माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने के आरोप के लिए श्री प्रसाद को बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 कि नियम-09 (i) (ग) के तहत्‌ विभागीय अधिसूचना संख्या-4131 (एस) दिनांक-07.04.2011 द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया। 2. राज्य पुनर्गठन होने के फलस्वरूप श्री प्रसाद को अंतिम रूप से बिहार राज्य आवंटित होने के आलोक में झारखण्ड सरकार के पत्रांक-6025(एस) अनु॰ दिनांक-26.06.2013 एवं पत्रांक-6766 (एस) अनु॰ दिनांक-24.07.2013 द्वारा इनके विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' एवं एतद्‌संबंधि साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गयी। प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभिन्न एकरारनामों के तहत कराये गये कार्य में प्रयुक्त बिटुमिनस क्रय के संबंध में संवेदक द्वारा समर्पित किये गये Invoices की सत्यता की जाँच/सम्पुष्टि किये बिना ही विपत्र को पारित करने हेतु प्रतिहस्ताक्षरित कर दिये जाने, आलोच्य कार्य में प्रावधान से कम बिटुमिन का प्रयोग किये जाने एवं तदनुसार दर्ज सी॰बी॰आई॰ काण्ड संख्या-आर॰सी॰-13(ए)/2009 (आर) में माननीय विशेष न्यायाधीश, सी॰बी॰आई॰, राँची द्वारा न्यायालय में उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किये जाने के बावजूद माननीय न्यायालय में उपस्थित नहीं होने संबंधि गठित कुल 05 आरोपों के संदर्भ में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-228 (एस) अनु॰ दिनांक-10.01.2014 द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 3. इसी बीच श्री प्रसाद के विरूद्ध दायर उक्त दोनों सी॰बी॰आई॰ काण्ड संख्या-आर॰सी॰-13(ए)/09 (आर) एवं आर॰सी॰-11(ए)/09 (आर) में विशेष न्यायाधीश, सी॰बी॰आई॰, राँची द्वारा नियमित जमानत दिये जाने के फलस्वरूप सम्यक विचारोपरान्त विभागीय अधिसूचना संख्या-3231 (एस) दिनांक-09.04.2015 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-09 (07) में निहित प्रावधान के तहत सरकार के निर्णयानुसार इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। 4. निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षण एवं शोध संस्थान-सह-संचालन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-413 अनु॰ दिनांक-17.05.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही का संचालन प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप संख्या-01 (क), (ख) एवं (ग) को आंशिक रूप से प्रमाणित एवं अन्य शेष चार आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा के उपरान्त पाया गया कि विपत्र की जाँच के दौरान संवेदक द्वारा भुगतान हेतु समर्पित फर्जी Bitumen Invoices के सत्यापन में सहायक अभियंता के रूप में निहित कार्य दायित्व का निर्वहन श्री प्रसाद के द्वारा नहीं किया गया। तद्‌ालोक में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के तहत प्रमाणित पाये गये आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-7142 (एस) अनु॰ दिनांक-10.08.2017 द्वारा श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी।58 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 5. श्री प्रसाद के पत्रांक-शून्य दिनांक-11.09.2017 के द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर समर्पित किया गया, जिसकी विभागीय समीक्षा के उपरान्त पाया गया कि संचालन प्रतिवेदन के अन्तर्गत आंशिक रूप से दोषी पाये जाने के गठित अभिमत के विरूद्ध श्री प्रसाद के द्वारा कोई तर्कसंगत तथ्य अथवा पक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका, क्योंकि एकरारनामा संख्या-12F2/2004-05 के अनुसार, संवेदक द्वारा आपूरित बिटुमिन से संबधित गेट पास एवं साक्ष्य का सत्यापन सहायक अभियंता के रूप में श्री प्रसाद के द्वारा नहीं किये जाने की पुष्टि होती है। इस प्रकार श्री प्रसाद के विरूद्ध अपने विहित कार्य दायित्वों का निर्वहन करने में कोताही बरते जाने का आरोप प्रमाणित होता है जिसके फलस्वरूप श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वी—त करते हुए प्रासंगिक मामले में इनका आंशिक दायित्व परिलक्षित होने के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त प्रमाणित पाये गये आरोपों का दोषी पाते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-12119 (एस) सहपठित ज्ञापांक-12120 (एस) अनु० दिनांक-28.12.2017 के द्वारा समानुपातिक रूप से निम्नवत्‌ दण्ड दिया गया :- (i) आरोप वर्ष (2004-05) के लिए ''निन्दन''। (ii) इनके निलंबन अवधि दिनांक-07.04.2011 से दिनांक-08.04.2015 तक के विनियमन के संबंध में श्री प्रसाद से अलग से कारण पृच्छा प्राप्त कर नियमानुसार निर्णय लिया जायेगा।

6. उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री प्रसाद के पत्रांक-शून्य दिनांक-21.07.2018 के द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन सर्मर्पित किया गया, जिसमें मुख्य रूप से इनके द्वारा निम्न तथ्य/तर्क रखा गया :-

(i) संवेदक द्वारा भुगतान हेतु समर्पित किये गये Bitumen Invoices के सत्यापन हेतु कार्यपालक अभियंता ही सक्षम प्राधिकार थे एवं सहायक अभियंता तेल कंपनी से सत्यापन हेतु अधिकृत नहीं थे। संचालन पदाधिकारी के द्वारा मात्र इस आधार पर आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित किया गया है कि - एकरारनामा संख्या-12F2/2004-05 के अनुसार संवेदक द्वारा लाये गये बिटुमेन से संबंधित गेट पास एवं साक्ष्य का सत्यापन आरोपित पदाधिकारी द्वारा भी किया जाना चाहिए था। संचालन पदाधिकारी से इसी तथ्य पर अर्थात एकरारनामा संख्या-12F2/2004-05 के अनुसार संवेदक द्वारा लाये गये बिटुमेन से संबंधित गेट पास एवं साक्ष्य का सत्यापन के विशलेषण किये जाने में बड़ी चूक हो गई है।

(ii) संचालन पदाधिकारी द्वारा यह नहीं देखा गया कि उक्त एकरारनामा की प्रति को कार्यपालक अभियंता के द्वारा आरोपित पदाधिकारी को दी गयी है अथवा नहीं। वर्णित एकरारनामा की प्रति जो कार्यपालक अभियंता के द्वारा सहायक अभियंता को दिया गया है वह एकरारनामा की मूल प्रति है अथवा Certified Copy है, इस पर भी संचालन पदाधिकारी के द्वारा गौर नहीं किया गया। साथ ही उक्त तथ्यों पर संचालन प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा में विचार नहीं किया जा सका हैं। साथ ही इनके द्वारा कहा गया है कि मूल एकरारनामा की प्रति वह होती है, जो कार्यपालक अभियंता के द्वारा संबंधित संवेदक के साथ एकरारनामा किया जाता है, जिसके प्रत्येक पृष्ठ पर संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित संवेदक का हस्ताक्षर किया जाता है, इसे Original के नाम से जाना जाता है, जबकि कार्यपालक अभियंता के द्वारा संबंधित सहायक अभियंता को प्रेषित किये जाने के लिए संबंधित एकरारनामा की Certified Copy निर्गत किया जाता है, जिसमें मात्र ITEM WORK से संबंधित अंश को ही संलग्न किया जाता है और इसके साथ मूल एकरारनामा के साथ संलग्न Special Condition एवं Additional Special Condition से संबंधित अंश को संलग्न नहीं किया जाता है। (iii) विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान प्रभावशाली ढ़ंग से अपना बचाव बयान तैयार करने हेतु संचालन पदाधिकारी के माध्यम से सहायक अभियंता के रूप में प्रेषित किये गये एकरारनामा की Certified Copy की अभिप्रमाणित प्रति की लगातार मांग किये जाने के बावजूद भी विभाग द्वारा उसे उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही इनके द्वारा बताया गया कि किसी भी कागजात/अभिलेख/पत्र/परिपत्र/संकल्प आदि के माध्यम से बिटुमेन क्रय के संबंध में संवेदक द्वारा समर्पित किये गये Invoice अथवा गेटपास की सत्यता की जाँच/सम्पुष्टि किये जाने का दायित्व सहायक अभियंता के रूप में इनको सौंपा नहीं गया है।

7. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य मेें विभागीय स्तर पर की गयी समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा संवेदक को कार्यादेश निर्गत करने के क्रम में कार्यादेश की प्रति संबंधित सहायक अभियंता को दी जाती है। जिसका अभिप्राय यह है कि सहायक अभियंता एकरारनामा के सभी प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए विशिष्टि के अनुरूप कार्य को सम्पादित करावें। वर्णित मामले में संवेदक द्वारा आपूर्ति किये गये बिटुमेन से संबंधित गेट पास एवं साक्ष्य का सत्यापन सहायक अभियंता के रूप में श्री प्रसाद द्वारा नहीं किये जाने की पुष्टि होती है, इस प्रकार इनके विरूद्ध अपने कार्य दायित्वों के निर्वहन करने में कोताही बरते जाने का आरोप प्रमाणित होता है, साथ ही इनके पुनर्विचार अभ्यावेदन में वर्णित विश्लेषण मूल तथ्यों से भटकाने का प्रयास है। इनके द्वारा अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई तर्कसंगत तथ्य अथवा पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है।

अतएव श्री राधाकृण प्रासाद के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक- 21.07.2018 को विचारणीय नहीं पाते हुए अस्वीकृत किया जाता है।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।59 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 S पथ प्रमंडल, गोपालगंज अन्तर्गत एन॰एच॰- 28 के यू॰पी॰/बिहार सीमा से बथनाकुट्‌टी-गोपालगंज-डुमरियाघाट खण्ड कि॰मी॰ 360.915 से 424.915 तक सड़क के सुदृढ़ीकरण सहित डुमरियाघाट में गंडक पुल के निर्माण कार्य के संबंध में अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, मुजफ्फरपुर के पत्रांक- 82 दिनांक-10.02.2015 के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में निम्न अनियमितता पायी गयीः- (i) संवेदक के द्वारा एकरारनामा के समय दिये गये Bar Chart के अनुसार कार्य काफी पीछे हैं, लेकिन कार्यपालक अभियंता द्वारा SBD के नियमों के आलोक में संवेदक के विरूद्ध Penalty लगाने की कार्रवाई नहीं की गयी है।

(ii) A/C Bill Payment एकरारनामा BOQ दर से 4.99% ज्यादा किया गया है, जबकि 2.324% कम पर Payment करना है अर्थात्‌ प्रत्येक Running Bill में 2.324% + 4.99% = 7.324% ज्यादा Payment किया गया।

(iii) प्रत्येक विपत्र में Secured Advance का Deduction Material Consumption की तुलना में कम किया गया है। संवेदक से 12वें A/C Bill तक ही Secured Advance Recover कर लेना था, जबकि जाँच की तिथि तक Secured Advance Recovery नहीं किया गया।

(iv) मापी पुस्त में कनीय अभियंता द्वारा Secured Advance के रूप में रू॰ 2,29,59,292.00 का Recovery Adjustment हेतु प्रस्ताव दिया गया था, जबकि Memo में रू॰ 1,35,50,565.00 को ही Adjust किया गया है।

(v) 5वें विपत्र तक Tack Coat का दर Rs. 17.24/m2दिया गया है, जबकि एकरारनामा में Tack Coat60 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 (iv) विभागीय दंडादेश अधिसूचना संख्या-3378(एस) दिनांक-29.06.2022 में यह उल्लिखित कि ''कार्यपालक अभियंता के रूप में मेरे द्वारा अपने मूल दायित्व के निर्वहन में चूक कर संवेदक को अधिक भुगतान किया गया है''- के संबंध में श्री राम के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एकरारनामा के अनुरूप सामग्रियों के दरों की गणना करने का मूल दायित्व कार्यपालक अभियंता का नहीं होता है, बल्कि प्रमंडलीय लेखापाल का होता है। इस संबंध में बिहार लोक निर्माण लेखा संहिता के नियम-245 के टिप्पणी-2 का संदर्भ दिया गया।

(v) यह भी उल्लेख किया गया है कि बिहार लोक निर्माण लेखा संहिता के उक्त नियम के अनुसार गणितीय परिकलनों की जाँच करना, भुगतान- ज्ञापन तैयार करना, दरों का सत्यापन करना प्रमंडलीय लेखापाल का Dedicated Work होता है, परन्तु इसके बावजूद विषयांकित मामले में प्रमंडलीय लेखापाल के विरूद्ध अधिकायी भुगतान पर ब्याज की कुल राशि में से अनुपातिक रूप से मात्र रू॰ 27,887.90 (सताईस हजार आठ सौ सतासी रूपये नब्बे पैसे) की वसूली करने मात्र का निर्णय लिया गया है, जबकि नियमानुसार उनका दायित्व नहीं होने के बावजूद उनके विरूद्ध उक्त राशि की वसूली किये जाने के साथ-साथ तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोके जाने का भी दंड संसूचित किया गया है, जो नैसर्गिक न्याय के विपरीत है।

(vi) श्री राम के द्वारा बिहार लोक निर्माण लेखा संहिता के नियम-247(ख) एवं संबंधित एकरारनामा के Clause-7 का संदर्भ देते हुए उल्लेख किया गया है कि किसी कारणवश मानवीय भूल-चूक से संवेदक को चालू विपत्र (Running Bill) के माध्यम से अधिक या कम राशि का भुगतान हो जाता है तो उसे अंतिम विपत्र (Final Bill) से अथवा इससे पूर्व समायोजित कर लेने का प्रावधान है, जिसके आलोक में ही अधिक भुगतान की गयी राशि का समायोजन कर लिया गया।

(vii) उक्त तथ्यों के अतिरिक्त श्री राम के द्वारा परिस्थितिजन्य कारणों से एवं अनजाने में प्रारम्भ में संवेदक को हुए अधिक भुगतान के लिए क्षमा याचना करते हुए उल्लेख किया गया है कि यदि विभाग को लगता है कि संवेदक को हुए अधिक भुगतान की तिथि से इसके समायोजन की तिथि तक ब्याज मद में राजस्व की क्षति हुयी है, तो इस मद में रू॰ 27,887.90 की वसूली किये जाने के निर्णय को यथावत रखते हुए तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोके जाने के दंड मात्र को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। 4. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री भगवान राम, कार्यपालक अभियंता के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन में अंकित तथ्यों/तर्कों एवं संलग्न किये गये अभिलेखों की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि आलोच्य कार्य में त्रुटिपूर्ण गणना के कारण प्रारम्भ में संवेदक को Running Bill में अधिक भुगतान किया गया था, जिसे बाद में संज्ञान में आने पर समायोजित कर लिया गया। विषयांकित कार्य का एकरारनामा तत्समय अस्तित्व में रहे राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गोपालगंज के द्वारा किया गया था, जबकि कार्य का निष्पादन पथ प्रमंडल, गोपालगंज के द्वारा किया गया था। मुख्य अभियंता द्वारा निविदाकार के पराक्रमित राशि रू॰ 30,28,00,000/- मात्र, जो उनके द्वारा उद्धृत राशि रू॰ 31,00,35,697/- से लगभग 2. 334 प्रतिशत कम है और परिमाण विपत्र की राशि से लगभग 4.99 प्रतिशत अधिक है, के लिए निविदा की स्वीकृति प्रदान की गयी, परन्तु इस आशय का उल्लेख संंबंधित एग्रिमेंट पेपर में किया हुआ नहीं है। साथ ही Agreement Paper के साथ संलग्न Paper में BOQ का Rate अंकित न होकर संवेदक का Quoted Rate अंकित किया हुआ है। इस हद तक श्री राम के कथन की पुष्टि होती है।

हालाकि बिहार लोक निर्माण लेखा संहिता के नियम-245 की टिप्पणी-2 के अनुसार एकरारनामा के अनुरूप सामग्रियों के दरों की गणना करने का मूल दायित्व लेखापाल का होता है, इसके बावजूद श्री राम को पूर्ण रूप से दायित्व मुक्त नहीं किया जा सकता है, क्योंकि विपत्र पर कार्यपालक अभियंता के हस्ताक्षर के उपरांत ही भुगतान की कार्रवाई होती है। इसलिए श्री राम से भी यह अपेक्षित था कि भुगतान के पूर्व सभी अभिलेखों/कागजातों से भली भाँति अवगत होने के उपरांत ही विपत्र हस्ताक्षरित करते। आलोच्य मामले की विभागीय समीक्षा में यह भी पाया गया कि श्री राम को संसूचित दंड अन्य संबंधितों की तुलना में अधिक है। इस प्रकार श्री राम के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन में अंकित तथ्यों/तर्कों को इस हद तक विभागीय समीक्षा में स्वीकार योग्य पाया गया।

5. अतएव उपर्युक्त विभागीय समीक्षा के आलोक में श्री भगवान राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज सम्प्रति कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण)-6, मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक-14.10.2022 पर सम्यक विचारोपरांत सरकार के निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना संख्या-3378(एस)- सह-पठित ज्ञापांक-3379(एस) दिनांक-29.06.2022 के द्वारा संसूचित दंड को निम्न रूप से पुनरीक्षित किया जाता हैः-

(i) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील), नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14(v) के तहत्‌

। (ii) अधिकायी भुगतान पर ब्याज की कुल राषि में से इनके वेतन से अनुपातिक रुप से रू॰ 27, 887.90 (रूपये सताईस हजार आठ सौ सत्तासी एवं नब्बे पैसे) की वसूली।61 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। S पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ अन्तर्गत CMBD योजना के तहत धमदाहा-बनमनखी पथ के कि॰मी॰ 0.00 से 25.50 कि॰मी पथ निर्माण कार्य में निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-565 अनु॰ दिनांक-27.10.2016 एवं 04 अनु॰ दिनांक-02.01.2017 द्वारा समर्पित प्रारंभिक एवं अंतिम/गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा के क्रम में पायी गयी निम्न त्रुटियों/अनियमितताओं के लिए विभागीय पत्रांक-6519 (S) We दिनांक-24.08.2018 द्वारा तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, धमदाहा, पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ सम्प्रतिः कार्यपालक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग से स्पष्टीकरण की मांग की गयी :-

(i) आलोच्य पथ कार्य के बगल में फ्लैंक में मिट्‌टी कार्य नहीं किये जाने के कारण अधिकांश भाग में असुरक्षित Edge Drop पाया गया।

(ii) आलोच्य पथ के कि॰मी॰ 5.500 के मध्य भाग में खोदे गये पिट में GSB के परत में पुरानी Bituminous Mix के अवशेष पाये गये।

(iii) आलोच्य पथ के कि॰मी॰ 6.00 में कराये गये GSB परत की औसत मुटाई 115mm पायी गयी, जबकि प्रावधान 125mm है।

(iv) आलोच्य पथ के कि॰मी॰ 6.00 में कराये गये WMM कार्य में EI + FI का औसत मान 41.29% पायी गयी, जो टॉलरेन्स लिमिट से अधिक है।

2. वर्णित पायी गयी त्रुटियों के संदर्भ में श्री नन्दन से पूछे गये स्पष्टीकरण के अनुपालन में उनके पत्रांक-शून्य (अनु॰) दिनांक-02.07.2019 द्वारा अपना उत्तर समर्पित किया गया। श्री नन्दन द्वारा अपने आवेदन में निम्न तथ्यों/तर्काें का उल्लेख किया गया :-

(i) त्रुटि संख्या-(i) के संदर्भ में स्पष्ट किया गया है कि पथ अवर प्रमंडल, धमदाहा के द्वारा प्रभार से मुक्त होने के लगभग 03 माह के बाद पथ के निर्माणाधीन स्थिति में कि॰मी॰ 6.0 को स्थल निरीक्षण दिनांक-21.10.2016 को उड़नदस्ता के द्वारा किया गया था। ऐसी स्थिति में फ्लैंक में मिट्टी कार्य अपूर्ण रहने के कारण असुरक्षित Edge Drop संबंधित कथित त्रुटि से प्रत्यक्ष/परोक्ष मेरा कोई संबंध नहीं है। (ii) त्रुटि संख्या-(ii) के संदर्भ में स्पष्ट किया है कि कि॰मी॰ 6.00 में उड़नदस्ता दल के द्वारा तीन Cross Section यथा 5.15 कि॰मी॰, 5.50 कि॰मी॰ एवं 5.90 कि॰मी॰ पर तीन-तीन बिन्दुओं (बायें, मध्य, दायें) पर खोदकर मोटाई की मापी की गयी थी। इन 9 (नौ) बिन्दुओं पर मोटाई मापी के लिए खोदे गये Pit में मात्र 1 बिन्दु के Pit कि॰मी॰ 5.5 के मध्य भाग में GSB के परत में पुराने Bit Mix के अवशेष पाये जाने का उल्लेख है। इसे स्वतः स्पष्ट है कि कि॰मी॰ 6 में 9 बिन्दुओं पर खोदे गये Pit में मात्र 1 बिन्दु के Pit में कथित रूप से पुराने Bituminous Mix के अवशेष पाये गये। इस आधार पर GSB के परत में पुराने Bituminous Mix के अवशेष संबंधित त्रुटि की कोई प्रासंगिकता नहीं है तथा सहायक अभियंता का मात्र 50% Checking का जिम्मेवारी होने की बात कही गयी है।

(iii) त्रुटि संख्या-(iii) के संदर्भ में स्पष्ट किया है कि पथ के 6ठें कि॰मी॰ में WMM तक का कार्य दिनांक-08.04.2016 तक सम्पन्न करा लिया गया था। बाद में संवेदक के द्वारा उपर्युक्त दिनांक-08.04. 2016 तक सम्पन्न कराये गये Non Bituminous कार्य पर लगभग 6 माह पश्चात्‌ अक्टूबर-2016 में Bituminous कार्य कराया गया। बरसात के दरम्यान Non Bituminous परत के उखड़ने एवं यातायात परिचालन कठिन होने का उल्लेख प्रमंडलीय संचिका में उपलब्ध है। स्पष्ट है कि 6 माह में क्षतिग्रस्त WMM एवं GSB परत को BM करने के पूर्व सही ढ़ंग से Repair नहीं करवाया गया था। अतः ऐसी स्थिति में कि॰मी॰ 6 में कराये गये GSB परत की औसत मुटाई में 10mm की पाई गयी कमी से संबंधित कथित त्रुटि से संबंध नहीं होने की बात कही गयी है।

(iv) त्रुटि संख्या-(iv) के संदर्भ में स्पष्ट किया है कि मेरे प्रभार मुक्त होने के पश्चात पथ में Non Bituminous कार्य यथा GSB, WMM आदि के उपरान्त पथ में बरसात के बाद भी लंबी अवधि तक BM एवं SDBC का कार्य नहीं कराया गया था। माह अक्टूबर में उखड़े Non Bituminous कार्य को मरम्मति कराकर BM का कार्य कराया गया होगा। एक ही कि॰मी॰ में (EI+FI) का मान तीन Cross Section पर 35.84%, 47% एवं 41.03% (औसत 41.29%) स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि62 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 BM के पूर्व पथ में सुधार कार्य करवाया गया था। अतः EI+FI में आई विसंगति संबंधित कथित त्रुटि से प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से संबंध नहीं होने की बात कही गयी है।

3. श्री नन्दन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि श्री नन्दन द्वारा अपने स्पष्टीकरण उत्तर में जिन व्यवहारिक एवं तकनीकी कारणों का संदर्भ दिया गया है वस्तुतः इन्हीं व्यवहारिक एवं तकनीकी कठिनाईयों के मद्‌देनजर रखते हुए विभागीय मार्गदर्शिका के तहत्‌ टॉलरेन्स अनुमान्य किया गया है। परन्तु प्रस्तुत मामले में पायी गयी त्रुटि का मान टॉलरेन्स लिमिट के प्रतिकूल है। इसके अतिरिक्त श्री नन्दन के द्वारा अपने बचाव में कोई ठोस एवं प्रमाणित तथ्य/तर्क प्रस्तुत नहीं किया गया है। तद्‌ालोक में विभागीय स्तर पर की गयी समीक्षा में पाया गया कि श्री नन्दन के द्वारा अपने स्पष्टीकरण उत्तर में कोई ऐसा ठोस एवं खंडनयुक्त तथ्य अथवा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिस पर युक्तिसंगत ढंग से विचार किया जा सके, जिसके फलस्वरूप उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार किये जाने का कोई अवसर नहीं पाया गया। उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय स्तर पर की गयी समीक्षा के उपरांत वर्णित त्रुटि संख्या-(iii) के प्रमाणित पाये जाने के लिए श्री नन्दन के पत्रांक-शून्य अनु॰ दिनांक-02.07.2019 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली-2005) के नियम-14 के उपनियम-v के तहत्‌ विभागीय अधिसूचना संख्या-5553 (एस) सहपठित ज्ञापांक-5554 (एस) दिनांक-17.11.2021 के द्वारा निम्न शास्ति अधिरोपित किया गया :-

4. उपर्युक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री वासुदेव नन्दन के पत्रांक-शून्य दिनांक-28.12.2021 द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री नन्दन के द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन में मुख्या रूप से निम्न तथ्यों/तर्काें दिये गये :- (i) विभागीय मार्गदर्शिका या MoRTH में किसी कराये गये WMM कार्य पर 06 माह पश्चात कराये गये बिटुमिनस कार्य के फलस्वरूप Non Bituminous कार्य की हुई क्षति के संदर्भ में कोई जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं है। (ii) बिटुमिनस कार्य कराये जाने के पूर्व 06 माह पहले के GSB तथा WMM के क्षतिग्रस्त पथांश में आवश्यक सुधार कराने की जबाबदेही तत्कालीन कार्यरत पदाधिकारियों की थी। इसमें पायी गई कमी से प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से मेरा कोई संबंध नहीं है। (iii) आलोच्य त्रुटि से सीधे तौर पर संबद्ध रहे सहायक अभियंता श्री सुरेश कुमार पर कोई कर्रवाई नहीं की गई है, जबकि कार्य से संबद्ध रहे कनीय अभियंता को मात्र निन्दन एवं चेतावनी का दण्ड अधिरोपित किया गया है। 5. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री नन्दन के पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी एवं पाया गया कि श्री नन्दन द्वारा तर्क दिया गया है कि WMM कार्य कराये जाने के 06 माह पश्चात बिटुमिनस कार्य कराये जाने पर होने वाली क्षति के संबंध में कोई जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं है, जबकि तथ्य यह है कि WMM कार्य में पायी गयी त्रुटि के लिए श्री नन्दन को दंडित ही नहीं किया गया है। श्री नन्दन को GSB परत की औसत मोटाई प्रावधान से कम पाये जाने के लिए दंडित किया गया है, क्योंकि GSB कार्य श्री नन्दन के कार्यकाल में ही संपन्न किया गया है। जहाँ तक विषयांकित मामले में कनीय अभियंता को मात्र निन्दन एवं चेतावनी का दण्ड अधिरोपित किये जाने का प्रश्न है, संबंधित कनीय अभियंता के दिनांक-30.06.2022 को होनेवाली सेवानिवृति को मद्‌देनजर रखते हुए ही उक्त दण्ड अधिरोपित किया गया है। उपर्युक्त समीक्षा के आधार पर श्री वासुदेव नन्दन, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, धमदाहा, पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ सम्प्रतिः कार्यपालक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन में अंकित किये गये तथ्य तर्कसंगत एवं अभिलेखगत नहीं पाये जाने के आलोक में सम्यक विचारोपरांत इनके पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। 6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। S पथ प्रमंडल, जमुई अन्तर्गत नाबार्ड योजनान्तर्गत लक्ष्मीपुर-जिन्हारा-धमहा-झाझा पथ के निर्माण कार्य में बरती गयी नियमितता के लिए श्री नन्द कुमार गुप्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5055 (एस) दिनांक 06.10.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री गुप्ता के विरूद्ध गठित आरोप निम्नवत्‌ है :- (i) पथ के 10वे एवं 21वें कि॰मी॰ में कराये गये BM Gr-II कार्य मेेंं प्रयुक्त अलकतरा के औसत मान क्रमशः 2.57% एवं 2.54% पायी गयी है। पूरे पथ के लिए अलकतरा का औसत मान BM Gr-II 2.56% पायी गयी है, जो प्राक्कलन में प्रावधानित अलकतरा की मात्रा 3.3% के लिए विभागीय टॉलरेन्स लिमिट (2.94) से कम है। (ii) उक्त आरोप के लिए श्री गुप्ता से विभागीय पत्रांक-455 (एस) दिनांक 05.01.2018 स्मार पत्रांक-4899 (एस) दिनांक 27.06.2018, स्मार पत्रांक-6226 (एस) दिनांक 14.08.2018, स्मार पत्रांक-6853 (एस) दिनांक 05.09.2018 एवं स्मार पत्रांक-6570 (एस) दिनांक 27.11.2020 से स्पष्टीकरण की मांग की गयी, लेकिन इन्होंने अपना स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया। यह स्पष्ट रूप से विभागीय आदेशों/निदेशों का अवहेलना है।63 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 2. श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही मेंं संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1411(अनु॰), दिनांक 29.06. 2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री गुप्ता के विरूद्ध गठित आरोप को अप्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष इस आधार पर दिया गया है कि श्री गुप्ता का स्थानान्तरण आलोच्य कार्य में कराये गये कार्य के पूर्व ही हो गया था तथा वे विरमित भी हो चुके थे। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के विभागीय समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य/निष्कर्ष से सहमत होते हुए सम्यक विचारोपरांत श्री नन्द कुमार गुप्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति सेवानिवृत को आलोच्य मामले में आरोप मुक्त किया जाता है। S श्री अरूण कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर सम्प्रति ः निलंबित कार्यपालक अभियंता द्वारा बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के पदस्थापन काल में बरती गयी गंभीर कदाचार/अनियमितता के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-1403 (एस), दिनांक-16.03.2022 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2220 (एस) अनु॰ दिनांक 19.04.2023 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. श्री सिंह दिनांक 31.08.2023 को वार्धक्य सेवानिवृत हो चुके है। वित्त विभाग के पत्र ज्ञापांक-12753, दिनांक 26.

11.1970 में निहित प्रावधान के आलोक में श्री सिंह तत्कालीन कार्यपालक अभियंता , बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर सम्प्रति ः निलंबित कार्यपालक अभियंता को उनके सेवानिवृति की तिथि दिनांक 31.08.2023 के अपराह्‌न से निलंबन मुक्त किया जाता है, जिसका कोई भी प्रतिकूल प्रभाव उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही पर नहीं पड़ेगा।

3. श्री सिंह के निलंबन अवधि का विनियमन नियमानुसार उनके विरूद्ध संचालित विभगीय कार्यवाही के अंतिम फलाफल के आधार पर किया जायेगा। निग/सारा (उ0बि0ग्रा0)आरोप-06/2017 S एन॰आर॰ई॰पी॰, कार्य प्रमंडल, सहरसा के क्षेत्राधीन सहरसा जिलान्तर्गत महिषी प्रखण्ड के तेघड़ा गाँव से कोशी बॉंध जाने वाली सड़क में अवस्थित पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के माध्यम से प्राप्त निगरानी विभाग, तकनीकी परीक्षक कोषांग के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर आलोच्य कार्य में पायी गयी त्रुटि के लिए विभागीय पत्रांक-6442 (एस) अनु0 दिनांक-21.08.2018 के द्वारा श्री कामेश्वर रजक, तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण पूछा गया। तकनीकी परीक्षक कोषांग के जाँच प्रतिवेदन में अंकित त्रुटि/अनियमितता निम्नांकित है :-

(i) डैक स्लैब में आर॰सी॰सी॰ में सीमेन्ट, बालू, चिप्स का औसत अनुपात विशिष्ट एकरारनामा एवं मापीपुस्त में (1:2:4) का प्रावधान है, जबकि प्रयोगशाला में डैक स्लैब के आर0सी0सी0 में सीमेंट, बाल,ू चिप्स के नमूने के जाँच सीमेंट, बाल,ू चिप्स का औसत अनुपात 1 :7.42:6.28 पाया गया।

2. तदालोक में श्री रजक के पत्रांक-शून्य दिनांक-28.01.2019 के द्वारा स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया गया। श्री रजक से प्राप्त स्पष्टीकरण उत्तर की विभागीय समीक्षा के उपरांत इस पर ग्रामीण कार्य विभाग से मंतव्य प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। तद्‌नुसार विभागीय पत्रांक-2868 (एस) दिनांक 20.05.2020 के द्वारा श्री रजक के स्पष्टीकरण उत्तर पर ग्रामीण कार्य विभाग से सुस्पष्ट मंतव्य की मांग की गयी। कई स्मार के उपरांत ग्रामीण कार्य विभाग के पत्रांक-981 (अनु0) दिनांक-02.08.2021 के द्वारा वांछित मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसके तहत श्री रजक के स्पष्टीकरण उत्तर को अस्वीकार योग्य पाये जाने का मंतव्य दिया गया।

3. कालान्तर में श्री रजक के दिनांक 31.01.2020 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप इनके विरूद्ध उक्त के संबंध में पुनः विभागीय पत्रांक-2569 (एस) अनु0 दिनांक-09.06.2022 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139 (ग) के तहत कारण-पृच्छा की गयी। तदालोक में श्री रजक के पत्रांक-शून्य दिनांक-15.05.2023 द्वारा एतद्‌ संबंधी स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया गया है। श्री रजक द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा उत्तर के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित तथ्य/तर्क अंकित किये गये :-

(i) श्री रजक द्वारा पूर्व में दिनांक 28.01.2019 को समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर पर विभागीय तकनीकी समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये अनुशंसा का संदर्भ दिया गया। विभागीय तकनीकी समिति द्वारा आलोच्य पुलियाँ केे बिना Design कराये कार्य कराने से संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने वाले कार्यपालक अभियंता को दोषी मानते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गयी। साथ ही समिति द्वारा सीमेन्ट, बालू एवं चिप्स की Proportion में पायी गयी कमी पर कार्रवाई से पूर्व कंक्रीट की compressive strength की भी जाँच की अनुशंसा की गयी। (ii) श्री रजक द्वारा आलोच्य पुल में कराये गये कार्य की गुणवत्ता प्रावधानित विशिष्ट की अनुरूप होना बताया गया है, जिसके संबंध में पुल निर्माण कार्य पूर्ण होने के तुरंत बाद ही निष्पक्ष रूप से जिला स्तरीय त्रिसदस्यीय जाँच दल एवं जिला योजना पदाधिकारी द्वारा किये गये जाँच में योजना कार्य को संतोषप्रद बताये जाने का तर्क दिया गया है।64 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 (iii) श्री रजक द्वारा आलोच्य पुलियॉ के क्षतिग्रस्त होने के पश्चात आयुक्त कोशी प्रमंडल, सहरसा के निदेशानुसार प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, महिषी एवं कनीय अभियंता, महिषी प्रखण्ड के द्वारा संयुक्त रूप से जाँचोपरांत समर्पित जाँच प्रतिवेदन का भी संदर्भ दिया गया है। इस जाँच प्रतिवेदन में पुल के क्षतिग्रस्त होने के लिए कोसी बांध पर सिंचाई विभाग द्वारा सड़क बनाये जाने के क्रम में भारी वाहनों के आवागमन को जिम्मेवार बताया गया है।

(iv) इसके अतिरिक्त श्री रजक द्वारा स्वंय के हृदय रोग से पीड़ित होने का भी उल्लेख किया गया है। 4. श्री रजक द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि पूर्व में श्री रजक के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर पर विभागीय तकनीकी समिति के समीक्षा कराते हुए मंतव्य की मांग की गयी थी, जिसमें श्री रजक को दोषी नहीं पाया गया था, जैसा कि आरोपी द्वारा अपने बचाव में सम्प्रति उल्लेख किया गया है। इस संबंध में उललेखनीय है कि विभागीय तकनीकी समिति का मंतव्य मानने के लिए सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार की बाध्यता नहीं है, इसलिए श्री रजक के द्वारा उक्त बिन्दु पर दिया गया तर्क मान्य नहीं होता है।

5. श्री रजक के पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर पर प्राप्त आदेश के आलोक में ग्रामीण कार्य विभाग से मंतव्य प्राप्त किया गया, जिसमें श्री रजक के द्वारा अंकित किये गये तथ्यों/तर्को का खण्डन करते हुए स्वीकार योग्य नहीं पाये जाने का मंतव्य दिया गया। तदोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार से प्राप्त आदेश के आलोक में श्री रजक से पूर्व में पूछे गये स्पष्टीकरण, इनके द्वारा समर्पित उत्तर एवं इस पर ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये मंतव्य की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-2569 (एस) अनु0 दिनांक-09.06.2022 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139 (ग) के तहत पुनः श्री रजक से कारण-पृच्छा की गयी। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा अपने मंतव्य में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उसके संबंध में श्री रजक द्वारा समर्पित अद्यतन कारण-पृच्छा उत्तर में कोई तथ्य/तर्क अंकित नहीं किया गया है, बल्कि इनके द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर में अंकित तथ्यों को ही नये सिरे से दुहराया गया है। अतएव श्री रजक का उत्तर सतोषजनक नहीं है। अतएव उपर्युक्त परिपेक्ष्य में श्री कामेश्वर रजक, तत्कालीन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, सहरसा सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 (ग) के तहत पूछे गये स्पष्टीकरण के आलोक में उनके पत्रांक-शून्य दिनांक-15.05.2023 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर संतोषजनक नहीं पाये जाने की स्थिति में इसे अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध सरकार के निर्णयानुसार बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(ग) के तहत्‌ निम्न दंड अधिरोपित किया जाता है :-

प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। निग/सारा-5(पथ)-3070/2003 S भवन निर्माण विभाग के पत्रांक-1220 (भ॰), दिनांक 01.02.

2019 द्वारा मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग के जाँच प्रतिवेदन एवं मान्‌्‌नीय लोकायुक्त के द्वारा दिनांक-11.06.2018 को पारित आदेश के आलोक में भवन निर्माण विभाग के अधीन निर्माण कार्य के प्राक्कलन गठन में बरती गयी अनियमितताओं के लिए श्री रणविजय राम, तत्कालीन सहायक अभियंता, भवन प्रमंडल, बेगूसराय सम्प्रतिः सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई, जिसके विभागीय समीक्षोपरान्त निम्न त्रुटियाँ/अनियमितता पाई गई :- (i)(a) वार्षिक मरम्मति/विशेष मरम्मति में कई प्राक्कलनों में सभी कार्य मद मापी एवं मात्रा एक समान रखकर अवास्तविक रूप से प्राक्कलन का गठन किया गया है। (b) प्राक्कलन से मरम्मति का कार्य का प्राक्कलन परिलक्षित नहीं होने के बावजूद मरम्मति शीर्ष में प्राक्कलन गठित किया गया है। (c) कनीय अभियंता एवं आपके हस्ताक्षर में व्यवहारिक तौर पर हस्ताक्षरित तिथि समूचित नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि जल्दबाजी में निविदा कार्यवाही में सहभागीता दी गयी है। (d) एक ही कार्य को जानबूझकर स्वंय टुकड़ों में बाँट कर कार्यपालक अभियंता की सहक्षमता में लाने हेतु प्राक्कलन को गठित किया गया है। (ii) प्राक्कलन पदाधिकारी की हैसियत से एक ही निविदा सूचना के कुछ कार्यो के तुलनात्मक विवरणी पर मंतव्य एवं कुछ नहीं रहने के कारण तुलात्मक विवरणी के निष्पादन में मनमानी किया गया है, जो अनियमित है। अतः कार्यपालक अभियंता के सहयोगी के रूप में श्री राम को भी ससमय निविदा निष्पादन की कार्यवाही के निष्पादन के लिए दोषी पाया गया है। 2. तद्‌ालोक में , तत्कालीन सहायक अभियंता, भवन प्रमंडल, बेगूसराय सम्प्रतिः सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध उक्त त्रुटियों के लिए आरोप पत्र गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8986 (एस) अनु० दिनांक-04.10.2019 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 के तहत विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री राम के सेवानिवृति के फलस्वरूप इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प संख्या-5573 (एस) दिनांक-25.09.2020 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) के तहत्‌ सम्परिवर्तित किया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-26 दिनांक-17.03.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री राम के विरूद्ध गठित सभी आरोपों को अप्रमाणित होने का निष्कर्ष दिया गया।65 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 3. विषय वस्तु मूल रूप से भवन निर्माण विभाग से संबंधित होने के कारण विभागीय पत्रांक-3410 (एस) अनु० दिनांक-19.07.2021 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में गठित निष्कर्ष के संबंध में भवन निर्माण विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। भवन निर्माण विभाग के पत्रांक-4674 (भ) दिनांक-07.06.2023 द्वारा प्राप्त मंतव्य में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य को उचित एवं नियमानुकूल माना गया। 4. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय समीक्षोपरांत संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के द्वारा गठित आरोपों को अप्रमाणित पाये जाने के गठित निष्कर्ष एवं इस पर भवन निर्माण विभाग से प्राप्त मंतव्य से सहमत होते हुए , तत्कालीन सहायक अभियंता, भवन प्रमंडल, बेगूसराय सम्प्रतिः सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। (ह0) अस्पष्ट, ------ मुख्य अभियंता का कार्यालय श्सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, सिवान ------ कार्यालय आदेश 23 नवम्बर 2023

सं0 1/स्था0अनु0-12-103/2022ः-65/सिवान--जिला अनुकम्पा समिति -सह- जिलाधिकारी, सिवान की अध्यक्षता में दिनांक 24.09.2022 को आयोजित जिला अनुकम्पा समिति, बैठक की कार्यवाही ज्ञापांक 965/स्था0, सिवान, दिनांक 24.09.2022 द्वारा की गई अनुषंसा एवं अवर सचिव, जल संसाधन विभाग, पटना का ज्ञापांक 3बी/स्था0-13 (मार्गदर्षन)-26/2022-1668 दिनांक 05.10.2023 के आलोक में श्री अदित्य प्रताप कष्यप (आधार नं0-7724 4062 3036), पिता-स्व0 धीरज कुमार, भूतपूर्व भण्डारपाल, सारण नहर प्रमंडल, मैरवा को अनुकंपा के आधार पर वेतनमान लेवेल-II (19900 - 63200) ग्रेड पे-1900 रूपये एवं समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत भत्ते सहित निम्नवर्गीय लिपिक (वर्ग-03) के पद पर नियुक्त किया जाता है। उन्हें आदेश दिया जाता है कि वे अपना योगदान कार्यपालक अभियंता, सारण नहर प्रमंडल, छपरा के कार्यालय में दिनांक 17.12.2023 तक देना सुनिष्चित करें अन्यथा उनकी नियुक्ति रद्द समझी जायेगी। यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है। 2. इनकी वरीयता नियुक्ति तिथि के पूर्व तैयार की गई वरीयता सूची में अंकित व्यक्तियों के बाद होगी। 3. स्व0 धीरज कुमार के आश्रित परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण का पूर्णतः उत्तरदायित्व श्री अदित्य प्रताप कष्यप पर होगा। यदि मृतक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्रुटि की जाती है तो नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा कारण-पृच्छा प्राप्त कर उनकी सेवा समाप्त की जा सकेगी।

4. नियुक्त पद पर योगदान करते समय उन्हें जिला सारण (छपरा) के असैनिक शैल्य चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हर हालत में प्रस्तुत करना होगा।

5. स्वीकृत रोस्टर बिन्दु के आधार पर नियमानुसार रोस्टर बिन्दु अग्रगणित किया जा सकेगा। 6. योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। 7. गलत कागजात/अभिलेख के आधार पर नियुक्ति प्राप्त कर लेने की सूचना प्रकट होने पर उन्हें सेवा से विमुक्त कर दिया जायेगा तथा समुचित कार्रवाई नियमानुसार की जायेगी।

8. अनुकंपा के आधार पर नियुक्त होने के पश्चात्‌ पुनः अनुकम्पा का लाभ लेते हुए संवर्ग परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

9. नियुक्त पद पर योगदान करते समय उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता का मूल प्रमाण पत्र एवं वास्तविक जन्म तिथि से संबंधित प्रमाण पत्र मूल में संबंधित पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा जिसकी जाँच कर संतुष्ट होकर उनके द्वारा इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा तथा इसकी सूचना तुरत अधोहस्ताक्षरी को दी जायेगी।

10. उप सचिव, वित्त विभाग के पत्र संख्या 1964 दिनांक 31.8.2005 के अनुसार दिनांक 01.09.2005 एवं उसके बाद नियुक्त राज्य कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना (NPS)लागू होगा।

आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, मुख्य अभियंता,सिंचाई सृजन।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 38—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

66 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।

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No. 1297---I Ghanshyam Kumar A S/o Anil Prasad R/o Pandarak (Gopkita) P.O.+P.S.- Pandarak, Bihar–803221 declare vide affidavit No.-12, date–13.06.2023 that in my aadhar my name is wrongly mentioned as GHANSHYAM KUMAR instead of GHANSHYAM KUMAR A. I shall be known as GHANSHYAM KUMAR A for all future purposes.

Ghanshyam Kumar.

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सं0 1298---मैं अनिमेष (ANIMESH) पिता-श्री रवि प्रसाद, माता-श्रीमती आकृति मु0-एन वाई/118 आई, न्यू यारपुर जतना रोड पो0-जी0पी0ओ0, थाना-गर्दनीवाग, पटना-800001 (बिहार) शपथपूर्वक यह सूचित करता हूँ कि-मेरे सभी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र में मेरा नाम अनिमेष (ANIMESH) है। मैं अपने नाम में उपनाम वर्मा (VERMA) जोड़ना चाहता हूँ। अब मैं ANIMESH VERMA (अनिमेष वर्मा) के नाम से जाना एवं पहचाना जाउँगा। शपथ पत्र सं0 9839 दिनांक 30.10. 2023 के आलोक में यह सभी कार्य में मान्य होगा।

अनिमेष (ANIMESH). No. 1298---I, ANIMESH S/o Sri RAVI PRASAD, M- AKRITI, R/O NY/118-i, NEW YARPUR JANTA ROAD, PO- G.P.O. PS- GARDANIBAGH, PATNA 800001 (BIHAR) do hereby Solemnly affirm and declare that my name will be known as ANIMESH VERMA affidavit no- 9839 dated – 30/10/2023 for all purposes.

ANIMESH.

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No. 1299---I, Dhiraj Kumar Dixit, S/o Mrityunjay Dixit, R/o vill- Harpur, P.O.-Shahpur P.S.-Nautan, Distt- Siwan Bihar 841243 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No- 357 dt.31-10-23 that my name is compounded my father's name as Dhiraj Kumar Dixit Mrityunjay Dixit which is not correct as per matriculation marksheet my correct name is Dhiraj Kumar Dixit from now I will be known as Dhiraj Kumar Dixit for all future purposes.

Dhiraj Kumar Dixit.

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सं0 1300---मैं किषोर कुमार भारती, पिता डोमी मंडल सा0 ग्राम-गहील स्थान, पोस्ट-दिबरा बाजार, थाना-बड़हरा कोठी, अनुमंडल-धमदाहा, जिला-पुर्णियां, शपथकत्र्ता घोषणा करता हूं कि मेरे पुत्र का नाम चन्द्र प्रकाष सत्यम (CHANDRA PARKASH SATYAM) हैं। मेरे पुत्र मैट्रिक के सभी प्रमाण पत्र में सही नाम चन्द्र प्रकाष सत्यम (CHANDRA PARKASH SATYAM) है जो सही व सत्य है। मेरे पुत्र के आधार कार्ड में सही नाम CHANDRA PARKASH SATYAM दर्ज ना हो कर गलत नाम चन्द्र प्रकाष सत्यम CHANDRA PRAKASH SATYAM) दर्ज हो गया है। मेरे पुत्र चन्द्र प्रकाष सत्यम (CHANDRA PARKASH SATYAM) के नाम से जाना व्‌ पहचाना जाता है। षपथ पत्र सं0 1882/22-09-2023.

किषोर कुमार भारती।67 (cid:464)बहार गजट, 6 2023 No. 1301---I KISHOR KUMAR NASTIK, S/O Sri Bishwanath Gupta, Resident of Mohalla- Sarvoday Nagar, Mission Compound, P.O. Chapra Town, P.S. Chapra Town, Distt, Saran, Bihar-841301. Do hereby solemnly affirm & declare as follows That I am a permanent resident of above said address, previously in my Aadhar (966550254387) my name is written as KISHORE KUMAR, after update in my Aadhar (966550254387) my name is written as KISHOR KUMAR NASTIK. From now I will be known as KISHOR KUMAR NASTIK for all future purpose. Affidavit no.956/31-10-23.

KISHOR KUMAR NASTIK.

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No. 1302---I Sandip Kumar S/o Late Surendra Prasad Singh R/o Vill+po-Ekdanga P.S- Belchhi Distt.- Patna. 803213 Bihar do hareby solemnly affirm and declare as per affidavit No- 870 dt. 5-10-23 that after adding title "Singh" my son Aryan now I will be known as Aryan Singh only.

Sandip Kumar.

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सं0 1303---मैं Md. Shamshad Alam पिता-मो. अब्बास, हमीदपुर कु र्जी पोस्ट-सदाकत आ(cid:7088)म, पटना। मेरी पुत्री ASHMA NAZ के दसव(cid:7277) प्रमाणपत्र (रौल नम्बर-22222041) में मेरा नाम Shamshad गलत दर्ज है । शपथपत्र संख्या-84/11.07. 2023 द्वारा घोषणा करता (cid:7264)ँ कि मैं सभी काय(cid:7300) हेतु Md. Shamshad Alam नाम से जाना / पहचाना जाऊँ गा ।

Md. Shamshad Alam.

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No. 1304---I, VIJAYA Laxmi D/o Kaushlendra Kumar, W/o Sanjay Prasad Singh, R/o Vill.-Bhikhani Bigha, Post-Onda, Thana-Sare, Dist-Nalanda, Pin-803107, Bihar, Declare vide Affidavit no.-730 dated-08.09.2023 my name in 10th document which has been mentioned as Vijaya Laxmi Kumari and all other documents has been mentioned as Vijaya Laxmi. That now I will be known as Vijaya Laxmi for all purposes.

VIJAYA Laxmi.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 38—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

68 (cid:464)बहार गजट, 6 2023

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 7/स्था0 (अ0नि0)-1-06/2023--5967

मद्यनिषेध नीति के सफल कार्यान्वयन हेतु बिहार मद्यनिषेध अवर सेवा के पदों, यथा निरीक्षक मद्यनिषेध, अवर निरीक्षक मद्यनिषेध, सहायक अवर निरीक्षक मद्यनिषेध एवं मद्यनिषेध सिपाही के अतिरिक्त पदों का सृजन किया गया हैै। पदों के सृजन के फलस्वरूप स्वीकृत कुल पदों को जिलावार/कार्यालयवार पदबल चिन्हित किये जाने की आवश्यकता है। पदों के सृजन संबंधी विवरण निम्नवत्‌ हैः- (I) प्रशासी पदवर्ग समिति (वित्त विभाग) की दिनांक 13.09.2022 की बैठक एवं राज्य मंत्रिपरिषद की दिनांक 13.10. 2022 की बैठक की मद संख्या-5 के रूप में दी गयी स्वीकृति के आलोक में विभागीय राज्यादेश संख्या-5403 दिनांक 14.10. 2022 द्वारा बिहार मद्यनिषेध अवर सेवा के 905 निम्न पदों की स्वीकृति दी गयी है -

1 निरीक्षक मद्यनिषेध 125 47 172
2 अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 280 56 336
3 सहायक अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 391 113 504
4 मद्यनिषेध सिपाही 1171 689 1860

(II) प्रशासी पदवर्ग समिति (वित्त विभाग) की दिनांक 26.12.2022 की बैठक एवं राज्य मंत्रिपरिषद की दिनांक 03.01. 2023 की बैठक की मद संख्या-12 के रूप में दी गयी स्वीकृति के आलोक में विभागीय राज्यादेश संख्या-99 दिनांक 05.01. 2023 द्वारा बिहार मद्यनिषेध अवर सेवा के 124 निम्न पदों की स्वीकृति दी गयी है -

1 अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 336 12 348
2 सहायक अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 504 12 516
3 मद्यनिषेध सिपाही 1860 100 1960

05.2023 की बैठक की मद संख्या-18 के रूप में दी गयी स्वीकृति के आलोक में विभागीय राज्यादेश संख्या-2906 दिनांक 02.06.2023 द्वारा बिहार मद्यनिषेध अवर सेवा के 845 निम्न पदों की स्वीकृति दी गयी है -

1 निरीक्षक मद्यनिषेध 172 13 185
2 अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 348 125 473
69 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
3 सहायक अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 516 225 741
4 मद्यनिषेध सिपाही 1960 850 2810
1 निरीक्षक मद्यनिषेध 185
2 अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 473
3 सहायक अवर निरीक्षक मद्यनिषेध 741
4 मद्यनिषेध सिपाही 2810

3. उपर्युक्त आलोक में निरीक्षक मद्यनिषेध का जिलावार/कार्यालयवार पदबल की सूची अनुलग्नक-1 के रूप में, अवर निरीक्षक मद्यनिषेध का जिलावार/कार्यालयवार पदबल की सूची अनुलग्नक-2 के रूप में, सहायक अवर निरीक्षक मद्यनिषेध का जिलावार/कार्यालयवार पदबल की सूची अनुलग्नक-3 के रूप में तथा मद्यनिषेध सिपाही का जिलावार/कार्यालयवार पदबल की सूची अनुलग्नक-4 के रूप में संलग्न है।

अनुलग्नकः-कंडिका-3 में यथा वर्णित। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

1 अरवल 1
2 अररिया 2
3 अररिया चलिष्णु दल 1
4 औरंगाबाद 2
5 औरंगाबाद चलिष्णु दल 1
6 कटिहार 3
7 कटिहार चलिष्णु दल 1
8 किशनगंज 1
8 किशनगंज चलिष्णु दल 1
9 कैमूर (भभुआ) 2
10 कैमूर (भभुआ) चलिष्णु दल 1
11 खगड़िया 2
12 खगड़िया चलिष्णु दल 1
13 गोपालगंज 2
14 गोपालगंज चलिष्णु दल 1
15 गया 4
16 गया चलिष्णु दल 1
17 जमुई 1
18 जहानाबाद 1
19 पटना 6
20 बाढ़ अनुमंडल चलिष्णु दल 1
21 पटना सिटी़ अनुमंडल चलिष्णु दल 1
22 पटना सदर अनुमंडल चलिष्णु दल 1
23 दानापुर अनुमंडल चलिष्णु दल 1
24 पालीगंज अनुमंडल चलिष्णु दल 1
25 मसौढ़ी अनुमंडल चलिष्णु दल 1
70 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
26 पूर्णियाँ 4
27 पूर्णियाँ चलिष्णु दल 1
28 पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) 6
29 पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) चलिष्णु दल 1
30 प0 चम्पारण (बेतिया) 3
31 प0 चम्पारण (बेतिया) चलिष्णु दल 1
32 बगहा चलिष्णु दल 1
33 दरभंगा 3
34 दरभंगा चलिष्णु दल 1
35 बक्सर 2
36 बक्सर चलिष्णु दल 1
37 बांका 1
38 बांका चलिष्णु दल 1
39 बेगूसराय 5
40 बेगूसराय चलिष्णु दल 1
41 भागलपुर 3
42 भागलपुर चलिष्णु दल 1
43 नवगछिया अनुमंडल चलिष्णु दल 1
44 भोजपुर 3
45 भोजपुर चलिष्णु दल 1
46 मधुबनी 5
47 मधुबनी चलिष्णु दल 1
48 मधेपुरा 2
49 मुंगेर 3
50 मुंगेर चलिष्णु दल 1
51 मुजफ्फरपुर 2
52 मुजफ्फरपुर चलिष्णु दल 1
53 रोहतास 3
54 रोहतास चलिष्णु दल 1
55 वैशाली 3
56 वैशाली चलिष्णु दल 1
57 शिवहर 1
58 शेखपुरा 1
59 समस्तीपुर 4
60 समस्तीपुर चलिष्णु दल 1
61 सहरसा 2
62 सहरसा चलिष्णु दल 1
63 सारण (छपरा) 3
64 सारण (छपरा) चलिष्णु दल 1
65 सुपौल 4
66 सुपौल चलिष्णु दल 1
67 सिवान 2
68 सिवान चलिष्णु दल 1
71 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
69 सीतामढ़ी 3
70 सीतामढ़ी चलिष्णु दल 1
71 लखीसराय 1
72 नालंदा 3
73 नालंदा चलिष्णु दल 1
74 नवादा 2
75 नवादा चलिष्णु दल 1
76 आ0 भ0 1
77 सी0डी0एफ0 (पटना) 1
78 छोआ 1
79 ई0आई0बी0 2
80 जलालपुर (बलथरी) जाँच चौकी, गोपालगंज 1
81 डोभी जाँच चौकी, गया 1
82 रजौली जाँच चौकी, नवादा 1
83 कर्मनाशा (मोहनियाँ) जाँच चौकी, कैमूर 1
84 डगरूआ जाँच चौकी, पूर्णियाँ (दालकोला) 1
85 बक्सर (चौसा) जाँच चौकी, बक्सर 1
86 वीर कुँवर जाँच चौकी, बक्सर 1
87 फरीमगोला जाँच चौकी, किशनगंज 1
88 रक्सौल जाँच चौकी, पूर्वी चम्पारण 1
89 वीरपुर जाँच चौकी, सुपौल 1
90 बौंसी जाँच चौकी, बांका 1
91 पंजवारा जाँच चौकी, बांका 1
92 दर्दमारा जाँच चौकी, बांका 1
93 हरिनगर आसवनगृह प0 चम्पारण 1
94 नरकटियागंज आसवनगृह प0 चम्पारण 1
95 मंझौलिया आसवनगृह प0 चम्पारण 1
96 रीगा आसवनगृह, सीतामढ़ी 1
97 मीरगंज आसवनगृह, गोपालगंज 1
98 सोनासती ऑगे र्निक्स प्र्रा0लि0, गोपालगंज 1
99 भारत सुगर मिल आसवनगृह, सिधवलिया, गोपालगंज 1
100 मे0 यूनाईटेड लि0, हाथीदह, पटना 1
101 इस्टन इंडिया प्रा0लि0, पूर्णियाँ 1
102 एम0जे0 एण्ड सन्स प्रा0 लि0 आसवनगृह, बांका 1
103 एस0सी0आई0 इण्डिया लि0, आसवनगृह रजौन, बांका 1
104 कुम्हरार, पटना गु्रप सेन्टर 3
105 मुजफ्फरपुर गु्रप सेन्टर 3
106 भागलपुर गु्रप सेन्टर 2
107 गया गु्रप सेन्टर 3
108 सहरसा गु ्रप सेन्टर 2
109 बी0एस0बी0सी0एल0, पटना 4
72 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
2 3
1 पटना 19
2 पटना सदर अनुमंडल चलिष्णु दल 1
3 पटना सिटी अनुमंडल चलिष्णु दल 1
4 बाढ़ अनुमंडल चलिष्णु दल 1
5 पालीगंज़ अनुमंडल चलिष्णु दल 1
6 मसौढ़ी अनुमंडल चलिष्णु दल 1
7 दानापुर अनुमंडल चलिष्णु दल 1
8 बाढ़ अनुमंडल मुख्यालय 3
9 पालीगंज़ अनुमंडल मुख्यालय 3
10 मसौढ़ी अनुमंडल मुख्यालय 3
11 दानापुर अनुमंडल मुख्यालय 3
12 नालन्दा 7
13 नालन्दा चलिष्णु दल 1
14 भोजपुर 7
15 भोजपुर चलिष्णु दल 1
16 रोहतास 10
17 रोहतास चलिष्णु दल 1
18 भभुआ (कैमूर) 12
19 भभुआ (कैमूर) चलिष्णु दल 2
20 बक्सर 8
21 बक्सर चलिष्णु दल 1
22 गया 13
23 गया चलिष्णु दल 1
24 जहानाबाद 4
25 अरवल 3
26 नवादा 10
27 नवादा चलिष्णु दल 1
28 औरंगाबाद 14
29 औरंगाबाद चलिष्णु दल 1
30 सारण 10
31 सारण चलिष्णु दल 1
32 सीवान 12
33 सीवान चलिष्णुदल 1
34 गोपालगंज 18
35 गोपालगंज चलिष्णु दल 1
36 मुजफ्फरपुर 10
37 मुजफ्फरपुर चलिष्णु दल 1
38 सीतामढ़ी 9
39 सीतामढ़ी चलिष्णु दल 1
40 शिवहर 3
41 पश्चिमी चम्पारण 14
42 पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) चलिष्णु दल 1
73 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
2 3
43 बगहा चलिष्णु दल 1
44 पूर्वी चम्पारण 14
45 पूर्वी चम्पारण चलिष्णु दल 1
46 वैशाली 7
47 वैशाली चलिष्णु दल 1
48 दरभंगा 7
49 दरभंगा चलिष्णु दल 1
50 मधुबनी 9
51 मधुबनी चलिष्णु दल 1
52 समस्तीपुर 7
53 समस्तीपुर चलिष्णु दल 1
54 सहरसा 4
55 सहरसा चलिष्णु दल 1
56 सुपौल 6
57 सुपौल चलिष्णु दल 1
58 मधेपुरा 4
59 पूर्णियॉ 7
60 पूर्णियॉ चलिष्णु दल 1
61 अररिया 11
62 अररिया चलिष्णु दल 1
63 किशनगंज 5
64 किशनगंज चलिष्णु दल 1
65 कटिहार 9
66 कटिहार चलिष्णु दल 1
67 भागलपुर 13
68 भागलपुर चलिष्णु दल 1
69 नवगछिया अनुमंडल चलिष्णु दल 1
70 बांका 6
71 बांका चलिष्णु दल 2
72 मुंगेर 7
73 मुंगेर चलिष्णु दल 1
74 लखीसराय 4
75 शेखपुरा 4
76 बेगूसराय 6
77 बेगूसराय चलिष्णु दल 2
78 जमुई 5
79 खगड़िया 5
80 खगड़िया चलिष्णु दल 1
81 ई0आई0बी0, मुख्यालय पटना 7
82 कर्मनाशा (मोहनिया) जॉच चौकी, कैमूर 3
83 जलालपुर (बलथरी) जॉच चौकी, गोपालगंज 4
84 डोभी जॉच चाकी, गया 4
85 रजौली जॉच चौकी, नवादा 4
74 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
2 3
86 डगरूआ जाँच चौकी, पूर्णियाँ (दालकोला) 4
87 बक्सर (चौसा) जाँच चौकी, बक्सर 3
88 वीर कुँवर जॉच चौकी, बक्सर 2
89 फरीगगोला जाँच चौकी किशनगंज 1
90 खगड़ा जाँच चौकी किशनगंज 1
91 ब्लॉक चौक जाँच चौकी किशनगंज 1
92 गलगलिया जाँच चौकी किशनगंज 1
93 बौंसी जाँच चौकी बांका 1
94 पंजवारा जाँच चौकी बांका 1
95 दर्दमारा जाँच चौकी बांका 1
96 रक्सौल जाँच चौकी, पूर्वी चम्पारण 1
97 वीरपुर जाँच चौकी, सुपौल 1
98 टास्क फोर्स, पटना 1
99 सी0डी0एफ0, पटना 2
100 पटना प्रमंडल 1
101 भागलपुर प्रमंडल 1
102 दरभंगा प्रमंडल 1
103 तिरहुत प्रमंडल 1
104 कुम्हरार, पटना गु्रप सेन्टर 10
105 मुजफ्फरपुर गु्रप सेन्टर 10
106 भागलपुर गु्रप सेन्टर 10
107 गया गु्रप सेन्टर 10
108 सहरसा गु ्रप सेन्टर 10
473
1 अरवल 5
2 अररिया 16
3 अररिया चलिष्णु दल 2
4 औरंगाबाद 17
5 औरंगाबाद चलिष्णु दल 2
6 कटिहार 9
7 कटिहार चलिष्णु दल 2
8 किशनगंज 8
9 किशनगंज चलिष्णु दल 2
10 कैमूर (भभुआ) 16
11 कैमूर (भभुआ) चलिष्णु दल 2
12 खगड़िया 6
13 खगड़िया चलिष्णु दल 2
14 गोपालगंज 16
15 गोपालगंज चलिष्णु दल 2
16 गया 15
75 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
17 गया चलिष्णु दल 2
18 जमुई 7
19 जहानाबाद 6
20 पटना 27
21 बाढ़ अनुमंडल चलिष्णु दल 2
22 बाढ़ अनुमंडल मुख्यालय 3
23 पटना सिटी़ अनुमंडल चलिष्णु दल 2
24 पटना सदर अनुमंडल चलिष्णु दल 2
25 दानापुर अनुमंडल चलिष्णु दल 2
26 दानापुर अनुमंडल मुख्यालय 3
27 पालीगंज अनुमंडल चलिष्णु दल 2
28 पालीगंज अनुमंडल मुख्यालय 3
29 मसौढ़ी अनुमंडल चलिष्णु दल 2
30 मसौढ़ी अनुमंडल मुख्यालय 3
31 पूर्णियाँ 7
32 पूर्णियाँ चलिष्णु दल 2
33 पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) 19
34 पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) चलिष्णु दल 2
35 प0 चम्पारण (बेतिया) 13
36 प0 चम्पारण (बेतिया) चलिष्णु दल 2
37 बगहा चलिष्णु दल 2
38 दरभंगा 10
39 दरभंगा चलिष्णु दल 2
40 बक्सर 13
41 बक्सर चलिष्णु दल 2
42 बांका 7
43 बांका चलिष्णु दल 2
44 बेगूसराय 10
45 बेगूसराय चलिष्णु दल 2
46 भागलपुर 14
47 भागलपुर चलिष्णु दल 2
48 नवगछिया अनुमंडल चलिष्णु दल 2
49 भोजपुर 10
50 भोजपुर चलिष्णु दल 2
51 मधुबनी 13
52 मधुबनी चलिष्णु दल 2
53 मधेपुरा 6
54 मुंगेर 10
55 मुंगेर चलिष्णु दल 2
56 मुजफ्फरपुर 14
57 मुजफ्फरपुर चलिष्णु दल 2
58 रोहतास 9
59 रोहतास चलिष्णु दल 2
76 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
60 वैशाली 11
61 वैशाली चलिष्णु दल 2
62 शिवहर 4
63 शेखपुरा 6
64 समस्तीपुर 10
65 समस्तीपुर चलिष्णु दल 2
66 सहरसा 6
67 सहरसा चलिष्णु दल 2
68 सारण (छपरा) 12
69 सारण (छपरा) चलिष्णु दल 2
70 सुपौल 5
71 सुपौल चलिष्णु दल 2
72 सिवान 11
73 सिवान चलिष्णु दल 2
74 सीतामढ़ी 11
75 सीतामढ़ी चलिष्णु दल 2
76 लखीसराय 6
77 नालंदा 8
78 नालंदा चलिष्णु दल 2
79 नवादा 13
80 नवादा चलिष्णु दल 2
81 सी0डी0एफ0, पटना 6
82 ई0आई0बी0 4
83 टास्क फोर्स 3
84 जलालपुर (बलथरी) जाँच चौकी, गोपालगंज 5
85 डोभी जाँच चौकी, गया 5
86 रजौली जाँच चौकी, नवादा 5
87 कर्मनाशा (मोहनियाँ) जाँच चौकी, कैमूर 3
88 डगरूआ जाँच चौकी, पूर्णियाँ (दालकोला) 5
89 बक्सर (चौसा) जाँच चौकी, बक्सर 3
90 वीर कुँवर जाँच चौकी, बक्सर 2
91 फरीमगोला जाँच चौकी, किशनगंज 4
92 खगड़ा जाँच चौकी, किशनगंज 2
93 ब्लॉक चौक जाँच चौकी, किशनगंज 2
94 गलगलिया जाँच चौकी, किशनगंज 2
95 रक्सौल जाँच चौकी, पूर्वी चम्पारण 4
96 वीरपुर जाँच चौकी, सुपौल 4
97 बौंसी जाँच चौकी, बांका 2
98 पंजवारा जाँच चौकी, बांका 2
99 दर्दमारा जाँच चौकी, बांका 2
100 पटना प्रमंडल 2
101 मगध प्रमंडल 2
102 मुंगेर प्रमंडल 2
77 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
103 भागलपुर प्रमंडल 2
104 दरभंगा प्रमंडल 2
105 कोशी प्रमंडल 2
106 पूर्णियाँ प्रमंडल 2
107 तिरहुत प्रमंडल 2
108 सारण प्रमंडल 2
109 हरिनगर आसवनगृह प0 चम्पारण 1
110 नरकटियागंज आसवनगृह प0 चम्पारण 1
111 मंझौलिया आसवनगृह प0 चम्पारण 1
112 एच0पी0सी0एल0 बायोफ्यूल्स प्रा0लि0, प0 चम्पारण 1
113 एच0पी0सी0एल0 बायोफ्यूल्स प्रा0लि0, पूर्वी चम्पारण 1
114 बिहार डिस्टीलर्स एण्ड बोटलर्स प्रा0लि0, भोजपुर 1
115 रीगा आसवनगृह, सीतामढ़ी 1
116 मीरगंज आसवनगृह, गोपालगंज 1
117 सोनासती ऑगे र्निक्स प्र्रा0लि0, गोपालगंज 1
118 भारत सुगर मिल आसवनगृह, सिधवलिया, गोपालगंज 1
119 मे0 यूनाईटेड लि0, हाथीदह, पटना 1
120 इस्टन इंडिया प्रा0लि0, पूर्णियाँ 1
121 एम0जे0 एण्ड सन्स प्रा0 लि0 आसवनगृह, बांका 1
122 एस0सी0आई0 इण्डिया लि0, आसवनगृह रजौन, बांका 1
123 कुम्हरार, पटना गु्रप सेन्टर 30
124 मुजफ्फरपुर गु्रप सेन्टर 30
125 भागलपुर गु्रप सेन्टर 30
126 गया गु्रप सेन्टर 30
127 सहरसा गु ्रप सेन्टर 30
1 अरवल 15
2 अररिया 59
3 अररिया (चलिष्णु दल) 12
4 औरंगाबाद 73
5 औरंगाबाद (चलिष्णु दल) 12
6 कटिहार 42
7 कटिहार (चलिष्णु दल) 13
8 किशनगंज 24
9 किशनगंज (चलिष्णु दल) 10
10 कैमूर 54
11 भभुआ, कैमूर (चलिष्णु दल) 10
12 खगड़िया 16
13 खगड़िया (चलिष्णु दल) 10
78 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
14 गोपालगंज 82
15 गोपालगंज (चलिष्णु दल) 20
16 गया 39
17 गया (चलिष्णु दल) 20
18 जमुई 27
19 जहानाबाद 15
20 पटना 80
21 पटना सदर अनुमंडल (चलिष्णु दल) 12
22 पटना सिटी अनुमंडल (चलिष्णु दल) 12
23 बाढ़ अनुमंडल (चलिष्णु दल) 12
24 बाढ़ अनुमंडल 25
25 पालीगंज अनुमंडल (चलिष्णु दल) 10
26 पालीगंज अनुमंडल 25
27 मसौढ़ी अनुमंडल (चलिष्णु दल) 13
28 मसौढ़ी अनुमंडल 25
29 दानापुर अनुमंडल (चलिष्णु दल) 10
30 दानापुर अनुमंडल 25
31 पूर्णियाँ 21
32 पूर्णियाँ (चलिष्णु दल) 10
33 पूर्वी चम्पारण 63
34 पूर्वी चम्पारण (चलिष्णु दल) 20
35 प0 चम्पारण 58
36 प0 चम्पारण, बेतिया (चलिष्णु दल) 15
37 बगहा अनुमंडल (चलिष्णु दल) 10
38 दरभंगा 36
39 दरभंगा (चलिष्णु दल) 15
40 बक्सर 36
41 बक्सर (चलिष्णु दल) 10
42 बांका 24
43 बांका (चलिष्णु दल) 12
44 बेगुसराय 28
45 बेगुसराय (चलिष्णु दल) 15
46 भागलपुर 60
47 भागलपुर (चलिष्णु दल) 12
48 नवगछिया अनुमंडल (चलिष्णु दल) 10
49 भोजपुर 30
50 भोजपुर (चलिष्णु दल) 10
51 मधुबनी 49
52 मधुबनी (चलिष्णु दल) 12
53 मधेपुरा 18
54 मुंगेर 20
55 मुंगेर (चलिष्णु दल) 12
56 मुजफ्फरपुर 50
79 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
57 मुजफ्फरपुर (चलिष्णु दल) 12
58 रोहतास 55
59 रोहतास (चलिष्णु दल) 15
60 वैशाली 30
61 वैशाली (चलिष्णु दल) 15
62 शिवहर 12
63 शेखपुरा 12
64 समस्तीपुर 35
65 समस्तीपुर (चलिष्णु दल) 12
66 सहरसा 18
67 सहरसा (चलिष्णु दल) 10
68 सारण 39
69 सारण (चलिष्णु दल) 15
70 सुपौल 26
71 सुपौल (चलिष्णु दल) 10
72 सिवान 50
73 सिवान (चलिष्णु दल) 15
74 सीतामढ़ी 63
75 सीतामढ़ी (चलिष्णु दल) 15
76 लखीसराय 15
77 नालंदा 41
78 नालंदा (चलिष्णु दल) 12
79 नवादा 41
80 नवादा (चलिष्णु दल) 15
81 कर्मनाशा (मोहनियाँ) जाँच चौकी, कैमूर 24
82 जलालपुर जाँच चौकी, गोपालगंज 24
83 डोभी जाँच चौकी, गया 24
84 डगरूआ जाँच चौकी, पूर्णियाँ (दालकोला) 24
85 रजौली जाँच चौकी, नवादा 24
86 सी0 डी0 एफ0, पटना 20
87 ई0 आई0 बी0 4
88 टास्क फोर्स 6
89 उत्पाद रसायन परीक्षक, पटना 3
90 मुख्यालय पटना 10
91 बक्सर (चौसा) जाँच चौकी, बक्सर 0
92 फरीगगोला जाँच चौकी, किशनगंज 10
93 रक्सौल जाँच चौकी, पूर्वी चम्पारण 0
94 वीरपुर जाँच चौकी, सुपौल 0
95 पटना-सह-मगध प्रमंडल 5
96 भागलपुर -सह-मु ग ं र प्रमंडल े 5
97 दरभंगा-सह-कोशी प्रमंडल 5
98 तिरहुत-सह-सारण प्रमंडल मुजफ्फरपुर 5
99 हरिनगर आसवनगृह प0 चम्पारण 6
80 (cid:464)बहार गजट, 6 2023
100 नरकटियागंज आसवनगृह प0 चम्पारण 6
101 रीगा आसवनगृह, सीतामढ़ी 6
102 मीरगंज आसवनगृह, गोपालगंज 6
103 मे0 यूनाईटेड लि0, हाथीदह, पटना 6
104 एस0 सी0 आई0 इण्डिया लि0, आसवनगृह रजौन, बांका 6
105 एम0 जे0 एण्ड सन्स डिस्टीलरी एण्ड वोटलिंग प्रा0 लि0, बांका 6
106 वीर कुंवर, बक्सर 15
107 चौसा, बक्सर 15
108 खगड़ा, किशनगंज 10
109 ब्लॉक चौक, किशनगंज 10
110 गलगलिया, किशनगंज 10
111 बौंसी, बांका 10
112 पंजवारा, बांका 10
113 दर्दमारा, बांका 10
114 रक्सौल जाँच चौकी, मोतिहारी 10
115 वीरपुर, सुपौल 10
116 सर्वश्री सोनासती ऑर्गेनिक्स प्रा0लि0, गोपालगंज 3
117 सर्वश्री मंझौलिया आसवनगृह, प0 चम्पारण 3
118 सर्वश्री भारत सुगर मिल आसवनगृह, सिधवलिया गोपालगंज 3
119 सर्वश्री HPCL बायोफ्यूलस लि0, प0 चम्पारण 3
120 सर्वश्री HPCL बायोफ्यूलस लि0, पूर्वी चम्पारण 3
121 सर्वश्री ईस्टन इंडिया प्रा0लि0, पुर्णियाँ 3
122 सर्वश्री एस0 सी0 आई0, इण्डिया लि0, रजौन बांका 3
123 सर्वश्री ग्लोबस स्प्रीट्‌स लि0, वैशाली 3
124 कुम्हरार, पटना गु्रप सेन्टर 80
125 मुजफ्फरपुर गु्रप सेन्टर 80
126 भागलपुर गु्रप सेन्टर 80
127 गया गु्रप सेन्टर 80
128 सहरसा गु ्रप सेन्टर 80

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 38—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 06 December 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2023-12-06.49/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2023-12-06.49.