िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 22 1945 (श0) सं(cid:201)या 50 पटना, बुधवार, ————————
13 2023 (ई0) विषय-सूची i`"B भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-06 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
---
भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 07-08 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 09-09 पूरक
---
पूरक-क 14-242 (cid:464)बहार गजट, 13 2023
भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत
सूचनाएं। —————
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ------- अधिसूचनाएं 1 दिसम्बर 2023 सं0 1/स्था0 (2) 07/2023-4397--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-20.10.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार गव्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित जिला गव्य विकास पदाधिकारियों को उप निदेशक (गव्य) में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-9) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| क्र॰ | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | वर्तमान कोटि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह प्रभारी गव्य अर्थशास्त्री, गव्य विकास निदेशालय, बिहार, पटना | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
| 2. | श्री उमेश प्रसाद जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जमुई | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जमुई 2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।
4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।
5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।
6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक उप निदेशक (गव्य) (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-9) में उत्क्रमित किया जाता है।
7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से उप निदेशक (गव्य) के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमंजय कुमार, अवर सचिव।
------- 29 नवम्बर 2023 सं0 1/स्था0 (2) 06/2023(खंड-2)-4355--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-06.11.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार गव्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित डेयरी फिल्ड ऑफिसर/डेयरी टेक्निकल ऑफिसर पदाधिकारियों को जिला गव्य विकास पदाधिकारी में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-8) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
3 (cid:464)बहार गजट, 13 2023| क्र0 | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | वर्तमान कोटि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री विनोद कुमार डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, अरवल | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 2 | श्री विजय कुमार डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, गोपालगंज | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 3 | श्री उमेश कुमार वर्मा डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, सुपौल, अतिरिक्त प्रभार मधेपुरा। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 4 | श्री नरेन्द्र कुमार डेयरी टेक्निकल ऑफिसर, गव्य विकास निदेशालय, बिहार, पटना। | डेयरी टेक्निकल ऑफिसर |
| 5 | श्री सत्यनारायण प्रसाद सिंह डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, मुधबनी। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 6 | श्री प्रमोद कुमार गुप्ता डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, पूर्णिया। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 7 | श्री निरंजन कुमार निराला डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, नांलदा | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 8 | श्री देवेन्द्र ब्रम्हचारी डेयरी फिल्ड ऑफिसर जिला गव्य विकास कार्यालय, पटना। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 9 | श्री उमेश प्रसाद डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, नवादा | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 10 | श्री श्यामानन्दन मिश्र डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, किशनगंज। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 11 | श्री शशि शेखर कुमार डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही वेतनमान मे ं प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला गव्य विकास कार्यालय, सिवान। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।
4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।4 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।
6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक जिला गव्य विकास पदाधिकारी (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-8) में उत्क्रमित किया जाता है।
7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से जिला गव्य विकास पदाधिकारी के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमंजय कुमार, अवर सचिव।
------- 1 दिसम्बर 2023 सं0 1/स्था0 (2) 07/2023-4399--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-20.10.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार गव्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित जिला गव्य विकास पदाधिकारियों को क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक (गव्य)/संयुक्त निदेशक (गव्य) में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता हैः-
| क्र॰ | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | वर्तमान कोटि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री केदार नाथ सिंह प्रभारी गव्य अभियंता, गव्य विकास निदेशालय, बिहार, पटना | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
| 2. | श्री सुनील कुमार सिंह प्रभारी उप निदेशक, क्षेत्रीय गव्य विकास कार्यालय, मुजफ्फरपुर | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
| 3. | श्री इन्द्र प्रसाद राय प्रभारी उप निदेशक (मु0), गव्य विकास निदेशालय, बिहार, पटना | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
प्रभारी उप निदेशक (मु0), गव्य विकास निदेशालय, बिहार, पटना 2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।
4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।
5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।
6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक (गव्य)/संयुक्त निदेशक (गव्य) (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-11) में उत्क्रमित किया जाता है।
7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक (गव्य)/संयुक्त निदेशक (गव्य) के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमंजय कुमार, अवर सचिव।
-------
DTO --जिला पदाधिकारी, लखीसराय से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में डॉ0 निशांत कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, लखीसराय को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला परिवहन पदाधिकारी, लखीसराय के कार्यों के निष्पादन हेतु प्राधिकृत जाता है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-213(1) तथा बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 की धारा-3 का प्रयोग करते हुए डॉ0 निशांत कुमार को जिला परिवहन पदाधिकारी एवं करारोपण पदाधिकारी की शक्तियाँ उनके प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रदान की जाती है।5 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 DTO --जिला पदाधिकारी, शेखपुरा से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में श्री आलोक राय, भूमि सुधार उप-समार्हाा, शेखपुरा को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला परिवहन पदाधिकारी, शेखपुरा के कार्यों के निष्पादन हेतु प्राधिकृत जाता है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-213(1) तथा बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 की धारा-3 का प्रयोग करते हुए श्री आलोक राय को जिला परिवहन पदाधिकारी एवं करारोपण पदाधिकारी की शक्तियाँ उनके प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृत्यानंद रंजन, उप सचिव।
------- कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ------- अधिसूचनाएं 8 दिसम्बर 2023
सं0 1/प्रति.05-01/2019-1014--श्रीमती रूबी, भा॰प्र॰से॰, संयुक्त सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त कार्यहित में अगले आदेश तक के लिए निदेशक, संग्रहालय, बिहार के पद का प्रभार सौंपा जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कांत प्रसाद सिंह, उप-सचिव।
-------
8 दिसम्बर 2023
सं0 1/प्रति.05-01/2019-1015--श्रीमती रूबी, भा॰प्र॰से॰, संयुक्त सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त कार्यहित में अगले आदेश तक के लिए निदेशक, पुरातत्व, बिहार के पद का प्रभार सौंपा जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कांत प्रसाद सिंह, उप-सचिव।
------- मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------- अधिसूचना 2 नवम्बर 2023 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-147/2022-5587--श्रीमती रीवा चौधरी, जिला अवर निबंधक, जहानाबाद को अपनी षिकायत की पूर्व सूचना दिये बगैर विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बाँह पर काली पट्टी बाँधकर उपस्थित होने एवं Whatsapp group में Chatting किये जाने के आरोप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् अधिसूचना सं0-6089 दिनांक-22.11.2022 द्वारा आरोप वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया गया था। 2. उक्त दंडादेष के विरुद्ध श्रीमती चौधरी द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी दाखिल की गयी है। बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा भी निन्दन का दंड से मुक्त करने का संयुक्त अभ्यावेदन समर्पित किया गया है।
अतएव श्रीमती चौधरी के पुनर्विलोकन अर्जी एवं निबंधन सेवा के पदाधिकारियों के संयुक्त अभ्यावेदन पर सम्यक् विचारोपरांत अधिसूचना सं0-6089 दिनांक-22.11.2022 के द्वारा आरोप वर्ष 2022-23 के लिये अधिरोपित निन्दन के दण्ड को तत्कालिक प्रभाव से निरस्त किया जाता है। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप सचिव।
------
गन्ना उद्योग विभाग
------
अधिसूचना
6 दिसम्बर 2023
सं॰ 01/स्था॰राज॰-120/2015-1254--गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना के अंतर्गत कार्यरत बिहार ईख सेवा के निम्न पदाधिकारी कोे अपने कार्यो के अतिरिक्त कॉलम-3 में अंकित कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता हैंः-6 (cid:464)बहार गजट, 13 2023
| क्रमांक | वर्तमान पदस्थापित स्थान | अतिरिक्त प्रभार |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री राहुल कुमार, ईख पदाधिकारी, मोतिहारी | 1. उप निदेषक, ईख विकास, मोतिहारी। 2. सहायक निदेषक, ईख विकास, मोतिहारी। |
| 2 | श्री रेमन्त झा, ईख पदाधिकारी, बेतिया अंचल बेतिया। | 1. सहायक निदेषक, ईख विकास, बेतिया। |
| 3 | श्री श्रीराम सिंह, ईख पदाधिकारी, रामनगर अंचल बेतिया। | 1. सहायक निदेषक, ईख विकास, बगहा। |
2. पूर्व में निर्गत अधिसूचना इस हद तक संषोधित समझें जायेगेंं। 3. यह आदेष तुरंत प्रभावी होगा। 4. प्रस्ताव पर सरकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अरूण कुमार, अवर सचिव।
————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 39—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in7 (cid:464)बहार गजट, 13 2023
भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और
नियम आदि।
—————
सं0 6/प्रो0-06-01/2023-4427--सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारियों को राज्य-कर विषेष आयुक्त स्तर में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-लेवल-13क रू0-1,31,100-2,16,600) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार संबंधित विभागीय अधिसूचना संख्या-3745 दिनांक 18.10.2023 के, 1. कंडिका-2 में अंकित सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की के स्थान पर
पढ़ा जाय।
2. उक्त अधिसूचना को इस हद तक संषोधित समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव। सं0 6/प्रो0-06-01/2023-4428--सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारियों को राज्य-कर अपर आयुक्त स्तर में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-लेवल-13 रू0-1,23,100-2,15,900) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार संबंधित विभागीय अधिसूचना संख्या-3746 दिनांक 18.10.2023 के, 1. कंडिका-2 में अंकित सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की के स्थान पर
पढ़ा जाय।
2. उक्त अधिसूचना को इस हद तक संषोधित समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव। सं0 6/प्रो0-06-01/2023-4429--सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारियों को राज्य-कर संयुक्त आयुक्त स्तर में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-लेवल-12 रू0-78800-209200) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार संबंधित विभागीय अधिसूचना संख्या-3747 दिनांक 18.10.2023 के, 1. क्रमांक 01 के कॉलम-2 में अंकित गृह जिला के स्थान पर पढ़ा जाय। 2. क्रमांक 20 के कॉलम-2 में अंकित गृह जिला के स्थान पर पढ़ा जाय। 3. क्रमांक 22 के कॉलम-2 में अंकित गृह जिला के स्थान पर पढ़ा जाय। 4. क्रमांक 39 के कॉलम-2 में अंकित पदाधिकारी का नाम के स्थान पर
पढ़ा जाय।
8 (cid:464)बहार गजट, 13 20235. कंडिका-2 में अंकित सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की के स्थान पर
पढ़ा जाय।
6. कंडिका-3 में अंकित के स्थान पर पढ़ा जाय।
7. उक्त अधिसूचना को इस हद तक संषोधित समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव।
————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 39—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in9 (cid:464)बहार गजट, 13 2023
भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
—————
सूचना -------
सं0 1326--मैं रंजीत कुमार पासवान, पिता-सुखदेव पासवान, ग्राम+पोस्ट-पिड़ौखर, थाना-मधवापुर जिला-मधुबनी, मेरे पुत्र शुभम कुमार के सभी माध्यमिक प्रमाण-पत्र में भूलवष मेरा नाम रंजीत कुमार पासवान के जगह रंजीत पासवान अंकित है जो गलत है। मेरा सही नाम रंजीत कुमार पासवान है। शपथपत्र संख्या 3087 दिनांक 30/05/2023.
रंजीत कुमार पासवान। No. 1326--I, Ranjeet Kumar Paswan, S/O Sukhdeo Paswan, R/O Pirokhar, Madhwapur, Madhubani-843319, Bihar, do hereby solemnly affirm and declare that in my son's CBSE Xth certificates my name is wrongly mentioned as RANJIT PASWAN. My correct name is RANJEET KUMAR PASWAN and From Now I will be known as RANJEET KUMAR PASWAN, for all future Purposes. Affidavit No. 3087 dated-30.05.2023.
Ranjeet Kumar Paswan.
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No. 1328--I, Ahrenya Sharma, S/o Dinesh Chandra Sharma, R/o Vill-.-chak Dhanauti, P.O.+Post- Hajipur, Distt.- Vaishali, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. no- 8376 dt.01-09-2023 that my name is written in my marksheet and certificate and C.L.C of senior secondary school examination bearing Roll No-922916301024 essued by national institite of open schooling as Ahreya Sharma which is wrong as per matriculation certificate my correct name is Ahrenya Sharma.
Ahrenya Sharma.
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No. 1329--I, VIVEKA NAND MISHRA, S/O VIJAY MISHRA, R/o Sonvarsha, Bhojpur, Bihar, – 802207. Declares That VIVEKANAND MISHRA and VIVEKA NAND MISHRA are the same person that is me and I shall be known as VIVEKA NAND MISHRA for all future purposes. Vide Affidavit No. 1445, date – 09/10/2023.
VIVEKA NAND MISHRA.
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No. 1332-- I, Annu jha W/o Ganesh jha Ward No .-12 Nawada Darbhanga Bihar - 847201 do hereby solemnly affirm and decelar as per affidavit no. 703 dated 18.10.2023 That my name is written in my Aadhar card as Anu jha which is not correct my name is mentioned in all Educational and Birth Certificate as Annu kumari which is true and correct . That form now I will be known as Annu kumari for all future purposes.
Annu jha.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 39—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
10 (cid:464)बहार गजट, 13 2023बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 6/श्रम वि॰ आ॰-20/2011 श्र॰सं॰-3632 श्रम संसाधन विभाग -------
CWJC No.-2684/2018
श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन श्रम अधीक्षक, मुंगेर-सह-लखीसराय सम्प्रति उप श्रमायुक्त, मगध प्रमण्डल, गया के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, लखीसराय के पत्रांक-481 दिनांक-16.04.2011 के द्वारा प्रपत्र 'क' गठित कर उपलब्ध कराया गया था कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली को प्राप्त शिकायत के अनुसार ड्रोलिया रंग एवं सिन्दूर फैक्ट्री, ड्रोलिया सिन्दू प्रोडक्स तथा नटराज केमिकल्स में बाल श्रमिकों से जोखिमपूर्ण कार्य लिया जाता है। इसकी जाँच अनुमण्डल पदाधिकारी, लखीसराय द्वारा की गयी एवं उन्होंने इस शिकायत की सम्पुष्टि की, कि उक्त प्रतिष्ठान में बाल मजदूर कार्य करते हैं तथा उन्हें न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी दी जाती है, किन्तु तत्कालीन श्रम अधीक्षक, लखीसराय श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव द्वारा नियोजकों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही बाल श्रमिकों का पुनर्वास किया गया। उक्त आरोप प्रपत्र 'क' में आयुक्त मुंगेर, प्रमण्डल मुंगेर की अनुशंसा प्राप्त थी।
2. जिला पदाधिकारी, लखीसराय से प्राप्त प्रपत्र 'क' के आलोक में श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण की मांग की गई एवं श्री श्रीवास्तव द्वारा अपने स्पष्टीकरण में प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों को नकारा गया। किन्तु उनका स्पष्टीकरण स्वीकार्य नहीं किया गया।
3. श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2540 दिनांक-25.07.2023 द्वारा लघु दण्ड स्वरूप दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड अधिरोपित किया गया। श्री श्रीवास्तव द्वारा अधिरोपित दण्ड को समाप्त करने हेतु पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक-30.06.2016 को दायर किया गया। श्री श्रीवास्तव के पुनर्विलोकन अर्जी के समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2987 दिनांक-14.10.2016 द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2540 दिनांक-25.07.2023 द्वारा अधिरोपित दण्ड को यथावत् रखने का निर्णय लिया गया।
4. विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2540 दिनांक-25.07.2023 एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक- 2987 दिनांक-14.10.2016 द्वारा निर्गत आदेश के विरूद्ध श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में रिट याचिका CWJC No.-2684/2018 अरूण कुमार श्रीवास्तव बनाम बिहार राज्य एवं अन्य दायर किया गया। उक्त मामले की माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-21.09.2023 को सुनवाई करते हुए न्यायादेश पारित किया गया है किः- the order passed vide memo no. 2540 dated 25.07.2013 and memo no. 2987 dated 14.10.2016 both issued by the Labour Resources Department, Bihar, Patna stands quashed. The petitioner shall be entitled to consequential benefits.
5. अतएव CWJC No.-2684/2018 अरूण कुमार श्रीवास्तव बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक-21.09.2023 को पारित आदेश के अनुपालन में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2540 दिनांक-25.07.2023 एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2987 दिनांक-14.10.2016 द्वारा निर्गत आदेश को निरस्त किया जाता है।
6. प्रस्ताव में समक्ष प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।11 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 आदेषः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की एक प्रति श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन श्रम अधीक्षक, मुंगेर-सह-लखीसराय सम्प्रति उप श्रमायुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट से उपलब्ध कराई जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
, विशेष कार्य पदाधिकारी ------- सं0 यो010/मु.क्षे.वि.यो.-25/2023- /यो.वि., राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित क्षेत्रीय विकास के उद्देश्य से राज्य सरकार के द्वारा योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन ''मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना'' के नाम से एक बहुआयामी विकास योजना वर्ष 2011-12 से लागू की गयी है जिसके मार्गदर्शिका को कार्यक्रम के कार्यान्वयन के क्रम में समय-समय पर प्राप्त अनुभव के आधार पर निम्नरूपेण संशोधित किया जाता है। पूर्व में निर्गत मार्गदर्शिका संकल्प निर्गम की तिथि से संशोधित मानी जायेगी। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास लाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का निर्माण है। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत योजना के लिए राशि का प्रावधान राज्य स्तर पर योजना एवं विकास विभाग के बजट में किया जाता है। यह योजना अपने वर्तमान स्वरूप में पूर्व में चलायी गयी विधायक ऐच्छिक कोष योजना से भिन्न है। विधानमंडल के माननीय सदस्यगण इस योजना अंतर्गत किये जाने वाले आवश्यक कार्यों के विषय में सरकार को अपनी वार्षिक अनुमान्यता राशि के अधीन अपनी अनुशंसा प्रेषित कर सकते हैं। यह योजना राज्य के सभी जिलों में लागू होगी। राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के लिए परियोजनाओं का चयन जिला स्तर पर निम्न प्रकार किया जायेगा :-
(i) उन विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य जिनका निर्वाचन क्षेत्र राज्य के कई जिलों में विस्तारित होगा, उनसे जिलावार अनुशंसित राशि का प्रतिशत प्राप्त किया जा सकेगा। यदि जिलावार प्रतिशत निर्धारित तिथि तक प्राप्त नहीं हो पाता है तो निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले जिलों की जनसंख्या के अनुसार राज्य स्तर पर राशि विभाजित कर संबंधित जिलों को प्राप्त करायी जायेगी। संबंधित विधान परिषद् सदस्य उक्त सीमा तक योजनाओं की अनुशंसा कर सकेंगे।
(ii) बिहार विधानसभा से निर्वाचित एवं राज्यपाल द्वारा मनोनीत बिहार विधान परिषद् के माननीय सदस्यों के द्वारा निर्धारित समयावधि के अंदर वित्तीय वर्ष 2018-19 से राज्य के अधिकतम 2(दो) जिलों का चयन किया जा सकता है एवं जिला चयन के साथ जिलावार राशि कर्णांकण की सूचना निर्धारित समयावधि के अंदर देना होगा। इस कोटि के माननीय सदस्य द्वारा एक वित्तीय वर्ष के बाद इच्छा के अनुसार जिला परिवर्तन एवं परिवर्तित जिलावार राशि का कर्णांकण किया जा सकता है।
(iii) स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से चयनित वैसे माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद्, जिनका निर्वाचन क्षेत्र मात्र एक जिला है, उनसे जिला चयन एवं राशि कर्णांकण की अनुशंसा प्राप्त करना आवश्यक नहीं होगा परन्तु स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से चयनित वैसे माननीय स0वि0प0, जिनका निर्वाचन क्षेत्र कई जिलों में विस्तारित होगा, उन्हें जिला चयन एवं राशि कर्णांकण की अनुशंसा करनी होगी। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत निम्नलिखित योजनाओं का कार्यान्वयन कराया जाएगा :-
1. भवनहीन पंचायत सरकार भवनों का निर्माण। 2. भवनहीन आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण। 3. गोदाम का निर्माण। 4. सामुदायिक भवन, सार्वजनिक बस पड़ाव, यात्री शेड, सार्वजनिक पुस्तकालय, वकालतखाने आदि का निर्माण।
5. नदी एवं सार्वजनिक तालाबों में घाट का निर्माण। 6. हाट एवं मेला स्थलों का विकास। 7. कला मंच/खेल के मैदान एवं स्टेडियम का निर्माण। 8. सार्वजनिक चबूतरा का निर्माण। 9. सरकारी विद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में बेंच डेस्क की व्यवस्था तथा साइकिल शेड का निर्माण।12 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 10. सरकारी विद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों/महाविद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, के पुस्तकालय भवनों का निर्माण (फर्नीचर सहित), उपरोक्त पुस्तकालय एवं वकालतखाने के पुस्तकालय में पुस्तक क्रय, यदि पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।
11. राजकीय, राजकीयकृत तथा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इण्टर विद्यालयों/महाविद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी निर्माण।
12. सरकारी मदरसा जो पूर्ण रूपेण सरकार के नियंत्रणाधीन है तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी का निर्माण, बेंच डेस्क की व्यवस्था तथा साइकिल शेड का निर्माण।
13. विकलांगों के कल्याण के लिए तिपहिया साईकिल एवं पहियेदार कुर्सी (हस्तचालित/बैट्री चालित)। 14. ब्रेडा/निर्माता के अधिकृत एवं ख्यातिप्राप्त विक्रेता से निविदा के माध्यम से सोलर लाईट का अधिष्ठापन। ( ) 15. सरकारी अस्पताल हेतु रोगीवाहन/शववाहन का क्रय। 16. सार्वजनिक स्थल पर नये चापाकल (स्टैंडर्ड इंडिया मार्क-।।) का अधिष्ठापन/जलापूर्ति योजना। 17. अनुमण्डल/प्रखण्ड में सभाकक्ष का निर्माण। 18. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत निर्मित पुस्तकालयों एवं सामुदायिक भवनों में उपस्कर एवं पुस्तक का क्रय।
19. सरकारी जमीन पर पार्क बनाना तथा बने पार्क का विकास करना। 20. सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मदरसा तथा संस्कृत विद्यालयों का भवन एवं छात्रावास निर्माण। 21. विद्यालयों में पुस्तकों को संरक्षित करने के लिए बुक सेल्फ का निर्माण। 22. स्टेडियम में जिम, खेल सामग्री (1 लाख से कम राशि का) क्रय की योजना। 23. उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कमरा एवं शौचालय के निर्माण की योजना। 24. वैसे प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय, जहाँ कमरों एवं शौचालय का अभाव है और पूर्व से किसी मद से संबंधित कोई योजना स्वीकृत नहीं है, में कमरा एवं शौचालय निर्माण की योजना।
25. सरकारी अस्पतालों, प्रखंड-सह-अंचल कार्यालयों, वकालतखाना में जन सुविधायुक्त प्रतीक्षालय निर्माण की योजना।
26. अग्निशामक गाड़ी (दमकल) के क्रय की योजना बोरिंग तथा हाइड्रेंट के साथ अथवा बोरिंग एवं हाइड्रेंट के बिना।
27. सार्वजनिक चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण {मूर्ति (Statue) अधिष्ठापन रहित}। 28. सरकारी भूमि पर निर्मित शौचालय रहित आँगनवाड़ी केन्द्र में पेयजल सहित शौचालय का निर्माण। 29. सामुदायिक भवन में चाहरदीवारी एवं शौचालय के निर्माण। 30. विद्युत शवदाहगृह का निर्माण। 31. शिक्षा विभाग, बिहार से मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक उच्च/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में निम्न योजनाओं का कार्यान्वयन कराया जायेगा :- (क) चाहरदीवारी का निर्माण। (ख) साइकिल शेड का निर्माण। (ग) बेन्च-डेस्क का क्रय। (घ) पुस्तकालय भवन का निर्माण (फर्नीचर सहित), पुस्तकालय में पुस्तक क्रय (यदि पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित किया जाता है)।
(ड.) कमरा एवं शौचालय निर्माण।
32. राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में निम्न योजनाओं का कार्यान्वयन कराया जायेगा :-
(क) पुस्तकालय हेतु पुस्तक/जर्नल/बुक शेल्फ/अलमीरा का क्रय। (ख) बेंच डेस्क/कुर्सी-टेबल/अन्य फर्नीचर एवं फिक्सचर का क्रय। (ग) परीक्षा भवन निर्माण। (घ) चाहरदीवारी निर्माण। (ड़) साईकिल शेड का निर्माण। (च) विश्वविद्यालय में भवन एवं शौचालय निर्माण। (छ) छात्रावास का निर्माण। (ज) अध्ययन/शैक्षणिक केन्द्र का निर्माण। (झ) तकनीकी/प्रायोगिक उपकरणों का क्रय/अधिष्ठापन। (ञ) खेल के मैदान का विकास। (ट) जिम्नाजियम का निर्माण (उपस्कर सहित)।13 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 (ठ) जिम्नाजियम हेतु उपस्कर क्रय।
(ड) शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रयोग हेतु वाहन का क्रय (आवर्ती व्यय रहित)।
33. कब्रिस्तान की घेराबन्दी योजना।
{जिला स्तर पर गठित जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की दो सदस्यी समिति द्वारा तैयार कब्रिस्तान की प्राथमिकता सूची में से माननीय विधानमंडल सदस्यों द्वारा कब्रिस्तान की घेराबंदी योजना की अनुशंसा मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत की जाएगी}।
34. मंदिर चाहरदीवारी निर्माण योजना।
{जिला स्तर पर गठित जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की दो सदस्यी समिति द्वारा वैसे मंदिर चाहरदीवारी निर्माण को सूची में शामिल किया जाएगा, जो धार्मिक न्यास परिषद से पंजीकृत हो। तैयार प्राथमिकता सूची में से माननीय विधानमंडल सदस्यों के द्वारा मंदिर के चाहरदीवारी निर्माण योजना की अनुशंसा मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत की जाएगी}। 35. सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चाहरदीवारी निर्माण की योजना। 36. राज्य के सरकारी एवं सरकार से मान्यता प्राप्त अंगीभूत महाविद्यालयों के लिए निम्न योजनाओं को सम्मिलित किया जाता है :- (क) पुस्तकालय हेतु पुस्तक/जर्नल/बुक सेल्फ/अलमीरा का क्रय। (ख) बेंच डेस्क/कुर्सी-टेबल/अन्य फर्नीचर एवं फिक्सर का क्रय। (ग) परीक्षा भवन निर्माण। (घ) चाहरदीवारी निर्माण। (ड़) साईकिल शेड का निर्माण। (च) महाविद्यालय में भवन एवं पेयजल सहित शौचालय निर्माण। (छ) छात्रावास का निर्माण। (ज) अध्ययन/शैक्षणिक केन्द्र का निर्माण। (झ) तकनीकी/प्रायोगिक उपकरणों का क्रय/अधिष्ठापन। () खेल के मैदान का विकास। (ट) जिम्नाजियम का निर्माण। (ठ) जिम्नाजियम हेतु उपस्कर क्रय।
37. सामान्य चापाकल का अधिष्ठापन (क्षेत्र विशेष की आवश्यकतानुसार)। 38. छिलका, फाल एवं चेक डैम, चेक वॉल का निर्माण। 39. राजकीय एवं राजकीयकृत मध्य विद्यालयों एवं प्राथमिक विद्यालयों में चाहरदीवारी निर्माण। 40.
:-
शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में उन गली-नाली/सम्पर्क पथों का कार्यान्वयन जो वर्तमान में किसी अन्य कार्यक्रम/ मद/योजना के तहत क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा हो। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत गली-नाली/सम्पर्क पथ की योजना की स्वीकृति के साथ ही इसे सात निश्चय योजना/अन्य मद की योजना की चयनित सूची में से हटा दिया जायेगा ताकि योजनाओं का दोहरीकरण नहीं हो सके।
41. :-
(क) ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति योजना के तहत उन योजनाओं का चयन एवं कार्यान्वयन कराया जाना, जिन योजनाओं का चयन विकसित बिहार के सात निश्चयों में से एक 'हर घर नल का जल' के तहत नहीं किया गया है।
(ख) कतिपय टोले, जो गाँवों से अलग हटकर बस गये हैं, उस टोले में जलापूर्ति पंपिंग सेट/बोंरिग के माध्यम से कराया जाना।
(ग) ग्रामीण क्षेत्रों में परम्परागत पेयजल स्रोत के रूप में उपयोग किये जाने वाले सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार ।
गली-नाली/सम्पर्क पथ एवं जलापूर्ति योजना के तहत योजनाओं की स्वीकृति देने के पूर्व संबंधित जिला के उप विकास आयुक्त के माध्यम से सभी संबंधित कार्यकारी एजेंसियां से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेना सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रस्तावित योजना सात निश्चय/अन्य योजनाओं के तहत सम्मिलित नहीं है और यदि है तो वहाँ से विलोपित कर दिया जायेगा। 42. । 43. माननीय विधान मंडल सदस्यों की प्रति वर्ष अनुमान्यता राशि के अधिकतम 15 प्रतिशत राशि से मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत आधारभूत संरचना निर्माण से संबंधित अनुमान्य योजनाओं की सूची से आच्छादित राज्य सरकार के सभी विभागों की योजनाओं का जीर्णोंद्धार एवं मरम्मति।14 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं (अचल सम्पति) की मरम्मति/जीर्णोद्धार के पूर्व उसके स्वामित्व वाले विभाग/कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरान्त ही माननीय विधान मंडल सदस्यों से मरम्मति/जीर्णोद्धार की अनुशंसा प्राप्त योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
44. कोरोना महामारी के प्रसार की रोकथाम एवं चिकित्सा से संबंधित सामग्री एवं उपकरण। 45. छोटे पुल-पुलिया एवं कलभर्ट का निर्माण।
- मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत ली जाने वाली योजनाओं के तहत प्रतिबंधित कार्यों की दृष्टांत सूची निम्न प्रकार होगी :-
1. किसी भी प्रकार के चल परिसम्पति की मरम्मति एवं अनुरक्षण संबंधी कार्य। 2. मूर्ति स्थापना, निजी संस्थानों, व्यक्ति विशेष, अनाधिकृत क्षेत्रों/कॉलोनियों तथा धार्मिक स्थल के निर्माण संबंधित कोई भी कार्य।
3. अंशदान, अनुदान एवं ऋण। 4. भूमि का अधिग्रहण अथवा अधिग्रहित भूमि के लिए कोई मुआवजा राशि का भुगतान। 5. अनुमान्य अचल एवं सचल परिसंपत्तियों पर किसी प्रकार का आवर्ती व्यय एवं राजस्व भुगतान। 1. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत कार्यान्वयन के फलस्वरूप सृजित परसम्पत्तियों को संबंधित प्रशासी विभागों के क्षेत्रीय कार्यालयों/निकायों को हस्तांतरित किया जायेगा।
2. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत सृजित परिसम्पत्तियों के हस्तांतरण के उपरांत उसके रख-रखाव एवं अनुश्रवण हेतु संबंधित प्रशासी विभागों द्वारा अनुरक्षण एवं रख-रखाव के तहत एक अलग विषय शीर्ष खोलकर प्रत्येक वर्ष बजट प्रावधान कराया जायेगा। यदि किसी विभाग के पास पूर्व से अनुरक्षण एवं रख-रखाव हेतु बजट शीर्ष उपलब्ध नहीं है तो ऐसे विभागों द्वारा परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं अनुरक्षण हेतु अलग से बजट शीर्ष खोलकर मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत सृजित एवं हस्तांतरित परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं अनुश्रवण हेतु बजट प्रावधान कराया जायेगा। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत हस्तांतरित परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं अनुरक्षण पर हुए व्यय का लेखा-जोखा संबंधित प्रशासी विभागों द्वारा अलग से रखा जायेगा।
3. सृजित परिसम्पत्तियों के अनुरक्षण एवं रख-रखाव हेतु उसे संबंधित प्रशासी विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों को
| 1. | पंचायती राज विभाग | संबंधित जिला पंचायती राज पदाधिकारी | भवनहीन पंचायत सरकार भवनों का निर्माण। |
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक भवन, यात्री शेड | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण हाट एवं मेला स्थलों का विकास। | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | नदी एवं सार्वजनिक तालाबों में घाट का निर्माण। | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला पंचायती राज पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | सोलर लाईट का अधिष्ठापन संबंधी योजना। | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | सार्वजनिक चबूतरा का निर्माण। |
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) | सचिव मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत निर्मित ग्रामीण क्षेत्र के पुस्तकालयो एवं ं सामुदायिक भवनों मे उपस्कर एवं ं पुस्तक का क्रय | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी जमीन पर पार्क | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण क्षेत्र के सार्वजनिक चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव। (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जायेगी।) | ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक भवन में चाहरदीवारी एवं शौचालय के निर्माण। | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी/ अ चलाधिकारी/प्रखंड ं विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत शवदाहगृह का निर्माण | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की गली-नाली/सम्पर्क पथ की योजना । | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण क्षेत्रों में परम्परागत पेयजल स्रोत के रूप में उपयोग किये जाने वाले सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार। | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | ग्रामीण क्षेत्र की पुल/पुलिया निर्माण की योजना | ||
| 2 | नगर विकास एवं आवास विभाग | संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/कार्यपालक अभियंता, स बंधित कार्य ं प्रमण्डल लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन। | (क) शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति योजना |
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी | (ख) शहरी क्षेत्रों में परम्परागत पेयजल स्रोत के रूप में उपयोग किये जाने वाले सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार। | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | शहरी क्षेत्रों के सामुदायिक भवन, यात्री शेड | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | शहरी क्षेत्रों के सार्वजनिक बस पड़ाव | ||
| नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | शहरी क्षेत्रों के नदी एवं सार्वजनिक तालाबो में घाट का निर्माण। ं | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | शहरी क्षेत्र के हाट एवं मेला स्थलों का विकास। | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | सार्वजनिक चबूतरा का निर्माण। | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | शहरी क्षेत्र में सोलर लाईट का अधिष्ठापन संबंधी योजना। |
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी | सरकारी जमीन पर पार्क निर्माण तथा बने पार्क का विकास करना | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | स्टेडियम में जिम, खेल सामग्री | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | सार्वजनिक चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी | शहरी क्षेत्र में सामुदायिक भवन में चाहरदीवारी एवं शौचालय के निर्माण। | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। | शहरी क्षेत्र में विद्युत शवदाहगृह का निर्माण | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता। | शहरी क्षेत्रों में गली-नाली/सम्पर्क पथों की योजना | ||
| संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता। | शहरी क्षेत्र में पुल/पुलिया निर्माण की योजना | ||
| 3 | शिक्षा विभाग | संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंंंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी)। | सार्वजनिक पुस्तकालय |
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | सरकारी विद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में बे च डेस्क की व्यवस्था ं तथा साइकिल शेड का निर्माण। | ||
| संबंधित विद्यालय/महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्राचार्य(इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी/विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी दी जाएगी।) | सरकारी विद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों/महाविद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, के पुस्तकालय भवनों का निर्माण (फर्नीचर सहित), उपरोक्त पुस्तकालय मे पुस्तक ं क्रय, यदि पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। | ||
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | राजकीय, राजकीयकृत तथा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी निर्माण। | ||
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी निर्माण। | ||
| संबंधित मदरसा के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | सरकारी मदरसा जो पूर्णरूपेण सरकार के नियंत्रणाधीन है तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी का निर्माण, बेंच डेस्क की व्यवस्था तथा साइकिल शेड का निर्माण। |
| शिक्षा विभाग शिक्षा विभाग | संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) | मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत निर्मित पुस्तकालयों एवं सामुदायिक भवनों में उपस्कर एवं पुस्तक का क्रय | |
| संबंधित विद्यालय/मदरसा के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मदरसा तथा संस्कृत विद्यालयों का भवन एवं छात्रावास निर्माण | ||
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | विद्यालयों में पुस्तकों को संरक्षित करने के लिए बुक सेल्फ का निर्माण। | ||
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कमरा एवं शौचालय के निर्माण की योजना | ||
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | वैसे प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय, जहाँ कमरों एवं शौचालय का अभाव है और पूर्व से किसी मद से संबंधित कोई योजना स्वीकृत नहीं है, में कमरा एवं शौचालय निर्माण की योजना। | ||
| संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | शिक्षा विभाग, बिहार से मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक उच्च/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में निम्न योजनाओं का कार्यान्वयन :- | ||
| (क) चाहरदीवारी का निर्माण | |||
| (ख) साइकिल शेड का निर्माण | |||
| (ग) बेन्च-डेस्क का क्रय | |||
| (घ) पुस्तकालय भवन का निर्माण (फर्नीचर सहित), पुस्तकालय में पुस्तक क्रय (यदि पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।) | |||
| (ड़)कमरा एवं शौचालय निर्माण | |||
| संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार | राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों (डीम्ड विश्वविद्यालय को छोड़कर) में निम्न योजनाओं का कार्यान्वयन :- | ||
| (क) पुस्तकालय हेतु पुस्तक/जर्नल/बुक सेल्फ/अलमीरा का क्रय | |||
| (ख) बेंच डेस्क/कुर्सी- टेबल/अन्य फर्नीचर एवं फिक्सर का क्रय | |||
| (ग) परीक्षा भवन निर्माण | |||
| (घ) चाहरदीवारी निर्माण | |||
| (ड़) साईकिल शेड का निर्माण | |||
| (च) विश्वविद्यालय में भवन एवं पेयजल सहित शौचालय निर्माण | |||
| (छ) छात्रावास का निर्माण |
| (ज) अध्ययन/शैक्षणिक केन्द्र का निर्माण | |||
| (झ) तकनीकी/प्रायोगिक उपकरणों का क्रय/ अधिष्ठापन | |||
| (ञ) खेल के मैदान का विकास | |||
| (ट) जिम्नाजियम का निर्माण (उपस्कर सहित) | |||
| (ठ) जिम्नाजियम हेतु उपस्कर क्रय | |||
| (ड) शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रयोग हेतु वाहन का क्रय (आवर्ती व्यय रहित) | |||
| शिक्षा विभाग | संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी दी जाएगी। ) | राज्य के सरकारी, अंगीभूत एवं सरकार से मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के लिए निम्न योजनाओ का कार्यान्वयन ं | |
| (क) पुस्तकालय हेतु पुस्तक/जर्नल/बुक सेल्फ/ अलमीरा का क्रय | |||
| (ख) बेंच डेस्क/कुर्सी-टेबल/अन्य फर्नीचर एवं फिक्सर का क्रय | |||
| (ग) परीक्षा भवन निर्माण | |||
| (घ) चाहरदीवारी निर्माण | |||
| (ड़) साईकिल शेड का निर्माण | |||
| (च) महाविद्यालय में भवन एवं पेयजल सहित शौचालय निर्माण | |||
| (छ) छात्रावास का निर्माण | |||
| (ज) अध्ययन/शैक्षणिक केन्द्र का निर्माण | |||
| (झ) तकनीकी/प्रायोगिक उपकरणों का क्रय/अधिष्ठापन | |||
| () खेल के मैदान का विकास | |||
| (ट) जिम्नाजियम का निर्माण | |||
| (ठ) जिम्नाजियम हेतु उपस्कर क्रय | |||
| खाद्य आपूर्ति विभाग | जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | गोदाम का निर्माण। | |
| 5 | कला, संस्कृति एवं युवा विभाग | संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/विद्यालय- महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्राचार्य (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी/जिला शिक्षा पदाधिकारी/विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी दी जाएगी।) | कला मंच/खेल के मैदान एवं स्टेडियम का निर्माण। |
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/ नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | स्टेडियम में जिम, खेल सामग्री |
| 6 | भवन निर्माण विभाग | कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमण्डल भवन निर्माण (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | अनुमण्डल/प्रखण्ड में सभाकक्ष का निर्माण |
| संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल | वकालतखाना में जन सुविधायुक्त प्रतीक्षालय निर्माण की योजना | ||
| लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग | संबंधित कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमण्डल लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन | सार्वजनिक स्थल पर नये चापाकल का अधिष्ठापन/जलापूर्ति योजना। | |
| राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग | संबंधित अंचलाधिकारी | नाव क्रय एवं आपूर्ति | |
| 9 | समाज कल्याण विभाग | बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ICDS को भी दी जाएगी।) | भवनहीन आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण। |
| लाभुक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को भी दी जाएगी।) | विकलांगों के कल्याण के लिए तिपहिया साईकिल एवं पहियेदार कुर्सी (हस्तचालित/बैट्री चालित)। | ||
| बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ICDS को भी दी जाएगी।) | सरकारी भूमि पर निर्मित शौचालय रहित आँगनवाड़ी केन्द्र मे पेयजल ं सहित शौचालय का निर्माण। | ||
| 10 | स्वास्थ्य विभाग | संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | सरकारी अस्पतालो में जन सुविधायुक्त ं प्रतीक्षालय निर्माण की योजना |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की चाहरदीवारी निर्माण योजना। | |||
| सिविल सर्जन/संबंधित अस्पताल के अधीक्षक | सरकारी अस्पताल हेतु रोगीवाहन/शववाहन का क्रय। | ||
| 11 | गृह विभाग | संबंधित जिला अग्निशमन पदाधिकारी | अग्निशामक गाड़ी (दमकल) के क्रय की योजना बोरिंग तथा हाइड्रे ट के ं साथ अथवा बोरिंग एवं हाइड्रेंट के बिना। |
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी को भी दी जाएगी। ) | कब्रिस्तान की घेराबन्दी योजना। | ||
| संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी को भी दी जाएगी।) | मंदिर चाहरदीवारी निर्माण योजना। | ||
| 12 | ग्रामीण विकास विभाग | संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल | प्रखंड-सह-अंचल कार्यालयों में जन सुविधायुक्त प्रतीक्षालय निर्माण की योजना |
| 13 | लघु जल संसाधन विभाग | कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमण्डल लघु जल संसाधन | छिलका, फाल एवं चेक डैम, चेक वॉल का निर्माण |
| 14 | ग्रामीण कार्य विभाग | संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/ नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) | पुल/पुलिया निर्माण की योजना |
| 15 | जल संसाधन विभाग | कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन/लघु सिंचाई विभाग | पुल/पुलिया निर्माण की योजना (नहर/आहर/ पईन आदि पर) |
| 16 | अधिवक्ता संघ | संबंधित जिले के जिला पदाधिकारी द्वारा नामित पदाधिकारी को एवं वकालतखानों के रख-रखाव एवं अनुरक्षण कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष की होगी | वकालतखाने का निर्माण। |
जिला स्तर पर योजनाओं के चयन के लिए मुख्यतः निम्नलिखित मार्गदर्शी सिद्धान्त होंगेः- 1. इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 से सभी विधान सभा सदस्य प्रति वर्ष चार करोड़ रूपये की सीमा तक योजनाओं की अनुशंसा कर सकेंगे, परन्तु यह कि इस कार्यक्रम के तहत विधानसभा के सदस्य संबंधित विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक सीमा के अधीन ही अपनी योजनाओं की अनुशंसा करेंगे। 2. इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 से सभी विधान परिषद् सदस्य प्रति वर्ष चार करोड़ रूपये सीमा तक योजनाओं की अनुशंसा कर सकेंगे। 3. विधान परिषद् के उन निर्वाचित सदस्य जिनका निर्वाचन क्षेत्र राज्य के कई जिलों में विस्तारित होगा उनसे जिलावार अनुशंसित राशि का प्रतिशत प्राप्त किया जायेगा। यदि जिलावार प्रतिशत 30 जून तक प्राप्त नहीं हो पाता है तो निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले जिलों की जनसंख्या के अनुसार विभाजित राशि के अनुरूप उनसे जिलावार अनुशंसा प्राप्त की जा सकेगी। विधान परिषद् के निर्वाचित सदस्य जिनका निर्वाचन क्षेत्र एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र के भीतर पड़ता है वे भी अपने क्षेत्र की योजनाओं के लिए ही अनुशंसा कर सकेंगे। 4. बिहार विधानसभा से निर्वाचित एवं राज्यपाल कोटे से मनोनीत बिहार विधान परिषद् के माननीय सदस्यों से चयनित जिलों में अनुशंसित राशि की सूची प्राप्त की जाएगी। इन्हें हर हाल में 30 जून तक अनुशंसा सूची उपलब्ध करा देनी होगी।
5. 30-बेलसण्ड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के परसौनी और बेलसण्ड प्रखण्ड सीतामढ़ी जिला के भाग हैं तथा इसी विधानसभा क्षेत्र का तीसरा तरियानी प्रखण्ड शिवहर जिला के अंतर्गत आता है। अतः इस स्थिति में 30-बेलसण्ड विधानसभा क्षेत्र के माननीय सदस्य से सीतामढ़ी एवं शिवहर दोनों जिलों के लिए जिलावार योजनाओं की अनुशंसा प्राप्त की जायेगी। 6. बिहार विधान परिषद् के वैसे सदस्य जिनकी कार्यावधि समाप्त हो चुकी है, वे योजनाओं की अनुशंसा के पात्र नहीं होंगे। योजना एवं विकास विभाग/बिहार स्थानीय क्षेत्र विकास अभिकरण द्वारा जिला को निम्न सिद्धान्त के आधार पर निधि का आवंटन किया जायेगाः-
1) इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रति विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र चार करोड़ रूपये प्रति वर्ष का आवंटन देय होगा।
2) विधान परिषद् के निर्वाचन क्षेत्रवार वित्तीय वर्ष 2023-24 से चार करोड़ रूपये प्रति वर्ष का आवंटन देय होगा। 3) विधान परिषद् के उन निर्वाचित सदस्य जिनका निर्वाचन क्षेत्र राज्य के कई जिलों में विस्तारित है, उन्हें भी वित्तीय वर्ष 2023-24 से चार करोड़ रूपये प्रतिवर्ष आवंटन देय होगा। उनसे जिलावार प्राप्त अनुशंसा के आलोक में आवंटित राशि का वितरण प्रतिशत निर्धारित किया जायेगा। यदि जिलावार राशि वितरण की अनुशंसा 30 जून तक प्राप्त नहीं हो पाती है, तो निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले जिलों की जनसंख्या के अनुसार राशि विभाजित कर आवंटन दिया जायेगा।
4) वित्तीय वर्ष 2014-15 में पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए इसी सिद्धान्त पर राशि आवंटित कर संबंधित कार्य प्रमण्डलों को उपावंटित की जायेगी।
5) बेलसण्ड विधानसभा क्षेत्र के लिए आवंटन सीतामढ़ी एवं शिवहर दोनों जिला को आवंटित होगी। आवंटन का जिलावार प्रतिशत बेलसण्ड विधानसभा क्षेत्र के सदस्य के द्वारा अनुशंसित राशि के आधार पर होगा। यदि जिलावार प्रतिशत 30 जून तक प्राप्त नहीं हो पाता है तो निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले जिलों की जनसंख्या के अनुसार विभाजित राशि के अनुरूप आवंटन दिया जायेगा।
6) संबंधित कार्य प्रमण्डल, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को निधि का आवंटन उपरोक्त व्यवस्था के अनुसार बिहार स्थानीय क्षेत्र विकास अभिकरण(ब्लाडा) के द्वारा समेकित रूप में किया जायेगा।
7) बिहार विधान परिषद के सदस्य, जो बिहार विधानसभा से निर्वाचित हैं अथवा राज्यपाल द्वारा मनोनीत हैं, वे अधिकतम दो जिला का चयन इस कार्यक्रम के अंतर्गत कर सकेंगे एवं उन्हें भी वित्तीय वर्ष 2023-24 से चार करोड़ रूपये का आवंटन प्रतिवर्ष देय होगा। वे वित्तीय वर्ष के उपरांत चयनित जिलों के स्थान पर अन्य जिलों का चयन कर सकते हैं, परन्तु यह इस शर्त के साथ किया जा सकता है कि जिलों में बदलाव की परिस्थिति में पूर्ववर्त्ती जिलाें में क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के वित्तीय दायित्व की पूर्ति के उपरांत ही अवशेष राशि अन्य चयनित जिलाें में हस्तांतरित की जा सकेगी। 8) निर्वाचित/मनोनीत सदस्य, बिहार विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद् के पदत्याग एवं मृत्यु या अन्य कारणों से उत्पन्न रिक्ति की स्थिति में शेष कार्यकाल के लिए निर्वाचित/मनोनीत सदस्यों को पूर्ववर्त्ती सदस्य के द्वारा चयनित योजनाओं के दायित्व की पूर्ति के पश्चात अवशेष राशि हस्तांतरित हो जायेगी।
9) बिहार विधानसभा के कार्यकाल की समाप्ति के उपरांत पूर्ववर्ती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए आवंटित राशि के दायित्वविहीन अवशेष राशि का हस्तांतरण नव गठित विधानसभा के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के लिए होगा तथा उस वर्ष21 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 विशेष में यह संबंधित विधानसभा क्षेत्र के लिए अतिरिक्त निधि मानी जायेगी। इस राशि से संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से नव निर्वाचित सदस्य की अनुशंसा पर योजनाओं का कार्यान्वयन कराया जायेगा।
10) बिहार विधान परिषद् के सदस्य के कार्यकाल की समाप्ति के उपरांत उनकी दायित्वविहीन अवशेष राशि उत्तरवर्ती निर्वाचित/मनोनीत सदस्य के लिए अनुशंसा करने हेतु हस्तांतरित हो जायेगी तथा उस वर्ष विशेष के लिए अनुशंसा हेतु यह अतिरिक्त पात्रता की राशि मानी जायेगी। राज्य सरकार विशेष परिस्थिति में आवश्यकतानुसार इस कार्यक्रम के अंतर्गत योजनाओं के चयन, स्वीकृति एवं कार्यान्वयन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं/प्रावधानों को शिथिल करते हुए किसी योजना के लिए बजटीय उपबंध के अंतर्गत राशि उपाबंटित कर सकेगी। विशेष योजना की स्वीकृति एवं राशि का आवंटन मार्गदर्शिका की कंडिका-18 के अनुसार माननीय मुख्यमंत्री के स्तर पर दी जाएगी। इस योजना का कार्यान्वयन निम्न प्रकार किया जायेगा :-
1) प्रत्येक विधानमण्डल सदस्य योजना कार्यों की अनुशंसा विधान मण्डल के पत्र शीर्ष पर विधिवत रूप से हस्ताक्षर करके भेजेंगे।
(क) जिला स्तर पर विधानमंडल के सदस्यों से उनके हस्ताक्षर का नमूना जिला योजना पदाधिकारी द्वारा जिला पदाधिकारी के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा तथा माननीय सदस्यों के उपलब्ध हस्ताक्षर के नमूना से उनके द्वारा अनुशंसित योजनाओं की सूची संबंधी पत्र पर अंकित हस्ताक्षर का मिलान करने के बाद ही अनुशंसित योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन हेतु अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। योजनाओं की अनुशंसा संबंधी पत्र पर अंकित माननीय विधानमंडल सदस्य के हस्ताक्षर माननीय विधानमंडल के सदस्य के हस्ताक्षर के नमूना से मेल नहीं खाता है, तो इसकी तत्क्षण सूचना माननीय विधानमंडल के संबंधित सदस्यों को जिला योजना पदाधिकारी द्वारा दी जायेगी।
2) विधान मण्डल सदस्यों के प्रतिनिधि (प्रतिनिधियों) द्वारा की गई अनुशंसा अनुमान्य नहीं होगी। 3) माननीय सदस्यों से प्राप्त अनुशंसा को वित्तीय सीमा के अधीन जिला योजना पदाधिकारी योजना का क्रियान्वयन करायेंगे।
4) विधानमण्डल के माननीय सदस्यों के द्वारा अनुमान्यता/पात्रता राशि की वार्षिक सीमा के अधीन प्राथमिकता के आधार पर तैयार अनुशंसित योजनाओं की सूची जिला योजना पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा एवं उक्त अनुशंसा के आधार पर जिला योजना पदाधिकारी अनुशंसित योजनाओं का क्रियान्वयन करायेंगे।
5) इस योजना के अंतर्गत विभाग को प्राप्त बजटीय उपबंध के आलोक में जिलों को वार्षिक निधि उपलब्धता की सूचना दे दी जायेगी।
6) इस योजना के कार्यान्वयन के लिए एक अभियंत्रण संभाग यथा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन गठित है परन्तु विशिष्ट प्रकार की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु अन्य कार्यकारी एजेन्सी का चयन विभाग से स्वीकृति के उपरांत ही किया जा सकेगा।
7) इस योजना के अन्तर्गत राशि स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को आवंटित की जायेगी। 8) इन योजनाओं का कार्यान्वयन बिहार लोक निर्माण के प्रावधानों के आधार पर किया जायेगा। 9) विधान मंडल सदस्यों से अनुशंसित सभी योजनाओं की अनुशंसा प्राप्त होने की तिथि से यथा संभव सात कार्य दिवसों के अन्दर जिला योजना पदाधिकारी के द्वारा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्य प्रमंडल को प्राक्कलन तैयार करने हेतु भेजा जायेगा। कार्यकारी एजेंसी के द्वारा यथा संभव 15 दिनों की अवधि के भीतर स्थल निरीक्षण के उपरांत समेकित प्राक्कलन जिला योजना कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। विशेष प्रकृति की योजना जिसके प्राक्कलन के साथ सामग्रियों की प्रयोगशाला जॉंच अथवा सर्वे आदि प्रतिवेदन सन्निहित होंगी उनका प्राक्कलन यथासंभव एक माह में तैयार कराया जाय। कार्यकारी एजेंसी के द्वारा सामान्यतया प्राक्कलन इस प्रकार से तैयार किया जायेगा जिससे योजना का समग्र रूप से लोकहित में उपयोग हो सके। प्राक्कलन के साथ योजना की उपयोगिता/सार्थकता, सरकारी अथवा अन्य प्रकार की लोक/सार्वजनिक भूमि की उपलब्धता आदि के प्रतिवेदन के साथ प्राक्कलन प्राप्त होते ही जिला योजना पदाधिकारी द्वारा योजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जायेगी ।
10) कार्य को तभी स्वीकृत एवं कार्यान्वित किया जाय जब सरकारी अथवा अन्य प्रकार की लोक/सार्वजनिक भूमि उपलब्ध हो जाय। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत चयनित योजनाओं की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति हेतु निम्नलिखित प्रावधान लागू होंगे :-
| अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, योजना एवं विकास विभाग | दो करोड़ से उपर |
| क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी | पचास लाख रुपये से उपर दो करोड़ तक |
| जिला योजना पदाधिकारी | दस लाख से उपर पचास लाख तक |
| सहायक योजना पदाधिकारी | दस लाख तक |
| मुख्य अभियंता | दो करोड़ से उपर |
| अधीक्षण अभियंता | पचास लाख रुपये से उपर दो करोड़ तक |
| कार्यपालक अभियंता | दस लाख से उपर पचास लाख तक |
| सहायक अभियंता | दस लाख तक |
योजना प्रस्ताव की प्राप्ति के उपरांत सरकारी अथवा अन्य प्रकार की लोक/सार्वजनिक भूमि उपलब्ध रहने तथा वांछित अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरांत निम्न निर्धारित समय-सीमा के अन्दर प्रशासनिक/तकनीकी स्वीकृति प्रदान की जाएगीः-
| अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, योजना एवं विकास विभाग | पन्द्रह कार्यकारी दिवस |
| क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी | दस कार्यकारी दिवस |
| जिला योजना पदाधिकारी | सात कार्यकारी दिवस |
| सहायक योजना पदाधिकारी | पाँच कार्यकारी दिवस |
| मुख्य अभियंता | पन्द्रह कार्यकारी दिवस |
| अधीक्षण अभियंता | दस कार्यकारी दिवस |
| कार्यपालक अभियंता | सात कार्यकारी दिवस |
| सहायक अभियंता | पाँच कार्यकारी दिवस |
1) स्वीकृति पत्र/आदेश में कार्यान्वयन अभिकरण के लिए कार्य समापन की समय-सीमा निर्धारित की जाएगी। कार्य समापन के लिए समय-सीमा सामान्य तौर पर एक वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि किसी विशेष मामले में, जहां कार्यान्वयन समय एक वर्ष की सीमा को पार कर जाता है, स्वीकृत पत्र/आदेश में उसके लिए विशेष कारण शामिल किए जाएंगे। स्वीकृति पत्र/आदेश में राज्य सरकार की क्रियाविधि के अनुसार निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करने में असफल रहने पर कार्यान्वयन अभिकरण के विरूद्ध उचित कार्रवाई की शर्त भी शामिल की जाएगी। संबद्ध विधान मंडल सदस्य को भी स्वीकृति पत्र/आदेश की प्रतिलिपि भेजी जाएगी।
2) मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत चयनित एवं स्वीकृत योजना जिसकी सक्षम पदाधिकारी द्वारा प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, के कार्यान्वयन को तभी निरस्त किया जा सकता है जब तक कार्य का कार्यान्वयन प्रारम्भ नहीं हुआ है तथा उसे निरस्त करने के फलस्वरूप सरकार पर किसी भी प्रकार की संविदात्मक वित्तीय देयता/लागत का भार नहीं पड़ता है। यदि किसी अनिवार्य कारण से चयनित/स्वीकृति/चालू कार्य को रोकना/स्थगित करना आवश्यक हो तो मामले की सूचना देते हुए पूर्ण औचित्य के साथ योजना एवं विकास विभाग की सहमति प्राप्त की जाय।
3) विधान मंडल सदस्य द्वारा अनुशंसित सूची में कार्य के स्थल में परिवर्तन करने का अधिकार होगा बशर्ते कि उनकी अनुशंसा कार्यान्वित नहीं हो चुकी हो। अगर अनुशंसा का कार्यान्वयन प्रारम्भ हो गया हो तो स्थल परिवर्तन या योजना का कार्यान्वयन नहीं रोका जायेगा। अनुशंसा कार्यान्वित हो जाने पर स्थल परिवर्तन कराना या रद्द करना संभव नहीं होगा। 4) विधान मंडल सदस्यों द्वारा अनुशंसित एवं सक्षम स्तर से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कार्यों को माननीय सदस्यों द्वारा रद्द किया जा सकेगा बशर्ते कि कार्य का कार्यान्वयन नहीं हुआ हो तथा उसे रद्द करने के परिणामस्वरूप राज्य सरकार पर किसी भी प्रकार का संविदात्मक देयता का भार नहीं पड़ता हो। अगर ऐसा परिवर्तन लोकहित में आवश्यक हो तो राज्य सरकार की स्वीकृति के उपरांत ही योजना रद्द की जा सकेगी एवं अवशेष राशि से माननीय सदस्यों द्वारा अनुशंसित अन्य योजना ली जा सकेगी।
5) योजना के अंतर्गत जैसे ही कार्य पूरा होता है उसे आम जनता के उपयोग के लिए खोल दिया जाना चाहिए। लोगोें की अधिक जानकारी के लिए मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत सभी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, कार्य की लागत, उसके शुरू होने, पूर्णता तिथि, कार्य को अनुशंसित करने वाले विधान मंडल सदस्य के नाम के साथ एक पटि्टका (पत्थर/धातु) स्थायी रूप से लगाई जानी चाहिए।
6) जिला योजना पदाधिकारी के कार्यालय में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना निधियों से पूर्ण किए गए और चालू कार्यों की सूची भी लगाई जानी चाहिए और आम जनता को सूचनार्थ वेबसाइट पर भी डाली जानी चाहिए।23 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 7) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में दिए गए प्रावधानों और उसमें बनाए गए नियमों के अनुसार सभी नागरिकों को मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के किसी भी पक्ष और उसके अंतर्गत अनुशंसित/स्वीकृति/क्रियान्वित कार्यों के बारे में सूचना प्राप्त करने का अधिकार है।
| 3 माह से कम | शून्य |
| 9 माह तक | वार्षिक आवंटन का 50% |
| 9 माह से अधिक | वार्षिक आवंटन का 100% |
किसी राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त संस्थान को इस कार्य हेतुु पहचान की जायेगी और कार्यक्रम की मॉनीटरिंग व मध्यावधि मूल्यांकन करने के लिए बेंचमार्क सर्वेक्षण कराया जायेगा। प्रथम चरण में वर्तमान सुविधाओं/संसाधनों का सर्वेक्षण कराया जायेगा जिससे भविष्य में किए जाने वाले मूल्यांकनों हतु बेंचमार्क उपलब्ध होगा। एक एम0आई0एस0 भी तैयार की जायेगी जिसमें प्रत्येक तिमाही में योजनाओं की वास्तविक और वित्त्तीय प्रगति इंगित की जाएगी। तिमाही के आधार पर प्रत्येक परियोजना हेतु संगत आउटपुट सूचकों का उल्लेख किया जायेगा जिससे उसके आधार पर प्रगति को मॉनिटर किया जा सके। प्रत्येक जिला के लिए एक वेबसाइट तैयार किया जायेगा, जिस पर जिला की पृष्ठभूमि की सूचना, जिला योजना, बेंचमार्क सर्वेक्षण के परिणाम और तैयार की गई एम0आई0एस0 की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। योजनाओं की प्रगति को दर्शाने के लिए वेबसाईट पाक्षिक रुप से अद्यतन किया जायेगा।
1) स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के प्रत्येक कार्य प्रमंडल को परियोजना शुरू करने के पहले तथा परियोजना के पूरा होने के पश्चात स्थिति को दर्शाने तथा संबंधित जिला के अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में इस कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए संगत दृश्य रिकार्डिग (फोटो/विडियोग्राफी) कराया जायेगा जो योजना अभिलेखों के साथ संधारित होगी। इसे MIS पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा।
2) योजना के कार्यान्वयन में अभियंताओं के साथ-साथ संवेदकों को भी प्रबंधन एवं तकनीकी उन्नयन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण का प्रावधान किया जायेगा, जिसमें प्रशिक्षण, सेमिनार, कार्यशाला, अध्ययन दौरा आदि शामिल होंगे। 3) योजनाओं में नयी तकनीक का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित किये जाने का प्रावधान किया जायेगा। 4) आउटसोर्सिंग के आधार पर उच्चतर एवं विशिष्ट तकनीक एवं प्रबंधन संबंधी सेवाओं/ विशेषज्ञों की सेवा प्राप्त करने, कन्सलटेंट की सेवा प्राप्त करने एवं लेखा संधारण हेतु चार्टर्ड एकाउन्टेंट/अंकेक्षकों की सेवा प्राप्त करने का प्रावधान किया जायेगा। 1) प्रमंडल एवं जिला स्तर पर गठित योजना इकाई के पदाधिकारी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत स्वीकृत एवं कार्यान्वित योजनाओं की समग्र निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए उत्तरदायी होंगे। वे प्रत्येक वर्ष क्रियान्वित योजनाओं का कम से कम 10 प्रतिशत कार्यों का निरीक्षण करेंगे तथा स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन से योजना एवं विकास विभाग को अवगत करायेंगे।
2) वे कम से कम एक बार प्रत्येक माह कार्यान्वयन अभिकरण के साथ मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यों की समीक्षा करेंगे तथा ऐसी बैठकों की कार्यवाही योजना एवं विकास विभाग को उपलब्ध करायेंगे। 1) कार्यान्वयन अभिकरण के अधिकारियों की यह जिम्मेवारी होगी कि वे कार्य स्थलों का नियमित दौरा कर योजना का अनुश्रवण एवं निरीक्षण करें तथा अनुश्रवण एवं निरीक्षण के समय योजना के साथ स्वयं का फोटोग्राफ लेकर MIS पोर्टल पर भी अपलोड करेंगे एवं अलग से भी अपने निरीक्षण प्रतिवेदन के साथ फोटोग्राफ की हार्ड कॉपी विभाग को उपलब्ध कराएँगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि योजना का कार्यान्वयन निर्धारित कार्यविधि, विनिर्देशों (Instruction) और समय अनुसूची के अनुसार विशिष्टियों के अनुरूप कराया जा रहा है।
2) कार्यान्वयन अभिकरण प्रत्येक कार्य की वास्तविक एवं वित्तीय प्रगति से जिला योजना पदाधिकारी को प्रत्येक माह अवगत कराएंगे। इसकी एक प्रति संबद्ध राज्य विभाग को भी प्रस्तुत की जाएगी। कार्यान्वयन अभिकरण सॉफ्ट फॉरमेट में भी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। साथ ही कार्य पूर्ण होने के एक माह के अन्दर जिला योजना पदाधिकारी को पूर्णता प्रमाण पत्र/उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पित करेंगे।
3) कार्यान्वयन अभिकरण योजना कार्य में उपयोग किये जा रहे सामग्रियों की जाँच भवन निर्माण विभाग, पथ निर्माण विभाग अथवा सरकार से मान्यता प्राप्त या पंजीकृत गुण नियंत्रक (Quality Control)संस्थान से कराना सुनिश्चित करेंगे तथा इसका संधारण योजना अभिलेख के साथ करेंगे।
4) कार्यान्वयन अभिकरण एक प्रकार की योजनाओं के लिए मानक प्राक्कलन तैयार कर कार्य करावेंगे।24 (cid:464)बहार गजट, 13 2023 5) वैसी योजना, जिसमें निविदा किया जाना है, का प्रकाशन Indian Trade Journal official website एवंe- tender के माध्यम से करेंगे।
ः- 1) यह दिशा-निर्देश तत्काल रूप से प्रभावी होंगे। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन संबंधी विभागीय संकल्प संख्या 2905 दिनांक 11.07.2014 तथा समय-समय पर मार्गदर्शिका में संशोधन हेतु निर्गत अन्य सभी संशोधनों को विलोपित किया जाता है।
2) मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के दिशा-निर्देशों से संबंधित स्पष्टीकरण अथवा इन दिशा-निर्देशों में दिये गये प्रावधानों की व्याख्या योजना एवं विकास विभाग के समक्ष रखी जायेगी। इस विषय पर विभाग का निर्णय अंतिम होगा। 3) मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के उपर्युक्त दिशा-निर्देश के कण्डिकाओं में वर्णित किसी प्रावधान को संशोधित/शिथिल करने के साथ, किसी अन्य कण्डिका को सम्मिलित किया जाना, मुख्यमंत्री के आदेश से किया जा सकेगा। 4) मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के पत्रांक 844 दिनांक 07.07.2014 द्वारा संसूचित है कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका में आवश्यक संशोधन के लिए मंत्रिपरिषद् ने माननीय मुख्यमंत्री को प्राधिकृत किया है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
, अपर मुख्य सचिव। ————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय