Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 20 December 2023

Published 20 December 2023

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2023-12-20.51
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 29 1945 (श0) सं(cid:201)या 51 पटना, बुधवार, ————————

20 2023 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-12 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

---

भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 13-13 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 14-15 पूरक

---

पूरक-क 16-192 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

भाग-1

िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत

सूचनाएं। —————

विधि विभाग

--------

अधिसूचनाएं

12 दिसम्बर 2023

एस0ओ0 360 दिनांक 20 दिसम्बर 2023--जिला पदाधिकारी, मधुबनी के पत्रांक-1418/जि0वि0, दिनांक- 17.04.2023 के अनुसरण में मधुबनी जिला के लिये लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा-32(1) में निहित प्रावधानों के अनुरूप मधुबनी जिला अन्तर्गत लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 से संबंधित, ए0डी0जे0-VI के अनन्य विशेष न्यायालय में वादों के संचालनार्थ राज्य सरकार ने मो0 खुर्शीद आलम, अधिवक्ता, जिनका पंजीयन संख्या-1851/2009 है, को पद ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है।

2. इस अधिसूचना के निर्गत होने के साथ ही प्रसंगाधीन अधिनियम के अन्तर्गत पूर्व से नियुक्त विशेष लोक अभियोजक की सेवा स्वतः समाप्त समझी जायेगी।

3. संबंधित विशेष लोक अभियोजक को लोक अभियोजक का अनुमान्य दैनिक शुल्क अनुमान्य होगा लेकिन उन्हें कोई प्रतिधारण शुल्क देय नहीं होगा।

4. संबंधित विशेष लोक अभियोजक प्रत्येक माह निष्पादित मामलों से संबंधित प्रतिवेदन एवं कारणों सहित लंबित मामलों से संबंधित प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे।

5. संबंधित विशेष लोक अभियोजक यदि लोक अभियोजक/अपर लोक अभियोजक/सरकारी वकील/सहायक सरकारी वकील/किसी अन्य अधिनियम के अन्तर्गत विशेष लोक अभियोजक के पद पर कार्यरत हैं, तो उन्हें एक सप्ताह के अन्दर अपना विकल्प बताना होगा कि वे किस पद पर कार्य करने के इच्छुक हैं। इन्हें किसी भी परिस्थिति में किसी एक पद के लिए ही दैनिक शुल्क अनुमान्य होगा।

(संचिका सं0-सी0/ए0एस0-50-62/2014-9502/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बलराम मंडल, अवर सचिव।

--------

12 दिसम्बर 2023

एस0ओ0 361 दिनांक 20 दिसम्बर 2023--जिला पदाधिकारी, मधुबनी के पत्रांक-1418/जि0वि0, दिनांक- 17.04.2023 के अनुसरण में मधुबनी जिला के लिये लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा-32(1) में निहित प्रावधानों के अनुरूप मधुबनी जिला अन्तर्गत लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 से संबंधित, ए0डी0जे0-VII के अनन्य विशेष न्यायालय में वादों के संचालनार्थ राज्य सरकार ने श्रीमती कुमारी मधु रानी, अधिवक्ता, जिनका पंजीयन संख्या-2675/2006 है, को पद ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है।

2. इस अधिसूचना के निर्गत होने के साथ ही प्रसंगाधीन अधिनियम के अन्तर्गत पूर्व से नियुक्त/प्राधिकृत विशेष लोक अभियोजक की सेवा स्वतः समाप्त समझी जायेगी।

3. संबंधित विशेष लोक अभियोजक को लोक अभियोजक का अनुमान्य दैनिक शुल्क अनुमान्य होगा लेकिन उन्हें कोई प्रतिधारण शुल्क देय नहीं होगा।3 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 4. संबंधित विशेष लोक अभियोजक प्रत्येक माह निष्पादित मामलों से संबंधित प्रतिवेदन एवं कारणों सहित लंबित मामलों से संबंधित प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे।

5. संबंधित विशेष लोक अभियोजक यदि लोक अभियोजक/अपर लोक अभियोजक/सरकारी वकील/सहायक सरकारी वकील/किसी अन्य अधिनियम के अन्तर्गत विशेष लोक अभियोजक के पद पर कार्यरत हैं, तो उन्हें एक सप्ताह के अन्दर अपना विकल्प बताना होगा कि वे किस पद पर कार्य करने के इच्छुक हैं। इन्हें किसी भी परिस्थिति में किसी एक पद के लिए ही दैनिक शुल्क अनुमान्य होगा।

(संचिका सं0-सी0/ए0एस0-50-62/2014-9503/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बलराम मंडल, अवर सचिव। -------- पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ------ अधिसूचनाएं 12 दिसम्बर 2023 सं0 1/स्था0 (2) 06/2023-4484 सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-20.10.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार मत्स्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित उप मत्स्य निदेशक को संयुक्त मत्स्य निदेशक में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-12) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

क्र॰ पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम वर्तमान कोटि
1 2 3
1. श्री दिलीप कुमार सिंह, संयुक्त मत्स्य निदेशक (रा0प0ई0), मत्स्य निदेशालय, पटना (अपने ही वेतनमान में) उप मत्स्य निदेशक
2. श्री गौरी शंकर, संयुक्त मत्स्य निदेशक, (प्रशिक्षण एवं प्रसार) मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार केन्द्र, मीठापुर, पटना (अपने ही वेतनमान में) उप मत्स्य निदेशक
3. श्री देवेन्द्र नायक, संयुक्त मत्स्य निदेशक (अनुसंधान), मत्स्य अनुसंधान केन्द्र, मीठापुर, पटना (अपने ही वेतनमान में) उप मत्स्य निदेशक

2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।

4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।

5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।

6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक संयुक्त मत्स्य निदेशक (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-12) में उत्क्रमित किया जाता है।

7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से संयुक्त मत्स्य निदेशक के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप सचिव।4 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 12 दिसम्बर 2023 सं0 1/स्था0 (2) 06/2023-4486 सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-20.10.2023 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार मत्स्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित जिला मत्स्य पदाधिकारी को उप मत्स्य निदेशक में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

क्र॰ पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम वर्तमान कोटि
1 2 3
1. श्री आभाष चन्द्र मंडल, उप मत्स्य निदेशक, पूर्णिया परिक्षेत्र, पूर्णिया (अपने ही वेतनमान में) जिला मत्स्य पदाधिकारी
2. श्री उमेश कुमार रंजन, उप मत्स्य निदेशक (मु॰), मत्स्य निदेशालय, पटना (अपने ही वेतनमान में) जिला मत्स्य पदाधिकारी

2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।

4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।

5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।

6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक उप मत्स्य निदेशक (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-11) में उत्क्रमित किया जाता है।

7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से उप मत्स्य निदेशक के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप सचिव।

--------

(cid:274)ामीण (cid:466)वकास (cid:466)वभाग

--------

अधिसूचनाएं

8 दिसम्बर 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:466)व0-R-503/284/2023-SECTION 14-RDD-RDD(COM-257034)-2359509--(cid:302)ी शिश भूषण कु मार, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), अतर(cid:547), गया स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), ब(cid:464)रयारपुर, मु ंगेर के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) वाद सं(cid:201)या-A 3138/2017 म(cid:581) सूचना के अिधकार अ(cid:219)तग(cid:91)त मांगी गई सूचना आवेदक सूचना उपल(cid:222)ध नह(cid:547) कराने के आरोप पर (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), गया के प(cid:287)ांक-4229 (cid:465)दनांक-24.05.2023 (cid:430)ारा आरोप (cid:292)ा(cid:220)त हुआ ।

उ(cid:200)त (cid:292)ितवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर (cid:302)ी कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:465)कया गया । (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), गया से (cid:292)ा(cid:220)त आरोप एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:466)वभाग (cid:430)ारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:465)क अपीलाथ(cid:568) को सूचनाओं को (cid:292)दान करने म(cid:581) लगभग चार वष(cid:91) दस माह का (cid:466)वलंब हुआ है (cid:468)जसके िलए आपको भ(cid:466)व(cid:231)य म(cid:581) सचेत रहने का िनदेश देने का िनण(cid:91)य िलया गया ।

उ(cid:200)त िनण(cid:91)य के आलोक म(cid:581) (cid:302)ी शिश भूषण कु मार, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), अतर(cid:547), गया स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), ब(cid:464)रयारपुर, मु ंगेर को भ(cid:466)व(cid:231)य म(cid:581) सचेत रहने का िनदेश (cid:465)दया जाता है ।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।5 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क अिधसूचना क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:465)कशोर साह, अपर सिचव।

--------

11 दिसम्बर 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:466)व0-R-504/62/2023-SECTION 14- RDD-RDD(COM-268421)-2362878--(cid:302)ी अिमत कु मार, (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), िसमर(cid:547) ब(cid:468)(cid:201)तयारपुर (सहरसा) के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना के काया(cid:91)(cid:219)वयन म(cid:581) सरकार(cid:547) रािश के दु(cid:510)पयोग के आरोप पर (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), सहरसा के प(cid:287)ांक-36-1 (cid:465)दनांक-21.07.2023 (cid:430)ारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ।

उ(cid:200)त (cid:292)ितवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर (cid:302)ी कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:465)कया गया । (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के (cid:430)ारा (cid:232)प(cid:231)ट (cid:465)कया गया है (cid:465)क उ(cid:200)त मामला सं(cid:163)ान म(cid:581) आते ह(cid:547) तीन(cid:585) लाभुक(cid:585) से भुगतान क(cid:551) गई रािश वसूली हेतु कार(cid:91)वाई करते हुए (cid:292)खंड काया(cid:91)लय के प(cid:287)ांक- 209 (cid:465)दनांक- 19.08.2023 (cid:430)ारा नीलाम प(cid:287) वाद दायर करतु हुए थाना(cid:218)य(cid:162) को (cid:292)ितवे(cid:465)दत (cid:465)कया गया तथा तीन(cid:585) लाभुक(cid:585) से रािश क(cid:551) वसूली कर (cid:466)वभाग के खाते म(cid:581) ह(cid:232)तांत(cid:464)रत कर (cid:465)दया गया है ।

(cid:468)जला पदािधकार(cid:547), सहरसा से (cid:292)ा(cid:220)त आरोप एवं (cid:302)ी अिमत कु मार से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:466)वभाग (cid:430)ारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:465)क (cid:302)ी कु मार (cid:430)ारा मनमाने ढंग से आवास योजना के तहत लाभािथ(cid:91)य(cid:585) का चयन एवं गलत ढंग से योजना खोलने संबंधी आरोप पर सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण संतोषजनक नह(cid:547)ं है । साथ ह(cid:547)ं (cid:302)ी कु मार (cid:430)ारा अवकाश के (cid:232)वीकृ ित के (cid:466)बना ह(cid:547) अवकाश म(cid:581) मु(cid:201)यालय से बाहर चले जाना सरकार(cid:547) पदािधकार(cid:547) क(cid:551) अनुशासनह(cid:547)नता का (cid:429)ोतक है ।

अत: (cid:302)ी अिमत कु मार, (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), िसमर(cid:547) ब(cid:468)(cid:201)तयारपुर (सहरसा) को चेतावनी का दंड अिधरो(cid:466)पत (cid:465)कया जाता है ।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क (cid:302)ी अिमत कु मार क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी पु(cid:468)(cid:232)तका म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:466)व(cid:466)(cid:436) क(cid:551) जाय। उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क अिधसूचना क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:465)कशोर साह, अपर सिचव।

--------

11 दिसम्बर 2023

6 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

उ(cid:200)त संचािलत (cid:466)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) का जॉंच (cid:292)ितवेदन (cid:292)ा(cid:220)त है। संचालन पदािधकार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त जॉंच (cid:292)ितवेदन पर (cid:302)ीमती कु मार(cid:547) से िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी। काया(cid:91)लय (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मुरलीगंज, मधेपुरा के प(cid:287)ांक- 1984-2 (cid:465)दनांक-14.09.2023 के (cid:430)ारा (cid:302)ीमती कु मार(cid:547) का िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन (cid:292)ा(cid:220)त है। (cid:302)ीमती कु मार(cid:547) के (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) संचालन पदािधकार(cid:547) के (cid:430)ारा (cid:292)मा(cid:468)णत/ अंशत: (cid:292)मा(cid:468)णत आरोप(cid:585) से इंकार (cid:465)कया गया है ।

(cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) संचालन पदािधकार(cid:547) से जाँच (cid:292)ितवेदन एवं िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) (cid:466)वभाग (cid:430)ारा समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:465)क (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) (cid:430)ारा काया(cid:91)लय वे(cid:230)म म(cid:581) अवैध रािश का लेन-देन करने का काय(cid:91) क(cid:551) पु(cid:466)(cid:436) होती है । साथ ह(cid:547) आरो(cid:466)पत पदािधकार(cid:547) (cid:430)ारा अ(cid:219)य मामल(cid:585) म(cid:581) भी अनुशासनह(cid:547)नता बरती गई है । यह काय(cid:91) (cid:466)बहार सरकार आचार िनयमावली, 1976 एवं (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, िनयं(cid:287)ण एवं अपील) िनयमावली, 2005 म(cid:581) व(cid:468)ण(cid:91)त धाराओं का उ(cid:227)लंघन है । आरो(cid:466)पत पदािधकार(cid:547) क(cid:551) कृ (cid:215)य व इस (cid:292)कार क(cid:551) अिनयिमतता से (cid:468)जला (cid:292)शासन के साथ-साथ (cid:466)वभाग क(cid:551) छ(cid:466)व धूिमल हुई है ।

अतएव स(cid:224)यक (cid:466)वचारोपरा(cid:219)त (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), (cid:466)(cid:287)वेणीगंज, सुपौल स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मुरलीगंज, मधेपुरा के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) 'संचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से तीन वेतन वृ(cid:466)(cid:424) पर रोक'का दंड अिधरो(cid:466)पत (cid:465)कया जाता है।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) क(cid:551) सेवा पु(cid:468)(cid:232)तका म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:466)व(cid:466)(cid:436) क(cid:551) जाय। उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क उ(cid:200)त आदेश क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

आदेश से,

न(cid:219)द (cid:465)कशोर साह, अपर सिचव।

--------

11 दिसम्बर 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:466)व0- 14 (पटना) पटना-03/20216-2363203--(cid:302)ी नीरज कु मार राय, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), (cid:466)बहटा (पटना) स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), गो(cid:466)व(cid:219)दपुर, नवादा के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), पटना के प(cid:287)ांक- 2200 (cid:465)दनांक-20.10.2016 (cid:430)ारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ ।

आरोप प(cid:287) म(cid:581) ग(cid:465)ठत आरोप एवं (cid:302)ी राय से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण के समी(cid:162)ोपरांत अिधसूचना सं(cid:201)या- 347869 (cid:465)दनांक-31.12.2020 (cid:430)ारा (cid:302)ी नीरज कु मार राय, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), (cid:466)बहटा (पटना) के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से ''दो वेतन वृ(cid:466)(cid:424) अव(cid:510)(cid:424) करने का दंड (प(cid:287) िनग(cid:91)त क(cid:551) ितिथ से)'' अिधरो(cid:466)पत (cid:465)कया गया । अिधरो(cid:466)पत दंड के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:465)दनांक- 09.02.2021 (cid:430)ारा पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन आवेदन सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया । पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:466)वभाग (cid:430)ारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:465)क (cid:302)ी राय (cid:430)ारा अपने पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) कोई नया त(cid:216)य या सा(cid:234)य का उ(cid:227)लेख नह(cid:547)ं (cid:465)कया गया है (cid:468)जसके आलोक म(cid:581) पूव(cid:91) म(cid:581) िनग(cid:91)त आदेश को संशोिधत (cid:465)कया जाए ।

अत: समी(cid:162)ोपरांत (cid:302)ी नीरज कु मार राय के पुन(cid:466)व(cid:91)चार अ(cid:223)यावेदन को अ(cid:232)वीकृ त (cid:465)कया जाता है । उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क अिधसूचना क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:465)कशोर साह, अपर सिचव।7 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

11 दिसम्बर 2023

सं0 (cid:274)ा0(cid:466)व0-14(िन0को0) (cid:282)ैप-03/2020-2364154--(cid:302)ी राजीव रंजन कु मार, त(cid:215)कालीन (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), राजापाकर, वैशाली स(cid:224)(cid:292)ित (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह- (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), जयनगर, मधुबनी को िनगरानी अ(cid:219)वेषण (cid:222)यूरो के (cid:430)ारा ग(cid:465)ठत धावादल (cid:430)ारा (cid:465)दनांक- 31.12.2019 को प(cid:464)रवाद(cid:547) (cid:302)ी पु(cid:510)षो(cid:215)तम कु मार से 1,00,000/- (एक लाख (cid:509)पये) (cid:464)र(cid:230)वत लेते रंगे हाथ िगर(cid:221)तार कर (cid:219)याियक (cid:465)हरासत म(cid:581) भेजने के फल(cid:232)व(cid:510)प (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, िनयं(cid:287)ण एवं अपील) िनयमावली 2005 के िनयम- 9(2)(क) म(cid:581) िन(cid:465)हत (cid:292)ावधान के आलोक म(cid:581) (cid:302)ी कु मार को कारा िनरोध क(cid:551) ितिथ 31.12.2019 के (cid:292)भाव से कारावास क(cid:551) अविध तक के िलए िनल(cid:468)(cid:224)बत (cid:465)कया गया ।

कारा से मु(cid:200)त होने के उपरा(cid:219)त (cid:302)ी कु मार (cid:430)ारा (cid:465)दनांक 04.03.2020 को (cid:466)वभाग म(cid:581) योगदान सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया। त(cid:215)प(cid:230)चात ् (cid:466)वभागीय अिधसूचना सं(cid:201)या- 461973 (cid:465)दनांक 14.05.2020 (cid:430)ारा (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, िनयं(cid:287)ण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम- 9(3) i( ) के आलोक म(cid:581) (cid:302)ी कु मार को िनलंबनमु(cid:200)त करते हुए (cid:465)दनांक 04.03.2020 के (cid:292)भाव से योगदान (cid:232)वीकृ त (cid:465)कया गया ।

(cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) गंभीर कदाचार/ (cid:295)(cid:231)टाचार का आरोप होने तथा इ(cid:219)ह(cid:581) (cid:464)र(cid:230)वत लेते हुए पकड़े जाने (cid:468)जसके िलए इनके (cid:466)व(cid:510)(cid:424) िनगरानी थाना कांड सं(cid:201)या- 054/2019 दज(cid:91) होने के फल(cid:232)व(cid:510)प (cid:302)ी कु मार को (cid:466)वभागीय अिधसूचना सं(cid:201)या- 461983 (cid:465)दनांक- 14.05.2020 (cid:430)ारा (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, िनयं(cid:287)ण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-9(1)(ग) के आलोक म(cid:581) योगदान क(cid:551) ितिथ 04.03.2020 के (cid:292)भाव से अगले आदेश तक के िलए िनलं(cid:466)बत (cid:465)कया गया।

(cid:466)वभागीय प(cid:287)ांक- 460251 (cid:465)दनांक- 16.03.2020 (cid:430)ारा (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), वैशाली से (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) दज(cid:91) िनगरानी थाना कांड सं0- 054/2019 (cid:465)दनांक- 30.12.2019 के साथ- साथ इनके (cid:430)ारा बरती गयी अिनयिमतता एवं (cid:292)शासिनक चूक का समावेश करते हुए आरोप प(cid:287) सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:466)वभाग, (cid:466)बहार, पटना क(cid:551) अिधसूचना सं0- 15983 (cid:465)दनांक- 14.12.2017 से प(cid:464)रचा(cid:464)रत (cid:466)व(cid:465)हत (cid:292)प(cid:287) म(cid:581) ग(cid:465)ठत कर सा(cid:234)य स(cid:465)हत (cid:466)वभाग को उपल(cid:222)ध कराने का अनुरोध (cid:465)कया गया।

(cid:468)जला पदािधकार(cid:547), वैशाली के प(cid:287)ांक- 499 (cid:465)दनांक- 02.09.2020 (cid:430)ारा (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) िनगरानी (cid:282)(cid:89) ैप के मामले म(cid:581) आरोप प(cid:287) ग(cid:465)ठत कर (cid:466)वभाग को उपल(cid:222)ध कराया गया।

उ(cid:200)त आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार (cid:430)ारा बरती गयी अिनयिमतता एवं (cid:292)शासिनक चूक का समावेश नह(cid:547)ं होने के कारण (cid:466)वभागीय प(cid:287)ांक-304653 (cid:465)दनांक- 13.10.2020 (cid:430)ारा (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), वैशाली से सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:466)वभाग के प(cid:287)ांक-12787 (cid:465)दनांक- 28.08.2015 क(cid:551) कं (cid:465)डका- 7 म(cid:581) िन(cid:465)हत िनदेश के आलोक म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) उ(cid:200)त िनगरानी थाना कांड के साथ-साथ उनके (cid:430)ारा बरती गयी अ(cid:219)य अिनयिमतताओं एवं (cid:292)शासिनक चूक का समावेश करते हुए पूण(cid:91) आरोप प(cid:287) उपल(cid:222)ध कराने का अनुरोध (cid:465)कया गया।

(cid:302)ी कु मार के िनल(cid:224)बन अविध 6 माह से अिधक होने एवं (cid:302)ी कु मार के (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त अ(cid:223)यावेदन (cid:465)दनांक- 23.12.2020 एवं उ(cid:200)त अ(cid:223)यावेदन के साथ संल(cid:202)न पुिलस िनर(cid:547)(cid:162)क- सह-अनुसंधानक(cid:215)ता(cid:91), िनगरानी अ(cid:219)बेषण (cid:222)यूरो के (cid:292)ितवेदन (cid:465)दनांक- 09.12.2020 के (cid:466)वभाग (cid:430)ारा समी(cid:162)ोपरांत (cid:466)वभागीय अिधसूचना सं(cid:201)या- 366091 (cid:465)दनांक- 21.01.2021 (cid:430)ारा इ(cid:219)ह(cid:581) िनल(cid:224)बन से मु(cid:200)त (cid:465)कया गया।

(cid:466)वभागीय प(cid:287)ांक-382516 (cid:465)दनांक-09.02.2021 (cid:430)ारा (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), वैशाली से (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) पूण(cid:91) आरोप प(cid:287) एवं (cid:302)ी कु मार (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त अ(cid:223)यावेदन (cid:465)दनांक- 23.12.2020 के संदभ(cid:91) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:466)वषयां(cid:465)कत मामले म(cid:581) (cid:466)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचालन के संबंध म(cid:581) मंत(cid:229)य (cid:292)ितवेदन (cid:466)वभाग को शी(cid:275) उपल(cid:222)ध कराने हेतु अनुरोध (cid:465)कया गया जो कई (cid:232)मारोपरांत अबतक अ(cid:292)ा(cid:220)त है।

िनगरानी अ(cid:219)वेषण (cid:222)यूरो, पटना के प(cid:287)ांक-313 (cid:465)दनांक-02.03.2021 से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:292)ितवेदन के अनुसार (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) उ(cid:227)ले(cid:468)खत िनगरानी थाना कांड म(cid:581) अंितम (cid:292)ितवेदन (सा(cid:234)य क(cid:551) कमी) सं0-50/2020 (cid:465)दनांक- 25.11.2020 स(cid:162)म (cid:219)यायालय (िनगरानी कोट(cid:91)) म(cid:581) सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया एवं (cid:302)ी कु मार (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त अ(cid:223)यावेदन8 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 (cid:465)दनांक-14.08.2023 के साथ संल(cid:202)न माननीय (cid:219)यायालय, (cid:466)वशेष (cid:219)यायाधीश, िनगरानी, मुज(cid:221)फरपुर (cid:430)ारा िनगरानी थाना कांड सं0-54/2019 (cid:466)वशेष वाद सं0-1/2020 म(cid:581) पा(cid:464)रत आदेश (cid:465)दनांक-13.06.2023 म(cid:581) अंितम (cid:292)प(cid:287) सं0- 50/2020 (cid:465)दनांक- 25.11.2020 सा(cid:234)य क(cid:551) कमी के कारण (cid:232)वीकृ त (cid:465)कया गया। साथ ह(cid:547), (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), वैशाली से (cid:302)ी कु मार के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) संशोिधत आरोप प(cid:287) व मंत(cid:229)य (cid:232)मारोपरांत अ(cid:292)ा(cid:220)त है ।

(cid:466)वभाग (cid:430)ारा समी(cid:162)ोपरांत (cid:302)ी कु मार को आरोप मु(cid:200)त करने का िनण(cid:91)य िलया गया है।

अतएव (cid:466)वभाग (cid:430)ारा समी(cid:162)ोपरांत (cid:302)ी राजीव रंजन कु मार, त(cid:215)कालीन (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), राजापाकर, वैशाली सं(cid:292)ित (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), जयनगर, मधुबनी को आरोप मु(cid:200)त (cid:465)कया जाता है ।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क अिधसूचना क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:465)कशोर साह, अपर सिचव।

--------

13 दिसम्बर 2023

सं0 सं0सं0-(cid:274)ा0(cid:466)व0-14(म0)जहा0- 01/2020-2370231--(cid:468)जला पदािधकार(cid:547), जहानाबाद के प(cid:287)ांक- 783 (cid:465)दनांक 19.04.2020 (cid:430)ारा (cid:302)ी अिनल िम(cid:232)(cid:287)ी, (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मखदुमपुर, जहानाबाद स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), रजौली, नवादा के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:292)ितवे(cid:465)दत आरोप के आलोक म(cid:581) (cid:466)वभाग (cid:430)ारा समी(cid:162)ोपरांत अिधसूचना सं(cid:201)या-1705836 (cid:465)दनांक 18.04.2023 (cid:430)ारा चेतावनी का दंड अिधरो(cid:466)पत (cid:465)कया गया ।

दंड अिधरोपन के प(cid:230)चात (cid:302)ी अिनल िम(cid:232)(cid:287)ी, (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मखदुमपुर, जहानाबाद स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), रजौली, नवादा के (cid:430)ारा पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया ।

(cid:302)ी अिनल िम(cid:232)(cid:287)ी, (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मखदुमपुर, जहानाबाद स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), रजौली, नवादा (cid:430)ारा सम(cid:466)प(cid:91)त पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत यह पाया गया (cid:465)क (cid:302)ी अिनल िम(cid:232)(cid:287)ी, (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मखदुमपुर, जहानाबाद का पुन(cid:466)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन (cid:232)वीकार यो(cid:202)य है ।

अत: स(cid:224)यक (cid:466)वचारोपरांत (cid:302)ी अिनल िम(cid:232)(cid:287)ी, (cid:274)ामीण (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547)-सह-(cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), मखदुमपुर, जहानाबाद स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), रजौली, नवादा को आरोप मु(cid:200)त (cid:465)कया जाता है। आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:465)क (cid:302)ी अिनल िम(cid:232)(cid:287)ी क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी म(cid:581) इसक(cid:551) (cid:292)(cid:466)व(cid:466)(cid:436) क(cid:551) जाय।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है ।

आदेश :-आदेश (cid:465)दया जता है (cid:465)क अिधसूचना क(cid:551) (cid:292)ित सभी संबंिधत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

न(cid:219)द (cid:465)कशोर साह, अपर सिचव। सं0 ल0ज0सं0/नि0्रप्र0/परिवाद-04/2012-7059--निगरानी विभाग के पत्रांक-3954 दिनांक-29.06.2012 में उल्लेखित लघु सिंचाई प्रमंडल, गोपालगंज अंतर्गत वित्तीय वर्ष-2012-13 में दस उद्‌वह सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार कार्य में हुई अनियमितता के संबंध में कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई उड़नदस्ता प्रमंडल, पटना के पत्रांक-163 दिनांक-24.08.

9 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

2013 द्वारा जांचोपरांत प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें कन्डक्टर तार कार्य में गलत भुगतान, लक्षवार उद्‌वह सिंचाई योजना में व्यर्थ अनुपयोगी व्यय, एकरारित दर से अधिक दर पर सर्ज टैंक के लिए भुगतान आदि आरोप प्रतिवेदित किये गये जिसके लिये दोषी श्री पवन कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, गोपालगंज से पत्रांक-766(मो0), दिनांक-18.09.2013 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी । कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, सिवान के पत्रांक-602 दिनांक-01.10.2013 द्वारा समर्पित श्री कुमार के स्पष्टीकरण को विभागीय समीक्षा में संतोषजनक नहीं पाया गया । तदालोक में विभागीय पत्रांक-1953 दिनांक-03.06.2020 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध उक्त योजनाओं में कन्डक्टर तार कार्य में गलत भुगतान, लक्षवार उद्‌वह सिंचाई योजना में व्यर्थ अनुपयोगी व्यय, एकरारित दर से अधिक दर पर सर्ज टैंक के लिये भुगतान आदि आरोपों के लिये आरोप पत्र गठित करते हुए उनसे लिखित अभिकथन की मांग की गयी । श्री कुमार द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-14.10.2020 के माध्यम से अभिकथन समर्पित किया गया । श्री कुमार द्वारा समर्पित अभिकथन के सम्यक समीक्षोपरांत संकल्प संख्या-1519 दिनांक-06.04.2021 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी जिसके संचालन के लिये मुख्य अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, गोपालगंज को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया । संचालन पदाधिकारी-सह-मुख्य अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-1391 दिनांक-29.09. 2021 द्वारा समर्पित अधिगम में श्री कुमार के विरूद्ध अधिकांश आरोप प्रमाणित पाये गये । तदालोक में नियमानुसार अधिगम में प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-4400 दिनांक-22.11.2021 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा करते हुए लिखित अभ्यावेदन की मांग की गयी । कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, लखीसराय के पत्रांक-89 दिनांक-19.01.2022 द्वारा लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री कुमार द्वारा समर्पित लिखित अभ्यावेदन की विभागीय समीक्षा की गयी । समीक्षा में श्री कुमार के विरूद्ध कन्डक्टर वायर कार्य में 24,928/- रूपये के अनियमित भुगतान, सर्ज टैंक की मरम्मति हेतु सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के पूर्व ही वर्द्धित दर पर भुगतान करने एवं विपत्र की त्रुटि को दसवें विपत्र तक ठीक नही किये जाने संबंधी आरोप प्रमाणित पाये गये । उक्त प्रमाणित आरोप के लिये श्री पवन कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, गोपालगंज के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत निन्दन वर्ष 2012-13 एवं तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक की शास्ति अधिरोपित किये जाने का विनिश्चय किया गया । अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित की गयी उक्त शास्ति पर नियमानुसार बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से विभागीय पत्रांक-1858 दिनांक-12.04.2022 द्वारा परामर्श उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया । बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2410 दिनांक-26.09.2022 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विनिश्चित वृहद दंड तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक संंबंधी दंड प्रस्ताव पर आयोग द्वारा सहमति प्रदान की गई । उपर्युक्त के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0-5440 दिनांक-12.10.2022 द्वारा श्री पवन कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, गोपालगंज के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के आलोक में निम्नांकित शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की गयी । (1) निन्दन वर्ष-2012-13 (2) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि पर रोक उपर्युक्त संसूचित शास्ति के विरूद्ध श्री कुमार के पत्रांक-शून्य दिनांक-10.12.2022 द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया । उक्त अभ्यावेदन की समीक्षा में पाया गया कि श्री कुमार द्वारा ऐसा कोई नया तथ्य अंकित नहीं किया गया है, जिसके आधार पर विभाग द्वारा पूर्व मेें संसूचित शास्ति पर पुनर्विचार किये जाने की आवश्यकता हो । उक्त अभ्यावेदन में लगभग उन्हीं तथ्यों को दुहराया गया है जिसे श्री कुमार द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा में दिया गया था । साथ ही श्री कुमार द्वारा उक्त अभ्यावेदन बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-25 के तहत विनिर्धारित समय सीमा(45) दिन के अंदर समर्पित नहीं किये जा सकने के कारण पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए विभागीय अधिसूचना सं0-5440 दिनांक-12.10.2022 द्वारा संसूचित शास्ति निन्दन वर्ष 2012-13 एवं ''तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' को यथावत रखा जाता है। इसमेंं सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, अपर सचिव।

------ लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ------ प्रभार प्रतिवेदन 14 दिसम्बर 2023 सं0 8/नि01-102/2022-534--अधोहस्ताक्षरी मैं निर्मल कुमार, बि॰प्र॰से॰ सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी-1023/2023-सा0प्र0-22635 दिनांक-12.12.2023 के आलोक में भारतीय प्रषासनिक सेवा में संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्ति के फलस्वरूप आज दिनांक-13.12.2023 को पूर्वाह्‌न/अपराह्‌न में अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के पद का स्वतः प्रभार परित्याग किया।10 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 सामान्य प्रषासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/सी-1023/2023-सा0प्र0-22635 दिनांक-12.12.2023 द्रष्टव्य।

(निर्मल कुमार) भारमुक्त पदाधिकारी प्रतिहस्ताक्षरित (संजीव हंस) प्रधान सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना

------

प्रभार प्रतिवेदन

14 दिसम्बर 2023

सं0 8/नि01-102/2022-535--अधोहस्ताक्षरी मैं निर्मल कुमार, भा॰प्र॰से॰ सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी-1023/2023-सा0प्र0-22635 दिनांक-12.12.2023 के आलोक में भारतीय प्रषासनिक सेवा में संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्ति के फलस्वरूप आज दिनांक-13.12.2023 को पूर्वाह्‌न/अपराह्‌न में संयुक्त सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के पद का स्वतः पदभार ग्रहण किया। सामान्य प्रषासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/सी-1023/2023-सा0प्र0-22635 दिनांक-12.12.2023 द्रष्टव्य।

(निर्मल कुमार) भारग्राही पदाधिकारी प्रतिहस्ताक्षरित (संजीव हंस) प्रधान सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना सं0 04/STA-(विविध)-30/2016(खण्ड),परि0-9376-- मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-68 की उपधारा-(3)(c-a) के अन्तर्गत अधिसूचना संख्या-836, दिनांक-05.02.2018, अधिसूचना संख्या-709, दिनांक-23.01.2019, अधिसूचना संख्या-8961, दिनांक-31.12.2020, अधिसूचना संख्या-860, दिनांक-08.02.2021, अधिसूचना संख्या-5281, दिनांक-25.08.2021, अधिसूचना संख्या-6447, दिनांक-11.10.2021, अधिसूचना संख्या-1274, दिनांक-24.02.2022, अधिसूचना संख्या-1459, दिनांक-02.03.2022, अधिसूचना संख्या-376, दिनांक-20.01.2023, अधिसूचना संख्या-413, दिनांक-23.01.2023 एवं अधिसूचना संख्या-4547, दिनांक-14.06.2023 द्वारा अन्तर्क्षेत्रीय मार्गों को अधिसूचित किया गया है।

अधिसूचना संख्या-836, दिनांक-05.02.2018 की कंडिका-2 के आलोक में पूर्व में अधिसूचित अन्तर्क्षेत्रीय मार्गों के अतिरिक्त अनुलग्नक-क(xi) के रूप् में कुल 02 (दो) नये अन्तर्क्षेत्रीय मार्गों को अधिसूचित करते हुए सम्मिलित किया जाता है। साथ ही पूर्व में अधिसूचित मार्ग संख्या-432 एवं 4989 में सुधार किया जाता है। शेष यथावत रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।

गया, टेकारी, मकसुदपुर, निमसर, सादोपुर, कोटेश्वरनाथ मेन, घेजन, सरेया बाजार, गुलाबगंज बाजार, जहानाबाद, मसौढ़ी, मसौढ़ी, जहानाबाद, गुलाबगंज बाजार, सरेया बाजार, घेजन, कोटेश्वरनाथ मेन, सादोपुर, निमसर, मकसुदपुर, टेकारी, गया, 132 गया आर0टी0ए0
11 (cid:464)बहार गजट, 20 2023
बरसोई, सलमारी, सनौली, कुमहारी, कटिहार मोड़, पूर्णियां पूर्णियां, कटिहार मोड़, कुमहारी, सनौली, सलमारी, बरसोई, 62 पूर्णियॉ आर0 टी0 ए0 से प्राप्त
(c-a)
बोधगया से सिघेश्वर नाथ वाणावर टिकारी, मकसुदपुर, निमसर, साढ़ोपुर, कोटेश्वरनाथ मेन, पाईबिगहा, चावोबिगहा, कोरमथु, रामपुर, बेलागंज, श्रीपुर, पनारी सिघेश्वर नाथ वाणावर से बोधगया पनारी, श्रीपुर, बेलागंज, रामपुर, कोरमथु, चावोबिगहा, पाईबिगहा, कोटेश्वरनाथ मेन, साढ़ोपुर, निमसर, मकसुदपुर, टिकारी, 80 गया आर0टी0ए0
बोधगया से कोटेश्वर नाथ मेन चाकन्द, बेलागंज, बेलहाड़ी, भवनपुर, चढ़ता, कोयरीबिगहा, कोरमथु, मंझार, कोटेश्वरनाथ कोटेश्वर नाथ मेन से बोधगया कोटेश्वरनाथ, मंझार, कोरमथु, कोयरीबिगहा, चढ़ता, भवनपुर, बेलहाड़ी, बेलागंज, चाकन्द, 48 गया आर0टी0ए0

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।

-------

संसं0 II मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-165 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (गठन एवं सेवा शर्त्त) नियमावली, 2023 के अधीन राज्य में नवगठित सात दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणो के लिए अर्हता प्राप्त निम्नांकित सुयोग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष पद पर की जाती हैः-

1 श्री राजीव रंजन 19.09.1963
2 श्री बटेश्वर नाथ पाण्डेय 01.04.1963
3 श्री अशोक कुमार सिंह 01.04.1963
4 श्री विधु भूषण पाठक 06.01.1960
5 श्री विजय कुमार 15.07.1957
6 श्री अशोक कुमार गुप्ता 10.01.1963
7 श्री किशोर प्रसाद 04.07.1962

. अध्यक्ष, प्रमंडल मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, योगदान की तिथि से पाँच वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु तक, दोनों में से जो कम हो, के लिए अपना पद धारित करेंगे। विशेष परिस्थिति में राज्य सरकार इससे पूर्व भी संविदा समाप्त कर सकेगी। अध्यक्ष को, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत संकल्प संख्या 10000 दिनांक 10.07.2015 की कंडिका 6(i) प्रावधान के अनुसार वेतन भत्ते की राशि देय होगी।12 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 अध्यक्ष को अपने पद पर योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र समर्पित करना अपेक्षित होगा। राज्य सरकार के सामान्य अधीक्षण एवं पर्यवेक्षण के अंतर्गत नवगठित सभी सात दावा न्यायाधिकरणों के अध्यक्ष का वेतनादि परिवहन विभाग के मुख्य शीर्ष 2041- वाहन कर- 00-101- संग्रहण प्रभार 0002- मोटर वाहन पर नियंत्रण(विपत्र कोड- 47-2041001010002) से भुगतेय होगा। नियुक्त अध्यक्ष का पदस्थापन की अधिसूचना अलग से निर्गत की जायेगी। दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की स्थापना से संबंधित विषयों पर निर्णय लेने हेतु परिवहन विभाग प्रशासी विभाग होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उप-सचिव। (विषेष शाखा) सं॰ एल/एच॰जी॰-14-20/2023- महानिदेषक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निषाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-6346 दिनांक-19.09.2023 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री आमिर इसरार, वरीय जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, छपरा को बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 230 एवं 248(क) के तहत दिनांक-02.08.2023 से 31.08.2023 तक कुल 30 (तीस) दिनों का उपार्जित अवकाश की घटनोार स्वीकृति प्रदान की जाती है।

इस आदेश में प्रधान सचिव का अनुमोदन प्राप्त है। ————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 40—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

13 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

भाग-2

बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और

नियम आदि।

—————

II परिवहन विभाग की अधिसूचना सं0-9385, दिनांक-18.12.2023 की कंडिका-1 के क्रम सं0-7 में अंकित नाम के स्थान पर पढ़ा जाय। अधिसूचना की शेष कंडिका यथावत्‌ रहेगी। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, , उप-सचिव। ————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 40—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

14 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।

—————

सूचना

-------

सं0 1356--मैं रंजना (cid:7088)ीवास्तव, पति- दिवेश कु मार (cid:7088)ीवास्तव, पता- आरoके o पुरम मेरिडियन इंटरनेशनल स्कू ल थाना- दानापुर, जिला- पटना-801503, बिहार की स्थायी निवासी (cid:7264)ँ। संदर्भ शपथ पत्र संख्या-21355 दिनांक 31.10.2023 के माध्यम से घोषणा करती (cid:7264)ँ कि मैंने अपना नाम रंजना (cid:7088)ीवास्तव से बदलकर कु मारी रंजना कर लिया है। अतएव आज से एवं भविष्य में मैं 'कु मारी रंजना' के नाम से जानी जाऊं गी।

रंजना (cid:7088)ीवास्तव ।

-------

No. 1367--I Kalawati Kumari W/o Devanand Kumar R/ o vill-Tehta, P.O.-Tehta, P.S.- Makhdumpur, Distt.- Jehanabad Bihar 804427 do hereby solemnly affirm and declare as per aff.

No-2125 dt. 30-10-23 that my name is in my daughter Dipti Laxmi's secondary school examination session 2012-2014 Roll No-7126254 all documents written as Kalavati Kumari which is wrong as per Aadhar No-7491 0848 7332 my correct name is Kalawati Kumari from now I will be known as Kalawati Kumari for all future purposes.

Kalawati Kumari.

-------

सं0 1368--मैं षिवम उर्फ षिवम कुमार, पिता-सुनील कुमार सुमन, पता-302ए, सूर्य महालक्ष्मी अपार्टमेंट, सुर-सुधा लेन, ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड, बुद्धा कॉलोनी, पटना शपथ पत्र सं0-5163, दिनांक 24.11.2023 के द्वारा घोशणा करता हूं कि आज से मैं षिवम कुमार के नाम से जाना जाउंगा। यह है कि इस शपथ पत्र के आधार पर मेरा षिवम से षिवम कुमार दर्ज किया जाए।

षिवम उर्फ षिवम कुमार।

-------

No. 1369--I, Kamayani, D/O Mithilesh Kumar, R/O C-C 82 P.C Colony Kankarbagh Patna, Bihar 800020 do hereby Solemnly affirm and declare that I Have changed my name to Kamayani Rai, Affidavit No.-459/25.08.2023.

Kamayani.

15 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

No. 1370--I, Rakesh S/o Birendra Prasad, R/o-23, Pranta Enclave, Road No. 1, east Patel, P.S.-Shastri Nagar, Patna-23 (Bihar) do hereby solemnly affirm and declare that my daughter Supriti in her 10th, 12th all Certificate written her father name is wrong written as Rakesh Prasad, but her father correct name is Rakesh, Affidavit No. 5185//28.11.2023.

Rakesh.

-------

सं0 1373--मैं बिहारी धोबी पुत्र स्व.गुरूचरण रजक निवासी-पावरगंज गोरहना रोड, आरा, भोजपुर-802301. ने शपथ पत्र सं0 6393 दिनांक 02-11-2023 द्वारा अपना नाम बदलकर बिहारी रजक कर लिया है मैं भविष्य में सभी उद्देष्यों के लिए अपने नाम का उपयोग बिहारी रजक के रूप में करूंगा ।

बिहारी धोबी ।

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 40—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

16 (cid:464)बहार गजट, 20 2023

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

—————

सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-40/2019--10689 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- संकल्प 11 दिसम्बर 2023 श्री मनोज कुमार सिन्हा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, छपरा सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के विरूद्ध उनके मंडल कारा, छपरा में पदस्थापन के दौरान दिनांक 21.08.2019 को मंडल कारा, छपरा में संसीमित बंदी आनन्द शंकर का जन्मदिन मनाते एवं केक काटते हुए इन्स्टाग्राम पर वीडियो वायरल होने की घटना में बरती गई लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4879 दिनांक 20.07.2020 द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, सारण प्रमण्डल, छपरा को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

2. आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमण्डल, छपरा के पत्रांक 35/C, दिनांक-02.11.2021 के माध्यम से संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, सारण प्रमण्डल, छपरा द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, जिसमें श्री सिन्हा के विरूद्ध गठित कुल तीन (03) आरोपों में से आरोप संख्या-01 एवं आरोप संख्या-02 को अप्रमाणित तथा आरोप संख्या-03 को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 643 दिनांक 25.01.2022 द्वारा श्री सिन्हा को जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई। तद्‌आलोक में श्री सिन्हा द्वारा अपने पत्रांक 603 दिनांक 09.02.2022 के माध्यम से अपना द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया।

4. श्री मनोज कुमार सिन्हा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, छपरा सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन को सम्यक्‌ विश्लेषणोपरान्त अस्वीकृत करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2367 दिनांक-11.03.2022 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(v) के तहत श्री सिन्हा के विरूद्ध निम्नांकित लघु दण्ड अधिरोपित किया गया :-

''असंचयी प्रभाव से दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड।'' 5. श्री मनोज कुमार सिन्हा, अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी द्वारा पत्रांक-6074 दिनांक-13.10.2023 के माध्यम से उल्लिखित किया गया है कि विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2367 दिनांक-11.03.2022 द्वारा अधिरोपित दण्ड के विरूद्ध पुनर्विचार हेतु उन्होंने पत्रांक-1657 दिनांक-18.04.2022 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया था। श्री सिन्हा द्वारा उक्त पत्र के माध्यम से पुनः पत्रांक-1657 दिनांक-18.04.2022 द्वारा प्रेषित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की प्रति समर्पित करते हुए अधिरोपित दण्ड पर पुनर्विचार करते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।

6. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री मनोज कुमार सिन्हा द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दायर किया गया, जिसमें उनका कहना है कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-24 (2) के आलोक में वे अपने विरुद्ध अधिरोपित दंड पर पुनर्विचार हेतु आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। श्री सिन्हा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण में उठाये गये तथ्यों पर सही तरीके से विचार नहीं किया गया है। दंडादेष संकल्प में यह अंकित है कि उनकेे द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य प्रवेश द्वार से कारा में बिना रोक-टोक के मोबाईल का प्रवेश होने के संबंध में उनके द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कुछ भी नहीं कहा गया, यह सत्य नहीं है। उन्होंने17 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 विभिन्न चरणों में प्रत्येक स्तर पर अपने स्पष्टीकरण-सह-बचाव अभिकथन में अपने द्वारा की गई कार्रवाई का विस्तृत उल्लेख संबंधित साक्ष्य (कागजात) की छायाप्रति सहित किया है। इस संबंध में श्री सिन्हा का कहना है कि संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलावा संचालन पदाधिकारी द्वारा अंकित टिप्पणी को भी देखा जा सकता है कि आरोपित पदाधिकारी के द्वारा कारा के अन्दर किसी अवांछित घटनाओं को रोकने हेतु पूर्व से ही लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। जाँच प्रतिवेदन में अंकित उक्त टिप्पणियों के कारण ही उन्होंने इस बिन्दु पर पुनः कोई प्रतिवेदन अपने द्वितीय कारण पृच्छा के स्पष्टीकरण में नहीं दिया। इसी जाँच प्रतिवेदन में अंकित है कि साक्षियों एवं उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध किसी टिप्पणी से इन्कार किया गया है।

7. श्री सिन्हा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उन्होंने अपने द्वितीय कारण पृच्छा के स्पष्टीकरण में इन्ही बातों का उल्लेख करते हुए प्रतिवेदित किया है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा एक ओर तो उनकेे द्वारा किए गये प्रशासनिक कार्यों की सराहना की गई तथा प्रतिबंधित सामग्रियों का कारा में प्रवेश को रोकने के संबंध में उनके प्रयास को यथेष्ट माना गया, वहीं दूसरी ओर बिना किसी साक्ष्य/गवाह के ही वीडियो वायरल होने की घटना के आधार पर अपने परिकल्पना द्वारा उनकी प्रशासनिक चूक मानने की अनुशंसा की है। उन्होंने इस घटना (वीडियो वायरल होने) का संज्ञान मिलते ही अपने प्रशासनिक दायित्व का निर्वहन करते हुए घटना की जाँच की और प्रथम –ष्टया दोषी पाये जाने पर कक्षपाल संवर्ग के चार कर्मियों-श्री राजकिशोर पासवान, श्री सुनील कुमार, श्री अमरजीत कुमार एवं उच्च कक्षपाल, श्री कमलेश कुमार प्रसाद को निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई हेतु विभाग को प्रेषित किया गया, जिसमें तीन कक्षपाल संवर्ग के कर्मियों को दण्डित किया गया तथा उपाधीक्षक, श्री अजय कुमार को भी विभाग द्वारा तीन वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड अधिरोपित किया गया है। इस प्रकार विभाग द्वारा उपरोक्त कर्मियों को लापरवाही/कर्त्तव्यहीनता बरतने के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई के उपरान्त उन्हें दण्डित किया जा चुका है।

8. श्री सिन्हा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि वस्तुतः बिहार कारा हस्तक में नियम संख्या 800 (i) में स्पष्ट उल्लेख है कि उपाधीक्षक (प्रशासन एवं सुरक्षा) कारा की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होंगे तथा कारा की सुरक्षा पर अपना सामान्य दैनिक प्रतिवेदन अधीक्षक को देंगे। वह बंदियों/कारा कर्मचारियों के अवैध क्रियाकलापों से संबंधित आसूचना के संग्रहण के लिए भी उत्तरदायी होंगे। बिहार कारा हस्तक के नियम-800 (ii) के अनुसार उपाधीक्षक मुख्य द्वार का पर्यवेक्षण कर कारा के अन्दर किसी निषिद्ध/प्रतिबंधित वस्तु का प्रवेश निषेध तथा कारा की सुरक्षा को संकटापन्न कर सकने वाले किसी वस्तु या क्रियाकलाप का निष्क्रिय होना सुनिश्चित करेंगे। वे किसी बंदी, कारा कर्मचारी या आगंतुक को कारा के भीतर मोबाईल फोन ले जाना वर्जित करेंगे। मुख्य द्वार पर सभी मोबाईल फोन जब्त होंगे एवं इसके लिए उचित रसीद दिए जाएंगे। बिहार कारा हस्तक में नियम संख्या 800 (iii) के अनुसार उपाधीक्षक (प्रशासन एवं सुरक्षा) प्रतिदिन कक्ष/प्रकोष्ठ एवं कारा परिसर के अन्य क्षेत्रों का विस्तृत जाँच-पड़ताल करना सुनिश्चित करेंगे।

9. श्री सिन्हा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उन्होंने अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में कोई शिथिलता नहीं बरती है। संचालन पदाधिकारी की टिप्पणी कि, इसे काराधीक्षक की प्रशासनिक चूक माना जा सकता है, वर्णित स्थिति में आरोपी पदाधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोप उक्त हद तक सही प्रतीत होते हैं, को विभाग द्वारा गलत रूप देकर विवेचना में आरोप को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया और इसके आधार पर ही उन्हें दण्डित कर दिया गया। श्री सिन्हा द्वारा इस मामले में पुनर्विचार करते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।

10. श्री मनोज कुमार सिन्हा के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। श्री सिन्हा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उनके द्वारा कर्त्तव्यों के निर्वहन में कोई शिथिलता नहीं बरती गई है, जबकि कारा के मुख्य प्रवेश द्वार से न सिर्फ केक को कारा के अन्दर लाया गया, अपितु बंदियों द्वारा पार्टी मनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया। जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक के जाँच प्रतिवेदन के अनुसार प्रतिबंधित सामाग्री (केक) कारा के मुख्य द्वार से कारा के अंदर प्रवेश कराया गया, जिसमें बंदियों एवं कारा कर्मियों की मिलीभगत थी। कारा के मुख्य प्रवेश द्वार से केक एवं कारा में बिना रोक-टोक मोबाईल का प्रवेश होने के आरोप के संबंध में श्री सिन्हा द्वारा अधीनस्थ कर्मियों को जिम्मेवार बताया गया है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि इस घटना में दोषी पाये गये उपाधीक्षक एवं कक्षपाल संवर्ग के कारा कर्मियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें दण्डित किया गया है। श्री सिन्हा मुख्यतः अधीनस्थ कर्मियों पर सम्यक्‌ पर्यवेक्षण एवं प्रशासनिक नियंत्रण में विफलता के लिए दोषी पाये गये हैं। इससे श्री सिन्हा का अधीनस्थ कारा कर्मियों पर नियंत्रण का अभाव एवं प्रशासनिक चूक स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।

श्री सिन्हा द्वारा इस घटना के लिए अपने अधीनस्थ कर्मियों को जिम्मेवार ठहराया गया है, जबकि बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-796 (i), (ii) में निहित प्रावधान के अनुसार काराधीक्षक के रूप में कारा के नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी होने के नाते उनकी यह जवाबदेही है कि वे अपने अधीनस्थ सभी कर्मियों के सम्यक्‌ कर्तव्य निर्वहन का सतत्‌ पर्यवेक्षण करते रहे, किन्तु उन्होंने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती है, जिस कारण कारा के अंदर बंदियों द्वारा जन्मदिन उत्सव का आयोजन किया गया, अवैध रूप से कारा के अंदर केक मंगाकर काटा गया एवं मोबाईल के माध्यम से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया। कारा जैसे संवेदनशील स्थल पर इस तरह की घटना का होना श्री सिन्हा की कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं प्रषासनिक विफलता का द्योतक है। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी आरोप के इस अंश को प्रमाणित पाया गया है।

11. उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री मनोज कुमार सिन्हा द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं शिथिलता बरती गई है। परिणामस्वरूप दिनांक 21.08.2019 को मंडल कारा, छपरा में अवैध रूप से कारा के अंदर केक मंगाकर काटा गया एवं बंदियों द्वारा पार्टी मनाया गया तथा बंदियों द्वारा मोबाईल के माध्यम से इसका वीडियो बनाकर18 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया, जो श्री सिन्हा का अपने अधीनस्थ कर्मियों एवं काराधीन बंदियों पर नियंत्रण का अभाव तथा कर्त्तव्यहीनता को परिलक्षित करता है। इसके लिए विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिन्हा को ''असंचयी प्रभाव से दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड'' अधिरोपित किया गया है।

12. श्री मनोज कुमार सिन्हा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, छपरा सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के ं दिया गया दण्ड न्यायोचित है विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत समेकित रूप से उन्हे एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)। श्री राजवर्द्धन गुप्ता, तत्कालीन अंचल अधिकारी, हिलसा, नालन्दा सम्प्रति निलंबित को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावादल द्वारा दिनांक-21.04.2016 को रु0 10,000/-(दस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायाधीश, निगरानी-1, पटना के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से श्री गुप्ता को न्यायिक हिरासत में आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना भेजा गया। आरोपी के विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-044/2016, दिनांक-21.04.2016 दर्ज किया गया, जिसकी सूचना पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-806/अप0शा0, दिनांक-27.04.2016 से विभाग को प्राप्त हुआ। तदोपरान्त विभागीय संकल्प सं0-582(नि0को0), दिनांक-26.05.2016 द्वारा श्री गुप्ता को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 की कंडिका-1 की उप कंडिका-'क' एवं 'ग' तथा कंडिका-2 की उप कंडिका 'क' में अन्तर्निहित प्रावधानों के आलोक में गिरफ्तार किये जाने की तिथि-21.04.2016 के प्रभाव से निलम्बित किया गया तथा न्यायिक हिरासत से जमानत पर रिहा होने के उपरान्त निलंबन अवधि के लिए इनका मुख्यालय - प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया निर्धारित किया गया। पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना का पत्रांक-878/अप0शा0, दिनांक-05.05.2016 से अभियोजन स्वीकृति हेतु किये गये अनुरोध के आलोक में विभागीय पत्रांक-581(नि0को0), दिनांक- 26.05.2016 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई।

2. आयुक्त के सचिव, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-948/स्था0, दिनांक-27.07.2016 द्वारा उक्त निगरानी थाना कांड के अधीन प्राथमिकी दर्ज होने एवं न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के निमित्त विहित प्रपत्र में आरोप पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक-2035/स्था0, दिनांक-18.10.2016 द्वारा श्री गुप्ता के जमानत पर रिहा होकर दिनांक-14.07.2016 को आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया में योगदान दिये जाने की सूचना दी गयी। आरोप पत्र में अंकित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-2138(नि0को0), दिनांक-16.12.2016 द्वारा आरोपी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। आरोपी द्वारा अपना स्पष्टीकरण दिनांक-30.12.2016 विभाग में समर्पित किया गया। 3. आरोपी से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त विभाग स्तर पर गठित आरोप पत्र में अंकित आरोपों की सम्यक्‌ जाँच हेतु अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प सं0-436(नि0को0), दिनांक-16.05.2017 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस विभागीय कार्यवाही में अपर समाहर्त्ता, नालन्दा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

4. अपर समाहर्त्ता-सह-संचालन पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-6519/रा0, दिनांक- 31.12.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालनोपरान्त जाँच प्रतिवेदन मंतव्य सहित विभाग को उपलब्ध कराया। जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा अपना मंतव्य अंकित किया गया कि आरोपी पदाधिकारी श्री गुप्ता पर लगाये गये आरोप के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई में कोई तथ्य एवं साक्ष्य उपस्थापित करने में असफल रहे है। केवल विभागीय कार्रवाई को विलंबित करने हेतु सभी तथ्य से अवगत कराये जाने के बावजूद भी केवल न्यायादेशों एवं कागजातों की मांग करते रहें। इस प्रकार आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध गठित आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित सिद्ध होता है।

5. जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के आलोक में विभागीय पत्रांक-540(15), दिनांक- 20.03.2023 एवं संशोधित पत्रांक-706(15), दिनांक-19.04.2023 से द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन की मांग आरोपी से की गयी। आरोपी द्वारा अपना द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन दिनांक-10.04.2023 को विभाग में समर्पित किया गया है, जिसमें अपने ऊपर लगाये गये आरोपों नकारते हुए पुनः स्थापित प्रक्रियाओं के विरूद्ध साक्ष्य, प्रमाण, प्रक्रिया आदि की अनावश्यक मांग की गयी। 6. श्री गुप्ता के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध प्रक्रियाओं के पालन करने के पश्चात संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध गठित किए गए आरोप बिल्कुल प्रमाणित है। आरोपी पदाधिकारी द्वारा वास्तव में जान बूझकर नाजायज राशि वसूली हेतु प्रयास किया गया है। सूचना मिलने पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा मामले की सत्यापन के पश्चात आरोपी पदाधिकारी को गठित धावा दल द्वारा रंगे हाथ राशि लेते पकड़ा गया है।19 (cid:464)बहार गजट, 20 2023 निगरानी/धावा दल द्वारा प्रक्रिया पूर्ण कर आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पदाधिकारी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

7. श्री गुप्ता के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा/अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी के स्तर से द्वितीय कारण पृच्छा के एवज में मांगे गये अन्यान्य साक्ष्य दस्तावेज बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम के अधीन नहीं है। संचालन पदाधिकारी द्वारा अपनायी गई प्रक्रिया पूर्ण है तथा आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप पत्र में अंकित सभी आरोपों को सही माना गया है। आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध विशिष्ठ आरोप यथा-रु0 10,000/- (दस हजार रूपये मात्र) रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के आरोप प्रमाणित है। यह भी प्रमाणित है कि आरोपी पदाधिकारी स्तर से अपनायी गई चूक बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3(i) का घोर उल्लंघन है। स्पष्टतः आरोपी का द्वितीय कारण पृच्छा/अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है।

8. सम्यक्‌ विचारोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध , जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी, का दण्ड विनिश्चित किया गया। 9. श्री राजवर्द्धन गुप्ता, तत्कालीन अंचल अधिकारी, हिलसा, नालन्दा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय- आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड '' , जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'' संबंधी संलेख विभागीय ज्ञापांक-1995(15), दिनांक-09.11.2023 द्वारा मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति हेतु भेजा गया। मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक-05.12.2023 को सम्पन्न बैठक में मद सं0-10 के रूप में इसे सम्मिलित करते हुए उक्त संलेख में निहित दण्ड प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी।

10. उक्त स्वीकृति के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (xi) के प्रावधानों के तहत श्री राजवर्द्धन गुप्ता, तत्कालीन अंचल अधिकारी, हिलसा, नालन्दा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय- आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया को , का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। 1. नाम ः- श्री राजवर्द्धन गुप्ता,

2. पिता का नाम ः- श्री जनार्दन प्रसाद गुप्ता, 2. पदनाम ः- तत्कालीन अंचल अधिकारी, हिलसा, नालन्दा सम्प्रति निलंबित

मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया।

3. जन्म तिथि ः- 13.01.1983 4. सेवानिवृति की तिथि ः- 31.01.2043

5. स्थाई पता ः- लोदी कटरा, नजदीक गुलाम पीर की मस्जिद, पो0-झाउगंज, थाना-खाजेकल्ला, पटना सिटी, पटना-800008 बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

निदेशक, भू-अर्जन-सह-विशेष सचिव। ————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 40—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 20 December 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2023-12-20.51/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2023-12-20.51.