असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
7 पौष 1945 (श0)
(सं0 पटना 1035) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 28 (cid:464)दस(cid:224)बर 2023
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श्रीमती श्वेता मिश्रा, बि0प्र0से0, को0क्र0-596/2023 (756/2019) तत्कालीन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, कैमूर के विरूद्ध राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित शेल्टर होम में अनियमितता से संबंधित सी0बी0आई0 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3630 दिनांक 23.09.2020 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया। आरोप पत्र में श्रीमती मिश्रा के विरूद्ध अल्पावास गृह, कैमूर का पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण नहीं करने, अपने पदेन दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने तथा वस्तुस्थिति की गंभीरता का आकलन अक्षमता संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।
शेल्टर होम में अनियमितता से संबंधित सी0बी0आई0 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु राज्य स्तर पर गठित वरीय पदाधिकारियों की त्रिसदस्यीय समिति की दिनांक 01.04.2022 को सम्पन्न बैठक में श्रीमती मिश्रा के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने की अनुशंसा की गयी। त्रिसदस्यीय समिति से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 6667 दिनांक 04.05.2022 द्वारा श्रीमती मिश्रा से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्रीमती मिश्रा द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक-शून्य दिनांक-24.11.2022) विभाग को उपलब्ध कराया गया, जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है किः-
(क) उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सी0बी0आई0 के प्रतिवेदन के आधार पर तैयार किया गया है, जिसकी जाँच में उन्हें शामिल होने हेतु कोई नोटिस निर्गत नहीं किया गया, एकपक्षीय प्रतिवेदन है, जो नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 श्रीमती मिश्रा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 322 दिनांक 04.01.2023 द्वारा समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1966 दिनांक 12.04.2023 द्वारा श्रीमती मिश्रा के स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया। प्राप्त मंतव्य में ''श्रीमती मिश्रा द्वारा अपने पदेन दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, ग्राम स्वराज सेवा संस्थान द्वारा संचालित अल्पावास गृह कैमूर का नियमित पर्यवेक्षण/निरीक्षण नहीं करने, अल्पावास गृह में प्रवास कर रही संवासिनों के मामले में नियमित समीक्षा नहीं करने तथा आरोप पत्र में गठित आरोपों पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिये जाने आदि का जिक्र करते हुए आरोपों को प्रमाणित माना गया है तथा उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया है।
श्रीमती मिश्रा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, समर्पित स्पष्टीकरण एवं समाज कल्याण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्रीमती मिश्रा द्वारा अपने पदस्थापनकाल में अल्पावास गृह का निरीक्षण नहीं किया गया। उन्हें मासिक/त्रैमासिक निरीक्षण पर्यवेक्षण प्रतिवेदन वरीय पदाधिकारियों को समर्पित किया जाना चाहिए था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। निरीक्षण के अभाव के कारण अल्पावास गृह में व्याप्त त्रुटियों का निराकरण संभव नहीं हो पाया। श्रीमती मिश्रा का यह कृत्य सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक है।
वर्णित तथ्यों के आलोक में श्रीमती मिश्रा के स्पष्टीकरण को अस्वीकृत करते हुए अल्पावास गृह के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में बरती गई लापरवाही के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 19 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9746 दिनांक 25.05.2023 द्वारा (i) निन्दन (आरोप वर्ष-2015-16) एवं (ii) 02 (दो)े वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।
उक्त अधिरोपित दंड पर पुनर्विचार करने हेतु श्रीमती मिश्रा द्वारा पुनर्विचार/पुनर्विलोकन अभ्यावेदन (दिनांक 10.11.2023) समर्पित किया गया। नियमानुसार संसूचित दंडादेश के विरूद्ध 45 दिनों के अन्दर पुनर्विचार/पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया जाना है, परन्तु श्रीमती मिश्रा द्वारा लगभग पाँच माह बाद दंडादेश के विरूद्ध पुनर्विचार/पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया है, जो कालबाधित हो चुका है।
अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्रीमती श्वेता मिश्रा, बि0प्र0से0, को0क्र0-596/2023 (756/2019) तत्कालीन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, कैमूर सम्प्रति उप समाहर्त्ता भूमि सुधार, सदर आरा से प्राप्त पुनर्विचार/ पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,