(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
7 पौष 1945 (श0)
(सं0 पटना 1036) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 28 (cid:464)दस(cid:224)बर 2023 सं॰ पर्य॰वि॰(स्था॰)- 31/2014 खण्ड-II- 2825/प॰ वि॰ ———
विषय :- राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु आधारभूत संरचनागत, समग्र समावेषी विकास एवं निवेष को प्रोत्साहन देने हेतु बिहार पर्यटन नीति 2023 के अनुमोदन के संबंध में। पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक रमणीक स्थलों की बहुलता बिहार प्रदेष को वैष्विक पर्यटन के मानचित्र पर एक विषिष्ट स्थान प्रदान करता है। इन स्थलों का महत्व बिहार में पर्यटन के विकास की असीम संभावनाओं को परिलक्षित करता है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पर्यटन प्रक्षेत्र का विकास आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी प्रभावित करता है। विष्व के कई देषों यथा श्रीलंका, मलेषिया, थाईलैंड, मालदीव इत्यादि तथा देष के कई राज्यों यथा जम्मू कष्मीर, गोवा, सिक्किम, राजस्थान इत्यादि की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार पर्यटन प्रक्षेत्र है।
इस समय उद्योग विभाग द्वारा संचालित बिहार औद्योगिक निवेष प्रोत्साहन नीति 2016 के तहत पर्यटन प्रक्षेत्र को उद्योग का दर्जा प्राप्त है। इस नीति के प्रावधानों के अनुसार ही पर्यटन प्रक्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है, जो कि पर्यटन के वर्तमान स्वरूप के सर्वांगीण विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। इन तथ्यों के मद्देनजर बिहार में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए राज्य में एक प्रभावी एवं समावेषी पर्यटन नीति की आवष्यकता महसूस की जा रही है। 2. उद्देष्यः-
बिहार पर्यटन नीति 2023 के उद्देष्य निम्नलिखित है :- (i) विष्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण, (ii) पर्यटकीय उत्पादों एवं अवसंरचनाओं का निर्माण, (iii) कौषल प्रषिक्षण के माध्यम से प्रतिभाषाली कार्यबल का विकास, (iv) पर्यटक सुरक्षा एवं उत्कृष्ट सुविधा हेतु उच्चतम मानक पर जोर देना (v) पर्यटन केन्द्रित सर्वोत्तम श्रेणी की प्रौद्योगिकी को लागू करना है।
इस नीति के फलस्वरूप पर्यटन प्रक्षेत्र में आषातीत वृद्धि होगी, जिससे राज्य में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेगी साथ ही रोजगार एवं व्यापार की संभावनाएँ भी सृजित होगी।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 3. इस पर्यटन नीति के अन्तर्गत पर्यटन प्रक्षेत्र से जुड़े लाभुकों एवं निवेषकों को विाीय/गैर-विाीय प्रोत्साहन प्रदान किया जायेगा, जो अध्याय-07 में दिये गये हैं। इसके कुछ मुख्य प्रावधान निम्नलिखित है :- 3.1(i) पूंजीगत सब्सिडी :-
(क) 10 करोड़ तक के निवेष में 30% सब्सिडी, अधिकतम सीमा-03 करोड़। (ख) 50 करोड़ तक के निवेष में 25% सब्सिडी, अधिकतम सीमा 10 करोड़। (ग) 50 करोड़ से ऊपर के निवेष में 25% सब्सिडी, अधिकतम सीमा 25 करोड़। (घ) सब्सिडी की प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने पर 50 प्रतिषत, वाणिज्यिक संचालन के 02 वर्ष पूरा होने पर 25 प्रतिषत तथा वाणिज्यिक संचालन के 05 वर्ष पूरा होने पर 25 प्रतिषत के रूप में की जायेगी।
या
(ii) ब्याज अनुदान :- सावधि ऋण पर वास्तविक ब्याज दर या 10% तक की ब्याज दर, जो न्यूनतम हो, वाणिज्यिक परिचालन तिथि से प्रत्येक वर्ष अधिकतम 05 वर्षो की अवधि तक ब्याज अनुदान हेतु अनुमान्य होगी। इसकी अधिकतम सीमा पूंजीगत सब्सिडी हेतु निर्धारित अधिकतम सब्सिडी सीमा के समान होगी। श् पूंजीगत सब्सिडी या ब्याज अनुदान के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों में से निवेषक किसी एक लाभ के लिए ही आवेदन कर सकेंगे।
3.2 अतिरिक्त सब्सिडी ः- सभी परियोजना श्रेणियों के लिए पूंजीगत सब्सिडी या ब्याज अनुदान की निर्धारित अधिकतम सीमा से 05% अतिरिक्त सब्सिडी निम्नलिखित दो मामलों में प्रदान की जायेगीः- (i) राज्य के महत्वपूर्ण एवं प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थलों पर परियोजनाएँ- गया, बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैषाली और वाल्मिकी टाईगर रिजर्व पर कार्यान्वित परियोजनाएँ। (ii) कमजोर वर्ग /महिला वर्ग के उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन- यदि नई पर्यटन परियोजना अनुसूचित जाति एवं जनजाति/अत्यंत पिछड़ा वर्ग/पिछड़ा वर्ग/दिव्यांगजन/ युद्ध विधवाओं/एसिड अटैक पीड़ित/तृतीय लिंग उद्यमी/महिला उद्यमियों (न्यूनतम 51% हिस्सेदारी) के स्वामित्व की हो।
उपरोक्त श्रेणियों में से केवल एक श्रेणी के अन्तर्गत ही अतिरिक्त छूट प्रदान की जायेगी, जो सब्सिडी की अधिकतम सीमा को ध्यान में रखते हुए अधिकतम सब्सिडी राषि के आधार पर निर्धारित की जायेगी। 3.3 अन्य विाीय प्रोत्साहन :-
(i) भूमि रूपांतरण शुल्क- 100% प्रतिपूर्ति। (ii) भूमि के पट्टे/बिक्री/हस्तांतरण में स्टाम्प शुल्क तथा पंजीकरण शुल्क- एक मुष्त 100% प्रतिपूर्ति।
(iii) एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति- वाणिज्यिक संचालन की तारीख से 05 वर्षों तक 80% एसजीएसटी प्रतिपूर्ति। इसकी अधिकतम सीमा स्वीकृत परियोजना लागत की 100% होगी। (iv) विद्युत शुल्क प्रतिपूर्ति- नई पर्यटन इकाईयों को 05 वर्षाें के लिए 100% प्रतिपूर्ति। (v) सूचीबद्ध होटल, रिसॉर्ट, टूर ऑपरेटर को पर्यटक गाईडों को रोजगार प्रदान करने हेतु प्रतिपूर्ति- पर्यटन विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त गाईडों को भुगतान किये जाने वाले मासिक पारिश्रमिक का 5% प्रतिपूर्ति। (अधिकतम मासिक प्रतिपूर्ति सीमा- 5,000/- रूपये प्रति गाईड दो वर्षोें तक)
(vi) हरित ( GREEN) प्रमाणीकरण- किसी अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त एजेंसी से हरित प्रमाणीकरण प्राप्त करने हेतु प्रमाणन शुल्क का 50% प्रतिपूर्ति (अधिकतम सीमा- 10.00 लाख रूपये)
(vii) MICE प्रोत्साहन- बैठकों, प्रर्दषनियों, सम्मेलनों एवं कार्यक्रमों के आयोजन पर लागत का 50% जीएसटी प्रतिपूर्ति।
3.4 सूचीबद्ध टूर ऑपरेटर्स के लिए प्रोत्साहन :-
बिहार में स्थापित कार्यालय पर ब्याज सब्सिडी- रिर्जव बैंक द्वारा अनुमोदित किसी वाणिज्यिक बैंक से प्राप्त किये गये ऋण के ब्याज पर सब्सिडी प्रदान की जायेगी। इस सब्सिडी की अधिकतम राषि ऋण अवधि के पहले वर्ष में भुगतान किये कुल ब्याज का 50% होगी (अधिकतम सीमा 10.00 लाख रूपये), इत्यादि।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 3.5 गैर-विाीय प्रोत्साहन :-
(i) निवेषकों की सुविधा- निवेषकों को परियोजना प्रबंधन इकाई के साथ सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा प्रदान की जायेगी।
(ii) मानकीकरण, रेटिंग एवं प्रमाणन- पर्यटन विभाग द्वारा सेवा प्रदाताओं के लिए इस संंबंध में दिषा-निर्देष एवं मानदण्ड विकसित और प्रकाषित किया जायेगा।
(iii) वार्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार- पर्यटन विभाग द्वारा राज्य में उद्योग भागीदारों के प्रयासों को मान्यता प्रदान करने हेतु विभिन्न श्रेणियों में वार्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। 4. यह नीति स्वीकृति अवधि से प्रारंभिक पाँच वर्षों या किसी अन्य सरकारी अधिसूचना से प्रतिस्थापित नहीं की जाए, तक प्रभावी होगी।
5. कार्यान्वयन की प्रक्रिया :- इस नीति के तहत प्राप्त प्रस्तावों पर बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 और उसके किसी भी संशोधन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नीति के अनुसार प्रस्ताव एसआईपीबी से मंजूरी के अधीन होगा और अनुमोदित परियोजना लागत के आधार पर संवितरण हेतु अंतिम अनुमोदन के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा जाएगा।
6. विाीय प्रोत्साहनों का निर्णय लेने हेतु सक्षम प्राधिकार-
(i) 05 करोड़ तक के निवेष प्रस्ताव पर अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, पर्यटन विभाग। (ii) 05 करोड़ से अधिक और 15 करोड़ की सीमा तक के निवेष प्रस्ताव पर मंत्री, पर्यटन विभाग। (iii) 15 करोड़ से अधिक और 30 करोड़ की सीमा तक के निवेष प्रस्ताव पर मंत्री, पर्यटन विभाग एवं मंत्री, विा विभाग संयुक्त रूप से।
(iv) 30 करोड़ से ऊपर के निवेष प्रस्ताव पर राज्य सरकार (मंत्रिपरिषद्)।
7. इस पर्यटन नीति के अन्तर्गत वित्तीय/गैर वित्तीय प्रोत्साह्न हेतु चयनित परियोजनाओं को बिहार औद्योगिक निवेष प्रोत्साह्न नीति, 2016 अथवा राज्य सरकार की किसी अन्य नीति/योजना के तहत् वित्तीय/गैर वित्तीय प्रोत्साह्न अनुमान्य नहीं होगा।
8. इस नीति के किसी भी खंड की व्याख्या के संबंध में पर्यटन विभाग, बिहार का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
9. इस नीति के अनुवादित संस्करण के अर्थ और व्याख्या में किसी भी विसंगति के मामले में, अंग्रेजी भाषा संस्करण सभी मामलों में बाध्यकारी और मान्य होगा।
10. इस नीति के तहत लाभ प्राप्त करने वाले आवेदक इस नीति और पर्यटन विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी अन्य लागू नीतियों के लिए समय-समय पर जारी शर्तों, प्रक्रियाओं, निर्देशों, स्पष्टीकरण या संशोधन के अधीन होंगे।
11. पर्यटन विभाग, बिहार, उपयुक्त पर्यटन इकाइयों को सब्सिडी/प्रोत्साहन की मंजूरी/वितरण से संबंधित मामले की समीक्षा करने का अधिकार सुरक्षित रखता है और इस संबंध में अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
12. पर्यटन विभाग, बिहार के पास आवश्यकता पड़ने पर इस नीति के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक नियम/दिशानिर्देश बनाने/संशोधन करने का अधिकार सुरक्षित होगा।
13. बिहार पर्यटन नीति 2023 की प्रति अनुलग्नक-01 के रूप में संलग्न है। 14. उक्त प्रस्ताव पर दिनांक- 26.12.2023 को मद संख्या- 26 पर मंत्रिपरिषद् का अनुमोदन प्राप्त है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित कर इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023अनुलग्नक-01
5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 7 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 8 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 9 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 10 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 11 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 12 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 13 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 14 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 15 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 16 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 17 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 18 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 19 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 20 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 21 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 22 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 23 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 24 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 25 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 26 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 27 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 28 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 29 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 30 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 31 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023 32 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 (cid:465)दस(cid:224)बर 2023————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट (असाधारण)1036-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in