(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
14 पौष 1945 (श0)
(सं0 पटना 16) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 4 जनवर(cid:547) 2024
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श्री दीवान जाफर हुसैन खाँ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 651/11, तत्कालीन उप समार्हाा नजारत, भागलपुर के विरूद्ध सी0बी0आई0, नई दिल्ली के पत्रांक 8089/RC-2172017A0011/ACU-V/CBI/New Delhi दिनांक 22.11.2019 द्वारा सृजन मामले में जाँच प्रतिवेदन समर्पित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। ''श्री खाँ के समक्ष श्री अमरेन्द्र कुमार, सहायक द्वारा जिला पदाधिकारी, भागलपुर के आदेष संख्या 943 दिनांक 23.09.2014 का हवाला देते हुए दिनांक 26.09.2014 को जिला पदाधिकारी के नाम से इंडियन बैंक, पटल बाबू रोड, भागलपुर में नये खाता खुलवाने का प्रस्ताव नोटषीट में उपस्थापित किया गया। पंजाब नेषनल बैंक, भागलपुर एवं ओ0बी0सी0 बैंक, भागलपुर में पूर्व से चल रहे मुख्यमंत्री नगर विकास योजना से संबंधित सरकारी खाते को बंद करने एवं इसके स्थान पर इंडियन बैंक, भागलपुर में खाता खुलवाने के उपस्थापित प्रस्ताव को श्री खाँ द्वारा अनुषंसित किया गया।
श्री खाँ द्वारा जिला पदाधिकारी, भागलपुर के आदेष संख्या 943 दिनांक 23.09.2014 को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए था तथा उसके बाद अग्रसारित प्रस्ताव को अनुषंसित करना चाहिए था, क्योंकि जिला पदाधिकारी, भागलपुर के आदेश संख्या 943 दिनांक 23.09.2014 में नये खाता खुलवाने तथा मौजूदा खाता बन्द करने का कोई उल्लेख नहीं था। श्री खाँ को यह भी जाँच करना चाहिए था कि नया खाता खुलवाने की क्या जरूरत है।
इंडियन बैंक, भागलपुर में खाता खुलवाने के बाद जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा ओरिएण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स, भागलपुर के सरकारी खाता के चेक संख्या 929602 द्वारा रू0 12,20,15,075/-(बारह करोड़ बीस लाख पंद्रह हजार पचहार रूपये) एवं पंजाब नेशनल बैंक के चेक संख्या 744088 द्वारा रू0 9,75,63,047/-(नौ करोड़ पचहार लाख तिरसठ हजार सैतालिस रूपये) मैनेजर इंडियन बैंक के पक्ष में निर्गत किया गया, जबकि यह खाता जिला पदाधिकारी, भागलपुर के नाम से था एवं जिला पदाधिकारी के नाम से चेक जारी होना चाहिए था। उक्त चेक निर्गत करने के प्रस्ताव को श्री दीवान जाफर हुसैन खाँ, तत्कालीन उप समार्हाा नजारत, भागलपुर द्वारा बिना आपाि किये अनुशंसित किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा उक्त चेक के पीछे के पृष्ठ पर भी अपना हस्ताक्षर किया गया। उक्त2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 4 जनवर(cid:547) 2024 हस्ताक्षर के उपर 'Please credit to A/c No. 822726685 of SMVSSL' अंकित कर यह सरकारी राशि अवैध तरीके से सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड, भागलपुर के खाते में जमा किया गया।
इससे स्पष्ट है कि उक्त चेक निर्गत करने से संबंधित उपस्थापित दिनांक 27.09.2014 का प्रस्ताव एवं चेक त्रुटिपूर्ण रहने के बावजूद श्री खाँ द्वारा अनुशंसित किया गया। परिणामतः उक्त सरकारी राशि रू0 12,20,15,075/-(बारह करोड़ बीस लाख पंद्रह हजार पचहार रूपये) एवं रू0 9,75,63,047/-(नौ करोड़ पचहार लाख तिरसठ हजार सैतालिस रूपये) जिला पदाधिकारी, भागलपुर के खाते में जमा नहीं होकर सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड, भागलपुर के खाते में बैंक द्वारा जमा कर दिया गया।''
श्री खाँ के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त संकल्प ज्ञापांक 8781 दिनांक 24.09.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें मुख्य जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया।
संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 168 दिनांक 09.03.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री खाँ के विरूद्ध आरोप संख्या-01 एवं 02 को छोड़कर सभी आरोप प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
विभागीय पत्रांक 7868 दिनांक 24.05.2022 द्वारा प्रमाणित आरोपों के लिए श्री खाँ से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री खाँ के पत्रांक 2338 दिनांक 25.05.2022 द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री खाँ द्वारा अपने बचाव अभ्यावेदन में अपने उपर लगाये गये आरोपों से इंकार किया गया है।
श्री खाँ के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं बचाव अभ्यावेदन की सम्यक समीक्षा की गयी :-
1. इंडियन बैंक, भागलपुर में खाता खुलवाने के बाद जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा ओरिएण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स, भागलपुर के सरकारी खाता के चेक संख्या 929602 द्वारा रू0 12,20,15,075/-(बारह करोड़ बीस लाख पंद्रह हजार पचहार रूपये) एवं पंजाब नेषनल बैंक के चेक संख्या 744088 द्वारा रू0 9,75,63,047/-(नौ करोड़ पचहार लाख तिरसठ हजार सैतालिस रूपये) मैनेजर इंडियन बैंक के पक्ष में निर्गत किया गया, जबकि यह खाता जिला पदाधिकारी, भागलपुर के नाम से था एवं जिला पदाधिकारी के नाम से चेक जारी होना चाहिए था।
उक्त चेक निर्गत करने के प्रस्ताव को श्री दीवान जाफर हुसैन खाँ, तत्कालीन उप समार्हाा नजारत, भागलपुर द्वारा बिना आपाि किये अनुशंसित किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा उक्त चेक के पीछे के पृष्ठ पर भी अपना हस्ताक्षर किया गया। उक्त हस्ताक्षर के उपर 'Please credit to A/c No. 822726685 of SMVSSL' अंकित कर यह सरकारी राशि अवैध तरीके से सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड, भागलपुर के खाते में जमा किया गया।
संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि आरोपित पदाधिकारी का यह तर्क कि चेक प्रबंधक के पदनाम से निर्गत करना गलत प्रक्रिया नहीं है, से सहमत नहीं हुआ जा सकता है, क्योंकि आरोपित पदाधिकारी ने ही बचाव के लिखित अभिकथन में यह समर्पित किया है कि एकाउंट पेयी चेक का भुगतान बैंक के द्वारा सिर्फ खाता धारक के खाता में ही किया जा सकता है।
आरोपित पदाधिकारी ने भी अपने बचाव में इस तथ्य का जिक्र किया है कि चेक बनाये जाने के पूर्व इंडियन बैंक में जिला पदाधिकारी के नाम से खाता खुल चुका था तथा आरोपित पदाधिकारी द्वारा की गई पृच्छा के आलोक में नाजिर ने स्पष्ट किया था कि ये दोनों चेक इंडियन बैंक, भागलपुर के खाता संख्या 6268727981 में जमा किया जायेगा। ऐसी परिस्थिति में दोनों चेक जिला पदाधिकारी के नाम से बनाया जाना चाहिये था न कि प्रबंधक, इंडियन बैंक के नाम से, प्रबंधक एवं बैंक के द्वारा की गयी गलतियों के आधार पर आरोपित पदाधिकारी चेक लिखने की प्रक्रिया को सही नहीं ठहरा सकते हैं।
आरोपित पदाधिकारी को प्रबंधक इंडियन बैंक, भागलपुर के नाम से निर्गत होने वाले चेक पर आपाि प्रकट करनी चाहिये थी क्योंकि इंडियन बैंक, भागलपुर ने जिला पदाधिकारी के नाम से खाता खुल चका था और इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा ही की गयी पृच्छा के आलोक में नाजिर द्वारा जिला पदाधिकारी के खाता में दोनों चेक को जमा करने से संबंधित टिप्पणी खाता संख्या सहित अंकित की थी।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 4 जनवर(cid:547) 2024
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री खाँ के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं बचाव अभ्यावेदन के समीक्षा के आधार पर श्री खाँ के विरूद्ध लापरवाही एवं अनियमितता का आरोप प्रमाणित है। सी0बी0आई0 द्वारा भी अनुसंधानोपरान्त श्री खाँ के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। अतएव श्री खाँ के बचाव अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् i
ii का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री दीवान जाफर हुसैन खाँ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 651/11, तत्कालीन उप समार्हाा नजारत, भागलपुर सम्प्रति प्रबंधक निदेशक, बिहार राज्य अल्पसंख्यक विाीय निगम, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित किया जाता है :-
i ii
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,