;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
14 1945 ;0द्ध
(0 19) ए ;बपकरू232द्धए 4 ;बपकरू547द्ध 2024
सं॰ 2/आरोप-01-15/2020-सा0प्र0—22435
सामान्य प्रषासन विभाग
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संकल्प
11 दिसम्बर 2023
श्री अंजय कुमार राय (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 775/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, हथुआ, गोपालगंज के विरूद्ध राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना द्वारा गठित आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
श्री राय के विरूद्ध आरोप है कि :- ''भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, हथुआ, गोपालगंज पदस्थापन अवधि में इनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-4126/1991 में विभिन्न तिथियों को पारित आदेषों की अवहेलना किया गया। भूदान भूमि वितरण जाँच आयोग के अनुरोधों की अनदेखी करते हुए भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, हथुआ, गोपालगंज के कार्यालय/न्यायालय को प्राप्त कुल 589 भूदान भूमि से संबंधित दानपत्र सन्निहित रकवा 5364.41 एकड़ की सम्पुष्टि की कार्रवाई नहीं की गयी।
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दानपत्रों की सम्पुष्टि की समीक्षा करते हुए प्रगति संतोषप्रद नहीं होने के कारण दिनांक 22.01.2020 को निम्न आदेष पारित किया गया :-
"The Deputy Collectors Land Refoms shall be required to expedite decision on the question of confirmation of the Dan Patras."
"Any non-compliance of the request made by the Commission by any of the officials shall be treated to be disobedience of the Court's order."
"List this case on 01-04-2020 under the same heading when the Commission shall be required to inform this Court, further developments in the meanwhile." ;बपकरू464द्ध ;द्ध 4 ;बपकरू547द्ध 2024 2 प्राप्त सूचनानुसार भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, हथुआ के द्वारा सम्पुष्टि से संबंधित एक भी वाद का निष्पादन नहीं किया गया।'' श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5315 दिनांक 05.04.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के ज्ञापांक 1004 दिनांक 30.09.2022 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए श्री राय द्वारा लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके बचाव अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि प्रो0(डॉ0) रामबचन राय, माननीय स0वि0प0 द्वारा बिहार विधान परिषद् में दिनांक 05.04.2023 को पूछे गये ध्यानाकर्षण सं0 165/2023 के प्रेषित पूरक उत्तर सामग्री में अंकित किया गया है कि दान-पत्र भूमि विवरण रहित था, जो आज तक तत्संबंधी विवरणी भूदान यज्ञ कमिटी को उपलब्ध नहीं करा सके। स्पष्ट है कि दान किये गये उक्त भूमि का खाता/खेसरा/रकबा अंकित नहीं रहने के कारण भूदान भूमि की संपुष्टि संबंधी कार्रवाई भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, हथुआ, गोपालगंज की हैसियत से श्री राय द्वारा नहीं किया जा सका। परन्तु उक्त वाद में श्री राय को अग्रेतर निर्णय लिया जाना चाहिए था, जो इनके द्वारा नहीं लिया गया। इसके फलस्वरूप वाद की कार्रवाई लंबित रही। यह भी उल्लेखनीय है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 4126/1991 की समीक्षा के क्रम में संबंधित दान-पत्रों को सम्पुष्ट किये जाने की कार्रवाई में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण असंतोष व्यक्त किया गया। साथ ही भूदान भूमि वितरण आयोग के अनुरोधों की अनदेखी की गयी। उपर्युक्त वर्णित तथ्याें के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री राय द्वारा समर्पित बचाव अभ्यावेदन को अस्वी—त किया गया एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18) एवं (ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अंजय कुमार राय (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 775/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, हथुआ, गोपालगंज सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्य महादलित आयोग, बिहार, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2019-20),
(ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक।
आदेष ः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में
प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।