असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
22 पौष 1945 (श0)
(सं0 पटना 45) पटना, शु(cid:272)वार, 12 जनवर(cid:547) 2024 सं॰ 02/रेगु॰-03-900-16/2021-45 गन्ना उद्योग विभाग ——— संकल्प 12 जनवरी 2024 विषयः- मेसर्स रीगा सुगर कम्पनी लि॰, रीगा, सीतामढ़ी का पुनः परिचालन के निमित उस क्षेत्र के गन्ना कृषकों के पूर्ववर्ती पेराई सत्रों का बकाये ईख मूल्य मूलधन की कुल राशि मो॰ 51,30,91,296.00 (इकावन करोड़ तीस लाख इकानवे हजार दौ सौ छियानबे) रूपये भुगतान करने हेतु राशि उपलब्ध कराने एवं व्यय की स्वीकृति। मेसर्स रीगा सुगर कम्पनी लि॰, रीगा, सीतामढ़ी एक निजी क्षेत्र की चीनी मिल है। इस चीनी मिल की आर्थिक स्थिति दयनीय हो जाने के कारण रीगा चीनी मिल प्रबंधन द्वारा मिल का परिचालन पेराई सत्र 2019-20 के उपरान्त बंद कर दिया गया। रीगा चीनी मिल प्रबंधन के विरूद्ध विभिन्न पूर्ववर्ती पेराई सत्रों में गन्ना कृषकों का बकाया ईख मूल्य मूलधन में लगभग मो॰ 51,30,91,296.00 (इकावन करोड़ तीस लाख इकानवे हजार दौ सौ छियानबे) रूपये है।
अन्य वित्तीय संस्थानों/बैंको का भी इस चीनी मिल के विरूद्ध देनदारी रहने के कारण मेसर्स रीगा सुगर कम्पनी लि॰, रीगा, सीतामढ़ी के विरूद्ध अनित फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड (लेनदेन के कारोबार में नॉेन बैकिंग फाइनेंस कम्पनी) द्वारा दिनांक- 17.03.2015 को दिये गये ऋण की राशि मो॰ 1,70,00,000.00 (एक करोड़ सत्तर लाख) की वसूली हेतु दिवाला एवं दिवालियापन संहिता अधिनियम, 2016 (Insolvency and Bankruptcy Code Act, 2016) की धारा-7 के तहत राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT), कोलकाता बेन्च में वाद संख्या-सी॰पी॰(आई॰बी॰)/68(के॰बी॰)2021 दिनांक- 18.10.2021 को दायर किया गया है। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर(cid:547), 2024 राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण, कोलकाता बेन्च द्वारा दिनांक-11.04.2023 को रीगा चीनी मिल का परिसमापन (Liquidation) का आदेश पारित किया गया, जिसके विरूद्ध गन्ना उद्योग विभाग द्वारा राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपील अधिकरण (NCLAT), नई दिल्ली में अपील वाद दायर किया गया है।
2. मेसर्स रीगा सुगर कम्पनी लि॰ (परिसमापन में) का ई-नीलामी (e-auction) दिनांक-31.08.2023 को कराया गया। जिसमें निवेशकों का संघ मेसर्स हल्दिया स्टील्स प्राईवेट लिमिटेड एवं मेसर्स भारत एग्रो बॉयोटेक लिमिटेड द्वारा मो॰ 101.00 (एक सौ एक)़ करोड रूपये की राशि पर चीनी मिल के परिचालन हेतु सफल निवेशक घोषित किया गया है। दिवाला एवं दिवालियापन संहिता अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के आलोक में निविदित राशि मो॰ 101.00 (एक सौ एक) करोड़ रूपये में से सर्वप्रथम सुरक्षित लेनदार (Secured Creditors) यथा संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थानों को अधिकतम राशि प्राप्त होगी। चूॅकि गन्ना कृषक परिचालन ऋणदाता (Operational Creditor) हैं, अतः कृषकों को बहुत कम राशि प्राप्त होने की संभावना है।
3. रीगा चीनी मिल क्षेत्रान्तर्गत गन्ना कृषकों की संख्या लगभग 40 हजार है। उक्त कृषकों एवं उनके परिवारों के आजीविका का मात्र एक मुख्य आधार गन्ना फसल एवं उस पर आधारित उद्योग है। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति निचली भूमि रहने के कारण जल-जमाव की समस्या सदैव बनी रहती है, जो अन्य फसलों के लिए उपयुक्त नहीं है।
4. राज्य में कृषि आधारित उद्योगों में त्वरित गति से विकास लाने हेतु चीनी तथा गन्ना आधारित उद्योगों के विकास हेतु राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा संशोधित प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति दी गयी है। जिसके आलोक में गन्ना उद्योग विभागीय संकल्प संख्या-593 दिनांक-04.03.2014 द्वारा रियायते/छूट प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। रीगा सुगर कम्पनी लि॰, रीगा, सीतामढ़ी के साथ तीन इकाई अर्थात् चीनी मिल, डिस्टीलरी एवं को-जेन (सह-विद्युत उत्पाद) स्थापित है। यदि किसी नये उद्यमी द्वारा नई चीनी मिल के साथ डिस्टीलरी एवं को-जेन इकाई की स्थापना की जाती है तो विभागीय प्रोत्साहन पैकेज-2014 के अन्तर्गत उक्त इकाई को कुल राशि 35.00 करोड़ रूपये अनुदान के रूप में देय होगी।
5. कंडिका-2 में अंकित तथ्यों के आलोेक में कृषकों को बहुत ही कम राशि प्राप्त होने की संभावना है। किसानों के बकाये ईख मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करने हेतु सरकार द्वारा विशेष व्यवस्था किये जाने की आवश्यकता है। इस व्यवस्था के तहत् किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी एवं बंद पड़े रीगा चीनी मिल का पुनः परिचालन हो सकेगा।
6. इस बकाये ईख मूल्य के मूलधन की राषि की निकासी मुख्य शीर्ष-2852-उद्योग, उपमुख्य शीर्ष-08-उपभोक्ता उद्योग, समूहषीर्ष-राज्य योजना, लघुषीर्ष-201-चीनी, उपषीर्ष-0103, विषयषीर्ष-3301- सब्सिडी, विपत्र कोड-45-2852082010103 अंतर्गत प्राप्त राषि से विकलनीय होगा।
7. राज्यहित एवं किसानहित में रीगा सुगर कम्पनी लि॰, सीतामढ़ी के गन्ना कृषकों के बकाये ईख मूल्य मो॰ 51,30,91,296.00 (इकावन करोड़ तीस लाख इकानवे हजार दौ सौ छियानबे) रूपये (मूलधन) का भुगतान चीनी मिल के एक पेराई वर्ष के सफल परिचालन के उपरान्त किसानों को करने की स्वीकृति राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा दिनांक-26.12.2023 को मद संख्या-22 द्वारा दी गयी है।
8. गन्ना कृषकों के बकाये ईख मूल्य की भुगतेय राषि का आवंटन चीनी मिल के एक पेराई वर्ष के सफल परिचालन के पश्चात् जिला पदाधिकारी को किया जायेगा एवं जिला पदाधिकारी द्वारा किसानों का बकाये ईख मूल्य का भुगतान किया जायेगा। विहित प्रक्रिया अन्तर्गत जाँचोपरान्त संबंधित कृषकों को बकाये ईख मूल्य की देय राशि का भुगतान जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी द्वारा डी॰बी॰टी॰/आर॰टी॰जी॰एस॰/इलेक्ट्रॉनिक ट्रान्सफर के माध्यम से सीधे कृषकों के खाते में अन्तरण द्वारा किया जायेगा। ईख पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर गन्ना उद्योग विभाग की ओर से नोडल पदाधिकारी होंगे।
इस योजना के कार्यान्वयन हेतु राषि का उपबंध बिहार आकस्मिकता निधि के माध्यम से प्राप्त कर व्यय किया जा सकेगा। आदेशः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय और इसकी सूचना सभी संबंधित पदाधिकारियों को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, नर्मदेश्वर लाल, प्रधान सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,