;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
22 1945 ;0द्ध
(0 46) ए ;बपकरू272द्धए 12 ;बपकरू547द्ध 2024
सं॰-08/आरोप-01-12/2022 सा0प्र0-18968
सामान्य प्रषासन विभाग
———
संकल्प
9 अक्तूबर 2023
श्री संतोष कुमार झा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-728/2011, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, गया के विरूद्ध मधुबनी जिला अन्तर्गत श्री राज कुमार सिन्हा तत्कालीन सहायक प्रबंधक (सेवानिवृत) के विरूद्ध ससमय मनीसूट दायर नहीं करने संबंधी आरोप पत्र खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 3032 दिनांक 11.07.2022 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्रतिवेदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 14320 दिनांक 17.08.2022 द्वारा श्री झा से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री झा का स्पष्टीकरण (दिनांक 25.08.2022) प्राप्त हुआ। श्री झा द्वारा अपने स्पष्टीकरण में उल्लेख किया गया कि यह मामला मेरे पदस्थापन अवधि से 08 वर्ष पूर्व का है तथा कभी भी निगम या किसी अन्य स्तर से मेरे संज्ञान में नहीं लाया गया। माननीय उच्च न्यायालय का आदेश दिनांक 14.03.2014 का है। अतः यह आदेश दिनांक 14.03.2014 से पूर्व पदस्थापित पदाधिकारियों पर ही लागू होना चाहिए। मेरे विरूद्ध लगाया गया आरोप ना तो तर्कसंगत है तथा ना ही न्यायोचित है। अतः मुझे आरोप मुक्त करने की कृपा की जाय।
श्री झा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 1165 दिनांक 16.01.2023 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 1439 दिनांक 28.03.2023 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री झा के स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं बताया गया। विभागीय पत्रांक 8987 दिनांक 12.05.2023 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से कतिपय बिन्दु पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए श्री झा के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित करने की अनुशंसा की गयी।
श्री झा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा की गयी एवं पाया गया कि :-
;बपकरू464द्ध ;द्ध 12 ;बपकरू547द्ध 2024 2 (ii) सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा न्यायादेश पारित करने के लगभग सात वर्षाे के बाद मामले की समीक्षा की गयी एवं निगम द्वारा दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।(iii) श्री झा के पदस्थापन काल में निगम या विभाग स्तर से इस मामले को श्री झा के संज्ञान में लाया ही नहीं गया, यह बात सही है परन्तु श्री झा द्वारा अपने पदस्थापित जिला यथा मधुबनी जिलान्तर्गत माननीय न्यायालय/अन्य आयोगों अथवा अन्य लंबित मामले की समीक्षा की जाती तो उक्त मामला निश्चित रूप से ही पकड़ में आ जाती, परन्तु श्री झा द्वारा अपने कर्त्तव्यों का पालन नहीं किया गया। फलस्वरूप आरोपी के विरुद्ध मनीसूट दायर नहीं किया जा सका। अतः श्री झा का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक विचारोपरांत श्री संतोष कुमार झा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-728/2011, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, गया के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए लंबित मामलो की समीक्षा नहीं करने के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत निन्दन (वर्ष-2016-17) का दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, किशोर कुमार प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।