असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
22 पौष 1945 (श0)
(सं0 पटना 48) पटना, शु(cid:272)वार, 12 जनवर(cid:547) 2024 सं0 08/आरोप-01-34/2017 सा0प्र0 21357 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 16 नवम्बर 2023
श्री सुधीर कुमार, बिŒप्रŒसेŒ, कोटि क्रमांक-852/2011 तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी-सह- विशेष पदाधिकारी, कृषि उत्पादन बाजार समिति, समस्तीपुर के विरूद्ध कृषि विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 225 दिनांक 18.01.2019 द्वारा विघटन के पश्चात् बाजार समिति, समस्तीपुर के दुकानों के किराये की राशि बैंक खाता में जमा नहीं कराने संबंधी महालेखाकार की आपत्ति, रोकड़ पंजी, सहायक रोकड़ पंजी, डेली कलेक्शन पंजी, मनी रिसीट का स्टाँक पंजी एवं अन्य सहयोगी पंजी को विधिवत् संधारित नहीं कराने संबंधी आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा गठित आरोप पत्र आवश्यक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ। उक्त प्रतिवेदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 4926 दिनांक 04.09.2019 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के क्रम में श्री कुमार का स्पष्टीकरण दिनांक 26.04.2019 प्राप्त हुआ। जिसमें श्री कुमार द्वारा आरोपों से इनकार करते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया।
श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 6881 दिनांक 22.05.2019 द्वारा कृषि विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के क्रम में कृषि विभाग के पत्रांक 3488 दिनांक 03.12.2020 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ। जिसमें उल्लेख किया गया कि श्री कुमार द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर का प्रभार ग्रहण करने के पश्चात वे स्वतः विशेष कार्य पदाधिकारी, कृषि उत्पादन बाजार समिति (वि0) के रूप में पदधारक हो गये थे। ऐसी स्थिति में श्री कुमार को बाजार समिति (वि0) के वित्तीय नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए था। इस प्रकार इनके स्तर से Supervision की कमी रही है। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर(cid:547), 2024 ही नहीं किया गया था। हाँलाकि श्री कुमार द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी का प्रभार ग्रहण करने के पश्चात् स्वतः विशेष पदाधिकारी —षि उत्पादन बाजार समिति (विघटित), समस्तीपुर के रूप में पदधारक हो गये थे। ऐसी स्थिति में उन्हें वित्तीय नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए था, जिसमें उनसे चूक हुई है। श्री कुमार द्वारा अनुमंडल कार्यालय, समस्तीपुर में कार्यरत लिपिक श्री अरूण कुमार यादव को प्रतिनियुक्त करते हुए —षि उत्पादन बाजार समिति (विघटित) को दंडाधिकारी प्रतिनियुक्ति करते हुए ताला तोड़कर इन्वेन्ट्री तैयार कर प्रभार दिलाया गया था। दिनांक 26.12.2014 को अंकेक्षण प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आरोपित पदाधिकारी द्वारा तत्परतापूर्वक कार्रवाई करते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी तथा सरकारी राशि की वसूली करते हुए नीलाम पत्र भी दायर किया गया एवं नये सिरे से कैश बुक का संधारण कराया गया। उक्त से प्रतीत होता है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी के मूल पदीय कर्त्तव्यों और दायित्वों यथा विधि व्यवस्था, न्यायालय कार्य, सामाजिक सुरक्षा अवधि आदि की व्यस्तता के कारण विशेष पदाधिकारी के पदीय कर्त्तव्यों और दायित्वों के निर्वहन में उनसे चूक हुई है। अतएव आरोपित पदाधिकारी पर अधिरोपित आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित होता है।
जांच आयुक्त-सह-प्रधान सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 19641 दिनांक 19.10.2023 द्वारा श्री कुमार से लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन की मांग की गयी, उक्त के आलोक में श्री कुमार का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन (दिनांक 26.10.2023) प्राप्त हुआ। जिसमें उनका कहना है कि :-
उनके ऊपर —षि उत्पादन बाजार समिति (विघटित) मथुरापुर समस्तीपुर के रोकड़ पंजी का विधिवत् संधारण एवं सत्यापन नहीं करने संबंधी आरोप निराधार है और इसके लिए लेखापाल का विभिन्न जिलों में अवस्थित विभिन्न कार्यालयों में प्रतिनियुक्त रहने, पूर्ववर्ती पदाधिकारियों द्वारा रोकड़ पंजी का सत्यापन नहीं करने और उन्हें रोकड़ पंजी का प्रभार नहीं सौंपे जाने की परिस्थितिया जिम्मेदार है। उनका मूल पद अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर से संबंधित दायित्वों (विधि व्यवस्था संधारण, न्यायालय कार्य, निर्वाचन, आपूर्ति सामाजिक सुरक्षा इत्यादि) का उन्होंने पूर्ण निष्ठापूर्वक निर्वहन किया है और उक्त पदीय दायित्वों के निर्वहन का कार्य क्षेत्र काफी बड़ा होने के बावजूद उनके ऊपर लापरवाही इत्यादि संबंधी कोई आरोप नहीं है।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं उनसे प्राप्त लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी तथा उनके लिखित अभिकथन को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सुधीर कुमार, बिŒप्रŒसेŒ, कोटि क्रमांक-543/2023, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी-सह-विशेष पदाधिकारी, कृषि उत्पादन, बाजार समिति, समस्तीपुर सम्प्रति संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा अंशतः प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत निम्न शास्ति अधिरोपित/संसूचित की किया जाता हैः-
(i) निन्दन (वर्ष-2012-13)
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
किशोर कुमार प्रसाद,
सरकार के संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,