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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 16 January 2024

Published 16 January 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-01-16.50
Languages
English, Hindi
(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

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सं॰-11/आ॰-न्याय-50/2023 सा॰प्र॰-862 सामान्य प्रषासन विभाग ——— संकल्प 15 जनवरी 2024 विषयः- बिहार राज्य की सभी सरकारी सेवाओं/संवर्गों के पदानुक्रम में बेंचमार्क दिव्यांगजन कर्मियों के लिए 04% क्षैतिज आरक्षण उपलब्ध कराने के संबंध में।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के आलोक में राज्याधीन सेवाओं के सभी सेवा/संवर्गों की नियुक्ति में बेंचमार्क दिव्यांगता के सभी प्रवर्गों (प्रत्येक प्रवर्ग के लिए 01%) के अभ्यर्थियों के लिए कुल 04%क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। इसके पश्चात इस अधिनियम की धारा-34(1)(ड.) के परन्तुक में किए गए प्रावधानों के आलोक में दिव्यांग कर्मियों द्वारा प्रोन्नति में भी आरक्षण की मांग की जाती रही है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा सिविल अपील संख्या-1567/2017, सिद्दा राजू बनाम कर्नाटक राज्य के मामले में दिनांक-28.09.2021 को दिव्यांगजन कर्मियों के लिए प्रोन्नति में आरक्षण हेतू विचार करने का आदेश पारित किया गया है एवं माननीय उच्च न्यायालय, पटना के समक्ष भी एक अन्य वाद सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-16270/ 2021 दायर किया गया, जिसमें दिनांक-26.10.2021 को पारित आदेश में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के संदर्भित आदेश को अनुपालित करने की आशा व्यक्त करते हुए निष्पादित किया गया। 2. माननीय उच्च न्यायालय, पटना के उपर्युक्त आदेश के आलोक में राज्य सरकार द्वारा इस मामले पर विचार करने से पूर्व देश के अन्य राज्यों से दिव्यांगजनों के लिए प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था के संदर्भ में सूचना प्राप्त करने का प्रयास किया गया, किन्तु एतद संबंधी सूचना प्राप्त नहीं हो सकी। इस बीच भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेन्शन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन दिनांक-17.05.2022 द्वारा केन्द्रीय सेवा की प्रोन्नति में बेंचमार्क दिव्यांगों के लिए 04 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 3. केन्द्र सरकार के उपर्युक्त निर्णय के आलोक में राज्याधीन सेवाओं की प्रोन्नति में दिव्यांगजनों के लिए क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने के बिन्दु पर पुनः समीक्षा की गयी, जिसके क्रम में पाया गया कि-(i) राज्याधीन सेवाओं में नियमित प्रोन्नति में आरक्षण (उध्र्वाधर आरक्षण) एवं परिणामी वरीयता से संबंधित सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य सुनवाई के लिए विचाराधीन है एवं यह वाद माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-629/2022 जरनैल सिंह बनाम लक्ष्मी नारायण गुप्ता वाद के साथ संबद्ध किया गया है। ;बपकरू464द्ध ;द्ध 16 ;बपकरू547द्ध 2024 2 (ii) माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के समक्ष उपर्युक्त वादों के लंबित रहने की अवधि में सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प संख्या-9706 दिनांक-20.07.2018 के प्रावधानों के आलोक में राज्याधीन सेवाओें में दी जाने वाली प्रोन्नति को एम0जे0सी0 संख्या-2847/2018 के मामले में सुनवाई करते हुए दिनांक-01.04.2019 को अवमाननायुक्त माना गया है।

(iii) माननीय उच्च न्यायालय, पटना के आदेश दिनांक-01.04.2019 के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश संख्या-5066 दिनांक-11.04.2019 द्वारा राज्याधीन सेवाओं में प्रोन्नति में एवं प्रोन्नति के लिए विभागीय प्रोन्नति समिति की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया है तथा उपर्युक्त अंकित सिविल अपील संख्या-4880/2017 एवं अन्य संबद्ध वादों की सुनवाई के पश्चात दिनांक-15.04.2019 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा निम्नांकित आदेश पारित किया गया :-

Until further orders, status quo, as it exists today, shall be maintained. उपर्युक्त आदेश के कारण दिनांक-15.04.2019 से अब तक राज्याधीन सेवाओं में प्रोन्नति एवं विभागीय प्रोन्नति समिति की कार्रवाई स्थगित है। दिनांक-31.01.2023 को भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपर्युक्त वादों में पुनः निम्नांकित आदेश पारित किया गया है :-

Interim order in all the matters will continue.

4. उपर्युक्त कंडिका-3 में वर्णित तथ्यों के बावजूद माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-1567/2017 सिद्दा राजू बनाम कर्नाटक राज्य एवं सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-16270/2021 सतीश कुमार शर्मा बनाम राज्य सरकार एवं अन्य के मामले में दिनांक-26.10.2021 को पारित आदेश के आलोक में राज्याधीन सेवाओं में बेंचमार्क दिव्यांग कर्मियों के लिए 04% (दिव्यांगता के चारों प्रवर्गों में से प्रत्येक के लिए 01%) क्षैतिज आरक्षण अनुमान्य किए जाने के प्रावधान को सैद्धांतिक रूप से अंगीकृत किया जाता है। 5. उपर्युक्त कंडिका-4 के अनुरूप में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-4880/2017 राज्य सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा संबद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के आलोक में राज्याधीन सेवाओं में नियमित प्रोन्नति आरम्भ करने से संबंधित आदेश के साथ ही दिव्यांगजनों को प्रोन्नति में आरक्षण के संदर्भ में आदेश निर्गत कर दिए जायेेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रजनीश कुमार,

सरकार के संयुक्त सचिव।

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Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 16 January 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-01-16.50/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-01-16.50.