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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 16 January 2024

Published 16 January 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-01-16.51
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

असाधारण अंक

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

26 पौष 1945 (श0)

(सं0 पटना 51) पटना, मंगलवार, 16 जनवर(cid:547) 2024 ———

सरकारी स्वामित्व वाले वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में मृत्यु/गंभीर रूप से घायल पीड़ितों/आश्रितों को किसी प्रकार का मुआवजा भुगतान के लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित नहीं रहने के कारण पीड़ित/आश्रित को मुआवजा का भुगतान किये जाने में कठिनाई हो रही है।

केन्द्रीय सरकार द्वारा मोटर यान अधिनियम, 1988 (1988 का 59) की धारा-161 के तहत अधिसूचना सं0-163 (अ), दिनांक-25.02.2022 (दिनांक-01.04.2022 से प्रभावी) द्वारा हिट एण्ड रन के मामले में तथा बिहार सरकार द्वारा मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा-165 सह-पठित धारा-176 के तहत अधिसूचना सं0-7997, दिनांक-20.10.2022 द्वारा नन हिट एण्ड रन के मामले में पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजे की राशि का भुगतान किये जाने का प्रावधान किया गया है।

मोटर यान अधिनियम, 1988 सह-पठित मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा-146 की उपधारा-2 में यह प्रावधान है कि "पर पक्षकार जोखिमों के विरूद्ध बीमा की आवश्यकता राज्य सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों पर लागू नहीं होंगे।" इस प्रावधान के आलोक में राज्य सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों की बीमा नहीं होती है।

उपर्युक्त स्थिति में राज्य सरकार के स्तर पर निधि का गठन करने एवं सरकार के स्वामित्व वाले सभी वाहनों से मृत्यु/गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में पीड़ितों/आश्रितों को निश्चित मुआवजा की राशि का भुगतान किये जाने का मामला विचाराधीन था। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 16 जनवर(cid:547) 2024 अतः दिनांक-16.01.2024 को राज्य मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक में मद सं0-3 के रूप में प्राप्त स्वीकृति के आलोक में निर्णय लिया गया है किः-

राज्य सरकार के स्वामित्व वाले मोटर वाहनों से हुई दुर्घटना में मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा-164 के प्रावधान के आलोक में मृत्तक के आश्रितों को 5 लाख रूपया तथा गंभीर रूप से घायल पीड़ितों/आश्रितों को 2 लाख 50 हजार रूपया मुआवजा का भुगतान किया जायेगा। उक्त प्रावधान बिहार सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों पर ही लागू होंगे। यह प्रावधान ऐसे वाहनों पर लागू नहीं होंगे, जो राज्य सरकार के किसी सरकारी कार्य हेतु किसी व्यवसायिक संस्थान से भाड़े या लीज पर ली गयी हो। वाहन दुर्घटना से पीड़ित/आश्रितों द्वारा आवेदन जिला परिवहन पदाधिकारी के कार्यालय में समर्पित करना होगा। तत्पश्चात्‌ सक्षम चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र, संबंधित जिला के मोटर यान निरीक्षक की जाँच प्रतिवेदन एवं जिला परिवहन पदाधिकारी के सत्यापन प्रतिवेदन के आधार पर पीड़ित/आश्रित को मुआवजा भुगतान संबंधित जिला के जिला पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वीकृत्यादेश के आलोक में जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा की जायेगी। परिवहन विभाग, बिहार के नियंत्रणाधीन बिहार सड़क सुरक्षा परिषद्‌ द्वारा जिला सड़क सुरक्षा समिति को उक्त कार्य हेतु राशि उप-आवंटित की जायेगी। जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा जिला सड़क सुरक्षा निधि से मुआवजा की राशि का भुगतान पीड़ित/आश्रित के खाते में RTGS के माध्यम से दुर्घटना की तिथि से 15 दिनों के अंदर की जायेगी। उक्त प्रावधानों के तहत यथा आवश्यक प्रावधानों की व्याख्या परिवहन विभाग द्वारा किया जायेगा।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 51-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 16 January 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-01-16.51/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-01-16.51.