असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
30 माघ 1945 (श0)
(सं0 पटना 138) पटना, सोमवार, 19 फरवर(cid:547) 2024
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श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 517/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम भोजपुर, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 4175 दिनांक 22.08.2017 एवं पत्रांक 5242 दिनांक 12.10.2017 द्वारा क्रमशः आरोप पत्र एवं पूरक आरोप पत्र प्राप्त हुआ है।
श्री सिंह के विरूद्ध जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम के पदस्थापन अवधि दिनांक 19.02.2016 से दिनांक 11.02.2017 में सी0एम0आर0 गोदामों में भारी मात्रा में भंडारित खाद्यान्नों का ससमय उपावंटन एवं उठाव नहीं करने, वर्ष 2013-14 एवं वर्ष 2014-2015 में अधिप्राप्ति किये गये चावल 121837.237 क्वींटल के टी0पी0डी0एस0 में उपयोग हेतु मुख्यालय स्तर से निर्गत उपावंटन के विरूद्ध सी0एम0आर0 के निष्पादन में फिफो पद्धति का अनुपालन नहीं करने, स्थानांतरित/सेवानिवृत होने वाले सहायक प्रबंधक से संबंधित सी0एम0आर0 गोदामों का प्रभार नहीं कराने का आरोप प्रतिवेदित है। इन सबके फलस्वरूप सी0एम0आर0 चावल की गुणवत्ता में हृास हुआ तथा सी0एम0आर0 का निष्पादन नहीं होने से निगम को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इसके साथ ही श्री सिंह के विरूद्ध राज्य खाद्य निगम, भोजपुर कार्यालय में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत राजस्व जिला, भोजपुर को प्राप्त खाद्यान्न का आवंटन के विरूद्ध भारतीय खाद्य निगम से क्रय विमुक्ति आदेश में सन्निहित खाद्यान्न की मात्रा का शत-प्रतिशत उठाव नहीं कराकर अनुदानित खाद्यान्न को व्ययगत कराने का आरोप भी है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त आरोप पत्र एवं पूरक आरोप पत्र के आलोक में विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए क्रमशः विभागीय पत्रांक 14033 दिनांक 07.11.2017 एवं पत्रांक 6226 दिनांक 15.05.2018 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गई।
अनुमोदित आरोप पत्र-क एवं पूरक आरोप पत्र के आलोक में श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण (दिनांक 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 19 फरवर(cid:547) 2024 श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपो, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं उक्त स्पष्टीकरण पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43 बी0 के अन्तर्गत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5985 दिनांक 19.04.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें प्रमंडलीय आयुक्त, पटना को संचालन पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।
संयुक्त आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 434 दिनांक 28.06.2023 द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक 13711 दिनांक 19.07.2023 द्वारा श्री सिंह से लिखित अभिकथन/बचाव बयान की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री सिंह द्वारा पत्रांक 02 दिनांक 17.08.2023 के माध्यम से अपना बचाव बयान समर्पित किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं उक्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में श्री सिंह द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि आरोप प्रकरण माह अप्रैल-2016, नवंबर-2016 एवं दिसंबर-2016 में खाद्यान्न के व्ययगत होने से संबंधित है। आरोपी पदाधिकारी द्वारा दिनांक-19.02.2016 को प्रभार ग्रहण करने के उपरांत उनके द्वारा खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण समुचित रूप से करवाने के संबंध में व्याप्त कठिनाईयों से विभिन्न पत्रांको के माध्यम से निगम मुख्यालय को अवगत कराया गया था तथा इस हेतु अग्रिम राशि एवं बक्सर जिला के परिवहन अभिकर्ता से परिवहन कराने हेतु भी अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया गया था। सहायक प्रबंधकों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने एवं परिवहन अभिकर्ताओं की कमी/वाहनों के कमी के कारण व्ययगत की स्थिति उत्पन्न हुई है। परंतु श्री सिंह बि0प्र0से0 के एक वरीय पदाधिकारी हैं, वरीय पदाधिकारी होने के नाते इन्हें अपने कर्तव्य निर्वहन में और अधिक सजगता बरतनी चाहिए थी। श्री सिंह के द्वारा कर्तव्य निर्वहन में चूक हुई है।
समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43 बी0 के अन्तर्गत इनके पेंशन से 5 प्रतिशत की राशि अगले दो वर्षो तक अवरूद्ध रखने की शास्ति विनिश्चित की गयी। विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से विभागीय पत्रांक 17934 दिनांक 22.09.2023 द्वारा परामर्श की मांग की गयी। उक्त के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग का पत्रांक 3605 दिनांक 22.12.2023 द्वारा दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।
अतएव श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 517/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम भोजपुर, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43 बी0 के अन्तर्गत इनके पेंशन से 5 प्रतिशत की राशि अगले दो वर्षो तक अवरूद्ध रखने की शास्ति अधिरोपित की जाती है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,