असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
30 माघ 1945 (श0)
(सं0 पटना 139) पटना, सोमवार, 19 फरवर(cid:547) 2024
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श्री राजेश कुमार सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-840/11 तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, सहरसा के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-1167 दिनांक-31.12.2021 द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ। श्री सिंह पर आरोप है कि श्री सदानन्द सिंह, जनवितरण प्रणाली बिक्रेता, ग्रामपंचायत-ऐना, प्रखंड-महिषी, जिला-सहरसा पर राशन कार्डधारियों को अनाज एवं किरासन तेल नहीं मिलने एवं निर्धारित दर से अधिक राशि लिए जाने से संबंधित शिकायत पर जांच दल द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। उक्त प्रतिवेदन में श्री सदानंद सिंह पर लगाये गए अनियमितता के आरोप को सही पाया गया एवं उनकी अनुज्ञप्ति को रद्द करने की अनुशंसा के बावजूद श्री राजेश कुमार सिंह, तत्का0 अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा श्री सदानंद सिंह, जनवितरण प्रणाली विक्रेता पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। माननीय लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत के उपरान्त श्री सदानंद सिंह, जनवितरण प्रणाली विके्रता के विरूद्ध आरोप सिद्ध होने के बावजूद दो वर्ष के बाद दिनांक-02.09.2016 को अनुमंडल पदाधिकारी, सहरसा द्वारा श्री सदानंद सिंह की अनुज्ञप्ति को रद्द किया गया।
की शास्ति अधिरोपित की गयी है।
2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 19 फरवर(cid:547) 2024सदानंद सिंह को राशन एवं किरासन तेल के वितरण के कमीशन के रूप में राशि का भुगतान किया गया जिसे राजस्व की क्षति नहीं माना जा सकता है। समीक्षा से विदित है कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर सहरसा द्वारा श्री सिंह के अनुज्ञप्ति रद्द किये जाने के निमित जांच दल का गठन किया गया। सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के संयुक्त जांच दल जांच प्रतिवेदन में उल्लेखित किया गया कि श्री सदानंद सिंह को नीलाम पत्र वाद से मुक्त किया जा सकता है।
श्री सिंह के विरूद्ध अधिरोपित दंड एवं उक्त दंड के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त श्री राजेश कुमार सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-840/11 तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, सहरसा के विरूद्ध पारित दंडादेश को निरस्त करते हुए श्री सिंह को आरोप मुक्त किया जाता है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,