असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
30 माघ 1945 (श0)
(सं0 पटना 140) पटना, सोमवार, 19 फरवर(cid:547) 2024
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श्री राजेश कुमार सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-834/11, तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सिमरी, बख्तियारपुर के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 324 दिनांक 23.02.2014 के द्वारा निगरानी थाना कांड संख्या-68/07 (टै्रप केस) के अभियुक्त श्री जटाशंकर मिश्र, अंचल अमीन-सह-राजस्व कर्मचारी, सिमरी बख्तियारपुर अंचल सम्प्रति सेवनिवृत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में तत्कालीन जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा मात्र 'निन्दन' की सजा दिये जाने के संबंध में साक्ष्यों सहित प्रतिवेदन समर्पित किया गया।
श्री मिश्र के विरूद्ध निगरानी धावा दल के द्वारा रंगे हाथ घूस लेते पकड़े जाने का आरोप है एवं इस आधार पर इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी है। उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के रूप में श्री राजेश कुमार सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-834/11 तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सिमरी बख्तियारपुर, उपस्थापन पदाधिकारी के रूप में श्री रामरूप सिंह, तत्कालीन अपर समाहर्ता नामित थे तथा निन्दन की सजा के प्रसताव को तत्कालीन जिला पदाधिकारी श्री गरीब साहू द्वारा अनुमोदित किया गया।
संचालन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन की समीक्षा मुख्य सचिव महोदय द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 9180 दिनांक 07.07.2023 द्वारा संचालन पदाधिकारी, उपस्थापन पदाधिकारी एवं प्रस्ताव अनुमोदित करने वाले जिला पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप पत्र की मांग जिला पदाधिकारी, सहरसा की गयी।
जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 228 दिनांक 23.02.2023 द्वारा श्री राजेश कुमार सिंह के विरूद्ध आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया। उक्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय पत्रांक 7305 दिनांक 18.04.2023 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 19 फरवर(cid:547) 2024 गया, जिससे प्रतिवेदित आरोपों की गहनता से जांच की जा सके। उनके द्वारा समर्पित जाचं प्रतिवेदन को स्वीकार करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोपी के विरूद्ध निर्णय लिया गया। जांच प्रतिवेदन को विधि सम्मत पाते हुए तत्कालीन अपर समाहर्ता एवं जिला पदाधिकारी द्वारा निर्णय लिया गया।
श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि श्री सिंह द्वारा ट्रैप केस के अभियुक्त श्री मिश्र के विरूद्ध संचालित विभागीय जांच में श्री मिश्र को निलंबनमुक्त कर विभागीय जांच समाप्त करने का प्रतिवेदन समर्पित किया गया। अगर इन्हें विभागीय जांच के क्रम में तथ्य या साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराये गये थे, तो इन्हें अनुशासनिक प्राधिकार को इस संबंध में सूचित करना चाहिए था तथा साक्ष्य प्राप्ति के उपरान्त ही उचित निष्कर्ष अंकित करना चाहिए था। श्री सिंह द्वारा अंकित किये गये निष्कर्ष को अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा स्वीकार किया गया जबकि अनुशासनिक प्राधिकार को यह अधिकार है कि वे जांच प्रतिवेदन/निष्कर्ष से असहमत होकर पुनः जांच करवा सकते थे। श्री सिंह द्वारा निष्कर्ष अंकित करने में चूक हुई है। समीक्षोपरान्त आरोपी पदाधिकारी के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए श्री राजेश कुमार सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-834/11, तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सिमरी, बख्तियारपुर सम्प्रति अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी, बेगूसराय को चेतावनी निर्गत करते हुए इस आरोप प्रकरण को संचिकास्त किया जाता है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,