असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
8 फा(cid:227)गुन 1945 (श0)
(सं0 पटना 162) पटना, मंगलवार, 27 फरवर(cid:547) 2024
SIDBI ———
(SCDF)
(SOP)
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के अंन्तर्गत सिडबी क्लस्टर विकास निधि (SIDBI Cluster Development Fund- SCDF) स्थापित है, जिसके तहत MSME क्लस्टर अन्तर्गत आधारभूत संरचना के विकास हेतु राज्य सरकारों को सिडबी द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
इस निधि के तहत वित्त पोषण हेतु पात्र गतिविधियों को तीन व्यापक प्रक्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, जिसके तहत परियोजना लागत का 80 से 95 प्रतिशत ऋण भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा राज्य सरकार को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
| (क) | MSME इको-स्पेस के अंतर्गत औद्योगिक एवं कृषि सम्बद्ध and Agri-allied प्रक्षेत्र की परियोजनाएँ (Industrial sectors in the MSME eco-space) | 95% |
| (ख) | क्लस्टर एवं उसके आस-पास सामाजिक प्रक्षेत्र की MSME परियोजनायें (Social Sector Projects in and around MSME clusters) | 85% |
| (ग) | MSME to क्लस्टर के लिए संपर्कता (Connectivity MSME cluster) | 80% |
इस निधि के तहत प्राप्त होने वाला ऋण संविधान के अनुच्छेद 293(3) के प्रावधानों के अधीन होगा। अर्थात यह किसी वित्तीय वर्ष के दौरान बाजार और वित्तीय संस्थाओं से राज्य सरकार को प्राप्त होने वाले ऋण की निर्धारित सीमा के अंतर्गत होगा।
प्रत्येक वर्ष भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) द्वारा राज्यों के लिए मानक आवंटन
(Normative Allocation) निर्धारित किया जाएगा। इस निधि के तहत लिए गए ऋण की अदायगी (Repayment) ऋण आहरण की तिथि से समान वार्षिक किस्तों में सात वर्षों में की जायेगी, जिसमें अधिकतम 36 माह का ऋण अधिस्थगन अवधि (Grace Period) भी शामिल है। ब्याज की अदायगी त्रैमासिक किया जायेगा। राज्य के MSME क्लस्टर के अंन्तर्गत आधारभूत संरचना के विकास के लिए विभिन्न विभागों से ऋण प्राप्ति हेतु सिडबी द्वारा निर्धारित प्रपत्र में परियोजना प्रस्ताव प्राप्त किया जायेगा। प्राप्त परियोजना प्रस्ताव की समीक्षा विकास आयुक्त, बिहार की अध्यक्षता मे गठित प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग समिति द्वारा की जायेगी। यह समिति इस प्रकार होगी :-
- अध्यक्ष
- सदस्य
(i) विकास आयुक्त (ii) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, वित्त विभाग - सदस्य सचिव (iii) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, योजना एवं विकास
विभाग विभाग
(iv) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, संबंधित विभाग - सदस्य
इस समिति द्वारा समय-समय पर सिडबी क्लस्टर विकास निधि (SCDF) की परियोजनाओं के कार्यान्वयन एवं प्रगति की भी समीक्षा की जायेगी। प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा के उपरांत वित्त मंत्री के अनुमोदनोपरांत परियोजना प्रस्ताव को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को भेजा जा सकेगा एवं तदनुसार विभागों द्वारा परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन से प्राप्त की जायेगी। सक्षम प्राधिकार वही होंगे जो वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3758 दिनांक-31.05.2017 की कंडिका-4 (क) में वर्णित है। इस निधि के तहत प्रति वर्ष अनुच्छेद 293(3) के अंतर्गत भारत सरकार से ऋण प्राप्त किये जाने संबंधी सहमति प्राप्त किया जायेगा। सिडबी क्लस्टर विकास निधि (SCDF) के तहत सभी गतिविधियों के लिए वित्त विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में वित्त विभाग द्वारा भविष्य में आवश्यकतानुसार दिशा-निर्देश निर्गत किया जा सकेगा।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,