िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
9 फा(cid:227)गुन 1945 (श0)
(सं0 पटना 168) पटना, बुधवार, 28 फरवर(cid:547) 2024 - / ———
वित्त विभागीय संकल्प संख्या-9154, दिनांक-28/09/2022 एवं संकल्प संख्या-6649, दिनांक- 28/07/2023 द्वारा बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को पुनरीक्षित वेतन एवं पेंशनादि लाभ की स्वीकृति प्रदान की गई है। बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा सिविल ऑरिजनल/ इन्हेरेंट/एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी अपीलेट जूरिस्डीक्शन, रिट पिटीशन (सिविल) संख्या- 643/2015 (ऑल इंडिया जजेज एशोसियेशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में दिनांक-04/01/2024 को पारित आदेश के आलोक में बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को भत्ता एवं सुविधाओं के पुनरीक्षण का विषय, राज्य सरकार के समक्ष विचाराधीन था।
सम्यक् विचारोपरांत बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए निम्नलिखित भत्तों की स्वीकृति प्रदान की जाती है :-
[I.]
(a) गृह निर्माण अग्रिम आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत HBA Rules, 2017 के अनुरूप अनुमान्य होगा।
(b) निजी व्यक्तियों से बने बनाये मकान खरीदने हेतु आवश्यक प्रावधान, उच्च न्यायालय के परामर्श से राज्य सरकार द्वारा निर्गत किया जाएगा।
[II.]
(a) बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के प्रभाव से शिशु शिक्षा भत्ता प्रतिमाह ₹2,250/- एवं छात्रावास अनुदान ₹6,750/- प्रतिमाह अथवा वास्तविक खर्च, जो कम हो, की दर से अधिकतम दो संतानों हेतु बारहवीं कक्षा तक की शिक्षा के लिए अनुमान्य किया जायेगा।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर(cid:547), 2024 (b) दिव्यांग बच्चों के लिए उपरि कंडिका में वर्णित दर के दोगुने दर से भुगतान/प्रतिपूर्ति अनुमान्य होगा।
(c) महंगाई भत्ता 50% होने पर उपरोक्त भत्ता एवं अनुदान में 25% की बढ़ोत्तरी की जाएगी।
(d) शिशु शिक्षा भत्ता एवं छात्रावास अनुदान की प्रतिपूर्ति संस्थान के प्रधान द्वारा व्यय को अंकित करते हुए निर्गत प्रमाण-पत्र के आधार पर की जाएगी।
[III.] नगर क्षतिपूरक भत्ता अनुमान्य नहीं होगा। पूर्व में यदि उक्त मद में भुगतान हुआ हो, तो उसकी वसूली नहीं की जायेगी।
[IV.]
(Concurrent Charge )
(a) यह भत्ता, 10 कार्य दिवस से अधिक के अतिरिक्त प्रभार वाले पद के वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम का 10% होगा।
(b) उक्त सीमा के अधीन कार्य दिवस में किए गए न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक पदाधिकारियों को मिलने वाले अतिरिक्त प्रभार के लिए (Concurrent Charge) भत्ता के सम्बन्ध में निर्णय लिया जाएगा।
[V.] (a) पुल कार व्यवस्था समाप्त की जाती है। परन्तु, ऐसी सुविधा प्राप्त न्यायिक पदाधिकारी एक वर्ष की अवधि के लिए पुल कार सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें परिवहन भत्ता अनुमान्य नहीं होगा।
(b) बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारी, जो अपने निजी वाहन का उपयोग सरकारी कार्य हेतु करते हों, उन्हें रख-रखाव एवं चालक हेतु रु॰ 10,000/- प्रतिमाह की दर से परिवहन भत्ता दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से अनुमान्य होगा। दिनांक-01/01/2021 के प्रभाव से यह दर रु॰ 13,500/- हो जायेगा। जिन पदाधिकारियों के पास अपना निजी वाहन नहीं है और वे पुल कार की सुविधा भी प्राप्त नहीं करते हैं, उन्हें भी उक्त दर से परिवहन भत्ता अनुमान्य होगा। पुनः जिन पदाधिकारियों को वाहन चालक के रूप में कार्यालय परिचारी उपलब्ध कराया गया है, उन्हें दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से रु॰ 4,000/- प्रतिमाह की दर से परिवहन भत्ता अनुमान्य होगा। दिनांक-01/01/2021 से यह राशि रु॰ 5000/- प्रतिमाह होगी। ईंधन भत्ता के अतिरिक्त यह लाभ देय होगा। (c) न्यायिक पदाधिकारी, जो अपने निजी वाहन का उपयोग सरकारी कार्य हेतु करते हों, को शहरी क्षेत्र हेतु 100 लीटर पेट्रोल/डीजल एवं अन्य क्षेत्रों हेतु 75 लीटर पेट्रोल/डीजल प्रतिमाह अनुमान्य हो सकेगा। यह प्रतिपूर्त्ति वास्तविक खपत के आलोक में स्व-प्रमाणन (Self-Certification) के आधार पर की जाएगी।
(d) पूर्व से सरकारी वाहन की सुविधा प्राप्त कर रहे न्यायिक पदाधिकारियों की सूची में निदेशक, बिहार न्यायिक अकादमी अथवा न्यायिक प्रशिक्षण संस्थान/प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार भी शामिल होंगे।
(e) सरकारी कार्य हेतु सरकारी वाहन से की गई यात्रा हेतु ईंधन की अधिसीमा वास्तविक खपत के हद तक लॉग बुक एवं संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणन के आधार पर अनुमान्य होगा। निजी उद्देश्यों के लिए सरकारी वाहन का उपयोग 300 किलोमीटर (प्रतिमाह) की अधिसीमा तक राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर पर किया जा सकेगा। सरकारी वाहन के निजी उपयोग की गणना अर्द्ध-वार्षिक आधार पर की जाएगी।
(f) न्यायिक पदाधिकारी अपने वाहन के बायीं ओर मध्यम आकार के "जज" नामक स्टीकर का प्रयोग कर सकेंगे, जिसके सम्बन्ध में परिवहन विभाग द्वारा आवश्यक मार्ग-निर्देश निर्गत किया जायेगा।
(g) न्यायिक पदाधिकारियों को 10 लाख रूपये की अधिसीमा तक सुलभ ब्याज दर पर मोटरकार खरीदने हेतु ऋण सुविधा (soft loan) उपलब्ध कराया जायेगा। इस संबंध में विस्तृत प्रावधान/प्रक्रिया वित्त विभाग द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से निर्धारित किया जायेगा।
[VI.] बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत दर के अनुसार महँगाई भत्ता अनुमान्य होगा।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर(cid:547), 2024 [VII.] न्यायिक पदाधिकारियों को उपार्जित अवकाश का नकदीकरण निम्न रूप से अनुमान्य होगाः- (a) L.T.C. का उपभोग करने के क्रम में, 10 दिनों के उपार्जित अवकाश का नकदीकरण, सम्पूर्ण सेवा अवधि में अधिकतम छः बार, कुल 60 दिनों के लिए अनुमान्य होगा। (b) दो वर्षों के ब्लॉक में 30 दिन के उपार्जित अवकाश का नकदीकरण अनुमान्य होगा। (c) उपर्युक्त (a) एवं (b) के अतिरिक्त, सेवानिवृत्ति के समय अव्यवहृत उपार्जित अवकाश का नकदीकरण 300 दिनों के अधिसीमा तक अनुमान्य होगा।
(d) दिनांक-01/01/2016 के उपरांत सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारी, जिन्हें उपरोक्त कंडिका-(a) एवं (b) के अधीन अनुमान्य छुट्टी के नकदीकरण को सेवानिवृत्ति के समय छुट्टी नकदीकरण के विरुद्ध समायोजित किया गया हो तो उक्त समायोजित अवधि का भुगतान संकल्प निर्गत होने के तीन माह के अंदर किया जाएगा।
[VIII.] (a) राज्य न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों द्वारा उनके आवास के लिए विद्युत एवं जल शुल्क के रूप में किये गये मासिक भुगतान का 50% की राशि की प्रतिपूर्ति, वास्तविक अभिश्रव के विरुद्ध की जायेगी।
| Unit | ||
| 8000 units प्रतिवर्ष | 420 Kls प्रतिवर्ष | |
| 6000 units प्रतिवर्ष | 336 Kls प्रतिवर्ष |
[IX.] न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को विधि में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने पर तीन अग्रिम वेतन-वृद्धि एवं पीएच॰डी॰ की उपाधि प्राप्त करने पर एक अतिरिक्त अग्रिम वेतन-वृद्धि का लाभ अनुमान्य होगा। नियुक्ति के पूर्व उपरोक्त उपाधि धारित करने की स्थिति में यह लाभ नियुक्ति की तिथि से तथा सेवा अवधि में उपरोक्त उपाधि प्राप्त करने पर, उपाधि प्राप्ति की तिथि से अनुमान्य होगा। एक बार अग्रिम वेतन-वृद्धि प्राप्त करने के बाद किसी अन्य विषय में स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट डिग्री के लिए अग्रिम वेतन-वृद्धि अनुमान्य नहीं होगा। अग्रिम वेतन-वृद्धि नियमित एवं डिस्टेन्स लर्निंग प्रोग्राम से प्राप्त डिग्री, दोनों मामलों में प्राप्त होगा। [X.] बिहार न्यायिक सेवा के कार्यरत पदाधिकारियों को दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से निम्न दर से घरेलू-सह-कार्यालय सहायता भत्ता अनुमान्य होगा :- (a) राज्य सरकार द्वारा अकुशल श्रमिक के लिए निर्धारित मासिक न्यूनतम पारिश्रमिक जो, रु॰ 10,000/- प्रतिमाह से कम न हो।
(b) राज्य सरकार द्वारा अकुशल श्रमिक के लिए निर्धारित मासिक न्यूनतम पारिश्रमिक का 60%, जो रु॰ 7,500/- प्रतिमाह से कम न हो।
घरेलू कार्य के लिए जिन्हें परिचारी की सेवा उपलब्ध है, उन्हें उपरोक्त भत्ता अथवा परिचारी की सेवा, में से एक का विकल्प देना होगा।
(c) बिहार न्यायिक सेवा के पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनरों को क्रमशः रु॰ 9,000/- प्रतिमाह एवं रु॰ 7,500/- प्रतिमाह की दर से दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से घरेलू सहायता भत्ता अनुमान्य हो सकेगा। यह भत्ता दिनांक- 01/01/2021 के प्रभाव से 30% के वर्द्धित दर से अनुमान्य होगा।
(d) यह भत्ता स्व-प्रमाणन के आधार पर भुगतेय होगा।
[XI.] (a) जिन न्यायिक सेवा के अधिकारियों को सरकारी आवास आवंटित है, वे मकान किराया भत्ता के हकदार नहीं होंगे।
(b) माता-पिता/पति-पत्नी या स्वयं के घर में रहने वाले न्यायिक पदाधिकारी हेतु अनुशंसित मकान किराया भत्ता, दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से अनुमान्य होगा। इसके लिए उन्हें उच्च न्यायालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी। वैसे पदाधिकारी, जो पूर्व से ही किराये के मकान में रहते हैं, उन्हें दिनांक-01/01/2020 के प्रभाव से वास्तविक किराया की प्रतिपूर्ति निर्धारित अधिसीमा के अन्दर प्राप्त होगा।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर(cid:547), 2024 (c) वैसे न्यायिक पदाधिकारी, जो किराये के मकान में स्व-प्रयास से रहते हैं, के मकान किराये (HRA की निर्धारित अधिसीमा तक) का भुगतान संबंधित प्रधान न्यायाधीश एवं समकक्ष द्वारा सीधे मकान मालिक को किया जायेगा। ऐसे मामलों में सबंधित न्यायिक पदाधिकारी को मकान किराया भत्ता की प्रतिपूर्ति अनुमान्य नहीं होगी।
(d) केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित मकान किराया भत्ता, O.M. No. 20/5/17-E दिनांक-07/07/2017 न्यायिक पदाधिकारियों के मामले में लागू होगा। मकान किराया भत्ता निम्न दर से शहरों के वर्गीकरण के आधार पर अनुमान्य होगाः-
| % | |
| X | 24% |
| Y | 16% |
| Z | 8% |
न्यूनतम 5400/-, 3600/- एवं 1800/- से कम नहीं होगा।
| 25% | 50% | |
| X | 27% | 30% |
| Y | 18% | 20% |
| Z | 9% | 10% |
(a) न्यायिक सेवा के पदाधिकारी को प्रत्येक पाँच वर्ष पर रु॰ 1.25 लाख का फर्नीचर अनुदान वास्तविक अभिश्रव प्र्रस्तुत करने पर अनुमान्य होगा। जिन पदाधिकारियों की सेवानिवृति हेतु सेवा-अवधि दो वर्ष से कम न हो, वे भी इस अनुदान के पात्र होंगे। उक्त अनुदान से घरेलू विद्युत उपकरण भी खरीदे जा सकते हैं। अधिकारी द्वारा उपयोग किये जा रहे फर्नीचर को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य हृास दर पर खरीदने का विकल्प नये अनुदान या सेवानिवृत्ति के समय उपलब्ध होगा।
(b) फर्नीचर अनुदान के अलावा, प्रत्येक न्यायिक अधिकारी के आवास पर हर पाँच साल में एक बार एयरकंडीशनर (राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अधिसीमा तक) वास्तविक अभिश्रव के आधार पर प्रदान किया जायेगा।
(c) मकान किराया भत्ता एवं निजी आवास/क्वार्टर/अतिथि गृह-सह-ट्रांजिट होम के संबंध में विस्तृत आदेश अलग से वित्त विभाग द्वारा सम्बन्धित विभाग के परामर्श से निर्गत किया जाएगा। [XII.] (a) न्यायिक अधिकारियों को 03 वर्षों के ब्लॉक में एक LTC एवं एक HTC की अनुमति दी जा सकेगी। नव-नियुक्त न्यायिक पदाधिकारियों को प्रथम तीन वर्षाें के ब्लॉक में दो HTC अनुमान्य होगा। ब्लॉक वर्ष की गणना परिवीक्षा अवधि के समाप्ति के उपरांत की जायेगी।
(b) सभी कोटि के न्यायिक पदाधिकारी को LTC हेतु हवाई यात्रा अनुमान्य होगी। इस हेतु टिकट की खरीदगी सरकार द्वारा निर्धारित एजेन्सी अथवा सीधे वायुयान कम्पनी से की जानी होगी तथा यात्रा की श्रेणी/अग्रिम आदि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शर्त्तों के अधीन अनुमान्य होंगी।
(c) न्यायिक पदाधिकारी बकाये LTC का उपयोग सेवानिवृत्ति के उपरान्त एक वर्ष की सीमा के अन्तर्गत करेंगे।
(d) LTC स्वीकृत करते समय 10 दिनों की अर्जित छुट्टी का नकदीकरण (अधिकतम 60 दिनों के अधीन) अनुमान्य होगा। यह सेवानिवृत्ति के समय 300 दिन और दो वर्ष के ब्लॉक में 30 दिनों के नकदीकरण के अतिरिक्त होगा। इस सुविधा का उपभोग करते समय उपार्जित अवकाश के प्रारम्भ एवं अन्त में से एक अवसर पर दो आकस्मिक अवकाश जोड़ा जा सकेगा।5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर(cid:547), 2024 (e) इस संबंध में आवश्यक विस्तृत आदेश अलग से निर्गत किया जाएगा।
[XIII.] दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से कार्यरत न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को प्रतिमाह रु॰ 3000/- की दर से एवं सेवानिवृत्त पेंशनर/पारिवारिक पेंशनरों को प्रतिमाह रु॰ 4000/- की दर से चिकित्सा भत्ता अनुमान्य होगा।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के संबंध में आवश्यक प्रावधान किये जाने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग से सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।
[XIV.] (a) जिला न्यायाधीश को प्रतिमाह दो समाचार पत्र एवं दो पत्रिका के लिए क्रमशः रु॰ 1000/- एवं सिविल जज के लिए दो समाचार पत्र तथा एक पत्रिका हेतु रु॰ 700/- की प्रतिपूर्त्ति की जाएगी।
(b) यह प्रतिपूर्त्ति अर्द्ध-वार्षिक आधार पर जनवरी से जून एवं जुलाई से दिसम्बर के लिए स्व-प्रमाणन (Self-Certification) के आधार पर अनुमान्य होगा।
(c) यह दर दिनांक-01/01/2020 से प्रभावी होगा।
[XV.] (a) प्रत्येक तीन वर्ष पर पोशाक भत्ता के रूप में रु॰ 12,000/- का नगद भुगतान किया जायेगा, जो दिनांक-01/01/2016 सेे प्रभावी होगा।
[XVI.] (a) प्रशासनिक कार्य करने वाले निम्नलिखित न्यायिक पदाधिकारियों को उनके पदनाम के
| प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश | 7000/- प्रतिमाह। |
| न्यायालीय कार्यों के अतिरिक्त प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने वाले जिला न्यायाधीश/अपर जिला न्यायाधीश/जिला न्यायाधीश, जो विशेष न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों के अध्यक्ष हों। | 3500/- प्रतिमाह। |
| सी॰जे॰एम॰ और प्रधान वरिष्ठ, कनिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अन्य पदाधिकारी, (जिनके पास स्वतंत्र न्यायालयों के प्रभारी होने के नाते फाइलिंग शक्तियों के साथ प्रशासनिक जिम्मेवारियाँ हों)। | 2000/- प्रतिमाह |
[XVII.] (a) दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से निम्न दर से आतिथ्य भत्ता अनुमान्य होगाः- - 7800/- प्रतिमाह - 5800/- प्रतिमाह - 3800/- प्रतिमाह (b) प्रधान जिला न्यायाधीश (जो प्रशासनिक कार्यों के प्रभार में हों)/जिला न्यायाधीश (प्रवर कोटि अथवा अधिकाल वेतनमान)/निदेशक, न्यायिक अकादमी/न्यायिक प्रशिक्षण संस्थान/सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकार तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, को 1000/- के दर से अतिरिक्त आतिथ्य भत्ता अनुमान्य होगा।
(c) सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारियों को आतिथ्य भत्ता अनुमान्य नहीं होगा।
[XVIII.] (a) न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को दूरभाष सुविधा निम्न प्रकार से देय होगाः-
:
:
(i) जिला जज - 1500/- प्रतिमाह सिविल जज - 1000/- प्रतिमाह (ii) जिला जज - 1000/- प्रतिमाह सिविल जज - 750/- प्रतिमाह6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर(cid:547), 2024 (iii) : न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को मोबाईल फोन निम्न दर से देय होगीः- जिला जज - 30,000/- - 2000/- प्रतिमाह सिविल जज - 20,000/- - 1500/- प्रतिमाह (सिनियर एवं जूनियर डिविजन)
(b) न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के अनुरोध पर मोबाईल फोन हैण्डसेट को 03 वर्ष पर एक बार बदला जा सकेगा। अधिकारी द्वारा उपयोग किये जा रहे पुराने मोबाईल को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य हृास दर पर खरीदने का विकल्प दिया जायेगा। इस हेतु दिशा-निर्देश निर्गत किया जायेगा।
(c) कार्यालय दूरभाष की सुविधा पूर्ववत् रहेगा। [XIX.] (a) राज्य न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के स्थानांतरण होेने पर एक माह के मूल वेतन के बराबर राशि का एक मुश्त भुगतान स्थानांतरण अनुदान के रूप में दिया जायेगा, परन्तु 20 किलोमीटर या इससे कम दूरी अथवा समान शहर, जिसमें निवास स्थान वास्तव में परिवर्तित हो रहा हो, की दशा में मूल वेतन का एक-तिहाई राशि एक मुश्त स्थानांतरण अनुदान के रूप में दी जायेगी।
(b) घरेलू समान की ढुलाई हेतु, भारत सरकार के व्यय विभाग द्वारा दिनांक-13/07/2017 को निर्गत O.M. के प्रावधान लागू होंगे। सड़क मार्ग से परिवहन के मामले में अनुमान्य राशि रु॰ 50/- प्रति किलोमीटर होगी (जिसमें लोडिंग एवं अनलोडिंग के लिए श्रम शुल्क शामिल है) या वास्तविक जो भी कम हो, अनुमान्य होगा। महँगाई भत्ता 50% होने पर उक्त दर में 25% वृद्धि होगी।
(c) उपरोक्त भत्ता दिनांक-01/01/2016 के प्रभाव से लागू होगा। वैसे न्यायिक सेवा के पदाधिकारी, जो दिनांक-01/01/2016 के बाद स्थानांतरित हुये हों, उन्हें पुनरीक्षित दर के अनुसार अन्तर राशि देय होगी। जिन भत्तों के भुगतान में अभिश्रव की आवश्यकता है, उन भत्तों का भुगतान भी संकल्प निर्गत होने के माह तक स्व-प्रमाणन (Self-Certification) के आधार पर अनुमान्य होगा, परन्तु संकल्प निर्गत होने के माह के पश्चात् के लिए भुगतान यथानिर्धारित विधि से अनुमान्य होगा। बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में निर्गत संकल्प के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाईयों का वित्त विभाग द्वारा निराकरण किया जाएगा। ————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त । (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 168-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0 । Website: http://egazette.bih.nic.in