(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 9 फा(cid:227)गुन 1945 (श0) सं(cid:201)या 09 पटना, बुधवार, ————————
28 फरवर(cid:547) 2024 (ई0) (cid:464)वषय-सूची पृ(cid:231)ठ भाग-1—िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। 2-6 भाग-1-क—(cid:232)वयंसेवक गु(cid:227)म(cid:585) के समादे(cid:231)टाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मै(cid:282)(cid:547)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मु(cid:201)तार(cid:547) पर(cid:547)(cid:162)ाओं के पर(cid:547)(cid:162)ा-फल, काय(cid:91)(cid:272)म, छा(cid:287)वृ(cid:464)(cid:419) (cid:292)दान, आ(cid:464)द। ---
भाग-1-ग—िश(cid:162)ा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:547)(cid:162)ाफल आ(cid:464)द ---
भाग-2—(cid:464)बहार-रा(cid:207)यपाल और काया(cid:91)(cid:218)य(cid:162)(cid:585) (cid:430)ारा िनकाले गये (cid:464)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ(cid:464)द। 7-12 भाग-3—भारत सरकार, पि(cid:433)म बंगाल सरकार और उ(cid:205)च (cid:219)यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और रा(cid:207)य गजट(cid:585) के उ(cid:424)रण। ---
भाग-4—(cid:464)बहार अिधिनयम ---
पृ(cid:231)ठ भाग-5—(cid:464)बहार (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)वधेयक, उ(cid:200)त (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत या उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)कये जानेवाले (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और उ(cid:200)त (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:464)वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम िजनपर रा(cid:231)(cid:282)पित क(cid:551) (cid:207)ये(cid:231)ठअनुमित िमल चुक(cid:551) है। ---
भाग-8—भारत क(cid:551) संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)वधेयक, संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:464)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:464)व(cid:163)ापन
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भाग-9-क—वन (cid:464)वभाग क(cid:551) नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द। 13-15
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पूरक
पूरक-क 15-382 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
भाग-1
(cid:467)नयुि(cid:200)त, पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), शि(cid:200)त, छु (cid:618)ट(cid:547) और अ(cid:219)य वैयि(cid:200)तक सूचनाएं —————
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ——— प्रभार प्रतिवेदन 9 फरवरी 2024 सं॰ 70—अधोहस्ताक्षरी मैं निर्मल कुमार, भा॰प्र॰से॰ सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी-1019/2023-सा0प्र0-2166 दिनांक-05.02.2024 के आलोक में भारतीय प्रषासनिक सेवा में अपर सचिव के पद पर प्रोन्नति के फलस्वरूप आज दिनांक-06.02.2024 को पूर्वाह्न/अपराह्न में संयुक्त सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के पद का स्वतः प्रभार परित्याग किया। सामान्य प्रषासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/सी-1019/2023-सा0प्र0-2166 दिनांक-05.02.2024 द्रष्टव्य। प्रतिहस्ताक्षरित पंकज कुमार, प्रधान सचिव।
निर्मल कुमार, भारमुक्त पदाधिकारी।
——— प्रभार प्रतिवेदन 9 फरवरी 2024 सं॰ 71—अधोहस्ताक्षरी मैं निर्मल कुमार, भा॰प्र॰से॰ सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी-1019/2023-सा0प्र0-2166 दिनांक-05.02.2024 के आलोक में भारतीय प्रषासनिक सेवा में अपर सचिव के पद पर नियुक्ति के फलस्वरूप आज दिनांक-06.02.2024 को पूर्वाह्न/अपराह्न में अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के पद का स्वतः पदभार ग्रहण किया। सामान्य प्रषासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/सी-1019/2023-सा0प्र0-2166 दिनांक-05.02.2024 द्रष्टव्य। प्रतिहस्ताक्षरित पंकज कुमार, प्रधान सचिव।
निर्मल कुमार, भारग्राही पदाधिकारी।
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01/प्रो॰-10/2023 S —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 21.11.2023 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा के आलोक में कार्यपालक अभियंता (असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री प्रदीप कुमार झा, सहायक अभियंता | 1142 2004/56 |
| 2 | श्री प्रेम कुमार, सहायक अभियंता | 1196 2005/76 |
| 3 | श्री संजीव कुमार सिन्हा, सहायक अभियंता | 1198 2005/80 |
| 4 | श्री अभय कुमार, सहायक अभियंता | 1199 2005/81 |
| 5 | श्री अविनाश कुमार, सहायक अभियंता | 1367 2008/66 |
| 6 | श्री रितेश चन्द्र सिन्हा, सहायक अभियंता | 1406 2008/177 |
| 7 | श्री रणजीत कुमार, सहायक अभियंता | 1420 2008/19 |
| 8 | श्री गणेशजी, सहायक अभियंता | 2014/568 |
| 9 | श्री रवि रंजन कुमार, सहायक अभियंता | 2014/755 |
2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोप मुक्त होने की स्थिति में कनीयतम् पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोप मुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-
(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।
(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा। 4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/ संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान् के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम् न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———
01/प्रो॰-10/2023 S —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 21.11.2023 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा के आलोक में अधीक्षण अभियंता (असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-13) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| 1 श्री विजय कुमार,, कार्यपालक अभियंता | 669 1995/57 | |
| 2 श्री राकेश कुमार,, कार्यपालक अभियंता | 815 1997/83 | |
| 3 श्री अरूण कुमार, कार्यपालक अभियंता | 979 |
2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोप मुक्त होने की स्थिति में कनीयतम् पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोप मुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-
(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।
(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।
4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/ संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान् के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम् न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———
01/प्रो॰-10/2023 S —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक21.11.2023 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा के आलोक में उप निदेशक के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री अश्विनी कुमार, सहायक निदेशक | 10/2016 |
2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोपमुक्त होने की स्थिति में कनीयतम् पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोप मुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारी को पद भार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-
(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।
(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।
4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारीय स्थानियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी।5 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान् के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम् न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होनेवाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———
01/प्रो॰-10/2023 S —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 21.11.2023 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा एवं अधिसूचना ज्ञापांक-636, दिनांक 10.01.2024 द्वारा विस्तारित समय-सीमा के आलोक में अधीक्षण अभियंता (असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-13) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री अमलेश्वर प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियंता (कार्यकारी प्रभार)। | 974 |
2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोप मुक्त होने की स्थिति में कनीयतम् पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोप मुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारी को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-
(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।
(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।
4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/ संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान् के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम् न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———
01/प्रो॰-10/2023 S —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 21.11.2023 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा एवं अधिसूचना ज्ञापांक-636, दिनांक 10.01.2024 द्वारा विस्तारित समय-सीमा के आलोक में मुख्य अभियंता6 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 (असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-13A) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री कासिम अंसारी, अधीक्षण अभियंता (कार्यकारी प्रभार)। | 547 1989/52 |
2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोप मुक्त होने की स्थिति में कनीयतम् पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोप मुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान् सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारी को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-
(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।
(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।
4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/ संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान् के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम् न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 50—571+100-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in7 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
भाग-2
बिहार-रा(cid:789)यपाल और काया(cid:330)(cid:801)य(cid:407)ों (cid:554)ारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
—————
(cid:356)ामीण विकास विभाग
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शु(cid:304)(cid:544) प(cid:361)
29 फरवरी 2024
अधि0सं0R-504/71/2023/Section-14/Rdd-Rdd(281970)-2580979/(cid:356)ा0वि0—विभागीय अधिसूचना सं(cid:783)या 2557644 पटना, दिनांक–12.02.2024 के 5वां पैरा म(cid:336) अंकित (cid:366)वि(िcid:700)'(cid:373)ी अशोक कु मार की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जायʼके (cid:830)थान पर'(cid:373)ी राजु कु मार की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जायʼपढ़ा जाय ।
अधिसूचना के शेष अंश यथावत् रहेग(cid:336) ।
आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, अपर सचिव ।
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—श्री प्रभात कुमार, बि0प्र0से0 कोटि क्रमांक-785/19 तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा नालंदा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-23118 दिनांक-31.12.2023 द्वारा निन्दन (आरोप वर्ष-2018-19) का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया है।
श्री कुमार द्वारा बकाश्त मालिक जमीन रैयती मान्यता दिनांक-25.01.2017 को पारित आदेश में दिया गया है। अर्थात आरोप का वर्ष 2016-17 है।
अतः संकल्प ज्ञापांक-23118 दिनांक-31.12.2023 में निन्दन के दण्ड का आरोप वर्ष 2018-19 के बदले वर्ष 2016-17 पढ़ा जाय।
उक्त संकल्प को इस हद तक संशोधित समझा जाय। ———
27/नि०था०-11-06/2019 —श्री ओम प्रकाश, बि०प्र०से०, कोटि क्रमांक-492/11, तत्कालीन जिला योजना पदाधिकारी, सीतामढ़ी के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही (संकल्प संख्या 6245 दिनांक 21.05.2017) को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9133 दिनांक 15.05.2023 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43 (बी) में सम्परिवर्तित किया गया।
विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9133 दिनांक 15.05.2023 में उल्लिखित ''श्री ओम प्रकाश दिनांक 31.12.2022 को सेवा निवृत हो चुके हैं।'' के स्थान पर ''श्री ओम प्रकाश दिनांक 26.02.2020 को अनिवार्य सेवा निवृत किये गये हैं।'' पढ़ा जाय। 2. संकल्प के शेष तथ्य यथावत रहेंगे।8 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 —श्रीमती राखी कुमारी, बि0प्र0से0 कोटि क्रमांक-1412/11 तत्कालीन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, मधेपुरा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक -6317 दिनांक-03.04.2023 द्वारा निन्दन आरोप वर्ष 2016-17 एवं दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया है।
संकल्प की कंडिका 2 में अंकित पत्रांक 5597 दिनांक 08.06.2021 के स्थान पर पत्रांक 9760 दिनांक 16.06.2022 एवं पत्रांक 879 दिनांक 02.07.2021 के स्थान पर पत्रांक 33 दिनांक 11.02.2023 पढ़ा जाय।
2. संकल्प के शेष तथ्य यथावत रहेंगे। ह॰/- ———
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01/प्रो॰-10/2023-64(S)—सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के अधीन पथ निर्माण विभाग की अधिसूचना संख्या-6465 (एस), दिनांक 26.10.2023 के द्वारा बिहार अभियंत्रण सेवा के निम्नलिखित सहायक अभियंता (असैनिक) को कार्यपालक अभियंता (असैनिक) के पद का कार्यकारी प्रभार दिया गया है :-
| 1 | 100 | श्री गणेश दास | कार्यपालक अभियंता (असैनिक) | 2014/806 |
2. श्री दास की सेवा संपुष्ट नहीं रहने के कारण विभागीय अधिसूचना संख्या-6465 (एस), दिनांक 26.10.2023 के क्रमांक-100 पर अंकित प्रविष्टि को विलोपित करते हुए इन्हें कार्यपालक अभियंता (असैनिक) के किया जाता है। 3. अधिसूचना संख्या-6465 (एस), दिनांक 26.10.2023 की शेष प्रविष्टियाँ यथावत रहेंगी।
जल संसाधन विभाग
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आदेश
16 फरवरी 2024
सं॰ बा॰प्र॰सु॰स॰के॰-50/2016 (अंश-1)-202—जल संसाधन विभाग, पटना, बिहार के अधीन बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केन्द्र, पटना के नियंत्रण में विश्व बैंक सम्पोषित बिहार कोशी बेसिन विकास परियोजना के अंतर्गत स्थापित गणितीय प्रतिमान केन्द्र (Mathematical Modelling Centre-MMC) के सुचारू संचालन हेतु विभागीय संकल्प सं॰ 5/डी॰-04-10-01/2017-1334 दिनांक-26/05/2017 की स्वीकृृति के क्रम में विभागीय पत्रांक बा॰प्र॰सु॰स॰के॰-50/2016-981 दिनांक-29/12/2017 के द्वारा वरीय भौगोलिक सूचना प्रणाली विशेषज्ञ के पद पर श्री संजय कुमार, कनीय भौगोलिक सूचना प्रणाली विशेषज्ञ के पद पर श्री पीयूष कुमार, सॉफ्टवेयर अभियंता/ प्रोग्रामर विशेषज्ञ के पद पर श्री प्रेम कुमार, विभागीय पत्रांक बा॰प्र॰सु॰स॰के॰-50/2016(अंश-1)-84 दिनांक-30/01/2019 के द्वारा बेवमास्टर/ वेब अभिकल्पन विशेषज्ञ के पद पर श्री धीरज कुमार सिंह तथा विभागीय पत्रांक बा॰प्र॰सु॰स॰कें॰-11/2022-1014 दिनांक-15/12/2022 के द्वारा तंत्र प्रबंधक के पद पर श्री विकास कुमार को एक वर्ष के लिए संविदा पर अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है एवं समय-समय पर उनकी सेवा विस्तारित की गयी है । विभागीय आदेश संख्या-बा॰प्र॰सु॰स॰के॰-50/2016-614 दिनांक 11/08/2017 द्वारा गठित विभागीय चयन समिति की दिनांक-12/01/2024 को संपन्न बैठक में की गयी अनुशंसा के आलोक में निम्नलिखित पॉंच अदद विशेषज्ञों को9 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 उनके नाम के सम्मुख स्तंभ-4 में अंकित पदों पर स्तम्भ-5 में अंकित अवधि के लिए एवं स्तम्भ-6 में अंकित मासिक
| क्र॰ | नाम | गृह जिला | पदनाम | अनुबंध की अवधि | मासिक पारिश्रमिक |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. |
| 1. | श्री संजय कुमार | पटना, बिहार | वरीय भौगोलिक सूचना प्रणाली विशेषज्ञ | 10.01.2024 से 09.01.2025 तक | ₹ 75,075/- (रु॰ पछहत्तर हजार पछहत्तर मात्र) |
| 2. | श्री पीयूष कुमार | नवादा, बिहार | कनीय भौगोलिक सूचना प्रणाली विशेषज्ञ | 08.01.2024 से 07.01.2025 तक | ₹ 45,000/- (रु॰ पैंतालीस हजार मात्र) |
| 3. | श्री प्रेम कुमार | नालन्दा, बिहार | सॉफ्टवेयर अभियंता/ प्रोग्रामर विशेषज्ञ | 12.01.2024 से 11.01.2025 तक | ₹ 72,187/- (रु॰ बहत्तर हजार एक सौ सतासी मात्र) |
| 4. | श्री धीरज कुमार सिंह | सारण, बिहार | बेवमास्टर/ वेब अभिकल्पन विशेषज्ञ | 11.02.2024 से 10.02.2025 तक | ₹ 63,800/- (रु॰ तिरसठ हजार आठ सौ मात्र) |
| 5. | श्री विकास कुमार | पटना, बिहार | तंत्र प्रबंधक | 17.01.2024 से 16.01.2025 | ₹ 75,000/- (रु॰ पछहत्तर हजार मात्र) |
2. संविदा के आधार पर नियोजन का यह सेवा विस्तार प्रथमतः 01(एक) वर्ष की अवधि या 65(पैंसठ) वर्ष की उम्र (जो भी पहले हो) तक के लियेे होगी । कार्य संतोषजनक पाये जाने पर संविदा सेवा अवधि विस्तार किया जा सकेगा ।
3. संविदा के आधार पर नियोजित व्यक्ति सरकारी सेवक नहीं माने जायेंगे एवं इस संविदा नियोजन के पश्चात् सरकारी सेवा में विनियमितिकरण का दावा मान्य नहीं होगा ।
4. संविदा पर नियोजित कर्मी को सरकारी कर्मी की भांति अनुमान्य आकस्मिक अवकाश मात्र अनुमान्य होगा ।
5. सरकारी कार्यवश यात्रा किये जाने की स्थिति में सक्षम प्राधिकार (प्रधान सचिव/सचिव) के आदेश/अनुमोदन से यात्रा पर की गयी वास्तविक व्यय अनुमान्य होगा ।
6. संविदा नियुक्ति के क्रम में किये गये अनुबंध समाप्ति की तिथि के पूर्व यदि नियोजित व्यक्ति का पुनर्नियोजन/सेवा विस्तार नहीं होता है तो वैसी स्थिति में निर्धारित तिथि को उनका अनुबंध स्वतः समाप्त माना जायेगा और इसके लिये अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित नहीं होगा ।
7. नियुक्त कर्मियों की सेवाएँ संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर एक माह की पूर्व सूचना देकर उनका नियोजन रद्द किया जा सकता है ।
8. उक्त नियोजन बिना कोई कारण बताये कभी भी समाप्त की जा सकेगी । साथ ही संविदा पर नियोजन के दौरान यदि उनके विरूद्ध किसी प्रकार का गंभीर आरोप अथवा अनुशासनिक कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उनका नियोजन रद््द कर दिया जायेगा ।
9. संबंधित विशेषज्ञों के सेवा विस्तार हेतु मुख्य अभियंता, योजना एवं मोनिटरिंग, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के साथ विहित प्रपत्र में स्तम्भ-5 में अंकित विस्तारित अवधि के लिए एकरारनामा किया जाएगा । संविदा नियोजित व्यक्ति उपरोक्त एकरारनामा के किसी भी शर्त का उल्लंघन करेंगे, तो एकरारनामा स्वतः समाप्त समझा जायेगा ।
10. संविदा के आधार पर नियोजित पद के कार्यो की समीक्षा सावधिक अंतराल पर की जायेगी और कार्य संतोषजनक नहीं रहने पर उनका नियोजन रद्द कर दिया जायेगा ।10 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 11. शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य अर्हताओं की जॉंच संबंधित संस्थान/सक्षम प्राधिकार से कराये जाने के बाद प्रमाण पत्र यदि गलत पाया जाता है तो संबंधित नियोजित पद की सेवा तत््क्षण समाप्त कर दी जायेगी एवं उनको भुगतान किये गये पारिश्रमिक राशि की वसूली नियमानुसार की जायेगी । साथ ही अन्य सुसंगत वैधानिक कार्रवाई की जायेगी ।
12. इनके पारिश्रमिक भुगतान पर होने वाला व्यय मुख्य शीर्ष-2711-बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकास, उप मुख्य शीर्ष-01-बाढ़ नियंत्रण, लघु शीर्ष-001- निदेशन एवं प्रशासन उप शीर्ष-003-क्षेत्रीय स्थापना; विपत्र कोड-49-2711.01. 001.0003 के अन्तर्गत 28.02 संविदा सेवाएॅं विषय शीर्ष के अन्तर्गत भारित होगा ।
13. उक्त प्रस्ताव पर माननीय मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त है ।
आदेश सेे,
अनिल कुमार मंडल, संयुक्त सचिव (प्र॰)।
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अधिसूचना
16 फरवरी 2024
01/विविध-06/2018-251(S)—सामान्य प्रशासन विभाग के अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली-2023 में सन्निहित प्रावधानों के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या-6455 (एस), 26.10.2023, 6457 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6459 (एस), दिनांक 26.10.2023,़ 6461 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6463 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6465 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6719 (एस), दिनांक 07.11.2023 एवं 6721 (एस), दिनांक 07.11.2023 द्वारा पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को विहित वेतनमान के साथ उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु आदेश निर्गत किया गया है।
वित्त (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1443(21), दिनांक 17.11.2023 एवं 1486(21), दिनांक 08.12.2023 से प्राप्त पत्र के आलोक में विभाग द्वारा उपर्युक्त संदर्भित अधिसूचनाओं के अधीन सभी पदाधिकारियों को उच्चतर पद का वेतनमान सुनिश्चित करने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग से निर्गत नियमावली के अधीन पूर्व निर्गत अधिसूचना संख्या-6455 (एस), 26.10.2023, 6457 (एस), दिनांक 26.10.2023,़ 6461 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6463 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6465 (एस), दिनांक 26.10.2023, 6719 (एस), दिनांक 07.11.2023, 6721 (एस), दिनांक 07.11.2023 में वर्णित कंडिका-3 एवं अधिसूचना संख्या-6459 (एस), दिनांक 26.10.2023 की कंडिका-2 के आगे नई कंडिका-(क) एवं (ख) को निम्नरूपेण जोड़ी जाती है :-
2. यह अधिसूचना अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पदों के प्रभार देने हेतु पूर्व से निर्गत उपर्युक्त वर्णित विभागीय अधिसूचना की निर्गत तिथि से ही प्रभावी माना जायेगा।
3. अधिसूचना की शेष कंडिका यथावत रहेंगे। 4. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।11 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 S) ———
सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के संकल्प ज्ञापांक-7433 दिनांक 05.06.2018 द्वारा राज्य की विभिन्न सेवाओं/संवर्गों में प्रोन्नति के लिए कालावधि निर्धारित की गई। फलस्वरूप कालावधि में एकरूपता रखे जाने हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2475 (एस) दिनांक 21.02.2008 में संशोधन आवश्यक है।
अतः विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2475 (एस) दिनांक 21.02.2008 के द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5008 (एस) दिनांक 22.07.1998 के कंडिका-4 (ग) एवं 4 (घ) के स्थान पर पुर्नस्थापित नई कंडिका-4 (ग) को निम्नवत् पढा जाय :- 4 (ग) उपर्युक्त उप कंडिका- (क) में उल्लिखित कोटा के आधार पर सहायक अभियंता के पदों पर प्रोन्नति की यह सुविधा उन सभी कनीय अभियंताओं को समान रूप से उपलब्ध होगी, जिन्होने अपनी सेवाकाल में या सेवा में आने से पूर्व ए॰एम॰आई॰ई॰ अथवा समकक्ष अभियंत्रण स्नातक की परीक्षा में उर्त्तीणता हासिल कर ली हाें तथा कनीय अभियंता के पद पर चार वर्षों की न्यूनतम सेवा पूरी कर चुके हों। भविष्य में सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार द्वारा राज्य की विभिन्न सेवाओं/संवर्गों में प्रोन्नति के लिए निर्धारित कालावधि के अनुरूप न्यूनतम अर्हक सेवा (कालावधि) मानी जायेगी।
रिक्ति के विरूद्व अर्हता प्राप्त कनीय अभियंताओं की योग्यता सूची तैयार करने में कनीय अभियंता संवर्ग में डिग्रीधारी वरीय कनीय अभियंता, डिग्रीधारी कनीय, कनीय अभियंता के उपर क्रमांकित होंगे अर्थात वरीय होंगे। उदाहरणतः किसी कैलेण्डर वर्ष में सहायक अभियंता संवर्ग की होने वाली रिक्ति का 10 प्रतिशत कोटा की उपलब्धता 04 होती हो तो उक्त चार वर्ष (अथवा समय-समय पर सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार द्वारा निर्धारित कालावधि के अनुरूप) सेवा पूरी करने वाले ए॰एम॰आई॰ई॰ अथवा समकक्ष डिग्रीधारी कनीय अभियंताओं में से संवर्ग वरीयतानुसार 04 कनीय अभियंता प्रोन्नति हेतु योग्यता सूची में आरक्षण बिन्दु के अनुसार स्थान प्राप्त करेंगें।
उपरोक्त संकल्प ज्ञापांक-2475 (एस) दिनांक 21.02.2008 के शेष प्रावधान यथावत रहेंगें।
2. यह आदेश इस संकल्प के निर्गत की तिथि से प्रभावी होगा। No.- E03/P01-A8-916/1993-410(S) Road Construction Department ——— Resolution The 25th January 2024 Subject :- Regarding promotion to the post Assistant Engineer from Junior Engineers working in work departments, who have attained AMIE or equavalant qualification before joining service or after joining service. The time period (Kalawadhi) for promotion in various services/cadres of the state was fixed by General Administration Department, Bihar vide resolution memo no.-7433 dated 05.06.2018. Consequently amendment in Departmental Resolution Memo No.-2475 (S) dated 21.02.2008 is necessary to maintain uniformity in the time period (Kalawadhi).
Therefore, by Departmental Resolution Memo No.-2475 (S) dated 21.02.2008 the new paragraph 4 (C) inserted in place of paragraph 4 (C) and 4 (d) of departmental resolution Memo No. 5008 (S) dated 22.07.1998 shall be read as follows :-
4 (c) This facility of promotion to the post of Assistant Engineers on the basis of quota mentioned in above sub-para (a) shall be equally aviliable to all those Junior Engineers who have passed the examination of AMIE or equivalent engineering graduation during their service period or before joining service and must have completed minimum service of four years12 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 on the post of Junior Engineer. In future the minimum qualifying service (Kalawadhi) Shall be considered as per the time period (Kalawadhi) fixed for promotion in various services/cadres of the state by the General Administration Department, Bihar.
In preparing the merit list of the qualified Juniour Engineers against the vacancy, in the Junior Engnieer cadre, the Senior Junior Engineer with a degree, shall be ranked above the Junior Junior Engineer with a degree, i.e. shall be senior. Example: In a calendar year, the availablility of 10% quota of the vacancy of Assistant Engineer cadre is 4, then the merit list for promotion to 4 Junior Engineers according to the cadre seniority from among the Junior Engineers holding AMIE or equivalent degree who have completed the above four years of service (or as per the time period (Kalawadhi) fixed by the General Administration Department, Bihar from time to time) shall get the post according to the reservation roster.
The remaining provision of the above resolution memo no.-2475 (S) dated 21.02.2008 shall remain the same.
2. This ordered shall be effective from the date of issue of this resolution.
Order :- It is ordered that this resolution be published in the next issue of Bihar Gazette for the information of the general public and its copies be send to all the Heads of Departments, Bihar Public Service Commission, Patna and Accountant General Bihar, Patna.
By the order of the Governor of Bihar,
VINAY KUMAR RAI, Joint Secretary.
| Sl. No. | Officers Name | Designation | Remarks |
| 1 | Miss. Malti Kumari | Additional Sub Divisional Officer, Sadar, Aurangabad | District Level |
| 2 | Mr. Swetank Lal | DCLR, Aurangabad | District Level |
| 3 | Sri Iftekhar Ahmed | DPRO, Aurangabd | District Level |
| 4 | Smt. Ratna Priyadarshani | SDC, Aurangabad | District Level |
——— Office of The Commissioner, Magadh Division, Gaya ——— Office Order The 9th February 2024 No.II-रथा0-46/2017-745—In the light of proposal received from Collector, Aurangabad vide letter no.-11, dated- 16.01.2024 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914. Sl. No.
Sd/-Illegible, Secretary to Commissioner.
————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 50—571+100-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in13 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
भाग-9(ख)
निविदा सूचनाएं , प(cid:303)रवहन सूचनाएं , (cid:802)यायालय सूचनाएं और सव(cid:330)साधारण सूचनाएं इ(cid:797)यादि।
—————
No. 201— I, Surya Narayan Pandit S/o Late Bano Pandit R/o Vill- Lagauli, P.O.-Tirath, P.S. Barauni, Distt.-Begusarai 851122, do hereby solemnly affirm and declare as per aff. no. 574 dt. 08-01-24. That my name is written as Suryanarayan Pandit in my son Raja Kumar's Matriculation Certificate and Marksheet issued by CBSE Board bearing Roll no. 7104367. Which is wrong. My correct name is Surya Narayan Pandit
SURYA NARAYAN PANDIT.
सं॰ 202— म(cid:167), सोनी कु मारी(Soni Kumari), िपता - (cid:214)व. कृ (cid:213)णे(cid:198)(cid:254) कु मार झा(Late Krishnendra Kumar Jha), माता- नूतन देवी (Nutan Devi) पित- (cid:255)शांत कु मार झा(Prashant Kumar Jha) (cid:214)थाई पता - जय िहंद कॉलोनी, पो(cid:214)ट + थाना - फु लवारी शरीफ, िजला- पटना, शपथ प(cid:253) सं(cid:180)या 268 िदनांक 1 फरवरी 2024 के (cid:300)ारा घोषणा करती ह(cid:243) ं िक सोनी कु मारी और सोनी झा दोन(cid:332) मेरा ही नाम है म(cid:167) दोन(cid:332) नाम से जानी पहचानी जाती ह(cid:243) ं म(cid:167) अब से सोनी कु मारी के नाम से जानी व पहचानी जाऊं गी I
SONI KUMARI.
सं॰ 220— म(cid:583), क(cid:874)प(cid:219)(cid:289) कु मार (cid:871)संह (Kapindra Kumar Singh), (cid:874)पता-(cid:465)हरा लाल (cid:871)संह, (cid:467)नवासी (cid:302)ी गणेश (cid:874)वहार, (cid:221)लैट नं.-402, बी (cid:222)लॉक नेह(cid:510)नगर, पाट(cid:871)लपु(cid:287)ा, पो(cid:232)ट-पाट(cid:871)लपु(cid:287)ा, थाना-पाट(cid:871)लपु(cid:287)ा, िजला-पटना (cid:466)बहार, शपथ
ं (cid:873)क मेरे आधार काड(cid:91) म(cid:581) मेरा नाम Kapindar Kumar प(cid:287) सं.-11572 (cid:465)द. 30.12.23 (cid:622)वारा सू(cid:876)चत करता हू
Singh, जो गलत है। मेरे शै(cid:162)(cid:872)णक (cid:292)माण प(cid:287) एवं सभी द(cid:232)तावेज(cid:585) के अनुसार मेरा सह(cid:547) नाम Kapindra Kumar Singh है। आगे सभी काय(cid:607) हेतु म(cid:583) Kapindra Kumar Singh के नाम से जाना व पहचाना जाऊं गा।
क(cid:874)प(cid:219)(cid:289) कु मार (cid:871)संह । No. 221—I, Sushant Singh S/o Aditya Kumar Singh R/o Village- Khorampur, Post- Chakamgola, P.S- Desari, Distt.-Vaishali, Bihar 844504 Declare that in my 10th CBSE, 12th BSEB Graduation Patna Univ. Certificate and Mark sheet my name is Wrongly Mentioned as Sushant Kumar my correct name is Sushant Singh Vide Affidavit No- 217 date 08-07-2023 now I will be know as Sushant Singh for all future Purposes.
SUSHANT SINGH.
No. 222—I, Aditya Kumar Singh S/o Yaduweshwar Prasad Singh R/o Village- Khorampur, Post-Chakamgola, P.S- Desari, Distt.-Vaishali,Vide Affidavit No- 216 date 08-07-2023 my name is written in my son's. Sushant Kumar class Xth CBSE, Xllth BSEB And Graduation Patna Univ. Certificate as Aditya Singh which is wrong my correct name is Aditya Kumar Singh Now I will be known As Aditya Kumar Singh for all future Purposes.
ADITYA KUMAR SINGH.
14 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024No. 223— I, Nibha Devi W/o Aditya Kumar Singh R/o Village- Khorampur, Post- Chakamgola, P.S- Desari, Distt.-Vaishali, (Bihar) Vide Affidavit No- 218 date 08-07-2023 my name is written in my son's. Sushant Kumar class Xth CBSE, Xllth BSEB And Graduation Patna Univ. Certificate as Niva devi which is wrong my correct name is Nibha Devi for all future Purposes.
NIBHA DEVI.
No. 224— I "Mayank Apoorvaa" S/o Dinesh Kumar R/o Paschim Darwaza Tam-Tam stand, Gulzarbagh, Patna City 800007, My Aadhar no.- 4198 5528 4108 declare that my name has to be changed from "Mayank Apoorvaa" to "Mayank Apoorva". Now I shall know as "Mayank Apoorva" for all future purposes. Vide affidavit. No.- 487, Date- 18.01.2024.
MAYANK APOORVAA.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 50—571+100 डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in15 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
(cid:366)ाधिकारी (cid:554)ारा (cid:366)काशित
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6 अक्तूबर 2023
श्री प्रमोद कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-998/11, तत्कालीन प्रमुख प्रशासन-सह-प्रमुख विधि अतिरिक्त जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-3804 दिनांक-22.09.2020 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया।
2. श्री कुमार के विरूद्ध आरोप प्रतिवेदित है किः-
(i) अपने पदस्थापन कार्य अवधि में सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-10000 दिनांक-10.07.2015 के निर्णय के प्रतिकूल प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप श्री राम वकील पाण्डेय, से0नि0, वरीय सहायक प्रबंधक, मुख्यालय की संविदा पर नियोजन हेतु अनुशंसा की गयी।
(ii) जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, मोतिहारी के पदस्थापन अवधि दिनांक-10.02.2017 से 02.06.2018 तक के अपना वेतन विपत्र समर्पित नहीं किया गया। इस हेतु वरीय पदाधिकारी द्वारा इनसे वेतन नहीं प्राप्त करने के लिए विषय वस्तु से अवगत कराने तथा वेतन पुर्जा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, जिसका अनुपालन नहीं किया गया। उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना की गयी।
3. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर से आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। अनुमोदित आरोप पत्र पर विभागीय पत्रांक 9464 दिनांक-10.06.2022 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार का कहना है किः-
(i) राज्य खाद्य निगम में प्रबंध निदेशक ही सर्वेसर्वा होते हैं। प्रमुख प्रशासन अथवा कोई अन्य पदधारी सिर्फ प्रबंध निदेशक के द्वारा दिये गये आदेशों का अनुपालन करता है। श्री राम वकील पाण्डेय के मामले मे पुलिस अधीक्षक, निगरानी द्वारा सूचित किया गया था कि यह कांड अनुसंधान अंतर्गत है। अनुसंधान उपरांत फलाफल से अवगत करा दिया जाएगा।
(ii) श्री पाण्डेय को संविदा पर रखे जाने संबंधी टिप्पणी पृष्ठ पर तत्कालीन प्रबंध निदेशक द्वारा स्वयं 'अनुमोदित' लिखा गया है। किसी भी व्यक्ति को संविदा पर रखना अथवा स्थानांतरण करना इनके कार्यक्षेत्र से बाहर था। आवेदनर्काा के दावा एवं निगरानी शाखा के प्रतिवेदन के साथ प्रबंध निदेशक को सूचित कर देना ही इनका दायित्व था। श्री कुमार के अनुसार इनका पदस्थापन कभी भी जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, मोतिहारी के रूप में नहीं किया गया। जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, मोतिहारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
4. श्री कुमार के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा में पाया गया कि :-
(i) सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-10000 दिनांक-10.07.2015 की कंडिका-04 में स्पष्ट प्रावधान है कि अगर किसी पदाधिकारी के विरूद्ध कोई मामला निगरानी में चल रहा है या कोई आरोप विचाराधीन है तो ऐसे पदाधिकारियों की संविदा नियुक्ति नहीं की जाएगी।
(ii) श्री कुमार को श्री राम वकील पाण्डेय के विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना कांड सं0-47/16 दर्ज होने की जानकारी थी। जानकारी होने के बावजूद भी श्री कुमार द्वारा अपनी टिप्पणी में16 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 आरोप के संबंध में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं किया गया। श्री कुमार द्वारा अपनी टिप्पणी में स्पष्ट रूप से अपने वरीय पदाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए था।
(iii) उप प्रमुख प्रशासन, निगम मुख्यालय, पटना द्वारा श्री कुमार को वेतन नहीं लेने के संबंध में स्थिति से अवगत कराने का निदेश दिया गया था, परन्तु श्री कुमार द्वारा उक्त पत्र के आलोक में दिये गये निदेश का अनुपालन नहीं किया गया। वर्णित स्थिति में श्री प्रमोद कुमार का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। 5. समीक्षोपरांत श्री प्रमोद कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-998/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, मोतिहारी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14(i) के संगत प्रावधानों के तहत का दण्ड अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित की गयी। 6. अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री प्रमोद कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-998/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, मोतिहारी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14(i) के संगत प्रावधानों के तहत की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है। ———
16 अक्तूबर 2023
श्रीमती पूनम कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-633/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, कंंकड़बाग अंचल, पटना नगर निगम, पटना के विरूद्ध नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-1618 दिनांक-06.05.2020 द्वारा पटना जल जमाव पर जांच समिति से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया।
2. श्रीमती पूनम कुमारी के विरूद्ध आरोप प्रतिवेदित है किः-
''पटना नगर क्षेत्र में वर्षा ऋतु के पूर्व नालों की सफाई, जल निकासी के लिए पम्पों की मरम्मति, रख-रखाव एवं उन्हें चालू रखने हेतु ससमय कार्रवाई नहीं की गयी। जल जमाव से निजात पाने हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। Outfall Drain नाले की सम्पूर्ण सफाई को लक्ष्य के रूप में नहीं रखा गया। मानसून पूर्व संसाधनों की कमी के बारे में प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया, बल्कि नालों की उचित सफाई हो जाने का प्रतिवेदन दिया गया, जबकि कंकड़बाग अंचल के नालों की उचित सफाई नहीं हुई थी। अंचल क्षेत्र में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता/सहायक अभियंता के समन्वय स्थापित नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। सभी नाले जाम होने के कारण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हुई।''
3. नगर विकास एवं आवास विभाग से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात विभागीय पत्रांक-4601 दिनांंक-11.05.2020 द्वारा श्रीमती पूनम कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्रीमती पूनम कुमारी द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8811 दिनांक-25.09.2020 द्वारा श्रीमती पूनम कुमारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संचालित की गयी।
4. प्रधान सचिव-सह-जांच आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पत्रांक-101 दिनांक-19.
06.2023 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में अंकित है किः- आरोपी पदाधिकारी श्रीमती पुनम कुमारी पर गठित आरोप पत्र में अंकित आरोप एवं अवचार तथा कार्य शिथिलता का लांछन प्रमाणित होता है। यद्यपि अतिक्रमण मुक्त करने एवं अन्य एजेंसियों की भूमिका समरूप होने के कारण उन पर उपरोक्त आरोप समानुपातिक रूप से दोषी हो सकते हैं, इस हेतु केवल आरोपी पदाधिकारी को सम्पूर्ण आरोप का जवाबदेह नहीं माना जाना चाहिए। तदनुरूप आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप संख्या-01, 02 एवं 03 इस हद तक प्रमाणित होते हैं एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 की धारा-3 (1)(i)(ii) एवं (iii) का उल्लंघन है।
5. विभागीय पत्रांक-12270 दिनांक-27.06.2006 द्वारा जाँच प्रतिवेदन पर श्रीमती पूनम कुमारी से बचाव बयान की माँग की गयी। श्रीमती पूनम कुमारी के पत्रांक-कैम्प 1/पटना दिनांक-23.08.2023 द्वारा बचाव बयान समर्पित किया गया, जिसमें वर्णित है किः-
(i) अतिवृष्टि के फलस्वरूप पटना नगर क्षेत्र के जल प्लावित हो जाने के लिए प्रा—तिक/भौगोलिक कारण के अतिरिक्त मानवीय/संस्थागत स्तर पर कमी भी रही थी। जल जमाव के लिए बुडको, तत्कालीन नगर आयुक्त, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको, मुख्य अभियंता, जलापूर्ति ड्रेनेज एवं सिवरेज, अधीक्षण अभियंता भी जवाबदेह रहे हैं। जल जमाव की अवधि में सम्प हाउसों का प्रभावी प्रबंधन, संचालन एवं निर्धारण की जिम्मेवारी उनकी नहीं थी बल्कि बुडको की थी।17 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 (ii) कार्यालय पत्रांक-43 दिनांक नाले/कैचपीट/मेन हॉल के निचली तह/अंतिम छोर तक द्वारा सफाई 20.
04.2019 करने एवं जाल लगाकर घास, जलकुंभी इत्यादि छानने का निदेश दिया गया एवं कार्य कराया गया। जल जमाव का एक मुख्य कारण पुनपुन नदी का जल स्तर बढ़ना एवं स्लूइसगेट का बंद रहना था।
(iii) मानसून के पूर्व पटना नगर निगम एवं बुडको के बीच होने वाली संयुक्त बैठक आयोजित नहीं हो सकी। फिर भी नगर निगम से संयुक्तादेश निर्गत किया गया, जिससे बुडको एवं नगर निगम के पदाधिकारियों/कर्मचारियों को न तो समुचित ब्रिफिंग हुई और न ही इसके समुचित अनुश्रवण किया गया, जिससे कि इनमें आपसी सामंजस्य का पूर्णतः अभाव रहा तथा दिनांक-27.09.2019 को अत्याधिक वर्षा होने के बाद उत्पन्न आकस्मिक स्थिति में यह उपयोगी नहीं हो सका।
(iv) 28 सितंबर, 2019 से 30 सितंबर, 2019 तक कुल तीन दिनों में ही 350 मि0मी0 वर्षा हुई। साथ ही साथ पटना के आसपास बहने वाले तीनों प्रमुख नदियों का जल स्तर 1975-76 के उच्चतम स्तर के आसपास था, जिस कारण जल निकासी नहीं हो पा रही थी।
6. प्रतिवेदित आरोपों, जाँच प्रतिवेदन एवं बचाव-बयान की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि दिनांक 27.09.2019 से 30.09.2019 की अवधि में पटना नगर क्षेत्र में 350 मि०मी० वर्षा हुई थी तथा पुनपुन एवं गंगा नदी का जल स्तर काफी उच्च था। इस कारणवश पुनपुन नदी के स्लूइसगेट को बंद करना पड़ा था। स्लूइसगेट के बंद होने के कारण जल निकासी बाधित हो गयी थी।
पटना नगर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि अत्यधिक वर्षा होने के बाद जल जमाव की स्थिति पैदा हो जाती है। जमा जल को सम्प हाउस के माध्यम से आस-पास की नदियों में भेजा जाता है। अतिवृष्टि के कारण विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गयी थी तथा सम्प हाउस भी जल जमाव में डूब गये थे जिस कारण सम्प हाउस के पम्प भी नहीं चल पा रहे थे। यत्र-तत्र जमा कूड़ा से निकास बन्द हो गया। जिस कारण जल निकासी के कार्य में बाधा उत्पन्न हुई जिससे जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हुई।
अतएव अतिवृष्टि एवं सदृश्य मामले में लिए गये निर्णय तथा आरोप पत्र में अंकित आरोपों की समानता होने को दृष्टिपथ में रखते हुए श्रीमती पूनम कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-633/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, कंकड़बाग अंचल, पटना नगर निगम, पटना के विरूद्ध संचालित आरोप को संचिकास्त किया जाता है। ———
20 अक्तूबर 2023
श्री प्रभाकर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-89/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सोनवर्षा, सहरसा, सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-248-1 दिनांक-13.11.2007 द्वारा विकास कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेने, बाढ़ राहत सामग्रियों के वितरण में लापरवाही बरतने के आरोपों हेतु पत्र प्रेषित किया गया। समीक्षोपरांत विभाग द्वारा श्री सिंह को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8285 दिनांक-11.08.2007 द्वारा निलंबित किया गया। मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यालय, पूर्णियाँ निर्धारित किया गया।
श्री सिंह से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। सीमोक्षोपरांत अनुशासिनक प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त कर विभाग द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5139 दिनांक-03.06.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। श्री सिंह के दिनांक-31.08.2009 को सेवानिवृाि के मद्देनजर विभाग द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9601 दिनांक-24.09.2009 द्वारा दिनांक-31.08.2009 से श्री प्रभाकर प्रसाद सिंह को निलंबन मुक्त किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित नहीं होने के फलस्वरूप श्री सिंह को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-16750 दिनांक-05.12.2014 द्वारा आरोप मुक्त करते हुए मामले को संचिकास्त किया गया। वर्णित स्थिति में श्री प्रभाकर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-89/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सोनवर्षा, सहरसा, सम्प्रति सेवानिवृा के निलंबन अवधि दिनांक-11.08.2007 से दिनांक-31.08.2009 को सभी प्रयोजनों के लिए विनियमित किया जाता है। निलंबन अवधि को सभी प्रयोजनों के लिए र्काव्य पर बितायी गयी अवधि माना जाएगा और उस अवधि के लिए पूरे वेतन तथा भो का भुगतान करने के क्रम में पूर्व में दिये गये जीवन-निर्वाह भाा, अन्य भो एवं सरकारी बकाया का समायोजन कर लिया जाएगा तथा प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया जाएगा।18 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 ———
20 अक्तूबर 2023
श्री ललित नारायण मिश्र (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-216/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, अररिया सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध जन वितरण प्रणाली के दुकानों की रिक्ति से अधिक अनुज्ञप्ति निर्गत करने, नयी अनुज्ञप्ति हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों का समुचित संधारण नहीं करने जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा प्राप्त किये बिना अनुज्ञप्ति देने, निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति प्रदान करने जैसे आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-806 दिनांक-20.02. 2009 द्वारा निलंबित किया गया।
श्री ललित नारायण मिश्र द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2267 दिनांक-25.03.
2009 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई आरंभ की गयी।
प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी। तदुपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4607 दिनांक-18.03.2013 द्वारा (i) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक एवं (ii) तीन वर्षाें के लिए प्रोन्नति पर रोक की शास्ति अधिरोपित की गयी तथा दंडादेश आदेश निर्गत होने की तिथि-18.03.2013 से श्री मिश्र को निलंबन मुुक्त किया गया। श्री मिश्र के निलंबन अवधि दिनांक-20.02.2009 से 18.03.2013 तक की अवधि की सेवा को विनियमित नहीं किया गया है। श्री मिश्र दिनांक-31.10.2015 को सेवानिवृा हुए। श्री मिश्र का पेंशन एवं उपादान, जी0पी0एफ0 तथा उपार्जित अवकाश के समतुल्य नकद राशि प्रदान की गयी है।
अतः वर्णित स्थिति में श्री ललित नारायण मिश्र, (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक-216/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, अररिया सम्प्रति सेवानिवृा के निलंबन अवधि दिनांक-20.02.2009 से दिनांक-18.03.2013 तक की सेवा को विनियमित किया जाता है। निलंबन अवधि दिनांक-20.02.2009 से 18.03.2013 तक जीवन-निर्वाह भाा के अलावा और कुछ देय नही होगा तथा सेवा विनियमन के उपरांत निलंबन अवधि को मात्र पेंशन प्रयोजनार्थ परिगणित की जाएगी। ———
1 नवम्बर 2023
श्रीमती पूनम कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-633/19 तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, कंकड़बाग अंचल, पटना सम्प्रति उप सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना को वर्ष 2019 में पटना जल जमाव पर गठित समिति के जांच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2348 दिनांक-13.02.2020 द्वारा संकल्प निर्गत होने की तिथि से अगले आदेश के लिए निलंबित किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8811 दिनांक-25.09.2020 द्वारा श्रीमती पूनम कुमारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही आरंभ की गयी । समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4377 दिनांक-01.04.2021 द्वारा श्रीमती पूनम कुमारी को निलंबन मुक्त किया गया। 2. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं बचाव-बयान की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-19363 दिनांक-16.10.2023 द्वारा इस आरोप प्रकरण को किया गया। लेकिन उक्त संकल्प में श्रीमती पूनम कुमारी के निलंबन अवधि दिनांक-13.02.2020 से दिनांक-01.04.2021 तक की सेवा के विनियमन एवं वेतन के संबंध में निर्णय नहीं लिया जा सका है।
3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-11 के उपनियम (3) एवं (4) निम्नवत हैः-
(3) जहां अनुशासनिक प्राधिकार की राय हो कि निलंबन पूर्णरूपेण अनुचित था तो सरकारी सेवक को, इस नियम के उपनियम (8) के उपबंधों के अधीन वैसे पूरे वेतन तथा भो का भुगतान करने के क्रम में पूर्व में दिये गये जीवन-निर्वाह भाा का समायोजन कर लिया जाएगा।
(4) इस नियम के उप नियम (3) के अधीन आने वाले मामलों में निलंबन की अवधि सभी प्रयोजनों के लिए र्काव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जाएगी।
4.
19 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024———
16 नवम्बर 2023
श्री नीरज कुमार दास, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-703/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद हाजीपुर के विरूद्ध नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना ने पत्रांक-3065 दिनांक-18.10.2022 द्वारा विहित प्रपत्र में उनके कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, हाजीपुर की पदस्थापन अवधि में आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत नियमानुसार आयकर कटौती की राशि ससमय जमा नहीं करने के कारण ब्याज रू0 13,11,090/-(तेरह लाख ग्यारह हजार नब्बे रूपये) की राशि उनके कार्यकाल में जमा नहीं कराये जाने से संबंधित आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया।
2. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर विभागीय पत्रांक-18808 दिनांक-06.10.2023 द्वारा श्री दास से स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
3. श्री दास के पत्रांक-256 दिनांक-25.10.2023 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया है, जिसमें कहा गया कि :- आयकर विभाग के पत्रों में जिन दो पत्रों का उल्लेख है, वे उनके पदस्थापन काल के बाद के हैं। इन पत्रों की न तो इन्हें सूचना थी और न संज्ञान में ही आये। विाीय वर्ष 2013-14 के अंतिम तिमाही फरवरी, 2014 में नगर परिषद हाजीपुर के कार्यपालक पदाधिकारी के प्रभार में आये तथा दिनांक-12.08.2015 तक उक्त पद पर रहे। इनके कार्यकाल में पूर्व की भांति ही आयकर कटौती की राशि पी0एल0 खाते में जमा होती चली गयी। उक्त अवधि में कभी भी आयकर विभाग के स्तर से तिमाही राशि जमा कराने का कोई पत्र इन्हें प्राप्त नहीं हुआ। स्थानांतरण होने के पश्चात् आयकर विभाग का पत्र प्राप्त होते ही तत्कालीन पदाधिकारी द्वारा आयकर विभाग के खाते में राशि जमा करा दी गयी। संज्ञान के अभाव एवं पूर्व की परिपाटी का विश्लेषण तत्कालीन परिप्रेक्ष्य में नहीं करने की भूल से आयकर कटौती की राशि तिमाही दर तिमाही जमा नहीं की गयी।
4. श्री दास के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा में पाया गया कि नियमानुसार आयकर कटौती की राशि ससमय जमा नहीं करने क कारण ब्याज की राशि जमा करनाी पड़ी, जिससे सरकार को कुल 13,11,090/-(तेरह लाख ग्यारह हजार नब्बे रूपये) की आर्थिक क्षति हुई। आरोपित पदाधिकारी द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि संज्ञान के अभाव एवं पूर्व की परिपाटी का विश्लेषण तत्कालीन परिपेक्ष्य में नहीं करने की भूल से आयकर कटौती की राशि तिमाही दर तिमाही जमा नहीं की गयी। आरोपित पदाधिकारी द्वारा र्काव्य निर्वहन में लापरवाही हुई है। अतएव श्री नीरज कुमार दास का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है।
5. समीक्षोपरांत श्री नीरज कुमार दास, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-703/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद हाजीपुर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत (क) निन्दन (आरोप वर्ष-2014-15), तथा (ख) 01 (एक) वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने की शास्ति अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित की गयी।
6. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णायानुसार श्री नीरज कुमार दास, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-703/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद हाजीपुर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानाें के तहत् निम्न शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता हैः- (i) निन्दन (आरोप वर्ष-2014-15), (ii) 01 (एक) वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक।20 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 ———
18 दिसम्बर 2023
श्रीमती पूनम कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-633/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया के विरूद्ध कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया के पद पर पदस्थापन अवधि से संबंधित आरोपों के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-5426 दिनांक-18.10.2019 द्वारा विहित प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया।
2. श्रीमती कुमारी के विरूद्ध आरोप प्रतिवेदित हैं कि :-
''कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया के पदस्थापन अवधि में विभिन्न टैक्स मदों में वसूल किये गये कुल राशि रू0 60,48,911/- (साठ लाख अड़तालीस हजार नौ सौ ग्यारह) नगरपालिका निधि के बैंक खाते/ट्रेजरी में जमा नहीं किया गया। बिहार नगरपालिका लेखा नियमावली, 2014 के नियम 29(5) के तहत रोकड़बही का साप्ताहिक/नियमित जांच नहीं किया गया। गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं सरकारी राशि का दुर्विनियोग किया गया।''
3. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। विभागीय पत्रांक-1963 दिनांक-06.02.2020 द्वारा श्रीमती कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी । उक्त के आलोक में श्रीमती कुमारी द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11655 दिनांक-01.10.21 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। विभागीय कार्यवाही में आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। श्रीमती कुमारी, उप सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, पटना में पदस्थापित थी। इस हेतु श्रीमती कुमारी एवं ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, पटना द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को पटना स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया। तदुपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7066 दिनांक-11.05.2022 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को पटना स्थानांतरित किया गया तथा संचालन पदाधिकारी के रूप में आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को नियुक्त किया गया ।
4. संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, बिहार, पटना ने पत्रांक-597 दिनांक-26.09.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जाँच प्रतिवेदन में आरोप के संदर्भ में निम्नवत् निष्कर्ष/मंतव्य दिया गया है :-
आरोप सं0-01, 02, 03(i) एवं 04 को अंशतः प्रमाणित तथा आरोप संख्या-03(ii) एवं 03(iii) को प्रमाणित। 5. विभागीय पत्रांक-19254 दिनांक-13.10.2023 द्वारा श्रीमती पूनम कुमारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर बचाव-बयान की मांग की गयी। श्रीमती पूनम कुमारी ने पत्रांक-कैम्प-02/पटना दिनांक-23.11.23 द्वारा बचाव-बयान समर्पित किया, जिसमें मुख्य रूप से वर्णित है किः- ''इनके द्वारा नियमित रूप से रोकड़पंजी की जांच/सत्यापन /मिलान किया जाता था। पदस्थापन अवधि में वसूल की गयी सारी राशि बैंक खाते/ट्रेजरी में जमा करायी गई है। पी०एल० एकाउंट और सामान्य रोकड़पंजी के प्राप्ति शीर्ष में जितनी राशि दर्ज है, बैंक/कोषागार में जमा है। इनके कार्यकाल में राशि का कोई गबन नहीं हुआ है। अपितु राशि ट्रेजरी में जमा नहीं हुई है। इसके लिए इनके द्वारा रोकड़पंजी पर टिप्पणी दर्ज की गयी है कि ''राशि जमा करें अन्यथा प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।'' लिखित चेतावनी एवं राशि जमा करने के आदेश के आलोक में इनके स्थानांतरण के पश्चात् रोकड़पाल/कोषापाल चंदन कुमार द्वारा इनके कार्यकाल के अंतिम माह में प्राप्त राशि 60,48,911/-(साठ लाख अड़तालीस हजार नौ सौ ग्यारह) एवं 61.51 लाख कुल 1,22,00,000/- (एक करोड़ बाईस लाख) रूपये बैंक/कोषागार में जमा कराया गया जिसकी पुष्टि कैशियर के कैशबुक के आगे के पृष्ठों पर इनके अनुवर्ती पदाधिकारी के अंकित टिप्पणी से होती है।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 एवं बिहार लेखा नियमावली, 2014 के तहत सशक्त स्थायी समिति की अनुशंसा/अनुमोदन के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है और उक्त अवधि में स्थायी समिति की कोई बैठक आयोजित नहीं हुई थी। श्री चंदन कुमार के विरूद्ध प्राथमिकी एवं नीलाम पत्र वाद दर्ज किया जा चुका है तथा जेल भी जा चुका है। पूरे —त्य के लिए रोकड़पाल श्री चंदन कुमार दोषी है।''
6. प्रतिवेदित आरोपों, जांच प्रतिवेदन एवं बचाव-बयान की समीक्षा की गयीः-
(i) बिहार नगरपालिका लेखा नियमावली, 2014 के नियम-29(5) के तहत रोकड़बही का साप्ताहिक/ नियमित जांच किया जाना चाहिए था। जो आरोपी पदाधिकारी द्वारा नहीं किया गया।
(ii) पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण के अभाव के कारण रोकड़पाल श्री चंदन कुमार द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया में विभिन्न टैक्स मदों में वसूल किये गये कुल राशि रू० 60,48,911/- (साठ लाख अड़तालीस हजार नौ सौ ग्यारह) नगरपालिका निधि के बैंक खाते/ट्रेजरी में विलंब से जमा किया गया। विलंब से जमा करने के कारण रोकड़पाल के विरूद्ध प्राथमिकी एवं नीलामपत्र वाद दर्ज किया गया है।
(iii) श्रीमती पूनम कुमारी के विरूद्ध वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित नहीं है। आरोपी पदाधिकारी द्वारा र्काव्य निर्वहन में चूक हुई है। अतएव श्रीमती पूनम कुमारी का बचाव-बयान स्वीकार योग्य नहीं है।21 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 7. समीक्षोपरांत श्रीमती पूनम कुमारी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत 'निन्दन' (आरोप वर्ष-2016-17) का दण्ड अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित की गयी।
8. अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्रीमती पूनम कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-633/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया सम्प्रति उप सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावेली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत
की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है।
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21 दिसम्बर 2023
श्री प्रभात कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 785/19, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, नालंदा के विरूद्ध राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-405 दिनांक-17.05.2018 एवं पत्रांक-990 दिनांक-04.08.2020 द्वारा विहित प्रपत्र-''क'' में आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया।
2. श्री प्रभात कुमार के विरुद्ध कई बकास्त भूमि को अवैध रूप से रैयतीकरण किये जाने संबंधी आरोप प्रतिवेदित हैं। 3. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना द्वारा उपलब्ध कराये गये आरोप-पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक-8828 दिनांक-12.08.2021 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
4. श्री कुमार केे पत्रांक-08 दिनांक-31.08.2021 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया । विभागीय पत्रांक-11883 दिनांक-06.10.2021 द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गयी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक-95 दिनांक-20.01.2023 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें अंकित है कि :- ''श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर समाहर्त्ता, नालंदा से प्राप्त मंतव्य के आलोक में विभागीय मंतव्य उपलब्ध कराया गया है, जो निम्नवत् है -
प्रश्नगत मामला नालंदा विश्वविद्यालय निर्माण में भूमि अधिग्रहण के क्रम में बकास्त भूमि के रैयतीकरण के संबंध में है। तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राजगीर द्वारा रैयतीकरण किये गये 11 मामलों की समीक्षा तत्कालीन जिला पदाधिकारी, नालंदा द्वारा की गयी और भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राजगीर के आदेश को विखंडित किया गया था।
| 7 | 4/2016 | शैली कुमारी |
| 8 | 3/2016 | अरूण किशोर |
| 9 | 5/2016 | इन्द्रदेव प्रसाद |
| 10 | 2/2016 | शुशीला देवी |
| 11 | 1/2016 | कुमारी बबिता |
उपर्युक्त सभी मामलों में तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, नालंदा द्वारा जांच के क्रम में पाया गया कि तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राजगीर ने बिना जांच किये और बिना कागजातों की वैधता का परीक्षण किये हुए बकास्त भूमि को विपक्षी के पक्ष में रैयती घोषित किया। प्रपत्र 'क' के आरोप सं0-07, 08, 09, 10 और 11 से समाहर्त्ता, नालंदा द्वारा सहमति व्यक्त की गयी है। अतएव निदेशानुसार समाहर्त्ता, नालंदा द्वारा प्राप्त मंतव्य पर विभागीय सहमति व्यक्त की जाती है।
5. समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4698 दिनांक-07.03.2023 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 6. जाँच आयुक्त-सह-सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-105/गो0 दिनांक-17.11.2023 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया । संचालन पदाधिकारी का मंतव्य / निष्कर्ष निम्नवत् है :-
(i) आरोपित पदाधिकारी द्वारा एक राजस्व न्यायालय के रूप में अवश्य आदेश पारित किया गया परिलक्षित होता है, परन्तु इन न्यायालयों द्वारा भी संबंधित विभाग के स्तर से अधिनियमित 'अधिनियम' एवं अधिसूचित 'नियमों' के आलोक में ही निर्णय पारित किया जा सकता है। न्यायालय के रूप में स्वेच्छाचारिता करते हुए आदेश पारित नहीं किया जा सकता है।
(ii) तद्नुसार इस मामले में उपलब्ध अभिलेखीय साक्ष्यों के आलोक में प्रथम–ष्ट्या राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मार्गदर्शन की उपेक्षा कर त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया द्वारा आदेश पारित किया गया परिलक्षित होता है।22 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 7. विभागीय पत्रांक-21838 दिनांक-30.11.2023 द्वारा आरोपित पदाधिकारी से जांच प्रतिवेदन के आलोक में बचाव-बयान की मांग की गयी। आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक-01.12.2023 को बचाव-बयान समर्पित किया गया, जिसमें वर्णित है कि :-
(i) बकास्त मालिक जमीन एवं गैरमजरूआ मालिक जमीन अलग-अलग होती है। बकास्त मालिक जमीन निजी जमीन होती है। बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा-05, 06 एवं 07 के अंतर्गत वर्णित प्रावधानों के अनुसार जमींदारी उन्मूलन के पश्चात् ऐसी जमीन सरकार में निहित नहीं हुई है। ऐसी जमीन जिस व्यक्ति के पास था, उसकी निजी जमीन मानी गयी है।
(ii) आरोप सं0-07 से 11 में वर्णित भूमि के संबंध में अंचलाधिकारी से जांच प्रतिवेदन की मांग की गयी थी। स्मारोपरांत जांच प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के कारण बाध्य होकर बकास्त भूमि की रैयती मान्यता संबंधी आदेश पारित किया गया। आदेश पारित करने के पूर्व समर्पित कागजातों जैसे-भूस्वामित्व प्रमाण-पत्र, मालगुजारी रसीद एवं जमाबंदी (पंजी-02) की संगत प्रति की वैधता की जांच कर ली गयी। बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 में वर्णित प्रावधानों में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर रैयती मान्यता प्रदान किया गया है।
8. श्री प्रभात कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, जाँच प्रतिवेदन एवं बचाव-बयान की समीक्षा की गयी :-
(i) रैयतीकरण वाद सं0-01/16, 02/16 03/16, 04/16 एवं 05/16 (आरोप सं0-07 से 11) में अंचलाधिकारी, राजगीर से प्रतिवेदन प्राप्त किये बिना ही बकास्त भूमि को रैयती घोषित करनै संबंधी आदेश पारित किया गया है। परिवादियों द्वारा प्रस्तुत कागजातों का सूक्ष्म निरीक्षण, वैधता की जांचोपरांत ही वाद का निष्पादन किया जाना चाहिए था।
(ii) अंचलाधिकारी, राजगीर द्वारा यदि प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था तो उसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को दी जानी चाहिए थी।
(iii) राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के स्थापित नियमों के विरुद्ध आदेश पारित किया गया है। श्री कुमार द्वारा आदेश पारित करने में चूक हुई है। अतएव श्री प्रभात कुमार का बचाव-बयान स्वीकार योग्य नहीं है।
9. समीक्षोपरांत श्री प्रभात कुमार (बि०प्र०से०), कोटि क्र0-785/19, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता, राजगीर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत निन्दन (आरोप वर्ष-2018-19) का दण्ड अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित किया गया।
10. अतः अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड के आलोक में श्री प्रभात कुमार (बि०प्र०से०), कोटि क्र0-785/19, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राजगीर, नालंदा सम्प्रति सहायक निदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान, गया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नवत शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती हैः- i ———
4 जनवरी 2024
श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मसौढ़ी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-41 दिनांक-03.01.2018 द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मसौढ़ी-सह-निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के रूप में आयकर अधिनियम-1961 के अंतर्गत वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 नियमानुसार आयकर कटौती नहीं करने तथा आयकर की राशि ससमय जमा नहीं किये जाने के कारण ब्याज एवं पेनाल्टी के रूप में राशि का भुगतान किये जाने, जो राज्य के राजस्व के हित में नहीं है, से सबंधित आरोप उपलब्ध कराया गया।
2. उक्त के आलोक में विभागीय स्तर पर गठित व अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप-पत्र पर विभागीय पत्रांक-12923 दिनांक-01.11.2021 द्वारा श्री लाल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री प्रहलाद लाल के पत्रांक-152 दिनांक-18.11.2021 द्वारा स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया गया।
3. श्री लाल द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-142 दिनांक-05.01.2022 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से विभागीय मंतव्य की मांग की गयी।
4. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1378 दिनांक-26.05.2022 द्वारा श्री लाल के स्पष्टीकरण पर प्रेषित मंतव्य में श्री लाल के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा को यथावत् रखा गया।23 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 5. श्री लाल का दिनांक-28.02.2022 को वार्धक्य सेवानिवृा होने के कारण सम्यक् समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11636 दिनांक-12.07.2022 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत मामले की विस्तृत जांच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी तथा प्रमंडलीय आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
6. आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-546 दिनांक-24.08.2023 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी का आरोप के संबंध में निष्कर्ष है किः-
"विाीय वर्ष 2013-14 से 2016-2017 तक जो आरोपी पदाधिकारी के पदस्थापन अवधि से संबंधित है, में "सैरात एवं सफाई" का आयकर एवं "ब्याज एवं पेनाल्टी" का डिमांड निम्नवत् हैः-
| 2013-14 | 1,06,100/- |
| 2014-15 | 1,50,080/- |
| 2015-16 | 1,62,720/- |
| 2016-17 | 2,34,910/- |
उक्त के संदर्भ में आरोपी पदाधिकारी के द्वारा बचाव-बयान में स्पष्ट किया गया है कि उपर्युक्त "सैरात एवं सफाई" संबंधी टी0डी0एस0 की कटौती जानकारी के अभाव में नहीं की जा सकी थी।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि विाीय वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक के "सैरात एवं सफाई" संबंधी टी0डी0एस0 की कटौती जानकारी के अभाव में आरोपी पदाधिकारी के द्वारा ससमय नहीं किया गया था। इससे परिणामस्वरूप उक्त अवधि के लिए विलंब से टी0डी0एस0 जमा करने के कारण आयकर विभाग द्वारा कुल रू0 6,53,810/- (छः लाख तिरपन हजार आठ सौ दस रूपये) की ब्याज एवं पेनाल्टी लिया गया था, जो राज्य के राजस्व हित में नहीं है। 7. विभागीय पत्रांक-17418 दिनांक-15.09.2023 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन पर श्री प्रहलाद लाल से बचाव-बयान/लिखित अभिकथन की मांग की गयी। श्री लाल द्वारा अपना बचाव-बयान समर्पित किया गया, जिसका मुख्य अंश निम्नवत हैः-
(i) नगर परिषद, मसौढ़ी में दिनांक-17.02.2014 को उनके पदस्थापन के पूर्व आयकर कटौती नहीं होती थी। कार्यालय के अभिलेखों का अध्ययन करने पर वर्ष 2010 से 2014 तक सभी आयकरों की गणना कर एकमुश्त आयकर की राशि दिनांक-21.08.2014 को आयकर विभाग में जमा की गयी।
(ii) इसके बाद हर त्रैमासिक आयकर की गणना कर आयकर राशि को आयकर विभाग में भेजा जाने लगा। आयकर विभाग द्वारा ब्याज एवं पेनाल्टी की मांग की गयी, जिसे प्रावधान के अभाव में भुगतान नहीं किया गया।
(iii) उनके कार्यकाल दिनांक-17.02.2014 से 12.07.2017 में आयकर कटौती राशि के साथ त्रैपाक्षिक प्रतिवेदन आयकर विभाग को भेजा गया, किन्तु जानकारी के अभाव में वार्षिक टी0डी0एस0 प्रतिवेदन नहीं भेजा गया, जिसके लिए आयकर विभाग से कोई नोटिस कार्यालय को नहीं प्राप्त हुआ। उनके कार्यालय में विगत चार वर्षों के साथ आयकर कटौती राशि प्रतिवेदन के साथ भेजने का भरसक प्रयास किया गया। 8. श्री लाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, जांच प्रतिवेदन एवं बचाव-बयान की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया किः-
(i) विाीय वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक नगर परिषद, मसौढ़ी में नियमानुसार आयकर की कटौती नहीं की गयी परिणामस्वरूप आयकर पर ब्याज एवं पेनाल्टी देनी पड़ी।
(ii) श्री लाल के कार्यकाल में आयकर की राशि विलंब से जमा करायी गयी, जिसके कारण सरकार को राजस्व की हानि हुई है। आरोपित पदाधिकारी ने भी अपने बचाव-बयान में स्वीकार किया है कि जानकारी के अभाव में आयकर कटौती नहीं की गयी।
(iii) श्री लाल एक वरीय पदाधिकारी हैं। वरीय पदाधिकारी होने के नाते उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि उन्हें अपने र्काव्यों एवं दायित्वों से संबंधित कानूनी जानकारी हो। श्री लाल से दायित्व निर्वहन में लापरवाही हुई है। अतएव श्री लाल का बयाव-बयान स्वीकार योग्य नहीं है।
9. समीक्षोपरांत श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मसौढ़ी, सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध अधिरोपित करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है।
16.11.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक 3588 दिनांक-22.12. 2023 द्वारा आयोग का अभिमत प्राप्त हुआ, जिसमें आयोग द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति दी गयी है।24 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 11. अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मसौढ़ी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध अधिरोपित किया जाता है। ———
8 जनवरी 2024
श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, सासाराम सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 335 दिनांक 20.01.2017 द्वारा वर्ष 2010 में आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2009-10 का नियमानुसार आयकर कटौती की राशि वर्ष 2010-11 में विलम्ब से दिनांक-10.08.2010 को जमा करवाने तथा विलम्ब के कारण ब्याज की राशि उनके कार्यकाल में जमा नहीं करवाने से संबंधित प्रतिवेदित आरोप के आलोक में उनके सेवाकाल में ही आरोप गठित करते हुए उसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर इनसे स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया तथा समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3884 दिनांक-14.03.2022 द्वारा निन्दन एवं एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने का दंडादेश पारित किया गया । 2. विा (वै0द0नि0को0) विभाग, बिहार के पत्रांक-361 (23) दिनांक-08.04.2023 द्वारा श्री लाल को दिनांक-28.02.
2022 को सेवानिवृा होने की सूचना देते हुए दण्डादेश की जांच/समीक्षा कर संशोधित दण्डादेश उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। विा (वै0द0नि0को0) विभाग, बिहार के उक्त अनुरोध के आलोक में इस आरोप प्रकरण पर पुनः विचार करने हेतु आदेश ज्ञापांक-8765 दिनांक-02.06.2022 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) में संपरिवर्तित किया गया एवं विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से श्री प्रहलाद लाल द्वारा ब्याज की राशि समय पर जमा नहीं करने से हुई आर्थिक क्षति के संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन की मांग की गयी।
3. नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-8589 दिनांक-15.12.2023 द्वारा यह सूचित किया गया है कि विाीय वर्ष 2009-10 के नियमानुसार आयकर की कटौती की गयी राशि विलम्ब से जमा करने के कारण निर्धारण वर्ष (Assessment Year) 2010-11 हेतु 48,420/- (अड़तालीस हजार चार सौ बीस) रूपया चालान सीरियल नम्बर 00002 दिनांक-24.01.2017 द्वारा Nature Of Payment-94c ब्याज के रूप में जमा कराया गया। इसके कारण कुल 48,420/- (अड़तालीस हजार चार सौ बीस) रूपये की क्षति हुई है।
4. श्री लाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के मंतव्य की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि लापरवाहीवश श्री लाल द्वारा ससमय आयकर के रूप में कटौती की गयी राशि ससमय जमा नहीं करायी गयी जिससे ब्याज की राशि उत्पन्न हुई और यह राशि जमा कर दिया गया है। श्री लाल के विरूद्ध किसी प्रकार के गबन या भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है और श्री लाल सेवानिवृा हो चुके हैं। 5. सम्यक् विचारोपरान्त सक्षम प्राधिकार द्वारा श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, सासाराम सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित इस आरोप प्रकरण को किया जाता है।25 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 ———
16 जनवरी 2024
श्री रजनीश लाल, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-991/11) जिला परिवहन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-3781 दिनांक- 07.07.2021 के साथ संलग्न पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पत्रांक 693 दिनांक 02.07.2021 द्वारा प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या-23/2021 दिनांक- 22.06.2021 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(बी.) भ्र0नि0अधि0, 1988 (संशोधित अधिनियम- 2018) दर्ज किये जाने का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ।
उक्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6900 दिनांक 09.07.2021 द्वारा श्री लाल को निलंबित किया गया।
प्रत्यानुपातिक धनार्जन करने संबंधी परिवहन विभाग से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त श्री लाल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री लाल से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16149 दिनांक 24.12.2021 द्वारा श्री लाल के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही का जाचं प्रतिवेदन सम्प्रति अप्राप्त है।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री लाल के मामले की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री लाल के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही एवं न्यायिक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सम्यक समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री लाल को निलंबन से मुक्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।
अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णय के आलोक में श्री रजनीश लाल, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-991/11) तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर सम्प्रति निलंबित को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन मुक्त किया जाता है। श्री लाल के निलंबन अवधि के सेवा का निरूपण के संबंध में निर्णय अलग से लिया जायेगा। ———
19 जनवरी 2024
श्री परमानन्द कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 372/19, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, गया के विरूद्ध AKIC (अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर) में बरती गयी कतिपय अनियमितता एवं कार्यों के प्रति उदासीनता/लापरवाही बरते जाने से संबंधित समार्हाा, गया के पत्रांक-962 दिनांक-12.07.2023 एवं पत्रांक-1440 दिनांक-18.09.2023 द्वारा विहित प्रपत्र-''क'' में आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया।
2. श्री कुमार के विरूद्ध आरोप है किः-
"AKIC (अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर) के कार्यान्वयन में वित्तीय अनियमितता बरती गयी। श्री कुमार द्वारा स्वयं नियुक्त करवाये गये अमीन श्री संतोष कुमार एवं जंजीरवाहक श्री पंकज तिर्की के सहयोग से डोभी में जिला भू-अर्जन कार्यालय खोल कर हितबद्ध रैयतों से आवेदन प्राप्त कर बैंक खाते में मुआवजा राशि अंतरण किया गया। फर्जी राशि हस्तांतरण से संबंधित पाँच लाख रूपये श्री पंकज तिर्की द्वारा यूनियन बैंक खाता सं0-764002010000248 में हस्तांतरित किया गया, जो वित्तीय अनियमितता तथा र्काव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है।''
3. समार्हाा, गया से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर इस विभाग के स्तर से आरोप गठित कर उसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
4. विभागीय पत्रांक-22367 दिनांक-08.12.2023 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक-903 दिनांक-26.12.2023 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
5. आरोपी पदाधिकारी के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री कुमार के स्पष्टीकरण से असहमत होते हुए उसे अस्वीकार किया गया तथा इनके विरूद्ध गठित आरोपों की विस्तृत जांच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के संगत प्रावधानों के तहत श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय जांच संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
6. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री परमानन्द कुमार (बि०प्र०से०), कोटि क्र0-372/19, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, गया सम्प्रति अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, फुलपरास, मधुबनी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय जांच26 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 संचालित करने हेतु मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी/उपस्थापन पदाधिकारी जिला पदाधिकारी, गया द्वारा नामित वरीय पदाधिकारी होंगे। 7. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु संचालन पदाधिकारी के आदेशानुसार उनके समक्ष उपस्थापित होंगे।
(cid:356)ामीण विकास विभाग
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अधिसूचना
12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0- 14(को०)सहरसा- 03/2020 (COM NO-245371) 2557060—(cid:373)ी च(cid:802)(cid:363)मोहन पासवान, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, नवह(cid:485)ा, सहरसा एवं (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, नानपुर (सीतामढ़) स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, विभुतिपुर (सम(cid:830)तीपुर) के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, सहरसा के प(cid:361)ांक-21-1 दिनांक-25.04.2020 (cid:554)ारा वष(cid:330) 2014-15 म(cid:336) शि(cid:407)क नियोजन म(cid:336) अनियमितता के आरोप एवं जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के प(cid:361)ांक-1037 दिनांक-31.05.2020 (cid:554)ारा मो० नईमु(cid:542)ीन, पिता- मोह(cid:817)मद जहीर आलम, (cid:356)ाम- शरीफपुर, (cid:366)खंड एवं थाना- नानपुर, जिला- सीतामढ़ी (cid:554)ारा प(cid:303)रवाद की अन(cid:802)य सं(cid:783)या-5044318014081900550 म(cid:336) दिनांक- 05.10.2019 को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पुपरी (cid:554)ारा पा(cid:303)रत आदेश से असंतु(cid:829)ट रहने का आरोप प(cid:361) गठित कर उपल(cid:813)ध कराया गया ।
जिला पदाधिकारी, सहरसा से (cid:366)तिवेदित आरोप पर विभागीय (cid:466)ापांक- 278032 दिनांक- 10.08.2020 एवं जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप पर विभागीय प(cid:361)ांक- 278036 दिनांक- 10.08.2020 (cid:554)ारा (cid:830)(cid:810)(cid:829)टीकरण की मांग की गयी । जिला पदाधिकारी, सहरसा एवं सीतामढ़ी से (cid:366)ा(cid:810)त आरोप प(cid:361) एवं (cid:373)ी पासवान (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत आरोप गंभीर (cid:366)कृ ति रहने के कारण विभागीय संक(cid:821)प सं(cid:783)या-1600123 दिनांक-27.02.2023 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी ।
विभागीय काय(cid:330)वाही के संचालनोपरांत जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से (cid:366)तिवेदित आरोप पर संचालन पदाधिकारी के (cid:466)ापांक- 2268414 दिनांक- 09.11.2023 एवं जिला पदाधिकारी, सहरसा से (cid:366)तिवेदित आरोप पर संचालन पदाधिकारी के प(cid:361)ांक- 2108318 दिनांक- 22.09.2023 (cid:554)ारा जांच (cid:366)तिवेदन (cid:366)ा(cid:810)त है । संचालन पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त दोनों जांच (cid:366)तिवेदन पर विभागीय प(cid:361)ांक-2293314 दिनांक- 21.11.2023 (cid:554)ारा लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की मांग (cid:373)ी पासवान से की गयी । (cid:373)ी पासवान का लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन (cid:366)ा(cid:810)त है ।
संचालन पदाधिकारी (cid:554)ारा समपि(cid:330)त जांच (cid:366)तिवेदन एवं (cid:373)ी पासवान से (cid:366)ा(cid:810)त लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी समी(cid:407)ापरांत पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के (cid:554)ारा सभी आरोपों को (cid:366)माणित (cid:366)तिवेदित किया गया है एवं (cid:373)ी पासवान (cid:554)ारा समपि(cid:330)त लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन म(cid:336) न ही कोई ठोस सा(cid:765)य और न ही कोई त(cid:800)य (cid:366)(cid:830)तुत किया गया है । (cid:373)ी पासवान का लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन अ(cid:830)वीकार यो(cid:785)य है ।
अत: (cid:373)ी च(cid:802)(cid:363)मोहन पासवान, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, नवह(cid:485)ा, सहरसा स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, विभुतिपुर (सम(cid:830)तीपुर) (cid:554)ारा शि(cid:407)क नियोजन म(cid:336) किये गये अनियमितता संबंधी (cid:366)माणित आरोपों के लिए उनके वि(cid:349)(cid:544) संचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड अधिरोपित किया गया ।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी च(cid:802)(cid:363)मोहन की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय।
उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि उ(cid:779)त आदेश की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।27 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0 अधि0 सं0- (cid:356)ा0वि0-14(नि0को0)गया-14/2016-2557128—निगरानी अ(cid:802)वेषण (cid:813)यूरो के गठित धावा दल (cid:554)ारा दिनांक-22.07.2016 को प(cid:303)रवादी अमित कु मार यादव से अभियु(cid:779)त (cid:373)ी विनोद कु मार, त(cid:797)कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, कोंच, गया (cid:554)ारा 20 हजार (cid:349)पये (cid:303)र(cid:827)वत लेते रं गे हाथ पकड़े जाने एवं (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) निगरानी थाना कांड सं(cid:783)या-073/2016 दिनांक- 22.07.2016 के तहत (cid:366)ाथमिकी दज(cid:330) होने के गंभीर आरोप तथा सामाजिक सुर(cid:407)ा प(cid:336)शन योजना के अंतग(cid:330)त लाभाथि(cid:330)यों को राशि के भुगतान की (cid:366)गति काफी धीमी होने, नारी मु(cid:304)(cid:389) (cid:830)वयंसि(cid:544) महिला विकास (cid:830)वाबलंबी समिति लिमिटेड, कोंच, गया के मतदाता सूची का (cid:366)काशन नहीं किये जाने के कारण निवा(cid:330)चन काय(cid:330) बाधित होने व बिहार रा(cid:789)य निवा(cid:330)चन (cid:366)ाधिकार, बिहार, पटना के आदेश सं(cid:783)या-3 दिनांक-04.01.2016 का उ(cid:821)लंघन करने जैसे आरोपों पर (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) आरोप प(cid:361) गठित किया गया ।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) दज(cid:330) निगरानी थाना कांड सं(cid:783)या- 073/2016 दिनांक- 22.07.2016 म(cid:336) विधि विभाग के आदेश सं(cid:783)या-एस०पी०(नि०)18/2016 213/जे० दिनांक-14.10.2016 (cid:554)ारा इनके वि(cid:349)(cid:544) अभियोजन की (cid:830)वीकृ ति (cid:366)दान की गयी ।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) धा(cid:303)रत आरोप अ(cid:797)यंत गंभीर (cid:366)कृ ति के होने की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) वृहत् जांच हेतु विभागीय संक(cid:821)प सं(cid:783)या-375074 दिनांक-18.06.2018 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी, जिसम(cid:336) विभागीय जांच आयु(cid:779)त को संचालन पदाधिकारी नामित किया गया ।
जांच आयु(cid:779)त-सह-सचिव, प(cid:303)रवहन विभाग, बिहार, पटना के प(cid:361)ांक- 105 दिनांक-28.04.2021 (cid:554)ारा उ(cid:779)त विभागीय काय(cid:330)वाही म(cid:336) उपल(cid:813)ध कराये गये जांच (cid:366)तिवेदन म(cid:336) (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) धा(cid:303)रत सभी 5 आरोपों को (cid:366)माणित (cid:366)तिवेदित किया गया ।
संचालन पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त जाँच (cid:366)तिवेदन की समी(cid:407)ा से (cid:830)थापित होता है कि संचालन पदाधिकारी (cid:554)ारा बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत (cid:366)ावधानों के आलोक म(cid:336) अभियोजन प(cid:407) के गवाहों की गवाही ली गयी एवं मामले की वि(cid:830)तृत एवं विधिवत् जाँच की गयी है और आरोप (cid:366)माणित पाये गये ह(cid:339)।
उ(cid:779)त प(cid:303)र(cid:366)े(cid:765)य म(cid:336) उ(cid:779)त जांच (cid:366)तिवेदन से अनुशासनिक (cid:366)ाधिकार की सहमति के आलोक म(cid:336) बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 18(3) के संगत (cid:366)ावधानों के तहत विभागीय प(cid:361)ांक- 512590 दिनांक- 04.08.2021 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार को जांच (cid:366)तिवेदन की (cid:366)ति उपल(cid:813)ध कराते (cid:352)ये लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन समपि(cid:330)त करने का अवसर (cid:366)दान किया गया।
(cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा त(cid:797)संबंध म(cid:336) समपि(cid:330)त लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन दिनांक-04.10.2021 के अनुशासनिक (cid:366)ाधिकार (cid:554)ारा समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि इनके (cid:554)ारा कोई नया त(cid:800)य/सा(cid:765)य (cid:366)(cid:830)तुत नही ं किया गया है ।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) गठित आरोप, आरोप पर (cid:373)ी कु मार के बचाव का लि(cid:304)खत अभिकथन, विभागीय काय(cid:330)वाही का जाँच (cid:366)तिवेदन, जाँच (cid:366)तिवेदन पर उनसे (cid:366)ा(cid:810)त अ(cid:816)यावेदन, गवाहों की लि(cid:304)खत गवाही एवं अ(cid:802)य सा(cid:765)य अभिलेखों के आलोक म(cid:336) मामले की समी(cid:407)ा पुन: की गयी जिसम(cid:336) पाया गया कि (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) (cid:303)र(cid:827)वत लेते (cid:352)ए रं गे हाथ पकड़े जाने का आरोप एवं (cid:366)तिवेदित अ(cid:802)य आरोप (cid:366)माणित ह(cid:339)।
अतएव स(cid:817)यक् विचारोपरा(cid:802)त विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक-983120 दिनांक-07.06.2022 (cid:554)ारा बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली, 2005, समय-समय पर यथा संशोधित के सुसंगत (cid:366)ावधान के तहत (cid:373)ी विनोद कु मार, त(cid:797)कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह- (cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, कोंच, गया के वि(cid:349)(cid:544) पद का दु(cid:349)पयोग तथा (cid:369)(cid:829)ट आचरण के कदाचारपूण(cid:330) कृ (cid:797)य के (cid:366)माणित गंभीरतम आरोपों के लिये (cid:373)ी कु मार को 'ʼसरकारी सेवा से बखा(cid:330)(cid:830)तगीʼʼ का दंड अधिरोपित किया गया।
उ(cid:779)त शा(cid:304)(cid:721) के वि(cid:349)(cid:544) (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा माननीय उ(cid:787)च (cid:802)यायालय, पटना म(cid:336) CWJC No- 4698 of 2023 (Vinod Kumar Versus The State of Bihar and others) दायर किया गया । माननीय उ(cid:787)च (cid:802)यायालय (cid:554)ारा दिनांक- 22.09.2023 को पा(cid:303)रत आदेश के काय(cid:330)कारी अंश नि(cid:817)न (cid:366)कार है:-
"The court would observe that the petitioner has remedy of review by way of memorial against the impugned order in terms of Rule 24(2) of the Bihar Government Servants (Classification, Control & Appeal) Rules, 2005 (hereinafter referred as "Rules").
With liberty to the petitioner for availing remedy under Rule 24(2) of the Rules, Writ application is disposed of. "28 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 माननीय (cid:802)यायालय के उ(cid:779)त (cid:802)याय निण(cid:330)य के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा पुनवि(cid:330)लोकन याचिका दिनांक- 18.11.2023 समपि(cid:330)त किया गया जिसम(cid:336) उनके (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही म(cid:336) जॉंच आयु(cid:779)त एवं विभाग (cid:554)ारा CCA Rules, 2005 के नियम 17 (1,2,4,16,18,23) एवं 18(4) के उ(cid:821)लंघन होने एवं गवाह की सूची पर आप(िcid:517) (cid:826)य(cid:779)त किया गया है ।
उनका यह भी कहना है कि संचालन पदाधिकारी/जॉंच आयु(cid:779)त (cid:554)ारा दिनांक-15.03.2021 को (cid:830)वतं(cid:361) गवाह की गवाही करवाई गयी थी, जिसम(cid:336) उ(cid:779)त गवाह (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) के आरोपों को खंडित कर दिया गया था। समी(cid:407)ा से यह (cid:830)प(cid:829)ट होता है कि (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) आरोपों पर कार(cid:330) वाई बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली 2005 के (cid:366)ावधानों के तहत निधा(cid:330)(cid:303)रत (cid:366)(िcid:354)या एवं नैसगि(cid:330)क (cid:802)याय के सि(cid:544)ांतों का अनुपालन करते (cid:352)ए की गई तथा यु(cid:304)(cid:389)यु(cid:779)त आदेश स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार (cid:554)ारा अनुमोदनोपरांत/आदेशोपरांत उ(cid:779)त शा(cid:304)(cid:721) अधिरोपित की गई है। (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:366)(cid:830)तुत पुनवि(cid:330)लोकन अ(cid:816)यावेदन की समी(cid:407)ा के (cid:354)म म(cid:336) कोई ऐसा मह(cid:797)वपूण(cid:330) सा(cid:765)य या त(cid:800)य नहीं है, जिससे कि पूव(cid:330) म(cid:336) पा(cid:303)रत आदेश का संशोधन किया जाए।
अत: इनके पुनवि(cid:330)लोकन अ(cid:816)यावेदन को अ(cid:830)वीकृ त किया जाता है।
उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 का0आ0सं0 (cid:356)ा0वि0-R-503/125/2022-SECTION 14-RDD-RDD (COM NO-127207)- 2557280—(cid:373)ी विजय कु मार सौरभ, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, कहलगांव, भागलपुर स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, दरभंगा सदर (दरभंगा) के वि(cid:349)(cid:544) अनाधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थति, निवा(cid:330)चन काय(cid:330) म(cid:336) लापरवाही एवं कत(cid:330)(cid:826)यहीनता, वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना, सरकारी भूमि की अभिर(cid:407)ा म(cid:336) उदासीनता एवं विभागीय भूमि के अति(cid:354)मण म(cid:336) परो(cid:407)/अपरो(cid:407) सहयोग, विभागीय नियमों एवं दिशानिद(cid:337)श की अवहेलना एवं उ(cid:797)तरदायि(cid:797)व एवं कत(cid:330)(cid:826)य बोध का अभाव के आरोप पर जिला पदाधिकारी, भागलुपर के प(cid:361)ांक- 45((cid:366)०) दिनांक- 29.07.2022 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) गठित कर उपल(cid:813)ध कराया गया ।
जिला पदाधिकारी, भागलपुर (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप पर (cid:373)ी सौरभ से (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी । जिला पदाधिकारी (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप एवं (cid:373)ी सौरभ के (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण की समी(cid:407)ोपरांत आरोप की गंभीर (cid:366)कृ ति रहने के कारण विभागीय संक(cid:821)प सं(cid:783)या-1691948 दिनांक- 12.04.2023 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी ।
विभागीय काय(cid:330)वाही के संचालनोपरांत संचालन पदाधिकारी के प(cid:361)ांक- 2014120 दिनांक- 22.08.2023 (cid:554)ारा जांच (cid:366)तिवेदन (cid:366)ा(cid:810)त है । संचालन पदाधिकारी (cid:554)ारा समपि(cid:330)त जांच (cid:366)तिवेदन म(cid:336) कु छ आरोपों को (cid:366)माणित पाया गया, जो गंभीर (cid:366)वृति के ह(cid:339) ।
अत: (cid:373)ी विजय कु मार सौरभ, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, कहलगांव, भागलपुर स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, दरभंगा सदर (दरभंगा) (cid:554)ारा बरती गई गंभीर लापरवाही, कत(cid:330)(cid:826)यहीनता एवं अनुशासनहीनता के लिए स(cid:817)यक विचारोपरांत संचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड अधिरोपित किया गया । आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी विजय कु मार सौरभ की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि उ(cid:779)त आदेश की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।29 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
12 फरवरी 2024
सं0: (cid:356)ा0वि0-R-504/76/2023-Section-14 RDD-RDD (COM No-286993) 2557358—(cid:373)ी सरोज कु मार, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बनमनखी (पूणि(cid:330)यां) के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)मंडलीय आयु(cid:779)त के आदेश के प(cid:827)चात भी 6.72 लाख गबन के दोषी कमि(cid:330)यों पर F.I.R. दज(cid:330) नहीं करना, वरीय पदाधिका(cid:303)रयों के आदेश की अवहेलना, काय(cid:330) म(cid:336) (cid:349)चि नही ं लेना, कारण पृ(cid:787)छा समपि(cid:330)त नही ं करना तथा बैठकों म(cid:336) अनाधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने के आरोप पर जिला पदाधिकारी, पूणि(cid:330)यां के प(cid:361)ांक-1210 दिनांक-05.09.2023 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) (cid:366)ा(cid:810)त (cid:352)आ।
उ(cid:779)त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर विभागीय (cid:466)ापांक- 82207 दिनांक-10.10.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार से (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी । उ(cid:779)त के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी कु मार से (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:366)ा(cid:810)त है । (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण म(cid:336) (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा अवगत कराया गया है कि वे दिनांक- 01.03.2023 से दिनांक- 28.03.2023 तक (cid:830)वयं की शादी हेतु अवकाश पर थे तथा (cid:366)खंड का (cid:366)भार परी(cid:765)यमान (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी, पूणि(cid:330)यां को सौंपा गया था । उ(cid:779)त अवधि म(cid:336) गबन हेतु वे दोषी नही ं है ।
जिला पदाधिकारी, पूणि(cid:330)यां से (cid:366)ा(cid:810)त आरोप प(cid:361) एवं (cid:373)ी कु मार के (cid:830)प(cid:829)टीकरण की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि (cid:366)मंडलीय आयु(cid:779)त-सह- (cid:366)थम अपीलीय (cid:366)ाधिकार (cid:554)ारा दोषी कमि(cid:330)यों/(cid:826)य(cid:304)(cid:389)यों के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)ाथमिकी दज(cid:330) करने हेतु (cid:830)प(cid:829)ट आदेश पा(cid:303)रत होने के बावजूद भी आरोपित पदाधिकारी (cid:554)ारा (cid:366)ाथमिकी दज(cid:330) करने म(cid:336) अनाव(cid:827)यक विलंब की गयी । इस संबंध म(cid:336) आरोपित पदाधिकारी का (cid:830)प(cid:829)टीकरण संतोषजनक नहीं है । अत: स(cid:817)यक विचारोपरांत (cid:373)ी सरोज कु मार, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बनमनखी (पूणि(cid:330)यां) के वि(cid:349)(cid:544) 'ʼअसंचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड (प(cid:361) निग(cid:330)त की तिथि से)ʼʼ अधिरोपित किया जाता है। आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी सरोज कु मार की चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक् त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, अपर सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0-R-504/64/2023-SECTION 14- RDD-RDD(COM-268456)-2557480—(cid:373)ी अमरे (cid:802)(cid:363) कु मार, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, डु मरा (सीतामढ़ी) के वि(cid:349)(cid:544) नगर निगम, सीतामढ़ी के वाड(cid:330) सं(cid:783)या- 38 के मतदाता सूची के निमा(cid:330)ण म(cid:336) (cid:352)ये (cid:361)ुटि के कारण उप चुनाव को र(cid:542) किये गये जाने के आरोप पर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के प(cid:361)ांक-2108 दिनांक-29.08.2023 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) (cid:366)ा(cid:810)त (cid:352)आ।
उ(cid:779)त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी कु मार से विभागीय प(cid:361)ांक-82213/2023 दिनांक-10.10.2023 (cid:554)ारा (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी । उ(cid:779)त के आलोक म(cid:336) (cid:366)खंड विकास काया(cid:330)लय, डु मरा, सीतमाढ़ी के प(cid:361)ांक-1166 दिनांक-18.11.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार का (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:366)ा(cid:810)त है । (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण म(cid:336) (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा उ(cid:821)लेख किया गया है कि निवा(cid:330)चन आयोग (cid:554)ारा दावा-आप(िcid:517) के लिये निधा(cid:330)(cid:303)रत समय-सीमा के अंतग(cid:330)त किसी की ओर से किसी (cid:366)कार का दावा/आप(िcid:517) (cid:366)(cid:830)तुत नहीं किया गया । अत: विखंडित मतदाता सूची के (cid:366)ा(cid:349)प म(cid:336) किसी (cid:366)कार की (cid:361)ुटि की आशंका क(cid:821)पनातीत रहा और उस (cid:366)ा(cid:349)प को (cid:361)ुटिहीन मानते (cid:352)ए उसका अंतिम (cid:366)काशन 03.05.2023 को किया गया ।
जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से (cid:366)ा(cid:810)त आरोप प(cid:361) एवं (cid:373)ी अमरे (cid:802)(cid:363) कु मार के (cid:830)प(cid:829)टीकरण की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि आरोप गंभीर (cid:366)कृ ति के ह(cid:339) एवं आरोपित पदाधिकारी का (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:830)वीकार यो(cid:785)य (cid:366)तीत नही ं होता है ।
उ(cid:779)त के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी अमरे (cid:802)(cid:363) कु मार, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, डु मरा (सीतामढ़ी) के वि(cid:349)(cid:544) चेतावनी का दंड अधिरोपित किया जाता है ।30 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी अमरे (cid:802)(cid:363) कु मार की चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार- रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, अपर सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 R-504/72/2023/section-14/Rdd-Rdd (282000) 2557548—(cid:373)ी अशोक कु मार त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ओबरा, औरं गाबाद स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, शिवसागर, रोहतास के वि(cid:349)(cid:544) योजना सं0-2/2019-20 तथा 1/2020-21 म(cid:336) अनियमितता से संबंधित आरोप प(cid:361) गठित कर जिला पदाधिकारी, औरं गाबाद के प(cid:361)ांक-165 दिनांक-02.09.2023 (cid:554)ारा उपल(cid:813)ध कराया गया।
जिला पदाधिकारी, औरं गाबाद (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप पर (cid:373)ी कु मार से विभागीय प(cid:361)ांक-82274 दिनांक- 11.10.2023 (cid:554)ारा (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी। उ(cid:779)त के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी कु मार (cid:366)खंड काया(cid:330)लय शिवसागर, रोहतास के प(cid:361)ांक-1286 दिनांक-28.10.2023 (cid:554)ारा (cid:830)प(cid:829)टीकरण समपि(cid:330)त किया गया ।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)तिवेदित आरोप एवं उनके (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण पर विभाग (cid:554)ारा समी(cid:407)ा की गयी। समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा बिना निविदा का (cid:366)काशन कराये विभागीय (cid:830)तर से योजनाओं का (िcid:354)या(cid:802)वयन कराया जाना, सरकारी काय(cid:330) की मापदंड के अनुसार अपने कत(cid:330)(cid:826)य का अनुपालन नहीं किया जाना, उनका यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-03(1) का उ(cid:821)लंघन है। (cid:373)ी कु मार से (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:830)वीकार यो(cid:785)य नहीं है।
अत: स(cid:817)यक विचारोपरांत (cid:373)ी अशोक कु मार तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ओबरा, औरं गाबाद स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, शिवसागर, रोहतास (cid:554)ारा योजनाओं के काया(cid:330)(cid:802)वयन म(cid:336) बरती गयी गंभीर लापरवाही, कत(cid:330)(cid:826)यहीनता एवं अनुशासनहीनता के लिए ''असंचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से एक वेतन वृ(cid:304)(cid:544) पर रोकʼʼ का दंड अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी अशोक कु मार की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय । उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0- 14(पटना) पटना- 03/2019 (COM NO-243333) 2557563—(cid:373)ी दीनबंधु दिवाकर, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ब(cid:304)(cid:418)यारपुर, पटना स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, जाले (दरभंगा) के वि(cid:349)(cid:544) वष(cid:330) 2016 म(cid:336) ब(cid:304)(cid:418)यारपुर (cid:366)खंड म(cid:336) पद(cid:830)थापन के दौरान गंगा नदी म(cid:336) आये भीषण बाढ़ से (cid:366)भावित (cid:826)य(cid:304)(cid:389)यों के बीच बाढ़ राहत वितरण हेतु पंचायत आपदा समिति की बैठक म(cid:336) लिये गये निण(cid:330)य का अनुपालन नही ं करने, आपदा (cid:366)बंधन के मानक मानदंड का अवहेलना करने, चेक वितरण म(cid:336) अनियमितता एवं चेक वितरण के कारण लोकायु(cid:779)त काया(cid:330)लय, बिहार, पटना म(cid:336) दायर वाद सं(cid:783)या- 01/लोक (क(cid:821)याण) 07/17 म(cid:336) दिनांक- 09.04.2019 को पा(cid:303)रत आदेश के आलोक म(cid:336) जिला पदाधिकारी, पटना के प(cid:361)ांक-766 दिनांक-19.06.2019 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) गठित कर उपल(cid:813)ध कराया गया ।
जिला पदाधिकारी, पटना (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप पर (cid:373)ी दिवाकर से विभागीय प(cid:361)ांक- 433054 दिनांक- 17.07.2019 (cid:554)ारा (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी । काया(cid:330)लय (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, चनपटिया, प(cid:304)(cid:827)चम च(cid:817)पारण के प(cid:361)ांक- 995 दिनांक- 14.08.2019 के (cid:554)ारा (cid:373)ी दिवाकर का (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:366)ा(cid:810)त कराया गया । जिला पदाधिकारी (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप एवं (cid:373)ी दिवाकर के (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण की समी(cid:407)ोपरांत आरोप की गंभीर31 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 (cid:366)कृ ति रहने के कारण विभागीय संक(cid:821)प सं(cid:783)या-1432762 दिनांक-13.12.2022 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी ।
विभागीय काय(cid:330)वाही के संचालनोपरांत संचालन पदाधिकारी के प(cid:361)ांक-1942810 दिनांक- 27.07.2023 (cid:554)ारा जांच (cid:366)तिवेदन (cid:366)ा(cid:810)त है । संचालन पदाधिकारी (cid:554)ारा (cid:366)ा(cid:810)त जांच (cid:366)तिवेदन पर (cid:373)ी दिवाकर से विभागीय प(cid:361)ांक- 1963397 दिनांक-04.08.2023 के (cid:554)ारा लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की मांग की गयी । काया(cid:330)लय (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, जाले, दरभंगा के प(cid:361)ांक- 1061 दिनांक- 10.10.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी दिवाकर का लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन (cid:366)ा(cid:810)त है । संचालन पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त जांच (cid:366)तिवेदन एवं (cid:373)ी दिवाकर से (cid:366)ा(cid:810)त लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि संचालन पदाधिकारी (cid:554)ारा समपि(cid:330)त जांच (cid:366)तिवेदन म(cid:336) कु छ आरोपों को (cid:366)माणित पाया गया एवं कु छ आरोपों को आंशिक (cid:349)प से (cid:366)माणित पाया गया । बाढ़ जैसे संवेदनशील काय(cid:330) म(cid:336) लापरवाही बरतना एक गंभीर विषय है ।
अत: (cid:373)ी दीनबंधु दिवाकर, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ब(cid:304)(cid:418)यारपुर, पटना स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, जाले (दरभंगा) (cid:554)ारा सरकारी काय(cid:330) म(cid:336) बरती गई गंभीर लापरवाही एवं कत(cid:330)(cid:826)यहीनता के लिए उनके वि(cid:349)(cid:544) संचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से एक वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड अधिरोपित किया गया ।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी दिनबंधु दिवाकर की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि उ(cid:779)त आदेश की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0-14 (ति०) वैशाली- 02/2017-2557630—(cid:373)ी उदय कु मार, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, वैशाली स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, गोरौल (वैशाली) के वि(cid:349)(cid:544) काय(cid:330) म(cid:336) शिथिलता, कत(cid:330)(cid:826)यहीनता एवं अनुशानहीनता के आरोप पर जिला पदाधिकारी, वैशाली के प(cid:361)ांक-22 दिनांक- 18.01.2017 के (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) (cid:366)ा(cid:810)त है ।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, वैशाली से (cid:366)ा(cid:810)त आरोप प(cid:361) एवं (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत विभागीय अधिसूचना सं(cid:783)या- 397172 दिनांक- 25.02.2021 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी ।
विभागीय काय(cid:330)वाही संचालनोपरांत दिनांक- 02.10.2022 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही का जांच (cid:366)तिवेदन (cid:366)ा(cid:810)त है । (cid:366)ा(cid:810)त जांच (cid:366)तिवेदन के आलोक म(cid:336) विभागीय प(cid:361)ांक-1490646 दिनांक- 06.01.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार से लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की मांग की गयी । (cid:366)खंड काया(cid:330)लय, गोरौल (वैशाली) के प(cid:361)ांक-596 दिनांक-10.03.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कृ (cid:829)णन का लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन (cid:366)ा(cid:810)त है ।
संचालन पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त जांच (cid:366)तिवेदन एवं (cid:373)ी कु मार के लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ापरांत पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के वि(cid:349)(cid:544) 17 आरोपों म(cid:336) से कु छ आरोपों को आंशिक (cid:349)प से (cid:366)माणित एवं एक आरोप पूण(cid:330) (cid:349)प से (cid:366)माणित पाया गया है । (cid:830)प(cid:829)ट है कि आरोपित पदाधिकारी (cid:554)ारा वरीय पदाधिका(cid:303)रयों के आदेश की अवहेलना कर मु(cid:783)यालय से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने एवं गंभीर विधि (cid:826)यव(cid:830)था के उ(cid:797)प(cid:802)न सम(cid:830)या के दोषी पाये जाने, DBT काय(cid:330)(cid:354)म के तहत प(cid:336)शनधा(cid:303)रयों के ब(cid:339)क खाता एवं आधार सीडिंग म(cid:336) लापरवाही, वष(cid:330) 2016 म(cid:336) आवास योजना म(cid:336) कम (cid:366)गति, मु(cid:783)यमं(cid:361)ी विद् युत संबंधित नि(cid:827)चय योजना के काया(cid:330)(cid:802)वयन म(cid:336) लापरवाही जैसे आरोप गंभीर (cid:366)वृति के ह(cid:339) । इस संबंध म(cid:336) आरोपित पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण/अ(cid:816)यावेदन संतोषजनक (cid:366)तीत नही ं होता है ।32 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 अत: स(cid:817)यक विचारोपरांत (cid:373)ी उदय कु मार, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, वैशाली स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, गोरौल (वैशाली) के वि(cid:349)(cid:544) 'ʼअसंचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड (प(cid:361) निग(cid:330)त की तिथि से)ʼʼ अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी उदय कु मार की चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 R-504/71/2023/section-14/Rdd-Rdd (281970)-2557644—(cid:373)ी राजु कु मार त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ओबरा, औरं गाबाद स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, डु म(cid:303)रया, गया के वि(cid:349)(cid:544) योजना सं0-7/2020-21, 8/2020-21 तथा 9/2020-21 म(cid:336) अनियमितता से संबंधित आरोप प(cid:361) गठित कर जिला पदाधिकारी, औरं गाबाद के प(cid:361)ांक-165 दिनांक-02.09.2023 (cid:554)ारा उपल(cid:813)ध कराया गया।
जिला पदाधिकारी, औरं गाबाद (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप पर विभागीय प(cid:361)ांक-84895 दिनाक-27.10.2023 (cid:373)ी कु मार से (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी। (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा (cid:366)खंड काया(cid:330)लय डु म(cid:303)रया, गया के प(cid:361)ांक-1800 दिनांक-27.11.2023 (cid:554)ारा (cid:830)प(cid:829)टीकरण समपि(cid:330)त किया गया ।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)तिवेदित आरोप एवं उनके (cid:554)ारा समपि(cid:330)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण पर विभाग (cid:554)ारा समी(cid:407)ा की गयी। समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा बिना निविदा का (cid:366)काशन कराये विभागीय (cid:830)तर से योजनाओं का (िcid:354)या(cid:802)वयन कराया जाना, योजनाओं के (िcid:354)या(cid:802)वयन के (cid:354)म म(cid:336) आव(cid:827)यकता से अधिक अ(िcid:356)म विभि(cid:802)न योजनाओं के लिए एक ही अभिक(cid:797)ता(cid:330) को दिये जाने, सरकारी काय(cid:330) की मापदंड के अनुसार अपने कत(cid:330)(cid:826)य का अनुपालन नहीं किया जाना, उनका यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-03(1) का उ(cid:821)लंघन है। (cid:373)ी कु मार से (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:830)वीकार यो(cid:785)य नहीं है।
अत: स(cid:817)यक विचारोपरांत (cid:373)ी राजु कु मार त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ओबरा, औरं गाबाद स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, डु म(cid:303)रया, गया (cid:554)ारा योजनाओं के काया(cid:330)(cid:802)वयन म(cid:336) बरती गयी गंभीर लापरवाही, कत(cid:330)(cid:826)यहीनता एवं अनुशासनहीनता के लिए 'ʼअसंचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से एक वेतन वृ(cid:304)(cid:544) पर रोकʼʼ का दंड अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी अशोक कु मार की सेवा पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय । उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0- 14 (पटना) रोहतास (लो०शि०नि०)-06/2021-2557678—(cid:373)ी कु मुद रं जन, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, संझौली (रोहतास) स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, मदनपुर (औरं गाबाद) के वि(cid:349)(cid:544) बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतग(cid:330)त दायर प(cid:303)रवादों के संबंध म(cid:336) दिनांक- 01.12.2020, 15.12.2020 एवं 29.12.2020 को निधा(cid:330)(cid:303)रत सुनवाईयों म(cid:336) अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने के आरोप पर समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के प(cid:361)ांक-622 दिनांक-09.02.2021 (cid:554)ारा प(cid:361) (cid:366)ा(cid:810)त (cid:352)आ ।
समाज क(cid:821)याण विभाग (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोप एवं (cid:373)ी रं जन से (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत अधिसूचना सं(cid:783)या-1570188 दिनांक- 14.02.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मुद रं जन, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, संझौली (रोहतास) स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, मदनपुर (औरं गाबाद) के वि(cid:349)(cid:544) चेतावनी का दंड अधिरोपित किया गया ।33 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 अधिरोपित दंड के वि(cid:349)(cid:544) (cid:373)ी कु मुद रं जन (cid:554)ारा दिनांक- 30.10.2023 को पुनवि(cid:330)लोकन आवेदन समपि(cid:330)त किया गया । पुनवि(cid:330)लोकन अ(cid:816)यावेदन की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के वि(cid:349)(cid:544) दिनांक- 14.02.2023 को नैसगि(cid:330)क (cid:802)याय के सि(cid:544)ांतों का अनुपालन करते (cid:352)ए स(cid:765)म (cid:366)ाधिकार से अनुमोदनोपरांत द(cid:796)ड अधिरोपित किया गया था । 08 माह बीत जाने के प(cid:827)चात उनके (cid:554)ारा पुनवि(cid:330)लोकन आवेदन समपि(cid:330)त किया गया है विल(cid:817)ब का कोई (cid:830)प(cid:829)ट कारणों का उ(cid:821)लेख नही ं किया गया है ।
अत: उपरो(cid:779)त त(cid:800)यों के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी कु मुद रं जन के पुनवि(cid:330)लोकन आवेदन को अ(cid:830)वीकृ त किया जाता है । उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।
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12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0-14 (कोशी) अर(cid:303)रया- 05/2018 (COM No-295700)-2557713—(cid:373)ी गोपाल कृ (cid:829)णन, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, फारबिसगंज (अर(cid:303)रया) स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, नवगछिया (भागलपुर) के वि(cid:349)(cid:544) पिछड़ा वग(cid:330) महिला को सामा(cid:802)य वग(cid:330) म(cid:336) (cid:830)थानांत(cid:303)रत करने, साम(cid:356)ी/बैलेट पेपर/द(cid:796)डाधिकारी एवं पुलिस बल की (cid:366)तिनियु(cid:304)(cid:389) एवं निवा(cid:330)चन से संबंधित अ(cid:802)य (cid:826)यय का अप(cid:826)यय एवं दु(cid:349)पयोग तथा बिहार सरकारी सेवा आचार नियमावली, 1976 के (cid:366)तिकू ल आचरण के आरोप पर बिहार रा(cid:789)य निवा(cid:330)चन (cid:366)ाधिकार के प(cid:361)ांक-867 दिनांक- 28.08.2018 (cid:554)ारा आरोप (cid:366)तिवेदित है ।
उ(cid:779)त आरोपों पर निवा(cid:330)चन (cid:366)ाधिकार (cid:554)ारा (cid:373)ी गोपाल कृ (cid:829)णन से (cid:830)प(cid:829)टीकरण की मांग की गयी एवं (cid:366)ा(cid:810)त (cid:830)प(cid:829)टीकरण पर जिला पदाधिकारी, अर(cid:303)रया से मंत(cid:826)य (cid:366)ा(cid:810)त किया गया । बिहार रा(cid:789)य निवा(cid:330)चन (cid:366)ाधिकार के (cid:554)ारा आरोप प(cid:361), आरोपी पदाधिकारी के (cid:830)प(cid:829)टीकरण एवं जिला पदाधिकारी के मंत(cid:826)य के समी(cid:407)ोपरांत (cid:373)ी गोपाल कृ (cid:829)णन के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित करने की अनुशंसा की गयी । विभागीय प(cid:361)ांक- 498875 दिनांक- 29.01.2019 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी ।
विभागीय काय(cid:330)वाही संचालनोपरांत दिनांक- 29.08.2023 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही का जांच (cid:366)तिवेदन (cid:366)ा(cid:810)त है । (cid:366)ा(cid:810)त जांच (cid:366)तिवेदन के आलोक म(cid:336) विभागीय प(cid:361)ांक- 85421 दिनांक- 27.10.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कृ (cid:829)णन से लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की मांग की गयी । (cid:366)खंड काया(cid:330)लय, नवगछिया (भागलपुर) के प(cid:361)ांक- 1443 दिनांक- 23.11.2023 (cid:554)ारा (cid:373)ी कृ (cid:829)णन का लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन (cid:366)ा(cid:810)त है ।
संचालन पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त जांच (cid:366)तिवेदन एवं (cid:373)ी कृ (cid:829)णन के लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि संचालन पदाधिकारी (cid:554)ारा सभी आरोपों को (cid:366)माणित (cid:366)तिवेदित किया गया है। इस संबंध म(cid:336) आरोपित पदाधिकारी से (cid:366)ा(cid:810)त लि(cid:304)खत अ(cid:816)यावेदन (cid:830)वीकार यो(cid:785)य नही ं है ।
अत: स(cid:817)यक विचारोपरांत (cid:373)ी गोपाल कृ (cid:829)णन, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, फारबिसगंज (अर(cid:303)रया) स(cid:817)(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, नवगछिया (भागलपुर) के वि(cid:349)(cid:544) 'ʼअसंचया(cid:797)मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड (प(cid:361) निग(cid:330)त की तिथि से)ʼʼ अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी गोपाल कृ (cid:829)णन की चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दंड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, संयु(cid:779)त सचिव।34 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
12 फरवरी 2024
सं0 (cid:356)ा0वि0-R-504/6/2023-SECTION 14-RDD-RDD (COM NO-234416)-2580931— (cid:373)ीमती अरोमा मोदी, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, धन(cid:349)आ, पटना स(cid:817)(cid:366)ति सहायक प(cid:303)रयोजना पदाधिकारी, वैशाली के वि(cid:349)(cid:544) अवकाश के समा(cid:304)(cid:593) के प(cid:827)चात भी योगदान नही ं करने एवं अनाधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने के आरोप पर जिला पदाधिकारी, पटना के प(cid:361)ांक-51 दिनांक- 11.01.2023 (cid:554)ारा अनुशासनिक कार(cid:330) वाई की अनुशंसा सहित (cid:366)तिवेदन (cid:366)ा(cid:810)त है ।
उ(cid:779)त (cid:366)तिवेदित आरोप पर सामा(cid:802)य (cid:366)शासन विभाग, बिहार, पटना (cid:554)ारा निग(cid:330)त विहित (cid:366)प(cid:361) म(cid:336) आरोप प(cid:361) गठित कर उपल(cid:813)ध कराने हेतु विभागीय प(cid:361)ांक- 55507/2023 दिनांक- 16.02.2023 (cid:554)ारा जिला पदाधिकारी, पटना से अनुरोध किया गया ।
जिला पदाधिकारी, पटना (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) उपल(cid:813)ध न कराकर (cid:366)तिवेदन उपल(cid:813)ध कराया गया है, जिसम(cid:336) विभागीय प(cid:361) के आलोक म(cid:336) जिला (cid:830)तर से (cid:830)प(cid:829)टीकरण (cid:366)ा(cid:810)त कर यह उ(cid:821)लंख किया गया है कि (cid:373)ीमती मोदी (cid:554)ारा दिनांक- 01.10.2022 से 30.12.2022 तक उपाजि(cid:330)त अवकाश उपभोग किया गया था । इसी (cid:354)म म(cid:336) तबियत खराब होने के कारण दिनांक-31.12.2022, 08.01.2023 एवं 20.02.2023 को अवकाश वि(cid:830)तार हेतु अनुरोध किया गया । उ(cid:779)त अवधि म(cid:336) गंभीर पीलिया रोग से (cid:356)सित होने के कारण शा(cid:303)ररीक कमजोरी हो गयी और चिकि(cid:797)सीय सलाह के उपरांत बेडरे (cid:830)ट पर चली गयी । (cid:830)वा(cid:830)(cid:800)य सुधार होने के उपरांत चिकि(cid:797)सक के सलाह उपरांत इनके (cid:554)ारा दिनांक- 13.02.2023 को अपने कत(cid:330)(cid:826)य पर योगदान समपि(cid:330)त किया गया ।
अतएव स(cid:817)यक विचारोपरांत (cid:373)ीमती अरोमा मोदी, त(cid:797)कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, धन(cid:349)आ, पटना स(cid:817)(cid:366)ति सहायक प(cid:303)रयोजना पदाधिकारी, वैशाली के वि(cid:349)(cid:544) मामले को संचिका(cid:830)त किया जाता है।
उ(cid:779)त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन (cid:366)ा(cid:810)त है ।
आदेश:- आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना की (cid:366)ति सभी संबंधितों को सूचनाथ(cid:330) एवं आव(cid:827)यक कार(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-रा(cid:789)यपाल के आदेश से,
न(cid:802)द किशोर साह, अपर सचिव।
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पथ निर्माण विभाग
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अधिसूचना
S —मो॰ गजनफर, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमण्डल, मोतिहारी सम्प्रति कर्त्तव्य से लगातार अनुपस्थित के विरूद्ध राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-28ए के कि॰मी॰ 15 (700) एवं 17वें कि॰मी॰ एवं 19वें कि॰मी॰ (सम्पर्क बाईपास रोड) में मरम्मति कार्य (एकरारनामा संख्या-7एफ2/2001-02 दिनांक-13.08.2001 एवं 11एफ2/2001-02 दिनांक-28.07.2001) में मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक-462 दिनांक-30.03.1982 की कंडिका भाग-2(ग) 10 में अन्तर्निहित आदेश के आलोक में 50% मापी पुस्त की जाँच नहीं करने (मूल आरोप) एवं विभागीय कार्यालय आदेश संख्या-69 दिनांक-03.03.2009 द्वारा मो॰ गजनफर को परियोजना प्रबंधन इकाई, बिहार, पटना के कार्यालय में प्रतिनियुक्त किये जाने के उपरान्त उनके द्वारा प्रतिनियुक्ति कार्यालय में योगदान समर्पित नहीं करने एवं अनधिकृत रूप से लगातार कर्त्तव्य पर अनुपस्थित रहने (पूरक आरोप) के आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10722 (एस) अनु॰ दिनांक-11.09.2006 (मूल आरोप) एवं संकल्प ज्ञापांक-2692 (एस) अनु॰ दिनांक-15.06.2022 (पूरक आरोप) द्वारा समेकित रूप से विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी है, जिसमें मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-2222 अनु॰ दिनांक-15.09.2022 द्वारा विभाग को जॉँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को प्रमाणित पाये जाने के संबंध में उल्लेख किया गया कि सुनवाई हेतु निर्धारित 04 तिथियों पर आरोपी पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। उनके स्थायी एवं पत्राचार के पता पर भेजे गये सभी पत्र अनक्लेम्ड वापस आ गये। इस प्रकार, संचालन पदाधिकारी के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग-4 के नियम-20 के तहत् आरोप को प्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष गठित किया गया। 3. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा के क्रम में पाया गया कि हालांकि जाँच प्रतिवेदन में मात्र पूरक आरोप यथा-वर्ष 2009 से अनधिकृत रूप से लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप का उल्लेख करते हुए इसे प्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष दिया गया है। चूँकि विभागीय कार्यवाही के सुनवाई के क्रम में आरोपी मो॰ गजनफर को35 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 पर्याप्त अवसर देने के पश्चात् भी वे अनुपस्थित रहे हैं, ऐसी स्थिति में आरोपी के विरूद्ध गठित मूल आरोप को भी प्रमाणित माना गया।
4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाये गये आरोपों से सहमत होते हुये बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(3) के आलोक में आरोपी मो॰ गजनफर से विभागीय पत्रांक-332(एस) अनु॰ दिनांक-20.01.2023 एवं स्मार पत्रांक-2110(एस) अनु॰ दिनांक-13.04.2023 से द्वितीय कारण पृच्छा इनके पत्राचार एवं स्थायी दोनों पता पर निबंधित डाक के माध्यम से भेजा गया, जो बिना तामिला के विभाग में वापस हो गया।
5. आरोपी मो॰ गजनफर के बिना सूचना के लंबी अवधि (वर्ष 2009) से गायब रहने, विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में भी अनुपस्थित रहने एवं स्थायी एवं पत्राचार पता पर विभागीय पत्र का तामिला नहीं हो पाने को दृष्टिगत रखते हुए मो॰ गजनफर को द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित करने हेतु अंतिम मौका के रूप में दिनांक-13.05.2023 को प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित किया गया। इस प्रेस विज्ञप्ति में मो॰ गजनफर को एक सप्ताह के अंदर विभाग में उपस्थित होकर द्वितीय कारण पृच्छा से संबंधित विभागीय पत्र प्राप्त करने तथा पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर समर्पित करने का निदेश दिया गया, परन्तु आरोपी मो॰ गजनफर के द्वारा उक्त निर्धारित अवधि के बीत जाने के बाद भी उनके द्वारा न तो कार्यालय में सम्पर्क किया गया और न ही उनके द्वारा लिखित रूप में कोई प्रत्युत्तर समर्पित किया गया। 6. इसी बीच मामले की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के द्वारा जिन तथ्यों/परिस्थितियों के आधार पर आरोप को प्रमाणित होने का निष्कर्ष गठित किया गया, वह बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग-VI के अंतर्गत नियम-17 के उप नियम-20 से आच्छादित है, जबकि संचालन पदाधिकारी द्वारा सम्भवतः भूलवश बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग-4 के नियम-20 का उल्लेख जाँच प्रतिवेदन में कर दिया गया, जिसके आलोक में त्रुटि का निराकरण कर विभागीय पत्रांक-3546 (एस) दिनांक-27.06.2023 द्वारा शुद्धि पत्र निर्गत किया गया, जिसकी सूचना आरोपी मो॰ गजनफर को पत्राचार पता एवं स्थायी पता पर दी गयी। स्थायी पता पर भेजा गया विभागीय पत्र बिना तामिला के वापस प्राप्त हो गया, जबकि पत्राचार पता पर भेजा गया विभागीय पत्र मो॰ गजनफर को दिनांक-30.06.2023 को डेलीभर्ड हो गया। इसके बावजूद भी मो॰ गजनफर द्वारा कोई उत्तर समर्पित नहीं किया गया और न ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कार्यालय को कोई सूचना दी गयी है।
7. विषयांकित मामले की विभागीय समीक्षोपरान्त पाया गया कि मो॰ गजनफर के विरूद्ध एक लंबी अवधि से अनधिकृत रूप से विभाग से लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में संचालित विभागीय कार्यवाही में इन्हें पर्याप्त अवसर प्रदान करने के बावजूद मो॰ गजनफर सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जिसके फलस्वरूप संचालन पदाधिकारी के द्वारा गठित आरोप को प्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष गठित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा के उपरान्त मो॰ गजनफर से नियमानुसार द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। द्वितीय कारण पृच्छा किये जाने संबंधी विभागीय पत्र इनके स्थायी एवं पत्राचार दोनों पता पर निबंधित डाक के माध्यम से भेजा गया, जो बिना तामिला के विभाग में वापस प्राप्त हो गया। इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गयी, इसके बावजूद भी मो॰ गजनफर के द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया। इसी क्रम में शु़द्धि पत्र भी मो॰ गजनफर को भेजा गया, जो इनके पत्राचार पता पर दिनांक-30.06.2023 को तामिला भी हुआ, परन्तु इनके द्वारा विभाग में कोई उत्तर नहीं दिया गया। उक्त तथ्यों से स्पष्ट हो जाता है कि मो॰ गजनफर जानबूझ कर कोई उत्तर नहीं देना चाहते हैं, इसलिए यह माना गया कि उन्हें सरकारी सेवा में कोई अभिरूचि नहीं है।
8. उपर्युक्त समीक्षा के आधार पर आरोपी मो॰ गजनफर, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, मोतिहारी सम्प्रति लगातार कर्त्तव्य से अनुपस्थित के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित माना गया एवं प्रमाणित आरोपों के समानुपातिक बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथा संशोधित, 2007 के नियम-14(xi) के तहत् ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निर्हरता होगी'' के दण्ड प्रस्ताव पर सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार के रूप में माननीय उप मुख्य (पथ निर्माण) मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
9. सरकार का उक्त निर्णय वृहद दंड की श्रेणी में होने की स्थिति में एतद् संबंधी अनुमोदित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-4852 (एस) अनु० दिनांक-11.08.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अपने पत्रांक-2758 दिनांक-03.11.2023 द्वारा मो॰ गजनफर को सेवा से बर्खास्त करने संबंधी विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त किया गया।
10. तदालोक में मो॰ गजनफर, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, मोतिहारी सम्प्रति लगातार कर्त्तव्य से अनुपस्थित के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में सक्षम प्राधिकार द्वारा प्रमाणित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथा संशोधित, 2007 के नियम-14(xi) के तहत् ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निर्हरता होगी'' के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वी— ति प्राप्त की गयी।36 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 उक्त स्वी—ति के आलोक में मो॰ गजनफर, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, मोतिहारी सम्प्रति लगातार कर्त्तव्य से अनुपस्थित के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में सक्षम प्राधिकार द्वारा प्रमाणित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथा संशोधित, 2007 के नियम-14(xi) के तहत् निम्न दण्ड संसूचित किया जाता है :-
(i) ——— सं॰ कारा/नि0को0(प्रोबेषन)-12-06/2023-1551 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ——— संकल्प 20 फरवरी 2024
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री राजीव कुमार, बिहार प्रोबेषन सेवा, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेषन कार्यालय, कटिहार के कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना में बंदी कल्याण पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन के दौरान अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के बचत खाता संख्या-32636163692 का अवैध तरीके से संचालन करने, नियमों की अनदेखी कर स्वयं के स्तर से हस्ताक्षरित पत्र निर्गत कराकर बैंक से गलत तरीके से अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के कुल राशि 16,09,75,564/-(सोलह करोड़, नौ लाख, पचहत्तर हजार, पाँच सौ चौसठ) रूपये को MOD Accounts से बचत खाता में स्थानान्तरित करने, करीब 11 माह के पष्चात् एकमुष्त राषि 22,22,20,000/- (बाईस करोड़, बाईस लाख, बीस हजार) रूपये को बचत खाता से पुनः MOD Accounts में स्थानांतरित करने, वरीय पदाधिकारी से बिना अनुमोदन प्राप्त किये स्वेच्छा एवं अवैध तरीके से नियम विरूद्ध किये गये कार्य के कारण अपराध पीड़ित कल्याण न्यास से संबंधित खाता के संचालन में श्री कुमार के द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता, लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है।
श्री कुमार का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेषन कार्यालय, कटिहार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।
3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17(2) के तहत आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। 6. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, अपर सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।37 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024
सं॰ कारा/नि0को0(अधी॰)-01-26/2021-1552
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संकल्प
20 फरवरी 2024
श्री राजीव कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, उपकारा, वीरपुर सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, उदाकिशुनगंज के विरूद्ध उनके उपकारा, वीरपुर में पदस्थापन के दौरान बंदी अनिल कुमार सिंह, पे0-उमेष प्रसाद सिंह को बिना विभागीय आदेष के उपकारा, वीरपुर से मंडल कारा, सुपौल स्थानांतरित करने, उपकारा, वीरपुर में संसीमित बंदियों को डायट चार्ट के अनुसार भोजन नहीं देने, बंदी सुभाष यादव उर्फ निर्दोष यादव एवं अन्य सहयोगी बंदियों द्वारा कारा प्रषासन के संरक्षण में कारा के अन्दर सभी प्रकार का अवैध कार्य, बंदियों से जबरन वसूली एवं मारपीट करने तथा दबंग बंदियों से आपराधिक साठ-गाँठ रखने, कर्त्तव्य के प्रति बरती गई गंभीर लापरवाही, अनुषासनहीनता, प्रषासनिक विफलता तथा अवैध अनाचार में गहरी संलिप्तता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9233 दिनांक 29.10.2021 द्वारा उन्हें निलंबित किया गया तथा निलंबनावस्था में उनका मुख्यालय केन्द्रीय कारा, मोतिहारी निर्धारित किया गया। उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4613 दिनांक 20.04.2022 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, कोषी प्रमण्डल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कया गया।
2. उक्त विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पष्चात् प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3083 दिनांक 17.04.2023 के द्वारा श्री राजीव कुमार के विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त किया गया :-
'' संचयी प्रभाव से पाँच (05) वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड ''। 3. विभागीय अधिसूचना संख्या-3648 दिनांक-03.05.2023 द्वारा श्री राजीव कुमार को निलंबन मुक्ति के उपरान्त अधीक्षक, उपकारा, उदाकिशुनगंज के पद पर पदस्थापन किया गया है।
4. श्री राजीव कुमार दिनांक-29.10.2021 से दिनांक-16.04.2023 तक निलंबित रहे। श्री कुमार के निलंबन अवधि में भुगतेय राशि के विनिश्चयन हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-11 (5) के विहित प्रावधान के आलोक में विभागीय ज्ञापांक-5733 दिनांक- 05.07.2023 द्वारा उनसे साठ दिनों के अन्दर अभ्यावेदन की मांग की गयी, कि क्यों नहीं इस आशय का निर्णय लिया जाय कि निलंबन अवधि के लिए उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। साथ ही उक्त पत्र की प्रतिलिपि अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ को भेजते हुए पत्र का तामिला श्री राजीव कुमार, अधीक्षक, उपकारा, उदाकिशुनगंज को कराकर तामिला प्रतिवेदन इस विभाग को उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया था।
5. उक्त के आलोक में अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ के पत्रांक-4922 दिनांक-19.07.2023 के माध्यम से श्री राजीव कुमार, अधीक्षक, उपकारा, उदाकिशुनगंज को पत्र का तामिला कराकर तामिला प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ द्वारा उक्त विभागीय पत्र का तामिला श्री राजीव कुमार, अधीक्षक, उपकारा, उदाकिशुनगंज को दिनांक-11.07.2023 को करा दिया गया है।
इस प्रकार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-11 (5) के विहित प्रावधान के तहत पत्र के तामिला होने की तिथि से साठ (60) दिनों की निर्धारित अवधि के बीत जाने के बावजूद इस संबंध में श्री राजीव कुमार द्वारा कोई अभ्यावेदन समर्पित नहीं किया है, जिससे स्पष्ट होता है कि श्री राजीव कुमार को अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है।
6. श्री राजीव कुमार के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन को समीक्षोपरान्त अस्वीकृत करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विधिवत् प्रक्रिया का पालन करते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री कुमार के विरूद्ध उनके उपकारा, वीरपुर में पदस्थापन के दौरान बंदी अनिल कुमार सिंह, पे0-उमेश प्रसाद सिंह को बिना विभागीय आदेश के उपकारा, वीरपुर से मंडल कारा, सुपौल स्थानान्तरित करने, उपकारा, वीरपुर में संसीमित बंदियों को डायट चार्ट के अनुसार भोजन नहीं देने, बंदी सुभाष यादव उर्फ निर्दोष यादव एवं अन्य सहयोगी बंदियों द्वारा कारा प्रशासन के संरक्षण में कारा के अन्दर सभी प्रकार का अवैध कार्य, बंदियों से जबरन वसूली एवं मारपीट करने तथा दबंग बंदियों से आपराधिक साठ-गांठ रखने, कर्त्तव्य के प्रति बरती गई गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता, प्रशासनिक विफलता तथा अवैध अनाचार में गहरी संलिप्तता के प्रतिवेदित आरोप विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित पाये गये हैं। श्री राजीव कुमार, काराधीक्षक द्वारा अपने पदीय दायित्वों के सम्यक् निर्वहन में गम्भीर अनुषासनहीनता एवं कर्त्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है। उपकारा, वीरपुर में व्याप्त कुव्यवस्था एवं अराजकता के लिए कारा के मुख्य नियंत्री पदाधिकारी के रूप में श्री राजीव कुमार दोषी पाये गये हैं तथा इस अवैध अनाचार में उनकी गहरी संलिप्तता भी परिलक्षित हुई है।
श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त उसे स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। तदोपरान्त बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से दण्ड प्रस्ताव पर परामर्श प्राप्त कर विधिवत् प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री कुमार के विरूद्ध ''संचयी प्रभाव से पाँच (05) वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड '' अधिरोपित किया गया है। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री राजीव कुमार का निलंबन औचित्यपूर्ण है।38 (cid:466)बहार गजट, 28 फरवर(cid:547) 2024 7. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री राजीव कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, उपकारा, वीरपुर सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, उदाकिशुनगंज के निलंबन अवधि दिनांक-29.10.2021 से दिनांक-16.04.2023 तक के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-7 एवं 8 के आलोक में निम्न आदेश पारित किया जाता है :-
''निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा तथा इस अवधि की गणना पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में की जायेगी।'' आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, अपर सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 50—571+100-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in