(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
10 ;बपकरू227द्ध 1945 ;0द्ध
(0 173) ए ;बपकरू232द्धए 29 ;बपकरू547द्ध 2024
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अध्सिूचना
28 फरवरी 2024
स्ां॰ विसवि-03/2024-1073/विस। ''बिहार विनियोग ;संख्या-2द्ध विध्ेयक, 2024'', जो बिहार विधन सभा में दिनांक-28 पफरवरी, 2024 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।
आदेष से, राज कुमार, सचिव, बिहार विधान सभा, पटना।;बपकरू464द्ध ;द्ध 29 ;बपकरू547द्ध 2024 2
[विसवि-02/2024]
बिहार विनियोग (संख्या-2) विधेयक, 2024
बिहार राज्य की संचित निधि में से 31 मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान सेवाओं के लिए शोधन और विनियोग प्राधिकृत करने के लिए विधेयक ।
भारत-गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ ।-
(1) यह अधिनियम बिहार विनियोग (संख्या-2) अधिनियम, 2024 कहा जा सकेगा ।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा ।
(3) यह 01 अप्रील 2024 के प्रभाव से प्रवृत्त होगा ।
2. 31 मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए बिहार राज्य की संचित निधि में से कुल 282992,32,78,000 (दो लाख बयासी हजार नौ सौ बानवे करोड़ बत्तीस लाख अटहत्तर हजार) रुपये की निकासी।- बिहार राज्य की संचित निधि में से अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लिखित सेवाओं के संबंध में, 31 मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वर्ष के भीतर शोधन के दौरान आने वाले अनेक भारों की पूर्ति के लिए अनुसूची के स्तम्भ-6 में उल्लिखित राशियों से अनधिक राशियाँ, जो कुल 282992,32,78,000 (दो लाख बयासी हजार नौ सौ बानवे करोड़ बत्तीस लाख अटहत्तर हजार) रुपये तक होंगी, शोधित और उपयोजित की जा सकेंगी।
3. विनियोग ।- इस अधिनियम द्वारा जिन राशियों को बिहार राज्य की संचित निधि में से शोधित और उपयोजित करने का प्राधिकार दिया गया है, उन्हें 31वीं मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वर्ष के संबंध में अनुसूची में उल्लिखित सेवाओं और प्रयोजनों के निमित्त विनियोजित किया जायेगा।;बपकरू464द्ध ;द्ध 29 ;बपकरू547द्ध 2024
;बपकरू464द्ध ;द्ध 29 ;बपकरू547द्ध 2024 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 29 ;बपकरू547द्ध 2024 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 29 ;बपकरू547द्ध 2024 6उद्देश्य एवं हेतु
राज्य की संचित निधि से कोई राशि भारत के संविधान के अनुच्छेद 204 के अधीन बनी विधि के अनुसार ही विनियोजित की जायेगी, अन्यथा नहीं । विधि में यह व्यवस्था है कि (क) विधान सभा द्वारा पारित किये गये अनुदानों, और
(ख) राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय की पूर्ति के लिए अपेक्षित कुल राशि राज्य की संचित निधि में से विनियोजित की जायगी ।
वर्त्तमान विधेयक का उद्देश्य है कि राज्य की संचित निधि में से कुल 282992,32,78,000 (दो लाख बयासी हजार नौ सौ बानवे करोड़ बत्तीस लाख अटहत्तर हजार) रुपये, शोधन और विनियोग प्राधिकृत किया जाय, ताकि 31 मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वर्ष में शोधन के दौरान आने वाले भारों की पूर्ति की जा सके ।
सम्राट चौधरी, भार-साधक सदस्य।
राज कुमार, पटना
दिनांक-28.02.2024
सचिव, बिहार विधन सभा।