Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 March 2024

Published 01 March 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-03-01.189
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

11 फा(cid:227)गुन 1945 (श0)

(सं0 पटना 189) पटना, शु(cid:272)वार, 01 माच(cid:91) 2024

बिहार विधान सभा सचिवालय

———

अधिसूचना

29 फरवरी, 2024

सं॰ वि॰स॰वि॰-11/2024-1104/वि॰स॰--''बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्त्तन विधेयक, 2024'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-29 फरवरी, 2024 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।

आदेश से, राज कुमार, सचिव।

[2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 माच(cid:91), 2024 [विúसúविú-05/2024] बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रर्वान विधेयक, 2024 बिहार राज्य स्थित प्रतिष्ठानों में लोक सुरक्षा उपायों का प्रावधान हेतु विधेयक प्रस्तावना :-यतः बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रर्वान विधेयक, 2024 का उद्‌देष्य है कि :

(i) सरकार को आम जनता एवं सार्वजनिक संपत्तियों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने सहित अपराधों को रोकने, ट्रैक करने और पता लगाने के लिए अपराधियों का –श्य रिकॉर्ड बनाए रखने हेतु लोक निगरानी प्रणाली तक पहुंच प्राप्त करने में सक्षम बनाना;

(ii) आतंकवादी हमलों सहित सुरक्षा खतरों से बचाव के लिए निवारक पुलिसिंग में सुधार करना; (iii) अपराध दर, आतंकवाद, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना, जांच में सहायता, वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करके विभिन्न अपराधों की जांच कर अपराधियों के खिलाफ अभियोजन और मुकदमे में सहायता करना और इस तरह जनता के लिए एक निरापद एवं सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना;

यतः, एक विधेयक लाया जाना समीचीन है-

(i) बिहार राज्य में प्रतिष्ठानों में लोक सुरक्षा उपाय; (ii) प्रतिष्ठानों के मालिकों द्वारा अपनी लागत पर लोक निगरानी प्रणाली जैसे सीसीटीवी की स्थापना और जांच में आवश्यकता पड़ने पर प्राधिकृत पुलिस पदाधिकारियों और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कम से कम 30 दिनों की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने का प्रावधान करना;

(iii) वीडियो फुटेज का अधिष्ठापन और उचित रखरखाव का दायित्व प्रतिष्ठान का है; (iv) प्रतिष्ठान द्वारा लोक सुरक्षा उपायों को अधिष्ठापित करने और बनाए रखने में विफलता की स्थिति में दंडात्मक प्रावधान। और उससे संदर्भित या उसके अनुषांगिक मामले।

यतः, बिहार राज्य में प्रतिष्ठानों में लोक सुरक्षा उपायों और उससे संदर्भित या उसके अनुषांगिक मामलों के लिए प्रावधान करना समीचीन है।

इसे भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में निम्नानुसार अधिनियमित किया जाता हैः 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभः-(1) यह अधिनियम बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन अधिनियम, 2024 कहा जायेगा।

(2) इसका विस्तार ऐसे क्षेत्रों तक है जिन्हें सरकार द्वारा समय-समय पर आधिकारिक राजपत्र में चिन्हित और अधिसूचित किया जायेगा।

(3) यह उपर्युक्त उप-धारा (2) के तहत अधिसूचित ऐसे क्षेत्रों में ऐसी तारीख या तिथियों से लागू होगा जो राज्य सरकार, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत किया जायेगा।

2. परिभाषाएंः-इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,

(a) 'प्रतिष्ठान' से अभिप्रेत है एक स्थान जहाँ बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, जहाँ सार्वजनिक जमावड़े की संभावना हो यथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थान, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, खेल परिसर, रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव, बैंकिंग संस्थानों के बाहरी परिसर, संगठित मंडलों तथा अपार्टमेंट (रियल एस्टेट (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2016 की धारा-2(e) में यथा परिभाषित) और अन्य प्रतिष्ठान, जिन्हें सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ एक प्रतिष्ठान घोषित करे।

(b) 'जिला दंडाधिकारी' में अपर जिला दंडाधिकारी और राज्य सरकार द्वारा अधि—त कोई अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे;

(c) 'सरकार' से अभिप्रेत है बिहार राज्य सरकार; (d) 'अधिसूचना' से अभिप्रेत है सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक अधिसूचना और अधिसूचित शब्द का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;

(e) 'निर्धारित' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के तहत नियमों द्वारा निर्धारित; (f) 'लोक सुरक्षा उपाय' से अभिप्रेत है एक्सेस कंट्रोल या क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा सिस्टम और प्रवेश और निकास बिंदुओं और प्रतिष्ठानों के किसी भी अन्य स्थान और उनके निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए अधिष्ठापित कोई अन्य उपकरण;

(i) भौतिक या तकनीकी साधन या दोनों के माध्यम से एक्सेस कंट्रोल; (ii) क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा सिस्टम जिसमें यथा विहित तीस दिन या उससे अधिक के वीडियो फुटेज के भंडारण का प्रावधान हो;

(iii) यथा विहित तीस दिन या उससे अधिक के वीडियो फुटेज के भंडारण की क्षमता युक्त प्रतिष्ठान से सटे सड़क के सामने अधिष्ठापित क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा सिस्टम;

(iv) निर्दिष्ट विनिर्देशों के अनुसार तकनीकी उपकरण;

3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 माच(cid:91), 2024

(g) 'लोक सुरक्षा समिति' से अभिप्रेत है धारा 4 की उपधारा (1) के तहत राज्य सरकार द्वारा गठित समिति।

3. लोक सुरक्षा उपाय प्रदान करने का दायित्वः-(1) प्रत्येक मालिक या प्रबंधक या प्रतिष्ठान चलाने वाले व्यक्ति प्रतिष्ठानों में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक सुरक्षा उपाय प्रदान करेंगे और बनाए रखेंगे, जहाँ इतनी संख्या में लोग आते हैं या प्रति दिन औसतन इतनी संख्या में लोग आते हैं या एक समय में इतनी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने की संभावना है, जितनी सरकार अधिसूचना द्वारा घोषित करेगी।

(2) प्रत्येक मालिक या प्रबंधक या ऐसे प्रतिष्ठान चलाने वाले व्यक्ति तीस दिनों की अवधि के लिए वीडियो फुटेज को उचित रूप से सहेजेंगे और संग्रहीत करेंगे और सरकार द्वारा अधिसूचित प्राधिकारी को आवश्यकता पड़ने पर प्रदान करेंगे।

4. लोक सुरक्षा समिति का गठन एवं कार्यः-(1) राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए एक या अधिक क्षेत्रों के लिए लोक सुरक्षा समिति का गठन करेगी।

(2) लोक सुरक्षा समिति में ऐसे पदनाम वाले प्रतिनिधि और ऐसे अन्य व्यक्ति शामिल होंगे जो निर्धारित किए जा सकते हैं।

(3) लोक सुरक्षा समिति इस अधिनियम के तहत प्रतिष्ठानों की पहचान करेगी, प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड बनाए रखेगी, खतरे के आकलन के लिए प्रतिष्ठानों का दौरा करेगी, सार्वजनिक सुरक्षा उपायों के बारे में प्रतिष्ठानों को निर्देश जारी करेगी और ऐसे अन्य कार्य करेगी जो निर्धारित किए जायेंगे। (4) लोक सुरक्षा समिति लोक सुरक्षा उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन में अपनी सहायता के लिए अपने अधीन यथावांछित संख्या में लोक सुरक्षा उप-समितियों का गठन कर सकती है।

(5) प्रतिष्ठानों के लिए तीन महीने के भीतर लोक सुरक्षा समिति द्वारा लिखित रूप में सुनिश्चित और अनुशंसित लोक सुरक्षा उपायों को अभिनियोजित करना अनिवार्य होगा।

5. लोक सुरक्षा समिति या उप लोक सुरक्षा समिति की शक्तियाँः-(1) संबंधित क्षेत्र की लोक सुरक्षा समिति या लोक सुरक्षा उप-समिति द्वारा विधिवत प्राधि—त सरकार का कोई भी पदाधिकारी, दिन के उचित समय पर और कम से कम दो दिनों का नोटिस देने के बाद, किसी भी परिसर में प्रवेश कर सकेगा एवं किसी भी व्यतिक्रम या उल्लंघन के मामले में सार्वजनिक सुरक्षा समिति को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। लोक सुरक्षा समिति प्रतिष्ठान को लिखित रूप में आवश्यक निर्देश जारी करेगी और एक महीने की अवधि के भीतर इसका अनुपालन किया जाएगा। क. निरीक्षण रिपोर्ट के अनुपालन में किसी प्रतिष्ठान की विफलता के मामले में, लोक सुरक्षा समिति मालिक या प्रबंधक या ऐसे प्रतिष्ठानों को चलाने वाले व्यक्तियों पर जुर्माना लगा सकती है - (i) व्यतिक्रम के पहले महीने के लिए- रु. 10,000; (ii) व्यतिक्रम के बाद के महीनों के लिए- 25,000 रुपये प्रति माह।

6. अपीलः-(1) धारा 4 की उपधारा (3) के तहत लोक सुरक्षा समिति की सिफारिश या धारा 5 की उपधारा (2) के तहत जुर्माना लगाने वाले लोक सुरक्षा समिति के आदेश से तीस दिनों के भीतर व्यथित कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान द्वारा संबंधित आदेश की तारीख से जिला दंडाधिकारी के समक्ष अपील की जा सकेगी।

(2) जिला दंडाधिकारी, अपीलकर्ता को सुनवाई का अवसर देने के बाद ऐसा आदेश पारित कर सकता है जो वह उचित समझे।

(3) प्रतिष्ठान जिला दंडाधिकारी के आदेशों का पालन करेगा और ऐसे आदेश जारी होने की तारीख से तीस दिनों के भीतर जुर्माना का भुगतान करेगा।

(4) यदि कोई प्रतिष्ठान जुर्माने के भुगतान में चूक करता है, तो उसे भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा।

7. व्यावृत्तिः-इस अधिनियम के प्रावधान उस समय लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों के अतिरिक्त होंगे न कि उनके अल्पीकरण में।

8. सद्‌भावनापूर्वक की गयी कार्रवाई का संरक्षणः-लोक सुरक्षा समिति या लोक सुरक्षा उप-समिति के सदस्यों या ऐसी समिति के किसी भी सदस्य या जिला दंडाधिकारी द्वारा इस अधिनियम या इसके तहत बनाए गए कोई नियम के अंतर्गत सद्‌भावपूर्वक की गयी किसी ऐसी कार्रवाई के लिए, जो अच्छे विश्वास में किया गया हो या करने का इरादा हो, कोई मुकदमा या कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी।

9. नियम बनाने की शक्तिः-(1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नियम बना सकेगी।

(क) विशेष रूप से और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस अधिनियम द्वारा स्पष्ट रूप से आवश्यक या अनुमति दिए गए सभी या किसी भी मामले को नियमों द्वारा निर्धारित करने के लिए ऐसे नियम बनाए जा सकेंगे

(ख) इस धारा के तहत बनाए गए सभी नियम बनाए जाने के तुरंत बाद कम से कम तीस दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल के समक्ष रखे जाएंगे, जो राज्य विधानमंडल द्वारा चालू सत्र या तुरंत बाद के सत्र के दौरान रद्दीकरण अथवा संशोधन के अध्याधीन होंगे।

(ग) राज्य विधानमंडल द्वारा किया गया कोई भी रद्दीकरण या संशोधन आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा, और उसके बाद प्रभावी होगा।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 माच(cid:91), 2024 10. कठिनाईयों को दूर करने की शक्तिः-(1) यदि इस अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो राज्य सरकार, जैसा कि उसे कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत हो, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, ऐसे प्रावधान कर सकती है, जो इस अधिनियम के प्रावधानों से असंगत न हों।

बशर्ते कि इस अधिनियम के प्रारंभ से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद इस धारा के तहत ऐसा कोई आदेश नहीं दिया जाएगा।

(2) इस धारा के तहत किए गए प्रत्येक आदेश को लागू होने के बाद जितनी जल्दी हो सके राज्य विधानमंडल के समक्ष रखा जाएगा।

(3) अधिनियम के किसी भी प्रावधान की व्याख्या में किसी स्पष्टता की स्थिति में, अधिनियम का अंगे्रजी पाठ अधिकृत पाठ माना जायेगा।

अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षात्मक वातावरण बनाये रखने में राज्य सरकार को सार्वजनिक निगरानी प्रणाली में सक्षम होने के लिए जन सहयोग एवं जन भागीदारी आवश्यक है। इस हेतु बिहार राज्य के प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक केन्द्र, अस्पताल, बैंक, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, खेल परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड आदि स्थलों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरा एवं सुरक्षात्मक उपकरण अधिष्ठापन करवाने के लिए बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रर्वान विधेयक, 2024 को अधिनियमित करने की आवश्यकता है। यही इस विधेयक का उद्‌देश्य है और इसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ठ है।

————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त ।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 189-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0 ।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 March 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-03-01.189/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-03-01.189.