(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
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(0 192) ए ;बपकरू272द्धए 1 ;बपकरू91द्ध 2024
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अध्सिूचना
29 फरवरी 2024
स्ां॰ विसवि-10/2024-1113/विस—''बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2024'', जो बिहार विधन सभा में दिनांक-29 पफरवरी, 2024 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है।
आदेष से, राज कुमार, सचिव, बिहार विधान सभा।;बपकरू464द्ध ;द्ध 1 ;बपकरू91द्ध 2024 2 [विसवि-08/2024] बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2024 बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 (बिहार अधिनियम 1, 1997) को संशोधित करने हेतु विधेयक। प्रस्तावना :-चूँकि केन्द्र सरकार द्वारा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 में व्यापक संशोधन करते हुए बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 लागू किया गया है।
और चूँकि बच्चों के लिए राष्ट्रीय नीति, 2013 का सूत्रण भी केन्द्र सरकार द्वारा किया गया है। और चूँकि अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के न्यूनतम उम्र (138वें सम्मेलन) तथा विभत्स स्वरूपों में बाल श्रम निषेध (182वाँ सम्मेलन) में हुए समझौतों पर भारत सरकार द्वारा सहमति प्रदान की गई है।
और चूँकि बाल श्रम से संबंधित मामलों पर उपर्युक्त पृष्ठभूमि में बाल श्रम से संबंधित कानूनों एवं प्रक्रियाओं में परिवर्तन किये गये हैं।
और चूँकि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है, जिनके कारण बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 को संशोधन करने के लिए तुरन्त कार्रवाई करना आवश्यक है।
भारत गणराज्य के 75वें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।- (1) यह अधिनियम बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2024 कहा जायेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने के उपरान्त तुरन्त प्रवृत होगा।
2. बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 (बिहार अधिनियम 1, 1997) की धारा-5 में संशोधन।-बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 (बिहार अधिनियम 1, 1997) की धारा 5 के पश्चात् निम्न परन्तुक जोड़ा जायेगा :-
उपर्युक्त धारा में कार्यकाल का प्रावधान होने के बावजूद राज्य सरकार को यदि यह समाधान हो जाय कि ऐसा किया जाना आयोग के लक्ष्य एवं उद्देश्य की पूर्त्ति के लिए आवश्यक है एवं विस्तृत लोकहित में है तो राज्य सरकार में यह शक्ति निहित होगी कि वह आयोग को किसी भी समय भंग कर सके।
3. बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 (बिहार अधिनियम 1, 1997) की धारा-7 के बाद नई धाराओें को जोडना।- बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 की धारा 7 के पश्चात् निम्न धारायें 7क, 7ख, 7ग एवं 7घ जोड़ी जायेगी :- 7क (1) उपरोक्त अधिनियम के लागू होने की तिथि से वर्तमान बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग भंग हो जायेगा।
(2) वर्तमान बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के भंग होने के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा आयोग के मामलों के प्रबंधन हेतु प्रशासक की नियुक्ति की जायेगी।
7ख(1) बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के भंग होने के पश्चात् आयोग के प्रावधानों के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा आयोग के पुनःसरंचना एवं पुनर्गठन पर अध्ययन एवं अनुशंसा हेतु विशेषज्ञों की समिति गठित की जाएगी।
(2) विशेषज्ञों की समिति राज्य सरकार द्वारा गठित की जायेगी, जिसमें 05 से अधिक सदस्य शामिल नहीं होंगे एवं ऐसी समिति में 01 सदस्य वैसे होंगे, जिन्हें बाल श्रम एवं बाल श्रम से संबंधित विभिन्न मामलों में पर्याप्त जानकारी हो।
(3) समिति द्वारा अनुशंसाऐं उसके गठन की तिथि के 01 माह की अवधि में राज्य सरकार को समर्पित किया जायेगा। श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा समिति के कार्यों के संचालन हेतु सभी लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान किया जायेगा।
(4) समिति द्वारा समर्पित अनुशंसाओं को राज्य सरकार द्वारा परीक्षण किया जायेगा एवं राज्य सरकार द्वारा इसे संशोधनों/परिवर्त्तनों के साथ स्वीकार किया जा सकेगा, यदि बाल श्रम से संबंधित मामलों एवं अन्य मामलों में ऐसा किया जाना अपेक्षित प्रतीत होता हो।
7ग (1) राज्य सरकार द्वारा नये बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग का गठन इसके विघटन की तिथि के 02 माह के अन्दर कर लिया जायेगा।
7घ (1) यदि वर्तमान अधिनियम अथवा संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी करने में यदि किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होती हो तब राज्य सरकार ऐसा आदेश अथवा ऐसी कार्रवाई जो वर्तमान अधिनियम अथवा संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के प्रतिकूल हो एवं ऐसा किया जाना कठिनाईयों के निराकरण के लिए आवश्यक हो, कर सकेगी।
(2) राज्य सरकार समिति को सौंपे गये कार्यों हेतु समुचित निदेश दे सकेगी। राज्य सरकार यदि आवश्यक समझे तो वर्तमान अधिनियम अथवा संशोधन अधिनियम के लक्ष्य एवं उद्देश्यों की पूर्त्ति हेतु प्रशासक को निदेश दे सकेगी एवं प्रशासक के लिए ऐसे निदेश को मानना वाध्यकारी होगा।;बपकरू464द्ध ;द्ध 1 ;बपकरू91द्ध 2024 3 उद्देश्य एवं हेतु केन्द्र सरकार द्वारा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 में व्यापक संशोधन करते हुए बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए राष्ट्रीय नीति, 2013 का सूत्रण भी केन्द्र सरकार द्वारा किया गया है एवं अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के न्यूनतम उम्र (138वें सम्मेलन) तथा विभत्स स्वरूपों में बाल श्रम निषेध (182वाँ सम्मेलन) में हुए समझौतों पर भारत सरकार द्वारा सहमति प्रदान की गई है।
राज्य सरकार बाल श्रम के उन्मूलन हेतु कृतसंकल्पित है एवं राज्य सरकार द्वारा उपर्युक्त पृष्ठभूमि में बाल श्रम से संबंधित कानूनों एवं प्रक्रियाओं में परिवर्तन किये जा रहे हैं।
इस प्रकार ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है, जिनके कारण बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग अधिनियम, 1996 को संशोधन करना आवश्यक है।
प्रस्तावित संशोधन विधेयक के लागू होने के पश्चात् बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के कार्यप्रणाली एवं आयोग के उद्देश्य में गुणात्मक परिवर्तन आएगा। इसके अतिरिक्त आयोग बाल श्रम विषय पर और अधिक प्रभावशाली ढ़ंग से कार्य कर सकेगा।
यहाँ इस विधेयक का उद्देश्य है जिसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभिष्ठ है।
(विजय कुमार सिन्हा) भार-साधक सदस्य
राज कुमार, सचिव,
पटना दिनांक-29.02.2024 बिहार विधान सभा, पटना