(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
11 ;बपकरू227द्ध 1945 ;0द्ध
(0 193) ए ;बपकरू272द्धए 1 ;बपकरू91द्ध 2024
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अध्सिूचना
29 फरवरी 2024
स्ां॰ विसवि-07/2024-1116/विस—''बिहार संस्कृृत शिक्षा बोर्ड ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2024'', जो बिहार विधन सभा में दिनांक-29 पफरवरी, 2024 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।
आदेष से, राज कुमार, सचिव, बिहार विधान सभा।;बपकरू464द्ध ;द्ध 1 ;बपकरू91द्ध 2024 2
[विसवि-09/2024]
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2024
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 1981 में संशोधन करने के लिए विधेयक।
प्रस्तावनाः-वर्ष 2020 में केन्द्र सरकार द्वारा बिहार राज्य सहित पूरे भारतवर्ष में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। बिहार जाति आधारित गणना प्रतिवेदन, 2022-23 में बिहार के सभी विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति का विवरण बताया गया है। संस्कृत शिक्षा सहित विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को विनियमित करने वाले कानूनों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बनाना अनिवार्य हो गया है। इसलिए यह आवश्यक है कि विद्यमान संस्कृत शिक्षा की संरचना को पुनर्संघटित एवं पुनर्गठित किया जाए तथा इसे भाषा-विज्ञान एवं धार्मिक अध्ययन के अलावा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने का भी प्रभावी उपकरण बनाया जाए।
विद्यमान संस्कृत शिक्षा की संरचना को पुनर्संघटित एवं पुनर्गठित करने के उद्देश्य से, इसे व्यावहारिक, साध्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एवं संस्कृत शिक्षा के आधुनिकरण हेतु विद्यमान बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 1981 की धारा 4(2), 5, 25 एवं 27 में संशोधन किया जाना आवश्यक है।
इसलिए, भारत-गणराज्य के 75 वें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भः-
(i) इस अधिनियम को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (संशोधन) अधिनियम, 2024 कहा जा सकेगा। (ii) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (iii) यह राजपत्र मेें प्रकाशन होने पर तुरंत लागू होगा।
2. धारा 4 (2) में संशोधनः- विद्यमान अधिनियम की धारा 4 (2) को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाता है :- निदेशक/विशेष निदेशक या कोई अन्य पदाधिकारी जिसे धार्मिक, भाषाई अल्पसंख्यक अथवा प्राच्य शिक्षा हेतु शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई हो - पदेन
3. धारा 5 में संशोधनः-
विद्यमान अधिनियम की धारा-5 में एक नई उप-धारा (3) जोड़ी जाती है :- धारा 5 (1) में निर्धारित कार्यकाल के बावजूद, राज्य सरकार के पास बोर्ड को किसी भी समय विघटित करने की शक्ति होगी यदि वह संतुष्ट हो कि बोर्ड के काम-काज को अधिनियम के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के अनुरूप बनाने हेतु बोर्ड का विघटन व्यापक सर्वाजनिक हित में है। 4. धारा 25 में संशोधनः-
(i) विद्यमान अधिनियम की धारा 25 में एक नई उप-धारा (6) जोड़ी जाती हैः-
(6) (क) अधिनियम के लागू होने की तिथि से विद्यमान संस्कृत शिक्षा बोर्ड विघटित हो
जाएगा।
(ख) उपरोक्त धारा 6 (क) के तहत विद्यमान संस्कृत शिक्षा बोर्ड के विघटन के उपरांत राज्य सरकार, शिक्षा विभाग में, बोर्ड के मामलों के प्रबंधन हेतु एक प्रशासक, जो कि राज्य सरकार के सचिव के पद से निम्न पद का ना हो, नियुक्त करेगी। (ii) एक नई निम्नलिखित उप-धारा (7) जोड़ी जाती हैः-
(7) (क) बोर्ड के विघटन होने पर राज्य सरकार, संस्कृत शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बनाने के उद्देश्य एवं वर्तमान में विज्ञान, मानविकी समेत अन्य आधुनिक विषयों में शिक्षण पद्धति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विभिन्न व्यवसायिक विषयों को भी शामिल करने के निमित्त पाठ्यक्रम जारी करने के लिए संस्कृत शिक्षा संरचना के अध्ययन एवं सिफारिश हेतु विशेषज्ञों की एक समिति का गठन करेगी। (ख) राज्य सरकार द्वारा विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा जिसमें 5 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनमें कम-से-कम एक व्यक्ति संस्कृत एवं प्राच्य अध्ययन का पर्याप्त ज्ञान रखने वाला होना चाहिए। समिति, गठन की तारीख से एक माह की अवधि के भीतर अपनी सिफारिश राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी। समिति को सुप्रचालन-तंत्र की सभी सहायता शिक्षा विभाग, बिहार, सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
(ग) समिति द्वारा प्रस्तुत अनुसंशा पर राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इसकी जांच की जाएगी एवं संस्कृत शिक्षा हित में आवश्यक समझे जाने वाले संशोधन के साथ इसे स्वीकार किया जाएगा।
(iii) नई निम्नलिखित उप-धारा (8) जोड़ी जाती हैः-
(8) राज्य सरकार बोर्ड के विघटन की तिथि से अधिकतम तीन माह की अवधि के भीतर नई संस्कृत शिक्षा बोर्ड का गठन करेगी।;बपकरू464द्ध ;द्ध 1 ;बपकरू91द्ध 2024 3 5. धारा 27 में संशोधनः-धारा 27 को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाता हैः- 27 (i) यदि विद्यमान अधिनियम या इस संशोधित अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी बनाने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है तो राज्य सरकार ऐसा आदेश जारी कर सकती है अथवा ऐसा कार्य कर सकती है जो कठिनाई को दूर करने में समीचीन एवं आवश्यक प्रतीत होता है तथा जो विद्यमान अधिनियम या इस संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हो।
(ii) राज्य सरकार समिति को सौंपे गए कार्य को पूरा करने हेतु उचित निर्देश जारी कर सकती है। राज्य सरकार प्रशासक को विद्यमान अधिनियम या इस संशोधित अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने हेतु ऐसे निर्देश जैसा की आवश्यक समझा जाए भी जारी कर सकती है तथा प्रशासक राज्य सरकार के ऐसे निर्देशों से बाध्य होगा।
उद्देश्य एवं हेतु
बिहार राज्य में संस्कृत शिक्षा के विकास और बेहतर देख-रेख निमित्त एक स्वायत बोर्ड के गठन का उपबंध करने के लिए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 1981 अधिनियमित है।
वर्ष 2020 में केन्द्र सरकार द्वारा बिहार राज्य सहित पूरे भारतवर्ष में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। संस्कृत शिक्षा सहित विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को विनियमित करने वाले कानूनों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बनाया जाना है। इसलिए यह आवश्यक है कि विद्यमान संस्कृत शिक्षा की संरचना को पुनर्संघटित एवं पुनर्गठित किया जाए तथा इसे भाषा-विज्ञान एवं धार्मिक अध्ययन के अलावा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने का भी प्रभावी उपकरण बनाया जाए। विद्यमान संस्कृत शिक्षा की संरचना को पुनर्संघटित एवं पुनर्गठित करने के उद्देश्य से, इसे व्यावहारिक, साध्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एवं संस्कृत शिक्षा के आधुनिकरण हेतु विद्यमान बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 1981 की धारा 4(2), 5, 25 एवं 27 में संशोधन किया जाना है जिसे अधिनियमित कराना इसका मुख्य अभीष्ट है।
(विजय कुमार चौधरी) भार-साधक सदस्य राज कुमार,
पटना दिनांक-29.02.2024
सचिव, बिहार विधान सभा।