(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
11 ;बपकरू227द्ध 1945 ;0द्ध
(0 196) ए ;बपकरू272द्धए 1 ;बपकरू91द्ध 2024
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अध्सिूचना
29 फरवरी 2024
स्ां॰ वि॰स॰वि॰-06/2024-1125/वि॰स॰—''बिहार राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2024'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-29 फरवरी, 2024 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है।
आदेष से, राज कुमार, सचिव, बिहार विधान सभा।;बपकरू464द्ध ;द्ध 1 ;बपकरू91द्ध 2024 2
[विसवि-12/2024]
बिहार राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2024
बिहार राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 (बिहार अधिनियम 6,1999) को संशोधित करने के लिए विधेयक।
प्रस्तावनाः-जहां, बिहार राज्य में बिहार राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 के अनुसरण में बिहार राज्य महिला आयोग का गठन किया गया है। अधिनियम के लागू होने के बाद विभिन्न सरकारी नीतियों और कई न्यायिक घोषणाओं के कारण महिलाओं की सुरक्षा, उनकी उन्नति, भागीदारी आदि के नये आयाम उभरकर आये हैं। जबकि, ''लैंगिक अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम, 2012'' के द्वारा कन्या शिशु सहित सभी बच्चों को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से अधिनियमित किया गया है, जबकि, विभिन्न सरकारी संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी कई गुणा बढ़ी है, जबकि, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत हो गई है, जबकि, सरकारी संस्थानों में भी महिलाओं के लिए पद चिन्]ित किये गये हैं, जबकि, महिलायें अभी भी विभिन्न प्रकार के भेदभाव का सामना करती हैं और असुरक्षित हैं, जबकि, राज्य सरकार द्वारा राज्य में आवासित नागरिकों के आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का आकलन कराने के उद्देश्य से बिहार जाति आधारित गणना, 2022-2023 करायी गयी है, जिसके आलोक में महिलाओं की स्थिति में सुधार करने हेतु नये सिरे से सुधार करने की आवश्यकता है, जबकि, महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण के लिए अधिनियमित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के प्रभावी प्रबंधन के लिए बिहार राज्य महिला आयोग को पुर्नगठित करना अनिवार्य हो गया है। इसलिए, अब भारत गणराज्य के 75 वें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में अधिनियमित होः-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।-
(1) यह अधिनियम 'बिहार राज्य महिला आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2024' कहा जा सकेगा। (2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह अधिनियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से तुरंत प्रवृत होगा।
2. बिहार अधिनियम 6, 1999 की धारा 3 में संशोधन।- उक्त अधिनियम के अध्याय II की धारा 3 के उपधारा (2) के बाद निम्नलिखित उपधारा (3) जोड़ी जाएगीः-
''3. (i) वर्तमान संशोधित अधिनियम के लागू होने की तिथि से वर्तमान में कार्यरत बिहार राज्य महिला आयोग भंग हो जाएगा।
(ii) बिहार राज्य महिला आयोग के भंग होने पर, राज्य सरकार आयोग के मामलों के प्रबंधन के लिए एक प्रशासक नियुक्त करेगी। आयोग का प्रशासक सरकार के सचिव स्तर से अन्यून नहीं होगा।
(iii) राज्य सरकार के पास प्रशासक को निर्देश/परामर्श जारी करने का अधिकार होगा और ऐसे निर्देश/परामर्श प्रशासक के लिए बाध्यकारी होंगे।''
3. बिहार अधिनियम 6, 1999 की धारा 4 में संशोधन।- उक्त अधिनियम के अध्याय II की धारा 4 की उपधारा 2 के बाद निम्नलिखित उपधारा 3 जोड़ी जाएगीः-
''4 (3) आयोग का विहित कार्यकाल के होते हुए भी, राज्य सरकार को किसी भी समय आयोग को भंग करने की शक्ति होगी, यदि वह संतुष्ट है कि इस अधिनियम के कार्यकरण और उद्देश्य के अनुरूप आयोग का विघटन व्यापक जनहित में है।''
4. बिहार अधिनियम 6, 1999 की धारा 14 के बाद धारा 14(क) का जोडा जाना।- उक्त अधिनियम
के अध्याय IV की धारा 14 के बाद निम्नलिखित नई धारा 14(क) जोडी जाएगीः-
''14 (क) (i) आयोग के विघटन के उपरांत अंतरकाल के दौरान राज्य सरकार बिहार राज्य महिला आयोग के कामकाज के पुनर्गठन के लिए अपनाए जाने वाले उपायों का सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन करेगी। समिति में पांच सदस्य होंगे, जिनमें से कम से कम एक सदस्य को महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के प्रबंधन का व्यापक ज्ञान होना आवश्यक होगा।
(ii) विशेषज्ञों की समिति राज्य सरकार को एक माह के अंदर प्रतिवेदन समर्पित करेगी। राज्य सरकार विशेषज्ञों की समिति की अनुशंसाओं को महिलाओं के हित में आवश्यक संशोधनों के साथ स्वीकार कर सकेगी।
(iii) विशेषज्ञों की समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं को स्वीकार करने पर, राज्य सरकार ऐसे आदेश/अधिसूचना/संकल्प बनाकर इसे लागू करने का प्रयास करेगी, जो उचित समझा जाए।
(iv) धारा 14 क (ii) में निहित एक माह के प्रावधान के पूरा होने के उपरांत राज्य सरकार अधिकतम दो माह के अंदर अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत बिहार राज्य महिला आयोग का गठन करेगी। '';बपकरू464द्ध ;द्ध 1 ;बपकरू91द्ध 2024 3 उद्देश्य एवं हेतु बिहार राज्य में बिहार राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 के अनुसरण में बिहार राज्य महिला आयोग गठित है। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, उनका विकास एवं उनकी भागीदारी के साथ-साथ उनके हितों की रक्षा करना है। इस अधिनियम के लागू होने के बाद विभिन्न सरकारी नीतियों एवं न्यायिक घोषणाओं के कारण महिलाओं के विकास के नये आयाम –ष्टिगोचर हुए हैं। इसके बावजूद महिलाऐं अभी भी असुरक्षित हैं एवं कई प्रकार के भेदभाव का सामना करती हैं।
राज्य सरकार द्वारा राज्य में आवासित नागरिकों के आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का आकलन कराने के उद्देश्य से बिहार जाति आधारित गणना, 2022-2023 करायी गयी है जिसके आलोक में महिलाओं की स्थिति में सुधार हेतु नये सिरे से सुधार करने की आवश्यकता है।
इसी आवश्यकता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 के कतिपय धाराओं में संशोधित करते हुए बिहार राज्य महिला आयोग को पुनव्र्यवस्थित एवं पुनर्गठित करना बिहार राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2024 का मुख्य उद्देश्य है और इसे अधिनियमित कराना ही विधेयक का अभीष्ट है।
(वण (श्रवण कुमार)कुमार) भार-साधक सदस्य
पटना दिनांक-29.02.2024
राज कुमार, सचिव, बिहार विधान सभा।