असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
29 फा(cid:227)गुन 1945 (श0)
(सं0 पटना 291) पटना, मंगलवार, 19 माच(cid:91) 2024
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श्री विनोद कुमार सिंह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-303/2019 (842/2011), तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-सह-जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सहरसा सम्प्रति अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी, वैशाली के विरूद्ध आँगनबाड़ी केन्द्र के संचालन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोपों के लिए तत्कालीन माननीय मंत्री समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के गै0स0प्रे0सं0-1148 दिनांक 05.04.2011 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु मुख्य सचिव, बिहार, पटना के माध्यम से प्राप्त हुआ।
उक्त के आलोक में विभागीय पत्रांक 9438 दिनांक 23.08.2011 द्वारा समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना एवं जिला पदाधिकारी, सहरसा से आरोप पत्र की मांग की गयी। कतिपय स्मारों के पश्चात जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 1047-1 दिनांक 26.09.2023 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध आरोप पत्र गठित कर कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ।
उक्त के आधार पर विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 20666 दिनांक 07.11.2023 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री सिंह का स्पष्टीकरण (दिनांक 24.11.2023) प्राप्त हुआ। जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया कि आँगनबाड़ी केन्द्र के संचालन की जिम्मेदारी सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की है ना कि वे इसके लिए जिम्मेवार हैं तथा उनके द्वारा अपने उपर लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद एवं निराधार बताते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 19 माच(cid:91), 2024 गया है। जिसमें मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी होगें। 6. श्री सिंह से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,