(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
29 ;बपकरू227द्ध 1945 ;0द्ध
(0 293) ए ए 19 ;बपकरू91द्ध 2024
सं॰ 08/आरोप-01-30/2019 सा0प्र0-1596 सामान्य प्रषासन विभाग ——— संकल्प 29 जनवरी 2024
श्री सुधीर कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-543/2023,(700/2019) तत्कालीन अुनमंडल पदाधिकारी, बखरी, बेगूसराय के विरूद्ध आर0टी0पी0एस0 पर प्राप्त आवेदन के आलोक में राशन कार्ड निर्गमन, चिन्हित् अपात्र लाभुकों का नाम पात्रता सूची से हटाने एवं उनको निर्गत राशन कार्ड का रद्दीकरण के अतिरिक्त आर0टी0पी0एस0 पर प्राप्त प्राप्त आवेदनों को लम्बे अंतराल तक लम्बित रखने संबंधी आरोप पत्र जिला पदाधिकारी, बेगूसराय के पत्रांक 67 दिनांक 25.01.2020 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ।
उक्त क्रम में विभागीय पत्रांक 4404 दिनांक 28.04.2020 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक 274 दिनांक 01.07.2020 द्वारा स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ। विभागीय पत्रांक 2364 दिनांक 22.02.2021 द्वारा उक्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, बेगूसराय से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, बेगूसराय के पत्रांक 42 दिनांक 17.01.2022 द्वारा अपना मंतव्य उपलब्ध कराया गया। जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं पाया गया कि जिला पदाधिकारी, बेगूसराय द्वारा अपने मंतव्य में श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया है। अतएव आरोप पत्र पुनर्गठित कर श्री कुमार के विरूद्ध अग्रेत्तर कार्रवाई का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।
उपर्युक्त निर्णय के आलोक में श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 9396 दिनांक 10.06.2022 द्वारा श्री कुमार से;बपकरू464द्ध ;द्ध 19 ;बपकरू91द्ध 2024 2 स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिसके आलोक में श्री कुमार के पत्रांक1062 दिनांक 26.05.2023 द्वारा स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ, जिसमें श्री कुमार द्वारा आरोपवार/कंडिकावार स्थिति स्पष्ट करते हुए आरोपों से इन्कार किया। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 12289 दिनांक 27.06.2023 द्वारा जिला पदाधिकारी, बेगूसराय से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, बेगूसराय के पत्रांक 703 दिनांक 11.
09.2023 द्वारा प्राप्त मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें जिला पदाधिकारी द्वारा अंकित किया गया कि वर्तमान में प्राप्त स्पष्टीकरण एवं पूर्व में प्राप्त स्पष्टीकरण से भिन्न कोई विषय वस्तु नहीं रहने के कारण पूर्व में भेजे गये मंतव्य को वर्तमान स्पष्टीकरण पर मंतव्य के रूप में स्वीकार किया जाय। मंतव्य निम्नवत् हैः- (i) जिला पदाधिकारी, बेगूसराय द्वारा मंतव्य में अंकित किया गया है कि श्री कुमार, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, बखरी द्वारा राशन कार्ड के निर्गमन पर प्रस्तुत स्पष्टीकरण में जिला स्तर से गठित आरोप पत्र का अवलोकन किया गया। श्री कुमार ने अपने जबाब में बेगूसराय के अन्य अनुमंडलों से अच्छी प्रगति होने का दावा किया है, जबकि आरोप पत्र में उल्लेखित विभागीय पत्र 3301 दिनांक 19.07.2019 के अवलोकन से स्पष्ट है कि बेगूसराय जिला के बखरी अनुमंडल में दिनांक 11.07. 2019 को प्राप्त आवेदन एवं निष्पादन में सबसे ज्यादा अन्तराल था। इस कार्यालय से पूछे गये स्पष्टीकरण एवं श्री कुमार द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से स्पष्ट है कि दिनांक 21.08.2019 तक आर0टी0पी0एस0 से प्राप्त कुल-4404 आवेदन लंबित थें, जबकि दिनांक 15.08.2019 तक ही निष्पादित करने का निदेश था एवं 876 अन्त्योदय परिवारों को चिन्हित भी नहीं किया गया था तथा 1343 अन्त्योदय परिवारों को नया राशन कार्ड भी नहीं दिया गया। श्री कुमार ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि डाटा लॉक रहने के कारण उसका निष्पादन नहीं किया जा सका। डाटा लॉक होने के पहले उसके निष्पादन की भी जिम्मेदारी उन्हीं की थी।
दिनांक 23.08.2019 को स्पष्टीकरण के समय राशन कार्ड संशोधन हेतु 267 लंबित थे। दिनांक 29.08.2019 के स्पष्टीकरण में उन्होंने अंकित किया है कि इससे संंबंधित विडियो कान्फ्रेंसिंग में ये अनुपस्थित थे एवं प्रभारी आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा इन्हें इस मामले से अवगत नहीं कराया गया था, इसलिए लंबित रह गया था। जानकारी प्राप्त करना इन्हीं की जिम्मेवारी थी। अतः निष्कर्षतः श्री कुमार के विरूद्ध लगाये गये आरोप सही है। यद्यपि दिनांक 23.08.2019 के स्पष्टीकरण के पश्चात इनके द्वारा निष्पादन में सुधार करने का प्रयास किया गया था एवं संतोषप्रद कार्य किया गया।
(ii) आरोप पत्र का आधार केवल दिनांक 23.08.2019 का स्पष्टीकरण नहीं है, बल्कि विभागीय पत्रांक 729 दिनांक 12.02.2019, विभागीय पत्रांक 3301 दिनांक 19.07. 2019 एवं विभागीय पत्रांक 5599 दिनांक 26.11.2019 है।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, बेगूसराय द्वारा दिये गये मंतव्य का अवलोकन, विश्लेषण एवं समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं पाया गया कि जिला पदाधिकारी ने अपने मंतव्य के कंडिका-1 के अंतिम पारा में अंकित किया है कि -''अतः निष्कर्षतः श्री कुमार के विरूद्ध लगाये गये आरोप सही है। यद्यपि दिनांक 23.08.2019 के स्पष्टीकरण के पश्चात इनके द्वारा निष्पादन में सुधार करने का प्रयास किया गया था एवं संतोषप्रद कार्य किया गया।'';बपकरू464द्ध ;द्ध 19 ;बपकरू91द्ध 2024 3 उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक विचारोपरांत श्री कुमार को जिला पदाधिकारी, बेगूसराय द्वारा प्रतिवेदित आरोप के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-20327 दिनांक 01.11.2023 द्वारा निम्न शास्ति अधिरोपित किया गयाः-
(i) निन्दन (वर्ष-2019-20)
(ii) 01 (एक) वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया। जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि श्री कुमार द्वारा अपने पुनर्विलोकन आवेदन में मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी, बेगूसराय से प्राप्त मंतव्य से इन्कार किया गया है तथा प्रतिवेदित आरोप के संबंध में जिन बातों का उनके द्वारा उल्लेख किया गया है, उनका उल्लेख स्पष्टीकरण में भी किया गया था, जिसके समीक्षोपरांत ही अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा ''निदंन (आरोप वर्ष-2019-20) एवं एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दंड अधिरोपित किया गया है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सुधीर कुमार, बि0प्र0से0, को0क्र0-1251/2011 तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, बखरी का पुनर्विलोकन आवेदन अस्वीकृत करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अधिरोपित दंड ''निदंन (आरोप वर्ष-2019-20) एवं एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' को पूर्ववत् बरकरार रखा जाता है।
आदेशः आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गुफरान अहमद, सरकार के संयुक्त सचिव।