असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
29 फा(cid:227)गुन 1945 (श0)
(सं0 पटना 297) पटना, मंगलवार, 19 माच(cid:91) 2024
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सं॰ सं॰ 4तक॰/टेक्सटाईल पॉलिसी/152/2021-1042--1. राज्य सरकार द्वारा राज्य में वस्त्र एवं चमड़े के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (वस्त्र एवं चर्म) नीति, 2022 की स्वीकृति दी गयी है, जिसे उद्योग विभाग के ज्ञापांक-1275 दिनांक-03.06.2022 द्वारा अधिसूचित किया गया है।
2. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (वस्त्र एवं चर्म) नीति, 2022 के अधिसूचित होने के बाद उद्योग विभाग द्वारा राज्य के अन्दर एवं बाहर वस्त्र एवं चर्म क्षेत्र के निवेशकों के साथ कई निवेश सम्मेलन किये गये। बहुत-से निवेशकों द्वारा बिहार आकर औद्योगिक क्षेत्रों का भ्रमण भी किया गया। बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023 के दौरान वस्त्र एवं चर्म क्षेत्र पर विशेष सेशन आयोजित किया गया। जिसमें निवेशकों द्वारा अपने सुझाव दिये गये। उपरोक्त सभी आयोजनों में प्राप्त सुझावों के आधार पर वर्त्तमान में अधिसूचित नीति में संशोधन की आवश्यकता हुई है। यह संशोधन नीति को और आकर्षक बनाने एवं निवेश की सम्भावना बढ़ाने हेतु है।
3. उपरोक्त तथ्यों के आलोक में वर्त्तमान नीति में निम्नलिखित संशोधन किये जाते हैंः-
I. नीति की कंडिका 12.6.III-बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (वस्त्र एवं चर्म) नीति के अंतर्गत
से संबंधित संशोधन-संवितरण अवधि को संशोधित करते हुए 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष किया जाता है। II. नीति की कंडिका 12.2- बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (वस्त्र एवं चर्म) नीति के अंतर्गत
से संबंधित संशोधन-
2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 19 माच(cid:91), 2024 इस संशोधन के पश्चात पूर्व वर्गीकृत श्रेणी ए और श्रेणी बी इकाइयाँ, इस नीति में उल्लिखित सभी लाभों के लिए पात्र होंगी। III. कंडिका 12.3.1-(क) शीघ्र निवेश करने वालों को प्रोत्साहित करने और पूँजीगत प्रोत्साहनों की सीमा बढ़ाने के उद्देश्य के तहत 30 जून, 2025 तक अपने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली इकाइयाँ अब प्लांट और मशीनरी में निवेश का 30 प्रतिशत के साथ अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक पूँजीगत अनुदान के लिए पात्र होंगी। इस निर्दिष्ट तिथि के बाद नीति की अवधि में, वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली इकाइयाँ प्लांट और मशीनरी में निवेश का 20 प्रतिशत अधिकतम 20 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत अनुदान के लिए ही पात्र होंगी। परन्तु इस नीति के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने वाली इकाईयाँ पूँजी निवेश अनुदान अथवा बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अंतर्गत देय ब्याज अनुदान में से कोई एक लाभ ही प्राप्त कर सकेंगी।
(ख) अपने कर्मचारीयोें के लिए आवास सुविधाओं का निर्माण करने वाली इकाइयों द्वारा ऐसी आवास सुविधाओं यथा कर्मचारी आवास, डॉरमेटरी आदि की लागत परियोजना लागत में सम्मिलित की जा सकेगी तथा पूँजी निवेश अनुदान अथवा ब्याज अनुदान हेतु परियोजना लागत की गणना में इसे भी शामिल किया जायेगा। यह अनुदान तभी लागू होगा जब निर्मित आवास, प्रस्तावित इकाई के 05 (पाँच) किलोमीटर की परिधि में स्थित हो। IV. कंडिका 12.3.2-
से संबंधित संशोधन -
माल भाड़ा प्रतिपूर्ति प्रोत्साहन पर ऊपरी सीमा को 10 लाख रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति वर्ष किया जाता है।
V. कंडिका 12.6.I.- से संबंधित संशोधन- रोजगार प्रोत्साहन को छोड़कर सभी प्रोत्साहनों पर पहले से ही व्यक्तिगत अधिसीमा का प्रावधान है और बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में भी, कुल प्रोत्साहन पर ऐसी कोई अधिसीमा नहीं है। अतः कुल प्रोत्साहन पर लगी अधिसीमा हटायी जाती है।
VI. उपरोक्त सभी संशोधन उन इकाइयों के लिए प्रभावी होंगे जो इस संशोधन की दी गई शर्तों के साथ बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (वस्त्र एवं चर्म) नीति, 2022 के तहत पात्र हैं। 4. प्रस्ताव पर राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा दिनांक15.03.2024 की बैठक में मद संख्या-09 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गयी है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त । (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 297-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0 । Website: http://egazette.bih.nic.in