असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
30 फा(cid:227)गुन 1945 (श0)
(सं0 पटना 307) पटना, बुधवार, 20 माच(cid:91) 2024
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श्री राजीव शंकर, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 715/2011, तत्कालीन लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध शराब के नशे में कार्यालय आने, उद्योग विभाग के कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने एवं जांच करने हेतु खोजबीन करने पर कार्यालय से फरार होने संबंधित आरोप पत्र उद्योग विभाग के पत्रांक 5661 दिनांक 12.12.2018 द्वारा प्राप्त हुआ।
श्री शंकर के विरूद्ध प्राप्त आरोप पत्र पर विभागीय पत्रांक 922 दिनांक 21.01.2019 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश किया गया, जिसके आलोक में उन्होंने पत्रांक 2534 दिनांक 13.06.2019 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया, जिसमें उन्होंने अपने उपर लगाये गये आरोप को तथ्यहीन एवं साक्ष्यविहिन बताते हुए आरोप से मुक्त करने का अनुरोध किया गया। श्री शंकर से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 9383 दिनांक 15. 07.2019 द्वारा उद्योग विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य देने का अनुरोध किया गया, जिसके आलोक में उद्योग विभाग के पत्रांक 2193 दिनांक 12.08.2020 द्वारा द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री शंकर के स्पष्टीकरण को अस्वीकार किया गया है। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 20 माच(cid:91), 2024 प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9368 दिनांक 18.05.2023 द्वारा श्री शंकर को निन्दन (आरोप वर्ष 2018-19) एवं दो वेतन वृद्धि असंचायत्मक प्रभाव से रोक की शास्ति अधिरोपित की गयी। अधिरोपित शास्ति के क्रम में प्रधान महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक GN140820230302381 द्वारा सूचित किया गया है कि श्री शंकर के पक्ष में Case record एवं राजस्ववाद अभिलेख अप्राप्त रहने के कारण वेतनवृद्धि स्थगित रखते हुए Level-12 में न्यूनतम वेतन-78800/- पर वेतनपुर्जा निर्गत किया जा रहा है। इस प्रकार उक्त वेतनमान में वेतनवृद्धियाँ रोके जाने की शास्ति का क्रियान्वयन संभव नहीं हो पा रहा है। श्री शंकर के विरूद्ध अधिरोपित उक्त शास्ति आदेश का क्रियान्वयन किस प्रकार से होना है इस संबंध में विभागीय स्तर पर समीक्षा कर निर्णय से अवगत कराया जाय।
इस विभाग द्वारा इस संबंध में विधि विभाग, बिहार, पटना, राजस्व पर्षद एवं वित्त वैयक्तिक दावा निर्धारण कोषांग से श्री शंकर के पक्ष में केस रिकार्ड एवं राजस्व वाद अभिलेख प्राप्त होने संबंधी सूचना की मांग की गयी। विधि विभाग से सूचना प्राप्त हुई है कि न्यायिक वाद अभिलेख अनुमोदन हेतु विधि विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया है तथा राजस्व पर्षद द्वारा यह सूचित किया गया है कि राजस्व वाद अभिलेख अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसी बीच श्री शंकर द्वारा अधिरोपित दंड के विरूद्ध पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें इनका कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपों की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गयी है। दंड के कारण इन्हें प्रोन्नति नहीं मिल पायी है। श्री शंकर के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी।
श्री शंकर के विरूद्ध अधिरोपित दंड के क्रियान्वयन के संबंध में महालेखाकार, बिहार से प्राप्त पत्र एवं पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में अंकित तथ्यों की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री शंकर के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने एवं महालेखाकार के पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9368 दिनांक 18.05.2023 को निरस्त करते हुए निन्दन (आरोप वर्ष 2018-19) यथावत रखते हुए पूर्व के संकल्प निर्गत की तिथि के प्रभाव से अगले दो वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
अतएव श्री राजीव शंकर, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 715/2011, तत्कालीन लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9368 दिनांक 18.05.2023 द्वारा निर्गत दंड को निरस्त करते हुए श्री शंकर को निन्दन (आरोप वर्ष 2018-19) एवं पूर्व में निर्गत संकल्प की तिथि 18.05.2023 के प्रभाव से अगले दो वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक का दंड अधिरोपित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रबिन्द्र नाथ चौधरी, उप सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,