;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
30 ;बपकरू227द्ध 1945 ;0द्ध
(0 308) ए ए 20 ;बपकरू91द्ध 2024
सं॰ 27/आरोप-01-12/2021-सा0प्र0-4132
सामान्य प्रषासन विभाग
———
संकल्प
7 मार्च 2024
श्री राजेश कुमार, बि0प्र0से कोटि क्र0-1012/11 तत्का0 अनुमंडल पदाधिकारी बिक्रमगंज, रोहतास के विरूद्ध बिहार विधान सभा, सचिवालय के पत्रांक-106 दिनांक-04.02.2016 द्वारा विशेषाधिकार समिति का षष्ठ प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। उक्त प्रतिवेदन में श्री राजेश्वर राज, माननीय सदस्य, बिहार, विधान सभा द्वारा दिये गये विशेषाधिकार हनन की सूचना से संबंधित सदन द्वारा पारित बिहार विधान सभा की विशेषाधिकार समिति के षष्ठ प्रतिवेदन के अनुपालन से संबंधित है। श्री कुमार के विरूद्ध सरकारी दायित्वों का निर्वहण नहीं करने, स्वेच्छाचारिता बरतने, विधान मंडल के माननीय सदस्य के साथ दुव्र्यवहारपूर्ण रवैया रखने का आरोप विशेषाधिकार समिति द्वारा प्रमाणित पाते हुए दो वेतन वृद्धि रोकने एवं सेवापुस्त में अनुशासनहीनता के लिए चेतावनी शब्द अंकित करने की अनुशंसा की गयी है। विशेषाधिकार समिति की अनुशंसा के आलोक में श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय पत्रांक-5983 दिनांक-28.04.2016 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। तदुपरांत श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण (पत्रांक-1552 दिनांक-06.07.2016) पर जिला पदाधिकारी, रोहतास से मंतव्य की मांग की गयी।
जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक-466 दिनांक-11.02.2018 द्वारा उक्त स्पष्टीकरण पर मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें प्रतिवेदित किया गया है किः-(i) माननीय विधायक द्वारा लगाये गये इस आरोप एवं विक्रमगंज थाना में क्रमशः श्री कुमार एवं माननीय सदस्य विधान सभा, श्री राज द्वारा दर्ज कांड सं0-19/11 एवं 20/11 में अनुसंधान/पर्यवेक्षण की अद्यतन स्थिति जानने हेतु तत्कालीन जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को विशेषाधिकार समिति के समक्ष बुलाया गया था। उनके द्वारा इस मामले को न ही सत्य बताया गया और न ही लिखित सत्य प्रमाणित होने का कोई साक्ष्य दिया गया। ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 ;बपकरू91द्ध 2024 2 विभागीय पत्रांक 3438 दिनांक 10.03.2021 द्वारा बिक्रमगंज थाना में दर्ज थाना कांड संख्या 19/11 एवं 20/11 में अनुसंधान/पर्यवेक्षण की अद्यतन स्थिति की मांग जिला पदाधिकारी, रोहतास से की गयी। स्मारोपरान्त जिला पदाधिकारी, रोहतास का पत्रांक 1819 दिनांक 15.05.2023 प्राप्त हुआ है, जिसमें प्रतिवेदित किया गया है कि इस कांड में समीक्षात्मक प्रतिवेदन ज्ञापांक 2758 दिनांक 30.04.2017 द्वारा निर्गत किया गया है, जिसमें दोनो ही कांडों को प्राथमिकी के मूल धारान्तर्गत साक्ष्य की कमी पाते हुए अनु0 कर्ता को अंतिम प्रतिवेदन साक्ष्य की कमी समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसके आलोक में अनु0कर्ता द्वारा कांड संख्या-19/11 में अंतिम प्रतिवेदन संख्या 329/17 दिनांक 31.12.2017 एवं कांड संख्या 20/11 में अंतिम प्रतिवेदन संख्या 330/17 दिनांक 31.12.2017 समर्पित किया गया है।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी, रोहतास के मंतव्य एवं कांड से संबंधित प्रवितेदन के आलोक में विशेषाधिकार समिति से मंतव्य की मांग की गयी। इसके आलोक में बिहार विधानसभा सचिवालय द्वारा पत्रगत सूचना दी गयी कि विशेषाधिकार समिति द्वारा मामले पर विमर्श के उपरांत निम्नांकित बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी हैः-
(i) समिति की षष्ठ प्रतिवेदन में अनुशंसित दंड एवं उक्त दंड पर सभा की सहमति के उपरांत उसका अनुपालन विभाग द्वारा नहीं किया गया है। सदन द्वारा दोषसिद्धि के बावजूद विभाग द्वारा किस परिस्थिति में जिला पदाधिकारी, रोहतास से इस मामले को पुनः जांच की गयी?
(ii) विशेषाधिकार समिति इस बात को गंभीरता के साथ संज्ञान लेती है कि विभाग द्वारा किस परिस्थिति में सदन द्वारा पारित अनुशंसा के विपरीत निष्कर्ष पर पहुंचा गया, ये बिल्कुल निर्धारित प्रक्रिया के विरूद्ध है। तदुपरांत इस विभाग द्वारा उक्त बिन्दुओं पर विधि विभाग से परामर्श की मांग की गयी। विधि विभाग द्वारा दिये गये परामर्श के आलोक में विभागीय पत्रांक-22239 दिनांक-07.12.2023 द्वारा बिहार विधान सभा की विशेषाधिकार समिति द्वारा षप्ठ प्रतिवेदन में की गयी अनुशंसा को सदन द्वारा पारित किये जाने का सम्पुष्टि प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। उक्त के आलोक में बिहार विधान सभा सचिवालय के पत्रांक-01 दिनांक-02.01.2024 द्वारा सम्पुष्टि प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। सम्पुष्टि प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत पुनः विधि विभाग का परामर्श प्राप्त किया गया। विधि विभाग से प्राप्त परामर्श एवं विशेषाधिकार समिति की अनुशंसा के संदर्भ में बिहार सी0सी0ए0 रूल्स 2005 के तहत श्री राजेश कुमार के विरूद्ध पूरे मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि श्री कुमार द्वारा तत्कालीन माननीय सदस्य बिहार विधान सभा श्री राजेश्वर के प्रति अपेक्षित मर्यादित व्यवहार में कमी रही होगी, जो जांच के क्रम में साक्ष्यों के अभाव में प्रमाणित नहीं हो पाया है। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत श्री राजेश कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्र0-1012/11 तत्का0 अनुमंडल पदाधिकारी बिक्रमगंज, रोहतास के विरूद्ध भविष्य के लिए "चेतावनी" (जिसकी प्रविष्टि सेवा पुस्त में की जाएगी) निर्गत करते हुए, माननीयों के प्रति सज्जनता प्रकट करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत परिपत्र (पत्रांक-8841 दिनांक-20.06.2012) में प्रदा निदेशों का अनुपालन करने हेतु निदेशित करते हुए प्रस्तुत आरोप प्रकरण को संचिकास्त करने का निर्णय लिया गया है।
अतएव श्री राजेश कुमार, बि0प्र0से कोटि क्र0-1012/11 तत्का0 अनुमंडल पदाधिकारी बिक्रमगंज, रोहतास के विरूद्ध भविष्य के लिए "चेतावनी" (जिसकी प्रविष्टि सेवा पुस्त में की जाएगी) निर्गत करते हुए , माननीयों के प्रति सज्जनता प्रकट करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत परिपत्र (पत्रांक-8841 दिनांक-20.06.2012) में प्रदा निदेशों का अनुपालन करने हेतु निदेशित करते हुए प्रस्तुत आरोप प्रकरण को संचिकास्त किया जाता है। आदेशः आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रविन्द्रनाथ चौधरी, सरकार के उप सचिव।