;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
30 ;बपकरू227द्ध 1945 ;0द्ध
(0 309) ए ए 20 ;बपकरू91द्ध 2024
सं॰ 27/नि॰था॰-11-04/2023,सा॰प्र॰-2512
सामान्य प्रषासन विभाग
———
संकल्प
12 फरवरी 2024
श्री राजमंगल राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-504/11 जिला परिवहन पदाधिकारी, मोतिहारी के पदस्थापन काल में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के धावा दल द्वारा दिनांक 14.09.2006 को परिवादी श्री हरेन्द्र सिंह से 20,000/- (बीस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने एवं उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं॰-052/2006 दिनांक 13.09.2006 दर्ज होने की सूचना जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-2261/गो॰ दिनांक 17.09.2006 द्वारा प्राप्त हुई। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11433 दिनांक-11.11.2006 द्वारा श्री राम को हिरासत की तिथि (दिनांक 14.09.2006) के प्रभाव से निलंबित किया गया। उक्त कृत्य में निहित आरोपों के लिए श्री राम के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई हेतु विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' गठित करते हुए स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इस क्रम में श्री राम का स्पष्टीकरण (दिनांक 03.05.2008) प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने अपना बचाव प्रस्तुत किया। सम्यक् विचारोपरांत मामले की वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) के आलोक में संकल्प ज्ञापांक-6639 दिनांक 10.07.2009 द्वारा श्री राम के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को इस हेतु संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में प्रमाणित आरोपों के लिए श्री राम से बचाव बयान प्राप्त किया गया। इसके उपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर सेवा से बर्खास्तगी का दंड विनिश्चित किया गया तथा विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस क्रम में आयोग द्वारा विनिश्चित दंड पर अपनी सहमति संसूचित की गयी। तत्पश्चात् राज्य मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9072 दिनांक 24.07.2017 द्वारा उन्हें सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी) का दंड संसूचित किया गया। तदुपरान्त आरोपी पदाधिकारी द्वारा अधिरोपित दंडादेश के विरूद्ध समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16525 दिनांक 27.12.2017 द्वारा अधिरोपित दंड को बरकरार रखा गया। ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 ;बपकरू91द्ध 2024 2 3. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्यायादेश के विरूद्धएल0पी0ए0 संख्या 1436/23 दिनांक 16.12.2023 दायर किया गया है। 4. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्यायादेश के अवलोकनोपरान्त, आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित अभ्यावेदन एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री राजमंगल राम, बि0प्र0से0 कोटि क्रमांक-504/11 सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र के आधार पर बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43 बी0 के तहत पुनः विभागीय जांच करने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय जांच के संचालन हेतु मुख्य जांच आयुक्त, बिहार को नियुक्त किया जाता है तथा प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में निगरानी विभाग द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी होंगे।
5. श्री राजमंगल राम से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु संचालन पदाधिकारी की अनुमति के अनुसार उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। आदेशः आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय।