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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 27 March 2024

Published 27 March 2024

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-03-27.13
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 7 चै(cid:287) 1946 (श0) सं(cid:201)या 13 पटना, बुधवार, ————————

27 माच(cid:91) 2024 (ई0) (cid:464)वषय-सूची

पृ(cid:231)ठ भाग-1—िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। 2-8 भाग-1-क—(cid:232)वयंसेवक गु(cid:227)म(cid:585) के समादे(cid:231)टाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मै(cid:282)(cid:547)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन-एड0, एम0एस0 और मु(cid:201)तार(cid:547) पर(cid:547)(cid:162)ाओं के पर(cid:547)(cid:162)ा-फल, काय(cid:91)(cid:272)म, छा(cid:287)वृ(cid:464)(cid:419) (cid:292)दान, आ(cid:464)द। ---

भाग-1-ग—िश(cid:162)ा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:547)(cid:162)ाफल आ(cid:464)द ---

भाग-2—(cid:464)बहार-रा(cid:207)यपाल और काया(cid:91)(cid:218)य(cid:162)(cid:585) (cid:430)ारा िनकाले गये (cid:464)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ(cid:464)द। 9-10 भाग-3—भारत सरकार, पि(cid:433)म बंगाल सरकार और उ(cid:205)च (cid:219)यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और रा(cid:207)य गजट(cid:585) के उ(cid:424)रण। ---

भाग-4—(cid:464)बहार अिधिनयम ---

पृ(cid:231)ठ भाग-5—(cid:464)बहार (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)वधेयक, उ(cid:200)त (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत या उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)कये जानेवाले (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और उ(cid:200)त (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:464)वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अिधिनयम िजनपर रा(cid:231)(cid:282)पित क(cid:551) (cid:207)ये(cid:231)ठअनुमित िमल चुक(cid:551) है। ---

भाग-8—भारत क(cid:551) संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)वधेयक, संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:464)वधेयक।

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भाग-9—(cid:464)व(cid:163)ापन

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भाग-9-क—वन (cid:464)वभाग क(cid:551) नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द।

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पूरक

पूरक-क 11-192 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

भाग-1

(cid:467)नयुि(cid:200)त, पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), शि(cid:200)त, छु (cid:618)ट(cid:547) और अ(cid:219)य वैयि(cid:200)तक सूचनाएं —————

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग

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प्रभार प्रतिवेदन

12 मार्च 2024

सं॰ 111— अधोहस्ताक्षरी मैं, डॉ0 गजेन्द्र कुमार सिंह, बि0प्र0से0 सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-14/पद0-213/2011-3270/सा0प्र0,दिनांक-26.02.2024 एवं अधिसूचना संख्या-14/पद0-206/2013- 3803/सा0प्र0, दिनांक-04.03.2024 के आलोक में स्थानांतरण के फलस्वरूप आज दिनांक-05.03.2024 को पूर्वाह्‌न/अपराह्‌न में संयुक्त सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना का स्वतः पदभार ग्रहण किया ।

सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-14/पद0-213/2011 - 3270/सा0प्र0, दिनांक-26.02.2024 एवं अधिसूचना संख्या-14/पद0-206/2013 - 3803/सा0प्र0, दिनांक-04.03.2024 द्रष्टव्य ।

प्रतिहस्ताक्षरित पंकज कुमार, प्रधान सचिव।

डॉ0 गजेन्द्र कुमार सिंह, भारग्राही पदाधिकारी।

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6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013-1246/वा0कर-श्री सुनील कुमार, राज्य-कर सहायक आयुक्त, जमुई अंचल, जमुई सम्प्रति अधिसूचना संख्या-3520 दिनांक 04.10.2023 द्वारा प्रतिनियुक्त राज्य-कर सहायक आयुक्त, लखीसराय अंचल, लखीसराय के पद पर प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013-1247/वा0कर-श्री विजय कुमार पाठक, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त, अंकेक्षण, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर को लोक सभा चुनाव कार्य सम्पन्न होने तक अपने कार्यों के अतिरिक्त राज्य-कर संयुक्त आयुक्त(प्रभारी), भागलपुर अंचल-1 के पद पर प्रतिनियुक्त किया जाता है।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013-1248/वा0कर-श्री रोहित रंजन, राज्य-कर उपायुक्त, गॉधी मैदान अंचल, पटना को अगले आदेश तक वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना में प्रतिनियुक्त किया जाता है।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।3 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013 सुश्री मिनी, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त, भागलपुर अंचल-1, भागलपुर को लोक सभा चुनाव कार्य सम्पन्न होने तक वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना में प्रतिनियुक्त किया जाता है।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

6/प0प0-30-01/2024-1274/वा0कर-श्री लोकेश आनन्द, राज्य-कर सहायक आयुक्त (63वीं0 बैच), सहरसा अंचल, सहरसा को राज्य-कर सहायक आयुक्त, पटना सिटी पूर्वी अंचल, पटना के पद पर स्थानान्तरित किया जाता है।

2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

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सं॰ 9/पु0अ0-10-04/2018 —गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अन्तर्गत पुलिस मुख्यालय, बिहार, पटना के अधीन कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा के सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ0 अमित कुमार को स्थानांतारित करते हुए अगले आदेश तक उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित पुलिस अस्पताल में पदस्थापित किया जाता है :-

1. डॉ0 अमित कुमार पुलिस अस्पताल, बि0वि0स0पु0-08, बेगूसराय पुलिस अस्पताल, गाँधी मैदान, पटना

डॉ0 अमित कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी को निदेश दिया जाता है कि वे स्तम्भ-4 में अंकित स्थान पर एक सप्ताह के अंदर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।

डॉ0 अमित कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी को उनके अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण किया गया है। इसलिए इन्हें स्थानांतरण यात्रा भत्ता अनुमान्य नहीं है। ———

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सं॰ अ॰सं॰क 03(ब॰)-09-01/2015- /बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1991 की धारा 4(1) एंव 4(2) के प्रावधान के अन्तर्गत राज्य सरकार अल्पसंख्यक आयोग को विभागीय सूचना संख्या-143 दिनांक-25.07.2023 द्वारा पुर्नगठित करते हुए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को मनोनीत किया गया थाः-

1. श्री रियाजुल हक उर्फ राजू अध्यक्ष 143/25.07.2023
2. श्री नौशाद आलम उपाध्यक्ष 143/25.07.2023
3. श्री मुजफ्फर हुसैन राही सदस्य 143/25.07.2023
4 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024
4. श्री महताब आलम उर्फ काबुल अहमद सदस्य 143/25.07.2023
5. श्री इफ्तेखार अहमद उर्फ मुन्ना त्यागी सदस्य 143/25.07.2023
6. डॉ॰ इकबाल मोहम्मद समी सदस्य 143/25.07.2023
7. श्रीमती अफरोजा खातुन सदस्य 143/25.07.2023
8. श्री मुर्तजा अली कैसर सदस्य 143/25.07.2023
9. श्री मुकेश कुमार जैन सदस्य 143/25.07.2023

2. बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ( संशोधन) अधिनियम 2024 की धारा 4 की उपधारा (3)(i) में विहित प्रावधान है कि ''वर्तमान में प्रभावी अधिनियम की धारा 4 के तहत्‌ गठित आयोग विघटित हो जायेगा''। तदनुसार अधिसूचना संख्या-143 दिनांक-25.07.2023 के द्वारा उपरोक्त अंकित आयोग विघटित समझा जायेगा और आयोग के मनोनीत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य (07)सात सदस्यों का मनोनयन तत्काल प्रभाव से रद्‌द किया जाता है। Je lalk/ku foHkkx ——— vf/klwpuk,a 18 ekpZ 2024 न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 की धारा 27B में प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, सहायक श्रमायुक्त-सह-प्राधिकार न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत मुजफ्फरपुर के न्यायालय में लंबित एवं अनुसूची 1 के स्तंभ 2 में अंकित वादों को निष्पादनार्थ श्रम न्यायालय, मुजफ्फरपुर को स्थानांतरित करते है।

1 2 3 4
01 18/2021 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर गौरव सिंह एवं अन्य
02 01/2023 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर 4जी आईडेन्टीटी सॉलुषन प्रा0 लि0
03 22/2021 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम
04 41/2022 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर श्री राकेष पाठक
05 8/2023 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर मे0 एबील बैट्रियोटीज्म प्राईवेट लिमिडेड
06 9/2023 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर मे0 ग्रेटर प्राईवेट आई0टी0आई0
07 05, 06 एवं 07/2023 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर मे0 गोल्डेन रेत्रियेवर सिक्यूरिटी प्राईवेट लिमिटेड

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18 ekpZ 2024

एस0ओ0 82-एस0ओ0 81 दिनांक 27 मार्च 2024 का अँग्रेजी भाषा में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 348 के खंड (3) के अधीन अँग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जाय। ——— The 18th March 2024

S.O. 81, Dated 27th March 2024—In exercise of the powers conferred by section -27B of the Minimum Wages Act, 1948, the Governor of Bihar is pleased to transfer the Cases Pending before the court of Assistant Labour Commissioner-cum- authority under of the Minimum Wages Act, 1948 Muzaffarpur shown in column-2 of the schedule-1 to the Labour Court, Muzaffarpur for disposal.

5 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024
Sl no Case no Applicant name Respondant name
1 2 3 4
01 18/2021 Labour Superintendent, Muzaffarpur Gaurav Singh and others
02 01/2023 Labour Superintendent, Muzaffarpur 4g Identity Solutions pvt ltd.
03 22/2021 Labour Superintendent, Muzaffarpur Bihar Satte Road Transport Corporation
04 41/2022 Labour Superintendent, Muzaffarpur Shri Rakesh Pathak
05 08/2023 Labour Superintendent, Muzaffarpur M/s Abil Batteroism pvt ltd.
06 09/2023 Labour Superintendent, Muzaffarpur M/s Geater pvt ITI
07 05/06 and 07/2023 Labour Superintendent, Muzaffarpur M/s Golden retiyewer Security pvt ltd

(No-4/ M.W.- 40-66/2023-1553/ L&R) By the order of the Governor of Bihar, RAJEEV RANJAN, Joint Secretary.

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15 ekpZ 2024

विभागीय संकल्प संख्या-2758 दिनांक 08.09.2022 के तहत्‌ श्री संजय कुमार ग्वालिया, तत्का0 जिला अवर निबंधक, मुजफ्फरपुर, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर) के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी श्री मनोज कुमार संजय, उप निबंधन महानिरीक्षक, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के दिनांक 29.02.2024 को सेवा निवृत्त हो जाने कारण उनके स्थान पर डॉ0 संजय कुमार, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

2. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत्‌ रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

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01/प्रो॰-07/2023 —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 02.02.2024 को आयोजित बैठक मे ंकी गई अनुशंसा एवं अधिसूचना ज्ञापांक-636, दिनांक 10.01.2024 द्वारा विस्तारित समय-सीमा के आलोक में मुख्य अभियंता(असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-13A) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

1 श्री सहाब आलम, अधीक्षण अभियंता (कार्यकारी प्रभार)। 550 1989/97
6 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024
2 मो॰ नवाब आलम, अधीक्षण अभियंता (कार्यकारी प्रभार)। 559 1989/139
3 श्रीउमाकान्त रजक, अधीक्षण अभियंता (कार्यकारी प्रभार)। 559A 1989/142

2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोप मुक्त होने की स्थिति में कनीयतम्‌ पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान्‌ सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोप मुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान्‌ सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारियों को पद भार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्य कारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-

(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।

(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा। 4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतन मान्‌ के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम्‌ न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———

01/प्रो॰-07/2023- —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 02.02.2024 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा एवं अधिसूचना ज्ञापांक-636, दिनांक 10.01.2024 द्वारा विस्तारित समय-सीमा के आलोक में अधीक्षण अभियंता (असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-13) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

1 श्री राम सुरेश राय, कार्यपालक अभियंता 989
2 श्री विजय कुमार,कार्यपालक अभियंता 990
3 श्री राममोहन सिंह,कार्यपालक अभियंता 996 2004/6
4 श्री ओम प्रकाश,कार्यपालक अभियंता 1002 2004/14
5 श्री मनोज कुमार,कार्यपालक अभियंता 1009 2004/21
7 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोप मुक्त होने की स्थिति में कनीयतम्‌ पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान्‌ सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोक में समाप्त करते हुए आरोपमुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान्‌ सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-

(क) संबंधित पदाधिकारी पद स्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।

(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतन मान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।

4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली करली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतन मान्‌ के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम्‌ न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———

01/प्रो॰-07/2023- —पथ निर्माण विभाग के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 02.02.2024 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा एवं अधिसूचना ज्ञापांक-636, दिनांक 10.01.2024 द्वारा विस्तारित समय-सीमा के आलोक में कार्यपालक अभियंता(असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-

1 श्री समलदेव कुमार,सहायक अभियंता 890 2008/35

2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रभावी रहने की स्थिति में वरीय पदाधिकारी के आरोपमुक्त होने की स्थिति में कनीयतम्‌ पदाधिकारी, जिसको विहित वेतनमान्‌ सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया गया है, का कार्यकारी प्रभार तत्समय रिक्ति की उपलब्धता के आलोकद में समाप्त करते हुए आरोपमुक्त पदाधिकारी को विहित वेतनमान्‌ सहित उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाएगा। 3. उपर्युक्त पदाधिकारी को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-

(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्वधारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।

(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।8 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 4. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जान पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली करली जाएगी। 5. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान्‌ के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम्‌ न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होनेवाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा। 6. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जा इसनियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। ———

01/BSRDC-21-01/2018- —बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के आर्टिकल ऑफ एशोसिएशन में निहित प्रावधान के अनुसार श्री अमरनाथ पाठक, अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के निदेशक मंडल में पदेन सदस्य के रूप में मनोनीत किया जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

01/BSRDC-21-01/2018- —बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट लिमिटेड, पटना के आर्टिकल ऑफ एशोसिएशन में निहित प्रावधान के अनुसार श्री अमरनाथ पाठक, अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट लिमिटेड, पटना के निदेशक मंडल में पदेन सदस्य के रूप में मनोनीत किया जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 01—571+100-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

भाग-2

िबहार-रा(cid:789)यपाल और काया(cid:330)(cid:801)य(cid:407)ों (cid:554)ारा िनकाले गये िविनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आिद।

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प्र0-I-रा0(आ0)-05/2017-921/एम0—श्री गोपाल साह, (भू-भौतिक शास्त्री), तत्कालीन प्रभारी खनिज विकास पदाधिकारी, जिला खनन कार्यालय, भागलपुर के विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या 059/17 दिनांक 27.07.2017 दर्ज होने एवं उक्त काण्ड के अनुसंधान के क्रम में उनके आवास एवं अन्य ठिकानों पर तलाशी करने पर आय से अधिक सम्पत्ति बरामद होने के आलोक में उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2926/एम0, दिनांक- 04.10.2017 से विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी तत्कालीन उप निदेशक, अंचल कार्यालय, पटना के पत्रांक 20 दिनांक 23.01.2018 से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त है। श्री साह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर CWJC No.-3696/2018 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 14.03.2018 के पारित आदेश में विभागीय कार्यवाही में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अंतिम आदेश निर्गत करने पर स्थगन आदेश पारित है।

श्री साह दिनांक-29.02.2024 को वार्धक्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या-1893, दिनांक-14.06.2011 के आलोक में श्री गोपाल साह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को उनकी सेवानिवृति की तिथि के प्रभाव से बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित समझा जाय। ———

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सं॰ प्र॰2/स्था॰-वृ॰उ॰-21-01/2020- —बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II में सीधे नियुक्ति पथ निर्माण विभाग संवर्ग के अभियंताओं को विभिन्न अधिसूचनाओं द्वारा पूर्व में स्वीकृत ए॰सी॰पी॰/एम॰ए॰सी॰पी॰ में कतिपय कारणों से (यथा प्रथम योगदान एवं प्रभार ग्रहण के बीच की अवधि का विनियमन, सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-2910 दिनांक 28.02. 2022 द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश (अधिरोपित दंड प्रभावी होने के बीच में देय तिथि आने की स्थिति में वित्तीय उन्नयन दंड समाप्ति के पश्चात अनुमान्य होगा) एवं महालेखाकार (ले॰ एवं हक॰) बिहार, पटना/वित्त (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना द्वारा कतिपय अभियंताओं के प्रथम योगदान की तिथि त्रुटिपूर्ण होना प्रतिवेदित किये जाने) संशोधन अपेक्षित था। फलस्वरूप उक्त मामले को विभागीय स्क्रींनिग समिति की दिनांक 09.01.2024 को आहूत बैठक में रखा गया। समिति द्वारा मामलों की समीक्षोपरान्त कुल-06 मामलों में योगदान की तिथि/देय तिथि/वेतनमान आदि संशोधित करने हेतु अनुशंसा किया गया।10 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 अतः स्क्रींनिग समिति के उक्त अनुशंसा के आलोक में निम्नलिखित अधिसूचनाओं को निम्नरूपेण संशोधित किया जाता है :-

1. विभागीय अधिसूचना (शुद्वि-पत्र) संख्या-3983 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-3984 (एस) दिनांक 10.08.2021 के क्रम संख्या-18 को विलोपित किया जाता है।

2. विभागीय अधिसूचना संख्या-414 (एस) दिनांक 19.01.2021 के क्रम संख्या-07 पर अंकित मो॰ सैफुल्लाह के नाम सामने कॉलम-5 में दिनांक 16.06.1987 के स्थान पर दिनांक 29.06.1987 तथा कॉलम-8 (बी॰) में दिनांक 16.06.2017 के स्थान पर दिनांक 29.06.2017 पढ़ा जाय।

3. विभागीय अधिसूचना संख्या-414 (एस) दिनांक 19.01.2021 के क्रम संख्या-26 पर अंकित श्री सूर्यभूषण प्रसाद के नाम सामने कॉलम-5 में दिनांक 09.05.1997 के स्थान पर दिनांक 08.05.1997 तथा कॉलम-7 (बी॰) में दिनांक 09.05.2017 के स्थान पर दिनांक 08.05.2017 पढ़ा जाय।

4. विभागीय अधिसूचना (शुद्वि-पत्र) संख्या-3558 (एस) दिनांक 26.07.2021 के कॉलम-1 के शीर्ष में अधिसूचना संख्या-10871 (एस) दिनांक 27.11.2017 के स्थान पर अधिसूचना संख्या-4248 (एस) दिनांक 14.02.2020 पढ़ा जाय।

5. विभागीय अधिसूचना संख्या-10871 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-10872 (एस) दिनांक 27.11.2017 के क्रम संख्या-19 पर अंकित श्री प्रमोद चन्द्र मुन्नु के नाम के सामने कॉलम-8 में दिनांक 01.01.2009 के स्थान पर दिनांक 01.07.2013 पढ़ा जाय तथा कॉलम-9 की प्रविष्टि को विलोपित समझा जाय।

5. विभागीय अधिसूचना संख्या-9008 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-9009 (एस) दिनांक 26.11.2013 के क्रम संख्या-35 पर अंकित श्री चन्द्र भानु तिवारी के नाम के सामने कॉलम-7 में दिनांक 01.01.2009 के स्थान पर दिनांक 01.04.2010 एवं विभागीय अधिसूचना संख्या-1248 (एस) दिनांक 14.02.2020 के क्रम संख्या-9 के सामने कॉलम-8 (बी॰) में दिनांक 16.06.2017 के स्थान पर दिनांक 16.09.2018 पढ़ा जाय। पूर्व में निर्गत इससे संबंधित सभी अधिसूचनाओं (शुद्वि पत्र सहित) को इस हद तक संशोधित समझा जाय। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 01—571+20 डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

11 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

िबहार गजट

का

पूरक(अ0)

(cid:366)ािधकारी (cid:554)ारा (cid:366)कािशत

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सामान्य प्रषासन विभाग

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संकल्प

15 जनवरी 2024

श्री अनिल कुमार सिन्हा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 502/19, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, औरंगाबाद सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध पद का दुरूपयोग करते हुए प्रत्यानुपातिक धर्नाजन करने के लिए आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 28/2021 दिनांक 08.12.2021 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(बी) भ्र0नि0 अधि0, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) दर्ज किये जाने का प्रतिवेदन पुलिस उप-महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध ईकाई, बिहार, पटना के पत्रांक 9869 दिनांक 17.12.2021 से प्राप्त हुई।

उक्त प्रतिवेदन के आलोक मे श्री सिन्हा को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 979 दिनांक 25.01.2022 द्वारा निलंबित किया गया।

प्रत्यानुपातिक धनार्जन करने संबंधी आरोपों की वृहत जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ श्री सिन्हा के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7059 दिनांक 11.05.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसपर जांच की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिन्हा से संबंधित मामले की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री सिन्हा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही जारी है एवं प्रतिवेदन सम्प्रति प्रतीक्षारत है। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिन्हा को निलंबन से मुक्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णय के आलोक में श्री अनिल कुमार सिन्हा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 502/19, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, औरंगाबाद सम्प्रति निलंबित को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन मुक्त किया जाता है। श्री सिन्हा के निलंबन अवधि के सेवा का निरूपण तथा वेतन-भाा की अनुमान्यता के संबंध में समीक्षोपरान्त निर्णय विभागीय कार्यवाही के अंतिम निष्पादन के बाद की जायेगी। ———

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संकल्प

12 जनवरी 2024

श्री अजय कुमार ठाकुर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 161/19, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, जहानाबाद सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध पद का दुरूपयोग करते हुए प्रत्यानुपातिक धर्नाजन करने के लिए निगरानी थाना कांड संख्या 44/2021 दिनांक 01.11.2021 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(बी) भ्र0नि0 अधि0, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) दर्ज किये जाने का प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1330 दिनांक 08.11.2021 से प्राप्त हुई।12 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 श्री ठाकुर के विरूद्ध दर्ज कांड मेंं विधि विभाग, बिहार, पटना के आदेश संख्या-एस0पी0(नि0)-02/ 2023-181/जे0 दिनांक 10.03.2023 द्वारा अभियोजन स्वी—त है।

प्रत्यानुपातिक धनार्जन करने संबंधी आरोपों की वृहत जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2267 दिनांक 21.02.2022 द्वारा श्री ठाकुर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित है।

उल्लेखनीय है कि एक अन्य मामले में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं विभागीय आदेशों के विपरीत बैकलॉग इन्ट्री कराकर वाहनों का गलत निबंधन करने संबंधी आरोपों के लिए श्री ठाकुर को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11918 दिनांक 06.10.2021 द्वारा निलंबित किया गया। उक्त आरोप के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11950 दिनांक 07.10.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री ठाकुर से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री ठाकुर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही एवं न्यायिक कार्यवाही जारी है एवं प्रतिवेदन सम्प्रति प्रतीक्षारत है। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री ठाकुर को निलंबन से मुक्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णय के आलोक में श्री अजय कुमार ठाकुर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 161/19, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, जहानाबाद सम्प्रति निलंबित को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन मुक्त किया जाता है। श्री ठाकुर के निलंबन अवधि के सेवा का निरूपण तथा वेतन-भाा की अनुमान्यता के संबंध में समीक्षोपरान्त निर्णय विभागीय कार्यवाही के अंतिम निष्पादन के बाद की जायेगी। ———

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संकल्प

12 जनवरी 2024

श्री इष्टदेव महादेव (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 482/23 (1191/11), तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, दानापुर सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध समाहर्त्ता, पटना के पत्रांक 7859 दिनांक 02.11.2023 द्वारा आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया। श्री महादेव के विरूद्ध आरोप है कि :-

''अनुमंडल पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 21.09.2023 को उनके कार्यालय के निरीक्षण के क्रम में 1,00,000/-(एक लाख) रूपये एवं संबंधित अभिलेख (संचालित दाखिल खारिज अपील वाद संख्या 72/2023-24) बरामद हुआ। इस संबंध में थानाध्यक्ष, दानापुर के द्वारा प्राथमिकी संख्या 1258/2023 दिनांक 21.09.2023 दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। कार्यों में अनियमितता बरते जाने संबंधी मामलों की जाँच अनुमंडल पदाधिकारी, दानापुर द्वारा किये जान के क्रम में उनके विरूद्ध कदाचार, आदेश अवहेलना, र्काव्यहीनता, लापरवाहीपूर्ण एवं स्वेच्छाचारीपूर्ण कार्य का मामला पाया गया।'' आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 18344 दिनांक 27.09.2023 द्वारा निलंबित किया गया। विभागीय पत्रांक 21598 दिनांक 23.11.2023 द्वारा श्री महादेव के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री महादेव के पत्र दिनांक 08.12.2023 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।

श्री महादेव के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि श्री महादेव के विरूद्ध मामला गंभीर भ्रष्टाचार एवं र्काव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता आदि का है, जिसकी वृहत जाँच की आवश्यकता है। श्री महादेव का उपर्युक्त आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल प्रतीत होता है।

अतएव आरोप की गंभीरता के देखते हुए इनके स्पष्टीकरण को अस्वीकार किया जाता है एवं आरोप की वृहत जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है, जिसमें मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

जिला पदाधिकारी, पटना से अनुरोध है कि विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर इसकी सूचना संचालन पदाधिकारी एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को देंगे।13 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 श्री महादेव को निदेश दिया जाता है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों। ———

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संकल्प

10 जनवरी 2024

श्री हरिशंकर प्रसाद कुशवाहा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1252/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के गठित धावादल द्वारा दिनांक 05.02.2016 को परिवादी श्री अमर नाथ चौधरी से 10,000/- (दस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने की सूचना जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर के ज्ञापांक 560 दिनांक 05.02.2016 द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को उपलब्ध करायी गयी।

पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के ज्ञापांक 205 दिनांक 11.02.2016 के द्वारा श्री कुशवाहा के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 014/16 दिनांक 05.02.2016 में प्राथमिकी दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है। उक्त आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9823 दिनांक 18.07.2016 द्वारा श्री कुशवाहा के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9040 दिनांक 08.07.2019 द्वारा का दंड संसूचित किया गया।

उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री कुशवाहा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 336/2021 दायर किया गया, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 03.08.2023 को आदेश पारित किया गया, जिसका मुख्य अंश निम्नप्रकार है :-

"14. The other aspect of the matter which needs to be taken note of is that even the allegationist had not appeared in the proceedings to support the charge against the petitioner. The findings of the inquiry officer holding charge No. 2 to be partially proved therefore is unsustainable. The disciplinary authority has accepted the findings of the Enquiry Officer and proceeded to award the extreme punishment of dismissal, which having regard to the manner in which the conclusion has been arrived is itself unsustainable.

15. The Court would find that the order of punishment dated 8-7-2019 is the product of an illegal process and without any basis. The order of punishment is hereby quashed.

16. The appellate authority considering the petitioner's appeal has also failed to act in accordance with law. The appellate authority has merely recorded the entire proceedings as they have proceeded as if his order is nothing more than a journal of dates in appeal. Thereafter without considering anything the illegal order of dismissal has been affirmed. Such affirmation of an illegal order therefore is also unsustainable. The entire exercise of appeal has been rendered a futile exercise having regard to the manner in which the order has been passed by the appellate authority.

17. The order dated 23-6-2020 passed by the appellate authority therefore must also collapse and is hereby quashed.

18. The writ petition is allowed with all consequential benefits."

श्री कुशवाहा के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.08.2023 को पारित आदेश की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि14 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 माननीय उच्च न्यायालय का मानना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा साक्ष्य आधारित जांच प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया एवं श्री कुशवाहा के विरूद्ध अवैधानिक प्रक्रिया एवं बिना आधार के दंड अधिरोपित किया गया है।

माननीय न्यायालय द्वारा तकनीकि आधार पर जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष का अवहनीय (unsustainable) पाया गया है। परिणाम स्वरूप तकनीकी आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा श्री कुशवाहा के विरू़द्ध अधिरोपित दंड को निरस्त किया है। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुशवाहा के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(5) के आलोक में अगेतर कार्रवाई हेतु निम्नलिखित निर्णय लिया गया है।ः- i ii iii ———

संकल्प

5 जनवरी 2024

श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 956/11, तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, जमुई सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध पद का दुरूपयोग करते हुए प्रत्यानुपातिक धनार्जन करने के लिए निगरानी थाना कांड संख्या 006/2017 दिनांक 18.01.2017 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(ई) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज किये जाने का प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के ज्ञापांक 301 दिनांक 07.02.2017 से प्राप्त हुई।

उक्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9039 दिनांक 21.07.2017 द्वारा श्री कुमार को निलंबित किया गया। दर्ज कांड मेंं विधि विभाग, बिहार, पटना के आदेश संख्या- एस0पी0(नि0)-11/2019-87/जे0 दिनांक 09.08.2019 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अभियोजन स्वी—त है तथा माननीय विशेष न्यायाधीश निगरानी, पटना के न्यायालय में आरोप-पत्र संख्या 69/2019 दिनांक 18.10.2019 समर्पित है।

प्रत्यानुपातिक धनार्जन करने संबंधी आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13676 दिनांक 11.10.2018 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन सम्प्रति अप्राप्त है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के मामले की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही एवं न्यायिक कार्यवाही जारी है एवं प्रतिवेदन सम्प्रति प्रतीक्षारत है। मामले की समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार को निलंबन से मुक्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णय के आलोक में श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 956/11, तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, जमुई सम्प्रति निलंबित को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन मुक्त किया जाता है। श्री कुमार के निलंबन अवधि के सेवा का निरूपण तथा वेतन-भाा की अनुमान्यता के संबंध में समीक्षोपरान्त निर्णय विभागीय कार्यवाही के अंतिम निष्पादन के बाद ली जायेगी।

15 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

संकल्प

4 जनवरी 2024

श्री फैयाज अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 887/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध निगम के पदस्थापन अवधि में अधिप्राप्ति धान को क्षतिग्रस्त कराने, निगम को आर्थिक हानि पहंुँचाने, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने, जनहित-निगमहित के विरूद्ध कार्य करने तथा अपने र्काव्यों के प्रति उदासीनता बरतने एवं आवंटित कार्यों के सम्पादन में लापरवाही बरतने संबंधी आरोपों के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 3496 दिनांक 29.04.2015 के माध्यम से बिहार स्टेट फूड एण्ड सिविल कॉरपोरेशन लि0, पटना के पत्रांक 10061 दिनांक 17.09.2014 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' (साक्ष्य सहित) गठित कर उपलब्ध कराया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अख्तर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की वृहत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 231 दिनांक 11.01.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, कोसी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

आयुक्त, कोसी प्रमंडल, सहरसा के पत्रांक 2841 दिनांक 01.10.2022 द्वारा श्री अख्तर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि ''प्रतिवेदित आरोपों, आरोपित पदाधिकारी का बचाव बयान, उपस्थापन पदाधिकारी से प्राप्त प्रत्युार तथा अभिलेख में प्राप्त कागजातों, साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर आरोपी पदाधिकारी श्री फैयाज अख्तर (बि0प्र0से0), तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा के विरूद्ध लगाया गया प्रथम अरोप प्रमाणित तथा दूसरा आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है।''

श्री अख्तर से संचालन पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन पर विभागीय पत्रांक 20843 दिनांक 24.11.2022 द्वारा लिखित अभिकथन की मांग की गयी। लेकिन विभागीय पत्रांक पत्रांक 874 दिनांक 12.01.2023, पत्रांक 4227 दिनांक 02.03.2023, पत्रांक 6299 दिनांक 03.04.2023, पत्रांक 8037 दिनांक 27.04.2023 द्वारा स्मारित किये जाने के बावजूद भी इनके द्वारा लिखित अभिकथन समर्पित नहीं किया गया। श्री अख्तर के दिनांक 30.04.2023 को सेवानिवृा को देखते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9032 दिनांक 12.05.2023 द्वारा विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। पुनः श्री अख्तर को विभागीय पत्रांक 11595 दिनांक 19.06.2023, पत्रांक 16065 दिनांक 22.08.2023 के माध्यम से स्मारित किये जाने के बावजूद भी लिखित अभिकथन समर्पित नहीं किया गया। वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री अख्तर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री अख्तर द्वारा दिनांक 23.05.2013 से 04.10.2013 तक जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा के रूप में कार्यरत रहने के दौरान धान की अधिप्राप्ति की परंतु उसे वर्षा काल में सुरक्षित रखने हेतु व्यवस्था नहीं किया गया, जिसके कारण सरकार को एक करोड़ पैसठ लाख इक्तीस हजार छः सौ पनचानवे (1,65,31,695.00) रूपये की क्षति हुई। श्री अख्तर के कार्यकाल के दौरान इन्होंने निगम मुख्यालय से निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत खाद्यान्नों का उठाव नहीं किया, जिसके कारण 9832.87.175 क्विं0 खाद्यान्न व्ययगत हो गया। स्पष्टतया सरकार को हुई विाीय क्षति के लिए श्री अख्तर उारदायी हैं। श्री अख्तर द्वारा निगम को आर्थिक हानि पहंुँचायी गयी, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की गयी, जनहित-निगमहित के विरूद्ध कार्य की गयी तथा अपने र्काव्यों के प्रति उदासीनता बरती गयी एवं आवंटित कार्यों के सम्पादन में लापरवाही बरती गयी, जो कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 के संगत प्रावधानों का उल्लंघन है, अतः श्री प्रसाद के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ % का दंड विनिश्चित किया गया। विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 20231 दिनांक 31.

10.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक 3590 दिनांक 22.12.2023 द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री फैयाज अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 887/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ % का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।16 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

संकल्प

4 जनवरी 2024

श्री अनुराग कौषल सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1067/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, दरौंदा, सिवान के विरूद्ध राजस्व एवं भुमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 880 दिनांक 16.08.2016 द्वारा प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से प्राप्त प्रपत्र 'क' एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

श्री सिंह के विरूद्ध आरोप है कि :- ''अंचल दरौंदा के खाता नं0-45, खेसरा नं0-941, रकवा-06 डी0 किस्म गैरमजरूआ मालिक भूमि की बंदोबस्ती का अभिलेख माया देवी के नाम से भू-बंदोबस्ती के लिए चला, जिसकी वाद सं0-20/2004-05 है। यह अभिलेख उप समाहर्त्ता भूमि सुधार, महाराजगंज के यहाँ से वर्ष 2008 में श्री सिंह के द्वारा स्थलीय जाँच एवं चेक स्लिप में त्रुटि को दूर करने के लिए वापस भेजी गयी। दिनांक 16.01.2008 को श्री सिंह विषयगत भूमि पर आवेदिका माया देवी का दखल कब्जा स्वीकार करते हुए बंदोबस्ती की अनुषंसा की गई और अभिलेख उप समाहर्त्ता भूमि सुधार, महाराजगंज को भेज दिया गया। विषयगत भूमि माया देवी के नाम पर अनुमंडल पदाधिकारी, महाराजगंज द्वारा दिनांक 29.01.2008 को बंदोबस्त कर दी गई। विषयवस्तु यह है कि विषयगत भूमि गड्‌ढ़ा थी और उसके कुछ भाग में छठ पूजा होती थी। आवेदिका माया देवी का उस पर कब्जा नहीं था। श्री सिंह के द्वारा विषयगत भूमि पर आवेदिका का दखल कब्जा स्वीकार करते हुए एवं दर्षाते हुए बंदोबस्ती की अनुषंसा की गयी। यह गलत अनुषंसा थी और गलत ढंग से बंदोबस्ती कराने में अपितु सहयोगात्मक रवैये को प्रकट करता है।''

उक्त आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11435 दिनांक 08.07.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमंडल, छपरा के पत्रांक 2699 दिनांक 30.11.2023 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी पर लगाए गए आरोपो को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण एवं साक्ष्य परीक्षण/प्रतिपरीक्षण के जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा पाया गया है कि :-

1. प्रष्नगत भूमि लाभुक माया देवी के नाम पर दिनांक 29.01.2008 को ही बंदोबस्त कर दिए जाने का उल्लेख है, परंतु लाभुक द्वारा रसीद नहीं कटाया गया था। लाभुक द्वारा दिनांक 05.02.2014 को प्रष्नगत भूमि के बंदोवस्ती से संबंधित रसीद कटाने हेतु आवेदन दिया गया है।

2. अभिलेख पर ऐसा कोई कागजात/साक्ष्य नहीं पाया गया है, जिससे इस बात की पुष्टि की जा सके कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा प्रष्नगत भूमि की बंदोवस्ती हेतु अनुषंसा की गयी थी।

3. आवेदिका द्वारा उक्त अभिलेख की छायाप्रति प्रस्तुत किया गया था, परंतु उक्त के संदेहास्पद पाए जाने के कारण उप समाहर्ता, भूमि सुधार, महाराजगंज द्वारा दिनांक 12.07.2014 को उक्त बंदोवस्ती को रद्‌द कर दिए जाने का उल्लेख आरोप-पत्र में है। स्पष्टतया प्रष्नगत भूमि की जमाबंदी आरोप-पत्र के गठन के पूर्व ही रद्‌द की जा चुकी थी।

4. श्री सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में दिनांक 18.04.2007 से 04.04.2010 तक दरौंदा में पदस्थापित थे और इस अवधि में ये अंचल के भी प्रभार में बीच-बीच में रहे हैं। उपरोक्त वाद से स्पष्ट है कि माया देवी के नाम से गैरमजरूआ मालिक भूमि की बंदोबस्ती श्री सिंह के द्वारा प्रारंभ नहीं की गयी थी।

5. उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा सूचित किया गया कि किसी प्रभारी लिपिक के प्रभार पंजी में बन्दोवस्ती वाद सं0-20/2004-05 (श्रीमती माया देवी) का उल्लेख नहीं मिला। गहन छानबीन के बाद भी मूल अभिलेख साक्ष्य स्वरूप उपलब्ध नहीं हो पाया।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमंडल, छपरा से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमति व्यक्त करते हुए श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को संचिकास्त किया जाने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अनुराग कौषल सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1067/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, दरौंदा, सिवान सम्प्रति जिला परिवहन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को संचिकास्त किया जाता है।

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।17 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024

संकल्प

26 दिसम्बर 2023

श्री उमेश कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1188/2019, (1010/23) तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, किशनगंज के विरूद्ध बिना पूर्वानुमति के अनाधि—त रूप से अनुपस्थिति संबंधी आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक-133 दिनांक 13.02.2023 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। जिला पदाधिकारी, किशनगंज से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में विभागीय पत्रांक-5045 दिनांक 15.03.2023 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। स्मारोपरांत श्री कुमार से स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा।

तदुपरांत जिला पदाधिकारी, किशनगंज से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र (साक्ष्य सहित) की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-19350 दिनांक 16.10.2023 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इसी बीच श्री कुमार द्वारा दिनांक 17.10.2023 के प्रभाव से वरीय उप समाहर्त्ता के पद से त्यागपत्र प्रस्तुत किया गया, जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत श्री कुमार के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही हेतु निर्गत पत्रांक-19350 दिनांक 16.10.2023 को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के आलोक में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप पत्र एवं अनुशासनिक कार्यवाही हेतु निर्गत पत्रांक-19350 दिनांक 16.10.2023 वापस लिया जाता है। ———

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सं0 निग/सारा-4 (पथ) नि॰वि॰-09/2019-804(एस)—श्री अरविन्द कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, कटिहार के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरों, पटना के गठित धावा दल के द्वारा दिनांक 18.11.2019 को परिवादी श्री निखिल कुमार से रूपये (सोलह लाख रूपये) रिश्वत्‌्‌ लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर मान्‌्‌नीय विशेष न्यायाधीश, निगरानी न्यायालय (ट्रैप), भागलपुर के आदेशानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत में केन्द्रीय कारा, भागलपुर में भेजे जाने एवं निगरानी थाना कांड संख्या-045/2019 दिनांक 17.11.2019 दर्ज किये जाने के मामले में विभागीय अधिसूचना संख्या-10202 (एस) दिनांक 25.11.2019 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (2) के तहत श्री कुमार के काराधीन होने की तिथि 18.11.2019 के प्रभाव से निलंबित किया गया। 2. श्री कुमार द्वारा उपर्युक्त निगरानी थाना कांड में मान्‌्‌नीय उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा दिनांक 04.11.2020 को पारित बेल (Bail) आदेश से Released होने का संदर्भ देते हुए कारा से रिहाई के बाद दिनांक 09.11.2020 के पूर्वाह्‌्‌न में विभाग में योगदान समर्पित किया गया। तत्पश्चात विभागीय अधिसूचना सं0-481 (एस) सहपठित ज्ञापांक-482 (एस) दिनांक-22.01.2021 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (3) (i) के प्रावधान के आलोक में श्री कुमार के द्वारा दिनांक 09.11.2020 के पूर्वाह्‌्‌न में योगदान किए जाने की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए उनके योगदान को स्वीकृत किया गया।

3. श्री कुमार के विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड सं॰-045/2019 सम्प्रति अनुसंधानरत रहने एवं उसमें अभियोजन स्वीकृत्यादेश निर्गत होने के साथ ही प्रश्नगत मामले में श्री कुमार के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई किए जाने पर भी निर्णय लिया गया। अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (3) (ii) सहपठित 9 (1) (क) के प्रावधान के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0-481 (एस) सहपठित ज्ञापांक-482 (एस) दिनांक- 22.01.2021 के द्वारा श्री कुमार को उनके योगदान किये जाने की तिथि 09.11.2020 के प्रभाव से पुनः निलंबित किया गया। 5. श्री कुमार द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-05.08.2022 के माध्यम से निलंबन अवधि एक वर्ष से अधिक बीत जाने का संदर्भ देते हुए जीवन निर्वाह भत्ता 75% अनुमान्य किये जाने का अनुरोध किया गया, जिसे विभागीय समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक-961 दिनांक-22.02.2023 के द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया।

6. श्री कुमार द्वारा जीवन निर्वाह भत्ता 75% अनुमान्य किये जाने का अनुरोध को अस्वीकृत किये जाने एवं उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को CWJC No.-13811/2022 के माध्यम से चुनौती दी गयी, जिसमें माननीय18 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-21.09.2023 को पारित न्यायादेश में विभागीय पत्रांक-961 दिनांक-22.02.2023 को quashed कर दिया गया है एवं दिनांक-05.08.2022 के प्रभाव से वादी को जीवन निर्वाहन भत्ता 75% अनुमान्य किये जाने का आदेश दिया गया है।

7. तद्‌ालोक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा CWJC No.-13811/2022 में दिनांक-21.09.2023 को पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 10 (1) (i) के विहित प्रावधान को दृष्टिगत रखते हुए श्री अरविन्द कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, कटिहार सम्प्रतिः निलंबित को दिनांक-05.08.2022 के प्रभाव से जीवन निर्वाह भत्ता 75% अनुमान्य किया जाता है। 8. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ———

अधि॰सू॰सं0 निग/सारा-5(पथ)-3070/2003-969 (एस)—भवन निर्माण विभाग के पत्रांक-1220 (भ॰), दिनांक 01.02.2019 द्वारा मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग के जाँच प्रतिवेदन एवं मान्‌्‌नीय लोकायुक्त के द्वारा दिनांक-11.06.2018 को पारित आदेश की प्रति पथ निर्माण विभाग को उपलब्ध कराया गया। मान्‌्‌नीय लोकायुक्त द्वारा पारित आदेश में , तत्कालीन कनीय अभियंता, भवन प्रमंडल, बेगूसराय को भवन प्रमंडल, बेगूसराय अंतर्गत कुल 64 अद्‌द योजनाओं के प्राक्कलन/निविदा के निष्पादन में बरती गयी अनियमितताओं का दोषी माना गया। उक्त आदेश में श्री श्रीवास्तव को झूठे, काल्पनिक और पुराने अनुमान पर प्राक्कलन तैयार करने का दोषी माना गया। साथ ही, इनको उक्त आपराधिक साजिश का सरगना (kingpin) मानते हुए इनके विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण के तह्‌त आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई किये जाने की अनुशंसा की गयी।

प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय समीक्षा के उपरांत निम्न त्रुटियाँ/अनियमितता पाई गई :-

(i) वार्षिक मरम्मति/विशेष मरम्मति में कई प्राक्कलनों में सभी कार्य मद मापी एवं मात्रा एक समान रखकर अवास्तविक रूप से प्राक्कलन का गठन किया गया है।

(ii) प्राक्कलन से मरम्मति का कार्य का प्राक्कलन परिलक्षित नहीं होने के बावजूद मरम्मति शीर्ष में प्राक्कलन गठित किया गया है।

(iii) सहायक अभियंता एवं श्री श्रीवास्तव के हस्ताक्षर में व्यवहारिक तौर पर हस्ताक्षरित तिथि समूचित नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि जल्दबाजी में निविदा कार्यवाही में सहभागीता दी गयी है।

(iv) एक ही कार्य को जानबूझकर स्वंय टुकड़ों में बाँट कर कार्यपालक अभियंता की सहक्षमता में लाने हेतु प्राक्कलन को गठित किया गया है। 2. , तत्कालीन कनीय अभियंता, भवन प्रमंडल, बेगूसराय सम्प्रतिः सेवानिवृत्त सहायक अभियंता के विरूद्ध उक्त पायी गयी त्रुटियों/अनियमितताओं के लिए आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-8985 (एस) अनु० दिनांक-04.10.2019 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139 (ग) के तहत कारण-पृच्छा की गयी।

3. आरोपित पदाधिकारी ने पत्रांक-शून्य दिनांक-14.11.2019 के माध्यम से अपना कारण-पृच्छा उत्तर विभाग में समर्पित किया, जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया है कि -

(i) वार्षिक मरम्मति/विशेष मरम्मति के प्राक्कलनों में सभी कार्य मद मापी एवं मात्रा समान रखकर अवास्तविक रूप से प्राक्कलन गठित किये जाने के संबंध में कहा गया कि कुल 64 निविदाओं में से मात्र 05 प्राक्कलन तैयार किया गया है। शेष 59 प्राक्कलन दूसरे कनीय अभियंंंता द्वारा तैयार किया गया है। मानक भवनों की रंगाई-पोताई, पेन्टिंग की मात्रा समान रहती है । इसी तरह शेष 59 प्राक्कलनों में भी मानक भवनों की मात्रा समान है।

(ii) प्राक्कलन से मरम्मति कार्य का प्राक्कलन परिलक्षित नहीं होने के बावजूद मरम्मति शीर्ष में प्राक्कलन गठित किये जाने के संबंध में अंकित है किं मरम्मत कार्य में जिन मदों की आवश्यकता स्थल पर उस वक्त जरूरत थी, उसी का प्रावधान प्राक्कलन में किया गया। प्राक्कलन में उपबंधित होनेवाले मदों को मरम्मत शीर्ष में ही प्राक्कलन समावेशित किया गया है।

(iii) प्राक्कलन में अंकित तिथि के ओवर राईटिंग कर संशोधन किये जाने के संंबंध में कहा गया कि कार्यालय में इस तरह का उलटफेर कर तिथि पर ओवर राईटिंग इनके द्वारा नहीं किया गया है। (iv) कार्य को जान-बूझकर टुकड़ों में बॉंटकर प्राक्कलन गठित किये जाने के संबंध में अंकित किया गया कि-कार्यपालक अभियंता द्वारा बार-बार मौखिक आदेश दिया गया है कि मैं सक्षम पदाधिकारी हूँ। आदेश नहीं मानने पर उच्च पदाधिकारियों से शिकायत कर दूंगा। कार्यपालक अभियंता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग संहिता के कंडिका-294 के अनुसार मरम्मत मद कि किसी राशि का प्राक्कलन स्वीकृति के लिए शक्ति प्रदत्त है। कार्यपालक अभियंता के निदेशानुसार ही प्राक्कलन तैयार किया गया।19 (cid:466)बहार गजट, 27 माच(cid:91) 2024 4. उक्त मामले का विषय वस्तु मूल रूप से भवन निर्माण विभाग से संबंधित रहने के कारण विभागीय पत्रांक-668 (एस) अनु॰ दिनांक 27.01.2020 द्वारा श्री श्रीवास्तव से प्राप्त कारण-पृच्छा उत्तर पर भवन निर्माण विभाग से मंतव्य प्राप्त किया गया। भवन निर्माण विभाग द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि श्री श्रीवास्तव द्वारा समर्पित बचाव-बयान प्रतिवेदन में उन्हीं बातों एवं तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जो पूर्व में उनके द्वारा मान्‌नीय लोकायुक्त में समर्पित किया गया है।

5. माननीय लोकायुक्त के द्वारा श्री श्रीवास्तव के बचाव-बयान में उल्लिखित तथ्यों को अमान्य करते हुए श्री अजीत कुमार श्रीवास्तव को दोषी पाया गया है।

अतएव श्री श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन को भवन निर्माण विभाग द्वारा अस्वीकृत करते हुए उन्हें दोषी प्रतिवेदित किया गया है। 6. उल्लेखनीय है कि माननीय लोकायुक्त द्वारा दिनांक 11.06.2018 को पारित न्यायादेश में मुख्य रूप से अंकित है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा सभी भवनों का स्थलीय माप नहीं लेते हुए प्राक्कलन तैयार किये जाने की बात स्वीकार की गयी है। साथ ही जान-बूझकर कार्यपालक अभियंता की सक्षमता में लाने हेतु कार्य को बाँटकर प्राक्कलन गठित किया गया है।ं इसके अतिरिक्त इनके द्वारा प्राक्कलन पर अंकित तिथि को काटकर बदला गया है, जो श्री श्रीवास्तव के आपराधिक साजिश, कुकृत्य एवं भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है। 7. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में मान्‌नीय लोकायुक्त द्वारा पारित आदेश एवं भवन निर्माण विभाग से प्राप्त मंतव्य पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त सहमत होते हुए , तत्कालीन कनीय अभियंता, भवन प्रमंडल, बेगूसराय सम्प्रतिः सेवानिवृत्त सहायक अभियंता के द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत कर इनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139 (ग) के तहत निम्न दण्ड अधिरोपित किया जाता हैः- (i) 8. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 01—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 27 March 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-03-27.13/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-03-27.13.