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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 03 April 2024

Published 03 April 2024

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-04-03.14
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 14 चै(cid:287) 1946 (श0) सं(cid:201)या 14 पटना, बुधवार, ————————

3 अ(cid:292)ील 2024 (ई0) पृ(cid:231)ठ भाग-1—िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। 2-50 भाग-1-क—(cid:232)वयंसेवक गु(cid:227)म(cid:585) के समादे(cid:231)टाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मै(cid:282)(cid:547)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन-एड0, एम0एस0 और मु(cid:201)तार(cid:547) पर(cid:547)(cid:162)ाओं के पर(cid:547)(cid:162)ा-फल, काय(cid:91)(cid:272)म, छा(cid:287)वृ(cid:464)(cid:419) (cid:292)दान, आ(cid:464)द। ---

भाग-1-ग—िश(cid:162)ा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:547)(cid:162)ाफल आ(cid:464)द ---

भाग-2—(cid:464)बहार-रा(cid:207)यपाल और काया(cid:91)(cid:218)य(cid:162)(cid:585) (cid:430)ारा िनकाले गये (cid:464)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ(cid:464)द। 51-51 भाग-3—भारत सरकार, पि(cid:433)म बंगाल सरकार और उ(cid:205)च (cid:219)यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और रा(cid:207)य गजट(cid:585) के उ(cid:424)रण। ---

भाग-4—(cid:464)बहार अिधिनयम ---

(cid:464)वषय-सूची

पृ(cid:231)ठ भाग-5—(cid:464)बहार (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)वधेयक, उ(cid:200)त (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत या उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)कये जानेवाले (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और उ(cid:200)त (cid:464)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:464)वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अिधिनयम िजनपर रा(cid:231)(cid:282)पित क(cid:551) (cid:207)ये(cid:231)ठअनुमित िमल चुक(cid:551) है। ---

भाग-8—भारत क(cid:551) संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:464)पत (cid:464)वधेयक, संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:464)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:464)वधेयक।

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भाग-9—(cid:464)व(cid:163)ापन

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भाग-9-क—वन (cid:464)वभाग क(cid:551) नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द। 52-52

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पूरक

पूरक-क 53-832 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

भाग-1

(cid:467)नयुि(cid:200)त, पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), शि(cid:200)त, छु (cid:618)ट(cid:547) और अ(cid:219)य वैयि(cid:200)तक सूचनाएं —————

विधि विभाग

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अधिसूचनाएं

27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 83, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री अशोक कुमार खेरवार (नामांकन सं0- 2829/2004) अधिवक्ता, सुपौल को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में सुपौल जिला के लिए सुपौल जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-12/2023/9815/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 83, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-12/2023/9815/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 27th December 2023

S.O 83, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ashok Kumar Kherwar (Enrolment No.- 2829/2004), Advocate, Supaul a notary under the said Act who will act as such, in Supaul district for the district of Supaul for the next five years.

(File no. -A/Not-12/2023/9815/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)3 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 84, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री अखिलेश कुमार वर्मा, (नामांकन सं0-2789/2001) अधिवक्ता, सहरसा को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में सहरसा जिला के लिए सहरसा जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-11/2023/9816/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 84, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-11/2023/9816/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 27th December 2023

S.O 84, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Akhilesh Kumar Verma (Enrolment No.- 2789/2001), Advocate, Saharsa a notary under the said Act who will act as such, in Saharsa district for the district of Saharsa for the next five years.

(File no. -A/Not-11/2023/9816/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 85, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री नितेश कुमार, (नामांकन सं0- बीआर-1466/2014) अधिवक्ता, पूर्वी चम्पारण को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पूर्वी चम्पारण जिला के लिए पूर्वी चम्पारण जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-06/2023/9817/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)4 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 85, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-06/2023/9817/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

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The 27th December 2023

S.O 85, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Nitesh Kumar (Enrolment No.- BR/1466/2014), Advocate, Raxaul, East Champaran a notary under the said Act who will act as such, in East Champaran district for the district of East Champaran for the next five years.

(File no. -A/Not-06/2023/9817/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 86, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री संतोष कुमार (नामांकन सं0- 435/2007) अधिवक्ता, भोजपुर (आरा) को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में भोजपुर (आरा) जिला के लिए भोजपुर (आरा) जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-08/2023/9818/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

27 दिसमबर 2023

एस0ओ0 86, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-08/2023/9818/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)5 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

The 27th December 2023

S.O 86, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Santosh Kumar (Enrolment No.- 435/2007), Advocate, Bhojpur (Ara) a notary under the said Act who will act as such, in Bhojpur (Ara) district for the district of Bhojpur (Ara) for the next five years.

(File no. -A/Not-08/2023/9818/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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29 दिसमबर 2023

एस0ओ0 87, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री प्रमोद कुमार राय, (नामांकन सं0-1077/ 2006) अधिवक्ता, भोजपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में भोजपुर जिला के लिए भोजपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-07/2023/9842/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

29 दिसमबर 2023

एस0ओ0 87, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-07/2023/9842/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 29th December 2023

S.O 87, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Pramod Kumar Rai (Enrolment No.- 1077/2006), Advocate, Bhojpur a notary under the said Act who will act as such, in Bhojpur district for the district of Bhojpur for the next five years.

(File no. -A/Not-07/2023/9842/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

6 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

2 जनवरी 2024

एस0ओ0 88, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री मो0 नेसार अहमद (नामांकन सं0-2344/1992) अधिवक्ता, गया को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में गया जिला के लिए गया जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-26/2023/13/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

2 जनवरी 2024

एस0ओ0 88, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-26/2023/13/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 2nd January 2024

S.O 88, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Md. Nesar Ahmad (Enrolment No.- 2344/1992), Advocate, Gaya a notary under the said Act who will act as such, in Gaya district for the district of Gaya for the next five years.

(File no. -A/Not-26/2023/13/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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8 जनवरी 2024

एस0ओ0 89, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री आदित्य कुमार शुक्ला (नामांकन सं0- 895/1997) अधिवक्ता, पूर्वी चम्पारण को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पूर्वी चम्पारण जिला के लिए पूर्वी चम्पारण जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-25/2023/108/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)7 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

8 जनवरी 2024

एस0ओ0 89, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-25/2023/108/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 8th January 2024

S.O 89, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Aditya Kumar Shukla (Enrolment No.- 895/1997), Advocate, East Champaran a notary under the said Act who will act as such, in East Champaran district for the district of East Champaran for the next five years.

(File no. -A/Not-25/2023/108/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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8 जनवरी 2024

एस0ओ0 90, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर हैं, जो इस रूप में रोहतास जिला के लिए रोहतास जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2023/109/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

8 जनवरी 2024

एस0ओ0 90, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2023/109/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)8 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

The 8th January 2024

S.O 90, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Deepak Kumar Singh (Enrolment No.- 1124/2011), Advocate, Rohtas a notary under the said Act who will act as such, in Rohtas district for the district of Rohtas for the next five years.

(File no. -A/Not-03/2023/109/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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8 जनवरी 2024

एस0ओ0 91, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री जगन्नाथ स्वर्णकार (नामांकन सं0- 2013/2004) अधिवक्ता, सुपौल को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में सुपौल जिला के लिए सुपौल जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-15/2023/111/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

8 जनवरी 2024

एस0ओ0 91, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-15/2023/111/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 8th January 2024

S.O 91, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Jagannath Swarnkar (Enrolment No.- 2013/2004), Advocate, Supaul a notary under the said Act who will act as such, in Supaul district for the district of Supaul for the next five years.

(File no. -A/Not-15/2023/111/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

9 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

8 जनवरी 2024

एस0ओ0 92 दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री श्रीनिवास राम (नामांकन सं0- 1772/2002) अधिवक्ता, बक्सर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में बक्सर जिला के लिए बक्सर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-22/2023/116/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

8 जनवरी 2024

एस0ओ0 92 दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-22/2023/116/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 8th January 2024

S.O 92, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Shree Niwas Ram (Enrolment No.- 1772/2002), Advocate, Buxar a notary under the said Act who will act as such, in Buxar district for the district of Buxar for the next five years.

(File no. -A/Not-22/2023/116/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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8 जनवरी 2024

एस0ओ0 93, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री ठाकुर विजय कुमार सिंह, (नामांकन सं0-1748/2023) अधिवक्ता, बक्सर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में बक्सर जिला के लिए बक्सर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2023/117/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)10 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

8 जनवरी 2024

एस0ओ0 93, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2023/117/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 8th January 2024

S.O 93, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri THAKUR VIJAY KUMAR SINGH (Enrolment No.-1748/2023), Advocate, BUXAR. a notary under the said Act who will act as such, BUXAR district for the district of BUXAR for the next five years.

(File no. -A/Not-.20/2023/117/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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9 जनवरी 2024

एस0ओ0 94, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री अमरेश तिवारी, (नामांकन सं0-1321/1997) अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मुजफ्फरपुर जिला के लिए मुजफ्फरपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-04/2023/121/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

9 जनवरी 2024

एस0ओ0 94, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-04/2023/121/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)11 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

The 9th January 2024

S.O 94, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Amresh Tiwary (Enrolment No.- 1321/1997), Advocate, Muzaffarpur a notary under the said Act who will act as such, in Muzaffarpur district for the district of Muzaffarpur for the next five years.

(File no. -A/Not-04/2023/121/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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9 जनवरी 2024

एस0ओ0 95, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री प्रभात चन्द्र गुप्ता बी0आर0/ 7799/2015), अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मुजफ्फरपुर जिला के लिए मुजफ्फरपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-28/2023/122/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

9 जनवरी 2024

एस0ओ0 95, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-28/2023/122/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 9th January 2024

S.O 95, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Prabhat Chandra Gupta (Enrolment No.- BR/779/2015), Advocate, Muzaffarpur a notary under the said Act who will act as such, in Muzaffarpur district for the district of Muzaffarpur for the next five years.

(File no. -A/Not-28/2023/122/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

12 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

9 जनवरी 2024

एस0ओ0 96, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री मन्टु कुमार कर्मकार, (नामांकन सं0- 1151/2012), अधिवक्ता, कटिहार को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में कटिहार जिला के लिए कटिहार जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-19/2023/127/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

9 जनवरी 2024

एस0ओ0 96, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-19/2023/127/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 9th January 2024

S.O 96, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Mantu Kumar Karmkar (Enrolment No.- 1151/2012), AdvocateKatihar a notary under the said Act who will act as such, in Katihar district for the district of Katiharfor the next five years.

(File no. -A/Not-19/2023/127/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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9 जनवरी 2024

एस0ओ0 97, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री शंकर जी झा, (नामांकन सं0- 1549/2010) अधिवक्ता, दरभंगा को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में दरभंगा जिला के लिए दरभंगा जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-10/2023/140/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)13 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

9 जनवरी 2024

एस0ओ0 97, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-10/2023/140/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 9th January 2024

S.O 97, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Shankar Jee Jha (Enrolment No.- 1549/2010), Advocate, Darbhanga a notary under the said Act who will act as such, in Darbhanga district for the district of Darbhanga for the next five years.

(File no. -A/Not-10/2023/140/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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10 जनवरी 2024

एस0ओ0 98, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री अशोक कुमार चौधरी (नामांकन सं0-बी0आर0/184/2000) अधिवक्ता, मधुबनी को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मधुबनी जिला के लिए मधुबनी जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-22/2024/163/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

10 जनवरी 2024

एस0ओ0 98, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-22/2024/63/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)14 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

The 10th January 2024

S.O 98, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ashok Kumar Chaudhary (Enrolment No.- B.R./184/2000), Advocate, Madhubani a notary under the said Act who will act as such, in Madhubani district for the district of Madhubani for the next five years.

(File no. -A/Not-22/2024/163/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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10 जनवरी 2024

एस0ओ0 99, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री इन्द्रजीत कुमार (नामांकन सं0- बी0आर0/1793/2011) अधिवक्ता, सुपौल को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में सुपौल जिला के लिए सुपौल जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2024/164/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

10 जनवरी 2024

एस0ओ0 99, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2024/164/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 10th January 2024

S.O 99, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Indrajeet Kumar (Enrolment No.- BR/1793/2011), Advocate, Supaul a notary under the said Act who will act as such, in Supaul district for the district of Supaul for the next five years.

(File no. -A/Not-18/2024/164/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

15 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

10 जनवरी 2024

एस0ओ0 100, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री रिजवानुल हक अंसारी (नामांकन सं0- बी0आर0/1943/2002) अधिवक्ता, मधुबनी को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मधुबनी जिला के लिए मधुबनी जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-17/2024/165/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

10 जनवरी 2024

एस0ओ0 100, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-17/2024/165/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 10th January 2024

S.O 100, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Rizwanul Haque Ansari (Enrolment No.- BR/1943/2002), Advocate, Madhubani a notary under the said Act who will act as such, in Madhubani district for the district of Madhubani for the next five years.

(File no. -A/Not-17/2024/165/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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10 जनवरी 2024

एस0ओ0 101, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री नागेश्वर यादव (नामांकन सं0- 1448/2006) अधिवक्ता, सुपौल को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में सुपौल जिला के लिए सुपौल जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-13/2023/175/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)16 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

10 जनवरी 2024

एस0ओ0 101, दिनांक 3 अप्रील 2024का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-13/2023/175/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 10th January 2024

S.O 101, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Nageshwar Yadav (Enrolment No.- 1448/2006), Advocate, Supaul a notary under the said Act who will act as such, in Supaul district for the district of Supaul for the next five years.

(File no. -A/Not-13/2023/175/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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10 जनवरी 2024

एस0ओ0 102, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्रीमती बेबी कुमारी, (नामांकन सं0-2363/2005), अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मुजफ्फरपुर जिला के लिए मुजफ्फरपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-16/2023/179/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

10 जनवरी 2024

एस0ओ0 102, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-16/2023/179/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)17 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

The 10th January 2024

S.O 102, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Smt. Baby Kumari (Enrolment No.- 2363/2005), Advocate, Muzaffarpur a notary under the said Act who will act as such, in Muzaffarpur district for the district of Muzaffarpur for the next five years.

(File no. -A/Not-16/2023/179/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

———

11 जनवरी 2024

एस0ओ0 103, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री चन्द्र कुमार चौधरी (नामांकन सं0- 689/2007) अधिवक्ता, मधुबनी को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मधुबनी जिला के लिए मधुबनी जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2023/238/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

11 जनवरी 2024

एस0ओ0 103, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2023/238/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

The 11th January 2024

S.O 103, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Chandra Kumar Chaudhary (Enrolment No.- 689/2007), Advocate, Madhubani a notary under the said Act who will act as such, in Madhubani district for the district of Madhubani for the next five years.

(File no. -A/Not-14/2023/238/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

18 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

11 जनवरी 2024

एस0ओ0 104, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री मो0 अंसार आलम (नामांकन सं0- 2848/2007), अधिवक्ता, कटिहार को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में कटिहार जिला के लिए कटिहार जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-21/2023/243/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

11 जनवरी 2024 एस0ओ0 104, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-21/2023/243/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 11th January 2024 S.O 104, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Md. Ansar Alam (Enrolment No.- 2848/2007), Advocate, Katihar a notary under the said Act who will act as such, in Katihar district for the district of Katihar for the next five years.

(File no. -A/Not-21/2023/243/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 15 जनवरी 2024 एस0ओ0 105, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री रंजय कुमार वर्मा, (नामांकन सं0-1852/2004) अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मुजफ्फरपुर जिला के लिए मुजफ्फरपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-24/2023/324/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)19 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

15 जनवरी 2024

एस0ओ0 105, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-24/2023/324/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 15th January 2024

S.O 105, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ranjay Kumar Verma (Enrolment No.- 1852/2004), Advocate, Muzaffarpur a notary under the said Act who will act as such, in Muzaffarpur district for the district of Muzaffarpur for the next five years.

(File no. -A/Not-24/2023/324/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

———

15 जनवरी 2024

एस0ओ0 106, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्रीमती चेतना कुमारी (नामांकन सं0-बीआर/872/2015) अधिवक्ता, पूर्वी चम्पारण, को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पूर्वी चम्पारण जिला के लिए पूर्वी चम्पारण जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-17/2023/327/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

15 जनवरी 2024

एस0ओ0 106, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-17/2023/327/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)20 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 15th January 2024 S.O 106, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Smt. Chetana Kumari (Enrolment No.- BR/872/2015), Advocate, East Champaran a notary under the said Act who will act as such, in East Champaran district for the district of East Champaran for the next five years.

(File no. -A/Not-17/2023/327/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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15 जनवरी 2024

एस0ओ0 107, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री रजनी कुमार वर्मा, (नामांकन सं0- बीआर/1631/2010), अधिवक्ता, शिवहर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में शिवहर जिला के लिए शिवहर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2023/328/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

15 जनवरी 2024

एस0ओ0 107, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2023/328/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 15th January 2024

S.O 107, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Rajni Kumar Verma (Enrolment No.- BR/1631/2010), Advocate, Sheohar a notary under the said Act who will act as such, in Sheohar district for the district of Sheohar for the next five years.

(File no. -A/Not-18/2023/328/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)21 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

15 जनवरी 2024

एस0ओ0 108, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्रीमती संगीता कुमारी, (नामांकन सं0-2426/2012) अधिवक्ता, अररिया को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में अररिया जिला के लिए अररिया जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-23/2023/329/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

15 जनवरी 2024

एस0ओ0 108, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-23/2023/329/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 15th January 2024

S.O 108, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Smt. Sangita Kumari (Enrolment No.- 2426/2012), Advocate, Araria a notary under the said Act who will act as such, in Araria district for the district of Araria for the next five years.

(File no. -A/Not-23/2023/329/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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16 जनवरी 2024

एस0ओ0 109, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री राजेश कुमार सिंह, (नामांकन सं0- 1868/1999) अधिवक्ता, पूर्णियॉं को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पूर्णियॉं जिला के लिए पूर्णियॉं जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-27/2023/353/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)22 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

16 जनवरी 2024

एस0ओ0 109, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-27/2023/353/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 16th January 2024

S.O 109, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Rajesh Kumar Singh, (Enrolment No.- 854303), Advocate, Purnea a notary under the said Act who will act as such, in Purnea district for the district of Purnea for the next five years.

(File no. -A/Not-27/2023/353/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 16 जनवरी 2024 एस0ओ0 110, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री ललन, (नामांकन सं0- 451/2003), अधिवक्ता, पटना को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पटना जिला के लिए पटना जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-21/2024/375/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

16 जनवरी 2024 एस0ओ0 110, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-21/2024/375/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)23 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 16th January 2024 S.O 110, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Lalan (Enrolment No.- 451/2003), Advocate, Patna a notary under the said Act who will act as such, in Patna district for the district of Patna for the next five years.

(File no. -A/Not-21/2024/375/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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16 जनवरी 2024

एस0ओ0 111, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री दिनेश प्रसाद साह, (नामांकन सं0- 839/2005), अधिवक्ता, कटिहार, को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में कटिहार, जिला के लिए कटिहार, जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-23/2024/376/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

16 जनवरी 2024

एस0ओ0 111, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-23/2024/376/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 16th January 2024

S.O 111, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Dinesh Prasad Sah, (Enrolment No.- 839/2005), Advocate, Katihar a notary under the said Act who will act as such, in Katihar district for the district of Katihar for the next five years.

(File no. -A/Not-23-2024/376/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)24 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 16 जनवरी 2024 एस0ओ0 112, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री संजीव कुमार, (नामांकन सं0- 1206/2002), अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर, को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मुजफ्फरपुर, जिला के लिए मुजफ्फरपुर, जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-05/2023/377/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

16 जनवरी 2024 एस0ओ0 112, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-05/2023/377/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 16th January 2024 S.O 112, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Sanjeev Kumar (Enrolment No.- 1206/2002), Advocate, Muzaffarpur a notary under the said Act who will act as such, in Muzaffarpur district for the district of Muzaffarpur for the next five years.

(File no. -A/Not-05/2023/377/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 113, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री विजय कुमार वर्मा, (नामांकन सं0- 367/2006), अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मुजफ्फरपुर जिला के लिए मुजफ्फरपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2023/387/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)25 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 113, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2023/387/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 18th January 2024 S.O 113, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Vijay Kumar Varma (Enrolment No.- 367/2006), Advocate, Muzaffarpur,a notary under the said Act who will act as such, in Muzaffarpur,district for the district of Muzaffarpur,for the next five years.

(File no. -A/Not-09/2023/387/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 114, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री रूपेश कुमार, (नामांकन सं0- 198/2010), अधिवक्ता, पटना को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पटना जिला के लिए पटना जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2024/390/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 114, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2024/390/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)26 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 18th January 2024 S.O 114, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Rupesh Kumar (Enrolment No.- 198/2010), Advocate, Patna a notary under the said Act who will act as such, in Patna district for the district of Patna for the next five years.

(File no. -A/Not-20/2024/390/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 115, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री मुकेश कुमार सिन्हा (नामांकन सं0- 1533/1999) अधिवक्ता, जमुई को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में जमुई जिला के लिए जमुई जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-08/2024/392/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 115, दिनांक 3 अप्रील 2024—का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-08/2024/392/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 18th January 2024 S.O 115, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Mukesh Kumar Singh (Enrolment No.- 1533/1999), Advocate, Jamui a notary under the said Act who will act as such, in Jamui district for the district of Jamui for the next five years.

(File no. -A/Not-08/2024/392/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)27 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 116, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री राम जी सिंह, (नामांकन सं0- 6655/1996), अधिवक्ता, रोहतास को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में रोहतास जिला के लिए रोहतास जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-24/2024/408/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 116, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-24/2024/408/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 18th January 2024 S.O 116, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ram Jee Singh (Enrolment No.- 6655/1996), Advocate, Rohtas, a notary under the said Act who will act as such, in Rohtas, district for the district of Rohtas,for the next five years.

(File no. -A/Not-24/2024/408/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 117, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री तिवारी समरेन्द्र शरण, (नामांकन सं0- 5023/1996), अधिवक्ता, रोहतास को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में रोहतास जिला के लिए रोहतास जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-10/2024/409/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)28 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 117, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-10/2024/409/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 18th January 2024 S.O 117, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Tiwary Samrendra Sharan (Enrolment No.- 5023/1996), Advocate, Rohtas, a notary under the said Act who will act as such, in Rohtas,district for the district of Rohtas,for the next five years.

(File no. -A/Not-10/2024/409/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 118, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री मदन सिंह, (नामांकन सं0- 2763/1996), अधिवक्ता, रोहतास को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में रोहतास जिला के लिए रोहतास, जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-25/2024/410/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 118, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-25/2024/410/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)29 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 18th January 2024 S.O 118, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Madan Singh (Enrolment No.- 2763/1996), Advocate, Rohras a notary under the said Act who will act as such, in Rohras district for the district of Rohras for the next five years.

(File no. -A/Not-25/2024/410/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 18 जनवरी 2024 एस0ओ0 119, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री नगरेश प्रसाद, (नामांकन सं0- 654/2010), अधिवक्ता, पश्चिम चम्पारण, को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पश्चिम चम्पारण, जिला के लिए पश्चिम चम्पारण, जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-16/2024/422/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 119, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-16/2024/422/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 18th January 2024 S.O 119, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Nagaresh Prasad (Enrolment No.- 654@2010), Advocate, West Champaran a notary under the said Act who will act as such, in West Champaran district for the district of West Champaran for the next five years.

(File no. -A/Not-16/2024/422/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)30 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

18 जनवरी 2024

एस0ओ0 120, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री रत्नेश कुमार मिश्रा, (नामांकन सं0- 527/2011), अधिवक्ता, पश्चिम चम्पारण को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में पश्चिम चम्पारण जिला के लिए पश्चिम चम्पारण जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-15/2024/423/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

18 जनवरी 2024 एस0ओ0 120, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-15/2024/423/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 18th January 2024 S.O 120, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ratnesh Kumar Mishra (Enrolment No.- 527/2011), Advocate, West Champaran a notary under the said Act who will act as such, in West Champaran district for the district of West Champaran for the next five years.

(File no. -A/Not-15/2024/423/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 22 जनवरी 2024 स0ओ0 121, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री अमरेन्द्र कुमार, (नामांकन सं0- 1254/2007), अधिवक्ता, कटिहार को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में कटिहार जिला के लिए कटिहार जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-11/2024/460/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)31 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 22 जनवरी 2024 एस0ओ0 121, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-11/2024/460/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 22nd January 2024 S.O 121, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Amerendra Kumar (Enrolment No.- 1254/2007), Advocate, Katihar a notary under the said Act who will act as such, in Katihar district for the district of Katihar for the next five years.

(File no. -A/Not-11/2024/460/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 22 जनवरी 2024 एस0ओ0 122, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री गोपाल सिंह, (नामांकन सं0- 2089/1999), अधिवक्ता, रोहतास को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में रोहतास जिला के लिए रोहतास जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-26/2024/463/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

22 जनवरी 2024 एस0ओ0 122, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-26/2024/463/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)32 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 22nd January 2024 S.O 122, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Gopal Singh (Enrolment No.- 2089/1999), Advocate, Rohtas a notary under the said Act who will act as such, in Rohtas district for the district of Rohtas for the next five years.

(File no. -A/Not-26/2024/463/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 22 जनवरी 2024 एस0ओ0 123, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री गणेश ंिसह (नामांकन सं0- 2596/1999) अधिवक्ता, नवादा को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में नवादा जिला के लिए नवादा जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-06/2024/485/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

22 जनवरी 2024 एस0ओ0 123, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-06/2024/485/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 22nd January 2024 S.O 123, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ganesh Singh (Enrolment No.- 2596/1999), Advocate, Nawada a notary under the said Act who will act as such, in Nawada district for the district of Nawada for the next five years.

(File no. -A/Not-06/2024/485/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)33 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 23 जनवरी 2024 एस0ओ0 124, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री मोती प्रसाद (नामांकन सं0- 2625/2005) अधिवक्ता, जहानाबाद को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में जहानाबाद जिला के लिए जहानाबाद जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-05/2024/495/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

23 जनवरी 2024 एस0ओ0 124, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-05/2024/495/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 23rd January 2024 S.O 124, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Moti Prasad (Enrolment No.- 2625/2005), Advocate, Jehanabad a notary under the said Act who will act as such, in Jehanabad district for the district of Jehanabad for the next five years.

(File no. -A/Not-05/2024/495/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 23 जनवरी 2024 एस0ओ0 125, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री संजय कुमार (नामांकन सं0-2379/2000) अधिवक्ता, जहानाबाद को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में जहानाबाद जिला के लिए जहानाबाद जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-04/2024/496/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)34 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 23 जनवरी 2024 एस0ओ0 125, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-04/2024/496/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 23rd January 2024 S.O 125, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Sanjay Kumar (Enrolment No.- 2379/2000), Advocate, Jehanabad a notary under the said Act who will act as such, in Jehanabad district for the district of Jehanabad for the next five years.

(File no. -A/Not-04/2024/496/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority).

——— 24 जनवरी 2024 एस0ओ0 126, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री राधा कृष्ण राकेश (नामांकन सं0- 2414/1999) अधिवक्ता, जहानाबाद को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में जहानाबाद जिला के लिए जहानाबाद जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2024/535/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

24 जनवरी 2024 एस0ओ0 126, दिनांक 3 अप्रील 2024 का का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2024/535/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)35 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 24th January 2024 S.O 126, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Radha Krishna Rakesh (Enrolment No.- 2414/1999), Advocate, Jehanabad a notary under the said Act who will act as such, in Jehanabad district for the district of Jehanabad for the next five years.

(File no. -A/Not-02/2024/535/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 24 जनवरी 2024 एस0ओ0 127, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री रामानुज पासवान (नामांकन सं0- 87/2003) अधिवक्ता, जहानाबाद को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में जहानाबाद जिला के लिए जहानाबाद जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2024/536/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

24 जनवरी 2024 एस0ओ0 127, दिनांक 3 अप्रील 2024 का का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2024/536/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 24th January 2024

S.O 127, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ramanuj Paswan (Enrolment No.- 87/2003), Advocate, Jehanabad a notary under the said Act who will act as such, in Jehanabad district for the district of Jehanabad for the next five years.

(File no. -A/Not-03/2024/536/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)36 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 24 जनवरी 2024 एस0ओ0 128, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री धीरेन्द्र कुमार सिंह (नामांकन सं0- 1048/2002) अधिवक्ता, जहानाबाद को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में जहानाबाद जिला के लिए जहानाबाद जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-01/2024/537/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

24 जनवरी 2024 एस0ओ0 128, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-01/2024/537/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 24th January 2024 S.O 128, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Dhirendra Kumar Singh (Enrolment No.- 1048/2002), Advocate, Jehanabad a notary under the said Act who will act as such, in Jehanabad district for the district of Jehanabad for the next five years.

(File no. -A/Not-01/2024/537/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 31 जनवरी 2024 एस0ओ0 129, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री विश्वजीत कुमार, (नामांकन सं0- 1181/1999), अधिवक्ता, रोहतास को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में रोहतास जिला के लिए रोहतास जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-27/2024/676/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)37 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 31 जनवरी 2024 एस0ओ0 129, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-27/2024/676/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 31st January 2024 S.O 129, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Bishwajit Kumar (Enrolment No.- 1181@1999), Advocate, Rohtas a notary under the said Act who will act as such, in Rohtas district for the district of Rohtas for the next five years.

(File no. -A/Not-27/2024/676/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 31 जनवरी 2024 एस0ओ0 130, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री वेद प्रकाश जयसवाल, (नामांकन सं0- 945/1987), अधिवक्ता, बक्सर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में बक्सर जिला के लिए बक्सर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2024 /685/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

31 जनवरी 2024 एस0ओ0 130, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2024 /685/जे0)

बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)38 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 31st January 2024 S.O 130, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Ved Prakash Jaiswal, (Enrolment No.- 945/1987), Advocate, Buxar a notary under the said Act who will act as such, in Buxar district for the district of Buxar for the next five years.

(File no. -A/Not-14/2024/685/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

——— 5 फरवरी 2024 एस0ओ0 131, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री राज किशोर पोद्दार (नामांकन सं0- 1830/1995) अधिवक्ता, नवगछिया, भागलपुर को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में भागलपुर जिला के लिए भागलपुर जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-07/2024/781/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

5 फरवरी 2024 एस0ओ0 131, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-07/2024/781/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 5th February 2024 S.O 131, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Raj Kishrore Poddar (Enrolment No.- 1830/1995), Advocate, Naugachia, Bhagalpur a notary under the said Act who will act as such, in Bhagalpur district for the district of Bhagalpur for the next five years.

(File no. -A/Not-072024/781/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)39 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

5 मार्च 2024

एस0ओ0 132, दिनांक 3 अप्रील 2024—नोटरी अधिनियम 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा 3 सह-पठित नोटरी नियमावली, 1956 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 8 के उप नियम (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार श्री ऋषिकेश कुमार (नामांकन सं0- 1886/2010) अधिवक्ता, मधेपुरा को उक्त अधिनियम के अधीन अगले पाँच वर्षों के लिए नोटरी नियुक्त करती हैं, जो इस रूप में मधेपुरा जिला के लिए मधेपुरा जिला में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2024/1740/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार । (सक्षम प्राधिकार)

5 मार्च 2024

एस0ओ0 132, दिनांक 3 अप्रील 2024 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2024/1740/जे0) बिहार के राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, बिहार ।

(सक्षम प्राधिकार)

The 5th March 2024

S.O 132, dated 3rd April 2024—In exercise of the powers conferred by Section-3 of the Notaries Act, 1952 (Act No.-53 of 1952) (As Amended from time to time) read with sub-rule (4) of rule 8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended from time to time) the State Government of Bihar is pleased to appoint Shri Rishikesh Kumar (Enrolment No.- 1886/2010), Advocate, Madhepura a notary under the said Act who will act as such, in Madhepura district for the district of Madhepura for the next five years.

(File no. -A/Not-09/2024/1740/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-cum-Additional Legal Remembrancer to the Government of Bihar. (Competent Authority)

———

———

—माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, श्री सुशील कुमार दीक्षित, संयुक्त निबंधक (स्थापना), पटना उच्च न्यायालय, पटना को, उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से, श्री कुमार अमित मनु के स्थान पर, विशेष कार्य पदाधिकारी (इंफ्रास्ट्रक्चर), पटना उच्च न्यायालय, पटना के रूप में नियुक्त किया जाता है। ,40 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 The 3rd January 2024 No. 01 A—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint Sri Sushil Kumar Dixit, Joint Registrar (Establishment), Patna High Court, Patna as Officer on Special Duty (Infrastructure), Patna High Court, Patna vice Sri Kumar Amit Manu with effect from the date he assumes charge of his office.

By order of the Hon'ble the Chief Justice, M.K. Sinha, Registrar General.

———

—माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, श्री कुमार अमित मनु, विशेष कार्य पदाधिकारी (इंफ्रास्ट्रक्चर), पटना उच्च न्यायालय, पटना को, उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से, श्री सुशील कुमार दीक्षित के स्थान पर, संयुक्त निबंधक (स्थापना), पटना उच्च न्यायालय, पटना के रूप में नियुक्त किया जाता है। वह श्री प्रणव शंकर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, औरंगाबाद के कार्यभार ग्रहण करने तक मुख्य न्यायाधीश सचिवालय में विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक पदाधिकारी), का अतिरिक्त प्रभार पर बने रहेंगे। मनोज कुमार सिन्हा, The 3rd January 2024 No. 02 A—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint Sri Kumar Amit Manu, Officer on Special Duty (Infrastructure), Patna High Court, Patna as Joint Registrar (Establishment), Patna High Court, Patna vice Sri Sushil Kumar Dixit with effect from the date he assumes charge of his office. He will continue to hold additional charge of O.S.D. (Judicial Officer) in the Chief Justice Secretariat till the joining of Sri Pranaw Shankar, Additional District and Sessions Judge, Aurangabad.

By order of the Hon'ble the Chief Justice, M.K. Sinha, Registrar General.

———

—न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर नियुक्त निम्नलिखित (असैनिक न्यायाधीश, कनीय

1. श्री श्याम नाथ साह, न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी, समस्तीपुर 10.04.2023
2. रूबी कुमारी, न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी, बेगूसराय 10.04.2023
3. श्री जितेन्द्र कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी-सह-अपर मुुसिफ, रोसड़ा (समस्तीपुर) 10.04.2023

The 20th January 2024 No. 27 A—The services of following (Civil Judges, Junior Division) appointed on the basis of the result of 29th & 30th Judicial Service Competitive Examinations are hereby confirmed w.e.f. the date indicated against their respective names in column 3.

Sl. No. Name of Officer with designation and place of present posting Date of Confirmation
1. Sri Shyam Nath Sah, J.M. 1st Class, Samastipur 10.04.2023
2. Ms. Ruby Kumari, J.M. 1st Class, Begusarai 10.04.2023
3. Sri Jeetendra Kumar, J.M. 1st Class-cum-A.M., Rosera (Samastipur) 10.04.2023
41 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

By order of the Hon'ble the Chief Justice, M.K. Sinha, Registrar General.

———

—निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित पदाधिकारियों को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देशित स्थान एवं स्तम्भ 4 में दी गयी स्थानान्तरण श्रृंखला के अन्तर्गत जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

1. श्री मदन किशोर कौशिक जिला एवं सत्र न्यायाधीश, किशनगंज गया दिनांक-31.01.2024 को सेवानिवृत हो रहे श्री मनोज कुमार तिवारी के स्थान पर।
2. श्री संजय अग्रवाल प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, शिवहर किशनगंज श्री मदन किशोर कौशिक के स्थान पर
3. सुश्री काजल झाम प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, नालन्दा स्थित बिहारशरीफ खगड़िया दिनांक-31.01.2024 को सेवानिवृत हो रहे श्री अली अहमद के स्थान पर।
4. श्री अनन्त सिंह प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जमुई सुपौल श्री धर्मेन्द्र कुमार जायसवाल (निलंबित) के स्थान पर।

The 24th January 2024

No. 49 A—The following Officers named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as District and Sessions Judges at the stations mentioned in column no. 3 of the table against their respective names and in chain as indicated in column no. 4 of the table given below : :

Sl. No. Name of the Officers with designation and present place of posting. Name of the station where the officer has been transferred. Chain of Transfer
1. 2. 3. 4.
1. Sri Madan Kishore Kaushik District & Sessions Judge, Kishanganj. Gaya Vice Sri Manoj Kumar Tiwari, who is going to retire on 31.01.2024.
2. Sri Sanjay Agarwal Principal Judge, Family Court, Sheohar Kishanganj Vice Sri Madan Kishore Kaushik.
3. Ms. Kajal Jhamb Principal Judge, Family Court, Nalanda at Biharsharif. Khagaria Vice Sri Ali Ahmad, who is going to reitre on 31.01.2024.
4. Sri Anant singh, Principal Judge, Family Court, Jamui Supaul Vice Sri Dharmendra Kumar Jaiswal (Under suspension)
42 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

By order of the High Court, S.B.P. Singh. Registrar General I/C.

———

—निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संवर्ग पदाधिकारी को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य करने हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

5. श्री लक्ष्मी कान्त मिश्रा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जमुई (जमुई) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद
6. श्री निशित दयाल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शिवहर (शिवहर) अ) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब) औरंगाबाद स) औरंगाबाद

The 24th January 2024

No. 50 A—The Additional District and Sessions Judges, named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judges in the Judgeship to be stationed ordinarily at the places mentioned in column no. 3 of the table against their respective names :

Sl. No. Name of the Officers with designation and present place of posting with Judgeship. (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which posted on transfer
1 2 3
1. Sri Lakshmi Kant Mishra Additional District & Sessions Judge, Jamui (Jamui). a) Additional District & Sessions Judge b) Aurangabad c) Aurangabad
2. Sri Nishit Dayal, Additional District & Sessions Judge, Sheohar (Sheohar) a) Additional District & Sessions Judge b) Aurangabad c) Aurangabad

By order of the High Court, S.B.P. Singh, Registrar General I/C.

43 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

—बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या- 7/मुक0-08-13/2022 सा0प्र0 22887 दिनांक 18.12.2023 द्वारा परीक्ष्यमान रूप से असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में नियुक्त तालिका के स्तम्भ II में उल्लिखित व्यक्ति को तालिका के स्तम्भ III में उल्लिखित स्थान एवं न्यायमंडल में अस्थायी असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में पदस्थापित किया जाता है।

1 श्री विक्रमादित्य मिश्रा भोजपुर, आरा

उच्च न्यायालय के आदेश से, शशि भूषण प्रसाद सिंह, महानिबंधक प्र0।

The 24th January 2024

No. 51 A—The person named in column no. 2 of the table given below who has been appointed on probation as Civil Judge (Junior Division) under notification No. 7/Muk.- 08-13/2022 Sa. Pra. 22887 dated 18.12.2023 of the Department of General Administration, Government of Bihar, Patna is posted as temporary Civil Judges (Junior Division) at the station mentioned below in column no. 3 of the table against his name.

Sl. No. Name of the Officer Place of posting
1. 2. 3.
(a) Sri Vikramaditya Mishra Bhojpur at Ara

By order of the High Court S.B.P. Singh, Registrar General I/C.

———

—बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या- 7/मुक0-08-13/2022 सा0प्र0 22886 दिनांक 18.12.2023 द्वारा परीक्ष्यमान रूप से असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में नियुक्त तालिका के स्तम्भ II में उल्लिखित व्यक्ति को तालिका के स्तम्भ III में उल्लिखित स्थान एवं न्यायमंडल में अस्थायी असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के रूप में पदस्थापित किया जाता है।

1. सुश्री अदिती सीतामढ़ी

उच्च न्यायालय के आदेश से, शशि भूषण प्रसाद सिंह, महानिबंधक प्र0। The 24th January 2024 No. 52 A— The person named in column no. 2 of the table given below who has been appointed on probation as Civil Judge (Junior Division) under notification No. 7/Muk.-08- 13/2022 Sa. Pra. 22886 dated 18.12.2023 of the Department of General Administration, Government of Bihar, Patna is posted as temporary Civil Judges (Junior Division) at the station mentioned below in column no. 3 of the table against his name.

Sl. No. Name of the Officer Place of posting
1. 2. 3.
1. Ms. Aditi Sitamarhi

By order of the High Court S.B.P. Singh, Registrar General I/C.

44 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

—श्री प्रदीप कुमार मलिक, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीवान को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से, माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, सेवानिवृत्त श्री मनोज कुमार सिन्हा के स्थान पर, महानिबंधक, पटना उच्च न्यायालय, पटना नियुक्त किया जाता है। The 1st February 2024

No. 55 A—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint Sri Pradeep Kumar Malik, District & Sessions Judge, Siwan as Registrar General, Patna High Court, Patna with effect from the date he assumes charge of his office vice Sri Manoj Kumar Sinha since retired.

By order of Hon'ble the Chief Justice S.B.P. Singh, Registrar General I/C.

———

—अपने वर्त्तमान कर्त्तव्यों से विरमित होने पर सुश्री अनुपमा, सब जज-सह-ए.सी.जे.एम., छपरा, सारण की सेवायें निबंधक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु अधिकतम तीन वर्षों के लिए बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग, पटना के अन्तर्गत सौंपी जाती है। उच्च न्यायालय के आदेश से, , महानिबंधक प्र0।

The 8th February 2024

No. 87 A—On being relieved of her present assignment, the services of Ms. Anupama, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Saran at Chapra are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna for her appointment as Registrar, Bihar State Legal Services Authority, Patna, on deputation basis, for a maximum period of three years.

By order of the High Court, P.K. Malik, Registrar General.

———

—अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री दिग्विजय कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शेखपुरा की सेवायें निबंधक, राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिहार, पटना के पद पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार के अन्तर्गत प्रतिनियुक्ति के आधार पर सौंपी जाती है, जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्षों की होगी । The 16th February 2024 No. 90 A—On being relieved of his present assignment, the services of Sri Digvijay Kumar, District & Sessions Judge, Sheikhpura are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna on his appointment as Registrar, State Consumer Dispute Redressal Commission, Bihar, Patna on deputation basis for a maximum period of three years.

By order of the High Court, P.K. Malik. Registrar General.

45 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

—निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित पदाधिकारियों को, तालिका के स्तंभ-3 में निर्देशित स्थान एवं स्तम्भ 4 में दी गयी स्थानान्तरण श्रृंखला के अन्तर्गत जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

1. श्री राकेश कुमार सिंह- I, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जहानाबाद। सिवान रिक्त
2. श्री ब्रजेश कुमार प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, गोपालगंज। जहानाबाद श्री राकेश कुमार सिंह-I के स्थान पर।

The 20th February 2024

No. 94 A.— The following Officers named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as District and Sessions Judges at the stations mentioned in column no. 3 of the table against their respective names and in chain as indicated in column no. 4 of the table given below : :

Sl. No. Name of the Officers with designation and present place of posting. Name of the station where the officer has been transferred. Chain of Transfer
1. 2. 3. 4.
1. Sri Rakesh Kumar Singh-I, District & Sessions Judge, Jehanabad Siwan Since Vacant
2. Sri Brajesh Kumar, Principal Judge, Family Court, Gopalganj. Jehanabad Vice Sri Rakesh Kumar Singh-I.

By order of the High Court, P.K. Malik, Registrar General.

———

—श्री राजीव नयन, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुंगेर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पटना के रूप में स्थानान्तरित एवं पदस्थापित किया जाता है। The 20th February 2024

No. 95 A—Sri Rajeev Nayan, Additional District & Sessions Judge, Munger is transferred and posted a Additional District & Sessions Judge, Patna.

By order of the High Court, P.K. Malik, Registrar General.

46 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

—निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारी को स्थानांतरित करते हुए, उसी तालिका के स्तम्भ-3 में उनके नाम के सामने निर्देशित जजी एवं स्थान जहाँ पर वे साधारणतः अधिष्ठित रहेंगे, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जाता है।

पुनः, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्तंभ-3 में नामित असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारी को उनके पदस्थापन के जिला के क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रदान किया जाता है, बशर्ते उनके द्वारा निष्पादित दिवानी तथा आपराधिक वादों की संख्या 30ः70 के अनुपात में हो।

1 2 3
1. श्री शमीम रजा, निबंधक, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनस्र्थापन प्राधिकार, पूर्णियाँ। (अ) अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (ब) बांका (स) बांका

उच्च न्यायालय के आदेश से, शशि भूषण प्रसाद सिंह, महानिबंधक प्र0।

The 24th January 2024

No. 80 A—The Judicial officer of the rank of Civil Judge (Senior Division), named in column no. 2 of the table given below is transferred and posted as Sub Judge-cum-A.C.J.M. in the Judgeship to be stationed ordinarily at the station mentioned in column no. 3 of the table.

Further, in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section (11) of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court is pleased to confer upon the Officer named below who has been transferred and posted as Sub Judge-cum- A.C.J.M., the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the concerned District, provided that they shall work in such a way that his disposal of Civil and Criminal matter must be in the ratio of 30:70.

Sl. No. Name of the officer, designation and present place of posting (a) Designation at the new station (b) Place where the officer is to be stationed at ordinarily (c) Name of the Judgeship in which transferred
1 2 3
(a) Sri Shameem Raja, Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Authority (LARRA), Purnea. a) Sub Judge-cum-A.C.J.M. b) Banka c) Banka

By order of the High Court, S.B.P. Singh Registrar General I/C.

47 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

———

सं॰ प्र॰2/स्था॰-वृ॰उ॰-21-01/2020-608(s)—राज्य कर्मियों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन का लाभ प्रदान करने संबंधी वित्त विभाग के अधिसूचना संख्या-3/एम॰-2-5-वे॰पु॰-28/99/4685 (वि॰)-2, दिनांक 25.03.2003 द्वारा अधिसूचित "बिहार राज्य कर्मचारी सेवाशर्त्त (सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना) नियमावली-2003" दिनांक 09.08.1999 के प्रभाव से प्रवृत किया गया। जिसके प्रावधान के अनुसार 12/24 वर्ष की लगातार संतोषप्रद सेवा पूर्व होने पर देा वित्तीय उन्नयन प्रोन्नति के पदसोपान में अनुमान्य है। वित्त विभाग के अधिसूचना संख्या-6068, दिनांक 16.06.2013 द्वारा सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन येाजना दिनांक 12.07.2010 तक प्रभावी किया गया। षष्टम्‌ केन्द्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में केन्द्रीय प्रावधान को अपनाते हुये वित्त विभाग के संकल्प संख्या-7566 दिनांक 14.07.2010 द्वारा राज्य के कर्मचारियों के लिए रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन, 2010 दिनांक 01.01.2009 से प्रभावी किया गया। इस योजना के प्रावधान के अनुसार तीन (क्रमशः 10, 20 और 30 वर्षों की सेवा पुरी करने पर) वित्तीय उन्नयन वेतन-बैंड/ग्रेड पे के सोपान में अनुमान्य है। सप्तम वेतन पुनरीक्षण के उपरान्त वित्त विभाग के पत्रांक-3ए-2-वे॰पु॰-08/2017-8928/वि॰, दिनांक 15.11.2017 के कंडिका-2 (पप) द्वारा यह प्रावधान किया गया है, कि वैसे राज्य सेवा के पदाधिकारी, जिनका मूल कोटिय वेतनमान PB-2+4800/- अथवा PB-2+5400/- स्वीकृत रहा तथा उन्हें चार वर्ष की सेवा पूरी होने पर पद.ेपजन उत्क्रमण के तहत च्ठ.3़5400ध्. का वेतनमान अनुमान्य किया गया है, को दिनांक 01.01.2016 के प्रभाव के वेतन स्तर-9 में वेतन पुनरीक्षण किया जायेगा। चार वर्ष की सेवा पूरी होने तथा सेवा सम्पुष्टि के उपरान्त च्ठ.3़5400ध्. में पद.ेपजन उत्क्रमण, जिसे पूर्व में एम॰ए॰सी॰पी॰ के तहत एक वित्तीय उन्नयन माना गया था, को अनदेखी की जायेगी तथा ऐसे पदाधिकारी को नियुक्ति की तिथि से 10 वर्ष अथवा दिनांक 01.01.2016, जो बाद मेें हो, से प्रथम एम॰ए॰सी॰पी॰ वेतन स्तर-11 के अनुमान्य होगा।

2. उपरोक्त प्रावधानों तथा इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत परिपत्रों के आलोक में पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत बिहार अभियंत्रण सेवा संवर्ग-2 के अन्तर्गत सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर सीधे नियुक्त संलग्न सूची में अंकित पदाधिकारियों को सम्यक विचारोपरान्त कालावधि के अनुसार उनके नाम के सामने कॉलम-6 ;ठद्ध में अंकित तिथि से उक्त कॉलम में अंकित वेतनमान्‌ में प्रथम सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन/रूपान्तरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन, कॉलम-7 ;ठद्ध में अंकित तिथि से उक्त कॉलम में अंकित वेतनमान्‌ में द्वितीय सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन/रूपान्तरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन एवं कॉलम-8 ;ठद्ध में अंकित तिथि से उक्त कॉलम में अंकित वेतनमान्‌ में तृतीय रूपान्तरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन स्वीकृत किया जाता है।

3. स्कीम के अधीन वित्तीय उन्नयन होने पर कर्मचारी का वेतन निर्धारण वित्त विभाग के संकल्प संख्या-630, दिनांक 21.01.2010 के कंडिका-12 में अथवा वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-3ए॰-2-वे॰पु॰-09/2016-3590, दिनांक 24.05.2017 की कंडिका-11 एवं वित्त विभाग के पत्रांक-3ए॰-2-वे॰पु॰-08/2017-8928/वि॰, दिनांक 15.11.2017 में निहित प्रावधान के अनुसार किया जायेगा।

4. यह वित्तीय उन्नयन, व्यक्तिगत होगा जिसका पारस्परिक वरीयता से कोई संबंध नहीं होगा।

5. यदि पूर्व में सामान ए॰सी॰पी॰/एम॰ए॰सी॰पी॰ की स्वीकृति दी गयी हो तो उसे इस हद तक संशोधित समझा जाय। (उदाहरण के रूप में यदि किसी अभियंता को प्रथम ए॰सी॰पी॰/एम॰ए॰सी॰पी॰ की स्वीकृति पूर्व में दी गयी है तथा इस अधिसूचना में भी प्रथम ए॰सी॰पी॰/एम॰ए॰सी॰पी॰ स्वीकृत की गयी है तो इस अधिसूचना के हद तक उक्त ए॰सी॰पी॰/ एम॰ए॰सी॰पी॰ संशोधित समझी जायेगी)

6. उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर उन्हें प्रदत्त वृत्ति उन्नयन योजना के लाभ से संबंधित ओदश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हें भुगतान की गई राशि की वसूली उनसे कर ली जायेगी।

प्रस्ताव पर विभागीय स्क्रींनिग समिति के अनुशंसा के उपरान्त सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।48 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 49 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार ——— अधिसूचना 13 मार्च 2024

सं॰ 1/प्रो.1-01/2023-354—विभागीय अधिसूचना संख्या 988, दिनांक-29.11.2023 द्वारा श्री शम्स अब्रार को सेवानिवृति उपरांत संविदा पर नियोजित करते हुये सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, भागलपुर संग्रहालय भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया गया था तथा सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, मुंगेर संग्रहालय मुंगेर एवं सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, बाबा कारू खिरहर संग्रहालय सहरसा के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। श्री अब्रार द्वारा अबतक उक्त संग्रहालयों में योगदान समर्पित नहीं किया गया है। जिस कारण कार्यालय कार्य ससमय संपादित नहीं हो पा रहा है तथा उक्त संग्रहालयों में कार्यरत कर्मचारियों, संविदा पर नियोजित स्वीपर, माली, सुरक्षा गार्ड आदि का वेतनादि एवं संविदा राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है।

2. उक्त के आलोक में श्री शम्स अब्रार के प्रभार वाली संग्रहालयों का प्रभार (वेतन निकासी हेतु) कार्यहित में अपने

क्र.सं. नाम/पदनाम पदस्थापन अतिरिक्त प्रभार
1. श्री सुधीर कुमार यादव, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय, जमुई मुंगेर संग्रहालय, मुंगेर
2. श्री अरविन्द महाजन, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, गया संग्रहालय, गया भागलपुर संग्रहालय, भागलपुर
3. श्री शिवकुमार मिश्र, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, बक्सर बाबा कारू खिरहर संग्रहालय, सहरसा

3. पूर्व के आदेश इस हद तक संशोधित समझा जाय।

4. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, रूबी, सरकार के संयुक्त सचिव।

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गृह विभाग

(आरक्षी शाखा)

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अधिसूचनाएं

18 मार्च 2024

सं0 8/विविध-10-28/2022,-3333/गृ0आ0—लोक सभा का आम निर्वाचन, 2024 एवं बिहार विधान सभा का उप निर्वाचन, 2024 के लिए लोेक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28 (ए) के अंतर्गत राज्य सरकार पुलिस महानिदेशक, बिहार तथा राज्य अंतर्गत पदस्थापित पुलिस सेवा के सभी पदाधिकारियों/आरक्षियों एवं निर्वाचन कार्य हेतु अधियाचित अन्य सभी पुलिस पदाधिकारियों/आरक्षियों को नामित करती है।

2. नामित पुलिस पदाधिकारी, लोक सभा का आम निर्वाचन, 2024 एवं बिहार विधान सभा का उप निर्वाचन, 2024 के निर्वाचन अधिसूचित होने की तिथि से प्रारंभ होकर उक्त निर्वाचन के परिणाम के घोषित किये जाने की तारीख तक भारत निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त समझे जायेंगे और ऐसे सभी पदाधिकारी/आरक्षी उस अवधि के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन होंगे।

बिहार राज्यपाल के आदेश से, अनिमेश पाण्डेय, सरकार के अपर सचिव।50 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

19 मार्च 2024

सं0 2/डी01-20-01/2019-3345/गृ0आ0—गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या-आई-45020/450/ 2024/Pers-II दिनांक 01.02.2024 एवं महानिदेषालय, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, नई दिल्ली के पत्र सं0-डी.एक.58/ 2023-कार्मिक-डीए-08 दिनांक 01.02.2024 में निहित अनुरोध के आलोक में के0रि0पु0बल के श्री मुकेष कुमार, उप कमाण्डेंट, (इरला सं0-7965) सम्प्रति बिहार राज्य में अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान), औरंगाबाद को तत्काल प्रभाव से इनकी सेवा इनके पैतृक संवर्ग केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, नई दिल्ली को वापस की जाती है।

इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार दास, सरकार के उप सचिव। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 02—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in51 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

भाग-2

िबहार-रा(cid:789)यपाल और काया(cid:330)(cid:801)य(cid:407)ों (cid:554)ारा िनकाले गये िविनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आिद।

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सं॰ 15/एम 1-12/2018-1077—श्री शाहजहॉ, उप सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यो के अतिरिक्त बिहार हिन्दी ग्रंथ अकादमी, पटना एवं बिहार अंगिका अकादमी, पटना का निदेशक का प्रभार पूर्ण वित्तीय शक्तियों सहित तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सौपा जाता है। 2. उक्त पद पर नियमित नियुक्ति अथवा अन्य कोई आदेश निर्गत होने के पश्चात्‌ यह कार्यकारी व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी। 3. प्रस्ताव पर माननीय मंत्री, शिक्षा विभाग का अनुमोदन प्राप्त है। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 02—571+10 डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in52 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

भाग-9(ख)

िनिवदा सूचनाएं , प(cid:303)रवहन सूचनाएं , (cid:802)यायालय सूचनाएं और सव(cid:330)साधारण सूचनाएं इ(cid:797)यािद।

—————

सं॰ 324— म(cid:167) इ(cid:198)दु मोहन िपता (cid:214)व. कृ (cid:213)ण मोहन (cid:200)यारे, िनवास- (cid:201)लैट नं 302/सी, एस. पी. गृहम अपाट(cid:170)म(cid:164)ट, रामनगरी रोड,

ं िक संक(cid:208)प मेरा आिशयाना नगर, थाना- राजीव नगर, िजला- पटना 800025 शपथ प(cid:253) सं 6933 ता. 15.12.2023 (cid:300)ारा यह घोषणा करता ह(cid:243) पु(cid:253) है, वह संक(cid:208)प मोहन के नाम से जाना एवं पहचाना जाएगा l इ(cid:198)दु मोहन

————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 02—571+10 डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in53 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

िबहार गजट

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(cid:366)ािधकारी (cid:554)ारा (cid:366)कािशत

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सं॰ (XVII-19/2019-23)-566(मु॰)स्था॰—श्री —ष्णदेव प्रसाद, उ०व०लि०(निलंबित)-सह-तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय, सम्प्रति अंचल कार्यालय, विद्यापतिनगर (निलंबन अवधि में मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय दलसिंहसराय) को उनके तत्समय प्रखंड कार्यालय दलसिंहसराय से अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर में स्थानांतरण के फलस्वरुप प्रभार देने हेतु बार-बार स्मारित किये जाने बाद भी उनके द्वारा प्रभार नहीं दिया गया। श्री प्रसाद तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय आना-कानी करते रहे अंततः उनके द्वारा कुल अभिश्रव की राशि मो० 2,03,71,774.75 रु० (दो करोड़ तीन लाख इकहत्तर हजार सात सौ चौहत्तर रू0 पचहत्तर पैसे) में से 1,25,51,075.00 (एक करोड़ पच्चीस लाख इक्यावन हजार पचहत्तर) मात्र का ही अभिश्रव सौपा गया तथा सिंगल लोक की कुल राशि मो० 2,996.94 रु० (दो हजार नौ सौ छियानबे एवं पैसे चौरानबे) मात्र का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी दलसिंहसराय के पत्रांक 580 दिनांक 27.03.2019 के द्वारा श्री प्रसाद को बाकी बचे 78,20,699.75 रू0 सरकारी राशि का असमायोजित अभिश्रव जमा करने हेतु आदेष दिया गया। उनके द्वारा न तो असमायोजित अभिश्रव और न ही सिंगल लॉक की सरकारी राषि को एक लंबी अवधि तक जमा किया गया। परिणामस्वरूप प्रखंड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय के पत्रांक 617 दिनांक 05.04.2019 के द्वारा सरकारी राशि के गबन के आरोप में उनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु थानाध्यक्ष दलसिंहसराय से अनुरोध किया गया। इस क्रम में पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर के पत्रांक 1107/अप0षा0 दिनांक 03.09.2019 के आलोक में सूचित किया गया कि कांड के अनुसंधानकर्त्ता पु0अ0नि0 श्री सुनिल कुमार सिंह दलसिंहसराय थाना द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि दलसिंहसराय थाना कांड संख्या 84/19 दिनांक 06.04.2019, धारा 409/420/120 बी भा0द0वि0 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री कृष्णदेव प्रसाद, अंचल नाजिर विद्यापतिनगर (तत्कालीन नाजिर दलसिंहसराय प्रखंड) के विरूद्ध सरकारी राशि के गबन करने के आरोप में दिनांक 30.08.2019 को गिरफ्‌तार कर माननीय न्यायालय में उपस्थित किया गया तथा माननीय न्यायालय द्वारा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। तद्‌ालोक में कार्यालय आदेष ज्ञापांक 689/स्था0 दिनांक 30.09.2019 के द्वारा श्री कृष्णदेव प्रसाद, उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर को दलसिंहसराय थाना काण्ड संख्या 84/2019 दिनांक 06.04.2019 में गिरफ्‌तार होने के कारण कारा-निरोध की तिथि दिनांक 30.08.2019 के प्रभाव से निलंबित किया गया, एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय को श्री कृष्णदेव प्रसाद, के विरूद्ध आरोप पत्र तैयार कर अविलंब अनुमंडल पदाधिकारी, दलसिंहसराय के माध्यम से भेजने हेतु निदेशित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, दलसिंहसराय के पत्रांक 1085/स्था0 दिनांक 10.10.2019 के आलोक में श्री कृष्णदेव प्रसाद, के विरूद्ध प्रपत्र "क" में आरोप पत्र गठित कर प्राप्त हुआ।

श्री कृष्णदेव प्रसाद के उक्त काण्ड में जमानत पर छूटने के पश्चात्‌ दिनांक 19.10.2019 को पुनः अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर में योगदान देने एवं उनके विरूद्ध आरोप की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय आदेष ज्ञापांक 10/स्था0 दिनांक 06.01.2020 के द्वारा उन्हें दिनांक 19.10.2019 के प्रभाव से पुनः निलंबित किया गया एवं निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय, दलसिंहसराय निर्धारित किया गया।

गठित आरोप पर श्री प्रसाद से प्राप्त अभिकथन एवं उनके विरूद्ध गंभीर वित्तीय मामले को देखते हुए आदेष ज्ञापांक 66/स्था0 दिनांक 01.02.2021 के आलोक में उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु अपर समाहर्त्ता (जि0लो0षि0नि0) समस्तीपुर को संचालन पदाधिकारी, एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए 45 दिनों के अंदर विभागीय कार्यवाही पर प्रतिवेदन की मांग की गई।54 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 स्ांचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता,(जि0लो0षि0नि0)-सह-जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 280/जि0लो0षि0नि0 दिनांक 16.09.2023 (पुनः प्राप्त यथा संषोधित पत्रांक 03(मु0)/जि0लो0षि0नि0 दिनांक 02.11.2023) के आलोक में आवष्यक जाँँच प्रतिवेदन/अधिगम प्राप्त हुआ।

श्री कृष्णदेव प्रसाद, उच्च वर्गीय लिपिक, (निलंबित) अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर के विरूद्ध प्रखंड कार्यालय दलसिंहसराय से संबंधित मामलों के लिए गठित आरोप, आरोपी का जवाब/स्पष्टीकरण, उपस्थापन पदाधिकारी का अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की संक्षिप्त विवरणी निम्नवत हैः-

आरोप सं0 आरोप श्री कृष्णदेव प्रसाद, निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर यथा आरोपी का जवाब/ स्पष्टीकरण उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी दलसिंहसराय का अभिकथन संचालन पदाधिकारी -सह-अपर समाहर्त्ता (जि0लो0षि0नि0) समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का जाँँच प्रतिवेदन /यथासंषोधित अधिगम/मंतव्य
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1 श्री —ष्णदेव प्रसाद उ०व०लि०-सह- तत्कालीन प्रखण्ड नाजिर दलसिंहसराय को उनके स्थानान्तरण के फलस्वरूप प्रभार देने हेतु बार-बार स्मारित किये जाने बाद भी प्रभार नहीं दिया गया। सादर सूचित करना है कि मेरे उपर मो0 78,20,699.00 रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए मेरे विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई है, जो निराधार एवं तथ्यहीन है। मैं भवदीय को अवगत कराना चाहता हूँ किः- 1.मेरे द्वारा दिनांक 15-09-2018 को प्रखण्ड दलसिंहसराय के नजारत का प्रभार श्री राज कुमार मिश्र उ॰व०लि0 को सौंपा गया। जिस समय मेरे द्वारा नजारत का सम्पूर्ण प्रभार सौंपे जाने (असमायोजित अभिश्रव छोड़कर) पर नजारत प्रशाखा के कमरे का चाबी तत्कालीन प्र० वि० पदा० महोदय द्वारा श्री मिश्र को हस्तगत करा दिया गया। मैं श्री मिश्र की उपस्थिति म ं े असमायोजित अभिश्रव 1,25,51,075.00 रुपये का प्रभार सौंपा एवं शेष राशि 78,20,699. 00 रुपये का अभिश्रव काफी खोजबीन के पश्चात भी उपलब्ध नहीं हो पाया जो द्वेषवश श्री-मिश्र के द्वारा नजारत के निकालकर अन्यत्र रख दिया गया था फलस्वरुप मुझ पर 78,20,699.00 रुपये गबन का आरोप लगाकर निलंबित किया गया। श्री प्रसाद के विरुद्ध लगाये गये आरोप के संबंध में तथ्य निम्न प्रकार हैं- कंडिका- 01 श्री —ष्णदेव प्रसाद उ०व०लि०-सह-तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय को उनके स्थानांतरण के फलस्वरुप प्रभार देने हेतु बार-बार स्मारित किये जाने बाद भी उनके द्वारा प्रभार नहीं दिया गया। श्री प्रसाद तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय आना कानी करते रहे अंततः उनके द्वारा कुल अभिश्रव की राशि मो० 2,03,71,774. 75 रु० (दो करोड़ तीन लाख इकहत्तर हजार सात सौ चौहत्तर एवं पैसे पचहत्तर) में से 1,25,51,075.00 (एक करोड़ पच्चीस लाख इक्यावन हजार पचहत्तर) मात्र का ही अभिश्रव सौपा गया तथा सिंगल लोक की कुल राशि मो० 2,996.94 रु०(दो हजार नौ सौ छियानवे एवं पैसे चौरानवे) मात्र का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया। कन्डिका 01-से वर्णित कुल राशि 78,23,696.69 रु० (अठहत्तर लाख तेईस हज़ार छः सौ छियानवे एवं पैसे उनहत्तर) का अप्राप्त असमायोजित अभिश्रव/राशि को सरकारी राशि का गबन मानते हुए स्थानीय थाना दलसिंहसराय में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसका थाना काण्ड संख्या 84/19 दिनांक 06.04.2019 है। (छाया प्रति संलग्न) सरकारी सेवक श्री —ष्णदेव प्रसाद उ०व०लि०-सह- तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय को जिला पदाधिकारी समस्तीपुर के ज्ञापांक 668 / स्था० दिनांक 30.06.2018 द्वारा अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर में स्थानांतरित किया गया उसके फलस्वरुप प्रखंड कार्यालय के ज्ञापांक 1092 दिनांक 14.07.2018 आरोपी कर्मी के विरूद्ध लगाये गये आरोप एवं आरोपी कर्मी के द्वारा समर्पित जवाब तथा उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के विवेचनोपरान्त स्पष्ट होता है कि आरोपी कर्मी के विरूद्ध कई आरोप लगाया गया है। सभी आरोप श्री कृष्णदेव प्रसाद, निलम्बित उ0व0लिपिक अंचल कार्यालय, विद्यापतिनगर सम्प्रति अनुमंडल कार्यालय, दलसिंहसराय से संबंधित है। श्री —ष्णदेव प्रसाद तत्कालीन प्रखंड नाजिर द्वारा इतनी लंबी अवधि के बीत जाने तथा कार्यालय द्वारा बार-बार विभिन्न माध्यमो से ं स्मारित करते रहने के बावजूद भी उक्त विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया तत्पश्चात शेष अभिश्रव राशि मो० 78,23,696. 69 (रु० अठहत्तर लाख तेईस हजार छः सौ छियानबे एवं उनहत्तर पैसे) मात्र की राशि को सरकारी राशि का गबन मानते हुए स्थानीय थाना दलसिंहसराय में पत्रांक 617 दिनांक 05.04.2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई। कार्यालय पत्रांक 1358 दिनांक 04.09.2019 क े द्वारा जिलाधिकारी महोदय, समस्तीपुर को यह सूचना दी गयी कि अनुसंधान पर्यवेक्षक एवं पुलिस अधीक्षक महोदय के प्रतिवेदन 02 मे यह काण्ड ं सत्य पाया गया एवं दिनांक 30.08.2019 को श्री प्रसाद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जिसके
द्वारा श्री प्रसाद को नव पदस्थापित कार्यालय म योगदान करने ं े ह तु े प्रतिनियुक्त करने का अनुरोध किया गया। (छाया प्रति संलग्न) अंचल अधिकारी विद्यापतिनगर के ज्ञापांक 443 दिनांक 16.07.2018 के द्वारा श्री प्रसाद को प्रखंड नजारत का प्रभार सौपने हेतु अगले आदेश तक प्रतिनियुक्त किया गया, फलस्वरूप श्री प्रसाद ने दिनांक 16. 07.2018 के अप0 में प्रखंड कार्यालय दलसिंहसराय में अपना योगदान किया। (छाया प्रति संलग्न) इस कार्यालय के ज्ञापांक 1371 दिनांक 09.08.2018 द्वारा प्रखंड नजारत का प्रभार श्री राज कुमार मिश्र, उ०व०लि० प्रखंड कार्यालय दलसिंहसराय को सौपने हेतु निदेशित किया गया। (छाया प्रति संलग्न) अंचल अधिकारी विद्यापतिनगर के ज्ञापांक 456 दिनांक 27.07.2018 द्वारा श्री —ष्णदेव प्रसाद को सीधे संबोधित करते हुए उन्हें अपने मूल कार्यालय मे योगदान देने ं हेतु निर्देशित कर इस कार्यालय से शीघ्र विरमित करने का अनुरोध किया गया। (छाया प्रति संलग्न) फलस्वरूप इस कार्यालय के ज्ञापांक 1480 दिनांक 27.08.2018 द्वारा श्री प्रसाद को अबतक प्रखंड नजारत का प्रभार नहीं सौंपने के कारण खेद प्रकट कर पुनः तीन दिनों के अंदर नजारत का प्रभार सौपते हुए प्रभार आदान-प्रदान करने संबंधी आदेश निर्गत किया गया। (छाया प्रति संलग्न) श्री —ष्णदेव प्रसाद उ०व०लि० -सह-तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय को इस कार्यालय द्वारा बार-बार निदे र्शित करने के बावजूद भी दिनांक 18.09.2018 तक प्रभार नहीं दिए जाने तथा अंचल अधिकारी विद्यापतिनगर के द्वारा पत्रों के माध्यम से कार्य बाधित होने संबंधी अनुरोध के फलस्वरुप इस कार्यालय के ज्ञापांक 1581 दिनांक 19.09.2018 द्वारा श्री प्रसाद को अपने मूल कार्यालय म योगदान करने ं े ह तु े आलोक मे ं जिलाधिकारी, समस्तीपुर के आदेश ज्ञापांक 689 दिनांक 30.09.2019 के द्वारा श्री प्रसाद को कारा निरोध की तिथि दिनांक 30. 08.2019 के प्रभाव से निलंबित किया गया है। श्री कृष्णदेव प्रसाद द्वारा अपने जवाब में यह लिखा गया है कि शेष राषि 78,20,699.00 रुपये का अभिश्रव काफी खोजबीन के पश्चात भी उपलब्ध नहीं हो पाया जो द्वेषवश श्री मिश्र के द्वारा नजारत से निकालकर अन्यत्र रख दिया गया था फलस्वरुप मुझ पर 78,20,699. 00 रुपये गबन का आरोप लगाकर निलंबित किया गया। परन्तु अपने जबाब में इनके द्वारा अपने बचाव पक्ष में कोई प्रमाण/साक्ष्य नहीं दिया गया है।
55 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 56 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024
आरोप सं0 आरोप श्री कृष्णदेव प्रसाद, निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर यथा आरोपी का जवाब/ स्पष्टीकरण उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी दलसिंहसराय का अभिकथन संचालन पदाधिकारी -सह-अपर समाहर्त्ता (जि0लो0षि0नि0) समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का जाँँच प्रतिवेदन /यथासंषोधित अधिगम/मंतव्य
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विरमित कर दिया गया। (छाया प्रति संलग्न) इस कार्यालय के ज्ञापांक 529 दिनांक 16.03.2019 द्वारा अंचल अधिकारी विद्यापतिनगर को श्री — ष्णदेव प्रसाद, तत्कालीन प्रखंड नाजिर को पुनः प्रखंड नजारत का प्रभार देने हेतु प्रतिनियुक्त करने का अनुरोध किया गया. (छाया प्रति संलग्न) जिसकी प्रति श्री प्रसाद को भी दी गई। श्री —ष्णदेव प्रसाद तत्कालीन नाजिर के द्वारा पत्र प्राप्ति के बाद दिनांक 25.03.2019 को प्रखंड नजारत दलसिंहसराय में उपस्थित होकर वर्तमान प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय को मो० 2,03,71,774. 75 (दो करोड़ तीन लाख इकहत्तर हजार सात सौ चौहत्तर रुपये एवं पैसे पचहत्तर) में मो० 1,25,51,075.00 (एक करोड़ पच्चीस लाख इक्यावन हजार पचहत्तर) रुपये मात्र का अभिश्रव सौपा गया। उक्त तिथि दिनांक 25.03.2019 को ही श्री राज कुमार मिश्र उ०व०लि० वर्तमान प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय द्वारा लिखित रूप से कार्यालय को सूचित किया गया कि तत्कालीन नाजिर द्वारा 78,20,699.75 असमायोजित अभिश्रव तथा सिंगल लौक का मात्र 2,996.94 राशि मे ं से कुल शेष राशि 78,23,696.69 का प्रभार अब तक जमा नहीं किया गया है। तत्पश्चात कार्यालय के पत्रांक 580 दिनांक 27.03.2019 निर्गत पत्र जो सीधे श्री —ष्णदेव प्रसाद तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय को संबोधित है, आदेश देते हुए कहा गया है कि वे अपना शेष अभिश्रव का प्रभार एक सप्ताह के अंदर समर्पित करे अन्यथा ं की स्थिति के लिए आप स्वयं जिम्मेवार माने जाएगें तथा इस आशय की सूचना वरीय पदाधिकारी को देते हुए आपके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकेगी। अंचल अधिकारी विद्यापतिनगर के ज्ञापांक 568 दिनांक 27.03.2019 के द्वारा प्रखंड नजारत दलसिंहसराय से
संबंधित अभिश्रव हस्ताक्षर पूर्ण करने तथा सम्पूर्ण प्रभार सौपने हेतु दिनांक 28.03.2019 से 30.03.2019 तक के लिए प्रतिनियुक्त किया गया। (छाया प्रति संलग्न) जिसके अनुपालनार्थ श्री प्रसाद द्वारा दिनांक 28.03.2019 को दलसिंहसराय प्रखंड में योगदान दिए। (छाया प्रति स लग्न) ं —ष्णदेव प्रसाद तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय ने अपने प्रतिनियुक्त अवधि में शेष बचे अभिश्रव तथा सिंगल लोक की राशि कुल मो० 78,23,696.69 (अठहत्तर लाख तेईस हज़ार छ. सौ छियानबे) रुपये) एवं पैसे उनहत्तर का प्रभार नहीं सौपे। उक्त से स्पष्ट है कि श्री —ष्णदेव प्रसाद तत्कालीन प्रखंड नाजिर द्वारा इतनी लंबी अवधि के बीत जाने तथा कार्यालय द्वारा बार बार विभिन्न माध्यमों से स्मारित करते रहने के बावजूद भी उक्त विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया, तत्पश्चात शेष अभिश्रव राशि मो० 78,23,696.69 (रु० अठहत्तर लाख तेईस हजार छः सौ छियानबे रु० उनहत्तर पैसे) मात्र की राशि को सरकारी राशि का गबन मानते हुए स्थानीय थाना दलसिंहसराय में पत्रांक 617 दिनांक 05.04.2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई। (छाया प्रति संलग्न) कार्यालय पत्रांक 1358 दिनांक 04.09.2019 के द्वारा जिलाधिकारी महोदय, समस्तीपुर को यह सूचना दी गयी कि अनुसंधान पर्यवेक्षक एवं पुलिस अधीक्षक महोदय के प्रतिवेदन 02 में यह काण्ड सत्य पाया गया एवं दिनांक 30.08.2019 को श्री प्रसाद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जिसके आलोक में जिलाधिकारी, समस्तीपुर के आदेश ज्ञापांक 689 दिनांक 30.09.2019 के द्वारा श्री प्रसाद को कारा निरोध की तिथि दिनांक 30.08.2019 के प्रभाव से निलंबित किया गया है। (छाया प्रति संलग्न) भवदीय को अवगत कराना है कि श्री प्रसाद के द्वारा अद्यतन तक बची हुई राशि एवं अभिश्रव के प्रभार सौपने के संबंध में कोई ठोस पहल नहीं की गयी है। अतः श्री प्रसाद क े विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की —पा की जाय। श्री
2 2. श्री —ष्णदेव प्रसाद, तत्कालीन प्रखण्ड नाजिर दलसिंहसराय को बार-बार पत्राचार करने के बावजूद आना कानी करते रहे अन्ततः उनके द्वारा कुल अभिश्रव की राशि मो0 2,03,71,774.00 रू० (दो करोड़ तीन लाख इकहत्तर हजार सात सौ चौहत्तर) मे ं से 1,25,51,075.00 (एक करोड़ पच्चीस लाख इक्यावन हजार पचहत्तर) मात्र का ही अभिश्रव सौपा गया तथा सिंगल लौक की कुल राशि मो0 2,996. 94 रू0 (दो हजार नौ सौ छियानवे एवं पैसे चौरानबे) कुल मो० 78,23,696.69 (अठहत्तर लाख तेईस हजार छः सौ छियानबे एवं पैसे उनहत्तर) मात्र का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया। 2.. श्री राज कुमार मिश्र उ॰व0लि0 के द्वारा जब नजारत का प्रभार श्री अंतेश कुमार नि0 व० लि0 को सौंपा गया तो असमायोजित अभिश्रव के प्रभार के क्रम मे उनके द्वारा उस ं अभिश्रव का प्रभार भी दिया गया जो मेरे कर्त्तव्य अवधि का था एवं राज कुमार मिश्र के द्वारा द्वेषतावश गायब किया गया था, फलस्वरुप श्री अंतेश कुमार को राज कुमार मिश्र द्वारा दिये गये प्रभार में रोकड़ बही में मेरे जिम्मे किसी प्रकार का राशि बकाया (देनदारी) नहीं पाया गया। (Anx-2 असमायोजित अभिश्रव प्रभार सूची) एवं (Anx-3 मुख्य रोकड़ बही प्रभार सूची) उपरोक्त उपरोक्त ( )
3. कन्डिका - 2 - मे ं वर्णित कुल राशि 78,23,696.69 रू० (अठहत्तर लाख तेईस हजार छः सौ छियानबे एवं पैसे उनहत्तर) का अप्राप्त असमायोजित अभिश्रव/राशि को सरकारी राशि का गबन मानते हुए स्थानीय थाना दलसिंहसराय में 3. संलग्न साक्ष्य के अवलोकन से भवदीय को स्पष्ट होगा कि Anx-1 मे मेरे द्वारा श्री मिश्र को दिये गये प्रभार में मुझ पर देनदारी अंकित किया गया एवं Anx-3 में श्री मिश्र के द्वारा श्री अंतेश कुमार को दिए गए प्रभार सूची मे मेरी देनदारी को ं शून्य कर दिया गया। उपरोक्त कंडिका (1) से (3) के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उपरोक्त उपरोक्त ( )
57 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 58 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 59 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024
आरोप सं0 आरोप श्री कृष्णदेव प्रसाद, निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर यथा आरोपी का जवाब/ स्पष्टीकरण उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी दलसिंहसराय का अभिकथन संचालन पदाधिकारी -सह-अपर समाहर्त्ता (जि0लो0षि0नि0) समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का जाँँच प्रतिवेदन /यथासंषोधित अधिगम/मंतव्य
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3 प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसका थाना काण्ड संख्या 84/19 दिनांक 06.04.2019 है। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने 'के कारण मेरा अभिश्रव श्री मिश्र के द्वारा गायब कर मुझ पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर निलंबित कराया गया। मै विगत ं 30-08-2018 से प्रशासनिक दुव्र्यवहार /मानसिक तनाव/ पारिवारिक व्यवस्था/बच्चों के पठन-पाठन/चिकित्सा इत्यादि से ग्रसित हूँ जबकि मेरे द्वारा किसी प्रकार का वित्तीय अनियमितता नहीं किया गया। अतः अनुरोध है कि मुझ पर चलाई जा रही विभागीय कार्रवाई को समाप्त करते हुए मुझे निलम्बन से मुक्त करने की —पा की जाय। इसके लिए मैं श्रीमान का सदा आभारी रहूँगा। उपरोक्त उपरोक्त ( )

श्री —ष्णदेव प्रसाद, निलंबित उ०व०लि० के विरूद्ध गठित आरोप, उक्त गठित आरोप पत्र पर उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, समर्पित स्पष्टीकरण पर उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य तथा वर्णित मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालनोपरांत समर्पित अभिलेखबद्ध जाँच प्रतिवेदन के परिशीलन एवं समीक्षा से यह बात पूर्णतः स्पष्ट है कि श्री प्रसाद के विरूद्ध अन्य आरोपों के साथ मो0 78,23,696.69 (अठहत्तर लाख तेईस हजार छः सौ छियानबे रू0 एवं पैसे उनहत्तर) रू0 गबन का आरोप पूर्णतः प्रमाणित हैं। श्री —ष्णदेव प्रसाद निलंबित उ०व०लि के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के समेकित विवेचना करने पर परिलक्षित होता है कि इनके विरूद्ध आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इनके द्वारा अपने पद का गलत उपयोग कर इतनी बड़ी लोक राशि का गबन किया गया है। श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रमाणित आरोप अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है। इनकी सेवा में रहने से अन्य सरकारी कर्मियों के कार्य प्रणाली पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है, एवं सरकारी कर्मियों के बीच गलत संदेश जायेगा।

CWJC N0- 8511/2020 कृष्णदेव प्रसाद बनाम्‌ बिहार राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिनांक 04.02.2021 को पारित आदेश के मुख्य बिन्दु निम्नवत हैः-

Learned counsel for the petitioner submits that subsistence allowance of suspension period has not been paid by the respondents.

Respondents are directed to paid the subsistence allowance to the petitioner.

श्री —ष्णदेव प्रसाद, का एक आवेदन दिनांक 29.09.2023 सानुलग्नक प्राप्त हुआ है, जिसमें दिनांक 29.08.2023 को CWJC N0- 8511/2020 में पारित आदेश के आलोक में उन पर चलायी जा रही विभागीय कार्रवाई समाप्त करते हुए निलंबन से मुक्त करने हेतु अनुरोध किया गया है। पारित आदेश निम्नवत हैः-

1- After the impugned order of suspension was imposed on the petitioner, proceeding have commenced under charge memo dated 24-01-2020.

2- Learned counsel for the petitioner submits that some direction be issued for expeditious conclusion.

3- The Court is not aware as to what is the stage of the proceeding. However, it is expected that, if not yet concluded the authorities will proceed with the matter expeditiously and without any undue delay.

4- With such observation and direction, the writ application is disposed of.

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माननीय न्यायालय द्वारा निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान करने संबंधी पारित आदेष स्पष्ट है। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3 में सरकारी सेवक को सदा पूरी शीलनिष्ठा रखने, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखने और ऐसा कार्य न करने का उल्लेख है जो सरकारी सेवक के लिए अषोभनीय है। इन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) किये जाने का पर्याप्त/यथेष्ट कारण है एवं इन्हें वृहद दण्ड दिया जाना अपेक्षित है। श्री —ष्णदेव प्रसाद, उ०व०लि०(निलंबित)-सह-तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय, सम्प्रति अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर (निलंबन अवधि में मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय दलसिंहसराय) के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों से सहमत होते हुए मैं योगेन्द्र सिंह, भा0प्र0से0, समाहर्त्ता-सह-जिला दण्डाधिकारी समस्तीपुर, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 (यथा संशोधित 2007) के नियम-14 (xi) के तह्‌त निहित शास्तियों के आलोक में श्री —ष्णदेव प्रसाद, उ०व०लि०(निलंबित)-सह-तत्कालीन प्रखंड नाजिर दलसिंहसराय, सम्प्रति अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर को आदेश निर्गत की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी।

श्री —ष्णदेव प्रसाद, को आदेष दिया जाता है कि उन पर प्रखंड नजारत दलसिंहसराय से संबंधित कुल गबन की गयी राशि/अधिरोपित वसूलनीय राशि मो0 78,23,696.69 रू0 (रू0 अठहत्तर लाख तेईस हजार छः सौ छियानबे एवं पैसे उनहत्तर) आदेश प्राप्ति के 30 दिनों के अंदर अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर में जमा करे, अन्यथा Public Demand and Recovery Act के अंतर्गत वसूल करने की कार्रवाई की जायेगी, जिस हेतु अंचल अधिकारी विद्यापतिनगर को प्राधिकृत किया जाता है।

उपरोक्त आशय की प्रविष्टि श्री —ष्णदेव प्रसाद के सेवा पुस्त में लाल स्याही से अंकित की जायेगी। उक्त आदेष के साथ इनके विरूद्ध चल रही विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया समाप्त की जाती है। 1. नाम - श्री कृष्णदेव प्रसाद 2. पिता का नामः - स्व0 बाल गोविन्द प्रसाद 3. पदनाम - उ॰व॰लिपिक 4. जन्मतिथि - 15.06.1967 5. नियुक्ति की तिथिः - 22.02.1988 6. कार्यालय का नाम - अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर 7. वेतनबैंड एवं ग्रेड पे/वेतन स्तर - PB1-5200-20200 ग्रेड पे-2400 सप्तम पुनरीक्षित वेतन

में मूल वेतन 41000.00

8. स्थायी पताः - ग्राम-सलखनी, पत्रालय-मुखतियारपुर, थाना-दलसिंहसराय,

जिला-समस्तीपुर। । ——— vkns'k सं॰ (XVII-19/2019-23)-04 (मु॰)स्था॰—अंचल अधिकारी, मोरवा के पत्रांक 788 दिनांक 10.09.2021, पत्रांक 832 दिनांक 17.09.2021 तथा पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-1068/अप॰षा॰ दिनांक-13.09. 2021 के द्वारा सूचित किया गया है कि परिवादी श्री विरेन्द्र सिंह, पिता स्व॰ राजेन्दर सिंह, ग्रामपोस्ट लरूआ, अंचल-मोरवा थाना-ताजपुर, जिला-समस्तीपुर, द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में दिनांक-03.09.2021 को षिकायत दर्ज कराया गया था कि आरोपी श्री दयाषंकर प्रसाद, प्रभारी अंचल निरीक्षक-सह-राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, मोरवा के द्वारा जमीन का दाखिल-खारिज करने के लिए रिष्वत की मांग की जा रही है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम के द्वारा उक्त मामले का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में आरोपी द्वारा रिष्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। सत्यापनकर्त्ता द्वारा समर्पित सत्यापन प्रतिवेदन पर निगरानी थाना कांड संख्या-37/2021, दिनांक-09.09.21, धारा-7(a) भ्र॰नि॰अधि॰ 1988 (संषोधित 2018) श्री दयाषंकर प्रसाद, प्रभारी अंचल निरीक्षक-सह-राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, मोरवा के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।

इस क्रम में श्री प्रसाद को 50,000.00रू0 (पचास हजार रू0) रिष्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर माननीय विषेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेषानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत में शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में भेज दिया गया।

तद्‌ालोक में कार्यालय ज्ञापांक 486/स्था0 दिनांक 18.10.2021 के आलोक में श्री दयाषंकर प्रसाद, प्रभारी अंचल निरीक्षक-सह-राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, मोरवा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(2)(क) के तहत्‌ दिनांक-09.09.2021 के प्रभाव से निलंबित किया गया, साथ ही अंचल अधिकारी, मोरवा को श्री प्रसाद, के विरूद्ध प्रपत्र "क" में आरोप पत्र गठित कर भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, समस्तीपुर एवं अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के माध्यम से भेजने हेतु निदेषित किया गया।61 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 417/सा॰ दिनांक 03.03.2022 के आलोक में श्री दयाषंकर प्रसाद के विरूद्ध प्रपत्र "क" में आरोप पत्र गठित कर अनुमोदन हेतु प्राप्त हुआ। प्रपत्र "क" के अनुमोदनोपरांत कार्यालय ज्ञापांक 473/स्था0 दिनांक 29.03.2022 के आलोक में गठित आरोप पत्र पर श्री प्रसाद से अभिकथन की मांग की गई। आरोप की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय ज्ञापांक 692/स्था0 दिनांक 28.05.2022 के आलोक में श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु अपर समाहर्त्ता, (वि0जाँ)-सह-जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, समस्तीपुर को संचालन पदाधिकारी, एवं अंचल अधिकारी, मोरवा को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

प्रष्नगत मामले में स्ांचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता,(लो॰षि॰नि॰)-सह-जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी समस्तीपुर के पत्रांक 287/जि0लो॰षि॰नि॰ दिनांक 21.09.2023 के आलोक में सुनवाई अभिलेख के साथ जाँच प्रतिवेदन/अधिगम प्राप्त हुआ।

श्री दयाषंकर प्रसाद, प्रभारी अंचल निरीक्षक-सह-राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, मोरवा के विरूद्ध गठित आरोप, आरोपी का जवाब/स्पष्टीकरण, उपस्थापन पदाधिकारी का अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की संक्षिप्त विवरणी निम्नवत हैः-

आरोप सं॰ आरोप श्री दयाषंकर प्रसाद (सेवानिवृत) राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय मोरवा का यथा आरोपी का जवाब उपस्थापन पदाधिकारी -सह-अंचल अधिकारी, मोरवा का प्रतिवेदन संचालन पदाधिकारी -सह- अपर समाहर्त्ता (लो॰ षि॰ नि॰) समस्तीपुर, का जाँच प्रतिवेदन/अधिगम/ मंतव्य
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1 श्री दयाषंकर प्रसाद, राजस्व कर्मचारी द्वारा दिनांक 09.09. 2021 को निगरानी थाना काण्ड संख्या-37/2021 दिनांक-09. 09.2021 में मो॰-50,000/- (पचास हजार रू0) मात्र रूपया रिष्वत लेते मोरवा अ चल ं कार्यालय के समीप किराये पर लिये गये श्री मनीष ठाकुर के मकान में इनके निजी कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कर्मी द्वारा अपना जवाब दिनांक-16.06.2022 को प्रस्तुत किया गया। जिसमें वर्णित है कि ''विनयपूर्वक कहना है कि आरोप पत्र के परिशिष्ट-1 में अंकित सूचनाएँ सार्थक है। 2. विदित हो कि आरोप पत्र के द्वितीय भाग में लगाये गए आरोप सार्थक तथ्यों से परे है, दिनांक 09.09.21 को अंचल अधिकारी महोदया, मोरवा हरतालिका तीज के अवसर पर आकस्मिक अवकाश मे ं थे फिर भी उनके द्वारा आरोप गठन में बताया गया है कि दिनांक-09.09.21 को 50,000/- (पचास हजार) रुपये मात्र रिश्वत लिया गया जो सार्थक तथ्य से परे है। 3. विदित हो कि दिनांक-09. 09.21 को विरेन्द्र सिंह अपने ग्राम लड़ुआ से कुछ ग्रामीण एवं विजिले स ं के कई व्यक्तियों के साथ एकाएक संध्या वेला मे आ धमके तथा ं अपने हाथ में रखे पैसे को मुझे लेने हेतु बाध्य किया, पैसा लेने से इनकार करने पर उन्होंने पूर्व से बनाये षडयंत्र के अनुरूप हाथ में रखे पैसे को नीचे फे क ं दिया, तत्पश्चात्‌ विजिलेंस के लोगों ने मुझे प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक-09.09.2021 को निगरानी थाना काण्ड सं॰-37/2021 दिनांक-09.09.2021 में श्री दयाषंकर प्रसाद राजस्व कर्मचारी -सह-अंचल निरीक्षक अंचल मोरवा को मो॰- 50,000/- रूपया रिष्वत लेते हुए मोरवा अंचल कार्यालय के समीप किराये पर लिए गऐ श्री मनीष ठाकुर के मकान उनके निजी कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। श्री अरूण पासवान पुलिस उपाधीक्षक के द्वारा अभियुक्त को पुछताछ उपरान्त माननीय न्यायालय मुजफ्फरपुर उपस्थित किया गया था। निगरानी ब्यूरो दूरभाष से अभियुक्त दयाषंकर प्रसाद राजस्व कर्मचारी के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त किया गया। अनुलग्नकः- 1. प्रेस विज्ञप्ति 2. पत्रांक- 788 दिनांक- 10.09.2021 3. प्राथमिकी की प्रति आरोपी कर्मी के विरूद्ध लगाये गये आरोप एवं आरोपी कर्मी के द्वारा समर्पित जबाब तथा उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के विवेचनोपरान्त स्पष्ट होता है कि आरोपी कर्मी के विरूद्ध रिष्वत लेते हुये रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने का आरोप है। सभी आरोप श्री दयाषंकर प्रसाद, निलंबित राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, मोरवा से संबंधित है। उक्त आरोप के आलोक में उपस्थापन पदाधिकारी -सह-अंचल अधिकारी, मोरवा ने जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया है। जिसमें अंकित किया है कि प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक-09.09.2021 को निगरानी थाना काण्ड सं॰- 37/2021 दिनांक-09.09.2021 में श्री दयाषंकर प्रसाद राजस्व कर्मचारी-सह-अंचल निरीक्षक अंचल मोरवा को मो॰- 50,000/-
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आरोप सं॰ आरोप श्री दयाषंकर प्रसाद (सेवानिवृत) राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय मोरवा का यथा आरोपी का जवाब उपस्थापन पदाधिकारी -सह-अंचल अधिकारी, मोरवा का प्रतिवेदन संचालन पदाधिकारी -सह- अपर समाहर्त्ता (लो॰ षि॰ नि॰) समस्तीपुर, का जाँच प्रतिवेदन/अधिगम/ मंतव्य
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धक्का-मुक्की कर जमीन पर गिरे पैसे को उठाने हेतु काफी दवाब दिया, अकेलापन के कारण भय में मैंने जमीन पर गिरे पैसे को उठाया जो विजिलेंस के लोगो ने अपने पास रख ं लिया। जिससे स्वतः स्पष्ट है कि मैंने रिश्वत नहीं लिया था। 4. यह कि विरेन्द्र सिंह ने दाखिल खारिज के लिए ऑनलाईन आवेदन करने के बाद अपने प्राप्ति प्रति को लेकर मेरे पास आया था, जिसे देखकर मैंने कहा कि यह Not Final Survey का है साथ ही निबंधन संख्या नहीं है. बिना निबंधन का दाखिल खारिज नहीं होता है, इसके आधार बँटवारा दाखिल खारिज होना संभव नहीं है, वैसे आप अंचल अधिकारी से मिले, दाखिल खारिज करने का अधिकार उन्हीं का है, इतना कहते ही विरेन्द्र सिंह ने मुझे कहा कि ''ठीक है'', ''आप हट जायेंगे तब तो खतियान काम होगा।'' RS पृष्ट 11 से 16 छाया प्रति। 5. विदित हो कि इस धमकी भरे बातों को मैं नहीं समझ सका एवं कार्यालय से Hard Copy प्राप्त होने के पूर्व ही दिनांक 09.09.21 को सूचक विरेन्द्र सिंह के द्वारा एक साजिश के तहत घटना का अंजाम दिया. ताकि अगले कर्मचारी से कार्य करवाने में सुविधा हो, जो विजिलेंस के मिलीभगत का परिचायक है। 6. यह कि विरेन्द्र सिंह का ऑनलाईन आवेदन कार्यालय से मुझे नहीं मिला था। उनके द्वारा दिखाये गए ऑनलाईन आवेदन पर मैंने चर्चा की थी रूपया रिष्वत लेते हुए मोरवा अंचल कार्यालय के समीप किराये पर लिए गऐ श्री मनीष ठाकुर के मकान उनके निजी कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। श्री अरूण पासवान पुलिस उपाधीक्षक के द्वारा अभियुक्त को पुछताछ उपरान्त माननीय न्यायालय मुजफ्फरपुर में उपस्थित किया गया था। निगरानी ब्यूरो दूरभाष से अभियुक्त दयाषंकर प्रसाद राजस्व कर्मचारी के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त किया गया। उपरोक्त के आधार पर आरोपी कर्मी के विरूद्ध आरोप पूर्णतः प्रमाणित होता है।
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आरोप सं॰ आरोप श्री दयाषंकर प्रसाद (सेवानिवृत) राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय मोरवा का यथा आरोपी का जवाब उपस्थापन पदाधिकारी -सह-अंचल अधिकारी, मोरवा का प्रतिवेदन संचालन पदाधिकारी -सह- अपर समाहर्त्ता (लो॰ षि॰ नि॰) समस्तीपुर, का जाँच प्रतिवेदन/अधिगम/ मंतव्य
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जो उनके पक्ष अनुषंसा करने योग्य नहीं था। मौजे लडुआ Not Final है, जिस पर किसी तरह का कार्यवाही करने का अधिकार माननीय उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के अलावा किसी और को नहीं है। जिसका अनुपालन करने के कारण विरेन्द्र सिंह ने अपने स्वार्थ में मेरे भविष्य के साथ विजिलेंस की मिलीभगत से खिलवाड़ कर दिया है। बिहार विशेष सवे र्क्षण एवं बन्दोवस्त अधिनियम, 2011 के कंडिका अधिनियम (23) का अवलोकन पृष्ट 19 पर करने की —पा की जाय। 7. विरेन्द्र सिंह के द्वारा निगरानी को दिए आवेदन में 60,000/- (साठ हजार रूपये रिश्वत मांगे जाने की बात कही गई है, जो गलत काम जबरन कराने की मनगढ़ंत आरोप है। जिसमें निगरानी वालों ने इन्हें षडयंंत्र रचने में काफी मदद की है। जबकि दिनांक 09.09.21 को निगरानी वाले को मैंने स्पष्ट कहा था कि इस कार्य को अंचलाधिकारी से करवाने के लिए मुझे जान भी मार दी जाय तब भी मुझसे संभव नहीं है । 8. यह कि उक्त बातें कहते ही विजिलेंस के एक व्यक्ति ने मुझे कहा कि अगर आप लिखकर मुझे दें कि अंचलाधिकारी रिश्वत लेती है तो मैं आपको अभी छोड़ दूँगा। इन बातों को लिखने से मैं इंकार कर दिया, जिस कारण विजिलेंस की टीम ने मुझे अपने गिरफ्त मे ले ं लिया। 9. यह कि निगरानी अधीक्षक सह थानाध्यक्ष निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के प्रतिवेदित अनुसंधान पत्र में परिचारी के द्वारा बताया गया है कि दिनांक 07.09.21 को विरेन्द्र सिंह सहित निगरानी क े व्यक्ति मेरे पास पहु ँचे थे, जिसमें मेरा उम्र 40 वर्ष बताया गया है जबकि परिषिष्ट (1) आरोप पत्र प्रथम भाग के कंडिका (4) में मेरे सेवानिवृत की अवधि दिनांक 30.06.22 स्पष्ट है, इस प्रकार मेरा उम्र 60 वर्ष की होने वाली है। विरेन्द्र सिंह तथा विजिलेंस वालो ने 40 (चालीस) वर्ष के किस व्यक्ति से मिलकर अनुसंधान एवं आरोप गठन किया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। यदि विरेन्द्र सिंह का कार्य उनके अनुसार सही था तो इस संबंध मे उन्हें विजिलेंस से ं पूर्व वरीय पदाधिकारी को आवेदन देना चाहिए था लेकिन यह स्पष्ट है कि जाल रचने के लिए किसी अन्य व्यक्ति को मेल मे लाकर ं अनुसंधान का प्रारूप तैयार किया गया, जिसमें विरेन्द्र सिंह एवं विजिलेंस का मिलिभगत है। पृष्ठ 9 ... अवलोकन किया जाय। 10. यह कि आरोप आवेदन में 60,000/-(साठ हजार रुपये) रिश्वत मांगे जाने की बात कही गई है एवं दिनांक 09. 09.21 को घटना की तिथि में 50,000/- (पचास हजार) रूपये लेने की बात लिखा गया है. जिससे स्वतः स्पष्ट है कि रिश्वत मांगे जाने की लांछना गलत है। इससे इनका डिमांड सिद्ध नहीं होता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय अपील वाद संख्या- 696-2014/Crl No- 2085/2012 B-JAYARAJ VS STATE OF AP के आदेश कंडिका (7) के पृष्ठ 26 का अवलोकन किया जाय। 11. यह कि पोस्ट ट्रेप मेमोरे डम ं में स्पष्ट रूप से विजिलेंस के द्वारा गवाह एवं सूचक का नाम पता दिया गया है जो एक ही स्थान के हैं भारतीय Evidence Act के अंतर्गत सूचक एवं गवाह Prevention of Corruption Act में एक ही जगह के नहीं हो सकते हैं, लेकिन इस वाद में सूचक विरेन्द्र सिंह एवं दोनों गवाह एक ही स्थान ग्राम लडुआ से हैं, छाया प्रति पृष्ठ 30 अवलोकन किया जाय। 12. यह भी बहुत गौर करने योग्य बात है कि सूचक एवं दोनों गवाह 15 किमी0 से ज्यादा की दूरी तय कर एक ही समय और एक ही स्थान घटना स्थल मोरवा निजी स्थान पर पहु ँच गए। जिससे यह स्पष्ट होता है कि षडयंत्र का जाल रचकर इस घटना का अंजाम दिया गया है। 13. यह कि अपर प ुलिस अधीक्षक सह थानाध्यक्ष के धावा दल के अंकित पारा पृष्ठ 31 का अवलोकन किया जाय, उनके द्वारा लिखा गया है कि धावा दल सदस्य Covid-19 से बचाव हेतु निर्गत दिशा-निदे र्शो ं को ध्यान में रखते हुए मास्क, गलब्स एवं सेनिटाईजर का उपयोग करते हुए कार्य करेंगे। लेकिन जाल फरेब करने में विरेन्द्र सिंह एवं विजिलेंस वाले इतना मसगुल थे कि उक्त नियमों का धज्जियाँ उड़ाते हुए एक निरंकुश शासक की तरह मेरे जान को गहरे खतरे में डाल दिया, यह मिडिया मे ं उपस्थित चित्र से पूर्णतः स्पष्ट है। जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार आपातकाल की स्थिति मे भी ं अनुच्छेद 21 (Right to life) को छीनने का अधिकार किसी को नहीं है। पृष्ठ 32 एवं 33 अवलोकन किया जाय। क्रमांक 1 से 13 तक गठित आरोप पत्र के आलोक में मैं दिनांक 08.04.2022 को अभिकथन प्रस्तुत कर चुका हूँ। 14. यह कि दिनांक 24.02. 2022 को मैंने एक प्रार्थना आवेदन के साथ माननीय सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के Civil Appeal No-1912 of 2015 (Arising out of SPL C No- 31761 of 2013) आदेश की प्रति प्रस्तुत किया था जिसमें निलंबन अवधी मात्र तीन माह की है जबकि मै दस ं माह से निलंबित ह ँ। जो ू आवेदन वर्तमान समय तक माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश प्रति के साथ कार्यालय में लंबित है। पृष्ठ सं0-51.. छाया प्रति अवलोकन किया जाय। विदित हो कि मैं दिनांक 30.06.22 को सेवानिवृत होने जा रहा हूँ। 14. यह कि उक्त बिन्दुओं का अवलोकन करने से स्वतः स्पष्ट है कि गलत काम नहीं करने के कारण मुझे रास्ते से हटाने के लिए जाल रच कर इस साजिश को अंजाम दिया गया है। अतः श्रीमान्‌ से विनम्र प्रार्थना है कि वर्णित सार्थक तथ्यों को अवलोकन करते हुए म झे ु निलम्बन से मुक्त करने की —पा की जाय।''
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अंचल अधिकारी, मोरवा के पत्रांक 788 दिनांक 10.09.2021 के द्वारा संसूचित है कि निगरानी जाँच दल द्वारा दिनांक 09.09.2021 को 50,000.00 रिष्वत लेते हुए श्री दयाषंकर प्रसाद, कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक, अंचल कार्यालय मोरवा, जिला समस्तीपुर को गिरफ्‌तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक 1303/अप0षा0 दिनांक 01.11.2021 द्वारा तत्समय संसूचित है कि अनुसंधानकर्त्ता श्री सिकंदर मंडल, पुलिस निरीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना द्वारा समर्पित अभियोजन स्वीकृति प्रस्ताव में निहित तथ्यों से सहमत होते हुए प्राथमिकी अभियुक्त श्री दयाषंकर प्रसाद, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक अंचल कार्यालय मोरवा, जिला समस्तीपुर के विरूद्ध धारा 7(a) भ्र0नि0अधि0 1988 (संषोधित 2018) के तहत अभियोजन स्वीकृति आदेष की मांग की गयी थी। पत्र के साथ संलग्न श्री सिकन्दर मंडल पुलिस निरीक्षक-सह-अनुसंधानकर्त्ता अन्वेषण ब्यूरो बिहार पटना के प्रतिवेदन में यह स्पष्ट रूप से वर्णित है कि परिवादी श्री विरेन्द्र सिंह से 50,000.00 रू0 रिष्वत लेते हुए निगरानी धावा दल द्वारा श्री प्रसाद रंगे हाथ गिरफ्‌तार किये गये थे।

संलग्न कागजातों के अवलोकन से प्रतीत होता है कि भूमि के दाखिल-खारीज करने के क्रम में श्री दयाषंकर प्रसाद राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक अंचल कार्यालय मोरवा, के द्वारा उक्त कार्य सम्पादन के एवज में रिष्वत की मांग की गयी थी। श्री दयाषंकर प्रसाद, निगरानी धावा दल द्वारा रंगे हाथ गिरफ्‌तार किये गए थे, तद्‌नुसार उनके विरूद्ध लगाये गए आरोप प्रमाणित होते है।

श्री दयाषंकर प्रसाद का एक आवेदन दिनांक 10.10.2023 सानुलग्नक प्राप्त हुआ है, जिसमें दिनांक 25.09.2023 को CWJC N0- 7585/2023 दयाषंकर प्रसाद बनाम्‌ बिहार राज्य एवं अन्य में पारित आदेष के आलोक में निलंबन अवधि का बकाया वेतन, उपदान की राषि, बकाया वेतन, ग्रुप बीमा की राषि का भुगतान करते हुए पेंषन निर्धारण करने का आदेष करने हेतु अनुरोध किया गया है।

CWJC N0- 7585/2023 दयाषंकर प्रसाद बनाम्‌ बिहार राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिनांक 25.09.2023 को पारित आदेष के मुख्य बिन्दु निम्नवत हैः-

2-Learned counsel appearing on behalf of the petitioner informs this Court that in view of the departmental proceeding pending against the petitioner, petitioner has been denied pension, group insurance, earned leave and difference of salary during his suspension period. Learned counsel further submits that earned leave is also the part of the salary and the same has been denied by the authorities concerned in illegal manner. petitioner submits that he is entitled for all the retiral dues, as claimed for in the present writ petition, and the same may be paid to him in accordance with law. Learned counsel further submits that the petitioner has given instruction that he will file a detailed representation before the District Magistrate-cum- Collector, Samastipur for redressal of his grievance, as claimed for in the present writ petition. 3-Considering the aforesaid specific submission made on behalf of petitioner, the District Magistrate-cum-Collector, Samastipur is directed to dispose of the representation of the petitioner in accordance with law as well as he must take necessary action to make payment in accordance with the provision of Rule 40(c) of Bihar Pension Rules, 1959 within a period of six weeks from the date of communication of the order and make payment of the admissible dues in accordance with law within the aforesaid period. The writ petition is disposed of.

माननीय न्यायालय द्वारा विहित प्रावधानों के तहत आवष्यक कार्रवाई करने संबंधी आदेष स्पष्ट है। वस्तुतः कार्यालय पत्रांक 973/स्था0 दिनांक 10.08.2023 के आलोक में वित्त विभाग के पत्रांक 9144/वि0 दिनांक 22.08.1974 एवं ज्ञापांक 11260/वि0 दिनांक 31.10.2074 में निहित प्रावधानों के तहत आवष्यक कार्रवाई करने के निमित्त अंचल अधिकारी मोरवा को पूर्व में ही निदेषित किया गया है।

श्री दयाषंकर प्रसाद, राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक,(सेवानिवृत) अंचल कार्यालय मोरवा, के विरूद्ध गठित आरोप, उक्त गठित आरोप पत्र पर उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, समर्पित स्पष्टीकरण पर उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य तथा वर्णित मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालनोपरांत समर्पित अभिलेखबद्ध जाँच प्रतिवेदन के परिशीलन एवं समीक्षा से यह बात पूर्णतः स्पष्ट है कि श्री प्रसाद के विरूद्ध लगाये गए आरोप प्रमाणित है।

श्री दयाषंकर प्रसाद के विरूद्ध लगाये गए आरोप एक ऐसे misconduct को सिद्ध करता है जो किसी सरकारी सेवक से अपेक्षित नहीें है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय एवं सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध चलायी जा रही निरंतर मुहिम के आलोक में अपेक्षा की जाती है कि सरकारी सेवक का आचरण beyond reproach हो। यह भ्रष्ट आचरण मात्र प्रतिवादी के विरूद्ध भ्रष्टाचार का मामला नहीं है वरन्‌ भ्रष्टाचार की कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास भी है।

श्री दयाषंकर प्रसाद के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के समेकित विवेचना करने पर परिलक्षित होता है कि इनके विरूद्ध आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3 में सरकारी सेवक को सदा पूरी68 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 शीलनिष्ठा रखने, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखने और ऐसा कार्य न करने का उल्लेख है जो सरकारी सेवक के लिए अषोभनीय है।

उपलब्ध साक्ष्यों एवं कागजातों, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन तथा आरोपी के कारण पृच्छा के समीक्षोपरांत आरोपी के विरूद्ध गठित आरोप संख्या 01 संबंधी आरोप पूर्णतः प्रमाणित होते हैं। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोप से सहमत होते हुए मैं योगेन्द्र सिंह, भा0प्र0से0, समाहर्त्ता-सह-जिला दण्डाधिकारी समस्तीपुर, बिहार पेषन नियमावली नियम 43(b) में तह्‌त निहित प्रावधानों के तहत श्री दयाषंकर प्रसाद राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक (सेवानिवृत) अंचल कार्यालय, मोरवा से कुल 02 वर्ष की अवधि हेतु उनके पेंषन से 20% की राषि की कटौती करने का आदेष देता हूँ। इस आशय की प्रविष्टि श्री दयाषंकर प्रसाद के सेवा पुस्त में लाल स्याही से अंकित की जायेगी। उक्त आदेष के साथ इनके विरूद्ध चल रही विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया समाप्त की जाती है।

श्री दयाषंकर प्रसाद से संबंधित विवरणी निम्नवत है।

1. नाम - श्री दयाषंकर प्रसाद 2. पिता का नामः - स्व॰ राधाकृष्ण लाल 3. पदनाम - राजस्व कर्मचारी (निलंबित) (सेवानिवृत) 4. जन्मतिथि - 11.06.1962 5. नियुक्ति की तिथि - 07.01.1992 6. कार्यालय का नाम - अंचल कार्यालय मोरवा 7. ग्रेड पे एवं वेतनमान - 4800(47,600-1,51,100) 8. स्थायी पता - ग्रामपोस्ट-वैनी, जिलाः-समस्तीपुर। । ———

सं॰ (XVII-19/19)-1419 (मु॰)स्था॰—पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक एस0आर0ः-017/2019 निग0-950/अप0षा0, दिनांक 24.04.2019 के द्वारा सूचित किया गया है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावा दल द्वारा दिनांक 18.04.2019 को परिवादी श्री रवीन्द्र कुमार साह से श्री प्रभाकर कुमार सिंह, अंचल नाजिर (उ0व0लि0) अंचल कार्यालय सरायरंजन को 8,000.00 (आठ हजार रू0) रिष्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्‌तार कर माननीय विषेष न्यायाधीष, निगरानी, मुजफ्‌फरपुर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँँ से आदेषानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत में शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्‌फरपुर में भेजा गया है। श्री प्रभाकर कुमार सिंह, के विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या-017/2019 दिनांक 18.04.2019, धारा-7(a) भ्र0नि0अधि0, 1988(संषोधित अधिनियम 2018) दर्ज किया गया है। तद्‌ालोक में कार्यालय ज्ञापांक 376/स्था0 दिनांक 19.06.2019 के आलोक में श्री प्रभाकर कुमार सिंह, उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय सरायरंजन को कारा-निरोध की तिथि यथा दिनांक 18.04.2019 के प्रभाव से निलंबित किया गया। अंचल अधिकारी, सरायरंजन को श्री प्रभाकर कुमार सिंह के विरूद्ध प्रपत्र "क" में आरोप पत्र गठित कर अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के माध्यम से भेजने हेतु निदेषित किया गया।

भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, समस्तीपुर के पत्रांक 1258/भू0सु0 दिनांक 28.10.2019 के आलोक में अंचल अधिकारी, सरायरंजन द्वारा अग्रसारित एव अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर द्वारा हस्ताक्षरित श्री प्रभाकर कुमार सिंह के विरूद्ध प्रपत्र "क" में आरोप पत्र गठित कर अनुमोदन हेतु प्राप्त हुआ। प्रपत्र "क" के अनुमोदनोपरांत कार्यालय ज्ञापांक 827/स्था0 दिनांक 14.12. 2019 के आलोक में गठित आरोप पत्र पर अभिकथन की मांग हेतु श्री प्रभाकर कुमार सिंह से पत्राचार की गई। जमानत पर छूटने के पश्चात्‌ दिनांक 28.01.2020 को अंचल कार्यालय सरायरंजन में श्री प्रभाकर कुमार सिंह के द्वारा अपने योगदान संबंधी आवेदन दिये जाने एवं उन पर गंभीर आरोप के कारण कार्यालय ज्ञापांक 198/स्था0 दिनांक 12.03.2020 के आलोक में उन्हें दिनांक 28.01.2020 के प्रभाव से पुनः निलंबित किया गया एवं निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, कार्यालय रोसड़ा निर्धारित किया गया।

कार्यालय ज्ञापांक 305/स्था0 दिनांक 07.07.2020 के आलोक में श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर को संचालन पदाधिकारी, एवं अंचल अधिकारी सरायरंजन को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए 03 माह के अंदर विभागीय कार्यवाही पूर्ण करते हुए संगत अधिगम प्रस्तुत करने हेतु निदेशित किया गया। स्ांचालन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 1265/सा0 दिनांक 21.09.2021 के आलोक में सुनवाई अभिलेख के साथ अधिगम प्राप्त हुआ एवं पत्रांक 2264/सा0 दिनांक 24.09.2022 के आलोक में समर्पित अधिगम पर स्पष्ट मंतव्य एवं पत्रांक 2365/स्था0 दिनांक 31.08.2023 द्वारा समर्पित अधिगम पर पुनः सुस्पष्ट मंतव्य प्राप्त हुआ। श्री प्रभाकर कुमार सिंह, उच्च वर्गीय लिपिक, (निलंबित) अंचल कार्यालय सरायरंजन के विरूद्ध गठित आरोप, आरोपी का जवाब/स्पष्टीकरण, उपस्थापन पदाधिकारी का अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की संक्षिप्त विवरणी निम्नवत हैः-69 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024

आरोप सं0 आरोप श्री प्रभाकर कुमार सिंह, निलंबित, उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय सरायरंजन यथा उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, सरायरंजन का अभिकथन संचालन पदाधिकारी -सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का जाँँच प्रतिवेदन/ अधिगम/मंतव्य
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1 श्रीमती ललिता देवी, पतिः-स्व0 सोने लाल साह, ग्रा0पोस्टः-भगवतपुर के द्वारा नवम्बर 2018 में दिये गये नापी आवेदन के आलोक में आवेदिका के पुत्र श्री रविन्द्र कुमार साह, पिताः-स्व0 सोने लाल साह, ग्रामः-भगवतपुर से रिष्वत के रूप में आठ हजार रू0 लेते निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के धावा दल के द्वारा रंगे हाथों दिनांक 18.04.2019 को गिरफ्‌तार किया गया एवं माननीय विषेष न्यायाधीष, निगरानी मुजफ्‌फरपुर के न्यायालय में उपस्थित किया गया जहाँ से आदेषानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत मे ं शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्‌फरपुर में भेजा गया। 1. आवेदिका ललिता देवी पति स्व0 सोनेलाल साह, ग्रामपोस्टः-भगवतपुर के द्वारा दिनांक 15.11.2018 को अपने ननिया सास से प्राप्त 06 डी0 जमीन खाता स ख्या ं 1421 खेसरा 4495 के मापी ह तु े आवेदन प्रस्तुत किया गया था। (ANX-I) 2-भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, समस्तीपुर के पत्रांक 903/भू0सु0 दिनांक 15.06. 2018 तथा जिला पदाधिकारी समस्तीपुर के ज्ञापांक 562/स्था0 दिनांक 02.06.2018 के द्वारा सम्पूर्ण अनुमंडल क्षेत्र समस्तीपुर के लिए मात्र दो अमीन पदस्थापन के कारण निजी जमीन के नापी के लिए प्राप्त आवेदन के संबंध में अमीन प्रतिनियुक्ति हेतु अधियाचना प्रस्तुत करने का निदेष दिया गया था। (ANX-II) 3. दिनांक 26.12.2018 को आवेदिका के कार्यालय आने पर उनसे मापी षुल्क की राषि 1000.00 (एक हजार) नाजिर रसीद के माध्यम से जमा करने को कहा गया तो आवेदिका के द्वारा संध्या तक राषि जमा करने की बात कही गई, जिस परिप्रेक्ष्य में मेरे द्वारा भू0सु0 उप समाहर्त्ता, समस्तीपुर के नाम अमीन प्रतिनियुक्ति ह त े ु अधियाचना पत्र तैयार किया गया, परंतु अमानत शुल्क जमा नहीं किए जाने के कारण तैयार पत्र पदाधिकारी से हस्ताक्षरित नहीं कराया जा सका। (ANX-III) पुनः लगभग दस कार्य 4- दिवस व्यतीत हो जाने के उपरांत आवेदिका द्वारा अमीन प्रतिनियुक्ति की जानकारी हेतु सम्पर्क किया गया तो मेरे द्वारा उनसे कहा गया कि नये नाजीर बाबू इस कार्यालय में योगदान उपस्थापन पदाधिकारी-सह- अंचल अधिकारी सरायरंजन ने अपने पत्रांक 31 दिनांक 07.01.2021 के द्वारा वर्णित मामले में अपना मंतव्य प्रस्तुत किया है। जो निम्न प्रकार हैः- श्री रविन्द्र कुमार साह की माता ललिता देवी के द्वारा 15.11.2018 को नापी ह त े ु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस अंचल मे ं अमीन नहीं थे, जिस कारण अमीन को नियुक्त नहीं किया जा सका जिस कारण श्री रविन्द्र कुमार साह को लगता था कि प ्रभाकर कुमार जानबूझ कर तंग तबाह कर रहें हैं एवं दौड़ा रहें हैं जिस कारण श्री प्रभाकर कुमार सिंह से द्वेष रखते थे एवं कार्यालय में धमकी भी दिया करते थे कि जेल भेज दे ग ं । ं े इस धमकी के कारण दोनों मे ं कई एकबार झगड़ा भी हो चुका था। इस बात की जानकारी कार्यालय कर्मियों द्वारा दी गई। इस सबंध में स्पष्ट करना है कि आवेदिका ललिता देवी के द्वारा 15.11.2018 को नापी आवेदन दिया गया एवं लगभग एक माह के अंदर श्री प्रभाकर कुमार सिंह के द्वारा नजारत का प्रभार श्री भागवत नारायण चौधरी को सौंप दिया गया। नापी के कार्य में श्री प्रभाकर कुमार सिंह की किसी प्रकार का भूमिका नहीं थी। धटना की तिथि को वर्तमान नाजिर समस्तीपुर में थे परिवादी को उनका इंतजार करना चाहिए था लेकिन परिवादी द्वारा मनमुटाव एवं द्वेष रखने के कारण श्री प्रभाकर कुमार सिंह को बाहर बुलाया गया एवं वाजर्वदस्ती रूपया पकड़ा पदाधिकारी i)संचालन -सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 1265 /सा0 दिनांक 21.09.2021 द्वारा प्राप्त अधिगमः- 1.आरोपी कर्मी श्री प्रभाकर कुमार सिंह को निगरानी धावा दल के द्वारा दिनांक 18.04.2019 को श्रीमती ललिता देवी के भूमि के सीमांकन कार्य में अवैध राषि लेने के कारण गिरफ्‌तार किया गया। 2.उपस्थापन पदाधिकारी क े प्रतिवेदन के अनुसार श्री सिंह धटना की तिथि को नाजिर के प्रभार में नहीं थे बल्कि उनके द्वारा नजारत का प्रभार दिनांक 17.12.2018 को ही दूसरे कर्मी श्री भागवत नारायण चौधरी को सौंप दिया गया था। 3.सरायरंजन अंचल में अमीन नहीं होने के कारण परिवादी के भूमि का नापी नहीं हो सका था जिस कारण परिवादी श्री आरोपी कर्मी से द्वेष रखते थे 4.उपस्थापन पदाधिकारी क े प्रतिवेदनानुसार परिवादी श्री रविन्द्र कुमार साह के द्वारा जानबूझ कर अपने द्वेष के कारण निदो र्ष कर्मी जिनका मापी कार्य में किसी प्रकार की भूमिका नहीं रहने पर भी फंसा दिये जाने का उल्लेख किया गया है। उपरोक्त तथ्यों से प्रतीत होता है कि जब श्री प्रभाकर कुमार सिंह छः माह पूर्व ही नजारत का प्रभार अन्य कर्मी को सौंप चुके थे तो परिवादी श्री रविन्द्र कुमार साह का अपने कार्य हेतु श्री प्रभाकर कुमार सिंह से सम्पर्क करने का कोई औचित्य स्पष्ट प्रतीत नहीं होता हैं। ii)
70 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024
आरोप सं0 आरोप श्री प्रभाकर कुमार सिंह, निलंबित, उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय सरायरंजन यथा उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, सरायरंजन का अभिकथन संचालन पदाधिकारी -सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का जाँँच प्रतिवेदन/ अधिगम/मंतव्य
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कर चुके हैं अतएव आप 1000. 00 (एक हजार) का नाजिर रसीद कटवा कर छाया प्रति दीजिये ताकि तैयार किये गये अमीन प्रतिनियुक्ति स ं बंधित अधियाचना पत्र हस्ताक्षरित करवाकर भू0सु0 उप समाहर्त्ता, महोदय को भेजा जा सके। आवेदिका द्वारा बार-बार NR की राषि को नाजायज राषि की मांग समझकर काफी हो हल्ला करने लगे एवं कार्यालय कर्मी के समझाने पर भी बात नहीं समझे एवं अपने पत्र के माध्यम से राषि जमा करने की बात कहने लगे। 5. इस वाक्या के बाद आवेदिका अथवा उनका पुत्र कभी भी कार्यालय से सम्पर्क नहीं किए इस कारण आवेदन संचिकारत ही रह गया। 6. दिनांक 18.04.2019 को करीब 03.15 बजे अपराह्‌न में श्री रविन्द्र क ुमार साह (आवेदिका के पुत्र) का कॉल मेरे मोबाईल पर आया एवं इन्होंने अपना परिचय देते हुए कहा कि नापी शुल्क की राषि लेकर आये हैं आप RTPS कार्यालय सरायरंजन के पास आकर ले लीजिये। मेरे द्वारा कहा गया कि नजारत में पैसा जमा कर नाजिर रसीद कटा लीजिये क्योंकि मैं अब नाजिर नहीं हूँँ। श्री साह के द्वारा कहा गया कि नजारत बंद है नाजिर बाबू बैंक के काम से समस्तीपुर गये हैं एवं मैं उनसे परिचित नहीं हूँँ इसलिए आप पैसा लेकर NR कटवा कर अमीन प्रतिनियुक्त करने में सहयोग कर दीजिए। मेरे द्वारा श्री साह को स्पष्ट इंकार कर दिया गया। 03.30 बजे लगभग अप0 में मैं बाथरूम जाने के लिए बाहर निकला तो श्री साह मुझे देखकर RTPS के सीढ़ी से उठकर मेरे पास आये दिया गया एवं श्री प्रभाकर कुमार सिंह जब इस बात का विरोध कर ही रहे थे तब तक धावा दल द्वारा इन्हें गिरफ्‌तार कर लिया गया। मेरे द्वारा इस कार्यालय मे ं दिनांक 25.02.2019 को योगदान देने के पष्चात श्री रविन्द्र कुमार साह की माता ललिता देवी के द्वारा पुनः नापी का आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर मेरे द्वारा वर्तमान नाजिर को आदेष पारित कर नापी कराने का निदेष दिया गया। श्री रविन्द्र कुमार साह के द्वारा अमानत शुल्क जमा किये जाने के पष्चात अमीन को नियुक्त कर नापी का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। अतः भवदीय से अनुरोध है कि श्री रविन्द्र कुमार साह पिता-स्व सोने लाल साह ग्रामपोस्टः-भगवतपुर अंचल सरायरंजन के द्वारा जानबूझ कर अपने द्वेष के कारण निदो र्ष कर्मी जिनका मापी कार्य मे ं किसी प्रकार की भूमिका नहीं रहने पर भी फंसा दिया गया है अतः श्री प्रभाकर कुमार सिंह को निलंबन मुक्त करने की कृपा की जाए। 1.उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी सरायरंजन के पत्रांक 31 दिनांक 07.01.2021 के द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि श्री प्रभाकर कुमार सिंह को दिनांक 18.04.2019 को निगरानी धावा दल द्वारा भूमि के सीमांकन कार्य में अवैध राशि लेने के कारण गिरफ्‌तार कर लिया गया था। उक्त धटना की तिथि को श्री सिंह नाजिर के प्रभार में नहीं थे ब्लकि उनके द्वारा नजारत का प्रभार दिनांक 17.12.2018 को ही दूसरे कर्मी श्री भागवत नारायण चौधरी को सौंप दिया गया था। 2.उपस्थापन पदाधिकारी क े प्रतिवेदनानुसार सरायरंजन अंचल मेे अमीन नहीं रहने के कारण परिवादी की भूमि का नापी नहीं हो सका था। जिस कारण परिवादी आरोपी कर्मी श्री सिंह से द्वेष रखते थे एवं परिवादी द्वारा कइर््र बार आरोपी कर्मी को जेल भेज देने की धमकी भी दे चुके थे। परिवादी के द्वारा मनमुटाव एवं द्वेष रखने के कारण श्री प्रभाकर सिंह को बाहर बुलाया गया और वाजर्वदस्ती रूपया पकड़ा दिया गया एवं श्री सिंह जब इस बात का विरोध कर ही रहे थे तब तक धावा दल के द्वार गिरफ्‌तार कर लिया गया। 3.उपस्थापन पदाधिकारी क े प्रतिवेदनानुसार परिवादी श्री रविन्द्र कुमार साह के द्वारा जान-बूझकर अपने द्वेष के कारण निर्दोष कर्मी जिनका मापी कार्य मे किसी प्रकार की भूमिका ं नहीं रहने पर फंसा दिये जाने का उल्लेख किया गया ह ै। आरोपी कर्मी से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपस्थापन पदाधिकारी के प्रतिवेदन से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी कर्मी के विरूद्ध लगाये गए आरोप सीधे तौर पर प्रमाणित नहीं होते हैं।
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आरोप सं0 आरोप श्री प्रभाकर कुमार सिंह, निलंबित, उच्च वर्गीय लिपिक, अंचल कार्यालय सरायरंजन यथा उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, सरायरंजन का अभिकथन संचालन पदाधिकारी -सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का जाँँच प्रतिवेदन/ अधिगम/मंतव्य
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एवं मुझसे बात करने लगे एवं अचानक मेरे हाथ में रूपया पकड़ा दिए हम उनका पैसा वापस करने ही वाले थे इसी बीच विजिलेन्स के पदाधिकारी पीछे से मेरा कॉलर पकड़ कर हाथ अमेठ दिए और पैसा मेरे जेब में डाल दिए फिर मुझे गिरफ्‌तार कर लिया गया। 7. इस प्रकार आवेदिका ललिता देवी के पुत्र श्री रविन्द्र कुमार साह के द्वारा नापी शुल्क का आड़ लेकर मुझे वेवजह गिरफ्‌तार करा दिया गया जिस कारण मुझ पर एवं मेरे परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। उपरोक्त कंडिका 1 से 7 तक अंकित सभी बाते पूर्णतः सत्य ं अंकित किया गया है एवं मैं भवदीय को अश्रुनेत्र से अपनी सफाई दे रहा हूँँ। श्रीमान्‌ से करबद्ध निवेदन है कि उपरोक्त अंकित तथ्यों के आलोक में मुझ निःसहाय कर्मी पर लगाये गए आरोप से मुक्त करने की कृपा की जाए। पदाधिकारी, (iii)अनुमंडल समस्तीपुर के पत्रांक 2365/स्था0 दिनांक 31.08.2023 द्वारा समर्पित अधिगम पर सुस्पष्ट म तव्यः- ं स चिका ं में उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन से ज्ञात होता है कि उपस्थापन पदाधिकारी-सह- अंचल अधिकारी सरायरंजन द्वारा श्री सिंह को सीधे तौर पर संलिप्तता से इन्कार किया गया है। संभव है कि तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार दिवाकर बि0प्र0से0 द्वारा उक्त आधार पर आरोप सीधे तौर पर प्रमाणित नहीं होना अंकित किया गया होगा। निलंबित कर्मी श्री प्रभाकर कुमार सिंह के लिखित बयान एवं उपस्थापन पदाधिकारी के प्रतिवेदन एवं तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी के अधिगम में स्पष्ट अंकित है कि निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक को सीमांकन कार्य हेतु अवैध राशि लेते हुए निगरानी धावा दल द्वारा रंगे हाथ दिनांक 18.04.2019 को पकड़ा गया है जिससे लगाये गए आरोप प्रमाणित होता है।

मु0 ललिता देवी, पतिः-स्व0 सोने लाल साह, ग्रा0पोस्टः-भगवतपुर, जिला समस्तीपुर के द्वारा नवम्बर 2018 में अंचल कार्यालय सरायरंजन में दिये गये भूमि मापी आवेदन के आलोक में आवेदिका के पुत्र श्री रविन्द्र कुमार साह, द्वारा श्री प्रभाकर कुमार सिंह पर रिष्वत मांगने का आरोप है। श्री प्रभाकर कुमार सिंह द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित अपने स्पष्टीकरण में यह सूचित किया गया है कि आवेदिका मु0 ललिता देवी पति स्व0 सोनेलाल साह, ग्रामपोस्टः-भगवतपुर के द्वारा दिनांक 15.11.2018 को अपने ननिया सास से प्राप्त 06 डी0 जमीन खाता संख्या 1421 खेसरा 4495 के मापी हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दिनांक 26.12.2018 को आवेदिका के कार्यालय आने पर उनसे मापी षुल्क की राषि 1000.00 रू0 (एक हजार) नाजिर रसीद के माध्यम से जमा करने को कहा गया तो आवेदिका के द्वारा संध्या तक राषि जमा करने की बात कही गई, जिस परिप्रेक्ष्य में उनके द्वारा भू0सु0 उप समाहर्त्ता, समस्तीपुर के नाम अमीन प्रतिनियुक्ति हेतु अधियाचना पत्र तैयार किया गया, परंतु अमानत शुल्क जमा नहीं किए जाने के कारण तैयार पत्र पदाधिकारी से हस्ताक्षरित नहीं कराया जा सका।

श्री सिंह के उक्त कथन से स्पष्ट है कि आवेदन पर यथाषीध्र कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। अंचल अधिकारी, सरायरंजन के ज्ञापांक 523 दिनांक 18.04.2019 से प्रतिवेदित है कि श्री प्रभाकर कुमार सिंह दिनांक 01.07.2017 से 07.12.2018 तक अंचल नाजिर, सरायरंजन के प्रभार में रहे थे।

पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक एस0आर0ः-017/2019 निग0-950/अप0षा0, दिनांक 24.04.2019 के द्वारा सूचित किया गया है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के गठित धावा दल द्वारा दिनांक 18.04. 2019 को परिवादी श्री रवीन्द्र कुमार साह से श्री प्रभाकर कुमार सिंह, अंचल नाजिर (उ0व0लि0) अंचल कार्यालय सरायरंजन को 8000.00 रू0 (आठ हजार रू0) रिष्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्‌तार कर माननीय विषेष न्यायाधीष, निगरानी, मुजफ्‌फरपुर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँँ से आदेषानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत में शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा,72 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 मुजफ्‌फरपुर में भेजा गया। पुलिस डायरी में स्पष्ट रूप से यह भी अंकित है कि श्री प्रभाकर कुमार सिंह के बदन की तलाषी ली गई एवं उनके दाहिने हाथ की मुटठ्‌ी से 8,000.00 रू0 बरामद किया गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्री ट्रैप मेमोरेंडम में अंकित राषि जो रसायनिक पदार्थों से युक्त थी, उनसे बरामद की गई। जिससे उनके द्वारा अवैध रूप से पैसा मांगने एवं प्राप्त करने का आरोप प्रमाणित होता हैं। श्री प्रभाकर कुमार सिंह, के विरूद्ध निगरानी काण्ड संख्या-017/2019 दिनांक 18. 04.2019, धारा-7(a) भ्र0नि0अधि0, 1988(संषोधित अधिनियम 2018) दर्ज किया गया है। इस तरह उन पर रिश्वत लेने संबंधी आरोप सत्य साबित होता हैं।

श्री प्रभाकर कुमार सिंह द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित अपने स्पष्टीकरण में यह भी सूचित किया गया है कि दिनांक 18.04.2019 को करीब 03.15 बजे अपराह्‌न में श्री रविन्द्र कुमार साह (आवेदिका के पुत्र) का कॉल मेरे मोबाईल पर आया एवं इन्होंने अपना परिचय देते हुए कहा कि नापी शुल्क की राषि लेकर आये हैं, आप RTPS कार्यालय सरायरंजन के पास आकर ले लीजिये। उनके द्वारा कहा गया कि नजारत में पैसा जमा कर नाजिर रसीद कटा लीजिए क्योंकि मैं अब नाजिर नहीं हूँँ। श्री साह के द्वारा कहा गया कि नजारत बंद है नाजिर बाबू बैंक के काम से समस्तीपुर गये हैं एवं मैं उनसे परिचित नहीं हूँँ इसलिए आप पैसा लेकर NR कटवा कर अमीन प्रतिनियुक्त करने में सहयोग कर दीजिए। मेरे द्वारा श्री साह को स्पष्ट इंकार कर दिया गया। 03.30 बजे लगभग अप0 में मैं बाथरूम जाने के लिए बाहर निकला तो श्री साह मुझे देखकर RTPS के सीढी से उठकर मेरे पास आये एवं मुझसे बात करने लगे एवं अचानक मेरे हाथ में रूपया पकड़ा दिए हम उनका पैसा वापस करने ही वाले थे इसी बीच विजिलेन्स के पदाधिकारी पीछे से मेरा कॉलर पकड़ कर हाथ अमेठ दिए और पैसा मेरे जेब में डाल दिए फिर मुझे गिरफ्‌तार कर लिया गया। इस प्रकार आवेदिका मु0 ललिता देवी के पुत्र श्री रविन्द्र कुमार साह के द्वारा मापी शुल्क की आड़ लेकर मुझे वेवजह गिरफ्‌तार करा दिया गया।

उपरोक्त गिरफ्‌तारी के आलोक में श्री प्रभाकर कुमार सिंह के द्वारा सुनवाई के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष अपने को निर्दोष साबित करने से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाये। रिश्वत नहीं लेने के संबंध में आरोपी अपने बचाव में कुछ भी साक्ष्य प्रस्तुत करने में असमर्थ रहें है। संचालन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 2365/सा0 दिनांक 31.08.2023 के आलोक में प्राप्त अधिगम पर सुस्पष्ट मंतव्य में अंकित है कि निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक को सीमांकन कार्य हेतु अवैध राशि लेते हुए निगरानी धावा दल द्वारा रंगे हाथ दिनांक 18.04.2019 को पकड़ा गया है, जिससे लगाये गए आरोप प्रमाणित होता है।

श्री प्रभाकर कुमार सिंह निलंबित उ०व०लि० के विरूद्ध गठित आरोप, उक्त गठित आरोप पत्र पर उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, समर्पित स्पष्टीकरण पर उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य तथा वर्णित मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालनोपरांत समर्पित अभिलेखबद्ध जाँच प्रतिवेदन के परिशीलन एवं समीक्षा से यह बात पूर्णतः स्पष्ट है कि श्री सिंह के विरूद्ध लगाये गए आरोप प्रमाणित है।

श्री प्रभाकर कुमार सिंह के विरूद्ध लगाये गए आरोप एक ऐसे misconduct को सिद्ध करता है जो किसी सरकारी सेवक से अपेक्षित नहीें है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय एवं सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध चलायी जा रही निरंतर मुहिम के आलोक में अपेक्षा की जाती है कि सरकारी सेवक का आचरण beyond reproach हो। श्री प्रभाकर कुमार सिंह द्वारा दर्षाया गया आचरण न सिर्फ एक अपराध है वरन्‌ श्री सिंह के सेवा में बने रहने से अन्य सरकारी सेवकों को भी आचरण में लिप्त रहने के लिए आमंत्रण भी है, क्योंकि यह भ्रष्ट आचरण मात्र प्रतिवादी के विरूद्ध भ्रष्टाचार का मामला नहीं है वरन्‌ भ्रष्टाचार की कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास भी है।

श्री प्रभाकर कुमार सिंह निलंबित उ०व०लि के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के समेकित विवेचना करने पर परिलक्षित होता है कि इनके विरूद्ध आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इनकी सेवा में रहने से अन्य सरकारी कर्मियों के कार्य प्रणाली पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है, एवं सरकारी कर्मियों के बीच गलत संदेश जायेगा।

बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3 में सरकारी सेवक को सदा पूरी शीलनिष्ठा रखने, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखने और ऐसा कार्य न करने का उल्लेख है जो सरकारी सेवक के लिए अषोभनीय है। इन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) किये जाने का पर्याप्त/यथेष्ट कारण है एवं इन्हें वृहद दण्ड दिया जाना अपेक्षित है। श्री प्रभाकर कुमार सिंह उ०व०लि०(निलंबित) अंचल कार्यालय सरायरंजन के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों से सहमत होते हुए मैं योगेन्द्र सिंह, भा0प्र0से0, समाहर्त्ता-सह-जिला दण्डाधिकारी समस्तीपुर, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 (यथा संशोधित 2007) के नियम-14 (xi) के तह्‌त निहित शास्तियों के आलोक में श्री प्रभाकर कुमार सिंह, उ०व०लि०(निलंबित) अंचल कार्यालय सरायरंजन को आदेश निर्गत की तिथि से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ, जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हत्ता होगी। इस आशय की प्रविष्टि श्री प्रभाकर कुमार सिंह के सेवा पुस्त में लाल स्याही से अंकित की जायेगी। श्री प्रभाकर कुमार सिंह (निलंबित) उ0व0लि0 से संबंधित विवरणी निम्न प्रकार हैः- 1. नाम - श्री प्रभाकर कुमार सिंह 2. पिता का नाम - श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह 3. पदनाम - उ॰व॰लिपिक 4. जन्मतिथि - 12.05.1969 5. नियुक्ति की तिथि - 16.08.1990 6. कार्यालय का नाम - अंचल कार्यालय सरायरंजन73 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 7. वेतनबैंड एवं ग्रेड पे/वेतन स्तर - PB1-5200-20200 ग्रेड पे-2400 सप्तम पुनरीक्षित

वेतन में मूल वेतन 41000.00

8. स्थायी पता - ग्रामपोस्टः-केवल पट्‌टी, भायाः-खजौली,

जिलाः-मधुबनी।

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सं॰ (XXXVI-17/2023-24)-51 (मु॰)स्था॰—CWJC No-9768/2021 विनय कुमार झा बनाम्‌ बिहार राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेश के अनुपालन हेतु आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र को श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर द्वारा प्राप्त किये जाने परंतु उक्त आवेदन को संबंधित सहायक को उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण माननीय न्यायालय के आदेष का अनुपालन ससमय नहीं होने की स्थिति में आवेदक द्वारा MJC Noः-40/2022 दायर किया गया था। उक्त परिप्रेक्ष्य में अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर के पत्रांक 188/आ0 दिनांक 10.02.2023 के द्वारा श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने की स्थिति में अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर के पत्रांक 295/आ0 दिनांक 27.02.2023, एवं पत्रांक 345/आ0 दिनांक 10.03.2023 के आलोक में पुनः स्पष्टीकरण समर्पित करने हेतु उन्हें स्मारित किया गया। श्री पासवान द्वारा ससमय स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित नहीं करने, अपने कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही वरतने के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर के पत्रांक 599 दिनांक 21.03.2023 के आलोक में उनके विरूद्ध प्रपत्र "क" में आरोप पत्र गठित कर भेजी गयी।

तद्‌नुसार कार्यालय ज्ञापांक-496/स्था॰, दिनांक-17.04.2023 के द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति श्री पासवान को उपलब्ध कराते हुए आरोप पत्र में वर्णित बिन्दुओं पर अभिकथन की मांग की गयी। श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर से दिनांक-25.05.2023 को प्राप्त अभिकथन पर विचारोपरांत, आरोप की गंभीरता को देखते हुए आरोप की सत्यता की जाँच/दण्ड अधिरोपण हेतु कार्यालय आदेष ज्ञापांक 945/स्था0 दिनांक 08.08.2023 के आलोक में उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन के निमित्त उप विकास आयुक्त, समस्तीपुर को संचालन पदाधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए 45 दिनाें के अन्दर विभागीय कार्यवाही पूर्ण कर आवष्यक प्रतिवेदन/अधिगम की मांग की गयी।

स्ांचालन पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त, समस्तीपुर के ज्ञापांक 49/अभि0 दिनांक 05.01.2024 के आलोक में श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, समस्तीपुर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का आवष्यक जाँच प्रतिवेदन/अधिगम सुनवाई अभिलेख के साथ मूल प्रति में प्राप्त हुआ है। प्राप्त जाँँच प्रतिवेदन/अधिगम का संक्षिप्त वर्णन निम्नवत हैः-

आरोप संख्या कर्मी के विरूद्ध श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर का यथा आरोपी का जवाब/ उपस्थापन पदाधिकारी-सह- अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर का स्ांचालन पदाधिकारी-सह -उप विकास आयुक्त, समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का
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1 आरोप 1. ः- श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, समस्तीपुर द्वारा अपने आवंटित कार्य (पत्रों को प्राप्त करना एवं उन्हें संबंधित सहायक के लॉग-बुक में प्रविष्टकर उन्हें हस्तगत कराना) वर्ष 2021 की अवधि में सही से संधारण नहीं किया गया। CWJC No. कुछ शारीरिक अस्वस्थता एव परिवारिक परेषानी के कारण मैं अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण (कार्यालय पत्रांक 188, दिनांक 10. 02.2023, पत्रांक 295, दिनांक 27.02. 2023 एवं पत्रांक 345, दिनांक 10.03. 2023) का ससमय उत्तर समर्पित नहीं कर सका। परन्तु दिनांक 13. 03.2023 को मेरे द्वारा समर्पित श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, समस्तीपुर द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के अवलोकन से यह ज्ञात होता है कि उनके द्वारा प्राप्त एवं आवेदन का ससमय आगत पंजी/आवेदन पंजी दर्ज कर संबंधित लिपिक को विश्लेषण/ निष्कर्ष आरोपी कर्मी श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय, समस्तीपुर द्वारा
74 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024
आरोप संख्या कर्मी के विरूद्ध श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर का यथा आरोपी का जवाब/ उपस्थापन पदाधिकारी-सह- अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर का स्ांचालन पदाधिकारी-सह -उप विकास आयुक्त, समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का
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विनय कुमार 9768/2021 झा-बनाम्‌-बिहार राज्य एवं अन्य म ं े माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20.07. 2021 को पारित आदेष की प्रति संलग्न कर आवेदक द्वारा कार्यालय में समर्पित आवेदन पत्र श्री नन्द लाल पासवान द्वारा प्राप्त किया गया परन्तु इसे संबंधित सहायक को उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष का अनुपालन ससमय नहीं हो सका। इसके कारण आवेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में MJC No. 40/2022 दायर किया गया है। आवेदक द्वारा श्री नन्द लाल पासवान के द्वारा हस्ताक्षरित प्राप्ति की प्रति दिखाया गया है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि उक्त वाद से संबंधित किसी तरह का कोई आवेदन आवेदक द्वारा मुझे ं प्राप्त नहीं कराया गया है तथा अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा भी इस संबंध में मुझें प्राप्त नहीं कराया गया है। साथ हीं, मेरे द्वारा पत्र प्राप्ति के पश्चात सभी प्राप्त पत्रों को अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के डाक पंजी में दैनिक रूप से लगाकर उनके अवलोकनार्थ समर्पित करता हूँ, उनके अवलोकनोपरान्त जब डाक पंजी मेरे पास वापस होता है तो संबंधित सहायक के कर्म पुस्तिका में दैनिक रूप से प्रविष्टि करते हुए पत्र उन्हें हस्तगत कराता हूँ। अब तक कभी भी इस प्रकार षिकायत किसी के द्वारा नहीं की गयी है। कभी-कभी महत्त्वपूर्ण पत्रों को अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा आदेष पृष्ठांकित करते हुए संबंधित सहायक को हस्तगत करा देते है, वैसे पत्र मुझें डाक पंजी में प्राप्त नहीं होती है। हस्तगत नहीं कराया गया, जिसके कारण माननीय उच्च न्यायालय के आदेष का अनुपालन ससमय नहीं हो सका जिसके लिए सीधे तौर पर संबंधित प ्रभारी लिपिक श्री नन्द लाल पासवान जिम्मेदार पाये गये। इस संबंध में श्री पासवान से उक्त के संबंध में जब स्पष्टीकरण की मांग की गई तो उनके द्वारा कोई प ्रतिउत्तर निर्धारित अवधि में नहीं दिया गया है, जो उनके स्वेच्छाचारिता को प्रदर्षित करता ह ै। चूँकि श्री पासवान द्वारा बिहार सरकारी स वक े आचार नियमावली 1976 एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 का उल्लंघन किया गया है। समर्पित स्पष्टीकरण एवं उपस्थापन पदाधिकारी-सह -अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के द्वारा समर्पित तथ्यों के आलोक में प्रपत्र 'क' में लगाये गये आरोप प्रमाणित होते है।
02 आरोप 2 ः- श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक द्वारा उक्त कंडिका-1 में वर्णित अनियमितता करते हुए अपने आवंटित कार्य का निष्पादन नहीं किये जाने के कारण माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष का अनुपालन ससमय नहीं किया जा सका। श्री नन्द लाल पासवान द्वारा किया गया उक्त कार्य मार्गदर्षिका में विहित प्रावधान के अनुरूप नहीं है तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 एवं बिहार सरकारी स वक े (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 का उल्लघन है। यथोपरि यथोपरि
75 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024
आरोप संख्या कर्मी के विरूद्ध श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर का यथा आरोपी का जवाब/ उपस्थापन पदाधिकारी-सह- अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर का स्ांचालन पदाधिकारी-सह -उप विकास आयुक्त, समस्तीपुर से प्राप्त विभागीय कार्यवाही का
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03 आरोप 3-उक्त से स्पष्ट है कि श्री नन्द लाल पासवान ने उक्त मार्गदर्षिका के विपरीत कार्य किया है एवं नियमावली का उल्लंघन किया है। उनका यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली क े नियम-3(1) का उल्लंघन है। यथोपरि यथोपरि

श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर के विरूद्ध गठित आरोप, उक्त गठित आरोप पत्र पर उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, समर्पित स्पष्टीकरण पर उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य तथा वर्णित मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालनोपरांत समर्पित अभिलेखबद्ध जाँच प्रतिवेदन के परिशीलन एवं समीक्षा से यह बात पूर्णतः स्पष्ट है कि श्री पासवान के विरूद्ध कई गंभीर आरोप है। संबंधित आरोप में संचालन पदाधिकारी के द्वारा आवष्यक तालिकाबद्ध विवरणी भेजी गयी है, यथाः- CWJC No. 9768/2021 विनय कुमार झा-बनाम्‌-बिहार, राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिनांक 20.07.2021 को पारित आदेष की प्रति अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर में पत्र प्राप्ति से संबंधित सहायक श्री नन्द लाल पासवान को प्राप्त कराया गया। श्री नन्द लाल पासवान द्वारा पारित आदेष की प्रति प्राप्त किया गया परन्तु इसे संबंधित सहायक को उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष का अनुपालन ससमय नहीं हो सका। इसके कारण आवेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में MJC No. 40/2022 दायर किया गया। वस्तुतः माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिनांक 20.07.2021 को पारित आदेष की प्रति अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर में पत्र प्राप्ति से संबंधित सहायक श्री नन्द लाल पासवान को प्राप्त कराया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष में अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर को संदर्भित दायर वाद में प्रतिवादी न0-03 बताया गया है, साथ ही कतिपय महत्त्वपूर्ण निदेष दिए गए है।

श्री नन्द लाल पासवान द्वारा उक्त पारित आदेष की प्रति प्राप्त किया गया परन्तु इसे संबंधित सहायक को उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष का अनुपालन ससमय नहीं हो सका, इसके कारण आवेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में MJC No. 40/2022 दायर किया गया।

उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 345/आ0 दिनांक 10.03.2023 के अवलोकन से प्रतीत होता है कि प्रष्नगत मामले में अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 188/आ0 दिनांक 10.02.2023, पत्रांक 295/आ0 दिनांक 27.02.2023 के आलोक में आरोपी श्री नन्द लाल पासवान से वस्तु स्थिति/स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी, परंतु आरोपी श्री नन्द लाल पासवान द्वारा द्वारा उक्त मांगी गयी स्पष्टीकरण के आलोक में अपना कोई जवाब ससमय समर्पित नहीं किया गया। विभागीय संचालन के क्रम में आरोपी के द्वारा प्रस्तुत अपने स्पष्टीकरण में यह स्वीकार किया गया है कि कुछ शारीरिक अस्वस्थता एव परिवारिक परेषानी के कारण वे अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण (कार्यालय पत्रांक 188, दिनांक 10.02.2023, पत्रांक 295, दिनांक 27.02.2023 एवं पत्रांक 345, दिनांक 10.03. 2023) का ससमय उत्तर समर्पित नहीं कर सके। आरोपी श्री नन्द लाल पासवान द्वारा अपने बचाव पक्ष में यह स्पष्ट किया है कि उक्त वाद से संबंधित किसी तरह का कोई आवेदन आवेदक द्वारा मुझें प्राप्त नहीं कराया गया है तथा अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा भी इस संबंध में मुझें प्राप्त नहीं कराया गया है। आरोपी का यह जवाब स्वीकार्य नहीं है, क्योकि अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर जो प्रष्नगत मामले में स्वयं प्रतिवादी न0-03 है, से संबंधित पारित आदेष की प्राप्ति के संबंध में संबंधित आवेदक द्वारा श्री नन्द लाल पासवान के द्वारा हस्ताक्षरित प्राप्ति की प्रति दिखाया गया है। उक्त आलोक में आरोप संख्याः-01 पूर्णतः प्रमाणित होता है।76 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 आरोपी के विरूद्ध गठित आरोप संख्याः-02 में वर्णित है कि श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक द्वारा उक्त कंडिका-1 में वर्णित अनियमितता करते हुए अपने आवंटित कार्य का निष्पादन नहीं किये जाने के कारण माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष का अनुपालन ससमय नहीं किया जा सका। श्री नन्द लाल पासवान द्वारा किया गया उक्त कार्य मार्गदर्षिका में विहित प्रावधान के अनुरूप नहीं है तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लघन है। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) (i, & ii) में स्पष्ट रूप से "हर सरकारी सेवक को सदा पूरी शील निष्ठा रखने एवं कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखने" आदि का उल्लेख किया गया है।

आरोपी श्री नन्द लाल पासवान द्वारा संबंधित सहायक को उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष का अनुपालन ससमय नहीं हो सका, जिसके कारण आवेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में MJC No. 40/2022 दायर किया गया, स्पष्टतः यह श्री नन्द लाल पासवान के कर्त्तव्यहीनता का द्योतक हैं, उक्त आलोक में आरोप संख्याः-02 पूर्णतः प्रमाणित होता है। आरोपी के विरूद्ध गठित आरोप संख्याः-03 में वर्णित है कि श्री नन्द लाल पासवान ने उक्त मार्गदर्षिका यथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के विपरीत कार्य किया है एवं नियमावली का उल्लंघन किया है। उनका यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियम-3(1) का उल्लंघन है। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3(1) (i,ii&iii) में सरकारी सेवक को ऐसा कार्य न करने का भी उल्लेख है जो सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय है। उक्त आलोक में आरोप संख्याः-03 पूर्णतः प्रमाणित होता है। यथा श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर के विरूद्ध सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित हैं। इन्हें लधु दण्ड दिये जाने का पर्याप्त एवं यथेष्ट कारण है, एवं इन्हें लधु दण्ड दिया जाना अपेक्षित है। श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों से सहमत होते हुए मैं योगेन्द्र सिंह, भा0प्र0से0, समाहर्त्ता-सह-जिला दण्डाधिकारी समस्तीपुर, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 (यथा संशोधित 2007) के नियम-14 (ii) के तह्‌त निहित शास्तियों के आलोक में श्री नन्द लाल पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक, अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर के विरूद्ध उनके " " (Withholding of promotion) का दण्ड अधिरोपित करता हूँ। उपरोक्त आशय की प्रविष्टि श्री नन्द लाल पासवान, के सेवा पुस्त में लाल स्याही से अंकित की जायेगी। उक्त आदेश के साथ इनके विरूद्ध चल रही विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया समाप्त की जाती है।

नन्द लाल पासवान, 1. नाम - श्री नन्द लाल पासवान, 2. पिता का नाम - श्री बुल्लो पासवान 3. पदनाम - उ॰व॰लिपिक 4. जन्मतिथि - 20.05.1964 5. नियुक्ति की तिथि - 21.04.1999 6. कार्यालय का नाम - अनुमंडल कार्यालय समस्तीपुर। 7. वेतनबैंड एवं ग्रेड पे/वेतन स्तर - 5200-20200 ग्रेड पे-2800 लेवल-5 । 8. स्थायी पता - ग्राम-कोठिया वल्लुआही, पत्रालय-लहेरियासराय,

थाना-बहादुरपुर, जिला-दरभंगा। । ——— सं॰ कारा/नि0को0(अधी0)-01-56/2022-2407 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ——— संकल्प 19 मार्च 2024

श्री धीरज कुमार, तत्कालीन अधीक्षक (अतिरिक्त प्रभार), मंडल कारा, दरभंगा (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, बेनीपुर) के मंडल कारा, दरभंगा के अतिरिक्त प्रभार में पदस्थापन के दौरान दिनांक 08.11.2022 को वृत्ताधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर द्वारा मंडल कारा, दरभंगा का किये गये औचक निरीक्षण में कतिपय अनियमितता, यथा-वार्ड आवंटन के नाम पर बंदियों से अवैध वसूली, कारा में Wet कैन्टीन का संचालन, अधीक्षक एवं उपाधीक्षक के संरक्षण में कुछ दबंग बंदियों एवं कक्षपालों द्वारा कारा का संचालन किया जाना एवं अन्य बंदियों से अवैध वसूली तथा बंदियों को प्रताड़ित कर उनका आर्थिक दोहन किया जाना एवं उक्त निरीक्षण में अधीक्षक एवं उपाधीक्षक तथा संबंधित कक्षपालों की भूमिका संदेहास्पद पायी गई तथा उनका दबंग बंदियों से आपराधिक साठ-गांठ भी परिलक्षित हुआ। इस मामले में श्री धीरज कुमार,77 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 तत्कालीन अधीक्षक (अतिरिक्त प्रभार), मंडल कारा, दरभंगा (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, बेनीपुर) के द्वारा कर्त्तव्य के प्रति बरती गई लापरवाही एवं अनुषासनहीनता तथा प्रषासनिक विफलता एवं इस अवैध अनाचार में पायी गई संलिप्तता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित किया गया। अनुषासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय ज्ञापांक 11672 दिनांक 21.11.2022 द्वारा आरोप पत्र (साक्ष्य सहित) की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए श्री कुमार से लिखित अभिकथन की माँग की गई। तद्‌आलोक में श्री कुमार द्वारा पत्रांक 6469 दिनांक 06.12.2022 के माध्यम से लिखित बचाव अभिकथन समर्पित किया गया, जिसे सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त अस्वीकृत करते हुए अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-135 दिनांक-04.01.2023 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

2. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी सह-आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा के पत्रांक-836 दिनांक-25.11.2023 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री धीरज कुमार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित सभी छः (06) आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। 3. संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किये जाने के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18 (2) में निहित प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष/मंतव्य से असहमति के बिन्दु अभिलेखित किये गये, जिस पर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18 (3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-165 दिनांक-05.01.2024 द्वारा आरोपित पदाधिकारी श्री धीरज कुमार को जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमति के अभिलेखित बिन्दुओं के आलोक में उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई।

4. तद्‌आलोक में श्री धीरज कुमार, अधीक्षक, उपकारा, बेनीपुर द्वारा अपने पत्रांक-206 दिनांक-16.01.2024 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री कुमार द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में उल्लेख किया गया है कि आमद वार्ड संख्या-15 में 05 दिन से अधिक कई पुराने बंदी भी संसीमित थे, जिसका वार्ड स्थानांतरण किया गया था, के संबंध में उनका अभिकथन है कि मंडल कारा, दरभंगा में जनाकीर्णता की समस्या थी, जिसके कारण कुछ बंदी 05 दिन से आमद वार्ड में संसीमित थे। साथ ही आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि वे उपकारा, बेनीपुर में पदस्थापित हैं एवं मंडल कारा, दरभंगा के अतिरिक्त प्रभार में हैं, जिसके कारण उन्हें दोनों कारा के कार्यों को देखना होता है, जिस कारण समयाभाव में वे पूर्ण समय मंडल कारा, दरभंगा पर नहीं दे पाते हैं। बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 799 (i) के तहत्‌ बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा, बंदियों सहित अपने अधीनस्थों द्वारा अनुशासन का पालन सुनिश्चित करने का दायित्व उपाधीक्षक, श्री शिवमंगल प्रसाद को सौंपा गया था तथा प्रतिदिन उनके द्वारा महिला बंदी वार्ड, हॉस्पीटल एवं Randomly किसी दो या तीन वार्ड में जाकर नव प्रवेशी बंदी वार्ड सहित अन्य बंदी वार्ड का निरीक्षण किया जाता रहा है, किन्तु उनके संज्ञान में रूपया-पैसा की उगाही के संबंध में कोई तथ्य न तो किसी कर्मी के द्वारा लाया गया और न ही किसी बंदी द्वारा इस प्रकार की शिकायत परिभ्रमण के दौरान उनके संज्ञान में लाया गया, न ही उनके भ्रमण में देखा गया, न ही बंदी एवं कर्मी द्वारा मौखिक अथवा लिखित रूप में शिकायत किया गया। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कारा कैन्टीन में बिकने वाले सामग्रियों का Price Chart उनके पदस्थापन से पूर्व से ही Flexy Board पर अंकित था, साथ ही कारा में Wet Canteen संचालित नहीं था। साथ ही एक निश्चित अंतराल पर कारा कैन्टीन का भी उनकेे द्वारा निरीक्षण किया जाता है, किन्तु Wet Canteen संचालित नहीं था। कैन्टीन में किसी कर्मी या बंदी के द्वारा किसी वस्तु का दोगुना कीमत लिया जा रहा था, तो इसके संबंध में बंदियों के द्वारा इस तथ्य को उनके संज्ञान में प्रकाशित करना चाहिए था, जो नहीं किया गया। यदि उपरोक्त तथ्य सत्य होता, तो बंदी द्वारा उससे मिलने आने वाले परिजनों को भी उक्त तथ्य की जानकारी अवश्य दी गई होती, तो किसी न किसी स्रोत से जिला प्रशासन एवं उनको इसकी जानकारी रहती, किन्तु ऐसा कोई शिकायत किसी स्तर से पूर्व से प्राप्त नहीं था। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि चूँकि उनके ऊपर दो काराओं का प्रभार है। वे बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 799 (i) (ix) (xviii) एवं 800 (i) (vi) में वर्णित नियम एवं अधीक्षक मिनट बुक के माध्यम से कार्य करने हेतु उपाधीक्षक श्री शिवमंगल प्रसाद को निर्देशित किया जाता रहा है, परन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त निदेश का उपाधीक्षक के द्वारा अनुपालन नहीं किया गया तथा उपाधीक्षक द्वारा कुछ तथ्यों को उनके समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा अकेले कारा के अन्दर लगभग प्रतिदिन भ्रमण किया जाता रहा है तथा कारा के अन्दर शिकायत पेटी भी लगा हुआ है, किन्तु किसी स्तर से अवैध वसूली जैसे वर्णित तथ्य के आलोक में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। चूँकि उनके नेतृत्व में दो कारा यथा उपकारा, बेनीपुर एवं मंडल कारा दरभंगा है। इसलिए परिस्थितिवश सम्पूर्ण समय मंडल कारा, दरभंगा पर नहीं दे सकते हैं। 5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि मंडल कारा, दरभंगा में जनाकीर्णता की समस्या के कारण कुछ बंदी 05 दिनाेंं से आमद वार्ड में संसीमित थे। इस प्रकार स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा आरोप को स्वीकार किया गया है। उनका कहना है कि बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा एवं अधीनस्थों द्वारा अनुशासन का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व उन्होंने उपाधीक्षक को सौंपा था। आरोपित पदाधिकारी का यह अभिकथन स्वीकार करने योग्य नहीं है। आरोपित पदाधिकारी78 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 मंडल कारा, दरभंगा के प्रभार में थे। मात्र उपाधीक्षक को जिम्मेवारी सौंप कर वे अपने दायित्वों से मुक्त नहीं हो सकते। कारा के मुख्य नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी का यह दायित्व है कि वे समग्र कारा प्रशासन पर प्रभावी नियंत्रण रखें एवं अपने अधीनस्थों के कार्याें का सम्यक्‌ पर्यवेक्षण करें। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि रूपया-पैसा की उगाही के संबंध में किसी बंदी द्वारा उनके समक्ष शिकायत नहीं की गई, जबकि वृत्ताधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर द्वारा मंडल कारा, दरभंगा का किये गये औचक निरीक्षण में आमद वार्ड के बंदियों से अकेले में पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि वार्ड इंचार्ज के सहयोगी बंदी सुधाकर एवं गणेष पोद्दार द्वारा मार-पीट किया जाता है तथा वार्ड बदलने के लिए 200 रूपया मांगा जाता है, जिससे स्पष्ट है कि कुछ दबंग कैदियों एवं कक्षपालों द्वारा अन्य बंदियों को प्रताड़ित किया गया है एवं उनसे अवैध वसूली की गई है। स्पष्ट है कि काराधीक्षक के रूप में आरोपित पदाधिकारी की यह प्रशासनिक विफलता है एवं अपने अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण के अभाव का द्योतक है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा कारा का निरीक्षण किया जाता रहा है, किन्तु उनके संज्ञान में किसी बंदी के साथ मारपीट, बेड चार्ज एवं वार्ड आवंटन के नाम पर रूपया-पैसा की उगाही के संबंध में कोई तथ्य उपाधीक्षक सहित किसी अन्य कर्मी के द्वारा नहीं लाया गया और न ही किसी बंदी द्वारा इस प्रकार की षिकायत की गई। आरोपित पदाधिकारी का यह बचाव अभिकथन स्वीकार करने योग्य नहीं है, क्योंकि वृत्ताधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर द्वारा मंडल कारा, दरभंगा का किये गये औचक निरीक्षण में उनके समक्ष बंदियों द्वारा बताया गया कि वार्ड आवंटन के नाम पर गुमटी राईटर मोनू यादव द्वारा 200 रूपया वसूला जाता है। साथ ही बेड चार्ज के नाम पर भी बंदियों से अवैध वसूली की जाती है। बंदियों द्वारा पैसा नहीं देने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। बंदी मोनू यादव को कक्षपाल श्री करूणा दास एवं श्री जे0पी0 यादव का संरक्षण प्राप्त है। इनके द्वारा नये बंदियों के साथ मारपीट किया जाता है तथा Excise Act के बंदियों से विषेष वसूली की जाती है। इस प्रकार स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कारा का परिभ्रमण की महज खानापूरी की जाती है। बंदियों द्वारा वृत्ताधीक्षक के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत से स्पष्ट परिलक्षित होता है कि कारा में बंदियों से अवैध वसूली की जा रही थी तथा आरोपित पदाधिकारी काराधीक्षक के रूप में इस पर रोक लगाने में पूर्णतः विफल रहे हैं। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि कारा में Wet Canteen संचालित नहीं था, जबकि वृत्ताधीक्षक के जाँच प्रतिवेदन के अनुसार कारा में Wet कैन्टीन का संचालन किया जा रहा था। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कैन्टीन में किसी वस्तु का दोगुना कीमत लिये जाने के संबंध में किसी कर्मी या बंदी द्वारा उनके समक्ष शिकायत नहीं की गई है, जबकि वृत्ताधीक्षक के औचक निरीक्षण में यह पाया गया कि कैन्टीन में अलग से सब्जी बनाकर 50 रूपया में बेचा जाता है तथा कैन्टीन की वस्तुएँ दोगुने दाम पर बेची जाती है। बंदी कृष्णा महासेठ द्वारा कैन्टीन का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है तथा कक्षपाल श्री करूणा दास, श्री जे0पी0 यादव एवं श्री नन्द किषोर सिंह द्वारा इसके संचालन में मदद की जाती है। कैन्टीन से सामान क्रय करने हेतु बंदियों पर दबाव बनाया जाता है। विरोध करने वाले बंदियों के साथ मारपीट की जाती है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा सप्ताह में कम से कम चार दिन निष्चित रूप से भोजन की गुणवत्ता, वजन एवं भंडारण का जाँच किया जाता रहा, किन्तु कोई अनियमितता प्रदर्षित नहीं हुआ, किन्तु वृत्ताधीक्षक द्वारा जाँच के क्रम में भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पायी गई। बंदियों से लिये गये बयान के अनुसार मेनू के हिसाब से भोजन नहीं दिया जाता है। वृत्ताधीक्षक के निरीक्षण में पाया गया कि पाकषाला का संचालन बंदी छोटू सिंह द्वारा किया जाता है तथा उसमें अलग से मेस का संचालन भी किया जा रहा है, जहाँ पर बंदियों को 3000 रूपया प्रतिमाह में दोनों समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। बंदी छोटू सिंह द्वारा जान-बूझकर पाकषाला में घटिया भोजन बनाया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा बंदी मेस में खाना खा सके। विरोध करने वाले बंदियों के साथ उक्त कक्षपालों द्वारा मारपीट की जाती है एवं उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, जिस कारण बंदियों में भय व्याप्त है। इस प्रकार स्पष्ट है कि कारा में बंदियों से अवैध वसूली की जा रही थी, जिसमें उपाधीक्षक, कतिपय कक्षपाल एवं कुछ दबंग बंदियों की आपराधिक साठ-गांठ थी। आरोपित पदाधिकारी इस पर रोक लगाने में विफल रहे हैं। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि लगभग प्रतिदिन उनके द्वारा कारा के अन्दर भ्रमण किया जाता है, किन्तु उन्हें बंदियों से अवैध वसूली के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई, जबकि वृत्ताधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर द्वारा मंडल कारा, दरभंगा के निरीक्षण के क्रम में यह पाया गया कि सभी बंदियों से Paytm/Google Pay के माध्यम से उनके घर से पैसा मंगवाया जाता है। बंदी के परिजन द्वारा नकद पैसा भेजे जाने पर उसमें से 10% (दस प्रतिषत) कक्षपाल श्री नन्दकिषोर सिंह द्वारा काट लिया जाता है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा इस आरोप के संबंध में अपने जवाब में कुछ नहीं कहा गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा मंडल कारा, दरभंगा में अपने दायित्वों/कर्त्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया गया है, परिणामस्वरूप कारा में उपाधीक्षक एवं अधीनस्थ कर्मियाेंं द्वारा कुछ दबंग बंदियों के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही थी। आरोपित पदाधिकारी काराधीक्षक के रूप में कारा के मुख्य पदाधिकारी होने के नाते कारा में व्याप्त इस कुव्यवस्था, अराजकता एवं गंभीर अनाचार के लिए पूर्णरूपेण जिम्मेवार हैं। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि मंडल कारा, दरभंगा के प्रशासनिक नियंत्रण में कोई कमी नहीं रही है और न ही प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हुई है, जबकि वृत्ताधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर द्वारा मंडल कारा, दरभंगा के निरीक्षण के क्रम में जो तथ्य सामने आये हैं, वह अत्यंत गंभीर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कारा प्रषासन पर अधीक्षक का कोई नियंत्रण नहीं था तथा कारा के बंदियों, कारा कक्षपालों एवं उपाधीक्षक द्वारा कारा में मनमानी की जा रही थी तथा उनका अपने अधीनस्थ कर्मियों के कार्यों पर सम्यक्‌ पर्यवेक्षण का घोर अभाव परिलक्षित होता है। आरोपित पदाधिकारी का अपने जवाब में कहना है कि उनके द्वारा अपने79 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 कर्त्तव्यों के निर्वहन में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है तथा उनके द्वारा प्रतिदिन कारा का निरीक्षण किया जाता रहा है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके समक्ष बंदियों द्वारा इस प्रकार की कभी कोई शिकायत नहीं की गई, जबकि वृत्ताधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर द्वारा मंडल कारा, दरभंगा का किये गये निरीक्षण में कतिपय गंभीर अनियमितता पाई गई है, यथा-मंडल कारा, दरभंगा के दबंग बंदियों को प्रश्रय देकर कारा में अवैध वसूली कराने, वार्ड आवंटन एवं बेड चार्ज के नाम पर बंदियों से वसूली एवं पैसा नहीं देने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाना, मुख्यालय द्वारा मना किये जाने के बावजूद बंदियों के माध्यम से अवैध रूप से वेट कैन्टीन का संचालन, कैन्टीन की वस्तुओं को दोगुने दाम पर बेचे जाने, बंदियों से रूपये लेकर अवैध रूप से भोजन उपलब्ध कराना, कारा में पाकषाला के भोजन की गुणवत्ता खराब रख कर बंदियों को अवैध मेस से भोजन खरीद कर खाने के लिए बाध्य करने, बंदी के परिजन द्वारा दिये गये पैसे में से 10 प्रतिशत काटकर बंदी को उपलब्ध कराना, कारा में कतिपय कक्षपालों एवं बंदियों के सहयोग से अवैध वसूली एवं प्रताड़ना तथा अन्य कई अवैध गतिविधियों का संचालन कारा में हो रहा था। इस प्रकार स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी का कारा पर कोई नियंत्रण नहीं था तथा उनका अपने अधीनस्थ उपाधीक्षक एवं कक्षपालों के कार्यों पर सम्यक्‌ पर्यवेक्षण का घोर अभाव तथा गंभीर प्रशासनिक विफलता परिलक्षित होती है।

इस प्रकार स्पष्ट है कि मंडल कारा, दरभंगा की सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था गड़बड़ थी तथा अधीक्षक एवं उपाधीक्षक के संरक्षण में दबंग बंदियों से आपराधिक साठ-गांठ भी परिलक्षित होता है तथा इसमें आरोपित पदाधिकारी की प्रशासनिक विफलता एवं गंभीर लापरवाही परिलक्षित होती है। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है। 6. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री धीरज कुमार, तत्कालीन अधीक्षक (अतिरिक्त प्रभार), मंडल कारा, दरभंगा सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, बेनीपुर से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005, भाग-V, नियम-14 (v) के प्रावधानों के तहत श्री कुमार के विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :- '' संचयी प्रभाव के बिना दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, अपर सचिव-सह-निदेषक (प्र0)

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श्री प्रभु दास (बि०प्र०से०), कोटि क्र०-828/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा विहित प्रपत्र में आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया। 2. श्री दास के विरुद्ध भारतीय खाद्य निगम से आवंटित खाद्यान्न की शत-प्रतिशत मात्रा का उठाव नहीं करने, राज्य खाद्य निगम के गोदामों में आवश्यकतानुसार एवं समानुपातिक रूप से खाद्यान्न का आवंटन नहीं करने तथा गोदामों से उठाव किये गये खाद्यान्न का सही ढंग से पर्यवेक्षण नहीं करने, नीलाम-पत्र वादों की सुनवाई में निगम का पक्ष सही ढंग से नहीं रखने संबंधी आरोप प्रतिवेदित है।

3. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के आरोप पत्र के आधार पर विभाग द्वारा आरोप-पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। विभागीय पत्रांक-14119 दिनांक-29.11.2021 द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र पर श्री दास से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। स्मार पत्र एवं अर्द्धसरकारी पत्र के माध्यम से कई स्मारोपरांत स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने पर प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भी श्री दास को संसूचित किया गया परन्तु स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा। 4. लंबित स्पष्टीकरण के संबंध में प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में संपन्न आरोपित पदाधिकारी की बैठक में श्री दास उपस्थित हुए। उनके मौखिक अनुरोध पर दिनांक-04.10.2023 को उन्हें विभागीय पत्रांक-14119 दिनांक-29.11.2021 आरोप-पत्र, साक्ष्य अभिलेखों की छायाप्रति सहित हस्तगत कराया गया परन्तु उनके द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया।

5. श्री दास दिनांक-31.08.2021 को वार्धक्य सेवानिवृा हो चुके हैं। आरोपी पदाधिकारी के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोपों के समीक्षोपरांत श्री प्रभु दास के विरूद्ध गठित आरोपों की विस्तृत जांच हेतु बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय जांच संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

6. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री प्रभु दास (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-828/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत विभागीय जांच संचालित करने हेतु मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी80 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 नियुक्त किया जाता है। प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी/उपस्थापन पदाधिकारी खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित राज्य खाद्य निगम, पटना के वरीय पदाधिकारी होंगे।

7. श्री दास से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु संचालन पदाधिकारी के आदेशानुसार उनके समक्ष उपस्थित होंगे। ———

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मो0 जियाउल्लाह, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-990/11), तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, लखीसराय के विरूद्ध परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-9621 दिनांक-26.12.2023 द्वारा मंतव्य सहित प्रतिवेदन इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। मो0 जियाउल्लाह के विरूद्ध साजिश के तहत वादी को बालू के व्यापार में साझेदार बनने एवं अच्छा मुनाफा का झांसा देकर 40 लाख रूपये ले लेने का आरोप प्रतिवेदित है।

इनके विरूद्ध भभुआ थाना काण्ड संख्या-794/2023 दिनांक-28.08.2023 (परिवादी दीवान शहंशाह खान एवं अभियुक्त जबीउल्लाह अंसारी) में दिनांक-10.11.2023 से 14.12.2023 को अपराह्‌न में नियमित जमानत मिलने के उपरांत दिनांक 15.12.2023 के पूर्वाह्‌न में परिवहन मुख्यालय तथा दिनांक-16.12.2023 के पूर्वाह्‌न में जिला पदाधिकारी, लखीसराय को योगदान स्वीकृति का पत्र समर्पित किया गया। साथ ही उक्त काण्ड में विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना के स्पेशल केस नं0-21/23 में दोनों पक्षों के बीच हुए सुलहनामा की प्रति भी संलग्न की गयी है।

उक्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित आरोपों की गम्भीरता के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा निम्नवत्‌ निर्णय लिया गया :-

(i) कारानिरूाद्ध अवधि दिनांक-10.11.2023 से दिनांक-14.12.2023 तक बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(2) में निहित प्रावधानों के तहत मो0 जियाउल्लाह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-990/11 को निलंबित किया जाय।

(ii) मो0 जियाउल्लाह के विरूद्ध सरकारी केस दर्ज नहीं है। अतः दिनांक-15.12.2023 के पूर्वाह्‌न में परिवहन मुख्यालय में योगदान करने की तिथि से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(3) में निहित प्रावधानों के तहत निलंबन मुक्त किया जाय।

(iii) मो0 जियाउल्लाह द्वारा योगदान समर्पित करने की तिथि 15.12.2023 के प्रभाव से योगदान स्वीकृत किया जाय।

(iv) मो0 जियाउल्लाह के निलंबन अवधि (दिनांक-10.11.2023 से दिनांक-14.12.2023) के सेवा विनियमन के संबंध में न्यायालय द्वारा पारित अंतिम निर्णय के उपरांत विचार किया जायेगा।

उक्त निर्णय के आलोक में :- (i) कारानिरूद्ध अवधि दिनांक-10.11.2023 से दिनांक-14.12.2023 तक बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(2) में निहित प्रावधानों के तहत मो0 जियाउल्लाह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-990/11 को निलंबित किया जाता है।

(ii) मो0 जियाउल्लाह के विरूद्ध सरकारी केस दर्ज नहीं है। अतः दिनांक-15.12.2023 के पूर्वाह्‌न में परिवहन मुख्यालय में योगदान करने की तिथि से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(3) में निहित प्रावधानों के तहत निलंबन मुक्त किया जाता है। (iii) मो0 जियाउल्लाह द्वारा योगदान समर्पित करने की तिथि 15.12.2023 के प्रभाव से योगदान स्वीकृत किया जाता है।

(iv) मो0 जियाउल्लाह के निलंबन अवधि (दिनांक-10.11.2023 से दिनांक-14.12.2023) के सेवा विनियमन के संबंध में न्यायालय द्वारा पारित अंतिम निर्णय के उपरांत विचार किया जायेगा।81 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 ———

मो0 जफर रकीब, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-528/11, तत्कालीन अपर समार्हाा, कटिहार सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध अप्राकृतिक यौनाचार से संबंधित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9899 दिनांक-25.07.2018 द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि दिनांक-06.07.2018 के प्रभाव से निलंबित किया गया था। ये दिनांक-05.10.2018 की संध्या में कारामुक्त किये गये तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6333 दिनांक-30.06.2020 द्वारा संकल्प निर्गत किये जाने की तिथि से इन्हें निलंबन मुक्त किया गया। मो0 रकीब के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-17882 दिनांक-21.09.2023 द्वारा रखने का दंड संसूचित किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-19541 दिनांक-03.11.2022 द्वारा निलंबन अवधि (दिनांक-25.07.2018 से दिनांक-30.06.2020) की सेवा को विनियमित करते हुए (i) निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा तथा (ii) निलंबन की अवधि मात्र पेंशन प्रयोजन के लिए परिगणित की जायेगी, का निर्णय लिया गया।

महालेखाकार, बिहार, पटना के द्वारा मो0 रकीब के निलंबन अवधि दिनांक-06.07.2018 से 24.07.2018 को विनियमित करने का अनुरोध इस विभाग से किया गया है।

वर्णित स्थिति में उक्त की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। (i) (ii) अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार

(i) (ii)

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मो0 तारिक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 884/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, फेनहारा, पूर्वी चम्पारण के विरूद्व जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण के पत्रांक-22, दिनांक-05.02.2020 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया। जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।

विभागीय पत्रांक-12739, दिनांक-31.12.2020 द्वारा मो0 तारिक से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। मो0 तारिक के पत्र संख्या-13, दिनांक-15.01.2021 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

मो0 तारिक के विरूद्व कुल दो आरोप हैं- जिसमें प्रथम आरोप है कि मौजा-इजोरबारा थाना-234 के अन्तर्गत खाता सं0- 105, खेसरा-349, रकवा 1 कट्‌ठा जमीन श्री दीपक कुमार सिंह ने दिनांक-14.02.2004 को सामुदायिक भवन एवं पुस्तकालय के लिए अंचलाधिकारी, फेनहारा के नाम से रजिस्ट्री किया था। पुनः उसी जमीन को वर्ष-2008 में आरोपित पदाधिकारी द्वारा श्री दीपक कुमार सिंह के नाम से ही दाखिल-खारिज किया गया।

इनके विरूद्ध दूसरा आरोप है कि ग्राम पंचायत राज, बारा परसौनी, फेनहारा, पूर्वी चम्पारण में माननीय सांसद निधि से निर्मित सामुदायिक भवन के लिए माननीय सांसद द्वारा दो किस्तों में कुल 2,44,000/- रूपया आवंटित किया गया, जबकि विभिन्न किस्तों में अभिर्काा को 2,57,000/- रूपया अग्रिम दिया गया। यह अग्रिम अभिर्काा की अधियाचना पर कनीय अभियंता की अनुशंसा नहीं रहने/ अनुशंसा से अधिक राशि का भुगतान किया गया है।82 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोप एवं मो0 तारिक से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11442 दिनांक-29.09.2021 द्वारा इनके विरूद्ध i

का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया। ii

उक्त दंड के विरूद्ध मो0 तारिक के पत्रांक-शून्य दिनांक-01.02.2024 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया है, जिसमें वर्णित है कि :-

(i) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी को संयुक्त सचिव एवं समकक्ष स्तर में अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार दिया गया। मुझसे कनीय पदाधिकारियों के उक्त लाभ दिया गया है, परन्तु मुझे लाभ से बंचित किया गया है।

(ii) इसका कारण है कि सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा पारित संकल्प द्वारा दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से दण्ड के फलस्वरूप एक वेतनवृद्धि का कुप्रभाव जून, 2024 तक पड़ने के कारण उक्त लाभ से वंचित किया गया, जबकि मेरा कोई दोष नहीं था। सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-2763 दिनांक-26. 02.2017 के तहत विभागीय कार्यवाही का निष्पादन एक वर्ष में करने का प्रावधान है। अगर ससमय उक्त कार्रवाई कर ली जाती तो मेरे दंड का कुप्रभाव पूर्व में ही समाप्त हो जाता एवं कनीय पदाधिकारियों को दिया गया लाभ मुझे भी मिलता।

उल्लेखनीय है कि बिहार सी0सी0ए0 रूल्स, 2005 के भाग-VII, कंडिका-25 में अभ्यावेदन/अपील के बारे में वर्णित है कि :-

''इस भाग के अधीन की जाने वाली कोई अपील तब तक ग्रहण नहीं की जायेगी, जब तक की वह अपील में अंतर्ग्रस्त आदेश की प्रति अपीलार्थी को दे दिये जाने की तिथि से 45 दिनों के अंदर न की गयी हो; परन्तु यदि अपीलीय प्राधिकार का यह समाधान हो जाय कि अपीलार्थी को समय पर अपील नहीं करने का पर्याप्त कारण था तो वह उक्त अवधि की समाप्ति के पश्चात्‌ अपील ग्रहण कर सकेगा।''

मो0 तारिक द्वारा बिलंब से अपील दायर करने के कारणों का भी कोई उल्लेख नहीं किया गया है, मात्र अनुशासनिक कार्रवाई के निष्पादन में हुए विलंब का उल्लेख किया गया है।

मो0 तारिक से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा सक्षम प्राधिकार द्वारा की गयी एवं समर्पित पुनर्विलोकन की शास्ति को पूर्ववत्‌ अभ्यावेदन को कालबाधित मानते हुए बरकरार रखे जाने का निर्णय लिया गया।

अतएव समीक्षोपरांत मो0 तारिक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 884/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, फेनहारा, पूर्वी चम्पारण द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11442 दिनांक-29.09.2021 द्वारा संसूचित एवं अधिरोपित दंड की शास्ति को यथावत्‌ रखा जाता है। ———

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मो0 कामिल अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 833/11, तत्कालीन वरीय उप समार्हाा-सह-भू-अर्जन पदाधिकारी, शेखपुरा को श्री भोला प्रसाद परिवादी से 10,000/- रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इनके विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या-079/2017 दिनांक-13.10.2017 दर्ज किया गया, जिसके आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-14352 दिनांक-14.11.2017 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। जमानत पर रिहा होकर इस विभाग में योगदान समर्पित किये जाने के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1416 दिनांक 30.01.2018 द्वारा निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया निर्धारित किया गया।

2. जिला पदाधिकारी, शेखपुरा के पत्रांक-55 दिनांक-23.01.2018 द्वारा मो0 अख्तर के विरूद्ध गठित आरोप पत्र के आलोक में इनके विरूद्ध विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित करते हुए उस पर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। तदुपरान्त विभागीय पत्रांक-2393 दिनांक-20.02.2018 द्वारा मो0 अख्तर से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। मो0 अख्तर के पत्र दिनांक-12.06.2018 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। समीक्षोपरांत उक्त स्पष्टीकरण के अनुशासनिक प्राधिकार के आदेशानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-13093 दिनांक-03.10.2018 द्वारा मो0 अख्तर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।83 (cid:466)बहार गजट, 3 अ(cid:292)ील 2024 3. प्रधान सचिव-सह-जांच आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पत्रांक-281 दिनांक-27.12.

2022 द्वारा जांच प्रतिवेदन इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। जांच प्रतिवेदन में मो0 अख्तर के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

4. विभागीय पत्रांक-14906 दिनांक-04.08.2023 द्वारा जांच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए उसकी छायाप्रति संलग्न कर जांच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के लिये मो0 अख्तर से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(3) के संगत प्रावधानों के तहत बचाव बयान/अभ्यावेदन की मांग की गयी। मो0 अख्तर के पत्र दिनांक-12.09.2023 द्वारा अपना बचाव बयान/अभ्यावेदन इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। 5. मो0 अख्तर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं मो0 अख्तर द्वारा समर्पित बचाव बयान/अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) यथासंशोधित नियमावली, 2005 के नियम-14 के उप नियम-(xi) के संगत प्रावधानों के अंतर्गत का दंड अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित किया गया। 6. मो0 अख्तर के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-19488 दिनांक-17.10.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक-3589 दिनांक-22.12.2023 द्वारा आयोग का अभिमत प्राप्त हुआ, जो निम्नलिखित है :-

7. ''वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त आयोग विभागीय दण्ड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त करता है। 8. बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में मंत्रि परिषद्‌ की बैठक दिनांक 20.02.2024 मे मद संख्या 12 के रूप में विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति प्राप्त की गयी। 8. उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णय पर बिहार लोक सेवा आयोग एवं मंत्रिपरिषद्‌ से प्राप्त सहमति के आलोक में मो0 कामिल अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 833/11 सम्प्रति निलंबित को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 02—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 03 April 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-04-03.14/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-04-03.14.