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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 April 2024

Published 05 April 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-04-05.359
Languages
English, Hindi
(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

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16 ;बपकरू287द्ध 1946 ;0द्ध

(0 359) ए ;बपकरू272द्धए 5 ;बपकरू292द्ध 2024

पषु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

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अध्सिूचना

11 मार्च 2024

सं0 5 fuŒxksŒfoŒ ¼1½ 20@2020@100 fuŒxksŒ&डा॰ शकील अहमद, तदेन जिला पशुपालन पदाधिकारी, प॰ चम्पारण, बेतिया सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप- पत्रा गठित किया गया :-

1- डा॰ अहमद वर्ष जुलाई 2017 से जून 2018 तक सरकारी आवास में रहते हुए सरकार से मकान किराया भत्ता लेते रहे है।

2. वित्तीय वर्ष 2017-18 में बिहार सरकार के द्वारा संचालित निः शुल्क टीकाकरण अभियान के अंतर्गत एफ॰एम॰डी॰, एच॰एस॰बी॰क्यू॰, पी॰पी॰आर॰ टीकाकरण में प्रखंड नोडल पदाधिकारी के रूप में डा॰ अहमद के द्वारा पूरे प्रखंड क्षेत्रा में कहीं भी टीकाकरण नहीं कराया गया। डा॰ अहमद के द्वारा टीकाकरण कार्य को सिर्फ सरकारी कागज पर दिखाकर, फर्जी प्राइवेट टीकाकर्मियों का नाम दिखाकर जाली भाऊचर के द्वारा सरकारी राशि का गबन किया गया ।

3- जिला पशुपालन पदाधिकारी के पद पर रहते हुए डा॰ अहमद द्वारा वर्ष 2018-19 में किराये पर संचालित पशुु चिकित्सालयों को कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण से बिना एन॰ओ॰सी॰ प्राप्त किये और अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा बिना किराया निर्धारण किये हुये किराये पर संचालित पशु चिकित्सालयों के मालिकों को उनसे उपकृत होकर गलत ढंग से सरकारी राशि का भुगतान कर सरकारी राशि का दुरूपयोग किया गया। 4- वित्तीय वर्ष 2018-19 में पशुगणना कार्य में विज्ञापन एवं प्रकाशन मद में प्राप्त रू॰ 30,000/- (तीस हजार रूपये मात्रा) एवं पी॰पी॰आर॰/एफ॰एम॰डी॰ निः शुल्क टीकाकरण अभियान के अंतर्गत क्रमशः रू॰ 9720/-(नौ हजार सात सौ बीस रूपये मात्रा) एवं रू॰ 16,200/-(सोलह हजार दो सौ रूपये मात्रा) तथा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत आयोजित किसान मेला में रू॰ 2,000,00/-(दो लाख रूपये मात्रा) का टेन्ट हाउस के फ्लैक्स का जाली भाऊचर लगाकर सरकारी राशि का गबन किया गया है ।

5- वित्तीय वर्ष 2019-20 में वेतन भत्ता मद मेें राशि उपलब्ध होने के बावजूद डा॰ मनोज कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, जगदीशपुर को छोड़कर शेष कर्मियों का बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया और राशि का प्रत्यर्पण कर दिया गया ।उक्त गठित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प 144 नि॰गो॰, दिनांक 28.04.2022 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी, जिसके लिए निदेशक, पशुपालन जाँच पदाधिकारी, एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, मुजफ्फरपुर प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किये गये। जाँच पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में उपरोक्त गठित आरोपों मे से आरोप संख्या- 03 एवं 05 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। तदोपरांत उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए डा॰ अहमद से विभागीय पत्राांक 312, दिनांक 19.09.2023 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 5 ;बपकरू292द्ध 2024 2 द्वारा लिखित अभिकथन की मांग की गयी। उक्त आलोक में डा॰ अहमद द्वारा अपना जवाब दिनांक 28.10.2023 को उपलब्ध कराया गया। डा॰ अहमद द्वारा उक्त प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में निम्न बातों का उल्लेख किया गया है :- आरोप संख्या - 03 के संबंध में डा॰ अहमद का कहना है पूर्ववर्त्ती प्रतिस्थानी द्वारा माह जनवरी-14 से संबंधित पशु चिकित्सालय के मकान किराया का भुगतान रू॰ 500/-प्रतिमाह की दर से किया जा रहा था। तदनुसार उनकेे द्वारा भी वर्ष 2018-19 में किराया भुगतान संबंधी प्रस्ताव, अभिश्रव, मकान मालिक का किराया भुगतान हेतु अनुरोध एवं विभागीय बैठक में निदेशक महोदय द्वारा योजना की राशि प्रत्यर्पित नहीं किए जाने संबंधी निदेश पर कार्यहित में न्यूनतम राशि रू॰ 500/-प्रतिमाह की दर से मकान मालिक को चेक द्वारा भुगतान किया गया। चूंकि पूर्व से भुगतान किया जा रहा था, अतः प्रस्ताव उपस्थापन के फलस्वरूप पूर्ववर्त्ती व्यवस्था के आलोक में किराया भुगतान किया गया। आरोप संख्या- 05 के संबंध में डा॰ अहमद का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में ससमय बकाया विवरणी की संगणना नहीं किए जाने एवं वित्तीय वर्ष समाप्ति के कारण भुगतान नहीं किया जा सका।

डा॰ अहमद से प्राप्त स्पष्टीकरण के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी तथा समीक्षोपरांत पाया गया कि पशु चिकित्सालय जो निजी मकान में संचालित हो रहे हैं उसके मकान किराये में बढ़ोतरी नही किया गया है। दूसरी ओर उनके पूर्ववर्ती द्वारा जो किराया दिया जा रहा था वही ंकिराया उनके द्वारा वर्ष 2018-19 में दिया गया है। निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के रूप में डा॰ अहमद का यह दायित्व था कि प्राप्त आवंटन का नियमानुसार ससमय व्यय किया जाए किन्तु निकासी हेतु पूर्व तैयारी नही ंकिये जाने के फलस्वरूप कर्मियों के बकाया राशि का ससमय भुगतान नहीं किया जा सका तथा राशि प्रत्यर्पित कर दी गयी। आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने बचाव बयान में भी आंवटित राशि के प्रत्यपर्ण की स्वीकारोक्ति की गयी। चूंकि डा॰ अहमद सेवानिवृत हो चुके है और उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित है। उक्त नियमावली के अनुसार सरकारी सेवक के द्वारा धोखे से सेवाकाल में यदि सरकारी राजस्व की क्षति पहुँचायी गयी है तो दण्ड स्वरूप स्थायी/अस्थायी रूप से उसकी वसूली पेंशन से कटौती करके की जानी होती है। डा॰ अहमद का उक्त कृत्य इस श्रेणी का प्रतीत नहीं होता है। मामले में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। समग्र विचारोपरांत सरकार द्वारा डा॰ अहमद को आरोपाें से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

अतः सरकार द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के आलोक में डा॰ शकील अहमद, तदेन जिला पशुपालन पदाधिकारी, प॰ चम्पारण, बेतिया सम्प्रति सेवानिवृत को आरोप से मुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, v'kksd dqekj flag, सरकार के उप सचिव।

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;बपकरू464द्ध ;द्ध 359.571़100.0;बपकरू547द्ध00

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 April 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-04-05.359/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-04-05.359.