(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
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(0 364) ए ए 8 ;बपकरू292द्ध 2024
सं॰ सि॰वि॰नि॰(स्था॰)-I-57/2023-131
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग
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संकल्प
21 फरवरी 2024
विषयः- मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के अन्तर्गत सिविल विमानन निदेशालय के पुनर्गठन
करते हुए वायुयान संगठन निदेशालय में नये 78 पदों के सृजन और 42 पदों के प्रत्यर्पण तथा
उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय में नये 50 पदों के सृजन एवं 48 पदों के प्रत्यर्पण के संबंध में।
वर्त्तमान में उड्डयन प्रक्षेत्र में काफी प्रगति हुई है तथा वैश्विक स्तर पर आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल भी बढ़ा है। तदनुरूप सिविल विमानन निदेशालय को तकनीकी एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से सुदृढ़ करने हेतु इसका पुनर्गठन कर दो अलग-अलग निदेशालय में निम्नवत गठन किया जाता हैः-
(i) वायुयान संगठन निदेशालय (Directorate of Aviation)
(ii) उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय (Directorate of Flying Training)
2. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के अन्तर्गत सिविल विमानन निदेशालय के पुनर्गठन करते हुए वायुयान संगठन निदेशालय में नये 78 पदों के सृजन और 42 पदों का प्रत्यर्पण तथा उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय में नये 50 पदों के सृजन एवं 48 पदों का प्रत्यर्पण किये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
3. वायुयान संगठन निदेशालय (Directorate of Aviation) में वेतन मद में कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार पूर्व से गठित 'वायुयान संगठन' की तुलना में `1,24,00,000/- (एक करोड़ चौबीस लाख रूपये) मात्र अधिक होगा तथा 'उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय (Directorate of Flying Training) में कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार पूर्व में गठित 'बिहार उड्डयन संस्थान' की तुलना में `20,00,000/- (बीस लाख रूपये) मात्र अधिक़ होगा। इस प्रकार निदेशालयों के गठन के फलस्वरूप वेतन मद में आधिक्य वार्षिक व्यय भार लगभग `1,44,00,000/- (एक करोड़ चौवालीस लाख रूपये) मात्र होने का अनुमान है।
4. वर्त्तमान का बिहार उड्डयन संस्थान, उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय के अन्तर्गत कार्य करेगा तथा इसमें सृृजित पदों में से आवश्यक पदों को DGCA मापदण्ड के अनुसार उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय को उपलब्ध कराया जायेगा।;बपकरू464द्ध ;द्ध 8 ;बपकरू292द्ध 2024 2 5. दोनों निदेशालयों का प्रशासी विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग होगा। प्रस्तावित वायुयान संगठन निदेशालय को मुख्य शीर्ष-2070 एवं 5053 में तथा उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय को मुख्य शीर्ष-3053 में प्रशासी विभाग द्वारा बजट उपबंध उपलब्ध कराया जायेगा।
6. निदेशालय के कर्मियों पर बिहार सरकार द्वारा निर्धारित सेवा शर्त लागू होंगे। 7. निदेशालयों एवं Bihar Flying Institute के तकनीकी कर्मियों की अर्हता अथवा पदनाम को डी॰जी॰सी॰ए॰ के नियमों/प्रावधानों में समय-समय पर परिवर्तन होने पर वित्त विभागीय सहमति से सामान्य कार्यालय आदेश से विभाग द्वारा परिवर्तित किया जा सकेगा।
8. वायुयान संगठन निदेशालय का कार्य क्षेत्र एवं उद्देश्य निम्नवत् होगा :-
(i) अतिविशिष्ठ एवं विशिष्ठ महानुभावों की वायुयात्रा का प्रबंधन। (ii) आपदा की परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्य हेतु वायुसेवा उपलब्ध कराने के निमित्त केन्द्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित करना। (iii) विधि व्यवस्था संधारण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यो हेतु विमान एवं हेलिकॉप्टर की सेवा उपलब्ध कराना।
(iv) राज्य में सिविल विमानन प्रक्षेत्र के विकास हेतु नीति निर्धारण में सहयोग (v) सिविल विमानन हेतु आधारभूत संरचना का विकास (निर्माण, अनुरक्षण एवं मरम्मत)। (vi) सिविल विमानन प्रक्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन। (vii) राज्य के अन्य विभागों द्वारा वायुसेवा की आवश्यकता होने पर क्रय/लीज पर विमान/हेलिकॉप्टर की सेवा उपलब्ध कराने हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना। (viii) राज्य सरकार के प्रयोजनार्थ हेलिकॉप्टर एवं विमान का क्रय एवं लीज पर अधिप्राप्ति। (ix) राज्य सरकार के विमान एवं हेलिकॉप्टर का संधारण, अनुरक्षण एवं मरम्मत। (x) विभिन्न जिलों में अवस्थित राज्य सरकार के स्वामित्व वाली एयरपोर्ट/एयरस्ट्रीप का विकास, रख-रखाव एवं मरम्मत।
(xi) भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के स्वामित्व वाले एयरपोर्ट के विकास एवं रख-रखाव में सहयोग प्रदान करना।
(xii) उपर्युक्त कंडिकाओं में वर्णित कार्यो के अतिरिक्त बिहार राज्य के अन्दर अथवा राज्य की सीमा से बाहर सिविल विमानन प्रक्षेत्र से संबंधित ऐसे सभी कार्य जिनमें राज्य सरकार का हित समाहित हो।
(xiii) सिविल विमानन प्रक्षेत्र में राज्य में शोध, अनुसंधान इत्यादि को प्रोत्साहित करने हेतु शैक्षणिक/शोध संस्थानों से समन्वय स्थापित करना।
9. उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय एवं बिहार उड्डयन संस्थान का कार्य क्षेत्र एवं उद्देश्य निम्नवत् होगा :-
(i) प्रशिक्षु पायलटों को विभिन्न स्तरों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु अत्याधुनिक आधारभूत संरचना एवं सुविधाओं के साथ पूर्ण विकसित और वाणिज्यिक रूप से समर्थ संस्था के रूप में बिहार उड्डयन संस्थान का विकास एवं संचालन। वर्तमान का बिहार उड्डयन संस्थान अब उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय के अन्तर्गत संचालित होगा। बिहार उड्डयन संस्थान में यथावतः इसी नाम से कार्यरत रहेगी जो Bihar Flying Institute को प्राप्त सभी तरह के लाईसेंस/पाठ्यक्रमों की मान्यता यथावत् रहेगी एवं तद् अनुसार प्रशिक्षण देगी। (ii) डी॰जी॰सी॰ए॰ की मार्गदर्शिका के अनुसार विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को संचालित करना तथा डी॰जी॰सी॰ए॰ से प्रस्तावित पाठ्यक्रमों के लिए अनापत्ति प्राप्त करना। (iii) उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय मुख्य रूप से प्रशिक्षण केन्द्र संचालित करने का कार्य करेगी और विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा यथा समानुदेशित उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेगी (iv) उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय के अन्तर्गत Bihar Flying Institute में मुख्यतः निम्नलिखित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा सकेंगे :-
• वाणिज्यिक पायलट (विमान चालक) लाइसेंस (सीपीएल) • निजी पायलट अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) (पीपीएल) • छात्र पायलट लाइसेंस (एसपीएल) • फ्लाइट रेडियो टेलीफोन परिचालन लाइसेंस (एफआरटीओएल) • नाइट रेटिंग • फ्लाइट सिम्युलेटर ट्रेनिंग • इन्स्ट्रुमेंट रेटिंग • पैटर फ्लाइंग (एफ आई आर/ए एफ आई आर कोर्स) • ग्राउंड स्कूल, आरटीआर (ए) और 25 घंटे का उड़ान प्रशिक्षण;बपकरू464द्ध ;द्ध 8 ;बपकरू292द्ध 2024 3 • केबिन क्रू प्रशिक्षण • फ्लाइट डिस्पैचर प्रशिक्षण • ड्रोन प्रशिक्षण और संगत क्रियाकलाप • अंग्रेजी भाषा में प्रवीणता • फ्लाइट अभियंता/तकनीशियन/मैकेनिक • ग्राउंड स्टाफ प्रशिक्षण • मल्टी इंजन प्रशिक्षण • सी.एच.पी.एल. से सी.पी.एल कनवर्जन कोर्स • फोरेन लाईसेंस कनवर्जन कोर्स • सिविल विमानन प्रशिक्षण से संबंधित शोध एवं अनुसंधान • सिविल विमानन प्रक्षेत्र में अपेक्षित कार्मिक का कोई अन्य प्रशिक्षण
10. उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा सिर्फ प्रशिक्षण से संबंधित कार्यो का निष्पादन किया जायेगा। विमानों के संधारण, मरम्मत, क्रय इत्यादि कार्य से यह निदेशालय मुक्त होगा। अब यह कार्य वायुयान संगठन निदेशालय करेगा। 11. वायुयान संगठन निदेशालय द्वारा अधियाचना के आधार पर प्रशिक्षण कार्य हेतु विमान उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय को उपलब्ध कराया जायेगा। वर्त्तमान में उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा धारित समस्त विमान वायुयान संगठन निदेशालय को हस्तांतरित हो जायेंगे तथा इन विमानों का संधारण, अनुरक्षण, मरम्मत इत्यादि का कार्य भी वायुयान संगठन निदेशालय द्वारा ही किया जायेगा।
12. सिविल विमानन से संबंधित सभी प्रकार के प्रशासनिक कार्य, विमानों के संधारण, अनुरक्षण, क्रय, रनवे सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास इत्यादि सभी प्रकार के कार्य वायुयान संगठन निदेशालय द्वारा किया जायेगा।
13. पूर्व से गठित सिविल विमानन निदेशालय के गठन तथा संचालन से संबंधित सभी प्रकार के अधिसूचना परिपत्र, नियमावली इत्यादि उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय तथा वायुयान संगठन निदेशालय के अस्तित्व में आने संबंधी इस संकल्प के निर्गत होने की तिथि से स्वतः विलोपित समझे जायेंगे।
14. सिविल विमानन निदेशालय में पूर्व से कार्यरत ऐसे कर्मी जिनके पदों को नव सृजित निदेशालयों के पदों के अन्तर्गत सम्मिलित नहीं किया गया है, सेवानिवृति तक अपने पदों पर बने रहेंगे। सेवानिवृति के पश्चात ये पद स्वतः मरणशील माने जायेंगे।
15. इसमें समक्ष प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया
जाये।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ॰ एस॰ सिद्धार्थ, सरकार के अपर मुख्य सचिव।