असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
8 भा(cid:289) 1946 (श0)
(सं0 पटना 865) पटना, शु(cid:272)वार, 30 अग(cid:232)त 2024
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श्री चेत नारायण राय (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 513/19, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, सदर छपरा के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4259 दिनांक 19.09.2022 द्वारा गठित आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) उपलब्ध कराया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
''जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के द्वारा अनुदानित खाद्यान्न के निर्धारित दर से उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसुलने, अनाज का वितरण प्रत्येक माह न कर तीन-चार माह का खाद्यान्न का वितरण नहीं किये जाने, कम वजन में खाद्यान्न का वितरण किये जाने, आधार सीडिंग का लक्ष्य न प्राप्त करने, उठाव एवं वितरण में समरूपता नहीं पाये जाने, लक्ष्य के अनुरूप निरीक्षण नहीं किया जाना।
विभागीय पत्रांक 20849 दिनांक 24.11.2022 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों पर श्री राय से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री राय के पत्रांक 26(अ0) दिनांक 13.01.2023 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें प्रतिवेदित आरोपों से इंकार किया गया है।
श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त आरोपों की वृहत जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3862 दिनांक 24.02.2023 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 30 अग(cid:232)त 2024 प्रमाणित आरोप-1(च) में अपात्र परिवारों के राशन कार्ड को रद्द करने में पायी गयी अनियमितता का बिन्दु है। जाँच पदाधिकारी द्वारा प्राप्त अभिलेख से यह स्पष्ट हो रहा है कि अपात्र परिवारों की संख्या 5732 थी, परन्तु मात्र 2631 परिवारों को ही नोटिस निर्गत किया गया और 355 परिवारों का राशन कार्ड रद्द किया गया। दूसरे प्रमाणित आरोप-1(ज) के संबंध में लक्ष्य के अनुरूप निरीक्षण नहीं किये जाने का बिन्दु है। पी0डी0एस0 दुकानों को निरीक्षण किया जाना अनुमंडल पदाधिकारी का र्काव्य है, जैसा कि बिहार लक्षित सार्वजनिक वितरण नियंत्रण आदेश, 2016 में उल्लिखित है। परन्तु जाँच पदाधिकारी ने यह पाया है कि मासिक बैठक में विहित प्रपत्र के अनुसार दुकानों के निरीक्षण प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा किये गये हैं, जिन्हें त्रुटिपूर्ण ढ़ंग से आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने पक्ष में प्रस्तुत किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि लक्ष्य के अनुरूप निरीक्षण नहीं किये जाने का आरोप प्रमाणित पाया गया। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री राय से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि राशन कार्ड का रद्दीकरण कार्य की अपेक्षित प्रगति नहीं रही। लेकिन श्री राय का यह कहना कि कर्मियों की कमी के कारण रद्दीकरण के कार्य पर अपेक्षित प्रगति नहीं रही, यह स्वीकार योग्य नहीं है। साथ ही 45 प्रतिशत रद्दीकरण कार्य एक मानक नहीं हो सकता है। रद्दीकरण कार्य हेतु श्री राय को और बेहतर प्रयास करना चाहिए था। श्री राय के स्तर से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का अभाव रहा है। इस प्रकार श्री राय से प्राप्त लिखित अभिकथन स्वीकार योग्य नहीं है। श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18) का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री चेत नारायण राय (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 513/19, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, सदर छपरा के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् निम्न शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,