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सं॰ 14/विविध-26/2013—1920(14)/स्वा॰ स्वास्थ्य विभाग ———— संकल्प 13 अगस्त 2024 विषयः- विधानमंडल के सदस्यों/राज्य के सरकारी पदाधिकारियों/कर्मियों (न्यायिक सेवा सहित) के आश्रितों के चिकित्सा व्यय प्रतिर्पूाि हेतु आश्रितों की परिभाषा/उम्र सीमा/आश्रित की आय के निर्धारण के संबंध में। बिहार उपचार नियमावली-1947 एवं इसके अंतर्गत समय-समय पर निर्गत विभिन्न आदेशों, परिपत्रों/संकल्पों के माध्यम से राज्य के सरकारी पदाधिकारियों/कर्मियों (न्यायिक सेवा सहित) एवं उनके आश्रितों यथा माता-पिता, पति-पत्नी एवं पुत्र-पुत्री (सौतेले संतान सहित) को अंतर्वासी एवं कतिपय बहिर्वासी चिकित्सा पर हुए व्यय की नियमानुसार प्रतिपूर्ति अनुमान्य है। परन्तु चिकित्सा व्यय प्रतिर्पूाि हेतु आश्रित की स्पष्ट व्याख्या नहीं रहने के कारण विभिन्न प्रशासी विभागों द्वारा समय-समय पर आश्रितों की चिकित्सा पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति के बिन्दु पर परामर्श की अपेक्षा की जाती रही है।
2. विधानमंडल के सदस्यों/राज्य के सरकारी पदाधिकारियों/कर्मियों (न्यायिक सेवा सहित) के आश्रितों के चिकित्सा व्यय प्रतिर्पूाि हेतु आश्रितों की परिभाषा/उम्र सीमा/आश्रित की आय के निर्धारण करने के संबंध में एक स्पष्ट दिशा-निर्देश की आवश्यकता महसूस की गई।
3. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के कार्यालय ज्ञापन सं0- 4-24/96-सी एण्ड पी/सीजीएचएस/सीजीएचएस(पी), दिनांक-31.05.2007 की कंडिका-2 में आश्रित के लिए आयु सीमा का निर्धारण किया गया है जो निम्नवत् है :-
(i). पुत्र के लिएः-उसके विवाह हो जाने तक या उसके द्वारा उपार्जन शुरू किए जाने अथवा 25 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक, इनमें से जो भी पहले हो। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 2 ;बपकरू224द्ध 2024
(iv). आश्रित तलाक शुदा/पति द्वारा परित्यक्त या उससे अलग हुई पुत्रियां/विधवा पुत्रियां
तथा आश्रित अविवाहित/तलाक शुदा/पति द्वारा परित्यक्त या उससे अलग हुई
बहनें/विधवा बहनेंः-आयु सीमा पर विचार किये बिना।
(v). नाबालिग भाईः-व्यस्क होने की आयु तक।
4. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के OM No.-11012 दिनांक- 08.11.2016 की कंडिका-6 में किये गये प्रावधान के अनुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु परिवार के सदस्य, जिनकी मासिक आय 9000 + D.A से कम है वही सरकारी कर्मी पर आश्रित माने जायेंगे।
5. उपरोक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में विधानमंडल के सदस्यों/राज्य के सरकारी पदाधिकारियों/कर्मियों (न्यायिक सेवा सहित) के आश्रितों के चिकित्सा व्यय प्रतिर्पूाि हेतु आश्रितों को नये सिरे से परिभाषित निम्नरुपेण किया जाता हैः-
क). ''आश्रित''ः-का तात्पर्य विधानमंडल के सदस्यों/राज्य के सरकारी पदाधिकारियों/कर्मियों (न्यायिक सेवा सहित) के माता-पिता (सौतेले माता-पिता को छोड़कर), पत्नी/पति, पुत्र/पुत्री(सौतेले संतान सहित), नाबालिग भाई एवं अविवाहित बहन।
ख). ''आश्रित की उम्र सीमा'' :-
(i). पुत्र के लिएः-उसके विवाह हो जाने तक या उसके द्वारा उपार्जन शुरू किए जाने अथवा 25 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक, इनमें से जो भी पहले हो।
(ii). पुत्री के लिएः-आयु सीमा का विचार किए बिना उसके द्वारा उपार्जन शुरू किए जाने या उसके विवाह हो जाने तक, इनमें से जो भी पहले हो।
(iii). किसी तरह की स्थायी अशक्तता से पीड़ित पुत्र/पुत्री (शारीरिक या मानसिक)ः-आयु सीमा पर विचार किये बिना तथा वैवाहिक स्थिति के होते हुए भी आश्रित माना जाएगा।
(iv). आश्रित तलाक शुदा/पति द्वारा परित्यक्त या उससे अलग हुई पुत्रियां/विधवा
पुत्रियां तथा आश्रित अविवाहित/तलाक शुदा/पति द्वारा परित्यक्त या उससे
अलग हुई बहनें/विधवा बहनेंः-आयु सीमा पर विचार किये बिना।
(v). नाबालिग भाईः-व्यस्क होने की आयु तक।
ग). ''आश्रित की आय''ः-चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति हेतु उपरोक्त कंडिका- 5(क) एवं 5(ख) के वैसे सदस्य जिनकी मासिक आय 9000 महँगाई भाा से कम है वही सरकारी कर्मी पर आश्रित माने जायेंगे परन्तु पति/पत्नी के मामले में आश्रितता (Dependency) हेतु उक्त आय की अधिसीमा प्रभावी नहीं होगी।
6. यह संकल्प निर्गत होने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में
सर्वसाधारण के जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आदित्य प्रकाश, सरकार के अपर सचिव।
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