िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 12 भा(cid:289) 1946 (श0)
(सं0 पटना 876) पटना, मंगलवार, 3 िसत(cid:224)बर 2024 सं॰ 6ए॰/वि॰-01-1019/2023-1676 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ——— संकल्प 12 अगस्त 2024 विषयः पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन 58,003 ग्रामीण वार्डों में निर्मित 70157 जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, मरम्मति एवं सम्पोषण हेतु मार्गदर्षक दिषा-निर्देष तथा रू0 1,08,372.00 (एक लाख आठ हजार तीन सौ बहतर रू0) प्रति जलापूर्ति योजना प्रति वर्ष के मानक दर से 5 वर्षो तक संचालन, मरम्मति एवं सम्पोषण हेतु कुल रू0 361145.33 लाख (तीन हजार छः सौ ग्यारह करोड़ पैंतालीस लाख तेतीस हजार रूपये) की योजना की स्वीकृति। राज्य सरकार के अति महत्वाकांक्षी सात निष्चय योजना के तहत पंचायत राज विभाग अंतर्गत राज्य के गैर गुणवत्ता प्रभावित ग्रामीण वार्डों में ''हर घर नल का जल'' योजना का कार्यान्वयन कराया गया।
1.1 पंचायती राज विभाग के संकल्प ज्ञापांक 5464 दिनांक 16.05.2023 द्वारा पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन ग्रामीण वार्डो में क्रियान्वित जलापूर्ति योजनाओं को सतत् संचालन एवं रख-रखाव हेतु लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को हस्तांतरित किया गया है।
1.2 पंचायती राज विभाग के द्वारा बिहार के 28 जिलों के कुल 58,003 ग्रामीण वार्डो में 70,157 जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण ग्राम पंचायतों की वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति ;ॅप्डब्द्ध के द्वारा कराया गया है और इसी समिति के माध्यम से दीर्घकालिक अनुश्रवण नीति के तहत जलापूर्ति कराया जाता था। पेयजलापूर्ति योजना के सतत् संचालन एवं रख-रखाव हेतु अनुश्रवण नीति एवं क्रियान्वयन की प्रक्रिया में एकरूपता लाने के उदेष्य से राज्य के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, मरम्मति एवं संपोषण की एक प्रक्रिया बनाये रखने का निर्णय लिया गया है।
1.3 अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग और प्रधान सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के संयुक्तादेष पत्रांक 943 दिनांक 05.06.2023 द्वारा पंचायती राज विभाग से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग केा जलापूर्ति योजना के हस्तांतरण की प्रक्रिया निर्धारित की गई है तथा तकनीकी सहायक (पंचायती राज विभाग) व कनीय अभियंता (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग)2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 3 िसत(cid:224)बर, 2024 के संयुक्त निरीक्षण के उपरांत योजनाओं का स्थानांतरण श्।े पे ॅीमतम पेश् के आधार पर किया गया है।
1.4 पंचायती राज विभाग से प्राप्त पेयजलापूर्ति योजनाओं का संचालन, मरम्मति एवं संपोषण लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किये जाने हेतु निम्नलिखित मार्गदर्षक दिषा-निर्देष निरूपित करने का निर्णय लिया गया।
(क) पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन ग्रामीण वार्डो में निर्मित सभी जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, मरम्मति एवं संपोषण का कार्य संबंधित लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के द्वारा किया जायेगा। इस हेतु विभागीय संकल्प संख्या-543, दिनांक 28.06.2021 द्वारा जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रख-रखाव एवं अनुरक्षण हेतु निर्गत एवं समय-समय पर संषोधित अनुरक्षण अनुदेष मानक होंगे, को दृष्टिपथ रखते हुए विस्तृत/अतिरिक्त अनुदेष निर्गत किया जाता है। (अनुलग्नक-'क') पंचायती राज विभाग द्वारा पूर्व में संचालित पेयजल नियंत्रण कक्ष (Water Control Room) प्रणाली का भी उपयोग योजनाओं के संचालन के अनुश्रवण में किया जायेगा।
(ख) जलापूर्ति योजना के अनुरक्षक के रूप में हस्तांतरण के समय कार्यरत अनुरक्षक को यथासंभव बनाये रखा जायेगा। उसकी अनिच्छा अथवा असंतोषजनक कार्य-कलाप की स्थिति में ही किसी अन्य व्यक्ति को अनुरक्षक के रूप मेंं रखा जायेगा। पंचायती राज विभाग के पत्रांक-3प0मु0 म0नि0यो0-19/04/2010 (पार्ट-2)-15, दिनांक-13.01.2023 द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में यदि भूमि राज्यपाल के नाम से निबंधित कर दी गयी हो तो, भूमिदाता, रैयत अथवा उनके परिवार के सदस्य को पहली प्राथमिकता के आधार पर अनुरक्षक के रूप में चयन किया जा सकेगा।
अनुरक्षक का दायित्व एवं मुख्य कार्यः-
पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित योजनाओं में चयनित अनुरक्षकों की व्यवस्था पूर्ववत् होगी एवं दायित्व यथावत् रहेंगे एवं पूर्व निर्धारित कार्यों का निम्न प्रकार निर्वाह्न किया जायेगा :- (i) निर्धारित समय पर प्रतिदिन तीन पालियों में मोटर पम्प को चालू करना एवं बंद करना। लॉग बुक में प्रतिदिन मोटर पम्प चालू/बंद करने के समय की प्रविष्टि करना और वार्ड के दो महिला लाभुकों का हस्ताक्षर एवं मोबाईल नं0 (जहाँ तक संभव हो, उनका घर अंतिम छोर पर अवस्थित हो) लेना। जलापूर्ति की अवधि माह अक्टूबर से मार्च तक प्रातः 6ः00 बजे से 9ः00 बजे तक अन्य माह में प्रातः 5ः00 बजे से 7ः00 बजे तक तथा सभी माह में दोपहर 1ः00 बजे से 2ः00 बजे तक एवं सायंकाल में 4ः00 बजे से 6ः00 बजे तक होगी।
(ii) प्रत्येक उपभोक्ता परिवार से उपभोक्ता शुल्क के रूप में रू0 30 (तीस रूपया) मात्र प्रतिमाह वसूलना एवं संकलित राषि को वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के खाते में जमा करना। (iii) उपभोक्ता शुल्क संग्रहण पंजी का संधारण करना। (iv) जलापूर्ति योजना से संबंधित अवयवों की सुरक्षा सुनिष्चित करना। योजना के अवयवों के चोरी होने की स्थिति में थाना में प्राथमिकी दर्ज करना। (v) लॉगबुक, आगंतुक पंजी एवं षिकायत पंजी का संधारण करना। (vi) जलापूर्ति योजना के निरीक्षण के दौरान पाए गए त्रुटियों एवं प्राप्त षिकायतों से वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति, कार्य निरीक्षक/ कनीय अभियंता एवं विभाग के अनुश्रवण कोषांग को अवगत कराना।
(vii) अनवरत जलापूर्ति हेतु छोटे-छोटे कार्य सम्पन्न करना यथा पानी की टंकी की सफाई, पंप हाउस, बोरिंग का चैम्बर, योजना परिसर आदि की साफ-सफाई, योजना अंतर्गत स्मांंहम होने की स्थिति में उस गली के ळंजम टंसअम को बंद करना इत्यादि।
(viii) प्रति माह उपभोक्ताओं के साथ 'जल चौपाल' आयोजित करना, त्रैमासिक रूप से उपभोक्ता संतुष्टि सर्वेक्षण करना एवं उपभोक्ताओं को पेयजल के समुचित उपयोग के लिये प्रेरित करना।
(ix) जल नमूना संग्रह तथा फील्ड टेस्ट किट से जल नमूना की जांच पंचायत स्तरीय जल जांच केन्द्र में कराना एवं विहित पोर्टल पर प्रविष्टि कराना
(ग) मासिक उपभोक्ता प्रभार की वसूली वार्ड सदस्य/अनुरक्षक द्वारा की जायेगी। वार्ड सदस्य/अनुरक्षक सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से मासिक उपभोक्ता प्रभार जमा कराये जाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। वसूली किये गये मासिक उपभोक्ता शुल्क की 50ः राषि वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति ;ॅप्डब्द्ध के बैंक खाता में जमा कराया जायेगा और वसूली की गयी राषि का शेष 50ः वार्ड सदस्य/अनुरक्षक को प्रोत्साहन राषि के रूप में3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 3 िसत(cid:224)बर, 2024 भुगतान होगा। जलापूर्ति योजना के कार्यरत अनुरक्षक को मानदेय के रूप में पंचायती राज विभाग द्वारा पन्द्रहवे विा आयोग के पंचायत हेतु प्रदा अनुदान से प्रति योजना प्रतिमाह रू0 2000 की दर से भुगतान ॅप्डब्के माध्यम से किया जाएगा।
(घ) लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा जलापूर्ति योजना से आपूर्ति किये जाने वाले पेयजल की गुणवाा जाँच के लिए व्यवस्था सुनिष्चित की जायेगी। योजना से जल नमूना एकत्र कर मानसून पूर्व और मानसून पश्चात् विभागीय जल जाँच प्रयोगषाला में जाँच कराई जायेगी और पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराये गये फील्ड टेस्ट किट से मासिक जल नमूनों की जांच कराई जायेगी। मानसून पूर्व और मानसून पश्चात् जलापूर्ति योजना के पी0वी0सी0 टंकी की सफाई के लिए विषेष अभियान चलायी जायेगी।
पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन ग्रामीण वार्डों में पूर्व से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा निर्मित मिनी जलापूर्ति योजनाओं का अनुरक्षण लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा इसी राषि के अधीन वार्ड स्तरीय जलापूर्ति योजना के साथ किया जाएगा। इस हेतु अलग से कोई मानव संसाधन बल अनुमान्य नहीं होगा। संबंधित वार्ड के अनुरक्षक ही मिनी जलापूर्ति योजना के कार्य का संचालन करेंगे।
(ड.) वार्ड स्तरीय जलापूर्त्ति योजना का प्रति योजना विद्युत प्रभार प्रतिमाह औसतन रू0 2500/- से विद्युत शुल्क का भुगतान पंचायत से सीधे किया जायेगा।
(च) जलापूर्ति योजनाओं मेें मरम्मति का कार्य संबंधित कार्यपालक अभियंताओं द्वारा प्जमउ त्ंजम ब्वदजतंबज के माध्यम से चयनित संवेदको से कराया जायेगा। संवेदक के द्वारा ससमय कार्य का सम्पादन नहीं किये जाने की स्थिति/एकरारनामा की अवधि समाप्त होने की स्थिति में जलापूर्ति की सतता बनाये रखने के लिए निम्न व्यवस्था की जायेगीः- • संबंधित लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जलापूर्ति की सतता बनाये रखने के लिए मरम्मति अनुश्रवण व्यवस्था लोक स्वास्थ्य विभाग की क्रियान्वित योजना हेतु निर्गत अनुदेष के तर्ज पर सुनिष्चित करेंगे। सामान्यतः अवर प्रमंडल/प्रषाखा स्तर पर मरम्मति अनुश्रवण की आवष्यकता को चिन्हित करते हुए मरम्मति दल का गठन आउटर्सोसिंग के आधार पर कराया जायेगा।
• मरम्मति दल में मोटर साइकिल के साथ एक पम्लबर और दो हेल्पर होगें । कार्य आवष्यकतानुसार इस दल में इलेक्ट्रीषियन, फिटर, मेसन आदि कुषल कर्मियों की उपलब्धता सुनिष्चित करायी जायेगी। इसकी व्यवस्था पंचायती राज विभाग से प्राप्त होने वाली अनुदान/ गैर योजना मद से की जायेगी।
• मरम्मति दल द्वारा सम्पादित कार्य में होने वाला व्यय तथा शत-प्रतिषत (100ः) जुर्माना राषि के साथ राषि की वसूली संवेदक/एजेंसी से की जायेगी।
• वैसे जलापूर्ति योजना जिसके निर्माण, संचालन, मरम्मति एवं संपोषण से संबंधित एकरारनामा समाप्त हो चुका है अथवा निकट भविष्य में समाप्त होने वाला है एवं नये संवेदक का चयन होने तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर कार्यपालक अभियंता पूर्व से सम्पन्न एकरारनामा में तीन-तीन माह की अवधि के लिए अधिकतम एक वर्ष तक सक्षम प्राधिकार से स्वीकृति प्राप्त कर समयवृद्धि देते हुए योजना का संचालन, मरम्मति तथा संपोषण करा सकेंगें।
• योजनाओं के चयनित संवेदक का एकरारनामा समाप्ति के पश्चात् सतत् जलापूर्ति हेतु वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पूर्व से गठित आऊटसोर्सिंग मरम्मति दल के माध्यम से ही मरम्मति एवं संपोषण का कार्य कराया जाएगा।
• वैसे जलापूर्ति योजना जिसके निर्माण, संचालन, मरम्मति एवं संपोषण से संबंधित एकरारनामा किसी कारण वष (संवेदक की आकस्मिक मृत्यु, संवेदक को काली सूची में डाले जाने आदि के कारण) रद्द कर दी जाती है, उस परिस्थिति में योजना का संचालन मरम्मति एवं संपोषण आऊटसोर्सिंग के आधार पर गठित मरम्मति दल के माध्यम से नये संवेदक के चयन होने तक अधिकतम 1 वर्ष तक कराया जा सकेगा। • आऊटसोर्सिंग एजेन्सी का चयन बिहार राज्य जल एवं स्वच्छता मिषन ;ठैॅैडद्ध के द्वारा प्रमंडलवार किया जायेगा।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 3 िसत(cid:224)बर, 2024 (छ) ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के संचालन, मरम्मति एवं अनुरक्षण के कार्य के लिए 3 भ्च् के मोटर पम्प एवं औसतन 150 परिवारों को आच्छादन मानते हुए जलापूर्ति योजना के संचालन, मरम्मति एवं सम्पोषण का तकनीकी अनुमोदनोपरान्त वार्षिक व्यय का आंकलन निम्नवत किया गया हैः-
| क्र0सं0 | मद | मासिक व्यय | वार्षिक व्यय |
| 1 | अनुरक्षक का मानदेय | रू0 2000 | रू0 24,000 |
| 2 | लघु/वृहत मरम्मति, निवारण अनुरक्षण गतिविधियाँ एवं अन्यान्य | रू0 3635 | रू0 43, 620 |
| 3 | विद्युत प्रभार | रू0 2500 | रू0 30,000 |
| कुल | रू0 8135 | रू0 97, 620 | |
| विशेष मरम्मति हेतु अतिरिक्त राषि | रू0 813.5 | रू0 9762 | |
| 4 | प्व्ज् के अनुरक्षण हेतु (औसतन) | रू0 82.5 | रू0 990 |
| कुल | रू0 9031 | रू0 1,08,372 |
(ज) ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना में वृहत मरम्मति के अतिरिक्त विषेष मरम्मति यथा, नया बोरिंग का निर्माण, नये मोटर पम्प का अधिष्ठापन, टंकी अधिष्ठापन हेतु नये ैजंहपदह ;त्ब्ब्ध्ैजममसद्ध का निर्माण कार्य ैजंहपदह;त्ब्ब्ध्ैजममसद्ध का रंग-रोगन का कार्य, अतिरिक्त पानी टंकी का अधिष्ठापन, नये गृह संयोजन की माँग आने पर अतिरिक्त पाईप लाईन एवं गृह जल संयोजन देने का कार्य, वृहत रूप से क्षतिग्रस्त जल वितरण प्रणाली का पुनःस्थापन कार्य, विद्युत ट्रांसफार्मर को बदलने, आदि की आवष्यकता होने के कारण विषेष मरम्मति हेतु कुल राषि का 10ः अतिरिक्त राषि की समेकित गणना अनुमान्य की जायेगी।
(झ) पंचायती राज विभाग की योजनाओं का अनुरक्षण चूँकि अब लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किया जाना है अतः पूर्व से अधिष्ठापित एवं संचालित प्ण्व्ण्ज् का अनुरक्षण कार्य का भी मोनिटरिंग लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किया जायेगा। पूर्व से अधिष्ठापित एवं कार्यरत प्ण्व्ण्ज् अधिष्ठापन एवं अनुरक्षण का भुगतान पंचायती राज विभाग द्वारा किया जायेगा। हस्तांतरण के उपरांत अकार्यरत प्ण्व्ण्ज्ण् का किसी प्रकार का भुगतान अनुमान्य नहीं किया जायेगा।
योजनाओं में अधिष्ठापित प्ण्व्ण्ज्ण् के अनुरक्षण हेतु पंचायती राज विभाग द्वारा एकरारित सभी एजेंसियों के द्वारा अधिष्ठापित एवं कार्यरत प्ण्व्ण्ज्ण् के एकरारनामा एवं अधिष्ठापित प्ण्व्ण्ज्ण् के अधिष्ठापन के पूर्ण भुगतान कर अनुरक्षण हेतु विस्तृत जानकारी संबंधित कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को हस्तांतरित किया जायेगा। तदनुसार प्ण्व्ण्ज्ण् के अनुरक्षण हेतु भुगतेय राषि हेतु तालिका-1 में प्ण्व्ण्ज्ण् के अनुरक्षण हेतु अतिरिक्त राषि की गणना की गई है।
(ञ) जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समन्वय, अनुश्रवण एवं निधि हस्तांतरण हेतु उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल एवं कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल की एक जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति समय-समय पर ॅप्डब् द्वारा अनुरक्षक के भुगतान, विद्युत विपत्र के भुगतान एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा योजना मेंं कराये गये अनुरक्षण एवं रख-रखाव की समीक्षा करेगी।
(ट) आवष्यकतानुसार मार्गदर्षक दिषा-निर्देष के अन्तर्गत अनुदेष/ दिषा-निर्देष में संषोधन हेतु विभागीय मंत्री सक्षम प्राधिकार होंगे।
2. भौतिक आकार
योजना का कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण बिहार (पूर्णियां प्रक्षेत्र एवं खगड़िया प्रमंडल को छोड़कर) होगा और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के नियंत्रण में क्रियान्वित किया जायेगा।
3. निधि की उपलब्धता
• पंचायती राज विभाग से हस्तांतरित ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना का नीति निर्धारण एवं निधि की व्यवस्था :- (i) पंचायती राज विभाग द्वारा 15वीं विा आयोग से पंचायत हेतु प्रदा अनुदान मद से अनुरक्षक का मानदेय प्रति योजना प्रति माह रू0 2000/- की दर से वार्षिक रू0 24000/- पंचायत के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका भुगतान WIMC के5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 3 िसत(cid:224)बर, 2024 द्वारा कार्यरत अनुरक्षक को किया जायेगा। प्रतिमाह औसतन रू0 2500/- प्रतिमाह से विद्युत शुल्क का भुगतान पंचायत के माध्यम सीधे किया जाएगा।
(ii) इस योजना के क्रियान्वयन में होने वाला व्यय पंचायती राज विभाग द्वारा षष्टम राज्य विा आयोग द्वारा ग्राम पंचायतों को दी जानेवाली राषि के अनुरक्षण मद एवं आवष्यकतानुसार सामान्य निधि मद से प्रति जलापूर्ति योजना रू0 30,000/- (तीस हजार रूपये) वार्षिक के दर से सभी 70,157 जलापूर्ति योजनाओं के लिए राषि राज्य वित्त आयोग की अनुरक्षण राषि से सीधे बजटीय उपबंध के माध्यम से एक मुष्त लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध करायी जायेगी।
(iii) प्रति योजना शेष (1,08,372-84000)त्र 24,372 रू0 की अंतर राषि प्रति योजना प्रति वर्ष राज्य योजना मद से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। • षठम राज्य विा आयोग (अनुरक्षण मद) से पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जानेवाली निधि का बजट शीर्ष-मुख्य शीर्ष-2215-अन्य ग्राम विकास कार्यक्रम-उपमुख्य शीर्ष-00-लघु शीर्ष-198-ग्राम पंचायतों को सहायता उपषीर्ष-0009-राज्य विा आयोग की अनुषंसा के आलोक में ग्राम पंचायतों को अंषदान के विषय शीर्ष 0009.31.05-सहायक अनुदान-परिसम्पाियों के निर्माण से किया जायेगा। इसकी मांग संख्या-16 एवं विपत्र कोड 16-2515001980009 होगी।
• 15 विा आयोग से अनुरक्षक एवं विद्युत विपत्र हेतु हस्तांतरित की जानेवाली राषि का बजट शीर्ष-मुख्य शीर्ष 2215-अन्य ग्राम विकास कार्यक्रम-उप मुख्यषीर्ष 00-लघु शीर्ष 198-उपशीर्ष 0016 पंचायत राज संस्थाओं को सहायत (टाईड) जिसका विपत्र कोड 16-2515001980016 होगा।
• राज्य योजना से दिये जाने वाले अन्तर राषि को बजट शीर्ष 2215-जलापूर्ति तथा सफाई पर पूंजीगत परिव्यय-उपमुख्य शीर्ष-01-ज2ल पूर्ति-लघु शीर्ष-102 ग्रामीण जल पूर्ति कार्यक्रम-उपषीर्ष-0107-ग्रामीण जलापूर्ति योजना का परिचालन एवं रख रखाव सात निष्चय 2 विपत्र कोड-36-2215011020107 विषय शीर्ष में भरितव्य होगा।
राज्य योजना मद हेतु वर्तमान विाीय वर्ष मंें बजट उपबंध का तीन गुणा से अधिक की योजना लागत होने के फलस्वरूप विा विभाग के संकल्प-3758, दिनांक-31.05.2017 की कंडिका-11 में निहित प्रावधान के आलोक में इस जनपयोगी योजना को विषेष परिस्थिति में उक्त अधिसीमा को षिथिल करते हुए दी जायेगी।
| पंचायती राज विभाग द्वारा 58,003 वार्डो में निर्मित योजनाओं की संख्या | मानक वार्षिक अनुरक्षण दर प्रति योजना (रूपये में) | योजनाओं का वार्षिक अनुरक्षण निधि की आवष्यकता (रू0 लाख में) | |||||
| 70,157 | 1,08,372.00 | 76030.50 | |||||
| 15 वे विा आयोग से अनुरक्षक के मानदेय ं एवं विद्युत विपत्र हेतु ॅप्डब् को हस्तांतरित की जाने वाली राषि | 54000.00 | 37884.80 | |||||
| षष्टम राज्य विा आयोग (अनुरक्षण मद/सामान्य मद) से पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निधि संकल्प संख्या-5464, दिनांक 16.05.2023 के अंतर्गत | 30,000.00 | 21047.10 | |||||
| राज्य योजना मद से | 24372.00 | 17098.70 | |||||
| वर्षवार निधि की आवष्यकता | षष्टम राज्य विा आयोग (अनुरक्षण मद) से पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निधि (रू0 लाख में) | 15 वें विा आयोग से अनुरक्षक एवं विद्युत विपत्र हेतु WIMC को हस्तांतरित की जाने वाली राषि | राज्य योजना मद से | कुल वार्षिक आवष्यकता (रू0 लाख में) | अभ्युक्ति | ||
| 2023-24 (09 माह हेतु) | 15785.33 | 28413.60 | 12824.00 | 57022.93 |
| 2024-25 | 21047.1 | 37884.80 | 17098.70 | 76030.60 | |
| 2025-26 | 21047.1 | 37884.80 | 17098.70 | 76030.60 | |
| 2026-27 | 21047.1 | 37884.80 | 17098.70 | 76030.60 | |
| 2027-28 | 21047.1 | 37884.80 | 17098.70 | 76030.60 | |
| कुल | 99973.73 | 179952.80 | 81218.80 | 361145.33 |
अतः पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन 58,003 ग्रामीण वार्डों में निर्मित 70157 जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, मरम्मति एवं सम्पोषण हेतु मार्गदर्षक दिषा-निर्देष तथा रू0 1,08,372.00 (एक लाख आठ हजार तीन सौ बहतर रू0) प्रति जलापूर्ति योजना प्रति वर्ष के मानक दर से 5 वर्षो तक संचालन, मरम्मति एवं सम्पोषण हेतु कुल रू0 361145.33 लाख (तीन हजार छः सौ ग्यारह करोड़ पैतालीस लाख तेतीस हजार रूपये) की योजना की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
4. पंचायती राज विभाग एवं आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति प्राप्त है। 5. प्रस्ताव पर दिनांक-06.08.2024 की मंत्रिपरिषद में मद संख्या-19 द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
आदेश से, पंकज कुमार, प्रधान सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,